विद्यालय वाहनों की नियमित जांच और सुरक्षा मानकों के सख्त अनुपालन हेतु जिलाधिकारी ने दिए दिशा निर्देश।*
विद्यालय वाहनों में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु जिला विद्यालय परिवहन यान सुरक्षा समिति की बैठक हुयी आयोजित।

सुलतानपुर,माननीय उच्च न्यायालय लखनऊ खण्डपीठ द्वारा Public Interest Litigation (PIL) No. 3436 of 2020 में दिनांक 15 सितम्बर 2026 को (गोमती रिवर बैंक रेजिडेंटस बना उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य) मे आदेश पारित करते हुये विद्यालयी वाहनों में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के दृष्टिगत विस्तृत दिशा-निर्देश दिये गये हैं। उक्त दिशा निर्देशो को लागू कराने हेतु आज जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में जिला विद्यालय परिवहन यान सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा जनपद में संचालित समस्त स्कूली वाहनों की निरन्तर जांच की कार्यवाही किये जाने हेतु सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी को निर्देशित किया गया तथा बैठक में उपस्थित जिला बेसिक शिक्षाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, स्कूल के प्रबन्धको/प्रधाचार्यो को भी स्कूल में संचालित समस्त वाहनों के समस्त प्रपत्र वैध कराने के उपरान्त ही वाहन को संचालित करने हेतु निर्देशित किया गया। जिलाधिकारी महोदय द्वारा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित किया गया सभी विद्यालयों में ‘विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति‘ का गठन, अनिवार्य रूप से कराया जाय। समिति का यह दायित्व होगा कि विद्यालय में संचालित सभी वाहनों के प्रपत्र वैध हो, सभी चालको परिचालको का चरित्र सत्यापन/ड्राइविंग लाइसेन्स के सत्यापन की कार्यवाही अनिवार्य रूप से किया जाय तथा सभी चालकों का स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण वर्ष में 02 कराना विद्यालय प्रबन्धन की होगी। जिलाधिकारी द्वारा स्कूल स्तर पर होने वाली जिला विद्यालय परिवहन यान समिति की बैठक वर्ष में 04 कराने हेतु एवं बैठक की निरन्तर निगरानी करने हेतु जिला बेसिक शिक्षाधिकारी/जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित किया गया साथ ही परिवहन विभाग को निर्देशित किया गया कि यदि बिना वैध प्रपत्र के कोई भी स्कूली वाहन मार्ग पर संचालित पायी जाती है तो उस पर नियमानुसार कार्यवाही करने हेतु आदेश दिया गया। बैठक के अन्त में जिलाधिकारी महोदय द्वारा बैठक में उपस्थित सभी को निर्देश दिये गये कि सभी अपने दायित्वों का कड़ाई से अनुपालन करना सुनिश्चित करेगें। बैठक में सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन्), बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, स्कूल के प्रबन्धक/प्रधानाचार्य सहित सम्बन्धित विभागीय अधिकारी/विद्यालय प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
दिवंगत शिक्षक मुकेश कुमार सिंह की स्मृति में आयोजित हुई श्रद्धांजलि सभा*
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, जनपद सुलतानपुर की ओर से दिवंगत शिक्षक मुकेश कुमार सिंह की स्मृति में गुरुवार को तिकोनीय पार्क, सुलतानपुर में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। श्रद्धांजलि सभा में शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों ने दिवंगत शिक्षक के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके व्यक्तित्व एवं शैक्षिक योगदान को याद किया।

उपस्थित लोगों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की। मुकेश कुमार सिंह कंपोजिट विद्यालय अमहट, विकासखंड अखंडनगर में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत थे। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान और सेवाओं को स्मरण किया। इस अवसर पर शिक्षक संघ के पदाधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। सभा के अंत में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
*राहुल गाँधी मामले में अब 6 अक्टूबर को सुनवाई होगी*
राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि के मामले में सुल्तानपुर दीवानी में चल रहे केस में अब 6 अक्टूबर को सुनवाई होगी। दरअसल आज वादी विजय मिश्रा के अधिवक्ता द्वारा अपनी अस्वस्थता का प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर अग्रिम तिथि नियत कर दी। बताते चलें कि ये मामला है करीब 8 वर्ष पहले का। जब कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने एक प्रेस वार्ता में तत्कालीन बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान गृह मंत्री अमित शाह पर एक अपत्तिजनक बयान दिया था। इसी बयान से आहत होकर सुल्तानपुर के बीजेपी नेता विजय मिश्रा ने दीवानी के एमपी एमएलए कोर्ट में एक परिवाद दाखिल किया था। जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी थी। इस मामले में सुनवाई के दौरान राहुल गांधी बीते वर्ष 20 फरवरी 2025 से जमानत पर हैं वहीं 26 जुलाई 2025 को उन्होंने कोर्ट पहुंचकर अपना बयान भी दर्ज करवा चुके हैं। कोर्ट के आदेश पर पुनः बीते 20 फरवरी 2026 को भी राहुल गांधी कोर्ट में पहुंच अपना बयान दर्ज करवाया था, जिसमें उन्होंने इस मामले को राजनीति से प्रेरित बताते हुए अपने ऊपर लगाए गए आरोप को निराधार बताया था। वहीं पिछले दिनों सुनवाई के दौरान बीजेपी नेता के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने साक्ष्य के रूप में अपने द्वारा पूर्व में प्रस्तुत की गई प्रेस वार्ता की सीडी के ऑडियो वीडियो की वॉयस और राहुल गांधी की वास्तविक वॉयस से मिलान करवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, सुनवाई के दौरान लोअर कोर्ट और रिवीजनल कोर्ट में वॉयस मिलान की निगरानी डाली गई थी, जिसे कोर्ट द्वारा खारिज किया जा चुका है। लिहाजा वादी विजय मिश्रा के अधिवक्ता संतोष पांडेय हाईकोर्ट में एक सितंबर को वॉयस मिलान की रिट दायर की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने वॉयस मिलान की याचिका खारिज कर दी है, इस मामले में दीवानी के एमपी एमएलए कोर्ट में आंशिक रूप से बहस हो चुकी है और पुनः बहस होनी थी, लेकिन वादी विजय मिश्रा के अधिवक्ता संतोष पांडेय द्वारा अपनी अस्वस्थता का प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर अग्रिम बहस के लिए 6 अक्टूबर की तिथि नियत की है।
*विश्व रेबीज दिवस पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार ने दिए बचाव के टिप्स बताए*
रिपोर्ट/लालजी सुल्तानपुर,विश्व रेबीज दिवस के मौके पर पशु मुख्य चिकित्साधिकारी, सुल्तानपुर डॉ. सुनील कुमार ने आम जनमानस को रेबीज बीमारी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया - बीमारी कैसे होती है-कुत्ता, बिल्ली, बन्दर या नेवला के काटने से रेबीज वायरस फैलता है। घाव का प्राथमिक उपचार क्या है-जैसे ही कुत्ता, बिल्ली, बच्चे या जानवर को काटे तो सर्वप्रथम साबुन और पानी या डिटॉल के पानी से लगातार 15 मिनट तक घाव को धोयें। रनिंग वाटर के नीचे से धोने से घाव पर जो वायरस या कुत्ते की लार होती है वह बह जाता है। क्या न करें-घाव में मिर्च आदि न लगायें। सबसे महत्वपूर्ण बात है कि कभी भी घाव को बांधें नहीं,न ही टांके लगवाएं। ऐसा करने से वायरल घाव में ही रह जायेगा,वायरस मल्टीप्लाई करके दिमाग तक नर्वस के नर्वों से पहुंच जायेगा। एक बार अगर व्यक्ति को बीमारी हो गई तो उसका इलाज संभव नहीं होता। इम्यूनोग्लोबुलिन इंजेक्शन कब लगवाएं-तुरन्त डॉक्टर से एंटी रेबीज टीका 0, 3, 7, 28 वें दिन लगवायें। यदि पागल कुत्ते ने काटा है तो काटने के स्थान पर घाव में ही एंटी ग्लोबुलिन इंजेक्शन अवश्य लगवायें। यदि किसी पशु को पागल कुत्ते ने काटा है तो पशु को 0, 3, 7, 14, 28, 90 दिनों पर टीका एंटी रेबीज लगवायें। इन्क्यूबेशन पीरियड-1 दिन से 16 वर्ष तक हो सकता है। बचाव / कंट्रोल-कुत्ते को सोते समय, खाना खाते समय या पीछे से कभी भी न छुयें, अन्यथा कुत्ता काट सकता है। विश्व रेबीज दिवस पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी का संदेश-सुल्तानपुर,विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी सुल्तानपुर *डॉ. सुनील कुमार* ने आंकड़ों पर चिंता जताते हुए बताया कि रेबीज आज भी दुनिया के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है।उन्होंने बताया कि पूरे विश्व में रेबीज से हर साल लगभग 59,000 मौतें होती हैं। इनमें से 95% मौतें एशिया और अफ्रीका महाद्वीपों में होती हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन कुल मौतों में से *35% मौतें अकेले भारत में होती हैं। डॉ. कुमार ने आम जनमानस से अपील करते हुए कहा कि- "मेरी यही कामना है कि समस्त देशवासी रेबीज बीमारी से बचें, स्वस्थ रहें।"उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सावधानी,घाव की तुरंत धुलाई और समय पर टीकाकरण से इस जानलेवा बीमारी से 100 प्रतिशत बचा जा सकता है।
बीती रात रास्ते से बाइक हटाने को लेकर हुई जमकर मारपीट,युवक गंभीर घायल अस्पताल में भर्ती*
सुल्तानपुर में बीती रात रास्ते से बाइक हटाने को लेकर इस कदर विवाद हुआ कि गांव के दबंगों ने कार सवार युवक पर कुल्हाड़ी से हमला बोल दिया। इस घटना में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। आनन फानन घायल युवक को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, वहीं पुलिस मामले की पड़ताल में जुट गई है। दरअसल ये मामला है मोतिगरपुर थानाक्षेत्र के बेलवारी गांव का। इसी गांव का रहने वाला शोभित सिंह अपने कुछ परिचितों के साथ शहर से घर वापस लौट रहा था, देर शाम जब ये अपने गांव पहुंचा तो रास्ते में ही बाइक खड़ी थी और बगल में लकड़ी का बोटा रखा हुआ था। शोभित ने बाइक खड़े करने वाले गांव के ही जिगर यादव से बाइक हटाने को कहा,इसी को लेकर विवाद हो गया। मामला इस कदर बिगड़ गया कि जिगर यादव और लालजी पाल ने शोभित से मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि इसी दौरान इन दोनों ने कुल्हाड़ी से शोभित पर ताबड़तोड़ प्रहार शुरू कर दिया। जिसके चलते शोभित बुरी तरह जख्मी हो गया। आनन फानन उसे गंभीरावस्था में इलाज के लिए अस्पताल लाया गया। जहां उसका इलाज चल रहा है।
शिक्षक दंपति हत्याकांड पोस्टमार्टम के बाद शव रखकर कादीपुर-धोपाप मार्ग पर शिक्षक संगठनों का धरना खत्म, धोपाप घाट पर हुआ अंतिम संस्कार*
एडिशनल एसपी बृज नारायण सिंह के आश्वासन पर माने परिजन, 48 घंटे का अल्टीमेटम,गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा, 48 घंटे में खुलासे का आश्वासन*

सुल्तानपुर/कादीपुर, शिक्षक दंपति हत्याकांड के बाद जिले में आक्रोश फैल गया। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों और शिक्षक संगठन के पदाधिकारियों ने शव को कादीपुर-धोपाप मार्ग पर धोपाप पुल से पहले रखकर धरना शुरू कर दिया। शव रखकर मार्ग जाम कर दिया गया, जिससे आवागमन बाधित हो गया। सूचना पर सीओ कादीपुर विनय गौतम मौके पर पहुंचे और शिक्षक नेताओं व परिजनों को समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन परिजन व शिक्षक संघ जल्द खुलासे की मांग पर अड़े रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर एडिशनल एसपी बृज नारायण सिंह पहुंचे। उनके द्वारा 48 घंटे के अंदर अपराधियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई के आश्वासन पर परिजन और शिक्षक संघ के लोग अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। शिक्षक संघ ने पुलिस को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। इसके बाद धोपाप घाट पर शिक्षक दंपति का अंतिम संस्कार किया गया, जहां बेटे ने मां एवं पिता को मुखाग्नि दी। वहीं मृतक मुकेश सिंह के भाई की तहरीर पर कादीपुर कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई है।
*एलपीजी वितरकों ने मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम भेजा ज्ञापन*
प्रशासनिक शुल्क व होम डिलीवरी कमीशन में ₹75 की अंतरिम वृद्धि समेत सात सूत्रीय मांगें*

सुलतानपुर। एलपीजी वितरकों की विभिन्न मांगों को लेकर एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से भेजा है। ज्ञापन में वितरकों के प्रशासनिक शुल्क एवं होम डिलीवरी प्रभार में तत्काल ₹75 की अंतरिम वृद्धि किए जाने सहित सात प्रमुख मांगें उठाई गई हैं। ज्ञापन में संगठन अध्यक्ष जियाउल हसनैन का कहा गया है कि एलपीजी वितरक लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। एसोसिएशन ने 1 सितंबर 2026 से आंदोलन शुरू करने, 21 से 29 सितंबर तक राष्ट्रपति को ज्ञापन देने, 5 अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस, 6 अक्टूबर को नो-मनी-नो-इंटरेस्ट अभियान तथा 26 अक्टूबर को जंतर-मंतर, नई दिल्ली में धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम प्रस्तावित किया है। ये हैं प्रमुख मांगें एसोसिएशन ने मांग की है कि डी-नोवो स्टडी के अनुरूप एलपीजी वितरकों के प्रशासनिक शुल्क एवं होम डिलीवरी प्रभार में तत्काल ₹75 की अंतरिम वृद्धि की जाए। इसके अलावा ई-वाउचर के लिए सार्वजनिक तेल कंपनियों की ओर से ₹236 का भुगतान किए जाने की मांग की गई है। ज्ञापन में सार्वजनिक तेल कंपनियों से भारत की संसद द्वारा बनाए गए नियम-कानूनों का पालन सुनिश्चित करने तथा वितरकों पर गैर-फर्म/अन्य वस्तुओं की बिक्री के लिए दबाव नहीं डालने की मांग की गई है। आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई है। एसोसिएशन ने निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए पीएमयूवाई कनेक्शन की अनिवार्यता समाप्त करने, नए घरेलू गैस कनेक्शन से संबंधित बंद किए गए प्रावधानों को फिर से लागू करने तथा कंपनी अधिकारियों द्वारा कथित रूप से वितरकों पर बनाए जा रहे दबाव को तत्काल समाप्त करने की मांग की है। *बाइट -जियाउल हसनैन, संगठन अध्यक्ष*
*सुल्तानपुर कादीपुर थाना क्षेत्र के कुम्भीडडिया गांव में पति-पत्नी की हत्या*

उत्तर प्रदेश के जनपद सुल्तानपुर में बीती रात एक प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक और उनकी पत्नी की निर्मम हत्या कर दी गई। इस घटना से दहला कादीपुर क्षेत्र,वही घटना की जानकारी लगते ही पूरे परिवार में कोहराम मच गया। मृतक शिक्षक ब्लाक क्षेत्र के शिक्षक संघ अध्यक्ष भी थे। फिलहाल सूचना पर पहुंची पुलिस जाँच पड़ताल में जुटी हुई है,साथ ही दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सुल्तानपुर पुलिस अधिक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि करीब आज सुबह भोर में ही पुलिस को सूचना प्राप्त हुई थाना कादीपुर क्षेत्र में एक गांव है कुम्हीडांडिया वहां पर एक हस्बैंड वाइफ की डेड बॉडी मिलने की सूचना पुलिस को प्राप्त हुई थी जिस पर तत्काल थाना प्रभारी, क्षेत्राधिकारी एवं उच्च अधिकारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है। मौके पर फील्ड यूनिट को भी बुलाया गया है। यहीं पर एक प्राइवेट स्कूल का संचालन जो मृतिका है विनीता सिंह जी उनके द्वारा किया जाता था और जो उनके हस्बैंड है मुकेश सिंह वो एक स्कूल में अध्यापक बताए गए हैं। संभवतः किसी धारदार हथियार से हमला करके ये घटना कारित करने का अंदेशा है और पास में ही कुल्हाड़ी भी पाई गई है। मौके पर हमारी फील्ड की टीम भी मौके पर मौजूद है। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है तत्काल और हमारी कई टीमें इसमें गठन की गई है और लगातार इस पर काम चल रहा है। घटना के सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है और परिजन जो इनके हैं उनसे भी संपर्क करके जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है और शीघ्र ही पुलिस द्वारा इसका खुलासा किया जाएगा।
*सुल्तानपुर,जिला कारागार में बंदी ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, जेल प्रशासन ने जारी की प्रेस विज्ञप्ति*
सुल्तानपुर जिला कारागार में निरुद्ध एक विचाराधीन बंदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान अमित कुमार यादव पुत्र विनोद कुमार यादव उम्र लगभग 22 वर्ष निवासी अहिरन का पुरवा, किरसिया कोट, थाना सुबेहा, जिला बाराबंकी के रूप में हुई है। जेल अधीक्षक द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार बंदी मु0अ0सं0-253/2026, धारा 137(2), 87, 64(1) बीएनएस, 3/4 पॉक्सो एक्ट व 3(2)V SC ST एक्ट थाना जगदीशपुर जिला अमेठी के वाद में माननीय न्यायालय अपर सत्र विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कक्ष सं0-12 सुल्तानपुर के आदेशानुसार दिनांक 31.08.2026 से कारागार में निरुद्ध था और बैरक संख्या 02 में बंद था। आज दिनांक 28.09.2026 को लगभग 18:45 बजे बैरक संख्या 03 के पीछे स्थित नीम के पेड़ संख्या 403 पर लाल रंग की चादर से लटक कर आत्महत्या कर लिया। घटना की सूचना जेल अधीक्षक प्रांजल अरविन्द द्वारा तत्काल जिलाधिकारी सुल्तानपुर, पुलिस अधीक्षक, महानिदेशक कारागार, उप महानिरीक्षक कारागार अयोध्या एवं मृतक बंदी के परिजनों को दी गई। जिलाधिकारी सुल्तानपुर द्वारा शव उतरवाने व पंचनामा कराने हेतु नायब तहसीलदार कुड़वार धर्मेन्द्र सिंह यादव को नामित किया गया, जिनकी उपस्थिति में शव उतारकर विच्छेदन गृह भेजा गया।
व्यापारियों ने नगरपालिका अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाया,जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन,नपा अध्यक्ष ने मामले को सिरे से किया ख़ारिज,बताया बेबुनियाद*
सुल्तानपुर में आज सैकड़ो की संख्या में ग़ल्ला मंडी व्यापारियों ने सड़क पर उतर कर नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गल्ला मंडी ब्यापारी पैदल मार्च करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय कलेक्ट्रेट पहुँचे,जहां उन्होंने नपा अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। अध्यक्ष व्यापार मनीष शाहू ने बताया कि मामला यह है कि यहां जो गल्ला मंडी बसी हुई है वो नजूल की जमीन पर है और सन 1930 से अभी तक नगर पालिका के फेवर में इकट्ठा था और सभी व्यापारी नगर पालिका के दुकानदार किराएदार हैं। व्यापारियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि यहां के मौजूदा चेयरमैन प्रवीन अग्रवाल ने अपने पारिवारिक हितों को देखते हुए इस जमीन को कब्जाने का प्रयास किया है। इसी सिलसिले में आज हम लोग जिलाधिकारी महोदय से मिले हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि किसी भी व्यापारी के साथ या आम आदमी के साथ कोई भी गलत नहीं होने पाएगा।  उन्होंने कहा कि शासन के नगर विकास विभाग को इनकी कार्यप्रणाली को लेकर पत्र लिखा गया है,सूचित भी करा दिया गया है, कि नजूल विभाग को भी सूचना दी जा चुकी है। हाईकोर्ट में जो इन्होंने अधपैरवी में मुकदमा खारिज करा दिया था उसके लिए भी जिलाधिकारी महोदय द्वारा हाईकोर्ट में फिर से वाद प्रस्तुत किया गया है,ये आज हम लोगों को जिलाधिकारी से जानकारी मिली। (गल्ला मंडी नजूल की जमीन पर 1930 से बसी है और व्यापारी नगर पालिका के किराएदार हैं। मौजूदा पालिकाध्यक्ष प्रवीन अग्रवाल पारिवारिक हित के लिए जमीन कब्जाने का प्रयास कर रहे हैं। आज DM से मिले हैं, DM ने आश्वासन दिया है कि किसी व्यापारी के साथ गलत नहीं होगा और उन्होंने नगर विकास और नजूल विभाग को पत्र लिखा है।) गल्ला मंडी व्यापारियों के आरोपों को नगरपालिका अध्यक्ष प्रवीन अग्रवाल ने सिरे से किया ख़ारिज,बताया मामला बेबुनियाद। सवाल-व्यापारियों ने आपके ऊपर एक गंभीर आरोप लगाया है। कि आप अपने परिजनों को फायदा पहुँचा रहे है। सवालों का जवाब देते हुए नगरपालिका अध्यक्ष प्रवीन अग्रवाल ने कहा कि पहली चीज तो हम वो आरोप सिरे से नकारते हैं और खारिज करते हैं। ये गल्ला मंडी में 1956 या 63 का जो मामला था, उसी का मुकदमा सिविल कोर्ट में चल रहा था, जो खारिज होने पर नगर पालिका वहां जो भी दुकानदार थे उनसे किराए की वसूली कर रही थी। नगर पालिका की पोजीशन भी थी। 1983 में नगर पालिका ने उच्च न्यायालय लखनऊ में केस किया था, जिसकी सुनवाई 1983 से चलती आ रही थी और नगर पालिका उस पर काबिज थी और वहां के दुकानदारों से किराया बराबर लेती रही। जब जानकारी मिली कि जो 1983 की याचिका थी वो जनवरी 2020 में खारिज हो गई थी, उसकी रेस्टोरेशन एप्लीकेशन नगर पालिका ने दिसंबर 2020 में माननीय उच्च न्यायालय में पुनः सुनवाई के लिए प्रस्तुत किया था। जो 5 साल तक पेंडिंग रहने के कारण बीच में सुनवाई नहीं हो सकी। हाईकोर्ट किसी के कहने पर नहीं चलता, उसकी अपनी प्रक्रिया है। एप्लीकेशन जब आई किन परिस्थितियों में कोर्ट में पुटअप हुई, हमारे अधिवक्ता को जानकारी थी लेकिन जब तक पहुंचते तब तक लिस्ट आ चुकी थी, नंबर आ चुका था। वो एप्लीकेशन जुलाई 2025 में खारिज हो गई। जब जानकारी मिली कि इस प्रकार का कोई प्रकरण है, तभी नगर पालिका ने 10 दिन पहले पुनः एक रेस्टोरेशन याचिका माननीय उच्च न्यायालय लखनऊ में दायर किया है और उसके अनुसार जो भी निर्णय होगा उसका नगर पालिका पालन करेगी। अध्यक्ष ने कहा कि व्यापारियों को भय था कि उनकी दुकानें खाली करा दी जाएगी। उनको बहुत स्पष्ट रूप से आश्वस्त किया गया कि नगर पालिका को कोई अधिकार नहीं है आपकी दुकान खाली कराने का और ना ही नगर पालिका ने आपको कोई नोटिस दिया है। जिस तरीके से आप लोग कार्यरत हैं उसी तरह से करें और जो किराया आप लोग जमा करते थे वो जमा करते रहें। लेकिन आज जो ये प्रदर्शन सुनने में आया और दिखाई पड़ा,ये हमारे ख्याल से एक सोची-समझी साजिश है। कुछ बाहरी तत्वों के द्वारा गल्ला मंडी के हमारे व्यापारियों को, जो हमारे घर परिवार के हैं,उनको भ्रमित करके और ये प्रदर्शन सिर्फ और सिर्फ हमारे खिलाफ निकाला गया। इसमें कुछ चेहरे ऐसे थे जिनका गल्ला मंडी के व्यापारियों से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है, वो दुकान हटे या काबिज रहे इससे उनका कोई मतलब नहीं, खाली राजनीतिक रोटी सेकने के लिए ये किया गया। अध्यक्ष नगरपालिका प्रवीन अग्रवाल ने कहा कि आप सबके चैनल के माध्यम से उन सभी व्यापारियों को पुनः आश्वस्त करना चाहूंगा कि वो कतई परेशान ना हों। नगर पालिका इस प्रकार का कोई भी कृत्य उनको हटाने का नहीं करने जा रही और जब तक मैं बैठा हूं तब तक कोई इस चीज को होने नहीं दूंगा। नगरपालिका अध्यक्ष प्रवीन अग्रवाल ने कहा कि व्यापारियों का आरोप सिरे से खारिज है। गल्ला मंडी का मामला 1983 से हाईकोर्ट में चल रहा था,जनवरी 2020 में खारिज हुआ तो दिसंबर 2020 में हमने रेस्टोरेशन डाला। जुलाई 2025 में फिर खारिज हुआ तो 10 दिन पहले हमने फिर याचिका दायर की है। किसी व्यापारी की दुकान खाली नहीं कराई जाएगी,कोई नोटिस नहीं दिया गया है। आज का प्रदर्शन बाहरी तत्वों द्वारा व्यापारियों को भ्रमित कर राजनीतिक रोटी सेकने के लिए किया गया है।