पत्रकार चंद्रकांत दुबे की मां नगीना देवी का निधन
मुंबई । 'दोपहर का सामना' के वरिष्ठ पत्रकार चंद्रकांत दुबे की मां स्वरूप चाची नगीना देवी शिव प्रसाद दुबे (८५) का अकस्मात हृदयगति के रुक जाने से १८ मई को निधन हो गया। वे मुंबई से लेकर गांव तक समाज सेवा में समर्पित रही। उनका अंतिम संस्कार भायंदर पूर्व स्थित बंदरवाड़ी श्मशान में हुआ, जहां उनके बड़े बेटे दिवाकर प्रसाद दुबे ने मुखाग्नि दी और छोटे बेटे अरुण दुबे समाजसेवा से जुड़े हैं। बाकी सभी कार्यक्रम पैतृक गांव- दौलतपुर, खुटहन, जिला जौनपुर में किया जायेगा। नगीना देवी अत्यंत दयालु और धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थी । वे अपने पीछे जवाहर लाल दुबे, डॉ.विपीन दुबे, सुनील, मनोज, प्रभाकर, सुधाकर, कृष्णकांत, वशिष्ठ, ईशनारायण, शेष नारायण, महेश नारायण, रामानंद (डीएम),चिराग, सिद्धार्थ, अनुराग आदि से भरा पूरा परिवार छोड़ गई।
समरस फाउंडेशन ने किया सीमा पर तैनात सैनिक विकास यादव का सम्मान
मुंबई। महानगर की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था समरस फाउंडेशन द्वारा आज बोरीवली पूर्व स्थित कार्यालय में जम्मू में पाक सीमा पर तैनात सैनिक विकास यादव का सम्मान किया। संस्था के चेयरमैन डॉ किशोर सिंह ने शॉल और पुष्पगुच्छ से उनका सम्मान किया। उन्होंने कहा कि सैनिकों के कारण ही हम भारतवासी चैन की नींद सो रहे हैं। विकट परिस्थितियों में भी सीमाओं पर तैनात सैनिकों के कारण ही देश सुरक्षित है। इस अवसर पर समाजसेवी रामकृपाल शर्मा, समाजसेवी सुग्रीव यादव, संस्था के महासचिव वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, उपाध्यक्ष मुकुंद शर्मा, उपाध्यक्ष मानिकचंद यादव, विधि सलाहकार एड. प्रशांत परदेसी, रामलिंगम, रामचंद्रन, पूरव गांधी, किरीट बावरिया समेत अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
दवाओं की दुकानों के बंद होने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। ऑनलाइन दवा बिक्री पर प्रतिबंध की मांग को लेकर बुधवार को दवाओं की दुकानों के बंद होने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ़ केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आवाहन पर नगर के औषधि विक्रेता संघ ने विरोध स्वरूप अपने-अपने  प्रतिष्ठान बंद रखें, उसके उपरांत प्रधानमंत्री भारत सरकार को संबोधित एक ज्ञापन नायब तहसीलदार अशोक यादव को दिया, ज्ञापन में अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री के विरुद्ध करवाई, बिना वैध एवं सत्यापित ई प्रिसक्रिप्शन के दवाओं की बिक्री एवं होम डिलीवरी प्रतिबंधित करने, जीएसआर 817 ई एवं जीएसआर 220 ई को तत्काल वापस लिए जाने व ऑनलाइन प्लेटफॉर्म द्वारा अपनी जा रही अत्यधिक छूट व प्रीडेटरी प्राइसिंग

पर रोक लगाने की मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से औषधि विक्रेता संघ के अध्यक्ष मोहम्मद कलीम चौधरी, महामंत्री संजय टंडन, उपाध्यक्ष रेहान अहमद, कोषाध्यक्ष मोहम्मद शमी, प्रवीण मेहरोत्रा, विजेंद्र शुक्ला, रामकुमार यादव, सुशील कुमार, वकील अहमद जमील अहमद आदि प्रमुख थे। औषधि विक्रेता संघ के महामंत्री संजय टंडन ने बताया कि हडताल के आवाहन पर  क्षेत्र की सभी दवा दुकानें पूर्ण रूप से बंद है, जनहित को देखते हुए निर्णय लिया गया है कि दोपहर बाद फुटकर दवा विक्रेता अपनी अपनी दुकान खोलेंगे जबकि थोक विक्रेता पूर्णतया हड़ताल पर रहेंगे।
डीपीएम पब्लिक स्कूल में नन्हे-मुन्ने बच्चों की पूल पार्टी, इंडोर गेम्स में भी दिखा उत्साह
मेरठ/बहसूमा। भीषण गर्मी के बीच डीपीएम पब्लिक स्कूल में बुधवार को नर्सरी से यूकेजी तक के नन्हे-मुन्ने बच्चों के लिए रंगारंग पूल पार्टी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों का उत्साह और खुशी देखते ही बन रही थी। बच्चों ने पानी में खेलते हुए जमकर मस्ती की तथा विभिन्न गीतों पर नृत्य कर आनंद उठाया।

विद्यालय प्रशासन की ओर से बच्चों के लिए फ्रूटी, मैंगो ड्रिंक, चिप्स एवं ताजे फलों की विशेष व्यवस्था की गई थी। भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए बच्चों की सुरक्षा, स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी सभी व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया।

इस सफल आयोजन का श्रेय विद्यालय के सचिव जगदीश त्यागी को दिया गया। उनके कुशल नेतृत्व, दूरदर्शी सोच और बच्चों के प्रति स्नेहपूर्ण भावना के चलते कार्यक्रम सुव्यवस्थित एवं आकर्षक रूप से संपन्न हुआ। उन्होंने स्वयं व्यवस्थाओं की निगरानी करते हुए यह सुनिश्चित किया कि बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

विद्यालय प्रबंधन का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित, आनंदमय एवं शिक्षाप्रद वातावरण उपलब्ध कराना है। इसी सोच के तहत विद्यालय में समय-समय पर रचनात्मक एवं मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास को बढ़ावा मिल सके।

इसी अवसर पर कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए इंडोर गेम्स प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में लूडो, कैरम, टेबल टेनिस और शतरंज जैसे खेल शामिल रहे, जिनमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य ज़िया ज़ैदी ने बच्चों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं
पिता ने वर्दी छोड़ी, मां ने नौकरी अब हर्ष की फिरकी पर नाचेंगे अफगानी


*जिले के यशस्वी, शिवम् दूबे के बाद आलराउंडर हर्ष दूबे का भारतीय क्रिकेट टीम में चयन से परिजनों खुशी, अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में खेलते नजर आएंगे हर्ष*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। विदर्भ और इंडिया-ए टीम से खेल चुके जिले के क्रिकेटर हर्ष दुबे का टीम इंडिया की मुख्य टीम में चयन हुआ है। वह अगले महीने वाली अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज में टीम इंडिया की ओर से खेलेंगे। इससे उनके परिजनों और रिश्तेदारों में हर्ष है। यशस्वी जायसवाल और शिवम दुबे के बाद वे जिले के तीसरे खिलाड़ी हैं, जो टीम इंडिया के लिए खेलेंगे। बड़े पिता राजेंद्र दुबे ने बताया कि

मूल रूप से डीघ ब्लॉक के तिलंगा गांव निवासी हर्ष दुबे की कहानी भी संघर्षों से भरी रही है। बेटे के क्रिकेट के प्रति जुनून को देखते हुए उनके माता-पिता नागपुर में ही शिफ्ट हो गए। उनके पिता सुरेंद्र दुबे ने साल 2015 में आर्मी की नौकरी छोड़ दी। वहीं उनकी मां ज्योति दुबे ने एक साल पहले ही बेटे की खातिर शिक्षिका की नौकरी छोड़कर पूरा ध्यान बेटे के कॅरिअर पर दिया। हर्ष विदर्भ की तरफ से अंडर-13, 16, 19 और रणजी खेल चुके हैं। रणजी खेलते हुए उन्होंने एक ही सीजन में 69 विकेट लेकर रिकाॅर्ड बनाया था। इसके बाद उनका चयन इंडिया-ए टीम में हो गया। वह आईपीएल में सनराइज हैदराबाद की ओर से खेलते हैं।  टीम इंडिया की घोषित 16 सदस्यीय टीम में हर्ष को भी शामिल किया गया है। उनके चयन की सूचना पर रिश्तेदार रामकृष्ण द्विवेदी ने खुशी जताई।
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई तक, बनी असमंजस की स्थिति*

*अभी तक उनका कार्यकाल बढ़ाने का आदेश शासन की तरफ से नहीं मिला है*

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले में 546 ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो जाएगा। इसमें मात्र एक सप्ताह का समय बचा है। अभी तक शासन स्तर से प्रशासक की तैनाती का कोई आदेश भी जारी नहीं हुआ है। इसको लेकर असमंजश की स्थिति बनी हुई है।
ऐसे में ग्राम पंचायतों में होने वाले लाखों के विकास कार्य को समय से पूर्ण करा पाना विभाग के लिए बड़ी चुनौती होगी। जिले में कुल 546 ग्राम पंचायतें हैं। जिसमें हर साल 15वें वित्त, राज्य वित्त, टाइड, अनटाइड फंड संग स्वच्छ भारत मिशन से बजट शासन से जारी होता है। राज्य वित्त और 15वें वित्त के बजट से खड़ंजा, इंटरलाॅकिंग,जैसी सुविधाएं दी जाती है जबकि टाइड फंड सशर्त अनुदान है, जो प्रधान को केवल विशिष्ट कार्यों के लिए दिया जाता है।
इसका 50 फीसदी हिस्सा पेयजल आपूर्ति, जल संचयन और पुनर्चक्रण के लिए, जबकि शेष 50 फीसदी स्वच्छता और ओडीएफ स्थिति के रखरखाव के लिए अनिवार्य रूप से खर्च करना होता है। 2021 में निर्वाचित ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो जाएगा।



26 म‌ई को प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। अभी तक उनका कार्यकाल बढ़ाने का आदेश शासन की तरफ से नहीं मिला है। ग्राम पंचायतों के संचालन के लिए प्रशासक नियुक्त होने की संभावना है। दो से तीन में शासन से इससे संबंधित पत्र मिल सकता है। जिसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।

ज्ञान प्रकाश,प्रभारी डीपीआरओ भदोही
कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने सड़क दुर्घटना में दिखाई संवेदनशीलता
* योगी सरकार के मंत्री ने काफिला रोक बच्चों को तत्काल पहुंचाया अस्पताल

कानपुर देहात/लखनऊ। झांसी की ओर जाते समय प्रदेश के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने मानवता एवं संवेदनशीलता का परिचय देते हुए कानपुर देहात क्षेत्र में सड़क दुर्घटना का शिकार हुए स्कूली बच्चों की तत्काल सहायता की।
जनपद कानपुर देहात में सिंगूर नदी के पास मावर शरीफ गांव में एक स्कूली बस की आमने-सामने से एक ट्रक से टक्कर हो गई। उसी दौरान मंत्री दारा सिंह चौहान का काफिला वहां से गुजर रहा था। दुर्घटना को देखकर उन्होंने तुरंत अपना काफिला रुकवाया और स्वयं मौके पर पहुंचकर बच्चों का हाल-चाल जाना।
कारागार मंत्री ने अधिकारियों एवं स्थानीय प्रशासन को निर्देश देते हुए घायल बच्चों को तत्काल अस्पताल भिजवाने की व्यवस्था कराई। उनकी तत्परता एवं संवेदनशीलता के चलते बच्चों को समय पर चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जा सकी।सौभाग्यवश दुर्घटना में किसी भी बच्चे को गंभीर चोट नहीं आई।
হালিশহরে তুলকালাম:  ‘ভণ্ড সাধু’ গ্রেপ্তার


প্রবীর রায়: অভিযোগ টা ছিল অনেক দিনের। কিন্তু ওনার সঙ্গে শাসক নেতাদের যোগাযোগ থাকায় এতোদিন ছিলেন জেলের বাইরে।ধর্মের আড়ালে অসামাজিক ক্রিয়াকলাপের স্বর্গরাজ্য হয়ে  উঠে ছিল হালিশহরের ঐতিহ্যবাহী সংকরমঠ আশ্রম। ওখান থেকে আজ  এক ‘ভণ্ড সাধু’কে গ্রেপ্তার করল পুলিশ। ধৃতের নাম লিটন (আশ্রমে সাধুবেশে পরিচিত)। দীর্ঘদিন ধরে তাঁর বিরুদ্ধে জমা হওয়া ক্ষোভের বহিঃপ্রকাশ ঘটল বুধবার। উত্তেজিত এলাকাবাসী ওই ভণ্ড সাধুর গেরুয়া বস্ত্র টেনে ছিঁড়ে ফেলে এবং গণধোলাই দিয়ে তাকে পুলিশের হাতে তুলে দেয়।

স্থানীয় বাসিন্দাদের অভিযোগ, সাধুর ছদ্মবেশে দীর্ঘদিন ধরে ওই আশ্রমে নানান অনৈতিক কাজ চালাচ্ছিল লিটন। এলাকাবাসীদের মূল অভিযোগ হল,আশ্রমের পবিত্রতা নষ্ট করে প্রতিদিন সেখানে জুয়া, মদ এবং গাঁজার আসর বসানো হতো। স্থানীয়দের দাবি, রাত্রি ৮ টার পর মহিলাদের আশ্রমে ডেকে পাঠানো হতো এবং জোরপূর্বক বিভিন্ন অসামাজিক কার্যকলাপে লিপ্ত হতে বাধ্য করা হতো।
এছাড়াও সাধারণ মানুষকে বন্দুকের নল দেখিয়ে ভয় দেখানো এবং প্রভাব খাটিয়ে জমি ও সম্পত্তি হাতিয়ে নেওয়ার একাধিক অভিযোগ রয়েছে ওই ব্যক্তির বিরুদ্ধে।

এলাকাবাসীরা জানান, কেউ এই অন্যায়ের প্রতিবাদ করতে গেলে তাকে রাজনৈতিক ক্ষমতার ভয় দেখানো হতো। অভিযুক্ত লিটন বুক ফুলিয়ে দাবি করত, বীজপুরের তৃণমূল বিধায়ক সুবোধ অধিকারী এবং হালিশহর পৌরসভার চেয়ারম্যান কমল অধিকারী নাকি তার হাতের পুতুল।এই প্রভাবশালীদের নাম ভাঙিয়েই এতোদিন ধরে এলাকায় সন্ত্রাসের পরিবেশ তৈরি করে রেখেছিল সে।

ধৈর্যের বাঁধ ভাঙায় এদিন শঙ্করমঠ আশ্রমে চড়াও হন উত্তেজিত এলাকাবাসী। অভিযুক্ত লিটনকে টেনে হিঁচড়ে বাইরে বের করে আনা হয়। ক্ষুব্ধ জনতা তার গা থেকে গেরুয়া পোশাক টেনে খুলে নেয়। উত্তম-মধ্যম দেওয়ার পর খবর দেওয়া হয় হালিশহর থানায়। পুলিশ এসে অভিযুক্ত ‘ভণ্ড সাধু’কে উত্তেজিত জনতার হাত থেকে উদ্ধার করে গ্রেপ্তার করে।
রাজ্যের অতিরিক্ত অ্যাডভোকেট জেনারেল নিয়োগ
নিজস্ব প্রতিনিধি: রাজ্যে পালা বদলের সঙ্গে সঙ্গে বদল হচ্ছে সব কিছুতেই। এবার রাজ্যের অতিরিক্ত অ্যাডভোকেট জেনারেল হলেন কলকাতা হাইকোর্টের সিনিয়র আইনজীবী রাজদীপ মজুমদার। এ ছাড়াও, পাবলিক প্রসিকিউটর হিসাবে আইনজীবী কল্লোল মণ্ডল ও নীলাঞ্জন ভট্টাচার্য সিনিয়র স্টাডিং কাউন্সিল কে নিয়োগ করেছে পশ্চিমবঙ্গ সরকার। যদিও এখনও পর্যন্ত রাজ্যের পরবর্তী অ্যাডভোকেট জেনারেল কে হবেন, তা চূড়ান্ত হয়নি। আগের সরকারের আমলে উচ্চপদে কর্মরত অনেকে পদত্যাগও করেছেন। শুরু হয়েছে নতুন নিয়োগও। সেই ধারা বজায় রেখেই নিয়োগ হল রাজ্যের নতুন অতিরিক্ত অ্যাডভোকেট জেনারেল। অতীতে তিনি কেন্দ্রের ডেপুটি সলিসিটর ছিলেন। ইডি, সিবিআইয়ের মতো কেন্দ্রীয় তদন্তকারী সংস্থার হয়ে আদালতে সওয়াল করেছেন। এ বার থেকে রাজ্যের হয়ে আদালতে সওয়াল করবেন রাজদীপ।
হাসনাবাদে রমরমিয়ে অবৈধ মাটি পাচার, বেহাল রাস্তা ও দুর্ঘটনার আশঙ্কায় ক্ষুব্ধ স্থানীয়রা

বসিরহাট : উত্তর ২৪ পরগনার বসিরহাটের হাসনাবাদ জুড়ে বেআইনিভাবে চাষযোগ্য জমি ও মেছোভেড়ি থেকে দেদার মাটি কাটার অভিযোগকে কেন্দ্র করে ক্ষোভ বাড়ছে স্থানীয়দের মধ্যে। বসিরহাটের হাসনাবাদ থানার মুরারীশাহ, মাখালগাছা-সহ একাধিক পঞ্চায়েত এলাকায় দিনের পর দিন জেসিবি মেশিন দিয়ে মাটি কেটে ট্রলিতে করে বিভিন্ন এলাকায় পাচার করা হচ্ছে বলে অভিযোগ উঠেছে। অথচ প্রশাসনের ভূমিকা নিয়ে প্রশ্ন তুলছেন সাধারণ মানুষ। তাদের দাবি, প্রকাশ্যে এই অবৈধ কারবার চললেও কার্যত কোনও কড়া পদক্ষেপ দেখা যাচ্ছে না।
স্থানীয় বাসিন্দাদের অভিযোগ, গভীর রাত থেকে শুরু করে দিনের বিভিন্ন সময়ে একের পর এক ট্রলি ভর্তি মাটি এলাকা ছেড়ে বেরিয়ে যাচ্ছে। এত পরিমাণে মাটি বহন করা হচ্ছে যে ট্রলি থেকে মাটি পড়ে রাস্তায় পুরু স্তর জমে গিয়েছে। ফলে রাস্তাঘাটের অবস্থা ক্রমশই বেহাল হয়ে পড়ছে। কোথাও ধুলোর দাপট, কোথাও আবার সামান্য বৃষ্টিতেই রাস্তা পিচ্ছিল হয়ে দুর্ঘটনার আশঙ্কা বাড়ছে। মুরারীশাহ এলাকার এক বাসিন্দার কথায়, “দীর্ঘদিন ধরে এই অবৈধ মাটি কাটা চলছে। রাস্তায় হাঁটা দায় হয়ে গিয়েছে। সারাক্ষণ ধুলো উড়ছে, চোখ-মুখ জ্বালা করছে। বাচ্চাদের স্কুলে যেতে সমস্যা হচ্ছে।” অন্য এক স্থানীয়ের দাবি, “অন্তঃসত্ত্বা মহিলা বা অসুস্থ রোগীদের হাসপাতালে নিয়ে যেতে গিয়ে চরম সমস্যায় পড়তে হচ্ছে। রাস্তার অবস্থা এতটাই খারাপ যে অ্যাম্বুল্যান্স পর্যন্ত ঠিকমতো চলতে পারে না।”
স্থানীয়দের আরও অভিযোগ, দিনরাত পুলিশ টহল দিলেও কীভাবে প্রকাশ্যে এই মাটি পাচারের ব্যবসা চলছে তা নিয়ে প্রশ্ন উঠছে। তাদের বক্তব্য, প্রশাসনের একাংশ সব জেনেও নীরব দর্শকের ভূমিকা পালন করছে। ফলে অবৈধ কারবারিদের দৌরাত্ম্য দিনদিন বেড়েই চলেছে।
মাখালগাছা এলাকার এক প্রবীণ বাসিন্দা বলেন, “চাষের জমি নষ্ট করে মাটি কেটে নিয়ে যাওয়া হচ্ছে। এতে পরিবেশেরও ক্ষতি হচ্ছে। বর্ষার সময় জল জমার সমস্যাও বাড়বে। আমরা বহুবার অভিযোগ করেছি, কিন্তু স্থায়ী সমাধান কিছুই হয়নি।” এই ঘটনায় ক্ষোভে ফুঁসছেন এলাকার মানুষ। অবিলম্বে অবৈধ মাটি কাটা ও পাচার বন্ধের দাবিতে সরব হয়েছেন তারা। প্রশাসন দ্রুত ব্যবস্থা না নিলে আগামী দিনে বৃহত্তর আন্দোলন ও বিক্ষোভে নামার হুঁশিয়ারিও দিয়েছেন স্থানীয় বাসিন্দারা।
पत्रकार चंद्रकांत दुबे की मां नगीना देवी का निधन
मुंबई । 'दोपहर का सामना' के वरिष्ठ पत्रकार चंद्रकांत दुबे की मां स्वरूप चाची नगीना देवी शिव प्रसाद दुबे (८५) का अकस्मात हृदयगति के रुक जाने से १८ मई को निधन हो गया। वे मुंबई से लेकर गांव तक समाज सेवा में समर्पित रही। उनका अंतिम संस्कार भायंदर पूर्व स्थित बंदरवाड़ी श्मशान में हुआ, जहां उनके बड़े बेटे दिवाकर प्रसाद दुबे ने मुखाग्नि दी और छोटे बेटे अरुण दुबे समाजसेवा से जुड़े हैं। बाकी सभी कार्यक्रम पैतृक गांव- दौलतपुर, खुटहन, जिला जौनपुर में किया जायेगा। नगीना देवी अत्यंत दयालु और धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थी । वे अपने पीछे जवाहर लाल दुबे, डॉ.विपीन दुबे, सुनील, मनोज, प्रभाकर, सुधाकर, कृष्णकांत, वशिष्ठ, ईशनारायण, शेष नारायण, महेश नारायण, रामानंद (डीएम),चिराग, सिद्धार्थ, अनुराग आदि से भरा पूरा परिवार छोड़ गई।
समरस फाउंडेशन ने किया सीमा पर तैनात सैनिक विकास यादव का सम्मान
मुंबई। महानगर की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था समरस फाउंडेशन द्वारा आज बोरीवली पूर्व स्थित कार्यालय में जम्मू में पाक सीमा पर तैनात सैनिक विकास यादव का सम्मान किया। संस्था के चेयरमैन डॉ किशोर सिंह ने शॉल और पुष्पगुच्छ से उनका सम्मान किया। उन्होंने कहा कि सैनिकों के कारण ही हम भारतवासी चैन की नींद सो रहे हैं। विकट परिस्थितियों में भी सीमाओं पर तैनात सैनिकों के कारण ही देश सुरक्षित है। इस अवसर पर समाजसेवी रामकृपाल शर्मा, समाजसेवी सुग्रीव यादव, संस्था के महासचिव वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, उपाध्यक्ष मुकुंद शर्मा, उपाध्यक्ष मानिकचंद यादव, विधि सलाहकार एड. प्रशांत परदेसी, रामलिंगम, रामचंद्रन, पूरव गांधी, किरीट बावरिया समेत अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
दवाओं की दुकानों के बंद होने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। ऑनलाइन दवा बिक्री पर प्रतिबंध की मांग को लेकर बुधवार को दवाओं की दुकानों के बंद होने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ़ केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आवाहन पर नगर के औषधि विक्रेता संघ ने विरोध स्वरूप अपने-अपने  प्रतिष्ठान बंद रखें, उसके उपरांत प्रधानमंत्री भारत सरकार को संबोधित एक ज्ञापन नायब तहसीलदार अशोक यादव को दिया, ज्ञापन में अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री के विरुद्ध करवाई, बिना वैध एवं सत्यापित ई प्रिसक्रिप्शन के दवाओं की बिक्री एवं होम डिलीवरी प्रतिबंधित करने, जीएसआर 817 ई एवं जीएसआर 220 ई को तत्काल वापस लिए जाने व ऑनलाइन प्लेटफॉर्म द्वारा अपनी जा रही अत्यधिक छूट व प्रीडेटरी प्राइसिंग

पर रोक लगाने की मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से औषधि विक्रेता संघ के अध्यक्ष मोहम्मद कलीम चौधरी, महामंत्री संजय टंडन, उपाध्यक्ष रेहान अहमद, कोषाध्यक्ष मोहम्मद शमी, प्रवीण मेहरोत्रा, विजेंद्र शुक्ला, रामकुमार यादव, सुशील कुमार, वकील अहमद जमील अहमद आदि प्रमुख थे। औषधि विक्रेता संघ के महामंत्री संजय टंडन ने बताया कि हडताल के आवाहन पर  क्षेत्र की सभी दवा दुकानें पूर्ण रूप से बंद है, जनहित को देखते हुए निर्णय लिया गया है कि दोपहर बाद फुटकर दवा विक्रेता अपनी अपनी दुकान खोलेंगे जबकि थोक विक्रेता पूर्णतया हड़ताल पर रहेंगे।
डीपीएम पब्लिक स्कूल में नन्हे-मुन्ने बच्चों की पूल पार्टी, इंडोर गेम्स में भी दिखा उत्साह
मेरठ/बहसूमा। भीषण गर्मी के बीच डीपीएम पब्लिक स्कूल में बुधवार को नर्सरी से यूकेजी तक के नन्हे-मुन्ने बच्चों के लिए रंगारंग पूल पार्टी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों का उत्साह और खुशी देखते ही बन रही थी। बच्चों ने पानी में खेलते हुए जमकर मस्ती की तथा विभिन्न गीतों पर नृत्य कर आनंद उठाया।

विद्यालय प्रशासन की ओर से बच्चों के लिए फ्रूटी, मैंगो ड्रिंक, चिप्स एवं ताजे फलों की विशेष व्यवस्था की गई थी। भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए बच्चों की सुरक्षा, स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी सभी व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया।

इस सफल आयोजन का श्रेय विद्यालय के सचिव जगदीश त्यागी को दिया गया। उनके कुशल नेतृत्व, दूरदर्शी सोच और बच्चों के प्रति स्नेहपूर्ण भावना के चलते कार्यक्रम सुव्यवस्थित एवं आकर्षक रूप से संपन्न हुआ। उन्होंने स्वयं व्यवस्थाओं की निगरानी करते हुए यह सुनिश्चित किया कि बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

विद्यालय प्रबंधन का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित, आनंदमय एवं शिक्षाप्रद वातावरण उपलब्ध कराना है। इसी सोच के तहत विद्यालय में समय-समय पर रचनात्मक एवं मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास को बढ़ावा मिल सके।

इसी अवसर पर कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए इंडोर गेम्स प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में लूडो, कैरम, टेबल टेनिस और शतरंज जैसे खेल शामिल रहे, जिनमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य ज़िया ज़ैदी ने बच्चों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं
पिता ने वर्दी छोड़ी, मां ने नौकरी अब हर्ष की फिरकी पर नाचेंगे अफगानी


*जिले के यशस्वी, शिवम् दूबे के बाद आलराउंडर हर्ष दूबे का भारतीय क्रिकेट टीम में चयन से परिजनों खुशी, अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में खेलते नजर आएंगे हर्ष*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। विदर्भ और इंडिया-ए टीम से खेल चुके जिले के क्रिकेटर हर्ष दुबे का टीम इंडिया की मुख्य टीम में चयन हुआ है। वह अगले महीने वाली अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज में टीम इंडिया की ओर से खेलेंगे। इससे उनके परिजनों और रिश्तेदारों में हर्ष है। यशस्वी जायसवाल और शिवम दुबे के बाद वे जिले के तीसरे खिलाड़ी हैं, जो टीम इंडिया के लिए खेलेंगे। बड़े पिता राजेंद्र दुबे ने बताया कि

मूल रूप से डीघ ब्लॉक के तिलंगा गांव निवासी हर्ष दुबे की कहानी भी संघर्षों से भरी रही है। बेटे के क्रिकेट के प्रति जुनून को देखते हुए उनके माता-पिता नागपुर में ही शिफ्ट हो गए। उनके पिता सुरेंद्र दुबे ने साल 2015 में आर्मी की नौकरी छोड़ दी। वहीं उनकी मां ज्योति दुबे ने एक साल पहले ही बेटे की खातिर शिक्षिका की नौकरी छोड़कर पूरा ध्यान बेटे के कॅरिअर पर दिया। हर्ष विदर्भ की तरफ से अंडर-13, 16, 19 और रणजी खेल चुके हैं। रणजी खेलते हुए उन्होंने एक ही सीजन में 69 विकेट लेकर रिकाॅर्ड बनाया था। इसके बाद उनका चयन इंडिया-ए टीम में हो गया। वह आईपीएल में सनराइज हैदराबाद की ओर से खेलते हैं।  टीम इंडिया की घोषित 16 सदस्यीय टीम में हर्ष को भी शामिल किया गया है। उनके चयन की सूचना पर रिश्तेदार रामकृष्ण द्विवेदी ने खुशी जताई।
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई तक, बनी असमंजस की स्थिति*

*अभी तक उनका कार्यकाल बढ़ाने का आदेश शासन की तरफ से नहीं मिला है*

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले में 546 ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो जाएगा। इसमें मात्र एक सप्ताह का समय बचा है। अभी तक शासन स्तर से प्रशासक की तैनाती का कोई आदेश भी जारी नहीं हुआ है। इसको लेकर असमंजश की स्थिति बनी हुई है।
ऐसे में ग्राम पंचायतों में होने वाले लाखों के विकास कार्य को समय से पूर्ण करा पाना विभाग के लिए बड़ी चुनौती होगी। जिले में कुल 546 ग्राम पंचायतें हैं। जिसमें हर साल 15वें वित्त, राज्य वित्त, टाइड, अनटाइड फंड संग स्वच्छ भारत मिशन से बजट शासन से जारी होता है। राज्य वित्त और 15वें वित्त के बजट से खड़ंजा, इंटरलाॅकिंग,जैसी सुविधाएं दी जाती है जबकि टाइड फंड सशर्त अनुदान है, जो प्रधान को केवल विशिष्ट कार्यों के लिए दिया जाता है।
इसका 50 फीसदी हिस्सा पेयजल आपूर्ति, जल संचयन और पुनर्चक्रण के लिए, जबकि शेष 50 फीसदी स्वच्छता और ओडीएफ स्थिति के रखरखाव के लिए अनिवार्य रूप से खर्च करना होता है। 2021 में निर्वाचित ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो जाएगा।



26 म‌ई को प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। अभी तक उनका कार्यकाल बढ़ाने का आदेश शासन की तरफ से नहीं मिला है। ग्राम पंचायतों के संचालन के लिए प्रशासक नियुक्त होने की संभावना है। दो से तीन में शासन से इससे संबंधित पत्र मिल सकता है। जिसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।

ज्ञान प्रकाश,प्रभारी डीपीआरओ भदोही
कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने सड़क दुर्घटना में दिखाई संवेदनशीलता
* योगी सरकार के मंत्री ने काफिला रोक बच्चों को तत्काल पहुंचाया अस्पताल

कानपुर देहात/लखनऊ। झांसी की ओर जाते समय प्रदेश के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने मानवता एवं संवेदनशीलता का परिचय देते हुए कानपुर देहात क्षेत्र में सड़क दुर्घटना का शिकार हुए स्कूली बच्चों की तत्काल सहायता की।
जनपद कानपुर देहात में सिंगूर नदी के पास मावर शरीफ गांव में एक स्कूली बस की आमने-सामने से एक ट्रक से टक्कर हो गई। उसी दौरान मंत्री दारा सिंह चौहान का काफिला वहां से गुजर रहा था। दुर्घटना को देखकर उन्होंने तुरंत अपना काफिला रुकवाया और स्वयं मौके पर पहुंचकर बच्चों का हाल-चाल जाना।
कारागार मंत्री ने अधिकारियों एवं स्थानीय प्रशासन को निर्देश देते हुए घायल बच्चों को तत्काल अस्पताल भिजवाने की व्यवस्था कराई। उनकी तत्परता एवं संवेदनशीलता के चलते बच्चों को समय पर चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जा सकी।सौभाग्यवश दुर्घटना में किसी भी बच्चे को गंभीर चोट नहीं आई।
হালিশহরে তুলকালাম:  ‘ভণ্ড সাধু’ গ্রেপ্তার


প্রবীর রায়: অভিযোগ টা ছিল অনেক দিনের। কিন্তু ওনার সঙ্গে শাসক নেতাদের যোগাযোগ থাকায় এতোদিন ছিলেন জেলের বাইরে।ধর্মের আড়ালে অসামাজিক ক্রিয়াকলাপের স্বর্গরাজ্য হয়ে  উঠে ছিল হালিশহরের ঐতিহ্যবাহী সংকরমঠ আশ্রম। ওখান থেকে আজ  এক ‘ভণ্ড সাধু’কে গ্রেপ্তার করল পুলিশ। ধৃতের নাম লিটন (আশ্রমে সাধুবেশে পরিচিত)। দীর্ঘদিন ধরে তাঁর বিরুদ্ধে জমা হওয়া ক্ষোভের বহিঃপ্রকাশ ঘটল বুধবার। উত্তেজিত এলাকাবাসী ওই ভণ্ড সাধুর গেরুয়া বস্ত্র টেনে ছিঁড়ে ফেলে এবং গণধোলাই দিয়ে তাকে পুলিশের হাতে তুলে দেয়।

স্থানীয় বাসিন্দাদের অভিযোগ, সাধুর ছদ্মবেশে দীর্ঘদিন ধরে ওই আশ্রমে নানান অনৈতিক কাজ চালাচ্ছিল লিটন। এলাকাবাসীদের মূল অভিযোগ হল,আশ্রমের পবিত্রতা নষ্ট করে প্রতিদিন সেখানে জুয়া, মদ এবং গাঁজার আসর বসানো হতো। স্থানীয়দের দাবি, রাত্রি ৮ টার পর মহিলাদের আশ্রমে ডেকে পাঠানো হতো এবং জোরপূর্বক বিভিন্ন অসামাজিক কার্যকলাপে লিপ্ত হতে বাধ্য করা হতো।
এছাড়াও সাধারণ মানুষকে বন্দুকের নল দেখিয়ে ভয় দেখানো এবং প্রভাব খাটিয়ে জমি ও সম্পত্তি হাতিয়ে নেওয়ার একাধিক অভিযোগ রয়েছে ওই ব্যক্তির বিরুদ্ধে।

এলাকাবাসীরা জানান, কেউ এই অন্যায়ের প্রতিবাদ করতে গেলে তাকে রাজনৈতিক ক্ষমতার ভয় দেখানো হতো। অভিযুক্ত লিটন বুক ফুলিয়ে দাবি করত, বীজপুরের তৃণমূল বিধায়ক সুবোধ অধিকারী এবং হালিশহর পৌরসভার চেয়ারম্যান কমল অধিকারী নাকি তার হাতের পুতুল।এই প্রভাবশালীদের নাম ভাঙিয়েই এতোদিন ধরে এলাকায় সন্ত্রাসের পরিবেশ তৈরি করে রেখেছিল সে।

ধৈর্যের বাঁধ ভাঙায় এদিন শঙ্করমঠ আশ্রমে চড়াও হন উত্তেজিত এলাকাবাসী। অভিযুক্ত লিটনকে টেনে হিঁচড়ে বাইরে বের করে আনা হয়। ক্ষুব্ধ জনতা তার গা থেকে গেরুয়া পোশাক টেনে খুলে নেয়। উত্তম-মধ্যম দেওয়ার পর খবর দেওয়া হয় হালিশহর থানায়। পুলিশ এসে অভিযুক্ত ‘ভণ্ড সাধু’কে উত্তেজিত জনতার হাত থেকে উদ্ধার করে গ্রেপ্তার করে।
রাজ্যের অতিরিক্ত অ্যাডভোকেট জেনারেল নিয়োগ
নিজস্ব প্রতিনিধি: রাজ্যে পালা বদলের সঙ্গে সঙ্গে বদল হচ্ছে সব কিছুতেই। এবার রাজ্যের অতিরিক্ত অ্যাডভোকেট জেনারেল হলেন কলকাতা হাইকোর্টের সিনিয়র আইনজীবী রাজদীপ মজুমদার। এ ছাড়াও, পাবলিক প্রসিকিউটর হিসাবে আইনজীবী কল্লোল মণ্ডল ও নীলাঞ্জন ভট্টাচার্য সিনিয়র স্টাডিং কাউন্সিল কে নিয়োগ করেছে পশ্চিমবঙ্গ সরকার। যদিও এখনও পর্যন্ত রাজ্যের পরবর্তী অ্যাডভোকেট জেনারেল কে হবেন, তা চূড়ান্ত হয়নি। আগের সরকারের আমলে উচ্চপদে কর্মরত অনেকে পদত্যাগও করেছেন। শুরু হয়েছে নতুন নিয়োগও। সেই ধারা বজায় রেখেই নিয়োগ হল রাজ্যের নতুন অতিরিক্ত অ্যাডভোকেট জেনারেল। অতীতে তিনি কেন্দ্রের ডেপুটি সলিসিটর ছিলেন। ইডি, সিবিআইয়ের মতো কেন্দ্রীয় তদন্তকারী সংস্থার হয়ে আদালতে সওয়াল করেছেন। এ বার থেকে রাজ্যের হয়ে আদালতে সওয়াল করবেন রাজদীপ।
হাসনাবাদে রমরমিয়ে অবৈধ মাটি পাচার, বেহাল রাস্তা ও দুর্ঘটনার আশঙ্কায় ক্ষুব্ধ স্থানীয়রা

বসিরহাট : উত্তর ২৪ পরগনার বসিরহাটের হাসনাবাদ জুড়ে বেআইনিভাবে চাষযোগ্য জমি ও মেছোভেড়ি থেকে দেদার মাটি কাটার অভিযোগকে কেন্দ্র করে ক্ষোভ বাড়ছে স্থানীয়দের মধ্যে। বসিরহাটের হাসনাবাদ থানার মুরারীশাহ, মাখালগাছা-সহ একাধিক পঞ্চায়েত এলাকায় দিনের পর দিন জেসিবি মেশিন দিয়ে মাটি কেটে ট্রলিতে করে বিভিন্ন এলাকায় পাচার করা হচ্ছে বলে অভিযোগ উঠেছে। অথচ প্রশাসনের ভূমিকা নিয়ে প্রশ্ন তুলছেন সাধারণ মানুষ। তাদের দাবি, প্রকাশ্যে এই অবৈধ কারবার চললেও কার্যত কোনও কড়া পদক্ষেপ দেখা যাচ্ছে না।
স্থানীয় বাসিন্দাদের অভিযোগ, গভীর রাত থেকে শুরু করে দিনের বিভিন্ন সময়ে একের পর এক ট্রলি ভর্তি মাটি এলাকা ছেড়ে বেরিয়ে যাচ্ছে। এত পরিমাণে মাটি বহন করা হচ্ছে যে ট্রলি থেকে মাটি পড়ে রাস্তায় পুরু স্তর জমে গিয়েছে। ফলে রাস্তাঘাটের অবস্থা ক্রমশই বেহাল হয়ে পড়ছে। কোথাও ধুলোর দাপট, কোথাও আবার সামান্য বৃষ্টিতেই রাস্তা পিচ্ছিল হয়ে দুর্ঘটনার আশঙ্কা বাড়ছে। মুরারীশাহ এলাকার এক বাসিন্দার কথায়, “দীর্ঘদিন ধরে এই অবৈধ মাটি কাটা চলছে। রাস্তায় হাঁটা দায় হয়ে গিয়েছে। সারাক্ষণ ধুলো উড়ছে, চোখ-মুখ জ্বালা করছে। বাচ্চাদের স্কুলে যেতে সমস্যা হচ্ছে।” অন্য এক স্থানীয়ের দাবি, “অন্তঃসত্ত্বা মহিলা বা অসুস্থ রোগীদের হাসপাতালে নিয়ে যেতে গিয়ে চরম সমস্যায় পড়তে হচ্ছে। রাস্তার অবস্থা এতটাই খারাপ যে অ্যাম্বুল্যান্স পর্যন্ত ঠিকমতো চলতে পারে না।”
স্থানীয়দের আরও অভিযোগ, দিনরাত পুলিশ টহল দিলেও কীভাবে প্রকাশ্যে এই মাটি পাচারের ব্যবসা চলছে তা নিয়ে প্রশ্ন উঠছে। তাদের বক্তব্য, প্রশাসনের একাংশ সব জেনেও নীরব দর্শকের ভূমিকা পালন করছে। ফলে অবৈধ কারবারিদের দৌরাত্ম্য দিনদিন বেড়েই চলেছে।
মাখালগাছা এলাকার এক প্রবীণ বাসিন্দা বলেন, “চাষের জমি নষ্ট করে মাটি কেটে নিয়ে যাওয়া হচ্ছে। এতে পরিবেশেরও ক্ষতি হচ্ছে। বর্ষার সময় জল জমার সমস্যাও বাড়বে। আমরা বহুবার অভিযোগ করেছি, কিন্তু স্থায়ী সমাধান কিছুই হয়নি।” এই ঘটনায় ক্ষোভে ফুঁসছেন এলাকার মানুষ। অবিলম্বে অবৈধ মাটি কাটা ও পাচার বন্ধের দাবিতে সরব হয়েছেন তারা। প্রশাসন দ্রুত ব্যবস্থা না নিলে আগামী দিনে বৃহত্তর আন্দোলন ও বিক্ষোভে নামার হুঁশিয়ারিও দিয়েছেন স্থানীয় বাসিন্দারা।