मेरठ/बहसूमा: एक शाम शहीदों के नाम—युवाओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
मेरठ जनपद के मवाना नगर में गुरुवार, 27 फरवरी 2026 को स्थानीय युवाओं द्वारा “एक शाम शहीदों के नाम” कार्यक्रम आयोजित कर महान क्रांतिकारी पंडित चंद्रशेखर आज़ाद की पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में युवाओं ने देश की आज़ादी के लिए उनके अद्वितीय साहस, त्याग और बलिदान को स्मरण करते हुए राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया।

इस अवसर पर अक्षत शर्मा, ठाकुर शनि प्रताप और अजीत शर्मा ने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद ने अपना संपूर्ण जीवन मातृभूमि की सेवा में समर्पित कर दिया। उन्होंने बताया कि जब अंग्रेजों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया, तब भी वे निर्भीक होकर घंटों तक मुकाबला करते रहे। अंततः जब गोलियां समाप्त हो गईं, तो अपने संकल्प को निभाते हुए उन्होंने स्वयं को गोली मारकर अदम्य साहस का परिचय दिया।

कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं ने देश के प्रति उनके त्याग, समर्पण और संघर्ष को नमन करते हुए राष्ट्र सेवा का संकल्प लिया। इस अवसर पर अर्पित पांडे, संदीप रस्तोगी, संदीप मावी, वंश गौतम, राहुल जाटव, गोल्डी, अमर गुप्ता, मॉन्टी, मुकुल चौहान, अमित, आदित्य संयम, दीपक, आशीष सैनी, हिमांशु, लकी, ऋतिक सहित अनेक युवा मौजूद रहे।
टिकौला शुगर मिल में किसान गोष्ठी—चार सूत्रों से बढ़ेगा गन्ना उत्पादन
मेरठ/बहसूमा। टिकौला शुगर मिल परिसर में आयोजित किसान गोष्ठी में गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए “उत्तम खेती के चार आधार” पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ओमप्रकाश सिंह (उप गन्ना आयुक्त, सहारनपुर) रहे। अध्यक्षता हिमांशु कुमार ने की, जबकि ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक मुलायम सिंह यादव, सचिव संजय सिंह (रामराज) सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

गोष्ठी में मिल प्रबंधन ने इस वर्ष उत्पादन बढ़ाने हेतु चार मुख्य आधार—किस्म बदलाव, फसल सुरक्षा, बीज उपचार और मृदा उपचार—पर जोर दिया। बताया गया कि यदि किसान इन चार बातों पर ध्यान दें तो उत्पादन में 15–25% तक वृद्धि संभव है।

पुरानी किस्मों, विशेषकर 0238, में रोग-कीट प्रकोप बढ़ने के कारण नई उन्नत किस्में अपनाने की सलाह दी गई। मिल द्वारा को० 0118, 15023, 13235, 18231, 14201, 16202 जैसी किस्मों पर ₹20 से ₹100 प्रति क्विंटल तक अनुदान दिया जा रहा है। संदेश दिया गया—“किस्म बदलेगी, तभी आय बढ़ेगी।”

बीज उपचार को उत्पादन का पहला कदम बताते हुए कार्बेन्डाजिम व इमिडाक्लोप्रिड अनुदान पर उपलब्ध कराए जाने की जानकारी दी गई। मशीनीकरण को बढ़ावा देते हुए ट्रेंच प्लांटर खरीद पर अनुदान तथा रैटून मैनेजमेंट डिवाइस पर 15% सहायता की घोषणा की गई, जिससे समय व लागत में बचत होगी।

फसल सुरक्षा के तहत फेरोमोन व लाइट ट्रैप 25% अनुदान पर, कीटनाशक (CTPR आदि) 15% अनुदान पर तथा टॉप बोरर नियंत्रण हेतु क्लोरान्ट्रानिलिप्रोल उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई। गोष्ठी में डॉ वेद प्रकाश, मोहनलाल शर्मा सहित क्षेत्र के प्रगतिशील किसान—ध्यान सिंह, रामपाल सिंह, कटार सिंह, अरविंद सिंह, प्रवेश अनुज, बलवीर सिंह आदि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में किसानों से आधुनिक तकनीक अपनाकर अधिक उत्पादन व बेहतर आय प्राप्त करने का आह्वान किया गया।
भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ की टीम ने किया जल जीवन मिशन का प्रभाव मूल्यांकन
* 175 केएल क्षमता की सोलर संचालित पानी की टंकी से 24 घंटे जलापूर्ति, स्वास्थ्य-शिक्षा में दिखा सकारात्मक बदलाव

लखनऊ।भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ की तीन सदस्यीय टीम ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत जनपद लखनऊ के विकास खंड माल स्थित ग्राम पंचायत अटारी में संचालित ग्रामीण पाइप पेयजल योजना का स्थलीय प्रभाव मूल्यांकन किया। यह अध्ययन समुदाय की प्रतिक्रिया जानने, क्रियान्वयन में आई चुनौतियों की पहचान करने तथा स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार एवं जीवन स्तर में आए परिवर्तनों का आकलन करने के उद्देश्य से किया गया।
परियोजना निदेशक प्रो. प्रियंका शर्मा के नेतृत्व में डॉ. आर.के. जायसवाल, रज्जन बाबू मिश्रा एवं आयुष मिश्रा ने ग्राम का निरीक्षण किया। इस दौरान ग्राम जल संस्था समिति एवं स्वच्छता समिति की अध्यक्ष/ग्राम प्रधान श्रीमती संयोगता सिंह चौहान, समिति के सदस्य तथा ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया गया। मौके पर डॉ. हरपाल सिंह, कोऑर्डिनेटर, जल जीवन मिशन लखनऊ एवं डीपीएमयू टीम भी उपस्थित रही।
* 175 केएल क्षमता की सोलर संचालित टंकी
ग्राम जल संस्था समिति की अध्यक्ष ने बताया कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार ग्राम की कुल आबादी 2308 है। आगामी 30 वर्षों में अनुमानित 18 प्रतिशत जनसंख्या वृद्धि एवं प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 55 लीटर जल खपत के मानक को ध्यान में रखते हुए 175 केएल क्षमता की सोलर ऊर्जा संचालित पानी की टंकी का निर्माण कराया गया है।
लगभग 600 फीट गहराई तक बोरिंग कर शुद्ध एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। सोलर ऊर्जा के उपयोग से ऊर्जा की बचत हो रही है, ग्राम को आर्थिक लाभ मिल रहा है तथा 24 घंटे निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
* स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सामाजिक जीवन में सुधार
ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में इंडिया मार्क हैंडपंपों पर पानी भरने के लिए लंबी कतारें लगती थीं, जिससे समय की बर्बादी होती थी। अब घर-घर नल से जल उपलब्ध होने से यह समस्या समाप्त हो गई है। स्कूली बच्चों में स्वच्छता की आदत बढ़ी है और वे समय से विद्यालय पहुंच रहे हैं। जलजनित रोगों में कमी आई है, जिससे ग्राम के स्वास्थ्य एवं सामाजिक जीवन में सकारात्मक परिवर्तन परिलक्षित हो रहा है।
* नियमित क्लोरीनेटेड जलापूर्ति
अधिशासी अभियंता श्री अरविंद कुमार त्रिपाठी ने बताया कि ग्राम पंचायत में विगत एक वर्ष से अधिक समय से नियमित एवं सुचारू रूप से स्वच्छ तथा क्लोरीनेटेड पेयजल की आपूर्ति की जा रही है।
यह सोशल ऑडिट एवं प्रभाव मूल्यांकन प्रक्रिया ग्रामीण विकास, पारदर्शिता और जनसहभागिता को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिससे भविष्य में योजनाओं के और अधिक प्रभावी क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त होगा।
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन का बड़ा कदम

* युवाओं को ‘फ्यूचर-रेडी’ बनाने के लिए 6 संस्थाओं से MoU, तकनीकी और सॉफ्ट स्किल्स पर होगा विशेष फोकस
लखनऊ। युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसरों के लिए तैयार करने की दिशा में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने छह प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को तकनीकी दक्षता, सॉफ्ट स्किल्स, परफॉर्मिंग आर्ट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे आधुनिक कौशलों से सुसज्जित कर उन्हें ‘फ्यूचर-रेडी’ बनाना है।
मिशन निदेशक पुलकित खरे और संयुक्त निदेशक मयंक गंगवार की उपस्थिति में हुए इस समझौते के तहत प्रशिक्षण को केवल तकनीकी शिक्षा तक सीमित न रखकर संवाद कौशल, आत्मविश्वास, रचनात्मकता और डिजिटल दक्षता पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
* कला और तकनीक का संगम
भारतेंदु नाट्य अकादमी के साथ साझेदारी से युवाओं को कला-आधारित रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। वहीं Oracle Corporation द्वारा विकसित ऑनलाइन कोर्स डिजिटल लर्निंग पार्टनर के रूप में उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
* क्षेत्रीय स्तर पर विशेष कार्यक्रम
प्रयागराज और वाराणसी मंडलों में ‘फाउंडेशनल एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स’ कार्यक्रम के तहत इंग्लिश स्पीकिंग, क्रिटिकल थिंकिंग और प्रॉब्लम सॉल्विंग पर जोर दिया जाएगा।
अयोध्या मंडल में The Apprentice Project के सहयोग से AI और मशीन लर्निंग आधारित तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त Raina Education Foundation सॉफ्ट स्किल्स, हार्ड स्किल्स और माइक्रो-इंटर्नशिप के माध्यम से शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी कम करने का कार्य करेगा।
Magic Bus India Foundation ‘ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स’ कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षकों को संवाद कौशल, व्यक्तित्व विकास और AI के मूल सिद्धांतों में दक्ष बनाएगा।
* युवाओं के सर्वांगीण विकास पर जोर
यह पहल तकनीकी ज्ञान के साथ व्यवहारिक और डिजिटल कौशल का समन्वय कर युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान करने की दिशा में राज्य सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रयास युवाओं को बदलते औद्योगिक परिदृश्य के अनुरूप सक्षम बनाने में सहायक सिद्ध होगा।
जिक्र में गुजरा पहला अशरा, रमजान की इबादतों में आई लज्जत

  • मुकम्मल हुआ 10 दिन की तरावीह का दौर
  • बाजार में बढ़ने लगी भीड़

भोपाल। तीन अशरो में बंटे माह ए रमजान के पहले 9 दिन पूरे हो गए हैं। इसके साथ ही शनिवार को पहले अशरे की इबादत मुकम्मल हो जाएगी। शहर की विभिन्न मस्जिदों में पढ़ाई जा रही 10 दिन की तरावीह का दौर भी पूरा हो गया है। इधर जरूरी खरीदारी के लिए लोगों ने बाजार का रुख करना शुरू कर दिया है, जिससे बाजारों में भीड़ बढ़ गई है। घरेलू भाषा में इसे जिक्र, फिक्र और घी शकर के तीन भाग कहा जाता था। लेकिन असल में रमजान के तीन अशरे रहमत, बरकत और जहन्नुम से खुलासी के होते हैं। गुरुवार से शुरू हुआ रमजान के पहले अशरे का दौर शनिवार को पूरा हो गया। इसके बाद अब रविवार से दूसरे दौर की इबादत शुरू होंगी। 

  • मुकम्मल हुई 10 दिन की तरावीह 

शहर में इबादतगुजारों की सहूलियत के लिहाज से अलग अलग अवधि की तरावीह पढ़ाई जाती है। मुकम्मल कुरान पढ़ने और सुनने का यह दौर 5 दिन से शुरु होकर 27 दिन की तरावीह तक चलता है। पहले असरे में 5 और 7 दिन अवधि की तरावीह मुकम्मल हो चुकी है। शनिवार शाम को शहर की कई मस्जिदों में 10 दिन की तरावीह पूरी हुई। इस दौरान पुराने शहर की मस्जिद सुल्तान सेठ में भी शनिवार को मुकम्मल तरावीह का आयोजन हुआ। मस्जिद के मुअज्जिन मोहम्मद नईम खान ने बताया कि इस दस दिन की तरावीह में मुहल्ले और शहर के अन्य क्षेत्रों के बाशिंदों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर मस्जिद में रोजा इफ्तार का आयोजन भी किया गया। तरावीह के बाद तबर्रुक भी बांटा गया। बड़ी तादाद में लोगों ने इसमें हिस्सा लिया।

  • तय हुआ फितरा

शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी ने रमजान में निकाली जाने वाली जकात और फितरे की राशि का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा इसकी अदायगी ईद की नमाज के पहले करना जरूरी है। जान का सदका कहे जाने वाले फितरा के बारे में उन्होंने बताया कि इसके लिए हर शख्स को 1 किलो, 630 ग्राम गेहूं किसी ऐसे व्यक्ति को दान करना है, जो इसके योग्य हो। कोई व्यक्ति गेहूं की इस मात्रा की बजाए नगद राशि 70 रूपये प्रति व्यक्ति भी दे सकता है। शहर काजी साहब ने जकात को लेकर बताया कि यह ऐसे व्यक्ति पर लागू है जिसके पास 612 ग्राम चांदी मौजूद है, जिसकी कीमत 1 लाख, 65 हजार रुपए आंकलित की गई है।

  • बढ़ने लगी बाजार में भीड़

रमजान का पहला अशरा पूरा होने के बाद अब लोगों ने ईद की तैयारियां शुरू कर दी हैं। सिलाई के कपड़ों, मैचिंग और तैयार किए जाने वाले खाद्य पदार्थों की खरीदारी इस दौरान की जा रही है। इसके चलते इब्राहिमपूरा, चौक बाजार, नदीम रोड, लखेरापुरा, जुमेराती, मंगलवारा, लक्ष्मी टॉकीज, जहांगीराबाद आदि बाजारों की रौनक बढ़ गई है। यहां बाजार देर रात तक सज रहे हैं।

  • दूसरे जुमे पर अकीदत के सजदे

रमजान का दूसरा जुमा अकीदत के साथ शहर में अदा किया गया। इस दौरान जामा मस्जिद, ताजुल मसाजिद, मोती मस्जिद, प्रेस कॉम्प्लेक्स आदि मस्जिदों में अकीदत के सजदे अदा किए गए।

अज्ञात वाहन की टक्कर से मध्यप्रदेश निवासी बाइक सवार किसान की हुई मौत

ड्रमंडगंज।ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के मीरजापुर रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित बरम बाबा मोड़ से दो सौ मीटर आगे लहुरियादह गांव के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार किसान की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना की जांच कर मृतक के जेब में मिले आधार कार्ड से शव की शिनाख्त की। पुलिस ने घटना की सूचना मध्यप्रदेश पुलिस व परिजनों को दी। मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले के सलैया गांव निवासी 55 वर्षीय सुरेश कुमार पांडेय हलिया क्षेत्र के खोदाईपुर गांव निवासी अपने बहनोई चंद्रिका प्रसाद मिश्र के यहां श्रीमद्भागवत कथा के भंडारा व व्रतबंध कार्यक्रम में शामिल होने के लिए शुक्रवार दोपहर में बाइक से आए थे। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद बाइक से घर जाने के लिए निकले थे जैसे ही नेशनल हाईवे पर लहुरियादह गांव के पास पहुंचे तो पीछे से किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। बाइक सवार किसान का सिर अज्ञात वाहन के पहिए के नीचे कुचलने से मौके पर ही मौत हो गई। वहीं घटना के बाद टक्कर मारने के बाद अज्ञात वाहन चालक भाग निकला। सूचना पर पहुंचे एसआई सुभाष यादव,एसआई रामविशाल हेड कांस्टेबल घनश्याम यादव ने घटना की जांच पड़ताल करते हुए मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दी।साले की मौत की खबर पाकर ड्रमंडगंज थाने पहुंचे मृतक के बहनोई चंद्रिका प्रसाद मिश्र ने बताया कि सुरेश कुमार पांडेय घर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बाइक से आए थे। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद घर जा रहे थे कि रास्ते में दुर्घटना का शिकार हो गए। मृतक खेती किसानी कर परिवार का जीविकोपार्जन करते थे। मृतक को तीन पुत्र हैं जिनमें दो अविवाहित हैं। थानाध्यक्ष भारत सुमन ने बताया कि मध्यप्रदेश निवासी बाइक सवार की अज्ञात वाहन की टक्कर से घटना स्थल पर ही मौत हो गई है। घटना के बाद अज्ञात वाहन चालक वाहन लेकर भाग निकला। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।घटना की जांच की जा रही है।
कन्नौज में विशिष्ट आलू मंडी ठठिया में मंत्री असीम अरुण ने सुनी व्यापारियों की समस्याएं
कन्नौज में शुक्रवार दोपहर समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण विशिष्ट आलू मंडी ठठिया पहुंचे, जहां उन्होंने किसानों, व्यापारियों और कर्मचारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। मंत्री के आगमन पर मंडी अधिकारियों व कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान मंडी के व्यापारियों ने व्यापार में आ रही दिक्कतों को लेकर मंत्री को लिखित प्रार्थना पत्र सौंपा और अपनी मांगें प्रमुखता से रखीं।

व्यापारियों ने आरोप लगाया कि मंडी प्रशासन की मिलीभगत से मंडी के बाहर आलू की बिक्री हो रही है, जिस पर तत्काल रोक लगाई जाए। व्यापारियों ने बताया कि मंडी परिसर में दुकान संख्या 1 से 60 तक का आवंटन तो कर दिया गया है, लेकिन उसकी समय-सीमा संबंधी कोई प्रति आढ़तियों को उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इसके अलावा उन्होंने मंडी परिसर में बैंक, कैंटीन, पेयजल, बिजली और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया।

व्यापारियों का कहना था कि वर्तमान परिस्थितियों में दुकानों का प्रीमियम और यूजर चार्ज एक साथ जमा कर पाना कठिन हो रहा है, इसलिए प्रशासन सहयोगात्मक रुख अपनाए। मंत्री असीम अरुण ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए और आश्वासन दिया कि व्यापारियों व किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।

इस मौके पर मंडी सचिव रघुराज प्रताप सिंह, प्रधान लिपिक देवेन्द्र कुमार निगम, मंडी प्रभारी आदिल खां सहित राजन अवस्थी मण्डल अध्यक्ष, विनय अवस्थी, सुरजीत यादव, अंकुर कटियार प्रखंड संयोजक उमर्दा बजरंग दल, शैलेंद्र तिवारी और वेद नारायण त्रिपाठी समेत बड़ी संख्या में व्यापारी व किसान मौजूद रहे।
जीआईसी में ही जांची की जाएगी हाईस्कूल और इंटर कॉलेज की कापियां
*शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर परिषद ने दी मंजूरी तैयारी शुरू हो गई*



रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले में इस बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कॉपियों का मूल्यांकन विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज में होगा। श्री इंद्र बहादुर सिंह नेशनल इंटर कॉलेज भदोही ने पांच साल बाद मूल्यांकन पर असहमति जताई। जिसके बाद शिक्षा विभाग की ओर से एक केंद्र का प्रस्ताव परिषद को भेजा गया। उक्त प्रस्ताव को परिषद से मंजूरी मिल गई है। मूल्यांकन की तिथि तय होने पर विभाग की ओर से परीक्षकों की तैनाती शुरू की जाएगी। जिले में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से चल रही हैं। करीब 80 फीसदी परीक्षा समाप्त हो गई है। अब बोर्ड की कॉपियों के मूल्यांकन की भी तैयारी शुरू हो गई है। परीक्षा खत्म होने के बाद कॉपियों का मूल्यांकन शुरू होगा। सूबे के अलग-अलग जिलों की कॉपियां मंडलवार क्षेत्रों में भेजी जाती हैं। कोविड से पहले हाईस्कूल और इंटर की कॉपियों का मूल्यांकन जीआईसी में होता था, लेकिन पांच साल से हाईस्कूल की कापियों के लिए नेशनल और इंटर के लिए जीआईसी को मूल्यांकन केंद्र बनाया जाता था। साल 2026 में मूल्यांकन केंद्र निर्धारण होने से पहले ही नेशनल इंटर कॉलेज ने केंद्र बनने से हाथ खींच लिया। इसके बाद विभाग ने जीआईसी ज्ञानपुर को ही मूल्यांकन केंद्र बनाने का प्रस्ताव भेजा। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि नेशनल इंटर कॉलेज ने इस बार मूल्यांकन न करने का निर्णय लिया। इससे विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज को ही मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है। यहीं पर हाईस्कूल और इंटर की कापियां जांची जाएंगी। बताया कि मूल्यांकन सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होगा। इससे पारदर्शिता कायम रहे। डीआईओएस ने बताया कि परीक्षा खत्म होने पर मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
नौकरी की मांग पर कलेक्ट्रेट टावर पर चढ़ा व्यक्ति, दो घंटे बाद उतरा

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही में नौकरी की मांग को लेकर एक व्यक्ति कलेक्ट्रेट परिसर स्थित टावर पर चढ़ गया और कूदने की धमकी देने लगा, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया। टावर पर चढ़ा 45 वर्षीय पंधारी कनौजिया वर्ष 2008 की सफाई कर्मी भर्ती का आवेदक बताया गया है। भदोही में यह भर्ती पर रोक लगा दी गई थी। टावर पर चढ़ा व्यक्ति और उसके साथी लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया पूरी कराने की मांग कर रहा है। सूचना पर पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने माइक से समझाकर करीब दो घंटे बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस मामले में पूछताछ कर आवश्यक कार्रवाई कर रही है।
सौ शय्या अस्पताल में लेबर कक्ष तैयार,14 नर्सों की हुई तैनाती

*24 घंटे के लिए रोस्टर वाईज लगाई गई ड्यूटी*



रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही।सरपतहां स्थित सौ शय्या अस्पताल में धीरे-धीरे स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होने लगा है। यहां प्रसव सेवा की सुविधा शुरू हो गई है। प्रसव पीड़ता के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें दूर के अस्पतालों का चक्कर लगाने की जरुरत नहीं पड़ेगी। ओपीडी भवन के भूतल मंजिला पर एक कक्ष में अभी प्रसव सेवा शुरू हुई है। सिर्फ नार्मल प्रसव कराए जाएंगे। सिजेरियन मरीज को जिला अस्पताल भेजा जाएगा। यहां 14 नर्सों की तैनाती है। जिनकी दो-दो नर्सों की ड्यूटी 24 घंटे प्रसव कराने के लिए रोस्टर वाइज लगाई गई है। अस्पताल में रोजाना 400 से 500 की ओपीडी होती है, जिन्हें जांच पड़ताल करके चिकित्सक दवा देते हैं। ज्यादातर यहां मौसमी बीमारी के मरीज आते हैं। प्रसव सेवा शुरू होने के बाद अब मरीजों की संख्या में और वृद्धि होगी। इससे मुख्यालय के सरपतहां, लखनों, कसियापुर, नंदापुर, कावल, गडेरियापुर आदि सहित दर्जनों गांव के प्रसव पीड़िता को जिला अस्पताल जाने की जरुरत नहीं पड़ेगी। उन्हें मुख्यालय पर ही बेहतर उपचार उपलब्ध होगा। यहां महिला रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। ऑपरेशन की जरुरत पड़ने पर मरीज को रेफर किया जाएगा। परिसर में टीबी अस्पताल, डायलिसिस सेंटर, बर्न यूनिट, डिजिटल एक्सरे, सिटी स्कैन आदि सुविधा है। यहां रोजाना एक हजार से 1200 मरीज, तीमारदारों की भीड़ होती है। चार महीने से इमरजेंसी मेडिलक असफर (ईएमओ) तैनात किए गए है। डॉक्टरों को ड्यूटी में और सहूलियत हो गई है।

हाल ही में प्रसव सेवा शुरू किया गया है। दो-दो सिस्टर की ड्यूटी रोस्टर वाइज लगाई गई है। नार्मल प्रसव होगा, ऑपरेशन की जरूरत पड़ने पर मरीज को जिला अस्पताल भेजा जाएगा। - डॉ. सुनील कुमार पासवान, सीएमएस 10 बेड़ सरपतहां
मेरठ/बहसूमा: एक शाम शहीदों के नाम—युवाओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
मेरठ जनपद के मवाना नगर में गुरुवार, 27 फरवरी 2026 को स्थानीय युवाओं द्वारा “एक शाम शहीदों के नाम” कार्यक्रम आयोजित कर महान क्रांतिकारी पंडित चंद्रशेखर आज़ाद की पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में युवाओं ने देश की आज़ादी के लिए उनके अद्वितीय साहस, त्याग और बलिदान को स्मरण करते हुए राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया।

इस अवसर पर अक्षत शर्मा, ठाकुर शनि प्रताप और अजीत शर्मा ने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद ने अपना संपूर्ण जीवन मातृभूमि की सेवा में समर्पित कर दिया। उन्होंने बताया कि जब अंग्रेजों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया, तब भी वे निर्भीक होकर घंटों तक मुकाबला करते रहे। अंततः जब गोलियां समाप्त हो गईं, तो अपने संकल्प को निभाते हुए उन्होंने स्वयं को गोली मारकर अदम्य साहस का परिचय दिया।

कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं ने देश के प्रति उनके त्याग, समर्पण और संघर्ष को नमन करते हुए राष्ट्र सेवा का संकल्प लिया। इस अवसर पर अर्पित पांडे, संदीप रस्तोगी, संदीप मावी, वंश गौतम, राहुल जाटव, गोल्डी, अमर गुप्ता, मॉन्टी, मुकुल चौहान, अमित, आदित्य संयम, दीपक, आशीष सैनी, हिमांशु, लकी, ऋतिक सहित अनेक युवा मौजूद रहे।
टिकौला शुगर मिल में किसान गोष्ठी—चार सूत्रों से बढ़ेगा गन्ना उत्पादन
मेरठ/बहसूमा। टिकौला शुगर मिल परिसर में आयोजित किसान गोष्ठी में गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए “उत्तम खेती के चार आधार” पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ओमप्रकाश सिंह (उप गन्ना आयुक्त, सहारनपुर) रहे। अध्यक्षता हिमांशु कुमार ने की, जबकि ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक मुलायम सिंह यादव, सचिव संजय सिंह (रामराज) सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

गोष्ठी में मिल प्रबंधन ने इस वर्ष उत्पादन बढ़ाने हेतु चार मुख्य आधार—किस्म बदलाव, फसल सुरक्षा, बीज उपचार और मृदा उपचार—पर जोर दिया। बताया गया कि यदि किसान इन चार बातों पर ध्यान दें तो उत्पादन में 15–25% तक वृद्धि संभव है।

पुरानी किस्मों, विशेषकर 0238, में रोग-कीट प्रकोप बढ़ने के कारण नई उन्नत किस्में अपनाने की सलाह दी गई। मिल द्वारा को० 0118, 15023, 13235, 18231, 14201, 16202 जैसी किस्मों पर ₹20 से ₹100 प्रति क्विंटल तक अनुदान दिया जा रहा है। संदेश दिया गया—“किस्म बदलेगी, तभी आय बढ़ेगी।”

बीज उपचार को उत्पादन का पहला कदम बताते हुए कार्बेन्डाजिम व इमिडाक्लोप्रिड अनुदान पर उपलब्ध कराए जाने की जानकारी दी गई। मशीनीकरण को बढ़ावा देते हुए ट्रेंच प्लांटर खरीद पर अनुदान तथा रैटून मैनेजमेंट डिवाइस पर 15% सहायता की घोषणा की गई, जिससे समय व लागत में बचत होगी।

फसल सुरक्षा के तहत फेरोमोन व लाइट ट्रैप 25% अनुदान पर, कीटनाशक (CTPR आदि) 15% अनुदान पर तथा टॉप बोरर नियंत्रण हेतु क्लोरान्ट्रानिलिप्रोल उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई। गोष्ठी में डॉ वेद प्रकाश, मोहनलाल शर्मा सहित क्षेत्र के प्रगतिशील किसान—ध्यान सिंह, रामपाल सिंह, कटार सिंह, अरविंद सिंह, प्रवेश अनुज, बलवीर सिंह आदि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में किसानों से आधुनिक तकनीक अपनाकर अधिक उत्पादन व बेहतर आय प्राप्त करने का आह्वान किया गया।
भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ की टीम ने किया जल जीवन मिशन का प्रभाव मूल्यांकन
* 175 केएल क्षमता की सोलर संचालित पानी की टंकी से 24 घंटे जलापूर्ति, स्वास्थ्य-शिक्षा में दिखा सकारात्मक बदलाव

लखनऊ।भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ की तीन सदस्यीय टीम ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत जनपद लखनऊ के विकास खंड माल स्थित ग्राम पंचायत अटारी में संचालित ग्रामीण पाइप पेयजल योजना का स्थलीय प्रभाव मूल्यांकन किया। यह अध्ययन समुदाय की प्रतिक्रिया जानने, क्रियान्वयन में आई चुनौतियों की पहचान करने तथा स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार एवं जीवन स्तर में आए परिवर्तनों का आकलन करने के उद्देश्य से किया गया।
परियोजना निदेशक प्रो. प्रियंका शर्मा के नेतृत्व में डॉ. आर.के. जायसवाल, रज्जन बाबू मिश्रा एवं आयुष मिश्रा ने ग्राम का निरीक्षण किया। इस दौरान ग्राम जल संस्था समिति एवं स्वच्छता समिति की अध्यक्ष/ग्राम प्रधान श्रीमती संयोगता सिंह चौहान, समिति के सदस्य तथा ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया गया। मौके पर डॉ. हरपाल सिंह, कोऑर्डिनेटर, जल जीवन मिशन लखनऊ एवं डीपीएमयू टीम भी उपस्थित रही।
* 175 केएल क्षमता की सोलर संचालित टंकी
ग्राम जल संस्था समिति की अध्यक्ष ने बताया कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार ग्राम की कुल आबादी 2308 है। आगामी 30 वर्षों में अनुमानित 18 प्रतिशत जनसंख्या वृद्धि एवं प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 55 लीटर जल खपत के मानक को ध्यान में रखते हुए 175 केएल क्षमता की सोलर ऊर्जा संचालित पानी की टंकी का निर्माण कराया गया है।
लगभग 600 फीट गहराई तक बोरिंग कर शुद्ध एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। सोलर ऊर्जा के उपयोग से ऊर्जा की बचत हो रही है, ग्राम को आर्थिक लाभ मिल रहा है तथा 24 घंटे निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
* स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सामाजिक जीवन में सुधार
ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में इंडिया मार्क हैंडपंपों पर पानी भरने के लिए लंबी कतारें लगती थीं, जिससे समय की बर्बादी होती थी। अब घर-घर नल से जल उपलब्ध होने से यह समस्या समाप्त हो गई है। स्कूली बच्चों में स्वच्छता की आदत बढ़ी है और वे समय से विद्यालय पहुंच रहे हैं। जलजनित रोगों में कमी आई है, जिससे ग्राम के स्वास्थ्य एवं सामाजिक जीवन में सकारात्मक परिवर्तन परिलक्षित हो रहा है।
* नियमित क्लोरीनेटेड जलापूर्ति
अधिशासी अभियंता श्री अरविंद कुमार त्रिपाठी ने बताया कि ग्राम पंचायत में विगत एक वर्ष से अधिक समय से नियमित एवं सुचारू रूप से स्वच्छ तथा क्लोरीनेटेड पेयजल की आपूर्ति की जा रही है।
यह सोशल ऑडिट एवं प्रभाव मूल्यांकन प्रक्रिया ग्रामीण विकास, पारदर्शिता और जनसहभागिता को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिससे भविष्य में योजनाओं के और अधिक प्रभावी क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त होगा।
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन का बड़ा कदम

* युवाओं को ‘फ्यूचर-रेडी’ बनाने के लिए 6 संस्थाओं से MoU, तकनीकी और सॉफ्ट स्किल्स पर होगा विशेष फोकस
लखनऊ। युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसरों के लिए तैयार करने की दिशा में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने छह प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को तकनीकी दक्षता, सॉफ्ट स्किल्स, परफॉर्मिंग आर्ट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे आधुनिक कौशलों से सुसज्जित कर उन्हें ‘फ्यूचर-रेडी’ बनाना है।
मिशन निदेशक पुलकित खरे और संयुक्त निदेशक मयंक गंगवार की उपस्थिति में हुए इस समझौते के तहत प्रशिक्षण को केवल तकनीकी शिक्षा तक सीमित न रखकर संवाद कौशल, आत्मविश्वास, रचनात्मकता और डिजिटल दक्षता पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
* कला और तकनीक का संगम
भारतेंदु नाट्य अकादमी के साथ साझेदारी से युवाओं को कला-आधारित रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। वहीं Oracle Corporation द्वारा विकसित ऑनलाइन कोर्स डिजिटल लर्निंग पार्टनर के रूप में उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
* क्षेत्रीय स्तर पर विशेष कार्यक्रम
प्रयागराज और वाराणसी मंडलों में ‘फाउंडेशनल एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स’ कार्यक्रम के तहत इंग्लिश स्पीकिंग, क्रिटिकल थिंकिंग और प्रॉब्लम सॉल्विंग पर जोर दिया जाएगा।
अयोध्या मंडल में The Apprentice Project के सहयोग से AI और मशीन लर्निंग आधारित तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त Raina Education Foundation सॉफ्ट स्किल्स, हार्ड स्किल्स और माइक्रो-इंटर्नशिप के माध्यम से शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी कम करने का कार्य करेगा।
Magic Bus India Foundation ‘ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स’ कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षकों को संवाद कौशल, व्यक्तित्व विकास और AI के मूल सिद्धांतों में दक्ष बनाएगा।
* युवाओं के सर्वांगीण विकास पर जोर
यह पहल तकनीकी ज्ञान के साथ व्यवहारिक और डिजिटल कौशल का समन्वय कर युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान करने की दिशा में राज्य सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रयास युवाओं को बदलते औद्योगिक परिदृश्य के अनुरूप सक्षम बनाने में सहायक सिद्ध होगा।
जिक्र में गुजरा पहला अशरा, रमजान की इबादतों में आई लज्जत

  • मुकम्मल हुआ 10 दिन की तरावीह का दौर
  • बाजार में बढ़ने लगी भीड़

भोपाल। तीन अशरो में बंटे माह ए रमजान के पहले 9 दिन पूरे हो गए हैं। इसके साथ ही शनिवार को पहले अशरे की इबादत मुकम्मल हो जाएगी। शहर की विभिन्न मस्जिदों में पढ़ाई जा रही 10 दिन की तरावीह का दौर भी पूरा हो गया है। इधर जरूरी खरीदारी के लिए लोगों ने बाजार का रुख करना शुरू कर दिया है, जिससे बाजारों में भीड़ बढ़ गई है। घरेलू भाषा में इसे जिक्र, फिक्र और घी शकर के तीन भाग कहा जाता था। लेकिन असल में रमजान के तीन अशरे रहमत, बरकत और जहन्नुम से खुलासी के होते हैं। गुरुवार से शुरू हुआ रमजान के पहले अशरे का दौर शनिवार को पूरा हो गया। इसके बाद अब रविवार से दूसरे दौर की इबादत शुरू होंगी। 

  • मुकम्मल हुई 10 दिन की तरावीह 

शहर में इबादतगुजारों की सहूलियत के लिहाज से अलग अलग अवधि की तरावीह पढ़ाई जाती है। मुकम्मल कुरान पढ़ने और सुनने का यह दौर 5 दिन से शुरु होकर 27 दिन की तरावीह तक चलता है। पहले असरे में 5 और 7 दिन अवधि की तरावीह मुकम्मल हो चुकी है। शनिवार शाम को शहर की कई मस्जिदों में 10 दिन की तरावीह पूरी हुई। इस दौरान पुराने शहर की मस्जिद सुल्तान सेठ में भी शनिवार को मुकम्मल तरावीह का आयोजन हुआ। मस्जिद के मुअज्जिन मोहम्मद नईम खान ने बताया कि इस दस दिन की तरावीह में मुहल्ले और शहर के अन्य क्षेत्रों के बाशिंदों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर मस्जिद में रोजा इफ्तार का आयोजन भी किया गया। तरावीह के बाद तबर्रुक भी बांटा गया। बड़ी तादाद में लोगों ने इसमें हिस्सा लिया।

  • तय हुआ फितरा

शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी ने रमजान में निकाली जाने वाली जकात और फितरे की राशि का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा इसकी अदायगी ईद की नमाज के पहले करना जरूरी है। जान का सदका कहे जाने वाले फितरा के बारे में उन्होंने बताया कि इसके लिए हर शख्स को 1 किलो, 630 ग्राम गेहूं किसी ऐसे व्यक्ति को दान करना है, जो इसके योग्य हो। कोई व्यक्ति गेहूं की इस मात्रा की बजाए नगद राशि 70 रूपये प्रति व्यक्ति भी दे सकता है। शहर काजी साहब ने जकात को लेकर बताया कि यह ऐसे व्यक्ति पर लागू है जिसके पास 612 ग्राम चांदी मौजूद है, जिसकी कीमत 1 लाख, 65 हजार रुपए आंकलित की गई है।

  • बढ़ने लगी बाजार में भीड़

रमजान का पहला अशरा पूरा होने के बाद अब लोगों ने ईद की तैयारियां शुरू कर दी हैं। सिलाई के कपड़ों, मैचिंग और तैयार किए जाने वाले खाद्य पदार्थों की खरीदारी इस दौरान की जा रही है। इसके चलते इब्राहिमपूरा, चौक बाजार, नदीम रोड, लखेरापुरा, जुमेराती, मंगलवारा, लक्ष्मी टॉकीज, जहांगीराबाद आदि बाजारों की रौनक बढ़ गई है। यहां बाजार देर रात तक सज रहे हैं।

  • दूसरे जुमे पर अकीदत के सजदे

रमजान का दूसरा जुमा अकीदत के साथ शहर में अदा किया गया। इस दौरान जामा मस्जिद, ताजुल मसाजिद, मोती मस्जिद, प्रेस कॉम्प्लेक्स आदि मस्जिदों में अकीदत के सजदे अदा किए गए।

अज्ञात वाहन की टक्कर से मध्यप्रदेश निवासी बाइक सवार किसान की हुई मौत

ड्रमंडगंज।ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के मीरजापुर रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित बरम बाबा मोड़ से दो सौ मीटर आगे लहुरियादह गांव के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार किसान की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना की जांच कर मृतक के जेब में मिले आधार कार्ड से शव की शिनाख्त की। पुलिस ने घटना की सूचना मध्यप्रदेश पुलिस व परिजनों को दी। मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले के सलैया गांव निवासी 55 वर्षीय सुरेश कुमार पांडेय हलिया क्षेत्र के खोदाईपुर गांव निवासी अपने बहनोई चंद्रिका प्रसाद मिश्र के यहां श्रीमद्भागवत कथा के भंडारा व व्रतबंध कार्यक्रम में शामिल होने के लिए शुक्रवार दोपहर में बाइक से आए थे। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद बाइक से घर जाने के लिए निकले थे जैसे ही नेशनल हाईवे पर लहुरियादह गांव के पास पहुंचे तो पीछे से किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। बाइक सवार किसान का सिर अज्ञात वाहन के पहिए के नीचे कुचलने से मौके पर ही मौत हो गई। वहीं घटना के बाद टक्कर मारने के बाद अज्ञात वाहन चालक भाग निकला। सूचना पर पहुंचे एसआई सुभाष यादव,एसआई रामविशाल हेड कांस्टेबल घनश्याम यादव ने घटना की जांच पड़ताल करते हुए मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दी।साले की मौत की खबर पाकर ड्रमंडगंज थाने पहुंचे मृतक के बहनोई चंद्रिका प्रसाद मिश्र ने बताया कि सुरेश कुमार पांडेय घर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बाइक से आए थे। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद घर जा रहे थे कि रास्ते में दुर्घटना का शिकार हो गए। मृतक खेती किसानी कर परिवार का जीविकोपार्जन करते थे। मृतक को तीन पुत्र हैं जिनमें दो अविवाहित हैं। थानाध्यक्ष भारत सुमन ने बताया कि मध्यप्रदेश निवासी बाइक सवार की अज्ञात वाहन की टक्कर से घटना स्थल पर ही मौत हो गई है। घटना के बाद अज्ञात वाहन चालक वाहन लेकर भाग निकला। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।घटना की जांच की जा रही है।
कन्नौज में विशिष्ट आलू मंडी ठठिया में मंत्री असीम अरुण ने सुनी व्यापारियों की समस्याएं
कन्नौज में शुक्रवार दोपहर समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण विशिष्ट आलू मंडी ठठिया पहुंचे, जहां उन्होंने किसानों, व्यापारियों और कर्मचारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। मंत्री के आगमन पर मंडी अधिकारियों व कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान मंडी के व्यापारियों ने व्यापार में आ रही दिक्कतों को लेकर मंत्री को लिखित प्रार्थना पत्र सौंपा और अपनी मांगें प्रमुखता से रखीं।

व्यापारियों ने आरोप लगाया कि मंडी प्रशासन की मिलीभगत से मंडी के बाहर आलू की बिक्री हो रही है, जिस पर तत्काल रोक लगाई जाए। व्यापारियों ने बताया कि मंडी परिसर में दुकान संख्या 1 से 60 तक का आवंटन तो कर दिया गया है, लेकिन उसकी समय-सीमा संबंधी कोई प्रति आढ़तियों को उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इसके अलावा उन्होंने मंडी परिसर में बैंक, कैंटीन, पेयजल, बिजली और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया।

व्यापारियों का कहना था कि वर्तमान परिस्थितियों में दुकानों का प्रीमियम और यूजर चार्ज एक साथ जमा कर पाना कठिन हो रहा है, इसलिए प्रशासन सहयोगात्मक रुख अपनाए। मंत्री असीम अरुण ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए और आश्वासन दिया कि व्यापारियों व किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।

इस मौके पर मंडी सचिव रघुराज प्रताप सिंह, प्रधान लिपिक देवेन्द्र कुमार निगम, मंडी प्रभारी आदिल खां सहित राजन अवस्थी मण्डल अध्यक्ष, विनय अवस्थी, सुरजीत यादव, अंकुर कटियार प्रखंड संयोजक उमर्दा बजरंग दल, शैलेंद्र तिवारी और वेद नारायण त्रिपाठी समेत बड़ी संख्या में व्यापारी व किसान मौजूद रहे।
जीआईसी में ही जांची की जाएगी हाईस्कूल और इंटर कॉलेज की कापियां
*शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर परिषद ने दी मंजूरी तैयारी शुरू हो गई*



रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले में इस बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कॉपियों का मूल्यांकन विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज में होगा। श्री इंद्र बहादुर सिंह नेशनल इंटर कॉलेज भदोही ने पांच साल बाद मूल्यांकन पर असहमति जताई। जिसके बाद शिक्षा विभाग की ओर से एक केंद्र का प्रस्ताव परिषद को भेजा गया। उक्त प्रस्ताव को परिषद से मंजूरी मिल गई है। मूल्यांकन की तिथि तय होने पर विभाग की ओर से परीक्षकों की तैनाती शुरू की जाएगी। जिले में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से चल रही हैं। करीब 80 फीसदी परीक्षा समाप्त हो गई है। अब बोर्ड की कॉपियों के मूल्यांकन की भी तैयारी शुरू हो गई है। परीक्षा खत्म होने के बाद कॉपियों का मूल्यांकन शुरू होगा। सूबे के अलग-अलग जिलों की कॉपियां मंडलवार क्षेत्रों में भेजी जाती हैं। कोविड से पहले हाईस्कूल और इंटर की कॉपियों का मूल्यांकन जीआईसी में होता था, लेकिन पांच साल से हाईस्कूल की कापियों के लिए नेशनल और इंटर के लिए जीआईसी को मूल्यांकन केंद्र बनाया जाता था। साल 2026 में मूल्यांकन केंद्र निर्धारण होने से पहले ही नेशनल इंटर कॉलेज ने केंद्र बनने से हाथ खींच लिया। इसके बाद विभाग ने जीआईसी ज्ञानपुर को ही मूल्यांकन केंद्र बनाने का प्रस्ताव भेजा। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि नेशनल इंटर कॉलेज ने इस बार मूल्यांकन न करने का निर्णय लिया। इससे विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज को ही मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है। यहीं पर हाईस्कूल और इंटर की कापियां जांची जाएंगी। बताया कि मूल्यांकन सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होगा। इससे पारदर्शिता कायम रहे। डीआईओएस ने बताया कि परीक्षा खत्म होने पर मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
नौकरी की मांग पर कलेक्ट्रेट टावर पर चढ़ा व्यक्ति, दो घंटे बाद उतरा

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही में नौकरी की मांग को लेकर एक व्यक्ति कलेक्ट्रेट परिसर स्थित टावर पर चढ़ गया और कूदने की धमकी देने लगा, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया। टावर पर चढ़ा 45 वर्षीय पंधारी कनौजिया वर्ष 2008 की सफाई कर्मी भर्ती का आवेदक बताया गया है। भदोही में यह भर्ती पर रोक लगा दी गई थी। टावर पर चढ़ा व्यक्ति और उसके साथी लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया पूरी कराने की मांग कर रहा है। सूचना पर पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने माइक से समझाकर करीब दो घंटे बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस मामले में पूछताछ कर आवश्यक कार्रवाई कर रही है।
सौ शय्या अस्पताल में लेबर कक्ष तैयार,14 नर्सों की हुई तैनाती

*24 घंटे के लिए रोस्टर वाईज लगाई गई ड्यूटी*



रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही।सरपतहां स्थित सौ शय्या अस्पताल में धीरे-धीरे स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होने लगा है। यहां प्रसव सेवा की सुविधा शुरू हो गई है। प्रसव पीड़ता के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें दूर के अस्पतालों का चक्कर लगाने की जरुरत नहीं पड़ेगी। ओपीडी भवन के भूतल मंजिला पर एक कक्ष में अभी प्रसव सेवा शुरू हुई है। सिर्फ नार्मल प्रसव कराए जाएंगे। सिजेरियन मरीज को जिला अस्पताल भेजा जाएगा। यहां 14 नर्सों की तैनाती है। जिनकी दो-दो नर्सों की ड्यूटी 24 घंटे प्रसव कराने के लिए रोस्टर वाइज लगाई गई है। अस्पताल में रोजाना 400 से 500 की ओपीडी होती है, जिन्हें जांच पड़ताल करके चिकित्सक दवा देते हैं। ज्यादातर यहां मौसमी बीमारी के मरीज आते हैं। प्रसव सेवा शुरू होने के बाद अब मरीजों की संख्या में और वृद्धि होगी। इससे मुख्यालय के सरपतहां, लखनों, कसियापुर, नंदापुर, कावल, गडेरियापुर आदि सहित दर्जनों गांव के प्रसव पीड़िता को जिला अस्पताल जाने की जरुरत नहीं पड़ेगी। उन्हें मुख्यालय पर ही बेहतर उपचार उपलब्ध होगा। यहां महिला रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। ऑपरेशन की जरुरत पड़ने पर मरीज को रेफर किया जाएगा। परिसर में टीबी अस्पताल, डायलिसिस सेंटर, बर्न यूनिट, डिजिटल एक्सरे, सिटी स्कैन आदि सुविधा है। यहां रोजाना एक हजार से 1200 मरीज, तीमारदारों की भीड़ होती है। चार महीने से इमरजेंसी मेडिलक असफर (ईएमओ) तैनात किए गए है। डॉक्टरों को ड्यूटी में और सहूलियत हो गई है।

हाल ही में प्रसव सेवा शुरू किया गया है। दो-दो सिस्टर की ड्यूटी रोस्टर वाइज लगाई गई है। नार्मल प्रसव होगा, ऑपरेशन की जरूरत पड़ने पर मरीज को जिला अस्पताल भेजा जाएगा। - डॉ. सुनील कुमार पासवान, सीएमएस 10 बेड़ सरपतहां