RO प्लांट संचालक सुधीर गुप्ता  ने संजीव शर्मा पर धमकी व गाली-गलौज का लगाया आरोप, मुकदमा दर्ज
बबलू प्रजापति
पिहानी (हरदोई)। कस्बे के सपना आरो प्लांट संचालक ने संजीव शर्मा  पर गाली-गलौज करने, व्यापार में बाधा पहुंचाने तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पिहानी कस्बे के मोहल्ला मिश्राना निवासी एवं सपना आरो वाटर प्लांट संचालक सुधीर गुप्ता ने कोतवाली पिहानी में दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि मोहल्ला भाटनटोला पूर्वी निवासी संजीव शर्मा आए दिन उन्हें गाली-गलौज करते हैं तथा उनके कारोबार को बंद कराने की धमकी देते हैं। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी के व्यवहार से वह और उनका परिवार भयभीत है।सुधीर गुप्ता का आरोप है कि उन्हें आशंका है कि कोई व्यक्ति उनके आरो प्लांट पर पहुंचकर पानी में किसी प्रकार की मिलावट कर उन्हें झूठे मामले में फंसा सकता है, जिससे कोई बड़ी दुर्घटना भी हो सकती है। उन्होंने पुलिस से सुरक्षा प्रदान करने और आरोपी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
पुलिस अभिलेखों के अनुसार, शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351(3) एवं 352 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
वहीं, आरोपों के संबंध में संजीव शर्मा का कहना है कि उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। उनका कहना है कि उन्होंने किसी को धमकी नहीं दी है और सच्चाई जांच में सामने आ जाएगी।
कोतवाली पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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दोनों पक्ष आमने-सामने

1---आरओ प्लांट संचालक ने गाली-गलौज और धमकी का लगाया आरोप।
2--पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
3--संजीव शर्मा ने आरोपों को बताया निराधार।
जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
STF के एनकाउंटर में ढेर हुआ कुख्यात कॉन्ट्रैक्ट किलर भानु प्रताप सिंह, 40 से अधिक मामलों में था वांछित

अयोध्या। उत्तर प्रदेश एसटीएफ को रविवार देर रात बड़ी सफलता मिली, जब प्रयागराज एसटीएफ यूनिट ने अयोध्या के महाराजगंज थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान कुख्यात बदमाश और कॉन्ट्रैक्ट किलर भानु प्रताप सिंह को मार गिराया। मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल हुए भानु प्रताप सिंह को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अयोध्या ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

जानकारी के अनुसार, भानु प्रताप सिंह मूल रूप से गोरखपुर जिले के बेलघाट थाना क्षेत्र के विधनापार गांव का निवासी था। वह लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था और हत्या, डकैती, कॉन्ट्रैक्ट किलिंग सहित विभिन्न गंभीर अपराधों के 40 से अधिक मामलों में वांछित चल रहा था। उसके खिलाफ गोरखपुर, आजमगढ़ और अंबेडकरनगर समेत कई जिलों में मुकदमे दर्ज थे।

सूत्रों के मुताबिक, भानु प्रताप सिंह पर अलग-अलग जनपदों की पुलिस द्वारा कुल 1 लाख 65 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इसमें एक लाख रुपये, 50 हजार रुपये और 15 हजार रुपये के इनाम शामिल थे। वह कई वर्षों से फरार चल रहा था और अदालत में भी लगातार गैरहाजिर रहता था।

बताया जा रहा है कि प्रयागराज एसटीएफ को सूचना मिली थी कि भानु प्रताप सिंह अयोध्या क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर जे.पी. राय के नेतृत्व में एसटीएफ की टीम ने महाराजगंज थाना क्षेत्र में घेराबंदी की। खुद को घिरता देख भानु प्रताप सिंह ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ ने भी गोली चलाई, जिसमें उसके सीने में गोली लग गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

मुठभेड़ के बाद देर रात करीब 12 बजे के बाद उसे मेडिकल कॉलेज अयोध्या पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस और एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू की। सुरक्षा व्यवस्था को भी एहतियातन बढ़ा दिया गया।

दर्शन नगर चौकी प्रभारी बृजभूषण ने बताया कि मुठभेड़ में घायल अवस्था में भानु प्रताप सिंह को मेडिकल कॉलेज लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

उत्तर प्रदेश पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) Amitabh Yash ने बताया कि भानु प्रताप सिंह कॉन्ट्रैक्ट किलिंग, डकैती और अन्य गंभीर अपराधों के 40 से अधिक मामलों में वांछित था। प्रयागराज एसटीएफ यूनिट के साथ हुई मुठभेड़ में वह घायल हुआ था और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

पूर्वांचल क्षेत्र में भानु प्रताप सिंह की पहचान एक खतरनाक सुपारी किलर के रूप में थी। पुलिस को कई चर्चित आपराधिक मामलों में उसकी तलाश थी। उसके मारे जाने को प्रदेश पुलिस की अपराधियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई में बड़ी सफलता माना जा रहा है।
“हर जीव है बहुत जरूरी, प्रकृति से ही जीवन चलता” : मुख्यमंत्री योगी

गौरैया, मैना और जुगनुओं के गायब होने पर जताई चिंता, जैव विविधता संरक्षण में जनभागीदारी को बताया अनिवार्य

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रकृति और जीव-जंतुओं के महत्व पर आधारित अपनी नई पाती में पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति समाज को जागरूक करने का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जीव-जंतु प्रकृति की अमूल्य धरोहर है और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण जुगनू, गौरैया और मैना जैसे पक्षी एवं जीव शहरों से लगभग गायब होते जा रहे हैं। यह स्थिति पर्यावरण के लिए गंभीर संकेत है। उन्होंने कहा कि आधुनिकता और विकास आवश्यक हैं, लेकिन इसके साथ प्रकृति के संतुलन को बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन संस्कृति में प्रत्येक जीव को सृष्टि का अभिन्न अंग माना गया है। उन्होंने रामायण का उल्लेख करते हुए कहा कि रावण के संहार के लिए भगवान राम की सेना में वानरों से लेकर छोटी-सी गिलहरी तक ने अपना योगदान दिया था। यह हमारी संस्कृति में जीव-जंतुओं के महत्व को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि हर जीव पर्यावरण और खाद्य श्रृंखला की महत्वपूर्ण कड़ी है। किसी एक प्रजाति के विलुप्त होने से प्राकृतिक संतुलन प्रभावित होता है, जिसका असर मानव जीवन पर भी पड़ता है। इसलिए जैव विविधता का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है।

मुख्यमंत्री के प्रमुख संदेश

हर जीव-जंतु प्रकृति और पर्यावरण का महत्वपूर्ण हिस्सा।

गौरैया, मैना और जुगनुओं का गायब होना चिंता का विषय।

आधुनिक विकास के साथ पर्यावरण संतुलन भी जरूरी।

जैव विविधता संरक्षण में जनभागीदारी आवश्यक।

* युवाओं को प्रकृति से जुड़ने और जागरूकता फैलाने का आह्वान।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार के सतत प्रयासों से उत्तर प्रदेश में बाघ, तेंदुआ और सारस जैसे वन्यजीवों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके साथ ही प्रदेश के 13 आर्द्रभूमि स्थलों को रामसर सूची में शामिल किया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई दुर्लभ जीव-जंतु अब पुनः दिखाई देने लगे हैं, जो संरक्षण प्रयासों की सफलता का सकारात्मक संकेत है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से प्रकृति को समझने, उससे सीखने और अपने अनुभव समाज के साथ साझा करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति के प्रति जागरूकता ही भविष्य की सबसे बड़ी सुरक्षा है। यदि हम पर्यावरण और जैव विविधता की रक्षा करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और समृद्ध प्राकृतिक विरासत सौंप सकेंगे।

साप्ताहिक स्वच्छता श्रमदान का आयोजन किया गया

सुलतानपुर ,आज प्रातः 06:00 से 09:00 बजे तक कुशभवनपुर (सुलतानपुर)के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक सीताकुण्ड धाम पर गोमती मित्र मण्डल समिति के सेवाभावी सदस्यों द्वारा एक बार फिर साप्ताहिक स्वच्छता श्रमदान का आयोजन किया गया।
प्रत्येक रविवार की भांति इस रविवार भी समिति के सदस्यों ने आराम करने के बजाय माँ गोमती की सेवा और पर्यावरण संरक्षण के नाम समर्पित किया।
अक्सर यहाँ आने जाने वालों के द्वारा पॉलीथिन,पूजा-सामग्री के कारण घाट पर गंदगी जमा हो जाती है। जिसकी सफाई के लिए आज सुबह-सुबह गोमती मित्र मण्डल की टीम पूरे उत्साह और आवश्यक उपकरणों (झाड़ू, कैरेट, फावड़े,बेल्चे) के साथ धाम पर एकत्र हुई।
समिति के सदस्यों ने
माँ गोमती के पावन तट नदी के किनारे जमा प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन, सड़े-गले फूल और अन्य कचरे को निकाल कर तट को बिल्कुल साफ किया साथ ही समिति द्वारा सीताकुण्ड धाम मंदिर के मुख्य परिसर, सीढ़ियों और आसपास के रास्तों पर व्यापक झाड़ू लगाई गई और बिखरे हुए कूड़े को डस्टबिन तक पहुंचाया गया।
समिति के सदस्यों ने धाम पर मौजूद स्थानीय दुकानदार, पुरोहित और आने वाले श्रद्धालुओं से बातचीत की। उन्होंने सभी से विनम्र अपील की कि पूजन की बची हुई सामग्री या कोई भी प्लास्टिक, पक्का कलश,पक्की मूर्तियां इत्यादि सीधे माँ गोमती के जल में न प्रवाहित करें बल्कि धाम पर बने हवन,पूजन सामग्री कुण्ड में ही डाले।
समिति द्वारा आयोजित इस साप्ताहिक स्वच्छता श्रमदान में
रुद्र प्रताप सिंह मदन,राकेश सिंह ददू,दाऊ जी, अजय प्रताप सिंह,डॉ.कुंवर दिनकर प्रताप सिंह,मुन्ना सोनी,सौरभ कसौधन
अभय,रामू सोनी,
अर्जुन यादव,अरुण अग्रहरि आदि सदस्य एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
एएसपी की पहल रंग लाई: आठ करोड़ की फैक्ट्री को लेकर बाप-बेटे का विवाद सुलझा

दो दिन की काउंसिलिंग के बाद हुआ समझौता, पुलिस और मीडिया की पहल से परिवार में लौटी खुशियां

रितेश मिश्रा
हरदोई। पारिवारिक और कारोबारी विवाद में उलझे पिता-पुत्र के बीच आखिरकार सुलह हो गई। करीब आठ करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़ा मामला पुलिस और मीडिया के सहयोग से सुलझा, जिससे एक परिवार टूटने से बच गया। मझिला पुलिस की लगातार दो दिन की मेहनत और समझाइश के बाद दोनों पक्ष आपसी सहमति पर पहुंच गए।
मामला थाना मझिला क्षेत्र से जुड़ा है। बलविंदर सिंह ने अपनी लगभग छ करोड़ रुपये की संपत्ति बेचकर पुत्र कमलजीत सिंह को शाहजहांपुर के यूपीसीडा क्षेत्र में डिस्पोजल फैक्ट्री स्थापित कराई थी। समय के साथ दोनों के बीच फैक्ट्री और कारोबार को लेकर मतभेद बढ़ गए। पिता को आशंका थी कि पुत्र गलत संगत में पड़कर फैक्ट्री बेच सकता है, जिससे उनके जीवनभर की पूंजी खतरे में पड़ जाएगी।
विवाद पुलिस और मीडिया तक पहुंचने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मार्तंड प्रकाश सिंह के निर्देशन में मझिला पुलिस ने दोनों पक्षों की काउंसिलिंग शुरू कराई। लगातार दो दिन तक चली बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने लिखित समझौता कर लिया।
समझौते के अनुसार शाहजहांपुर स्थित फैक्ट्री को भविष्य में बेचने की स्थिति में पिता बलविंदर सिंह की सहमति आवश्यक होगी। फैक्ट्री की बिक्री से प्राप्त धनराशि में दोनों पक्षों की हिस्सेदारी रहेगी। फैक्ट्री संचालित रहने तक पिता द्वारा लिए गए ऋण का भुगतान पुत्र करेगा। इसके अलावा पिता के रिश्तेदारों और मिलने-जुलने वालों पर किसी प्रकार की रोक-टोक नहीं की जाएगी।
समझौते में यह भी तय हुआ कि पुत्र कमलजीत सिंह पिता के खर्च के लिए प्रतिमाह 20 हजार रुपये उपलब्ध कराएगा। दोनों पक्षों ने समझौते की सभी शर्तों का पालन करने की सहमति जताई है। किसी भी पक्ष द्वारा उल्लंघन किए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की संवेदनशील कार्यशैली और मीडिया की सकारात्मक भूमिका की सराहना की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते हस्तक्षेप न होता तो विवाद गंभीर कानूनी लड़ाई में बदल सकता था।
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समझौते की प्रमुख शर्तें

1--फैक्ट्री की बिक्री पिता की सहमति से ही होगी।
2--बिक्री की धनराशि में दोनों पक्ष हिस्सेदार रहेंगे।
3--पिता के ऋण का भुगतान पुत्र करेगा।
4--पिता के रिश्तेदारों के आने-जाने पर कोई रोक नहीं होगी।
5--पुत्र प्रतिमाह 20 हजार रुपये खर्च के लिए देगा।
6--समझौते का उल्लंघन होने पर कानूनी कार्रवाई होगी।
7--मझिला थाने में पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में समझौता पत्र पर हस्ताक्षर करते पिता बलविंदर सिंह और पुत्र कमलजीत सिंह
हरदोई में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा की महिला मोर्चा को मिली नई कमान, अभिलाषा दीक्षित बनीं जिलाध्यक्ष
रितेश मिश्रा
हरदोई। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से महिला मोर्चा की जिला इकाई में महत्वपूर्ण नियुक्ति की है। संगठन के संस्थापक अलंकार अग्निहोत्री व प्रदेश अध्यक्ष विश्वजीत अवस्थी ने अभिलाषा दीक्षित को राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा  का महिला मोर्चा, हरदोई का जिलाध्यक्ष मनोनीत किया है।
नियुक्ति की घोषणा के बाद संगठन के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में उत्साह का माहौल देखा गया। इस अवसर पर हरदोई जिला अध्यक्ष अमित चंचल त्रिवेदी ने अभिलाषा दीक्षित को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संगठन ने उन पर जो विश्वास व्यक्त किया है, वह उसे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगी। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों, सम्मान और संगठन की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
नवनियुक्त जिलाध्यक्ष अभिलाषा दीक्षित ने संगठन के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और जनहित के मुद्दों को लेकर सक्रिय भूमिका निभाएंगी तथा जिले भर में महिला मोर्चा को मजबूत करने का कार्य करेंगी।
राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि अभिलाषा दीक्षित के नेतृत्व में महिला मोर्चा हरदोई में संगठन को नई मजबूती प्रदान करेगा और अधिक से अधिक महिलाओं को संगठन से जोड़ने में सफल होगा।
শেখ শরীফকে গ্রেফতারের দাবিতে মিনাখাঁয় বিক্ষোভ, দুর্নীতি ও কাটমানির অভিযোগে উত্তাল বামনপুকুর
বসিরহাট : মিনাখাঁয় তৃণমূলের পঞ্চায়েত প্রধানের শ্বশুর শেখ শরীফকে গ্রেফতারের দাবিতে উত্তাল হয়ে উঠলো বামনপুকুর এলাকা। বিভিন্ন দুর্নীতি, কাটমানি আদায়, সরকারি প্রকল্পে অনিয়ম এবং ভোট-পরবর্তী হিংসার অভিযোগকে সামনে রেখে রাস্তায় নেমে বিক্ষোভ দেখালেন স্থানীয় বাসিন্দারা। ছয়ানি বাজার সংলগ্ন এলাকায় টায়ার জ্বালিয়ে, হাতে ফেস্টুন ও প্ল্যাকার্ড নিয়ে বিক্ষোভে সামিল হন বহু মানুষ।
বিক্ষোভকারীদের অভিযোগ, বসিরহাটের মিনাখাঁ ব্লকের বামনপুকুর গ্রাম পঞ্চায়েতের প্রধান শেখ নুর নাহারের শ্বশুর শেখ শরীফ দীর্ঘদিন ধরে এলাকায় প্রভাব খাটিয়ে বিভিন্ন অনিয়মের সঙ্গে জড়িত রয়েছেন। তাদের দাবি, মুর্শিদাবাদের সুতি থানায় একাধিক খুনের মামলায় তার নাম জড়িয়েছে। এছাড়াও ২০১৯ সালের লোকসভা নির্বাচন, ২০২১ সালের বিধানসভা নির্বাচন এবং ২০২৪ সালের লোকসভা নির্বাচনের পর এলাকায় সংঘটিত ভোট-পরবর্তী হিংসার ঘটনাতেও তার বিরুদ্ধে একাধিক অভিযোগ রয়েছে বলে দাবি করেন আন্দোলনকারীরা।
স্থানীয়দের অভিযোগ, গ্রাম পঞ্চায়েতের বিভিন্ন সরকারি প্রকল্পকে কেন্দ্র করে ব্যাপক দুর্নীতি হয়েছে। আবাস যোজনার ঘর পাইয়ে দেওয়ার নামে সাধারণ মানুষের কাছ থেকে লক্ষ লক্ষ টাকা আদায় করা হয়েছে বলে অভিযোগ। পাশাপাশি উন্নয়নমূলক কাজের বরাদ্দ অর্থের অপব্যবহার এবং বিভিন্ন প্রকল্পে আর্থিক অনিয়মের অভিযোগও তোলা হয়েছে। বিক্ষোভকারীদের দাবি, স্বচ্ছ ভারত মিশন প্রকল্পের আওতায় থাকা একটি টোটো বিক্রি করে দেওয়ার অভিযোগও রয়েছে শেখ শরীফের বিরুদ্ধে।
বিক্ষোভে অংশগ্রহণকারীরা আরও অভিযোগ করেন, এত অভিযোগ থাকা সত্ত্বেও শেখ শরীফের বিরুদ্ধে কার্যকর পদক্ষেপ নিচ্ছে না পুলিশ। তাদের বক্তব্য, একাধিকবার অভিযোগ জানানো হলেও পুলিশ তাকে আটক করে ছেড়ে দিয়েছে। এমনকি পুলিশের একাংশের সঙ্গে আর্থিক সমঝোতার কারণেই তাকে গ্রেফতার করা হচ্ছে না বলেও অভিযোগ তোলেন বিক্ষোভকারীরা। যদিও এই অভিযোগের পক্ষে কোনও প্রামাণ্য নথি বা সরকারি বক্তব্য সামনে আসেনি।
এদিন বিক্ষোভকারীরা সাফ জানিয়ে দেন, শেখ শরীফকে অবিলম্বে গ্রেফতার করতে হবে এবং সাধারণ মানুষের কাছ থেকে নেওয়া কাটমানির টাকা ফেরত দিতে হবে। তাদের দাবি, প্রশাসন যদি দ্রুত ব্যবস্থা না নেয়, তাহলে আগামী দিনে আরও বৃহত্তর আন্দোলনের পথে হাঁটবেন তারা। ঘটনাকে কেন্দ্র করে এলাকায় রাজনৈতিক চাপানউতোর শুরু হয়েছে। তবে অভিযোগের বিষয়ে শেখ শরীফ, গ্রাম পঞ্চায়েত কর্তৃপক্ষ বা পুলিশ প্রশাসনের কোনও প্রতিক্রিয়া পাওয়া যায়নি।
पचदेवरा क्षेत्र के चादपुर मोड़ पर गूंजी गोलियों की आवाज, पुलिस के शिकंजे में आया वाहन चोरों का गिरोह
रितेश मिश्रा
हरदोई।जनपद में बढ़ती वाहन चोरी की घटनाओं पर लगाम कसने के लिए चलाए जा रहे अभियान के बीच थाना पचदेवरा पुलिस ने एक उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। चादपुर मोड़ के समीप हुई पुलिस और बदमाशों की मुठभेड़ में चार शातिर वाहन चोर गिरफ्तार किए गए, जिनकी गिरफ्तारी के साथ ही छह मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं से पर्दा उठ गया। बरामदगी में चोरी की मोटरसाइकिलें, अवैध असलहा, कारतूस तथा वाहनों को खोलने में प्रयुक्त उपकरण शामिल हैं।
घटनाक्रम की शुरुआत उस समय हुई जब शाहाबाद के नई बस्ती मोहल्ले निवासी मोहम्मद सुलेमान की मोटरसाइकिल गत 31 मई को उनके घर के बाहर से चोरी हो गई थी। पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में थाना पचदेवरा पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम को मामले के खुलासे की जिम्मेदारी सौंपी गई। कई दिनों की सतर्क निगरानी और तकनीकी पड़ताल के बाद पुलिस को सफलता का सूत्र हाथ लगा।
6 जून की रात मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध युवक चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ चादपुर मोड़ के निकट मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने क्षेत्र की घेराबंदी कर दी। जब संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया गया तो वे भागने लगे और स्वयं को घिरा देखकर पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ कार्रवाई की, जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लग गई। इसके बाद चारों आरोपियों को दबोच लिया गया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में नूर मोहम्मद उर्फ नन्हे, राजपाल, वीरेंद्र और विशाल शामिल हैं। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने हरदोई और शाहजहांपुर जनपदों में मोटरसाइकिल चोरी की कई वारदातों को स्वीकार किया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह सुनियोजित तरीके से वाहन चोरी कर उन्हें खोलकर उनके पुर्जे बेचता था अथवा दूसरे जनपदों में खपा देता था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की दो मोटरसाइकिलें, एक खुली हुई मोटरसाइकिल, .315 बोर का अवैध तमंचा, जिंदा और खोखा कारतूस तथा वाहन खोलने के उपकरण बरामद किए हैं। बरामद मोटरसाइकिलों में शाहाबाद से चोरी हुई बाइक भी शामिल है, जिसकी तलाश पुलिस कई दिनों से कर रही थी।
जांच के दौरान गिरोह के सरगना नूर मोहम्मद उर्फ नन्हे का लंबा आपराधिक इतिहास भी उजागर हुआ। उसके विरुद्ध चोरी, लूट, आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज पाए गए हैं। अन्य आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी पड़ताल जारी है।
पुलिस का मानना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और क्षेत्र में वाहन चोरी की कई घटनाओं के पीछे इसी का हाथ था। चारों आरोपियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जबकि घायल आरोपी का उपचार पुलिस निगरानी में कराया जा रहा है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त करने वाले नेटवर्क की भी गहन जांच की जा रही है।
इस सफलता पर पुलिस अधीक्षक ने थाना पचदेवरा पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम की सराहना करते हुए कहा कि जनपद में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा तथा कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों के साथ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। वाहन चोरों के इस गिरोह की गिरफ्तारी को हरदोई पुलिस की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे आमजन में सुरक्षा और विश्वास की भावना और अधिक मजबूत हुई है।
सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का सभी को मिल रहा लाभ - रजनी तिवारी

रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई।केन्द्र सरकार के "सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण के गौरवपूर्ण 12 वर्ष" पूर्ण होने के उपलक्ष्य में दिनांक 5 जून से 21 जून तक संचालित होने वाले वृहद अभियान ‎के अन्तर्गत शनिवार को उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी की अध्यक्षता में विकास खण्ड टोडरपुर की ग्राम पंचायत उमरौली में रात्रि चौपाल आयोजित की गयी।
    श्रीमती तिवारी ने जनता से संवाद कर उन्हें शासन द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों से अवगत कराया।उन्होंने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया  कि शासन द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों से सभी पात्रों को लाभान्वित किया जाय तथा शिकायतों एवं समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध तथा प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
‎        रात्रि चौपाल के दौरान ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि श्याम बाबू त्रिवेदी, पीडी ए के मौर्या, डीपीआरओ श्रेया उपाध्याय, डीएसटीओ राम प्रकाश, बीडीओ अरविंद राजपूत, नायब तहसीलदार प्रणव पाण्डेय, प्रधान प्रतिनिधि अवनीश अग्निहोत्री के साथ क्षेत्रीय जनप्रतिनिधिगण एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
‎      इस अवसर पर श्रीमती तिवारी ने ग्राम पंचायत उमरौली में "एक पेड़ माँ के नाम" रोपित किया। उन्होंने सभी को प्रेरित भी किया कि अधिक से अधिक पौधे रोपित करें। उन्होंने कहा कि पौधरोपण पर्यावरण संरक्षण हेतु अत्यन्त आवश्यक है और इसके लिए सभी को सम्मिलित रूप से प्रयास करना चाहिए। उन्होंने वृक्षों से होने वाले लाभ के विषय में भी विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए अपील की कि सभी अधिक से अधिक पौधे रोपित करें तथा रोपित किए गए पौधों का संरक्षण अवश्य करें।
मुख्यमंत्री योगी से मिले डॉ. संजय निषाद, जनहित के मुद्दों पर सौंपे मांग पत्र

* कमलेश बिंद एनकाउंटर की SIT जांच, आजाद बिंद हत्याकांड में कार्रवाई और मझवार-तुरैहा आरक्षण पर उठाए सवाल

लखनऊ। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के मत्स्य विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की।
भेंट के दौरान डॉ. निषाद ने जनहित एवं समाजहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रमुखता से उठाया। उन्होंने गाजीपुर के चर्चित कमलेश बिंद एनकाउंटर प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग संबंधी पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा। साथ ही निषाद-बिंद समाज की भावनाओं एवं अपेक्षाओं से भी उन्हें अवगत कराया।
डॉ. निषाद ने जौनपुर के स्वर्गीय आजाद बिंद हत्याकांड का मुद्दा भी उठाते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने मझवार-तुरैहा आरक्षण को लेकर विपक्षी दलों द्वारा समाज में फैलाए जा रहे कथित भ्रम और दुष्प्रचार पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार एवं भारतीय जनता पार्टी की ओर से सकारात्मक पहल किए जाने का आग्रह किया। इसके अलावा चौरी-चौरा विधानसभा क्षेत्र के नई बाजार में नाली निर्माण एवं जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान हेतु आवश्यक कार्यवाही किए जाने संबंधी मांग पत्र भी मुख्यमंत्री को सौंपा गया।
बैठक के दौरान केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा मछुआ समाज के कल्याण और उत्थान के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं पर भी विस्तृत चर्चा हुई। डॉ. निषाद ने मत्स्य विभाग की विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति से मुख्यमंत्री को अवगत कराते हुए इनके प्रभावी क्रियान्वयन तथा अधिक से अधिक लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विषयों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित मामलों में आवश्यक एवं उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
RO प्लांट संचालक सुधीर गुप्ता  ने संजीव शर्मा पर धमकी व गाली-गलौज का लगाया आरोप, मुकदमा दर्ज
बबलू प्रजापति
पिहानी (हरदोई)। कस्बे के सपना आरो प्लांट संचालक ने संजीव शर्मा  पर गाली-गलौज करने, व्यापार में बाधा पहुंचाने तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पिहानी कस्बे के मोहल्ला मिश्राना निवासी एवं सपना आरो वाटर प्लांट संचालक सुधीर गुप्ता ने कोतवाली पिहानी में दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि मोहल्ला भाटनटोला पूर्वी निवासी संजीव शर्मा आए दिन उन्हें गाली-गलौज करते हैं तथा उनके कारोबार को बंद कराने की धमकी देते हैं। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी के व्यवहार से वह और उनका परिवार भयभीत है।सुधीर गुप्ता का आरोप है कि उन्हें आशंका है कि कोई व्यक्ति उनके आरो प्लांट पर पहुंचकर पानी में किसी प्रकार की मिलावट कर उन्हें झूठे मामले में फंसा सकता है, जिससे कोई बड़ी दुर्घटना भी हो सकती है। उन्होंने पुलिस से सुरक्षा प्रदान करने और आरोपी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
पुलिस अभिलेखों के अनुसार, शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351(3) एवं 352 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
वहीं, आरोपों के संबंध में संजीव शर्मा का कहना है कि उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। उनका कहना है कि उन्होंने किसी को धमकी नहीं दी है और सच्चाई जांच में सामने आ जाएगी।
कोतवाली पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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दोनों पक्ष आमने-सामने

1---आरओ प्लांट संचालक ने गाली-गलौज और धमकी का लगाया आरोप।
2--पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
3--संजीव शर्मा ने आरोपों को बताया निराधार।
जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
STF के एनकाउंटर में ढेर हुआ कुख्यात कॉन्ट्रैक्ट किलर भानु प्रताप सिंह, 40 से अधिक मामलों में था वांछित

अयोध्या। उत्तर प्रदेश एसटीएफ को रविवार देर रात बड़ी सफलता मिली, जब प्रयागराज एसटीएफ यूनिट ने अयोध्या के महाराजगंज थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान कुख्यात बदमाश और कॉन्ट्रैक्ट किलर भानु प्रताप सिंह को मार गिराया। मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल हुए भानु प्रताप सिंह को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अयोध्या ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

जानकारी के अनुसार, भानु प्रताप सिंह मूल रूप से गोरखपुर जिले के बेलघाट थाना क्षेत्र के विधनापार गांव का निवासी था। वह लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था और हत्या, डकैती, कॉन्ट्रैक्ट किलिंग सहित विभिन्न गंभीर अपराधों के 40 से अधिक मामलों में वांछित चल रहा था। उसके खिलाफ गोरखपुर, आजमगढ़ और अंबेडकरनगर समेत कई जिलों में मुकदमे दर्ज थे।

सूत्रों के मुताबिक, भानु प्रताप सिंह पर अलग-अलग जनपदों की पुलिस द्वारा कुल 1 लाख 65 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इसमें एक लाख रुपये, 50 हजार रुपये और 15 हजार रुपये के इनाम शामिल थे। वह कई वर्षों से फरार चल रहा था और अदालत में भी लगातार गैरहाजिर रहता था।

बताया जा रहा है कि प्रयागराज एसटीएफ को सूचना मिली थी कि भानु प्रताप सिंह अयोध्या क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर जे.पी. राय के नेतृत्व में एसटीएफ की टीम ने महाराजगंज थाना क्षेत्र में घेराबंदी की। खुद को घिरता देख भानु प्रताप सिंह ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ ने भी गोली चलाई, जिसमें उसके सीने में गोली लग गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

मुठभेड़ के बाद देर रात करीब 12 बजे के बाद उसे मेडिकल कॉलेज अयोध्या पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस और एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू की। सुरक्षा व्यवस्था को भी एहतियातन बढ़ा दिया गया।

दर्शन नगर चौकी प्रभारी बृजभूषण ने बताया कि मुठभेड़ में घायल अवस्था में भानु प्रताप सिंह को मेडिकल कॉलेज लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

उत्तर प्रदेश पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) Amitabh Yash ने बताया कि भानु प्रताप सिंह कॉन्ट्रैक्ट किलिंग, डकैती और अन्य गंभीर अपराधों के 40 से अधिक मामलों में वांछित था। प्रयागराज एसटीएफ यूनिट के साथ हुई मुठभेड़ में वह घायल हुआ था और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

पूर्वांचल क्षेत्र में भानु प्रताप सिंह की पहचान एक खतरनाक सुपारी किलर के रूप में थी। पुलिस को कई चर्चित आपराधिक मामलों में उसकी तलाश थी। उसके मारे जाने को प्रदेश पुलिस की अपराधियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई में बड़ी सफलता माना जा रहा है।
“हर जीव है बहुत जरूरी, प्रकृति से ही जीवन चलता” : मुख्यमंत्री योगी

गौरैया, मैना और जुगनुओं के गायब होने पर जताई चिंता, जैव विविधता संरक्षण में जनभागीदारी को बताया अनिवार्य

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रकृति और जीव-जंतुओं के महत्व पर आधारित अपनी नई पाती में पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति समाज को जागरूक करने का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जीव-जंतु प्रकृति की अमूल्य धरोहर है और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण जुगनू, गौरैया और मैना जैसे पक्षी एवं जीव शहरों से लगभग गायब होते जा रहे हैं। यह स्थिति पर्यावरण के लिए गंभीर संकेत है। उन्होंने कहा कि आधुनिकता और विकास आवश्यक हैं, लेकिन इसके साथ प्रकृति के संतुलन को बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन संस्कृति में प्रत्येक जीव को सृष्टि का अभिन्न अंग माना गया है। उन्होंने रामायण का उल्लेख करते हुए कहा कि रावण के संहार के लिए भगवान राम की सेना में वानरों से लेकर छोटी-सी गिलहरी तक ने अपना योगदान दिया था। यह हमारी संस्कृति में जीव-जंतुओं के महत्व को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि हर जीव पर्यावरण और खाद्य श्रृंखला की महत्वपूर्ण कड़ी है। किसी एक प्रजाति के विलुप्त होने से प्राकृतिक संतुलन प्रभावित होता है, जिसका असर मानव जीवन पर भी पड़ता है। इसलिए जैव विविधता का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है।

मुख्यमंत्री के प्रमुख संदेश

हर जीव-जंतु प्रकृति और पर्यावरण का महत्वपूर्ण हिस्सा।

गौरैया, मैना और जुगनुओं का गायब होना चिंता का विषय।

आधुनिक विकास के साथ पर्यावरण संतुलन भी जरूरी।

जैव विविधता संरक्षण में जनभागीदारी आवश्यक।

* युवाओं को प्रकृति से जुड़ने और जागरूकता फैलाने का आह्वान।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार के सतत प्रयासों से उत्तर प्रदेश में बाघ, तेंदुआ और सारस जैसे वन्यजीवों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके साथ ही प्रदेश के 13 आर्द्रभूमि स्थलों को रामसर सूची में शामिल किया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई दुर्लभ जीव-जंतु अब पुनः दिखाई देने लगे हैं, जो संरक्षण प्रयासों की सफलता का सकारात्मक संकेत है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से प्रकृति को समझने, उससे सीखने और अपने अनुभव समाज के साथ साझा करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति के प्रति जागरूकता ही भविष्य की सबसे बड़ी सुरक्षा है। यदि हम पर्यावरण और जैव विविधता की रक्षा करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और समृद्ध प्राकृतिक विरासत सौंप सकेंगे।

साप्ताहिक स्वच्छता श्रमदान का आयोजन किया गया

सुलतानपुर ,आज प्रातः 06:00 से 09:00 बजे तक कुशभवनपुर (सुलतानपुर)के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक सीताकुण्ड धाम पर गोमती मित्र मण्डल समिति के सेवाभावी सदस्यों द्वारा एक बार फिर साप्ताहिक स्वच्छता श्रमदान का आयोजन किया गया।
प्रत्येक रविवार की भांति इस रविवार भी समिति के सदस्यों ने आराम करने के बजाय माँ गोमती की सेवा और पर्यावरण संरक्षण के नाम समर्पित किया।
अक्सर यहाँ आने जाने वालों के द्वारा पॉलीथिन,पूजा-सामग्री के कारण घाट पर गंदगी जमा हो जाती है। जिसकी सफाई के लिए आज सुबह-सुबह गोमती मित्र मण्डल की टीम पूरे उत्साह और आवश्यक उपकरणों (झाड़ू, कैरेट, फावड़े,बेल्चे) के साथ धाम पर एकत्र हुई।
समिति के सदस्यों ने
माँ गोमती के पावन तट नदी के किनारे जमा प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन, सड़े-गले फूल और अन्य कचरे को निकाल कर तट को बिल्कुल साफ किया साथ ही समिति द्वारा सीताकुण्ड धाम मंदिर के मुख्य परिसर, सीढ़ियों और आसपास के रास्तों पर व्यापक झाड़ू लगाई गई और बिखरे हुए कूड़े को डस्टबिन तक पहुंचाया गया।
समिति के सदस्यों ने धाम पर मौजूद स्थानीय दुकानदार, पुरोहित और आने वाले श्रद्धालुओं से बातचीत की। उन्होंने सभी से विनम्र अपील की कि पूजन की बची हुई सामग्री या कोई भी प्लास्टिक, पक्का कलश,पक्की मूर्तियां इत्यादि सीधे माँ गोमती के जल में न प्रवाहित करें बल्कि धाम पर बने हवन,पूजन सामग्री कुण्ड में ही डाले।
समिति द्वारा आयोजित इस साप्ताहिक स्वच्छता श्रमदान में
रुद्र प्रताप सिंह मदन,राकेश सिंह ददू,दाऊ जी, अजय प्रताप सिंह,डॉ.कुंवर दिनकर प्रताप सिंह,मुन्ना सोनी,सौरभ कसौधन
अभय,रामू सोनी,
अर्जुन यादव,अरुण अग्रहरि आदि सदस्य एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
एएसपी की पहल रंग लाई: आठ करोड़ की फैक्ट्री को लेकर बाप-बेटे का विवाद सुलझा

दो दिन की काउंसिलिंग के बाद हुआ समझौता, पुलिस और मीडिया की पहल से परिवार में लौटी खुशियां

रितेश मिश्रा
हरदोई। पारिवारिक और कारोबारी विवाद में उलझे पिता-पुत्र के बीच आखिरकार सुलह हो गई। करीब आठ करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़ा मामला पुलिस और मीडिया के सहयोग से सुलझा, जिससे एक परिवार टूटने से बच गया। मझिला पुलिस की लगातार दो दिन की मेहनत और समझाइश के बाद दोनों पक्ष आपसी सहमति पर पहुंच गए।
मामला थाना मझिला क्षेत्र से जुड़ा है। बलविंदर सिंह ने अपनी लगभग छ करोड़ रुपये की संपत्ति बेचकर पुत्र कमलजीत सिंह को शाहजहांपुर के यूपीसीडा क्षेत्र में डिस्पोजल फैक्ट्री स्थापित कराई थी। समय के साथ दोनों के बीच फैक्ट्री और कारोबार को लेकर मतभेद बढ़ गए। पिता को आशंका थी कि पुत्र गलत संगत में पड़कर फैक्ट्री बेच सकता है, जिससे उनके जीवनभर की पूंजी खतरे में पड़ जाएगी।
विवाद पुलिस और मीडिया तक पहुंचने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मार्तंड प्रकाश सिंह के निर्देशन में मझिला पुलिस ने दोनों पक्षों की काउंसिलिंग शुरू कराई। लगातार दो दिन तक चली बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने लिखित समझौता कर लिया।
समझौते के अनुसार शाहजहांपुर स्थित फैक्ट्री को भविष्य में बेचने की स्थिति में पिता बलविंदर सिंह की सहमति आवश्यक होगी। फैक्ट्री की बिक्री से प्राप्त धनराशि में दोनों पक्षों की हिस्सेदारी रहेगी। फैक्ट्री संचालित रहने तक पिता द्वारा लिए गए ऋण का भुगतान पुत्र करेगा। इसके अलावा पिता के रिश्तेदारों और मिलने-जुलने वालों पर किसी प्रकार की रोक-टोक नहीं की जाएगी।
समझौते में यह भी तय हुआ कि पुत्र कमलजीत सिंह पिता के खर्च के लिए प्रतिमाह 20 हजार रुपये उपलब्ध कराएगा। दोनों पक्षों ने समझौते की सभी शर्तों का पालन करने की सहमति जताई है। किसी भी पक्ष द्वारा उल्लंघन किए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की संवेदनशील कार्यशैली और मीडिया की सकारात्मक भूमिका की सराहना की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते हस्तक्षेप न होता तो विवाद गंभीर कानूनी लड़ाई में बदल सकता था।
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समझौते की प्रमुख शर्तें

1--फैक्ट्री की बिक्री पिता की सहमति से ही होगी।
2--बिक्री की धनराशि में दोनों पक्ष हिस्सेदार रहेंगे।
3--पिता के ऋण का भुगतान पुत्र करेगा।
4--पिता के रिश्तेदारों के आने-जाने पर कोई रोक नहीं होगी।
5--पुत्र प्रतिमाह 20 हजार रुपये खर्च के लिए देगा।
6--समझौते का उल्लंघन होने पर कानूनी कार्रवाई होगी।
7--मझिला थाने में पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में समझौता पत्र पर हस्ताक्षर करते पिता बलविंदर सिंह और पुत्र कमलजीत सिंह
हरदोई में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा की महिला मोर्चा को मिली नई कमान, अभिलाषा दीक्षित बनीं जिलाध्यक्ष
रितेश मिश्रा
हरदोई। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से महिला मोर्चा की जिला इकाई में महत्वपूर्ण नियुक्ति की है। संगठन के संस्थापक अलंकार अग्निहोत्री व प्रदेश अध्यक्ष विश्वजीत अवस्थी ने अभिलाषा दीक्षित को राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा  का महिला मोर्चा, हरदोई का जिलाध्यक्ष मनोनीत किया है।
नियुक्ति की घोषणा के बाद संगठन के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में उत्साह का माहौल देखा गया। इस अवसर पर हरदोई जिला अध्यक्ष अमित चंचल त्रिवेदी ने अभिलाषा दीक्षित को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संगठन ने उन पर जो विश्वास व्यक्त किया है, वह उसे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगी। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों, सम्मान और संगठन की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
नवनियुक्त जिलाध्यक्ष अभिलाषा दीक्षित ने संगठन के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और जनहित के मुद्दों को लेकर सक्रिय भूमिका निभाएंगी तथा जिले भर में महिला मोर्चा को मजबूत करने का कार्य करेंगी।
राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि अभिलाषा दीक्षित के नेतृत्व में महिला मोर्चा हरदोई में संगठन को नई मजबूती प्रदान करेगा और अधिक से अधिक महिलाओं को संगठन से जोड़ने में सफल होगा।
শেখ শরীফকে গ্রেফতারের দাবিতে মিনাখাঁয় বিক্ষোভ, দুর্নীতি ও কাটমানির অভিযোগে উত্তাল বামনপুকুর
বসিরহাট : মিনাখাঁয় তৃণমূলের পঞ্চায়েত প্রধানের শ্বশুর শেখ শরীফকে গ্রেফতারের দাবিতে উত্তাল হয়ে উঠলো বামনপুকুর এলাকা। বিভিন্ন দুর্নীতি, কাটমানি আদায়, সরকারি প্রকল্পে অনিয়ম এবং ভোট-পরবর্তী হিংসার অভিযোগকে সামনে রেখে রাস্তায় নেমে বিক্ষোভ দেখালেন স্থানীয় বাসিন্দারা। ছয়ানি বাজার সংলগ্ন এলাকায় টায়ার জ্বালিয়ে, হাতে ফেস্টুন ও প্ল্যাকার্ড নিয়ে বিক্ষোভে সামিল হন বহু মানুষ।
বিক্ষোভকারীদের অভিযোগ, বসিরহাটের মিনাখাঁ ব্লকের বামনপুকুর গ্রাম পঞ্চায়েতের প্রধান শেখ নুর নাহারের শ্বশুর শেখ শরীফ দীর্ঘদিন ধরে এলাকায় প্রভাব খাটিয়ে বিভিন্ন অনিয়মের সঙ্গে জড়িত রয়েছেন। তাদের দাবি, মুর্শিদাবাদের সুতি থানায় একাধিক খুনের মামলায় তার নাম জড়িয়েছে। এছাড়াও ২০১৯ সালের লোকসভা নির্বাচন, ২০২১ সালের বিধানসভা নির্বাচন এবং ২০২৪ সালের লোকসভা নির্বাচনের পর এলাকায় সংঘটিত ভোট-পরবর্তী হিংসার ঘটনাতেও তার বিরুদ্ধে একাধিক অভিযোগ রয়েছে বলে দাবি করেন আন্দোলনকারীরা।
স্থানীয়দের অভিযোগ, গ্রাম পঞ্চায়েতের বিভিন্ন সরকারি প্রকল্পকে কেন্দ্র করে ব্যাপক দুর্নীতি হয়েছে। আবাস যোজনার ঘর পাইয়ে দেওয়ার নামে সাধারণ মানুষের কাছ থেকে লক্ষ লক্ষ টাকা আদায় করা হয়েছে বলে অভিযোগ। পাশাপাশি উন্নয়নমূলক কাজের বরাদ্দ অর্থের অপব্যবহার এবং বিভিন্ন প্রকল্পে আর্থিক অনিয়মের অভিযোগও তোলা হয়েছে। বিক্ষোভকারীদের দাবি, স্বচ্ছ ভারত মিশন প্রকল্পের আওতায় থাকা একটি টোটো বিক্রি করে দেওয়ার অভিযোগও রয়েছে শেখ শরীফের বিরুদ্ধে।
বিক্ষোভে অংশগ্রহণকারীরা আরও অভিযোগ করেন, এত অভিযোগ থাকা সত্ত্বেও শেখ শরীফের বিরুদ্ধে কার্যকর পদক্ষেপ নিচ্ছে না পুলিশ। তাদের বক্তব্য, একাধিকবার অভিযোগ জানানো হলেও পুলিশ তাকে আটক করে ছেড়ে দিয়েছে। এমনকি পুলিশের একাংশের সঙ্গে আর্থিক সমঝোতার কারণেই তাকে গ্রেফতার করা হচ্ছে না বলেও অভিযোগ তোলেন বিক্ষোভকারীরা। যদিও এই অভিযোগের পক্ষে কোনও প্রামাণ্য নথি বা সরকারি বক্তব্য সামনে আসেনি।
এদিন বিক্ষোভকারীরা সাফ জানিয়ে দেন, শেখ শরীফকে অবিলম্বে গ্রেফতার করতে হবে এবং সাধারণ মানুষের কাছ থেকে নেওয়া কাটমানির টাকা ফেরত দিতে হবে। তাদের দাবি, প্রশাসন যদি দ্রুত ব্যবস্থা না নেয়, তাহলে আগামী দিনে আরও বৃহত্তর আন্দোলনের পথে হাঁটবেন তারা। ঘটনাকে কেন্দ্র করে এলাকায় রাজনৈতিক চাপানউতোর শুরু হয়েছে। তবে অভিযোগের বিষয়ে শেখ শরীফ, গ্রাম পঞ্চায়েত কর্তৃপক্ষ বা পুলিশ প্রশাসনের কোনও প্রতিক্রিয়া পাওয়া যায়নি।
पचदेवरा क्षेत्र के चादपुर मोड़ पर गूंजी गोलियों की आवाज, पुलिस के शिकंजे में आया वाहन चोरों का गिरोह
रितेश मिश्रा
हरदोई।जनपद में बढ़ती वाहन चोरी की घटनाओं पर लगाम कसने के लिए चलाए जा रहे अभियान के बीच थाना पचदेवरा पुलिस ने एक उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। चादपुर मोड़ के समीप हुई पुलिस और बदमाशों की मुठभेड़ में चार शातिर वाहन चोर गिरफ्तार किए गए, जिनकी गिरफ्तारी के साथ ही छह मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं से पर्दा उठ गया। बरामदगी में चोरी की मोटरसाइकिलें, अवैध असलहा, कारतूस तथा वाहनों को खोलने में प्रयुक्त उपकरण शामिल हैं।
घटनाक्रम की शुरुआत उस समय हुई जब शाहाबाद के नई बस्ती मोहल्ले निवासी मोहम्मद सुलेमान की मोटरसाइकिल गत 31 मई को उनके घर के बाहर से चोरी हो गई थी। पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में थाना पचदेवरा पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम को मामले के खुलासे की जिम्मेदारी सौंपी गई। कई दिनों की सतर्क निगरानी और तकनीकी पड़ताल के बाद पुलिस को सफलता का सूत्र हाथ लगा।
6 जून की रात मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध युवक चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ चादपुर मोड़ के निकट मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने क्षेत्र की घेराबंदी कर दी। जब संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया गया तो वे भागने लगे और स्वयं को घिरा देखकर पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ कार्रवाई की, जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लग गई। इसके बाद चारों आरोपियों को दबोच लिया गया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में नूर मोहम्मद उर्फ नन्हे, राजपाल, वीरेंद्र और विशाल शामिल हैं। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने हरदोई और शाहजहांपुर जनपदों में मोटरसाइकिल चोरी की कई वारदातों को स्वीकार किया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह सुनियोजित तरीके से वाहन चोरी कर उन्हें खोलकर उनके पुर्जे बेचता था अथवा दूसरे जनपदों में खपा देता था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की दो मोटरसाइकिलें, एक खुली हुई मोटरसाइकिल, .315 बोर का अवैध तमंचा, जिंदा और खोखा कारतूस तथा वाहन खोलने के उपकरण बरामद किए हैं। बरामद मोटरसाइकिलों में शाहाबाद से चोरी हुई बाइक भी शामिल है, जिसकी तलाश पुलिस कई दिनों से कर रही थी।
जांच के दौरान गिरोह के सरगना नूर मोहम्मद उर्फ नन्हे का लंबा आपराधिक इतिहास भी उजागर हुआ। उसके विरुद्ध चोरी, लूट, आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज पाए गए हैं। अन्य आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी पड़ताल जारी है।
पुलिस का मानना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और क्षेत्र में वाहन चोरी की कई घटनाओं के पीछे इसी का हाथ था। चारों आरोपियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जबकि घायल आरोपी का उपचार पुलिस निगरानी में कराया जा रहा है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त करने वाले नेटवर्क की भी गहन जांच की जा रही है।
इस सफलता पर पुलिस अधीक्षक ने थाना पचदेवरा पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम की सराहना करते हुए कहा कि जनपद में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा तथा कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों के साथ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। वाहन चोरों के इस गिरोह की गिरफ्तारी को हरदोई पुलिस की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे आमजन में सुरक्षा और विश्वास की भावना और अधिक मजबूत हुई है।
सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का सभी को मिल रहा लाभ - रजनी तिवारी

रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई।केन्द्र सरकार के "सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण के गौरवपूर्ण 12 वर्ष" पूर्ण होने के उपलक्ष्य में दिनांक 5 जून से 21 जून तक संचालित होने वाले वृहद अभियान ‎के अन्तर्गत शनिवार को उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी की अध्यक्षता में विकास खण्ड टोडरपुर की ग्राम पंचायत उमरौली में रात्रि चौपाल आयोजित की गयी।
    श्रीमती तिवारी ने जनता से संवाद कर उन्हें शासन द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों से अवगत कराया।उन्होंने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया  कि शासन द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों से सभी पात्रों को लाभान्वित किया जाय तथा शिकायतों एवं समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध तथा प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
‎        रात्रि चौपाल के दौरान ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि श्याम बाबू त्रिवेदी, पीडी ए के मौर्या, डीपीआरओ श्रेया उपाध्याय, डीएसटीओ राम प्रकाश, बीडीओ अरविंद राजपूत, नायब तहसीलदार प्रणव पाण्डेय, प्रधान प्रतिनिधि अवनीश अग्निहोत्री के साथ क्षेत्रीय जनप्रतिनिधिगण एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
‎      इस अवसर पर श्रीमती तिवारी ने ग्राम पंचायत उमरौली में "एक पेड़ माँ के नाम" रोपित किया। उन्होंने सभी को प्रेरित भी किया कि अधिक से अधिक पौधे रोपित करें। उन्होंने कहा कि पौधरोपण पर्यावरण संरक्षण हेतु अत्यन्त आवश्यक है और इसके लिए सभी को सम्मिलित रूप से प्रयास करना चाहिए। उन्होंने वृक्षों से होने वाले लाभ के विषय में भी विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए अपील की कि सभी अधिक से अधिक पौधे रोपित करें तथा रोपित किए गए पौधों का संरक्षण अवश्य करें।
मुख्यमंत्री योगी से मिले डॉ. संजय निषाद, जनहित के मुद्दों पर सौंपे मांग पत्र

* कमलेश बिंद एनकाउंटर की SIT जांच, आजाद बिंद हत्याकांड में कार्रवाई और मझवार-तुरैहा आरक्षण पर उठाए सवाल

लखनऊ। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के मत्स्य विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की।
भेंट के दौरान डॉ. निषाद ने जनहित एवं समाजहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रमुखता से उठाया। उन्होंने गाजीपुर के चर्चित कमलेश बिंद एनकाउंटर प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग संबंधी पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा। साथ ही निषाद-बिंद समाज की भावनाओं एवं अपेक्षाओं से भी उन्हें अवगत कराया।
डॉ. निषाद ने जौनपुर के स्वर्गीय आजाद बिंद हत्याकांड का मुद्दा भी उठाते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने मझवार-तुरैहा आरक्षण को लेकर विपक्षी दलों द्वारा समाज में फैलाए जा रहे कथित भ्रम और दुष्प्रचार पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार एवं भारतीय जनता पार्टी की ओर से सकारात्मक पहल किए जाने का आग्रह किया। इसके अलावा चौरी-चौरा विधानसभा क्षेत्र के नई बाजार में नाली निर्माण एवं जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान हेतु आवश्यक कार्यवाही किए जाने संबंधी मांग पत्र भी मुख्यमंत्री को सौंपा गया।
बैठक के दौरान केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा मछुआ समाज के कल्याण और उत्थान के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं पर भी विस्तृत चर्चा हुई। डॉ. निषाद ने मत्स्य विभाग की विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति से मुख्यमंत्री को अवगत कराते हुए इनके प्रभावी क्रियान्वयन तथा अधिक से अधिक लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विषयों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित मामलों में आवश्यक एवं उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।