*‘नमामि भारतम्’-वन्दे मातरम् के150वें वर्ष पर सरस्वती विद्या मंदिर विवेकानंद नगर सहित पूरे जनपद में गूंज उठा राष्ट्र स्वर*
सुलतानपुर,महाराज कुश की पावन ऐतिहासिक धरती सुलतानपुर भारत की राष्ट्रीय चेतना, स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा और मातृभूमि के प्रति श्रद्धा के अमर गीत ‘वन्दे मातरम्’ के सामूहिक गान से गुंजायमान हो उठी। राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान,नई दिल्ली के मार्गदर्शन में देशव्यापी सामूहिक गायन कार्यक्रम ‘नमामि भारतम्’ का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के जिला संयोजक बाल कल्याण समिति सुलतानपुर के अध्यक्ष एवं उत्तरप्रदेश शिक्षा सेवा चयन बोर्ड सदस्य डॉ विनोद कुमार सिंह के नेतृत्त्व में उक्त कार्यक्रम का आयोजन जनपद के अनेक विद्यालयों में किया गया। शिक्षा क्षेत्र में अग्रणी,नगर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ज्ञानकुंज विवेकानंद नगर सुलतानपुर के प्रांगण में हजारों छात्र,अभिभावक, एवं अन्य सामाजिक संगठनों से जुडे नागरिक राष्ट्रगीत के सामूहिक गान कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस सफल ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी मुख्य अतिथि विभाग प्रचारक सुलतानपुर विभाग स्वयं उपस्थित रहे।
विद्यालय के प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने विद्यालय परिवार की ओर से उनका हार्दिक अभिनंदन किया.मुख्य अतिथि विभाग प्रचारक श्री प्रकाश ने भारतमाता के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सामूहिक गायन तक सीमित न होकर नई पीढ़ी को ‘वन्दे मातरम्’ की ऐतिहासिक यात्रा, उसके राष्ट्रीय महत्व और स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणादायी विरासत से जोड़ना है।
आज ‘जन गण मन’ राष्ट्रीय गान और ‘वन्दे मातरम्’ राष्ट्रीय गीत के रूप में भारत की राष्ट्रीय पहचान के महत्वपूर्ण प्रतीक हैं। यद्यपि इसके 2 छंद ही स्वीकार किए गए थे, परन्तु इसके 150 वर्ष पूर्ण होने पर पूर्ण वन्दे मातरम् (6 छंद) को अपनाया जाना अत्यधिक गौरव की अनुभूति कराता है। विद्याभारती के तत्त्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम ‘नमामि भारतम्’ के माध्यम से देश के विद्यालयों, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक सहभागिता के केंद्रों को एक सूत्र में जोड़ते हुए राष्ट्रभाव को मजबूत करने वाला है,जो मातृभूमि के प्रति श्रद्धा, सांस्कृतिक एकात्मता और राष्ट्रीय चेतना की अभिव्यक्त को जगाने वाला है।
जिला संयोजक डॉ विनोद कुमार सिंह ने जनपद के विभिन्न स्थानों पर एक साथ सम्पन्न होने वाले सामूहिक गायन को ऐतिहासिक बताया। उन्होने वन्दे मातरम् की ऐतिहासिक यात्रा को महत्त्वपूर्ण बताते हुए इसके सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की। कार्यक्रम के सह संयोजक डाक्टर पवन सिंह ने कहा कि ‘नमामि भारतम्’ का एक प्रमुख उद्देश्य यह है कि आज का विद्यार्थी ‘वन्दे मातरम्’ को केवल एक गीत के रूप में न जाने, बल्कि उसके पीछे निहित स्वतंत्रता, आत्मसम्मान, मातृभूमि-प्रेम, त्याग, एकता और राष्ट्रीय चेतना के इतिहास को भी समझे। इसी कडी में कार्यक्रम के जिला सह संयोजक प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने उपस्थित जनसमूह को ‘वन्दे मातरम्’ की रचना, स्वतंत्रता आंदोलन में उसकी भूमिका तथा राष्ट्रीय गीत के रूप में उसके महत्व से परिचित कराया।
उन्होने कहा कि वंदेमातरम के इतिहास का अध्ययन कराकर वर्तमान पीढ़ी को राष्ट्रीय एवं सांस्कृतिक चेतना से जोड़ा जाएगा। 25 सितम्बर को निर्धारित समय पर जब एक साथ ‘वन्दे मातरम्’ का स्वर गूंज उठा , तब मानो यह आयोजन भारत की भौगोलिक, भाषाई और सांस्कृतिक विविधता के मध्य विद्यमान एकात्मता का व्यापक प्रतीक बन गया। हजारों विद्यार्थियों , अभिभावकों , शिक्षको और नागरिकों ने एक ही समय पर एक ही राष्ट्रीय गीत का सामूहिक गायन किया। यह रोमांचक दृश्य इस विचार को अभिव्यक्त कर रहा था कि भारत की शक्ति उसकी विविधता के साथ-साथ उसकी सांस्कृतिक एकात्मता में भी निहित है। विपरीत मौसम परिस्थितियों में भी राष्ट्र गीत प्रति समर्पण भाव की पराकाष्ठा दिखाई दी।राष्ट्रभक्त का ज्वार उमड रहा था.आज सम्पन्न हुए कार्यक्रम में कुल 6313 छात्र, शिक्षक, अभिभावक एवं समाज के अन्य लोग सम्मिलित हुए। सबके मन में यह विश्वास स्वत: दृढ हो गया कि ‘नमामि भारतम्’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और स्वतंत्रता संग्राम की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का राष्ट्रव्यापी जन-सहभागिता अभियान बन गया है।
कार्यक्रम के माध्यम से करोडो भारत वासियों को यह संदेश दिया गया कि राष्ट्र केवल भौगोलिक सीमा का नाम नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति, परंपरा, त्याग, संघर्ष और करोड़ों देशवासियों की सामूहिक चेतना से निर्मित एक जीवंत भाव है।
Sep 26 2026, 10:54
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
1- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
5.7k