लोकतंत्र की आत्मा हैं न्याय, समता और बंधुता : मुख्यमंत्री योगी

* 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन समारोह में मुख्यमंत्री का संबोधन

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि न्याय, समता और बंधुता संविधान के ऐसे मूल शब्द हैं, जो भारतीय लोकतंत्र की आत्मा का निर्माण करते हैं। इन्हीं मूल्यों के आधार पर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था सुदृढ़ बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश आए सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि विधायिका लोकतंत्र की आधारभूत इकाई है। संविधान की संरक्षक के रूप में विधायिका न केवल कानून निर्माण का कार्य करती है, बल्कि समग्र विकास की कार्ययोजना का भी सशक्त मंच होती है। न्याय कैसे प्राप्त हो, इसका कानूनी स्वरूप विधायिका में तय होता है। समतामूलक समाज की स्थापना के लिए सरकार की योजनाओं की दिशा भी यहीं से निकलती है। वहीं, विधायिका बंधुता का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत करती है, जहां सहमति और असहमति के बीच भी संवाद और समन्वय बना रहता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश में लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था अत्यंत मजबूत है और पूरी दुनिया के लिए प्रेरणास्रोत है। सदन के माध्यम से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की आवाज भी पूरी ताकत के साथ सुनी जाती है। संसद इस पूरी प्रक्रिया का केंद्रबिंदु है, जहां से देश की नीतियां और योजनाएं आकार लेती हैं। पांच बार लोकसभा सदस्य रह चुके मुख्यमंत्री ने अपने संसदीय अनुभव साझा करते हुए कहा कि संसद में रहकर उन्होंने सीखा कि किस प्रकार नियमों और मर्यादाओं के भीतर रहकर सरकार की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि विधानसभा और विधान परिषद संसद के नियमों और परंपराओं का अध्ययन और प्रशिक्षण ले लें, तो सदन संचालन और अधिक सहज हो सकता है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में प्रश्नकाल की व्यवस्था में किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2022 में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के पदभार संभालने के बाद प्रश्नकाल को संसद की तर्ज पर और प्रभावी बनाया गया। अब सवा घंटे के प्रश्नकाल में 20 तारांकित प्रश्नों के साथ अनुपूरक प्रश्न भी पूछे जाते हैं, जिससे अधिक जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि संसद हमारे लिए प्रेरणा है और उसके प्रति श्रद्धा का भाव हर भारतवासी का दायित्व है। प्रधानमंत्री के कथन “भारत लोकतंत्र की जननी है” का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी की ग्राम स्वराज की परिकल्पना गांवों के माध्यम से साकार हुई। देश में भले ही विविधताएं हों, लेकिन भारत एक भाव और एक भंगिमा के साथ सोचता और बोलता है। संसद इस साझा आस्था को जोड़ने का सबसे सशक्त माध्यम है। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में पारित छह महत्वपूर्ण प्रस्तावों की सराहना करते हुए बताया कि ‘विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश’ विषय पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के 300 से अधिक सदस्यों ने 24 घंटे तक चर्चा की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत केवल केंद्र सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। सीएम योगी ने वर्ष में कम से कम 30 बैठकों के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि यह संसद, विधानसभा ही नहीं, बल्कि नगर निकायों और पंचायतों के लिए भी प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि तकनीक के युग में ई-विधान जैसी पहल से उत्तर प्रदेश की विधानसभा, परिषद, कैबिनेट और बजट पूरी तरह पेपरलेस हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश’ के लिए पोर्टल पर 98 लाख लोगों के सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिन्हें आईआईटी कानपुर के सहयोग से एआई टूल के माध्यम से विजन डॉक्यूमेंट का रूप दिया जा रहा है। समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह सहित विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
प्रदेश के 149 केन्द्रो पर 65 हजार छात्र देगे परीक्षाएं।

मुक्त विश्वविद्यालय की परीक्षाएं 22 जनवरी से होगी प्रारम्भ

संजय द्विवेदी, प्रयागराज।उ प्र राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालयए प्रयागराज की सत्र दिसम्बर 2025 की परीक्षाएं 22 जनवरी 2026 से प्रारम्भ हो रही है।पूरे प्रदेश में 149 परीक्षा केन्द्रो पर लगभग 65 हजार परीक्षार्थी शामिल होंगे।यह जानकारी बुधवार को परीक्षा नियंत्रक प्रो.गिरीश कुमार द्विवेदी ने दी।उन्होंने बताया कि परीक्षाएं 21 फरवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी।उचित छात्र संख्या का मानक स्थापित करते हुए प्रत्येक जनपद में एक परीक्षा केंद्र बनाने का प्रयास किया गया है जिससे परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।परीक्षा नियंत्रक प्रो.द्विवेदी ने बताया कि प्रदेश के चार केन्द्रीय कारागारो में भी परीक्षा केन्द्र बनाया गया है।जिनमें बरेली फतेहगढ़ बस्ती तथा गोरखपुर है।

परीक्षाएं दो पालियो में प्रातः10 से दोपहर 1 बजे तक एवं दोपहर 2 से 5 बजे तक आयोजित की जाएगी।परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि इस बार की परीक्षा समर्थ पोर्टल के माध्यम आयोजित की जायेगी।साथ ही उन्होंने बताया कि परीक्षा की शुचिता को बनाए रखने के लिए सभी के लिए परीक्षा फॉर्म भरना अनिवार्य किया गया तथा नियमानुसार उन्हीं का प्रवेश पत्र निर्गत किया गया जिन्होंने अपने अधिन्यास कार्य निर्धारित तिथियो पर जमा किए।उन्होंने बताया कि सभी विषयों के परीक्षार्थियो के प्रवेश पत्र ऑनलाइन कर दिए गए है। जिन्हें डाउनलोड कर परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हो सकते है।

परीक्षाओं में सभी स्तर की प्रक्रियाओ में अधिक से अधिक डिजिटल माध्यमो व तकनीकी के प्रयोग के लिए विश्वविद्यालय निरंतर कृत संकल्पित है।

कुलपति प्रो.सत्यकाम ने संपूर्ण उत्तर प्रदेश में परीक्षा को पारदर्शिता पूर्ण ढंग से सकुशल संपन्न कराने के लिए केन्द्राध्यक्षो को विशेष निर्देश दिए है।नकल विहीन परीक्षा सम्पन्न करने के लिए उड़ाका दल एवं पर्यवेक्षको की टीम लगातार परीक्षा केन्द्रो का भ्रमण करेगी।उन्होने छात्रो की सहायता के लिए क्षेत्रीय केंद्र पर हेल्प डेस्क बनाने का निर्देश दिया।जनसम्पर्क अधिकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने बताया कि परीक्षा केंद्र पर किसी भी परीक्षार्थी को कोई परेशानी न हो एवं परीक्षार्थियो की समस्या के त्वरित समाधान के लिए परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में सहायता पटल स्थापित किया गया है। जहां परीक्षार्थियो की विभिन्न प्रकार की समस्याओ का समाधान करने के लिए तकनीकी विशेषताओ से युक्त शिक्षकों एवं कर्मचारियो की तैनाती की गई है।डॉ.प्रभात चन्द्र मिश्र जन सम्पर्क अधिकारी ने जानकारी दी।

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सड़क सुरक्षा को देखकर हुई जागरूकता प्रतियोगिताएं

फर्रुखाबाद।म्युनिसिपल इंटर कॉलेज फतेहगढ़ में माध्यमिक स्तर की जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा जागरूकता प्रतियोगिताएं संपन्न
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) फर्रूखाबाद, सुभाष राजपूत तथा जिला विद्यालय निरीक्षक फर्रूखाबाद नरेंद्र पाल सिंह के निर्देशन में म्युनिसिपल इंटर कॉलेज फतेहगढ़ के प्रधानाचार्य लेफ्टिनेंट गिरिजाशंकर द्वारा विद्यालय में जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा जागरूकता प्रतियोगिताएं संपन्न कराई गई।

इस प्रतियोगिता में पूरे जनपद के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।  प्रतियोगिताओं की शुरुआत म्युनिसिपल इंटर कॉलेज फतेहगढ़ के प्रधानाचार्य लेफ्टिनेंट गिरिजाशंकर द्वारा कराई गई। मंच का संचालन विद्यालय के शिक्षक डॉ दिनेश चंद्रा द्वारा किया गया। छात्र छात्राओं ने सड़क सुरक्षा जागरूकता सम्बन्धी पोस्टर, भाषण तथा लघु नाटिका प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा प्रतियोगिता में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन सुभाष राजपूत मुख्य अतिथि/ मुख्य निर्णायक के रूप में उपस्थित रहे। प्रतियोगिता का परीक्षण करने के भाषण, चित्रकला तथा लघु नाटिका प्रतियोगिताओं का शुभारंभ किया गया।

मुख्य अतिथि सुभाष राजपूत तथा निर्णायक मंडल ने संयुक्त रूप से सरस्वती मां की प्रतिमा पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन कर किया। भाषण प्रतियोगिता में रखा बालिका इंटर कॉलेज फतेहगढ़ की आयशा प्रथम स्थान पर, दयानंद इंटर कॉलेज अमृतपुर की पल्लवी अग्निहोत्री द्वितीय स्थान पर जबकि के.आर.आर. रस्तोगी इंटर कॉलेज फर्रूखाबाद के सक्षम पांडेय तृतीय स्थान पर रहे। चित्रकला प्रतियोगिता में नारायण आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज फर्रूखाबाद की ललिता कुशवाहा प्रथम स्थान पर, डीपीएस इंटर कॉलेज मूसाखिरिया की जैनब द्वितीय स्थान पर जबकि मदन मोहन कनोडिया बालिका इंटर कॉलेज फर्रूखाबाद की कुमारी जेसिका तृतीय स्थान पर रही।

लघु नाटिका में प्रथम स्थान पर नारायण आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज फर्रूखाबाद की नव्या, सृष्टि मिश्रा  व वैष्णवी की टीम, द्वितीय स्थान पर म्युनिसिपल इंटर कॉलेज फतेहगढ़ के हर्षवर्धन, आलोक सिंह चौहान, सूरज तथा वंश की टीम तथा डीपीएस इंटर कॉलेज मूसाखरिया के प्रशांत, आयुष व सोनी की टीम तृतीय स्थान पर रही। इन तीनों प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय विजेताओं को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में दिनांक 31 जनवरी, 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार में पुरस्कृत किया जाएगा।

प्रधानाचार्य लेफ्टिनेंट गिरिजा शंकर ने सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं तथा विशेष कर विजेता छात्र छात्राओं को बधाई देते हुए आगे भी अच्छा प्रदर्शन करने की अपील की। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) सुभाष राजपूत ने सभी विजेता छात्र छात्राओं को बधाई देते हुए ट्रैफिक के नियमों का सदैव पालन करने के निर्देश दिए। निर्णायक की भूमिका मा0कांशीराम राजकीय महाविद्यालय निनौआ की प्रोफेसर डॉक्टर शालिनी सिंह, रखा बालिका इंटर कॉलेज फतेहगढ़ की प्रधानाचार्या डॉक्टर नीतू मसीह तथा डीपीएस इंटर कॉलेज मूसाखिरिया की कला अध्यापिका  राधा कटियार ने निभाई। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक मयंक रस्तोगी, अशोक कुमार कठेरिया, प्रदीप कुमार जायसवाल, अरविंद कुमार, विश्व प्रकाश, सत्येंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
10 फरवरी को एल्बेंडाजोल टेबलेट खिलाई जाएगी डीएम

फर्रुखाबाद l राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस हेतु कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में जनपदस्तरीय अंतर्विभागीय समन्वय बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि 10 फरवरी को 01 बर्ष से 19 बर्ष तक के बच्चों व किशोरों को एल्बेंडाजोल टेबलेट खिलाई जाएगी, सभी कार्य टाइमलाइन के अनुसार हो रहे है।

जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया कि 05 फरवरी तक सभी जगह दवा पहुँचा दे, आंगनवाड़ी, ए0एन0एम0 बी0आर0सी0के माध्यम से सभी स्कूलों में नोडल बनाकर दवा उपलब्ध करा दे, सभी कार्यो की रिपोर्टिंग पोर्टल पर टाइमलाइन के अनुसार करे।
बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक, व संवंधित मौजूद रहे।
कांग्रेस ने की बिना किसी ठोस कारण के फॉर्म-6 वं फॉर्म-7 जमा किए जाएं,फॉर्म-6, 7 एवं 8 की संकलित सूची उपलब्ध कराए जाने की मांग की
फर्रुखाबाद l जिला कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष शकुंतला ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंच कर अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया है जिसमें कहा है कि
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा  विभिन्न राज्यों/कद्रशासित प्रदेशों सहित हमारे क्षेत्र में भी निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण आरंभ किया गया है।

प्रारुप निर्वाचक नामावली प्रकाशित की जा चुकी है तथा दास एवं आपत्तियों दाखिल करने की अवधि अब समाप्ति की ओर है। इस अवधि के दौरान मतदाता एवं मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अधिकृत बूथ लेवल एजेंट (BLA-2) द्वारा फॉर्म-6 (नाम सम्मिलन), फॉर्म-7 (आपत्ति/विलोपन) तथा फॉर्म-8 (संशोधन) विधिवत सत्यापन एवं आवश्यक पोषणाओं के अधीन प्रस्तुत किए जाने का प्रावधान है।

उन्होंने कहा कि संज्ञान में आया है कि आपके अधिकार क्षेत्र में एसडीएम ईआरओ बीएलओ के समक्ष कई हजार फॉर्म-6 एवं फॉर्म-7 आवेदन जमा किए गए हैं। इनमें से अधिकांश फॉर्म पूर्व-मुद्रित हैं, जिनमें मतदाताओं का विवरण टाइप किया गया है तथा आपत्तिकर्ताओं का विवरण अस्पष्ट/अपठनीय है। यह भारत निर्वाचन आयोग के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। संबंधित अधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर पूछताछ एवं इन कार्यालयों के भौतिक निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि इन फ़मों का एक बड़ा हिस्सा बिना सत्यापन के व्यक्तियों द्वारा जमा किया गया है। इन आवेदनों में गंभीर कमिया पाई गई है, जैसे आपत्तिकर्ता की पहचान का प्रमाण न होना, मोबाइल नंबर का अभाव, आपत्ति के लिए कोई विशिष्ट कारण या विवरण न दिया जाना, तथा जहाँ नाम हो वहाँ BLA-2 द्वारा आबस्यक पोषण/ का अभाव। तात्कालिक कार्यवाही किए जाने की मांग की हैं। गांव सिकन्दरपुर नहरोसा नबावगंज के सभी प्रस्तुत फॉमों की जांच सुनिश्चित की जाए, जिसमें BLA-2 के हस्ताक्षरों का अभिलेखों से मिलान तथा व्यक्तिगत आपत्तिकर्ताओं की पहचान संपर्क विवरण का सत्यापन शामिल हो।
विधि द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना, संबंधित मतदाताओं को नोटिस एवं सुनवाई का आवसर दिए बिना, किसी भी मतदाता का नाम न हटाया जाए।
आवश्यक विवरणों से रहित हजारों अपूर्ण फॉर्म स्वीकार किए जाने के संबंध में तत्काल जांच कराई जाए।भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों को प्रास सभी फॉर्म-6, 7 एवं 8 की संकलित कर तत्काल उपलब्ध कराए जाए।

यह सही कदम है और वास्तविक मतदाताओं के होने से बचाने तथा अंतिम निर्माती की पवित्रता एवं विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए मूल्यों के प्रति पूर्णतः प्रतिवद्ध है और यह निश्चित करने के लिए कार्रवाई कर का नाम निर्वाचक नामावली में सम्मिलित हो l
अग्निशमन केंद्र परिसर में ब्लैक आउट मार्क ड्रिल का होगा आयोजन
फर्रूखाबाद l  नागरिक सुरक्षा अनुभाग के निर्देश पर 23 जनवरी 2026 को सांय 6.00 बजें नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के जन्म दिवस पर जनपद में कार्यालय अग्निशमन केन्द्र, फतेहगढ परिसर में ब्लैक आउट मॉक ड्रिल का आयोजन किया जायेगा। इस दौरान
मॉकड्रिल की कार्यवाही की जायेगी हवाई हमलें की चेतावनी हेतु 02 मिनट तक ऊंची-नीची आवाज में सायरन ध्वनित किया जायेगा। सायरन ध्वनित होते ही कार्यालय अग्निशमन केन्द्र,फतेहगढ के आस पास क्षेत्रों की विधुत व्यवस्था बाधित कर ब्लैक आउट किया जायेगा।

सायरन ध्वनित होने पर नागरिकों द्वारा सुरक्षित स्थान पर शरण लिया जायेगा। हवाई हमला का खतरा समाप्त होने पर आल क्लियर ध्वनि में 02 मिनट तक ऊंची आवाज में सायरन ध्वनित किया जायेगा।हवाई हमलें की चेतावनी समाप्त होने के उपरान्त नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवकों द्वारा छोटी आग बुझानें हेतु फायर एक्सटिंगुशर का प्रयोग तथा फायर सर्विस द्वारा बडी आग बुझाने हेतु फायर टेंडर वेहिकल का प्रयोग किया जायेगा।

हमलें के दौरान घायल हुए लोगों को नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों द्वारा प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की जायेगी।ध्वस्त/क्षतिग्रस्त बिल्डिंगों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जायेगा। गंभीर रूप से घायल लोगों को एम्बुलेंस से अस्पताल पहॅूचाया जायेगा। मॉक ड्रिल समाप्ति की घोषणा की जायेगी।
मुंबई महानगरपालिका चुनाव में मिली ऐतिहासिक विजय के बाद राजनाथ सिंह से मिले कृपाशंकर नई
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दिल्ली। मुंबई महानगरपालिका चुनाव में भाजपा महायुती को मिली ऐतिहासिक विजय के बाद आज महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री कृपाशंकर सिंह ने नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश भाजपा के मीडिया पैनलिस्ट ओम प्रकाश सिंह उपस्थित रहे। कृपाशंकर सिंह ने रक्षा मंत्री को बताया कि इस बार चुनाव में किस तरह उत्तर भारतीय मतदाताओं ने संगठित होकर भाजपा के पक्ष में मतदान कर विजय को सुनिश्चित बनाया। राजनाथ सिंह ने मुंबई समेत मीरा भायंदर, पालघर, ठाणे, नवी मुंबई आदि महानगरपालिकाओं में भी कृपाशंकर सिंह द्वारा ताबड़तोड़ की गई पदयात्राओं तथा जनसभाओं की सराहना करते हुए भाजपा के पक्ष में संगठित रूप से मतदान करने के लिए उत्तर भारतीय मतदाताओं के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया।
मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय में “एथिकल रिसर्च कल्चर एवं रिस्पॉन्सिबल पब्लिशिंग–2026” पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ


बलरामपुर। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय,    बलरामपुर के रिसर्च एवं डेवलपमेंट सेल के तत्वावधान में बुधवार को ऑनलाइन माध्यम से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यशाला का विषय “प्रमोटिंग एथिकल रिसर्च कल्चर एंड रिस्पॉन्सिबल पब्लिशिंग–2026” रखा गया है,जिसका उद्देश्य शोध में नैतिक मूल्यों,पारदर्शिता तथा जिम्मेदार प्रकाशन की संस्कृति को सुदृढ़ करना है।

उद्घाटन समारोह में कार्यक्रम अध्यक्ष एवं मुख्य संरक्षक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.रवि शंकर सिंह तथा मुख्य अतिथि गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय,ग्रेटर नोएडा के कुलपति प्रो.राणा प्रताप सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत विभागाध्यक्ष पूजा मिश्रा के स्वस्तिवाचन से हुई। इसके पश्चात छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना एवं विश्वविद्यालय कुलगीत की मनोहारी प्रस्तुति दी गई।
इस अवसर पर कुलपति प्रो.रवि शंकर सिंह ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि शोधार्थियों को समर्पण,अनुशासन और सत्यनिष्ठा के साथ अनुसंधान कार्य करना चाहिए। उन्होंने ऐसी शोध संस्कृति विकसित करने पर बल दिया, जिसमें शोध निष्कर्ष समाजहित में बिना शुल्क साझा किए जा सकें। उन्होंने नैतिक अनुसंधान संस्कृति को सत्यनिष्ठा,जिम्मेदारी,पारदर्शिता तथा शोध प्रतिभागियों की सुरक्षा का मूल आधार बताया।

मुख्य अतिथि एवं कीनोट स्पीकर प्रो.राणा प्रताप सिंह ने कहा कि जिम्मेदार प्रकाशन से वैज्ञानिक संचार की ईमानदारी और विश्वसनीयता बनी रहती है। इससे न केवल शोध की गुणवत्ता बढ़ती है,बल्कि समाज को भी शोध के वास्तविक लाभ प्राप्त होते हैं। उन्होंने शोधकर्ताओं से प्रकाशन प्रक्रिया में नैतिक मानकों के पालन का आह्वान किया।

एम.एल.के.पीजी कॉलेज,बलरामपुर के प्राचार्य प्रो.जे.पी.पाण्डेय ने अतिथियों का स्वागत किया। आयोजन सचिव डॉ.बसंत कुमार ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यशाला का कुशल संचालन लेफ्टिनेंट (डॉ.) देवेन्द्र कुमार चौहान ने किया,जबकि तकनीकी समन्वयक की भूमिका डॉ.अभिषेक सिंह ने निभाई।

उद्घाटन सत्र के उपरांत तीन तकनीकी सत्र आयोजित किए गए,जिनमें कुमाऊँ विश्वविद्यालय के प्रो.प्रकाश चन्द्र तिवारी,गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रो.दिनेश यादव,प्रो.राजर्षि कुमार गौर सहित अन्य विशेषज्ञों ने एथिकल रिसर्च,प्लेगरिज्म,ओपन एक्सेस पब्लिशिंग तथा जिम्मेदार शोध प्रकाशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार रखे।
कार्यशाला के सफल आयोजन में विश्वविद्यालय के कुलसचिव परमानंद सिंह,अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो.पी.के. सिंह,प्रो.वीणा सिंह,डॉ.स्वदेश भट्ट,समन्वय समिति के सदस्यगण एवं बड़ी संख्या में शोधार्थियों की सराहनीय सहभागिता रही।
लोकतंत्र की आत्मा हैं न्याय, समता और बंधुता : मुख्यमंत्री योगी

* 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन समारोह में मुख्यमंत्री का संबोधन

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि न्याय, समता और बंधुता संविधान के ऐसे मूल शब्द हैं, जो भारतीय लोकतंत्र की आत्मा का निर्माण करते हैं। इन्हीं मूल्यों के आधार पर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था सुदृढ़ बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश आए सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि विधायिका लोकतंत्र की आधारभूत इकाई है। संविधान की संरक्षक के रूप में विधायिका न केवल कानून निर्माण का कार्य करती है, बल्कि समग्र विकास की कार्ययोजना का भी सशक्त मंच होती है। न्याय कैसे प्राप्त हो, इसका कानूनी स्वरूप विधायिका में तय होता है। समतामूलक समाज की स्थापना के लिए सरकार की योजनाओं की दिशा भी यहीं से निकलती है। वहीं, विधायिका बंधुता का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत करती है, जहां सहमति और असहमति के बीच भी संवाद और समन्वय बना रहता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश में लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था अत्यंत मजबूत है और पूरी दुनिया के लिए प्रेरणास्रोत है। सदन के माध्यम से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की आवाज भी पूरी ताकत के साथ सुनी जाती है। संसद इस पूरी प्रक्रिया का केंद्रबिंदु है, जहां से देश की नीतियां और योजनाएं आकार लेती हैं। पांच बार लोकसभा सदस्य रह चुके मुख्यमंत्री ने अपने संसदीय अनुभव साझा करते हुए कहा कि संसद में रहकर उन्होंने सीखा कि किस प्रकार नियमों और मर्यादाओं के भीतर रहकर सरकार की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि विधानसभा और विधान परिषद संसद के नियमों और परंपराओं का अध्ययन और प्रशिक्षण ले लें, तो सदन संचालन और अधिक सहज हो सकता है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में प्रश्नकाल की व्यवस्था में किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2022 में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के पदभार संभालने के बाद प्रश्नकाल को संसद की तर्ज पर और प्रभावी बनाया गया। अब सवा घंटे के प्रश्नकाल में 20 तारांकित प्रश्नों के साथ अनुपूरक प्रश्न भी पूछे जाते हैं, जिससे अधिक जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि संसद हमारे लिए प्रेरणा है और उसके प्रति श्रद्धा का भाव हर भारतवासी का दायित्व है। प्रधानमंत्री के कथन “भारत लोकतंत्र की जननी है” का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी की ग्राम स्वराज की परिकल्पना गांवों के माध्यम से साकार हुई। देश में भले ही विविधताएं हों, लेकिन भारत एक भाव और एक भंगिमा के साथ सोचता और बोलता है। संसद इस साझा आस्था को जोड़ने का सबसे सशक्त माध्यम है। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में पारित छह महत्वपूर्ण प्रस्तावों की सराहना करते हुए बताया कि ‘विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश’ विषय पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के 300 से अधिक सदस्यों ने 24 घंटे तक चर्चा की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत केवल केंद्र सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। सीएम योगी ने वर्ष में कम से कम 30 बैठकों के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि यह संसद, विधानसभा ही नहीं, बल्कि नगर निकायों और पंचायतों के लिए भी प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि तकनीक के युग में ई-विधान जैसी पहल से उत्तर प्रदेश की विधानसभा, परिषद, कैबिनेट और बजट पूरी तरह पेपरलेस हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश’ के लिए पोर्टल पर 98 लाख लोगों के सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिन्हें आईआईटी कानपुर के सहयोग से एआई टूल के माध्यम से विजन डॉक्यूमेंट का रूप दिया जा रहा है। समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह सहित विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
प्रदेश के 149 केन्द्रो पर 65 हजार छात्र देगे परीक्षाएं।

मुक्त विश्वविद्यालय की परीक्षाएं 22 जनवरी से होगी प्रारम्भ

संजय द्विवेदी, प्रयागराज।उ प्र राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालयए प्रयागराज की सत्र दिसम्बर 2025 की परीक्षाएं 22 जनवरी 2026 से प्रारम्भ हो रही है।पूरे प्रदेश में 149 परीक्षा केन्द्रो पर लगभग 65 हजार परीक्षार्थी शामिल होंगे।यह जानकारी बुधवार को परीक्षा नियंत्रक प्रो.गिरीश कुमार द्विवेदी ने दी।उन्होंने बताया कि परीक्षाएं 21 फरवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी।उचित छात्र संख्या का मानक स्थापित करते हुए प्रत्येक जनपद में एक परीक्षा केंद्र बनाने का प्रयास किया गया है जिससे परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।परीक्षा नियंत्रक प्रो.द्विवेदी ने बताया कि प्रदेश के चार केन्द्रीय कारागारो में भी परीक्षा केन्द्र बनाया गया है।जिनमें बरेली फतेहगढ़ बस्ती तथा गोरखपुर है।

परीक्षाएं दो पालियो में प्रातः10 से दोपहर 1 बजे तक एवं दोपहर 2 से 5 बजे तक आयोजित की जाएगी।परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि इस बार की परीक्षा समर्थ पोर्टल के माध्यम आयोजित की जायेगी।साथ ही उन्होंने बताया कि परीक्षा की शुचिता को बनाए रखने के लिए सभी के लिए परीक्षा फॉर्म भरना अनिवार्य किया गया तथा नियमानुसार उन्हीं का प्रवेश पत्र निर्गत किया गया जिन्होंने अपने अधिन्यास कार्य निर्धारित तिथियो पर जमा किए।उन्होंने बताया कि सभी विषयों के परीक्षार्थियो के प्रवेश पत्र ऑनलाइन कर दिए गए है। जिन्हें डाउनलोड कर परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हो सकते है।

परीक्षाओं में सभी स्तर की प्रक्रियाओ में अधिक से अधिक डिजिटल माध्यमो व तकनीकी के प्रयोग के लिए विश्वविद्यालय निरंतर कृत संकल्पित है।

कुलपति प्रो.सत्यकाम ने संपूर्ण उत्तर प्रदेश में परीक्षा को पारदर्शिता पूर्ण ढंग से सकुशल संपन्न कराने के लिए केन्द्राध्यक्षो को विशेष निर्देश दिए है।नकल विहीन परीक्षा सम्पन्न करने के लिए उड़ाका दल एवं पर्यवेक्षको की टीम लगातार परीक्षा केन्द्रो का भ्रमण करेगी।उन्होने छात्रो की सहायता के लिए क्षेत्रीय केंद्र पर हेल्प डेस्क बनाने का निर्देश दिया।जनसम्पर्क अधिकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने बताया कि परीक्षा केंद्र पर किसी भी परीक्षार्थी को कोई परेशानी न हो एवं परीक्षार्थियो की समस्या के त्वरित समाधान के लिए परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में सहायता पटल स्थापित किया गया है। जहां परीक्षार्थियो की विभिन्न प्रकार की समस्याओ का समाधान करने के लिए तकनीकी विशेषताओ से युक्त शिक्षकों एवं कर्मचारियो की तैनाती की गई है।डॉ.प्रभात चन्द्र मिश्र जन सम्पर्क अधिकारी ने जानकारी दी।

उत्तराखंड : शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में हरिद्वार में जोरदार प्रदर्शन, पूर्व मेयर के पति ने कराया मुंडन

उत्तराखंड में बदलेगा मौसम, ऑरेंज अलर्ट जारी, 24 जनवरी तक भारी बारिश और बर्फबारी का अनुमान

सड़क सुरक्षा को देखकर हुई जागरूकता प्रतियोगिताएं

फर्रुखाबाद।म्युनिसिपल इंटर कॉलेज फतेहगढ़ में माध्यमिक स्तर की जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा जागरूकता प्रतियोगिताएं संपन्न
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) फर्रूखाबाद, सुभाष राजपूत तथा जिला विद्यालय निरीक्षक फर्रूखाबाद नरेंद्र पाल सिंह के निर्देशन में म्युनिसिपल इंटर कॉलेज फतेहगढ़ के प्रधानाचार्य लेफ्टिनेंट गिरिजाशंकर द्वारा विद्यालय में जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा जागरूकता प्रतियोगिताएं संपन्न कराई गई।

इस प्रतियोगिता में पूरे जनपद के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।  प्रतियोगिताओं की शुरुआत म्युनिसिपल इंटर कॉलेज फतेहगढ़ के प्रधानाचार्य लेफ्टिनेंट गिरिजाशंकर द्वारा कराई गई। मंच का संचालन विद्यालय के शिक्षक डॉ दिनेश चंद्रा द्वारा किया गया। छात्र छात्राओं ने सड़क सुरक्षा जागरूकता सम्बन्धी पोस्टर, भाषण तथा लघु नाटिका प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा प्रतियोगिता में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन सुभाष राजपूत मुख्य अतिथि/ मुख्य निर्णायक के रूप में उपस्थित रहे। प्रतियोगिता का परीक्षण करने के भाषण, चित्रकला तथा लघु नाटिका प्रतियोगिताओं का शुभारंभ किया गया।

मुख्य अतिथि सुभाष राजपूत तथा निर्णायक मंडल ने संयुक्त रूप से सरस्वती मां की प्रतिमा पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन कर किया। भाषण प्रतियोगिता में रखा बालिका इंटर कॉलेज फतेहगढ़ की आयशा प्रथम स्थान पर, दयानंद इंटर कॉलेज अमृतपुर की पल्लवी अग्निहोत्री द्वितीय स्थान पर जबकि के.आर.आर. रस्तोगी इंटर कॉलेज फर्रूखाबाद के सक्षम पांडेय तृतीय स्थान पर रहे। चित्रकला प्रतियोगिता में नारायण आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज फर्रूखाबाद की ललिता कुशवाहा प्रथम स्थान पर, डीपीएस इंटर कॉलेज मूसाखिरिया की जैनब द्वितीय स्थान पर जबकि मदन मोहन कनोडिया बालिका इंटर कॉलेज फर्रूखाबाद की कुमारी जेसिका तृतीय स्थान पर रही।

लघु नाटिका में प्रथम स्थान पर नारायण आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज फर्रूखाबाद की नव्या, सृष्टि मिश्रा  व वैष्णवी की टीम, द्वितीय स्थान पर म्युनिसिपल इंटर कॉलेज फतेहगढ़ के हर्षवर्धन, आलोक सिंह चौहान, सूरज तथा वंश की टीम तथा डीपीएस इंटर कॉलेज मूसाखरिया के प्रशांत, आयुष व सोनी की टीम तृतीय स्थान पर रही। इन तीनों प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय विजेताओं को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में दिनांक 31 जनवरी, 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार में पुरस्कृत किया जाएगा।

प्रधानाचार्य लेफ्टिनेंट गिरिजा शंकर ने सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं तथा विशेष कर विजेता छात्र छात्राओं को बधाई देते हुए आगे भी अच्छा प्रदर्शन करने की अपील की। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) सुभाष राजपूत ने सभी विजेता छात्र छात्राओं को बधाई देते हुए ट्रैफिक के नियमों का सदैव पालन करने के निर्देश दिए। निर्णायक की भूमिका मा0कांशीराम राजकीय महाविद्यालय निनौआ की प्रोफेसर डॉक्टर शालिनी सिंह, रखा बालिका इंटर कॉलेज फतेहगढ़ की प्रधानाचार्या डॉक्टर नीतू मसीह तथा डीपीएस इंटर कॉलेज मूसाखिरिया की कला अध्यापिका  राधा कटियार ने निभाई। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक मयंक रस्तोगी, अशोक कुमार कठेरिया, प्रदीप कुमार जायसवाल, अरविंद कुमार, विश्व प्रकाश, सत्येंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
10 फरवरी को एल्बेंडाजोल टेबलेट खिलाई जाएगी डीएम

फर्रुखाबाद l राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस हेतु कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में जनपदस्तरीय अंतर्विभागीय समन्वय बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि 10 फरवरी को 01 बर्ष से 19 बर्ष तक के बच्चों व किशोरों को एल्बेंडाजोल टेबलेट खिलाई जाएगी, सभी कार्य टाइमलाइन के अनुसार हो रहे है।

जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया कि 05 फरवरी तक सभी जगह दवा पहुँचा दे, आंगनवाड़ी, ए0एन0एम0 बी0आर0सी0के माध्यम से सभी स्कूलों में नोडल बनाकर दवा उपलब्ध करा दे, सभी कार्यो की रिपोर्टिंग पोर्टल पर टाइमलाइन के अनुसार करे।
बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक, व संवंधित मौजूद रहे।
कांग्रेस ने की बिना किसी ठोस कारण के फॉर्म-6 वं फॉर्म-7 जमा किए जाएं,फॉर्म-6, 7 एवं 8 की संकलित सूची उपलब्ध कराए जाने की मांग की
फर्रुखाबाद l जिला कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष शकुंतला ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंच कर अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया है जिसमें कहा है कि
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा  विभिन्न राज्यों/कद्रशासित प्रदेशों सहित हमारे क्षेत्र में भी निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण आरंभ किया गया है।

प्रारुप निर्वाचक नामावली प्रकाशित की जा चुकी है तथा दास एवं आपत्तियों दाखिल करने की अवधि अब समाप्ति की ओर है। इस अवधि के दौरान मतदाता एवं मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अधिकृत बूथ लेवल एजेंट (BLA-2) द्वारा फॉर्म-6 (नाम सम्मिलन), फॉर्म-7 (आपत्ति/विलोपन) तथा फॉर्म-8 (संशोधन) विधिवत सत्यापन एवं आवश्यक पोषणाओं के अधीन प्रस्तुत किए जाने का प्रावधान है।

उन्होंने कहा कि संज्ञान में आया है कि आपके अधिकार क्षेत्र में एसडीएम ईआरओ बीएलओ के समक्ष कई हजार फॉर्म-6 एवं फॉर्म-7 आवेदन जमा किए गए हैं। इनमें से अधिकांश फॉर्म पूर्व-मुद्रित हैं, जिनमें मतदाताओं का विवरण टाइप किया गया है तथा आपत्तिकर्ताओं का विवरण अस्पष्ट/अपठनीय है। यह भारत निर्वाचन आयोग के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। संबंधित अधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर पूछताछ एवं इन कार्यालयों के भौतिक निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि इन फ़मों का एक बड़ा हिस्सा बिना सत्यापन के व्यक्तियों द्वारा जमा किया गया है। इन आवेदनों में गंभीर कमिया पाई गई है, जैसे आपत्तिकर्ता की पहचान का प्रमाण न होना, मोबाइल नंबर का अभाव, आपत्ति के लिए कोई विशिष्ट कारण या विवरण न दिया जाना, तथा जहाँ नाम हो वहाँ BLA-2 द्वारा आबस्यक पोषण/ का अभाव। तात्कालिक कार्यवाही किए जाने की मांग की हैं। गांव सिकन्दरपुर नहरोसा नबावगंज के सभी प्रस्तुत फॉमों की जांच सुनिश्चित की जाए, जिसमें BLA-2 के हस्ताक्षरों का अभिलेखों से मिलान तथा व्यक्तिगत आपत्तिकर्ताओं की पहचान संपर्क विवरण का सत्यापन शामिल हो।
विधि द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना, संबंधित मतदाताओं को नोटिस एवं सुनवाई का आवसर दिए बिना, किसी भी मतदाता का नाम न हटाया जाए।
आवश्यक विवरणों से रहित हजारों अपूर्ण फॉर्म स्वीकार किए जाने के संबंध में तत्काल जांच कराई जाए।भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों को प्रास सभी फॉर्म-6, 7 एवं 8 की संकलित कर तत्काल उपलब्ध कराए जाए।

यह सही कदम है और वास्तविक मतदाताओं के होने से बचाने तथा अंतिम निर्माती की पवित्रता एवं विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए मूल्यों के प्रति पूर्णतः प्रतिवद्ध है और यह निश्चित करने के लिए कार्रवाई कर का नाम निर्वाचक नामावली में सम्मिलित हो l
अग्निशमन केंद्र परिसर में ब्लैक आउट मार्क ड्रिल का होगा आयोजन
फर्रूखाबाद l  नागरिक सुरक्षा अनुभाग के निर्देश पर 23 जनवरी 2026 को सांय 6.00 बजें नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के जन्म दिवस पर जनपद में कार्यालय अग्निशमन केन्द्र, फतेहगढ परिसर में ब्लैक आउट मॉक ड्रिल का आयोजन किया जायेगा। इस दौरान
मॉकड्रिल की कार्यवाही की जायेगी हवाई हमलें की चेतावनी हेतु 02 मिनट तक ऊंची-नीची आवाज में सायरन ध्वनित किया जायेगा। सायरन ध्वनित होते ही कार्यालय अग्निशमन केन्द्र,फतेहगढ के आस पास क्षेत्रों की विधुत व्यवस्था बाधित कर ब्लैक आउट किया जायेगा।

सायरन ध्वनित होने पर नागरिकों द्वारा सुरक्षित स्थान पर शरण लिया जायेगा। हवाई हमला का खतरा समाप्त होने पर आल क्लियर ध्वनि में 02 मिनट तक ऊंची आवाज में सायरन ध्वनित किया जायेगा।हवाई हमलें की चेतावनी समाप्त होने के उपरान्त नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवकों द्वारा छोटी आग बुझानें हेतु फायर एक्सटिंगुशर का प्रयोग तथा फायर सर्विस द्वारा बडी आग बुझाने हेतु फायर टेंडर वेहिकल का प्रयोग किया जायेगा।

हमलें के दौरान घायल हुए लोगों को नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों द्वारा प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की जायेगी।ध्वस्त/क्षतिग्रस्त बिल्डिंगों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जायेगा। गंभीर रूप से घायल लोगों को एम्बुलेंस से अस्पताल पहॅूचाया जायेगा। मॉक ड्रिल समाप्ति की घोषणा की जायेगी।
मुंबई महानगरपालिका चुनाव में मिली ऐतिहासिक विजय के बाद राजनाथ सिंह से मिले कृपाशंकर नई
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दिल्ली। मुंबई महानगरपालिका चुनाव में भाजपा महायुती को मिली ऐतिहासिक विजय के बाद आज महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री कृपाशंकर सिंह ने नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश भाजपा के मीडिया पैनलिस्ट ओम प्रकाश सिंह उपस्थित रहे। कृपाशंकर सिंह ने रक्षा मंत्री को बताया कि इस बार चुनाव में किस तरह उत्तर भारतीय मतदाताओं ने संगठित होकर भाजपा के पक्ष में मतदान कर विजय को सुनिश्चित बनाया। राजनाथ सिंह ने मुंबई समेत मीरा भायंदर, पालघर, ठाणे, नवी मुंबई आदि महानगरपालिकाओं में भी कृपाशंकर सिंह द्वारा ताबड़तोड़ की गई पदयात्राओं तथा जनसभाओं की सराहना करते हुए भाजपा के पक्ष में संगठित रूप से मतदान करने के लिए उत्तर भारतीय मतदाताओं के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया।
मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय में “एथिकल रिसर्च कल्चर एवं रिस्पॉन्सिबल पब्लिशिंग–2026” पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ


बलरामपुर। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय,    बलरामपुर के रिसर्च एवं डेवलपमेंट सेल के तत्वावधान में बुधवार को ऑनलाइन माध्यम से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यशाला का विषय “प्रमोटिंग एथिकल रिसर्च कल्चर एंड रिस्पॉन्सिबल पब्लिशिंग–2026” रखा गया है,जिसका उद्देश्य शोध में नैतिक मूल्यों,पारदर्शिता तथा जिम्मेदार प्रकाशन की संस्कृति को सुदृढ़ करना है।

उद्घाटन समारोह में कार्यक्रम अध्यक्ष एवं मुख्य संरक्षक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.रवि शंकर सिंह तथा मुख्य अतिथि गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय,ग्रेटर नोएडा के कुलपति प्रो.राणा प्रताप सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत विभागाध्यक्ष पूजा मिश्रा के स्वस्तिवाचन से हुई। इसके पश्चात छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना एवं विश्वविद्यालय कुलगीत की मनोहारी प्रस्तुति दी गई।
इस अवसर पर कुलपति प्रो.रवि शंकर सिंह ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि शोधार्थियों को समर्पण,अनुशासन और सत्यनिष्ठा के साथ अनुसंधान कार्य करना चाहिए। उन्होंने ऐसी शोध संस्कृति विकसित करने पर बल दिया, जिसमें शोध निष्कर्ष समाजहित में बिना शुल्क साझा किए जा सकें। उन्होंने नैतिक अनुसंधान संस्कृति को सत्यनिष्ठा,जिम्मेदारी,पारदर्शिता तथा शोध प्रतिभागियों की सुरक्षा का मूल आधार बताया।

मुख्य अतिथि एवं कीनोट स्पीकर प्रो.राणा प्रताप सिंह ने कहा कि जिम्मेदार प्रकाशन से वैज्ञानिक संचार की ईमानदारी और विश्वसनीयता बनी रहती है। इससे न केवल शोध की गुणवत्ता बढ़ती है,बल्कि समाज को भी शोध के वास्तविक लाभ प्राप्त होते हैं। उन्होंने शोधकर्ताओं से प्रकाशन प्रक्रिया में नैतिक मानकों के पालन का आह्वान किया।

एम.एल.के.पीजी कॉलेज,बलरामपुर के प्राचार्य प्रो.जे.पी.पाण्डेय ने अतिथियों का स्वागत किया। आयोजन सचिव डॉ.बसंत कुमार ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यशाला का कुशल संचालन लेफ्टिनेंट (डॉ.) देवेन्द्र कुमार चौहान ने किया,जबकि तकनीकी समन्वयक की भूमिका डॉ.अभिषेक सिंह ने निभाई।

उद्घाटन सत्र के उपरांत तीन तकनीकी सत्र आयोजित किए गए,जिनमें कुमाऊँ विश्वविद्यालय के प्रो.प्रकाश चन्द्र तिवारी,गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रो.दिनेश यादव,प्रो.राजर्षि कुमार गौर सहित अन्य विशेषज्ञों ने एथिकल रिसर्च,प्लेगरिज्म,ओपन एक्सेस पब्लिशिंग तथा जिम्मेदार शोध प्रकाशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार रखे।
कार्यशाला के सफल आयोजन में विश्वविद्यालय के कुलसचिव परमानंद सिंह,अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो.पी.के. सिंह,प्रो.वीणा सिंह,डॉ.स्वदेश भट्ट,समन्वय समिति के सदस्यगण एवं बड़ी संख्या में शोधार्थियों की सराहनीय सहभागिता रही।