बुजुर्ग समाज की अमूल्य धरोहर हैं: शकुन्तला उराँव
गुमला। अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में गुमला नगर परिषद अध्यक्ष शकुंतला उरांव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने आश्रम पहुंचकर वहां रह रहे वृद्ध माता-पिता से आत्मीय मुलाकात की और आश्रम की व्यवस्थाओं एवं उनकी आवश्यकताओं का जायजा लिया। इस अवसर पर शकुंतला उरांव ने वृद्धजनों के बीच वस्त्र, फल एवं आवश्यक सामग्री का वितरण किया।
उन्होंने सभी वृद्धजनों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना और उनकी समस्याओं एवं जरूरतों के बारे में जानकारी ली।
इस दौरान उन्होंने भावुक होकर कहा कि “आप सभी खुद को कभी अकेला महसूस न करें। मैं आपकी बेटी हूं और हर संभव मदद के लिए आपके साथ खड़ी हूं।” उन्होंने  विश्वास दिलाया कि उनकी जरूरतों और समस्याओं को प्राथमिकता के साथ समझने और समाधान कि दिशा में प्रयास किया जाएगा।
अध्यक्ष ने कहा कि हमारे बुजुर्ग समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव और जीवन संघर्ष हम सभी के लिए प्रेरणा श्रोत हैं। वृद्ध माता-पिता का सम्मान, सेवा और देखभाल करना हम सभी की सामाजिक एवं नैतिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों को परिवार जैसा अपनापन और सम्मान मिले, इसके लिए समाज के हर व्यक्ति को आगे आकर अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान गूंजा देवी, सुवर्णा देवी गुड्डी नंदा, शुभम उरांव, विष्णु तिर्की सहित  अन्य लोग उपस्थित थे।
बुजुर्ग समाज की अमूल्य धरोहर हैं: शकुन्तला उराँव
गुमला। अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में गुमला नगर परिषद अध्यक्ष शकुंतला उरांव ने आश्रम पहुंचकर वहां रह रहे वृद्ध माता-पिता से आत्मीय मुलाकात की और आश्रम की व्यवस्थाओं एवं उनकी आवश्यकताओं का जायजा लिया। इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष ने वृद्धजनों के बीच वस्त्र, फल एवं आवश्यक सामग्री का वितरण किया। उन्होंने सभी वृद्धजनों से बातचीत कर उनका हाल चाल जाना और उनकी समस्याओं एवं जरूरतों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने भावुक होकर कहा कि “आप सभी खुद को कभी अकेला महसूस न करें। मैं आपकी बेटी हूं और हर संभव मदद के लिए आपके साथ खड़ी हूं।” उन्होंने वृद्धजनों को विश्वास दिलाया कि उनकी जरूरतों और समस्याओं को प्राथमिकता के साथ समझने और समाधान करने का प्रयास किया जाएगा ।
उन्होंने कहा कि हमारे बुजुर्ग समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव और जीवन संघर्ष हम सभी के लिए प्रेरणा दायक हैं। वृद्ध माता-पिता का सम्मान, सेवा और देखभाल करना हम सभी की सामाजिक एवं नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों को परिवार जैसा अपनापन और सम्मान मिले, इसके लिए समाज के हर व्यक्ति को आगे आकर अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। कार्यक्रम के दौरान गूंजा देवी, सुवर्णा देवी गुड्डी नंदा, शुभम उरांव, विष्णु तिर्की सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।