पितृपक्ष में सेवा शिविर का शुभारंभ: तीर्थयात्रियों के लिए निशुल्क शिविर का मंत्री श्रवण कुमार, बेलागंज विधायक मनोरमा देवी ने किया उद्घाटन

गया। पितृपक्ष मेला के अवसर पर गया शहर के तुलसी उद्यान, विष्णुपद मंदिर स्थित लखनपुरा मोड़ के समीप माता-पिता की पावन स्मृति में निशुल्क सेवा शिविर का शनिवार को शाम में शुभारंभ किया गया। शिविर का उद्घाटन बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार, बेलागंज विधायक मनोरमा देवी, युवा जदयू के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीतीश पटेल और नगर प्रखंड चंदौती की प्रमुख सुचिता रंजनी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इस दौरान अतिथियों ने शिविर में श्रद्धालुओं को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया और आयोजन की सराहना की।

शिविर में पितृपक्ष के दौरान गया पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों के लिए शुद्ध पेयजल, चाय और बिस्कुट सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं. आयोजकों ने बताया कि देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग अपने पूर्वजों का पिंडदान और तर्पण करने के लिए गयाजी पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसी उद्देश्य से सेवा शिविर का आयोजन किया गया है।

इस मौके पर बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि पितृपक्ष मेले में देश के कोने-कोने से लोग अपने पूर्वजों को याद करने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए गयाजी आते हैं। ऐसे समय में तीर्थयात्रियों की सेवा करना बहुत महत्वपूर्ण और पुण्य का कार्य है। उन्होंने कहा कि सतीश पटेल अपने माता-पिता की स्मृति में पिछले कई वर्षों से लगातार सेवा शिविर का आयोजन कर रहे हैं। यह केवल एक शिविर नहीं, बल्कि सेवा और श्रद्धा की भावना का उदाहरण है।

मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि जो लोग समाज की सेवा करते हैं और जरूरतमंदों एवं बाहर से आने वाले लोगों की मदद करते हैं, भगवान भी ऐसे लोगों का सहारा बनते हैं। उन्होंने कहा कि पितृपक्ष के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा करना अपने आप में बड़ी बात है। उन्होंने आयोजकों को इस पुनीत कार्य के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं तथा सेवा कार्य को आगे भी निरंतर जारी रखने की अपील की।

उन्होंने कहा कि गयाजी की धार्मिक और आध्यात्मिक पहचान पूरे देश में है। पितृपक्ष के दौरान यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर वातावरण और सुविधाएं उपलब्ध कराने में स्थानीय लोगों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए पेयजल एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सराहनीय प्रयास है। नगर प्रखंड चंदौती के उप प्रमुख सतीश पटेल ने बताया कि अपने माता-पिता की पावन स्मृति में इस निशुल्क सेवा शिविर का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों से अधिक समय से लगातार पितृपक्ष मेले में यह शिविर लगाया जा रहा है। इस दौरान हजारों की संख्या में गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल, चाय और बिस्कुट सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

उन्होंने कहा कि पितृपक्ष में लोग अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए गयाजी आते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सेवा कर उन्हें थोड़ी राहत देना ही शिविर का मुख्य उद्देश्य है। माता-पिता की स्मृति में शुरू किया गया यह सेवा कार्य लगातार आगे बढ़ रहा है और भविष्य में भी इसे जारी रखा जाएगा।

कार्यक्रम में बेलागंज विधायक मनोरमा देवी, युवा जदयू के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीतीश पटेल, नगर प्रखंड चंदौती की प्रमुख सुचिता रंजनी सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। अतिथियों ने सेवा शिविर में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं से भी बातचीत की और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। आयोजकों ने कहा कि पितृपक्ष के दौरान गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। माता-पिता की स्मृति में शुरू किया गया यह सेवा कार्य आने वाले वर्षों में भी निरंतर जारी रहेगा। इस मौके पर मौजूद लोगों ने भी सेवा शिविर की पहल की सराहना करते हुए इसे श्रद्धालुओं के लिए उपयोगी बताया।

सीता कुंड में पितृपक्ष श्रद्धालुओं के लिए जीडी पब्लिक स्कूल के द्वारा निःशुल्क सेवा शिविर शुरू, मंत्री दीपक प्रकाश ने किया उद्घाटन

15 दिनों तक मिलेगी फल से लेकर चिकित्सा व सहायता की सुविधा

गया। पितृपक्ष मेला के दौरान देश-विदेश से गया पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सेवा के उद्देश्य से गया शहर के सीता कुंड में जीडी पब्लिक स्कूल एवं इनर व्हील क्लब ऑफ गया सनराइज के संयुक्त तत्वावधान में निःशुल्क सेवा शिविर शुरू किया गया। शिविर का शुभारंभ बिहार सरकार के मंत्री दीपक प्रकाश और अतरी विधायक रोमित कुमार ने फीता काटकर किया। शिविर में श्रद्धालुओं को विभिन्न प्रकार की फल से लेकर दवाइयां की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

बिहार सरकार के मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि पितृपक्ष के दौरान गया जी में देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने पूर्वजों के पिंडदान और तर्पण के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सेवा करना गया के लोगों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सेवा शिविर के माध्यम से श्रद्धालुओं को आवश्यक सहयोग मिलना सराहनीय पहल है। उन्होंने आयोजकों को शिविर के सफल संचालन के लिए शुभकामनाएं दीं और गया के लोगों से अपील की कि पितृपक्ष के दौरान बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ सहयोग और अतिथि सत्कार की भावना रखें।

अतरी विधायक रोमित कुमार ने कहा कि पितृपक्ष के दौरान गया आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसके लिए सामाजिक संस्थाओं और स्थानीय लोगों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि निःशुल्क सेवा शिविर के माध्यम से जरूरतमंद पिंडदानियों को राहत मिलेगी। इस तरह के सेवा कार्य से गया की सकारात्मक पहचान देश-दुनिया में मजबूत होती है।

जीडी पब्लिक स्कूल के निदेशक धर्मशाही ने बताया कि उनके द्वारा पिताजी की याद में पिछले 15 वर्षों से लगातार पितृपक्ष के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा के लिए यह शिविर लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिविर केवल औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि पूरे 15 दिनों तक सुबह से शाम तक निरंतर सेवा उपलब्ध कराने का प्रयास रहता है। यहां श्रद्धालुओं के लिए बैठने की व्यवस्था, साबूदाना, केला, सेब, ग्लूकोज, नींबू पानी और ओआरएस जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। प्राथमिक उपचार के साथ आवश्यक दवाओं की व्यवस्था भी की गई है।

उन्होंने बताया कि इनर व्हील क्लब ऑफ गया सनराइज के सहयोग से प्रतिदिन डॉक्टर भी शिविर में अपनी सेवाएं देंगे। शिविर के माध्यम से पितृपक्ष में आने वाले श्रद्धालुओं को निःशुल्क सेवा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

बोधगया में सरकारी जमीन पर होटल निर्माण का आरोप, डीएम से जांच और अतिक्रमण हटाने की मांग; 4.54 एकड़ भूमि का मामला

गया। गया शहर के विष्णुपद रोड स्थित एक निजी होटल में बुधवार को सिविल एलोड्राम धंधवा के रहने वाले सतीश कुमार सिंहा और उनके वकील मदन तिवारी ने प्रेस वार्ता की गई। इस दौरान बोधगया स्थित होटल डेल्टा इंटरनेशनल के मालिक संजय कुमार सिंह पर बिहार सरकार की सरकारी/अनाबाद सर्व साधारण खाते की जमीन पर कथित रूप से अतिक्रमण कर होटल निर्माण एवं व्यावसायिक उपयोग किए जाने का आरोप लगाया गया। 

मामले को लेकर शिकायतकर्ता सतीश कुमार सिंहा ने गया के जिलाधिकारी, अंचल अधिकारी बोधगया, भूमि सुधार उपसहार्ता सदर गया, अपर समाहर्ता गया, मगध प्रमंडल आयुक्त, प्रभारी मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, मुख्यमंत्री बिहार और राज्यपाल को आवेदन देकर संबंधित सरकारी भूमि की राजस्व अभिलेख के आधार पर जांच, स्थल पर मापी और कथित अतिक्रमण हटाने की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि बोधगया थाना नंबर-359, अंचल बोधगया, जिला गया अंतर्गत मौजा बोधगया में खाता संख्या-1035 की जमीन में प्लॉट संख्या 742, रकबा 82 डिसमिल, प्लॉट संख्या 750, रकबा एक एकड़ 50 डिसमिल, प्लॉट संख्या 751, रकबा एक एकड़ 56 डिसमिल तथा प्लॉट संख्या 756, रकबा 66 डिसमिल भूमि सरकारी/अनाबाद सर्व साधारण खाते की बताई गई है। आवेदन के अनुसार इन जमीनों का कुल रकबा करीब 4.54 एकड़ है।

शिकायतकर्ता सतीश कुमार सिंहा का आरोप है कि उक्त सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर होटल का निर्माण किया गया है और भूमि का व्यावसायिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। आवेदन में कहा गया है कि इससे सरकारी भूमि का निजी व्यावसायिक हित में उपयोग होने के साथ आर्थिक लाभ अर्जित किए जाने की स्थिति बनी है।

प्रेस वार्ता में शिकायतकर्ता की ओर से कहा गया कि मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए सबसे पहले संबंधित भूमि के राजस्व अभिलेखों का सत्यापन कराया जाना चाहिए। इसके बाद अमीन के माध्यम से स्थल पर सीमांकन एवं मापी कराकर सरकारी जमीन का वास्तविक रकबा निर्धारित किया जाए। इसके आधार पर स्थल जांच रिपोर्ट और पंचनामा तैयार कराने की मांग की गई है।

आवेदन में बिहार सार्वजनिक भूमि अतिक्रमण अधिनियम, 1956 सहित अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने कहा है कि यदि जांच में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की पुष्टि होती है तो उसे तत्काल हटाकर जमीन को बिहार सरकार के वास्तविक कब्जे में लिया जाए। साथ ही भविष्य में दोबारा अतिक्रमण नहीं हो, इसके लिए भी आवश्यक व्यवस्था करने की मांग की गई है। इसके अलावा सरकारी जमीन पर हुए निर्माण और उसके व्यावसायिक उपयोग के संबंध में सक्षम प्राधिकारी से आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की गई है। शिकायत में सरकारी भूमि पर कब्जा कर व्यावसायिक लाभ अर्जित किए जाने के कारण सरकार को हुई संभावित क्षति और कथित रूप से अर्जित लाभ का नियमानुसार आकलन कर वसूली की कार्रवाई करने की बात भी कही गई है।

शिकायतकर्ता सतीश कुमार सिंहा ने यह भी मांग की है कि जांच के दौरान यदि किसी सरकारी पदाधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत अथवा लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही जांच पूरी होने तक सरकारी भूमि की वर्तमान स्थिति को सुरक्षित रखने और उस पर किसी प्रकार का नया निर्माण, विस्तार या भूमि के स्वरूप में परिवर्तन नहीं होने देने की मांग की गई है।

आवेदन की प्रतिलिपि बोधगया अंचलाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) सदर गया, अनुमंडल पदाधिकारी सदर गया, अपर समाहर्ता गया, आयुक्त मगध प्रमंडल, गया सहित राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और राज्य सरकार के संबंधित अधिकारियों को भी भेजे जाने का उल्लेख है। शिकायतकर्ता सतीश कुमार सिंहा ने जिलाधिकारी से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए राजस्व अभिलेख और स्थल की मापी के आधार पर निष्पक्ष जांच कराने तथा जांच के परिणाम से लिखित रूप से अवगत कराने का अनुरोध किया है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए प्रशासनिक स्तर पर राजस्व रिकॉर्ड और स्थल जांच महत्वपूर्ण होगी।

पितृपक्ष से पहले मेला क्षेत्र की सफाई पर पैनी नजर, दो पार्षदों ने लिया जायजा; कर्मियों से पूछा हाल

गया। पितृपक्ष मेला 2026 को लेकर गया नगर निगम की तैयारियां तेज हो गई हैं। बुधवार को नगर निगम के वार्ड नंबर 10 के पार्षद गोपाल प्रसाद और वार्ड नंबर 11 के पार्षद कुंदन पासवान ने एक साथ पितृपक्ष मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। दोनों पार्षदों ने सफाई, प्रकाश व्यवस्था समेत श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान दोनों पार्षदों ने मेला क्षेत्र में तैनात सफाई कर्मियों से मुलाकात की और सफाई व्यवस्था को लेकर उनका फीडबैक लिया। उन्होंने कर्मियों को निर्देश दिया कि मेला क्षेत्र में नियमित रूप से बेहतर साफ-सफाई की जाए और कहीं भी कचरा जमा नहीं होने दिया जाए। श्रद्धालुओं की आवाजाही वाले स्थानों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

वार्ड पार्षद कुंदन पासवान ने कहा कि पितृपक्ष मेला गया के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। देश-विदेश से श्रद्धालु यहां पिंडदान और तर्पण के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मेला क्षेत्र को स्वच्छ और व्यवस्थित रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसके लिए नगर निगम की ओर से लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है। वहीं वार्ड नंबर 10 के पार्षद गोपाल प्रसाद ने कहा कि सफाई कर्मियों को पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करने का निर्देश दिया गया है। मेला शुरू होने से पहले सभी प्रमुख स्थलों की सफाई व्यवस्था को और बेहतर किया जा रहा है।

दोनों पार्षदों ने कहा कि पितृपक्ष के दौरान बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों के गया पहुंचने की संभावना है। इसलिए सफाई और रोशनी की व्यवस्था को लेकर लगातार निरीक्षण जारी रहेगा। उन्होंने सफाई कर्मियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि मेला क्षेत्र को स्वच्छ रखने में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।

बिहार कुम्हार प्रजापति समन्वय समिति चुनाव परिणाम, मिली नई कमान: उदय प्रजापति अध्यक्ष, विकास कुमार सचिव और विनोद कुमार बने कोषाध्यक्ष

गया। गया शहर के बाईपास दांडीबाग स्थित प्रजापति भवन में रविवार को आयोजित बिहार कुम्हार प्रजापति समन्वय समिति, माड़नपुर का भव्य सम्मेलन सह चुनाव कार्यक्रम संपन्न हुआ। चुनाव के बाद सोमवार की सुबह 8 बजे नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के नामों की आधिकारिक घोषणा की गई। चुनाव आयुक्त मोहन प्रसाद की देखरेख में पूरी चुनाव प्रक्रिया कराई गई। परिणाम सामने आते ही समाज के लोगों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी और संगठन को मजबूत करने की बात कही। समिति के चुनाव में अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष के तीन-तीन प्रत्याशी मैदान में थे। तीनों पदों के लिए कुल नौ प्रत्याशियों ने अपना नामांकन दाखिल किया था। रविवार को सम्मेलन के दौरान मतदान कराया गया। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतों की गणना और अन्य चुनावी प्रक्रिया पूरी की गई। सोमवार सुबह चुनाव परिणाम घोषित किया गया। घोषित परिणाम के अनुसार अध्यक्ष पद पर उदय प्रजापति, सचिव पद पर विकास कुमार और कोषाध्यक्ष पद पर विनोद कुमार निर्वाचित हुए। परिणाम की घोषणा के बाद समर्थकों और समाज के लोगों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का स्वागत किया। इस दौरान प्रजापति भवन में समाज के लोगों के बीच उत्साह का माहौल रहा।

महिलाओं की भागीदारी रही खास

चुनाव की सबसे खास बात महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही। मतदान के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं ने पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। समिति से जुड़े लोगों ने कहा कि पहले की तुलना में अब समाज की महिलाएं सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियों में अधिक सक्रिय हो रही हैं। चुनाव में महिलाओं की भागीदारी को समाज में बढ़ती जागरूकता और महिला सशक्तिकरण से जोड़कर देखा गया। डॉक्टर प्रोफेसर सूरज देव चंद्रपाल ने कहा कि संगठन के चुनाव में महिलाओं का बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना इस बात का संकेत है कि महिलाएं अपने अधिकारों और समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर जागरूक हो रही हैं। आने वाले समय में संगठन की गतिविधियों में महिलाओं की भूमिका को और मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा।

सम्मेलन में उठीं समाज की कई मांगें

सम्मेलन के दौरान कुम्हार समाज की विभिन्न समस्याओं और मांगों पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने बिहार में माटी कला बोर्ड के गठन की मांग प्रमुखता से रखी। उनका कहना था कि मिट्टी से जुड़े कारीगरों और कुम्हारों की पारंपरिक कला को आधुनिक तकनीक और बाजार से जोड़ने की जरूरत है। इसके लिए सरकार को माटी कला बोर्ड का गठन कर कुम्हार समाज को प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने चाहिए। इसके अलावा कुम्हार समाज के लोगों को कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर कुम्हार परिवार पूंजी के अभाव में अपने पारंपरिक कारोबार को आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं। ऐसे परिवारों को आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे चाक, मिट्टी के बर्तन और अन्य माटी उत्पादों का कारोबार आधुनिक तरीके से कर सकें।

गया के कुम्हारों के लिए चाक और ऋण की मांग

सम्मेलन में गया जिले के गरीब कुम्हार परिवारों को आधुनिक चाक उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई। समाज के लोगों के अनुसार बड़ी संख्या में परिवार आज भी मिट्टी के बर्तन बनाने के पारंपरिक काम से जुड़े हैं। आधुनिक संसाधन और आर्थिक मदद मिलने से इस कारोबार को नया विस्तार मिल सकता है।

वक्ताओं ने कहा कि मिट्टी से बने बर्तनों के इस्तेमाल को भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इसके लिए सरकार को माटी कला से जुड़े उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और कुम्हारों को उद्यम के रूप में विकसित करने की दिशा में काम करना चाहिए।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन की चेतावनी

डॉक्टर प्रोफेसर सूरज देव चंद्रपाल ने कहा कि उनकी कई मांगें लंबे समय से सरकार के समक्ष रखी जाती रही हैं। कुछ मांगों पर काम हुआ है, लेकिन कई महत्वपूर्ण मांगें अभी भी लंबित हैं। यदि सरकार की ओर से इन मांगों पर ठोस पहल नहीं की गई तो संगठन आगे बैठक, धरना और प्रदर्शन के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद करेगा।

नवनिर्वाचित अध्यक्ष उदय प्रजापति, सचिव विकास कुमार और कोषाध्यक्ष विनोद कुमार ने समाज के लोगों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है, उसका पूरी ईमानदारी से निर्वहन करेंगे। समाज के लोगों को एकजुट कर उनकी समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता होगी। संगठन को मजबूत करने के साथ युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। चुनाव परिणाम घोषित होने के साथ ही प्रजापति समाज को नई कार्यकारिणी मिल गई है। अब समाज के लोगों की नजर नवनिर्वाचित पदाधिकारियों की ओर है कि वे संगठन की लंबित मांगों और समाज से जुड़े मुद्दों को किस तरह मजबूती से आगे बढ़ाते हैं।

इस मौके पर विनोद पंडित, कैलाश प्रजापति, नागेश्वर प्रजापति, द्वारका प्रजापति, छोटेलाल, रामप्रवेश प्रजापति, मोहन प्रसाद, मीना प्रजापति, धर्मेंद्र प्रजापति, इंदू प्रजापति, रेनू रानी, आरती कुमारी सहित कई सैकड़ो की संख्या में लोग मौजूद रहे.

मंगलम पेपर्स एंड कार्ड्स के नवीन कारखाने का भव्य शुभारंभ, मंत्री संतोष कुमार सुमन ने किया उद्घाटन, मगध क्षेत्र का इकलौता आधुनिक प्रिंटिंग

ग्राहकों को मिलेगी बेहतर गुणवत्ता और समयबद्ध सेवा

गयाजी। गया-बोधगया मार्ग स्थित बीआईएडीए औद्योगिक क्षेत्र, टेकुना फार्म में मंगलम पेपर्स एंड कार्ड्स के नवीन कारखाने का भव्य शुभारंभ हुआ। बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर नए कारखाने का उद्घाटन किया। मंगलम पेपर्स एंड कार्ड्स को मगध क्षेत्र का इकलौता ऐसा आधुनिक प्रिंटिंग एवं कार्ड्स निर्माण केंद्र बताया गया, जहां अत्याधुनिक मशीनों और तकनीक के माध्यम से विभिन्न प्रकार के प्रिंटिंग कार्य किए जाएंगे। इस अवसर पर अतिथियों और गणमान्य लोगों ने संस्थान के नए परिसर का जायजा लिया तथा संचालकों को शुभकामनाएं दीं।

समारोह में मंगलम पेपर्स एंड कार्ड्स के प्रोपराइटर कुमार नीरज व संदीप कुमार सिन्हा ने मुख्य अतिथि मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन का बुके एवं अंगवस्त्र देकर स्वागत किया। इस मौके पर प्रोपराइटर कुमार नीरज, संदीप कुमार की माता सुशीला बाला अम्बष्ट, बिना प्रसाद, कुमार अंकित, सुमित राज, सुधांशु राज सहित परिवार के सदस्य, शुभचिंतक और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

जिलाधिकारी डॉ. शशांक शुभंकर ने भी मंगलम पेपर्स एंड कार्ड्स के नवीन कारखाने के शुभारंभ पर शुभकामना संदेश देकर प्रोपराइटर एवं पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने संस्थान के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए नई तकनीक के साथ प्रिंटिंग क्षेत्र में बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कहा कि गया में आधुनिक तकनीक और नई सुविधाओं के साथ किसी उद्योग का विस्तार होना क्षेत्र के लिए सकारात्मक पहल है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रिंटिंग उद्योग को बढ़ावा मिलेगा तथा रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि उद्यमियों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है। नई तकनीक को अपनाकर उद्योग और व्यवसाय को अधिक प्रतिस्पर्धी एवं बेहतर बनाया जा सकता है।

मंगलम पेपर्स एंड कार्ड्स के प्रोपराइटर संदीप कुमार सिन्हा ने बताया कि नवीन कारखाने में आधुनिक मशीनों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली प्रिंटिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। संस्थान में नोटबुक एवं रजिस्टर, बुक एवं मैगजीन, ब्रोशर, लीफलेट, लेटरहेड, लिफाफे, पैकेजिंग बॉक्स, स्टिकर-लेबल, वेडिंग कार्ड, वॉल एवं टेबल कैलेंडर, पोस्टर-बैनर समेत विभिन्न प्रकार के प्रिंटिंग कार्य किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि आधुनिक मशीनरी और तकनीक के माध्यम से ग्राहकों को बेहतर गुणवत्ता के साथ समय पर प्रिंटिंग सेवा उपलब्ध कराना संस्थान की प्राथमिकता है। बदलते समय और ग्राहकों की जरूरतों के अनुरूप प्रिंटिंग क्षेत्र में नई सुविधाओं को लगातार शामिल किया जाएगा।

संदीप कुमार सिन्हा ने उद्घाटन समारोह में पहुंचे अतिथियों, शुभचिंतकों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग और आशीर्वाद से मंगलम पेपर्स एंड कार्ड्स को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास किया जाएगा।

समारोह में अतरी विधायक रोमित कुमार, टिकारी विधायक अजय दांगी, गया नगर निगम के मेयर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान, पूर्व डिप्टी मेयर अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव, जिला परिषद अध्यक्ष नैना कुमारी, जिप उपाध्यक्ष शीतल प्रसाद यादव, राजद नेता विश्वनाथ यादव सहित बड़ी संख्या में अतिथि, व्यवसायी, शुभचिंतक एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।

यूथ बोले तो’ में युवाओं से रूबरू होंगे चिराग पासवान

गया: लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की ओर से 24 सितंबर को पटना के वेटनरी कॉलेज खेल मैदान में ‘यूथ बोले तो’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

कार्यक्रम में चिराग पासवान बिहार के युवाओं से शिक्षा, रोजगार, सामाजिक मुद्दों सहित युवाओं से जुड़े विभिन्न समसामयिक विषयों पर सीधे संवाद करेंगे। संवाद के दौरान युवाओं को अपनी समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं रखने का अवसर मिलेगा।

लोजपा (रामविलास) के प्रदेश सचिव पंकज सिंह ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और समस्याओं को समझना तथा उनकी बात को उचित मंच उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज और उनके विचारों को सामने लाने के लिए इस तरह का संवाद महत्वपूर्ण है।

लोजपा नेता पंकज सिंह ने बिहार के युवाओं से अपील की कि वे 24 सितंबर को अधिक से अधिक संख्या में पटना के वेटनरी कॉलेज खेल मैदान पहुंचकर ‘यूथ बोले तो’ कार्यक्रम में भाग लें और इसे सफल बनाएं।

कुम्हार समाज की राजनीतिक भागीदारी और हक की हुंकार, 20 सितंबर को गया में जुटेंगे समाज के लोग, होगा महासम्मेलन एवं चुनाव का आयोजन

गया। बिहार कुम्हार (प्रजापति) समन्वय समिति, दक्षिणी क्षेत्र माडनपुर , गया जी के तत्वावधान में आगामी 20 सितंबर 2026, रविवार को प्रजापति धर्मशाला दडीबागा में महासम्मेलन एवं चुनाव का आयोजन किया जाएगा। सम्मेलन की शुरुआत सुबह 10 बजे उद्घाटन समारोह के साथ होगी। इसके बाद सचिव द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा तथा सुबह 11 बजे मुख्य अतिथियों एवं वक्ताओं का संबोधन होगा।

जिसको लेकर समाज के लोगों में जाकर जागरूकता अभियान चलाया गया और महासम्मेलन में शामिल होने के लिए लोगों से बढ़- चढ़कर शामिल होने की अपील भी की गई. समाज के सचिव डॉ0 सूरज देव चंद्रपाल ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि कुम्हार समाज को सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक एवं राजनीतिक रूप से जागरूक और मजबूत बनाने के उद्देश्य से लगातार संगठनात्मक प्रयास किए जा रहे हैं।

पंचायत से लेकर प्रखंड स्तर तक संगठन को मजबूत करने तथा समाज के उत्थान के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने पर जोर दिया गया है। समिति ने कहा कि जाति आधारित जनगणना रिपोर्ट-2022 के अनुसार बिहार में कुम्हार समाज की आबादी करीब 22 लाख बताई गई है, जो राज्य की कुल आबादी का लगभग 1.50 प्रतिशत है। इसके बावजूद समाज को राजनीतिक स्तर पर अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है। समिति का कहना है कि लोकसभा, विधानसभा और अन्य राजनीतिक संस्थाओं में कुम्हार समाज की पर्याप्त भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए।

महासम्मेलन में सरकार के समक्ष कई प्रमुख मांगें भी रखी जाएंगी। इनमें जनसंख्या के अनुपात में राजनीतिक हिस्सेदारी, कुम्हार समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करना, माटी कला बोर्ड की स्थापना, मिट्टी-बालू एवं जलावन को निःशुल्क मुहैया कराना तथा कुम्हारों को रोजगार बढ़ाने के लिए ऋण उपलब्ध कराना प्रमुख हैं। इसके अलावा बचे हुए कुम्हारों को बिजली चालित चाक उपलब्ध कराने के साथ ऋण देने की मांग भी उठाई जाएगी।

दोपहर 2 बजे से 2:30 बजे तक भोजन के बाद दोपहर 2:30 बजे से चुनाव कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। समिति ने प्रजापति समाज के लोगों से बड़ी संख्या में सम्मेलन में शामिल होकर इसे सफल बनाने की अपील की है। सम्मेलन का संदेश स्पष्ट है—“कुम्हारों का नारा भीख नहीं, हिस्सेदारी चाहिए; सत्ता में कुम्हारों की राजनीतिक भागीदारी चाहिए; एक ही लक्ष्य-कुम्हारों का सर्वांगीण विकास।”

गया में इंफ्रा बिल्ट एक्सपो-2026 का भव्य शुभारंभ, मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने फीता काटकर किया उद्घाटन

गया। गया जी आर्किटेक्ट्स एंड इंजीनियरिंग एसोसिएशन की ओर से गया शहर के रामपुर स्थित एक निजी होटल में सोमवार को दो दिवसीय ‘इंफ्रा बिल्ट एक्सपो-2026’ का सोमवार को भव्य शुभारंभ हुआ। बिहार सरकार के कृषि मंत्री सह गया जिले के प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने फीता काटकर एक्सपो का उद्घाटन किया। इसके बाद अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि यह एक्सपो विरासत और विकास को नई सोच से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि आधुनिक वास्तुकला, बेहतर निर्माण तकनीक और सीमित संसाधनों के बेहतर उपयोग से गया को नया स्वरूप दिया जा सकता है। गया सनातन संस्कृति, ज्ञान और मोक्ष की धरती है, ऐसे में शहर को आधुनिक और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ने में आर्किटेक्ट्स और इंजीनियरों की भूमिका अहम है।

एक्सपो में भवन निर्माण सामग्री और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी विभिन्न कंपनियों ने स्टॉल लगाए हैं। यहां नई तकनीक, निर्माण सामग्री और उत्पादों की जानकारी लोगों को दी जा रही है। कार्यक्रम में एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय कुमार सिन्हा, सदस्य मनीष कुमार, प्रशांत सिन्हा, विजय कुमार सिन्हा, सुनील कुमार शर्मा, रजनीश सिन्हा शशि कुमार, अभय त्यागी सुशील सिन्हा, संतोष कुमार सिन्हा समेत बड़ी संख्या में बिल्डर, आर्किटेक्ट, इंजीनियर और व्यवसायी मौजूद रहे।

सुहाग की सलामती के लिए महिलाओं ने रखा हरितालिका तीज व्रत, सामूहिक तीज मनाने की परंपरा, मेहंदी और सोलह शृंगार से सजी महिलाओं

गया। हरियाली तीज की उमंग, सुहागिनों की आस्था और हर-हर महादेव के जयघोष से ढोलकिया गली का माहौल भक्तिमय हो उठा। मौका था हरितालिका तीज पर्व का, जब बड़ी संख्या में महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु, सुख-शांति, समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना की। सामूहिक पूजा और महिलाओं के उत्साह ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।

ढोलकिया गली में पिछले करीब 12 से 15 वर्षों से सामूहिक रूप से तीज पर्व मनाने की परंपरा चली आ रही है। इस वर्ष भी इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए बड़ी संख्या में महिलाएं एकत्रित हुईं और पूरे उत्साह एवं श्रद्धा के साथ तीज का व्रत रखा। सुबह से ही महिलाओं में पर्व को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। घरों में पूजा की तैयारियां होती रहीं और महिलाएं मेहंदी, शृंगार तथा पारंपरिक परिधानों में सजकर आयोजन में शामिल हुईं।

राखी अग्रवाल ने बताया कि तीज पर्व का संबंध माता पार्वती की कठिन तपस्या और भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने की आस्था से जुड़ा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। इसी आस्था और परंपरा के तहत सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना को लेकर निर्जला व्रत रखती हैं।

उन्होंने बताया कि तीज की तैयारी कई दिन पहले से ही शुरू हो जाती है। महिलाएं पर्व को लेकर विशेष रूप से मेहंदी लगाती हैं और सोलह शृंगार करती हैं। घरों में भी पर्व की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। तीज पर्व की शुरुआत ‘नहाय-खाय’ से होती है। इस दिन सात्विक भोजन तैयार किया जाता है, जिसमें प्याज और लहसुन का इस्तेमाल नहीं किया जाता। इसके बाद महिलाएं निर्जला उपवास रखती हैं और पूरे दिन बिना अन्न और जल ग्रहण किए भगवान शिव एवं माता पार्वती की आराधना करती हैं। शाम के समय महिलाओं ने एकत्रित होकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की। पूजा के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक विधि-विधान के साथ पूजन सामग्री अर्पित की और अपने परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। पूजा के बाद रात में जागरण का भी आयोजन किया गया। इस दौरान भक्ति गीतों और धार्मिक वातावरण के बीच महिलाओं ने तीज पर्व की खुशियां साझा कीं।

शिक्षिका के रूप में कार्यरत एक महिला ने बताया कि वह भी लंबे समय से संजू अग्रवाल के घर पर आयोजित होने वाले तीज पर्व में शामिल होती आ रही हैं। उन्होंने कहा कि सामूहिक रूप से तीज मनाने का आनंद ही अलग होता है। जब बड़ी संख्या में महिलाएं एक साथ पूजा करती हैं तो माहौल में श्रद्धा के साथ-साथ उत्साह और अपनापन भी देखने को मिलता है। महिलाओं के बीच प्रेम, भाईचारा और आपसी सहयोग की भावना इस आयोजन की सबसे बड़ी खूबसूरती है।

महिलाओं ने कहा कि तीज केवल व्रत और पूजा का पर्व नहीं, बल्कि हमारी परंपरा, संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों से जुड़ा महत्वपूर्ण त्योहार है। इस अवसर पर वे अपने पति की लंबी आयु, ऐश्वर्य, सुख-शांति और समृद्धि की कामना करने के साथ-साथ आसपास के सभी परिवारों के सुखी और समृद्ध जीवन की भी प्रार्थना करती हैं।

पिछले एक दशक से अधिक समय से जारी इस सामूहिक परंपरा को लेकर महिलाओं में खास उत्साह है। उनका कहना है कि आने वाली पीढ़ियां भी इस परंपरा से जुड़ें और तीज का पर्व इसी प्रेम, श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता रहे, यही उनकी कामना है। पूजा-अर्चना के दौरान महिलाओं ने भगवान शिव और माता पार्वती से सभी परिवारों पर सुख-समृद्धि, शांति और सौभाग्य बनाए रखने की प्रार्थना की। अंत में पूरे उत्साह के साथ “हर-हर महादेव” और “भोले बाबा का आशीर्वाद सभी पर बना रहे” के जयघोष से वातावरण गूंज उठा।

इस मौके पर राखी अग्रवाल, संजू देवी, विरजा अग्रवाल, रंजू अग्रवाल, प्रियंका अग्रवाल, रूपा देवी, संगीता अग्रवाल, कविता अग्रवाल, अनिता अग्रवाल, बिंदु देवी, मनोरमा देवी, कृष्णा देवी, सविता अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।