देवरिया शिक्षक की आत्महत्या: उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक शिक्षक संघ ने लगाए विभाग पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
  संजीव सिंह बलिया। उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री सुशील कुमार पाण्डेय ‘कान्हजी’ ने जनपद देवरिया के जूनियर हाई स्कूल, मदरसन, गौरी बाजार में सहायक अध्यापक पद पर कार्यरत कृष्णमोहन सिंह द्वारा कथित विभागीय उत्पीड़न एवं अव्यवस्थाओं से आहत होकर आत्महत्या किए जाने की घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।उन्होंने कहा कि “रामराज्य” और “जीरो टॉलरेंस” की बातें केवल मंच और माइक तक सीमित होकर रह गई हैं, जबकि शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। देवरिया की इस घटना ने विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। पाण्डेय ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी एवं पटल सहायक शिक्षकों का शोषण करते हैं, पत्रावलियों को अनावश्यक रूप से लंबित रखते हैं और शिक्षकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर करते हैं।प्रांतीय महामंत्री ने कहा कि सरकारें विद्यालयों को प्रयोगशाला और अध्यापकों को मशीन समझ रही हैं। प्रतिदिन नए-नए आदेश जारी किए जा रहे हैं, जिनका प्रतिकूल प्रभाव शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य और कार्यक्षमता पर पड़ रहा है।उन्होंने सरकार से मांग की है कि देवरिया की इस घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को समस्त देयकों का शीघ्र भुगतान, परिवार के दो सदस्यों को सरकारी नौकरी तथा पांच करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
रायपुर को मिली विकास की नई उड़ान: सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने 'संकल्प' बजट 2026-27 को बताया ऐतिहासिक

रायपुर- रायपुर लोकसभा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के ‘संकल्प’ बजट का हृदय से स्वागत किया है। उन्होंने इस बजट को जन-आकांक्षाओं का प्रतिबिंब और राज्य के सर्वांगीण विकास का रोडमैप बताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओ पी चौधरी को बधाई दी है।

सांसद श्री अग्रवाल ने विशेष रूप से रायपुर लोकसभा क्षेत्र के लिए की गई घोषणाओं पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि राजधानी अब आधुनिकता और सुविधाओं के नए मानक स्थापित करेगी। बजट की मुख्य विशेषताओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि, कालीबाड़ी स्थित जिला अस्पताल में 200 बिस्तरों वाले मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल (MCH) का निर्माण मातृ-शिशु स्वास्थ्य की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। साथ ही, रायपुर में नए होम्योपैथी कॉलेज की स्थापना से चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होगा।

इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए 25 करोड़ रुपये की लागत से मेगा परीक्षा केंद्र और राजधानी में 5 नए नालंदा पुस्तकालयों की स्थापना की जाएगी। CG-ACE योजना (₹33 करोड़) से हमारे होनहार बच्चों को कोचिंग और करियर निर्माण में सीधी मदद मिलेगी।

श्री अग्रवाल ने कहा कि, रायपुर लोकसभा के अंतर्गत शहरी कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना (₹200 करोड़) के तहत सड़कों और नालियों का कायाकल्प होगा। बजट में विशेष रूप से प्रमुख फ्लाईओवरों (ब्रिज) और नई सड़कों के लिए प्रावधान किए गए हैं, जिससे राजधानी की ट्रैफिक समस्या का स्थाई समाधान होगा।

राजधानी स्थित विश्वविद्यालयों के लिए ₹731 करोड़ का अनुदान और रायपुर क्षेत्र के IIT में ₹20 करोड़ के अधोसंरचना विकास और रायपुर तथा बलौदा बाजार में महाविद्यालयों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना से शिक्षा की गुणवत्ता वैश्विक स्तर की होगी।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, "यह बजट रायपुर को केवल छत्तीसगढ़ की राजधानी नहीं, बल्कि देश के अत्याधुनिक महानगरों की श्रेणी में खड़ा करने वाला है। विशेष रूप से स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) की अवधारणा, जिसके लिए ₹68 करोड़ का प्रावधान किया गया है, दिल्ली-NCR की तर्ज पर रायपुर, बलौदाबाजार और आसपास के क्षेत्रों को एक एकीकृत विकास सूत्र में बांधेगी। इससे नियोजन और कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।"

उन्होंने बजट के अन्य प्रमुख बिंदुओं पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा:

आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और 'राजधानी पैकेज': रायपुर की ट्रैफिक समस्याओं के स्थाई समाधान के लिए घोषित 'विशेष राजधानी पैकेज' और शहर की सुंदरता व सुरक्षा हेतु ₹100 करोड़ की लागत से अंडरग्राउंड बिजली लाइन बिछाने का निर्णय रायपुर के शहरी स्वरूप को पूरी तरह बदल देगा।

मेट्रो रेल और भविष्य की परिवहन व्यवस्था: रायपुर-दुर्ग-भिलाई के बीच मेट्रो रेल परियोजना के सर्वे और शुरुआती प्रावधानों से लाखों नौकरीपेशा और छात्रों का सफर आसान होगा। यह इस क्षेत्र की लाइफलाइन साबित होगी।

मेकाहारा (MEKAHARA) को AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक से अपग्रेड करना और मेडिकल कॉलेज के इंटर्न हॉस्टल के लिए ₹35 करोड़ देना स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।

नवा रायपुर में ₹10 करोड़ से इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स और कचना में 'प्लग एंड प्ले' इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना से स्थानीय युवाओं को घर के पास ही रोजगार मिलेगा। साथ ही, रायपुर में OBC छात्राओं के लिए 200 सीटों वाला छात्रावास हमारी बेटियों की शिक्षा के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक स्मृति भवन के लिए ₹5 करोड़ का आवंटन हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का सराहनीय कदम है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि "यह बजट विकसित छत्तीसगढ़ और आधुनिक रायपुर के संकल्प की सिद्धि है। रायपुर लोकसभा क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, डिजिटल एडमिनिस्ट्रेशन (AI मिशन) और बेहतर परिवहन सुविधाओं से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। विशेषकर औद्योगिक बजट को ₹248 करोड़ से बढ़ाकर ₹775 करोड़ करना यह दर्शाता है कि रायपुर अब निवेश का सबसे बड़ा केंद्र बनने जा रहा है।"

सांसद श्री अग्रवाल ने विश्वास जताया कि इस बजट के क्रियान्वयन से रायपुर लोकसभा क्षेत्र का हर वर्ग—चाहे वह किसान हो, युवा हो, महिला हो या व्यापारी—सीधे तौर पर लाभान्वित होगा।

राकेश सचान ने एमएसएमई योजनाओं में तेजी के दिए निर्देश, मार्च तक लक्ष्य हासिल करने पर जोर
* विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान और एक जनपद एक उत्पाद की प्रगति की समीक्षा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान ने मंगलवार को निर्यात भवन, कैसरबाग, लखनऊ में विभागीय योजनाओं की व्यापक समीक्षा बैठक की। बैठक में एमएसएमई विभाग की प्रमुख योजनाओं तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट व्यय की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वित्तीय वर्ष के अंतिम चरण में योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए और अधिकतम लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में एमएसएमई क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं और चालू वित्तीय वर्ष में बजट व्यय एवं स्वीकृतियों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
बैठक में विशेष रूप से विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत पारंपरिक कारीगरों को टूलकिट वितरण, सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत ऋण एवं मार्जिन मनी सहायता तथा एक जनपद एक उत्पाद योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने पर जोर दिया गया। मंत्री सचान ने निर्देश दिया कि लंबित भुगतान, टूलकिट वितरण, प्रशिक्षण कार्यक्रम और उद्यम स्थापना से जुड़े कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण किए जाएं।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं, कारीगरों और सूक्ष्म उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाते हुए रोजगार सृजन को गति देना है। लाभार्थियों के चयन, बैंक समन्वय और पोर्टल आधारित मॉनिटरिंग को और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में विभागीय अधिकारियों ने योजनाओं की प्रगति, बजट व्यय, लंबित प्रस्तावों और आगामी लक्ष्यों की जानकारी प्रस्तुत की। मंत्री ने निर्देश दिया कि ग्राउंड मॉनिटरिंग बढ़ाई जाए और मार्च माह के भीतर अधिकतम लक्ष्य हासिल कर प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र को नई ऊंचाई दी जाए।
केशव प्रसाद मौर्य के जर्मनी दौरे से निवेश को नई गति, रक्षा व उन्नत विनिर्माण पर विशेष फोकस
* न्यूरेम्बर्ग में उच्चस्तरीय औद्योगिक संवाद, एयरोस्पेस व ड्रोन तकनीक में सहयोग की संभावनाएं मजबूत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं आईटी मंत्री सुनील कुमार शर्मा के नेतृत्व में जर्मनी दौरे पर गए राज्य प्रतिनिधिमंडल ने निवेश, रक्षा विनिर्माण, एयरोस्पेस सहयोग एवं औद्योगिक साझेदारी के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं।
जर्मनी के न्यूरेम्बर्ग में उप मुख्यमंत्री ने NürnbergMesse Group के सीईओ Peter Ottmann से भेंट कर उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं एवं औद्योगिक सहयोग पर विस्तृत चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश की निवेशक-अनुकूल नीतियों, विश्वस्तरीय अवसंरचना और कुशल मानव संसाधन की जानकारी देते हुए जर्मन उद्योग जगत को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया।
इसी क्रम में जर्मन–इजराइली कंपनी Quantum Technologies के साथ रणनीतिक बैठक आयोजित हुई। कंपनी मानव रहित ड्रोन तकनीक, रक्षा-स्तरीय टोही प्रणाली तथा 160 किमी तक की परिचालन क्षमता वाले उच्च-ऊंचाई प्लेटफॉर्म विकसित करने में विशेषज्ञ है। उत्तर प्रदेश सरकार ने कंपनी को राज्य में विनिर्माण एवं अनुसंधान एवं विकास (R&D) केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। बैठक में विनिर्माण, कौशल विकास एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग पर सहमति बनी।
प्रतिनिधिमंडल ने जर्मनी की प्रमुख रक्षा एवं हथियार निर्माण कंपनियों का भी दौरा कर उन्नत ड्रोन तकनीक, अगली पीढ़ी की हथियार प्रणालियां, प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग तथा अत्याधुनिक रडार प्रौद्योगिकी में निवेश की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। उत्तर प्रदेश को एयरोस्पेस एवं रक्षा निवेश के प्रमुख गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया गया।
न्यूरेम्बर्ग में भारत के राजदूत अजीत गुप्ते के साथ आयोजित रात्रि भोज में औद्योगिक विकास एवं निवेश अवसरों पर चर्चा हुई। साथ ही जर्मनी में भारत के कांसल जनरल शत्रुघ्न सिन्हा से भी द्विपक्षीय सहयोग को सुदृढ़ करने पर विचार-विमर्श किया गया।
इससे पूर्व उप मुख्यमंत्री ने जर्मनी स्थित Motherson Sumi प्लांट का भ्रमण किया तथा फ्रैंकफर्ट में आयोजित इन्वेस्टर्स कॉन्क्लेव में उत्तर प्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं को प्रस्तुत किया।
‘Invest UP’ पहल के अंतर्गत फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट क्षेत्र के प्रतिनिधियों — Manfred Ockel (Mayor of Kelsterbach), David Rendel (Mayor of Raunheim) तथा Stephan Wittekind (CEO, Innovation RheinMain) — से भेंट कर लॉजिस्टिक्स, डाटा सेंटर, नवाचार एवं औद्योगिक विकास के क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा हुई। वार्ता का मुख्य केंद्र फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच संस्थागत सहयोग स्थापित करना रहा। दोनों पक्षों ने समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर कर दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करने का संकल्प व्यक्त किया।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गंगा एवं यमुना एक्सप्रेसवे जैसे विशाल एक्सप्रेसवे नेटवर्क, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, बहु-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के विस्तार के कारण एक मजबूत लॉजिस्टिक हब के रूप में उभर रहा है। राज्य में 70,000 एकड़ से अधिक भूमि बैंक निवेश के लिए उपलब्ध है तथा ‘निवेश मित्र’ सिंगल विंडो प्रणाली 40 से अधिक विभागों की 500 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने टेक्सटाइल, अपैरल, लेदर, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, मेडिकल डिवाइस पार्क, केमिकल एवं फार्मा पार्क तथा डिफेंस कॉरिडोर जैसे क्षेत्रों में जर्मन उद्योगों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सुदृढ़ आधारभूत संरचना, कुशल मानव संसाधन और पारदर्शी सुशासन मॉडल के बल पर उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में तेजी से उभर रहा है। इस दौरान अपर मुख्य सचिव (एमएसएमई एवं उद्योग) आलोक कुमार ने भी प्रदेश की औद्योगिक रणनीति एवं निवेश संवर्धन के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।
राष्ट्रपति का रांची दौरा: बिरसा मुंडा एयरपोर्ट की परिधि "No Flying Zone" घोषित, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

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रांची: भारत की माननीय राष्ट्रपति महोदया के 26 फरवरी 2026 को प्रस्तावित रांची आगमन और प्रस्थान को लेकर जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से अनुमंडल दंडाधिकारी (SDM) सदर, रांची ने बिरसा मुंडा एयरपोर्ट की परिधि को पूरी तरह से 'नो फ्लाइंग जोन' (No Flying Zone) घोषित कर दिया है।

क्या-क्या रहेगा प्रतिबंधित?

प्रशासन द्वारा जारी निषेधाज्ञा के अनुसार, चिन्हित क्षेत्र और उसके ऊपर:

ड्रोन (Drones)

पैराग्लाइडिंग (Paragliding)

हॉट एयर बैलून (Hot Air Balloons)

का संचालन पूरी तरह से वर्जित रहेगा।

निषेधाज्ञा का समय:

अनुमंडल दंडाधिकारी द्वारा BNSS की धारा-163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किया गया है। यह निषेधाज्ञा 26 फरवरी 2026 को प्रातः 06:00 बजे से लेकर रात्रि 10:00 बजे तक प्रभावी रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री एके शर्मा ने की नगर विकास योजनाओं की समीक्षा, पीएम आवास योजना को दी सर्वोच्च प्राथमिकता

* संगम सभागार, लखनऊ में हुई बैठक में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर

लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने संगम सभागार, लखनऊ में नगर विकास विभाग की विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को प्राथमिकता, पारदर्शिता और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा है कि शहरी विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।

बैठक के दौरान मंत्री ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों को समय से आवास उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता हो। लंबित आवासों का निर्माण शीघ्र पूरा किया जाए तथा जिन लाभार्थियों की किस्तें लंबित हैं, उनका भुगतान तत्काल सुनिश्चित किया जाए। अपात्र व्यक्तियों को सूची से हटाकर वास्तविक पात्रों को जोड़ा जाए और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखते हुए नियमित भौतिक सत्यापन कराया जाए।

उन्होंने कहा कि पीएम आवास योजना गरीबों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर जीवन की आधारशिला है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। जिन जनपदों में सत्यापन कार्य लंबित है, वहां जिलाधिकारियों से समन्वय कर प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।

समीक्षा बैठक में आकांक्षी नगर योजना, सीएम ग्रिड योजना, कान्हा गौशाला योजना एवं सीएम वैश्विक नगरोदय योजना की प्रगति की भी जानकारी ली गई। मंत्री ने निर्देश दिए कि चयनित नगरों में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाए, शहरी अधोसंरचना को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाए, गौवंश संरक्षण की व्यवस्था मजबूत की जाए तथा शहरों को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाए।

मंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, जिला एवं नगर स्तर पर जवाबदेही तय करने और समयबद्ध प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता, गुणवत्ता और गति—इन तीनों के समन्वय से ही प्रदेश के शहरी क्षेत्रों को सशक्त और सुव्यवस्थित बनाया जा सकता है।

बैठक में प्रमुख सचिव पी. गुरु प्रसाद, सचिव अनुज झा, रविंद्र कुमार प्रथम, विशेष सचिव प्रवीण लक्ष्यकार,  सत्य प्रकाश पटेल, महेंद्र कुमार सिंह तथा निदेशक सूडा श्रीमती अपूर्वा दुबे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
एड. अशोक दुबे ने महाराष्ट्र और गोवा बार काउंसिल के लिए किया नामांकन
मुंबई। महाराष्ट्र और गोवा बार काउंसिल चुनाव की तारीख का ऐलान होने के साथ नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है, पूरे महाराष्ट्र और गोवा से अधिवक्ता अपना नामांकन करने के लिए अपने समर्थकों के साथ बार काउंसिल ऑफ महाराष्ट्र और गोवा के मुंबई कार्यालय में पहुंच रहे हैं। नामांकन करने की अंतिम तारीख 26 फरवरी तथा चुनाव की तारीख 24 फरवरी है । मतगणना 7 अप्रैल को होगा।

मुंबई उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता, Advocates Association of Western India (AAWI) के आजीवन सदस्य अधिवक्ता अशोक कुमार दुबे ने भारी संख्या में उपस्थित अपने समर्थकों के साथ आज अपना नामांकन किया। उनके नामांकन का  प्रस्ताव उनके कानूनी गुरु वरिष्ठ अधिवक्ता जयेश याज्ञनिक और राजनाथ पाठक ने किया।

इस अवसर पर उपस्थित अधिवक्ताओं में एडवोकेट अनिल कुमार पांडे, एडवोकेट कमलेश मिश्रा, एडवोकेट अभिनव दुबे, एडवोकेट चिंतन, एडवोकेट अमित तिवारी, एडवोकेट राहुल पाटिल, एडवोकेट अंकित, एडवोकेट मृदुल, एडवोकेट अक्षय जाधव, मुकेश चौरसिया आदि का समावेश रहा।
बैंकों की प्रगति खराब पर डीएम ने जताई नाराजगी, निरस्त आवेदन पर करें पुनर्विचार
फर्रुखाबाद l मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना लागू की गयी है। जिसकी समीक्षा मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/मण्डलायुक्त एवं द्वारा की जा रही हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना एवं एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण योजनान्तर्गत की प्रगति अत्यन्त खराब होने के कारण बैंक शाखाओं द्वारा निरस्त किये गये आवेदन पत्रों पर पुनर्विचार तथा लम्बित आवेदनों पर गुणवत्ता पूर्वक निस्तारण हेतु विशेष समीक्षा बैंठक मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आहूत की गयी थी।

इस दौरान बैठक में बैंक ऑफ बडौदा, एक्सिस बैंक, सेन्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया, इण्डियन ओवरसीज़ बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इण्डिया बैंक शाखाओं की समीक्षा जिलाधिकारी की अध्यक्षता में की गयी।

बैठक में जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि योजनाओं में युद्ध स्तर पर ऋण वितरण की कार्यवाही करायी जाये जिससे वित्तीय वर्ष 2025-26 के लक्ष्यों को माह मार्च 2026 तक पूर्ण हो सके।
दो दिवसीय जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम में संबंधित अधिकारियों को दी गई विस्तृत जानकारी
गोण्डा।24 फरवरी,2026
कलेक्ट्रेट सभागार में प्रशिक्षण अधिकारी  अश्वनी दीक्षित उपनिदेशक जनगणना की अध्यक्षता में दो दिवसीय जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आगामी आयोजित होने वाले जनगणना कार्यों को सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से संपन्न कराने हेतु अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश एवं विस्तृत जानकारी प्रदान किया जाना।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण अधिकारी अश्वनी दीक्षित ने जनगणना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं है, बल्कि यह शासन की नीतियों, योजनाओं एवं विकास कार्यों की आधारशिला है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनगणना कार्य को पूर्ण गंभीरता, निष्ठा एवं उत्तरदायित्व के साथ संपादित करें।

प्रशिक्षण अधिकारी द्वारा जनगणना की प्रक्रिया, प्रपत्रों के सही तरीके से संधारण, डिजिटल उपकरणों के उपयोग तथा डेटा की गोपनीयता बनाए रखने के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में प्रशिक्षण अधिकारी ने सभी अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे जनगणना कार्य को टीम भावना के साथ सफलतापूर्वक संपन्न कर जनपद को उत्कृष्ट प्रदर्शन की श्रेणी में लाने में सहयोग प्रदान करें।

इस अवसर पर समस्त अधिशासी अधिकारी नगरपालिका एवं नगर पंचायत सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
शिक्षकों के सम्मान के साथ हो रहे खिलवाड़ को बर्दाश्त नहीं करेगा संगठन : अनिल यादव

जौनपुर। जनपद के केराकत ब्लॉक के सम्मानित शिक्षकों की आज एक बैठक हुई, जिसमें विभिन्न शैक्षिक समस्याओं पर विचार विमर्श किया गया।अवकाश प्राप्त शिक्षकों के देयकों का समयानुसार भुगतान,शिक्षकों के चयन वेतनमान,एवं वर्तमान में टेटमुद्दे पर सभी संगठन को एकजुट होकर आरपार की लड़ाई लड़ना होगा।सभी उपस्थित शिक्षकों ने एक स्वर में निर्णय लिया कि, शिक्षकों का सम्मान  सर्वोपरि है।सम्मान पर यदि आंच आयी तो संगठन बर्दाश्त नहीं करेगा।

बैठक को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ लखनऊ  पंजीकरण संख्या1160 के प्रदेश महामंत्री अनिल यादव ने संबोधित किया।इस अवसर पर प्रांतीय संयुक्त मंत्री व जिला मंत्री डॉ. भानु प्रताप राव ने भी विचार व्यक्त किया। प्रदेशीय उपाध्यक्ष व जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष सच्चिदानंद तिवारी, जिला उपाध्यक्ष डॉ. प्रवीण यादव, बीरेन्द्र यादव सहित केराकत ब्लॉक के सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे I बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक अध्यक्ष शिव बचन यादव ने किया I संचालन क्रान्ति कुमार स्टालिन ने किया I
देवरिया शिक्षक की आत्महत्या: उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक शिक्षक संघ ने लगाए विभाग पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
  संजीव सिंह बलिया। उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री सुशील कुमार पाण्डेय ‘कान्हजी’ ने जनपद देवरिया के जूनियर हाई स्कूल, मदरसन, गौरी बाजार में सहायक अध्यापक पद पर कार्यरत कृष्णमोहन सिंह द्वारा कथित विभागीय उत्पीड़न एवं अव्यवस्थाओं से आहत होकर आत्महत्या किए जाने की घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।उन्होंने कहा कि “रामराज्य” और “जीरो टॉलरेंस” की बातें केवल मंच और माइक तक सीमित होकर रह गई हैं, जबकि शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। देवरिया की इस घटना ने विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। पाण्डेय ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी एवं पटल सहायक शिक्षकों का शोषण करते हैं, पत्रावलियों को अनावश्यक रूप से लंबित रखते हैं और शिक्षकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर करते हैं।प्रांतीय महामंत्री ने कहा कि सरकारें विद्यालयों को प्रयोगशाला और अध्यापकों को मशीन समझ रही हैं। प्रतिदिन नए-नए आदेश जारी किए जा रहे हैं, जिनका प्रतिकूल प्रभाव शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य और कार्यक्षमता पर पड़ रहा है।उन्होंने सरकार से मांग की है कि देवरिया की इस घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को समस्त देयकों का शीघ्र भुगतान, परिवार के दो सदस्यों को सरकारी नौकरी तथा पांच करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
रायपुर को मिली विकास की नई उड़ान: सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने 'संकल्प' बजट 2026-27 को बताया ऐतिहासिक

रायपुर- रायपुर लोकसभा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के ‘संकल्प’ बजट का हृदय से स्वागत किया है। उन्होंने इस बजट को जन-आकांक्षाओं का प्रतिबिंब और राज्य के सर्वांगीण विकास का रोडमैप बताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओ पी चौधरी को बधाई दी है।

सांसद श्री अग्रवाल ने विशेष रूप से रायपुर लोकसभा क्षेत्र के लिए की गई घोषणाओं पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि राजधानी अब आधुनिकता और सुविधाओं के नए मानक स्थापित करेगी। बजट की मुख्य विशेषताओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि, कालीबाड़ी स्थित जिला अस्पताल में 200 बिस्तरों वाले मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल (MCH) का निर्माण मातृ-शिशु स्वास्थ्य की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। साथ ही, रायपुर में नए होम्योपैथी कॉलेज की स्थापना से चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होगा।

इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए 25 करोड़ रुपये की लागत से मेगा परीक्षा केंद्र और राजधानी में 5 नए नालंदा पुस्तकालयों की स्थापना की जाएगी। CG-ACE योजना (₹33 करोड़) से हमारे होनहार बच्चों को कोचिंग और करियर निर्माण में सीधी मदद मिलेगी।

श्री अग्रवाल ने कहा कि, रायपुर लोकसभा के अंतर्गत शहरी कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना (₹200 करोड़) के तहत सड़कों और नालियों का कायाकल्प होगा। बजट में विशेष रूप से प्रमुख फ्लाईओवरों (ब्रिज) और नई सड़कों के लिए प्रावधान किए गए हैं, जिससे राजधानी की ट्रैफिक समस्या का स्थाई समाधान होगा।

राजधानी स्थित विश्वविद्यालयों के लिए ₹731 करोड़ का अनुदान और रायपुर क्षेत्र के IIT में ₹20 करोड़ के अधोसंरचना विकास और रायपुर तथा बलौदा बाजार में महाविद्यालयों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना से शिक्षा की गुणवत्ता वैश्विक स्तर की होगी।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, "यह बजट रायपुर को केवल छत्तीसगढ़ की राजधानी नहीं, बल्कि देश के अत्याधुनिक महानगरों की श्रेणी में खड़ा करने वाला है। विशेष रूप से स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) की अवधारणा, जिसके लिए ₹68 करोड़ का प्रावधान किया गया है, दिल्ली-NCR की तर्ज पर रायपुर, बलौदाबाजार और आसपास के क्षेत्रों को एक एकीकृत विकास सूत्र में बांधेगी। इससे नियोजन और कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।"

उन्होंने बजट के अन्य प्रमुख बिंदुओं पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा:

आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और 'राजधानी पैकेज': रायपुर की ट्रैफिक समस्याओं के स्थाई समाधान के लिए घोषित 'विशेष राजधानी पैकेज' और शहर की सुंदरता व सुरक्षा हेतु ₹100 करोड़ की लागत से अंडरग्राउंड बिजली लाइन बिछाने का निर्णय रायपुर के शहरी स्वरूप को पूरी तरह बदल देगा।

मेट्रो रेल और भविष्य की परिवहन व्यवस्था: रायपुर-दुर्ग-भिलाई के बीच मेट्रो रेल परियोजना के सर्वे और शुरुआती प्रावधानों से लाखों नौकरीपेशा और छात्रों का सफर आसान होगा। यह इस क्षेत्र की लाइफलाइन साबित होगी।

मेकाहारा (MEKAHARA) को AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक से अपग्रेड करना और मेडिकल कॉलेज के इंटर्न हॉस्टल के लिए ₹35 करोड़ देना स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।

नवा रायपुर में ₹10 करोड़ से इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स और कचना में 'प्लग एंड प्ले' इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना से स्थानीय युवाओं को घर के पास ही रोजगार मिलेगा। साथ ही, रायपुर में OBC छात्राओं के लिए 200 सीटों वाला छात्रावास हमारी बेटियों की शिक्षा के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक स्मृति भवन के लिए ₹5 करोड़ का आवंटन हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का सराहनीय कदम है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि "यह बजट विकसित छत्तीसगढ़ और आधुनिक रायपुर के संकल्प की सिद्धि है। रायपुर लोकसभा क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, डिजिटल एडमिनिस्ट्रेशन (AI मिशन) और बेहतर परिवहन सुविधाओं से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। विशेषकर औद्योगिक बजट को ₹248 करोड़ से बढ़ाकर ₹775 करोड़ करना यह दर्शाता है कि रायपुर अब निवेश का सबसे बड़ा केंद्र बनने जा रहा है।"

सांसद श्री अग्रवाल ने विश्वास जताया कि इस बजट के क्रियान्वयन से रायपुर लोकसभा क्षेत्र का हर वर्ग—चाहे वह किसान हो, युवा हो, महिला हो या व्यापारी—सीधे तौर पर लाभान्वित होगा।

राकेश सचान ने एमएसएमई योजनाओं में तेजी के दिए निर्देश, मार्च तक लक्ष्य हासिल करने पर जोर
* विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान और एक जनपद एक उत्पाद की प्रगति की समीक्षा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान ने मंगलवार को निर्यात भवन, कैसरबाग, लखनऊ में विभागीय योजनाओं की व्यापक समीक्षा बैठक की। बैठक में एमएसएमई विभाग की प्रमुख योजनाओं तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट व्यय की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वित्तीय वर्ष के अंतिम चरण में योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए और अधिकतम लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में एमएसएमई क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं और चालू वित्तीय वर्ष में बजट व्यय एवं स्वीकृतियों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
बैठक में विशेष रूप से विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत पारंपरिक कारीगरों को टूलकिट वितरण, सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत ऋण एवं मार्जिन मनी सहायता तथा एक जनपद एक उत्पाद योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने पर जोर दिया गया। मंत्री सचान ने निर्देश दिया कि लंबित भुगतान, टूलकिट वितरण, प्रशिक्षण कार्यक्रम और उद्यम स्थापना से जुड़े कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण किए जाएं।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं, कारीगरों और सूक्ष्म उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाते हुए रोजगार सृजन को गति देना है। लाभार्थियों के चयन, बैंक समन्वय और पोर्टल आधारित मॉनिटरिंग को और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में विभागीय अधिकारियों ने योजनाओं की प्रगति, बजट व्यय, लंबित प्रस्तावों और आगामी लक्ष्यों की जानकारी प्रस्तुत की। मंत्री ने निर्देश दिया कि ग्राउंड मॉनिटरिंग बढ़ाई जाए और मार्च माह के भीतर अधिकतम लक्ष्य हासिल कर प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र को नई ऊंचाई दी जाए।
केशव प्रसाद मौर्य के जर्मनी दौरे से निवेश को नई गति, रक्षा व उन्नत विनिर्माण पर विशेष फोकस
* न्यूरेम्बर्ग में उच्चस्तरीय औद्योगिक संवाद, एयरोस्पेस व ड्रोन तकनीक में सहयोग की संभावनाएं मजबूत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं आईटी मंत्री सुनील कुमार शर्मा के नेतृत्व में जर्मनी दौरे पर गए राज्य प्रतिनिधिमंडल ने निवेश, रक्षा विनिर्माण, एयरोस्पेस सहयोग एवं औद्योगिक साझेदारी के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं।
जर्मनी के न्यूरेम्बर्ग में उप मुख्यमंत्री ने NürnbergMesse Group के सीईओ Peter Ottmann से भेंट कर उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं एवं औद्योगिक सहयोग पर विस्तृत चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश की निवेशक-अनुकूल नीतियों, विश्वस्तरीय अवसंरचना और कुशल मानव संसाधन की जानकारी देते हुए जर्मन उद्योग जगत को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया।
इसी क्रम में जर्मन–इजराइली कंपनी Quantum Technologies के साथ रणनीतिक बैठक आयोजित हुई। कंपनी मानव रहित ड्रोन तकनीक, रक्षा-स्तरीय टोही प्रणाली तथा 160 किमी तक की परिचालन क्षमता वाले उच्च-ऊंचाई प्लेटफॉर्म विकसित करने में विशेषज्ञ है। उत्तर प्रदेश सरकार ने कंपनी को राज्य में विनिर्माण एवं अनुसंधान एवं विकास (R&D) केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। बैठक में विनिर्माण, कौशल विकास एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग पर सहमति बनी।
प्रतिनिधिमंडल ने जर्मनी की प्रमुख रक्षा एवं हथियार निर्माण कंपनियों का भी दौरा कर उन्नत ड्रोन तकनीक, अगली पीढ़ी की हथियार प्रणालियां, प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग तथा अत्याधुनिक रडार प्रौद्योगिकी में निवेश की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। उत्तर प्रदेश को एयरोस्पेस एवं रक्षा निवेश के प्रमुख गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया गया।
न्यूरेम्बर्ग में भारत के राजदूत अजीत गुप्ते के साथ आयोजित रात्रि भोज में औद्योगिक विकास एवं निवेश अवसरों पर चर्चा हुई। साथ ही जर्मनी में भारत के कांसल जनरल शत्रुघ्न सिन्हा से भी द्विपक्षीय सहयोग को सुदृढ़ करने पर विचार-विमर्श किया गया।
इससे पूर्व उप मुख्यमंत्री ने जर्मनी स्थित Motherson Sumi प्लांट का भ्रमण किया तथा फ्रैंकफर्ट में आयोजित इन्वेस्टर्स कॉन्क्लेव में उत्तर प्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं को प्रस्तुत किया।
‘Invest UP’ पहल के अंतर्गत फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट क्षेत्र के प्रतिनिधियों — Manfred Ockel (Mayor of Kelsterbach), David Rendel (Mayor of Raunheim) तथा Stephan Wittekind (CEO, Innovation RheinMain) — से भेंट कर लॉजिस्टिक्स, डाटा सेंटर, नवाचार एवं औद्योगिक विकास के क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा हुई। वार्ता का मुख्य केंद्र फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच संस्थागत सहयोग स्थापित करना रहा। दोनों पक्षों ने समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर कर दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करने का संकल्प व्यक्त किया।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गंगा एवं यमुना एक्सप्रेसवे जैसे विशाल एक्सप्रेसवे नेटवर्क, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, बहु-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के विस्तार के कारण एक मजबूत लॉजिस्टिक हब के रूप में उभर रहा है। राज्य में 70,000 एकड़ से अधिक भूमि बैंक निवेश के लिए उपलब्ध है तथा ‘निवेश मित्र’ सिंगल विंडो प्रणाली 40 से अधिक विभागों की 500 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने टेक्सटाइल, अपैरल, लेदर, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, मेडिकल डिवाइस पार्क, केमिकल एवं फार्मा पार्क तथा डिफेंस कॉरिडोर जैसे क्षेत्रों में जर्मन उद्योगों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सुदृढ़ आधारभूत संरचना, कुशल मानव संसाधन और पारदर्शी सुशासन मॉडल के बल पर उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में तेजी से उभर रहा है। इस दौरान अपर मुख्य सचिव (एमएसएमई एवं उद्योग) आलोक कुमार ने भी प्रदेश की औद्योगिक रणनीति एवं निवेश संवर्धन के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।
राष्ट्रपति का रांची दौरा: बिरसा मुंडा एयरपोर्ट की परिधि "No Flying Zone" घोषित, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

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रांची: भारत की माननीय राष्ट्रपति महोदया के 26 फरवरी 2026 को प्रस्तावित रांची आगमन और प्रस्थान को लेकर जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से अनुमंडल दंडाधिकारी (SDM) सदर, रांची ने बिरसा मुंडा एयरपोर्ट की परिधि को पूरी तरह से 'नो फ्लाइंग जोन' (No Flying Zone) घोषित कर दिया है।

क्या-क्या रहेगा प्रतिबंधित?

प्रशासन द्वारा जारी निषेधाज्ञा के अनुसार, चिन्हित क्षेत्र और उसके ऊपर:

ड्रोन (Drones)

पैराग्लाइडिंग (Paragliding)

हॉट एयर बैलून (Hot Air Balloons)

का संचालन पूरी तरह से वर्जित रहेगा।

निषेधाज्ञा का समय:

अनुमंडल दंडाधिकारी द्वारा BNSS की धारा-163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किया गया है। यह निषेधाज्ञा 26 फरवरी 2026 को प्रातः 06:00 बजे से लेकर रात्रि 10:00 बजे तक प्रभावी रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री एके शर्मा ने की नगर विकास योजनाओं की समीक्षा, पीएम आवास योजना को दी सर्वोच्च प्राथमिकता

* संगम सभागार, लखनऊ में हुई बैठक में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर

लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने संगम सभागार, लखनऊ में नगर विकास विभाग की विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को प्राथमिकता, पारदर्शिता और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा है कि शहरी विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।

बैठक के दौरान मंत्री ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों को समय से आवास उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता हो। लंबित आवासों का निर्माण शीघ्र पूरा किया जाए तथा जिन लाभार्थियों की किस्तें लंबित हैं, उनका भुगतान तत्काल सुनिश्चित किया जाए। अपात्र व्यक्तियों को सूची से हटाकर वास्तविक पात्रों को जोड़ा जाए और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखते हुए नियमित भौतिक सत्यापन कराया जाए।

उन्होंने कहा कि पीएम आवास योजना गरीबों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर जीवन की आधारशिला है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। जिन जनपदों में सत्यापन कार्य लंबित है, वहां जिलाधिकारियों से समन्वय कर प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।

समीक्षा बैठक में आकांक्षी नगर योजना, सीएम ग्रिड योजना, कान्हा गौशाला योजना एवं सीएम वैश्विक नगरोदय योजना की प्रगति की भी जानकारी ली गई। मंत्री ने निर्देश दिए कि चयनित नगरों में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाए, शहरी अधोसंरचना को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाए, गौवंश संरक्षण की व्यवस्था मजबूत की जाए तथा शहरों को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाए।

मंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, जिला एवं नगर स्तर पर जवाबदेही तय करने और समयबद्ध प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता, गुणवत्ता और गति—इन तीनों के समन्वय से ही प्रदेश के शहरी क्षेत्रों को सशक्त और सुव्यवस्थित बनाया जा सकता है।

बैठक में प्रमुख सचिव पी. गुरु प्रसाद, सचिव अनुज झा, रविंद्र कुमार प्रथम, विशेष सचिव प्रवीण लक्ष्यकार,  सत्य प्रकाश पटेल, महेंद्र कुमार सिंह तथा निदेशक सूडा श्रीमती अपूर्वा दुबे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
एड. अशोक दुबे ने महाराष्ट्र और गोवा बार काउंसिल के लिए किया नामांकन
मुंबई। महाराष्ट्र और गोवा बार काउंसिल चुनाव की तारीख का ऐलान होने के साथ नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है, पूरे महाराष्ट्र और गोवा से अधिवक्ता अपना नामांकन करने के लिए अपने समर्थकों के साथ बार काउंसिल ऑफ महाराष्ट्र और गोवा के मुंबई कार्यालय में पहुंच रहे हैं। नामांकन करने की अंतिम तारीख 26 फरवरी तथा चुनाव की तारीख 24 फरवरी है । मतगणना 7 अप्रैल को होगा।

मुंबई उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता, Advocates Association of Western India (AAWI) के आजीवन सदस्य अधिवक्ता अशोक कुमार दुबे ने भारी संख्या में उपस्थित अपने समर्थकों के साथ आज अपना नामांकन किया। उनके नामांकन का  प्रस्ताव उनके कानूनी गुरु वरिष्ठ अधिवक्ता जयेश याज्ञनिक और राजनाथ पाठक ने किया।

इस अवसर पर उपस्थित अधिवक्ताओं में एडवोकेट अनिल कुमार पांडे, एडवोकेट कमलेश मिश्रा, एडवोकेट अभिनव दुबे, एडवोकेट चिंतन, एडवोकेट अमित तिवारी, एडवोकेट राहुल पाटिल, एडवोकेट अंकित, एडवोकेट मृदुल, एडवोकेट अक्षय जाधव, मुकेश चौरसिया आदि का समावेश रहा।
बैंकों की प्रगति खराब पर डीएम ने जताई नाराजगी, निरस्त आवेदन पर करें पुनर्विचार
फर्रुखाबाद l मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना लागू की गयी है। जिसकी समीक्षा मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/मण्डलायुक्त एवं द्वारा की जा रही हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना एवं एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण योजनान्तर्गत की प्रगति अत्यन्त खराब होने के कारण बैंक शाखाओं द्वारा निरस्त किये गये आवेदन पत्रों पर पुनर्विचार तथा लम्बित आवेदनों पर गुणवत्ता पूर्वक निस्तारण हेतु विशेष समीक्षा बैंठक मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आहूत की गयी थी।

इस दौरान बैठक में बैंक ऑफ बडौदा, एक्सिस बैंक, सेन्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया, इण्डियन ओवरसीज़ बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इण्डिया बैंक शाखाओं की समीक्षा जिलाधिकारी की अध्यक्षता में की गयी।

बैठक में जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि योजनाओं में युद्ध स्तर पर ऋण वितरण की कार्यवाही करायी जाये जिससे वित्तीय वर्ष 2025-26 के लक्ष्यों को माह मार्च 2026 तक पूर्ण हो सके।
दो दिवसीय जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम में संबंधित अधिकारियों को दी गई विस्तृत जानकारी
गोण्डा।24 फरवरी,2026
कलेक्ट्रेट सभागार में प्रशिक्षण अधिकारी  अश्वनी दीक्षित उपनिदेशक जनगणना की अध्यक्षता में दो दिवसीय जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आगामी आयोजित होने वाले जनगणना कार्यों को सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से संपन्न कराने हेतु अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश एवं विस्तृत जानकारी प्रदान किया जाना।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण अधिकारी अश्वनी दीक्षित ने जनगणना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं है, बल्कि यह शासन की नीतियों, योजनाओं एवं विकास कार्यों की आधारशिला है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनगणना कार्य को पूर्ण गंभीरता, निष्ठा एवं उत्तरदायित्व के साथ संपादित करें।

प्रशिक्षण अधिकारी द्वारा जनगणना की प्रक्रिया, प्रपत्रों के सही तरीके से संधारण, डिजिटल उपकरणों के उपयोग तथा डेटा की गोपनीयता बनाए रखने के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में प्रशिक्षण अधिकारी ने सभी अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे जनगणना कार्य को टीम भावना के साथ सफलतापूर्वक संपन्न कर जनपद को उत्कृष्ट प्रदर्शन की श्रेणी में लाने में सहयोग प्रदान करें।

इस अवसर पर समस्त अधिशासी अधिकारी नगरपालिका एवं नगर पंचायत सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
शिक्षकों के सम्मान के साथ हो रहे खिलवाड़ को बर्दाश्त नहीं करेगा संगठन : अनिल यादव

जौनपुर। जनपद के केराकत ब्लॉक के सम्मानित शिक्षकों की आज एक बैठक हुई, जिसमें विभिन्न शैक्षिक समस्याओं पर विचार विमर्श किया गया।अवकाश प्राप्त शिक्षकों के देयकों का समयानुसार भुगतान,शिक्षकों के चयन वेतनमान,एवं वर्तमान में टेटमुद्दे पर सभी संगठन को एकजुट होकर आरपार की लड़ाई लड़ना होगा।सभी उपस्थित शिक्षकों ने एक स्वर में निर्णय लिया कि, शिक्षकों का सम्मान  सर्वोपरि है।सम्मान पर यदि आंच आयी तो संगठन बर्दाश्त नहीं करेगा।

बैठक को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ लखनऊ  पंजीकरण संख्या1160 के प्रदेश महामंत्री अनिल यादव ने संबोधित किया।इस अवसर पर प्रांतीय संयुक्त मंत्री व जिला मंत्री डॉ. भानु प्रताप राव ने भी विचार व्यक्त किया। प्रदेशीय उपाध्यक्ष व जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष सच्चिदानंद तिवारी, जिला उपाध्यक्ष डॉ. प्रवीण यादव, बीरेन्द्र यादव सहित केराकत ब्लॉक के सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे I बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक अध्यक्ष शिव बचन यादव ने किया I संचालन क्रान्ति कुमार स्टालिन ने किया I