जहानाबाद में लगा मगही चौपाल, अष्टम अनुसूची में शामिल करने की उठी मांग
जनगणना में “मगही” दर्ज कराने को लेकर लोगों से अपील

जहानाबाद के अरवल मोड़ पर मगही चौपाल का भव्य आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य मगही भाषा को संविधान की अष्टम अनुसूची में शामिल कराने और जनगणना के दौरान मातृभाषा के रूप में “मगही” दर्ज कराने के प्रति जागरूकता फैलाना था। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, बुद्धिजीवी और भाषा प्रेमी शामिल हुए। चौपाल के दौरान वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि मगही भाषा मगध की पहचान है और इसे उसका संवैधानिक अधिकार मिलना चाहिए। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सुधाकर राजेंद्र ने कहा कि भाषा हमारी संस्कृति की आत्मा होती है, इसलिए मगही को उसका उचित सम्मान मिलना जरूरी है। वहीं विश्वजीत कुमार अलबेला ने अपनी रचनाओं के माध्यम से लोगों को मगही भाषा के प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर सन्नी कुमार कश्यप ने मगध के इतिहास और मगही भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही संजय कुमार, अजय विश्वकर्मा और मगही के गोल्ड मेडलिस्ट कमलेश कुमार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी वक्ताओं ने लोगों से अपील की कि वे जनगणना के दौरान अपनी मातृभाषा के रूप में मगही को ही दर्ज कराएं, ताकि इस भाषा को उसका उचित अधिकार मिल सके। कार्यक्रम का सफल आयोजन गौतम पाराशर के संयोजन में किया गया। आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों में काफी उत्साह देखा गया। चौपाल के अंत में यह संकल्प लिया गया कि मगही भाषा को उसका संवैधानिक अधिकार दिलाने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
सार्वजनिक रास्ते पर अवैध कब्जे की कोशिश नाकाम, प्रशासन ने तोड़ा शौचालय टैंक
* अंबेडकरनगर में दबंगों की मनमानी पर सख्त कार्रवाई, मार्ग हुआ बहाल

अंबेडकरनगर/बसखारी। जिले के बसखारी क्षेत्र में दबंगों द्वारा सार्वजनिक रास्ते को अवैध निर्माण के जरिए बाधित करने की कोशिश प्रशासन की तत्परता से विफल कर दी गई। मामला वार्ड नंबर 10 का है, जहां कुछ लोगों ने रास्ते के बीचों-बीच शौचालय टैंक का निर्माण कर आवागमन रोकने का प्रयास किया था।
जानकारी के अनुसार, राकेश कुमार मौर्य, प्रभावती, उमेश मौर्य और भारती समेत अन्य लोगों द्वारा हिंदी प्रचार-प्रसार सेवा संस्थान के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. सम्राट अशोक मौर्य के आवास के सामने सार्वजनिक मार्ग पर अवैध निर्माण कराया जा रहा था। इससे स्थानीय निवासियों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने तत्काल प्रशासन से शिकायत की।
शिकायत मिलते ही नगर पंचायत बसखारी, टांडा तहसील और पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। नगर पंचायत अध्यक्ष ओमकार गुप्ता, अधिशासी अधिकारी, उप जिलाधिकारी डॉ. शशि शेखर, क्षेत्राधिकारी अकबरपुर, थाना अध्यक्ष बसखारी सुनील कुमार पांडेय सहित वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए अवैध शौचालय टैंक को ध्वस्त कर दिया गया और मार्ग को आमजन के लिए पुनः खोल दिया गया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक रास्तों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है और उन्हें संबंधित धाराओं में पाबंद किया गया है।
स्थानीय निवासियों—रमेश मौर्य, रामजीत मौर्य, संतोष मौर्य, मंतोष मौर्य, जोगिंदर मौर्य, महेंद्र मौर्य सहित अन्य लोगों ने प्रशासन का आभार जताया। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो दैनिक आवागमन और निर्माण कार्यों में भारी परेशानी होती।
भव्य समारोह में R.V. फिलिंग स्टेशन का उद्घाटन, मंत्री के.पी. मलिक ने किया लोकार्पण
मेरठ/बहसूमा। थाना क्षेत्र बहसूमा अंतर्गत NH-34 पर ग्राम झुंनझुनी के सामने रविवार को R.V. फिलिंग स्टेशन का भव्य उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व फिलिंग स्टेशन के मालिक राहुल बालियान निवासी किनोनी बरवाला, जनपद मुजफ्फरनगर द्वारा किया गया, जिसमें करीब 50-60 लोगों की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के वन, पर्यावरण, जंतु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के राज्य मंत्री माननीय के.पी. मलिक रहे। मंत्री के.पी. मलिक सुबह लगभग 11:15 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और 11:20 बजे विधिवत फीता काटकर R.V. फिलिंग स्टेशन का उद्घाटन किया।

उद्घाटन के बाद मंत्री जी ने उपस्थित लोगों से संक्षिप्त वार्ता की तथा क्षेत्र के विकास में इस तरह की सुविधाओं को महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों के लिए सूक्ष्म जलपान की भी व्यवस्था की गई।

कार्यक्रम समाप्ति के उपरांत मंत्री के.पी. मलिक करीब 11:58 बजे अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए। आयोजन शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
प्रदेश अध्यक्ष के निष्कासन के बाद सुभासपा का डैमेज कंट्रोल तेज
* अनुशासनहीनता पर सख्त रुख, जल्द होगा नए नेतृत्व का ऐलान

लखनऊ। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने संगठनात्मक अनुशासन को सर्वोपरि मानते हुए बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष प्रेमचंद कश्यप को तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है। यह कार्रवाई उन्हें कथित रूप से पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने के बाद की गई।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, प्रेमचंद कश्यप की गतिविधियां संगठन के हितों के विपरीत पाई गईं, जिसके चलते यह कड़ा निर्णय लिया गया। सुभासपा नेतृत्व को पिछले कुछ समय से उनके कार्यों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। आंतरिक जांच के बाद निष्कासन की कार्रवाई को अंतिम रूप दिया गया। पार्टी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संगठन की विचारधारा और नीतियों के खिलाफ जाने वाले नेताओं पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, संगठन को मजबूत बनाए रखने के लिए जल्द ही नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा की जाएगी। सुभासपा ने यह भी दोहराया कि वह अतिपिछड़ों, अति दलितों, वंचितों और शोषित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी। पार्टी का कहना है कि उसकी सक्रियता से विपक्षी दल असहज हैं, लेकिन किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
महराजगंज तराई के बरदही बाजार में जमीन विवाद: पट्टेदारों ने लगाया उत्पीड़न और फर्जी मुकदमों का आरोप।      
              
                
बलरामपुर।महराजगंज तराई क्षेत्र के बरदही बाजार में जमीन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। वर्ष 1989 में 16 लोगों को पट्टा आवंटित किया गया था,लेकिन अब पट्टेदारों का आरोप है कि कुछ लोग उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं और उनकी जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।
पट्टेदारों के अनुसार,मुस्लिम बंजारा,मुख्तार बंजारा,साहिल बंजारा और कालेखा नामक व्यक्तियों द्वारा गाय-बैल के व्यापार के नाम पर पुलिस से सांठगांठ कर भारी रकम दी जाती है। आरोप है कि ये लोग पट्टेदारों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज करवाकर उन्हें डराने-धमकाने का काम कर रहे हैं।
पीड़ितों का कहना है कि जिन लोगों पर आरोप लगाए जा रहे हैं,उनके नाम कोई वैध पट्टा भी नहीं है,इसके बावजूद वे पुलिस की मदद से जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। साथ ही,जब भी असली पट्टेदार निर्माण कार्य शुरू करते हैं,उन्हें रोका जाता है।
मामले में एक और गंभीर आरोप यह है कि मुस्लिम बंजारा द्वारा फर्जी स्टे (स्थगन आदेश) लाया गया और उसे हटवाने के नाम पर 16 लोगों से 3500-3500 रुपये,कुल 56,000 रुपये वसूले गए। पीड़ितों का दावा है कि यह रकम मुस्तक और सहजाद के माध्यम से एक सिपाही को दी गई,जिसके बाद थानाध्यक्ष के जरिए बंजारों को 8 फुट जमीन दिला दी गई।
पट्टेदारों का कहना है कि समझौता होने के बावजूद भी उन्हें निर्माण कार्य नहीं करने दिया जा रहा है और लगातार उत्पीड़न जारी है।
पीड़ितों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
लहरपुर में नवनिर्मित ब्लड बैंक का उद्घाटन, SDP सुविधा से मरीजों को मिलेगा लाभ
कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। क्षेत्र के ग्राम पारा संराय स्थित के.पी. सिंह मेमोरियल हॉस्पिटल  में नवनिर्मित ब्लड बैंक का भव्य उद्घाटन सदस्य विधान परिषद पवन सिंह चौहान के द्वारा किया गया। रविवार को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पवन सिंह चौहान ने फीता काटकर ब्लड बैंक का किया शुभारंभ।इस मौके पर उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह ब्लड बैंक क्षेत्र के मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा तथा आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर रक्त उपलब्ध कराकर लोगों के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि सदस्य विधान परिषद जासमीर अंसारी के साथ साथ महोली विधायक शशांक त्रिवेदी, लहरपुर सपा विधायक अनिल वर्मा , भाजपा जिलाध्यक्ष  राजेश शुक्ला पूर्व एमएलसी भरत त्रिपाठी, ब्लॉक प्रमुख राजेंद्र राजवंशी, मनोज त्रिवेदी, अखिलेंद्र यादव, मनजीत सिंह, संजय वर्मा, टी.पी. सिंह, आदित्य सिंह आशीष सिंह, अपना दल एस के दिनेश पटेल व ग्राम प्रधान, बीडीसी उपस्थित थे।इस मौके पर संस्था के चेयरमैन डॉ. सुरेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्य अतिथि  को बुके एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस ब्लड बैंक में SDP (Single Donor Platelet) की अत्याधुनिक सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जो गंभीर मरीजों के लिए अत्यंत जीवनरक्षक साबित होगी वहीं यह सुविधा सीतापुर एवं आसपास के जनपदों में कहीं भी उपलब्ध नहीं है उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र का यह पहला ऐसा ब्लड बैंक है जो SDP की सुविधा प्रदान कर रहा है और इस सुविधा के शुरू होने से अब मरीजों को बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही उन्नत रक्त सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
कार्यक्रम को सफल बनाने में अंशुमान सिंह,  ऐश्वर्य प्रताप सिंह, डॉ. अनुप कुमार सरबैया,  शिवपूजन सिंह, समाजसेवी हसीन अंसारी ने सराहनीय सहयोग किया।कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी अतिथियों एवं सहयोगियों एवं आगुन्तकों का आभार व्यक्त किया गया और लोगों से रक्तदान के प्रति जागरूक होने की अपील की।
थाना छपिया पुलिस द्वारा अन्तर्जनपदीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़, 05 अदद चोरी की मोटरसाइकिल बरामद, 03 अभियुक्त गिरफ्तार-
*कार्यवाहीः-*       गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी  अजीत कुमार रजक के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी मनकापुर उदित नारायण पालीवाल के नेतृत्व में थाना छपिया पुलिस टीम द्वारा 03 शातिर चोरों-01. नरेन्द्र बहादुर सिंह उर्फ छोटू, 02. मंगरू चौहान, 03. धनन्जय को नगरा खुर्द तिराहे के पास से चेकिंग के दौरान गिरफ्तार कर उनके कब्जे व निशानदेही से चोरी की 05 अदद मोटरसाईकिलों को बरामद किया गया।

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
आज दिनांक 03.05.2026 को थाना छपिया के उ0नि0 घनश्याम वर्मा मय पुलिस टीम द्वारा मुखबिर की सूचना पर नगरा खुर्द तिराहे के पास घेराबंदी कर 03 शतिर चोरो को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 03 चोरी की मोटरसाइकिल बरामद हुईं तथा उनकी निशानदेही पर बभनान रेलवे स्टेशन गोदाम के पास छिपाकर रखी गई 02 अन्य चोरी की मोटरसाइकिलों की बरामदगी की गयी।  गिरफ्तार अभियुक्तगणों के विरूद्ध थाना छपिया पुलिस द्वारा गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही करते हुए माननीय न्यायालय रवाना किया गया।

*पूछताँछ का विवरण-*
गिरफ्तार अभियुक्तगणों द्वारा पूछताछ में बताया गया कि वे संगठित गिरोह बनाकर विभिन्न स्थानों (बाजार, स्टेशन, सुनसान जगह) पर खड़ी मोटरसाइकिलों की रेकी कर मास्टर चाबी की मदद से चोरी करते थे। गिरोह में नरेन्द्र बहादुर सिंह उर्फ छोटू, मगरू चौहान, धनंजय, अवनीश गुप्ता व विशाल चौधरी शामिल हैं। बरामद मोटरसाइकिलें अलग-अलग स्थानों (दढ़ीवा मेहनिया, अयोध्या, बभनान क्षेत्र) से चोरी की गई थीं। चोरी के बाद वाहन विशाल चौधरी को लगभग ₹4000/- प्रति मोटरसाइकिल में बेचे जाते थे। अभियुक्त नरेन्द्र के पास से बरामद ₹2100/- पूर्व चोरी की घटना का हिस्सा है। घटना के दिन भी अभियुक्त 03 मोटरसाइकिल बेचने जा रहे थे। यह एक संगठित वाहन चोर गिरोह है, जिसके फरार सदस्य अवनीश गुप्ता व विशाल चौधरी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
घर पहुंचे चार सगे भाई-बहन के शव तो रो पड़ा गांव, हत्या करके मां अब तक फरार, पिता सऊदी अरब में
जिलेभर में चर्चा का विषय बना मामला, नाना ने बेटी पर आरोपों को बताया बेबुनियाद


अंबेडकर नगर:अकबरपुर के मीरानपुर मुरादाबाद में चार मासूम बच्चों की हत्या मामले में रविवार को महरुआ के कसड़ा गांव का माहौल बेहद भारी नजर आया। दोपहर करीब एक बजे जैसे ही पोस्टमार्टम के बाद चारों मासूम बच्चों के शव गांव पहुंचे, पूरे इलाके में चीख-पुकार गूंज उठी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और गांव का माहौल शोक में डूब गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। हर कोई बच्चों के अंतिम दर्शन के लिए घर के बाहर जमा हो गया।

लोगों की भीड़ देर तक बनी रही और पूरे गांव में सन्नाटा पसरा रहा। जोहर की नमाज के बाद चारों बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ चार जनाजे उठने का दृश्य हर किसी को अंदर तक झकझोर गया। गांव के कब्रिस्तान में सऊद (12) और उमर (10) को एक साथ दफन किया गया, जबकि शफीक (14) और बयान (8) को पास में ही अलग-अलग सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव व कई थानों की पुलिस उपस्थित रही। बता दें कि शनिवार को मीरानपुर मुरादाबाद में एक घर के अंदर चारों बच्चों के शव खून से लथपथ मिले थे।

शुरुआती जांच में ईंट और हथौड़े से हमला कर हत्या की बात सामने आई थी। घर अंदर से बंद मिला था और मां गासिया खातून के लापता होने से उस पर शक गहराया था। आशंका जताई गई थी कि बच्चों को पहले नशीला पदार्थ दिया गया और फिर वारदात को अंजाम दिया गया।घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। कई टीमें जांच में लगी हैं, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही, घटनास्थल से मिले मोबाइल फोन को अनलॉक करने का प्रयास किया जा रहा है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) भी खंगाले जा रहे हैं, लेकिन फिलहाल इससे भी कोई अहम जानकारी नहीं मिल सकी है। चार मासूमों की एक साथ हत्या की यह घटना पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। गांव के साथ-साथ आसपास के इलाकों से भी लोग कसड़ा पहुंचे। हर कोई इस घटना को लेकर स्तब्ध है और जल्द खुलासे की उम्मीद कर रहा है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।

मां की तलाश जारी है और उसी पर शक केंद्रित है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।नाना ने बातचीत में कहा कि उनकी बेटी गासिया खातून इस तरह का कृत्य नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि बेटी के खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और किसी रंजिश या दुश्मनी के चलते यह मामला बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार में दांपत्य जीवन को लेकर किसी तरह का विवाद नहीं था। नाना के अनुसार, घटना को किसी और दिशा में मोड़ने की कोशिश की जा रही है और असली दोषी किसी और हो सकता है। परिवार सामान्य जीवन जी रहा था और किसी बड़े विवाद की स्थिति नहीं थी। उन्होंने आशंका जताई कि किसी दुश्मनी के चलते पूरे मामले को गलत रूप दिया जा रहा है। मृत बच्चों के बड़े पापा सलीम ने कहा कि गासिया खातून अकेले इस घटना को अंजाम नहीं दे सकती। उन्होंने आशंका जताई कि इस पूरे घटनाक्रम में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

शुक्रवार को नियाज की पत्नी और बच्चों से फोन पर बातचीत भी हुई थी, जिसमें किसी तरह की अनहोनी के संकेत नहीं थे। ऐसे में अचानक इस तरह की घटना होना कई सवाल खड़े करता है। अकबरपुर के मीरानपुर मुरादाबाद में शनिवार को चार मासूम बच्चों की हत्या के बाद हर ओर हड़कंप मचा रहा। रविवार को पैतृक गांव महरुआ के कसड़ा गांव में चारों बच्चों के शव पहुंचने पर बच्चों के नाना भी जनाजे में शामिल होने के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बातचीत के दौरान बताया कि उनकी बेटी गासिया खातून यह कृत्य नहीं कर सकती है। बेटी के खिलाफ एफआईआर में लगे आरोप बेबुनियाद है। किसी दुश्मन ने इस तरह की वारदात को अंजाम दिया है। नाना ने बताया कि उनके पुत्री व दामाद के बीच दांपत्य जीवन में किसी तरह का विवाद नहीं था।

एसपी प्राची सिंह ने बताया कि कमरे की दीवार से लेकर बिस्तर तक खून के छींटे फैले थे। बच्चों के उल्टी करने के भी निशान मिले हैं। शक है कि हत्या से पहले खाने में कुछ विषैला पदार्थ मिलाकर दिया गया। इसके बाद बेरहमी से हत्या की गई। बच्चों के सिर पर ईंट व हथौड़े से प्रहार किए जाने की आशंका है। हालांकि कमरे से ऐसा कुछ नहीं मिला है।नियाज उनकी सगी बहन का बेटा था। इसी से उन्होंने बेटी गासिया का निकाह किया था। इस घटना से मायके पक्ष के लोग भी स्तब्ध हैं। पुलिस से हुई बातचीत में नियाज ने अपनी पत्नी गासिया के सीधे-साधे होने की बात कही है।
अदब की महफिल, शब्दों के आईने में दिखा 'हमारा समाज' और ‘अर्थबोध'

भायंदर। मीरा रोड (पूर्व) स्थित विरंगुला केंद्र में आयोजित एक भव्य समारोह में कवयित्री एवं लेखिका रीता दास राम की दो नई कृतियों—काव्य संग्रह 'अर्थबोध के सान्निध्य में' और लेख संग्रह 'हमारा समाज और हम' (वैभव प्रकाशन)—का लोकार्पण संपन्न हुआ। जनवादी लेखक संघ, 'अनभै' पत्रिका और स्वर संगम फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में साहित्य जगत की दिग्गज हस्तियों ने शिरकत की।कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि, आलोचक एवं चिंतक विजय कुमार ने की। उन्होंने लेखिका की रचनात्मक यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि रीता दास की संवेदना का दायरा अत्यंत विस्तृत है। उन्होंने मोहन राकेश के नाटक का संदर्भ देते हुए मार्मिक टिप्पणी की कि एक पुरुष शायद ही कभी स्त्री के मन के उस 'तहखाने' और उसकी पीड़ा को पूरी तरह समझ पाए, जिसे रीता दास ने अपनी कविताओं में अभिव्यक्त किया है।कार्यक्रम का कुशल संचालन कवि रमन मिश्र ने किया, जिनकी प्रस्तुति और विद्वानों के विचारों को सूत्रबद्ध करने की शैली अंत तक श्रोताओं को बांधे रही।काव्य संग्रह 'अर्थबोध के सान्निध्य में' पर बोलते हुए वरिष्ठ कवि हूबनाथ पांडेय ने बताया कि रीता की कविताएं 'देह से उठकर समाज की ओर' बढ़ती हैं और वे एक स्त्री होकर 'मनुष्य की तरह' कविता लिखती हैं। प्रशांत जैन ने शीर्षक की सार्थकता और मुखपृष्ठ की विशिष्टता पर प्रकाश डाला, वहीं संध्या यादव ने कविताओं में मौजूद ज्वलंत सामाजिक चिंताओं को रेखांकित किया। लेख संग्रह 'हमारा समाज और हम' पर अनिल गौड़ की समीक्षा (जिसका पाठ राकेश शर्मा ने किया) के अनुसार, ये लेख समाज की जटिलताओं को परत-दर-परत खोलते हैं। अवधेश राय ने इन लेखों को वर्जनाओं और शोषण के खिलाफ एक 'दस्तावेज़' करार दिया।वरिष्ठ कवि विनोद दास और अनूप सेठी ने कविताओं के सौंदर्य बोध और उसमें छिपे द्वंद्वात्मक रिश्तों की सराहना की। हृदयेश मयंक ने लेखिका की बहुआयामी रचनात्मकता को सराहा, जबकि शैलेश सिंह ने उन्हें अन्याय के विरुद्ध सजगता से खड़ी होने वाली रचनाकार बताया। अभिलाष अवस्थी ने भी लेखिका के रचना-प्रयासों पर अपना दृष्टिकोण साझा किया। समारोह के अंत में राजीव रोहित ने सभी अतिथियों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विनोद गुप्ता शलभ, मुख्तार खान, दिनेश शाकुल, अजय रोहिल्ला, आभा बोधिसत्व, इरफ़ान ख़ान, श्री भौमिक, अशोक विद्यार्थी, आमना आज़मी, सोनी सिंह, सर्वेश यादव, प्रमोद यादव, अल्ताफ़ खान, विनीता दास, रहमान अब्बास, पुष्पा चौधरी सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और लेखिका के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
यह आयोजन न केवल पुस्तकों के लोकार्पण का माध्यम बना, बल्कि स्त्री विमर्श और सामाजिक यथार्थ पर एक गंभीर संवाद का गवाह भी रहा।
दूध टैंकर ने परिवार को रौंदा,पति पत्नी व बच्चे की मौत

*शादी में शामिल होने जा रहा था परिवार

गोंडा।जिले में एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई।यह हादसा नवाबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत कनकपुर के पास हुआ है।मृतकों में पति पत्नी व बेटा शामिल है।बताते चलें कि बस्ती जनपद के गंगापुर कलवारी निवासी मानसिंह (35),उनकी पत्नी उर्मिला (29) और बेटा लवकुश (12) बहराइच जा रहे थे।वे बहराइच जिले के ग्यारहसौ रेती में अपने साले के बेटी की शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे,कनकपुर के पास गोंडा की तरफ से अयोध्या जा रहे एक दूध टैंकर ने उनकी बाइक को रौंद दिया।इस हादसे में तीनों बाइक सवार सड़क पर गिर गए,जिससे मौके पर ही उर्मिला व उनके बेटे लवकुश की मौत हो गई।जबकि मानसिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवाबगंज ले जाया गया,जहाँ उन्होंने दम तोड़ दिया।घटना की सूचना मिलते ही नवाबगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई।पुलिस ने उर्मिला, लवकुश व मानसिंह के शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।नवाबगंज थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि टैंकर चालक फरार हो गया है।पुलिस ने दूध के टैंकर को जब्त कर नवाबगंज थाने पहुंचाया है और मामले की जांच शुरू कर दिया है।
जहानाबाद में लगा मगही चौपाल, अष्टम अनुसूची में शामिल करने की उठी मांग
जनगणना में “मगही” दर्ज कराने को लेकर लोगों से अपील

जहानाबाद के अरवल मोड़ पर मगही चौपाल का भव्य आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य मगही भाषा को संविधान की अष्टम अनुसूची में शामिल कराने और जनगणना के दौरान मातृभाषा के रूप में “मगही” दर्ज कराने के प्रति जागरूकता फैलाना था। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, बुद्धिजीवी और भाषा प्रेमी शामिल हुए। चौपाल के दौरान वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि मगही भाषा मगध की पहचान है और इसे उसका संवैधानिक अधिकार मिलना चाहिए। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सुधाकर राजेंद्र ने कहा कि भाषा हमारी संस्कृति की आत्मा होती है, इसलिए मगही को उसका उचित सम्मान मिलना जरूरी है। वहीं विश्वजीत कुमार अलबेला ने अपनी रचनाओं के माध्यम से लोगों को मगही भाषा के प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर सन्नी कुमार कश्यप ने मगध के इतिहास और मगही भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही संजय कुमार, अजय विश्वकर्मा और मगही के गोल्ड मेडलिस्ट कमलेश कुमार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी वक्ताओं ने लोगों से अपील की कि वे जनगणना के दौरान अपनी मातृभाषा के रूप में मगही को ही दर्ज कराएं, ताकि इस भाषा को उसका उचित अधिकार मिल सके। कार्यक्रम का सफल आयोजन गौतम पाराशर के संयोजन में किया गया। आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों में काफी उत्साह देखा गया। चौपाल के अंत में यह संकल्प लिया गया कि मगही भाषा को उसका संवैधानिक अधिकार दिलाने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
सार्वजनिक रास्ते पर अवैध कब्जे की कोशिश नाकाम, प्रशासन ने तोड़ा शौचालय टैंक
* अंबेडकरनगर में दबंगों की मनमानी पर सख्त कार्रवाई, मार्ग हुआ बहाल

अंबेडकरनगर/बसखारी। जिले के बसखारी क्षेत्र में दबंगों द्वारा सार्वजनिक रास्ते को अवैध निर्माण के जरिए बाधित करने की कोशिश प्रशासन की तत्परता से विफल कर दी गई। मामला वार्ड नंबर 10 का है, जहां कुछ लोगों ने रास्ते के बीचों-बीच शौचालय टैंक का निर्माण कर आवागमन रोकने का प्रयास किया था।
जानकारी के अनुसार, राकेश कुमार मौर्य, प्रभावती, उमेश मौर्य और भारती समेत अन्य लोगों द्वारा हिंदी प्रचार-प्रसार सेवा संस्थान के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. सम्राट अशोक मौर्य के आवास के सामने सार्वजनिक मार्ग पर अवैध निर्माण कराया जा रहा था। इससे स्थानीय निवासियों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने तत्काल प्रशासन से शिकायत की।
शिकायत मिलते ही नगर पंचायत बसखारी, टांडा तहसील और पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। नगर पंचायत अध्यक्ष ओमकार गुप्ता, अधिशासी अधिकारी, उप जिलाधिकारी डॉ. शशि शेखर, क्षेत्राधिकारी अकबरपुर, थाना अध्यक्ष बसखारी सुनील कुमार पांडेय सहित वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए अवैध शौचालय टैंक को ध्वस्त कर दिया गया और मार्ग को आमजन के लिए पुनः खोल दिया गया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक रास्तों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है और उन्हें संबंधित धाराओं में पाबंद किया गया है।
स्थानीय निवासियों—रमेश मौर्य, रामजीत मौर्य, संतोष मौर्य, मंतोष मौर्य, जोगिंदर मौर्य, महेंद्र मौर्य सहित अन्य लोगों ने प्रशासन का आभार जताया। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो दैनिक आवागमन और निर्माण कार्यों में भारी परेशानी होती।
भव्य समारोह में R.V. फिलिंग स्टेशन का उद्घाटन, मंत्री के.पी. मलिक ने किया लोकार्पण
मेरठ/बहसूमा। थाना क्षेत्र बहसूमा अंतर्गत NH-34 पर ग्राम झुंनझुनी के सामने रविवार को R.V. फिलिंग स्टेशन का भव्य उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व फिलिंग स्टेशन के मालिक राहुल बालियान निवासी किनोनी बरवाला, जनपद मुजफ्फरनगर द्वारा किया गया, जिसमें करीब 50-60 लोगों की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के वन, पर्यावरण, जंतु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के राज्य मंत्री माननीय के.पी. मलिक रहे। मंत्री के.पी. मलिक सुबह लगभग 11:15 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और 11:20 बजे विधिवत फीता काटकर R.V. फिलिंग स्टेशन का उद्घाटन किया।

उद्घाटन के बाद मंत्री जी ने उपस्थित लोगों से संक्षिप्त वार्ता की तथा क्षेत्र के विकास में इस तरह की सुविधाओं को महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों के लिए सूक्ष्म जलपान की भी व्यवस्था की गई।

कार्यक्रम समाप्ति के उपरांत मंत्री के.पी. मलिक करीब 11:58 बजे अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए। आयोजन शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
प्रदेश अध्यक्ष के निष्कासन के बाद सुभासपा का डैमेज कंट्रोल तेज
* अनुशासनहीनता पर सख्त रुख, जल्द होगा नए नेतृत्व का ऐलान

लखनऊ। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने संगठनात्मक अनुशासन को सर्वोपरि मानते हुए बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष प्रेमचंद कश्यप को तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है। यह कार्रवाई उन्हें कथित रूप से पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने के बाद की गई।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, प्रेमचंद कश्यप की गतिविधियां संगठन के हितों के विपरीत पाई गईं, जिसके चलते यह कड़ा निर्णय लिया गया। सुभासपा नेतृत्व को पिछले कुछ समय से उनके कार्यों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। आंतरिक जांच के बाद निष्कासन की कार्रवाई को अंतिम रूप दिया गया। पार्टी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संगठन की विचारधारा और नीतियों के खिलाफ जाने वाले नेताओं पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, संगठन को मजबूत बनाए रखने के लिए जल्द ही नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा की जाएगी। सुभासपा ने यह भी दोहराया कि वह अतिपिछड़ों, अति दलितों, वंचितों और शोषित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी। पार्टी का कहना है कि उसकी सक्रियता से विपक्षी दल असहज हैं, लेकिन किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
महराजगंज तराई के बरदही बाजार में जमीन विवाद: पट्टेदारों ने लगाया उत्पीड़न और फर्जी मुकदमों का आरोप।      
              
                
बलरामपुर।महराजगंज तराई क्षेत्र के बरदही बाजार में जमीन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। वर्ष 1989 में 16 लोगों को पट्टा आवंटित किया गया था,लेकिन अब पट्टेदारों का आरोप है कि कुछ लोग उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं और उनकी जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।
पट्टेदारों के अनुसार,मुस्लिम बंजारा,मुख्तार बंजारा,साहिल बंजारा और कालेखा नामक व्यक्तियों द्वारा गाय-बैल के व्यापार के नाम पर पुलिस से सांठगांठ कर भारी रकम दी जाती है। आरोप है कि ये लोग पट्टेदारों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज करवाकर उन्हें डराने-धमकाने का काम कर रहे हैं।
पीड़ितों का कहना है कि जिन लोगों पर आरोप लगाए जा रहे हैं,उनके नाम कोई वैध पट्टा भी नहीं है,इसके बावजूद वे पुलिस की मदद से जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। साथ ही,जब भी असली पट्टेदार निर्माण कार्य शुरू करते हैं,उन्हें रोका जाता है।
मामले में एक और गंभीर आरोप यह है कि मुस्लिम बंजारा द्वारा फर्जी स्टे (स्थगन आदेश) लाया गया और उसे हटवाने के नाम पर 16 लोगों से 3500-3500 रुपये,कुल 56,000 रुपये वसूले गए। पीड़ितों का दावा है कि यह रकम मुस्तक और सहजाद के माध्यम से एक सिपाही को दी गई,जिसके बाद थानाध्यक्ष के जरिए बंजारों को 8 फुट जमीन दिला दी गई।
पट्टेदारों का कहना है कि समझौता होने के बावजूद भी उन्हें निर्माण कार्य नहीं करने दिया जा रहा है और लगातार उत्पीड़न जारी है।
पीड़ितों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
लहरपुर में नवनिर्मित ब्लड बैंक का उद्घाटन, SDP सुविधा से मरीजों को मिलेगा लाभ
कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। क्षेत्र के ग्राम पारा संराय स्थित के.पी. सिंह मेमोरियल हॉस्पिटल  में नवनिर्मित ब्लड बैंक का भव्य उद्घाटन सदस्य विधान परिषद पवन सिंह चौहान के द्वारा किया गया। रविवार को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पवन सिंह चौहान ने फीता काटकर ब्लड बैंक का किया शुभारंभ।इस मौके पर उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह ब्लड बैंक क्षेत्र के मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा तथा आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर रक्त उपलब्ध कराकर लोगों के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि सदस्य विधान परिषद जासमीर अंसारी के साथ साथ महोली विधायक शशांक त्रिवेदी, लहरपुर सपा विधायक अनिल वर्मा , भाजपा जिलाध्यक्ष  राजेश शुक्ला पूर्व एमएलसी भरत त्रिपाठी, ब्लॉक प्रमुख राजेंद्र राजवंशी, मनोज त्रिवेदी, अखिलेंद्र यादव, मनजीत सिंह, संजय वर्मा, टी.पी. सिंह, आदित्य सिंह आशीष सिंह, अपना दल एस के दिनेश पटेल व ग्राम प्रधान, बीडीसी उपस्थित थे।इस मौके पर संस्था के चेयरमैन डॉ. सुरेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्य अतिथि  को बुके एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस ब्लड बैंक में SDP (Single Donor Platelet) की अत्याधुनिक सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जो गंभीर मरीजों के लिए अत्यंत जीवनरक्षक साबित होगी वहीं यह सुविधा सीतापुर एवं आसपास के जनपदों में कहीं भी उपलब्ध नहीं है उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र का यह पहला ऐसा ब्लड बैंक है जो SDP की सुविधा प्रदान कर रहा है और इस सुविधा के शुरू होने से अब मरीजों को बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही उन्नत रक्त सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
कार्यक्रम को सफल बनाने में अंशुमान सिंह,  ऐश्वर्य प्रताप सिंह, डॉ. अनुप कुमार सरबैया,  शिवपूजन सिंह, समाजसेवी हसीन अंसारी ने सराहनीय सहयोग किया।कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी अतिथियों एवं सहयोगियों एवं आगुन्तकों का आभार व्यक्त किया गया और लोगों से रक्तदान के प्रति जागरूक होने की अपील की।
थाना छपिया पुलिस द्वारा अन्तर्जनपदीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़, 05 अदद चोरी की मोटरसाइकिल बरामद, 03 अभियुक्त गिरफ्तार-
*कार्यवाहीः-*       गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी  अजीत कुमार रजक के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी मनकापुर उदित नारायण पालीवाल के नेतृत्व में थाना छपिया पुलिस टीम द्वारा 03 शातिर चोरों-01. नरेन्द्र बहादुर सिंह उर्फ छोटू, 02. मंगरू चौहान, 03. धनन्जय को नगरा खुर्द तिराहे के पास से चेकिंग के दौरान गिरफ्तार कर उनके कब्जे व निशानदेही से चोरी की 05 अदद मोटरसाईकिलों को बरामद किया गया।

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
आज दिनांक 03.05.2026 को थाना छपिया के उ0नि0 घनश्याम वर्मा मय पुलिस टीम द्वारा मुखबिर की सूचना पर नगरा खुर्द तिराहे के पास घेराबंदी कर 03 शतिर चोरो को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 03 चोरी की मोटरसाइकिल बरामद हुईं तथा उनकी निशानदेही पर बभनान रेलवे स्टेशन गोदाम के पास छिपाकर रखी गई 02 अन्य चोरी की मोटरसाइकिलों की बरामदगी की गयी।  गिरफ्तार अभियुक्तगणों के विरूद्ध थाना छपिया पुलिस द्वारा गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही करते हुए माननीय न्यायालय रवाना किया गया।

*पूछताँछ का विवरण-*
गिरफ्तार अभियुक्तगणों द्वारा पूछताछ में बताया गया कि वे संगठित गिरोह बनाकर विभिन्न स्थानों (बाजार, स्टेशन, सुनसान जगह) पर खड़ी मोटरसाइकिलों की रेकी कर मास्टर चाबी की मदद से चोरी करते थे। गिरोह में नरेन्द्र बहादुर सिंह उर्फ छोटू, मगरू चौहान, धनंजय, अवनीश गुप्ता व विशाल चौधरी शामिल हैं। बरामद मोटरसाइकिलें अलग-अलग स्थानों (दढ़ीवा मेहनिया, अयोध्या, बभनान क्षेत्र) से चोरी की गई थीं। चोरी के बाद वाहन विशाल चौधरी को लगभग ₹4000/- प्रति मोटरसाइकिल में बेचे जाते थे। अभियुक्त नरेन्द्र के पास से बरामद ₹2100/- पूर्व चोरी की घटना का हिस्सा है। घटना के दिन भी अभियुक्त 03 मोटरसाइकिल बेचने जा रहे थे। यह एक संगठित वाहन चोर गिरोह है, जिसके फरार सदस्य अवनीश गुप्ता व विशाल चौधरी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
घर पहुंचे चार सगे भाई-बहन के शव तो रो पड़ा गांव, हत्या करके मां अब तक फरार, पिता सऊदी अरब में
जिलेभर में चर्चा का विषय बना मामला, नाना ने बेटी पर आरोपों को बताया बेबुनियाद


अंबेडकर नगर:अकबरपुर के मीरानपुर मुरादाबाद में चार मासूम बच्चों की हत्या मामले में रविवार को महरुआ के कसड़ा गांव का माहौल बेहद भारी नजर आया। दोपहर करीब एक बजे जैसे ही पोस्टमार्टम के बाद चारों मासूम बच्चों के शव गांव पहुंचे, पूरे इलाके में चीख-पुकार गूंज उठी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और गांव का माहौल शोक में डूब गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। हर कोई बच्चों के अंतिम दर्शन के लिए घर के बाहर जमा हो गया।

लोगों की भीड़ देर तक बनी रही और पूरे गांव में सन्नाटा पसरा रहा। जोहर की नमाज के बाद चारों बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ चार जनाजे उठने का दृश्य हर किसी को अंदर तक झकझोर गया। गांव के कब्रिस्तान में सऊद (12) और उमर (10) को एक साथ दफन किया गया, जबकि शफीक (14) और बयान (8) को पास में ही अलग-अलग सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव व कई थानों की पुलिस उपस्थित रही। बता दें कि शनिवार को मीरानपुर मुरादाबाद में एक घर के अंदर चारों बच्चों के शव खून से लथपथ मिले थे।

शुरुआती जांच में ईंट और हथौड़े से हमला कर हत्या की बात सामने आई थी। घर अंदर से बंद मिला था और मां गासिया खातून के लापता होने से उस पर शक गहराया था। आशंका जताई गई थी कि बच्चों को पहले नशीला पदार्थ दिया गया और फिर वारदात को अंजाम दिया गया।घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। कई टीमें जांच में लगी हैं, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही, घटनास्थल से मिले मोबाइल फोन को अनलॉक करने का प्रयास किया जा रहा है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) भी खंगाले जा रहे हैं, लेकिन फिलहाल इससे भी कोई अहम जानकारी नहीं मिल सकी है। चार मासूमों की एक साथ हत्या की यह घटना पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। गांव के साथ-साथ आसपास के इलाकों से भी लोग कसड़ा पहुंचे। हर कोई इस घटना को लेकर स्तब्ध है और जल्द खुलासे की उम्मीद कर रहा है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।

मां की तलाश जारी है और उसी पर शक केंद्रित है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।नाना ने बातचीत में कहा कि उनकी बेटी गासिया खातून इस तरह का कृत्य नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि बेटी के खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और किसी रंजिश या दुश्मनी के चलते यह मामला बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार में दांपत्य जीवन को लेकर किसी तरह का विवाद नहीं था। नाना के अनुसार, घटना को किसी और दिशा में मोड़ने की कोशिश की जा रही है और असली दोषी किसी और हो सकता है। परिवार सामान्य जीवन जी रहा था और किसी बड़े विवाद की स्थिति नहीं थी। उन्होंने आशंका जताई कि किसी दुश्मनी के चलते पूरे मामले को गलत रूप दिया जा रहा है। मृत बच्चों के बड़े पापा सलीम ने कहा कि गासिया खातून अकेले इस घटना को अंजाम नहीं दे सकती। उन्होंने आशंका जताई कि इस पूरे घटनाक्रम में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

शुक्रवार को नियाज की पत्नी और बच्चों से फोन पर बातचीत भी हुई थी, जिसमें किसी तरह की अनहोनी के संकेत नहीं थे। ऐसे में अचानक इस तरह की घटना होना कई सवाल खड़े करता है। अकबरपुर के मीरानपुर मुरादाबाद में शनिवार को चार मासूम बच्चों की हत्या के बाद हर ओर हड़कंप मचा रहा। रविवार को पैतृक गांव महरुआ के कसड़ा गांव में चारों बच्चों के शव पहुंचने पर बच्चों के नाना भी जनाजे में शामिल होने के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बातचीत के दौरान बताया कि उनकी बेटी गासिया खातून यह कृत्य नहीं कर सकती है। बेटी के खिलाफ एफआईआर में लगे आरोप बेबुनियाद है। किसी दुश्मन ने इस तरह की वारदात को अंजाम दिया है। नाना ने बताया कि उनके पुत्री व दामाद के बीच दांपत्य जीवन में किसी तरह का विवाद नहीं था।

एसपी प्राची सिंह ने बताया कि कमरे की दीवार से लेकर बिस्तर तक खून के छींटे फैले थे। बच्चों के उल्टी करने के भी निशान मिले हैं। शक है कि हत्या से पहले खाने में कुछ विषैला पदार्थ मिलाकर दिया गया। इसके बाद बेरहमी से हत्या की गई। बच्चों के सिर पर ईंट व हथौड़े से प्रहार किए जाने की आशंका है। हालांकि कमरे से ऐसा कुछ नहीं मिला है।नियाज उनकी सगी बहन का बेटा था। इसी से उन्होंने बेटी गासिया का निकाह किया था। इस घटना से मायके पक्ष के लोग भी स्तब्ध हैं। पुलिस से हुई बातचीत में नियाज ने अपनी पत्नी गासिया के सीधे-साधे होने की बात कही है।
अदब की महफिल, शब्दों के आईने में दिखा 'हमारा समाज' और ‘अर्थबोध'

भायंदर। मीरा रोड (पूर्व) स्थित विरंगुला केंद्र में आयोजित एक भव्य समारोह में कवयित्री एवं लेखिका रीता दास राम की दो नई कृतियों—काव्य संग्रह 'अर्थबोध के सान्निध्य में' और लेख संग्रह 'हमारा समाज और हम' (वैभव प्रकाशन)—का लोकार्पण संपन्न हुआ। जनवादी लेखक संघ, 'अनभै' पत्रिका और स्वर संगम फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में साहित्य जगत की दिग्गज हस्तियों ने शिरकत की।कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि, आलोचक एवं चिंतक विजय कुमार ने की। उन्होंने लेखिका की रचनात्मक यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि रीता दास की संवेदना का दायरा अत्यंत विस्तृत है। उन्होंने मोहन राकेश के नाटक का संदर्भ देते हुए मार्मिक टिप्पणी की कि एक पुरुष शायद ही कभी स्त्री के मन के उस 'तहखाने' और उसकी पीड़ा को पूरी तरह समझ पाए, जिसे रीता दास ने अपनी कविताओं में अभिव्यक्त किया है।कार्यक्रम का कुशल संचालन कवि रमन मिश्र ने किया, जिनकी प्रस्तुति और विद्वानों के विचारों को सूत्रबद्ध करने की शैली अंत तक श्रोताओं को बांधे रही।काव्य संग्रह 'अर्थबोध के सान्निध्य में' पर बोलते हुए वरिष्ठ कवि हूबनाथ पांडेय ने बताया कि रीता की कविताएं 'देह से उठकर समाज की ओर' बढ़ती हैं और वे एक स्त्री होकर 'मनुष्य की तरह' कविता लिखती हैं। प्रशांत जैन ने शीर्षक की सार्थकता और मुखपृष्ठ की विशिष्टता पर प्रकाश डाला, वहीं संध्या यादव ने कविताओं में मौजूद ज्वलंत सामाजिक चिंताओं को रेखांकित किया। लेख संग्रह 'हमारा समाज और हम' पर अनिल गौड़ की समीक्षा (जिसका पाठ राकेश शर्मा ने किया) के अनुसार, ये लेख समाज की जटिलताओं को परत-दर-परत खोलते हैं। अवधेश राय ने इन लेखों को वर्जनाओं और शोषण के खिलाफ एक 'दस्तावेज़' करार दिया।वरिष्ठ कवि विनोद दास और अनूप सेठी ने कविताओं के सौंदर्य बोध और उसमें छिपे द्वंद्वात्मक रिश्तों की सराहना की। हृदयेश मयंक ने लेखिका की बहुआयामी रचनात्मकता को सराहा, जबकि शैलेश सिंह ने उन्हें अन्याय के विरुद्ध सजगता से खड़ी होने वाली रचनाकार बताया। अभिलाष अवस्थी ने भी लेखिका के रचना-प्रयासों पर अपना दृष्टिकोण साझा किया। समारोह के अंत में राजीव रोहित ने सभी अतिथियों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विनोद गुप्ता शलभ, मुख्तार खान, दिनेश शाकुल, अजय रोहिल्ला, आभा बोधिसत्व, इरफ़ान ख़ान, श्री भौमिक, अशोक विद्यार्थी, आमना आज़मी, सोनी सिंह, सर्वेश यादव, प्रमोद यादव, अल्ताफ़ खान, विनीता दास, रहमान अब्बास, पुष्पा चौधरी सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और लेखिका के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
यह आयोजन न केवल पुस्तकों के लोकार्पण का माध्यम बना, बल्कि स्त्री विमर्श और सामाजिक यथार्थ पर एक गंभीर संवाद का गवाह भी रहा।
दूध टैंकर ने परिवार को रौंदा,पति पत्नी व बच्चे की मौत

*शादी में शामिल होने जा रहा था परिवार

गोंडा।जिले में एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई।यह हादसा नवाबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत कनकपुर के पास हुआ है।मृतकों में पति पत्नी व बेटा शामिल है।बताते चलें कि बस्ती जनपद के गंगापुर कलवारी निवासी मानसिंह (35),उनकी पत्नी उर्मिला (29) और बेटा लवकुश (12) बहराइच जा रहे थे।वे बहराइच जिले के ग्यारहसौ रेती में अपने साले के बेटी की शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे,कनकपुर के पास गोंडा की तरफ से अयोध्या जा रहे एक दूध टैंकर ने उनकी बाइक को रौंद दिया।इस हादसे में तीनों बाइक सवार सड़क पर गिर गए,जिससे मौके पर ही उर्मिला व उनके बेटे लवकुश की मौत हो गई।जबकि मानसिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवाबगंज ले जाया गया,जहाँ उन्होंने दम तोड़ दिया।घटना की सूचना मिलते ही नवाबगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई।पुलिस ने उर्मिला, लवकुश व मानसिंह के शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।नवाबगंज थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि टैंकर चालक फरार हो गया है।पुलिस ने दूध के टैंकर को जब्त कर नवाबगंज थाने पहुंचाया है और मामले की जांच शुरू कर दिया है।