जिलाधिकारी द्वारा चीनी मिल के रिपेयर एवं मेन्टीनेन्स कार्यों का किया गया निरीक्षण, समय से कार्य पूर्ण कराने के दिये गये निर्देश।*
चीनी मिल के पेराई सत्र 2026-27 की तैयारियों की जिलाधिकारी महोदय ने की समीक्षा*

सुलतानपुर,जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में प्रबन्ध कमेटी की बैठक चीनी मिल के प्रशासनिक भवन में आयोजित की गयी। बैठक में जिलाधिकारी महोदय द्वारा आगामी पेराई सत्र 2026-27 को दृष्टिगत रखते हुए चीनी मिल के रिपेयर एवं मेन्टीनेन्स कार्यों सहित मिल के संचालन से सम्बन्धित तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गयी। बैठक में चीनी मिल को पुनः संचालित कराये जाने के प्रयासों, गत वित्तीय वर्ष एवं वर्तमान वित्तीय वर्ष से सम्बन्धित आय-व्यय एवं लेखा विवरण प्रस्तुत किये जाने तथा आवश्यक कार्यवाही के सम्बन्ध में विचार-विमर्श किया गया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिलाधिकारी महोदय द्वारा चीनी मिल परिसर में चल रहे रिपेयर एवं मेन्टीनेन्स कार्यों का निरीक्षण किया गया। उन्होंने मिल के विभिन्न खण्डों, पावर हाउस, बॉयलिंग हाउस, टरबाइन एवं मिल हाउस का स्थलीय निरीक्षण कर सम्बन्धित अधिकारियों से कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। जिलाधिकारी महोदय ने रिपेयर एवं मेन्टीनेन्स के अवशेष कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिये, ताकि आगामी पेराई सत्र के संचालन में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। तत्पश्चात जिलाधिकारी प्रशासनिक भवन पहुंचे, जहां संचालक मण्डल के सदस्यों एवं मिल अधिकारियों की उपस्थिति में प्रबन्ध कमेटी की बैठक में विभिन्न बिन्दुओं की क्रमवार समीक्षा की गयी। बैठक में विगत प्रबन्ध कमेटी की बैठक में हुई कार्यवाही की पुष्टि की गयी। साथ ही चीनी मिल को पुनः संचालित कराने के लिए आवश्यक तैयारियों एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये। बैठक में मिल परिसर में सेवानिवृत्त कर्मचारियों द्वारा अनाधिकृत रूप से उपयोग किये जा रहे आवासों को नियमानुसार खाली कराने, चीनी मिल कैम्पस की जर्जर सड़कों के पुनर्निर्माण, मिल गन्ना फार्म एवं यार्ड की बाउण्ड्रीवाल के सम्बन्ध में भी विचार-विमर्श किया गया। जिलाधिकारी महोदय द्वारा मिल की परिसम्पत्तियों एवं व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रखने तथा आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराने पर जोर दिया गया। बैठक में किसी नवीन प्रस्ताव पर निर्णय/पारित प्रस्ताव नहीं किया गया। आवश्यक बिन्दुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श के उपरान्त सम्बन्धित अभिलेख एवं विवरण प्रस्तुत किये जाने तथा आगामी बैठक आयोजित कर शेष बिन्दुओं पर नियमानुसार कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये गये। बैठक के अन्त में मिल के प्रधान प्रबन्धक विनीत उपाध्याय ने उपस्थित अतिथियों एवं संचालक मण्डल के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सदर, बैठक की उपसभापति , जिला गन्ना अधिकारी सहित संचालक मण्डल के सदस्यगण एवं चीनी मिल के सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।
*सुल्तानपुर में DJ पर प्रशासन सख्त - DM ने जारी की एडवाइजरी, पुलिस ने दर्ज की FIR*
सुल्तानपुर में तेज आवाज में डीजे बजाने वालों पर अब प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने डीजे संचालकों को सख्त हिदायत देते हुए एडवाइजरी जारी की है, तो वहीं कोतवाली नगर पुलिस ने मानकों का उल्लंघन करने वाले डीजे संचालकों के खिलाफ FIR भी दर्ज की है। दरअसल पिछले दिनों शहर में तेज आवाज में ट्विटर हॉर्न और बेस के साथ डीजे प्रतियोगिताएं हुई थीं, जिसको लेकर समाजसेवी संस्थाओं ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी। इस पर जिलाधिकारी ने बताया कि डीजे को लेकर सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और शासन की गाइडलाइन स्पष्ट है। तेज बेस और वाइब्रेशन से हार्ट और कानों पर बुरा असर पड़ता है, बुजुर्गों के लिए घातक है और पुरानी बिल्डिंगों को भी खतरा है। आने वाली पीढ़ी को फिट रखना है, इसलिए तय लिमिट में ही डीजे बजाएं। वहीं इस पूरे मामले में सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि कोतवाली नगर क्षेत्र में मानकों के विपरीत डीजे बजाने वाले संचालकों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कोतवाली नगर थाने में मुकदमा पंजीकृत किया गया है और विधिक कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल प्रशासन ने साफ कर दिया है कि त्योहारों के सीजन में डीजे संचालकों को सरकार द्वारा तय की गई साउंड लिमिट का पालन करना ही होगा, नहीं तो सख्त कार्रवाई होगी।
*‘नमामि भारतम्’-वन्दे मातरम् के150वें वर्ष पर सरस्वती विद्या मंदिर विवेकानंद नगर सहित पूरे जनपद में गूंज उठा राष्ट्र स्वर*
सुलतानपुर,महाराज कुश की पावन ऐतिहासिक धरती सुलतानपुर भारत की राष्ट्रीय चेतना, स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा और मातृभूमि के प्रति श्रद्धा के अमर गीत ‘वन्दे मातरम्’ के सामूहिक गान से गुंजायमान हो उठी। राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान,नई दिल्ली के मार्गदर्शन में देशव्यापी सामूहिक गायन कार्यक्रम ‘नमामि भारतम्’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के जिला संयोजक बाल कल्याण समिति सुलतानपुर के अध्यक्ष एवं उत्तरप्रदेश शिक्षा सेवा चयन बोर्ड सदस्य डॉ विनोद कुमार सिंह के नेतृत्त्व में उक्त कार्यक्रम का आयोजन जनपद के अनेक विद्यालयों में किया गया। शिक्षा क्षेत्र में अग्रणी,नगर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ज्ञानकुंज विवेकानंद नगर सुलतानपुर के प्रांगण में हजारों छात्र,अभिभावक, एवं अन्य सामाजिक संगठनों से जुडे नागरिक राष्ट्रगीत के सामूहिक गान कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस सफल ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी मुख्य अतिथि विभाग प्रचारक सुलतानपुर विभाग स्वयं उपस्थित रहे। विद्यालय के प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने विद्यालय परिवार की ओर से उनका हार्दिक अभिनंदन किया.मुख्य अतिथि विभाग प्रचारक श्री प्रकाश ने भारतमाता के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सामूहिक गायन तक सीमित न होकर नई पीढ़ी को ‘वन्दे मातरम्’ की ऐतिहासिक यात्रा, उसके राष्ट्रीय महत्व और स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणादायी विरासत से जोड़ना है। आज ‘जन गण मन’ राष्ट्रीय गान और ‘वन्दे मातरम्’ राष्ट्रीय गीत के रूप में भारत की राष्ट्रीय पहचान के महत्वपूर्ण प्रतीक हैं। यद्यपि इसके 2 छंद ही स्वीकार किए गए थे, परन्तु इसके 150 वर्ष पूर्ण होने पर पूर्ण वन्दे मातरम् (6 छंद) को अपनाया जाना अत्यधिक गौरव की अनुभूति कराता है। विद्याभारती के तत्त्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम ‘नमामि भारतम्’ के माध्यम से देश के विद्यालयों, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक सहभागिता के केंद्रों को एक सूत्र में जोड़ते हुए राष्ट्रभाव को मजबूत करने वाला है,जो मातृभूमि के प्रति श्रद्धा, सांस्कृतिक एकात्मता और राष्ट्रीय चेतना की अभिव्यक्त को जगाने वाला है। जिला संयोजक डॉ विनोद कुमार सिंह ने जनपद के विभिन्न स्थानों पर एक साथ सम्पन्न होने वाले सामूहिक गायन को ऐतिहासिक बताया। उन्होने वन्दे मातरम् की ऐतिहासिक यात्रा को महत्त्वपूर्ण बताते हुए इसके सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की। कार्यक्रम के सह संयोजक डाक्टर पवन सिंह ने कहा कि ‘नमामि भारतम्’ का एक प्रमुख उद्देश्य यह है कि आज का विद्यार्थी ‘वन्दे मातरम्’ को केवल एक गीत के रूप में न जाने, बल्कि उसके पीछे निहित स्वतंत्रता, आत्मसम्मान, मातृभूमि-प्रेम, त्याग, एकता और राष्ट्रीय चेतना के इतिहास को भी समझे। इसी कडी में कार्यक्रम के जिला सह संयोजक प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने उपस्थित जनसमूह को ‘वन्दे मातरम्’ की रचना, स्वतंत्रता आंदोलन में उसकी भूमिका तथा राष्ट्रीय गीत के रूप में उसके महत्व से परिचित कराया। उन्होने कहा कि वंदेमातरम के इतिहास का अध्ययन कराकर वर्तमान पीढ़ी को राष्ट्रीय एवं सांस्कृतिक चेतना से जोड़ा जाएगा। 25 सितम्बर को निर्धारित समय पर जब एक साथ ‘वन्दे मातरम्’ का स्वर गूंज उठा , तब मानो यह आयोजन भारत की भौगोलिक, भाषाई और सांस्कृतिक विविधता के मध्य विद्यमान एकात्मता का व्यापक प्रतीक बन गया। हजारों विद्यार्थियों , अभिभावकों , शिक्षको और नागरिकों ने एक ही समय पर एक ही राष्ट्रीय गीत का सामूहिक गायन किया। यह रोमांचक दृश्य इस विचार को अभिव्यक्त कर रहा था कि भारत की शक्ति उसकी विविधता के साथ-साथ उसकी सांस्कृतिक एकात्मता में भी निहित है। विपरीत मौसम परिस्थितियों में भी राष्ट्र गीत प्रति समर्पण भाव की पराकाष्ठा दिखाई दी।राष्ट्रभक्त का ज्वार उमड रहा था.आज सम्पन्न हुए कार्यक्रम में कुल 6313 छात्र, शिक्षक, अभिभावक एवं समाज के अन्य लोग सम्मिलित हुए। सबके मन में यह विश्वास स्वत: दृढ हो गया कि ‘नमामि भारतम्’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और स्वतंत्रता संग्राम की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का राष्ट्रव्यापी जन-सहभागिता अभियान बन गया है। कार्यक्रम के माध्यम से करोडो भारत वासियों को यह संदेश दिया गया कि राष्ट्र केवल भौगोलिक सीमा का नाम नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति, परंपरा, त्याग, संघर्ष और करोड़ों देशवासियों की सामूहिक चेतना से निर्मित एक जीवंत भाव है।
*जिलाधिकारी, सुलतानपुर की ओर से जनपदवासियों हेतु महत्वपूर्ण एडवाइजरी*
*भारी वर्षा एवं गणेश प्रतिमा विसर्जन के दृष्टिगत सावधानी बरतने की अपील*

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा दिनांक *25 एवं 26 सितंबर, 2026 को जनपद

सुलतानपुर सहित क्षेत्र में भारी वर्षा के दृष्टिगत ऑरेंज अलर्ट* जारी किया गया है। साथ ही, गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान नदियों, तालाबों, पोखरों एवं अन्य जलाशयों के आसपास बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के एकत्र होने की संभावना को देखते हुए जलजनित दुर्घटनाओं एवं डूबने की घटनाओं से बचाव हेतु विशेष सावधानी आवश्यक है।

*जनपदवासियों से विशेष अपील*

1 . *गणेश प्रतिमा विसर्जन केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित एवं सुरक्षित विसर्जन स्थलों पर ही करें।* असुरक्षित अथवा तेज बहाव वाले स्थानों पर विसर्जन न करें।

2. * नदी, नाले, तालाब एवं अन्य जलाशयों में जलस्तर बढ़ने, तेज बहाव अथवा अत्यधिक वर्षा की स्थिति में प्रवेश न करें।* विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों एवं तैरना न जानने वाले व्यक्तियों को पानी के पास न जाने दें।

3. भारी वर्षा अथवा जलस्तर में अचानक वृद्धि होने पर *विसर्जन गतिविधियों को तत्काल रोकने के प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें।*

4. विसर्जन स्थलों पर लगाए गए *बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत, प्रकाश व्यवस्था एवं सुरक्षित आवागमन मार्ग* का ही प्रयोग करें।

5. किसी भी व्यक्ति द्वारा *बिना प्रशिक्षण एवं आवश्यक सुरक्षा उपकरण के पानी में उतरकर बचाव कार्य करने का प्रयास न किया जाए।* किसी दुर्घटना की स्थिति में तत्काल पुलिस/प्रशासन एवं प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें।

6. विसर्जन स्थलों पर तैनात पुलिस, फायर एवं इमरजेंसी सर्विसेज, बाढ़ PAC/अन्य बचाव दल तथा स्वास्थ्य विभाग के कार्मिकों के निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें।

7. प्रशासन द्वारा जलस्तर, वर्षा एवं मौसम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। परिस्थितियों के अनुसार *प्रवेश, विसर्जन अथवा अन्य गतिविधियों को प्रतिबंधित/स्थगित किया जा सकता है।*

8. भीड़भाड़ से बचने के लिए प्रशासन द्वारा निर्धारित *आवागमन, पार्किंग एवं विसर्जन व्यवस्था* का पालन करें तथा किसी भी स्थान पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं।

9. किसी आपात स्थिति, डूबने की घटना अथवा व्यक्ति के लापता होने की स्थिति में *तत्काल निकटतम पुलिस/प्रशासनिक अधिकारी को सूचना दें।*

10. मौसम संबंधी चेतावनियों एवं प्रशासनिक सूचनाओं के लिए *आधिकारिक माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं पर ही भरोसा करें।*

*जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की है कि भारी वर्षा के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें, नदी/तालाब एवं अन्य जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें तथा प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का सहयोगपूर्वक पालन करें।*

*“सावधानी ही सुरक्षा है—सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।”* *— जिलाधिकारी, सुलतानपुर*
सुल्तानपुर: खानकाह कादरिया में 76वां सालाना उर्स 25 से 28 सितंबर तक, चार दिनों तक होंगे विभिन्न कार्यक्रम गोसाईगंज।*
सुल्तानपुर जिले के गोसाईगंज स्थित खानकाह कादरिया दरगाह हजरत महबूब आरिफैन गौसाबाद शरीफ में 76वां सालाना उर्स आयोजित किया जा रहा है। उर्स को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। चार दिनों तक धार्मिक एवं सूफियाना कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के अनुसार 25 सितंबर, शुक्रवार को कादरिया तरही मुशायरा होगा। 26 सितंबर, शनिवार को महफिल-ए-वअज़ का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद 27 सितंबर, रविवार को महफिल-ए-समा में सूफियाना कव्वाली होगी। उर्स के अंतिम दिन 28 सितंबर, सोमवार को महफिल-ए-मुबारकबाद का आयोजन किया जाएगा।
आयोजकों की ओर से जायरीनों एवं अकीदतमंदों से उर्स में शामिल होकर कार्यक्रमों में शिरकत करने की अपील की गई है। स्थान: खानकाह कादरिया, दरगाह हजरत महबूब आरिफैन, गौसाबाद शरीफ, गोसाईगंज, सुल्तानपुर।
बीएसए से मिले 'सुलतानपुर सुपर किंग्स' के खिलाड़ी, कौशाम्बी टूर्नामेंट के लिए मिलीं शुभकामनाएं*
सुलतानपुर,बेसिक शिक्षा विभाग के अध्यापकों की क्रिकेट टीम 'सुलतानपुर सुपर किंग्स' ने आगामी टूर्नामेंट के मद्देनजर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता से मुलाकात की। टीम के कप्तान शरद त्रिपाठी के नेतृत्व में प्रतीक मिश्रा और अनुपम द्विवेदी ,प्रदीप यादव,अभिनव सिंह ,आलोक पाठक,अनुराग सिंह,श्री प्रकाश ,आशीष तिवारी,अमित यादव,द्विजेंद्र वर्मा,मनदीप पाण्डेय,दिवाकर दुबे,धर्मेंद्र यादव और टीम मेंटर रितेश त्रिपाठी सहित अन्य शिक्षकों ने बीएसए से भेंट कर आगामी खेल रणनीतियों पर चर्चा की। जनपद कौशाम्बी में आगामी क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें सुलतानपुर की यह विभागीय टीम हिस्सा लेने जा रही है।

गौरतलब है कि पिछले टूर्नामेंट में सुलतानपुर की टीम ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए उपविजेता का खिताब अपने नाम किया था। इस बार टीम पूरे जोश के साथ विजेता बनने के लक्ष्य से मैदान में उतरेगी। इस अवसर पर बीएसए ने टीम के पिछले शानदार प्रदर्शन की सराहना की और आगामी कौशाम्बी टूर्नामेंट में जीत दर्ज करने के लिए 'सुलतानपुर सुपर किंग्स' को अपनी शुभकामनाएं दीं। इस खास मौके पर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री राहुल राष्ट्रवादी भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे और उन्होंने सभी शिक्षक-खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया।
जनपद सुलतानपुर में भारी वर्षा एवं खराब मौसम के दृष्टिगत जनपदवासियों से सतर्क रहने की अपील*
भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान एवं चेतावनी के दृष्टिगत जनपद सुलतानपुर में आगामी दिनों में भारी वर्षा,गरज-चमक,वज्रपात तथा तेज हवाओं की संभावना व्यक्त की गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 25 एवं 26 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है। सुलतानपुर जनपद को भी इस अवधि में प्रभावित जिलों में शामिल किया गया है।

जिलाधिकारी सुलतानपुर ने जनपदवासियों से अपील की है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहें, लेकिन किसी प्रकार की अफवाह अथवा भ्रामक सूचना पर विश्वास कर घबराने की आवश्यकता नहीं है।

प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा संबंधित विभागों एवं तहसील स्तर के अधिकारियों को आवश्यक सावधानियां बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि—
अनावश्यक रूप से खराब मौसम के दौरान घर से बाहर निकलने एवं यात्रा करने से बचें। तेज बारिश एवं गरज-चमक के दौरान सुरक्षित एवं पक्के भवन में रहें।
वज्रपात के समय पेड़, बिजली के खंभे, खुले मैदान एवं जलाशयों के पास न जाएं।
निचले एवं जलभराव वाले क्षेत्रों, नालों तथा नदी-नालों के आसपास जाने से बचें।
जलमग्न सड़कों, पुलों एवं रपटों को पार करने का प्रयास न करें।
तेज हवाओं के दौरान कमजोर भवनों, कच्ची दीवारों एवं अस्थायी संरचनाओं से दूर रहें।
किसान भाई खेतों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था रखें तथा मौसम सामान्य होने तक आवश्यक सावधानी बरतें।
बच्चों, बुजुर्गों तथा पशुधन की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की है कि मौसम संबंधी सही एवं अद्यतन जानकारी के लिए केवल अधिकृत सरकारी स्रोतों पर ही भरोसा करें।*
मौसम संबंधी चेतावनियों एवं स्थानीय स्तर की जानकारी प्राप्त करने के लिए *‘सचेत (SACHET) ऐप’* का प्रयोग करें तथा समय-समय पर जारी होने वाली चेतावनियों को गंभीरता से लें। प्रशासन द्वारा जनपद में मौसम की स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक स्थानीय प्रशासन/संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचना दें।
जिलाधिकारी सुलतानपुर ने कहा कि सावधानी और सतर्कता ही सुरक्षा का सबसे प्रभावी उपाय है। जनपदवासी शांत रहें, अफवाहों से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।*
देवी-देवताओं के भेष में नृत्य, जनसमस्याओं को लेकर सौंपा ज्ञापन*
सुल्तानपुर,कटका क्लब सामाजिक संस्था ने देवी-देवताओं का भेष धारण कर नृत्य किए जाने, दुर्गापूजा में देवी-देवताओं की झांकियों, जनपद में विद्युत कटौती और कूरेभार क्षेत्र के फूलपुर गांव में क्षतिग्रस्त लिंक मार्ग की मरम्मत की मांग को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट प्रीति जैन एवं नगर सीओ राघवेंद्र सिंह को लिखित ज्ञापन सौंपा। कार्यक्रम की अगुवाई मिशन जारी टीम के मनोज कुमार विश्वकर्मा ने की। कटका क्लब के अध्यक्ष डॉ. सौरभ मिश्र ‘विनम्र’ ने कहा कि देवी-देवताओं का भेष धारण कर नृत्य करने तथा दुर्गापूजा के दौरान देवी-देवताओं की झांकियां निकालने पर रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था और मर्यादा का सम्मान किया जाना चाहिए। मिशन जारी टीम के मनोज कुमार विश्वकर्मा ने जनपद में लगातार हो रही विद्युत कटौती का मुद्दा उठाते हुए निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग की। वहीं बृजेंद्र मिश्र ने कूरेभार के फूलपुर गांव में क्षतिग्रस्त लिंक मार्ग की शीघ्र मरम्मत कराने के साथ जानलेवा चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रांजल मिश्र, शिव कुमार, महेंद्र सिंह, विनय उपाध्याय, गौरी शंकर शर्मा सहित दर्जनों युवा उपस्थित रहे।
बीती रात बाइक सवार बदमाशों ने पत्नी के साथ घर जा रहे युवक को गोली मारी, मचा हड़कम्प, पुलिस जाँच में जुटी*
सुल्तानपुर में बीती रात उस समय हड़कंप मच गया जब बाइक सवार बदमाशों ने पत्नी के साथ घर जा रहे युवक को गोली मार दी। आनन फानन उसे सीएचसी लाया गया, जहां हालत गम्भीर देख डाक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहीं घायल युवक द्वारा बदमाशों के पहचान की बात सामने आई है। फिलहाल पुलिस हमलावरों को पकड़ने के टीम गठित कारण के साथ साथ मामले की पड़ताल में जुट गई है। दरअसल ये मामला है अखंड नगर थानाक्षेत्र के सरावां गांव का। इसी गांव का रहने वाला राजन अपनी पत्नी के साथ अलीपुर बाजार से अपने घर जा रहा था। गांव में प्राथमिक स्कूल के पास पहुंचते ही बाइक सवार बदमाशों ने उसपर ताबड़तोड़ कई गोलियां मारी, जिससे राजन घायल हो गया। आनन फानन स्थानीय लोगों की मदद से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के ले जाया गया, जहां हालत गंभीर देख डाक्टरों ने राजन को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है। वहीं जानकारी लगते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। आनन फानन मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की। वहीं पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल खुद मेडिकल कॉलेज पहुंचे और घटना का जायजा लिया। उनकी माने तो घायल राजन ने पुरानी रंजिश में वारदात करने का आरोप लगाया है। फिलहाल पुलिस अधीक्षक ने एसओजी समेत चार टीमें हमलावरों को पकड़ने के लिए लगाई हैं, साथ ही परिजनों की तहरीर पर सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर जल्द ही हमलावरों को पकड़ने की बात कही जा रही है।
*निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए दबावमुक्त होना जरूरी-जितेन्द्र बच्चन*
पत्रकार लोकतंत्र का प्रहरी है, इसकी निष्पक्षता और प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए जरूरी है कि वह स्वयं भी विधि, प्रक्रिया और जवाबदेही के सर्वोच्च मानकों के प्रति प्रतिबद्ध हो। ------------------------------------------------------पत्रकार अपने अधिकारों की रक्षा, सत्ता से स्वतंत्रता और कानूनी पुलिसिया दांवपेच से बचने के लिए समय-समय पर अपनी आवाज बुलंद करते रहते हैं। समाचार संकलन और लिखने- छापने की स्वतंत्रता के साथ-साथ पत्रकारों की रक्षा होनी भी जरूरी है। लेकिन स्वतंत्रता का अर्थ जवाबदेही से मुक्ति नहीं हो सकता। स्वतंत्रता पत्रकारों को बाहरी दबाव से मुक्त होकर पत्रकारिता करने की ताकत देती है, जबकि जवाबदेही सुनिश्चित करती है कि उस शक्ति का प्रयोग निष्पक्षता और नैतिकता के अनुसार हो। एक पत्रकार के लिए भारतीय संविधान में भी यही व्यवस्था होनी चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं है कि गंभीर आचरण-संबंधी शिकायतों की जांच के लिए प्रभावी व्यवस्था की आवश्यकता ही समाप्त हो जाती है। अगर किसी पत्रकार की शिकायत पुलिस को मिलती है तो आंतरिक जांच और आपराधिक जांच उसके दायरे में शामिल हैं। हां, इसके बीच सीमाएं और कार्रवाई की परिस्थितियां अधिक स्पष्ट होनी चाहिए। कोई भी पत्रकार स्वयं को जांच-पड़ताल से ऊपर नहीं रख सकता पर इसका यह मतलब भी नहीं हैं कि कानूनी दांवपेच में फंसाकर एक पत्रकार को नर्क में धकेल दिया जाए। उसके मामले को मनगढ़ंत कहानी में बदलकर सार्वजनिक कर दिया जाए। शिकायतकर्ता की गोपनीयता, पत्रकार की प्रतिष्ठा, जांच की निष्पक्षता और प्रेस की आजादी, सभी का ध्यान रखना जरूरी है। पत्रकारों की मांग है कि उन पर होने वाले हमलों और उत्पीड़न को रोकने के लिए देश और विभिन्न राज्यों में कड़ा 'पत्रकार सुरक्षा कानून' लागू किया जाए। यह मांग हम हरहाल में जायज मानते हैं। केंद्र की मोदी सरकार को इसे जल्द लागू कर देना चाहिए। लेकिन उसकी संरचना ऐसी होनी चाहिए, जिसमें पत्रकारों की स्वतंत्रता सुरक्षित रहे, पुलिस की भूमिका संतुलित हो, कानूनी प्रक्रिया में पारदर्शिता आए और किसी एक जांच-पड़ताल करने वाली संस्था को अनुचित नियंत्रण प्राप्त न हो। पत्रकारों को भी कानूनी प्रक्रिया का पूर्णतया पालन करना चाहिए, तभी उसकी स्वतंत्रता को अधिक विश्वसनीय बनाया जा सकेगा। पत्रकारिता के लिए जहां आजादी लोकतंत्र की मूल संरचना का महत्वपूर्ण तत्व है, वहीं पत्रकारों की जवाबदेही की व्यवस्था भी ऐसी होनी चाहिए, जो बाहरी नियंत्रण के बजाय स्वतंत्रता के भीतर उत्तरदायित्व सुनिश्चित करे। जैसे निराधार आरोपों से पत्रकारों की रक्षा जरूरी है, वैसे ही गंभीर व विश्वसनीय आरोपों की निष्पक्ष जांच भी आवश्यक है। इन दोनों के बीच संतुलन ही संवैधानिक गरिमा की वास्तविक कसौटी है। आज आवश्यकता किसी पत्रकार या पत्रकारिता संस्थान को कटघरे में खड़ा करने की नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था बनाने की है, जिसमें पत्रकारों को लिखने व समाचार संकलन में पूर्ण स्वतंत्रता मिले और वह निष्पक्षता व जवाबदेही के साथ-साथ चले। क्योंकि यदि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, तो उसकी प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए जरूरी है कि वह स्वयं भी विधि, प्रक्रिया और जवाबदेही के सर्वोच्च मानकों के प्रति उतना ही प्रतिबद्ध हो, जितनी प्रतिबद्धता वह पुलिस, कानून और सरकार से अपेक्षा करता है। पत्रकारों की प्रतिष्ठा बचाने के लिए उनकी जवाबदेही भी सुनिश्चित होनी चाहिए। वह समाज का ही नहीं सरकार का भी विश्वसनीय संरक्षक है। *(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं।)*