पैसे के लेनदेन को लेकर हुई मारपीट में गैंगस्टर भूमाफिया को नगर कोतवाली पुलिस ने कियकिया गिरफ्तार
*आए दिन पैसे को लेकर करते थे विवाद

गोंडा।जिले की नगर कोतवाली पुलिस ने गैंगस्टर अमित अग्रवाल और भूमाफिया अंकुर अग्रवाल को हिरासत में ले लिया है।दोनों के बीच पैसे के लेनदेन को लेकर गाली गलौज के बाद मारपीट हुई थी।पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दिया है।अमित अग्रवाल नगर कोतवाली का सूचीबद्ध गैंगस्टर है तो वहीं अंकुर अग्रवाल के खिलाफ नगर कोतवाली में मारपीट और हमले के कई मामले दर्ज हैं।अंकुर अग्रवाल हाल ही में मारपीट के एक मामले में जेल से छूटकर आया था।प्राप्त जानकारी के अनुसार,अमित अग्रवाल और अंकुर अग्रवाल के मध्य पुराने बकाया पैसों को लेकर विवाद चल रहा था।इसी लेनदेन को लेकर पहले भी कई बार गाली गलौज हो चुकी थी और एक बार फिर उसी पुराने पैसे के लेनदेन को लेकर दोनों के बीच गाली गलौज और मारपीट हुई।स्थानीय लोगों की सूचना पर नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंचि और दोनों को गिरफ्तार कर थाने ले आई।गैंगस्टर अमित अग्रवाल नगर कोतवाली क्षेत्र के साहबगंज मुहल्ले का निवासी है तो भूमाफिया अंकुर अग्रवाल रानी बाजार का रहने वाला है।नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि दोनों के बीच अक्सर पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद होता था और इस बार यह विवाद मारपीट में बदल गया।पुलिस आगे की विधिक कार्यवाही कर रही है।
आजमगढ़ : तेज रफ्तार का कहर: आमने-सामने भिड़ीं दो बाइकें, एक की मौत, दो लोगो की हालत गंभीर
सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । जिले के दीदारगंज थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा सरायमीर-दीदारगंज मार्ग पर पुष्प नगर स्थित श्री शंकर जी इंटर कॉलेज के सामने लगभग तीन बजे हुआ, जब दो मोटरसाइकिलें आमने-सामने टकरा गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइकों के परखच्चे उड़ गए और बाइक सवार सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। सूचना मिलते ही दीदारगंज प्रभारी निरीक्षक जय प्रकाश यादव पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और तत्काल राहत कार्य शुरू कराया। पुलिस ने बिना देरी किए एम्बुलेंस बुलाकर घायलों को ग्रामीणों की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मार्टीनगंज भिजवाया। वहां मौजूद चिकित्सकों ने मनोज कश्यप पुत्र राधेश्याम कश्यप निवासी पुष्पनगर को मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। वहीं, सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल संतोष मिश्र पुत्र मर्याद मिश्र निवासी पुष्पनगर और रवि गौतम पुत्र योगी निवासी ग्राम हडवां की हालत को नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल जौनपुर के लिए रेफर कर दिया। दोनों घायलों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। पुलिस ने दोनों क्षतिग्रस्त मोटरसाइकिलों को कब्जे में ले लिया है तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है, हालांकि प्रारंभिक रूप से तेज रफ्तार और लापरवाही को दुर्घटना की वजह माना जा रहा है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। थानाध्यक्ष दीदारगंज जय प्रकाश यादव का कहना है दो बाइक के आमने सामने टक्कर में एक युवक की मौत हुई है । जबकि दो घायल हुए हैं । दोनो घायलों को स्थानीय डॉक्टरों ने जिला अस्पताल जौनपुर के लिए रेफर कर दिया है । मृत युवक के शव को आजमगढ़ जिला मुख्यालय के लिए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है
चांद दिखाई न देने के कारण एक रोज़ा और रखना होगा,चांद अलविदा की नमाज़ कल,ईद शनिवार को मनाई जाएगा*
सुल्तानपुर,जामिया इस्लामिया खैराबाद के नाजिम-ए-आला एवं मरकज़ मस्जिद के पेश इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान कासमी ने जानकारी दी कि 29 रमज़ान को ईद का चांद देखने की कोशिश की गई,लेकिन चांद नजर नहीं आया। उन्होंने बताया कि चांद दिखाई न देने के कारण मुसलमानों को एक रोज़ा और रखना होगा। अब शनिवार को ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाएगा। मौलाना ने लोगों से अपील की कि वे रमज़ान के आखिरी रोज़े को पूरे एहतराम के साथ रखें और ईद की तैयारियों में आपसी भाईचारे व सौहार्द को बनाए रखें।
अब नहीं कराना होगा फूड लाइसेंस का नवीनीकरण

संजय द्विवेदी, प्रयागराज।सरकार के इस निर्णय का सिविल लाइंस उद्योग व्यापार मंडल की ओर से स्वागत करते हुए सिविल लाइंस उद्योग महिला व्यापार मंडल की अध्यक्ष एवं खाद्य कारोबारी स्वाती निरखी ने बताया कि फूड कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग से फूड रजिस्ट्रेशन लाइसेंस लेना अनिवार्य होता है ।जिसका प्रतिवर्ष नवीनीकरण कराए जाने का प्रावधान है जो एक वर्ष से वर्ष के लिए कराया जा सकता है। किंतु, बहुत बार व्यापारी के ध्यान से उतर जाने पर एक निश्चित अवधि के बाद लाइसेंस रद्द हो जाता था और उसे नया लाइसेंस लेना पड़ता था जिसके लिए पुनः एक जटिल प्रक्रिया से गुजरना होता था। 10 मार्च को एक गजट के माध्यम से सरकार ने अब नवीनीकरण को समाप्त कर दिया है अर्थात अब लाइसेंस अथवा रजिस्ट्रेशन लेने के बाद उसका नवीनीकरण नहीं कराना होगा।

व्यापारी नेत्री स्वाती निरखी ने आगे बताया कि सरकार ने राहत देते हुए रजिस्ट्रेशन जो कि पूर्व में सालाना 12 लाख टर्न ओवर तक के कारोबारी पर लागू होता था,उसे बढ़ाकर 1.5 करोड़ कर दिया गया है। तथा 5 करोड़ सालाना टर्नओवर के व्यापारी को राज्य से और 5 करोड़ से अधिक टर्नओवर के व्यापारी को केंद्र से लाइसेंस लेना होता था। इस सीमा को बढ़ाकर अब 50 करोड़ सालाना टर्नओवर तक के व्यापारी राज्य से एवं उससे अधिक टर्नओवर के व्यापारी को केंद्र से लाइसेंस प्राप्त करना होगा।

स्ट्रीट फूड वेंडर्स को राहत देते हुए नए प्रावधान में नगर निगम अथवा स्ट्रीट फूड बैंडर्स एक्ट 2014 के तहत रजिस्टर्ड स्ट्रीट फूड बेडर्स को को एफएसएसए के अंतर्गत डीम्ड रजिस्टर्ड माना जाएगा। इसका वेंडर्स को दो अलग जगह अपने को रजिस्टर्ड करते और उत्पीड़न से मुक्ति मिलेगी। व्यापारी नेता नीरज जायसवाल ने कहा कि यह सभी प्रावधान अप्रैल 2026 से लागू होंगे अतः ऐसे सभी रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस जिनकी वैधता 31 मार्च 2026 तक है फिलहाल उन्हें नवीनीकरण करना होगा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के इस निर्णय का स्वागत करते हुए केंद्र सरकार को आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा इससे इससे व्यापारियों को बार-बार फूड रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण करने की झंझट से राहत मिलेगी।

हर बेघर को पक्का घर देने की दिशा में बड़ा कदम, सीएम आवास योजना-ग्रामीण के चयन की प्रक्रिया शुरू


* उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश—2026-27 के लाभार्थियों का चयन वित्तीय वर्ष से पहले, निराश्रित महिलाओं को प्राथमिकता

लखनऊ। प्रदेश में आवासविहीन परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया समय से पहले शुरू कर दी है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पात्र लाभार्थियों का चयन कर उनका मांग पत्र शीघ्र भेजा जाए।
उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार हर आवासविहीन व्यक्ति को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में ग्राम्य विकास विभाग को निर्देशित किया गया है कि चयन प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए, ताकि लाभार्थियों को समय से आवास मिल सके।
वर्ष 2018-19 से संचालित इस योजना के अंतर्गत अब तक 4.72 लाख परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। योजना में समाज के अत्यंत कमजोर वर्गों—जैसे मुसहर, वनटांगिया, नट, सपेरा, जोगी, बासफोर, बसोड़, धरकार, विभिन्न जनजातियां, दैवीय आपदा से प्रभावित परिवार, दिव्यांगजन एवं निराश्रित विधवा महिलाओं—को प्राथमिकता दी जा रही है। ऐसे पात्र परिवार जो प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की सूची में शामिल नहीं हो सके, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत लाभ दिया जा रहा है।
* पहली बार समय से पहले चयन प्रक्रिया शुरू
ग्राम्य विकास विभाग द्वारा सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। खास बात यह है कि पहली बार आगामी वित्तीय वर्ष के लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया वित्तीय वर्ष शुरू होने से पहले ही प्रारंभ कर दी गई है।
* निराश्रित महिलाओं को प्राथमिकता
सरकार ने आवासविहीन निराश्रित विधवा महिलाओं (18 से 50 वर्ष) को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए महिला कल्याण विभाग द्वारा 15.53 लाख पेंशन लाभार्थियों की सूची जिलों को उपलब्ध कराई जा रही है। इनका सत्यापन कर पात्र पाए जाने पर आवास आवंटन सूची में शामिल किया जाएगा।
योजना के तहत आवास का आवंटन महिला मुखिया के नाम पर ही किया जाएगा। यदि किसी विशेष परिस्थिति में पुरुष के नाम पर आवंटन करना हो, तो इसके लिए मुख्य विकास अधिकारी की अनुमति आवश्यक होगी।
* पोर्टल के माध्यम से होगा पंजीकरण
लाभार्थियों की मांग और पंजीकरण केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि श्रेणीवार पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण आवास सॉफ्ट पर अनिवार्य रूप से किया जाए। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि वर्ष 2026-27 के लिए लाभार्थियों का मांग पत्र 15 अप्रैल 2026 तक भेज दिया जाए और सभी पात्रों का समय से पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए।
उल्लेखनीय है कि इस योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1400.02 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों को लाभान्वित किया जा सके।
टीईटी-2026 आवेदन अब और आसान: एसबीआई के ‘ई-पे’ गेटवे से होगा सुरक्षित व नि:शुल्क भुगतान

*शिक्षा सेवा चयन आयोग और एसबीआई के बीच एमओयू, डिजिटल प्रणाली से पारदर्शिता व सुविधा बढ़ेगी

प्रयागराज/लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी)-2026 के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन प्रक्रिया को और सरल, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग और भारतीय स्टेट बैंक के बीच गुरुवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

एलनगंज स्थित आयोग कार्यालय में चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन आयोजित कार्यक्रम में हुए इस समझौते के तहत भारतीय स्टेट बैंक द्वारा आयोग को अत्याधुनिक डिजिटल भुगतान समाधान उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अंतर्गत ‘ई-पे’ भुगतान गेटवे को सफलतापूर्वक एकीकृत किया गया है, जिससे टीईटी-2026 के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों का पंजीकरण शुल्क अब तेज, सुरक्षित और सहज तरीके से जमा किया जा सकेगा।

विशेष बात यह है कि यह सेवा अभ्यर्थियों के लिए पूरी तरह निशुल्क होगी, जिससे उन्हें किसी अतिरिक्त शुल्क का भुगतान नहीं करना पड़ेगा। यह व्यवस्था न केवल अभ्यर्थियों की सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि डिजिटल लेनदेन को भी प्रोत्साहित करेगी।

समारोह में आयोग के सचिव मनोज कुमार और बैंक के उपमहाप्रबंधक पवन कुमार अरोरा ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके पश्चात आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशान्त कुमार एवं बैंक के मुख्य महाप्रबंधक दीपक कुमार डे (लखनऊ सर्किल) ने एमओयू का औपचारिक आदान-प्रदान किया। इस अवसर पर बैंक के महाप्रबंधक राजीव कुमार, सहायक महाप्रबंधक स्वदेश श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।एमओयू के सफल समन्वय में मुख्य प्रबंधक गरिमा श्रीवास्तव एवं शाखा प्रबंधक राजेश कुमार साहू (कर्नलगंज) की अहम भूमिका रही।

आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशान्त कुमार ने कहा कि यह पहल अभ्यर्थियों को पारदर्शी, सुरक्षित और कुशल भुगतान प्रणाली उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। इससे आवेदन प्रक्रिया और अधिक आसान होगी और डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम में आयोग और बैंक के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे।
দুই দুষ্কৃতী সহ চুরি যাওয়া সোনার গয়না উদ্ধার করলো পুলিশ
বসিরহাট : চুরি যাওয়া সোনার গয়না উদ্ধার করলো পুলিশ।বসিরহাটের বাদুড়িয়া থানার চাতরা গ্রাম পঞ্চায়েতের সলুয়ার ঘটনা। পুলিশ সূত্রে জানা গিয়েছে, বেশ কিছুদিন আগে সলুয়া এলাকার সুজন বিশ্বাস নামক এক বাসিন্দার বাড়ি থেকে বাড়িতে কেউ না থাকার সুবাদে চুরি হয়েছিল। একটি সোনার চেন সহ বেশ কিছু অলংকার এবং একটি মোবাইল ফোন চুরি যায়। গৃহকর্তা বাদুড়িয়া থানায় লিখিত অভিযোগ দায়ের করেন। অভিযোগের ভিত্তিতে তদন্ত নামে বাদুড়িয়া থানার পুলিশ। তদন্ত নেমে উত্তর ২৪ পরগণার বনগাঁ মহকুমার বাগদা থেকে যাদব বিশ্বাসকে গ্রেফতার করে বাদুড়িয়া থানার পুলিশ। তাকে জেরা করে জানা যায় তার সঙ্গে যোগ রয়েছে গাইঘাটার বাসিন্দা রিপন শেখের। তাকেও গ্রেফতার করে পুলিশ। পুলিশ সূত্রে জানা গিয়েছে, উদ্ধার হওয়া গয়না ও মোবাইল বাড়ির মালিকের হাতে তুলে দেওয়া হবে।
जदयू नेता संजीव सिंह ने मुख्यमंत्री से एनटीपीसी नबीनगर के पास मेडिकल कॉलेज निर्माण करने की मांग

 औरंगाबाद: जिले में मेडिकल कॉलेज के लिए जगह तलाश एक बार फिर चर्चा में है। इस बार जदयू नेता संजीव कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि एनटीपीसी नबीनगर के समीप सलैया स्टेशन के पास मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जाए। संजीव सिंह ने बताया कि सलैया एनटीपीसी स्टेशन के पास लगभग 100 एकड़ जमीन उपलब्ध है, जो मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए पूरी तरह उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि यह जगह दो सबसे बड़े ऊर्जा प्रोजेक्ट, एनटीपीसी और एनपीजीसी के पास स्थित है, जिससे यह क्षेत्र पर्याप्त सुरक्षित और सुविधाजनक है।

सिंह ने यह भी बताया कि इस इलाके की भौगोलिक स्थिति मेडिकल कॉलेज के लिए आदर्श है। एक तरफ से कोलकाता-वाराणसी एक्सप्रेसवे गुजर रही है, दूसरी ओर जीटी रोड और राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 139 से भी संपर्क आसान है। इसके अलावा, रेलवे का फ्रेट कॉरिडोर भी इस क्षेत्र से होकर गुजरता है। इस तरह चारों ओर से आने-जाने की सुविधाएं मौजूद हैं, जिससे मेडिकल कॉलेज में दाखिले लेने वाले छात्रों और आम लोगों दोनों के लिए सुविधा होगी। जदयू नेता ने कहा कि औरंगाबाद के लोगों के लिए भी यह कॉलेज आसानी से सुलभ होगा। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा के दौरान वह इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाएंगे, ताकि राज्य सरकार जल्दी निर्णय ले सके। संजीव सिंह की इस मांग से जिले में मेडिकल शिक्षा की स्थिति सुधारने की उम्मीद बढ़ गई है। उनका मानना है कि सही स्थान पर कॉलेज बनने से स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

यह प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज जिले के विकास में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है और इसे लेकर जनता और प्रशासन दोनों की निगाहें अब इस स्थल पर टिकी हैं।

औरंगाबाद से धिरेन्द्र पाण्डेय

উত্তর ২৪ পরগনার ভাটপাড়া বিধানসভা কেন্দ্রের বিজেপির প্রার্থী, সুদীপ্ত দাস।
সীমান্তের গ্রামে প্রাতঃভ্রমণের মধ্য দিয়ে প্রচার সারলেন স্বরূপনগরের জোড়াফুল প্রার্থী বীনা মন্ডল
বসিরহাট: আসন্ন বিধানসভা নির্বাচনকে সামনে রেখে জোরকদমে শুরু হয়েছে রাজনৈতিক প্রচার। সেই প্রেক্ষিতে বসিরহাটের সীমান্তবর্তী স্বরূপনগর বিধানসভা কেন্দ্রে প্রাতঃভ্রমণের মধ্য দিয়ে জনসংযোগ বাড়াতে নামলেন তৃণমূল কংগ্রেসের প্রার্থী বীণা মন্ডল। সকাল সকাল স্বরূপনগরের কৈজুরী এলাকায় স্থানীয় বাসিন্দাদের সঙ্গে নিয়ে পদযাত্রা করেন তিনি। সাধারণ মানুষের সঙ্গে কথা বলেন, তাদের সমস্যার কথা শোনেন এবং উন্নয়নের প্রতিশ্রুতি দেন। উল্লেখ্য, ২০১১, ২০১৬ এবং ২০২১—টানা তিনবার স্বরূপনগর বিধানসভা কেন্দ্র থেকে জয়ী হয়েছেন বীণা মন্ডল। দীর্ঘ রাজনৈতিক জীবনে তিনি শুধু বিধায়ক হিসেবেই নয়, উত্তর ২৪ পরগণা জেলা পরিষদের সভাধিপতি ও সহ-সভাপতির গুরুত্বপূর্ণ দায়িত্বও সামলেছেন। প্রশাসনিক অভিজ্ঞতা এবং দীর্ঘদিনের জনসংযোগকে হাতিয়ার করেই চতুর্থবারের জন্য নির্বাচনী ময়দানে নেমেছেন তিনি।
প্রচারের সময় এলাকায় তার উপস্থিতি ঘিরে উৎসাহ দেখা যায় স্থানীয়দের মধ্যে। অনেকেই এগিয়ে এসে নিজেদের দৈনন্দিন সমস্যার কথা তুলে ধরেন। পানীয় জল, রাস্তা সংস্কার, আলোর ব্যবস্থা সহ বিভিন্ন বিষয় নিয়ে আলোচনা হয়। প্রার্থীও মনোযোগ দিয়ে সেসব শোনেন এবং সমাধানের আশ্বাস দেন।
প্রচারের শেষে বীণা মন্ডল বলেন, “দীর্ঘদিন ধরে এই এলাকার মানুষের পাশে থেকে কাজ করার সুযোগ পেয়েছি। রাস্তাঘাটের উন্নয়ন, সোলার লাইট, হাইমাস লাইট বসানো, বিভিন্ন সামাজিক প্রকল্প বাস্তবায়নের মাধ্যমে এলাকার সার্বিক উন্নয়ন হয়েছে। তবে এখনও অনেক কাজ বাকি রয়েছে।” তিনি আরও জানান, পুনরায় নির্বাচিত হলে তার অন্যতম অগ্রাধিকার হবে তরণীপুর সেতু এবং বালতি সেতু নির্মাণ। এই দুটি সেতু তৈরি হলে সীমান্তবর্তী বহু গ্রামের মানুষের যাতায়াত ব্যবস্থা আরও সহজ হবে এবং অর্থনৈতিক কর্মকাণ্ডেও গতি আসবে বলে তিনি মনে করেন।
প্রার্থী হিসেবে নিজের জয়ের ব্যাপারে আশাবাদী বীণা মন্ডল বলেন, “মানুষ আমাদের সঙ্গে রয়েছে। তাদের ভালোবাসা ও আশীর্বাদ নিয়েই এতদিন কাজ করেছি। আগামী দিনেও সেই সমর্থন পাব বলে আমি বিশ্বাসী।”
সামগ্রিকভাবে, নির্বাচনের আগে প্রাতঃভ্রমণের মতো জনসংযোগমূলক কর্মসূচির মাধ্যমে সাধারণ মানুষের কাছে পৌঁছনোর কৌশল নিয়েছে তৃণমূল। সীমান্তবর্তী এই এলাকায় উন্নয়ন ও যোগাযোগ ব্যবস্থার উন্নতিকেই মূল ইস্যু করে ভোটের লড়াইয়ে নামছেন বীণা মন্ডল।
पैसे के लेनदेन को लेकर हुई मारपीट में गैंगस्टर भूमाफिया को नगर कोतवाली पुलिस ने कियकिया गिरफ्तार
*आए दिन पैसे को लेकर करते थे विवाद

गोंडा।जिले की नगर कोतवाली पुलिस ने गैंगस्टर अमित अग्रवाल और भूमाफिया अंकुर अग्रवाल को हिरासत में ले लिया है।दोनों के बीच पैसे के लेनदेन को लेकर गाली गलौज के बाद मारपीट हुई थी।पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दिया है।अमित अग्रवाल नगर कोतवाली का सूचीबद्ध गैंगस्टर है तो वहीं अंकुर अग्रवाल के खिलाफ नगर कोतवाली में मारपीट और हमले के कई मामले दर्ज हैं।अंकुर अग्रवाल हाल ही में मारपीट के एक मामले में जेल से छूटकर आया था।प्राप्त जानकारी के अनुसार,अमित अग्रवाल और अंकुर अग्रवाल के मध्य पुराने बकाया पैसों को लेकर विवाद चल रहा था।इसी लेनदेन को लेकर पहले भी कई बार गाली गलौज हो चुकी थी और एक बार फिर उसी पुराने पैसे के लेनदेन को लेकर दोनों के बीच गाली गलौज और मारपीट हुई।स्थानीय लोगों की सूचना पर नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंचि और दोनों को गिरफ्तार कर थाने ले आई।गैंगस्टर अमित अग्रवाल नगर कोतवाली क्षेत्र के साहबगंज मुहल्ले का निवासी है तो भूमाफिया अंकुर अग्रवाल रानी बाजार का रहने वाला है।नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि दोनों के बीच अक्सर पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद होता था और इस बार यह विवाद मारपीट में बदल गया।पुलिस आगे की विधिक कार्यवाही कर रही है।
आजमगढ़ : तेज रफ्तार का कहर: आमने-सामने भिड़ीं दो बाइकें, एक की मौत, दो लोगो की हालत गंभीर
सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । जिले के दीदारगंज थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा सरायमीर-दीदारगंज मार्ग पर पुष्प नगर स्थित श्री शंकर जी इंटर कॉलेज के सामने लगभग तीन बजे हुआ, जब दो मोटरसाइकिलें आमने-सामने टकरा गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइकों के परखच्चे उड़ गए और बाइक सवार सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। सूचना मिलते ही दीदारगंज प्रभारी निरीक्षक जय प्रकाश यादव पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और तत्काल राहत कार्य शुरू कराया। पुलिस ने बिना देरी किए एम्बुलेंस बुलाकर घायलों को ग्रामीणों की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मार्टीनगंज भिजवाया। वहां मौजूद चिकित्सकों ने मनोज कश्यप पुत्र राधेश्याम कश्यप निवासी पुष्पनगर को मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। वहीं, सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल संतोष मिश्र पुत्र मर्याद मिश्र निवासी पुष्पनगर और रवि गौतम पुत्र योगी निवासी ग्राम हडवां की हालत को नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल जौनपुर के लिए रेफर कर दिया। दोनों घायलों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। पुलिस ने दोनों क्षतिग्रस्त मोटरसाइकिलों को कब्जे में ले लिया है तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है, हालांकि प्रारंभिक रूप से तेज रफ्तार और लापरवाही को दुर्घटना की वजह माना जा रहा है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। थानाध्यक्ष दीदारगंज जय प्रकाश यादव का कहना है दो बाइक के आमने सामने टक्कर में एक युवक की मौत हुई है । जबकि दो घायल हुए हैं । दोनो घायलों को स्थानीय डॉक्टरों ने जिला अस्पताल जौनपुर के लिए रेफर कर दिया है । मृत युवक के शव को आजमगढ़ जिला मुख्यालय के लिए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है
चांद दिखाई न देने के कारण एक रोज़ा और रखना होगा,चांद अलविदा की नमाज़ कल,ईद शनिवार को मनाई जाएगा*
सुल्तानपुर,जामिया इस्लामिया खैराबाद के नाजिम-ए-आला एवं मरकज़ मस्जिद के पेश इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान कासमी ने जानकारी दी कि 29 रमज़ान को ईद का चांद देखने की कोशिश की गई,लेकिन चांद नजर नहीं आया। उन्होंने बताया कि चांद दिखाई न देने के कारण मुसलमानों को एक रोज़ा और रखना होगा। अब शनिवार को ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाएगा। मौलाना ने लोगों से अपील की कि वे रमज़ान के आखिरी रोज़े को पूरे एहतराम के साथ रखें और ईद की तैयारियों में आपसी भाईचारे व सौहार्द को बनाए रखें।
अब नहीं कराना होगा फूड लाइसेंस का नवीनीकरण

संजय द्विवेदी, प्रयागराज।सरकार के इस निर्णय का सिविल लाइंस उद्योग व्यापार मंडल की ओर से स्वागत करते हुए सिविल लाइंस उद्योग महिला व्यापार मंडल की अध्यक्ष एवं खाद्य कारोबारी स्वाती निरखी ने बताया कि फूड कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग से फूड रजिस्ट्रेशन लाइसेंस लेना अनिवार्य होता है ।जिसका प्रतिवर्ष नवीनीकरण कराए जाने का प्रावधान है जो एक वर्ष से वर्ष के लिए कराया जा सकता है। किंतु, बहुत बार व्यापारी के ध्यान से उतर जाने पर एक निश्चित अवधि के बाद लाइसेंस रद्द हो जाता था और उसे नया लाइसेंस लेना पड़ता था जिसके लिए पुनः एक जटिल प्रक्रिया से गुजरना होता था। 10 मार्च को एक गजट के माध्यम से सरकार ने अब नवीनीकरण को समाप्त कर दिया है अर्थात अब लाइसेंस अथवा रजिस्ट्रेशन लेने के बाद उसका नवीनीकरण नहीं कराना होगा।

व्यापारी नेत्री स्वाती निरखी ने आगे बताया कि सरकार ने राहत देते हुए रजिस्ट्रेशन जो कि पूर्व में सालाना 12 लाख टर्न ओवर तक के कारोबारी पर लागू होता था,उसे बढ़ाकर 1.5 करोड़ कर दिया गया है। तथा 5 करोड़ सालाना टर्नओवर के व्यापारी को राज्य से और 5 करोड़ से अधिक टर्नओवर के व्यापारी को केंद्र से लाइसेंस लेना होता था। इस सीमा को बढ़ाकर अब 50 करोड़ सालाना टर्नओवर तक के व्यापारी राज्य से एवं उससे अधिक टर्नओवर के व्यापारी को केंद्र से लाइसेंस प्राप्त करना होगा।

स्ट्रीट फूड वेंडर्स को राहत देते हुए नए प्रावधान में नगर निगम अथवा स्ट्रीट फूड बैंडर्स एक्ट 2014 के तहत रजिस्टर्ड स्ट्रीट फूड बेडर्स को को एफएसएसए के अंतर्गत डीम्ड रजिस्टर्ड माना जाएगा। इसका वेंडर्स को दो अलग जगह अपने को रजिस्टर्ड करते और उत्पीड़न से मुक्ति मिलेगी। व्यापारी नेता नीरज जायसवाल ने कहा कि यह सभी प्रावधान अप्रैल 2026 से लागू होंगे अतः ऐसे सभी रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस जिनकी वैधता 31 मार्च 2026 तक है फिलहाल उन्हें नवीनीकरण करना होगा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के इस निर्णय का स्वागत करते हुए केंद्र सरकार को आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा इससे इससे व्यापारियों को बार-बार फूड रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण करने की झंझट से राहत मिलेगी।

हर बेघर को पक्का घर देने की दिशा में बड़ा कदम, सीएम आवास योजना-ग्रामीण के चयन की प्रक्रिया शुरू


* उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश—2026-27 के लाभार्थियों का चयन वित्तीय वर्ष से पहले, निराश्रित महिलाओं को प्राथमिकता

लखनऊ। प्रदेश में आवासविहीन परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया समय से पहले शुरू कर दी है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पात्र लाभार्थियों का चयन कर उनका मांग पत्र शीघ्र भेजा जाए।
उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार हर आवासविहीन व्यक्ति को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में ग्राम्य विकास विभाग को निर्देशित किया गया है कि चयन प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए, ताकि लाभार्थियों को समय से आवास मिल सके।
वर्ष 2018-19 से संचालित इस योजना के अंतर्गत अब तक 4.72 लाख परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। योजना में समाज के अत्यंत कमजोर वर्गों—जैसे मुसहर, वनटांगिया, नट, सपेरा, जोगी, बासफोर, बसोड़, धरकार, विभिन्न जनजातियां, दैवीय आपदा से प्रभावित परिवार, दिव्यांगजन एवं निराश्रित विधवा महिलाओं—को प्राथमिकता दी जा रही है। ऐसे पात्र परिवार जो प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की सूची में शामिल नहीं हो सके, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत लाभ दिया जा रहा है।
* पहली बार समय से पहले चयन प्रक्रिया शुरू
ग्राम्य विकास विभाग द्वारा सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। खास बात यह है कि पहली बार आगामी वित्तीय वर्ष के लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया वित्तीय वर्ष शुरू होने से पहले ही प्रारंभ कर दी गई है।
* निराश्रित महिलाओं को प्राथमिकता
सरकार ने आवासविहीन निराश्रित विधवा महिलाओं (18 से 50 वर्ष) को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए महिला कल्याण विभाग द्वारा 15.53 लाख पेंशन लाभार्थियों की सूची जिलों को उपलब्ध कराई जा रही है। इनका सत्यापन कर पात्र पाए जाने पर आवास आवंटन सूची में शामिल किया जाएगा।
योजना के तहत आवास का आवंटन महिला मुखिया के नाम पर ही किया जाएगा। यदि किसी विशेष परिस्थिति में पुरुष के नाम पर आवंटन करना हो, तो इसके लिए मुख्य विकास अधिकारी की अनुमति आवश्यक होगी।
* पोर्टल के माध्यम से होगा पंजीकरण
लाभार्थियों की मांग और पंजीकरण केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि श्रेणीवार पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण आवास सॉफ्ट पर अनिवार्य रूप से किया जाए। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि वर्ष 2026-27 के लिए लाभार्थियों का मांग पत्र 15 अप्रैल 2026 तक भेज दिया जाए और सभी पात्रों का समय से पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए।
उल्लेखनीय है कि इस योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1400.02 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों को लाभान्वित किया जा सके।
टीईटी-2026 आवेदन अब और आसान: एसबीआई के ‘ई-पे’ गेटवे से होगा सुरक्षित व नि:शुल्क भुगतान

*शिक्षा सेवा चयन आयोग और एसबीआई के बीच एमओयू, डिजिटल प्रणाली से पारदर्शिता व सुविधा बढ़ेगी

प्रयागराज/लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी)-2026 के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन प्रक्रिया को और सरल, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग और भारतीय स्टेट बैंक के बीच गुरुवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

एलनगंज स्थित आयोग कार्यालय में चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन आयोजित कार्यक्रम में हुए इस समझौते के तहत भारतीय स्टेट बैंक द्वारा आयोग को अत्याधुनिक डिजिटल भुगतान समाधान उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अंतर्गत ‘ई-पे’ भुगतान गेटवे को सफलतापूर्वक एकीकृत किया गया है, जिससे टीईटी-2026 के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों का पंजीकरण शुल्क अब तेज, सुरक्षित और सहज तरीके से जमा किया जा सकेगा।

विशेष बात यह है कि यह सेवा अभ्यर्थियों के लिए पूरी तरह निशुल्क होगी, जिससे उन्हें किसी अतिरिक्त शुल्क का भुगतान नहीं करना पड़ेगा। यह व्यवस्था न केवल अभ्यर्थियों की सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि डिजिटल लेनदेन को भी प्रोत्साहित करेगी।

समारोह में आयोग के सचिव मनोज कुमार और बैंक के उपमहाप्रबंधक पवन कुमार अरोरा ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके पश्चात आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशान्त कुमार एवं बैंक के मुख्य महाप्रबंधक दीपक कुमार डे (लखनऊ सर्किल) ने एमओयू का औपचारिक आदान-प्रदान किया। इस अवसर पर बैंक के महाप्रबंधक राजीव कुमार, सहायक महाप्रबंधक स्वदेश श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।एमओयू के सफल समन्वय में मुख्य प्रबंधक गरिमा श्रीवास्तव एवं शाखा प्रबंधक राजेश कुमार साहू (कर्नलगंज) की अहम भूमिका रही।

आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशान्त कुमार ने कहा कि यह पहल अभ्यर्थियों को पारदर्शी, सुरक्षित और कुशल भुगतान प्रणाली उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। इससे आवेदन प्रक्रिया और अधिक आसान होगी और डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम में आयोग और बैंक के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे।
দুই দুষ্কৃতী সহ চুরি যাওয়া সোনার গয়না উদ্ধার করলো পুলিশ
বসিরহাট : চুরি যাওয়া সোনার গয়না উদ্ধার করলো পুলিশ।বসিরহাটের বাদুড়িয়া থানার চাতরা গ্রাম পঞ্চায়েতের সলুয়ার ঘটনা। পুলিশ সূত্রে জানা গিয়েছে, বেশ কিছুদিন আগে সলুয়া এলাকার সুজন বিশ্বাস নামক এক বাসিন্দার বাড়ি থেকে বাড়িতে কেউ না থাকার সুবাদে চুরি হয়েছিল। একটি সোনার চেন সহ বেশ কিছু অলংকার এবং একটি মোবাইল ফোন চুরি যায়। গৃহকর্তা বাদুড়িয়া থানায় লিখিত অভিযোগ দায়ের করেন। অভিযোগের ভিত্তিতে তদন্ত নামে বাদুড়িয়া থানার পুলিশ। তদন্ত নেমে উত্তর ২৪ পরগণার বনগাঁ মহকুমার বাগদা থেকে যাদব বিশ্বাসকে গ্রেফতার করে বাদুড়িয়া থানার পুলিশ। তাকে জেরা করে জানা যায় তার সঙ্গে যোগ রয়েছে গাইঘাটার বাসিন্দা রিপন শেখের। তাকেও গ্রেফতার করে পুলিশ। পুলিশ সূত্রে জানা গিয়েছে, উদ্ধার হওয়া গয়না ও মোবাইল বাড়ির মালিকের হাতে তুলে দেওয়া হবে।
जदयू नेता संजीव सिंह ने मुख्यमंत्री से एनटीपीसी नबीनगर के पास मेडिकल कॉलेज निर्माण करने की मांग

 औरंगाबाद: जिले में मेडिकल कॉलेज के लिए जगह तलाश एक बार फिर चर्चा में है। इस बार जदयू नेता संजीव कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि एनटीपीसी नबीनगर के समीप सलैया स्टेशन के पास मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जाए। संजीव सिंह ने बताया कि सलैया एनटीपीसी स्टेशन के पास लगभग 100 एकड़ जमीन उपलब्ध है, जो मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए पूरी तरह उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि यह जगह दो सबसे बड़े ऊर्जा प्रोजेक्ट, एनटीपीसी और एनपीजीसी के पास स्थित है, जिससे यह क्षेत्र पर्याप्त सुरक्षित और सुविधाजनक है।

सिंह ने यह भी बताया कि इस इलाके की भौगोलिक स्थिति मेडिकल कॉलेज के लिए आदर्श है। एक तरफ से कोलकाता-वाराणसी एक्सप्रेसवे गुजर रही है, दूसरी ओर जीटी रोड और राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 139 से भी संपर्क आसान है। इसके अलावा, रेलवे का फ्रेट कॉरिडोर भी इस क्षेत्र से होकर गुजरता है। इस तरह चारों ओर से आने-जाने की सुविधाएं मौजूद हैं, जिससे मेडिकल कॉलेज में दाखिले लेने वाले छात्रों और आम लोगों दोनों के लिए सुविधा होगी। जदयू नेता ने कहा कि औरंगाबाद के लोगों के लिए भी यह कॉलेज आसानी से सुलभ होगा। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा के दौरान वह इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाएंगे, ताकि राज्य सरकार जल्दी निर्णय ले सके। संजीव सिंह की इस मांग से जिले में मेडिकल शिक्षा की स्थिति सुधारने की उम्मीद बढ़ गई है। उनका मानना है कि सही स्थान पर कॉलेज बनने से स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

यह प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज जिले के विकास में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है और इसे लेकर जनता और प्रशासन दोनों की निगाहें अब इस स्थल पर टिकी हैं।

औरंगाबाद से धिरेन्द्र पाण्डेय

উত্তর ২৪ পরগনার ভাটপাড়া বিধানসভা কেন্দ্রের বিজেপির প্রার্থী, সুদীপ্ত দাস।
সীমান্তের গ্রামে প্রাতঃভ্রমণের মধ্য দিয়ে প্রচার সারলেন স্বরূপনগরের জোড়াফুল প্রার্থী বীনা মন্ডল
বসিরহাট: আসন্ন বিধানসভা নির্বাচনকে সামনে রেখে জোরকদমে শুরু হয়েছে রাজনৈতিক প্রচার। সেই প্রেক্ষিতে বসিরহাটের সীমান্তবর্তী স্বরূপনগর বিধানসভা কেন্দ্রে প্রাতঃভ্রমণের মধ্য দিয়ে জনসংযোগ বাড়াতে নামলেন তৃণমূল কংগ্রেসের প্রার্থী বীণা মন্ডল। সকাল সকাল স্বরূপনগরের কৈজুরী এলাকায় স্থানীয় বাসিন্দাদের সঙ্গে নিয়ে পদযাত্রা করেন তিনি। সাধারণ মানুষের সঙ্গে কথা বলেন, তাদের সমস্যার কথা শোনেন এবং উন্নয়নের প্রতিশ্রুতি দেন। উল্লেখ্য, ২০১১, ২০১৬ এবং ২০২১—টানা তিনবার স্বরূপনগর বিধানসভা কেন্দ্র থেকে জয়ী হয়েছেন বীণা মন্ডল। দীর্ঘ রাজনৈতিক জীবনে তিনি শুধু বিধায়ক হিসেবেই নয়, উত্তর ২৪ পরগণা জেলা পরিষদের সভাধিপতি ও সহ-সভাপতির গুরুত্বপূর্ণ দায়িত্বও সামলেছেন। প্রশাসনিক অভিজ্ঞতা এবং দীর্ঘদিনের জনসংযোগকে হাতিয়ার করেই চতুর্থবারের জন্য নির্বাচনী ময়দানে নেমেছেন তিনি।
প্রচারের সময় এলাকায় তার উপস্থিতি ঘিরে উৎসাহ দেখা যায় স্থানীয়দের মধ্যে। অনেকেই এগিয়ে এসে নিজেদের দৈনন্দিন সমস্যার কথা তুলে ধরেন। পানীয় জল, রাস্তা সংস্কার, আলোর ব্যবস্থা সহ বিভিন্ন বিষয় নিয়ে আলোচনা হয়। প্রার্থীও মনোযোগ দিয়ে সেসব শোনেন এবং সমাধানের আশ্বাস দেন।
প্রচারের শেষে বীণা মন্ডল বলেন, “দীর্ঘদিন ধরে এই এলাকার মানুষের পাশে থেকে কাজ করার সুযোগ পেয়েছি। রাস্তাঘাটের উন্নয়ন, সোলার লাইট, হাইমাস লাইট বসানো, বিভিন্ন সামাজিক প্রকল্প বাস্তবায়নের মাধ্যমে এলাকার সার্বিক উন্নয়ন হয়েছে। তবে এখনও অনেক কাজ বাকি রয়েছে।” তিনি আরও জানান, পুনরায় নির্বাচিত হলে তার অন্যতম অগ্রাধিকার হবে তরণীপুর সেতু এবং বালতি সেতু নির্মাণ। এই দুটি সেতু তৈরি হলে সীমান্তবর্তী বহু গ্রামের মানুষের যাতায়াত ব্যবস্থা আরও সহজ হবে এবং অর্থনৈতিক কর্মকাণ্ডেও গতি আসবে বলে তিনি মনে করেন।
প্রার্থী হিসেবে নিজের জয়ের ব্যাপারে আশাবাদী বীণা মন্ডল বলেন, “মানুষ আমাদের সঙ্গে রয়েছে। তাদের ভালোবাসা ও আশীর্বাদ নিয়েই এতদিন কাজ করেছি। আগামী দিনেও সেই সমর্থন পাব বলে আমি বিশ্বাসী।”
সামগ্রিকভাবে, নির্বাচনের আগে প্রাতঃভ্রমণের মতো জনসংযোগমূলক কর্মসূচির মাধ্যমে সাধারণ মানুষের কাছে পৌঁছনোর কৌশল নিয়েছে তৃণমূল। সীমান্তবর্তী এই এলাকায় উন্নয়ন ও যোগাযোগ ব্যবস্থার উন্নতিকেই মূল ইস্যু করে ভোটের লড়াইয়ে নামছেন বীণা মন্ডল।