सघन टीबी रोगी खोजी अभियान के तहत आयोजित हुआ शिविर


32 मरीजों का किया गया एक्स रे मशीन से स्क्रीनिंग

मीरजापुर। टीबी मुक्त भारत बनाने के लिए 100 दिवसीय सघन टीबी रोगी खोजी अभियान के तहत बुधवार को विकास खण्ड लालगंज के सोनवर्षा गांव में स्वास्थ्य विभाग लालगंज ने शिविर लगाकर अभियान में हाई रिस्क गांवों में हैंड हेल्ड एक्स रे मशीन से स्क्रीनिंग कर मरीजों का पहचान कर निः शुल्क इलाज से जोड़ा जा रहा है। शिविर में क्षेत्र के वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक शमीम अहमद ने आशा और प्रधान के सहयोग से गांव के लोगों को टीबी के बारे में जागरूक किया तथा सरकारी निः शुल्क सुविधाओं के बारे में लोगों को जानकारी देते हुए लक्षण और उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस दौरान कुल 32 मरीजों का एक्स-रे किया गया। शिविर में शमीम अहमद, सुजीत कुमार मिश्रा, अजीत कुमार सिंह, आशा निशा देवी, मोतीलाल पटेल, महेन्द्र पटेल आदि लोग मौजूद रहें।
पिछड़ा वर्ग द्वारा निर्मित महिला छात्रावास के लिए छात्राएं संपर्क करें

फर्रुखाबाद l जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने अवगत कराया है कि पीएम श्री महीयसी महादेवी वर्मा राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज फतेहगढ़ - फर्रुखाबाद में पिछड़ा वर्ग कल्याण द्वारा महिला छात्रावास की सुविधा उपलब्ध है l अध्यनरत जो छात्राएँ / महिला कर्मचारी छात्रावास में रहने की इच्छुक है वो छात्रावास की जानकारी सहायक अध्यापक निर्मला सिंह से फोन नं0-7007549903 से प्राप्त कर सकते है l साथ ही कार्यालय में सुबह 7:30 से दोपहर 1:30 तक सम्पर्क भी किया जा सकता है।
शिक्षा व्यवस्था बेपटरी पर सरकारी स्कूलों की बदहाली का निजी स्कूल उठा रहे फायदा*


अमान्य स्कूलों पर गिरेगी गाज, जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसील स्तर की टीमें शुरू करेंगी जांच*

रितेश मिश्रा
कछौना, हरदोई।* परिषदीय स्कूलों में अधिकांश बुनियादी सुविधाओं का अभाव व शिक्षकों का शिक्षण कार्य में रुचि न लेने व शिक्षकों से शिक्षण कार्य के अतिरिक्त कार्य एसआईआर, जनगणना, चुनाव के कारण सरकारी स्कूलों की शिक्षण व्यवस्था चौपट है। जिसका फायदा प्राइवेट स्कूल उठा रहे हैं। प्रभावी पर्यवेक्षण के अभाव में प्राइवेट स्कूल मानकों को ताक पर रखकर संचालित हैं। यह प्राइवेट स्कूल मोटी रकम बच्चों को लाने जाने हेतु वाहन के नाम पर शुल्क, कॉपी, किताबें, ड्रेस, स्कूल बैग, एक निश्चित दुकान से उपलब्धता, खेल कूद मैदान का अभाव, शिक्षकों की योग्यता मानकों के अनुकूल न होना व अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव के कारण नौनिहालों की नीव कमजोर हो रही है। स्कूल चलो अभियान के साथ जिला अधिकारी ने जिले में संचालित प्राइवेट स्कूल की जांच का निर्देश दिया है। तहसील स्तर से टीम गठित की गई, जो कई बिंदुओं पर जांच करेगी। अमान्य स्कूलों पर कार्यवाई अमल में लाई जाएगी। बेसिक शिक्षा नौनिहालों के सुनहरे भविष्य की न्यू रखी जाती है। परंतु सरकार की बेसिक शिक्षा में सुधार के लिए साफ नियत न होने के कारण आज भी काफी संख्या में नौनिहालों, ड्राप आउट बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। सुबह कूड़े के ढेर में कबाड़ बीनते नजर आएंगे। शिक्षा की विकसित समाज और देश के निर्माण में अहम भूमिका है। शिक्षा में सुधार लाने की महती आवश्यकता है।
सोनभद्र लाइमस्टोन ब्लॉक-ए की ई-नीलामी के लिए NIT जारी, 79 मिलियन टन भंडार का होगा दोहन


खनन क्षेत्र में बढ़ेगा निवेश, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को मिलेगा बढ़ावा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग उत्तर प्रदेश की सचिव एवं निदेशक माला श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि जनपद सोनभद्र स्थित डाला कजरहट लाइमस्टोन ब्लॉक-ए (161 हेक्टेयर) की ई-नीलामी के लिए Notice Inviting Tender (NIT) 6 मई 2026 को जारी कर दिया गया है।
इस खनन ब्लॉक में लगभग 79.20 मिलियन टन चूना पत्थर का भंडार आंका गया है। इसमें CaO (कैल्शियम ऑक्साइड) की औसत मात्रा 41.98 प्रतिशत है, जो सीमेंट उद्योग के लिए उच्च गुणवत्ता के कच्चे माल के रूप में उपयोगी है।
सरकार के अनुसार, ई-नीलामी प्रणाली से पारदर्शिता बढ़ेगी और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा, जिससे राज्य को बेहतर राजस्व प्राप्त होगा। साथ ही, यह पहल प्रदेश में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने और खनन क्षेत्र के विकास को गति देने में अहम भूमिका निभाएगी।
इस परियोजना के जरिए विशेष रूप से सोनभद्र क्षेत्र में खनन आधारित रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ प्रदेश के सतत विकास को भी बल मिलेगा।
बीसी सखी कार्यक्रम से बदल रही यूपी की ग्रामीण तस्वीर, महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का नया आधार
“एक ग्राम पंचायत–एक बीसी सखी” मॉडल से गांव-गांव पहुंचीं बैंकिंग सेवाएं, 44 हजार करोड़ से अधिक लेन-देन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में “बीसी सखी कार्यक्रम” एक प्रभावशाली पहल के रूप में उभरकर सामने आया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में संचालित यह योजना गांव-गांव तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने के साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है।
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत चल रहे इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें बैंकिंग प्रतिनिधि (बीसी सखी) के रूप में स्थापित करना है। “एक ग्राम पंचायत–एक बीसी सखी” के सिद्धांत पर आधारित यह योजना लाखों ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।
वर्तमान में प्रदेश में लगभग 40 हजार बीसी सखियां सक्रिय हैं, जो गांव-गांव जाकर बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर रही हैं। इनके माध्यम से अब तक 44 हजार करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लेन-देन किया जा चुका है। ये सखियां नकद जमा-निकासी, आधार आधारित भुगतान (AePS), बैलेंस जांच, बीमा, पेंशन और ऋण पुनर्भुगतान जैसी सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।
यह कार्यक्रम न केवल वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि महिलाओं को डिजिटल और आर्थिक रूप से भी सशक्त बना रहा है। सुल्तानपुर की प्रियंका मौर्य और लखनऊ की अनीता पाल जैसी बीसी सखियां प्रतिमाह औसतन 45 हजार रुपये से अधिक का कमीशन अर्जित कर रही हैं। अब तक बीसी सखियों द्वारा 121 करोड़ रुपये से अधिक का कमीशन अर्जित किया जा चुका है।
कार्यक्रम में भारतीय स्टेट बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा सहित कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक साझेदार के रूप में जुड़े हैं, जिनके सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार हो रहा है। बीसी सखियों को माइक्रो एटीएम, लैपटॉप और स्मार्टफोन जैसे डिजिटल उपकरणों से भी सशक्त किया जा रहा है।
सरकार इस योजना के दायरे को और बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। बीसी सखियों को जन सेवा केंद्र संचालन, बीमा सेवाएं, आरडी खाता खोलना, ऋण वितरण और डाकघर योजनाओं से जोड़ने की तैयारी है। भविष्य में उन्हें आधार अपडेट जैसी सेवाओं से भी जोड़ा जा सकता है।
जनपद स्तर पर भी इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। वर्तमान में प्रयागराज पहले स्थान पर है, जबकि बरेली और शाहजहांपुर क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।
मिशन निदेशक दीपा रंजन के अनुसार, लक्ष्य है कि जल्द ही सभी ग्राम पंचायतों में बीसी सखी की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि “आत्मनिर्भर ग्रामीण महिला–आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश” के संकल्प को साकार किया जा सके। यह योजना न केवल महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका दे रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है।
अवैध खनन पर यूपी में बड़ी कार्रवाई, 385 वाहनों पर शिकंजा; 1.85 करोड़ का जुर्माना

* प्रदेशव्यापी अभियान तेज, ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन पर सख्ती जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अवैध खनन, अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग पर अंकुश लगाने के लिए चलाए गए विशेष अभियान में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग उत्तर प्रदेश के निर्देश पर 1 मई से 3 मई तक चले प्रवर्तन अभियान के दौरान प्रदेशभर में 385 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई और 1 करोड़ 85 लाख रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया।
यह अभियान विभाग की सचिव एवं निदेशक माला श्रीवास्तव के निर्देश पर संचालित किया गया। जांच के दौरान अधिकांश वाहन वैध प्रपत्रों के साथ संचालित होते पाए गए, जबकि अवैध परिवहन या ओवरलोडिंग में संलिप्त वाहनों पर सख्त कार्रवाई की गई।
माला श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। इसी क्रम में 6 मई से निदेशालय स्तर से 20 विशेष टीमें विभिन्न जनपदों के लिए रवाना की जा रही हैं, जो जमीनी स्तर पर सघन जांच करेंगी।
उन्होंने अंतर्राज्यीय सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अन्य राज्यों से आने वाले उपखनिजों का परिवहन केवल ISTP (इंटर-स्टेट ट्रांजिट पास) के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए और ओवरलोडिंग पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। साथ ही, खनन स्थलों पर निर्धारित लोडिंग मानकों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि खनन कार्यों में पारदर्शिता और कानून व्यवस्था बनी रहे।
देवघर-महान रोटेरियन स्व. अभय श्रॉफ को संगीत समारोह में भावभीनी श्रद्धांजलि।
देवघर: के शिल्पग्राम ऑडिटोरियम में संस्कृती वाटिका एवं रोटरी क्लब ऑफ देवघर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “गुरु असित मुखर्जी मेमोरियल सिंगिंग ग्रैंड फिनाले सीजन-2” के दौरान महान समाजसेवी एवं रोटरी क्लब ऑफ देवघर के स्तंभ स्वर्गीय रोटेरियन अभय श्रॉफ को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह भव्य संगीत समारोह केवल प्रतिभाओं का मंच नहीं बना, बल्कि देवघर की एक महान विभूति को याद करने और उनके अतुलनीय योगदान को नमन करने का भावुक अवसर भी बना। कार्यक्रम में उपस्थित रोटेरियंस, समाजसेवियों, कलाकारों एवं नागरिकों ने स्व. अभय श्रॉफ को याद करते हुए उन्हें सेवा, समर्पण और मानवता का प्रतीक बताया। कार्यक्रम के दौरान संस्कृती वाटिका, देवघर के निदेशक बिस्वजीत दास ने अत्यंत भावुक अंदाज में प्रसिद्ध गीत “ना चिट्ठी ना संदेश” प्रस्तुत किया। गीत की मार्मिक प्रस्तुति ने पूरे सभागार को भावुक कर दिया और उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं। इसके उपरांत सभी लोगों ने खड़े होकर एक मिनट का मौन रख स्व. रोटेरियन अभय श्रॉफ को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरा वातावरण श्रद्धा, सम्मान और भावनाओं से भर गया। इस अवसर पर रोटरी परिवार की ओर से चार्टर प्रेसिडेंट रोटेरियन गोविंद प्रसाद डालमिया, रोटेरियन डॉ. सुनील कुमार सिन्हा, रोटेरियन विजय मुंद्रा, रोटेरियन सुरेंद्र सिंघानिया, रोटेरियन डॉ. संजय भगत, रोटेरियन आनंद साह, रोटेरियन प्रमोद चौचरिया, क्लब सचिव रोटेरियन नितेश बठवाल, एवं वर्तमान अध्यक्ष रोटेरियन पीयूष जायसवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। रोटेरियन पीयूष जायसवाल ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि “स्व. रोटेरियन अभय श्रॉफ केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि रोटरी क्लब ऑफ देवघर की आत्मा थे। उनका जीवन सेवा, समर्पण, अनुशासन और मानवता का जीवंत उदाहरण था। उन्होंने जिस निष्ठा और प्रेम से रोटरी को आगे बढ़ाया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा। देवघर समाज और रोटरी परिवार उनके योगदान को कभी नहीं भूल पाएगा।” 15 सितंबर 1946 को देवघर में जन्मे स्व. अभय श्रॉफ ने अपना पूरा जीवन देवघर और यहां की जनता की सेवा में समर्पित कर दिया। वे वर्ष 1981 में रोटरी क्लब ऑफ देवघर के संस्थापक सदस्यों में से एक थे और लगातार 44 वर्षों तक रोटरी से जुड़े रहे। इस दौरान उन्होंने दो बार क्लब अध्यक्ष के रूप में नेतृत्व किया और रोटरी के विभिन्न सामाजिक कार्यों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। विशेष रूप से वार्षिक रोटरी मेले के सफल आयोजन में उनका योगदान अविस्मरणीय रहा। कई अवसरों पर उन्होंने अकेले अपने नेतृत्व और मेहनत से पूरे आयोजन को सफल बनाया। उनके व्यक्तित्व में सरलता, विनम्रता, प्रेम और सेवा भावना का अद्भुत संगम था। वे किसी के प्रति दुर्भावना नहीं रखते थे और सदैव समाजहित में कार्य करते रहे। वे एक सफल व्यवसायी होने के साथ-साथ पुस्तकों, ज्ञान और अध्यात्म के प्रति गहरी रुचि रखते थे। उनके घर की निजी लाइब्रेरी उनकी अध्ययनशील प्रवृत्ति का प्रमाण थी। वे एक प्रभावशाली वक्ता भी थे, जिनकी वाणी में स्पष्टता, संवेदनशीलता और प्रेरणा झलकती थी। स्व. अभय श्रॉफ को बागवानी से विशेष प्रेम था। देवघर में आयोजित वार्षिक पुष्प प्रदर्शनी में वे लगातार कई पुरस्कार जीतते रहे। उनका जीवन सेवा, संस्कार और समाज के प्रति समर्पण की मिसाल था। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने कहा कि स्व. अभय श्रॉफ केवल एक रोटेरियन नहीं, बल्कि अपने आप में एक संस्था थे, जिनकी प्रेरणा आने वाली पीढ़ियों को सदैव मार्गदर्शन देती रहेगी। इस अवसर पर आयोजित “गुरु असित मुखर्जी मेमोरियल सिंगिंग ग्रैंड फिनाले 2026” भी अत्यंत भव्य एवं सफल रहा। झारखंड, बिहार एवं पश्चिम बंगाल से 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने ऑडिशन दिया था, जिनमें से चयनित जूनियर एवं सीनियर वर्ग के प्रतिभागियों ने फाइनल में शानदार प्रस्तुति दी। संस्कृती वाटिका के मुख्य स्तंभ बिस्वजीत दास (सहायक प्राध्यापक, DIPSER कॉलेज) एवं तृषा दास (नृत्य शिक्षिका, देवसंग स्कूल) को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। पिछले 15 वर्षों से दोनों संगीत एवं वाद्ययंत्र की शिक्षा देकर देवघर की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम में अनाथालय के बच्चों की प्रस्तुति ने सभी को भावुक कर दिया। वहीं इंडियन आइडल सीजन-2 के फाइनलिस्ट एवं प्रसिद्ध गायक आद्रिज घोष मुख्य निर्णायक के रूप में उपस्थित रहे और प्रतिभागियों की सराहना की। *प्रतियोगिता के विजेता इस प्रकार रहे:* जूनियर वर्ग: प्रथम – Md. Rehan Shaikh द्वितीय – Shreayanshu Karmakar तृतीय – Kanishk Kr. Suman सीनियर वर्ग: प्रथम – Nitin Kumar द्वितीय – Shashwat तृतीय – Shobhit Sharma विशेष पुरस्कार: Best Performer – Md. Rehan Shaikh Sri Sushil Kumar Das Memorial Award – Chandan Kumar पूरा कार्यक्रम स्व. अभय श्रॉफ की यादों, उनके आदर्शों और समाज सेवा के प्रति उनके समर्पण को समर्पित रहा। ईश्वर उनकी पुण्य आत्मा को शांति प्रदान करें।
विधानसभा 2027 से पहले सियासत गरम: भदोही के हसनैन अंसारी की सपा में वापसी, लखनऊ में समर्थकों संग हुए शामिल

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच भदोही की राजनीति में सक्रिय नेता हसनैन अंसारी ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी (सपा) का दामन थाम लिया है। राजधानी लखनऊ स्थित सपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
यह सदस्यता कार्यक्रम अखिलेश यादव के निर्देश पर आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने हसनैन अंसारी और उनके समर्थकों को पार्टी में शामिल कराया। इस अवसर पर भदोही सदर विधायक जाहिद बेग, पूर्व प्रदेश महिला सभा अध्यक्ष रीबू श्रीवास्तव तथा समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश सचिव टोनी मंसूरी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
*पहले सपा, फिर कांग्रेस और अब फिर सपा में वापसी*
हसनैन अंसारी का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। वे लंबे समय तक समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे, लेकिन वर्ष 2023 में उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया था। उस दौरान अजय राय की मौजूदगी में उन्होंने समर्थकों के साथ कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की थी। सदस्यता कार्यक्रम के दौरान वे भावुक हो गए थे और मंच पर उनकी आंखों से आंसू भी छलक पड़े थे, जो उस समय काफी चर्चा में रहा।
हालांकि,  विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने एक बार फिर सपा में वापसी कर ली है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह फैसला प्रदेश में तेजी से बदलते राजनीतिक समीकरणों का संकेत है। विपक्षी दलों में इन दिनों दल-बदल की स्थिति को “भगदड़” के रूप में भी देखा जा रहा है।
नई ऊर्जा के साथ संगठन को मजबूत करने का संकल्प
सपा में दोबारा शामिल होने के बाद हसनैन अंसारी ने कहा कि वे अखिलेश यादव की नीतियों और समाजवादी विचारधारा से प्रभावित होकर पार्टी में लौटे हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भदोही जनपद में संगठन को मजबूत करने और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। “जय समाजवाद” के नारों के बीच सभी ने आगामी चुनावों में पार्टी के लिए पूरी ताकत से काम करने का संकल्प लिया।
भारत की जनगणना हेतु प्रशिक्षण के साथ पूरी हुई तैयारी
मुंबई । बृहन्मुंबई महानगरपालिका जी-दक्षिण विभाग के तत्वावधान 2026-2027 वर्ष भारत की जनगणना करने हेतु जनगणना मास्टर प्रशिक्षक,फिल्ड प्रशिक्षक, सुपरवाइजर एवं जनगणना प्रगणक हेतु प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।उक्त कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीमती स्वप्नजा क्षिरसागर सहायक आयुक्त तथा  विभाग जनगणना अधिकारी तथा डॉ विरेंद्र वि.मोहिते स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी एवं चार्ज जनगणना अधिकारी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया।जनगणना प्रशिक्षण तीन सत्रों में रखा गया जिसमें प्रथम सत्र 23,24,25 अप्रैल,द्वितीय सत्र 27,28,29 अप्रैल को पूर्ण किया गया। अंतिम तृतीय सत्र 4,5,6 मई 2026 जो ग्लोबमिल मनपा शाला,लोअर परेल मुंबई में आयोजित किया गया।प्रत्येक सत्र में 200 सुपरवाइजर और प्रगणक कुल 600 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण देकर तैयार किया गया है। जनगणना 2027 का पहला टप्पा महाराष्ट्र में स्व-गणना 1 मई से 15 मई रखा गया है जिसमें नागरिक स्वयं अपनी जानकारी भरकर पूर्ण करेंगे तथा 16 मई से 14 जून तक घरगणना प्रगणक एवं सुपरवाइजर की निगरानी में किया जाना है।उक्त प्रशिक्षण श्रीमती स्वप्नजा क्षिरसागर सहायक आयुक्त तथा विभाग जनगणना अधिकारी,डॉ विरेंद्र वि.मोहिते स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी एवं चार्ज जनगणना अधिकारी,राजेश यादव सहायक अभियंता एवं अतिरिक्त चार्ज जनगणना अधिकारी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। जनगणना सहायक के रूप में सहायक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अमोल दर्रोई,डॉ मनिष शार्दुल एवं समाज विकास अधिकारी राजेश सुरवाडे की नियुक्ति हुई है।उक्त प्रशिक्षण देने के लिए मास्टर ट्रेनर के रूप में गौरव श्रीवास्तव तथा फिल्ड प्रशिक्षक के रूप में प्रीती चौधरी, अमित शिंदे,सविता बोडके किरण पवार, सुमित्रा एमगेकर, मास्टर प्रशिक्षक रेणुका गवळी,महेन्द्र गुप्ता,राम बनकर,दीपक वैष्णव, अरुण शिंदे,वसंत सिद की नियुक्ति की गई है। सहायक आयुक्त तथा विभाग जनगणना अधिकारी श्रीमती स्वप्नजा क्षिरसागर एवं स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी व चार्ज जनगणना अधिकारी डॉ विरेंद्र मोहिते सर ने जी-दक्षिण विभाग में रहने वाले नागरिकों से निवेदन तथा आह्वाहन किया कि भारत सरकार द्वारा 2027 की जनगणना में सहयोग करें।आपके द्वार पर आने वाले जनगणना अधिकारियों का सम्मान करते हुए पूछे गए प्रश्नों के उत्तर शांति पूर्वक देकर अपनी जनगणना एवं घरगणना पूर्ण कीजिए तथा भारत के नागरिक होने का दायित्व का निर्वहन कीजिए।
राज्य सरकार 10000 करोड़ के मदर ऑफ ऑल स्कैम ट्रेजरी घोटाले को सुनियोजित तरीके से दफनाने में लगी- प्रतुल शाह देव

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार पर 10000 करोड़ के ट्रेजरी स्कैम को सुनियोजित तरीके से दफनाने का आरोप लगाया।प्रतुल ने कहा कि राज्य सरकार ने वित्त विभाग के निर्णय के आलोक में पत्रांक (2)- 12/26, 252 के जरिए वित्तीय कार्य से जुड़े 3 वर्ष से ज्यादा एक ही पद पर जमे सिर्फ क्लर्क और किरानी के ट्रांसफर का आदेश दिया। एसपी,डीएसपी और ट्रेजरी अफसर यथावत पदों पर आज भी बने हुए हैं। असली आरोप तो इन पर ही लगा था जो आज भी जमे हुए हैं

प्रतुल ने कहा की उत्पाद सचिव के नेतृत्व में बनी एसआईटी की टीम ने 2020 से रिकॉर्ड मांगा है। 8 मई को यह टीम बोकारो जाने वाली है ।एजी की आपत्ति के बाद अब ये 2011 से रिकॉर्ड मांग रही है।इस घोटाले को दबा देने की पूरी प्लानिंग है।तभी जांच समिति में सीआईडी के वर्तमान दो आईजी को छोड़कर पुलिस के मानवाधिकार आईजी को कमान दी गई है। इसके अतिरिक्त एसआईटी टीम के जो सदस्य हैं उसमें से एक 2022 के दौरान बोकारो के भी एसपी थे और 2014-16 के दौरान हजारीबाग के डीएसपी थे ।इस दौरान दोनों जिला में भी ट्रेजरी घोटाला हुआ था। इस जांच समिति के एक और सदस्य डीआईजी स्तर के एक अधिकारी 27 नवंबर, 2017 से बोकारो एसपी थे। वह 2019 तक इस पद पर रहे।2018 में अकाउंटेंट कौशल पांडे का बोकारो तबादला हुआ। कौशल पांडे ही इस पूरे घोटाले का किंग पिन माना जाता है। उस समय अकाउंट सेक्शन की हेड क्लर्क प्रभा टोप्पो को हटाकर कौशल पांडे को प्रभार दे दिया गया।

प्रतुल ने कहा की बोकारो के स्ट्रांग रूम में लगभग 12 से 14 किलो तक सोना जमा है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि यह सोना अभी भी वहां मौजूद है या कोई हेरा फेरी हो गई है। प्रतुल ने कहा कि जो एसआईटी जाए ,वह स्ट्रांग रूम की भी जांच कर इस सोने का भौतिक सत्यापन करे।

प्रतुल ने कहा कि झारखंड वित्तीय नियमावली एवं ट्रेजरी कोड के नियम 305 के अनुसार डीडीओ को अपने अधीन पैसे के खर्च की उस तरह चिंता करनी चाहिए जैसा वह अपने घर के लिए खर्च कर रहे हो। प्रतुल ने कहा पर यह आश्चर्यजनक बात है कि एक माह बीत जाने के बाद भी डीडीओ और ट्रेजरी ऑफिसर अभी भी अपने पदों पर बने हुए हैं। एसआईटी को जांच के लिए इन्हीं अफसर से मदद लेना है।ये न सिर्फ सुबूत मिटा सकते हैं बल्कि जांच समिति को भी गुमराह कर सकते हैं।

पीएजी ने गंभीर अनियमितता पकड़ी थी

प्रतुल ने कहा इससे पहले प्रिंसिपल एजी में दो अप्रैल,2026 की रिपोर्ट में ही भौतिक सत्यापन के दौरान बड़े पैमाने पर ट्रेजरी में गड़बड़ी के सबूत पेश किए थे। रिपोर्ट के अनुसार 58% डी ए को कई गुना ज्यादा बढ़ा कर लिया गया।रिपोर्ट में मास्टर डाटा कंट्रोल में बड़ी कमजोरी पाई गई ।इसी रिपोर्ट में 2175 मामले ऐसे आए जिनके जन्मतिथि 2023 और 2026 के बीच में बदल दी गई ।इसी कालखंड में 2890 पैन नंबर के साथ भी फेरबदल हुआ और 5037 सरकारी कर्मचारियों के जॉइनिंग डेट के साथ भी छेड़छाड़ की गई।

प्रतुल ने कहा कि सरकार का जो रवैया है उस से स्पष्ट है कि वह मदर आफ स्कैम को दबाने की कोशिश हो रही है।इसलिए राज्य सरकार को अविलंब इस पूरे मामले की ईडी और सीबीआई जांच के आदेश देने चाहिए। अगर राज्य सरकार ऐसा नहीं करती है तो भारतीय जनता पार्टी भविष्य में उचित कदम उठाएगी आज के प्रेस वार्ता में प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक भी उपस्थित थे।

सघन टीबी रोगी खोजी अभियान के तहत आयोजित हुआ शिविर


32 मरीजों का किया गया एक्स रे मशीन से स्क्रीनिंग

मीरजापुर। टीबी मुक्त भारत बनाने के लिए 100 दिवसीय सघन टीबी रोगी खोजी अभियान के तहत बुधवार को विकास खण्ड लालगंज के सोनवर्षा गांव में स्वास्थ्य विभाग लालगंज ने शिविर लगाकर अभियान में हाई रिस्क गांवों में हैंड हेल्ड एक्स रे मशीन से स्क्रीनिंग कर मरीजों का पहचान कर निः शुल्क इलाज से जोड़ा जा रहा है। शिविर में क्षेत्र के वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक शमीम अहमद ने आशा और प्रधान के सहयोग से गांव के लोगों को टीबी के बारे में जागरूक किया तथा सरकारी निः शुल्क सुविधाओं के बारे में लोगों को जानकारी देते हुए लक्षण और उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस दौरान कुल 32 मरीजों का एक्स-रे किया गया। शिविर में शमीम अहमद, सुजीत कुमार मिश्रा, अजीत कुमार सिंह, आशा निशा देवी, मोतीलाल पटेल, महेन्द्र पटेल आदि लोग मौजूद रहें।
पिछड़ा वर्ग द्वारा निर्मित महिला छात्रावास के लिए छात्राएं संपर्क करें

फर्रुखाबाद l जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने अवगत कराया है कि पीएम श्री महीयसी महादेवी वर्मा राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज फतेहगढ़ - फर्रुखाबाद में पिछड़ा वर्ग कल्याण द्वारा महिला छात्रावास की सुविधा उपलब्ध है l अध्यनरत जो छात्राएँ / महिला कर्मचारी छात्रावास में रहने की इच्छुक है वो छात्रावास की जानकारी सहायक अध्यापक निर्मला सिंह से फोन नं0-7007549903 से प्राप्त कर सकते है l साथ ही कार्यालय में सुबह 7:30 से दोपहर 1:30 तक सम्पर्क भी किया जा सकता है।
शिक्षा व्यवस्था बेपटरी पर सरकारी स्कूलों की बदहाली का निजी स्कूल उठा रहे फायदा*


अमान्य स्कूलों पर गिरेगी गाज, जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसील स्तर की टीमें शुरू करेंगी जांच*

रितेश मिश्रा
कछौना, हरदोई।* परिषदीय स्कूलों में अधिकांश बुनियादी सुविधाओं का अभाव व शिक्षकों का शिक्षण कार्य में रुचि न लेने व शिक्षकों से शिक्षण कार्य के अतिरिक्त कार्य एसआईआर, जनगणना, चुनाव के कारण सरकारी स्कूलों की शिक्षण व्यवस्था चौपट है। जिसका फायदा प्राइवेट स्कूल उठा रहे हैं। प्रभावी पर्यवेक्षण के अभाव में प्राइवेट स्कूल मानकों को ताक पर रखकर संचालित हैं। यह प्राइवेट स्कूल मोटी रकम बच्चों को लाने जाने हेतु वाहन के नाम पर शुल्क, कॉपी, किताबें, ड्रेस, स्कूल बैग, एक निश्चित दुकान से उपलब्धता, खेल कूद मैदान का अभाव, शिक्षकों की योग्यता मानकों के अनुकूल न होना व अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव के कारण नौनिहालों की नीव कमजोर हो रही है। स्कूल चलो अभियान के साथ जिला अधिकारी ने जिले में संचालित प्राइवेट स्कूल की जांच का निर्देश दिया है। तहसील स्तर से टीम गठित की गई, जो कई बिंदुओं पर जांच करेगी। अमान्य स्कूलों पर कार्यवाई अमल में लाई जाएगी। बेसिक शिक्षा नौनिहालों के सुनहरे भविष्य की न्यू रखी जाती है। परंतु सरकार की बेसिक शिक्षा में सुधार के लिए साफ नियत न होने के कारण आज भी काफी संख्या में नौनिहालों, ड्राप आउट बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। सुबह कूड़े के ढेर में कबाड़ बीनते नजर आएंगे। शिक्षा की विकसित समाज और देश के निर्माण में अहम भूमिका है। शिक्षा में सुधार लाने की महती आवश्यकता है।
सोनभद्र लाइमस्टोन ब्लॉक-ए की ई-नीलामी के लिए NIT जारी, 79 मिलियन टन भंडार का होगा दोहन


खनन क्षेत्र में बढ़ेगा निवेश, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को मिलेगा बढ़ावा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग उत्तर प्रदेश की सचिव एवं निदेशक माला श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि जनपद सोनभद्र स्थित डाला कजरहट लाइमस्टोन ब्लॉक-ए (161 हेक्टेयर) की ई-नीलामी के लिए Notice Inviting Tender (NIT) 6 मई 2026 को जारी कर दिया गया है।
इस खनन ब्लॉक में लगभग 79.20 मिलियन टन चूना पत्थर का भंडार आंका गया है। इसमें CaO (कैल्शियम ऑक्साइड) की औसत मात्रा 41.98 प्रतिशत है, जो सीमेंट उद्योग के लिए उच्च गुणवत्ता के कच्चे माल के रूप में उपयोगी है।
सरकार के अनुसार, ई-नीलामी प्रणाली से पारदर्शिता बढ़ेगी और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा, जिससे राज्य को बेहतर राजस्व प्राप्त होगा। साथ ही, यह पहल प्रदेश में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने और खनन क्षेत्र के विकास को गति देने में अहम भूमिका निभाएगी।
इस परियोजना के जरिए विशेष रूप से सोनभद्र क्षेत्र में खनन आधारित रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ प्रदेश के सतत विकास को भी बल मिलेगा।
बीसी सखी कार्यक्रम से बदल रही यूपी की ग्रामीण तस्वीर, महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का नया आधार
“एक ग्राम पंचायत–एक बीसी सखी” मॉडल से गांव-गांव पहुंचीं बैंकिंग सेवाएं, 44 हजार करोड़ से अधिक लेन-देन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में “बीसी सखी कार्यक्रम” एक प्रभावशाली पहल के रूप में उभरकर सामने आया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में संचालित यह योजना गांव-गांव तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने के साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है।
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत चल रहे इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें बैंकिंग प्रतिनिधि (बीसी सखी) के रूप में स्थापित करना है। “एक ग्राम पंचायत–एक बीसी सखी” के सिद्धांत पर आधारित यह योजना लाखों ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।
वर्तमान में प्रदेश में लगभग 40 हजार बीसी सखियां सक्रिय हैं, जो गांव-गांव जाकर बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर रही हैं। इनके माध्यम से अब तक 44 हजार करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लेन-देन किया जा चुका है। ये सखियां नकद जमा-निकासी, आधार आधारित भुगतान (AePS), बैलेंस जांच, बीमा, पेंशन और ऋण पुनर्भुगतान जैसी सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।
यह कार्यक्रम न केवल वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि महिलाओं को डिजिटल और आर्थिक रूप से भी सशक्त बना रहा है। सुल्तानपुर की प्रियंका मौर्य और लखनऊ की अनीता पाल जैसी बीसी सखियां प्रतिमाह औसतन 45 हजार रुपये से अधिक का कमीशन अर्जित कर रही हैं। अब तक बीसी सखियों द्वारा 121 करोड़ रुपये से अधिक का कमीशन अर्जित किया जा चुका है।
कार्यक्रम में भारतीय स्टेट बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा सहित कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक साझेदार के रूप में जुड़े हैं, जिनके सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार हो रहा है। बीसी सखियों को माइक्रो एटीएम, लैपटॉप और स्मार्टफोन जैसे डिजिटल उपकरणों से भी सशक्त किया जा रहा है।
सरकार इस योजना के दायरे को और बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। बीसी सखियों को जन सेवा केंद्र संचालन, बीमा सेवाएं, आरडी खाता खोलना, ऋण वितरण और डाकघर योजनाओं से जोड़ने की तैयारी है। भविष्य में उन्हें आधार अपडेट जैसी सेवाओं से भी जोड़ा जा सकता है।
जनपद स्तर पर भी इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। वर्तमान में प्रयागराज पहले स्थान पर है, जबकि बरेली और शाहजहांपुर क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।
मिशन निदेशक दीपा रंजन के अनुसार, लक्ष्य है कि जल्द ही सभी ग्राम पंचायतों में बीसी सखी की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि “आत्मनिर्भर ग्रामीण महिला–आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश” के संकल्प को साकार किया जा सके। यह योजना न केवल महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका दे रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है।
अवैध खनन पर यूपी में बड़ी कार्रवाई, 385 वाहनों पर शिकंजा; 1.85 करोड़ का जुर्माना

* प्रदेशव्यापी अभियान तेज, ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन पर सख्ती जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अवैध खनन, अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग पर अंकुश लगाने के लिए चलाए गए विशेष अभियान में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग उत्तर प्रदेश के निर्देश पर 1 मई से 3 मई तक चले प्रवर्तन अभियान के दौरान प्रदेशभर में 385 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई और 1 करोड़ 85 लाख रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया।
यह अभियान विभाग की सचिव एवं निदेशक माला श्रीवास्तव के निर्देश पर संचालित किया गया। जांच के दौरान अधिकांश वाहन वैध प्रपत्रों के साथ संचालित होते पाए गए, जबकि अवैध परिवहन या ओवरलोडिंग में संलिप्त वाहनों पर सख्त कार्रवाई की गई।
माला श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। इसी क्रम में 6 मई से निदेशालय स्तर से 20 विशेष टीमें विभिन्न जनपदों के लिए रवाना की जा रही हैं, जो जमीनी स्तर पर सघन जांच करेंगी।
उन्होंने अंतर्राज्यीय सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अन्य राज्यों से आने वाले उपखनिजों का परिवहन केवल ISTP (इंटर-स्टेट ट्रांजिट पास) के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए और ओवरलोडिंग पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। साथ ही, खनन स्थलों पर निर्धारित लोडिंग मानकों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि खनन कार्यों में पारदर्शिता और कानून व्यवस्था बनी रहे।
देवघर-महान रोटेरियन स्व. अभय श्रॉफ को संगीत समारोह में भावभीनी श्रद्धांजलि।
देवघर: के शिल्पग्राम ऑडिटोरियम में संस्कृती वाटिका एवं रोटरी क्लब ऑफ देवघर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “गुरु असित मुखर्जी मेमोरियल सिंगिंग ग्रैंड फिनाले सीजन-2” के दौरान महान समाजसेवी एवं रोटरी क्लब ऑफ देवघर के स्तंभ स्वर्गीय रोटेरियन अभय श्रॉफ को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह भव्य संगीत समारोह केवल प्रतिभाओं का मंच नहीं बना, बल्कि देवघर की एक महान विभूति को याद करने और उनके अतुलनीय योगदान को नमन करने का भावुक अवसर भी बना। कार्यक्रम में उपस्थित रोटेरियंस, समाजसेवियों, कलाकारों एवं नागरिकों ने स्व. अभय श्रॉफ को याद करते हुए उन्हें सेवा, समर्पण और मानवता का प्रतीक बताया। कार्यक्रम के दौरान संस्कृती वाटिका, देवघर के निदेशक बिस्वजीत दास ने अत्यंत भावुक अंदाज में प्रसिद्ध गीत “ना चिट्ठी ना संदेश” प्रस्तुत किया। गीत की मार्मिक प्रस्तुति ने पूरे सभागार को भावुक कर दिया और उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं। इसके उपरांत सभी लोगों ने खड़े होकर एक मिनट का मौन रख स्व. रोटेरियन अभय श्रॉफ को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरा वातावरण श्रद्धा, सम्मान और भावनाओं से भर गया। इस अवसर पर रोटरी परिवार की ओर से चार्टर प्रेसिडेंट रोटेरियन गोविंद प्रसाद डालमिया, रोटेरियन डॉ. सुनील कुमार सिन्हा, रोटेरियन विजय मुंद्रा, रोटेरियन सुरेंद्र सिंघानिया, रोटेरियन डॉ. संजय भगत, रोटेरियन आनंद साह, रोटेरियन प्रमोद चौचरिया, क्लब सचिव रोटेरियन नितेश बठवाल, एवं वर्तमान अध्यक्ष रोटेरियन पीयूष जायसवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। रोटेरियन पीयूष जायसवाल ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि “स्व. रोटेरियन अभय श्रॉफ केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि रोटरी क्लब ऑफ देवघर की आत्मा थे। उनका जीवन सेवा, समर्पण, अनुशासन और मानवता का जीवंत उदाहरण था। उन्होंने जिस निष्ठा और प्रेम से रोटरी को आगे बढ़ाया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा। देवघर समाज और रोटरी परिवार उनके योगदान को कभी नहीं भूल पाएगा।” 15 सितंबर 1946 को देवघर में जन्मे स्व. अभय श्रॉफ ने अपना पूरा जीवन देवघर और यहां की जनता की सेवा में समर्पित कर दिया। वे वर्ष 1981 में रोटरी क्लब ऑफ देवघर के संस्थापक सदस्यों में से एक थे और लगातार 44 वर्षों तक रोटरी से जुड़े रहे। इस दौरान उन्होंने दो बार क्लब अध्यक्ष के रूप में नेतृत्व किया और रोटरी के विभिन्न सामाजिक कार्यों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। विशेष रूप से वार्षिक रोटरी मेले के सफल आयोजन में उनका योगदान अविस्मरणीय रहा। कई अवसरों पर उन्होंने अकेले अपने नेतृत्व और मेहनत से पूरे आयोजन को सफल बनाया। उनके व्यक्तित्व में सरलता, विनम्रता, प्रेम और सेवा भावना का अद्भुत संगम था। वे किसी के प्रति दुर्भावना नहीं रखते थे और सदैव समाजहित में कार्य करते रहे। वे एक सफल व्यवसायी होने के साथ-साथ पुस्तकों, ज्ञान और अध्यात्म के प्रति गहरी रुचि रखते थे। उनके घर की निजी लाइब्रेरी उनकी अध्ययनशील प्रवृत्ति का प्रमाण थी। वे एक प्रभावशाली वक्ता भी थे, जिनकी वाणी में स्पष्टता, संवेदनशीलता और प्रेरणा झलकती थी। स्व. अभय श्रॉफ को बागवानी से विशेष प्रेम था। देवघर में आयोजित वार्षिक पुष्प प्रदर्शनी में वे लगातार कई पुरस्कार जीतते रहे। उनका जीवन सेवा, संस्कार और समाज के प्रति समर्पण की मिसाल था। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने कहा कि स्व. अभय श्रॉफ केवल एक रोटेरियन नहीं, बल्कि अपने आप में एक संस्था थे, जिनकी प्रेरणा आने वाली पीढ़ियों को सदैव मार्गदर्शन देती रहेगी। इस अवसर पर आयोजित “गुरु असित मुखर्जी मेमोरियल सिंगिंग ग्रैंड फिनाले 2026” भी अत्यंत भव्य एवं सफल रहा। झारखंड, बिहार एवं पश्चिम बंगाल से 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने ऑडिशन दिया था, जिनमें से चयनित जूनियर एवं सीनियर वर्ग के प्रतिभागियों ने फाइनल में शानदार प्रस्तुति दी। संस्कृती वाटिका के मुख्य स्तंभ बिस्वजीत दास (सहायक प्राध्यापक, DIPSER कॉलेज) एवं तृषा दास (नृत्य शिक्षिका, देवसंग स्कूल) को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। पिछले 15 वर्षों से दोनों संगीत एवं वाद्ययंत्र की शिक्षा देकर देवघर की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम में अनाथालय के बच्चों की प्रस्तुति ने सभी को भावुक कर दिया। वहीं इंडियन आइडल सीजन-2 के फाइनलिस्ट एवं प्रसिद्ध गायक आद्रिज घोष मुख्य निर्णायक के रूप में उपस्थित रहे और प्रतिभागियों की सराहना की। *प्रतियोगिता के विजेता इस प्रकार रहे:* जूनियर वर्ग: प्रथम – Md. Rehan Shaikh द्वितीय – Shreayanshu Karmakar तृतीय – Kanishk Kr. Suman सीनियर वर्ग: प्रथम – Nitin Kumar द्वितीय – Shashwat तृतीय – Shobhit Sharma विशेष पुरस्कार: Best Performer – Md. Rehan Shaikh Sri Sushil Kumar Das Memorial Award – Chandan Kumar पूरा कार्यक्रम स्व. अभय श्रॉफ की यादों, उनके आदर्शों और समाज सेवा के प्रति उनके समर्पण को समर्पित रहा। ईश्वर उनकी पुण्य आत्मा को शांति प्रदान करें।
विधानसभा 2027 से पहले सियासत गरम: भदोही के हसनैन अंसारी की सपा में वापसी, लखनऊ में समर्थकों संग हुए शामिल

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच भदोही की राजनीति में सक्रिय नेता हसनैन अंसारी ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी (सपा) का दामन थाम लिया है। राजधानी लखनऊ स्थित सपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
यह सदस्यता कार्यक्रम अखिलेश यादव के निर्देश पर आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने हसनैन अंसारी और उनके समर्थकों को पार्टी में शामिल कराया। इस अवसर पर भदोही सदर विधायक जाहिद बेग, पूर्व प्रदेश महिला सभा अध्यक्ष रीबू श्रीवास्तव तथा समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश सचिव टोनी मंसूरी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
*पहले सपा, फिर कांग्रेस और अब फिर सपा में वापसी*
हसनैन अंसारी का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। वे लंबे समय तक समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे, लेकिन वर्ष 2023 में उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया था। उस दौरान अजय राय की मौजूदगी में उन्होंने समर्थकों के साथ कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की थी। सदस्यता कार्यक्रम के दौरान वे भावुक हो गए थे और मंच पर उनकी आंखों से आंसू भी छलक पड़े थे, जो उस समय काफी चर्चा में रहा।
हालांकि,  विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने एक बार फिर सपा में वापसी कर ली है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह फैसला प्रदेश में तेजी से बदलते राजनीतिक समीकरणों का संकेत है। विपक्षी दलों में इन दिनों दल-बदल की स्थिति को “भगदड़” के रूप में भी देखा जा रहा है।
नई ऊर्जा के साथ संगठन को मजबूत करने का संकल्प
सपा में दोबारा शामिल होने के बाद हसनैन अंसारी ने कहा कि वे अखिलेश यादव की नीतियों और समाजवादी विचारधारा से प्रभावित होकर पार्टी में लौटे हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भदोही जनपद में संगठन को मजबूत करने और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। “जय समाजवाद” के नारों के बीच सभी ने आगामी चुनावों में पार्टी के लिए पूरी ताकत से काम करने का संकल्प लिया।
भारत की जनगणना हेतु प्रशिक्षण के साथ पूरी हुई तैयारी
मुंबई । बृहन्मुंबई महानगरपालिका जी-दक्षिण विभाग के तत्वावधान 2026-2027 वर्ष भारत की जनगणना करने हेतु जनगणना मास्टर प्रशिक्षक,फिल्ड प्रशिक्षक, सुपरवाइजर एवं जनगणना प्रगणक हेतु प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।उक्त कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीमती स्वप्नजा क्षिरसागर सहायक आयुक्त तथा  विभाग जनगणना अधिकारी तथा डॉ विरेंद्र वि.मोहिते स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी एवं चार्ज जनगणना अधिकारी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया।जनगणना प्रशिक्षण तीन सत्रों में रखा गया जिसमें प्रथम सत्र 23,24,25 अप्रैल,द्वितीय सत्र 27,28,29 अप्रैल को पूर्ण किया गया। अंतिम तृतीय सत्र 4,5,6 मई 2026 जो ग्लोबमिल मनपा शाला,लोअर परेल मुंबई में आयोजित किया गया।प्रत्येक सत्र में 200 सुपरवाइजर और प्रगणक कुल 600 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण देकर तैयार किया गया है। जनगणना 2027 का पहला टप्पा महाराष्ट्र में स्व-गणना 1 मई से 15 मई रखा गया है जिसमें नागरिक स्वयं अपनी जानकारी भरकर पूर्ण करेंगे तथा 16 मई से 14 जून तक घरगणना प्रगणक एवं सुपरवाइजर की निगरानी में किया जाना है।उक्त प्रशिक्षण श्रीमती स्वप्नजा क्षिरसागर सहायक आयुक्त तथा विभाग जनगणना अधिकारी,डॉ विरेंद्र वि.मोहिते स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी एवं चार्ज जनगणना अधिकारी,राजेश यादव सहायक अभियंता एवं अतिरिक्त चार्ज जनगणना अधिकारी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। जनगणना सहायक के रूप में सहायक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अमोल दर्रोई,डॉ मनिष शार्दुल एवं समाज विकास अधिकारी राजेश सुरवाडे की नियुक्ति हुई है।उक्त प्रशिक्षण देने के लिए मास्टर ट्रेनर के रूप में गौरव श्रीवास्तव तथा फिल्ड प्रशिक्षक के रूप में प्रीती चौधरी, अमित शिंदे,सविता बोडके किरण पवार, सुमित्रा एमगेकर, मास्टर प्रशिक्षक रेणुका गवळी,महेन्द्र गुप्ता,राम बनकर,दीपक वैष्णव, अरुण शिंदे,वसंत सिद की नियुक्ति की गई है। सहायक आयुक्त तथा विभाग जनगणना अधिकारी श्रीमती स्वप्नजा क्षिरसागर एवं स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी व चार्ज जनगणना अधिकारी डॉ विरेंद्र मोहिते सर ने जी-दक्षिण विभाग में रहने वाले नागरिकों से निवेदन तथा आह्वाहन किया कि भारत सरकार द्वारा 2027 की जनगणना में सहयोग करें।आपके द्वार पर आने वाले जनगणना अधिकारियों का सम्मान करते हुए पूछे गए प्रश्नों के उत्तर शांति पूर्वक देकर अपनी जनगणना एवं घरगणना पूर्ण कीजिए तथा भारत के नागरिक होने का दायित्व का निर्वहन कीजिए।
राज्य सरकार 10000 करोड़ के मदर ऑफ ऑल स्कैम ट्रेजरी घोटाले को सुनियोजित तरीके से दफनाने में लगी- प्रतुल शाह देव

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार पर 10000 करोड़ के ट्रेजरी स्कैम को सुनियोजित तरीके से दफनाने का आरोप लगाया।प्रतुल ने कहा कि राज्य सरकार ने वित्त विभाग के निर्णय के आलोक में पत्रांक (2)- 12/26, 252 के जरिए वित्तीय कार्य से जुड़े 3 वर्ष से ज्यादा एक ही पद पर जमे सिर्फ क्लर्क और किरानी के ट्रांसफर का आदेश दिया। एसपी,डीएसपी और ट्रेजरी अफसर यथावत पदों पर आज भी बने हुए हैं। असली आरोप तो इन पर ही लगा था जो आज भी जमे हुए हैं

प्रतुल ने कहा की उत्पाद सचिव के नेतृत्व में बनी एसआईटी की टीम ने 2020 से रिकॉर्ड मांगा है। 8 मई को यह टीम बोकारो जाने वाली है ।एजी की आपत्ति के बाद अब ये 2011 से रिकॉर्ड मांग रही है।इस घोटाले को दबा देने की पूरी प्लानिंग है।तभी जांच समिति में सीआईडी के वर्तमान दो आईजी को छोड़कर पुलिस के मानवाधिकार आईजी को कमान दी गई है। इसके अतिरिक्त एसआईटी टीम के जो सदस्य हैं उसमें से एक 2022 के दौरान बोकारो के भी एसपी थे और 2014-16 के दौरान हजारीबाग के डीएसपी थे ।इस दौरान दोनों जिला में भी ट्रेजरी घोटाला हुआ था। इस जांच समिति के एक और सदस्य डीआईजी स्तर के एक अधिकारी 27 नवंबर, 2017 से बोकारो एसपी थे। वह 2019 तक इस पद पर रहे।2018 में अकाउंटेंट कौशल पांडे का बोकारो तबादला हुआ। कौशल पांडे ही इस पूरे घोटाले का किंग पिन माना जाता है। उस समय अकाउंट सेक्शन की हेड क्लर्क प्रभा टोप्पो को हटाकर कौशल पांडे को प्रभार दे दिया गया।

प्रतुल ने कहा की बोकारो के स्ट्रांग रूम में लगभग 12 से 14 किलो तक सोना जमा है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि यह सोना अभी भी वहां मौजूद है या कोई हेरा फेरी हो गई है। प्रतुल ने कहा कि जो एसआईटी जाए ,वह स्ट्रांग रूम की भी जांच कर इस सोने का भौतिक सत्यापन करे।

प्रतुल ने कहा कि झारखंड वित्तीय नियमावली एवं ट्रेजरी कोड के नियम 305 के अनुसार डीडीओ को अपने अधीन पैसे के खर्च की उस तरह चिंता करनी चाहिए जैसा वह अपने घर के लिए खर्च कर रहे हो। प्रतुल ने कहा पर यह आश्चर्यजनक बात है कि एक माह बीत जाने के बाद भी डीडीओ और ट्रेजरी ऑफिसर अभी भी अपने पदों पर बने हुए हैं। एसआईटी को जांच के लिए इन्हीं अफसर से मदद लेना है।ये न सिर्फ सुबूत मिटा सकते हैं बल्कि जांच समिति को भी गुमराह कर सकते हैं।

पीएजी ने गंभीर अनियमितता पकड़ी थी

प्रतुल ने कहा इससे पहले प्रिंसिपल एजी में दो अप्रैल,2026 की रिपोर्ट में ही भौतिक सत्यापन के दौरान बड़े पैमाने पर ट्रेजरी में गड़बड़ी के सबूत पेश किए थे। रिपोर्ट के अनुसार 58% डी ए को कई गुना ज्यादा बढ़ा कर लिया गया।रिपोर्ट में मास्टर डाटा कंट्रोल में बड़ी कमजोरी पाई गई ।इसी रिपोर्ट में 2175 मामले ऐसे आए जिनके जन्मतिथि 2023 और 2026 के बीच में बदल दी गई ।इसी कालखंड में 2890 पैन नंबर के साथ भी फेरबदल हुआ और 5037 सरकारी कर्मचारियों के जॉइनिंग डेट के साथ भी छेड़छाड़ की गई।

प्रतुल ने कहा कि सरकार का जो रवैया है उस से स्पष्ट है कि वह मदर आफ स्कैम को दबाने की कोशिश हो रही है।इसलिए राज्य सरकार को अविलंब इस पूरे मामले की ईडी और सीबीआई जांच के आदेश देने चाहिए। अगर राज्य सरकार ऐसा नहीं करती है तो भारतीय जनता पार्टी भविष्य में उचित कदम उठाएगी आज के प्रेस वार्ता में प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक भी उपस्थित थे।