पितृपक्ष में सेवा की मिसाल: डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्कॉलरशिप एंड वेलफेयर ट्रस्ट ने संभाला सेवा मोर्चा, श्रद्धालुओं को नि:शुल्क चाय-शरबत और बिस्किट

मेयर गणेश पासवान, नगर आयुक्त डॉ गगन और सशक्त स्थाई समिति के सदस्य मोहन श्रीवास्तव ने किया फीता काटकर उद्घाटन

गया। विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला 2026 के गयाजी में देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों की सेवा के लिए सामाजिक संस्थाओं ने सेवा शिविर शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में रविवार को डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्कॉलरशिप एंड वेलफेयर ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क सेवा शिविर लगाया गया। शिविर का शुभारंभ गया नगर निगम के मेयर गणेश पासवान, नगर आयुक्त डॉ. गगन और सशक्त स्थाई समिति के सदस्य मोहन श्रीवास्तव ने फीता काटकर किया।

शिविर में पितृपक्ष के दौरान गया पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों को नि:शुल्क पानी, शरबत, चाय और बिस्किट उपलब्ध कराया जा रहा है। ट्रस्ट के सदस्य मुकेश सिन्हा औऱ कुमार गौरव सिन्हा ने बताया गया कि पिछले कई वर्षों से पितृपक्ष के दौरान इसी भावना के साथ श्रद्धालुओं की सेवा की जा रही है। देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशों से भी लाखों श्रद्धालु पिंडदान और तर्पण के लिए गयाजी पहुंचते हैं। ऐसे में उनकी सेवा करना ट्रस्ट का सामाजिक दायित्व माना जाता है।

ट्रस्ट से जुड़े लोगों ने कहा कि भारतीय संस्कृति में ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना को विशेष महत्व दिया गया है। इसी भावना के साथ पितृपक्ष के दौरान करीब 20 दिनों तक श्रद्धालुओं की सेवा का सिलसिला जारी रहेगा। ट्रस्ट की ओर से आने वाले समय में भी सामाजिक सेवा के क्षेत्र में और बेहतर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया गया।

वक्ताओं ने बताया कि पितृपक्ष मेले को ध्यान में रखते हुए ट्रस्ट की ओर से जरूरतमंद श्रद्धालुओं के लिए व्हीलचेयर भी दान की गई है। इसका उद्देश्य ऐसे बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को सुविधा देना है, जिन्हें पैदल चलने में परेशानी होती है।

इस दौरान गया नगर निगम की ओर से पितृपक्ष मेले को लेकर की गई तैयारियों की भी सराहना की गई। वक्ताओं ने कहा कि नगर निगम द्वारा नियमित साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय और चेंजिंग रूम सहित कई सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। इस बार नगर निगम की ओर से लेजर शो की भी विशेष व्यवस्था की गई है। पानी के फुहारे पर लेजर के माध्यम से माता सीता, गया सूर्य और भगवान विष्णु से जुड़ी धार्मिक कथाओं और प्रसंगों को प्रदर्शित किया जा रहा है।

मुकेश शर्मा ने कहा कि गयाजी जैसे पवित्र स्थल पर जन्म लेना और यहां आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों की सेवा करने का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है।

उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को एक गिलास पानी, शरबत या चाय उपलब्ध कराना भी सेवा का माध्यम है। उद्देश्य है कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु गयाजी से अच्छी यादें लेकर लौटें और यहां की सेवा भावना को अपने साथ लेकर जाएं। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की कि पितृपक्ष के दौरान बाहर से आने वाले तीर्थयात्रियों का सहयोग करें, ताकि वे बिना परेशानी के अपने पितरों का तर्पण और पिंडदान कर सकें।

इस मौके पर मुकेश वर्मा, सुनील सिन्हा, प्रभात शंकर, डॉक्टर अनुपम, डॉक्टर अमित, गौरव सिन्हा, कुमार गौरव, प्रमोद कुमार सिन्हा, विभूति भूषण, गोलोक बिहारी, रंजन सिन्हा, मंगलेश सिन्हा, रीता रानी प्रसाद आदि मौजूद रहे.

पितृपक्ष महासंगम-2026 में श्रद्धालुओं के लिए 24 घंटे निःशुल्क भोजन की व्यवस्था, शिविर का बेलागंज विधायक के पुत्र ने किया उद्घाटन

गयाजी के भूतपूर्व चेयरमैन और अपने पूज्य पिताजी स्व. श्री बिंदेश्वरी यादव जी की पुण्यस्मृति में, पितृपक्ष महासंगम-2026 के अवसर पर गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु धर्मारण्य देवी मंदिर के समीप एक सेवा शिविर का संचालन किया जा रहा है। इस शिविर का लोकार्पण बेलागंज विधायक मनोरमा देवी जी के सुपुत्र, युवा समाजसेवी राकेश रंजन यादव (रॉकी यादव) द्वारा किया गया। शिविर के संचालन की संपूर्ण जिम्मेदारी भी उन्हीं के द्वारा निभाई जा रही है।

इस सेवा शिविर में 10 अक्टूबर तक श्रद्धालुओं को 24 घंटे निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। भोजन में पूड़ी-सब्जी, दाल-चावल, सलाद और पापड़ सहित अन्य खाद्य सामग्री शामिल है। शिविर के शुभारंभ के अवसर पर माँ धर्मारण्य देवी मंदिर में पूजा-अर्चना कर श्रद्धालुओं तथा सभी के मंगल की कामना की गई। इस अवसर पर धमेश्वर पांडेय, दीपू रंजन पांडेय, रवि पांडेय, शिव पूजन पांडेय, विनय पांडेय, परमानंद पांडेय, मुलायम यादव, अनिल कुमार पांडेय, जनार्दन पांडेय, प्रमोद पांडेय सहित कई सम्मानित साथी उपस्थित रहे। बेलागंज विधायक के पुत्र सह समाजसेवी राकेश रंजन यादव (रॉकी यादव) ने कहा कि पितृपक्ष के दौरान गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा और सुविधा के लिए यह सेवा शिविर समर्पित है।

मगध में पहली बार ब्रोंकोस्कोपी की सुविधा, प्रकाश मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में शुरू हुआ अत्याधुनिक उपचार

फेफड़ों की जटिल बीमारियों की जांच से लेकर श्वसन मार्ग में फंसी बाहरी वस्तु निकालने तक में उपयोगी

गया। गया के प्रकाश मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में अब अत्याधुनिक ब्रोंकोस्कोपी की सुविधा शुरू हो गई है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, मगध क्षेत्र में यह सुविधा पहली बार उपलब्ध कराई गई है। इससे गया के साथ-साथ नवादा, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल एवं आसपास के मरीजों को फेफड़ों और श्वसन मार्ग की जटिल समस्याओं की आधुनिक जांच एवं आवश्यक intervention की सुविधा स्थानीय स्तर पर मिल सकेगी।

ब्रोंकोस्कोपी में एक विशेष कैमरे वाली पतली ट्यूब के माध्यम से श्वासनली एवं फेफड़ों की अंदरूनी स्थिति को सीधे देखा जाता है। आवश्यकता पड़ने पर इसी प्रक्रिया से बायोप्सी, BAL, सैंपल लेना तथा श्वसन मार्ग में फंसी बाहरी वस्तु को निकालना भी संभव है। लंबे समय से खांसी, खांसी में खून आना, बार-बार निमोनिया, फेफड़ों में संदिग्ध गांठ या छाया, अस्पष्ट फेफड़ों के संक्रमण तथा श्वसन मार्ग में रुकावट जैसे मामलों में चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ब्रोंकोस्कोपी महत्वपूर्ण जांच साबित हो सकती है। खिलौने का टुकड़ा या अन्य बाहरी वस्तु फंसने की स्थिति में समय पर ब्रोंकोस्कोपी द्वारा उसे निकालना जीवनरक्षक हो सकता है। फेफड़ों के कैंसर के संदिग्ध मरीजों में भी ब्रोंकोस्कोपी के माध्यम से आवश्यक सैंपल लेकर बीमारी की पुष्टि में मदद मिल सकती है।

प्रकाश मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. जे. पी. सिंह ने कहा कि अस्पताल का लक्ष्य मगध क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं अपने क्षेत्र में उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि ब्रोंकोस्कोपी के माध्यम से कई गंभीर बीमारियों का समय पर निदान और आवश्यकता के अनुसार intervention संभव है, जिससे उचित मरीजों में उपचार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में आधुनिक एंडोस्कोपिक सुविधाओं के विस्तार के साथ मरीजों को एक ही स्थान पर जांच, विशेषज्ञ परामर्श और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।

पितृपक्ष में सेवा की मिसाल: मानवाधिकार संगठन ने लगाया निःशुल्क शिविर, IG विकास वैभव ने किया उद्घाटन

गया। पितृपक्ष मेला में देश-विदेश से गया जी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं एवं तीर्थयात्रियों की सेवा के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन की ओर से शनिवार को निःशुल्क सेवा शिविर लगाया गया है। “अतिथि देवो भवः” की भावना के साथ यह शिविर पंजाब नेशनल बैंक के सामने, चांद चौरा-विष्णुपद रोड के समीप लगाया गया है। यहां श्रद्धालुओं को निःशुल्क पेयजल, चाय, बिस्कुट सहित विभिन्न खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।

निःशुल्क सेवा शिविर का उद्घाटन मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव ने शनिवार को रात 7:00 बजे फीता काटकर उद्घाटन किया। इस मौके पर राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनीष पंकज मिश्रा सहित संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे। राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने आईजी विकास वैभव को अंगवस्त्र एवं फूलों का गुलदस्ता भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया. उद्घाटन के बाद कार्यकर्ताओं ने श्रद्धालुओं एवं तीर्थयात्रियों को सम्मानपूर्वक पेयजल, चाय, बिस्कुट और अन्य खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई।

इस अवसर पर IG विकास वैभव ने कहा कि सेवा भाव मानव जीवन की महत्वपूर्ण विशेषता है। पितृपक्ष के दौरान गया जी में देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में उनके लिए पेयजल और भोजन जैसी मूलभूत सुविधाओं की निःशुल्क व्यवस्था करना सराहनीय कार्य है। राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने कहा कि “सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।” गया आने वाला प्रत्येक तीर्थयात्री संगठन के लिए अतिथि के समान है। उन्होंने कहा कि शिविर के माध्यम से मानव सेवा, सामाजिक समरसता और अतिथि सत्कार का संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पूरे सेवा भाव के साथ श्रद्धालुओं की सहायता करने की अपील की।

तीर्थयात्रियों की सेवा में बरनवाल महिला समिति ने लगाया शिविर, मेयर-पूर्व डिप्टी मेयर ने किया शुभारंभ

गयाजी। पितृपक्ष मेला के दौरान विष्णुपद मंदिर परिसर में शनिवार को गयाजी महानगर बरनवाल महिला समिति एवं समस्त बरनवाल परिषद की ओर से सेवा शिविर लगाया गया। शिविर का उद्घाटन नगर निगम के मेयर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान एवं सशक्त स्थायी समिति के सदस्य तथा पूर्व डिप्टी मेयर अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इसके बाद अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर शिविर का विधिवत शुभारंभ किया।

शिविर के माध्यम से बरनवाल समाज की महिलाएं तीर्थयात्रियों की सेवा में जुट गईं। यहां श्रद्धालुओं को नि:शुल्क चाय, बिस्किट एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया गया। बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों ने शिविर का लाभ उठाया। महिला समिति की सदस्यों ने श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ उनकी जरूरतों का भी ध्यान रखा।

इस मौके पर मेयर गणेश पासवान ने कहा कि पितृपक्ष मेला में देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों तीर्थयात्री गयाजी पहुंचते हैं। ऐसे में सामाजिक संगठनों और विभिन्न समुदायों की ओर से सेवा शिविर लगाकर श्रद्धालुओं की सेवा करना गयाजी की सेवा और आतिथ्य की परंपरा को मजबूत करता है। बरनवाल समाज की महिलाओं ने भी आगे बढ़कर सेवा का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधा और सेवा मिले, ताकि वे गयाजी से अच्छा अनुभव लेकर वापस लौटें।

पूर्व डिप्टी मेयर एवं सशक्त स्थायी समिति के सदस्य मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि पितृपक्ष मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का भी अवसर है। गयाजी आने वाले प्रत्येक तीर्थयात्री को अतिथि मानकर उनकी सेवा करना यहां की परंपरा रही है। बरनवाल महिला समिति की ओर से लगाया गया यह शिविर महिला शक्ति की सेवा भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि समाज की महिलाएं जिस तरह से श्रद्धालुओं को चाय, बिस्किट और पेयजल उपलब्ध करा रही हैं, वह सराहनीय पहल है। ऐसे सेवा कार्यों से तीर्थयात्रियों को सुविधा मिलने के साथ गयाजी की सकारात्मक छवि भी मजबूत होती है।

उन्होंने कहा कि पितृपक्ष मेला के दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और समाज के लोगों को इसी तरह आगे आकर तीर्थयात्रियों की सेवा में योगदान देना चाहिए। सामूहिक सहभागिता से ही मेला को बेहतर और श्रद्धालु-अनुकूल बनाया जा सकता है। सचिव भारती प्रदर्शनी, अध्यक्ष संगीता बरनवाल, कोषाध्यक्ष निक्की बरनवाल, अनु बरनवाल, सुनीता बरनवाल, मीना बरनवाल, सोनी बरनवाल, पूजा बरनवाल, कविता बरनवाल एवं अनीता बरनवाल मौजूद थी।

पितृपक्ष मेले में अर्श हॉस्पिटल का निःशुल्क चिकित्सा शिविर और एंबुलेंस सेवा का शुभारंभ

गयाजी। विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला में देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आर्षेय हरिहंत फाउंडेशन के तत्वावधान में एपी कॉलोनी स्थित अर्श सुपर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल की ओर से विष्णुपद मंदिर के समीप निःशुल्क चिकित्सा शिविर लगाया गया है। शिविर में पितृपक्ष मेला के दौरान आने वाले तीर्थयात्रियों को चिकित्सीय परामर्श एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही तीर्थयात्रियों के लिए निःशुल्क एंबुलेंस सेवा भी उपलब्ध रहेगी।

निःशुल्क चिकित्सा शिविर का उद्घाटन शनिवार को गया नगर निगम के मेयर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान, नगर आयुक्त डॉ. गगन कुमार, पूर्व डिप्टी मेयर सह सशक्त स्थायी समिति के सदस्य अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव, शांति निकेतन एकेडमी के निदेशक हरि प्रपन्ना उर्फ पप्पू जी, चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के अध्यक्ष प्रमोद भदानी एवं अर्श हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. नवनीत निश्चल ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इस अवसर पर हॉस्पिटल के मार्केटिंग हेड अमर पांडेय ने अतिथियों का माला पहनाकर स्वागत किया।

मेयर गणेश पासवान ने कहा कि पितृपक्ष मेला में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु गयाजी आते हैं। ऐसे में तीर्थयात्रियों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए अर्श हॉस्पिटल की ओर से लगाया गया यह शिविर सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि गयाजी आने वाला प्रत्येक तीर्थयात्री यहां से बेहतर अनुभव लेकर जाए, इसके लिए सेवा और सुविधा दोनों महत्वपूर्ण हैं। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में इस तरह की पहल तीर्थयात्रियों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी। उन्होंने अर्श हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक डॉ. नवनीत निश्चल एवं उनकी पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।

सशक्त स्थायी समिति के सदस्य मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि पितृपक्ष मेला गयाजी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। इस दौरान देश के विभिन्न राज्यों के साथ ही विदेशों से भी श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। ऐसे समय में तीर्थयात्रियों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सेवा का महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने कहा कि गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा में सामाजिक संस्थाओं और निजी संस्थानों की भागीदारी से सेवा भावना और मजबूत होती है। अर्श हॉस्पिटल की यह पहल तीर्थयात्रियों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के समय तत्काल सहायता उपलब्ध कराने में उपयोगी होगी।

अर्श हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. नवनीत निश्चल ने कहा कि शिविर में हॉस्पिटल के चिकित्सकों की ओर से प्रतिदिन तीर्थयात्रियों को निःशुल्क चिकित्सीय परामर्श दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यदि किसी तीर्थयात्री को प्राथमिक उपचार से अधिक चिकित्सा की आवश्यकता होती है, तो उसके लिए शिविर स्थल पर निःशुल्क एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। जरूरत पड़ने पर मरीज को अस्पताल ले जाकर वहां भी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।

उन्होंने कहा कि इस चिकित्सा शिविर का उद्देश्य पितृपक्ष मेला में देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों की ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना के साथ सेवा करना है। गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसके लिए हॉस्पिटल की टीम पूरी तत्परता के साथ सेवा में जुटी रहेगी। इसके अलावा निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा भी उपलब्ध रहेगी। इस अवसर पर रमेश कुमार, मार्केटिंग हेड अमर पांडेय, अमित कुमार, जदयू नेत्री भारती प्रियदर्शनी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे.

पितृपक्ष में सेवा शिविर का शुभारंभ: तीर्थयात्रियों के लिए निशुल्क शिविर का मंत्री श्रवण कुमार, बेलागंज विधायक मनोरमा देवी ने किया उद्घाटन

गया। पितृपक्ष मेला के अवसर पर गया शहर के तुलसी उद्यान, विष्णुपद मंदिर स्थित लखनपुरा मोड़ के समीप माता-पिता की पावन स्मृति में निशुल्क सेवा शिविर का शनिवार को शाम में शुभारंभ किया गया। शिविर का उद्घाटन बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार, बेलागंज विधायक मनोरमा देवी, युवा जदयू के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीतीश पटेल और नगर प्रखंड चंदौती की प्रमुख सुचिता रंजनी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इस दौरान अतिथियों ने शिविर में श्रद्धालुओं को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया और आयोजन की सराहना की।

शिविर में पितृपक्ष के दौरान गया पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों के लिए शुद्ध पेयजल, चाय और बिस्कुट सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं. आयोजकों ने बताया कि देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग अपने पूर्वजों का पिंडदान और तर्पण करने के लिए गयाजी पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसी उद्देश्य से सेवा शिविर का आयोजन किया गया है।

इस मौके पर बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि पितृपक्ष मेले में देश के कोने-कोने से लोग अपने पूर्वजों को याद करने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए गयाजी आते हैं। ऐसे समय में तीर्थयात्रियों की सेवा करना बहुत महत्वपूर्ण और पुण्य का कार्य है। उन्होंने कहा कि सतीश पटेल अपने माता-पिता की स्मृति में पिछले कई वर्षों से लगातार सेवा शिविर का आयोजन कर रहे हैं। यह केवल एक शिविर नहीं, बल्कि सेवा और श्रद्धा की भावना का उदाहरण है।

मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि जो लोग समाज की सेवा करते हैं और जरूरतमंदों एवं बाहर से आने वाले लोगों की मदद करते हैं, भगवान भी ऐसे लोगों का सहारा बनते हैं। उन्होंने कहा कि पितृपक्ष के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा करना अपने आप में बड़ी बात है। उन्होंने आयोजकों को इस पुनीत कार्य के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं तथा सेवा कार्य को आगे भी निरंतर जारी रखने की अपील की।

उन्होंने कहा कि गयाजी की धार्मिक और आध्यात्मिक पहचान पूरे देश में है। पितृपक्ष के दौरान यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर वातावरण और सुविधाएं उपलब्ध कराने में स्थानीय लोगों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए पेयजल एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सराहनीय प्रयास है। नगर प्रखंड चंदौती के उप प्रमुख सतीश पटेल ने बताया कि अपने माता-पिता की पावन स्मृति में इस निशुल्क सेवा शिविर का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों से अधिक समय से लगातार पितृपक्ष मेले में यह शिविर लगाया जा रहा है। इस दौरान हजारों की संख्या में गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल, चाय और बिस्कुट सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

उन्होंने कहा कि पितृपक्ष में लोग अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए गयाजी आते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सेवा कर उन्हें थोड़ी राहत देना ही शिविर का मुख्य उद्देश्य है। माता-पिता की स्मृति में शुरू किया गया यह सेवा कार्य लगातार आगे बढ़ रहा है और भविष्य में भी इसे जारी रखा जाएगा।

कार्यक्रम में बेलागंज विधायक मनोरमा देवी, युवा जदयू के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीतीश पटेल, नगर प्रखंड चंदौती की प्रमुख सुचिता रंजनी सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। अतिथियों ने सेवा शिविर में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं से भी बातचीत की और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। आयोजकों ने कहा कि पितृपक्ष के दौरान गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। माता-पिता की स्मृति में शुरू किया गया यह सेवा कार्य आने वाले वर्षों में भी निरंतर जारी रहेगा। इस मौके पर मौजूद लोगों ने भी सेवा शिविर की पहल की सराहना करते हुए इसे श्रद्धालुओं के लिए उपयोगी बताया।

सीता कुंड में पितृपक्ष श्रद्धालुओं के लिए जीडी पब्लिक स्कूल के द्वारा निःशुल्क सेवा शिविर शुरू, मंत्री दीपक प्रकाश ने किया उद्घाटन

15 दिनों तक मिलेगी फल से लेकर चिकित्सा व सहायता की सुविधा

गया। पितृपक्ष मेला के दौरान देश-विदेश से गया पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सेवा के उद्देश्य से गया शहर के सीता कुंड में जीडी पब्लिक स्कूल एवं इनर व्हील क्लब ऑफ गया सनराइज के संयुक्त तत्वावधान में निःशुल्क सेवा शिविर शुरू किया गया। शिविर का शुभारंभ बिहार सरकार के मंत्री दीपक प्रकाश और अतरी विधायक रोमित कुमार ने फीता काटकर किया। शिविर में श्रद्धालुओं को विभिन्न प्रकार की फल से लेकर दवाइयां की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

बिहार सरकार के मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि पितृपक्ष के दौरान गया जी में देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने पूर्वजों के पिंडदान और तर्पण के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सेवा करना गया के लोगों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सेवा शिविर के माध्यम से श्रद्धालुओं को आवश्यक सहयोग मिलना सराहनीय पहल है। उन्होंने आयोजकों को शिविर के सफल संचालन के लिए शुभकामनाएं दीं और गया के लोगों से अपील की कि पितृपक्ष के दौरान बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ सहयोग और अतिथि सत्कार की भावना रखें।

अतरी विधायक रोमित कुमार ने कहा कि पितृपक्ष के दौरान गया आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसके लिए सामाजिक संस्थाओं और स्थानीय लोगों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि निःशुल्क सेवा शिविर के माध्यम से जरूरतमंद पिंडदानियों को राहत मिलेगी। इस तरह के सेवा कार्य से गया की सकारात्मक पहचान देश-दुनिया में मजबूत होती है।

जीडी पब्लिक स्कूल के निदेशक धर्मशाही ने बताया कि उनके द्वारा पिताजी की याद में पिछले 15 वर्षों से लगातार पितृपक्ष के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा के लिए यह शिविर लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिविर केवल औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि पूरे 15 दिनों तक सुबह से शाम तक निरंतर सेवा उपलब्ध कराने का प्रयास रहता है। यहां श्रद्धालुओं के लिए बैठने की व्यवस्था, साबूदाना, केला, सेब, ग्लूकोज, नींबू पानी और ओआरएस जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। प्राथमिक उपचार के साथ आवश्यक दवाओं की व्यवस्था भी की गई है।

उन्होंने बताया कि इनर व्हील क्लब ऑफ गया सनराइज के सहयोग से प्रतिदिन डॉक्टर भी शिविर में अपनी सेवाएं देंगे। शिविर के माध्यम से पितृपक्ष में आने वाले श्रद्धालुओं को निःशुल्क सेवा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

बोधगया में सरकारी जमीन पर होटल निर्माण का आरोप, डीएम से जांच और अतिक्रमण हटाने की मांग; 4.54 एकड़ भूमि का मामला

गया। गया शहर के विष्णुपद रोड स्थित एक निजी होटल में बुधवार को सिविल एलोड्राम धंधवा के रहने वाले सतीश कुमार सिंहा और उनके वकील मदन तिवारी ने प्रेस वार्ता की गई। इस दौरान बोधगया स्थित होटल डेल्टा इंटरनेशनल के मालिक संजय कुमार सिंह पर बिहार सरकार की सरकारी/अनाबाद सर्व साधारण खाते की जमीन पर कथित रूप से अतिक्रमण कर होटल निर्माण एवं व्यावसायिक उपयोग किए जाने का आरोप लगाया गया। 

मामले को लेकर शिकायतकर्ता सतीश कुमार सिंहा ने गया के जिलाधिकारी, अंचल अधिकारी बोधगया, भूमि सुधार उपसहार्ता सदर गया, अपर समाहर्ता गया, मगध प्रमंडल आयुक्त, प्रभारी मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, मुख्यमंत्री बिहार और राज्यपाल को आवेदन देकर संबंधित सरकारी भूमि की राजस्व अभिलेख के आधार पर जांच, स्थल पर मापी और कथित अतिक्रमण हटाने की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि बोधगया थाना नंबर-359, अंचल बोधगया, जिला गया अंतर्गत मौजा बोधगया में खाता संख्या-1035 की जमीन में प्लॉट संख्या 742, रकबा 82 डिसमिल, प्लॉट संख्या 750, रकबा एक एकड़ 50 डिसमिल, प्लॉट संख्या 751, रकबा एक एकड़ 56 डिसमिल तथा प्लॉट संख्या 756, रकबा 66 डिसमिल भूमि सरकारी/अनाबाद सर्व साधारण खाते की बताई गई है। आवेदन के अनुसार इन जमीनों का कुल रकबा करीब 4.54 एकड़ है।

शिकायतकर्ता सतीश कुमार सिंहा का आरोप है कि उक्त सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर होटल का निर्माण किया गया है और भूमि का व्यावसायिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। आवेदन में कहा गया है कि इससे सरकारी भूमि का निजी व्यावसायिक हित में उपयोग होने के साथ आर्थिक लाभ अर्जित किए जाने की स्थिति बनी है।

प्रेस वार्ता में शिकायतकर्ता की ओर से कहा गया कि मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए सबसे पहले संबंधित भूमि के राजस्व अभिलेखों का सत्यापन कराया जाना चाहिए। इसके बाद अमीन के माध्यम से स्थल पर सीमांकन एवं मापी कराकर सरकारी जमीन का वास्तविक रकबा निर्धारित किया जाए। इसके आधार पर स्थल जांच रिपोर्ट और पंचनामा तैयार कराने की मांग की गई है।

आवेदन में बिहार सार्वजनिक भूमि अतिक्रमण अधिनियम, 1956 सहित अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने कहा है कि यदि जांच में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की पुष्टि होती है तो उसे तत्काल हटाकर जमीन को बिहार सरकार के वास्तविक कब्जे में लिया जाए। साथ ही भविष्य में दोबारा अतिक्रमण नहीं हो, इसके लिए भी आवश्यक व्यवस्था करने की मांग की गई है। इसके अलावा सरकारी जमीन पर हुए निर्माण और उसके व्यावसायिक उपयोग के संबंध में सक्षम प्राधिकारी से आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की गई है। शिकायत में सरकारी भूमि पर कब्जा कर व्यावसायिक लाभ अर्जित किए जाने के कारण सरकार को हुई संभावित क्षति और कथित रूप से अर्जित लाभ का नियमानुसार आकलन कर वसूली की कार्रवाई करने की बात भी कही गई है।

शिकायतकर्ता सतीश कुमार सिंहा ने यह भी मांग की है कि जांच के दौरान यदि किसी सरकारी पदाधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत अथवा लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही जांच पूरी होने तक सरकारी भूमि की वर्तमान स्थिति को सुरक्षित रखने और उस पर किसी प्रकार का नया निर्माण, विस्तार या भूमि के स्वरूप में परिवर्तन नहीं होने देने की मांग की गई है।

आवेदन की प्रतिलिपि बोधगया अंचलाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) सदर गया, अनुमंडल पदाधिकारी सदर गया, अपर समाहर्ता गया, आयुक्त मगध प्रमंडल, गया सहित राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और राज्य सरकार के संबंधित अधिकारियों को भी भेजे जाने का उल्लेख है। शिकायतकर्ता सतीश कुमार सिंहा ने जिलाधिकारी से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए राजस्व अभिलेख और स्थल की मापी के आधार पर निष्पक्ष जांच कराने तथा जांच के परिणाम से लिखित रूप से अवगत कराने का अनुरोध किया है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए प्रशासनिक स्तर पर राजस्व रिकॉर्ड और स्थल जांच महत्वपूर्ण होगी।

पितृपक्ष से पहले मेला क्षेत्र की सफाई पर पैनी नजर, दो पार्षदों ने लिया जायजा; कर्मियों से पूछा हाल

गया। पितृपक्ष मेला 2026 को लेकर गया नगर निगम की तैयारियां तेज हो गई हैं। बुधवार को नगर निगम के वार्ड नंबर 10 के पार्षद गोपाल प्रसाद और वार्ड नंबर 11 के पार्षद कुंदन पासवान ने एक साथ पितृपक्ष मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। दोनों पार्षदों ने सफाई, प्रकाश व्यवस्था समेत श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान दोनों पार्षदों ने मेला क्षेत्र में तैनात सफाई कर्मियों से मुलाकात की और सफाई व्यवस्था को लेकर उनका फीडबैक लिया। उन्होंने कर्मियों को निर्देश दिया कि मेला क्षेत्र में नियमित रूप से बेहतर साफ-सफाई की जाए और कहीं भी कचरा जमा नहीं होने दिया जाए। श्रद्धालुओं की आवाजाही वाले स्थानों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

वार्ड पार्षद कुंदन पासवान ने कहा कि पितृपक्ष मेला गया के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। देश-विदेश से श्रद्धालु यहां पिंडदान और तर्पण के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मेला क्षेत्र को स्वच्छ और व्यवस्थित रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसके लिए नगर निगम की ओर से लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है। वहीं वार्ड नंबर 10 के पार्षद गोपाल प्रसाद ने कहा कि सफाई कर्मियों को पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करने का निर्देश दिया गया है। मेला शुरू होने से पहले सभी प्रमुख स्थलों की सफाई व्यवस्था को और बेहतर किया जा रहा है।

दोनों पार्षदों ने कहा कि पितृपक्ष के दौरान बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों के गया पहुंचने की संभावना है। इसलिए सफाई और रोशनी की व्यवस्था को लेकर लगातार निरीक्षण जारी रहेगा। उन्होंने सफाई कर्मियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि मेला क्षेत्र को स्वच्छ रखने में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।