UPI पर चार्ज लगाए जाने पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, केंद्र व आरबीआई से मांगा जवाब

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सुप्रीम कोर्ट ने यूपीआई पेमेंट पर MDR लगाने पर रोक लगाने से फ‍िलहाल इनकार कर द‍िया है। हालांक‍ि, सीजेआई सूर्यकांत की अध्‍यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार, रिजर्व बैंक (RBI), नेशनल पेमेंट कारपोरेशन ऑफ इंड‍िया यानी NPCI को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इन्‍हें चार हफ्ते में यह बताने को कहा है क‍ि चार्ज क्‍यों लगाना जरूरी है।

केंद्र सरकार ने ये फैसला लिया है कि 15 अक्टूबर से ₹2,000 से ज़्यादा के कुछ खास UPI 'पर्सन-टू-मर्चेंट' ट्रांजैक्शन पर MDR लगाया जाना है। शुल्क लगाने की केंद्र सरकार की अधिसूचना को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ कर रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने 4 हफ्ते के भीतर मांगा हलफनामा

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह मामला कानूनी से ज्यादा तकनीकी है। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने केंद्र सरकार, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया समेत सभी पक्षों को चार हफ्ते के भीतर अपना जवाब (काउंटर एफिडेविट) दाखिल करने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने उस रिट याचिका पर ये नोटिस जारी किया है जिसमें केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा 14 और 15 सितंबर को जारी उन गजट नोटिफिकेशन्स को रद्द करने की मांग की गई है, जिनमें 2,000 रुपये से ज्यादा के कमर्शियल UPI ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगाने की घोषणा की गई थी।

क्या है याचिकाकर्ता की दलील

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि UPI के आने के बाद ब्लैक मनी से जुड़े ट्रांजैक्शन में कमी आई है। याचिका में नई MDR व्यवस्था के कानूनी आधार पर भी सवाल उठाया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि 2,000 रुपये से अधिक के कुछ UPI भुगतान पर शुल्क लगाने का फैसला पर्याप्त वैधानिक सुरक्षा, पारदर्शिता और सार्वजनिक परामर्श के बिना लिया गया। शुल्क लगाने से अर्थव्यवस्था में नकदी और काले धन के लेन-देन में बढ़ोतरी हो सकती है, और व्यापारी इस अतिरिक्त लागत का बोझ आम उपभोक्ताओं पर डाल सकते हैं।

क्या बोली सरकार?

एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि डेबिट/क्रेडिट कार्ड से लेन-देन करने में लागत आती है। UPI भी इससे अलग नहीं है। 2 ऑपरेटर यह सेवा देते हैं। एक तो बैंक हैं। यह भारत सरकार द्वारा की जाने वाली वैधानिक वसूली नहीं है। यह प्लेयर्स के बीच सेटलमेंट फीस है, जिसे NPCI सुविधाजनक बनाता है। सरकार इसमें से एक रुपया भी नहीं ले रही है।

क्या है मामला

इस महीने की शुरुआत में, केंद्र सरकार ने UPI के लिए एक नया फ्रेमवर्क घोषित किया, जिसके तहत ₹2,000 से ज़्यादा के UPI पेमेंट पर 0.4% का MDR लगेगा। सरकार का कहना है कि व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) ट्रांजैक्शन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। सरकार के अनुसार, ट्रांसफर की गई रकम चाहे कितनी भी हो, सभी व्यक्ति-से-व्यक्ति ट्रांज़ैक्शन के लिए UPI पूरी तरह से मुफ़्त बना रहेगा। MDR मर्चेंट पेमेंट सिस्टम का एक चार्ज है, न कि UPI पेमेंट करने वाले ग्राहकों से लिया जाने वाला शुल्क। बैंकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि मर्चेंट MDR का बोझ ग्राहकों पर न डालें, जबकि UPI ऐप्स को प्लेटफॉर्म फीस या छिपे हुए चार्ज लगाने से मना किया गया है।

राहुल जी झूठ सौ बार बोलने से सच नहीं बनता’, विपक्ष के आरोपों पर नड्डा का पलटवार

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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसआईआर को लेकर सियासी बवाल जारी है। आज कांग्रेस देशभर में कई शहरों में ज्ञानेश कुमार के विरोध में प्रदर्शन कर रही है। विवाद पर बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को चुनाव आयोग पर विपक्ष के आरोपों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को जानना चाहिए कि किसी झूठ को सौ बार दोहराने से वह सच नहीं बन जाता।

कांग्रेस और पूरा विपक्ष निराश और हताश

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने चुनाव आयोग विवाद पर कहा, आज जब देश अपने 140 करोड़ नागरिकों की कड़ी मेहनत से 'विकसित भारत' का संकल्प पूरा कर रहा है। दुनिया भर में भारत का प्रभाव बढ़ रहा है, तो दुर्भाग्य से कांग्रेस और पूरा 'INDI अलायंस' इस तरक्की से निराश और हताश हैं। बिना किसी नीति या विजन के, वे अब देश में भ्रम और अराजकता फैलाने के लिए नई-नई चालें चल रहे हैं।

विपक्ष के हर झूठ की हवा निकल चुकी है-नड्डा

नड्डा ने कहा, विपक्ष के हर झूठ की हवा निकल चुकी है। यह नया परपंच कर रहे हैं। माहौल खराब करने में लगे हुए हैं। नड्डा ने कहा कि तथ्यों की कसौटी पर परखने पर विपक्ष के आरोप बार-बार खारिज किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके आरोपों की सच्चाई चुनाव आयोग और देश की सर्वोच्च अदालतों के सामने भी आ चुकी है।

राहुल गांधी-ममता बनर्जी और केजरीवाल पर हमला

केन्द्रीय मंत्री ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, अरविंद केजरीवाल...सबकी मानसिकता देश की संवैधनिक संस्थाओं पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। यह सब सत्ता पाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।

विश्व पर्यटन दिवस पर ऑड्रे हाउस में सम्मान समारोह, पर्यटक मित्रों और स्टेकहोल्डर्स को किया गया सम्मानित

मुकेश कुमार , पर्यटन सचिव ने कहा कि पर्यटक मित्र राज्य के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर आगंतुकों को स्थानीय जानकारी, सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

वहीं, होटल एवं आतिथ्य क्षेत्र पर्यटकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने में सहयोगी है। पर्यटन के क्षेत्र में काम करने वाले अन्य स्टेकहोल्डर्स भी अपनी डिजिटल पहुंच और रचनात्मक सामग्री के माध्यम से झारखंड के पर्यटन स्थलों, प्राकृतिक सौंदर्य और विविध अनुभवों को देश-दुनिया के नए दर्शकों तक पहुंचाने में योगदान दिया है। वे रविवार को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर राँची स्थित ऐतिहासिक ऑड्रे हाउस में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे । कार्यक्रम की शुरुआत दिवंगत मंत्री श्री सुदिव्य कुमार को पुष्पांजलि अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि देने के साथ हुई।

झारखंड पर्यटन के सहयोगियों का हुआ सम्मान

समारोह के दौरान राज्य में पर्यटन को बेहतर अनुभव और व्यापक पहचान देने में योगदान कर रहे पर्यटक मित्रों, और अन्य स्टेकहोल्डर्स को सम्मानित किया गया।इस अवसर पर श्री मुकेश कुमार ने कहा यह सम्मान उन सभी साझेदारों के योगदान को पहचान देने का प्रयास रहा, जो प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से झारखंड को एक आकर्षक और यादगार पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।

झारखंड पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में साझा प्रयास

पर्यटन निदेशक श्री नमन प्रियेश लकड़ा ने कहा कि विश्व पर्यटन दिवस का यह आयोजन झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविध पर्यटन संभावनाओं को व्यापक पहचान दिलाने के साझा संकल्प का प्रतीक बना है। पर्यटन विभाग द्वारा स्थानीय समुदायों, पर्यटक मित्रों, होटल एवं आतिथ्य क्षेत्र और अन्य स्टेकहोल्डर्स की सहभागिता के माध्यम से राज्य में पर्यटन अनुभव को और बेहतर बनाने तथा झारखंड के पर्यटन स्थलों की पहुंच व्यापक करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में श्री श्री प्रेम रंजन, प्रबंध निदेशक सहित विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि थे.

शूटिंग में ईशा सिंह ने जीता सिल्वर मेडल, पिंकी को कुराश में कांस्य

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एशियन गेम्स 2026 का आज 10वां दिन है। दिन का पहला मेडल पिंकी बलहारा ने कुराश में दिलाया है। पिंकी ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया है। पिंकी के बाद दिन का दूसरा मेडल ईशा सिंह ने अपने दिलाया।

ईशा ने शूटिंग में सिल्वर मेडल जीता

ईशा सिंह से 25 मीटर पिस्टल में सिल्वर मेडल अपने नाम किया है। उन्होंने फाइनल मैच में शानदार खेल दिखाया और चीनी खिलाड़ी को पूरे मैच में कांटे की टक्कर दी। अंत में शूटऑफ में उन्हें हार का सामना करना पड़ा और वह गोल्ड जीतने से चूक गईं। ईशा और चीन की जिआओ का स्कोर 38-38 की बराबरी पर रहा। इसके बाद शूटऑफ में चीनी शूटर ने जीत हासिल की।

पिंकी ने कुराश में जीता कांस्य

पिंकी बलहारा ने महिलाओं के 78 किग्रा कुराश में कांस्य पदक जीत लिया है। उन्होंने 2018 एशियन गेम्स के अपने प्रदर्शन को दोहराया। सेमीफाइनल में पिंकी को दक्षिण कोरिया की मौजूदा 2026 एशियन चैंपियन मो सुमिन से हार का सामना करना पड़ा। पूरे मुकाबले में पीछे रहने वाली पिंकी 0-5 से मुकाबला हार गईं। टूर्नामेंट के नियमों के मुताबिक कांस्य पदक के लिए कोई प्लेऑफ मुकाबला नहीं होता। सेमीफाइनल में हारने वाले दोनों खिलाड़ियों को कांस्य पदक दिया जाता है। इस तरह पिंकी ने भारत के लिए एक और पदक पक्का किया।

बॉक्सिंग में लवलीना ने पक्का किया पदक

बॉक्सर लवलीना ने महिलाओं के 75 किलोग्राम भारवर्ग में कोरिया की सियोंग सुयोन को 5-0 से हराकर एशियन गेम्स 2026 में मेडल पक्का कर लिया है। उन्होंने क्वार्टर फाइनल मैच में शानदार खेल दिखाया और सेमीफाइनल में जगह बनाई। लवलीना का सेमीफाइनल में मुकाबला या तो मौजूदा 70 किलोग्राम भारवर्ग की वर्ल्ड चैंपियन कजाकिस्तान की नताल्या बोगदानोवा या वर्ल्ड ब्रॉन्ज मेडलिस्ट उज्बेकिस्तान की अजीजा जोकिरोवा से होगा।

उज्जैन में शाही मस्जिद पर कार्रवाई को लेकर बढ़ा विवाद, उपद्रवियों का पुलिस पर पथराव, जानें पूरा मामला

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उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारियों के बीच सड़क चौड़ीकरण को लेकर शाही मस्जिद पर कार्रवाई ने विवाद बढ़ गया है। उज्जैन में सड़क चौड़ी करने के प्रोजेक्ट के लिए शाही मस्जिद का एक हिस्सा गिराए जाने की योजना के खिलाफ लोग सड़क पर उतर आए हैं। छत्री चौक स्थित मस्जिद का करीब 11 फीट हिस्सा प्रस्तावित सड़क की जद में आ रहा है। इसके विरोध में मुस्लिम पक्ष ने सोमवार सुबह पुलिस पर पथराव कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।

सिंहस्थ 2028 के लिए सड़कों का चौड़ीकरण

सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक करीब 900 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। सड़क की जद में आने वाले कई धार्मिक स्थलों को हटाया जा चुका है। निर्माण में बाधा बन रहे 60 धार्मिक स्थलों में से अधिकांश को हटाया जा चुका है। लेकिन अब शाही मस्जिद को लेकर मामला गरमा गया है। रविवार रात बड़ी संख्या में पुलिस बल और जेसीबी-पोकलैंड मशीनें मौके पर पहुंचीं, जिसके बाद मुस्लिम समाज के लोग विरोध में सड़कों पर उतर आए।

2 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती

कार्रवाई की आशंका को देखते हुए यहां जेसीबी और पोकलेन मशीनों के साथ करीब 2 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासनिक गतिविधियां बढ़ने के बाद शनिवार रात से मुस्लिम समाज के लोग शाही मस्जिद परिसर और आसपास की सड़कों पर एकत्र होने लगे और नारेबाजी शुरू कर दी। विरोध का सिलसिला रविवार रात तक जारी रहा। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए कंठाल-गोपाल मंदिर मार्ग पर बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही रोक दी गई। सुरक्षा के लिहाज से पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की गई।

मोहन यादव ने खुद तोड़ा था अपना घर

शाही मस्जिद के पास यह हालात, तब है जब एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुद अपने पैतृक घर को तोड़ा। उन्होंने सिंहस्थ 2028 के लिए अपने घर को तोड़ने पर खुशी जताई थी। इसका वीडियो भी शेयर किया।

636 साल पुरानी है शाही मस्जिद

शाही मस्जिद की उम्र को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अलग जानकारी सामने आई है। मस्जिद के इमाम मोहम्मद इब्राहिम के मुताबिक, यह मस्जिद वर्ष 1390 में बनी थी और करीब 636 साल पुरानी है। उन्होंने इसे उज्जैन के प्राचीन धार्मिक स्थलों में शामिल बताया है। हालांकि, कुछ रिपोर्टों में शाही मस्जिद की उम्र करीब 100 साल बताई गई है। मस्जिद पक्ष का कहना था कि वह सड़क के चौड़ीकरणमें सहयोग करने को तैयार है, लेकिन धार्मिक स्थल के ढांचे को बचाया जाना चाहिए। इमाम ने यह भी दावा किया कि मस्जिद के ढांचे में थोड़ा बदलाव भी किया गया तो पूरी इमारत प्रभावित हो सकती है।

प्रवेश वर्मा के थप्पड़ कांड से चढ़ा दिल्ली का सियासी पारा, डैमेज कंट्रोल में जुटी बीजेपी

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पश्चिमी दिल्ली के तिलक नगर में सड़क निरीक्षण के दौरान मंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा वीडियो बना रहे युवक को थप्पड़ मारने के बाद दिल्ली की राजनीति गरमा गई। आम आदमी पार्टी (आप) समेत विपक्षी दल मंत्री की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। वहीं, बीजेपी घटना के बाद डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। न केवल पार्टी, बल्कि खुद प्रवेश ने भी माना कि जो हुआ, वह नहीं होना चाहिए था, लेकिन इसके बाद भी यह विवाद अभी आसानी से थमता नहीं दिख रहा है।

प्रवेश वर्मा ने वीडियो बना रहे युवक को थप्पड़ जड़ा

दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा रविवार को तिलक नगर में करीब एक करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क की गुणवत्ता जांचने पहुंचे थे। जानकारी के मुताबिक वहां आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह भी मौजूद थे। सड़क की जांच के दौरान उस समय विवाद बढ़ गया, जब आप विधायक के साथ पहुंचे वीडियोग्राफर ने वीडियो बनाना शुरू किया। आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह भी मौजूद थे और वे जब प्रवेश वर्मा को सड़क उखाड़कर दिखा रहे थे तो युवा उसका वीडियो शूट कर रहा था। आरोप है कि इसी दौरान मंत्री ने युवक को थप्पड़ मार दिया।

बीजेपी और आप आमने-सामने

इस मामले ने अब तूल पकड़ लिया है और दोनों ओर से एक दूसरे पर हमले व बयानबाजी हो रही है। जहां आम आदमी पार्टी इस घटना के वीडियो पोस्ट कर बीजेपी पर गुंडागर्दी के आरोप लगा रही है, वहीं मंत्री प्रवेश वर्मा ने भी आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह पर सड़क बनाने में कमीशन मांगने और जिस युवा को थप्पड़ मारा है उस पर गालियां देने का आरोप लगाया है।

मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने मांग

घटना के बाद आप नेताओं ने पीडब्ल्यूडी मंत्री के खिलाफ पुलिस में शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने मांग की। इसी मांग को लेकर रविवार रात सौरभ भारद्वाज, जनरैल सिंह और कुलदीप कुमार कार्यकर्ताओं के साथ डीसीपी कार्यालय पहुंचे और धरने पर बैठ गए। आप नेताओं का आरोप था कि शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज नहीं किया। पुलिस ने शिकायत की जांच किए जाने की बात कही। इससे नाराज आप नेताओं और कार्यकर्ताओं ने डीसीपी कार्यलय के बाहर सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। रात करीब 10:45 बजे पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरू कर किया।

प्रवेश सिंह ने लगाया परिवार को गालियां देने का आरोप

थप्पड़ के मामले में प्रवेश साहिब सिंह का कहना है कि आप जरनैल सिंह के कार्यकर्ता ने उनके परिवार को गाली दी थी, जिससे आवेश में आकर उन्होंने हाथ उठाया। प्रवेश साहिब सिंह के अनुसार, 'आप' के कुछ नेता जो विडियो सर्कुलेट कर रहे हैं, उसके पीछे की सच्चाई जानना लोगों के लिए भी जरूरी है। विकासपुरी रिंग रोड पर पिछले कई दिनों से सड़क निर्माण का काम चल रहा है। जरनैल सिंह रोड निर्माण करने वाले ठेकेदार से कमिशन के लिए पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों को लगातार फोन कर कॉन्ट्रैक्टर से मिलवाने की बात कह रहे थे। इसके लिए इंजीनियरों ने संबंधित थाने में शिकायत भी दी है। अब उनके खिलाफ FIR कराने की तैयारी है।

क्या बोले- आप विधायक जरनैल सिंह

आप विधायक जरनैल सिंह ने कहा, प्रवेश वर्मा जी के भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हो गया जिसे देखकर वह आपे से बाहर हो गए। मुझे उनका फोन आता है कि दिखाओ सड़क तो ठीक बनी है, आप क्यों सड़क की बार-बार शिकायत कर रहे हो? जब मैंने दिखाया तो सड़क सच में उखड़ गई और हाथ में आ गई। यह मंत्री जी से बर्दाश्त नहीं हुआ। साहिब सिंह जो इन सभी का वीडियो बना रहा था, वो देख मंत्री जी तिलमिला गए। मैंने वहां पर सच दिखाया, सड़क उखाड़ के दिखाया तो उसके बाद भाजपा वालों के कैमरे एकदम बंद हो गए। हमारी तरफ से कैमरा चालू था तो मंत्री जी इतना तिलमिला गए कि साहिब सिंह के मुंह पर सीधा थप्पड़ जड़ दिया।

पत्रातू: दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाएगा PVUNL, ALIMCO के साथ समझौता

Patratu Vidyut Utpadan Nigam Limited (PVUNL) ने दिव्यांगजनों के कल्याण, सशक्तीकरण एवं जीवन की गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से Artificial Limbs Manufacturing Corporation of India (ALIMCO) के साथ समझौता ज्ञापन (MoA) पर हस्ताक्षर किए।

इस अवसर पर पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) श्री ए.के. सहगल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. (श्रीमती) शिप्रा रानी तथा मानव संसाधन विभाग के प्रमुख श्री जियाउर रहमान उपस्थित रहे।

इस समझौते के अंतर्गत पीवीयूएनएल द्वारा पत्रातू एवं आसपास के क्षेत्रों में जरूरतमंद दिव्यांगजनों की पहचान के लिए एक आकलन शिविर (Assessment Camp) का आयोजन किया जाएगा। शिविर के माध्यम से पात्र एवं जरूरतमंद व्यक्तियों का पंजीकरण कर उनकी आवश्यकताओं का आकलन किया जाएगा।

आकलन एवं चिकित्सकीय परीक्षण के आधार पर लाभार्थियों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण (Assistive Devices) उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उन्हें दैनिक जीवन में अधिक आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिल सके।

पीवीयूएनएल की यह पहल अपने परिचालन क्षेत्र के आसपास रहने वाले समुदायों के समग्र विकास एवं सामाजिक कल्याण के प्रति निगम की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस कार्यक्रम के माध्यम से दिव्यांगजनों को आवश्यक सहायता प्रदान कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने, उनकी गतिशीलता बढ़ाने तथा सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन जीने के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

पीवीयूएनएल निरंतर अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) पहलों के माध्यम से स्थानीय समुदायों के जीवन स्तर में सुधार लाने तथा समावेशी एवं सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में कार्यरत है।

झारखंड सरकार कोयला चोरी को बढ़ावा देने के लिए MMDR अधिनियम का कर रही विरोध : अन्नपूर्णा देवी

एमएमडीआर कानून से विकसित भारत' के साथ-साथ 'विकसित झारखंड' के विजन को मिलेगी मजबूती

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2047 के विकसित भारत को गति देने और प्रत्येक राज्य को आगे बढ़ाने के लिए हैं कृतसंकल्पित

प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में केंद्रीय मंत्री ने अधिनियम के गिनाये फायदे, झारखंड सरकार पर बोला तीखा हमला

केंद्रीय महिला बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में MMDR (खनिज विकास और विनियमन) संशोधन कानून को लेकर इसके कई फायदे गिनाते हुए झारखंड सरकार पर तीखा हमला बोला है। MMDR संशोधन कानून के खिलाफ झामुमो, कांग्रेस और राजद नेताओं की बयानबाजी को केवल जनता को गुमराह और भ्रमित करने का एक असफल प्रयास बतलाया है। उन्होंने कहा कि झारखंड, खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। सच्चाई यह है कि इस कानून में बदलाव होने से झारखंड में नए निवेश और रोजगार के पर्याप्त अवसर बढ़ेंगे। राज्य के युवाओं को अपने ही राज्य में काम मिलने की संभावना में वृद्धि होगी और पलायन पर भी काफी हद तक रोक लगेगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस कानून का मुख्य मकसद खनन क्षेत्र में टैक्स व्यवस्था को पूरी तरह से सुसंगत और पारदर्शी बनाना है। इस संशोधन से राज्य सरकार की मनमर्जी पर लगाम लगेगी। नीलामी के बाद जिस प्रकार से राज्य की सरकार नए-नए टैक्स और सेस लगा देती थी, इस कारण कारोबारियों को काफी परेशानी होती थी। सेस एवं बकाया टैक्स के नाम पर उनके साथ दोहन और शोषण होता था, इससे उन्हें मुक्ति मिलेगी। इन सारी परेशानियों को दूर करने की दिशा में यह अधिनियम बड़ा कदम है। भारत सरकार देश स्तर पर समान कर और टैक्स लगाएगी। राज्य सरकार का इस पर कोई हस्तक्षेप नहीं होगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2047 के विकसित भारत को गति देने और प्रत्येक राज्य को आगे बढ़ाने के लिए कृतसंकल्पित हैं। MMDR विधेयक में संशोधन इसी कड़ी का एक हिस्सा है। इस विधेयक के माध्यम से प्रधानमंत्री का लक्ष्य पूरे देश स्तर पर एकरूपता लाना है।

एमएमडीआर कानून से विकसित भारत' के साथ-साथ 'विकसित झारखंड' के विजन को भी मजबूती मिलेगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह अधिनियम केवल झारखंड में नहीं लागू हुआ है बल्कि ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल आदि जगहों पर भी लागू किया गया है, इसमें से कई कांग्रेस शासित राज्य हैं वहां इस अधिनियम के विरोध की बजाय स्वागत हो रहा है। केवल झारखंड में ही इसका विरोध किया जा रहा है। सभी राज्य अधिनियम के फायदे को बखूबी समझ रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जहां तक झारखंड में इसके विरोध की बात है तो यहां की सारी व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। राज्य सरकार समय पर ऑक्शन नहीं कराती। झारखंड सरकार वैधानिक रूप से राजस्व नहीं चाहती है, यह राज्य के सरकारी खजाने में राजस्व नहीं चाहती है बल्कि यह व्यक्तिगत राजस्व में वृद्धि चाहती है। इसलिए इस अधिनियम का विरोध किया जा रहा है। झारखंड सरकार कोयला चोरी को बढ़ावा देने के लिए इस अधिनियम का विरोध कर रही है।

मंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा है कि सरकारी खजाने में राजस्व नहीं आए, सरकारी व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हो, वैधानिक कारोबारी को सुविधाएं नहीं मिले, राज्य में अवैध गतिविधियां बढ़ी रहे, अवैध माइनिंग का खेल फलता-फूलता रहे, इसलिए यह सरकार इस अधिनियम का विरोध कर रही है। लेकिन राज्य सरकार की यह मंशा कदापि पूरी नहीं होगी। इस एक्ट के लागू होने के बाद लाल फीताशाही रुकेगी। मनमाने तरीके से टैक्स और सेस का जो खेल खेला जाता रहा है, उस पर लगाम लगेगी। पूरे देश के अंदर एकरूपता आएगी और वैधानिक तरीके से चीज व्यवस्थित होंगी। नियमों में बदलाव से छोटे, मंझले और बड़े, सभी स्तर के उद्योगपतियों को काम करने में काफी सहूलियत होगी। ये बिना किसी परेशानी और किसी कानूनी पचड़े में पड़े हुए सुगम और बेफिक्र होकर कारोबार कर सकेंगे। इनके मन में किसी प्रकार की कोई अनिश्चितता का भाव नहीं होगा।

इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह एवं मृत्युंजय शर्मा, प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी सतीश सिन्हा एवं सूरज शाहदेव भी उपस्थित रहे।

रांची में मूसलाधार बारिश से फसलों को नुकसान, DC मंजूनाथ भजन्त्री ने दिए नुकसान आकलन के निर्देश

जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि वे जिले में फसलों को हो रहे नुकसान का आंकलन करें तथा क्षतिग्रस्त फसल क्षेत्रफल, प्रभावित किसानों की संख्या एवं अनुमानित नुकसान की रिपोर्ट जल्द से जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए

जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने आज रांची जिले में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश की स्थिति की समीक्षा की।

समीक्षा के दौरान जिला दंडाधिकारी ने अपर समाहर्ता रांची को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में कृषि फसलों को होने वाले नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, ताकि आवश्यक राहत का कार्य समय पर शुरू किए जा सकें।

श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने रांची जिले के सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने अंचल क्षेत्र में बारिश के कारण हुए नुकसान का विस्तृत सर्वेक्षण करें साथ ही जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि वे जिले में फसलों को हो रहे नुकसान का व्यापक आंकलन करें तथा क्षतिग्रस्त फसल क्षेत्रफल, प्रभावित किसानों की संख्या एवं अनुमानित नुकसान की रिपोर्ट जल्द से जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

सीईसी ज्ञानेश कुमार को लेकर के खिलाफ साथ आए दो 'दुश्मन', इंडिया ब्लॉक और विपक्ष एकजुट

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मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर इन दिनों देश की सियासत गरमाई हुई है। इंडियन एक्सप्रेस के खुलासे के बाद चुनाव आयोग पर सवाल उठ रहे हैं। इस एक मुद्दे ने पूरे विपक्ष को एक बार फिर से एकजुट कर दिया है। इस बीच, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से लेकर अपने ‘कट्टर दुश्मन’ सीपीआई(एम) महासचिव एमए बेबी से फोन पर बातचीत की है।

इंडिया ब्लॉक की बैठक बुलाने की अपील

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर हमलावर विपक्ष अब उनके खिलाफ एकजुट नजर आ रहा है। उन्हें हटाने की मांग कर रहे विपक्षी इंडिया गठबंधन के बड़े नेता संपर्क में हैं। अगले सप्ताह गठबंधन की बैठक और साझा प्रेस कॉन्फ़्रेंस की योजना बनाई जा रही है। ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग का नोटिस तैयार किया जा रहा है। इस बारे में ममता ने राहुल गांधी से बात की है। ममता बनर्जी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से आग्रह किया कि वो इंडिया ब्लॉक की बैठक तुरंत बुलाएं। उन्होंने कहा कि अगर संभव हो तो अगले सप्ताह सोमवार या मंगलवार को बैठक बुलाई जाए ताकि सीईसली के खिलाफ एक संयुक्त रणनीति बनाई जा सके।

दशकों पुराने मतभेद को भूले दोनों नेता

इसके साथ ही पश्चिम बंगाल में दशकों से एक-दूसरे की कट्टर प्रतिद्वंद्वी रहीं ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और सीपीआई (एम) ने एसआआर को लेकर चल रहे विवाद को लेकर बात की। दशकों पुराने मतभेदों को दरकिनार करते हुए ममता बनर्जी ने सीपीआई (एम) के महासचिव एमए बेबी से बात की। इस दौरान दोनों नेता चुनाव आयोग (ईसी) की घटती विश्वसनीयता के मुद्दे पर चर्चा की। ये दोनों पार्टियां विपक्षी इंडिया गठबंधन की संस्थापक सदस्य हैं, लेकिन अब तक इन्होंने किसी भी तरह का औपचारिक संवाद या संपर्क नहीं किया था। बताया जा रहा है कि ममता बनर्जी और एमए बेबी ने बात की और चुनाव आयोग, चुनावी प्रक्रिया और लोकतंत्र की विश्वसनीयता की रक्षा के लिए विपक्षी दलों के एकजुट होकर अभियान चलाने की आवश्यकता पर चर्चा की।

चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में इंडियन एक्सप्रेस की वह रिपोर्ट है। उसमें दावा किया गया कि चुनाव आयोग के दो अन्य आयुक्तों ने एसआईआर और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों पर कई बार आपत्ति दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों आयुक्तों की ओर से 10 महीने में कम से कम 14 बार आपत्तियां दर्ज की गईं। यह बात सामने आते ही विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और उसके भीतर फैसले लेने के तरीके पर सवाल उठाए।