आजमगढ़ : विश्वकर्मा पूजा पर भव्य भंडारा, श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर लिया भाईचारे का संदेश
(खालिद खान की रिपोर्ट)
दीदारगंज (आजमगढ़)। विश्वकर्मा पूजा के पावन अवसर पर पल्थी रोड स्थित हुब्बीगंज के बगल में पैंदापुर स्थान पर श्रद्धा और उत्साह के साथ भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला पंचायत क्षेत्र राजापुर वार्ड नंबर 33 के वेद प्रकाश उर्फ गोरख यादव, शोभनाथ यादव, हिमांशु यादव तथा डिम्पल उर्फ विवेक, राजापुर के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान विश्वकर्मा की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। आयोजकों ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने पहुंचकर प्रसाद एवं भोजन ग्रहण किया। इस अवसर पर कमलाकांत विधायक, पूर्व विधायक आदिल शेख, मृगांक उर्फ टाइगर यादव, राजकुमार गौतम, कासिफ अब्बास, सलीम खान, फरमान हैदर, पल्थी से भावी प्रत्याशी रफीउद्दीन उर्फ लाडले, विधानसभा प्रभारी एवं राष्ट्रीय महासचिव दीदारगंज शैलेंद्र सिंह गुड्डू, सुभाषपा विधानसभा अध्यक्ष रमेश राजभर, शैलेश प्रधान बीबीगंज, शेखवलिया, मटियार सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे। आयोजन के दौरान लोगों ने आपसी भाईचारे, सौहार्द और सामाजिक एकता का संदेश दिया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दीदारगंज थाना प्रभारी जय प्रकाश के नेतृत्व में पुलिस बल भी मौजूद रहा। आयोजक वेद प्रकाश उर्फ गोरख यादव, उनके बड़े भाई सत्य प्रकाश यादव, ओम प्रकाश यादव और जय प्रकाश यादव ने श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए सभी को विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं दीं। पूरे कार्यक्रम में श्रद्धा, सेवा और उत्साह का माहौल रहा। अंत में आयोजकों ने आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों एवं क्षेत्रवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
आजमगढ़ : माहुल स्थित अशरफिया इंटर कॉलेज में 200 छात्रों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण डॉक्टरों ने स्वाइन फ्लू से बचाव के बताए उपाय
सिद्धेश्वर पाण्डेय
    व्यूरो चीफ
आजमगढ़ ।  जिले के माहुल स्थित अशरफिया इंटर कॉलेज में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अहरौला की स्वास्थ्य टीम ने करीब 200 छात्रों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस दौरान चिकित्सकों ने विद्यार्थियों को विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचाव के उपाय बताए और स्वाइन फ्लू को लेकर जागरूक किया। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. नसीम खान, फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. सत्य विजय पाण्डेय, आयुष चिकित्सक डॉ. आकांक्षा कबीर तथा ए एन एम चंदा गौतम ने छात्रों की जांच की। चिकित्सकों ने स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए साफ-सफाई, सावधानी और संक्रमण से बचने के आवश्यक उपायों की जानकारी दी। इसके साथ ही विद्यार्थियों को दंत रोगों से बचाव, फिजियोथेरेपी तथा आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के बारे में भी विस्तार से बताया गया। चिकित्सकों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी परेशानी को नजरअंदाज न करने की सलाह दी। इस अवसर पर विद्यालय के सेक्रेटरी मोहम्मद अतहर, कार्यवाहक प्रधानाचार्य अमीर खुसरो, अरुण मिश्रा, जीशान अहमद, अशोक सिंह, अदील अहमद, मुशीर अहमद, राकेश यादव सहित विद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
आजमगढ़ : पेड़ से टकराई अनियंत्रित कार, तीन किशोरों की मौत से मचा कोहराम हादसे में छह घायल, दो की हालत गंभीर ,फूलपुर कस्बे में पसरा मातम

सिद्धेश्वर पांडेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़। फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के जगदीशपुर पेट्रोल पंप के पास मंगलवार भोर करीब चार बजे एक भीषण सड़क हादसे में तीन किशोरों की मौत हो गई, जबकि छह लोग घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब नौ लोगों से भरी अनियंत्रित कार सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार में सवार लोग उसमें फंस गए। सूचना मिलते ही फूलपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से कार में फंसे सभी लोगों को बाहर निकलवाया और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने गंभीर रूप से घायल दो युवकों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया। वहीं चार अन्य घायलों को मामूली चोटें आईं और उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। हादसे में निखिल मद्धेशिया 17 वर्ष पुत्र रामफेर, लकी सोनकर 16 वर्ष पुत्र अनिल सोनकर और सत्यम मोदनवाल 17 वर्ष पुत्र नाटे, सभी निवासी फूलपुर कस्बा, की मौत हो गई। जबकि सक्षम बरनवाल 17 वर्ष पुत्र त्रिभुवन बरनवाल और अंश सोनकर 16 वर्ष पुत्र लालचंद सोनकर गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस ने तीनों मृतकों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। कार में सवार सभी लोग फूलपुर कस्बा के निवासी बताए गए हैं। तीन किशोरों की एक साथ मौत की खबर से पूरे कस्बे में मातम छा गया। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। क्षेत्राधिकारी फूलपुर किरन पाल सिंह ने बताया कि पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से कार में फंसे सभी लोगों को बाहर निकालकर घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। तीनों मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं।
आजमगढ़ : पूर्वांचल की मिट्टी से निकले दिनेश कान्त यादव, संघर्ष और सेवा को बनाया पहचान
नवोदय से दिल्ली विश्वविद्यालय तक का सफर
वकालत के साथ सामाजिक सेवा में भी सक्रिय
सिद्धेश्वर पांडेय
   व्यूरो चीफ

आजमगढ़ । पूर्वांचल की धरती ने राजनीति, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में अनेक प्रतिभाएं दी हैं। इसी क्रम में आजमगढ़ जिले से जुड़े दिनेश कान्त यादव का नाम भी सामने आता है। पूर्व सांसद उमाकांत यादव के पुत्र दिनेश ने शिक्षा और सामाजिक सरोकारों के साथ अपनी अलग पहचान बनाने का प्रयास किया है। जवाहर नवोदय विद्यालय जीयनपुर ,आजमगढ़ से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिन्दू कॉलेज से उच्च शिक्षा हासिल की। उनके शैक्षिक सफर में बीए ऑनर्स, एमए, एमबीए, बीएड, एलएलबी और ग्रामीण विकास जैसी पढ़ाई शामिल है।
शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने वकालत को पेशे के रूप में चुना। जौनपुर के शाहगंज क्षेत्र में सामाजिक गतिविधियों से जुड़े रहने के साथ वह शिव मंदिर और हनुमान मंदिर ट्रस्ट, भादी के अध्यक्ष के रूप में भी धार्मिक-सामाजिक गतिविधियों में भाग लेते हैं। कोरोना काल में सेवा का दावा वर्ष 2020 के कोरोना काल के दौरान लॉकडाउन में जरूरतमंद परिवारों तक राशन और अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाने का दावा भी दिनेश से जुड़े लोग करते हैं।

बताया जाता है कि उस दौर में शाहगंज समेत पूर्वांचल के कई इलाकों में लोगों की मदद के लिए खाद्यान्न वितरित किया गया। कानूनी लड़ाई भी रही चर्चा में दिनेश कान्त यादव के जीवन का एक महत्वपूर्ण अध्याय वर्ष 2020 में सामने आया, जब उनके खिलाफ बदलापुर पुलिस द्वारा गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। उनके पक्ष की ओर से इसे गलत और राजनीतिक प्रतिशोध से जुड़ी कार्रवाई बताया गया। लंबे कानूनी संघर्ष के बाद 17 अक्टूबर 2020 को जिलाधिकारी जौनपुर के आदेश से गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई समाप्त किए जाने की बात सामने आई। इस घटनाक्रम को दिनेश के समर्थक उनके संघर्ष और कानूनी अधिकारों की लड़ाई के उदाहरण के रूप में देखते हैं। दिनेश कान्त यादव की कहानी शिक्षा, वकालत, सामाजिक सेवा और राजनीतिक-सामाजिक सक्रियता के मेल की कहानी के रूप में प्रस्तुत की जाती है। पूर्वांचल में युवाओं के बीच उनकी सक्रियता को लेकर समर्थकों को उनसे आगे भी सामाजिक और जनसेवा के क्षेत्र में भूमिका की उम्मीद है।
आजमगढ़ : पूर्वांचल की मिट्टी से निकले दिनेश कान्त यादव, संघर्ष और सेवा को बनाया पहचान

नवोदय से दिल्ली विश्वविद्यालय तक का सफर, वकालत के साथ सामाजिक सेवा में भी सक्रिय
सिद्धेश्वर पांडेय (व्यूरो चीफ )-
आजमगढ़ । पूर्वांचल की धरती ने राजनीति, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में अनेक प्रतिभाएं दी हैं। इसी क्रम में आजमगढ़ जिले से जुड़े दिनेश कान्त यादव का नाम भी सामने आता है। पूर्व सांसद उमाकांत यादव के पुत्र दिनेश ने शिक्षा और सामाजिक सरोकारों के साथ अपनी अलग पहचान बनाने का प्रयास किया है। जवाहर नवोदय विद्यालय जीयनपुर ,आजमगढ़ से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिन्दू कॉलेज से उच्च शिक्षा हासिल की। उनके शैक्षिक सफर में बीए ऑनर्स, एमए, एमबीए, बीएड, एलएलबी और ग्रामीण विकास जैसी पढ़ाई शामिल है। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने वकालत को पेशे के रूप में चुना। जौनपुर के शाहगंज क्षेत्र में सामाजिक गतिविधियों से जुड़े रहने के साथ वह शिव मंदिर और हनुमान मंदिर ट्रस्ट, भादी के अध्यक्ष के रूप में भी धार्मिक-सामाजिक गतिविधियों में भाग लेते हैं। कोरोना काल में सेवा का दावा वर्ष 2020 के कोरोना काल के दौरान लॉकडाउन में जरूरतमंद परिवारों तक राशन और अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाने का दावा भी दिनेश से जुड़े लोग करते हैं। बताया जाता है कि उस दौर में शाहगंज समेत पूर्वांचल के कई इलाकों में लोगों की मदद के लिए खाद्यान्न वितरित किया गया। कानूनी लड़ाई भी रही चर्चा में दिनेश कान्त यादव के जीवन का एक महत्वपूर्ण अध्याय वर्ष 2020 में सामने आया, जब उनके खिलाफ बदलापुर पुलिस द्वारा गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। उनके पक्ष की ओर से इसे गलत और राजनीतिक प्रतिशोध से जुड़ी कार्रवाई बताया गया। लंबे कानूनी संघर्ष के बाद 17 अक्टूबर 2020 को जिलाधिकारी जौनपुर के आदेश से गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई समाप्त किए जाने की बात सामने आई। इस घटनाक्रम को दिनेश के समर्थक उनके संघर्ष और कानूनी अधिकारों की लड़ाई के उदाहरण के रूप में देखते हैं। दिनेश कान्त यादव की कहानी शिक्षा, वकालत, सामाजिक सेवा और राजनीतिक-सामाजिक सक्रियता के मेल की कहानी के रूप में प्रस्तुत की जाती है। पूर्वांचल में युवाओं के बीच उनकी सक्रियता को लेकर समर्थकों को उनसे आगे भी सामाजिक और जनसेवा के क्षेत्र में भूमिका की उम्मीद है।
आजमगढ़ : शेर-ओ-शायरी से देर रात तक गुलजार रहा फूलपुर, गैर तरही मुशायरे में गूंजे उम्दा कलाम
  सिद्धेश्वर पांडेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़। फूलपुर तहसील के निकट स्थित ZFM कार्यालय पर शनिवार रात 12 सितंबर को गैर तरही मुशायरे की शानदार महफिल सजी। अदब, शायरी और साहित्य से सराबोर इस आयोजन में फूलपुर समेत आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे शायरों ने अपने बेहतरीन कलाम पेश कर देर रात तक श्रोताओं को बांधे रखा। कार्यक्रम का आगाज साकिब जमाल ने तिलावत-ए-कलामुल्लाह से किया। मुशायरे की सदारत मैकश अंजुमी ने की, जबकि निजामत नसीम साज ने अपने खास अंदाज में की। ZFM Foundation के संस्थापक जीशान अहमद खान ने फाउंडेशन की सामाजिक और अदबी गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्था का उद्देश्य अदब को फरोग देने के साथ समाज के दबे-कुचले तबकों तक तालीम पहुंचाना, जरूरतमंद बीमारों को दवा उपलब्ध कराना और मीडिया के माध्यम से आम लोगों की आवाज को सामने लाना है। मुख्य अतिथि मास्टर शमीम अहमद इस्लाही ने कहा कि उर्दू अदब की खिदमत के लिए होने वाले छोटे-छोटे मुशायरों की अपनी अहमियत है। ऐसे आयोजन नई प्रतिभाओं को अपनी कला और हुनर प्रदर्शित करने का मंच देते हैं। उर्दू अदब को आगे बढ़ाने में शायरों की भूमिका महत्वपूर्ण है। मुशायरे में मैकश अंजुमी, डॉ. शफीक आजमी, सुहैल अख्तर सिकरौरी, मुख्तार आलम आजमी, डॉ. रिजवान महजबी, तस्कीन आजमी, नसीम साज, अनवर इस्लाही, रफीक फूलपुरी, आजम भादवी, साकिब जमाल, असलम इस्लाही, अबू साद आजमी, अबू शहमा शीराजी, अहमद परवाज, निहाल मचला और अनजर आजमी सहित शायरों ने अपने कलाम पेश किए। श्रोताओं ने तालियों से शायरों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. मोहम्मद राशिद, हिसामुद्दीन, फारूक, एहसान, हैदर अली, आफताब आलम, सभासद इफ्तिखार अहमद, आकिब अंसारी, मुनाफ, अरमान, अब्दुल्ला और हमजा सहित नगर के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। समापन पर ZFM के संगठन प्रभारी रफीक फूलपुरी ने सभी शायरों, अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अदब और साहित्य से जुड़े आयोजन समाज में आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने का काम करते हैं।
आजमगढ़ : राजदीप के असमय निधन से गमगीन हुआ अंबारी, श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा जनसैलाब
 
सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़। फूलपुर तहसील क्षेत्र के अंबारी निवासी एवं कंपोजिट विद्यालय अंबारी के प्रधानाध्यापक राजेश यादव के पुत्र राजदीप के असामयिक निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है। रविवार को अंबारी स्थित आरोग्य निकेतन में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोगों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों ने पहुंचकर दिवंगत राजदीप को श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने राजदीप को होनहार, प्रतिभाशाली और संस्कारी बालक बताते हुए कहा कि उसका असमय निधन परिवार और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। इस दौरान लोगों ने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा समाज परिवार के साथ खड़ा है। कार्यक्रम के दौरान परिजनों को सांत्वना देने के लिए लोगों का तांता लगा रहा। श्रद्धांजलि सभा में विधायक संग्राम सिंह यादव, कमलेश यादव, पूर्व विधायक श्याम बहादुर यादव, डॉ. सुभाष यादव, डॉ. उदयभान यादव, डॉ. हरिप्रकाश यादव, डॉ. सुरेश यादव, विधायक प्रतिनिधि विजय बहादुर यादव, पूर्व प्रधान मो. असलम, जगविदित चौबे, अरुण यादव, महाप्रधान प्रमोद यादव, विजय, विक्रम, विवेक, अंबिका सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
आजमगढ़ : संघर्ष और संकल्प से शिक्षक बनीं अनीता यादव, गांव विशेखा की पहली शिक्षिका बनने का गौरव अभावों को बनाया हथियार
  सिद्धेश्वर पांडेय
   व्यूरो चीफ
आजमगढ़। मेहनत, संघर्ष और मजबूत इरादों के बल पर मंजिल हासिल करने वाली अनीता यादव ने न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे गांव का नाम रोशन किया है। फूलपुर तहसील क्षेत्र के विशेखा गांव निवासी अनीता यादव पत्नी शिव प्रकाश यादव ने गृह विज्ञान विषय में प्रशिक्षित स्नातक परीक्षा (टीजीटी) 2022 में सफलता हासिल कर गांव में पहली बार 2026 मे शिक्षिका बनने का गौरव प्राप्त किया है। उनकी इस उपलब्धि से गांव में हर्ष का माहौल है। अनिता यादव की पोस्टिंग श्री नरोत्तम ब्रम्ह इंटर कालेज ,सुंदरपुर ,आजमगढ़ में शिक्षिका के रूप में कार्य करने का अवसर मिला है । मार्टिनगंज में जन्मीं और पली-बढ़ीं अनीता बचपन से ही मेधावी और संघर्षशील रही हैं। वर्ष 2009 में शादी के बाद भी उन्होंने पढ़ाई जारी रखी। पति शिव प्रकाश यादव एक निजी विद्यालय में शिक्षक हैं। सीमित आय और अभावों के बावजूद दंपती ने अपने सपनों को टूटने नहीं दिया। अनीता का सपना शिक्षक बनने का था और उन्होंने इसे अपनी जिंदगी का लक्ष्य बना लिया। वर्ष 2016 से अनीता पति के साथ घर से बाहर रहकर निजी विद्यालय में शिक्षण कार्य भी करती रहीं। कोरोना काल में वर्ष 2020 में उन्होंने शिक्षण कार्य से विराम लेकर अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित किया। जीवन में तमाम उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया। पति की सीमित आय के बीच दोनों ने संघर्ष करते हुए अनीता के सपने को आगे बढ़ाया। शिक्षा की रोशनी से बदल रही गांव की पहचान विशेखा गांव लंबे समय तक शिक्षा और विकास के मामले में पिछड़ा माना जाता रहा है। कभी नशा और गुंडागर्दी जैसी बुराइयों के कारण चर्चा में रहने वाला यह गांव अब धीरे-धीरे शिक्षा की ओर बढ़ रहा है। अनीता की सफलता ने गांव के बच्चों और युवाओं के सामने नई मिसाल पेश की है। अनीता अपनी सफलता का श्रेय पति शिव प्रकाश यादव के साथ सास-ससुर, जेठ-जेठानी, माता-पिता और भाई के सहयोग को देती हैं। उनका कहना है कि परिवार के भरोसे और सहयोग ने उन्हें कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की ताकत दी। अनीता की कहानी उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो शादी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच अपने सपनों को छोड़ देती हैं। उन्होंने साबित किया कि मजबूत इरादा और निरंतर मेहनत हो तो अभाव भी मंजिल की राह नहीं रोक सकते।
आजमगढ़ : निपुण भारत मिशन को लेकर शिक्षकों की समीक्षा बैठक, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर
  सिद्धेश्वर पांडेय
   व्यूरो चीफ
आजमगढ़। फूलपुर खंड शिक्षा क्षेत्र के न्याय पंचायत सजई अमनाबाद में निपुण भारत मिशन के तहत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के मुख्य अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार ने शिक्षकों को निपुण भारत मिशन के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने के लिए शिक्षक नियमित रूप से शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा करें और कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान दें। बैठक में शिक्षकों ने निपुण भारत के लक्ष्यों को हासिल करने को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की। इस अवसर पर जगदम्बा यादव, केशव लाल यादव, दीपक यादव, संजय कुमार गौतम, कुमार विश्वकर्मा सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे। अंत में विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजय कुमार यादव ने मुख्य अतिथि एवं उपस्थित सभी शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
आजमगढ़ : युवाओं की भागीदारी से बनेगा विकसित भारत, छात्राओं को युवा संवाद से जोड़ा 
सिद्धेश्वर पांडेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़। विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद-2027 के तहत मेरा युवा भारत, आजमगढ़ की ओर से अम्बारी स्थित गया प्रसाद स्मारक राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में युवा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान छात्राओं को विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद-2027 के उद्देश्यों, युवा नेतृत्व, राष्ट्र निर्माण तथा विकसित भारत के संकल्प के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही अभियान से जुड़कर देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. प्रवीण कुमार और डॉ. प्रतिभा देवी समेत अन्य शिक्षक ने युवाओं से सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने और राष्ट्र निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में स्वयंसेवक बृजेश यादव और स्वयंसेविका नीलू प्रजापति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जागरूकता कार्यक्रम के दौरान छात्राओं में खासा उत्साह देखने को मिला।