इश्क में धोखा, टावर पर चढ़ी विवाहिता

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्तर प्रदेश के भदोही जिले से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है। जहां अपने पति को छोड़कर प्रेमी के साथ भागी विवाहिता को जब धोखा मिला तो वह बुधवार की सुबह-सुबह अपने धोखेबाज प्रेमी के गांव में मौजूद एक टावर पर चढ़कर हाई प्रोफाइल ड्रामा करने लगी। देखते ही देखते मौके पर काफी भीड़ जमा हो गयी थी। विवाहिता अपने पहले पति के घर से 17 लाख के आभूषण व 1 लाख नगद लेकर भागी थी। पति को छोड़ विवाहिता ने प्रेमी से कोर्ट मैरिज भी किया है। प्रेमी से धोखा मिलने के बाद विवाहिता अब अपने पहले पति को पाने के लिए सुबह-सुबह टावर पर चढ़कर हंगामा करते हुए पति को बुलाने की जिद पर अड़ गयी। विवाहिता के टावर पर चढ़ने की सूचना मिलते ही औराई पुलिस के साथ फायर ब्रिगेड की टीम भी पहुंची थी। साथ ही तमाशबीनों की भीड़ भी जमा हो गयी थी। इंस्टाग्राम के जरिये एक युवक से विवाहिता प्यार कर बैठी। और एक दिन पहले पति को छोड़ 3 बजे भोर 17 लाख के जेवर व 1 लाख नगद लेकर फरार हो गयी। विवाहिता के लापता होने पर ससुराल के लोगों ने थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया था।
दरअसल यह पूरा मामला है औराई थाना इलाके के घमहापुर पियरोपुर गांव का है। जहां जगदीश प्रजापति के बेटे अजय कुमार प्रजापति की शादी 5 साल पहले हड़िया के जयतापुर निवासी जवाहरलाल की पुत्री सीमा देवी के साथ हुई थी। 25 वर्षीय सीमा देवी पति के घर घमहापुर पियरोपुर में रह रही थी। उसका पति अजय कुमार प्रजापति दिल्ली में रहकर आॅल इंडिया परमिट की ट्रक चलाता है। सीमा देवी व्हाट्सएप्प, इंस्टाग्राम, फेसबुक पर सक्रिय रहती थी। इंस्टाग्राम के जरिये ही औराई के जेठूपुर निवासी कमलेश गौतम नामक एक युवक से प्यार कर बैठी। प्यार इस कदर परवान चढ़ा कि सीमा देवी अपने प्रेमी कमलेश गौतम के साथ 7 फरवरी की भोर लगभग 4 बजे फरार हो गयी। और जाते-जाते अपने ससुराल से 17 लाख के कीमती आभूषण व 1 लाख नगद लेकर फरार हो गयी थी। ससुराल व मायके वाले तलाश करते रहें। इसी बीच पता चला कि सीमा देवी की पूरी करतूत घमहापुर पियरोपुर गांव के एक मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। जहां वह किसी लड़के के साथ जाते हुए नजर आयी थी। ससुर जगदीश प्रजापति की तहरीर पर औराई पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवाहिता की तलाश में जुट गई थी।
अपने पहले पति अजय कुमार प्रजापति को छोड़कर प्रेमी कमलेश गौतम के साथ जेवर व नगदी लेकर भागी सीमा देवी को पुलिस ने 22 दिन बाद यानि 28 फरवरी को राजकोट से बरामद किया, और पुलिस औराई लेकर चली आयी। इस दौरान सीमा देवी ने अपने बयान में कहा था कि वह अपने प्रेमी कमलेश गौतम के साथ कोर्ट मैरिज कर ली है। और उसी के साथ रहेगी। सीमा देवी अपने प्रेमी कमलेश गौतम के गांव जेठूपुर रहने लगी। लेकिन, 29 अप्रैल बुधवार की सुबह-सुबह सीमा देवी अपने प्रेमी के गांव में मौजूद एक टेलीफोन के टावर पर चढ़ गयी। और पहले पति अजय कुमार प्रजापति के साथ रहने की जिद पर अड़ गयी। सीमा देवी का आरोप है कि उसके प्रेमी कमलेश गौतम ने बहला-फुसलाकर उसकी हत्या करने की बात कहकर उसे लेकर भागा था। विवाहिता सीमा देवी लगातार अपने पति अजय कुमार प्रजापति व सास मुन्नी देवी को भी टावर के पास बुलाने की जिद पर अड़ी रही। हालांकि आनन-फानन में पुलिस पति अजय कुमार प्रजापति व उसकी सास मुन्नी देवी को वाहन में लादकर टावर के पास लेकर पहुंची थी। सास व पति को देखते ही सीमा देवी नीचे उतरी। जिसे पुलिस लेकर औराई थाने चली गई थी।
इंस्टाग्राम के जरिये पांच साल की दुल्हन सीमा देवी अपने ससुराल से लगभग 7 किलोमीटर जेठूपुर के रहने वाले कमलेश गौतम के साथ प्यार कर बैठी। और पूरी जिंदगी अपनी बर्बाद कर ली। अब उसके मायके वाले भी उससे किनारा कस रहे हैं। पति अजय कुमार प्रजापति भी सीमा देवी को कुबूल नहीं कर रहा है। औराई के घमहापुर पियरोपुर निवासी सीमा देवी के ससुर जगदीश प्रजापति ने बताया कि उसकी बहू ने घर को बर्बाद कर दिया। मुकदमा दर्ज होने के बाद सीमा देवी जो जेवर लेकर भागी थी पुलिस ने उसे बरामद करा दिया था। लेकिन नगद 1 लाख रूपया प्रेमी कमलेश गौतम व सीमा देवी ने मिलकर खर्च कर डाले। जेवर व पैसा जाने के बाद अब प्रेमी कमलेश गौतम सीमा देवी से पीछा छुड़ा रहा है। जबकि, दोनो ने आपस में कोर्ट मैरिज भी किया है। सीमा देवी का पहला पति अजय कुमार प्रजापति अपनी पत्नी को अब स्वीकार करने को तैयार नहीं है। उसे कोई भी बच्चा नहीं है। सीमा देवी के मायके वालों को भी टावर पर चढ़ने की सूचना दी गई। लेकिन बेटी की इस बेवफाई को देख मायके वाले भी हड़िया से औराई आने को तैयार नहीं है।
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना: ग्रामीण युवाओं के लिए 10 लाख तक ऋण का सुनहरा मौका
*ग्रामोद्योग रोजगार योजना: युवाओं को 10 लाख तक ऋण, स्वरोजगार का अवसर*

*खादी बोर्ड की पहल: बेरोजगारों को मिलेगा आसान ऋण, बनें आत्मनिर्भर*

*गांव में ही रोजगार का मौका: 4% ब्याज पर ऋण, महिलाओं को ब्याजमुक्त सुविधा*

*ऑनलाइन आवेदन शुरू: मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग योजना से जुड़ें, रोजगार पाएं*


*गोण्डा 29 अप्रैल 2026*  -  उ०प्र० खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, गोंडा द्वारा संचालित मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल की जा रही है। योजना का उद्देश्य गांव स्तर पर रोजगार सृजन कर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।

इस योजना के अंतर्गत 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के इच्छुक युवक-युवतियां अपने गांव में उद्योग स्थापित करने के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये तक का ऋण प्राप्त कर सकते हैं। सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को परियोजना लागत पर मात्र 4 प्रतिशत ब्याज देना होगा, जबकि महिला एवं आरक्षित वर्ग के लाभार्थियों को ब्याजमुक्त ऋण की सुविधा प्रदान की जाएगी।

इच्छुक अभ्यर्थी योजना के ई-पोर्टल mmgrykhadi.upsdc.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, पैन कार्ड, शैक्षिक व तकनीकी योग्यता प्रमाण पत्र, जाति/निवास प्रमाण पत्र, प्रोजेक्ट रिपोर्ट और नमूना हस्ताक्षर अपलोड करना अनिवार्य है। ऑनलाइन आवेदन के बाद उसकी हार्ड कॉपी जिला ग्रामोद्योग कार्यालय में जमा करनी होगी।

प्राप्त आवेदनों का चयन स्कोर कार्ड के आधार पर किया जाएगा तथा चयनित आवेदनों को बैंक के माध्यम से वित्तपोषण के लिए अग्रसारित किया जाएगा। जिला ग्रामोद्योग कार्यालय ने जनपद के बेरोजगार युवाओं से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ उठाकर स्वरोजगार अपनाएं और प्रदेश के विकास में सहभागी बनें। अधिक जानकारी के लिए कार्य दिवस में जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, 122 राजामोहल्ला, गोंडा या दूरभाष संख्या 9580503142 पर संपर्क किया जा सकता है।
विद्यालय प्रबंधन छात्र-छात्राओं अथवा उनके अभिभावकों पर किसी एक निर्धारित दुकान से पुस्तकें, कॉपियां या यूनिफॉर्म खरीदने का नहीं बनाएगा दबाव-जिला

*विद्यालय प्रबंधन द्वारा वर्ष भर विभिन्न कार्यक्रमों, उत्सवों या अन्य गतिविधियों के नाम पर अभिभावकों से किसी प्रकार की अवैध शुल्क की नहीं की जाएगी वसूली-जिलाधिकारी*


*विद्यालय प्रबंधन द्वारा छात्र- छात्राओं अथवा उनके अभिभावकों से वर्ष भर में लिए जाने वाले सभी शुल्क की देनी होगी रसीद-जिलाधिकारी*


*गोण्डा 29 अप्रैल,2026*।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में जिला शुल्क नियामक समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के विभिन्न विद्यालयों द्वारा लिए जा रहे शुल्क, नियमों के अनुपालन तथा अभिभावकों से संबंधित शिकायतों की गहन समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी विद्यालय प्रबंधन छात्र-छात्राओं अथवा उनके अभिभावकों पर किसी एक निर्धारित दुकान से पुस्तकें, कॉपियां या यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव नहीं बनाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की बाध्यता पूरी तरह अवैध है और इसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विद्यालयों को निर्देशित किया कि वे पारदर्शिता बनाए रखें और अभिभावकों के हितों का विशेष ध्यान रखें।

जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि विद्यालय प्रबंधन द्वारा वर्ष भर विभिन्न कार्यक्रमों, उत्सवों या अन्य गतिविधियों के नाम पर अभिभावकों से किसी प्रकार की अवैध वसूली नहीं की जाएगी। यदि किसी विद्यालय के खिलाफ इस प्रकार की शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित विद्यालय एवं उसके प्रबंधन के विरुद्ध शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अंतर्गत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि विद्यालय द्वारा लिए जाने वाले प्रत्येक शुल्क की विधिवत रसीद अभिभावकों को देना अनिवार्य होगा, जिससे शुल्क संबंधी पारदर्शिता बनी रहे। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने यह स्पष्ट किया कि जनपद के विद्यालय प्रत्येक वर्ष अनावश्यक रूप से यूनिफॉर्म, पुस्तकें एवं कॉपियां बदलने की प्रवृत्ति पर रोक लगाएं। ऐसा करना अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालता है, जो स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालयों की नियमित जांच की जाए तथा यदि कहीं भी नियमों का उल्लंघन पाया जाए, तो तत्काल प्रभाव से आवश्यक कार्रवाई की जाए।

बैठक में संबंधित विभागीय अधिकारियों ने भी अपने विचार रखे और नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन का आश्वासन दिया।
जिलाधिकारी ने बैठक में कहा कि प्रशासन अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिए हैं कि विकासखंडवार सभी विद्यालयों के लिए नोडल अधिकारी नामित करें और नोडल अधिकारियों द्वारा विद्यालयों की रेंडम जांच कराई जाए।

बैठक के दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक डॉक्टर रामचंद्र, खण्ड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय रामखेलावन सिंह सहित अन्य सभी संबंधित विभाग के अधिकारीगण एवं समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
समारोह पूर्वक मेधावी छात्राओं को किया गया सम्मानित

खरगूपुर (गोंडा)। यूपी बोर्ड परीक्षा में स्कूल टॉप करने वाली छात्रा सहित अन्य मेधावी छात्राओं को प्रबंधक व प्रधानाचार्य ने मंगलवार को सम्मानित किया। खरगूपुर क्षेत्र के बाबा पृथ्वीनाथ बालिका इंटर कॉलेज की हाई स्कूल की छात्रा साक्षी  ने 94.66% अंक पाकर स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त किया था, जिसे विद्यालय के प्रबंधक नित्यानंद शुक्ल व प्रधानाचार्य ऊषा त्रिपाठी ने छात्रा को साइकिल, किताब व प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया।

इसके अलावा हाई स्कूल की निधि, प्रज्ञा, अंशिका, दृष्टि, प्रतिज्ञा, पल्लवी तथा इंटर मीडियट की छात्रा मानसी,आंचल, प्रिया सहित 20 छात्राओं को पुरस्कृत कर उनका हौसला बढ़ाया गया। प्रबंधक श्री शुक्ल ने कहा कि शिक्षा एक ऐसी विधा है, जिसे प्राप्त कर तुम लोग कहीं भी सम्मान की हकदार बन सकती हो। इसलिए सभी लोग खूब मेहनत से पढ़कर स्कूल, जिले व प्रदेश का नाम रोशन करो। छात्राओं को प्रधानाचार्य व सहायक अध्यापक टी पी यादव, वासुदेव तिवारी, सुनीता शुक्ला ने भी संबोधित किया। इस मौके पर शेषनारायण शुक्ल, रामदास पांडेय, धर्मेंद्र शर्मा, माधव राज यादव, राम उददुर वर्मा, रंजू शुक्ला, माधुरी शुक्ला, सैयदा खातून, गीता शुक्ला रहीं।
आईटीआई अलीगंज में कैंपस ड्राइव, 57 युवाओं को मिला रोजगार

* मुख्यमंत्री मिशन रोजगार के तहत आयोजन, चयनित अभ्यर्थियों को ₹22,055 तक मासिक वेतन मिलेगा

लखनऊ। मुख्यमंत्री मिशन रोजगार योजना के अंतर्गत राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), अलीगंज, लखनऊ में बुधवार को कैंपस ड्राइव का आयोजन किया गया। इस रोजगार मेले में डेनसो हरियाणा प्रा. लि. ने अपनी गुरुग्राम स्थित इकाई के लिए अभ्यर्थियों का चयन किया।
कैंपस ड्राइव में कुल 122 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार के बाद 57 अभ्यर्थियों का अंतिम चयन किया गया। चयनित युवाओं को कंपनी द्वारा प्रथम वर्ष में अधिकतम ₹22,055 प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा। साथ ही उन्हें बी.वोक कोर्स करने का अवसर भी मिलेगा, जिससे कौशल विकास और करियर उन्नति को बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानाचार्य राज कुमार यादव ने कंपनी प्रतिनिधियों से अधिक से अधिक अभ्यर्थियों को अवसर देने का आग्रह किया तथा चयनित अभ्यर्थियों को समय पर ज्वाइनिंग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कैंपस ड्राइव युवाओं को रोजगार से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं और प्रदेश सरकार की रोजगारपरक नीतियों को मजबूती देते हैं।
प्लेसमेंट ऑफिसर एम.ए. खां ने बताया कि संस्थान लगातार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए उद्योगों से समन्वय कर रहा है।
कार्यक्रम के सफल संचालन में अनुदेशक मकबूल कादिर, जेड रहमान तथा ग्रे सिम लर्निंग्स फाउंडेशन के स्टाफ का विशेष योगदान रहा।
बिजनौर की 8 पर्यटन परियोजनाओं को ₹9.09 करोड़ मंजूर, बिदुर आश्रम का होगा कायाकल्प

* धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण और बुनियादी सुविधाओं के विकास पर सरकार का जोर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने जनपद बिजनौर की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में पर्यटन विकास की 8 परियोजनाओं के लिए ₹9.09 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। यह स्वीकृति वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य योजना के अंतर्गत दी गई है। इन परियोजनाओं के तहत धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण, आधारभूत सुविधाओं का विकास और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने बताया कि सभी कार्यों के लिए यूपीएसटीडीसी को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। साथ ही संबंधित एजेंसियों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि बिजनौर स्थित ऐतिहासिक बिदुर कुटी स्थल के समेकित विकास हेतु ₹4 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा बढ़ापुर विधानसभा क्षेत्र में प्राचीन संत शिरोमणि रविदास मंदिर के लिए ₹44 लाख, सदर विधानसभा क्षेत्र के उमा महेश आश्रम निजामतपुरा गंज के लिए ₹40 लाख तथा नूरपुर स्थित प्राचीन झंडेवाला बाबा मंदिर के लिए ₹30 लाख मंजूर किए गए हैं।
इसी प्रकार नगीना स्थित श्रीराम लीला बाग मंदिर के विकास के लिए ₹1.11 करोड़, नहटौर में अड्डे वाले बाबा स्थल के लिए ₹87 लाख, धामपुर में केड़ीवाले बाबा स्थल के लिए ₹50 लाख तथा विकासखंड अल्लेहपुर धाम स्थित स्थल के विकास के लिए ₹1.12 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री की प्रेरणा से प्रदेश के धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का सर्वांगीण विकास किया जा रहा है। अल्पज्ञात आस्था स्थलों को विकसित कर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
डिप्टी सीएम केशव मौर्य और बृजेश पाठक ने पूर्व मंत्री नरेंद्र कुमार सिंह गौर का जाना हालचाल

* केजीएमयू पहुंचकर स्वास्थ्य की जानकारी ली, बेहतर इलाज के दिए निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक के साथ किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ पहुंचकर भर्ती पूर्व मंत्री नरेंद्र कुमार सिंह गौर से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।
दोनों उप मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से श्री गौर के स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा उपचार संबंधी आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से कहा कि मरीज को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और इलाज में किसी प्रकार की कमी न रहने पाए।
इस दौरान केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक ने पूर्व मंत्री श्री गौर के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही परिजनों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार हरसंभव सहयोग और सहायता के लिए तत्पर है।
गंगा एक्सप्रेसवे विकास का नया अध्याय, यूपी बना 60% एक्सप्रेसवे वाला राज्य: नन्दी

* समग्र विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है गंगा एक्सप्रेसवे, उद्घाटन समारोह में बोले औद्योगिक विकास मंत्री

लखनऊ। गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश के समग्र विकास, प्रतिबद्धता और दूरदर्शी सोच का दर्पण है। उन्होंने कहा कि इसके लोकार्पण के साथ उत्तर प्रदेश देश का 60 प्रतिशत एक्सप्रेसवे नेटवर्क वाला राज्य बन गया है।
उन्होंने कहा कि माँ गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की आस्था, संस्कृति और समृद्धि का केंद्र हैं। जिस प्रकार गंगा का जल धरती को उर्वर बनाता है, उसी प्रकार गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं को नया स्वरूप देने जा रहा है। यह परियोजना प्रदेश के अवस्थापना विकास के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय साबित होगी।
नन्दी ने कहा कि गंगा भारत की सांस्कृतिक जीवनरेखा है और यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की औद्योगिक जीवनरेखा के रूप में स्थापित होगा। इससे निवेश, परिवहन, रोजगार और व्यापार को नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को ‘एक्सप्रेस प्रदेश’ के रूप में नई पहचान मिली है। पिछले नौ वर्षों में बुन्देलखंड एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और अब गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण से प्रदेश के औद्योगिक और बुनियादी ढांचे के विकास को दोगुनी रफ्तार मिली है।
मंत्री ने कहा कि प्रयागराज से देश की राजधानी तक जुड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों की यात्रा में मील का पत्थर है और प्रदेश के सर्वांगीण विकास के संकल्प को साकार करता है।
विधान परिषद की कार्य परामर्शदात्री समिति की बैठक सम्पन्न, 30 अप्रैल के सदन कार्यक्रम पर मंथन
* ‘नारी सशक्तिकरण’ विषय पर अनवरत चर्चा का प्रस्ताव पारित, सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की कार्य परामर्शदात्री समिति की बैठक बुधवार को विधान परिषद सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक का आयोजन विधान परिषद भवन के कक्ष संख्या-77 में किया गया।
बैठक में 30 अप्रैल को संचालित होने वाले सदन के कार्यक्रमों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। साथ ही ‘नारी सशक्तिकरण’ विषय पर उत्तर प्रदेश विधान परिषद की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली, 1956 के नियम 59(9) के अंतर्गत लोकहित के विषय पर अनवरत चर्चा हेतु प्रस्ताव रखा गया, जिसे समिति ने पारित कर दिया।
बैठक में उपमुख्यमंत्री एवं नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किए। इसके अलावा वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव सहित कई सदस्यों ने भी अपने सुझाव रखे।
बैठक में एमएलसी सलिल विश्नोई, जासमीर अंसारी, अश्वनी त्यागी, ध्रुव कुमार त्रिपाठी, बिछ्छे लाल राम, जयपाल सिंह ‘व्यस्त’, आकाश अग्रवाल,  अक्षय प्रताप सिंह,  महेन्द्र सिंह तथा विधान परिषद के प्रमुख सचिव राजेश सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
भाजपा द्वारा पानी-बिजली के ज्वलंत मुद्दे पर 6-12 मई तक जिलावार प्रदर्शन का ऐलान

बीते 17 अप्रैल को बिजली के मुद्दे पर राज्यव्यापी आंदोलन करने के बाद झारखंड भाजपा ने एक बार फिर पानी की घोर किल्लत एवं बिजली कटौती को लेकर जोरदार आंदोलन करने का ऐलान कर दिया है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने 6 से लेकर 12 मई तक यानि 6 दिनों तक भाजपा द्वारा इस गंभीर मुद्दे पर विभिन्न जिलों में जोरदार प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

प्रेस वार्ता के दौरान श्री साहू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने पानी बिजली संकट से त्राहिमाम कर रही झारखंड की जनता के बीच व्याप्त भारी आक्रोश को आंदोलन के माध्यम से स्वर देने का निर्णय लिया है। इसी निमित्त भारतीय जनता पार्टी द्वारा 6 मई से लेकर 12 मई तक यानि 6 दिनों तक जिलावार जन प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है। आंदोलन की तैयार रूपरेखा के अनुसार 6 मई को गढ़वा, पलामू एवं लातेहार, 7 मई को चाईबासा, जमशेदपुर एवं सरायकेला-खरसावां, 8 मई को हजारीबाग, चतरा, कोडरमा एवं रामगढ़, 9 मई को दुमका, पाकुड़, साहिबगंज, गोड्डा, देवघर एवं जामताड़ा, 11 मई को गिरिडीह, धनबाद एवं बोकारो और 12 मई को रांची, लोहरदगा, सिमडेगा, गुमला एवं खूंटी में भारतीय जनता पार्टी का एक एक कार्यकर्ता सिर पर घड़ा, डेकची सहित पानी ढोने वाले अन्य बर्तन को लेकर प्रदर्शन करेंगे। हमारी पार्टी आँखें मूंदकर नहीं बैठ सकती है। हमारे एक एक कार्यकर्ता इस जनविरोधी सरकार को कुंभकर्णी निद्रा से जगाने का काम करेंगे।

श्री साहू ने कहा कि पूरा झारखंड पेयजल की घोर किल्लत से त्राहिमाम कर रहा है। प्रदेश भर में लगभग 80000 चापानल खराब पड़े हैं। 72 घंटे में खराब पड़े चापानल को बनाने का सरकारी दावा फिसड्डी साबित हुआ है। सरकार द्वारा जारी टोल फ्री नंबर भी किसी काम का नहीं है। राज्य भर में लोग बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। जनता की यह पीड़ा राज्य सरकार को महसूस नहीं होती है। काफी दुख का विषय है कि सरकार की रुचि जनसमस्याओं को दूर करने की बजाय पूरी कैबिनेट के साथ दूसरे प्रदेशों में चुनावी दौरा कर पिकनिक मनाने में अधिक है। लगता है, सीएम का फोकस पॉइंट झारखंड की बजाय पड़ोसी राज्य हो गया है। हेमंत सरकार को भले ही आम लोगों की यह पीड़ा महसूस नहीं होती परन्तु भाजपा का एक एक कार्यकर्ता आम लोगों की इस पीड़ा को महसूस कर रहा है।

श्री साहू ने कहा कि देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर घर को स्वच्छ जल मिले, इसके लिए नल जल योजना के रूप में महत्वाकांक्षी योजना चलाई, इसमें सफलता भी मिली। लेकिन दुखद बात यह है कि 12764 करोड़ रुपए झारखंड में खर्च होने के बावजूद यहां पर यह योजना धरातल पर प्रभावी नहीं दिख रही है। अधिकांश जगहों पर जलापूर्ति कागजों तक ही सीमित है, नल सूखे पड़े हैं। उन्होंने कहा कि वे केवल सुनी सुनाई बातों को नहीं कह रहे हैं बल्कि इस योजना का भुक्तभोगी वे खुद हैं और उदाहरण के तौर पर उनका गांव है, जहां नल तो लगा है, पाइप भी बिछाया गया है लेकिन पानी का एक बूंद आज तक नहीं मिल पाया है। हेमंत सरकार ने इस योजना में भ्रष्टाचार करने का काम किया है। आज भी राज्य में 45% परिवार इस योजना से वंचित हैं। इस योजना की झारखंड में स्थिति यह है कि यह योजना राष्ट्रीय औसत से लगभग 25% पीछे है। देशभर में नीचे से यह दूसरे स्थान पर है।

श्री साहू ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2019 से 2025 के बीच झारखंड को 12982 करोड रुपए आवंटित किए। जिसमें से 6010 करोड़ यानी 46.30% ही राज्य सरकार खर्च कर पाई। 7000 से अधिक की राशि पड़ी हुई है। राज्य सरकार दोषारोपण करती है कि केंद्र सरकार भेदभाव करती है, गैर बीजेपी शासित प्रदेश को मदद नहीं करती। इससे प्रमाणित होता है कि यह आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और राजनीतिक है। दरअसल केंद्र के पैसे को झारखंड सरकार खर्च ही नहीं कर पाती। आज अगर नल जल योजना को सही से जमीन पर उतारा जाता तो लोगों को पानी की इतनी भयावह स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। माताएं बहने कई किलोमीटर से माथे पर बर्तन लेकर चुआ तालाब से पानी लाने को विवश हैं। राज्य सरकार केवल बड़ी-बड़ी बातें करती है, प्रलोभन देना, ठगना ही इस सरकार का एकमात्र काम रह गया है।

श्री साहू ने कहा कि पानी की किल्लत और बिजली कटौती के विरोध में भाजपा का यह आंदोलन राज्य सरकार की नींद हराम कर देगा। साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि पानी बिजली के मुद्दे पर सरकार गंभीरता दिखाएं। लोगों को पानी की कमी नहीं हो। खराब पड़े चापानलों की तत्काल मरम्मत कराई जाए। अब तो केंद्र ने भी पंचायत को पैसा दे दिया है, उसका इन कार्यों में सदुपयोग हो। प्रदेश अध्यक्ष ने चुटकी लेते हुए कहा कि इस मुद्दे पर सरकार कितनी गंभीर होगी, सरकार ही जाने। लेकिन इतना तय है कि जमीनी हकीकत से कोसों दूर सरकार की तरफ से अखबारों में खंडन जरूर किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार को सुझाव दिया कि सरकार अपनी ऊर्जा इन सब चीजों की बजाय जनता की समस्याओं के समाधान की दिशा में लगावे तो ज्यादा बेहतर होगा।

इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व सांसद आभा महतो, भानु प्रताप शाही, प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाऊरी एवं प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह भी मौजूद थे।

इश्क में धोखा, टावर पर चढ़ी विवाहिता

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्तर प्रदेश के भदोही जिले से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है। जहां अपने पति को छोड़कर प्रेमी के साथ भागी विवाहिता को जब धोखा मिला तो वह बुधवार की सुबह-सुबह अपने धोखेबाज प्रेमी के गांव में मौजूद एक टावर पर चढ़कर हाई प्रोफाइल ड्रामा करने लगी। देखते ही देखते मौके पर काफी भीड़ जमा हो गयी थी। विवाहिता अपने पहले पति के घर से 17 लाख के आभूषण व 1 लाख नगद लेकर भागी थी। पति को छोड़ विवाहिता ने प्रेमी से कोर्ट मैरिज भी किया है। प्रेमी से धोखा मिलने के बाद विवाहिता अब अपने पहले पति को पाने के लिए सुबह-सुबह टावर पर चढ़कर हंगामा करते हुए पति को बुलाने की जिद पर अड़ गयी। विवाहिता के टावर पर चढ़ने की सूचना मिलते ही औराई पुलिस के साथ फायर ब्रिगेड की टीम भी पहुंची थी। साथ ही तमाशबीनों की भीड़ भी जमा हो गयी थी। इंस्टाग्राम के जरिये एक युवक से विवाहिता प्यार कर बैठी। और एक दिन पहले पति को छोड़ 3 बजे भोर 17 लाख के जेवर व 1 लाख नगद लेकर फरार हो गयी। विवाहिता के लापता होने पर ससुराल के लोगों ने थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया था।
दरअसल यह पूरा मामला है औराई थाना इलाके के घमहापुर पियरोपुर गांव का है। जहां जगदीश प्रजापति के बेटे अजय कुमार प्रजापति की शादी 5 साल पहले हड़िया के जयतापुर निवासी जवाहरलाल की पुत्री सीमा देवी के साथ हुई थी। 25 वर्षीय सीमा देवी पति के घर घमहापुर पियरोपुर में रह रही थी। उसका पति अजय कुमार प्रजापति दिल्ली में रहकर आॅल इंडिया परमिट की ट्रक चलाता है। सीमा देवी व्हाट्सएप्प, इंस्टाग्राम, फेसबुक पर सक्रिय रहती थी। इंस्टाग्राम के जरिये ही औराई के जेठूपुर निवासी कमलेश गौतम नामक एक युवक से प्यार कर बैठी। प्यार इस कदर परवान चढ़ा कि सीमा देवी अपने प्रेमी कमलेश गौतम के साथ 7 फरवरी की भोर लगभग 4 बजे फरार हो गयी। और जाते-जाते अपने ससुराल से 17 लाख के कीमती आभूषण व 1 लाख नगद लेकर फरार हो गयी थी। ससुराल व मायके वाले तलाश करते रहें। इसी बीच पता चला कि सीमा देवी की पूरी करतूत घमहापुर पियरोपुर गांव के एक मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। जहां वह किसी लड़के के साथ जाते हुए नजर आयी थी। ससुर जगदीश प्रजापति की तहरीर पर औराई पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवाहिता की तलाश में जुट गई थी।
अपने पहले पति अजय कुमार प्रजापति को छोड़कर प्रेमी कमलेश गौतम के साथ जेवर व नगदी लेकर भागी सीमा देवी को पुलिस ने 22 दिन बाद यानि 28 फरवरी को राजकोट से बरामद किया, और पुलिस औराई लेकर चली आयी। इस दौरान सीमा देवी ने अपने बयान में कहा था कि वह अपने प्रेमी कमलेश गौतम के साथ कोर्ट मैरिज कर ली है। और उसी के साथ रहेगी। सीमा देवी अपने प्रेमी कमलेश गौतम के गांव जेठूपुर रहने लगी। लेकिन, 29 अप्रैल बुधवार की सुबह-सुबह सीमा देवी अपने प्रेमी के गांव में मौजूद एक टेलीफोन के टावर पर चढ़ गयी। और पहले पति अजय कुमार प्रजापति के साथ रहने की जिद पर अड़ गयी। सीमा देवी का आरोप है कि उसके प्रेमी कमलेश गौतम ने बहला-फुसलाकर उसकी हत्या करने की बात कहकर उसे लेकर भागा था। विवाहिता सीमा देवी लगातार अपने पति अजय कुमार प्रजापति व सास मुन्नी देवी को भी टावर के पास बुलाने की जिद पर अड़ी रही। हालांकि आनन-फानन में पुलिस पति अजय कुमार प्रजापति व उसकी सास मुन्नी देवी को वाहन में लादकर टावर के पास लेकर पहुंची थी। सास व पति को देखते ही सीमा देवी नीचे उतरी। जिसे पुलिस लेकर औराई थाने चली गई थी।
इंस्टाग्राम के जरिये पांच साल की दुल्हन सीमा देवी अपने ससुराल से लगभग 7 किलोमीटर जेठूपुर के रहने वाले कमलेश गौतम के साथ प्यार कर बैठी। और पूरी जिंदगी अपनी बर्बाद कर ली। अब उसके मायके वाले भी उससे किनारा कस रहे हैं। पति अजय कुमार प्रजापति भी सीमा देवी को कुबूल नहीं कर रहा है। औराई के घमहापुर पियरोपुर निवासी सीमा देवी के ससुर जगदीश प्रजापति ने बताया कि उसकी बहू ने घर को बर्बाद कर दिया। मुकदमा दर्ज होने के बाद सीमा देवी जो जेवर लेकर भागी थी पुलिस ने उसे बरामद करा दिया था। लेकिन नगद 1 लाख रूपया प्रेमी कमलेश गौतम व सीमा देवी ने मिलकर खर्च कर डाले। जेवर व पैसा जाने के बाद अब प्रेमी कमलेश गौतम सीमा देवी से पीछा छुड़ा रहा है। जबकि, दोनो ने आपस में कोर्ट मैरिज भी किया है। सीमा देवी का पहला पति अजय कुमार प्रजापति अपनी पत्नी को अब स्वीकार करने को तैयार नहीं है। उसे कोई भी बच्चा नहीं है। सीमा देवी के मायके वालों को भी टावर पर चढ़ने की सूचना दी गई। लेकिन बेटी की इस बेवफाई को देख मायके वाले भी हड़िया से औराई आने को तैयार नहीं है।
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना: ग्रामीण युवाओं के लिए 10 लाख तक ऋण का सुनहरा मौका
*ग्रामोद्योग रोजगार योजना: युवाओं को 10 लाख तक ऋण, स्वरोजगार का अवसर*

*खादी बोर्ड की पहल: बेरोजगारों को मिलेगा आसान ऋण, बनें आत्मनिर्भर*

*गांव में ही रोजगार का मौका: 4% ब्याज पर ऋण, महिलाओं को ब्याजमुक्त सुविधा*

*ऑनलाइन आवेदन शुरू: मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग योजना से जुड़ें, रोजगार पाएं*


*गोण्डा 29 अप्रैल 2026*  -  उ०प्र० खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, गोंडा द्वारा संचालित मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल की जा रही है। योजना का उद्देश्य गांव स्तर पर रोजगार सृजन कर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।

इस योजना के अंतर्गत 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के इच्छुक युवक-युवतियां अपने गांव में उद्योग स्थापित करने के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये तक का ऋण प्राप्त कर सकते हैं। सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को परियोजना लागत पर मात्र 4 प्रतिशत ब्याज देना होगा, जबकि महिला एवं आरक्षित वर्ग के लाभार्थियों को ब्याजमुक्त ऋण की सुविधा प्रदान की जाएगी।

इच्छुक अभ्यर्थी योजना के ई-पोर्टल mmgrykhadi.upsdc.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, पैन कार्ड, शैक्षिक व तकनीकी योग्यता प्रमाण पत्र, जाति/निवास प्रमाण पत्र, प्रोजेक्ट रिपोर्ट और नमूना हस्ताक्षर अपलोड करना अनिवार्य है। ऑनलाइन आवेदन के बाद उसकी हार्ड कॉपी जिला ग्रामोद्योग कार्यालय में जमा करनी होगी।

प्राप्त आवेदनों का चयन स्कोर कार्ड के आधार पर किया जाएगा तथा चयनित आवेदनों को बैंक के माध्यम से वित्तपोषण के लिए अग्रसारित किया जाएगा। जिला ग्रामोद्योग कार्यालय ने जनपद के बेरोजगार युवाओं से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ उठाकर स्वरोजगार अपनाएं और प्रदेश के विकास में सहभागी बनें। अधिक जानकारी के लिए कार्य दिवस में जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, 122 राजामोहल्ला, गोंडा या दूरभाष संख्या 9580503142 पर संपर्क किया जा सकता है।
विद्यालय प्रबंधन छात्र-छात्राओं अथवा उनके अभिभावकों पर किसी एक निर्धारित दुकान से पुस्तकें, कॉपियां या यूनिफॉर्म खरीदने का नहीं बनाएगा दबाव-जिला

*विद्यालय प्रबंधन द्वारा वर्ष भर विभिन्न कार्यक्रमों, उत्सवों या अन्य गतिविधियों के नाम पर अभिभावकों से किसी प्रकार की अवैध शुल्क की नहीं की जाएगी वसूली-जिलाधिकारी*


*विद्यालय प्रबंधन द्वारा छात्र- छात्राओं अथवा उनके अभिभावकों से वर्ष भर में लिए जाने वाले सभी शुल्क की देनी होगी रसीद-जिलाधिकारी*


*गोण्डा 29 अप्रैल,2026*।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में जिला शुल्क नियामक समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के विभिन्न विद्यालयों द्वारा लिए जा रहे शुल्क, नियमों के अनुपालन तथा अभिभावकों से संबंधित शिकायतों की गहन समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी विद्यालय प्रबंधन छात्र-छात्राओं अथवा उनके अभिभावकों पर किसी एक निर्धारित दुकान से पुस्तकें, कॉपियां या यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव नहीं बनाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की बाध्यता पूरी तरह अवैध है और इसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विद्यालयों को निर्देशित किया कि वे पारदर्शिता बनाए रखें और अभिभावकों के हितों का विशेष ध्यान रखें।

जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि विद्यालय प्रबंधन द्वारा वर्ष भर विभिन्न कार्यक्रमों, उत्सवों या अन्य गतिविधियों के नाम पर अभिभावकों से किसी प्रकार की अवैध वसूली नहीं की जाएगी। यदि किसी विद्यालय के खिलाफ इस प्रकार की शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित विद्यालय एवं उसके प्रबंधन के विरुद्ध शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अंतर्गत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि विद्यालय द्वारा लिए जाने वाले प्रत्येक शुल्क की विधिवत रसीद अभिभावकों को देना अनिवार्य होगा, जिससे शुल्क संबंधी पारदर्शिता बनी रहे। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने यह स्पष्ट किया कि जनपद के विद्यालय प्रत्येक वर्ष अनावश्यक रूप से यूनिफॉर्म, पुस्तकें एवं कॉपियां बदलने की प्रवृत्ति पर रोक लगाएं। ऐसा करना अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालता है, जो स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालयों की नियमित जांच की जाए तथा यदि कहीं भी नियमों का उल्लंघन पाया जाए, तो तत्काल प्रभाव से आवश्यक कार्रवाई की जाए।

बैठक में संबंधित विभागीय अधिकारियों ने भी अपने विचार रखे और नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन का आश्वासन दिया।
जिलाधिकारी ने बैठक में कहा कि प्रशासन अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिए हैं कि विकासखंडवार सभी विद्यालयों के लिए नोडल अधिकारी नामित करें और नोडल अधिकारियों द्वारा विद्यालयों की रेंडम जांच कराई जाए।

बैठक के दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक डॉक्टर रामचंद्र, खण्ड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय रामखेलावन सिंह सहित अन्य सभी संबंधित विभाग के अधिकारीगण एवं समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
समारोह पूर्वक मेधावी छात्राओं को किया गया सम्मानित

खरगूपुर (गोंडा)। यूपी बोर्ड परीक्षा में स्कूल टॉप करने वाली छात्रा सहित अन्य मेधावी छात्राओं को प्रबंधक व प्रधानाचार्य ने मंगलवार को सम्मानित किया। खरगूपुर क्षेत्र के बाबा पृथ्वीनाथ बालिका इंटर कॉलेज की हाई स्कूल की छात्रा साक्षी  ने 94.66% अंक पाकर स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त किया था, जिसे विद्यालय के प्रबंधक नित्यानंद शुक्ल व प्रधानाचार्य ऊषा त्रिपाठी ने छात्रा को साइकिल, किताब व प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया।

इसके अलावा हाई स्कूल की निधि, प्रज्ञा, अंशिका, दृष्टि, प्रतिज्ञा, पल्लवी तथा इंटर मीडियट की छात्रा मानसी,आंचल, प्रिया सहित 20 छात्राओं को पुरस्कृत कर उनका हौसला बढ़ाया गया। प्रबंधक श्री शुक्ल ने कहा कि शिक्षा एक ऐसी विधा है, जिसे प्राप्त कर तुम लोग कहीं भी सम्मान की हकदार बन सकती हो। इसलिए सभी लोग खूब मेहनत से पढ़कर स्कूल, जिले व प्रदेश का नाम रोशन करो। छात्राओं को प्रधानाचार्य व सहायक अध्यापक टी पी यादव, वासुदेव तिवारी, सुनीता शुक्ला ने भी संबोधित किया। इस मौके पर शेषनारायण शुक्ल, रामदास पांडेय, धर्मेंद्र शर्मा, माधव राज यादव, राम उददुर वर्मा, रंजू शुक्ला, माधुरी शुक्ला, सैयदा खातून, गीता शुक्ला रहीं।
आईटीआई अलीगंज में कैंपस ड्राइव, 57 युवाओं को मिला रोजगार

* मुख्यमंत्री मिशन रोजगार के तहत आयोजन, चयनित अभ्यर्थियों को ₹22,055 तक मासिक वेतन मिलेगा

लखनऊ। मुख्यमंत्री मिशन रोजगार योजना के अंतर्गत राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), अलीगंज, लखनऊ में बुधवार को कैंपस ड्राइव का आयोजन किया गया। इस रोजगार मेले में डेनसो हरियाणा प्रा. लि. ने अपनी गुरुग्राम स्थित इकाई के लिए अभ्यर्थियों का चयन किया।
कैंपस ड्राइव में कुल 122 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार के बाद 57 अभ्यर्थियों का अंतिम चयन किया गया। चयनित युवाओं को कंपनी द्वारा प्रथम वर्ष में अधिकतम ₹22,055 प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा। साथ ही उन्हें बी.वोक कोर्स करने का अवसर भी मिलेगा, जिससे कौशल विकास और करियर उन्नति को बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानाचार्य राज कुमार यादव ने कंपनी प्रतिनिधियों से अधिक से अधिक अभ्यर्थियों को अवसर देने का आग्रह किया तथा चयनित अभ्यर्थियों को समय पर ज्वाइनिंग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कैंपस ड्राइव युवाओं को रोजगार से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं और प्रदेश सरकार की रोजगारपरक नीतियों को मजबूती देते हैं।
प्लेसमेंट ऑफिसर एम.ए. खां ने बताया कि संस्थान लगातार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए उद्योगों से समन्वय कर रहा है।
कार्यक्रम के सफल संचालन में अनुदेशक मकबूल कादिर, जेड रहमान तथा ग्रे सिम लर्निंग्स फाउंडेशन के स्टाफ का विशेष योगदान रहा।
बिजनौर की 8 पर्यटन परियोजनाओं को ₹9.09 करोड़ मंजूर, बिदुर आश्रम का होगा कायाकल्प

* धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण और बुनियादी सुविधाओं के विकास पर सरकार का जोर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने जनपद बिजनौर की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में पर्यटन विकास की 8 परियोजनाओं के लिए ₹9.09 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। यह स्वीकृति वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य योजना के अंतर्गत दी गई है। इन परियोजनाओं के तहत धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण, आधारभूत सुविधाओं का विकास और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने बताया कि सभी कार्यों के लिए यूपीएसटीडीसी को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। साथ ही संबंधित एजेंसियों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि बिजनौर स्थित ऐतिहासिक बिदुर कुटी स्थल के समेकित विकास हेतु ₹4 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा बढ़ापुर विधानसभा क्षेत्र में प्राचीन संत शिरोमणि रविदास मंदिर के लिए ₹44 लाख, सदर विधानसभा क्षेत्र के उमा महेश आश्रम निजामतपुरा गंज के लिए ₹40 लाख तथा नूरपुर स्थित प्राचीन झंडेवाला बाबा मंदिर के लिए ₹30 लाख मंजूर किए गए हैं।
इसी प्रकार नगीना स्थित श्रीराम लीला बाग मंदिर के विकास के लिए ₹1.11 करोड़, नहटौर में अड्डे वाले बाबा स्थल के लिए ₹87 लाख, धामपुर में केड़ीवाले बाबा स्थल के लिए ₹50 लाख तथा विकासखंड अल्लेहपुर धाम स्थित स्थल के विकास के लिए ₹1.12 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री की प्रेरणा से प्रदेश के धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का सर्वांगीण विकास किया जा रहा है। अल्पज्ञात आस्था स्थलों को विकसित कर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
डिप्टी सीएम केशव मौर्य और बृजेश पाठक ने पूर्व मंत्री नरेंद्र कुमार सिंह गौर का जाना हालचाल

* केजीएमयू पहुंचकर स्वास्थ्य की जानकारी ली, बेहतर इलाज के दिए निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक के साथ किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ पहुंचकर भर्ती पूर्व मंत्री नरेंद्र कुमार सिंह गौर से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।
दोनों उप मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से श्री गौर के स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा उपचार संबंधी आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से कहा कि मरीज को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और इलाज में किसी प्रकार की कमी न रहने पाए।
इस दौरान केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक ने पूर्व मंत्री श्री गौर के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही परिजनों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार हरसंभव सहयोग और सहायता के लिए तत्पर है।
गंगा एक्सप्रेसवे विकास का नया अध्याय, यूपी बना 60% एक्सप्रेसवे वाला राज्य: नन्दी

* समग्र विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है गंगा एक्सप्रेसवे, उद्घाटन समारोह में बोले औद्योगिक विकास मंत्री

लखनऊ। गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश के समग्र विकास, प्रतिबद्धता और दूरदर्शी सोच का दर्पण है। उन्होंने कहा कि इसके लोकार्पण के साथ उत्तर प्रदेश देश का 60 प्रतिशत एक्सप्रेसवे नेटवर्क वाला राज्य बन गया है।
उन्होंने कहा कि माँ गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की आस्था, संस्कृति और समृद्धि का केंद्र हैं। जिस प्रकार गंगा का जल धरती को उर्वर बनाता है, उसी प्रकार गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं को नया स्वरूप देने जा रहा है। यह परियोजना प्रदेश के अवस्थापना विकास के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय साबित होगी।
नन्दी ने कहा कि गंगा भारत की सांस्कृतिक जीवनरेखा है और यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की औद्योगिक जीवनरेखा के रूप में स्थापित होगा। इससे निवेश, परिवहन, रोजगार और व्यापार को नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को ‘एक्सप्रेस प्रदेश’ के रूप में नई पहचान मिली है। पिछले नौ वर्षों में बुन्देलखंड एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और अब गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण से प्रदेश के औद्योगिक और बुनियादी ढांचे के विकास को दोगुनी रफ्तार मिली है।
मंत्री ने कहा कि प्रयागराज से देश की राजधानी तक जुड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों की यात्रा में मील का पत्थर है और प्रदेश के सर्वांगीण विकास के संकल्प को साकार करता है।
विधान परिषद की कार्य परामर्शदात्री समिति की बैठक सम्पन्न, 30 अप्रैल के सदन कार्यक्रम पर मंथन
* ‘नारी सशक्तिकरण’ विषय पर अनवरत चर्चा का प्रस्ताव पारित, सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की कार्य परामर्शदात्री समिति की बैठक बुधवार को विधान परिषद सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक का आयोजन विधान परिषद भवन के कक्ष संख्या-77 में किया गया।
बैठक में 30 अप्रैल को संचालित होने वाले सदन के कार्यक्रमों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। साथ ही ‘नारी सशक्तिकरण’ विषय पर उत्तर प्रदेश विधान परिषद की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली, 1956 के नियम 59(9) के अंतर्गत लोकहित के विषय पर अनवरत चर्चा हेतु प्रस्ताव रखा गया, जिसे समिति ने पारित कर दिया।
बैठक में उपमुख्यमंत्री एवं नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किए। इसके अलावा वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव सहित कई सदस्यों ने भी अपने सुझाव रखे।
बैठक में एमएलसी सलिल विश्नोई, जासमीर अंसारी, अश्वनी त्यागी, ध्रुव कुमार त्रिपाठी, बिछ्छे लाल राम, जयपाल सिंह ‘व्यस्त’, आकाश अग्रवाल,  अक्षय प्रताप सिंह,  महेन्द्र सिंह तथा विधान परिषद के प्रमुख सचिव राजेश सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
भाजपा द्वारा पानी-बिजली के ज्वलंत मुद्दे पर 6-12 मई तक जिलावार प्रदर्शन का ऐलान

बीते 17 अप्रैल को बिजली के मुद्दे पर राज्यव्यापी आंदोलन करने के बाद झारखंड भाजपा ने एक बार फिर पानी की घोर किल्लत एवं बिजली कटौती को लेकर जोरदार आंदोलन करने का ऐलान कर दिया है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने 6 से लेकर 12 मई तक यानि 6 दिनों तक भाजपा द्वारा इस गंभीर मुद्दे पर विभिन्न जिलों में जोरदार प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

प्रेस वार्ता के दौरान श्री साहू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने पानी बिजली संकट से त्राहिमाम कर रही झारखंड की जनता के बीच व्याप्त भारी आक्रोश को आंदोलन के माध्यम से स्वर देने का निर्णय लिया है। इसी निमित्त भारतीय जनता पार्टी द्वारा 6 मई से लेकर 12 मई तक यानि 6 दिनों तक जिलावार जन प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है। आंदोलन की तैयार रूपरेखा के अनुसार 6 मई को गढ़वा, पलामू एवं लातेहार, 7 मई को चाईबासा, जमशेदपुर एवं सरायकेला-खरसावां, 8 मई को हजारीबाग, चतरा, कोडरमा एवं रामगढ़, 9 मई को दुमका, पाकुड़, साहिबगंज, गोड्डा, देवघर एवं जामताड़ा, 11 मई को गिरिडीह, धनबाद एवं बोकारो और 12 मई को रांची, लोहरदगा, सिमडेगा, गुमला एवं खूंटी में भारतीय जनता पार्टी का एक एक कार्यकर्ता सिर पर घड़ा, डेकची सहित पानी ढोने वाले अन्य बर्तन को लेकर प्रदर्शन करेंगे। हमारी पार्टी आँखें मूंदकर नहीं बैठ सकती है। हमारे एक एक कार्यकर्ता इस जनविरोधी सरकार को कुंभकर्णी निद्रा से जगाने का काम करेंगे।

श्री साहू ने कहा कि पूरा झारखंड पेयजल की घोर किल्लत से त्राहिमाम कर रहा है। प्रदेश भर में लगभग 80000 चापानल खराब पड़े हैं। 72 घंटे में खराब पड़े चापानल को बनाने का सरकारी दावा फिसड्डी साबित हुआ है। सरकार द्वारा जारी टोल फ्री नंबर भी किसी काम का नहीं है। राज्य भर में लोग बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। जनता की यह पीड़ा राज्य सरकार को महसूस नहीं होती है। काफी दुख का विषय है कि सरकार की रुचि जनसमस्याओं को दूर करने की बजाय पूरी कैबिनेट के साथ दूसरे प्रदेशों में चुनावी दौरा कर पिकनिक मनाने में अधिक है। लगता है, सीएम का फोकस पॉइंट झारखंड की बजाय पड़ोसी राज्य हो गया है। हेमंत सरकार को भले ही आम लोगों की यह पीड़ा महसूस नहीं होती परन्तु भाजपा का एक एक कार्यकर्ता आम लोगों की इस पीड़ा को महसूस कर रहा है।

श्री साहू ने कहा कि देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर घर को स्वच्छ जल मिले, इसके लिए नल जल योजना के रूप में महत्वाकांक्षी योजना चलाई, इसमें सफलता भी मिली। लेकिन दुखद बात यह है कि 12764 करोड़ रुपए झारखंड में खर्च होने के बावजूद यहां पर यह योजना धरातल पर प्रभावी नहीं दिख रही है। अधिकांश जगहों पर जलापूर्ति कागजों तक ही सीमित है, नल सूखे पड़े हैं। उन्होंने कहा कि वे केवल सुनी सुनाई बातों को नहीं कह रहे हैं बल्कि इस योजना का भुक्तभोगी वे खुद हैं और उदाहरण के तौर पर उनका गांव है, जहां नल तो लगा है, पाइप भी बिछाया गया है लेकिन पानी का एक बूंद आज तक नहीं मिल पाया है। हेमंत सरकार ने इस योजना में भ्रष्टाचार करने का काम किया है। आज भी राज्य में 45% परिवार इस योजना से वंचित हैं। इस योजना की झारखंड में स्थिति यह है कि यह योजना राष्ट्रीय औसत से लगभग 25% पीछे है। देशभर में नीचे से यह दूसरे स्थान पर है।

श्री साहू ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2019 से 2025 के बीच झारखंड को 12982 करोड रुपए आवंटित किए। जिसमें से 6010 करोड़ यानी 46.30% ही राज्य सरकार खर्च कर पाई। 7000 से अधिक की राशि पड़ी हुई है। राज्य सरकार दोषारोपण करती है कि केंद्र सरकार भेदभाव करती है, गैर बीजेपी शासित प्रदेश को मदद नहीं करती। इससे प्रमाणित होता है कि यह आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और राजनीतिक है। दरअसल केंद्र के पैसे को झारखंड सरकार खर्च ही नहीं कर पाती। आज अगर नल जल योजना को सही से जमीन पर उतारा जाता तो लोगों को पानी की इतनी भयावह स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। माताएं बहने कई किलोमीटर से माथे पर बर्तन लेकर चुआ तालाब से पानी लाने को विवश हैं। राज्य सरकार केवल बड़ी-बड़ी बातें करती है, प्रलोभन देना, ठगना ही इस सरकार का एकमात्र काम रह गया है।

श्री साहू ने कहा कि पानी की किल्लत और बिजली कटौती के विरोध में भाजपा का यह आंदोलन राज्य सरकार की नींद हराम कर देगा। साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि पानी बिजली के मुद्दे पर सरकार गंभीरता दिखाएं। लोगों को पानी की कमी नहीं हो। खराब पड़े चापानलों की तत्काल मरम्मत कराई जाए। अब तो केंद्र ने भी पंचायत को पैसा दे दिया है, उसका इन कार्यों में सदुपयोग हो। प्रदेश अध्यक्ष ने चुटकी लेते हुए कहा कि इस मुद्दे पर सरकार कितनी गंभीर होगी, सरकार ही जाने। लेकिन इतना तय है कि जमीनी हकीकत से कोसों दूर सरकार की तरफ से अखबारों में खंडन जरूर किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार को सुझाव दिया कि सरकार अपनी ऊर्जा इन सब चीजों की बजाय जनता की समस्याओं के समाधान की दिशा में लगावे तो ज्यादा बेहतर होगा।

इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व सांसद आभा महतो, भानु प्रताप शाही, प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाऊरी एवं प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह भी मौजूद थे।