बीएसए से मिले 'सुलतानपुर सुपर किंग्स' के खिलाड़ी, कौशाम्बी टूर्नामेंट के लिए मिलीं शुभकामनाएं*
सुलतानपुर,बेसिक शिक्षा विभाग के अध्यापकों की क्रिकेट टीम 'सुलतानपुर सुपर किंग्स' ने आगामी टूर्नामेंट के मद्देनजर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता से मुलाकात की। टीम के कप्तान शरद त्रिपाठी के नेतृत्व में प्रतीक मिश्रा और अनुपम द्विवेदी ,प्रदीप यादव,अभिनव सिंह ,आलोक पाठक,अनुराग सिंह,श्री प्रकाश ,आशीष तिवारी,अमित यादव,द्विजेंद्र वर्मा,मनदीप पाण्डेय,दिवाकर दुबे,धर्मेंद्र यादव और टीम मेंटर रितेश त्रिपाठी सहित अन्य शिक्षकों ने बीएसए से भेंट कर आगामी खेल रणनीतियों पर चर्चा की। जनपद कौशाम्बी में आगामी क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें सुलतानपुर की यह विभागीय टीम हिस्सा लेने जा रही है।

गौरतलब है कि पिछले टूर्नामेंट में सुलतानपुर की टीम ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए उपविजेता का खिताब अपने नाम किया था। इस बार टीम पूरे जोश के साथ विजेता बनने के लक्ष्य से मैदान में उतरेगी। इस अवसर पर बीएसए ने टीम के पिछले शानदार प्रदर्शन की सराहना की और आगामी कौशाम्बी टूर्नामेंट में जीत दर्ज करने के लिए 'सुलतानपुर सुपर किंग्स' को अपनी शुभकामनाएं दीं। इस खास मौके पर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री राहुल राष्ट्रवादी भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे और उन्होंने सभी शिक्षक-खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया।
जनपद सुलतानपुर में भारी वर्षा एवं खराब मौसम के दृष्टिगत जनपदवासियों से सतर्क रहने की अपील*
भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान एवं चेतावनी के दृष्टिगत जनपद सुलतानपुर में आगामी दिनों में भारी वर्षा,गरज-चमक,वज्रपात तथा तेज हवाओं की संभावना व्यक्त की गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 25 एवं 26 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है। सुलतानपुर जनपद को भी इस अवधि में प्रभावित जिलों में शामिल किया गया है।

जिलाधिकारी सुलतानपुर ने जनपदवासियों से अपील की है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहें, लेकिन किसी प्रकार की अफवाह अथवा भ्रामक सूचना पर विश्वास कर घबराने की आवश्यकता नहीं है।

प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा संबंधित विभागों एवं तहसील स्तर के अधिकारियों को आवश्यक सावधानियां बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि—
अनावश्यक रूप से खराब मौसम के दौरान घर से बाहर निकलने एवं यात्रा करने से बचें। तेज बारिश एवं गरज-चमक के दौरान सुरक्षित एवं पक्के भवन में रहें।
वज्रपात के समय पेड़, बिजली के खंभे, खुले मैदान एवं जलाशयों के पास न जाएं।
निचले एवं जलभराव वाले क्षेत्रों, नालों तथा नदी-नालों के आसपास जाने से बचें।
जलमग्न सड़कों, पुलों एवं रपटों को पार करने का प्रयास न करें।
तेज हवाओं के दौरान कमजोर भवनों, कच्ची दीवारों एवं अस्थायी संरचनाओं से दूर रहें।
किसान भाई खेतों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था रखें तथा मौसम सामान्य होने तक आवश्यक सावधानी बरतें।
बच्चों, बुजुर्गों तथा पशुधन की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की है कि मौसम संबंधी सही एवं अद्यतन जानकारी के लिए केवल अधिकृत सरकारी स्रोतों पर ही भरोसा करें।*
मौसम संबंधी चेतावनियों एवं स्थानीय स्तर की जानकारी प्राप्त करने के लिए *‘सचेत (SACHET) ऐप’* का प्रयोग करें तथा समय-समय पर जारी होने वाली चेतावनियों को गंभीरता से लें। प्रशासन द्वारा जनपद में मौसम की स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक स्थानीय प्रशासन/संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचना दें।
जिलाधिकारी सुलतानपुर ने कहा कि सावधानी और सतर्कता ही सुरक्षा का सबसे प्रभावी उपाय है। जनपदवासी शांत रहें, अफवाहों से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।*
देवी-देवताओं के भेष में नृत्य, जनसमस्याओं को लेकर सौंपा ज्ञापन*
सुल्तानपुर,कटका क्लब सामाजिक संस्था ने देवी-देवताओं का भेष धारण कर नृत्य किए जाने, दुर्गापूजा में देवी-देवताओं की झांकियों, जनपद में विद्युत कटौती और कूरेभार क्षेत्र के फूलपुर गांव में क्षतिग्रस्त लिंक मार्ग की मरम्मत की मांग को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट प्रीति जैन एवं नगर सीओ राघवेंद्र सिंह को लिखित ज्ञापन सौंपा। कार्यक्रम की अगुवाई मिशन जारी टीम के मनोज कुमार विश्वकर्मा ने की। कटका क्लब के अध्यक्ष डॉ. सौरभ मिश्र ‘विनम्र’ ने कहा कि देवी-देवताओं का भेष धारण कर नृत्य करने तथा दुर्गापूजा के दौरान देवी-देवताओं की झांकियां निकालने पर रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था और मर्यादा का सम्मान किया जाना चाहिए। मिशन जारी टीम के मनोज कुमार विश्वकर्मा ने जनपद में लगातार हो रही विद्युत कटौती का मुद्दा उठाते हुए निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग की। वहीं बृजेंद्र मिश्र ने कूरेभार के फूलपुर गांव में क्षतिग्रस्त लिंक मार्ग की शीघ्र मरम्मत कराने के साथ जानलेवा चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रांजल मिश्र, शिव कुमार, महेंद्र सिंह, विनय उपाध्याय, गौरी शंकर शर्मा सहित दर्जनों युवा उपस्थित रहे।
बीती रात बाइक सवार बदमाशों ने पत्नी के साथ घर जा रहे युवक को गोली मारी, मचा हड़कम्प, पुलिस जाँच में जुटी*
सुल्तानपुर में बीती रात उस समय हड़कंप मच गया जब बाइक सवार बदमाशों ने पत्नी के साथ घर जा रहे युवक को गोली मार दी। आनन फानन उसे सीएचसी लाया गया, जहां हालत गम्भीर देख डाक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहीं घायल युवक द्वारा बदमाशों के पहचान की बात सामने आई है। फिलहाल पुलिस हमलावरों को पकड़ने के टीम गठित कारण के साथ साथ मामले की पड़ताल में जुट गई है। दरअसल ये मामला है अखंड नगर थानाक्षेत्र के सरावां गांव का। इसी गांव का रहने वाला राजन अपनी पत्नी के साथ अलीपुर बाजार से अपने घर जा रहा था। गांव में प्राथमिक स्कूल के पास पहुंचते ही बाइक सवार बदमाशों ने उसपर ताबड़तोड़ कई गोलियां मारी, जिससे राजन घायल हो गया। आनन फानन स्थानीय लोगों की मदद से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के ले जाया गया, जहां हालत गंभीर देख डाक्टरों ने राजन को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है। वहीं जानकारी लगते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। आनन फानन मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की। वहीं पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल खुद मेडिकल कॉलेज पहुंचे और घटना का जायजा लिया। उनकी माने तो घायल राजन ने पुरानी रंजिश में वारदात करने का आरोप लगाया है। फिलहाल पुलिस अधीक्षक ने एसओजी समेत चार टीमें हमलावरों को पकड़ने के लिए लगाई हैं, साथ ही परिजनों की तहरीर पर सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर जल्द ही हमलावरों को पकड़ने की बात कही जा रही है।
*निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए दबावमुक्त होना जरूरी-जितेन्द्र बच्चन*
पत्रकार लोकतंत्र का प्रहरी है, इसकी निष्पक्षता और प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए जरूरी है कि वह स्वयं भी विधि, प्रक्रिया और जवाबदेही के सर्वोच्च मानकों के प्रति प्रतिबद्ध हो। ------------------------------------------------------पत्रकार अपने अधिकारों की रक्षा, सत्ता से स्वतंत्रता और कानूनी पुलिसिया दांवपेच से बचने के लिए समय-समय पर अपनी आवाज बुलंद करते रहते हैं। समाचार संकलन और लिखने- छापने की स्वतंत्रता के साथ-साथ पत्रकारों की रक्षा होनी भी जरूरी है। लेकिन स्वतंत्रता का अर्थ जवाबदेही से मुक्ति नहीं हो सकता। स्वतंत्रता पत्रकारों को बाहरी दबाव से मुक्त होकर पत्रकारिता करने की ताकत देती है, जबकि जवाबदेही सुनिश्चित करती है कि उस शक्ति का प्रयोग निष्पक्षता और नैतिकता के अनुसार हो। एक पत्रकार के लिए भारतीय संविधान में भी यही व्यवस्था होनी चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं है कि गंभीर आचरण-संबंधी शिकायतों की जांच के लिए प्रभावी व्यवस्था की आवश्यकता ही समाप्त हो जाती है। अगर किसी पत्रकार की शिकायत पुलिस को मिलती है तो आंतरिक जांच और आपराधिक जांच उसके दायरे में शामिल हैं। हां, इसके बीच सीमाएं और कार्रवाई की परिस्थितियां अधिक स्पष्ट होनी चाहिए। कोई भी पत्रकार स्वयं को जांच-पड़ताल से ऊपर नहीं रख सकता पर इसका यह मतलब भी नहीं हैं कि कानूनी दांवपेच में फंसाकर एक पत्रकार को नर्क में धकेल दिया जाए। उसके मामले को मनगढ़ंत कहानी में बदलकर सार्वजनिक कर दिया जाए। शिकायतकर्ता की गोपनीयता, पत्रकार की प्रतिष्ठा, जांच की निष्पक्षता और प्रेस की आजादी, सभी का ध्यान रखना जरूरी है। पत्रकारों की मांग है कि उन पर होने वाले हमलों और उत्पीड़न को रोकने के लिए देश और विभिन्न राज्यों में कड़ा 'पत्रकार सुरक्षा कानून' लागू किया जाए। यह मांग हम हरहाल में जायज मानते हैं। केंद्र की मोदी सरकार को इसे जल्द लागू कर देना चाहिए। लेकिन उसकी संरचना ऐसी होनी चाहिए, जिसमें पत्रकारों की स्वतंत्रता सुरक्षित रहे, पुलिस की भूमिका संतुलित हो, कानूनी प्रक्रिया में पारदर्शिता आए और किसी एक जांच-पड़ताल करने वाली संस्था को अनुचित नियंत्रण प्राप्त न हो। पत्रकारों को भी कानूनी प्रक्रिया का पूर्णतया पालन करना चाहिए, तभी उसकी स्वतंत्रता को अधिक विश्वसनीय बनाया जा सकेगा। पत्रकारिता के लिए जहां आजादी लोकतंत्र की मूल संरचना का महत्वपूर्ण तत्व है, वहीं पत्रकारों की जवाबदेही की व्यवस्था भी ऐसी होनी चाहिए, जो बाहरी नियंत्रण के बजाय स्वतंत्रता के भीतर उत्तरदायित्व सुनिश्चित करे। जैसे निराधार आरोपों से पत्रकारों की रक्षा जरूरी है, वैसे ही गंभीर व विश्वसनीय आरोपों की निष्पक्ष जांच भी आवश्यक है। इन दोनों के बीच संतुलन ही संवैधानिक गरिमा की वास्तविक कसौटी है। आज आवश्यकता किसी पत्रकार या पत्रकारिता संस्थान को कटघरे में खड़ा करने की नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था बनाने की है, जिसमें पत्रकारों को लिखने व समाचार संकलन में पूर्ण स्वतंत्रता मिले और वह निष्पक्षता व जवाबदेही के साथ-साथ चले। क्योंकि यदि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, तो उसकी प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए जरूरी है कि वह स्वयं भी विधि, प्रक्रिया और जवाबदेही के सर्वोच्च मानकों के प्रति उतना ही प्रतिबद्ध हो, जितनी प्रतिबद्धता वह पुलिस, कानून और सरकार से अपेक्षा करता है। पत्रकारों की प्रतिष्ठा बचाने के लिए उनकी जवाबदेही भी सुनिश्चित होनी चाहिए। वह समाज का ही नहीं सरकार का भी विश्वसनीय संरक्षक है। *(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं।)*
राणा प्रताप विधि महाविद्यालय के प्रबंधक बने प्रो. एम.पी.सिंह बिसेन*
सुलतानपुर,क्षत्रिय शिक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक अध्यक्ष संजय सिंह एडवोकेट की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में राणा प्रताप विधि महाविद्यालय, कूरेभार, सुलतानपुर की नई प्रबंध समिति के गठन को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से समिति के अध्यक्ष संजय सिंह एडवोकेट ने राणा प्रताप पी.जी. कॉलेज के पूर्व प्राचार्य प्रो. एम.पी. सिंह बिसेन को राणा प्रताप विधि महाविद्यालय का प्रबंधक मनोनीत किया।

प्रबंध समिति में ठाकुर प्रसाद सिंह को उपाध्यक्ष, देवांश सिंह को सहायक प्रबंधक, विनोद कुमार सिंह को संप्रेक्षक, करुणा शंकर द्विवेदी को कोषाध्यक्ष तथा संतोष कुमार गुप्ता को विधि परामर्शदाता मनोनीत किया गया। समिति के सदस्य के रूप में योगेश प्रताप सिंह, सुनील कुमार सिंह, सूर्य प्रताप सिंह, शिव प्रताप सिंह, पशुपति नाथ सिंह, अनूप कुमार जायसवाल तथा अरविंद कुमार पाण्डेय का मनोनयन किया गया।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि महाविद्यालय के प्राचार्य प्रबंध समिति के पदेन सदस्य होंगे। इसके अतिरिक्त तीन प्राध्यापक प्रतिनिधि तथा एक तृतीय श्रेणी कर्मचारी प्रतिनिधि को भी समिति में शामिल किया जाएगा।

इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष संजय सिंह एडवोकेट ने कहा कि विधि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में संविधान, न्याय, कर्तव्य और सामाजिक उत्तरदायित्व की समझ विकसित करने का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि नई प्रबंध समिति का उद्देश्य महाविद्यालय में ऐसा शैक्षिक वातावरण तैयार करना है, जहां गुणवत्तापूर्ण विधि शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, अनुशासन और व्यावसायिक क्षमता का भी विकास हो। उन्होंने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों से संस्थान की प्रतिष्ठा और शैक्षिक प्रगति के लिए समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया।

नवनियुक्त प्रबंधक प्रो. एम.पी. सिंह बिसेन ने समिति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महाविद्यालय की जिम्मेदारी मिलना उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण दायित्व भी है। उन्होंने कहा कि विधि महाविद्यालय को विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, व्यावहारिक प्रशिक्षण और अनुशासित शैक्षिक वातावरण का प्रभावी केंद्र बनाने की दिशा में प्राथमिकता के साथ कार्य किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को विधि के ज्ञान के साथ संविधान और न्याय के मूल्यों से जोड़ते हुए उन्हें जिम्मेदार एवं सक्षम विधि विशेषज्ञ के रूप में तैयार करना उनका प्रमुख लक्ष्य रहेगा। बैठक में समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने नवनियुक्त प्रबंधक प्रो. एम.पी. सिंह बिसेन को शुभकामनाएं देते हुए महाविद्यालय के शैक्षिक एवं संस्थागत विकास में सक्रिय सहयोग का भरोसा दिलाया।
सपा पिछड़ा वर्ग के प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजपाल कश्यप का बयान*
सुल्तानपुर सपा पिछड़ा वर्ग के प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजपाल कश्यप का बयान। प्रदेश के कई पश्चिमी जिलों में घूम कर आ रहा हूँ। जिस तरफ का रुझान आम जनमानस में पीडीए का रुझान दलित पिछडे अल्पसंख्यकों का उत्साह दिख रहा है, दावे के साथ कह सकता हूं कि अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश में प्रचंड बहुमत से मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। 2024 में जनता ने बीजेपी का रथ यूपी में रोकने का कार्य किया, 24 में ये बैसाखी पर आए थे और 27 में बीजेपी बैसाखी पर चली जाएगी। संजय निषाद, ओम प्रकाश राजभर और अनुप्रिया पटेल के सत्ता में मंत्री रहने के सवाल पर बोले कश्यप। ये मंत्री नहीं हैं, इनकी होमगार्ड तक नहीं सुन रहा है, ये मंत्री ठेके पर रखे गए हैं, अखिलेश यादव को गाली देते हैं, पीडीए के लोगों को अखिलेश यादव की डर की वजह से पद दिया गया है, और उनको गाली देने के पद दिया गया है। संजय निषाद और राजभर को नेता तब मानूंगा जब अखिलेश यादव के समय में दिया गया आरक्षण ये सभी वापस दिला सकें। इनकी होमगार्ड, थानेदार चौकी इंचार्ज तक नहीं सुन रहा है। संजय निषाद और राजभर के बेटों को जितवाने का कार्य समाजवादी पार्टी ने किया है, ये अपने समाज के लोगों की इज्जत नहीं बचा सकते, उन्हें न्याय नहीं दिला सकते, काहे के नेता है। मायावती पर बोले सपा पिछड़ा वर्ग के प्रदेश अध्यक्ष कश्यप। अब उनपर टिप्पणी नहीं करना, कभीं कोई कमजोर हो जाए तो कमजोर से नहीं लड़ना चाहिए। आज लड़ाई बीजेपी से है, अखिलेश यादव ने दिखा दिया कि कोई बीजेपी को हराएगा तो वो समाजवादी पार्टी है।अब अंबेडकर वादी, लोहियावादी, कर्पूरी ठाकुर वादी काशीराम वादी सहित पीडीए में हैं और बहुत से लोगों के पेट में पीड़ा हो रही है। पोस्टर वाद पर बोले प्रदेश अध्यक्ष सारे भ्रष्टाचारी, सारे दुराचारी सारे हत्यारे महाघोटेबाज सब बीजेपी में हैं। और बीजेपी में हैं ही नहीं बल्कि मंत्री मुख्यमंत्री सहित बड़े बड़े पद से सुशोभित हैं। जिन्हें पीएम भ्रष्टाचारी कहा उसे एक प्रदेश का मुख्यमंत्री बना दिया। वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि इसके पहले क्या थी , स्वयं मुकदमें वापस लिए। ADR KI रिपोर्ट आई है कि सारे गुंडे बीजेपी में हैं, अरे ये तो चंदा चोर भी हैं, जितना पैसा बीजेपी अखिलेश यादव की छवि खराब करने में लगा रही है उतना पैसा। यूपी की जनता की खुशहाली में लगाया होता तावड़े आ जाएं या कोई आ जाए, ये पीडीए सभी को उखाड़ फेंकेगा, RSS की लैब में पीडीए की कोई काट नहीं है, यही पीडीए यूपी ने बीजेपी को गाड़ने का कार्य करेगा। योगी जी ये भी बताएं राम मंदिर का किसने चोरी किया, क्या कार्यवाही हुई, वो आरएसएस के दफ्तर में जाता था। बीजेपी के रहते देश को खतरा है, अंग्रेजों से लड़ाई जब विभिन्न जाति धर्म के लोग रद्द रहे थे, तो यही आरएसएस जासूसी का कार्य करने का काम कर रहा था। आज विदेशी ताकतें हावी हो गई है। पहले की अपेक्षा महंगाई बढ़ गई,ये पापियों की पार्टी है। जैसे अंग्रेजों को भगा दिया वैसे अंग्रेजों की जासूसी का काम करने वालों को भगा देगी। बीजेपी ने जो जो वायदे किए थे वो कभी पूरा नहीं किया, एक दिवसीय दौरे पर सुल्तानपुर पहुंचे थे पिछड़ा वर्ग अध्यक रामपाल कश्यप।
सुल्तानपुर का आखिरी टाइपराइटर मैन,38 वर्षों से खट-खट में थमी जिंदगी*
कभी वो दौर और था जब कचहरी और तहसीलों में टाइपराइटर की खट-खट गूंजती थी* सुल्तानपुर के मलिकपुर गांव के एक बुजुर्ग आज भी उसी खट-खट में अपनी जिंदगी ढूंढ रहे हैं। हाईस्कूल तक पढ़े इस बुजुर्ग ने 38 साल पहले गुप्ता टाइपराइटर की दुकान पर टाइपिंग सीखी थी। तब से लेकर आज तक ये मशीन ही उनकी दुनिया है। ढलती उम्र है,हाथ कांपते हैं,मशीन का पार्ट्स मिलना बंद हो गया है, रिपेयर करने वाला कोई नहीं... फिर भी हर सुबह वो आकर बैठ जाते हैं, इस उम्मीद में कि कोई तो आएगा... आज जब सब कुछ कंप्यूटर पर एक क्लिक में हो जाता है, तो इनके पास काम नहीं आता। दिन भर में 50-100 रुपये भी बड़ी मुश्किल से बन पाते हैं। ये कहानी सिर्फ एक टाइपराइटर की नहीं, एक दौर के खत्म होने की है। एक ऐसे इंसान की है जो बदलते वक्त के साथ खुद को बदल नहीं पाया, लेकिन हिम्मत नहीं हारा। अगर आप कभी सुल्तानपुर कचहरी जाएं, तो इस बुजुर्ग के पास एक मिनट जरूर रुकिएगा... शायद आपकी एक छोटी सी मदद,उनकी बड़ी हिम्मत बन जाए।
शिक्षक समस्याओं के समाधान के आश्वासन पर प्राथमिक शिक्षक संघ ने स्थगित किया धरना*
बीएसए की मध्यस्थता में घंटों चली वार्ता,लंबित समस्याओं के समयबद्ध निस्तारण की कार्यवृत्ति जारी*

सुल्तानपुर, 21 सितंबर। जिले में कार्यरत परिषदीय शिक्षकों की विभिन्न लंबित समस्याओं के निस्तारण को लेकर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से चलाए जा रहे आंदोलन को सोमवार को बड़ी सफलता मिली। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता की मध्यस्थता में हुई घंटों की वार्ता के बाद वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय की ओर से शिक्षक समस्याओं के बिंदुवार एवं समयबद्ध निस्तारण की कार्यवृत्ति जारी की गई। इसके बाद शिक्षक संघ ने 22 सितंबर को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन स्थगित करने का निर्णय लिया। जनपदीय प्रवक्ता निज़ाम खान ने बताया कि शिक्षकों की लंबित समस्याओं को लेकर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने जिलाध्यक्ष दिलीप पाण्डेय के नेतृत्व में 15 सितंबर को वित्त एवं लेखाधिकारी राम बचन राम को 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा था। संघ ने चेतावनी दी थी कि यदि 21 सितंबर तक समस्याओं का निस्तारण नहीं किया गया तो 22 सितंबर को वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। शिक्षक संघ के ज्ञापन और नोटिस को गंभीरता से लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता ने वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय के संबंधित स्टाफ तथा प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों को अपने कार्यालय में वार्ता के लिए आमंत्रित किया। घंटों चली वार्ता में शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं पर बिंदुवार चर्चा की गई। निज़ाम खान ने बताया कि वार्ता के दौरान लंबित अवशिष्ट भुगतान, सामूहिक बीमा, ग्रेच्युटी, जीपीएफ लेजर, लेखा पर्ची तथा प्रान नंबर आवंटन समेत अन्य लंबित प्रकरणों के निस्तारण को लेकर समयबद्ध कार्ययोजना पर सहमति बनी। वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय की ओर से समस्याओं के निस्तारण को लेकर कार्यवृत्ति जारी करते हुए शिक्षक संघ से प्रस्तावित धरना स्थगित करने की अपील की गई। इसके बाद उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने आपसी विचार-विमर्श तथा संघर्ष समिति की सहमति से 22 सितंबर को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन स्थगित करने का निर्णय लिया। संघ के पदाधिकारियों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षक समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता और सहृदयता का परिचय देते हुए वार्ता के माध्यम से समाधान की दिशा में प्रभावी पहल की है। संघ ने उम्मीद जताई कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी लंबित समस्याओं का निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में जिलाध्यक्ष दिलीप पाण्डेय, जिला मंत्री डॉ. हृषिकेश भानु सिंह, जिला प्रवक्ता निज़ाम खान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरेंद्र मिश्रा, संयुक्त मंत्री प्रशांत पाण्डेय, कोषाध्यक्ष जय प्रकाश वर्मा, जिला उपाध्यक्ष विनोद यादव, जिला उपाध्यक्ष राम बहादुर मिश्रा, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष धीरेन्द्र राव, भदैयाँ अध्यक्ष अंजनी शर्मा नरेंद्र पाण्डेय, सूर्यकान्त तिवारी,अंजनी नंदन पाण्डेय सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। वहीं वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय की ओर से लेखाकार संतोष, किशन लाल और नेहा श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।
घायल राजेंद्र की पत्नी पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची और उनसे न्याय की गुहार लगाई*
सुल्तानपुर में करीब हफ्ते भर पूर्व व्यक्ति पर जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन आरोपियों को पकड़ने के बजाय उन्हें बचाने में लगी हुई है। ये आरोप है घायल व्यक्ति की पत्नी का, जो आज पुलिस अधीक्षक से मिलने पहुंची और स्थानीय पुलिस पर कार्यवाही करने के बजाय आरोपियों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया। बहरहाल पुलिस अधीक्षक ने उचित कार्यवाही का भरोसा दिलाया है। दरअसल ये मामला है हलियापुर थानाक्षेत्र के सैनी गांव का। इसी गांव के रहने वाले राजेंद्र पासी पर बाजार से लौटते समय गांव के ही कुछ युवकों ने जानलेवा हमला बोल दिया था। आनन फानन उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी थी,लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई। दूसरे दिन गंभीरावस्था में राजेंद्र प्रसाद सुबह से लेकर दोपहर तक पुलिस ने थाने पर बैठाए रखे,लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई। वहीं जब खबर चली तो पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। वहीं हालत गंभीर देख डाक्टरों ने उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया। लेकिन इधर पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने में कोई दिलचस्पी न दिखाई। ये जरूर रहा कि पीड़ित पक्ष का बयान लेने के बजाय विपक्षियों का बयान दर्ज करवाती नजर आई। लिहाजा आज घायल राजेंद्र की पत्नी पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची और उनसे न्याय की गुहार लगाई, साथ ही स्थानीय पुलिस की लचर कार्यवाही से अवगत करवाया। वहीं पुलिस अधीक्षक ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही का भरोसा दिलाया है। वहीं इस मामले में राजेंद्र की पत्नी ने क्या कहा ,आप खुद सुनिए....