हजारीबाग में अवैध विदेशी शराब की मिनी फैक्ट्री का भंडाफोड़, भारी मात्रा में शराब व स्पिरिट बरामद

हजारीबाग जिले में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री, संचय एवं परिवहन पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत उत्पाद विभाग को बड़ी सफलता मिली है। सहायक आयुक्त उत्पाद, हजारीबाग के निर्देशन एवं निरीक्षक उत्पाद के पर्यवेक्षण में पदमा थाना क्षेत्र के दौरवा गांव में मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे छापेमारी की गई।

प्राप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में दौरवा गांव स्थित एक मुर्गी फार्म में संचालित अवैध मिनी फैक्ट्री का खुलासा हुआ। छापेमारी के दौरान विभिन्न ब्रांड की अवैध विदेशी शराब, स्पिरिट, लेबल, तैयार रंगीन शराब, होलोग्राम, कैरामेल, ढक्कन, कार्टन, पंचिंग मशीन तथा बड़ी संख्या में खाली बोतलें बरामद की गईं।

उत्पाद विभाग ने मौके से करीब 180 लीटर अवैध विदेशी शराब एवं 105 लीटर स्पिरिट जब्त किया है। मामले में दौरवा गांव निवासी अशोक बाड़ा सहित अन्य संलिप्त लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

छापेमारी दल में निरीक्षक उत्पाद सौरव कुमार झा, अवर निरीक्षक उत्पाद सुमितेश कुमार, सहायक अवर निरीक्षक सय्यद बसीरुद्दीन तथा सशस्त्र गृह रक्षा वाहिनी के जवान शामिल थे।

देवघर-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के बाद डीएवी भंडारकोला के छात्र आयुष संतोषी का विद्यालय में किया गया सम्मान।
देवघर: के गीता देवी डीएवी पब्लिक स्कूल भंडारकोला, देवघर के पूर्ववर्ती छात्र एवं वर्तमान में डीएवी यूनिवर्सिटी, जालंधर के छात्र आयुष संतोषी ने श्रीलंका में आयोजित साउथ एशियन चैंपियनशिप में गोल शॉट बॉल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतकर भारत का तिरंगा विश्व मंच पर लहरा दिया। इस प्रतियोगिता में भारत सहित बांग्लादेश, माल्दिव्स, नेपाल, भूटान, पाकिस्तान, श्रीलंका जैसे कुल सात देशों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ।यह जीत सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि पूरे देश के सम्मान की जीत रही। झारखंड के देवघर की मिट्टी से निकले और डीएवी के इस होनहार खिलाड़ी ने अपनी मेहनत, जुनून और जीत के जज़्बे से सन 2025 में पावरलिफ्टिंग (बेंच प्रेस) में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 7 स्टेट गोल्ड मेडल अपने नाम किया था और 3 बार “बेस्ट लिफ्टर” का खिताब जीतकर अपनी बादशाहत कायम की थी। गौर करने वाली बात यह भी है कि झारखंड से यूथ टीम में केवल दो खिलाड़ियों का चयन हुआ था, जिनमें एक नाम आयुष संतोषी का भी शामिल था। इस चयन ने ही यह संकेत दे दिया था कि आयुष कुछ बड़ा करने वाला है और उसने उस भरोसे को सच साबित कर दिखाया। विद्यालय के प्राचार्य मोहम्मद मुस्तफा मजीद ने स्वर्ण पदक विजेता पूर्व छात्र को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि डीएवी सदैव विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध रहा है और शिक्षा के साथ-साथ खेल एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्टता प्राप्त करने हेतु विद्यार्थियों को निरंतर प्रेरित करता है। इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि छात्र की यह सफलता उसकी कठोर मेहनत, अनुशासन, समर्पण तथा खेल के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। उसकी यह उपलब्धि विद्यालय के वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और उन्हें अपने लक्ष्य की प्राप्ति हेतु निरंतर प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। विद्यालय के सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर पूर्ववर्ती छात्र तथा उसके अभिभावकों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई प्रेषित की है। विद्यालय परिवार को विश्वास है कि वह भविष्य में भी इसी प्रकार नई ऊँचाइयों को प्राप्त कर देश का मान बढ़ाता रहेगा। इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे उनकी माँ कुमारी अलका सोनी और पिता अजय संतोषी का त्याग, संघर्ष और अटूट विश्वास सबसे बड़ी ताकत बना। आयुष के कोच राजेश रंजन, जो कि इस चैंपियनशिप के टीम इंडिया के भी कोच रहे,संजय सिंह और विद्यालय के खेल प्रशिक्षक सत्यवीर यादव और आशुतोष कुमार का मार्गदर्शन उनकी सफलता की मजबूत नींव रहा है। डीएवी जालंधर विश्वविद्यालय के एचओडी यशबीर सिंह ने उनकी उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि आयुष जैसे प्रतिभाशाली छात्र पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं। इसकी जानकारी मीडिया प्रभारी अभिषेक सूर्य ने दी।
पालघर संत हत्याकांड के दोषियों को कब मिलेगी सजा ? पीड़ित परिवारों ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
मुंबई । पालघर संत हत्याकांड में मारे गए संतों एवं चालक के परिजनों ने आज महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने, हत्याकांड के दोषियों को शीघ्र एवं कठोर सजा दिलाने तथा पालघर में दिवंगत संतों का स्मारक बनाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए सकारात्मक आश्वासन दिया। समाजसेवी अरुण शुक्ल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में चालक तेलगंडे की माता निर्मला तेलंगडे एवं उनके दो अबोध बच्चे, संत सुशील गिरि की बहन सपना मिश्रा तथा सहयोगी बृजेश पांडे शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष घटना से प्रभावित परिवारों की वर्तमान स्थिति और उनकी समस्याओं को विस्तार से रखा।
अरुण शुक्ल ने बताया कि परिजनों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पीड़ित परिवारों को पर्याप्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, मामले के सभी दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाई जाए तथा पालघर में दिवंगत संतों की स्मृति में एक भव्य स्मारक का निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इन सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार ब्रजमोहन पांडे एवं विधायक संजय उपाध्याय के सहयोग के लिए विशेष आभार व्यक्त किया गया। उल्लेखनीय है कि पालघर में संतों और उनके चालक की भीड़ द्वारा की गई हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया था। घटना के वर्षों बाद भी परिजन न्याय, सम्मान और पुनर्वास की मांग को लेकर प्रयासरत हैं तथा मुख्यमंत्री से हुई यह मुलाकात उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
आजमगढ़: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 12 वर्ष पूर्ण होने भाजपा कार्यकर्ताओं ने दुर्वास एवं महलिया मंदिर में किया साफ-सफाई
जमगढ़ । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफलतम 12 वर्ष पूर्ण होने तथा देश के सबसे अधिक समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त करने के खुशी भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंदिरों में साफ सफाई किया। भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री आशुतोष राय पंकज के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने श्रषि दुर्वासा की तपोस्थली स्थित मंदिर महलिया आदि में साफ सफाई किया तथा दर्शन-पूजन कर राष्ट्र की सुख-समृद्धि, लोकमंगल एवं विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि हेतु प्रार्थना की। जिला महामंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विगत 12 वर्षों में भारत ने विकास, सुशासन, गरीब कल्याण, राष्ट्रीय सुरक्षा, आधारभूत संरचना, डिजिटल क्रांति एवं वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा है। जिससे देश आत्मनिर्भर भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि “12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” अभियान के माध्यम से सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। आशुतोष राय जिला महामंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत विश्व पटल पर नई पहचान स्थापित कर रहा है तथा विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर दृढ़ता से अग्रसर है। इस अवसर पर पूर्व विधानसभा प्रत्याशी मनोज यादव, तहबरपुुुुर मण्डल अध्यक्ष आशुतोष राय खदेरु, मिर्जापुर मण्डल अध्यक्ष नीरज गिरी, ओमकार पाण्डेय, बलराम तिवारी,राज विहारी सिंह,साधू सिंह, रिक्की राय,शिवांस सिंह,सौरभ कुमार, रविन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे।
सात फेरे के बाद दुल्हन फरार, परिजन भी गायब, राजस्थान की युवक ने बेलागंज थाने में दर्ज कराई ठगी की शिकायत

गया: गया जिले के बेलागंज थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव में शादी के कुछ घंटे बाद ही दुल्हन और उनके परिजन गायब हो गए. पीड़ित दूल्हे ने इस ठगी बताते हुए बेलागंज थाने में शिकायत दर्ज कराई है. राजस्थान के टोंक जिले के निवासी संजय पटवा अपने परिवार के साथ दरियापुर गांव शादी करने पहुंचे थे. आरोप है की शादी से पहले दूल्हा और दुल्हन पांच के बीच पैसे का लेनदेन हुआ था. दूल्हे ने दुल्हन को मंगलसूत्र, अंगूठी, पायल और अन्य शादी का सामान दिए.

इसके अतिरिक्त दुल्हन पक्ष के एक मोबाइल नंबर पर 110000 पर ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए. रात में हिंदू रीति रिवाज के अनुसार विवाह की सभी रस में पूरी की गई. दोनों बच्चों की सहमति से दुल्हन की विदाई ताई हुई थी. शादी के बाद दूल्हा और उसके परिजनों को गांव में एक तय स्थान पर ठहराया गया था. जब विदाई की तैयारी शुरू हुई तो ग्रामीणों ने बताया कि दुल्हन के घर पर ताला लगा हुआ है. मौके पर पहुंचने पर दूल्हे और उसके परिजनों ने देखा कि घर के सभी सदस्य गायब थे. इसके बाद उन्होंने डायलॉग 112 पर सूचना दी और बेलागंज थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई.

सिपाही भर्ती परीक्षा का आज आखिरी दिन
*त्रिस्तरीय चेकिंग और बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद परीक्षार्थियों को प्रवेश

गोंडा।उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा जिले के 15 परीक्षा केंद्रों पर आज बुधवार को यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा का तीसरा और अंतिम दिन है।आज आखिरी दिन होने के कारण परीक्षा केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों की भारी भीड़ देखी जा रही है।परीक्षा देने के लिए परीक्षार्थी आजमगढ़, सुल्तानपुर, महराजगंज,सिद्धार्थनगर, बस्ती, बाराबंकी और अयोध्या सहित कई अन्य जिलों से गोंडा पहुंचे हैं।पुलिसकर्मी और परीक्षा ड्यूटी में लगे अधिकारी कर्मचारी एक एक कर परीक्षार्थीयों की सघन जाँच कर रहे हैं।प्रवेश से पहले परीक्षार्थीयों की त्रिस्तरीय चेकिंग की जा रही है।मेटल डिटेक्टर से परीक्षार्थीयों के पूरे शरीर की जांच की जा रही है,जिसमें कान व जूते भी शामिल हैं।सभी परिक्षार्थी परीक्षार्थीयों का बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य है।बिना बायोमेट्रिक पुष्टि के किसी भी परीक्षार्थी को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है,जिन परीक्षार्थीयों का बायोमेट्रिक एक बार में नहीं हो पा रहा है,उन्हें दोबारा सत्यापन के बाद ही अंदर जाने दिया जा रहा है।परीक्षार्थी एक हाथ में पेन,प्रवेश पत्र और आधार कार्ड तथा दूसरे हाथ में जूते लेकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर रहे हैं।आज तीसरे दिन के पहली पाली में 15 परीक्षा केंद्रों पर कुल 6024 परीक्षार्थीयों को कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा देनी है।परीक्षार्थी रोडवेज बसों और ट्रेन के माध्यम से यहाँ पहुंचे हैं।जिला मुख्यालय पर बने जिला स्तरीय सीसीटीवी कंट्रोल रूम से सभी परीक्षा केंद्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है।इस परीक्षा के लिए 15 सेक्टर मजिस्ट्रेट,स्टेटिक मजिस्ट्रेट और 1000 से अधिक कक्ष निरीक्षक तैनात किए गए हैं।जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक द्वारा लगातार सभी परीक्षा केंद्रों पर नजर रखी जा रही है।पिछले दो दिन के अंदर जिले में कोई भी नकलची नहीं पकड़ा गया है।
उत्तर प्रदेश में भी महायुति का हिस्सा बने शिवसेना : संतोष सिंह
जौनपुर। श्री राम जन्मभूमि अयोध्या में शिवसैनिकों द्वारा की गई कार सेवा व शिवसेना का पूरे भारत में बढ़ते हुए जनाधार एवं शिवसेना नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की लोकप्रियता को देखते हुए शिवसेना उत्तर भारतीय संगठन, मुंबई के उपाध्यक्ष संतोष सिंह ने महाराष्ट्र की तरह उत्तर प्रदेश में भी शिवसेना को महायुद्ध का हिस्सा बनाने तथा  पूर्वांचल के प्रत्येक जिले में एक-एक विधानसभा में शिवसेना को टिकट देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि जिस तरह से उत्तर प्रदेश में क्षेत्रीय दलों जैसे अपना दल, निषाद पार्टी एवं सुभासपा के साथ भारतीय जनता पार्टी की महायुति है, उसी प्रकार उनकी पार्टी शिवसेना को भी महायुति का हिस्सा बनाया जाए और शिवसेना की राजनीतिक भागीदारी तय की जाए।  संतोष सिंह ने कहा कि मुंबई में उत्तर भारतीयों की भूमिका को देखते हुए हम चाहते हैं कि पूर्वांचल के हर जिले में कम से कम एक विधानसभा चुनाव लड़ने की सहमति बने और खास करके जौनपुर की एक विधानसभा विशेष शिवसेना को टिकट दिया जाए।  मुंबई में रहने वाले हर चार में से एक उत्तर भारतीय जौनपुर से होता है। उन्होंने कहा कि हमारे दल के शीर्ष पदाधिकारी से अनुरोध है वे भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय व उत्तर प्रदेश  के शीर्ष पदाधिकारी से वार्ता करें और हमारी भागीदारी तय करें।
अवैध वन्यजीव तस्करी में हाथी दांत सहित तीन तस्कर गिरफ्तार
मीरजापुर। यूपी के मीरजापुर में वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (wcc8). गोरखपुर, विशेष कार्य बल (STF) एवं मीरजापुर वन प्रभाग की संयुक्त टीम ने वन्यजीव हाथी के दांत सहित तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है।
प्रभागीय वनाधिकारी राकेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया है कि अवैध वन्यजीव तस्करी के विरूद्ध संयुक्त कार्यवाही में हाथी दांत सहित तीन तस्कर गिरफ्तार किये गये। वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (wcc8). गोरखपुर, विशेष कार्य बल (STF) एवं मीरजापुर वन प्रभाग की संयुक्त टीम द्वारा प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर 9 जून 2026 को संचालित संयुक्त अभियान के दौरान मीरजापुर वन प्रभाग के लालगंज रेंज द्वारा थाना जिगना क्षेत्रान्तर्गत बाबा कलेश्वर मंदिर के समीप लगभग एक बजे बजे अवैध वन्यजीव अवयवों की तस्करी में संलिप्त तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।
संयुक्त टीम द्वारा की गई तलाशी एवं जांच के दौरान तस्करों के कब्जे से हाथी के दांत एवं अन्य वन्यजीव अवयव बरामद किए गए। बरामद सामग्री में 2 अदद हाथी दांत (कुल भार लगभग 1.49 किलोग्राम), 1 अदद हाथी का जबड़ा (लगभग 800 ग्राम) एवं एक स्प्लेन्डर बाइक संख्या UP70BE2825 तथा तीन मोबाइल फोन
बरामद किया गया है।
नटवीर बाबा स्थान पर विशाल भंडारे का आयोजन, हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया महाप्रसाद .
विनोद गुप्ता
हरदोई: ज्येष्ठ (अधिक) मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि एवं मंगलवार के पावन अवसर पर बेनीगंज रेलवे क्रॉसिंग स्थित प्राचीन नटवीर बाबा स्थान पर समाजसेवी पुनीत मिश्रा के नेतृत्व में विशाल पूड़ी-सब्जी भंडारा एवं प्रसाद वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र सहित दूर-दराज से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण कर धर्म लाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ नैमिषारण्य स्थित नारदानंद आश्रम शांतिकुटी के प्रमुख श्री शाश्वतानंद  महाराज द्वारा पूजा-अर्चना एवं विधि-विधान के साथ कराया गया। इसके पश्चात भंडारे का वितरण प्रारंभ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर नैमिषारण्य हनुमानगढ़ी के महंत पवन दास महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि कलयुग में अन्नदान और भंडारा सबसे बड़ा पुण्य कार्य है तथा इससे समाज में सेवा, समर्पण और सद्भावना की भावना विकसित होती है।
कार्यक्रम में 84 कोसी परिक्रमा अध्यक्ष नारायण दास महाराज, वनगढ़ आश्रम महंत संतोष दास खाकी, प्रसिद्ध भजन गायक एवं कथावाचक सुरेश दास शास्त्री तथा अयोध्या धाम से पधारे सत्य सनातन धर्म प्रचारक दिवाकराचार्य जी महाराज ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। संतों एवं धर्माचार्यों ने नैमिषारण्य की महिमा, सनातन संस्कृति एवं धर्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को आशीर्वचन प्रदान किए।
संत-महात्माओं की उपस्थिति से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने संतों के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा धार्मिक आयोजन में बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के विख्यात समाजसेवी राजवर्धन सिंह 'राजू', समाजवादी पार्टी के नेता छत्रपाल 'छत्तर', समाजसेवी विशाल गुप्ता (टड़ियावां), कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अंशू अवस्थी, वन क्षेत्राधिकारी कछौना विनय कुमार सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने पहुंचकर आयोजन की सराहना की और अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
नगर क्षेत्र से राजीव रंजन त्रिपाठी, शेष कुमार मिश्रा सहित अनेक सम्मानित नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं धर्मप्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
भंडारे के सफल आयोजन पर समाजसेवी पुनीत मिश्रा ने सभी संत-महात्माओं, अतिथियों, सहयोगियों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज सेवा और धर्म सेवा के ऐसे आयोजन आगे भी निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।
प्राकृतिक हीरा, धरती माता के अमर प्रेम का अनमोल उपहार
– संजय जीवन लाल शाह

प्राकृतिक हीरा केवल एक रत्न नहीं, बल्कि प्रकृति की करोड़ों वर्षों की साधना का परिणाम और धरती माता के अमर प्रेम का जीवंत प्रतीक है। इसकी अनुपम चमक, दुर्लभता, शाश्वतता और अद्वितीय सौंदर्य ने इसे सदियों से प्रेम, विश्वास, समर्पण, शक्ति और वैभव का सर्वोच्च प्रतीक बनाया है। यही कारण है कि प्राकृतिक हीरा आज भी दुनिया भर में प्रेम की सबसे सुंदर और सबसे मूल्यवान अभिव्यक्ति माना जाता है। कहा जाता है कि कुछ उपहार समय के साथ पुराने हो जाते हैं, लेकिन प्राकृतिक हीरा ऐसा उपहार है जिसकी चमक समय के साथ और अधिक निखरती जाती है। जब कोई व्यक्ति अपनी प्रिय को प्राकृतिक हीरे का उपहार देता है, तो वह केवल एक आभूषण नहीं देता, बल्कि अपने अटूट प्रेम, सम्मान, विश्वास और जीवनभर साथ निभाने का वचन सौंपता है। इसी कारण प्राकृतिक हीरे को दुनिया भर में “अल्टीमेट गिफ्ट ऑफ लव” की संज्ञा दी गई है। ‘डायमंड’ शब्द ग्रीक भाषा के शब्द ‘एडामस’ से लिया गया है, जिसका अर्थ है—अजेय और अविनाशी। यह नाम हीरे के गुणों का सटीक परिचय देता है। प्रेम की तरह ही हीरा भी अटूट, अमर और समय की हर कसौटी पर खरा उतरने वाला माना जाता है। इतिहास साक्षी है कि इस अद्भुत रत्न को प्राप्त करने के लिए अनेक राजाओं और साम्राज्यों ने संघर्ष किए, युद्ध लड़े और इसे अपने गौरव का प्रतीक बनाया। भारत को प्राकृतिक हीरों की जन्मभूमि होने का गौरव प्राप्त है। हजारों वर्ष पूर्व विश्व के प्रथम हीरे भारत की धरती से प्राप्त हुए थे। गोलकुंडा की खदानों से निकले हीरों ने विश्व को चमत्कृत कर दिया था। विश्वविख्यात कोहिनूर, होप डायमंड और अनेक ऐतिहासिक हीरे भारत की गौरवशाली विरासत का हिस्सा रहे हैं। जब दुनिया के अधिकांश देशों में हीरे के बारे में जानकारी भी नहीं थी, तब भारतीय राजघरानों की रानियां और राजकुमारियां हीरों से सुसज्जित मुकुट, हार, बाजूबंद, कंगन और अंगूठियां धारण करती थीं। निजाम, गायकवाड़, सिंधिया और अन्य भारतीय राजवंशों के खजाने प्राकृतिक हीरों की अद्वितीय संपदा के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध थे। भारतीय संस्कृति में हीरे को केवल संपत्ति नहीं, बल्कि सौभाग्य, समृद्धि और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना गया है।
विश्व की विभिन्न सभ्यताओं में भी प्राकृतिक हीरे को विशेष सम्मान प्राप्त हुआ है। यूनानियों का विश्वास था कि हीरे देवताओं के आंसुओं से बने हैं, जबकि प्राचीन रोमन उन्हें टूटते तारों के टुकड़े मानते थे। मध्यकालीन यूरोप में हीरे को साहस, सुरक्षा और वैवाहिक सुख का प्रतीक माना जाता था। इटली में इसे पति-पत्नी के मध्य प्रेम और सामंजस्य को सुदृढ़ करने वाला रत्न माना गया। सगाई की अंगूठी में हीरा जड़ने की परंपरा भी प्रेम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय है। वर्ष 1477 में ऑस्ट्रिया के आर्चड्यूक मैक्सिमिलियन ने मैरी ऑफ बरगंडी को हीरे की अंगूठी भेंट की थी। इसके बाद हीरे की अंगूठी प्रेम, प्रतिबद्धता और वैवाहिक बंधन का वैश्विक प्रतीक बन गई। आज भी विश्वभर में लाखों युगल अपने जीवन की नई शुरुआत प्राकृतिक हीरे की अंगूठी के साथ करते हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से भी प्राकृतिक हीरा प्रकृति का अद्भुत चमत्कार है। यह धरती की गहराइयों में लगभग 150 से 200 किलोमीटर नीचे, अत्यधिक तापमान और दबाव के बीच करोड़ों वर्षों में निर्मित होता है। प्रकृति की इस लंबी और अद्भुत प्रक्रिया के कारण प्रत्येक प्राकृतिक हीरा अद्वितीय होता है। कोई भी दो प्राकृतिक हीरे पूरी तरह समान नहीं होते। प्रत्येक हीरा अपनी अलग पहचान और विशिष्टता लिए होता है, मानो उस पर स्वयं प्रकृति के हस्ताक्षर अंकित हों।
प्राकृतिक हीरे की यात्रा भी उसकी चमक जितनी ही प्रेरणादायक होती है। धरती की गहराइयों से निकलकर वह खनिकों, कारीगरों, डिजाइनरों और ज्वेलरी विशेषज्ञों के कुशल हाथों से गुजरता है। अनगिनत घंटों की मेहनत और कलात्मकता के बाद वह एक शानदार आभूषण का रूप धारण करता है, जो किसी के जीवन की सबसे यादगार स्मृति बन जाता है। आज के आधुनिक युग में भी प्राकृतिक हीरा केवल फैशन का हिस्सा नहीं है, बल्कि भावनाओं, उपलब्धियों और जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों का साक्षी है। सगाई, विवाह, वर्षगांठ, सफलता, मातृत्व अथवा किसी विशेष उपलब्धि के अवसर पर दिया गया प्राकृतिक हीरा जीवनभर की यादों को संजोए रखता है। ज्वैल मेकर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय जीवनलाल शाह के अनुसार, “प्राकृतिक हीरा हमें यह संदेश देता है कि वास्तविक मूल्य समय, धैर्य, समर्पण और प्रकृति की अनमोल रचना में निहित होता है। करोड़ों वर्षों में निर्मित यह रत्न प्रेम, निष्ठा और स्थायित्व का जीवंत प्रतीक है।”
जब तक संसार में प्रेम, विश्वास, सौंदर्य और समर्पण का अस्तित्व रहेगा, तब तक प्राकृतिक हीरे की दिव्य चमक मानव हृदयों को आलोकित करती रहेगी। वास्तव में, प्राकृतिक हीरा केवल एक रत्न नहीं, बल्कि धरती माता द्वारा मानवता को दिया गया अमर प्रेम का अनमोल उपहार है—एक ऐसा उपहार जो पीढ़ियों तक रिश्तों, भावनाओं और स्मृतियों को जीवंत बनाए रखता है। यही कारण है कि प्राकृतिक हीरा सदैव प्रेम की सबसे सुंदर, सबसे शुद्ध और सबसे शाश्वत अभिव्यक्ति बना रहेगा।
हजारीबाग में अवैध विदेशी शराब की मिनी फैक्ट्री का भंडाफोड़, भारी मात्रा में शराब व स्पिरिट बरामद

हजारीबाग जिले में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री, संचय एवं परिवहन पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत उत्पाद विभाग को बड़ी सफलता मिली है। सहायक आयुक्त उत्पाद, हजारीबाग के निर्देशन एवं निरीक्षक उत्पाद के पर्यवेक्षण में पदमा थाना क्षेत्र के दौरवा गांव में मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे छापेमारी की गई।

प्राप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में दौरवा गांव स्थित एक मुर्गी फार्म में संचालित अवैध मिनी फैक्ट्री का खुलासा हुआ। छापेमारी के दौरान विभिन्न ब्रांड की अवैध विदेशी शराब, स्पिरिट, लेबल, तैयार रंगीन शराब, होलोग्राम, कैरामेल, ढक्कन, कार्टन, पंचिंग मशीन तथा बड़ी संख्या में खाली बोतलें बरामद की गईं।

उत्पाद विभाग ने मौके से करीब 180 लीटर अवैध विदेशी शराब एवं 105 लीटर स्पिरिट जब्त किया है। मामले में दौरवा गांव निवासी अशोक बाड़ा सहित अन्य संलिप्त लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

छापेमारी दल में निरीक्षक उत्पाद सौरव कुमार झा, अवर निरीक्षक उत्पाद सुमितेश कुमार, सहायक अवर निरीक्षक सय्यद बसीरुद्दीन तथा सशस्त्र गृह रक्षा वाहिनी के जवान शामिल थे।

देवघर-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के बाद डीएवी भंडारकोला के छात्र आयुष संतोषी का विद्यालय में किया गया सम्मान।
देवघर: के गीता देवी डीएवी पब्लिक स्कूल भंडारकोला, देवघर के पूर्ववर्ती छात्र एवं वर्तमान में डीएवी यूनिवर्सिटी, जालंधर के छात्र आयुष संतोषी ने श्रीलंका में आयोजित साउथ एशियन चैंपियनशिप में गोल शॉट बॉल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतकर भारत का तिरंगा विश्व मंच पर लहरा दिया। इस प्रतियोगिता में भारत सहित बांग्लादेश, माल्दिव्स, नेपाल, भूटान, पाकिस्तान, श्रीलंका जैसे कुल सात देशों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ।यह जीत सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि पूरे देश के सम्मान की जीत रही। झारखंड के देवघर की मिट्टी से निकले और डीएवी के इस होनहार खिलाड़ी ने अपनी मेहनत, जुनून और जीत के जज़्बे से सन 2025 में पावरलिफ्टिंग (बेंच प्रेस) में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 7 स्टेट गोल्ड मेडल अपने नाम किया था और 3 बार “बेस्ट लिफ्टर” का खिताब जीतकर अपनी बादशाहत कायम की थी। गौर करने वाली बात यह भी है कि झारखंड से यूथ टीम में केवल दो खिलाड़ियों का चयन हुआ था, जिनमें एक नाम आयुष संतोषी का भी शामिल था। इस चयन ने ही यह संकेत दे दिया था कि आयुष कुछ बड़ा करने वाला है और उसने उस भरोसे को सच साबित कर दिखाया। विद्यालय के प्राचार्य मोहम्मद मुस्तफा मजीद ने स्वर्ण पदक विजेता पूर्व छात्र को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि डीएवी सदैव विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध रहा है और शिक्षा के साथ-साथ खेल एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्टता प्राप्त करने हेतु विद्यार्थियों को निरंतर प्रेरित करता है। इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि छात्र की यह सफलता उसकी कठोर मेहनत, अनुशासन, समर्पण तथा खेल के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। उसकी यह उपलब्धि विद्यालय के वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और उन्हें अपने लक्ष्य की प्राप्ति हेतु निरंतर प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। विद्यालय के सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर पूर्ववर्ती छात्र तथा उसके अभिभावकों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई प्रेषित की है। विद्यालय परिवार को विश्वास है कि वह भविष्य में भी इसी प्रकार नई ऊँचाइयों को प्राप्त कर देश का मान बढ़ाता रहेगा। इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे उनकी माँ कुमारी अलका सोनी और पिता अजय संतोषी का त्याग, संघर्ष और अटूट विश्वास सबसे बड़ी ताकत बना। आयुष के कोच राजेश रंजन, जो कि इस चैंपियनशिप के टीम इंडिया के भी कोच रहे,संजय सिंह और विद्यालय के खेल प्रशिक्षक सत्यवीर यादव और आशुतोष कुमार का मार्गदर्शन उनकी सफलता की मजबूत नींव रहा है। डीएवी जालंधर विश्वविद्यालय के एचओडी यशबीर सिंह ने उनकी उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि आयुष जैसे प्रतिभाशाली छात्र पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं। इसकी जानकारी मीडिया प्रभारी अभिषेक सूर्य ने दी।
पालघर संत हत्याकांड के दोषियों को कब मिलेगी सजा ? पीड़ित परिवारों ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
मुंबई । पालघर संत हत्याकांड में मारे गए संतों एवं चालक के परिजनों ने आज महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने, हत्याकांड के दोषियों को शीघ्र एवं कठोर सजा दिलाने तथा पालघर में दिवंगत संतों का स्मारक बनाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए सकारात्मक आश्वासन दिया। समाजसेवी अरुण शुक्ल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में चालक तेलगंडे की माता निर्मला तेलंगडे एवं उनके दो अबोध बच्चे, संत सुशील गिरि की बहन सपना मिश्रा तथा सहयोगी बृजेश पांडे शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष घटना से प्रभावित परिवारों की वर्तमान स्थिति और उनकी समस्याओं को विस्तार से रखा।
अरुण शुक्ल ने बताया कि परिजनों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पीड़ित परिवारों को पर्याप्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, मामले के सभी दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाई जाए तथा पालघर में दिवंगत संतों की स्मृति में एक भव्य स्मारक का निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इन सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार ब्रजमोहन पांडे एवं विधायक संजय उपाध्याय के सहयोग के लिए विशेष आभार व्यक्त किया गया। उल्लेखनीय है कि पालघर में संतों और उनके चालक की भीड़ द्वारा की गई हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया था। घटना के वर्षों बाद भी परिजन न्याय, सम्मान और पुनर्वास की मांग को लेकर प्रयासरत हैं तथा मुख्यमंत्री से हुई यह मुलाकात उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
आजमगढ़: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 12 वर्ष पूर्ण होने भाजपा कार्यकर्ताओं ने दुर्वास एवं महलिया मंदिर में किया साफ-सफाई
जमगढ़ । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफलतम 12 वर्ष पूर्ण होने तथा देश के सबसे अधिक समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त करने के खुशी भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंदिरों में साफ सफाई किया। भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री आशुतोष राय पंकज के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने श्रषि दुर्वासा की तपोस्थली स्थित मंदिर महलिया आदि में साफ सफाई किया तथा दर्शन-पूजन कर राष्ट्र की सुख-समृद्धि, लोकमंगल एवं विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि हेतु प्रार्थना की। जिला महामंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विगत 12 वर्षों में भारत ने विकास, सुशासन, गरीब कल्याण, राष्ट्रीय सुरक्षा, आधारभूत संरचना, डिजिटल क्रांति एवं वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा है। जिससे देश आत्मनिर्भर भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि “12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” अभियान के माध्यम से सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। आशुतोष राय जिला महामंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत विश्व पटल पर नई पहचान स्थापित कर रहा है तथा विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर दृढ़ता से अग्रसर है। इस अवसर पर पूर्व विधानसभा प्रत्याशी मनोज यादव, तहबरपुुुुर मण्डल अध्यक्ष आशुतोष राय खदेरु, मिर्जापुर मण्डल अध्यक्ष नीरज गिरी, ओमकार पाण्डेय, बलराम तिवारी,राज विहारी सिंह,साधू सिंह, रिक्की राय,शिवांस सिंह,सौरभ कुमार, रविन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे।
सात फेरे के बाद दुल्हन फरार, परिजन भी गायब, राजस्थान की युवक ने बेलागंज थाने में दर्ज कराई ठगी की शिकायत

गया: गया जिले के बेलागंज थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव में शादी के कुछ घंटे बाद ही दुल्हन और उनके परिजन गायब हो गए. पीड़ित दूल्हे ने इस ठगी बताते हुए बेलागंज थाने में शिकायत दर्ज कराई है. राजस्थान के टोंक जिले के निवासी संजय पटवा अपने परिवार के साथ दरियापुर गांव शादी करने पहुंचे थे. आरोप है की शादी से पहले दूल्हा और दुल्हन पांच के बीच पैसे का लेनदेन हुआ था. दूल्हे ने दुल्हन को मंगलसूत्र, अंगूठी, पायल और अन्य शादी का सामान दिए.

इसके अतिरिक्त दुल्हन पक्ष के एक मोबाइल नंबर पर 110000 पर ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए. रात में हिंदू रीति रिवाज के अनुसार विवाह की सभी रस में पूरी की गई. दोनों बच्चों की सहमति से दुल्हन की विदाई ताई हुई थी. शादी के बाद दूल्हा और उसके परिजनों को गांव में एक तय स्थान पर ठहराया गया था. जब विदाई की तैयारी शुरू हुई तो ग्रामीणों ने बताया कि दुल्हन के घर पर ताला लगा हुआ है. मौके पर पहुंचने पर दूल्हे और उसके परिजनों ने देखा कि घर के सभी सदस्य गायब थे. इसके बाद उन्होंने डायलॉग 112 पर सूचना दी और बेलागंज थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई.

सिपाही भर्ती परीक्षा का आज आखिरी दिन
*त्रिस्तरीय चेकिंग और बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद परीक्षार्थियों को प्रवेश

गोंडा।उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा जिले के 15 परीक्षा केंद्रों पर आज बुधवार को यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा का तीसरा और अंतिम दिन है।आज आखिरी दिन होने के कारण परीक्षा केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों की भारी भीड़ देखी जा रही है।परीक्षा देने के लिए परीक्षार्थी आजमगढ़, सुल्तानपुर, महराजगंज,सिद्धार्थनगर, बस्ती, बाराबंकी और अयोध्या सहित कई अन्य जिलों से गोंडा पहुंचे हैं।पुलिसकर्मी और परीक्षा ड्यूटी में लगे अधिकारी कर्मचारी एक एक कर परीक्षार्थीयों की सघन जाँच कर रहे हैं।प्रवेश से पहले परीक्षार्थीयों की त्रिस्तरीय चेकिंग की जा रही है।मेटल डिटेक्टर से परीक्षार्थीयों के पूरे शरीर की जांच की जा रही है,जिसमें कान व जूते भी शामिल हैं।सभी परिक्षार्थी परीक्षार्थीयों का बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य है।बिना बायोमेट्रिक पुष्टि के किसी भी परीक्षार्थी को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है,जिन परीक्षार्थीयों का बायोमेट्रिक एक बार में नहीं हो पा रहा है,उन्हें दोबारा सत्यापन के बाद ही अंदर जाने दिया जा रहा है।परीक्षार्थी एक हाथ में पेन,प्रवेश पत्र और आधार कार्ड तथा दूसरे हाथ में जूते लेकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर रहे हैं।आज तीसरे दिन के पहली पाली में 15 परीक्षा केंद्रों पर कुल 6024 परीक्षार्थीयों को कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा देनी है।परीक्षार्थी रोडवेज बसों और ट्रेन के माध्यम से यहाँ पहुंचे हैं।जिला मुख्यालय पर बने जिला स्तरीय सीसीटीवी कंट्रोल रूम से सभी परीक्षा केंद्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है।इस परीक्षा के लिए 15 सेक्टर मजिस्ट्रेट,स्टेटिक मजिस्ट्रेट और 1000 से अधिक कक्ष निरीक्षक तैनात किए गए हैं।जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक द्वारा लगातार सभी परीक्षा केंद्रों पर नजर रखी जा रही है।पिछले दो दिन के अंदर जिले में कोई भी नकलची नहीं पकड़ा गया है।
उत्तर प्रदेश में भी महायुति का हिस्सा बने शिवसेना : संतोष सिंह
जौनपुर। श्री राम जन्मभूमि अयोध्या में शिवसैनिकों द्वारा की गई कार सेवा व शिवसेना का पूरे भारत में बढ़ते हुए जनाधार एवं शिवसेना नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की लोकप्रियता को देखते हुए शिवसेना उत्तर भारतीय संगठन, मुंबई के उपाध्यक्ष संतोष सिंह ने महाराष्ट्र की तरह उत्तर प्रदेश में भी शिवसेना को महायुद्ध का हिस्सा बनाने तथा  पूर्वांचल के प्रत्येक जिले में एक-एक विधानसभा में शिवसेना को टिकट देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि जिस तरह से उत्तर प्रदेश में क्षेत्रीय दलों जैसे अपना दल, निषाद पार्टी एवं सुभासपा के साथ भारतीय जनता पार्टी की महायुति है, उसी प्रकार उनकी पार्टी शिवसेना को भी महायुति का हिस्सा बनाया जाए और शिवसेना की राजनीतिक भागीदारी तय की जाए।  संतोष सिंह ने कहा कि मुंबई में उत्तर भारतीयों की भूमिका को देखते हुए हम चाहते हैं कि पूर्वांचल के हर जिले में कम से कम एक विधानसभा चुनाव लड़ने की सहमति बने और खास करके जौनपुर की एक विधानसभा विशेष शिवसेना को टिकट दिया जाए।  मुंबई में रहने वाले हर चार में से एक उत्तर भारतीय जौनपुर से होता है। उन्होंने कहा कि हमारे दल के शीर्ष पदाधिकारी से अनुरोध है वे भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय व उत्तर प्रदेश  के शीर्ष पदाधिकारी से वार्ता करें और हमारी भागीदारी तय करें।
अवैध वन्यजीव तस्करी में हाथी दांत सहित तीन तस्कर गिरफ्तार
मीरजापुर। यूपी के मीरजापुर में वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (wcc8). गोरखपुर, विशेष कार्य बल (STF) एवं मीरजापुर वन प्रभाग की संयुक्त टीम ने वन्यजीव हाथी के दांत सहित तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है।
प्रभागीय वनाधिकारी राकेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया है कि अवैध वन्यजीव तस्करी के विरूद्ध संयुक्त कार्यवाही में हाथी दांत सहित तीन तस्कर गिरफ्तार किये गये। वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (wcc8). गोरखपुर, विशेष कार्य बल (STF) एवं मीरजापुर वन प्रभाग की संयुक्त टीम द्वारा प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर 9 जून 2026 को संचालित संयुक्त अभियान के दौरान मीरजापुर वन प्रभाग के लालगंज रेंज द्वारा थाना जिगना क्षेत्रान्तर्गत बाबा कलेश्वर मंदिर के समीप लगभग एक बजे बजे अवैध वन्यजीव अवयवों की तस्करी में संलिप्त तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।
संयुक्त टीम द्वारा की गई तलाशी एवं जांच के दौरान तस्करों के कब्जे से हाथी के दांत एवं अन्य वन्यजीव अवयव बरामद किए गए। बरामद सामग्री में 2 अदद हाथी दांत (कुल भार लगभग 1.49 किलोग्राम), 1 अदद हाथी का जबड़ा (लगभग 800 ग्राम) एवं एक स्प्लेन्डर बाइक संख्या UP70BE2825 तथा तीन मोबाइल फोन
बरामद किया गया है।
नटवीर बाबा स्थान पर विशाल भंडारे का आयोजन, हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया महाप्रसाद .
विनोद गुप्ता
हरदोई: ज्येष्ठ (अधिक) मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि एवं मंगलवार के पावन अवसर पर बेनीगंज रेलवे क्रॉसिंग स्थित प्राचीन नटवीर बाबा स्थान पर समाजसेवी पुनीत मिश्रा के नेतृत्व में विशाल पूड़ी-सब्जी भंडारा एवं प्रसाद वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र सहित दूर-दराज से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण कर धर्म लाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ नैमिषारण्य स्थित नारदानंद आश्रम शांतिकुटी के प्रमुख श्री शाश्वतानंद  महाराज द्वारा पूजा-अर्चना एवं विधि-विधान के साथ कराया गया। इसके पश्चात भंडारे का वितरण प्रारंभ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर नैमिषारण्य हनुमानगढ़ी के महंत पवन दास महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि कलयुग में अन्नदान और भंडारा सबसे बड़ा पुण्य कार्य है तथा इससे समाज में सेवा, समर्पण और सद्भावना की भावना विकसित होती है।
कार्यक्रम में 84 कोसी परिक्रमा अध्यक्ष नारायण दास महाराज, वनगढ़ आश्रम महंत संतोष दास खाकी, प्रसिद्ध भजन गायक एवं कथावाचक सुरेश दास शास्त्री तथा अयोध्या धाम से पधारे सत्य सनातन धर्म प्रचारक दिवाकराचार्य जी महाराज ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। संतों एवं धर्माचार्यों ने नैमिषारण्य की महिमा, सनातन संस्कृति एवं धर्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को आशीर्वचन प्रदान किए।
संत-महात्माओं की उपस्थिति से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने संतों के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा धार्मिक आयोजन में बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के विख्यात समाजसेवी राजवर्धन सिंह 'राजू', समाजवादी पार्टी के नेता छत्रपाल 'छत्तर', समाजसेवी विशाल गुप्ता (टड़ियावां), कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अंशू अवस्थी, वन क्षेत्राधिकारी कछौना विनय कुमार सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने पहुंचकर आयोजन की सराहना की और अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
नगर क्षेत्र से राजीव रंजन त्रिपाठी, शेष कुमार मिश्रा सहित अनेक सम्मानित नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं धर्मप्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
भंडारे के सफल आयोजन पर समाजसेवी पुनीत मिश्रा ने सभी संत-महात्माओं, अतिथियों, सहयोगियों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज सेवा और धर्म सेवा के ऐसे आयोजन आगे भी निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।
प्राकृतिक हीरा, धरती माता के अमर प्रेम का अनमोल उपहार
– संजय जीवन लाल शाह

प्राकृतिक हीरा केवल एक रत्न नहीं, बल्कि प्रकृति की करोड़ों वर्षों की साधना का परिणाम और धरती माता के अमर प्रेम का जीवंत प्रतीक है। इसकी अनुपम चमक, दुर्लभता, शाश्वतता और अद्वितीय सौंदर्य ने इसे सदियों से प्रेम, विश्वास, समर्पण, शक्ति और वैभव का सर्वोच्च प्रतीक बनाया है। यही कारण है कि प्राकृतिक हीरा आज भी दुनिया भर में प्रेम की सबसे सुंदर और सबसे मूल्यवान अभिव्यक्ति माना जाता है। कहा जाता है कि कुछ उपहार समय के साथ पुराने हो जाते हैं, लेकिन प्राकृतिक हीरा ऐसा उपहार है जिसकी चमक समय के साथ और अधिक निखरती जाती है। जब कोई व्यक्ति अपनी प्रिय को प्राकृतिक हीरे का उपहार देता है, तो वह केवल एक आभूषण नहीं देता, बल्कि अपने अटूट प्रेम, सम्मान, विश्वास और जीवनभर साथ निभाने का वचन सौंपता है। इसी कारण प्राकृतिक हीरे को दुनिया भर में “अल्टीमेट गिफ्ट ऑफ लव” की संज्ञा दी गई है। ‘डायमंड’ शब्द ग्रीक भाषा के शब्द ‘एडामस’ से लिया गया है, जिसका अर्थ है—अजेय और अविनाशी। यह नाम हीरे के गुणों का सटीक परिचय देता है। प्रेम की तरह ही हीरा भी अटूट, अमर और समय की हर कसौटी पर खरा उतरने वाला माना जाता है। इतिहास साक्षी है कि इस अद्भुत रत्न को प्राप्त करने के लिए अनेक राजाओं और साम्राज्यों ने संघर्ष किए, युद्ध लड़े और इसे अपने गौरव का प्रतीक बनाया। भारत को प्राकृतिक हीरों की जन्मभूमि होने का गौरव प्राप्त है। हजारों वर्ष पूर्व विश्व के प्रथम हीरे भारत की धरती से प्राप्त हुए थे। गोलकुंडा की खदानों से निकले हीरों ने विश्व को चमत्कृत कर दिया था। विश्वविख्यात कोहिनूर, होप डायमंड और अनेक ऐतिहासिक हीरे भारत की गौरवशाली विरासत का हिस्सा रहे हैं। जब दुनिया के अधिकांश देशों में हीरे के बारे में जानकारी भी नहीं थी, तब भारतीय राजघरानों की रानियां और राजकुमारियां हीरों से सुसज्जित मुकुट, हार, बाजूबंद, कंगन और अंगूठियां धारण करती थीं। निजाम, गायकवाड़, सिंधिया और अन्य भारतीय राजवंशों के खजाने प्राकृतिक हीरों की अद्वितीय संपदा के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध थे। भारतीय संस्कृति में हीरे को केवल संपत्ति नहीं, बल्कि सौभाग्य, समृद्धि और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना गया है।
विश्व की विभिन्न सभ्यताओं में भी प्राकृतिक हीरे को विशेष सम्मान प्राप्त हुआ है। यूनानियों का विश्वास था कि हीरे देवताओं के आंसुओं से बने हैं, जबकि प्राचीन रोमन उन्हें टूटते तारों के टुकड़े मानते थे। मध्यकालीन यूरोप में हीरे को साहस, सुरक्षा और वैवाहिक सुख का प्रतीक माना जाता था। इटली में इसे पति-पत्नी के मध्य प्रेम और सामंजस्य को सुदृढ़ करने वाला रत्न माना गया। सगाई की अंगूठी में हीरा जड़ने की परंपरा भी प्रेम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय है। वर्ष 1477 में ऑस्ट्रिया के आर्चड्यूक मैक्सिमिलियन ने मैरी ऑफ बरगंडी को हीरे की अंगूठी भेंट की थी। इसके बाद हीरे की अंगूठी प्रेम, प्रतिबद्धता और वैवाहिक बंधन का वैश्विक प्रतीक बन गई। आज भी विश्वभर में लाखों युगल अपने जीवन की नई शुरुआत प्राकृतिक हीरे की अंगूठी के साथ करते हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से भी प्राकृतिक हीरा प्रकृति का अद्भुत चमत्कार है। यह धरती की गहराइयों में लगभग 150 से 200 किलोमीटर नीचे, अत्यधिक तापमान और दबाव के बीच करोड़ों वर्षों में निर्मित होता है। प्रकृति की इस लंबी और अद्भुत प्रक्रिया के कारण प्रत्येक प्राकृतिक हीरा अद्वितीय होता है। कोई भी दो प्राकृतिक हीरे पूरी तरह समान नहीं होते। प्रत्येक हीरा अपनी अलग पहचान और विशिष्टता लिए होता है, मानो उस पर स्वयं प्रकृति के हस्ताक्षर अंकित हों।
प्राकृतिक हीरे की यात्रा भी उसकी चमक जितनी ही प्रेरणादायक होती है। धरती की गहराइयों से निकलकर वह खनिकों, कारीगरों, डिजाइनरों और ज्वेलरी विशेषज्ञों के कुशल हाथों से गुजरता है। अनगिनत घंटों की मेहनत और कलात्मकता के बाद वह एक शानदार आभूषण का रूप धारण करता है, जो किसी के जीवन की सबसे यादगार स्मृति बन जाता है। आज के आधुनिक युग में भी प्राकृतिक हीरा केवल फैशन का हिस्सा नहीं है, बल्कि भावनाओं, उपलब्धियों और जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों का साक्षी है। सगाई, विवाह, वर्षगांठ, सफलता, मातृत्व अथवा किसी विशेष उपलब्धि के अवसर पर दिया गया प्राकृतिक हीरा जीवनभर की यादों को संजोए रखता है। ज्वैल मेकर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय जीवनलाल शाह के अनुसार, “प्राकृतिक हीरा हमें यह संदेश देता है कि वास्तविक मूल्य समय, धैर्य, समर्पण और प्रकृति की अनमोल रचना में निहित होता है। करोड़ों वर्षों में निर्मित यह रत्न प्रेम, निष्ठा और स्थायित्व का जीवंत प्रतीक है।”
जब तक संसार में प्रेम, विश्वास, सौंदर्य और समर्पण का अस्तित्व रहेगा, तब तक प्राकृतिक हीरे की दिव्य चमक मानव हृदयों को आलोकित करती रहेगी। वास्तव में, प्राकृतिक हीरा केवल एक रत्न नहीं, बल्कि धरती माता द्वारा मानवता को दिया गया अमर प्रेम का अनमोल उपहार है—एक ऐसा उपहार जो पीढ़ियों तक रिश्तों, भावनाओं और स्मृतियों को जीवंत बनाए रखता है। यही कारण है कि प्राकृतिक हीरा सदैव प्रेम की सबसे सुंदर, सबसे शुद्ध और सबसे शाश्वत अभिव्यक्ति बना रहेगा।