गया के वृद्धाश्रम ‘सहारा’ में वूमेन विंग्स फाउंडेशन द्वारा दही-चूड़ा का आयोजन, वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्ग पुरुषों-महिलाओं ने कहानियां साझा की
गया। गया जिले के गया–फतेहपुर रोड स्थित बीएसएफ कैंप के समीप हनुमान नगर में संचालित वृद्धाश्रम सहारा में रविवार को सेवा, सम्मान और सामाजिक सौहार्द का भावपूर्ण दृश्य देखने को मिला। महिला सामाजिक संस्था वूमेन विंग्स फाउंडेशन की ओर से वृद्धजनों के सम्मान में दही-चूड़ा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों के बीच बिस्कुट का वितरण किया गया तथा उन्हें आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत वृद्धजनों से आत्मीय मुलाकात और उनके हालचाल जानने के साथ हुई। संस्था की अध्यक्ष ममता सिंहा, निदेशक रेखा अग्रवाल सहित वूमेन विंग्स फाउंडेशन की दर्जनों सदस्याओं ने स्वयं अपने हाथों से बुजुर्गों को दही-चूड़ा खिलाया। इस दौरान वृद्धाश्रम का माहौल भावनात्मक, अपनत्व और संवेदनाओं से भरा रहा। बुजुर्गों ने संस्था की इस पहल को अपने लिए बेहद खास बताते हुए आभार व्यक्त किया। कई वृद्धजनों की आंखों में खुशी और संतोष साफ झलक रहा था। वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्ग पुरुषों और महिलाओं ने अपने जीवन की संघर्षपूर्ण कहानियां साझा कीं, जिन्हें सुनकर संस्था की सदस्यों की आंखें नम हो गईं। वूमेन विंग्स फाउंडेशन की सदस्यों ने कहा कि समाज के बुजुर्ग हमारी अमूल्य धरोहर हैं और उनकी सेवा करना हम सभी का नैतिक दायित्व है। उन्होंने बताया कि संस्था का उद्देश्य केवल एक-दिवसीय कार्यक्रम करना नहीं है, बल्कि निरंतर जरूरतमंदों के साथ खड़े रहना है। संस्था की ओर से यह भी कहा गया कि भविष्य में वृद्धजनों के स्वास्थ्य, वस्त्र, भोजन और अन्य आवश्यक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए और भी सहयोगात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वृद्धाश्रम सहारा में समय-समय पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाती रहेगी। इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और लोगों में सेवा, सहयोग और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करते हैं। वृद्धाश्रम प्रबंधन ने वूमेन विंग्स फाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सामाजिक संगठन बुजुर्गों के जीवन में नई ऊर्जा, आशा और आत्मविश्वास का संचार करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी तरह का सहयोग मिलता रहेगा। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि यदि समाज के विभिन्न वर्ग एकजुट होकर आगे आएं, तो बुजुर्गों को सम्मान, स्नेह और सुरक्षित जीवन प्रदान किया जा सकता है। वूमेन विंग्स फाउंडेशन का यह प्रयास निस्संदेह समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
রাজ্যের SIR এর লজিক্যাল ডিসক্রিপেন্সির তালিকা প্রকাশ করতে হবে নির্বাচন কমিশনকে, সুপ্রিম কোর্ট
ডেস্ক: SIR নিয়ে বড় নির্দেশ সুপ্রিম কোর্টের। লজিক্যাল ডিসক্রিপেন্সির তালিকা প্রকাশ করতে হবে নির্বাচন কমিশনকে, সোমবার নির্দেশ দিল দেশের শীর্ষ আদালতের প্রধান বিচারপতি সূর্য কান্ত ও বিচারপতি জয়মাল্য বাগচীর বেঞ্চ।এই তালিকায় থাকা ১ কোটি ৩৬ লক্ষের নামের তালিকা প্রকাশ করতে হবে নির্বাচন কমিশনকে।৩ দিনের প্রকাশ করতে হবে এই তালিকা।ব্লক, পঞ্চায়েত, জেলা সদর, পুরসভা এলাকায় ওয়ার্ড ভিত্তিক ওয়ার্ড অফিসে সর্বত্র এই নামের তালিকা রাখতে হবে। তালিকা প্রকাশের ১০ দিনের মধ্যে শুনানিরও নির্দেশ দেওয়া হয়েছে।একই সঙ্গে একাধিক গুরুত্বপূর্ণ নির্দেশ দেওয়া হয়েছে। এ দিন সুপ্রিম কোর্ট জানিয়ে দিল, SIR-এর নথি হিসেবে গ্রহণ করতে হবে মাধ্যমিকের অ্যাডমিট কার্ড। অন্যদিকে একজন জনপ্রতিনিধিকেও (তিনি BLA-এও হতে পারেন) রাখা যেতে পারে হিয়ারিংয়ে।গত কয়েক দিনে SIR হিয়ারিং পর্ব শুরু হতেই যে বিষয়গুলি নিয়ে সবথেকে বেশি আলোচনা হয়েছে, তার মধ্যে উপরিউক্ত তিনটি বিষয়ই রয়েছে। *এক* , লজিক্যাল ডিসক্রিপেন্সি। যার নাম করে লক্ষ লক্ষ মানুষের কাছে হিয়ারিং নোটিস যাচ্ছে। একবার নয়, কেউ কেউ তিন বার করেও ডাক পাচ্ছেন। *দুই* , BLA বা BLA-2দের হিয়ারিংয়ে উপস্থিতি। *তিন* , মাধ্যমিকের অ্যাডমিট কার্ডের গ্রহণযোগ্যতা নিয়ে গত কয়েক দিন ধরেই প্রশ্ন উঠছিল। মামলাতেও এ নিয়ে বলা হয়েছিল। এ দিন অ্যাডমিট কার্ড নথি হিসেবে গ্রহণ করার কথা বলেছে সুপ্রিম কোর্ট।
প্রধান বিচারপতির বেঞ্চ জানিয়েছে, রাজ্যের সমস্ত গ্রাম পঞ্চায়েত দফতর, ব্লক অফিস এবং ওয়ার্ড অফিসে তথ্যগত অসঙ্গতির তালিকা টাঙাতে হবে কমিশনকে। প্রতিটি ব্লক অফিসে আলাদা কাউন্টার খুলতে হবে। সেখানেই সাধারণ মানুষ নথি জমা দিতে এবং তালিকা সংক্রান্ত আপত্তি জানাতে পারবেন। এই সমস্ত দফতরের শুনানিতে স্থানীয় কর্তৃপক্ষ নথি জমা নিলে তার জন্য আলাদা রসিদ দিতে হবে ভোটারকে। নথির প্রাপ্তিস্বীকার করতে হবে লিখিত ভাবে। এ ছাড়া, পুরো প্রক্রিয়ায় রাজ্যকে যথাযথ পুলিশ মোতায়েন করে আইনশৃঙ্খলা পরিস্থিতি নিয়ন্ত্রণে রাখতে হবে বলে জানিয়েছে সুপ্রিম কোর্ট।
সর্বোচ্চ আদালতের নির্দেশ, এসআইআর প্রক্রিয়ার জন্য রাজ্য সরকারকে পর্যাপ্ত কর্মী দিতে হবে। তাঁরা পঞ্চায়েত ভবন এবং ব্লক অফিসে বসে ভোটারদের কথা শুনবেন। প্রত্যেক জেলার জেলাশাসককে এই নির্দেশ কঠোর ভাবে মানতে হবে। কোনও ভোটার চাইলে প্রতিনিধির মাধ্যমে নথি জমা দিতে পারবেন। সেই প্রতিনিধি হতে পারেন যে কোনও দলের বিএলএ, পরিবারের সদস্য অথবা অন্য কেউ, যাঁকে ভোটার অনুমতি দিয়েছেন। তবে তাঁর কাছে একটি অনুমতিপত্র থাকতে হবে এবং তাতে সংশ্লিষ্ট ভোটারের স্বাক্ষর বা আঙুলের ছাপ থাকতে হবে
এদিনের শুনানিতে নির্বাচন কমিশনের তরফে আইনজীবী ছিলেন রাকেশ দ্বিবেদী। তাঁর বক্তব্য, যেখানে বাবা-মায়ের সঙ্গে সন্তানের বয়সের ফারাক ১৫ বছর, সেই সমস্ত কেসেই শুনানির জন্য ডাকা হচ্ছে।
তখন প্রধান বিচারপতি সূর্য কান্ত প্রশ্ন করেন, “যে দেশে বাল্যবিবাহ বন্ধ করা যায়নি, সেই দেশে কি এই ফারাক খুব অসঙ্গত?” রাজ্যের আইনজীবী বলেন, “বাবা মায়ের সঙ্গে সন্তানের বয়সের ফারাক, দাদু ঠাকুমার সঙ্গে বয়সের ফারাক থেকে ভোটার তালিকার নাম বাদ দেওয়ার প্রাসঙ্গিক মাপকাঠি হতে পারে না।” তখন কমিশনের আইনজীবী রাকেশ দ্বিবেদী জানান,  ৭ জন এমন ব্যক্তি পাওয়া গিয়েছে, যাঁরা দাবি করছেন, তাঁদের ১০০ জন সন্তান। প্রধান বিচারপতি তখন বলেন, ” হতেই পারে এটা টাইপের ভুল।”
এরপরই রাজ্যের আইনজীবী কপিল সিব্বল বিএলএ-দের প্রসঙ্গ টেনে আনেন। তিনি প্রশ্ন তোলেন, ” বিএলএ-রা কেন শুনানিতে অংশগ্রহণ করতে পারছেন না?”
প্রধান বিচারপতি তখন কমিশনের আইনজীবীর কাছে জানতে চান, তাঁরা যখন বলছেন যে একটু স্বচ্ছ, পক্ষপাতহীন প্রক্রিয়ায় সমস্ত রাজনৈতিক দলকে শামিল করে SIR সম্পন্ন করতে চান, তখন BLA এর কেন নেওয়া হচ্ছে না?
কমিশনের তরফে আইনজীবী ছিলেন রাকেশ দ্বিবেদী জানান, আলাদা আলাদা রাজনৈতিক দলের সদস্যরা বিএলএ হিসাবে গোটা প্রক্রিয়ার মাঝে থেকে ঝগড়া করছেন। এভাবে প্রক্রিয়া সম্পন্ন করা যাবে না। তাতে শান্তি বিঘ্নিত হচ্ছে।
তখন প্রধান বিচারপতি বলেন, “যাঁরা শুনানির জন্য ডাক পাচ্ছেন, তাঁরা সওয়াল করার জন্য তাঁদের প্রতিনিধি নিযুক্ত করতে পারেন। তাঁরা বিএলও হতে পারেন। আপনারা এটা বিচার মনে করছেন না?” কারা ম্যাপ এবং কারা আনম্যাপড তাদের তালিকাও প্রকাশের কথা বলা হয়।এই কথা প্রসঙ্গেই উঠে আসে হোয়াট্যাসঅ্যাপে বিএলও-দের নির্দেশ প্রসঙ্গ। যে প্রসঙ্গ খোদ সাংসদ  অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায় কমিশনের ফুল বেঞ্চের সামনে উত্থাপিত করেছিলেন।
এদিন সওয়াল জবাবের সময়ে রাজ্যের আইনজীবী শ্যাম দিওয়ান বলেন, “CEO নিজে DEO দের হোয়াটসঅ্যাপে নির্দেশ দিচ্ছেন। কোনও পরিস্থিতিতে বিএলও-দের যেন শুনানিতে হাজির হতে দেওয়া না হয়। হোয়াটসঅ্যাপে কীভাবে সরকারি নির্দেশ দেওয়া যেতে পারে?”
তখন রাজ্যের তরফে আইনজীবী কল্যাণ বন্দোপাধ্যায় টেনে আনেন বাঁকুড়ার তালডাংরার প্রসঙ্গ।আদালতের দৃষ্টি আকর্ষণ করে তিনি বলেন, “কোন একজন ব্যক্তি, যিনি রাজনৈতিক দলের সদস্য, তাঁর কাছে প্রচুর পরিমাণ ফর্ম পাওয়া যাচ্ছে।”
প্রধান বিচারপতি তখন স্পষ্ট করে দেন, “সরকারি নির্দেশ যতই হোয়াটসঅ্যাপে দেওয়া হোক, যতক্ষণ না সার্কুলারের মাধ্যমে দেওয়া হচ্ছে, তা সরকারি নির্দেশ হিসেবে গণ্য হতে পারে না।”
তৃণমূলের সর্বভারতীয় সাধারণ সম্পাদক অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায় বারাসাতের সভাস্থল থেকে বলেন, ‘‘বিজেপির এসআইআর গেম ওভার। তৃণমূলের দাবি মেনে নিয়েছে সুপ্রিম কোর্ট। তথ্যগত অসঙ্গতির তালিকা প্রকাশ করতে বলা হয়েছে। এজেন্টদেরও শুনানি কেন্দ্রে থাকার অনুমতি দেওয়া হয়েছে। ১ কোটি নামকে বাদ দেওয়ার চেষ্টা করা হচ্ছিল। সেটা বেঁচে গেল। এই জয় বাংলার, মানুষের জয়।বিজেপিকে আজ কোর্টে হারালাম। এপ্রিলে ভোটে হারাবো।"
ব্যারাকপুরে শেষ দিনেও  SIR এ ফর্ম-৭ জমা দিতে পারল না বিজেপি

প্রবীর রায়: এই নিয়ে পর পর ৪ দিন ব্যারাকপুর কেন্দ্রের ৬টি বিধানসভার ৭ নম্বর ফর্ম ERO দের কাছে জমা দিতে গিয়ে ফিরে আসতে হয়েছে বিজেপি নেতৃত্বকে। এদিনও ভাটপাড়ার বিধায়ক পবন কুমার সিংকে সঙ্গে নিয়ে বিজেপির জেলা সভাপতি তাপস ঘোষ সহ জেলার পদাধিকারীরা ব্যারাকপুর প্রশাসনিক ভবনে ERO দের কাছে ফর্ম-৭ জমা দিতে গিয়েছিলেন। কিন্তু নৈহাটী ছাড়া আর কোনো বিধানসভার ERO দের দেখা মেলেনি। বিধায়ক পবন সিং জানান, 'নির্বাচন অধিকারীকরা প্রত্যেকেই ৭-নম্বর জমা নিতে হায়ার অথরিটিকে দেখাচ্ছেন। কিন্তু কে সেই হায়ার অথরিটি তা কেউ বলছেন না। আবারো বিষয়টি নির্বাচন কমিশনের কাছে জানাচ্ছি"।বিজেপির জেলা সভাপতি তাপস ঘোষ বলেন, "নির্বাচন কমিশনের নির্দেশ দেখানো সত্ত্বেও BLO, ERO রা ৭- নম্বর ফর্ম জমা নিচ্ছে না। একমাত্র নৈহাটী বিধানসভার নির্বাচনী অধিকারিক ছাড়া বাকি ERO দের দেখা মেলেনি। তাও আবার পাঁচটার বেশি ৭-নম্বর ফর্ম নিতে অস্বীকার করেন নৈহাটীর নির্বাচনী অধিকারিক"।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत भव्य कार्यक्रम का किया गया आयोजन


*प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत जनपद के 414 लाभार्थियों को मिला 1 लाख रुपये की धनराशि के साथ स्वीकृति पत्र*

*गोण्डा 18 जनवरी,2026*
जिला पंचायत सभागार में डूडा (जिला नगरीय विकास अभिकरण) विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य शहरी क्षेत्र के पात्र लाभार्थियों को आवास उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को साकार करना था।
इस अवसर पर जनपद के कुल 414 लाभार्थियों को योजना के अंतर्गत स्वीकृति प्रमाण पत्र वितरित किए गए। साथ ही कार्यक्रम के दौरान सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रत्येक लाभार्थी के बैंक खाते में ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) की प्रथम किस्त की धनराशि सीधे अंतरित की गई। इस प्रक्रिया ने पारदर्शिता और त्वरित लाभ हस्तांतरण को सुनिश्चित किया।
कार्यक्रम में
विधायक तरबगंज श्री प्रेम नरायन पाण्डेय,  विधायक करनैलगंज श्री अजय सिंह, मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती अंकिता जैन, अपर जिलाधिकारी श्री आलोक कुमार, उपजिलाधिकारी करनैलगंज / परियोजना अधिकारी डूडा गोण्डा सुश्री नेहा मिश्रा, तथा महामंत्री भाजपा श्री राकेश तिवारी की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
अपने संबोधन में जनप्रतिनिधियों ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 का उद्देश्य “सबके लिए आवास” के संकल्प को साकार करना है। यह योजना शहरी गरीबों, कमजोर वर्गों एवं जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराकर उनके जीवन स्तर में सुधार लाने का कार्य कर रही है। उन्होंने लाभार्थियों से आवास निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने और धनराशि का सदुपयोग करने की अपील की।

मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती अंकिता जैन ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप पात्र लाभार्थियों का चयन पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया है और आगे भी समयबद्ध तरीके से शेष किस्तों का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। परियोजना अधिकारी डूडा सुश्री नेहा मिश्रा ने योजना की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विभाग द्वारा निरंतर निगरानी कर आवास निर्माण कार्य को गति दी जा रही है।
इस अवसर पर शहर मिशन प्रबंधक अंशिका श्रीवास्तव, म्युनिसिपल सिविल इंजीनियर सीएलटीसी विनय कुमार सहित अन्य सभी संबंधित उपस्थित रहे।
एटा में घर में घुसकर चार लोगों की हत्या, दंपती, पुत्रवधू और नातिन की मिली खून से सनी लाशें

लखनऊ ।  एटा के कोतवाली नगर क्षेत्र के मोहल्ला नगला प्रेमी में सोमवार को दिनदहाड़े घर में घुसकर जानलेवा हमला किया गया। इसमें तीन लोगों की माैके पर ही माैत हो गई। एक गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गंभीर घायल को अस्पताल भेजा, जहां चिकित्सकों ने उसको भी मृत घोषित कर दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। श्याम देवी का सिर फटा हुआ था। अन्य शव भी खून से लथपथ थे। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि धारदार हथियार से चार लोगों की हत्या की गई है। दिनदहाड़े चार लोगों की हत्या से क्षेत्र में दहशत फैल गई। बड़ी संख्या में लोग माैके पर पहुंच गए।

पुलिस के आला अधिकारी भी पहुंच गए। फोरेंसिक टीम और डाॅग स्क्वायड भी माैके पर जांच में जुटे हैं।गंगा सिंह का 10 वर्षीय नाती देवांश सोमवार को स्कूल से लौटा। उसने घर का दरवाजा खटखटाया तो कोई आवाज नहीं आई। इसके बाद गेट खोलकर अंदर घुस गया। वहां जाकर देखा सामने वाले कमरे में बाबा गंगा सिंह शाक्य मृत अवस्था में पड़े थे। इसके अलावा दादी श्यामा देवी, मां रत्ना और बड़ी बहन ज्योति पहली मंजिल पर खून से लथपथ पड़े हुए थे।  यह देख कर उसकी चीख निकल गई। बाहर आकर गली में बैठे हुए लोगों को बताया।

यह सुनकर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस वहां पहुंची तो श्यामा देवी की सांस चल रही थी। श्यामा देवी को तत्काल मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी भेजा गया। यहां कुछ समय चले उपचार के बाद उनकी भी मौत हो गई। अपर पुलिस अधीक्षक श्वेता पांडे ने बताया कि घटनास्थल पर कोतवाली नगर पुलिस के अलावा डॉग स्क्वाड, फोरेंसिक टीम व अन्य थानों का पुलिस बल भी बुलाया गया। घटना की गहनता के साथ छानबीन की जा रही है। पुलिस की टीम मोहल्ले में आसपास के घरों में लगे हुए सीसीटीवी कैमरे भी खंगाल रही है।
यूपी दिवस-2026 पर दिल्ली हाट में सजेगी उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और विकास गाथा

सांस्कृतिक संध्या में लोकनृत्य, हस्तशिल्प, क्षेत्रीय व्यंजन और प्रवासी यूपीवासियों का सम्मान



लखनऊ। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा यूपी दिवस-2026 के अवसर पर 24 जनवरी को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली स्थित दिल्ली हाट में भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा। शाम 5:30 बजे से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा, सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली इतिहास की झलक देखने को मिलेगी।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि दिल्ली हाट को ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ की थीम पर सजाया जाएगा। कार्यक्रम में प्रदेश की विविध लोकनृत्य शैलियों की आकर्षक प्रस्तुतियों के साथ-साथ पारंपरिक हस्तशिल्प और विभिन्न अंचलों के प्रसिद्ध क्षेत्रीय व्यंजनों का प्रदर्शन किया जाएगा। देश-विदेश में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे उत्तर प्रदेश के मूल निवासियों को सम्मानित भी किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि समारोह में 18 से 20 देशों के भारत में पदस्थ राजनयिकों, प्रवासी भारतीयों, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों एवं उत्तर प्रदेश के विशिष्टजनों की सहभागिता प्रस्तावित है। यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी दिवस को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार ने विदेशों में भी इसे उत्सव के रूप में मनाने की तैयारी की है। इसी क्रम में फिजी, त्रिनिदाद एवं टोबैगो, सूरीनाम, सेशेल्स सहित लगभग 12 देशों में पदस्थ भारतीय राजनयिकों को यूपी दिवस के आयोजन हेतु पत्र भेजे गए हैं।

अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर यूपी दिवस मनाने से प्रवासी उत्तर प्रदेशवासियों में अपने प्रदेश के प्रति गर्व और भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि यह पहल ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ-साथ लखनऊ को यूनेस्को के ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ नेटवर्क में मिली मान्यता के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि और पर्यटन संभावनाओं को विश्व पटल पर स्थापित करेगी।
आईजीआरएस निस्तारण में भदोही पुलिस को प्रदेश में प्रथम रैंक: अपर पुलिस अधीक्षक ने 9 कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने उत्तर प्रदेश सरकार के जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि लगातार छह महीनों (जुलाई से दिसंबर) तक शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान के परिणामस्वरूप मिली है। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने जनपद भदोही के कुल नौ पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इन कर्मचारियों ने पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के निर्देशन में अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। अपर पुलिस अधीक्षक ने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी पुलिसकर्मी इसी निष्ठा और लगन के साथ आईजीआरएस के कार्यों को समय पर पूरा करते रहेंगे, जिससे जनपद पुलिस की रैंकिंग उच्च स्तर पर बनी रहे। प्रशस्ति पत्र प्राप्त करने वाले कर्मचारियों में थाना कोइरौना से कांस्टेबल आर्यन कुमार और महिला कांस्टेबल अन्नपूर्णा शामिल हैं। थाना ऊंज से महिला कांस्टेबल सारिका सिंह और महिला कांस्टेबल आरती द्विवेदी को सम्मानित किया गया।
थाना भदोही से हेड कांस्टेबल सुशील जायसवाल, महिला कांस्टेबल मीनाक्षी और कांस्टेबल प्रविंद्र कुमार को प्रशस्ति पत्र मिला। इसके अतिरिक्त, थाना सुरियावां से कांस्टेबल धर्मेंद्र सिंह और कांस्टेबल निलय सिंह को भी सम्मानित किया गया।
भारतीय सदविचार मंच ने किया ठाकुर रमेश सिंह ,विजय सिंह कौशिक और और पारसनाथ त्रिपाठी को पुरस्कृत
मुंबई। महानगर की सुप्रसिद्ध और चर्चित सामाजिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक संस्था भारतीय सदविचार मंच द्वारा दहिसर (पूर्व ) मुंबई -68 में स्थित संस्था सभागार में संस्था संस्थापक , प्रमुख मार्गदर्शक डॉ राधेश्याम तिवारी की अध्यक्षता और कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि बोरीवली के लोकप्रिय विधायक संजय उपाध्याय, उत्तर भारतीय संघ के अध्यक्ष संतोष आर एन सिंह और शिक्षाविद् डॉ हृदय नारायण मिश्रा के सानिध्य में संपन्न इस भव्य पुरस्कार समारोह में पूर्व विधायक, शिक्षाविद् रमेश सिंह ठाकुर को उनकी अनुपस्थिति में 25 वां डॉ राममनोहर त्रिपाठी पुरस्कार-2025, वरिष्ठ पत्रकार, दैनिक भास्कर के स्थानीय संपादक विजय सिंह कौशिक को 8 वां ठाकुर हरदत्त सिंह आदर्श पत्रकारिता पुरस्कार -2025 और वरिष्ठ समाजसेवी डॉ.पारसनाथ तिवारी को बाबू आर.एन.सिंह आदर्श समाजसेवी पुरस्कार -2025 द्वारा सम्मानित किया गया।
समारोह में विजय सिंह कौशिक द्वारा लिखित यात्रा संस्मरण पुस्तक कुछ रंग इधर के ,कुछ रंग उधर के (एक पत्रकार का सफरनामा) का अतिथियों द्वारा विमोचन किया गया।
इस समारोह में नवभारत के संपादक ब्रजमोहन पाण्डेय, शिवसेना (उ.बा.ठा)के राष्ट्रीय प्रवक्ता आनंद दुबे,समरस फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ. किशोर सिंह, मुंबई भाजपा के प्रवक्ता उदयप्रताप सिंह,हमारा महानगर के संपादक राघवेन्द्र द्विवेदी, वरिष्ठ पत्रकार अनुराग त्रिपाठी,यश भारत के सहायक संपादक अभय मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार अनिल गलगली, प्रारम्भ उत्तर दर्शन के सम्पादक विनोद हरदत्त सिंह,संस्था के सह संस्थापक दिनेशचंद्र उपाध्याय  ,और राघवेन्द्र सेवा मंच के अध्यक्ष सुरेंद्र मिश्रा सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित थे। संस्था अध्यक्ष डॉ.शिवश्याम तिवारी के मुख्य संयोजन और महामंत्री नागेन्द्र मिश्रा के संचालन में समाजसेवी श्रीनिवास तिवारी विद्रोही , संस्था के मार्गदर्शक मंडल के सदस्य श्रीकांत पाण्डेय, हरिशंकर तिवारी, संस्था शिक्षक प्रकोष्ठ के संयोजक हरिप्रसाद पाण्डेय, समाजसेवी रामसेवक पाण्डेय, समाजसेवी आशुतोष उपाध्याय, समाजसेवी डॉ.अजय एल. दुबे, हमारा महानगर के स्थानीय संपादक आदित्य दुबे,समाजसेवी अनिरुद्ध पाण्डेय, पूर्व नगर सेवक रामनारायण दुबे,वरिष्ठ पत्रकार सुनील मेहरोत्रा, वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार सिंह, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पाण्डेय ,  शिक्षाविद् चिंतामणि पाण्डेय और समाजसेवी प्रमोद श्यामाचरण पाण्डेय प सहित सैकड़ों गणमान्य उपस्थित थे।
संस्था पदाधिकारी पं.कमलाशंकर मिश्रा, बैजनाथ मिश्रा,  गणेश प्रसाद पाण्डेय, राजकुमार सिंह, मनोज चतुर्वेदी,बी.एम.गुप्ता, सुभाषचन्द्र दुबे,एड.शिशिर पाण्डेय, रत्नेश दुबे और रामप्रकाश तिवारी नेआये हुए अतिथियों का स्वागत किया। कार्यसमिति सदस्य कमलाकांत त्रिपाठी, उमेश सिंह , अमित तिवारी और संस्था की अंधेरी शाखा के अध्यक्ष प्रेमचंद (बाबा) तिवारी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना भरपूर सहयोग प्रदान किया। संस्था के मंत्री राजीव मिश्रा द्वारा आभार व्यक्त किया गया।
अंत में संस्था की कार्यसमिति के सदस्य सूर्यप्रकाश(संतोष )मिश्र की धर्मपत्नी और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री राज के.राजपुरोहित के दुखद निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। प्रीति भोज के पश्चात कार्यक्रम का समापन हुआ।
मेरठ में बुजुर्ग ने एमए छात्रा को व्हाट्सएप पर अश्लील वीडियो भेजकर किया परेशान

लखनऊ । मेरठ के गंगानगर थाना क्षेत्र से सोशल मीडिया के दुरुपयोग से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक बुजुर्ग व्यक्ति पर एमए की पढ़ाई कर रही एक छात्रा को मोबाइल मैसेजिंग ऐप के जरिए आपत्तिजनक वीडियो और संदेश भेजने के आरोप लगे हैं। पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

बताया गया है कि आरोपी करीब 70 वर्ष का है और फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया से सेवानिवृत्त हो चुका है। वह छात्रा का पड़ोसी है और अपने परिवार के साथ रहता है। छात्रा का कहना है कि शुरू में उसे लगा कि वीडियो गलती से भेजी गई होगी, लेकिन इसके बाद लगातार उसके नंबर पर अश्लील वीडियो आने लगे। कुछ वीडियो के साथ आपत्तिजनक टिप्पणियां भी भेजी गईं, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हो गई।

घटना से आहत छात्रा ने परिजनों को पूरी बात बताई। इसके बाद सोमवार को परिवार के लोग आरोपी के घर पहुंचे और उसके बेटे से बातचीत करने की कोशिश की। आरोप है कि बुजुर्ग ने सामने आने से इनकार कर दिया और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।

इसके बाद पीड़िता के परिजन गंगानगर थाने पहुंचे और पुलिस को पूरे मामले से अवगत कराया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए थाने बुलाया। छात्रा ने पुलिस को अपना मोबाइल सौंपा, जिसमें आरोपी के नंबर से भेजे गए वीडियो और संदेश मौजूद पाए गए। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि छात्रा की ओर से किसी प्रकार का कोई जवाब नहीं दिया गया था।

पुलिस ने आरोपी के मोबाइल की भी जांच की, जिसमें आरोपों की पुष्टि हुई। थाने में दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, जिसके चलते एहतियात के तौर पर आरोपी के बेटे को भी कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया।

पीड़िता के पिता ने मामले में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। सीओ सदर देहात शिव प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी पुलिस हिरासत में है और पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।
लापता हुई युवती,नागपुर से बरामद, लिखकर सुसाइड नोट रखकर लापता होने का किया था नाटक,हरकत में आई पुलिस ने प्रेमी को भी हिरासत में लिया*
सुल्तानपुर में 10 जनवरी को सुसाइड नोट रखकर लापता हुई युवती अस्मिता को पुलिस ने आठवें दिन नागपुर से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने उसके प्रेमी विवेक कुमार को भी हिरासत में लिया है। जांच में सामने आया कि युवती ने प्रेम प्रसंग के चलते घर से भागने के लिए लापता होने का नाटक रचा था। धनपतगंज थाना क्षेत्र के नौगवां तीर गांव निवासी छोटेलाल की बेटी अस्मिता 10 जनवरी की सुबह डेरी पर दूध देने निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। गोमती नदी पुल के पास उसकी साइकिल, दूध का डिब्बा और जैकेट मिला था। इसके साथ ही एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था, जिसमें लिखा था, "हमने दुनिया छोड़ दी आप सबकी खुशी के लिए।" सुसाइड नोट मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने गोमती नदी में गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू की। इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया था, जहां परिजनों ने डीएम और एसपी को ज्ञापन सौंपकर राज्यसभा सांसद संजय सिंह से भी न्याय की गुहार लगाई थी। प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबरों को ट्रेस करना शुरू किया। जांच के दौरान पता चला कि एक युवक लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। मोबाइल लोकेशन नागपुर पहुंचने पर पुलिस टीम सक्रिय हो गई। उपनिरीक्षक राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस टीम नागपुर पहुंची और जवाहर कॉलेज के पास से किशोरी अस्मिता को सकुशल बरामद कर लिया। मौके से युवक विवेक कुमार, निवासी ग्राम पंचायत कलखुरा, थाना गोसाईगंज, सुलतानपुर को भी हिरासत में लिया गया। पूछताछ में अस्मिता ने स्वीकार किया कि उसका विवेक कुमार से प्रेम प्रसंग था। उसने बताया कि उसने योजनाबद्ध तरीके से घर से निकलकर यह पूरा नाटक रचा था, ताकि किसी को उनके भागने की भनक न लगे। विवेक ने पुलिस को बताया कि उसकी अस्मिता के घर के बगल में रिश्तेदारी है, इसी कारण दोनों के बीच संपर्क स्थापित हुआ था। विवेक के माता-पिता ने अस्मिता को अपनी बहू के रूप में स्वीकार कर लिया है।
गया के वृद्धाश्रम ‘सहारा’ में वूमेन विंग्स फाउंडेशन द्वारा दही-चूड़ा का आयोजन, वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्ग पुरुषों-महिलाओं ने कहानियां साझा की
गया। गया जिले के गया–फतेहपुर रोड स्थित बीएसएफ कैंप के समीप हनुमान नगर में संचालित वृद्धाश्रम सहारा में रविवार को सेवा, सम्मान और सामाजिक सौहार्द का भावपूर्ण दृश्य देखने को मिला। महिला सामाजिक संस्था वूमेन विंग्स फाउंडेशन की ओर से वृद्धजनों के सम्मान में दही-चूड़ा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों के बीच बिस्कुट का वितरण किया गया तथा उन्हें आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत वृद्धजनों से आत्मीय मुलाकात और उनके हालचाल जानने के साथ हुई। संस्था की अध्यक्ष ममता सिंहा, निदेशक रेखा अग्रवाल सहित वूमेन विंग्स फाउंडेशन की दर्जनों सदस्याओं ने स्वयं अपने हाथों से बुजुर्गों को दही-चूड़ा खिलाया। इस दौरान वृद्धाश्रम का माहौल भावनात्मक, अपनत्व और संवेदनाओं से भरा रहा। बुजुर्गों ने संस्था की इस पहल को अपने लिए बेहद खास बताते हुए आभार व्यक्त किया। कई वृद्धजनों की आंखों में खुशी और संतोष साफ झलक रहा था। वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्ग पुरुषों और महिलाओं ने अपने जीवन की संघर्षपूर्ण कहानियां साझा कीं, जिन्हें सुनकर संस्था की सदस्यों की आंखें नम हो गईं। वूमेन विंग्स फाउंडेशन की सदस्यों ने कहा कि समाज के बुजुर्ग हमारी अमूल्य धरोहर हैं और उनकी सेवा करना हम सभी का नैतिक दायित्व है। उन्होंने बताया कि संस्था का उद्देश्य केवल एक-दिवसीय कार्यक्रम करना नहीं है, बल्कि निरंतर जरूरतमंदों के साथ खड़े रहना है। संस्था की ओर से यह भी कहा गया कि भविष्य में वृद्धजनों के स्वास्थ्य, वस्त्र, भोजन और अन्य आवश्यक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए और भी सहयोगात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वृद्धाश्रम सहारा में समय-समय पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाती रहेगी। इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और लोगों में सेवा, सहयोग और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करते हैं। वृद्धाश्रम प्रबंधन ने वूमेन विंग्स फाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सामाजिक संगठन बुजुर्गों के जीवन में नई ऊर्जा, आशा और आत्मविश्वास का संचार करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी तरह का सहयोग मिलता रहेगा। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि यदि समाज के विभिन्न वर्ग एकजुट होकर आगे आएं, तो बुजुर्गों को सम्मान, स्नेह और सुरक्षित जीवन प्रदान किया जा सकता है। वूमेन विंग्स फाउंडेशन का यह प्रयास निस्संदेह समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
রাজ্যের SIR এর লজিক্যাল ডিসক্রিপেন্সির তালিকা প্রকাশ করতে হবে নির্বাচন কমিশনকে, সুপ্রিম কোর্ট
ডেস্ক: SIR নিয়ে বড় নির্দেশ সুপ্রিম কোর্টের। লজিক্যাল ডিসক্রিপেন্সির তালিকা প্রকাশ করতে হবে নির্বাচন কমিশনকে, সোমবার নির্দেশ দিল দেশের শীর্ষ আদালতের প্রধান বিচারপতি সূর্য কান্ত ও বিচারপতি জয়মাল্য বাগচীর বেঞ্চ।এই তালিকায় থাকা ১ কোটি ৩৬ লক্ষের নামের তালিকা প্রকাশ করতে হবে নির্বাচন কমিশনকে।৩ দিনের প্রকাশ করতে হবে এই তালিকা।ব্লক, পঞ্চায়েত, জেলা সদর, পুরসভা এলাকায় ওয়ার্ড ভিত্তিক ওয়ার্ড অফিসে সর্বত্র এই নামের তালিকা রাখতে হবে। তালিকা প্রকাশের ১০ দিনের মধ্যে শুনানিরও নির্দেশ দেওয়া হয়েছে।একই সঙ্গে একাধিক গুরুত্বপূর্ণ নির্দেশ দেওয়া হয়েছে। এ দিন সুপ্রিম কোর্ট জানিয়ে দিল, SIR-এর নথি হিসেবে গ্রহণ করতে হবে মাধ্যমিকের অ্যাডমিট কার্ড। অন্যদিকে একজন জনপ্রতিনিধিকেও (তিনি BLA-এও হতে পারেন) রাখা যেতে পারে হিয়ারিংয়ে।গত কয়েক দিনে SIR হিয়ারিং পর্ব শুরু হতেই যে বিষয়গুলি নিয়ে সবথেকে বেশি আলোচনা হয়েছে, তার মধ্যে উপরিউক্ত তিনটি বিষয়ই রয়েছে। *এক* , লজিক্যাল ডিসক্রিপেন্সি। যার নাম করে লক্ষ লক্ষ মানুষের কাছে হিয়ারিং নোটিস যাচ্ছে। একবার নয়, কেউ কেউ তিন বার করেও ডাক পাচ্ছেন। *দুই* , BLA বা BLA-2দের হিয়ারিংয়ে উপস্থিতি। *তিন* , মাধ্যমিকের অ্যাডমিট কার্ডের গ্রহণযোগ্যতা নিয়ে গত কয়েক দিন ধরেই প্রশ্ন উঠছিল। মামলাতেও এ নিয়ে বলা হয়েছিল। এ দিন অ্যাডমিট কার্ড নথি হিসেবে গ্রহণ করার কথা বলেছে সুপ্রিম কোর্ট।
প্রধান বিচারপতির বেঞ্চ জানিয়েছে, রাজ্যের সমস্ত গ্রাম পঞ্চায়েত দফতর, ব্লক অফিস এবং ওয়ার্ড অফিসে তথ্যগত অসঙ্গতির তালিকা টাঙাতে হবে কমিশনকে। প্রতিটি ব্লক অফিসে আলাদা কাউন্টার খুলতে হবে। সেখানেই সাধারণ মানুষ নথি জমা দিতে এবং তালিকা সংক্রান্ত আপত্তি জানাতে পারবেন। এই সমস্ত দফতরের শুনানিতে স্থানীয় কর্তৃপক্ষ নথি জমা নিলে তার জন্য আলাদা রসিদ দিতে হবে ভোটারকে। নথির প্রাপ্তিস্বীকার করতে হবে লিখিত ভাবে। এ ছাড়া, পুরো প্রক্রিয়ায় রাজ্যকে যথাযথ পুলিশ মোতায়েন করে আইনশৃঙ্খলা পরিস্থিতি নিয়ন্ত্রণে রাখতে হবে বলে জানিয়েছে সুপ্রিম কোর্ট।
সর্বোচ্চ আদালতের নির্দেশ, এসআইআর প্রক্রিয়ার জন্য রাজ্য সরকারকে পর্যাপ্ত কর্মী দিতে হবে। তাঁরা পঞ্চায়েত ভবন এবং ব্লক অফিসে বসে ভোটারদের কথা শুনবেন। প্রত্যেক জেলার জেলাশাসককে এই নির্দেশ কঠোর ভাবে মানতে হবে। কোনও ভোটার চাইলে প্রতিনিধির মাধ্যমে নথি জমা দিতে পারবেন। সেই প্রতিনিধি হতে পারেন যে কোনও দলের বিএলএ, পরিবারের সদস্য অথবা অন্য কেউ, যাঁকে ভোটার অনুমতি দিয়েছেন। তবে তাঁর কাছে একটি অনুমতিপত্র থাকতে হবে এবং তাতে সংশ্লিষ্ট ভোটারের স্বাক্ষর বা আঙুলের ছাপ থাকতে হবে
এদিনের শুনানিতে নির্বাচন কমিশনের তরফে আইনজীবী ছিলেন রাকেশ দ্বিবেদী। তাঁর বক্তব্য, যেখানে বাবা-মায়ের সঙ্গে সন্তানের বয়সের ফারাক ১৫ বছর, সেই সমস্ত কেসেই শুনানির জন্য ডাকা হচ্ছে।
তখন প্রধান বিচারপতি সূর্য কান্ত প্রশ্ন করেন, “যে দেশে বাল্যবিবাহ বন্ধ করা যায়নি, সেই দেশে কি এই ফারাক খুব অসঙ্গত?” রাজ্যের আইনজীবী বলেন, “বাবা মায়ের সঙ্গে সন্তানের বয়সের ফারাক, দাদু ঠাকুমার সঙ্গে বয়সের ফারাক থেকে ভোটার তালিকার নাম বাদ দেওয়ার প্রাসঙ্গিক মাপকাঠি হতে পারে না।” তখন কমিশনের আইনজীবী রাকেশ দ্বিবেদী জানান,  ৭ জন এমন ব্যক্তি পাওয়া গিয়েছে, যাঁরা দাবি করছেন, তাঁদের ১০০ জন সন্তান। প্রধান বিচারপতি তখন বলেন, ” হতেই পারে এটা টাইপের ভুল।”
এরপরই রাজ্যের আইনজীবী কপিল সিব্বল বিএলএ-দের প্রসঙ্গ টেনে আনেন। তিনি প্রশ্ন তোলেন, ” বিএলএ-রা কেন শুনানিতে অংশগ্রহণ করতে পারছেন না?”
প্রধান বিচারপতি তখন কমিশনের আইনজীবীর কাছে জানতে চান, তাঁরা যখন বলছেন যে একটু স্বচ্ছ, পক্ষপাতহীন প্রক্রিয়ায় সমস্ত রাজনৈতিক দলকে শামিল করে SIR সম্পন্ন করতে চান, তখন BLA এর কেন নেওয়া হচ্ছে না?
কমিশনের তরফে আইনজীবী ছিলেন রাকেশ দ্বিবেদী জানান, আলাদা আলাদা রাজনৈতিক দলের সদস্যরা বিএলএ হিসাবে গোটা প্রক্রিয়ার মাঝে থেকে ঝগড়া করছেন। এভাবে প্রক্রিয়া সম্পন্ন করা যাবে না। তাতে শান্তি বিঘ্নিত হচ্ছে।
তখন প্রধান বিচারপতি বলেন, “যাঁরা শুনানির জন্য ডাক পাচ্ছেন, তাঁরা সওয়াল করার জন্য তাঁদের প্রতিনিধি নিযুক্ত করতে পারেন। তাঁরা বিএলও হতে পারেন। আপনারা এটা বিচার মনে করছেন না?” কারা ম্যাপ এবং কারা আনম্যাপড তাদের তালিকাও প্রকাশের কথা বলা হয়।এই কথা প্রসঙ্গেই উঠে আসে হোয়াট্যাসঅ্যাপে বিএলও-দের নির্দেশ প্রসঙ্গ। যে প্রসঙ্গ খোদ সাংসদ  অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায় কমিশনের ফুল বেঞ্চের সামনে উত্থাপিত করেছিলেন।
এদিন সওয়াল জবাবের সময়ে রাজ্যের আইনজীবী শ্যাম দিওয়ান বলেন, “CEO নিজে DEO দের হোয়াটসঅ্যাপে নির্দেশ দিচ্ছেন। কোনও পরিস্থিতিতে বিএলও-দের যেন শুনানিতে হাজির হতে দেওয়া না হয়। হোয়াটসঅ্যাপে কীভাবে সরকারি নির্দেশ দেওয়া যেতে পারে?”
তখন রাজ্যের তরফে আইনজীবী কল্যাণ বন্দোপাধ্যায় টেনে আনেন বাঁকুড়ার তালডাংরার প্রসঙ্গ।আদালতের দৃষ্টি আকর্ষণ করে তিনি বলেন, “কোন একজন ব্যক্তি, যিনি রাজনৈতিক দলের সদস্য, তাঁর কাছে প্রচুর পরিমাণ ফর্ম পাওয়া যাচ্ছে।”
প্রধান বিচারপতি তখন স্পষ্ট করে দেন, “সরকারি নির্দেশ যতই হোয়াটসঅ্যাপে দেওয়া হোক, যতক্ষণ না সার্কুলারের মাধ্যমে দেওয়া হচ্ছে, তা সরকারি নির্দেশ হিসেবে গণ্য হতে পারে না।”
তৃণমূলের সর্বভারতীয় সাধারণ সম্পাদক অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায় বারাসাতের সভাস্থল থেকে বলেন, ‘‘বিজেপির এসআইআর গেম ওভার। তৃণমূলের দাবি মেনে নিয়েছে সুপ্রিম কোর্ট। তথ্যগত অসঙ্গতির তালিকা প্রকাশ করতে বলা হয়েছে। এজেন্টদেরও শুনানি কেন্দ্রে থাকার অনুমতি দেওয়া হয়েছে। ১ কোটি নামকে বাদ দেওয়ার চেষ্টা করা হচ্ছিল। সেটা বেঁচে গেল। এই জয় বাংলার, মানুষের জয়।বিজেপিকে আজ কোর্টে হারালাম। এপ্রিলে ভোটে হারাবো।"
ব্যারাকপুরে শেষ দিনেও  SIR এ ফর্ম-৭ জমা দিতে পারল না বিজেপি

প্রবীর রায়: এই নিয়ে পর পর ৪ দিন ব্যারাকপুর কেন্দ্রের ৬টি বিধানসভার ৭ নম্বর ফর্ম ERO দের কাছে জমা দিতে গিয়ে ফিরে আসতে হয়েছে বিজেপি নেতৃত্বকে। এদিনও ভাটপাড়ার বিধায়ক পবন কুমার সিংকে সঙ্গে নিয়ে বিজেপির জেলা সভাপতি তাপস ঘোষ সহ জেলার পদাধিকারীরা ব্যারাকপুর প্রশাসনিক ভবনে ERO দের কাছে ফর্ম-৭ জমা দিতে গিয়েছিলেন। কিন্তু নৈহাটী ছাড়া আর কোনো বিধানসভার ERO দের দেখা মেলেনি। বিধায়ক পবন সিং জানান, 'নির্বাচন অধিকারীকরা প্রত্যেকেই ৭-নম্বর জমা নিতে হায়ার অথরিটিকে দেখাচ্ছেন। কিন্তু কে সেই হায়ার অথরিটি তা কেউ বলছেন না। আবারো বিষয়টি নির্বাচন কমিশনের কাছে জানাচ্ছি"।বিজেপির জেলা সভাপতি তাপস ঘোষ বলেন, "নির্বাচন কমিশনের নির্দেশ দেখানো সত্ত্বেও BLO, ERO রা ৭- নম্বর ফর্ম জমা নিচ্ছে না। একমাত্র নৈহাটী বিধানসভার নির্বাচনী অধিকারিক ছাড়া বাকি ERO দের দেখা মেলেনি। তাও আবার পাঁচটার বেশি ৭-নম্বর ফর্ম নিতে অস্বীকার করেন নৈহাটীর নির্বাচনী অধিকারিক"।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत भव्य कार्यक्रम का किया गया आयोजन


*प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत जनपद के 414 लाभार्थियों को मिला 1 लाख रुपये की धनराशि के साथ स्वीकृति पत्र*

*गोण्डा 18 जनवरी,2026*
जिला पंचायत सभागार में डूडा (जिला नगरीय विकास अभिकरण) विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य शहरी क्षेत्र के पात्र लाभार्थियों को आवास उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को साकार करना था।
इस अवसर पर जनपद के कुल 414 लाभार्थियों को योजना के अंतर्गत स्वीकृति प्रमाण पत्र वितरित किए गए। साथ ही कार्यक्रम के दौरान सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रत्येक लाभार्थी के बैंक खाते में ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) की प्रथम किस्त की धनराशि सीधे अंतरित की गई। इस प्रक्रिया ने पारदर्शिता और त्वरित लाभ हस्तांतरण को सुनिश्चित किया।
कार्यक्रम में
विधायक तरबगंज श्री प्रेम नरायन पाण्डेय,  विधायक करनैलगंज श्री अजय सिंह, मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती अंकिता जैन, अपर जिलाधिकारी श्री आलोक कुमार, उपजिलाधिकारी करनैलगंज / परियोजना अधिकारी डूडा गोण्डा सुश्री नेहा मिश्रा, तथा महामंत्री भाजपा श्री राकेश तिवारी की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
अपने संबोधन में जनप्रतिनिधियों ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 का उद्देश्य “सबके लिए आवास” के संकल्प को साकार करना है। यह योजना शहरी गरीबों, कमजोर वर्गों एवं जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराकर उनके जीवन स्तर में सुधार लाने का कार्य कर रही है। उन्होंने लाभार्थियों से आवास निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने और धनराशि का सदुपयोग करने की अपील की।

मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती अंकिता जैन ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप पात्र लाभार्थियों का चयन पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया है और आगे भी समयबद्ध तरीके से शेष किस्तों का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। परियोजना अधिकारी डूडा सुश्री नेहा मिश्रा ने योजना की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विभाग द्वारा निरंतर निगरानी कर आवास निर्माण कार्य को गति दी जा रही है।
इस अवसर पर शहर मिशन प्रबंधक अंशिका श्रीवास्तव, म्युनिसिपल सिविल इंजीनियर सीएलटीसी विनय कुमार सहित अन्य सभी संबंधित उपस्थित रहे।
एटा में घर में घुसकर चार लोगों की हत्या, दंपती, पुत्रवधू और नातिन की मिली खून से सनी लाशें

लखनऊ ।  एटा के कोतवाली नगर क्षेत्र के मोहल्ला नगला प्रेमी में सोमवार को दिनदहाड़े घर में घुसकर जानलेवा हमला किया गया। इसमें तीन लोगों की माैके पर ही माैत हो गई। एक गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गंभीर घायल को अस्पताल भेजा, जहां चिकित्सकों ने उसको भी मृत घोषित कर दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। श्याम देवी का सिर फटा हुआ था। अन्य शव भी खून से लथपथ थे। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि धारदार हथियार से चार लोगों की हत्या की गई है। दिनदहाड़े चार लोगों की हत्या से क्षेत्र में दहशत फैल गई। बड़ी संख्या में लोग माैके पर पहुंच गए।

पुलिस के आला अधिकारी भी पहुंच गए। फोरेंसिक टीम और डाॅग स्क्वायड भी माैके पर जांच में जुटे हैं।गंगा सिंह का 10 वर्षीय नाती देवांश सोमवार को स्कूल से लौटा। उसने घर का दरवाजा खटखटाया तो कोई आवाज नहीं आई। इसके बाद गेट खोलकर अंदर घुस गया। वहां जाकर देखा सामने वाले कमरे में बाबा गंगा सिंह शाक्य मृत अवस्था में पड़े थे। इसके अलावा दादी श्यामा देवी, मां रत्ना और बड़ी बहन ज्योति पहली मंजिल पर खून से लथपथ पड़े हुए थे।  यह देख कर उसकी चीख निकल गई। बाहर आकर गली में बैठे हुए लोगों को बताया।

यह सुनकर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस वहां पहुंची तो श्यामा देवी की सांस चल रही थी। श्यामा देवी को तत्काल मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी भेजा गया। यहां कुछ समय चले उपचार के बाद उनकी भी मौत हो गई। अपर पुलिस अधीक्षक श्वेता पांडे ने बताया कि घटनास्थल पर कोतवाली नगर पुलिस के अलावा डॉग स्क्वाड, फोरेंसिक टीम व अन्य थानों का पुलिस बल भी बुलाया गया। घटना की गहनता के साथ छानबीन की जा रही है। पुलिस की टीम मोहल्ले में आसपास के घरों में लगे हुए सीसीटीवी कैमरे भी खंगाल रही है।
यूपी दिवस-2026 पर दिल्ली हाट में सजेगी उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और विकास गाथा

सांस्कृतिक संध्या में लोकनृत्य, हस्तशिल्प, क्षेत्रीय व्यंजन और प्रवासी यूपीवासियों का सम्मान



लखनऊ। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा यूपी दिवस-2026 के अवसर पर 24 जनवरी को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली स्थित दिल्ली हाट में भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा। शाम 5:30 बजे से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा, सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली इतिहास की झलक देखने को मिलेगी।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि दिल्ली हाट को ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ की थीम पर सजाया जाएगा। कार्यक्रम में प्रदेश की विविध लोकनृत्य शैलियों की आकर्षक प्रस्तुतियों के साथ-साथ पारंपरिक हस्तशिल्प और विभिन्न अंचलों के प्रसिद्ध क्षेत्रीय व्यंजनों का प्रदर्शन किया जाएगा। देश-विदेश में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे उत्तर प्रदेश के मूल निवासियों को सम्मानित भी किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि समारोह में 18 से 20 देशों के भारत में पदस्थ राजनयिकों, प्रवासी भारतीयों, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों एवं उत्तर प्रदेश के विशिष्टजनों की सहभागिता प्रस्तावित है। यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी दिवस को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार ने विदेशों में भी इसे उत्सव के रूप में मनाने की तैयारी की है। इसी क्रम में फिजी, त्रिनिदाद एवं टोबैगो, सूरीनाम, सेशेल्स सहित लगभग 12 देशों में पदस्थ भारतीय राजनयिकों को यूपी दिवस के आयोजन हेतु पत्र भेजे गए हैं।

अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर यूपी दिवस मनाने से प्रवासी उत्तर प्रदेशवासियों में अपने प्रदेश के प्रति गर्व और भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि यह पहल ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ-साथ लखनऊ को यूनेस्को के ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ नेटवर्क में मिली मान्यता के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि और पर्यटन संभावनाओं को विश्व पटल पर स्थापित करेगी।
आईजीआरएस निस्तारण में भदोही पुलिस को प्रदेश में प्रथम रैंक: अपर पुलिस अधीक्षक ने 9 कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने उत्तर प्रदेश सरकार के जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि लगातार छह महीनों (जुलाई से दिसंबर) तक शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान के परिणामस्वरूप मिली है। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने जनपद भदोही के कुल नौ पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इन कर्मचारियों ने पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के निर्देशन में अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। अपर पुलिस अधीक्षक ने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी पुलिसकर्मी इसी निष्ठा और लगन के साथ आईजीआरएस के कार्यों को समय पर पूरा करते रहेंगे, जिससे जनपद पुलिस की रैंकिंग उच्च स्तर पर बनी रहे। प्रशस्ति पत्र प्राप्त करने वाले कर्मचारियों में थाना कोइरौना से कांस्टेबल आर्यन कुमार और महिला कांस्टेबल अन्नपूर्णा शामिल हैं। थाना ऊंज से महिला कांस्टेबल सारिका सिंह और महिला कांस्टेबल आरती द्विवेदी को सम्मानित किया गया।
थाना भदोही से हेड कांस्टेबल सुशील जायसवाल, महिला कांस्टेबल मीनाक्षी और कांस्टेबल प्रविंद्र कुमार को प्रशस्ति पत्र मिला। इसके अतिरिक्त, थाना सुरियावां से कांस्टेबल धर्मेंद्र सिंह और कांस्टेबल निलय सिंह को भी सम्मानित किया गया।
भारतीय सदविचार मंच ने किया ठाकुर रमेश सिंह ,विजय सिंह कौशिक और और पारसनाथ त्रिपाठी को पुरस्कृत
मुंबई। महानगर की सुप्रसिद्ध और चर्चित सामाजिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक संस्था भारतीय सदविचार मंच द्वारा दहिसर (पूर्व ) मुंबई -68 में स्थित संस्था सभागार में संस्था संस्थापक , प्रमुख मार्गदर्शक डॉ राधेश्याम तिवारी की अध्यक्षता और कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि बोरीवली के लोकप्रिय विधायक संजय उपाध्याय, उत्तर भारतीय संघ के अध्यक्ष संतोष आर एन सिंह और शिक्षाविद् डॉ हृदय नारायण मिश्रा के सानिध्य में संपन्न इस भव्य पुरस्कार समारोह में पूर्व विधायक, शिक्षाविद् रमेश सिंह ठाकुर को उनकी अनुपस्थिति में 25 वां डॉ राममनोहर त्रिपाठी पुरस्कार-2025, वरिष्ठ पत्रकार, दैनिक भास्कर के स्थानीय संपादक विजय सिंह कौशिक को 8 वां ठाकुर हरदत्त सिंह आदर्श पत्रकारिता पुरस्कार -2025 और वरिष्ठ समाजसेवी डॉ.पारसनाथ तिवारी को बाबू आर.एन.सिंह आदर्श समाजसेवी पुरस्कार -2025 द्वारा सम्मानित किया गया।
समारोह में विजय सिंह कौशिक द्वारा लिखित यात्रा संस्मरण पुस्तक कुछ रंग इधर के ,कुछ रंग उधर के (एक पत्रकार का सफरनामा) का अतिथियों द्वारा विमोचन किया गया।
इस समारोह में नवभारत के संपादक ब्रजमोहन पाण्डेय, शिवसेना (उ.बा.ठा)के राष्ट्रीय प्रवक्ता आनंद दुबे,समरस फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ. किशोर सिंह, मुंबई भाजपा के प्रवक्ता उदयप्रताप सिंह,हमारा महानगर के संपादक राघवेन्द्र द्विवेदी, वरिष्ठ पत्रकार अनुराग त्रिपाठी,यश भारत के सहायक संपादक अभय मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार अनिल गलगली, प्रारम्भ उत्तर दर्शन के सम्पादक विनोद हरदत्त सिंह,संस्था के सह संस्थापक दिनेशचंद्र उपाध्याय  ,और राघवेन्द्र सेवा मंच के अध्यक्ष सुरेंद्र मिश्रा सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित थे। संस्था अध्यक्ष डॉ.शिवश्याम तिवारी के मुख्य संयोजन और महामंत्री नागेन्द्र मिश्रा के संचालन में समाजसेवी श्रीनिवास तिवारी विद्रोही , संस्था के मार्गदर्शक मंडल के सदस्य श्रीकांत पाण्डेय, हरिशंकर तिवारी, संस्था शिक्षक प्रकोष्ठ के संयोजक हरिप्रसाद पाण्डेय, समाजसेवी रामसेवक पाण्डेय, समाजसेवी आशुतोष उपाध्याय, समाजसेवी डॉ.अजय एल. दुबे, हमारा महानगर के स्थानीय संपादक आदित्य दुबे,समाजसेवी अनिरुद्ध पाण्डेय, पूर्व नगर सेवक रामनारायण दुबे,वरिष्ठ पत्रकार सुनील मेहरोत्रा, वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार सिंह, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पाण्डेय ,  शिक्षाविद् चिंतामणि पाण्डेय और समाजसेवी प्रमोद श्यामाचरण पाण्डेय प सहित सैकड़ों गणमान्य उपस्थित थे।
संस्था पदाधिकारी पं.कमलाशंकर मिश्रा, बैजनाथ मिश्रा,  गणेश प्रसाद पाण्डेय, राजकुमार सिंह, मनोज चतुर्वेदी,बी.एम.गुप्ता, सुभाषचन्द्र दुबे,एड.शिशिर पाण्डेय, रत्नेश दुबे और रामप्रकाश तिवारी नेआये हुए अतिथियों का स्वागत किया। कार्यसमिति सदस्य कमलाकांत त्रिपाठी, उमेश सिंह , अमित तिवारी और संस्था की अंधेरी शाखा के अध्यक्ष प्रेमचंद (बाबा) तिवारी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना भरपूर सहयोग प्रदान किया। संस्था के मंत्री राजीव मिश्रा द्वारा आभार व्यक्त किया गया।
अंत में संस्था की कार्यसमिति के सदस्य सूर्यप्रकाश(संतोष )मिश्र की धर्मपत्नी और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री राज के.राजपुरोहित के दुखद निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। प्रीति भोज के पश्चात कार्यक्रम का समापन हुआ।
मेरठ में बुजुर्ग ने एमए छात्रा को व्हाट्सएप पर अश्लील वीडियो भेजकर किया परेशान

लखनऊ । मेरठ के गंगानगर थाना क्षेत्र से सोशल मीडिया के दुरुपयोग से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक बुजुर्ग व्यक्ति पर एमए की पढ़ाई कर रही एक छात्रा को मोबाइल मैसेजिंग ऐप के जरिए आपत्तिजनक वीडियो और संदेश भेजने के आरोप लगे हैं। पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

बताया गया है कि आरोपी करीब 70 वर्ष का है और फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया से सेवानिवृत्त हो चुका है। वह छात्रा का पड़ोसी है और अपने परिवार के साथ रहता है। छात्रा का कहना है कि शुरू में उसे लगा कि वीडियो गलती से भेजी गई होगी, लेकिन इसके बाद लगातार उसके नंबर पर अश्लील वीडियो आने लगे। कुछ वीडियो के साथ आपत्तिजनक टिप्पणियां भी भेजी गईं, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हो गई।

घटना से आहत छात्रा ने परिजनों को पूरी बात बताई। इसके बाद सोमवार को परिवार के लोग आरोपी के घर पहुंचे और उसके बेटे से बातचीत करने की कोशिश की। आरोप है कि बुजुर्ग ने सामने आने से इनकार कर दिया और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।

इसके बाद पीड़िता के परिजन गंगानगर थाने पहुंचे और पुलिस को पूरे मामले से अवगत कराया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए थाने बुलाया। छात्रा ने पुलिस को अपना मोबाइल सौंपा, जिसमें आरोपी के नंबर से भेजे गए वीडियो और संदेश मौजूद पाए गए। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि छात्रा की ओर से किसी प्रकार का कोई जवाब नहीं दिया गया था।

पुलिस ने आरोपी के मोबाइल की भी जांच की, जिसमें आरोपों की पुष्टि हुई। थाने में दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, जिसके चलते एहतियात के तौर पर आरोपी के बेटे को भी कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया।

पीड़िता के पिता ने मामले में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। सीओ सदर देहात शिव प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी पुलिस हिरासत में है और पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।
लापता हुई युवती,नागपुर से बरामद, लिखकर सुसाइड नोट रखकर लापता होने का किया था नाटक,हरकत में आई पुलिस ने प्रेमी को भी हिरासत में लिया*
सुल्तानपुर में 10 जनवरी को सुसाइड नोट रखकर लापता हुई युवती अस्मिता को पुलिस ने आठवें दिन नागपुर से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने उसके प्रेमी विवेक कुमार को भी हिरासत में लिया है। जांच में सामने आया कि युवती ने प्रेम प्रसंग के चलते घर से भागने के लिए लापता होने का नाटक रचा था। धनपतगंज थाना क्षेत्र के नौगवां तीर गांव निवासी छोटेलाल की बेटी अस्मिता 10 जनवरी की सुबह डेरी पर दूध देने निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। गोमती नदी पुल के पास उसकी साइकिल, दूध का डिब्बा और जैकेट मिला था। इसके साथ ही एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था, जिसमें लिखा था, "हमने दुनिया छोड़ दी आप सबकी खुशी के लिए।" सुसाइड नोट मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने गोमती नदी में गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू की। इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया था, जहां परिजनों ने डीएम और एसपी को ज्ञापन सौंपकर राज्यसभा सांसद संजय सिंह से भी न्याय की गुहार लगाई थी। प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबरों को ट्रेस करना शुरू किया। जांच के दौरान पता चला कि एक युवक लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। मोबाइल लोकेशन नागपुर पहुंचने पर पुलिस टीम सक्रिय हो गई। उपनिरीक्षक राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस टीम नागपुर पहुंची और जवाहर कॉलेज के पास से किशोरी अस्मिता को सकुशल बरामद कर लिया। मौके से युवक विवेक कुमार, निवासी ग्राम पंचायत कलखुरा, थाना गोसाईगंज, सुलतानपुर को भी हिरासत में लिया गया। पूछताछ में अस्मिता ने स्वीकार किया कि उसका विवेक कुमार से प्रेम प्रसंग था। उसने बताया कि उसने योजनाबद्ध तरीके से घर से निकलकर यह पूरा नाटक रचा था, ताकि किसी को उनके भागने की भनक न लगे। विवेक ने पुलिस को बताया कि उसकी अस्मिता के घर के बगल में रिश्तेदारी है, इसी कारण दोनों के बीच संपर्क स्थापित हुआ था। विवेक के माता-पिता ने अस्मिता को अपनी बहू के रूप में स्वीकार कर लिया है।