Mirzapur: बाज़ार से अंडा खाकर घर जा रहे चाचा-भतीजे को ट्रक ने रौंदा, हुई मौत

मिर्ज़ापुर। यूपी के मिर्ज़ापुर के चील्ह थाना क्षेत्र में ट्रक के धक्के से पैदल जा रहे  चाचा-भतीजा गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस की मदद से आनन-फानन में दोनों को भदोही जनपद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान देर रात मौत हो गई। चाचा-भतीजे की मौत की ख़बर होते ही गांव और परिवार में कोहराम मच गया है।
चील्ह थाना क्षेत्र के सागरपुर गांव निवासी 30 वर्षीय सुनील यादव पुत्र मिश्रीलाल अपने भतीजे 05 वर्षीय अंकित पुत्र श्याम नारायण के साथ मंगलवार की रात तकरीबन 7:30 बजे सागरपुर स्थित एक दुकान से अंडा खाकर वापस अपने घर जा रहे थे कि मिर्जापुर-औराई मार्ग पर मिर्जापुर की तरफ से औराई की तरफ जा रहा तेज रफ्तार ट्रक ने दोनों लोगों को टक्कर मार दिया जिससे दोनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना को देख मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचे चौकी प्रभारी टेढ़वा अरविंद गुप्ता ने दोनों घायलों को भदोही जनपद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार चल रहा था। उधर दुर्घटना के बाद ट्रक चालक मौके पर ट्रक छोड़कर फरार हो गया था। पुलिस ने ट्रक को हिरासत में लेकर विधिक कार्यवाही में लगी थी। चौकी प्रभारी अरविंद गुप्ता ने बताया कि ट्रक के टक्कर से दो लोग घायल हो गए हैं जिन्हें उपचार हेतु भदोही के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है ट्रक को हिरासत में लेकर विधिक कार्यवाही की जा रही है। वहीं देर रात सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल चाचा भतीजा की उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने दोनो शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
विदुर प्रसंग ने श्रद्धालुओं को दिया सत्य और धर्म का संदेश*

सुलतानपुर-स्थानीय सिविल लाइन गोलाघाट स्थित डॉ. विनोद कुमार सिंह के आवास पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। काशी से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक एवं ज्योतिषाचार्य डॉ. प्रभाकर पाण्डेय ने व्यासपीठ से श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराया।
द्वितीय दिवस कथा में विदुर जी के प्रसंग का वर्णन करते हुए कथावाचक डॅा.पाण्डेय जी ने कहा कि विदुर जी सत्य,धर्म,नीति और विवेक के प्रतीक थे।उन्होंने सदैव अन्याय का विरोध करते हुए धर्म का साथ दिया।विदुर प्रसंग हमें सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी मनुष्य को सत्य और धर्म का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए।भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा और निष्काम भाव से किया गया कर्म ही जीवन को सार्थक बनाता है।कथा में मुख्य रूप से वरिष्ठ भाजपा नेता डा.डी.एस.मिश्र,अरुण द्विवेदी,पूर्व प्राचार्य डॅा.के.पी.द्विवेदी,प्रो.विनायक कुमार तिवारी,अखण्ड प्रताप सिंह,कुमार अमन,कुमार नमन,वैभव रघुवंशी,डॅा.कुंवर दिनकरप्रतापसिंह,यश,एस.के.खरे,श्रीमती ज्योति सिंह,श्रीमती साधना सिंह,श्रीमती ऊषा सिंह सहित सैकडों महिला - पुरूष उपस्थित रहे।
कथा का आयोजन प्रतिदिन सायंकाल 4 बजे से रात्रि 8 बजे तक हो रहा है।दूसरे दिन की कथा का विश्राम आरती के साथ हुआ।कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
घंटाघर मैदान में रातभर गूंजी कजली, रानी सिंह और खोखा मिर्जापुरी ने बांधा समां
*कजली महोत्सव में कलाकारों की प्रस्तुतियों पर झूमे श्रोता, मुख्य अतिथि मनोज श्रीवास्तव ने कहा- जिले की माटी की यह लोकविधा विदेशों तक पहुंची


मिर्जापुर। नगर के घंटाघर मैदान में मंगलवार की रात कजली के सुरों से गुलजार रही। भादों माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर लोक संगीत प्रचारिणी समिति के तत्वावधान में कजली महोत्सव का आयोजन किया गया। देर रात तक चले कार्यक्रम में लोक कलाकारों ने कजली की पारंपरिक प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मैदान में मौजूद लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रवादी मंच के अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव ने कजली कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मिर्जापुर की पहचान केवल प्राकृतिक और धार्मिक विरासत से ही नहीं, बल्कि समृद्ध लोक संस्कृति से भी है। जिले की माटी में पैदा हुई कजली आज देश की सीमाओं को पार कर विदेशों में भी गाई और सुनी जा रही है। यह मिर्जापुर के लिए गौरव की बात है।
उन्होंने कहा कि कजली को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने और इसकी मौलिकता को कायम रखने वाले लोक कलाकार हमारी सांस्कृतिक विरासत के सच्चे संवाहक हैं। बदलते दौर में लोक विधाओं को जीवित रखने के लिए ऐसे आयोजनों की निरंतरता जरूरी है। कलाकारों और आयोजकों को कजली जैसी लोक परंपरा को सहेजने के लिए बधाई दी।
महोत्सव में लोक गायिका रानी सिंह, खोखा मिर्जापुरी समेत तमाम कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों ने पारंपरिक कजली के साथ लोक संस्कृति से जुड़े गीतों की प्रस्तुति देकर माहौल को पूरी तरह कजलीमय कर दिया। कजली के सुरों के साथ श्रोता देर रात तक कार्यक्रम का आनंद लेते रहे। कलाकारों की एक के बाद एक प्रस्तुतियों ने लोगों को बांधे रखा।
आयोजकों ने कहा कि भादों माह में कजली का विशेष महत्व है। मिर्जापुर की कजली की अपनी अलग गायकी, भाषा और भाव-भंगिमा है, जिसके कारण इसकी पहचान देश-विदेश तक बनी है। महोत्सव का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति से जोड़ना और कजली की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाना है। कार्यक्रम के दौरान कलाकारों और अतिथियों का स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में लोग कजली महोत्सव सुनने के लिए घंटाघर मैदान पहुंचे।
जिलाधिकारी की समीक्षा: जर्जर स्कूलों पर सख्ती, बाल वाटिका और आंगनबाड़ी में सुधार के निर्देश

संजीव सिंह बलिया! जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में प्राथमिक विद्यालयों में बाल वाटिका केंद्रों के संचालन और आंगनबाड़ी केंद्रों में हॉट कुक्ड मील योजना की समीक्षा बैठक की।  बैठक में शिक्षा और बाल विकास विभाग के अधिकारियों को व्यवस्थाओं में सुधार और योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए कड़े निर्देश दिए गए।
जर्जर विद्यालय भवनों का मूल्यांकन और ध्वस्तीकरण
जिले में कुल 517 विद्यालय भवन जर्जर पाए गए हैं, जिनमें से 503 भवनों का मूल्यांकन पहले ही कराया जा चुका है।  जिलाधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्राम पंचायतों में स्थित शेष जर्जर विद्यालय भवनों का मूल्यांकन जल्द पूरा कराया जाए और नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जर्जर भवनों की नीलामी से पहले लाउडस्पीकर के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कराए जाने और सभी ग्राम पंचायत भवनों पर नीलामी संबंधी सूचना चस्पा किए जाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक लोगों को जानकारी मिल सके।  जिन विद्यालयों के जर्जर भवन टूट चुके हैं, वहां पढ़ने वाले बच्चों को कहां स्थानांतरित किया जाएगा और नए भवन के निर्माण की व्यवस्था किस स्थान पर होगी, इसकी रिपोर्ट भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
विद्युत कनेक्शन और स्वच्छता अभियान
जिलाधिकारी ने बताया कि 48 विद्यालयों में विद्युत कनेक्शन कराया जाना है और संबंधित अधिकारियों से विद्युत कनेक्शन से वंचित विद्यालयों की सूची उपलब्ध कराने को कहा।  सभी विद्यालय परिसरों में अभियान चलाकर साफ-सफाई कराने तथा पेयजल के लिए लगी पानी की टंकियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
दिव्यांग बच्चों की जानकारी और सोशल मीडिया निगरानी
जिलाधिकारी ने विद्यालयों में अध्ययनरत दिव्यांग बच्चों की जानकारी मांगी है।  अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि कितने दिव्यांग बच्चे हैं, कितने बच्चों के पास दिव्यांगता प्रमाण पत्र है और किन बच्चों को अभी तक आवश्यक उपकरण नहीं मिले हैं, इसकी सूची एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराई जाए।
सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक या गलत खबरों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।  गलत खबर प्रसारित करने वालों के खिलाफ नियमानुसार एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।
भोजन गुणवत्ता और शिक्षक उपस्थिति पर सख्ती
विद्यालयों में बनने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर सख्त निर्देश दिए गए हैं।  खाना बनाने वाले स्थान पर साफ-सफाई रखने तथा स्टील के बर्तनों में ही भोजन पकाने को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिदिन जांच कराने को कहा गया है।  लापरवाही मिलने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
सभी विद्यालयों में शिक्षकों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बाल वाटिका केंद्र और आंगनबाड़ी केंद्रों का विस्तार
जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे विद्यालयों की जांच करने के निर्देश दिए जो वर्तमान में खाली हैं, ताकि वहां बाल वाटिका केंद्र संचालित किए जा सकें।  जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया गया कि जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों पर आंगनबाड़ी केंद्र, बाल वाटिका केंद्र और बाल पेंटिंग के माध्यम से आकर्षक रूप से प्रदर्शित कराया जाए।
सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ) को आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित जांच कराने तथा यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि केंद्र समय से खुलें और बच्चों को बाल वाटिका की शिक्षा अनिवार्य रूप से दी जाए।  इसमें लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
बैठक में डीडीओ आनंद प्रकाश, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
Mirzapur: बाज़ार से अंडा खाकर घर जा रहे चाचा-भतीजे को ट्रक ने रौंदा, हुई मौत

मिर्ज़ापुर। यूपी के मिर्ज़ापुर के चील्ह थाना क्षेत्र में ट्रक के धक्के से पैदल जा रहे  चाचा-भतीजा गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस की मदद से आनन-फानन में दोनों को भदोही जनपद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान देर रात मौत हो गई। चाचा-भतीजे की मौत की ख़बर होते ही गांव और परिवार में कोहराम मच गया है।
चील्ह थाना क्षेत्र के सागरपुर गांव निवासी 30 वर्षीय सुनील यादव पुत्र मिश्रीलाल अपने भतीजे 05 वर्षीय अंकित पुत्र श्याम नारायण के साथ मंगलवार की रात तकरीबन 7:30 बजे सागरपुर स्थित एक दुकान से अंडा खाकर वापस अपने घर जा रहे थे कि मिर्जापुर-औराई मार्ग पर मिर्जापुर की तरफ से औराई की तरफ जा रहा तेज रफ्तार ट्रक ने दोनों लोगों को टक्कर मार दिया जिससे दोनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना को देख मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचे चौकी प्रभारी टेढ़वा अरविंद गुप्ता ने दोनों घायलों को भदोही जनपद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार चल रहा था। उधर दुर्घटना के बाद ट्रक चालक मौके पर ट्रक छोड़कर फरार हो गया था। पुलिस ने ट्रक को हिरासत में लेकर विधिक कार्यवाही में लगी थी। चौकी प्रभारी अरविंद गुप्ता ने बताया कि ट्रक के टक्कर से दो लोग घायल हो गए हैं जिन्हें उपचार हेतु भदोही के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है ट्रक को हिरासत में लेकर विधिक कार्यवाही की जा रही है। वहीं देर रात सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल चाचा भतीजा की उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने दोनो शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
शहीद वीर सपूत स्वर्गीय श्री आनंद प्रकाश तिवारी जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि
इसौली विधानसभा के नेवरा गांव, कुड़वार, सुल्तानपुर निवासी, सशस्त्र सीमा बल (SSB) के वीर जवान स्वर्गीय श्री आनंद प्रकाश तिवारी जी के रायपुर, छत्तीसगढ़ में राष्ट्र सेवा के दौरान सर्वोच्च बलिदान पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।

आज उनकी अंतिम यात्रा में सम्मिलित होकर तिरंगे में लिपटे उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किए और नम आंखों से उनकी पुण्य आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

मां भारती की सेवा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सपूत सदैव हम सभी के हृदय में अमर रहेंगे। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता रहेगा।

ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
संयुक्त कृषि निदेशक ने कादीपुर में योजनाओं का किया स्थलीय निरीक्षण, किसानों को दिए जरूरी निर्देश*
सुल्तानपुर,संयुक्त कृषि निदेशक, अयोध्या मण्डल अयोध्या द्वारा जनपद सुल्तानपुर के विकास खण्ड कादीपुर में विभागीय योजनाओं व कार्यक्रमों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अपर जिला कृषि अधिकारी सुल्तानपुर, सलाहकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन, तकनीकी सहायक व संबंधित किसान उपस्थित रहे। निरीक्षण में ग्राम बरवारीपुर में एकीकृत धान्य विकास योजना के तहत 10 हेक्टेयर लाइन से सीधी बुवाई प्रदर्शन देखा गया। किसान जितेन्द्र प्रताप सिंह व जैनेन्द्र प्रताप सिंह के 0.8 हेक्टेयर प्रदर्शन प्लॉट का निरीक्षण कर फसल की नियमित देखभाल व क्षेत्रीय कर्मचारियों से सलाह लेने के निर्देश दिए गए। वहीं ग्राम वरवारी के किसान राम लौट यादव के एक एकड़ तिल मिनीकिट प्रदर्शन का निरीक्षण किया गया, फसल अच्छी दशा में पाई गई। ग्राम नरोत्तमपुर में फार्मर रजिस्ट्री कैम्प का निरीक्षण किया गया, जहां 500 फार्मर रजिस्ट्री में से 353 पीएम किसान के लाभार्थी पाए गए। लेखपाल को शेष किसानों की फार्मर आईडी बनाकर सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा निजी बीज एवं कृषि रक्षा रसायन विक्रेता की दुकान का निरीक्षण कर पंजिका का अवलोकन किया गया, जिसे सही पाया गया। राजकीय कृषि बीज भण्डार एवं कृषि रक्षा इकाई कादीपुर के निरीक्षण के दौरान मौके पर उपस्थित 4 किसानों को तोरिया बीज मिनीकिट एवं लाइट ट्रैप का वितरण भी किया गया।
कपिल सिब्बल ने कहा दल-बदलुओं पर लगे 10 साल का बैन, प्रस्ताव का सीजेपी ने किया समर्थन

#10yearbanondefectionfiercedebateoverkapilsibalproposal

सीनियर वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने पैसे या दबाव के चलते राजीनीतिक पार्टी बदलने वाले विधायक और सांसदों पर 10 साल के बैन का प्रस्ताव रखा है। कपिल सिब्बल के प्रस्ताव पर घमासान तेज हो गया है। एक तरफ सिब्बल के इस प्रस्ताव का 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) ने समर्थन किया है।

क्या है कपिल सिब्बल का प्रस्ताव?

केरल के कोच्चि में 'हॉर्स ट्रेडिंग और लोकतंत्र' पर बोलते हुए सिब्बल ने संविधान की दसवीं अनुसूची में बदलाव की मांग की, ताकि पार्टियों का विलय बड़े पैमाने पर पार्टी छोड़ने का जरिया न बन सके। वरिष्ठ वकील ने बताया कि मौजूदा कानून के तहत, अगर किसी विधायी दल के दो-तिहाई सदस्य दूसरी पार्टी में चले जाते हैं, तो इसे विलय माना जाता है और दल-बदल के कारण उनकी सदस्यता रद नहीं होती।

दसवीं अनुसूची में संशोधन करने पर जोर

सिब्बल ने इस कमी को दूर करने के लिए दसवीं अनुसूची में संशोधन करने पर जोर दिया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि 'विलय का मतलब राजनीतिक पार्टियों का विलय हो, न कि विधायकों का सामूहिक रूप से पार्टी छोड़ना।'

सिब्बल के प्रस्ताव का सीजेपी ने किया स्वागत

सिब्बल के प्रस्ताव का कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने स्वागत किया है। सौरव दास ने एक्स पर पोस्ट कर वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल के उस प्रस्ताव का स्वागत किया, जिसमें पार्टी X के चुनाव चिह्न पर जीतने के बाद पैसे या दबाव में पार्टी Y में जाने वाले सांसदों और विधायकों पर 10 साल का प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है। दास ने लिखा कि सीजेपी के पहले मांग-पत्र के पांचवें बिंदु में भी यही मांग की गई थी, लेकिन इसमें और सख्त प्रावधान सुझाया गया था।

कुम्हार समाज की राजनीतिक भागीदारी और हक की हुंकार, 20 सितंबर को गया में जुटेंगे समाज के लोग, होगा महासम्मेलन एवं चुनाव का आयोजन

गया। बिहार कुम्हार (प्रजापति) समन्वय समिति, दक्षिणी क्षेत्र माडनपुर , गया जी के तत्वावधान में आगामी 20 सितंबर 2026, रविवार को प्रजापति धर्मशाला दडीबागा में महासम्मेलन एवं चुनाव का आयोजन किया जाएगा। सम्मेलन की शुरुआत सुबह 10 बजे उद्घाटन समारोह के साथ होगी। इसके बाद सचिव द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा तथा सुबह 11 बजे मुख्य अतिथियों एवं वक्ताओं का संबोधन होगा।

जिसको लेकर समाज के लोगों में जाकर जागरूकता अभियान चलाया गया और महासम्मेलन में शामिल होने के लिए लोगों से बढ़- चढ़कर शामिल होने की अपील भी की गई. समाज के सचिव डॉ0 सूरज देव चंद्रपाल ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि कुम्हार समाज को सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक एवं राजनीतिक रूप से जागरूक और मजबूत बनाने के उद्देश्य से लगातार संगठनात्मक प्रयास किए जा रहे हैं।

पंचायत से लेकर प्रखंड स्तर तक संगठन को मजबूत करने तथा समाज के उत्थान के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने पर जोर दिया गया है। समिति ने कहा कि जाति आधारित जनगणना रिपोर्ट-2022 के अनुसार बिहार में कुम्हार समाज की आबादी करीब 22 लाख बताई गई है, जो राज्य की कुल आबादी का लगभग 1.50 प्रतिशत है। इसके बावजूद समाज को राजनीतिक स्तर पर अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है। समिति का कहना है कि लोकसभा, विधानसभा और अन्य राजनीतिक संस्थाओं में कुम्हार समाज की पर्याप्त भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए।

महासम्मेलन में सरकार के समक्ष कई प्रमुख मांगें भी रखी जाएंगी। इनमें जनसंख्या के अनुपात में राजनीतिक हिस्सेदारी, कुम्हार समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करना, माटी कला बोर्ड की स्थापना, मिट्टी-बालू एवं जलावन को निःशुल्क मुहैया कराना तथा कुम्हारों को रोजगार बढ़ाने के लिए ऋण उपलब्ध कराना प्रमुख हैं। इसके अलावा बचे हुए कुम्हारों को बिजली चालित चाक उपलब्ध कराने के साथ ऋण देने की मांग भी उठाई जाएगी।

दोपहर 2 बजे से 2:30 बजे तक भोजन के बाद दोपहर 2:30 बजे से चुनाव कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। समिति ने प्रजापति समाज के लोगों से बड़ी संख्या में सम्मेलन में शामिल होकर इसे सफल बनाने की अपील की है। सम्मेलन का संदेश स्पष्ट है—“कुम्हारों का नारा भीख नहीं, हिस्सेदारी चाहिए; सत्ता में कुम्हारों की राजनीतिक भागीदारी चाहिए; एक ही लक्ष्य-कुम्हारों का सर्वांगीण विकास।”

अंसल होम बायर्स को बड़ी राहत: सुशांत गोल्फ सिटी को पूरा करेगा LDA

लखनऊ। अंसल प्रॉपर्टी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की सुशांत गोल्फ सिटी हाईटेक टाउनशिप में वर्षों से अपने आशियाने का इंतजार कर रहे हजारों होम बायर्स के लिए राहत की खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में इस परियोजना को पूरा करने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।

कैबिनेट की स्वीकृति के बाद अब एलडीए परियोजना को टेकओवर करने की दिशा में आगे बढ़ेगा। परियोजना को पूरा कराने के लिए प्रस्ताव राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (NCLT) के समक्ष रखा जाएगा। सरकार के इस फैसले से करीब 5,000 होम बायर्स के हितों की रक्षा होने और लंबे समय से अधूरे पड़े विकास कार्यों को पूरा कराने का रास्ता साफ हुआ है।

- वैध आवंटियों को मिलेंगे भूखंड और भवन

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के मुताबिक, प्राधिकरण के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। अब NCLT में परियोजना को पूरा करने संबंधी प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा। जिन खरीदारों के पक्ष में अंसल की ओर से रजिस्ट्री की जा चुकी है या जो नियमानुसार वैध आवंटी हैं, उन्हें नियमों के तहत भूखंड अथवा भवन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इससे उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से अपने घर या भूखंड के लिए इंतजार कर रहे हैं। साथ ही टाउनशिप में सड़क, पानी, सीवर, ड्रेनेज, पार्क और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं को पूरा कराया जा सकेगा।

- परियोजना पर हजारों करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित

एलडीए के प्रारंभिक आकलन के अनुसार परियोजना की अधिकतम संभावित देनदारी करीब 2,912 करोड़ रुपये है। वास्तविक देनदारी का निर्धारण अंतरिम रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (IRP) की प्रक्रिया के माध्यम से होगा। देनदारियों के भुगतान के लिए आवश्यक धनराशि एलडीए को सीड कैपिटल के तौर पर उपलब्ध कराई जाएगी। प्राधिकरण के अनुसार टाउनशिप के अधूरे विकास कार्यों, निवेशकों की देनदारियों के निस्तारण और अन्य जरूरी कार्यों को मिलाकर कुल खर्च करीब 5,000 करोड़ रुपये तक अनुमानित है। बाद में नए भूखंडों की बिक्री और परियोजना से होने वाली अन्य आय के माध्यम से शासन से उपलब्ध कराई गई धनराशि की भरपाई की जाएगी।

- 164 हेक्टेयर जमीन बेचने का भी सामने आया मामला

अंसल टाउनशिप में अनियमितताओं की जांच के लिए लखनऊ मंडलायुक्त की अध्यक्षता में समिति गठित की गई थी। जांच में शासकीय विभागों और होम बायर्स से जुड़े कई मामलों के अलावा जमीन की बिक्री में भी अनियमितताओं का उल्लेख किया गया।जांच के अनुसार ग्राम समाज और नगर निगम की करीब 164 हेक्टेयर भूमि को बेचने का मामला सामने आया। इसके अलावा कंसोर्टियम की जमीन से संबंधित अनियमितताओं का भी उल्लेख किया गया है। इन मामलों को लेकर एलडीए की ओर से अंसल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है।

- एलडीए में बंधक 3,489 भूखंडों में 2,747 की बिक्री का आरोप

टाउनशिप की शर्तों के तहत अंसल ने एलडीए के पास गारंटी के रूप में 3,489 भूखंड बंधक रखे थे। व्यवस्था यह थी कि यदि कंपनी टाउनशिप का विकास पूरा नहीं करती है तो प्राधिकरण इन भूखंडों की बिक्री से प्राप्त राशि का इस्तेमाल विकास कार्यों के लिए कर सकता है। जांच में आरोप सामने आया कि इनमें से 2,747 भूखंडों को बेच दिया गया। इन अनियमितताओं के सामने आने के बाद प्राधिकरण ने अंसल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की।

- एक भी प्रस्तावित सब स्टेशन नहीं बन सका

सुशांत गोल्फ सिटी में बिजली आपूर्ति के लिए 440 केवीए और 220 केवीए समेत विभिन्न सब स्टेशन प्रस्तावित थे, लेकिन इनमें से किसी का निर्माण पूरा नहीं हो सका। करीब 50 किलोमीटर का सड़क नेटवर्क भी अधूरा बताया गया है। इसके अलावा नलकूप, पेयजल पाइपलाइन, सीवर लाइन, पार्क और ड्रेनेज सिस्टम से जुड़े कई कार्य लंबित हैं। परियोजना के टेकओवर के बाद इन कार्यों को पूरा कराने की जिम्मेदारी एलडीए की होगी।

- अधूरे विकास कार्यों पर 2,216.91 करोड़ रुपये खर्च होंगे

एलडीए के आकलन के मुताबिक टाउनशिप में लंबित विकास कार्यों को पूरा कराने के लिए करीब 2,216.91 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी।

- पॉकेट-1 से पॉकेट-4 में आधारभूत सुविधाओं पर करीब 453.10 करोड़ रुपये

- पॉकेट-5 के विकास पर करीब 1,126.52 करोड़ रुपये

- रेलवे ओवरब्रिज के शेष कार्यों पर करीब 114.28 करोड़ रुपये

- सब स्टेशन निर्माण पर करीब 523 करोड़ रुपये

इसमें सड़क, सीवरेज, पेयजल, ड्रेनेज, बिजली और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं।

- 2005 में मिली थी टाउनशिप विकसित करने की मंजूरी

अंसल हाईटेक टाउनशिप परियोजना की शुरुआत वर्ष 2005 में हुई थी। शासन ने 25 मई 2005 को हाईटेक टाउनशिप नीति के तहत अंसल प्रॉपर्टी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को लखनऊ में टाउनशिप विकसित करने का लाइसेंस जारी किया था। 22 मई 2006 को कंपनी की ओर से प्रस्तुत 1,765 एकड़ के डीपीआर को मंजूरी मिली। वर्ष 2009 में क्षेत्रफल बढ़ाकर 3,530 एकड़ किया गया और 2010 में इसके लिए डीपीआर स्वीकृत हुआ। दिसंबर 2013 में 2,935 एकड़ के अतिरिक्त विस्तार को मंजूरी मिलने के बाद प्रस्तावित टाउनशिप का कुल क्षेत्रफल 6,465 एकड़ हो गया। मई 2015 में 6,465 एकड़ के डीपीआर को मंजूरी दी गई। सितंबर 2015 में फेज-1 से फेज-4 के लिए 2,571.15 एकड़ का अंतिम लेआउट स्वीकृत हुआ, जबकि अगस्त 2016 में फेज-5 के लिए 958.85 एकड़ का लेआउट स्वीकृत किया गया। अप्रैल 2023 में कंपनी की ओर से 4,689.79 एकड़ क्षेत्रफल का नया डीपीआर प्रस्तुत किया गया, जिसे प्राधिकरण बोर्ड ने अनुमोदित किया था।

- दिवालिया प्रक्रिया के बीच एलडीए ने रखा अपना पक्ष

परियोजना में अनियमितताओं की जांच के लिए एलडीए ने फोरेंसिक ऑडिटर की नियुक्ति भी की थी। इसी दौरान NCLT में अंसल के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया शुरू हुई। एलडीए को पक्षकार बनाए बिना प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने पर प्राधिकरण ने संबंधित मंचों पर अपना पक्ष रखा। एलडीए ने अंतरिम रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (IRP) के समक्ष अपने हितों और देयों से संबंधित करीब 4,490 करोड़ रुपये का दावा प्रस्तुत किया। इसके साथ ही सुशांत गोल्फ सिटी थाने में अंसल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। प्राधिकरण ने मामले को राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय अधिकरण (NCLAT) के समक्ष भी उठाया। उपलब्ध विवरण के अनुसार NCLAT ने एलडीए को आवश्यक पक्षकार माना और टाउनशिप को पूरा करने के संबंध में शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही रिजॉल्यूशन प्रक्रिया को लखनऊ की परियोजना तक सीमित किया गया।

फरवरी 2026 में IL&FS की ओर से NCLT की प्रक्रिया के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की गई थी। अप्रैल 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए संबंधित पक्ष को NCLT के समक्ष अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए। अब प्रदेश कैबिनेट से एलडीए के टेकओवर प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद सुशांत गोल्फ सिटी के अधूरे विकास कार्यों और वैध होम बायर्स के हितों से जुड़े मामलों को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी।

- टाउनशिप में अनियमित्ताओं पर अंसल के खिलाफ दर्ज करायी गयी है एफआईआर

मेसर्स अंसल प्रॉपर्टी इन्फ्रास्ट्रक्चर द्वारा हजारों होम बायर्स के अतिरिक्त विभिन्न शासकीय विभागों के साथ भी धोखाधडी एवं अनियमित्ताएं की गयीं। जांच में सामने आया कि अंसल ने ग्राम समाज और नगर निगम की लगभग 164 हेक्टेयर भूमि तक बेच डाली। इतना ही नहीं, अंसल ने कंसोर्टियम की भी जमीन फर्जीवाड़ा करके बेच डाली।

मेसर्स असंल ने एलडीए में गारंटी के तौर पर कुल 3489 भूखण्ड बंधक रखे थे। टाउनशिप की शर्तों के अनुसार यह भूखण्ड इसलिए बंधक रखे गए थे कि अगर अंसल इसका विकास नहीं कराएगा तो प्राधिकरण इन जमीनों को बेचकर कालोनी का विकास कराएगा। लेकिन, अंसल ने इममें से 2747 भूखण्डों को बेच दिया। जांच में ये तमाम अनियमित्ताएं सामने आने पर एलडीए द्वारा मेसर्स अंसल के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करायी गयी है।

- अंसल हाईटेक टाउनशिप परियोजना- टाइमलाइन

दिनांक - 25 मई, 2005 को शासन द्वारा हाईटेक टाउनशिप नीति के अंतर्गत मेसर्स अंसल प्रॉपर्टी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को लखनऊ में टाउनशिप विकसित करने हेतु लाइसेंस जारी किया गया।

दिनांक-22 मई, 2006 को मेसर्स अंसल द्वारा प्रस्तुत किये गये 1765 एकड़ के डीपीआर को स्वीकृत किया गया।

दिनांक-03 जून, 2009 को क्षेत्रफल 1765 एकड़ से बढ़ाकर 3530 एकड़ करने की स्वीकृति दी गयी।

दिनांक-18 मई, 2010 को 3530 एकड़ हेतु डीपीआर स्वीकृत किया गया।

दिनांक-13 दिसम्बर, 2013 को अतिरिक्त 2,935 एकड़ क्षेत्रफल के दूसरे विस्तार की स्वीकृति दी गई, जिससे टाउनशिप का कुल क्षेत्रफल 6,465 एकड़ हो गया।

दिनांक-23 मई, 2015 को 6,465 एकड़ क्षेत्रफल का डीपीआर स्वीकृत किया गया।

दिनांक-22 सितम्बर, 2015 को फेज-1 से फेज-4 हेतु 2,571.15 एकड़ क्षेत्रफल का अंतिम ले-आउट स्वीकृत किया गया।

दिनांक-19 अगस्त, 2016 को फेज-5 हेतु 958.85 एकड़ क्षेत्रफल का ले-आउट स्वीकृत हुआ। इस प्रकार फेज-1 से फेज-5 तक कुल क्षेत्रफल 3,530 एकड़ रहा।

दिनांक-2 नवम्बर, 2021 को उच्च स्तरीय समिति की बैठक में मेसर्स अंसल द्वारा प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया।

दिनांक-13 अप्रैल, 2023 को मेसर्स अंसल द्वारा 4,689.79 एकड़ क्षेत्रफल का डीपीआर प्रस्तुत किया गया, जिसे प्राधिकरण बोर्ड द्वारा अनुमोदित किया गया।

लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा टाउनशिप में अनियमित्ताओं की जांच हेतु फोरेंसिक ऑडिटर की नियुक्ति की गयी। इस बीच राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (एनसीएलटी) द्वारा एलडीए को पक्षकार बनाये बिना अंसल को दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गयी।

लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा आईआरपी के समक्ष अपने हितों एवं देयों से सम्बंधित 4490 करोड़ रूपये का दावा प्रस्तुत किया गया। साथ ही मेसर्स अंसल के खिलाफ सुशांत गोल्फ सिटी थाने में एफआईआर दर्ज करायी गयी।

लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा इस प्रकरण में राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय अधिकरण (एनसीएलएटी) के समक्ष अपील की गयी और मजबूती से अपना पक्ष रखा गया। एनसीएलएटी ने अपने आदेश में प्राधिकरण को आवश्यक पक्षकार माना तथा टाउनशिप पूर्ण करने के सम्बंध शपथ पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए गए। साथ ही एनसीएलएटी द्वारा रेजुलेशन प्रक्रिया को मात्र लखनऊ की परियोजना तक सीमित कर दिया गया।

दिनांक-23 फरवरी, 2026 को आईएलएफएस द्वारा एनसीएलटी के नियमों के विरूद्ध सर्वाेच्च न्यायालय में अपील दाखिल की गयी। दिनांक-16 अप्रैल, 2026 को सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा अपील/याचिका खारिज करते हुए एलएनएलटी में अपना पक्ष रखने के निर्देश दिये गये।

Mirzapur: बाज़ार से अंडा खाकर घर जा रहे चाचा-भतीजे को ट्रक ने रौंदा, हुई मौत

मिर्ज़ापुर। यूपी के मिर्ज़ापुर के चील्ह थाना क्षेत्र में ट्रक के धक्के से पैदल जा रहे  चाचा-भतीजा गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस की मदद से आनन-फानन में दोनों को भदोही जनपद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान देर रात मौत हो गई। चाचा-भतीजे की मौत की ख़बर होते ही गांव और परिवार में कोहराम मच गया है।
चील्ह थाना क्षेत्र के सागरपुर गांव निवासी 30 वर्षीय सुनील यादव पुत्र मिश्रीलाल अपने भतीजे 05 वर्षीय अंकित पुत्र श्याम नारायण के साथ मंगलवार की रात तकरीबन 7:30 बजे सागरपुर स्थित एक दुकान से अंडा खाकर वापस अपने घर जा रहे थे कि मिर्जापुर-औराई मार्ग पर मिर्जापुर की तरफ से औराई की तरफ जा रहा तेज रफ्तार ट्रक ने दोनों लोगों को टक्कर मार दिया जिससे दोनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना को देख मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचे चौकी प्रभारी टेढ़वा अरविंद गुप्ता ने दोनों घायलों को भदोही जनपद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार चल रहा था। उधर दुर्घटना के बाद ट्रक चालक मौके पर ट्रक छोड़कर फरार हो गया था। पुलिस ने ट्रक को हिरासत में लेकर विधिक कार्यवाही में लगी थी। चौकी प्रभारी अरविंद गुप्ता ने बताया कि ट्रक के टक्कर से दो लोग घायल हो गए हैं जिन्हें उपचार हेतु भदोही के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है ट्रक को हिरासत में लेकर विधिक कार्यवाही की जा रही है। वहीं देर रात सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल चाचा भतीजा की उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने दोनो शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
विदुर प्रसंग ने श्रद्धालुओं को दिया सत्य और धर्म का संदेश*

सुलतानपुर-स्थानीय सिविल लाइन गोलाघाट स्थित डॉ. विनोद कुमार सिंह के आवास पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। काशी से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक एवं ज्योतिषाचार्य डॉ. प्रभाकर पाण्डेय ने व्यासपीठ से श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराया।
द्वितीय दिवस कथा में विदुर जी के प्रसंग का वर्णन करते हुए कथावाचक डॅा.पाण्डेय जी ने कहा कि विदुर जी सत्य,धर्म,नीति और विवेक के प्रतीक थे।उन्होंने सदैव अन्याय का विरोध करते हुए धर्म का साथ दिया।विदुर प्रसंग हमें सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी मनुष्य को सत्य और धर्म का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए।भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा और निष्काम भाव से किया गया कर्म ही जीवन को सार्थक बनाता है।कथा में मुख्य रूप से वरिष्ठ भाजपा नेता डा.डी.एस.मिश्र,अरुण द्विवेदी,पूर्व प्राचार्य डॅा.के.पी.द्विवेदी,प्रो.विनायक कुमार तिवारी,अखण्ड प्रताप सिंह,कुमार अमन,कुमार नमन,वैभव रघुवंशी,डॅा.कुंवर दिनकरप्रतापसिंह,यश,एस.के.खरे,श्रीमती ज्योति सिंह,श्रीमती साधना सिंह,श्रीमती ऊषा सिंह सहित सैकडों महिला - पुरूष उपस्थित रहे।
कथा का आयोजन प्रतिदिन सायंकाल 4 बजे से रात्रि 8 बजे तक हो रहा है।दूसरे दिन की कथा का विश्राम आरती के साथ हुआ।कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
घंटाघर मैदान में रातभर गूंजी कजली, रानी सिंह और खोखा मिर्जापुरी ने बांधा समां
*कजली महोत्सव में कलाकारों की प्रस्तुतियों पर झूमे श्रोता, मुख्य अतिथि मनोज श्रीवास्तव ने कहा- जिले की माटी की यह लोकविधा विदेशों तक पहुंची


मिर्जापुर। नगर के घंटाघर मैदान में मंगलवार की रात कजली के सुरों से गुलजार रही। भादों माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर लोक संगीत प्रचारिणी समिति के तत्वावधान में कजली महोत्सव का आयोजन किया गया। देर रात तक चले कार्यक्रम में लोक कलाकारों ने कजली की पारंपरिक प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मैदान में मौजूद लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रवादी मंच के अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव ने कजली कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मिर्जापुर की पहचान केवल प्राकृतिक और धार्मिक विरासत से ही नहीं, बल्कि समृद्ध लोक संस्कृति से भी है। जिले की माटी में पैदा हुई कजली आज देश की सीमाओं को पार कर विदेशों में भी गाई और सुनी जा रही है। यह मिर्जापुर के लिए गौरव की बात है।
उन्होंने कहा कि कजली को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने और इसकी मौलिकता को कायम रखने वाले लोक कलाकार हमारी सांस्कृतिक विरासत के सच्चे संवाहक हैं। बदलते दौर में लोक विधाओं को जीवित रखने के लिए ऐसे आयोजनों की निरंतरता जरूरी है। कलाकारों और आयोजकों को कजली जैसी लोक परंपरा को सहेजने के लिए बधाई दी।
महोत्सव में लोक गायिका रानी सिंह, खोखा मिर्जापुरी समेत तमाम कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों ने पारंपरिक कजली के साथ लोक संस्कृति से जुड़े गीतों की प्रस्तुति देकर माहौल को पूरी तरह कजलीमय कर दिया। कजली के सुरों के साथ श्रोता देर रात तक कार्यक्रम का आनंद लेते रहे। कलाकारों की एक के बाद एक प्रस्तुतियों ने लोगों को बांधे रखा।
आयोजकों ने कहा कि भादों माह में कजली का विशेष महत्व है। मिर्जापुर की कजली की अपनी अलग गायकी, भाषा और भाव-भंगिमा है, जिसके कारण इसकी पहचान देश-विदेश तक बनी है। महोत्सव का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति से जोड़ना और कजली की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाना है। कार्यक्रम के दौरान कलाकारों और अतिथियों का स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में लोग कजली महोत्सव सुनने के लिए घंटाघर मैदान पहुंचे।
जिलाधिकारी की समीक्षा: जर्जर स्कूलों पर सख्ती, बाल वाटिका और आंगनबाड़ी में सुधार के निर्देश

संजीव सिंह बलिया! जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में प्राथमिक विद्यालयों में बाल वाटिका केंद्रों के संचालन और आंगनबाड़ी केंद्रों में हॉट कुक्ड मील योजना की समीक्षा बैठक की।  बैठक में शिक्षा और बाल विकास विभाग के अधिकारियों को व्यवस्थाओं में सुधार और योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए कड़े निर्देश दिए गए।
जर्जर विद्यालय भवनों का मूल्यांकन और ध्वस्तीकरण
जिले में कुल 517 विद्यालय भवन जर्जर पाए गए हैं, जिनमें से 503 भवनों का मूल्यांकन पहले ही कराया जा चुका है।  जिलाधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्राम पंचायतों में स्थित शेष जर्जर विद्यालय भवनों का मूल्यांकन जल्द पूरा कराया जाए और नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जर्जर भवनों की नीलामी से पहले लाउडस्पीकर के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कराए जाने और सभी ग्राम पंचायत भवनों पर नीलामी संबंधी सूचना चस्पा किए जाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक लोगों को जानकारी मिल सके।  जिन विद्यालयों के जर्जर भवन टूट चुके हैं, वहां पढ़ने वाले बच्चों को कहां स्थानांतरित किया जाएगा और नए भवन के निर्माण की व्यवस्था किस स्थान पर होगी, इसकी रिपोर्ट भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
विद्युत कनेक्शन और स्वच्छता अभियान
जिलाधिकारी ने बताया कि 48 विद्यालयों में विद्युत कनेक्शन कराया जाना है और संबंधित अधिकारियों से विद्युत कनेक्शन से वंचित विद्यालयों की सूची उपलब्ध कराने को कहा।  सभी विद्यालय परिसरों में अभियान चलाकर साफ-सफाई कराने तथा पेयजल के लिए लगी पानी की टंकियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
दिव्यांग बच्चों की जानकारी और सोशल मीडिया निगरानी
जिलाधिकारी ने विद्यालयों में अध्ययनरत दिव्यांग बच्चों की जानकारी मांगी है।  अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि कितने दिव्यांग बच्चे हैं, कितने बच्चों के पास दिव्यांगता प्रमाण पत्र है और किन बच्चों को अभी तक आवश्यक उपकरण नहीं मिले हैं, इसकी सूची एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराई जाए।
सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक या गलत खबरों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।  गलत खबर प्रसारित करने वालों के खिलाफ नियमानुसार एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।
भोजन गुणवत्ता और शिक्षक उपस्थिति पर सख्ती
विद्यालयों में बनने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर सख्त निर्देश दिए गए हैं।  खाना बनाने वाले स्थान पर साफ-सफाई रखने तथा स्टील के बर्तनों में ही भोजन पकाने को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिदिन जांच कराने को कहा गया है।  लापरवाही मिलने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
सभी विद्यालयों में शिक्षकों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बाल वाटिका केंद्र और आंगनबाड़ी केंद्रों का विस्तार
जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे विद्यालयों की जांच करने के निर्देश दिए जो वर्तमान में खाली हैं, ताकि वहां बाल वाटिका केंद्र संचालित किए जा सकें।  जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया गया कि जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों पर आंगनबाड़ी केंद्र, बाल वाटिका केंद्र और बाल पेंटिंग के माध्यम से आकर्षक रूप से प्रदर्शित कराया जाए।
सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ) को आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित जांच कराने तथा यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि केंद्र समय से खुलें और बच्चों को बाल वाटिका की शिक्षा अनिवार्य रूप से दी जाए।  इसमें लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
बैठक में डीडीओ आनंद प्रकाश, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
Mirzapur: बाज़ार से अंडा खाकर घर जा रहे चाचा-भतीजे को ट्रक ने रौंदा, हुई मौत

मिर्ज़ापुर। यूपी के मिर्ज़ापुर के चील्ह थाना क्षेत्र में ट्रक के धक्के से पैदल जा रहे  चाचा-भतीजा गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस की मदद से आनन-फानन में दोनों को भदोही जनपद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान देर रात मौत हो गई। चाचा-भतीजे की मौत की ख़बर होते ही गांव और परिवार में कोहराम मच गया है।
चील्ह थाना क्षेत्र के सागरपुर गांव निवासी 30 वर्षीय सुनील यादव पुत्र मिश्रीलाल अपने भतीजे 05 वर्षीय अंकित पुत्र श्याम नारायण के साथ मंगलवार की रात तकरीबन 7:30 बजे सागरपुर स्थित एक दुकान से अंडा खाकर वापस अपने घर जा रहे थे कि मिर्जापुर-औराई मार्ग पर मिर्जापुर की तरफ से औराई की तरफ जा रहा तेज रफ्तार ट्रक ने दोनों लोगों को टक्कर मार दिया जिससे दोनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना को देख मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचे चौकी प्रभारी टेढ़वा अरविंद गुप्ता ने दोनों घायलों को भदोही जनपद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार चल रहा था। उधर दुर्घटना के बाद ट्रक चालक मौके पर ट्रक छोड़कर फरार हो गया था। पुलिस ने ट्रक को हिरासत में लेकर विधिक कार्यवाही में लगी थी। चौकी प्रभारी अरविंद गुप्ता ने बताया कि ट्रक के टक्कर से दो लोग घायल हो गए हैं जिन्हें उपचार हेतु भदोही के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है ट्रक को हिरासत में लेकर विधिक कार्यवाही की जा रही है। वहीं देर रात सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल चाचा भतीजा की उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने दोनो शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
शहीद वीर सपूत स्वर्गीय श्री आनंद प्रकाश तिवारी जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि
इसौली विधानसभा के नेवरा गांव, कुड़वार, सुल्तानपुर निवासी, सशस्त्र सीमा बल (SSB) के वीर जवान स्वर्गीय श्री आनंद प्रकाश तिवारी जी के रायपुर, छत्तीसगढ़ में राष्ट्र सेवा के दौरान सर्वोच्च बलिदान पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।

आज उनकी अंतिम यात्रा में सम्मिलित होकर तिरंगे में लिपटे उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किए और नम आंखों से उनकी पुण्य आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

मां भारती की सेवा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सपूत सदैव हम सभी के हृदय में अमर रहेंगे। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता रहेगा।

ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
संयुक्त कृषि निदेशक ने कादीपुर में योजनाओं का किया स्थलीय निरीक्षण, किसानों को दिए जरूरी निर्देश*
सुल्तानपुर,संयुक्त कृषि निदेशक, अयोध्या मण्डल अयोध्या द्वारा जनपद सुल्तानपुर के विकास खण्ड कादीपुर में विभागीय योजनाओं व कार्यक्रमों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अपर जिला कृषि अधिकारी सुल्तानपुर, सलाहकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन, तकनीकी सहायक व संबंधित किसान उपस्थित रहे। निरीक्षण में ग्राम बरवारीपुर में एकीकृत धान्य विकास योजना के तहत 10 हेक्टेयर लाइन से सीधी बुवाई प्रदर्शन देखा गया। किसान जितेन्द्र प्रताप सिंह व जैनेन्द्र प्रताप सिंह के 0.8 हेक्टेयर प्रदर्शन प्लॉट का निरीक्षण कर फसल की नियमित देखभाल व क्षेत्रीय कर्मचारियों से सलाह लेने के निर्देश दिए गए। वहीं ग्राम वरवारी के किसान राम लौट यादव के एक एकड़ तिल मिनीकिट प्रदर्शन का निरीक्षण किया गया, फसल अच्छी दशा में पाई गई। ग्राम नरोत्तमपुर में फार्मर रजिस्ट्री कैम्प का निरीक्षण किया गया, जहां 500 फार्मर रजिस्ट्री में से 353 पीएम किसान के लाभार्थी पाए गए। लेखपाल को शेष किसानों की फार्मर आईडी बनाकर सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा निजी बीज एवं कृषि रक्षा रसायन विक्रेता की दुकान का निरीक्षण कर पंजिका का अवलोकन किया गया, जिसे सही पाया गया। राजकीय कृषि बीज भण्डार एवं कृषि रक्षा इकाई कादीपुर के निरीक्षण के दौरान मौके पर उपस्थित 4 किसानों को तोरिया बीज मिनीकिट एवं लाइट ट्रैप का वितरण भी किया गया।
कपिल सिब्बल ने कहा दल-बदलुओं पर लगे 10 साल का बैन, प्रस्ताव का सीजेपी ने किया समर्थन

#10yearbanondefectionfiercedebateoverkapilsibalproposal

सीनियर वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने पैसे या दबाव के चलते राजीनीतिक पार्टी बदलने वाले विधायक और सांसदों पर 10 साल के बैन का प्रस्ताव रखा है। कपिल सिब्बल के प्रस्ताव पर घमासान तेज हो गया है। एक तरफ सिब्बल के इस प्रस्ताव का 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) ने समर्थन किया है।

क्या है कपिल सिब्बल का प्रस्ताव?

केरल के कोच्चि में 'हॉर्स ट्रेडिंग और लोकतंत्र' पर बोलते हुए सिब्बल ने संविधान की दसवीं अनुसूची में बदलाव की मांग की, ताकि पार्टियों का विलय बड़े पैमाने पर पार्टी छोड़ने का जरिया न बन सके। वरिष्ठ वकील ने बताया कि मौजूदा कानून के तहत, अगर किसी विधायी दल के दो-तिहाई सदस्य दूसरी पार्टी में चले जाते हैं, तो इसे विलय माना जाता है और दल-बदल के कारण उनकी सदस्यता रद नहीं होती।

दसवीं अनुसूची में संशोधन करने पर जोर

सिब्बल ने इस कमी को दूर करने के लिए दसवीं अनुसूची में संशोधन करने पर जोर दिया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि 'विलय का मतलब राजनीतिक पार्टियों का विलय हो, न कि विधायकों का सामूहिक रूप से पार्टी छोड़ना।'

सिब्बल के प्रस्ताव का सीजेपी ने किया स्वागत

सिब्बल के प्रस्ताव का कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने स्वागत किया है। सौरव दास ने एक्स पर पोस्ट कर वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल के उस प्रस्ताव का स्वागत किया, जिसमें पार्टी X के चुनाव चिह्न पर जीतने के बाद पैसे या दबाव में पार्टी Y में जाने वाले सांसदों और विधायकों पर 10 साल का प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है। दास ने लिखा कि सीजेपी के पहले मांग-पत्र के पांचवें बिंदु में भी यही मांग की गई थी, लेकिन इसमें और सख्त प्रावधान सुझाया गया था।

कुम्हार समाज की राजनीतिक भागीदारी और हक की हुंकार, 20 सितंबर को गया में जुटेंगे समाज के लोग, होगा महासम्मेलन एवं चुनाव का आयोजन

गया। बिहार कुम्हार (प्रजापति) समन्वय समिति, दक्षिणी क्षेत्र माडनपुर , गया जी के तत्वावधान में आगामी 20 सितंबर 2026, रविवार को प्रजापति धर्मशाला दडीबागा में महासम्मेलन एवं चुनाव का आयोजन किया जाएगा। सम्मेलन की शुरुआत सुबह 10 बजे उद्घाटन समारोह के साथ होगी। इसके बाद सचिव द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा तथा सुबह 11 बजे मुख्य अतिथियों एवं वक्ताओं का संबोधन होगा।

जिसको लेकर समाज के लोगों में जाकर जागरूकता अभियान चलाया गया और महासम्मेलन में शामिल होने के लिए लोगों से बढ़- चढ़कर शामिल होने की अपील भी की गई. समाज के सचिव डॉ0 सूरज देव चंद्रपाल ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि कुम्हार समाज को सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक एवं राजनीतिक रूप से जागरूक और मजबूत बनाने के उद्देश्य से लगातार संगठनात्मक प्रयास किए जा रहे हैं।

पंचायत से लेकर प्रखंड स्तर तक संगठन को मजबूत करने तथा समाज के उत्थान के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने पर जोर दिया गया है। समिति ने कहा कि जाति आधारित जनगणना रिपोर्ट-2022 के अनुसार बिहार में कुम्हार समाज की आबादी करीब 22 लाख बताई गई है, जो राज्य की कुल आबादी का लगभग 1.50 प्रतिशत है। इसके बावजूद समाज को राजनीतिक स्तर पर अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है। समिति का कहना है कि लोकसभा, विधानसभा और अन्य राजनीतिक संस्थाओं में कुम्हार समाज की पर्याप्त भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए।

महासम्मेलन में सरकार के समक्ष कई प्रमुख मांगें भी रखी जाएंगी। इनमें जनसंख्या के अनुपात में राजनीतिक हिस्सेदारी, कुम्हार समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करना, माटी कला बोर्ड की स्थापना, मिट्टी-बालू एवं जलावन को निःशुल्क मुहैया कराना तथा कुम्हारों को रोजगार बढ़ाने के लिए ऋण उपलब्ध कराना प्रमुख हैं। इसके अलावा बचे हुए कुम्हारों को बिजली चालित चाक उपलब्ध कराने के साथ ऋण देने की मांग भी उठाई जाएगी।

दोपहर 2 बजे से 2:30 बजे तक भोजन के बाद दोपहर 2:30 बजे से चुनाव कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। समिति ने प्रजापति समाज के लोगों से बड़ी संख्या में सम्मेलन में शामिल होकर इसे सफल बनाने की अपील की है। सम्मेलन का संदेश स्पष्ट है—“कुम्हारों का नारा भीख नहीं, हिस्सेदारी चाहिए; सत्ता में कुम्हारों की राजनीतिक भागीदारी चाहिए; एक ही लक्ष्य-कुम्हारों का सर्वांगीण विकास।”

अंसल होम बायर्स को बड़ी राहत: सुशांत गोल्फ सिटी को पूरा करेगा LDA

लखनऊ। अंसल प्रॉपर्टी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की सुशांत गोल्फ सिटी हाईटेक टाउनशिप में वर्षों से अपने आशियाने का इंतजार कर रहे हजारों होम बायर्स के लिए राहत की खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में इस परियोजना को पूरा करने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।

कैबिनेट की स्वीकृति के बाद अब एलडीए परियोजना को टेकओवर करने की दिशा में आगे बढ़ेगा। परियोजना को पूरा कराने के लिए प्रस्ताव राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (NCLT) के समक्ष रखा जाएगा। सरकार के इस फैसले से करीब 5,000 होम बायर्स के हितों की रक्षा होने और लंबे समय से अधूरे पड़े विकास कार्यों को पूरा कराने का रास्ता साफ हुआ है।

- वैध आवंटियों को मिलेंगे भूखंड और भवन

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के मुताबिक, प्राधिकरण के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। अब NCLT में परियोजना को पूरा करने संबंधी प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा। जिन खरीदारों के पक्ष में अंसल की ओर से रजिस्ट्री की जा चुकी है या जो नियमानुसार वैध आवंटी हैं, उन्हें नियमों के तहत भूखंड अथवा भवन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इससे उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से अपने घर या भूखंड के लिए इंतजार कर रहे हैं। साथ ही टाउनशिप में सड़क, पानी, सीवर, ड्रेनेज, पार्क और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं को पूरा कराया जा सकेगा।

- परियोजना पर हजारों करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित

एलडीए के प्रारंभिक आकलन के अनुसार परियोजना की अधिकतम संभावित देनदारी करीब 2,912 करोड़ रुपये है। वास्तविक देनदारी का निर्धारण अंतरिम रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (IRP) की प्रक्रिया के माध्यम से होगा। देनदारियों के भुगतान के लिए आवश्यक धनराशि एलडीए को सीड कैपिटल के तौर पर उपलब्ध कराई जाएगी। प्राधिकरण के अनुसार टाउनशिप के अधूरे विकास कार्यों, निवेशकों की देनदारियों के निस्तारण और अन्य जरूरी कार्यों को मिलाकर कुल खर्च करीब 5,000 करोड़ रुपये तक अनुमानित है। बाद में नए भूखंडों की बिक्री और परियोजना से होने वाली अन्य आय के माध्यम से शासन से उपलब्ध कराई गई धनराशि की भरपाई की जाएगी।

- 164 हेक्टेयर जमीन बेचने का भी सामने आया मामला

अंसल टाउनशिप में अनियमितताओं की जांच के लिए लखनऊ मंडलायुक्त की अध्यक्षता में समिति गठित की गई थी। जांच में शासकीय विभागों और होम बायर्स से जुड़े कई मामलों के अलावा जमीन की बिक्री में भी अनियमितताओं का उल्लेख किया गया।जांच के अनुसार ग्राम समाज और नगर निगम की करीब 164 हेक्टेयर भूमि को बेचने का मामला सामने आया। इसके अलावा कंसोर्टियम की जमीन से संबंधित अनियमितताओं का भी उल्लेख किया गया है। इन मामलों को लेकर एलडीए की ओर से अंसल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है।

- एलडीए में बंधक 3,489 भूखंडों में 2,747 की बिक्री का आरोप

टाउनशिप की शर्तों के तहत अंसल ने एलडीए के पास गारंटी के रूप में 3,489 भूखंड बंधक रखे थे। व्यवस्था यह थी कि यदि कंपनी टाउनशिप का विकास पूरा नहीं करती है तो प्राधिकरण इन भूखंडों की बिक्री से प्राप्त राशि का इस्तेमाल विकास कार्यों के लिए कर सकता है। जांच में आरोप सामने आया कि इनमें से 2,747 भूखंडों को बेच दिया गया। इन अनियमितताओं के सामने आने के बाद प्राधिकरण ने अंसल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की।

- एक भी प्रस्तावित सब स्टेशन नहीं बन सका

सुशांत गोल्फ सिटी में बिजली आपूर्ति के लिए 440 केवीए और 220 केवीए समेत विभिन्न सब स्टेशन प्रस्तावित थे, लेकिन इनमें से किसी का निर्माण पूरा नहीं हो सका। करीब 50 किलोमीटर का सड़क नेटवर्क भी अधूरा बताया गया है। इसके अलावा नलकूप, पेयजल पाइपलाइन, सीवर लाइन, पार्क और ड्रेनेज सिस्टम से जुड़े कई कार्य लंबित हैं। परियोजना के टेकओवर के बाद इन कार्यों को पूरा कराने की जिम्मेदारी एलडीए की होगी।

- अधूरे विकास कार्यों पर 2,216.91 करोड़ रुपये खर्च होंगे

एलडीए के आकलन के मुताबिक टाउनशिप में लंबित विकास कार्यों को पूरा कराने के लिए करीब 2,216.91 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी।

- पॉकेट-1 से पॉकेट-4 में आधारभूत सुविधाओं पर करीब 453.10 करोड़ रुपये

- पॉकेट-5 के विकास पर करीब 1,126.52 करोड़ रुपये

- रेलवे ओवरब्रिज के शेष कार्यों पर करीब 114.28 करोड़ रुपये

- सब स्टेशन निर्माण पर करीब 523 करोड़ रुपये

इसमें सड़क, सीवरेज, पेयजल, ड्रेनेज, बिजली और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं।

- 2005 में मिली थी टाउनशिप विकसित करने की मंजूरी

अंसल हाईटेक टाउनशिप परियोजना की शुरुआत वर्ष 2005 में हुई थी। शासन ने 25 मई 2005 को हाईटेक टाउनशिप नीति के तहत अंसल प्रॉपर्टी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को लखनऊ में टाउनशिप विकसित करने का लाइसेंस जारी किया था। 22 मई 2006 को कंपनी की ओर से प्रस्तुत 1,765 एकड़ के डीपीआर को मंजूरी मिली। वर्ष 2009 में क्षेत्रफल बढ़ाकर 3,530 एकड़ किया गया और 2010 में इसके लिए डीपीआर स्वीकृत हुआ। दिसंबर 2013 में 2,935 एकड़ के अतिरिक्त विस्तार को मंजूरी मिलने के बाद प्रस्तावित टाउनशिप का कुल क्षेत्रफल 6,465 एकड़ हो गया। मई 2015 में 6,465 एकड़ के डीपीआर को मंजूरी दी गई। सितंबर 2015 में फेज-1 से फेज-4 के लिए 2,571.15 एकड़ का अंतिम लेआउट स्वीकृत हुआ, जबकि अगस्त 2016 में फेज-5 के लिए 958.85 एकड़ का लेआउट स्वीकृत किया गया। अप्रैल 2023 में कंपनी की ओर से 4,689.79 एकड़ क्षेत्रफल का नया डीपीआर प्रस्तुत किया गया, जिसे प्राधिकरण बोर्ड ने अनुमोदित किया था।

- दिवालिया प्रक्रिया के बीच एलडीए ने रखा अपना पक्ष

परियोजना में अनियमितताओं की जांच के लिए एलडीए ने फोरेंसिक ऑडिटर की नियुक्ति भी की थी। इसी दौरान NCLT में अंसल के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया शुरू हुई। एलडीए को पक्षकार बनाए बिना प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने पर प्राधिकरण ने संबंधित मंचों पर अपना पक्ष रखा। एलडीए ने अंतरिम रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (IRP) के समक्ष अपने हितों और देयों से संबंधित करीब 4,490 करोड़ रुपये का दावा प्रस्तुत किया। इसके साथ ही सुशांत गोल्फ सिटी थाने में अंसल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। प्राधिकरण ने मामले को राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय अधिकरण (NCLAT) के समक्ष भी उठाया। उपलब्ध विवरण के अनुसार NCLAT ने एलडीए को आवश्यक पक्षकार माना और टाउनशिप को पूरा करने के संबंध में शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही रिजॉल्यूशन प्रक्रिया को लखनऊ की परियोजना तक सीमित किया गया।

फरवरी 2026 में IL&FS की ओर से NCLT की प्रक्रिया के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की गई थी। अप्रैल 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए संबंधित पक्ष को NCLT के समक्ष अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए। अब प्रदेश कैबिनेट से एलडीए के टेकओवर प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद सुशांत गोल्फ सिटी के अधूरे विकास कार्यों और वैध होम बायर्स के हितों से जुड़े मामलों को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी।

- टाउनशिप में अनियमित्ताओं पर अंसल के खिलाफ दर्ज करायी गयी है एफआईआर

मेसर्स अंसल प्रॉपर्टी इन्फ्रास्ट्रक्चर द्वारा हजारों होम बायर्स के अतिरिक्त विभिन्न शासकीय विभागों के साथ भी धोखाधडी एवं अनियमित्ताएं की गयीं। जांच में सामने आया कि अंसल ने ग्राम समाज और नगर निगम की लगभग 164 हेक्टेयर भूमि तक बेच डाली। इतना ही नहीं, अंसल ने कंसोर्टियम की भी जमीन फर्जीवाड़ा करके बेच डाली।

मेसर्स असंल ने एलडीए में गारंटी के तौर पर कुल 3489 भूखण्ड बंधक रखे थे। टाउनशिप की शर्तों के अनुसार यह भूखण्ड इसलिए बंधक रखे गए थे कि अगर अंसल इसका विकास नहीं कराएगा तो प्राधिकरण इन जमीनों को बेचकर कालोनी का विकास कराएगा। लेकिन, अंसल ने इममें से 2747 भूखण्डों को बेच दिया। जांच में ये तमाम अनियमित्ताएं सामने आने पर एलडीए द्वारा मेसर्स अंसल के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करायी गयी है।

- अंसल हाईटेक टाउनशिप परियोजना- टाइमलाइन

दिनांक - 25 मई, 2005 को शासन द्वारा हाईटेक टाउनशिप नीति के अंतर्गत मेसर्स अंसल प्रॉपर्टी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को लखनऊ में टाउनशिप विकसित करने हेतु लाइसेंस जारी किया गया।

दिनांक-22 मई, 2006 को मेसर्स अंसल द्वारा प्रस्तुत किये गये 1765 एकड़ के डीपीआर को स्वीकृत किया गया।

दिनांक-03 जून, 2009 को क्षेत्रफल 1765 एकड़ से बढ़ाकर 3530 एकड़ करने की स्वीकृति दी गयी।

दिनांक-18 मई, 2010 को 3530 एकड़ हेतु डीपीआर स्वीकृत किया गया।

दिनांक-13 दिसम्बर, 2013 को अतिरिक्त 2,935 एकड़ क्षेत्रफल के दूसरे विस्तार की स्वीकृति दी गई, जिससे टाउनशिप का कुल क्षेत्रफल 6,465 एकड़ हो गया।

दिनांक-23 मई, 2015 को 6,465 एकड़ क्षेत्रफल का डीपीआर स्वीकृत किया गया।

दिनांक-22 सितम्बर, 2015 को फेज-1 से फेज-4 हेतु 2,571.15 एकड़ क्षेत्रफल का अंतिम ले-आउट स्वीकृत किया गया।

दिनांक-19 अगस्त, 2016 को फेज-5 हेतु 958.85 एकड़ क्षेत्रफल का ले-आउट स्वीकृत हुआ। इस प्रकार फेज-1 से फेज-5 तक कुल क्षेत्रफल 3,530 एकड़ रहा।

दिनांक-2 नवम्बर, 2021 को उच्च स्तरीय समिति की बैठक में मेसर्स अंसल द्वारा प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया।

दिनांक-13 अप्रैल, 2023 को मेसर्स अंसल द्वारा 4,689.79 एकड़ क्षेत्रफल का डीपीआर प्रस्तुत किया गया, जिसे प्राधिकरण बोर्ड द्वारा अनुमोदित किया गया।

लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा टाउनशिप में अनियमित्ताओं की जांच हेतु फोरेंसिक ऑडिटर की नियुक्ति की गयी। इस बीच राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (एनसीएलटी) द्वारा एलडीए को पक्षकार बनाये बिना अंसल को दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गयी।

लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा आईआरपी के समक्ष अपने हितों एवं देयों से सम्बंधित 4490 करोड़ रूपये का दावा प्रस्तुत किया गया। साथ ही मेसर्स अंसल के खिलाफ सुशांत गोल्फ सिटी थाने में एफआईआर दर्ज करायी गयी।

लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा इस प्रकरण में राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय अधिकरण (एनसीएलएटी) के समक्ष अपील की गयी और मजबूती से अपना पक्ष रखा गया। एनसीएलएटी ने अपने आदेश में प्राधिकरण को आवश्यक पक्षकार माना तथा टाउनशिप पूर्ण करने के सम्बंध शपथ पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए गए। साथ ही एनसीएलएटी द्वारा रेजुलेशन प्रक्रिया को मात्र लखनऊ की परियोजना तक सीमित कर दिया गया।

दिनांक-23 फरवरी, 2026 को आईएलएफएस द्वारा एनसीएलटी के नियमों के विरूद्ध सर्वाेच्च न्यायालय में अपील दाखिल की गयी। दिनांक-16 अप्रैल, 2026 को सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा अपील/याचिका खारिज करते हुए एलएनएलटी में अपना पक्ष रखने के निर्देश दिये गये।