राँची के निजी स्कूलों की मनमानी खत्म: फीस बढ़ाई तो लगेगा ₹2.5 लाख का जुर्माना!

झारखण्ड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अनुपालन में राँची जिले में निजी विद्यालयों के शुल्क निर्धारण, पारदर्शिता सुनिश्चित करने एवं अभिभावकों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु गठित जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति की प्रथम बैठक आज समाहरणालय, ब्लॉक - ए स्थित NIC सभागार में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

बैठक में सांसद प्रतिनिधि लोकसभा क्षेत्र राँची, लोहरदगा एवं ख़ुटी एवं विधायक प्रतिनिधि विधानसभा क्षेत्र राँची एवं खिजरी एवं जिला परिवहन पदाधिकारी राँची, श्री अखिलेश कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी राँची, श्री विनय कुमार, जिला जन संपर्क पदाधिकारी राँची, श्रीमती उर्वशी पांडेय एवं जिला शिक्षा अधीक्षक राँची, श्री बादल राज एवं सम्बंधित पदाधिकारी एवं सभी स्कूल के प्रतिनिधि, अभिभावक सदस्य उपस्थित थे।

समिति के गठन से अभिभावकों पर पड़ने वाले अनावश्यक आर्थिक बोझ को कम करने और शिक्षा को अधिक सुलभ एवं न्यायसंगत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण

बैठक का मुख्य उद्देश्य निजी विद्यालयों में शुल्क निर्धारण की पारदर्शी प्रक्रिया तय करना, विद्यालयों से संबंधित विभिन्न शिकायतों (जैसे शुल्क, पुस्तकें, परिवहन, पोषाक आदि) के प्रभावी निस्तारण की व्यवस्था करना था। इस समिति के गठन से अभिभावकों पर पड़ने वाले अनावश्यक आर्थिक बोझ को कम करने और शिक्षा को अधिक सुलभ बनाना है।

जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति के सदस्य समिति का गठन नियमानुसार निम्नलिखित सदस्यों के साथ किया गया है:

(1) उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची — अध्यक्ष

(2) जिला शिक्षा पदाधिकारी — सदस्य सचिव

(3) जिला परिवहन पदाधिकारी— सदस्य सचिव

(4) जिला शिक्षा अधीक्षक — सदस्य सचिव

(5) सनदी लेखाकार (चार्टर्ड अकाउंटेंट) — सदस्य

(6) निजी विद्यालय के प्राचार्य (02) — सदस्य

(7) राँची जिले के सभी माननीय सांसद — सदस्य

(8) राँची जिले के सभी माननीय विधानसभा सदस्य — सदस्य

(9) अभिभावक सदस्य (02) — सदस्य

बैठक में विस्तृत समीक्षा के प्रमुख बिंदु

बैठक में निजी विद्यालयों के संचालन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से समीक्षा की गई और निम्नलिखित निर्णय/निर्देश पारित किए गए:

(1) निजी विद्यालयों द्वारा शुल्क निर्धारण

- सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय अपनी विद्यालय स्तर की शुल्क समिति की सहमति से 10 प्रतिशत तक शुल्क वृद्धि कर सकते हैं। इसकी सूचना अनिवार्य रूप से जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति को देनी होगी।

10 प्रतिशत से अधिक शुल्क वृद्धि के लिए जिला स्तरीय समिति से पूर्व अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा।

- शुल्क वृद्धि न्यूनतम दो वर्षों के लिए प्रभावी होगी।

- विद्यालयों को विगत तीन शैक्षणिक सत्रों में कक्षावार लिए गए शुल्क का पूरा विवरण जिला स्तरीय समिति को प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

- शैक्षणिक सत्र 2026-27 की कक्षावार शुल्क विवरणी भी अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होगी।

(2) विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति एवं अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) का गठन

- प्रत्येक निजी विद्यालय को विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति तथा PTA का गठन अनिवार्य रूप से करना है।

- जिले के अधिकांश विद्यालयों में ये समितियाँ पहले ही गठित हो चुकी हैं और जिला कार्यालय को सूचना दी जा चुकी है।

- शेष विद्यालयों को शीघ्र दोनों समितियों का गठन कर जिला शुल्क समिति को सूचना उपलब्ध करानी होगी।

- शुल्क समिति एवं PTA से संबंधित जानकारी विद्यालय की वेबसाइट तथा सूचनापट्ट पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करनी होगी।

(3) पुस्तक मूल्य संबंधी निर्देश

- सभी निजी विद्यालयों को कक्षावार पुस्तक मूल्य विवरण उपलब्ध कराना अनिवार्य है।

- CBSE के पाठ्यक्रम का अनुपालन करने वाले विद्यालय NCERT की पुस्तकों के अतिरिक्त कोई संदर्भ या सहायक पुस्तकें बाध्यकारी नहीं बना सकते।

- पुस्तकों में बदलाव केवल पाँच वर्ष में एक बार या बोर्ड/सक्षम प्राधिकार द्वारा पाठ्यक्रम परिवर्तन की स्थिति में ही किया जा सकेगा।

- विगत वर्ष की पुस्तकें, जिनकी भौतिक स्थिति अच्छी हो, अगले वर्ष भी उपयोग की जा सकती हैं।

(4) परिवहन शुल्क

- परिवहन शुल्क की वृद्धि भी सामान्य शुल्क वृद्धि के प्रावधानों के अंतर्गत ही होगी।

- सभी स्कूल बसों में परिवहन मानकों एवं सुरक्षा मानकों का सख्ती से अनुपालन अनिवार्य है।

(5) पोशाक (यूनिफॉर्म) संबंधी नियम

- पोशाक डिजाइन में बार-बार बदलाव नहीं किया जा सकेगा। कम से कम 05 वर्ष के अंतराल पर PTA की सहमति से ही बदलाव संभव होगा।

- विद्यालय अभिभावकों को किसी विशेष दुकान या विक्रेता से पोशाक खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।

- विद्यालय भवन या कमरों का उपयोग पोषाक की बिक्री के लिए नहीं किया जा सकेगा।

- अभिभावक खुले बाजार से पोशाक खरीद या सिलवा सकते हैं। विद्यालय को केवल डिजाइन, रंग आदि का विवरण सार्वजनिक करना होगा।

(6) अन्य शुल्क संबंधी स्पष्ट निर्देश

- बस शुल्क सहित कोई भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क (चाहे किसी भी नाम से हो) को मासिक शुल्क में सम्मिलित माना जाएगा। इनकी वृद्धि भी शुल्क निर्धारण प्रावधानों के अधीन ही होगी।

(7) वार्षिक परीक्षा संबंधी

- किसी छात्र को परीक्षा में बैठने से नहीं रोका जा सकेगा।

- परीक्षा के समय कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

- छात्र को TC/परित्याग प्रमाण-पत्र/PEN नियमानुसार समय पर उपलब्ध कराया जाएगा।

(8) नामांकन संबंधी

- प्रवेश आवेदन पत्र के लिए केवल युक्तिसंगत एवं वास्तविक लागत के अनुरूप शुल्क लिया जाएगा।

- अगली कक्षा में प्रमोशन के लिए पुनः नामांकन शुल्क नहीं लिया जा सकेगा।

- RTE अधिनियम के अंतर्गत कमजोर एवं वंचित वर्ग के छात्रों के लिए प्रारंभिक कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटें अनिवार्य रूप से भरनी होंगी।

अभिभावक अपनी शिकायत कर अपनी समस्या बता सकते है*

शिकायत लिखित रूप से कमरा संख्या 105, ब्लॉक-ए, समाहरणालय भवन, राँची में जमा की जा सकती है।

क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी राँची सदर सुश्री जुही रानी को शिकायत निवारण हेतु नोडल पदाधिकारी नामित किया गया है।

ব্যারাকপুর শিল্পাঞ্চলে তৃণমূল কংগ্রেসে বড় ভাঙন
নিজস্ব প্রতিনিধি: নির্বাচন কে সামনে রেখে প্রতিদিনিই রাজ্য জুড়ে চলছে ভাঙনের খেলা। সোমবার সেই ধারা অব্যাহত রেখে ব্যারাকপুর লোকসভা কেন্দ্রে তৃণমূল কংগ্রেসে  ভাঙন ধরাল বিজেপি।বর্তমান ও প্রাক্তন মিলিয়ে দুই তৃণমূল কাউন্সিলর, এক প্রাক্তন চেয়ারম্যান এবং প্রাক্তন বিধায়ক বিজেপিতে যোগ দিলেন। এদিন সন্ধ্যায় জগদ্দল বিধানসভার শ্যামনগর ফিডার রোডে বিজেপির সভামঞ্চে পদ্ম পতাকা তুলে নিলেন নোয়াপাড়ার প্রাক্তন বিধায়ক সুনীল সিং, হালিশহর পুরসভার প্রাক্তন চেয়ারম্যান রাজু সাহানি, ভাটপাড়া পুরসভার সি আই সি হিমাংশু সরকার, গারুলিয়ার প্রাক্তন কাউন্সিলর অনন্যা সাহা এবং কাউগাছি ১ পঞ্চায়েতের প্রাক্তন সদস্য শম্ভু দত্ত সহ বেশকিছু তৃণমূল কর্মী। এদের প্রত্যেকের হাতে বিজেপির পতাকা তুলে দিলেন বিজেপির কেন্দ্রীয় সদস্য সুরেশ রানা , জেলার সভাপতি তাপস ঘোষ ও অর্জুন সিং।
সাপ্লিমেন্টারি লিস্টে নাম বাদ ৬৭৯ জনের, বিক্ষোভে উত্তাল ধান্যকুড়িয়া, অবরোধ টাকি রোডে
বসিরহাট : নির্বাচন কমিশনের এসআইআর প্রক্রিয়ায় ধাপে ধাপে প্রকাশিত সাপ্লিমেন্টারি লিস্ট ঘিরে উত্তেজনা ছড়াল বসিরহাটের ধান্যকুড়িয়ায়। অভিযোগ, ৩১, ৩৩ ও ৩৪ নম্বর বুথে মোট ৬৭৯ জন ভোটারের নাম তালিকা থেকে বাদ পড়েছে। এই ঘটনার প্রতিবাদে ক্ষুব্ধ এলাকাবাসীরা রাস্তায় নেমে বিক্ষোভ দেখান এবং টাকি রোড অবরোধ করেন। হঠাৎ করে এত সংখ্যক ভোটারের নাম বাদ যাওয়ায় এলাকায় চাঞ্চল্যের সৃষ্টি হয়েছে। বিক্ষোভকারীদের দাবি, বৈধ ভোটারদের নাম ইচ্ছাকৃতভাবে বাদ দেওয়া হয়েছে, যা গণতান্ত্রিক অধিকার খর্ব করার সামিল। অবরোধের জেরে কিছুক্ষণের জন্য যান চলাচল ব্যাহত হয় এবং সাধারণ মানুষ ভোগান্তির শিকার হন। স্থানীয়দের অভিযোগ, কোনও পূর্বসূচনা বা যাচাই-বাছাই ছাড়াই নাম বাদ দেওয়া হয়েছে। অনেকেই জানিয়েছেন, বছরের পর বছর ভোট দিয়ে আসলেও হঠাৎ করেই তালিকা থেকে নাম উধাও হয়ে গেছে। পরিস্থিতি নিয়ন্ত্রণে আনতে ঘটনাস্থলে মাটিয়া থানার পুলিশ মোতায়েন করা হয় এবং বিক্ষোভকারীদের সঙ্গে কথা বলে অবরোধ তুলে নেওয়ার চেষ্টা চালানো হয়। তবে দ্রুত সমস্যার সমাধান না হলে বৃহত্তর আন্দোলনের হুঁশিয়ারি দিয়েছেন স্থানীয়রা।
দীর্ঘ টালবাহানার অবসান, তৃণমূলে ফিরলেন হাসনাবাদের দাপুটে নেতা বাবু মাস্টার

বসিরহাট : হাসনাবাদের রাজনীতিতে ফের চর্চার কেন্দ্রবিন্দুতে ফিরোজ কামাল গাজী ওরফে বাবু মাস্টার। দীর্ঘ টালবাহানার পর অবশেষে তিনি পুনরায় তৃণমূল কংগ্রেসে যোগদান করলেন, যা বসিরহাট মহকুমার রাজনৈতিক অন্দরে নতুন সমীকরণের ইঙ্গিত দিচ্ছে।
একসময় তৃণমূলের দাপুটে মুখ হিসেবে পরিচিত বাবু মাস্টার ২০২০ সালের ডিসেম্বর মাসে রাজনৈতিক মঞ্চে বড়সড় সিদ্ধান্ত নিয়েছিলেন। কলকাতায় শুভেন্দু অধিকারীর সভা থেকে তিনি তৃণমূল ছেড়ে বিজেপিতে যোগদান করেন। সেই সময় তার দলবদল স্থানীয় রাজনীতিতে যথেষ্ট প্রভাব ফেলেছিল। তবে বিজেপিতে দীর্ঘদিন সক্রিয় থাকার পর ধীরে ধীরে দূরত্ব বাড়তে থাকে এবং পরবর্তীতে তিনি ওই দল থেকেও নিজেকে সরিয়ে নেন। এরপর থেকেই তার রাজনৈতিক ভবিষ্যৎ নিয়ে জল্পনা চলছিল। অবশেষে সেই জল্পনার অবসান ঘটিয়ে তিনি ফের তৃণমূলের পতাকা হাতে তুলে নিলেন। বসিরহাট সাংগঠনিক জেলা তৃণমূল কংগ্রেসের কার্যালয়ে এক অনুষ্ঠানের মাধ্যমে তার এই ‘ঘর ওয়াপসি’ সম্পন্ন হয়। দলীয় নেতৃত্বের উপস্থিতিতে এই যোগদান পর্ব যথেষ্ট তাৎপর্যপূর্ণ হয়ে ওঠে। তার হাতে দলীয় পতাকা তুলে দেন বসিরহাট সাংগঠনিক জেলার সভাপতি বুরহানুল মুকাদ্দিম লিটন। পাশাপাশি উপস্থিত ছিলেন হিঙ্গলগঞ্জ বিধানসভার কো-অর্ডিনেটর তথা বসিরহাট দক্ষিণের তৃণমূল প্রার্থী সুরজিৎ মিত্র বাদল এবং সাংগঠনিক জেলার চেয়ারম্যান সরোজ বন্দ্যোপাধ্যায় সহ একাধিক নেতৃত্ব। তাদের উপস্থিতি স্পষ্ট করে দেয়, এই প্রত্যাবর্তনকে দল কতটা গুরুত্ব দিয়ে দেখছে। রাজনৈতিক মহলের মতে, বাবু মাস্টারের প্রত্যাবর্তন তৃণমূলের সংগঠনকে নতুন করে চাঙ্গা করতে পারে, বিশেষ করে হিঙ্গলগঞ্জ এবং সংলগ্ন এলাকায়। স্থানীয় স্তরে তার প্রভাব এবং সংগঠনের ওপর দখল এখনও যথেষ্ট শক্তিশালী বলেই মনে করা হয়। সেই কারণেই তাকে হিঙ্গলগঞ্জ বিধানসভা কেন্দ্রের নির্বাচনী কাজের দায়িত্ব দেওয়া হয়েছে। এই দায়িত্ব পাওয়ার মাধ্যমে দল যে তার ওপর আস্থা রাখছে, তা স্পষ্ট। একইসঙ্গে, আসন্ন নির্বাচনের আগে সংগঠনকে আরও মজবুত করতে এই সিদ্ধান্ত গুরুত্বপূর্ণ ভূমিকা নিতে পারে বলে মনে করছেন রাজনৈতিক বিশ্লেষকরা।
সব মিলিয়ে, বাবু মাস্টারের এই প্রত্যাবর্তন শুধু একজন নেতার দলবদল নয়, বরং বসিরহাট মহকুমার রাজনীতিতে নতুন করে শক্তির ভারসাম্য গড়ে ওঠার ইঙ্গিত বলেই মনে করা হচ্ছে। আগামী দিনে এই পরিবর্তনের প্রভাব কতটা গভীর হয়, এখন সেদিকেই নজর সকলের।
सय्यद मेराज मियां की सरपरस्ती में मनाया गया जिलानी बाबा का उर्स
Sambhal सय्यद मेराज मियां की सरपरस्ती में मनाया गया जिलानी बाबा का उर्स
सकुशल उर्स मनाकर लौटे सम्भल समेत कई जिलो के ज़ायरीन
संभल। आशिके मखदूम साबिर पाक, फिदाए औलिया हुज़ूर बाबा गुलाम जिलानी साबरी रह0 का सालाना उर्स मुबारक परम्परागत रस्मों के साथ सम्पन्न हो गया।
       
सम्भल से बड़ी संख्या मे अकीदतमन्द कलियर शरीफ हुज़ूर बाबा गुलाम जिलानी साबरी रह0 का सालाना उर्स मनाने के लिए जबकि यहां उत्तराखण्ड, पानीपत, हल्द्वानी, मुरादाबाद और पंजाब व दिल्ली के जा़यरीन ने भी शिरकत करते हुए उर्स को भव्य बनाया। अमन शांति और भाईचारे के लिए दुआ की गई। दरगाह शाह विलायत हज़रत ख्वाजा शमसुद्दीन तुर्की पानीपति के सज्जादानशींन व अंजुमन गुलामाने चिश्तीया साबरिया वैलफेयर सोसायटी के चैयरमेन हाजी ख्वाजा सैयद मेराज हुसैन साबरी ने कुल शरीफ मे मुल्क अमन शांति एवं भाईचारे को दुआ कराई और सूफीवाद का पैग़ाम दिया। मेराज मियां की सरपरस्ती मे परम्परागत उर्स पुर सुकून माहौल मे एकता और भाईचारे के पैग़ाम के साथ सम्पन्न हो गया। नामचीन कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश कर सबको झूमने पर मजबूर कर दिया। कुल के बाद सभी को तर्बरूक बांटा गया और लंगर का आयोजन हुआ। इस मौके पर हज कमेटी उत्तराखण्ड के पूर्व चैयरमेन हाजी राव शेर मौहम्मद, वक्फ बोर्ड उत्तराखण्ड के पूर्व चैयरमेन राव काले खां, संजय बाबा, सूफी इसरार साबरी, सलीम उदयपुर, बाबा मेक्षी शाह, हाजी इश्तियाक, इस्तेकार अमन साबरी, शराफत हुसैन, ख्वाजा हसनैन, शान साबरी, तस्लीम साबरी, धर्मेन्द्र, सौहराब साबरी, नितिन पहलवान, आदि मौजूद रहे। सम्भल से पहुंचने वालों मे इंतेज़ार हुसैन, बाबर खान साबरी, फरज़न्द अली वारसी, मौ0 वसीम, साबिर हुसैन, फाज़िल, मौ0 काशिफ, असद, मास्टर रूाकील अहमद आदि मौजूद रहे।
कुसम्ही जंगल में 4.84 करोड़ से बनेगा ईको पार्क, पूर्वांचल को मिलेगा नया पर्यटन केंद्र

* योगी सरकार की पहल से गोरखपुर बनेगा इको-टूरिज्म हब, पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित होंगी

लखनऊ/ गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ अब इको-टूरिज्म को भी तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत जनपद गोरखपुर के कुसम्ही जंगल में 4.84 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक ईको पार्क विकसित किया जा रहा है। परियोजना के लिए पहली किस्त के रूप में 50 लाख रुपये जारी कर दिए गए हैं।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि सरकार प्रदेश में पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए लगातार प्रयासरत है। गोरखपुर को पूर्वांचल के प्रमुख पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। कुसम्ही जंगल में बनने वाला यह ईको पार्क पूर्वांचल की नई पहचान बनेगा।
इस आधुनिक ईको पार्क में पर्यटकों के लिए कई आकर्षक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। लगभग 15.58 लाख रुपये की लागत से भव्य प्रवेश द्वार, 28.45 लाख रुपये से इंटरप्रिटेशन सेंटर और एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से स्विस कॉटेज बनाए जाएंगे। इसके अलावा 32.77 लाख रुपये से कैफेटेरिया का उन्नयन, 30.88 लाख रुपये से ट्री हाउस और टेंट कैंपिंग की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
पर्यटकों के स्वास्थ्य और मानसिक शांति को ध्यान में रखते हुए 41.86 लाख रुपये की लागत से योग केंद्र भी बनाया जाएगा। साथ ही बायो टॉयलेट, सुरक्षा फेंसिंग, सोलर सबमर्सिबल, पार्किंग और बैठने की व्यवस्था जैसी बुनियादी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
गोरखपुर से कुशीनगर मार्ग पर स्थित कुसम्ही जंगल, गोरखपुर रेलवे स्टेशन से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर है। इसी मार्ग पर गोरखपुर एयरपोर्ट और भगवान बुद्ध से जुड़े कई महत्वपूर्ण स्थल भी स्थित हैं, जिससे यह क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।
अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि उत्तर प्रदेश इको टूरिज्म बोर्ड के गठन के बाद प्रदेश के जंगलों, नदियों और झीलों को संरक्षित रखते हुए उन्हें पर्यटन के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। इस पहल से न केवल पर्यटकों को नए गंतव्य मिलेंगे, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
Sambhal नगर पालिका से विधानसभा तक नजर, अब सिस्टम सुधारने की चुनौती, फाइलों की देरी पर फूटा गुस्सा, शान अली ने कर्मचारियों को ठहराया जिम्मेदार
सम्भल नगर पालिका परिषद में मनोनीत सदस्य बनने के बाद सय्यद शान अली ने अपने सियासी सफर की बड़ी शुरुआत का संकेत दिया है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का आभार जताते हुए कहा कि पार्टी ने उन्हें एक बड़ा मौका दिया है और वह उम्मीद करते हैं कि आने वाले समय में उन्हें विधानसभा तक भी पहुंचने का अवसर मिलेगा।

शान अली ने साफ कहा कि उनका फोकस सिर्फ राजनीति नहीं बल्कि जनता की बुनियादी समस्याओं के समाधान पर रहेगा। उन्होंने नगर में गंदगी, टूटी सड़कों और नालियों की समस्या को प्रमुख मुद्दा बताया और कहा कि पूरे सम्भल में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाएगा। साथ ही जहां-जहां सड़कें खराब हैं, वहां मरम्मत और नई सड़कों के प्रस्ताव भेजे जाएंगे। सबसे गंभीर मुद्दा उठाते हुए उन्होंने जन्म प्रमाण पत्र बनने में हो रही देरी पर सवाल खड़े किए। उन्होंने बताया कि कई लोगों की फाइलें एक-एक साल से लंबित पड़ी हैं, जिससे गरीबों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। शान अली ने भरोसा दिलाया कि इन फाइलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा और प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। जब जिम्मेदारी की बात आई तो उन्होंने साफ तौर पर नगर पालिका के कर्मचारियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना था कि काम में देरी कहीं न कहीं कर्मचारियों की लापरवाही का नतीजा है, जिसे सुधारा जाएगा। कुल मिलाकर, शान अली ने साफ संकेत दे दिया है कि वह नगर पालिका में सक्रिय भूमिका निभाते हुए अपनी पहचान मजबूत करना चाहते हैं और भविष्य में बड़ी राजनीति की ओर कदम बढ़ाने की तैयारी में हैं।
प्रसव के पहले एएनएम करेंगी महिला चिकित्सकों को फोन

*जिले में औसतन हर महीने होते हैं एक हजार से 1200 प्रसव*


रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव

भदोही । जिले के 206 उप स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात एएनएम और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) अब प्रसव कराने से पहले महिला चिकित्सक को फोन कर स्थिति से अवगत कराएंगी। महिला चिकित्सक के मार्ग दर्शन में ही प्रसव कराया जाएगा। जरूरत पड़ने पर महिला डॉक्टर मौके पर जाएंगी। यदि प्रसूता की स्थिति ठीक नहीं है, तो उसे तुंरत रेफर किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह नई पहल शुरू की गई है। यह व्यवस्था 10 अप्रैल से लागू की जाएगी। जिल के 235 स्वास्थ्य केंद्रों पर औसतन हर महीने एक हजार से 1200 प्रसव होते हैं। जिले की आबादी 18 से 20 लाख है। इन्हें स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 235 सरकारी और 140 निजी अस्पताल और नर्सिंग होम हैं। सरकारी में महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय, महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल, सरपतहां स्थित सौ शय्या अस्पताल सहित छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 206 उप स्वास्थ्य केंद्र है।
इन केंद्रों पर औसतन हर महीने एक हजार से 1200 प्रसव कराए जाते हैं। अब उप केंद्र पर आने वाली प्रसूता को स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर मिलेंगी। यहां तैनात एएनएम, सीएचओ जरूरत पड़ने पर जिला अस्पताल, सीएचसी के महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर से बातचीत कर सकती है। अमूमन देखा जाता है कि गंभीर केस होने पर प्रसूता को केंद्र से रेफर कर दिया जाता था। एएनएम और सीएचओ, महिला डॉक्टर से बातचीत नहीं करतीं थीं। अब ऐसा नहीं होगा। प्रसव कराने और केस रेफर करने से पहले डॉक्टर से बातचीत करनी होगी।
रजिस्टर भी किया जाएगा मेंटेन : स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जो भी एएनएम और सीएचओ प्रसव कराने से पहले महिला डॉक्टर से बातचीत करेंगी। उनका नाम मोबाइल नंबर रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा।
महिला डॉक्टर द्वारा जो परामर्श दिया जाएगा उसे भी रजिस्टर पर लिखा जाएगा। प्रसव कराने से पहले उपकेंद्र पर तैनात स्वास्थ्यकर्मी महिला डॉक्टर से बातचीत करेगी। फिर प्रसव कराएंगी। चिकित्सक के परामर्श पर दवा देगी। बेहतर सुविधा के लिए यह न‌ई पहल की गई है। 10 अप्रैल से इसकी शुरुआत सभी उपकेंद्रों पर कर दी जाएगी।

डॉ एसके चक सीएमओ भदोही
जिला स्टेडियम में एडवांस जिम की सुविधा जल्द
*17 करोड़ की लागत से चल रहा है निर्माण*



रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिला स्टेडियम मूंसीलाटपुर में खिलाड़ियों को जल्द ही टेनिस कोर्ट,स्वीमिंग पूल, कुश्ती ट्रैक, रेसलिंग हाॅल, बाॅक्सिंग हाॅल व एडवांस जिम की सुविधाएं मिलेंगी। कार्यदायी संस्था यूपी प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड की देखरेख में रेसलिंग व बाॅक्सिंग हाॅल का निर्माण कराया जा रहा है। वहीं एडवांस जिम के लिए भवन का निर्माण लगभग पूरा हो गया है। शासन ने इसके लिए 12.51 करोड़ रुपए पहले ही अवमुक्त कर दिया था। जिले की खेल प्रतियोगिताओं को निखारने व समस्त स्टेडियम से लैस करने के लिए शासन गंभीर है। इस दिशा में खेल निदेशालय के माध्यम से समस्त जनपदों से प्रस्ताव मांगे गए थे। पहले चरण में तीन खेलों के लिए 12.51 करोड़ स्वीकृत कर शासन ने धन आवंटित किया है। वहीं दूसरी चरण में स्टेडियम में दर्शकदीर्घा,शेड,खेल प्रशिक्षकों के लिए आवासीय भवन के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे। विभाग ने 17 करोड़ की डीपीआर भेजी थी। इसमें से 12.51 करोड़ बजट शासन से मिला है।

जिला स्टेडियम में रेसलिंग, बाॅक्सिंग हाॅल और एडवांस जिम के लिए भवन का निर्माण तेजी के साथ चल रहा है। उम्मीद है कि अगले माह तीनों भवन तैयार हो जाएंगे।

धर्मेंद्र कुमार, उपक्राड़ी अधिकारी भदोही
अपर आयुक्त ने 11 महिलाओं की सुनी समस्याएं, समाधान के निर्देश
*अपर आयुक्त मीनू राणा ने महिला जनसुनवाई में 11 मामलों की सुनी समस्याएं*

*वरासत, भूमि विवाद और उत्पीड़न के मामलों पर सख्त निर्देश, त्वरित कार्रवाई के आदेश*

*जनसुनवाई में महिलाओं ने उठाई शिकायतें*



*गोण्डा, 6 अप्रैल 2026* -  देवीपाटन मंडल मुख्यालय पर आयोजित ‘माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद’ महिला जनसुनवाई में अपर आयुक्त मीनू राणा ने 11 महिलाओं की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई के दौरान महिलाओं ने भूमि विवाद, पारिवारिक उत्पीड़न, वरासत, पुलिस कार्रवाई में लापरवाही समेत विभिन्न समस्याएं रखीं। अपर आयुक्त ने प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कुछ मामलों में तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए गए, जबकि शेष प्रकरणों में संबंधित विभागों को जांच कर शीघ्र कार्रवाई करने को कहा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


*वरासत दर्ज न होने पर महिला ने लगाई गुहार*

तहसील क्षेत्र के ग्राम परेड सरकार की एक महिला ने अपने पति की मृत्यु के बाद भी भूमि की वरासत दर्ज न होने पर प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। वन्दना देवी ने प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके पति की मृत्यु 17 अप्रैल 2025 को हो चुकी है, जिसके बाद उनके पुत्र द्वारा ऑनलाइन वरासत के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन हल्का लेखपाल ने उसे त्रुटिपूर्ण बताते हुए निरस्त कर दिया। पीड़िता का कहना है कि राजस्व अभिलेखों में नाम ‘श्रीचन्द्र पाठक’ जबकि अन्य दस्तावेजों में ‘श्रीकान्त पाठक’ दर्ज है, जो एक ही व्यक्ति हैं। ग्राम प्रधान द्वारा भी इसकी पुष्टि की गई है, इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। वृद्ध और आर्थिक रूप से कमजोर महिला ने बताया कि उक्त भूमि ही उनके परिवार की आजीविका का एकमात्र साधन है। उन्होंने प्रशासन से वरासत दर्ज कराने की मांग की है।

*महिला ने लगाया जमीन पर अवैध कब्जा व मारपीट का आरोप*


  देवीपाटन मंडल मुख्यालय में आयोजित ‘माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद’ महिला जनसुनवाई में कटरा बाजार निवासिनी नेहा तिवारी ने अपनी खरीदी गई जमीन पर अवैध कब्जा और मारपीट का आरोप लगाया है। पीड़िता ने बताया कि उसने वर्ष 2023 में भूमि क्रय की थी, जिस पर वह कब्जे में है और उसका नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। आरोप है कि 27 नवंबर 2025 को गांव के कुछ लोगों ने लाठी-डंडा व धारदार हथियार लेकर उसकी जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया और विरोध करने पर गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। पीड़िता के अनुसार आरोपियों ने घर में घुसकर उसे जमीन पर पटक दिया और अश्लील हरकत की। महिला का कहना है कि पुलिस को सूचना देने और कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसने मंडलायुक्त से आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर अवैध कब्जा हटवाने की मांग की है।
राँची के निजी स्कूलों की मनमानी खत्म: फीस बढ़ाई तो लगेगा ₹2.5 लाख का जुर्माना!

झारखण्ड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अनुपालन में राँची जिले में निजी विद्यालयों के शुल्क निर्धारण, पारदर्शिता सुनिश्चित करने एवं अभिभावकों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु गठित जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति की प्रथम बैठक आज समाहरणालय, ब्लॉक - ए स्थित NIC सभागार में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

बैठक में सांसद प्रतिनिधि लोकसभा क्षेत्र राँची, लोहरदगा एवं ख़ुटी एवं विधायक प्रतिनिधि विधानसभा क्षेत्र राँची एवं खिजरी एवं जिला परिवहन पदाधिकारी राँची, श्री अखिलेश कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी राँची, श्री विनय कुमार, जिला जन संपर्क पदाधिकारी राँची, श्रीमती उर्वशी पांडेय एवं जिला शिक्षा अधीक्षक राँची, श्री बादल राज एवं सम्बंधित पदाधिकारी एवं सभी स्कूल के प्रतिनिधि, अभिभावक सदस्य उपस्थित थे।

समिति के गठन से अभिभावकों पर पड़ने वाले अनावश्यक आर्थिक बोझ को कम करने और शिक्षा को अधिक सुलभ एवं न्यायसंगत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण

बैठक का मुख्य उद्देश्य निजी विद्यालयों में शुल्क निर्धारण की पारदर्शी प्रक्रिया तय करना, विद्यालयों से संबंधित विभिन्न शिकायतों (जैसे शुल्क, पुस्तकें, परिवहन, पोषाक आदि) के प्रभावी निस्तारण की व्यवस्था करना था। इस समिति के गठन से अभिभावकों पर पड़ने वाले अनावश्यक आर्थिक बोझ को कम करने और शिक्षा को अधिक सुलभ बनाना है।

जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति के सदस्य समिति का गठन नियमानुसार निम्नलिखित सदस्यों के साथ किया गया है:

(1) उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची — अध्यक्ष

(2) जिला शिक्षा पदाधिकारी — सदस्य सचिव

(3) जिला परिवहन पदाधिकारी— सदस्य सचिव

(4) जिला शिक्षा अधीक्षक — सदस्य सचिव

(5) सनदी लेखाकार (चार्टर्ड अकाउंटेंट) — सदस्य

(6) निजी विद्यालय के प्राचार्य (02) — सदस्य

(7) राँची जिले के सभी माननीय सांसद — सदस्य

(8) राँची जिले के सभी माननीय विधानसभा सदस्य — सदस्य

(9) अभिभावक सदस्य (02) — सदस्य

बैठक में विस्तृत समीक्षा के प्रमुख बिंदु

बैठक में निजी विद्यालयों के संचालन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से समीक्षा की गई और निम्नलिखित निर्णय/निर्देश पारित किए गए:

(1) निजी विद्यालयों द्वारा शुल्क निर्धारण

- सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय अपनी विद्यालय स्तर की शुल्क समिति की सहमति से 10 प्रतिशत तक शुल्क वृद्धि कर सकते हैं। इसकी सूचना अनिवार्य रूप से जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति को देनी होगी।

10 प्रतिशत से अधिक शुल्क वृद्धि के लिए जिला स्तरीय समिति से पूर्व अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा।

- शुल्क वृद्धि न्यूनतम दो वर्षों के लिए प्रभावी होगी।

- विद्यालयों को विगत तीन शैक्षणिक सत्रों में कक्षावार लिए गए शुल्क का पूरा विवरण जिला स्तरीय समिति को प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

- शैक्षणिक सत्र 2026-27 की कक्षावार शुल्क विवरणी भी अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होगी।

(2) विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति एवं अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) का गठन

- प्रत्येक निजी विद्यालय को विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति तथा PTA का गठन अनिवार्य रूप से करना है।

- जिले के अधिकांश विद्यालयों में ये समितियाँ पहले ही गठित हो चुकी हैं और जिला कार्यालय को सूचना दी जा चुकी है।

- शेष विद्यालयों को शीघ्र दोनों समितियों का गठन कर जिला शुल्क समिति को सूचना उपलब्ध करानी होगी।

- शुल्क समिति एवं PTA से संबंधित जानकारी विद्यालय की वेबसाइट तथा सूचनापट्ट पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करनी होगी।

(3) पुस्तक मूल्य संबंधी निर्देश

- सभी निजी विद्यालयों को कक्षावार पुस्तक मूल्य विवरण उपलब्ध कराना अनिवार्य है।

- CBSE के पाठ्यक्रम का अनुपालन करने वाले विद्यालय NCERT की पुस्तकों के अतिरिक्त कोई संदर्भ या सहायक पुस्तकें बाध्यकारी नहीं बना सकते।

- पुस्तकों में बदलाव केवल पाँच वर्ष में एक बार या बोर्ड/सक्षम प्राधिकार द्वारा पाठ्यक्रम परिवर्तन की स्थिति में ही किया जा सकेगा।

- विगत वर्ष की पुस्तकें, जिनकी भौतिक स्थिति अच्छी हो, अगले वर्ष भी उपयोग की जा सकती हैं।

(4) परिवहन शुल्क

- परिवहन शुल्क की वृद्धि भी सामान्य शुल्क वृद्धि के प्रावधानों के अंतर्गत ही होगी।

- सभी स्कूल बसों में परिवहन मानकों एवं सुरक्षा मानकों का सख्ती से अनुपालन अनिवार्य है।

(5) पोशाक (यूनिफॉर्म) संबंधी नियम

- पोशाक डिजाइन में बार-बार बदलाव नहीं किया जा सकेगा। कम से कम 05 वर्ष के अंतराल पर PTA की सहमति से ही बदलाव संभव होगा।

- विद्यालय अभिभावकों को किसी विशेष दुकान या विक्रेता से पोशाक खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।

- विद्यालय भवन या कमरों का उपयोग पोषाक की बिक्री के लिए नहीं किया जा सकेगा।

- अभिभावक खुले बाजार से पोशाक खरीद या सिलवा सकते हैं। विद्यालय को केवल डिजाइन, रंग आदि का विवरण सार्वजनिक करना होगा।

(6) अन्य शुल्क संबंधी स्पष्ट निर्देश

- बस शुल्क सहित कोई भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क (चाहे किसी भी नाम से हो) को मासिक शुल्क में सम्मिलित माना जाएगा। इनकी वृद्धि भी शुल्क निर्धारण प्रावधानों के अधीन ही होगी।

(7) वार्षिक परीक्षा संबंधी

- किसी छात्र को परीक्षा में बैठने से नहीं रोका जा सकेगा।

- परीक्षा के समय कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

- छात्र को TC/परित्याग प्रमाण-पत्र/PEN नियमानुसार समय पर उपलब्ध कराया जाएगा।

(8) नामांकन संबंधी

- प्रवेश आवेदन पत्र के लिए केवल युक्तिसंगत एवं वास्तविक लागत के अनुरूप शुल्क लिया जाएगा।

- अगली कक्षा में प्रमोशन के लिए पुनः नामांकन शुल्क नहीं लिया जा सकेगा।

- RTE अधिनियम के अंतर्गत कमजोर एवं वंचित वर्ग के छात्रों के लिए प्रारंभिक कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटें अनिवार्य रूप से भरनी होंगी।

अभिभावक अपनी शिकायत कर अपनी समस्या बता सकते है*

शिकायत लिखित रूप से कमरा संख्या 105, ब्लॉक-ए, समाहरणालय भवन, राँची में जमा की जा सकती है।

क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी राँची सदर सुश्री जुही रानी को शिकायत निवारण हेतु नोडल पदाधिकारी नामित किया गया है।

ব্যারাকপুর শিল্পাঞ্চলে তৃণমূল কংগ্রেসে বড় ভাঙন
নিজস্ব প্রতিনিধি: নির্বাচন কে সামনে রেখে প্রতিদিনিই রাজ্য জুড়ে চলছে ভাঙনের খেলা। সোমবার সেই ধারা অব্যাহত রেখে ব্যারাকপুর লোকসভা কেন্দ্রে তৃণমূল কংগ্রেসে  ভাঙন ধরাল বিজেপি।বর্তমান ও প্রাক্তন মিলিয়ে দুই তৃণমূল কাউন্সিলর, এক প্রাক্তন চেয়ারম্যান এবং প্রাক্তন বিধায়ক বিজেপিতে যোগ দিলেন। এদিন সন্ধ্যায় জগদ্দল বিধানসভার শ্যামনগর ফিডার রোডে বিজেপির সভামঞ্চে পদ্ম পতাকা তুলে নিলেন নোয়াপাড়ার প্রাক্তন বিধায়ক সুনীল সিং, হালিশহর পুরসভার প্রাক্তন চেয়ারম্যান রাজু সাহানি, ভাটপাড়া পুরসভার সি আই সি হিমাংশু সরকার, গারুলিয়ার প্রাক্তন কাউন্সিলর অনন্যা সাহা এবং কাউগাছি ১ পঞ্চায়েতের প্রাক্তন সদস্য শম্ভু দত্ত সহ বেশকিছু তৃণমূল কর্মী। এদের প্রত্যেকের হাতে বিজেপির পতাকা তুলে দিলেন বিজেপির কেন্দ্রীয় সদস্য সুরেশ রানা , জেলার সভাপতি তাপস ঘোষ ও অর্জুন সিং।
সাপ্লিমেন্টারি লিস্টে নাম বাদ ৬৭৯ জনের, বিক্ষোভে উত্তাল ধান্যকুড়িয়া, অবরোধ টাকি রোডে
বসিরহাট : নির্বাচন কমিশনের এসআইআর প্রক্রিয়ায় ধাপে ধাপে প্রকাশিত সাপ্লিমেন্টারি লিস্ট ঘিরে উত্তেজনা ছড়াল বসিরহাটের ধান্যকুড়িয়ায়। অভিযোগ, ৩১, ৩৩ ও ৩৪ নম্বর বুথে মোট ৬৭৯ জন ভোটারের নাম তালিকা থেকে বাদ পড়েছে। এই ঘটনার প্রতিবাদে ক্ষুব্ধ এলাকাবাসীরা রাস্তায় নেমে বিক্ষোভ দেখান এবং টাকি রোড অবরোধ করেন। হঠাৎ করে এত সংখ্যক ভোটারের নাম বাদ যাওয়ায় এলাকায় চাঞ্চল্যের সৃষ্টি হয়েছে। বিক্ষোভকারীদের দাবি, বৈধ ভোটারদের নাম ইচ্ছাকৃতভাবে বাদ দেওয়া হয়েছে, যা গণতান্ত্রিক অধিকার খর্ব করার সামিল। অবরোধের জেরে কিছুক্ষণের জন্য যান চলাচল ব্যাহত হয় এবং সাধারণ মানুষ ভোগান্তির শিকার হন। স্থানীয়দের অভিযোগ, কোনও পূর্বসূচনা বা যাচাই-বাছাই ছাড়াই নাম বাদ দেওয়া হয়েছে। অনেকেই জানিয়েছেন, বছরের পর বছর ভোট দিয়ে আসলেও হঠাৎ করেই তালিকা থেকে নাম উধাও হয়ে গেছে। পরিস্থিতি নিয়ন্ত্রণে আনতে ঘটনাস্থলে মাটিয়া থানার পুলিশ মোতায়েন করা হয় এবং বিক্ষোভকারীদের সঙ্গে কথা বলে অবরোধ তুলে নেওয়ার চেষ্টা চালানো হয়। তবে দ্রুত সমস্যার সমাধান না হলে বৃহত্তর আন্দোলনের হুঁশিয়ারি দিয়েছেন স্থানীয়রা।
দীর্ঘ টালবাহানার অবসান, তৃণমূলে ফিরলেন হাসনাবাদের দাপুটে নেতা বাবু মাস্টার

বসিরহাট : হাসনাবাদের রাজনীতিতে ফের চর্চার কেন্দ্রবিন্দুতে ফিরোজ কামাল গাজী ওরফে বাবু মাস্টার। দীর্ঘ টালবাহানার পর অবশেষে তিনি পুনরায় তৃণমূল কংগ্রেসে যোগদান করলেন, যা বসিরহাট মহকুমার রাজনৈতিক অন্দরে নতুন সমীকরণের ইঙ্গিত দিচ্ছে।
একসময় তৃণমূলের দাপুটে মুখ হিসেবে পরিচিত বাবু মাস্টার ২০২০ সালের ডিসেম্বর মাসে রাজনৈতিক মঞ্চে বড়সড় সিদ্ধান্ত নিয়েছিলেন। কলকাতায় শুভেন্দু অধিকারীর সভা থেকে তিনি তৃণমূল ছেড়ে বিজেপিতে যোগদান করেন। সেই সময় তার দলবদল স্থানীয় রাজনীতিতে যথেষ্ট প্রভাব ফেলেছিল। তবে বিজেপিতে দীর্ঘদিন সক্রিয় থাকার পর ধীরে ধীরে দূরত্ব বাড়তে থাকে এবং পরবর্তীতে তিনি ওই দল থেকেও নিজেকে সরিয়ে নেন। এরপর থেকেই তার রাজনৈতিক ভবিষ্যৎ নিয়ে জল্পনা চলছিল। অবশেষে সেই জল্পনার অবসান ঘটিয়ে তিনি ফের তৃণমূলের পতাকা হাতে তুলে নিলেন। বসিরহাট সাংগঠনিক জেলা তৃণমূল কংগ্রেসের কার্যালয়ে এক অনুষ্ঠানের মাধ্যমে তার এই ‘ঘর ওয়াপসি’ সম্পন্ন হয়। দলীয় নেতৃত্বের উপস্থিতিতে এই যোগদান পর্ব যথেষ্ট তাৎপর্যপূর্ণ হয়ে ওঠে। তার হাতে দলীয় পতাকা তুলে দেন বসিরহাট সাংগঠনিক জেলার সভাপতি বুরহানুল মুকাদ্দিম লিটন। পাশাপাশি উপস্থিত ছিলেন হিঙ্গলগঞ্জ বিধানসভার কো-অর্ডিনেটর তথা বসিরহাট দক্ষিণের তৃণমূল প্রার্থী সুরজিৎ মিত্র বাদল এবং সাংগঠনিক জেলার চেয়ারম্যান সরোজ বন্দ্যোপাধ্যায় সহ একাধিক নেতৃত্ব। তাদের উপস্থিতি স্পষ্ট করে দেয়, এই প্রত্যাবর্তনকে দল কতটা গুরুত্ব দিয়ে দেখছে। রাজনৈতিক মহলের মতে, বাবু মাস্টারের প্রত্যাবর্তন তৃণমূলের সংগঠনকে নতুন করে চাঙ্গা করতে পারে, বিশেষ করে হিঙ্গলগঞ্জ এবং সংলগ্ন এলাকায়। স্থানীয় স্তরে তার প্রভাব এবং সংগঠনের ওপর দখল এখনও যথেষ্ট শক্তিশালী বলেই মনে করা হয়। সেই কারণেই তাকে হিঙ্গলগঞ্জ বিধানসভা কেন্দ্রের নির্বাচনী কাজের দায়িত্ব দেওয়া হয়েছে। এই দায়িত্ব পাওয়ার মাধ্যমে দল যে তার ওপর আস্থা রাখছে, তা স্পষ্ট। একইসঙ্গে, আসন্ন নির্বাচনের আগে সংগঠনকে আরও মজবুত করতে এই সিদ্ধান্ত গুরুত্বপূর্ণ ভূমিকা নিতে পারে বলে মনে করছেন রাজনৈতিক বিশ্লেষকরা।
সব মিলিয়ে, বাবু মাস্টারের এই প্রত্যাবর্তন শুধু একজন নেতার দলবদল নয়, বরং বসিরহাট মহকুমার রাজনীতিতে নতুন করে শক্তির ভারসাম্য গড়ে ওঠার ইঙ্গিত বলেই মনে করা হচ্ছে। আগামী দিনে এই পরিবর্তনের প্রভাব কতটা গভীর হয়, এখন সেদিকেই নজর সকলের।
सय्यद मेराज मियां की सरपरस्ती में मनाया गया जिलानी बाबा का उर्स
Sambhal सय्यद मेराज मियां की सरपरस्ती में मनाया गया जिलानी बाबा का उर्स
सकुशल उर्स मनाकर लौटे सम्भल समेत कई जिलो के ज़ायरीन
संभल। आशिके मखदूम साबिर पाक, फिदाए औलिया हुज़ूर बाबा गुलाम जिलानी साबरी रह0 का सालाना उर्स मुबारक परम्परागत रस्मों के साथ सम्पन्न हो गया।
       
सम्भल से बड़ी संख्या मे अकीदतमन्द कलियर शरीफ हुज़ूर बाबा गुलाम जिलानी साबरी रह0 का सालाना उर्स मनाने के लिए जबकि यहां उत्तराखण्ड, पानीपत, हल्द्वानी, मुरादाबाद और पंजाब व दिल्ली के जा़यरीन ने भी शिरकत करते हुए उर्स को भव्य बनाया। अमन शांति और भाईचारे के लिए दुआ की गई। दरगाह शाह विलायत हज़रत ख्वाजा शमसुद्दीन तुर्की पानीपति के सज्जादानशींन व अंजुमन गुलामाने चिश्तीया साबरिया वैलफेयर सोसायटी के चैयरमेन हाजी ख्वाजा सैयद मेराज हुसैन साबरी ने कुल शरीफ मे मुल्क अमन शांति एवं भाईचारे को दुआ कराई और सूफीवाद का पैग़ाम दिया। मेराज मियां की सरपरस्ती मे परम्परागत उर्स पुर सुकून माहौल मे एकता और भाईचारे के पैग़ाम के साथ सम्पन्न हो गया। नामचीन कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश कर सबको झूमने पर मजबूर कर दिया। कुल के बाद सभी को तर्बरूक बांटा गया और लंगर का आयोजन हुआ। इस मौके पर हज कमेटी उत्तराखण्ड के पूर्व चैयरमेन हाजी राव शेर मौहम्मद, वक्फ बोर्ड उत्तराखण्ड के पूर्व चैयरमेन राव काले खां, संजय बाबा, सूफी इसरार साबरी, सलीम उदयपुर, बाबा मेक्षी शाह, हाजी इश्तियाक, इस्तेकार अमन साबरी, शराफत हुसैन, ख्वाजा हसनैन, शान साबरी, तस्लीम साबरी, धर्मेन्द्र, सौहराब साबरी, नितिन पहलवान, आदि मौजूद रहे। सम्भल से पहुंचने वालों मे इंतेज़ार हुसैन, बाबर खान साबरी, फरज़न्द अली वारसी, मौ0 वसीम, साबिर हुसैन, फाज़िल, मौ0 काशिफ, असद, मास्टर रूाकील अहमद आदि मौजूद रहे।
कुसम्ही जंगल में 4.84 करोड़ से बनेगा ईको पार्क, पूर्वांचल को मिलेगा नया पर्यटन केंद्र

* योगी सरकार की पहल से गोरखपुर बनेगा इको-टूरिज्म हब, पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित होंगी

लखनऊ/ गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ अब इको-टूरिज्म को भी तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत जनपद गोरखपुर के कुसम्ही जंगल में 4.84 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक ईको पार्क विकसित किया जा रहा है। परियोजना के लिए पहली किस्त के रूप में 50 लाख रुपये जारी कर दिए गए हैं।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि सरकार प्रदेश में पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए लगातार प्रयासरत है। गोरखपुर को पूर्वांचल के प्रमुख पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। कुसम्ही जंगल में बनने वाला यह ईको पार्क पूर्वांचल की नई पहचान बनेगा।
इस आधुनिक ईको पार्क में पर्यटकों के लिए कई आकर्षक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। लगभग 15.58 लाख रुपये की लागत से भव्य प्रवेश द्वार, 28.45 लाख रुपये से इंटरप्रिटेशन सेंटर और एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से स्विस कॉटेज बनाए जाएंगे। इसके अलावा 32.77 लाख रुपये से कैफेटेरिया का उन्नयन, 30.88 लाख रुपये से ट्री हाउस और टेंट कैंपिंग की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
पर्यटकों के स्वास्थ्य और मानसिक शांति को ध्यान में रखते हुए 41.86 लाख रुपये की लागत से योग केंद्र भी बनाया जाएगा। साथ ही बायो टॉयलेट, सुरक्षा फेंसिंग, सोलर सबमर्सिबल, पार्किंग और बैठने की व्यवस्था जैसी बुनियादी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
गोरखपुर से कुशीनगर मार्ग पर स्थित कुसम्ही जंगल, गोरखपुर रेलवे स्टेशन से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर है। इसी मार्ग पर गोरखपुर एयरपोर्ट और भगवान बुद्ध से जुड़े कई महत्वपूर्ण स्थल भी स्थित हैं, जिससे यह क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।
अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि उत्तर प्रदेश इको टूरिज्म बोर्ड के गठन के बाद प्रदेश के जंगलों, नदियों और झीलों को संरक्षित रखते हुए उन्हें पर्यटन के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। इस पहल से न केवल पर्यटकों को नए गंतव्य मिलेंगे, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
Sambhal नगर पालिका से विधानसभा तक नजर, अब सिस्टम सुधारने की चुनौती, फाइलों की देरी पर फूटा गुस्सा, शान अली ने कर्मचारियों को ठहराया जिम्मेदार
सम्भल नगर पालिका परिषद में मनोनीत सदस्य बनने के बाद सय्यद शान अली ने अपने सियासी सफर की बड़ी शुरुआत का संकेत दिया है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का आभार जताते हुए कहा कि पार्टी ने उन्हें एक बड़ा मौका दिया है और वह उम्मीद करते हैं कि आने वाले समय में उन्हें विधानसभा तक भी पहुंचने का अवसर मिलेगा।

शान अली ने साफ कहा कि उनका फोकस सिर्फ राजनीति नहीं बल्कि जनता की बुनियादी समस्याओं के समाधान पर रहेगा। उन्होंने नगर में गंदगी, टूटी सड़कों और नालियों की समस्या को प्रमुख मुद्दा बताया और कहा कि पूरे सम्भल में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाएगा। साथ ही जहां-जहां सड़कें खराब हैं, वहां मरम्मत और नई सड़कों के प्रस्ताव भेजे जाएंगे। सबसे गंभीर मुद्दा उठाते हुए उन्होंने जन्म प्रमाण पत्र बनने में हो रही देरी पर सवाल खड़े किए। उन्होंने बताया कि कई लोगों की फाइलें एक-एक साल से लंबित पड़ी हैं, जिससे गरीबों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। शान अली ने भरोसा दिलाया कि इन फाइलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा और प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। जब जिम्मेदारी की बात आई तो उन्होंने साफ तौर पर नगर पालिका के कर्मचारियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना था कि काम में देरी कहीं न कहीं कर्मचारियों की लापरवाही का नतीजा है, जिसे सुधारा जाएगा। कुल मिलाकर, शान अली ने साफ संकेत दे दिया है कि वह नगर पालिका में सक्रिय भूमिका निभाते हुए अपनी पहचान मजबूत करना चाहते हैं और भविष्य में बड़ी राजनीति की ओर कदम बढ़ाने की तैयारी में हैं।
प्रसव के पहले एएनएम करेंगी महिला चिकित्सकों को फोन

*जिले में औसतन हर महीने होते हैं एक हजार से 1200 प्रसव*


रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव

भदोही । जिले के 206 उप स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात एएनएम और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) अब प्रसव कराने से पहले महिला चिकित्सक को फोन कर स्थिति से अवगत कराएंगी। महिला चिकित्सक के मार्ग दर्शन में ही प्रसव कराया जाएगा। जरूरत पड़ने पर महिला डॉक्टर मौके पर जाएंगी। यदि प्रसूता की स्थिति ठीक नहीं है, तो उसे तुंरत रेफर किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह नई पहल शुरू की गई है। यह व्यवस्था 10 अप्रैल से लागू की जाएगी। जिल के 235 स्वास्थ्य केंद्रों पर औसतन हर महीने एक हजार से 1200 प्रसव होते हैं। जिले की आबादी 18 से 20 लाख है। इन्हें स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 235 सरकारी और 140 निजी अस्पताल और नर्सिंग होम हैं। सरकारी में महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय, महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल, सरपतहां स्थित सौ शय्या अस्पताल सहित छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 206 उप स्वास्थ्य केंद्र है।
इन केंद्रों पर औसतन हर महीने एक हजार से 1200 प्रसव कराए जाते हैं। अब उप केंद्र पर आने वाली प्रसूता को स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर मिलेंगी। यहां तैनात एएनएम, सीएचओ जरूरत पड़ने पर जिला अस्पताल, सीएचसी के महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर से बातचीत कर सकती है। अमूमन देखा जाता है कि गंभीर केस होने पर प्रसूता को केंद्र से रेफर कर दिया जाता था। एएनएम और सीएचओ, महिला डॉक्टर से बातचीत नहीं करतीं थीं। अब ऐसा नहीं होगा। प्रसव कराने और केस रेफर करने से पहले डॉक्टर से बातचीत करनी होगी।
रजिस्टर भी किया जाएगा मेंटेन : स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जो भी एएनएम और सीएचओ प्रसव कराने से पहले महिला डॉक्टर से बातचीत करेंगी। उनका नाम मोबाइल नंबर रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा।
महिला डॉक्टर द्वारा जो परामर्श दिया जाएगा उसे भी रजिस्टर पर लिखा जाएगा। प्रसव कराने से पहले उपकेंद्र पर तैनात स्वास्थ्यकर्मी महिला डॉक्टर से बातचीत करेगी। फिर प्रसव कराएंगी। चिकित्सक के परामर्श पर दवा देगी। बेहतर सुविधा के लिए यह न‌ई पहल की गई है। 10 अप्रैल से इसकी शुरुआत सभी उपकेंद्रों पर कर दी जाएगी।

डॉ एसके चक सीएमओ भदोही
जिला स्टेडियम में एडवांस जिम की सुविधा जल्द
*17 करोड़ की लागत से चल रहा है निर्माण*



रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिला स्टेडियम मूंसीलाटपुर में खिलाड़ियों को जल्द ही टेनिस कोर्ट,स्वीमिंग पूल, कुश्ती ट्रैक, रेसलिंग हाॅल, बाॅक्सिंग हाॅल व एडवांस जिम की सुविधाएं मिलेंगी। कार्यदायी संस्था यूपी प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड की देखरेख में रेसलिंग व बाॅक्सिंग हाॅल का निर्माण कराया जा रहा है। वहीं एडवांस जिम के लिए भवन का निर्माण लगभग पूरा हो गया है। शासन ने इसके लिए 12.51 करोड़ रुपए पहले ही अवमुक्त कर दिया था। जिले की खेल प्रतियोगिताओं को निखारने व समस्त स्टेडियम से लैस करने के लिए शासन गंभीर है। इस दिशा में खेल निदेशालय के माध्यम से समस्त जनपदों से प्रस्ताव मांगे गए थे। पहले चरण में तीन खेलों के लिए 12.51 करोड़ स्वीकृत कर शासन ने धन आवंटित किया है। वहीं दूसरी चरण में स्टेडियम में दर्शकदीर्घा,शेड,खेल प्रशिक्षकों के लिए आवासीय भवन के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे। विभाग ने 17 करोड़ की डीपीआर भेजी थी। इसमें से 12.51 करोड़ बजट शासन से मिला है।

जिला स्टेडियम में रेसलिंग, बाॅक्सिंग हाॅल और एडवांस जिम के लिए भवन का निर्माण तेजी के साथ चल रहा है। उम्मीद है कि अगले माह तीनों भवन तैयार हो जाएंगे।

धर्मेंद्र कुमार, उपक्राड़ी अधिकारी भदोही
अपर आयुक्त ने 11 महिलाओं की सुनी समस्याएं, समाधान के निर्देश
*अपर आयुक्त मीनू राणा ने महिला जनसुनवाई में 11 मामलों की सुनी समस्याएं*

*वरासत, भूमि विवाद और उत्पीड़न के मामलों पर सख्त निर्देश, त्वरित कार्रवाई के आदेश*

*जनसुनवाई में महिलाओं ने उठाई शिकायतें*



*गोण्डा, 6 अप्रैल 2026* -  देवीपाटन मंडल मुख्यालय पर आयोजित ‘माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद’ महिला जनसुनवाई में अपर आयुक्त मीनू राणा ने 11 महिलाओं की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई के दौरान महिलाओं ने भूमि विवाद, पारिवारिक उत्पीड़न, वरासत, पुलिस कार्रवाई में लापरवाही समेत विभिन्न समस्याएं रखीं। अपर आयुक्त ने प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कुछ मामलों में तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए गए, जबकि शेष प्रकरणों में संबंधित विभागों को जांच कर शीघ्र कार्रवाई करने को कहा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


*वरासत दर्ज न होने पर महिला ने लगाई गुहार*

तहसील क्षेत्र के ग्राम परेड सरकार की एक महिला ने अपने पति की मृत्यु के बाद भी भूमि की वरासत दर्ज न होने पर प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। वन्दना देवी ने प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके पति की मृत्यु 17 अप्रैल 2025 को हो चुकी है, जिसके बाद उनके पुत्र द्वारा ऑनलाइन वरासत के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन हल्का लेखपाल ने उसे त्रुटिपूर्ण बताते हुए निरस्त कर दिया। पीड़िता का कहना है कि राजस्व अभिलेखों में नाम ‘श्रीचन्द्र पाठक’ जबकि अन्य दस्तावेजों में ‘श्रीकान्त पाठक’ दर्ज है, जो एक ही व्यक्ति हैं। ग्राम प्रधान द्वारा भी इसकी पुष्टि की गई है, इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। वृद्ध और आर्थिक रूप से कमजोर महिला ने बताया कि उक्त भूमि ही उनके परिवार की आजीविका का एकमात्र साधन है। उन्होंने प्रशासन से वरासत दर्ज कराने की मांग की है।

*महिला ने लगाया जमीन पर अवैध कब्जा व मारपीट का आरोप*


  देवीपाटन मंडल मुख्यालय में आयोजित ‘माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद’ महिला जनसुनवाई में कटरा बाजार निवासिनी नेहा तिवारी ने अपनी खरीदी गई जमीन पर अवैध कब्जा और मारपीट का आरोप लगाया है। पीड़िता ने बताया कि उसने वर्ष 2023 में भूमि क्रय की थी, जिस पर वह कब्जे में है और उसका नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। आरोप है कि 27 नवंबर 2025 को गांव के कुछ लोगों ने लाठी-डंडा व धारदार हथियार लेकर उसकी जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया और विरोध करने पर गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। पीड़िता के अनुसार आरोपियों ने घर में घुसकर उसे जमीन पर पटक दिया और अश्लील हरकत की। महिला का कहना है कि पुलिस को सूचना देने और कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसने मंडलायुक्त से आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर अवैध कब्जा हटवाने की मांग की है।