यासीन मलिक समेत 7 आरोपियों पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय करने का आदेश, पाकिस्तान से हुई टेरर फंडिंग

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जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों के लिए सीमा पार से होने वाली अवैध फंडिंग के मामले में पटियाला हाउस स्थित विशेष एनआईए अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने अलगाववादी नेता यासीन मलिक समेत सात आरोपियों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत आरोप तय करने का निर्देश दिया है।

पाकिस्तान से हवाला के जरिए फंडिंग का आरोप

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के अनुसार, आरोपियों पर पाकिस्तानी प्रतिष्ठान से हवाला चैनलों के जरिए कथित तौर पर विदेशी फंड हासिल करने और उसका इस्तेमाल अलगाववादी गतिविधियों के लिए करने का आरोप है। अदालत ने मामले में 8,94,87,639 रुपये के कथित अपराध से अर्जित धन यानी ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ का उल्लेख किया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि यह धन विभिन्न माध्यमों से आरोपियों तक पहुंचा, जिसके बाद इसे कथित तौर पर स्थानांतरित, छिपाया, अपने कब्जे में रखा और अलग-अलग गतिविधियों में इस्तेमाल किया गया।

यासीन मलिक समेत इन आरोपियों पर कसा शिकंजा

यासीन मलिक के अलावा जिन अन्य प्रमुख आरोपियों पर शिकंजा कसा गया है, उनमें कश्मीरी कारोबारी जहूर अहमद शाह वताली, इंजीनियर रशीद (अब्दुल रशीद शेख), शब्बीर अहमद शाह, नवल किशोर कपूर, मसरत आलम भट और ट्राइसन फार्म्स एंड कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड शामिल है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इन आरोपियों पर पाकिस्तानी हुक्मरानों और खुफिया तंत्र से हवाला के गुप्त रास्तों के जरिए मोटी रकम हासिल करने का गंभीर आरोप है।

मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत

विशेष एनआईए जज प्रशांत शर्मा ने मामले में पेश किए गए दस्तावेजी और फोरेंसिक साक्ष्यों का संज्ञान लेते हुए यह आदेश जारी किया। कोर्ट ने माना कि आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की धाराओं में मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं। मामले में आरोप स्वीकार या अस्वीकार करने के लिए आरोपियों की व्यक्तिगत उपस्थिति 30 सितंबर को होनी थी। हालांकि, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण कुछ आरोपियों को अदालत में पेश नहीं किया जा सका। अब अदालत ने ED को निर्देश दिया है कि न्यायिक हिरासत में मौजूद आरोपियों से आरोपों से संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए जाएं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी।

कौन है यासीन मलिक?

यासीन मलिक जम्मू और कश्मीर का एक प्रमुख अलगाववादी नेता है। यासीन मलिक वर्तमान में नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। वह प्रतिबंधित संगठन जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) का अध्यक्ष रह चुका है, जो 1980 के दशक के अंत और 1990 के दशक की शुरुआत में कश्मीर घाटी में सशस्त्र उग्रवाद का नेतृत्व करने वाला पहला संगठन था। मई 2022 में, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने यासीन मलिक को आपराधिक साजिश, देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने और कश्मीर में आतंकवादी व अलगाववादी गतिविधियों के लिए धन जुटाने का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

रूसी सेना में भर्ती को लेकर भारत सरकार ने जारी की एडवाइजरी, भारतीयों को दी सख्त चेतावनी

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रूस में नौकरी के नाम पर भारतीय नागरिकों के रूसी सेना में भर्ती होने को लेकर विदेश मंत्रालय ने कड़ी चेतावनी जारी की है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि रूसी सेना में भर्ती होना बेहद जोखिम भरा है। मंत्रालय ने भारतीयों से अपील की है कि वे विदेश में नौकरी के नाम पर मिलने वाले ऑफर के झांसे में न आएं।

पिछले दो सालों में कई मौकों पर दी सतर्कता की सलाह

विदेश मंत्रालय ने कहा कि पिछले दो सालों के दौरान सरकार ने कई मौकों पर रूस की सेना में शामिल होने से जुड़े जोखिम और खतरों को रेखांकित किया है। भारतीय नागरिकों को विदेश में नौकरी के अवसर तलाशते समय सावधानी बरतने और असत्यापित व्यक्तियों की ओर से दिए गए नौकरी के ऑफर के झांसे में नहीं आने की सलाह दी गई है।

मंत्रीलय ने कहा- कुछ भारतीय ऐसे ऑफर तलाश रहे

मंत्रालय के मुताबिक, कुछ भारतीय नागरिक ऐसे ऑफर खुद तलाश रहे हैं, क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि सेना में शामिल होने के बदले अच्छा पैसा मिलेगा और फिर भारत सरकार के दखल से वे वहां से निकल जाएंगे। सरकार ने इस सोच को खतरनाक बताते हुए भारतीय नागरिकों से ऐसे कदम से दूर रहने को कहा है।

भारतीय नागरिकता छोड़कर रूसी पासपोर्ट लेने की कोशिश

एडवाइजरी में एक और गंभीर पहलू सामने आया है। मंत्रालय के मुताबिक, कुछ भारतीय नागरिकों ने भारतीय नागरिकता छोड़कर रूसी पासपोर्ट हासिल करने और उसके बाद रूसी सशस्त्र सेनाओं में भर्ती होने की कोशिश की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि कुछ लोग आर्थिक फायदे के लालच में बिना भारतीय अधिकारियों से सलाह किए ऐसे कदम उठा चुके हैं। सरकार ने ऐसे लोगों को इस फैसले की गंभीरता समझने की सलाह दी है।

नौकरी के ऑफर स्वीकार करने से पहले सतर्कता बरतने की सलाह

विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि उसके संज्ञान में आया है कि गैर-सार्वजनिक संस्थाएं, जिनमें स्वैच्छिक समूह भी शामिल हैं, विदेशी नागरिकों को रूसी सेना में सेवा देने के लिए भर्ती कर रही हैं। मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को ऐसे एजेंटों से नौकरी के ऑफर स्वीकार करने से पहले पूरी सावधानी बरतने की सलाह दी है। ऐसे एजेंट जो विदेश मंत्रालय के साथ पंजीकृत नहीं हैं, उनके ऑफर को लेकर विशेष रूप से सावधानी बरतने को कहा गया है।

कौन हैं वह भारतीय पायलट जिसकी पीएम मोदी ही नहीं नेतन्याहू तक ने की तारीफ, जानें कैसी बचाई सैकड़ों की जान

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फ्लाईदुबई विमान में अपनी जान की बाजी लगाकर सैकड़ों यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय मूल के पायलट स्मित मच्छार की बहादुरी की पूरी दुनिया कायल हो गई है। बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई के विमान को हाईजैक कर क्रैश करने की कोशिश की गई। आरोपी सह-पायलट ही था, लेकिन विमान के भारतीय पायलट स्मित मच्छार ने आरोपी की साजिश को नाकाम कर दिया। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू तक ने कैप्टन मच्छार की तारीफ की है।

कैप्टन स्मित मच्छार एक हीरो हैं-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट किया है। उन्होंने कैप्टन स्मित मच्छार की जमकर तारीफ की है। पीएम मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा ''कैप्टन स्मित मच्छार एक हीरो हैं। बेहद खतरनाक हालात और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए जबरदस्त हिम्मत और अटूट संकल्प दिखाया। उनकी बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बची और एक बड़ी त्रासदी टल गई। भारत को कैप्टन मच्छार पर गर्व है। हम उनके जल्द ठीक होने, नई ताकत पाने और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।''

नेतन्याहू ने की कैप्टन मच्छार की तारीफ

अपनी जान दांव पर लगाकर भारतीय पायलट ने पूरे 180 यात्रियों की जान बचाई। फ्लाईदुबई की फ्लाइट को सुरक्षित लैंड कराने वाले पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की जमकर तारीफ की जा रही है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू तक ने कैप्टन मच्छार की तारीफ की है। नेतन्याहू ने उन्हें सच्चा हीरो बताया है। नेतन्याहू ने कहा, ''मैं इन नायकों को सलाम करता हूं, जिन्होंने असाधारण सूझबूझ और साहस का परिचय दिया। उन्होंने कई लोगों की जान बचाई। उन्होंने एक बड़ी त्रासदी को होने से रोक दिया। वह एक सच्चे नायक हैं।'' भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन आजार ने भी भारतीय पायलट की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कैप्टन स्मित मच्छार की सलामती की दुआ भी की है।

फ्लाइट में क्या हुआ था?

फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 ने बुधवार 30 सितम्बर को स्थानीय समयानुकार सुबह 6:49 बजे दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी। शुरुआत में ढाई घंटे तक सब कुछ सामान्य था और विमान सऊदी अरब के ऊपर पश्चिम की ओर बढ़ रहा था। इसके बाद कॉकपिट में एक पायलट ने दूसरे को चाकू मारा और विमान को क्रैश कराने की कोशिश की। और विमान के सिस्टम को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।

हालांकि मुश्किल हालात में भी कैप्टन स्मित मच्छार ने चाकू के कई वार झेलने के बावजूद गजब की हिम्मत दिखाते हुए विमान के कॉकपिट का दरवाजा खोला। जिसके बाद विमान में सवार दो ऑफ ड्यूटी इस्राइली पायलट और अन्य यात्रियों ने हमलावर को काबू किया और 174 यात्रियों को ले जा रहे विमान को क्रैश होने से बचा लिया। इस घटना में कैप्टन मच्छार गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उनका सऊदी अरब के ताबुक में एक अस्पताल में इलाज चल रहा है।

एशियन गेम्स में भारत को एक और पदक, विमेंस ट्रैप टीम ने जीता सिल्वर

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एशियन गेम्स में आज 11वें दिन भारत की शानदार शुरुआत हुई। भारत ने महिलाओं की ट्रैप टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता। इस टीम में नीरू, आशिमा अहलावत और मनीषा कीर शामिल रहीं। नीरू धांडा की शानदार शूटिंग ने भारत को यह पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। चीन ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि कुवैत को कांस्य पदक मिला।

नीरू का शानदार प्रदर्शन

एशियन गेम्स के 10वें दिन भारतीय टीम ने शॉटगन शूटिंग के महिला ट्रैप इवेंट में भारत ने 328 अंक हासिल किए, जबकि चीन ने 346 अंक के साथ गोल्ड और कुवैत ने 325 अंक के साथ ब्रॉन्ज जीता। आशिमा ने 125 में से 106 और मनीषा ने 104 अंक बनाए। नीरू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 118 अंक हासिल किए और भारत को कुवैत से आगे रखने में अहम भूमिका निभाई। नीरू व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन में कतर की रेय बासिल के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर रहीं। अब वह कुछ घंटे बाद व्यक्तिगत फाइनल में उतरेंगी।

भारत की कुल पदक संख्या 46

महिला ट्रैप टीम का रजत पदक भारत का शूटिंग में 14वां पदक है। इसके साथ ही भारत की कुल पदक संख्या 46 हो गई है। किसी अन्य खेल ने अब तक पदकों के मामले में शूटिंग के आंकड़े के करीब भी नहीं पहुंचा है। हालांकि, भारत को अब तक व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक नहीं मिला है। अब सभी की नजरें आज महिलाओं की ट्रैप स्पर्धा के फाइनल पर हैं, जहां नीरू धांडा भारत की पदक उम्मीद हैं। नीरू ने क्वालिफिकेशन में शानदार प्रदर्शन करते हुए संयुक्त रूप से शीर्ष स्थान हासिल किया था।

पुरुष ट्रैप टीम स्पर्धा में भारत पदक से चूका

भारत को पुरुषों की ट्रैप टीम स्पर्धा में कोई पदक नहीं मिला। महिला टीम के रजत पदक के विपरीत पुरुष निशानेबाजों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। भारत 339 अंकों के साथ छठे स्थान पर रहा। कुवैत ने 355 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि कतर ने 349 अंकों के साथ रजत और कजाकिस्तान ने 348 अंकों के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

ईरान को हराकर क्वार्टर फाइनल में महिला स्क्वॉश टीम

इधर, भारतीय महिला स्क्वॉश टीम ने ग्रुप राउंड के अपने आखिरी मैच में ईरान को 3-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। क्वार्टर फाइनल में भारत का सामना बुधवार को सिंगापुर से होगा। पहले एकल मैच में प्रतिद्वंद्वी के बीच में ही हटने के कारण तन्वी खन्ना को विजेता घोषित किया गया। इसके बाद व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक जीत चुकीं अनाहत सिंह ने फेरेश्तेह इघतेदारी को 3-0 से हराकर भारत को 2-0 की अजेय बढ़त दिला दी। अनुभवी जोशना चिनप्पा ने तीसरे एकल मुकाबले में नजमेह बौशेहरिजादेह को 3-0 (1-1, 11-3, 11-9) से मात देकर भारत की 3-0 की जीत पूरी की।

चर्चा में बंगाल की IPS अफसर बुशरा बानो, 'अस्सलामु अलैकुम' कहने पर ट्रांसफ़र का आरोप, जानें पूरा मामला

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पश्चिम बंगाल की आईपीएस अधिकारी बुशरा बानो का ट्रांसफर पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। बीते दिनों सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में उनके 'अस्सलामु अलैकुम', 'इंशाअल्लाह' और 'जज़ाकल्लाह' जैसे इस्लामी अभिवादन और शब्दों के इस्तेमाल को लेकर विवाद हुआ। इसी बीच उनका तबादला कर दिया गया।

वायरल वीडियो से ट्रांसफर का कनेक्शन!

14 सितंबर को होम एंड हिल अफेयर्स डिपार्टमेंट के तहत पुलिस सर्विस सेल ने एक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया है। IPS अधिकारी डॉ. बुशरा बानो पश्चिम मेदिनीपुर के खड़गपुर में एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस के तौर पर काम कर रही थीं। उनका ट्रांसफर कर दिया गया है। उन्हें स्टेट आर्म्ड पुलिस की चौथी बटालियन का डिप्टी कमांडेंट नियुक्त किया गया है। इससे पहले 13 सितंबर को बानो ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया था, जिससे काफी बवाल मचा था। उनका ट्रांसफर इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।

पूर्व क्रिकेटर अजहरुद्दीन ने उठाए सवाल

पश्चिम बंगाल की आईपीएस अधिकारी बुशरा बानो के ट्रांसफर पर पूर्व क्रिकेटर और सांसद मोहम्मद अजहरुद्दीन सवाल उठाए। उन्होंने कहा- यह बेहद ही चिंताजनक है कि 'अस्सलाम वालेकुम' और 'इंशाल्लाह' कहने पर एक आईपीएस अधिकारी का तबादला कर दिया गया। उन्होंने आगे लिखा- जब अभिवादन किसी लोक सेवक को निशाना बनाने का आधार बन जाता है तो हमें यह सवाल पूछना चाहिए कि हम अल्पसंख्यकों को किस तरह का मैसेज दे रहे हैं? भारत की ताकत उसकी विविधता में है न कि पहचान पर नियंत्रण रखने में।

सरकार ने कहा- 'रूटीन ट्रांसफ़र'

हालांकि, सरकार ने इसे 'रूटीन ट्रांसफ़र' बता रही है। लेकिन इंडियन सेक्युलर फ़्रंट के विधायक नौशाद सिद्दीक़ी का आरोप है कि बुशरा बानो को गलत तरीके से 'गैरेज पोस्टिंग' दी गई है। यानी उन्हें ऐसी ज़िम्मेदारी दी गई है, जिसे उनकी पिछली पोस्टिंग की तुलना में कम अहम माना जा रहा है।

क्या था बुशरा बानो के वीडियो में

बुशरा बानो ने UPSC की तैयारी करने वालों का हौसला बढ़ाया था। इसे लेकर उन्होंने एक वीडियो बनाया। 13 सितंबर के वीडियो में, 2021 बैच की IPS अधिकारी बानो ने बताया था कि कैसे अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की रेजिडेंशियल कोचिंग एकेडमी ने उन्हें UPSC की तैयारी में मदद की। इस वीडियो में उनकी बातों को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद शुरू हो गया। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि वर्दी पहने एक सरकारी अधिकारी सार्वजनिक तौर पर 'अस्सलामु अलैकुम', 'इंशाअल्लाह' और 'जज़ाकल्लाह' जैसे धार्मिक शब्दों का इस्तेमाल कर सकती हैं या नहीं।

रूसी तेल की खरीद पर अमेरिका के 100 फीसदी टैरिफ बिल पर आया भारत का जवाब, जानें क्या कहा

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अमेरिकी संसद ने बुधवार को रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर प्रतिबंध लगाने के लिए नया कानून पास किया है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने रूस और ईरान को प्रतिबंधित करने वाले ‘लिंडसे ओ. ग्राहम अधिनियम, 2026’ को मंजूरी दे दी है। इस विधेयक के तहत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस पर प्रतिबंध लगाने और रूस के तेल और गैस के व्यापारिक साझेदार देशों पर भारी शुल्क लगाने का अधिकार मिलेगा। प्रभावित होने वाले देशों के भारत भी शामिल है। इस बिल के पारित होने के बाद भारत ने वाशिंगटन को दो टूक शब्दों में कड़ा कूटनीतिक संदेश दे दिया है।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

भारतीय विदेश मंत्रालय ने पूरे मामले में दो टूक बयान दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा, भारत अपने व्यापार और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार 1.4 अरब लोगों के लिए ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और अलग-अलग स्रोतों से ऊर्जा हासिल करके और बदलती बाज़ार की स्थितियों के आधार पर इसे बनाए रखेगी।

भारत की अमेरिका को दो टूक

विदेश मंत्रालय ने, भारतीय पक्ष ने बहुत स्पष्ट रूप से बताया है कि इसके संभावित असर न केवल द्विपक्षीय संबंधों पर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकते हैं। भारतीय पक्ष ने अपने व्यापारिक और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के अपने संकल्प को भी स्पष्ट किया है। सरकार इन घटनाक्रमों के असर से निपटने के लिए भारतीय व्यापार और उद्योग संगठनों के साथ मिलकर काम करेगी।

भारत तेल और गैस खरीदना जारी रखेगा

विदेश मंत्रालय ने कहा, भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए अलग-अलग देशों से तेल और गैस खरीदना जारी रखेगा और बाजार में बदलाव के हिसाब से फैसले लेगा। भारत ने कहा कि इस मुद्दे पर हाल के महीनों में अमेरिकी अधिकारियों के साथ उच्च स्तर पर बातचीत हुई है।

क्या है अमेरिका नया कानून?

अमेरिका में पास नए बिल का आधिकारिक नाम ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ़ 2026’ है। अब यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास कानून बनने के लिए मंज़ूरी के लिए जाएगा। रूस से सबसे ज्यादा तेल-गैस खरीदने वाले पांच देशों, इन भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान इसके दायरे में हैं। इन पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने का अधिकार ट्रंप प्रशासन को मिल जाएगा. इस बिल में उस देशों को छूट दी गई है, जो रूस के प्राकृतिक गैस निर्यात का 15% से कम आयात करते हैं।

2029 तक 21 राज्यों में UCC लागू करेंगे', अमित शाह के बयान पर बढ़ा सियासी घमासान

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गृह मंत्री अमित शाह ने 13 सितंबर को कहा था कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी-एनडीए शासित 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू कर दिया जाएगा। फिलहाल देश में 22 राज्यों में एनडीए की सरकार है। इनमें उत्तराखंड में जनवरी 2025 से यूसीसी लागू है। यानी बाकी 21 राज्यों में इसे लागू करने का लक्ष्य है। गुजरात, असम और मध्य प्रदेश में यूसीसी बिल पास हो चुका है। अब इन राज्यों में राष्ट्रपति की मंजूरी और अधिसूचना जारी होने का इंतजार है। महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ ने यूसीसी का कानून तैयार करने के लिए समितियां गठित की हैं।

बीजेपी को तेलुगु देशम पार्टी और शिवसेना का समर्थन

राजग के प्रमुख सहयोगियों तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) और शिवसेना ने गृह मंत्री अमित शाह के इस बयान का समर्थन किया है कि सभी राजग-शासित राज्यों में 2029 से पहले एक समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की जाएगी। हालांकि भाजपा के सहयोगी जदयू ने सतर्क प्रतिक्रिया दी। पार्टी ने कहा कि वह यूसीसी बिल का अध्ययन करेगी और बिना किसी कारण विरोध नहीं किया जाएगा।

मौलाना अरशद मदनी ने सवाल उठाए

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के इस बयान पर घमासान छिड़ गया है। अब इस पर जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर उन्होंने कहा कि देश संविधान से चलेगा या किसी राजनीतिक दल के वैचारिक एजेंडे से? उन्होंने यूसीसी को धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों में हस्तक्षेप करने वाला कदम बताया।

सपा अध्यक्ष ने अमित शाह पर साधा निशाना

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के यूसीसी लागू करने संबंधी बयान को लेकर हमला बोला है। सपा प्रमुख ने यूसीसी का फुल फार्म ‘अंडरग्राउंड कम्युनल कांस्पिरेसी’ बताया है। गृह मंत्री ने कहा था कि वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले देश के सभी एनडीए शासित 21 राज्यों में यूसीसी लागू कर दी जाएगी। इसे लेकर बिना नाम लिए सपा प्रमुख ने मंगलवार को एक्स पर लिखा, जनता समझ चुकी है कि भाजपा जिस यूसीसी की बात कर रही है, दरअसल उसका फुल फार्म कुछ और है : यूसीसी यानी अंडरग्राउंड कम्युनल कांस्पिरेसी। इसके आगे उन्होंने ‘पहले पिछले वादे निभाओ, यूसीसी फिर बाद में लाओ’ शीर्षक से कविता भी साझा की, जिसमें विभिन्न मुद्दे उठाए गए हैं।

भारत के युद्धपोत से भिड़ा पाक नौसेना का जहाज, पाकिस्तानी अफसर तलब

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भारत और पाकिस्तान की दुश्मनी जगजाहिर है। दोनों देशों के बीच तकरार कब शुरू हो जाए ये कहना मुश्किल है। एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव दिखाई दिया है। अरब सागर में पाकिस्तानी नौसेना के एक तेज रफ्तार जहाज ने भारतीय नेवी के युद्धपोत को टक्कर मार दी है। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच टेंशन बढ़ गई है।

पाक नौसेना का गैर-पेशेवर रवैया

भारत के विदेश मंत्रालय ने 15 सितंबर 2026 की शाम उत्तरी अरब सागर में नियमित निगरानी मिशन पर तैनात भारतीय नौसेना के एक अग्रिम पंक्ति के युद्धपोत के बेहद करीब पाकिस्तान नौसेना का एक जहाज तेज गति से पहुंचा और बेहद गैर-पेशेवर एवं असुरक्षित तरीके से उसकी दिशा में तेजी से चलने लगा। इस दौरान दोनों जहाजों के बीच टक्कर हो गई। हालांकि, इस घटना में किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।

कैसे हुई टक्कर?

सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारतीय युद्धपोत नियमित निगरानी मिशन पर था। इसी दौरान पाकिस्तानी जहाज तेज गति से उसके करीब पहुंचा और सुरक्षित दूरी बनाए रखने के बजाय असुरक्षित तरीके से दिशा बदलता रहा। इसी दौरान दोनों जहाज संपर्क में आए। किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। दोनों जहाजों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।

पाकिस्तान के प्रभारी राजदूत तलब

भारत ने इस मसले पर एक्शन लिया है। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग के प्रभारी राजनयिक को तलब किया। उन्हें पाकिस्तान की नौसेना इकाइयों के समुद्र में किए गए अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर आचरण को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ऐसे घटनाक्रम दोबारा न हों, इसके लिए दोनों देशों के बीच हुए समझौतों का पालन जरूरी है।

1991 के समझौते का आया जिक्र

भारत ने इस घटना को अप्रैल 1991 में हुए भारत-पाकिस्तान समझौते से भी जोड़ा है। इस समझौते का मकसद सैन्य अभ्यास, युद्धाभ्यास और सैनिक गतिविधियों को लेकर दोनों देशों के बीच गलतफहमी और दुर्घटना का खतरा कम करना था। इसके अनुच्छेद 10 में दोनों देशों के नौसैनिक जहाजों और पनडुब्बियों के बीच अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सुरक्षित दूरी बनाए रखने की बात कही गई है। उपलब्ध दस्तावेजों के मुताबिक, दोनों देशों के जहाजों को एक-दूसरे के तीन नॉटिकल मील के भीतर नहीं आना चाहिए। यानी इस तरह के समझौते का मकसद ही यह है कि दोनों देशों की सैन्य इकाइयां समुद्र में इस तरह की स्थिति पैदा न करें, जिससे टक्कर या किसी बड़े सैन्य विवाद का खतरा पैदा हो।

कपिल सिब्बल ने कहा दल-बदलुओं पर लगे 10 साल का बैन, प्रस्ताव का सीजेपी ने किया समर्थन

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सीनियर वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने पैसे या दबाव के चलते राजीनीतिक पार्टी बदलने वाले विधायक और सांसदों पर 10 साल के बैन का प्रस्ताव रखा है। कपिल सिब्बल के प्रस्ताव पर घमासान तेज हो गया है। एक तरफ सिब्बल के इस प्रस्ताव का 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) ने समर्थन किया है।

क्या है कपिल सिब्बल का प्रस्ताव?

केरल के कोच्चि में 'हॉर्स ट्रेडिंग और लोकतंत्र' पर बोलते हुए सिब्बल ने संविधान की दसवीं अनुसूची में बदलाव की मांग की, ताकि पार्टियों का विलय बड़े पैमाने पर पार्टी छोड़ने का जरिया न बन सके। वरिष्ठ वकील ने बताया कि मौजूदा कानून के तहत, अगर किसी विधायी दल के दो-तिहाई सदस्य दूसरी पार्टी में चले जाते हैं, तो इसे विलय माना जाता है और दल-बदल के कारण उनकी सदस्यता रद नहीं होती।

दसवीं अनुसूची में संशोधन करने पर जोर

सिब्बल ने इस कमी को दूर करने के लिए दसवीं अनुसूची में संशोधन करने पर जोर दिया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि 'विलय का मतलब राजनीतिक पार्टियों का विलय हो, न कि विधायकों का सामूहिक रूप से पार्टी छोड़ना।'

सिब्बल के प्रस्ताव का सीजेपी ने किया स्वागत

सिब्बल के प्रस्ताव का कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने स्वागत किया है। सौरव दास ने एक्स पर पोस्ट कर वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल के उस प्रस्ताव का स्वागत किया, जिसमें पार्टी X के चुनाव चिह्न पर जीतने के बाद पैसे या दबाव में पार्टी Y में जाने वाले सांसदों और विधायकों पर 10 साल का प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है। दास ने लिखा कि सीजेपी के पहले मांग-पत्र के पांचवें बिंदु में भी यही मांग की गई थी, लेकिन इसमें और सख्त प्रावधान सुझाया गया था।

सीमा पर शांति और स्थिरता द्विपक्षीय संबंधों के ले जरूरी शर्त’, पीएम मोदी और जिनपिंग मुलाकात में हुई ये बातें

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली में ब्रिक्स समिट से अलग चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय बैठक की। यह मीटिंग करीब 50 मिनट चली। मुलाकात के दौरान चीन के साथ संबंधों को लेकर भारत की चिंताओं को स्पष्ट रूप से सामने रखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के संबंध में विदेश मंत्रालय चीनी पक्ष की ओर से जारी बयान पर पूछे गए सवाल का जवाब दिया।

पीएम मोदी ने कहा-एक-दूसरे के प्रति संवेदनशीलता जरूरी

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के साथ भारत के रिश्तों को लेकर अपनी चिंताएं चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सामने रखीं। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों को एक-दूसरे की मूल चिंताओं के प्रति संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। विदेश मंत्रालय ने यह बयान चीन की ओर से जारी किए गए उस विवरण के जवाब में दिया, जिसमें कहा गया था कि पीएम मोदी ने तिब्बत और ताइवान को लेकर भारत की स्थिति में बदलाव नहीं होने की बात कही है। चीन के मुताबिक, मोदी ने यह भी कहा कि भारत अपनी जमीन पर किसी को चीन विरोधी गतिविधियां करने की अनुमति नहीं देता।

रिश्ते आगे बढ़ाने की बुनियाद सीमा पर शांति-पीएम मोदी

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने शी जिनपिंग के साथ बातचीत में इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए सीमा पर शांति और स्थिरता जरूरी है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों पक्षों को तीन पारस्परिक सिद्धांतों- आपसी सम्मान, आपसी हित और आपसी संवेदनशीलता से निर्देशित होना चाहिए।

ताइवान और तिब्बत पर भारत का रुख

तिब्बत और ताइवान को लेकर भारत की स्थिति लगातार एक जैसी रही है। भारत ने करीब 16 साल पहले सार्वजनिक रूप से अपनी ‘वन चाइना पॉलिसी’ को दोहराना बंद कर दिया था। ‘वन चाइना पॉलिसी’ का मतलब है कि दुनिया में एक ही संप्रभु चीन है और ताइवान को चीन का हिस्सा माना जाता है। भारत ताइवान के साथ व्यापार, निवेश, पर्यटन और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में संबंध बनाए रखता है। तिब्बत को लेकर भी भारत तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र को चीन का हिस्सा मानता है। 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के दौरान भारत और चीन के बीच संबंधों और सहयोग को लेकर एक समझौता हुआ था। इसमें भारत ने कहा था कि वह अपनी जमीन से चीन विरोधी गतिविधियों की अनुमति नहीं देगा।

पीएम मोदी-शी जिनपिंग

पीएम मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात पिछले हफ्ते नई दिल्ली में हुए 18वें BRICS सम्मेलन से इतर हुई थी। शी जिनपिंग 12 सितंबर को भारत पहुंचे थे। जिनपिंग करीब 7 साल बाद भारत आए। गलवान घाटी में 2020 में हुई हिंसक झड़प के बाद यह उनकी पहली नई दिल्ली यात्रा थी। इसी दौरान पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। यह मीटिंग करीब 50 मिनट चली। जिसमें दोनों देसों के संबंधों पर बातचीत हुई।