ऋ9षिकेश में आयोजित MFA-CC सम्मेलन में मिर्जापुर के समाजसेवी दम्पति विभूति कुमार मिश्र एवं नंदिनी मिश्रा ने रखे विचार
ऋषिकेश स्थित विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्र परमार्थ निकेतन में 21 मई 2026 को यूनिसेफ़ इंडिया एवं जीवा के संयुक्त तत्वावधान में “MFA-CC (Multi Faith Action Core Committee)” की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम पूज्य स्वामी चिदानन्द मुनि जी के सान्निध्य में सम्पन्न हुआ, जिसमें विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं, सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों एवं मीडिया प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

मिर्जापुर के प्रसिद्ध समाजसेवी, महिला प्रबोधिनी फाउंडेशन के संस्थापक एवं अखिल भारत रचनात्मक समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री विभूति कुमार मिश्र तथा महिला प्रबोधिनी फाउंडेशन की अध्यक्ष श्रीमती नंदिनी मिश्रा को विशेष वक्ता एवं प्रतिनिधि के रूप में आमंत्रित किया गया।

श्री विभूति कुमार मिश्र ने अपने वक्तव्य में विश्व शांति, अहिंसा एवं सामाजिक समरसता के लिए रचनात्मक कार्यों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि धर्म एवं समाज मिलकर सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। वहीं श्रीमती नंदिनी मिश्रा ने महिला सशक्तिकरण, बालिका शिक्षा, सुरक्षा एवं स्वरोजगार जैसे विषयों पर अपने विचार रखते हुए समाज में जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।

सम्मेलन में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, पोषण, महिला सशक्तिकरण, बच्चों की सुरक्षा, शांति एवं अहिंसा जैसे विषयों पर गहन चिंतन किया गया तथा एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार की गई।
कार्यक्रम को परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष पूज्य स्वामी श्री चिदानंद मुनि जी, साध्वी भगवती सरस्वती, जैन आचार्य श्री विवेक मुनि जी, बौद्ध लामा श्री येशी जी तथा अखिल भारतीय गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी दिल्ली के राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य श्री प्रगट सिंह सद्धू ने मार्गदर्शन प्रदान किया।

इस अवसर पर यूनिसेफ़ दिल्ली के प्रतिनिधि श्री शादिक जी, हरिजन सेव संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शंकर कुमार सान्याल जी, पूर्व राज्यसभा सांसद श्री नरेश यादव जी, पंजाब विश्वविद्यालय की प्रो. डॉ. कंचन मेहता जी, ग्लोबल पीस फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं पूर्व राजनयिक श्री मार्कण्डेय राय जी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन जीवा एवं MFA-CC की कॉर्डिनेटर सुश्री नन्दिनी द्वारा किया गया। सम्मेलन ने यह संदेश दिया कि सभी धर्म एवं सामाजिक संगठन मिलकर मानवता, शांति एवं सामाजिक कल्याण के लिए प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।
मशहूर ऐतिहासिक रौजा सदर उर्स मेला कल
*आस्था, उल्लास और तरबूज वाले इस मेले की है अलग पहचान*

*हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक मेला,*


बबलू प्रजापति
पिहानी के ऐतिहासिक स्थल रौजा सदर, जो अपनी पुरख़ेनी तारीख और आध्यात्मिक अहमियत के लिए जाना जाता है, इस रविवर उर्स का भव्य आयोजन करेगा। इसे तरबूज वाला मेला भी कहते हैं, जहां दूर-दराज से लोग दरगाह पर आते हैं और सदर जहां व बदल जहां पर चादरपोशी करते हैं। उर्स के इस मौके पर अकीदतमंद अपनी दुआओं और मन्नतों के साथ दरगाह की रौनक बढ़ाते हैं। शाम को चिराग जलाए जाते हैं, और हर तरफ रोशनी और भक्ति का माहौल होता है। मेले में स्वादिष्ट चाट, पकौड़ी, तरह-तरह के झूले और दुकानों का मज़हब भरपूर संगम देखने को मिलता है। यह केवल एक धार्मिक दरगाह नहीं, बल्कि मुगलकालीन इतिहास, सूफी संस्कृति, स्थापत्य कला और गंगा-जमुनी तहज़ीब की जीवित मिसाल माना जाता है।
इतिहासकारों के अनुसार, “सदर जहाँ” मुगल बादशाह हुमायूं के शासनकाल से जुड़े एक उच्च पदाधिकारी या सूबेदार बताए जाते हैं। माना जाता है कि जब शेरशाह सूरी और हुमायूं के बीच संघर्ष चल रहा था, उस समय हुमायूं ने अवध क्षेत्र के कई स्थानों में शरण ली थी। उसी दौर में पिहानी का क्षेत्र घने जंगलों और छोटी बस्तियों से घिरा था। कहा जाता है कि बाद में सदर जहाँ को यह इलाका जागीर के रूप में मिला और उन्होंने यहां प्रशासनिक तथा धार्मिक केंद्र स्थापित कराया।

स्थानीय जनश्रुतियों के मुताबिक, सदर जहाँ ने यहां एक विशाल रौजा, मस्जिद और खानकाह का निर्माण कराया। उस समय यह स्थान इस्लामी शिक्षा, सूफी परंपरा और सामाजिक मेलजोल का प्रमुख केंद्र बन गया था। दूर-दराज से फकीर, आलिम और अकीदतमंद यहां आते थे। धीरे-धीरे इस स्थल के आसपास आबादी बढ़ी और पिहानी कस्बे का विस्तार हुआ।
रौजा परिसर में बनी प्राचीन इमारतों में मुगलकालीन स्थापत्य कला की झलक आज भी दिखाई देती है। मेहराबदार दरवाजे, ऊंची दीवारें, पुरानी ईंटों की बनावट और गुंबद उस दौर की वास्तुकला को दर्शाते हैं। कई इतिहास प्रेमी इसे हरदोई जनपद की महत्वपूर्ण धरोहर मानते हैं।

यह भी कहा जाता है कि यहां स्थित “मस्जिद-ए-दमिश्क” का निर्माण मध्य एशियाई शैली से प्रेरित था। पुराने समय में यहां कुरान की तालीम, सूफी महफिलें और सामाजिक पंचायतें भी आयोजित होती थीं।
नगर में सीवर व जल लाइन कार्य में घोर लापरवाही: ठेकेदार और अधिकारियों की उदासीनता से नालियां हुईं बंद
जयसिंह:-बलरामपुर जनपद तीनो तहसील बलरामपुर,उतरौला, तुलसीपुर
नगर में इन दिनों जनहित के दावों के विपरीत सीवर और पेयजल पाइपलाइन बिछाने का काम आम जनता के लिए बड़ी मुसीबत बन चुका है। निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समय-सीमा की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ठेकेदार की मनमानी और संबंधित अधिकारियों की घोर उदासीनता के कारण शहर की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। हालत यह है कि समाधान के नाम पर शुरू की गई इस योजना ने पूरे नगर को समस्याओं के दलदल में धकेल दिया है।
लापरवाही की हद: नाली के भीतर ही छोड़ दिए सीवर पाइप**
ग्राउंड जीरो पर देखने को मिल रहा है कि कार्य करा रही निर्माण एजेंसी ने तकनीकी मानकों को पूरी तरह ताक पर रख दिया है। कई वार्डों और मोहल्लों में सीवर के कनेक्शन इस कदर लापरवाही से किए गए हैं कि निकासी की नालियां पूरी तरह चोक (बंद) हो चुकी हैं। हद तो तब हो गई जब कई जगहों पर सीवर के मुख्य पाइपों को नाली के बीच में ही खुला छोड़ दिया गया है। इससे नालियों का गंदा पानी सड़कों और लोगों के घरों के सामने जमा हो रहा है।
गुणवत्ता और समय-बद्धता का अकाल**
नियमों के मुताबिक किसी भी सार्वजनिक निर्माण कार्य को एक निश्चित समयावधि  के भीतर और तय मानकों के साथ पूरा करना होता है। लेकिन यहाँ स्थिति इसके ठीक उलट है:
* **घटिया सामग्री का प्रयोग:** स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पाइपलाइन डालने और सड़कों की मरम्मत में बेहद घटिया स्तर की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिससे आने वाले समय में सड़कों के धंसने का खतरा बढ़ गया है।
* **महीनों से अधूरे पड़े काम:** सड़कों को खोदकर महीनों तक खुला छोड़ दिया जाता है, जिससे आए दिन राहगीर और वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। तुलसीपुर वाल्मीकि मोहल्ले में तो सड़कों की हालत बेहाल हो गई है पैदल चलना भी दरदरा हो गया है
*आम जनजीवन अस्त-व्यस्त, बीमारियों का बढ़ा खतरा**
इस बदइंतजामी के कारण स्थानीय नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बंद पड़ी नालियों के कारण पूरे इलाके में बदबू फैली हुई है। मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ा है,जिससे मलेरिया,डेंगू और टाइफाइड जैसी गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय दुकानदारों का व्यापार भी इस बेतरतीब खुदाई और गंदगी के कारण ठप होने की कगार पर है।
> **क्या कहते हैं स्थानीय निवासी?**
> *"सीवर लाइन डालने के नाम पर हमारी गली की अच्छी-भली नाली को तोड़कर उसमें पाइप फंसा दिया गया है। अब गंदा पानी आगे नहीं जा पा रहा है। अधिकारियों से शिकायत करो तो वे ठेकेदार पर बात टाल देते हैं और ठेकेदार सुनता नहीं है।"*
> — **रमेश कुमार, स्थानीय निवासी**
>
*अधिकारियों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल**
जनता का सबसे बड़ा आक्रोश इस बात को लेकर है कि सब कुछ आँखों के सामने होने के बावजूद जिम्मेदार विभाग के आला अधिकारी मौन साधे हुए हैं। निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग (जांच) के लिए कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचता, जिससे ठेकेदार के हौसले बुलंद हैं।जनहित में त्वरित कार्रवाई की मांग*विजय प्रताप सोनी*
ने जिला प्रशासन और संबंधित उच्चाधिकारियों से मांग की है कि:
1. इस पूरे कार्य की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए।
2. नाली के भीतर छोड़े गए पाइपों को तुरंत हटाकर ड्रेनेज सिस्टम को बहाल किया जाए।
3. लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार के खिलाफ जुर्माना और ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाए।
यदि समय रहते इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं किया गया,तो स्थानीय संगठनों और नागरिकों ने उग्र आंदोलन और चक्का जाम करने की चेतावनी दी है।
भीषण गर्मी एवं लू को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट

*दोपहर 12 से 4 बजे तक अनावश्यक बाहर निकलने से बचें, जिलाधिकारी ने जारी की एडवायजरी; बच्चों, बुजुर्गों और पशु-पक्षियों के लिए पानी व छाया का करें पुख्ता इंतजाम— जिलाधिकारी*



नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद में लगातार बढ़ते तापमान एवं भीषण गर्मी को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं सक्रिय है। जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण शैलेष कुमार ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे लू (हीटवेव) से बचाव हेतु जारी दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करें तथा स्वयं के साथ परिवार, बच्चों, बुजुर्गों एवं पशु-पक्षियों की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखें।

मौसम विभाग द्वारा आगामी दिनों में भीषण लू एवं गर्म रातों की संभावना व्यक्त की गई है। इसे देखते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि जनपद में कहीं भी पेयजल की कमी न होने पाए। नगर निकायों, ग्राम पंचायतों एवं संबंधित अधिकारियों को सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, बस स्टैंडों तथा प्रमुख स्थानों पर पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही तालाबों, जलाशयों एवं पशुओं के लिए पानी की उपलब्धता बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया है।

जिलाधिकारी ने कहा कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अत्यधिक आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। धूप में निकलते समय सिर को गमछा, टोपी अथवा कपड़े से ढककर रखें तथा हल्के रंग के सूती एवं ढीले कपड़े पहनें। पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस, नींबू पानी, छाछ एवं अन्य तरल पदार्थों का सेवन करते रहें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।

उन्होंने बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं एवं बीमार व्यक्तियों की विशेष देखभाल करने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को बंद वाहन में न छोड़ें। साथ ही आमजन से अनुरोध किया गया कि वे अपने घरों, छतों एवं सार्वजनिक स्थानों पर पक्षियों के लिए पानी तथा पशुओं के लिए छायादार स्थान एवं पेयजल की व्यवस्था अवश्य करें।

प्रशासन ने नागरिकों को आगाह किया है कि यदि किसी व्यक्ति को चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी, तेज बुखार, बेहोशी अथवा अत्यधिक प्यास जैसे लक्षण दिखाई दें तो तत्काल चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करें। किसी भी आपात स्थिति में एम्बुलेंस सेवा 108 एवं आपातकालीन सहायता हेतु 112 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।

जिलाधिकारी ने कहा कि “सतर्कता एवं सावधानी ही बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।” उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें, अनावश्यक रूप से धूप में निकलने से बचें तथा अपने आसपास जरूरतमंद लोगों की सहायता भी करें।
मंगलम गैस एजेंसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज,475 खाली गैस सिलेंडर कम मिले
*जांच में 1143 भरे घरेलू गैस सिलेंडर कम मिले गोंडा।जिला मुख्यालय पर संचालित हो रही भारत पेट्रोलियम की मंगलम गैस एजेंसी आवास विकास कालोनी के खिलाफ लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने जांच के आदेश दिए थे।जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला पूर्ति अधिकारी ने क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी शिव प्रकाश त्रिपाठी के नेतृत्व में जांच टीम का गठन किया था।इस जांच कमेटी ने बीते बृहस्पतिवार को मंगलम गैस एजेंसी और उसके गोदाम पर पहुँच कर एजेंसी के स्टाक का सत्यापन किया था।सत्यापन के दौरान पाया गया कि एजेंसी के पास 14.2 किलोग्राम के 475 खाली गैस सिलेंडर आनलाइन स्टाक से अधिक थे।वहीं 14.2 किलोग्राम के 1143 भरे हुए घरेलू गैस सिलेंडर आनलाइन स्टाक के मुकाबले कम पाए गये हैं।इसके अतिरिक्त 5 किलोग्राम के 38 व्यावसायिक खाली गैस सिलेंडर अधिक मिले,जबकि इसी श्रेणी के 50 भरे हुए व्यावसायिक गैस सिलेंडर कम पाए गए,तो वहीं 19 किलोग्राम के 114 खाली व्यावसायिक गैस सिलेंडर भी स्टाक में कम मिले।कमेटी द्वारा की जा रही जांच के दौरान मंगलम गैस एजेंसी के मालिक देवेंद्र प्रताप सिंह भी मौके पर मौजूद थे।टीम द्वारा जब उनसे गायब अथवा कम मिले गैस सिलेंडरों के संबंध में पूछताछ किया गया तो देवेंद्र प्रताप सिंह कोई ठोस जवाब अथवा किसी भी प्रकार का दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके।जांच कमेटी ने मौके पर मौजूद लगभग 10 से 15 उपभोक्ताओं के बयान दर्ज किए।उपभोक्ताओं ने बताया कि बुकिंग के बावजूद उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिलते थे,जबकि उनके मोबाइल नंबर पर डिलीवर मैसेज आ जाते थे,वहीं कुछ उपभोक्ताओं ने एजेंसी पर कालाबाजारी का आरोप भी लगाया।इन अनियमितताओं के सामने आने के बाद नगर क्षेत्र के पूर्ति निरीक्षक हरिवंश यादव ने एजेंसी मालिक देवेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ नगर कोतवाली में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।जिला पूर्ति अधिकारी दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।जिला पूर्ति अधिकारी ने मुकदमा दर्ज किए जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि एजेंसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया गया है और अन्य विभागीय कार्यवाही की जा रही है।
थाना समाधान दिवस में पहुंचे एएसपी, सुनीं फरियादें।

छोटे मामलों का मौके पर कराया निस्तारण, पुलिस कर्मियों को दिए निर्देश

बबलू प्रजापति
पिहानी। शनिवार को थाना पिहानी परिसर में आयोजित समाधान दिवस में एडिशनल एसपी मार्तंड प्रकाश सिंह ने पहुंचकर फरियादियों की शिकायतें सुनीं। इस दौरान राजस्व एवं पुलिस विभाग से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया।
समाधान दिवस में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने भूमि विवाद, रास्ता, आपसी कहासुनी एवं अन्य समस्याओं से संबंधित प्रार्थना पत्र दिए। एडिशनल एसपी ने छोटे एवं सामान्य मामलों का मौके पर ही निस्तारण कराया, जबकि गंभीर मामलों में संबंधित कर्मचारी को निष्पक्ष जांच कर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान शासन की प्राथमिकता है। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान पुलिस एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम को आपसी समन्वय बनाकर विवादित मामलों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
समाधान दिवस में थाना प्रभारी छोटेलाल, कानूनगो संजय मिश्रा लेखपाल आशीष बाजपेई  समेत राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
बाराबंकी में दर्दनाक हादसा: घर के बाहर सो रहे परिवार पर चढ़ा बेकाबू डंपर, पिता समेत 4 की मौत
बाराबंकी। जिले में शनिवार तड़के एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया। **फतेहपुर-भनौली मार्ग** पर स्थित **ग्राम झांसा** में घर के बाहर सो रहे परिवार को तेज रफ्तार डंपर ने कुचल दिया। हादसे में **पिता समेत तीन बच्चों की मौत** हो गई, जबकि महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।
जानकारी के अनुसार, भीषण गर्मी के चलते परिवार घर के बाहर सड़क किनारे **मच्छरदानी लगाकर सो रहा था**। शनिवार सुबह करीब **3 बजे** महमूदाबाद की ओर से आ रहा एक **अनियंत्रित डंपर** अचानक परिवार के ऊपर चढ़ गया। इस दर्दनाक हादसे में **नीरज चौहान (36)**, उनके बेटे **अनुराग (12)**, **आशू (8)** और बेटी **अंशिका (10)** की मौत हो गई। वहीं परिवार की महिला सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गई, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन रास्ते में दोनों बच्चों ने दम तोड़ दिया।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और **डंपर को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी**। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
10 दिन में तीसरी बार बढ़े पेट्रोल और डीजल के दाम, जानें अब कितनी हो गई नई कीमत

#petroldieselpriceshikedagain3rdtimein10_days

पेट्रोल-डीजल की कीमतें आज फिर बढ़ गईं। बीते नौ दिनों में यह तीसरी बढ़ोतरी है। सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार आज यानी 23 मई 2026, बुधवार को दिल्ली में पेट्रोल 87 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ। आज डीजल के कीमत में भी 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई।

दिल्ली में अब कितने का हुआ पेट्रोल-डीजल

दिल्ली में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी हुई है। पेट्रोल के दाम में 87 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद इसकी नई कीमत 99.51 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं, डीजल 91 पैसे महंगा होकर 92.49 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।

बीते 10 दिनों में तीसरी बढ़ोतरी

इस साल 15 मई, शुक्रवार को सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पहली बार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में प्रति लीटर तीन रुपये या इससे ज्यादा की बढ़ोतरी की थी। यह बढ़ोतरी करीब चार साल बाद हुई थी। उसके चार दिन बाद ही मंगलवार, 19 मई 2026 को भी पेट्रोल की कीमतों में (दिल्ली की कीमत) 87 पैसे जबकि डीजल की कीमतों में 91 पैसे की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद आज एक बार फिर से पेट्रोल को को 91 पैसे जबकि डीजल को 87 पैसे प्रति लीटर महंगा कर दिया गया है।कोलकाता में 94 पैसे की बढ़ोतरी के साथ कीमत 110.64 रुपये, मुंबई में 90 पैसे की बढ़ोतरी के साथ 108.49 रुपये और चेन्नई में 82 पैसे की बढ़ोतरी के साथ 103.31 रुपये पर पहुंच गई है।

कच्चे तेल की तीमतों में तेजी

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में आज मामूली तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड 0.96 फीसदी तेजी के साथ 103.5 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। इसी तरह डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 0.25 फीसदी तेजी के साथ 96.60 डॉलर प्रति बैरल पर है। इंडियन बास्केट क्रूड में भी तेजी आई है और यह 0.45 फीसदी तेजी के साथ 109.3 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है।

क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल और डीजल के दाम?

पिछले कुछ दिनों में वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी वजह से तेल कंपनियों ने खुदरा ईंधन कीमतों में फिर बढ़ोतरी की है। तेल कंपनियों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल बना हुआ है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है। इसका सीधा असर भारत जैसे देशों पर पड़ रहा है, जो बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करते हैं।

খেলা ইস্টবেঙ্গলের বিজয়োৎসব উদযাপন ঘিরে
নিজস্ব প্রতিনিধি: আই এস এল এ ইস্টবেঙ্গলের বিজয়কে ঘিরে শুক্রবার ইস্টবেঙ্গল মাঠে এক বর্ণাঢ্য অনুষ্ঠানের আয়োজন করা হয়েছিল। খেলোয়াড়, কোচ, ক্লাব কর্মকর্তা, সমর্থক সব একসাথে আনন্দে মিলে মিশে একাকার হয়েগিয়েছিল। ট্রফি হাতে ছবি তুলতে দেখা গেল কোচ অস্কার ব্রুজো সহ অন্যান্য খেলোয়াড়দের। এদিন বাম প্রার্থী দীপ্সিতা ধর কেও দেখা গেল সমর্থকদের ভিড়ে আনন্দে ভেসে যেতে। বি: সঞ্জয় হাজরা।
तिकोनिया पार्क में लगा “हमारा स्वाभिमानकुशभवनपुर” इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड
*स्वामी विवेकानंद के विचारों के साथ नगर को मिला नई पहचान का संदेश*

नगर के तिकोनिया पार्क में आज नगर पालिका परिषद अध्यक्ष प्रवीण कुमार अग्रवाल द्वारा “हमारा स्वाभिमान कुशभवनपुर” इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई, जहां भारत विकास परिषद के पदाधिकारियों एवं नगर के गणमान्य लोगों ने श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनके विचारों को याद किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीण कुमार अग्रवाल ने कहा कि जनपदवासियों की लंबे समय से मांग थी कि नगर में सांस्कृतिक पहचान और जनभावनाओं से जुड़े कार्य किए जाएं। इसी क्रम में आधुनिक तकनीक एवं आकर्षक प्रकाश व्यवस्था से युक्त “हमारा स्वाभिमान कुशभवनपुर” इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड स्थापित कराया गया है, जो नगरवासियों को अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करेगा।
उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं और नगर पालिका इस स्थल को प्रेरणा एवं सांस्कृतिक चेतना के केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रयास कर रही है।
कार्यक्रम में कुशभवनपुर नाम को लेकर भी चर्चा हुई। अध्यक्ष प्रवीण कुमार अग्रवाल ने कहा कि यह विषय जनभावनाओं से जुड़ा हुआ है और इस संबंध में शासन स्तर तक बात पहुंचाई गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में जनभावनाओं के अनुरूप सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
इस दौरान भारत विकास परिषद के पदाधिकारी, नगर पालिका प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में नगरवासी मौजूद रहे।
ऋ9षिकेश में आयोजित MFA-CC सम्मेलन में मिर्जापुर के समाजसेवी दम्पति विभूति कुमार मिश्र एवं नंदिनी मिश्रा ने रखे विचार
ऋषिकेश स्थित विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्र परमार्थ निकेतन में 21 मई 2026 को यूनिसेफ़ इंडिया एवं जीवा के संयुक्त तत्वावधान में “MFA-CC (Multi Faith Action Core Committee)” की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम पूज्य स्वामी चिदानन्द मुनि जी के सान्निध्य में सम्पन्न हुआ, जिसमें विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं, सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों एवं मीडिया प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

मिर्जापुर के प्रसिद्ध समाजसेवी, महिला प्रबोधिनी फाउंडेशन के संस्थापक एवं अखिल भारत रचनात्मक समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री विभूति कुमार मिश्र तथा महिला प्रबोधिनी फाउंडेशन की अध्यक्ष श्रीमती नंदिनी मिश्रा को विशेष वक्ता एवं प्रतिनिधि के रूप में आमंत्रित किया गया।

श्री विभूति कुमार मिश्र ने अपने वक्तव्य में विश्व शांति, अहिंसा एवं सामाजिक समरसता के लिए रचनात्मक कार्यों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि धर्म एवं समाज मिलकर सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। वहीं श्रीमती नंदिनी मिश्रा ने महिला सशक्तिकरण, बालिका शिक्षा, सुरक्षा एवं स्वरोजगार जैसे विषयों पर अपने विचार रखते हुए समाज में जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।

सम्मेलन में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, पोषण, महिला सशक्तिकरण, बच्चों की सुरक्षा, शांति एवं अहिंसा जैसे विषयों पर गहन चिंतन किया गया तथा एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार की गई।
कार्यक्रम को परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष पूज्य स्वामी श्री चिदानंद मुनि जी, साध्वी भगवती सरस्वती, जैन आचार्य श्री विवेक मुनि जी, बौद्ध लामा श्री येशी जी तथा अखिल भारतीय गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी दिल्ली के राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य श्री प्रगट सिंह सद्धू ने मार्गदर्शन प्रदान किया।

इस अवसर पर यूनिसेफ़ दिल्ली के प्रतिनिधि श्री शादिक जी, हरिजन सेव संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शंकर कुमार सान्याल जी, पूर्व राज्यसभा सांसद श्री नरेश यादव जी, पंजाब विश्वविद्यालय की प्रो. डॉ. कंचन मेहता जी, ग्लोबल पीस फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं पूर्व राजनयिक श्री मार्कण्डेय राय जी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन जीवा एवं MFA-CC की कॉर्डिनेटर सुश्री नन्दिनी द्वारा किया गया। सम्मेलन ने यह संदेश दिया कि सभी धर्म एवं सामाजिक संगठन मिलकर मानवता, शांति एवं सामाजिक कल्याण के लिए प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।
मशहूर ऐतिहासिक रौजा सदर उर्स मेला कल
*आस्था, उल्लास और तरबूज वाले इस मेले की है अलग पहचान*

*हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक मेला,*


बबलू प्रजापति
पिहानी के ऐतिहासिक स्थल रौजा सदर, जो अपनी पुरख़ेनी तारीख और आध्यात्मिक अहमियत के लिए जाना जाता है, इस रविवर उर्स का भव्य आयोजन करेगा। इसे तरबूज वाला मेला भी कहते हैं, जहां दूर-दराज से लोग दरगाह पर आते हैं और सदर जहां व बदल जहां पर चादरपोशी करते हैं। उर्स के इस मौके पर अकीदतमंद अपनी दुआओं और मन्नतों के साथ दरगाह की रौनक बढ़ाते हैं। शाम को चिराग जलाए जाते हैं, और हर तरफ रोशनी और भक्ति का माहौल होता है। मेले में स्वादिष्ट चाट, पकौड़ी, तरह-तरह के झूले और दुकानों का मज़हब भरपूर संगम देखने को मिलता है। यह केवल एक धार्मिक दरगाह नहीं, बल्कि मुगलकालीन इतिहास, सूफी संस्कृति, स्थापत्य कला और गंगा-जमुनी तहज़ीब की जीवित मिसाल माना जाता है।
इतिहासकारों के अनुसार, “सदर जहाँ” मुगल बादशाह हुमायूं के शासनकाल से जुड़े एक उच्च पदाधिकारी या सूबेदार बताए जाते हैं। माना जाता है कि जब शेरशाह सूरी और हुमायूं के बीच संघर्ष चल रहा था, उस समय हुमायूं ने अवध क्षेत्र के कई स्थानों में शरण ली थी। उसी दौर में पिहानी का क्षेत्र घने जंगलों और छोटी बस्तियों से घिरा था। कहा जाता है कि बाद में सदर जहाँ को यह इलाका जागीर के रूप में मिला और उन्होंने यहां प्रशासनिक तथा धार्मिक केंद्र स्थापित कराया।

स्थानीय जनश्रुतियों के मुताबिक, सदर जहाँ ने यहां एक विशाल रौजा, मस्जिद और खानकाह का निर्माण कराया। उस समय यह स्थान इस्लामी शिक्षा, सूफी परंपरा और सामाजिक मेलजोल का प्रमुख केंद्र बन गया था। दूर-दराज से फकीर, आलिम और अकीदतमंद यहां आते थे। धीरे-धीरे इस स्थल के आसपास आबादी बढ़ी और पिहानी कस्बे का विस्तार हुआ।
रौजा परिसर में बनी प्राचीन इमारतों में मुगलकालीन स्थापत्य कला की झलक आज भी दिखाई देती है। मेहराबदार दरवाजे, ऊंची दीवारें, पुरानी ईंटों की बनावट और गुंबद उस दौर की वास्तुकला को दर्शाते हैं। कई इतिहास प्रेमी इसे हरदोई जनपद की महत्वपूर्ण धरोहर मानते हैं।

यह भी कहा जाता है कि यहां स्थित “मस्जिद-ए-दमिश्क” का निर्माण मध्य एशियाई शैली से प्रेरित था। पुराने समय में यहां कुरान की तालीम, सूफी महफिलें और सामाजिक पंचायतें भी आयोजित होती थीं।
नगर में सीवर व जल लाइन कार्य में घोर लापरवाही: ठेकेदार और अधिकारियों की उदासीनता से नालियां हुईं बंद
जयसिंह:-बलरामपुर जनपद तीनो तहसील बलरामपुर,उतरौला, तुलसीपुर
नगर में इन दिनों जनहित के दावों के विपरीत सीवर और पेयजल पाइपलाइन बिछाने का काम आम जनता के लिए बड़ी मुसीबत बन चुका है। निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समय-सीमा की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ठेकेदार की मनमानी और संबंधित अधिकारियों की घोर उदासीनता के कारण शहर की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। हालत यह है कि समाधान के नाम पर शुरू की गई इस योजना ने पूरे नगर को समस्याओं के दलदल में धकेल दिया है।
लापरवाही की हद: नाली के भीतर ही छोड़ दिए सीवर पाइप**
ग्राउंड जीरो पर देखने को मिल रहा है कि कार्य करा रही निर्माण एजेंसी ने तकनीकी मानकों को पूरी तरह ताक पर रख दिया है। कई वार्डों और मोहल्लों में सीवर के कनेक्शन इस कदर लापरवाही से किए गए हैं कि निकासी की नालियां पूरी तरह चोक (बंद) हो चुकी हैं। हद तो तब हो गई जब कई जगहों पर सीवर के मुख्य पाइपों को नाली के बीच में ही खुला छोड़ दिया गया है। इससे नालियों का गंदा पानी सड़कों और लोगों के घरों के सामने जमा हो रहा है।
गुणवत्ता और समय-बद्धता का अकाल**
नियमों के मुताबिक किसी भी सार्वजनिक निर्माण कार्य को एक निश्चित समयावधि  के भीतर और तय मानकों के साथ पूरा करना होता है। लेकिन यहाँ स्थिति इसके ठीक उलट है:
* **घटिया सामग्री का प्रयोग:** स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पाइपलाइन डालने और सड़कों की मरम्मत में बेहद घटिया स्तर की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिससे आने वाले समय में सड़कों के धंसने का खतरा बढ़ गया है।
* **महीनों से अधूरे पड़े काम:** सड़कों को खोदकर महीनों तक खुला छोड़ दिया जाता है, जिससे आए दिन राहगीर और वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। तुलसीपुर वाल्मीकि मोहल्ले में तो सड़कों की हालत बेहाल हो गई है पैदल चलना भी दरदरा हो गया है
*आम जनजीवन अस्त-व्यस्त, बीमारियों का बढ़ा खतरा**
इस बदइंतजामी के कारण स्थानीय नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बंद पड़ी नालियों के कारण पूरे इलाके में बदबू फैली हुई है। मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ा है,जिससे मलेरिया,डेंगू और टाइफाइड जैसी गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय दुकानदारों का व्यापार भी इस बेतरतीब खुदाई और गंदगी के कारण ठप होने की कगार पर है।
> **क्या कहते हैं स्थानीय निवासी?**
> *"सीवर लाइन डालने के नाम पर हमारी गली की अच्छी-भली नाली को तोड़कर उसमें पाइप फंसा दिया गया है। अब गंदा पानी आगे नहीं जा पा रहा है। अधिकारियों से शिकायत करो तो वे ठेकेदार पर बात टाल देते हैं और ठेकेदार सुनता नहीं है।"*
> — **रमेश कुमार, स्थानीय निवासी**
>
*अधिकारियों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल**
जनता का सबसे बड़ा आक्रोश इस बात को लेकर है कि सब कुछ आँखों के सामने होने के बावजूद जिम्मेदार विभाग के आला अधिकारी मौन साधे हुए हैं। निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग (जांच) के लिए कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचता, जिससे ठेकेदार के हौसले बुलंद हैं।जनहित में त्वरित कार्रवाई की मांग*विजय प्रताप सोनी*
ने जिला प्रशासन और संबंधित उच्चाधिकारियों से मांग की है कि:
1. इस पूरे कार्य की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए।
2. नाली के भीतर छोड़े गए पाइपों को तुरंत हटाकर ड्रेनेज सिस्टम को बहाल किया जाए।
3. लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार के खिलाफ जुर्माना और ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाए।
यदि समय रहते इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं किया गया,तो स्थानीय संगठनों और नागरिकों ने उग्र आंदोलन और चक्का जाम करने की चेतावनी दी है।
भीषण गर्मी एवं लू को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट

*दोपहर 12 से 4 बजे तक अनावश्यक बाहर निकलने से बचें, जिलाधिकारी ने जारी की एडवायजरी; बच्चों, बुजुर्गों और पशु-पक्षियों के लिए पानी व छाया का करें पुख्ता इंतजाम— जिलाधिकारी*



नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद में लगातार बढ़ते तापमान एवं भीषण गर्मी को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं सक्रिय है। जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण शैलेष कुमार ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे लू (हीटवेव) से बचाव हेतु जारी दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करें तथा स्वयं के साथ परिवार, बच्चों, बुजुर्गों एवं पशु-पक्षियों की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखें।

मौसम विभाग द्वारा आगामी दिनों में भीषण लू एवं गर्म रातों की संभावना व्यक्त की गई है। इसे देखते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि जनपद में कहीं भी पेयजल की कमी न होने पाए। नगर निकायों, ग्राम पंचायतों एवं संबंधित अधिकारियों को सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, बस स्टैंडों तथा प्रमुख स्थानों पर पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही तालाबों, जलाशयों एवं पशुओं के लिए पानी की उपलब्धता बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया है।

जिलाधिकारी ने कहा कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अत्यधिक आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। धूप में निकलते समय सिर को गमछा, टोपी अथवा कपड़े से ढककर रखें तथा हल्के रंग के सूती एवं ढीले कपड़े पहनें। पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस, नींबू पानी, छाछ एवं अन्य तरल पदार्थों का सेवन करते रहें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।

उन्होंने बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं एवं बीमार व्यक्तियों की विशेष देखभाल करने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को बंद वाहन में न छोड़ें। साथ ही आमजन से अनुरोध किया गया कि वे अपने घरों, छतों एवं सार्वजनिक स्थानों पर पक्षियों के लिए पानी तथा पशुओं के लिए छायादार स्थान एवं पेयजल की व्यवस्था अवश्य करें।

प्रशासन ने नागरिकों को आगाह किया है कि यदि किसी व्यक्ति को चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी, तेज बुखार, बेहोशी अथवा अत्यधिक प्यास जैसे लक्षण दिखाई दें तो तत्काल चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करें। किसी भी आपात स्थिति में एम्बुलेंस सेवा 108 एवं आपातकालीन सहायता हेतु 112 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।

जिलाधिकारी ने कहा कि “सतर्कता एवं सावधानी ही बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।” उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें, अनावश्यक रूप से धूप में निकलने से बचें तथा अपने आसपास जरूरतमंद लोगों की सहायता भी करें।
मंगलम गैस एजेंसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज,475 खाली गैस सिलेंडर कम मिले
*जांच में 1143 भरे घरेलू गैस सिलेंडर कम मिले गोंडा।जिला मुख्यालय पर संचालित हो रही भारत पेट्रोलियम की मंगलम गैस एजेंसी आवास विकास कालोनी के खिलाफ लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने जांच के आदेश दिए थे।जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला पूर्ति अधिकारी ने क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी शिव प्रकाश त्रिपाठी के नेतृत्व में जांच टीम का गठन किया था।इस जांच कमेटी ने बीते बृहस्पतिवार को मंगलम गैस एजेंसी और उसके गोदाम पर पहुँच कर एजेंसी के स्टाक का सत्यापन किया था।सत्यापन के दौरान पाया गया कि एजेंसी के पास 14.2 किलोग्राम के 475 खाली गैस सिलेंडर आनलाइन स्टाक से अधिक थे।वहीं 14.2 किलोग्राम के 1143 भरे हुए घरेलू गैस सिलेंडर आनलाइन स्टाक के मुकाबले कम पाए गये हैं।इसके अतिरिक्त 5 किलोग्राम के 38 व्यावसायिक खाली गैस सिलेंडर अधिक मिले,जबकि इसी श्रेणी के 50 भरे हुए व्यावसायिक गैस सिलेंडर कम पाए गए,तो वहीं 19 किलोग्राम के 114 खाली व्यावसायिक गैस सिलेंडर भी स्टाक में कम मिले।कमेटी द्वारा की जा रही जांच के दौरान मंगलम गैस एजेंसी के मालिक देवेंद्र प्रताप सिंह भी मौके पर मौजूद थे।टीम द्वारा जब उनसे गायब अथवा कम मिले गैस सिलेंडरों के संबंध में पूछताछ किया गया तो देवेंद्र प्रताप सिंह कोई ठोस जवाब अथवा किसी भी प्रकार का दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके।जांच कमेटी ने मौके पर मौजूद लगभग 10 से 15 उपभोक्ताओं के बयान दर्ज किए।उपभोक्ताओं ने बताया कि बुकिंग के बावजूद उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिलते थे,जबकि उनके मोबाइल नंबर पर डिलीवर मैसेज आ जाते थे,वहीं कुछ उपभोक्ताओं ने एजेंसी पर कालाबाजारी का आरोप भी लगाया।इन अनियमितताओं के सामने आने के बाद नगर क्षेत्र के पूर्ति निरीक्षक हरिवंश यादव ने एजेंसी मालिक देवेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ नगर कोतवाली में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।जिला पूर्ति अधिकारी दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।जिला पूर्ति अधिकारी ने मुकदमा दर्ज किए जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि एजेंसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया गया है और अन्य विभागीय कार्यवाही की जा रही है।
थाना समाधान दिवस में पहुंचे एएसपी, सुनीं फरियादें।

छोटे मामलों का मौके पर कराया निस्तारण, पुलिस कर्मियों को दिए निर्देश

बबलू प्रजापति
पिहानी। शनिवार को थाना पिहानी परिसर में आयोजित समाधान दिवस में एडिशनल एसपी मार्तंड प्रकाश सिंह ने पहुंचकर फरियादियों की शिकायतें सुनीं। इस दौरान राजस्व एवं पुलिस विभाग से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया।
समाधान दिवस में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने भूमि विवाद, रास्ता, आपसी कहासुनी एवं अन्य समस्याओं से संबंधित प्रार्थना पत्र दिए। एडिशनल एसपी ने छोटे एवं सामान्य मामलों का मौके पर ही निस्तारण कराया, जबकि गंभीर मामलों में संबंधित कर्मचारी को निष्पक्ष जांच कर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान शासन की प्राथमिकता है। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान पुलिस एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम को आपसी समन्वय बनाकर विवादित मामलों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
समाधान दिवस में थाना प्रभारी छोटेलाल, कानूनगो संजय मिश्रा लेखपाल आशीष बाजपेई  समेत राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
बाराबंकी में दर्दनाक हादसा: घर के बाहर सो रहे परिवार पर चढ़ा बेकाबू डंपर, पिता समेत 4 की मौत
बाराबंकी। जिले में शनिवार तड़के एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया। **फतेहपुर-भनौली मार्ग** पर स्थित **ग्राम झांसा** में घर के बाहर सो रहे परिवार को तेज रफ्तार डंपर ने कुचल दिया। हादसे में **पिता समेत तीन बच्चों की मौत** हो गई, जबकि महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।
जानकारी के अनुसार, भीषण गर्मी के चलते परिवार घर के बाहर सड़क किनारे **मच्छरदानी लगाकर सो रहा था**। शनिवार सुबह करीब **3 बजे** महमूदाबाद की ओर से आ रहा एक **अनियंत्रित डंपर** अचानक परिवार के ऊपर चढ़ गया। इस दर्दनाक हादसे में **नीरज चौहान (36)**, उनके बेटे **अनुराग (12)**, **आशू (8)** और बेटी **अंशिका (10)** की मौत हो गई। वहीं परिवार की महिला सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गई, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन रास्ते में दोनों बच्चों ने दम तोड़ दिया।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और **डंपर को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी**। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
10 दिन में तीसरी बार बढ़े पेट्रोल और डीजल के दाम, जानें अब कितनी हो गई नई कीमत

#petroldieselpriceshikedagain3rdtimein10_days

पेट्रोल-डीजल की कीमतें आज फिर बढ़ गईं। बीते नौ दिनों में यह तीसरी बढ़ोतरी है। सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार आज यानी 23 मई 2026, बुधवार को दिल्ली में पेट्रोल 87 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ। आज डीजल के कीमत में भी 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई।

दिल्ली में अब कितने का हुआ पेट्रोल-डीजल

दिल्ली में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी हुई है। पेट्रोल के दाम में 87 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद इसकी नई कीमत 99.51 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं, डीजल 91 पैसे महंगा होकर 92.49 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।

बीते 10 दिनों में तीसरी बढ़ोतरी

इस साल 15 मई, शुक्रवार को सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पहली बार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में प्रति लीटर तीन रुपये या इससे ज्यादा की बढ़ोतरी की थी। यह बढ़ोतरी करीब चार साल बाद हुई थी। उसके चार दिन बाद ही मंगलवार, 19 मई 2026 को भी पेट्रोल की कीमतों में (दिल्ली की कीमत) 87 पैसे जबकि डीजल की कीमतों में 91 पैसे की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद आज एक बार फिर से पेट्रोल को को 91 पैसे जबकि डीजल को 87 पैसे प्रति लीटर महंगा कर दिया गया है।कोलकाता में 94 पैसे की बढ़ोतरी के साथ कीमत 110.64 रुपये, मुंबई में 90 पैसे की बढ़ोतरी के साथ 108.49 रुपये और चेन्नई में 82 पैसे की बढ़ोतरी के साथ 103.31 रुपये पर पहुंच गई है।

कच्चे तेल की तीमतों में तेजी

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में आज मामूली तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड 0.96 फीसदी तेजी के साथ 103.5 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। इसी तरह डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 0.25 फीसदी तेजी के साथ 96.60 डॉलर प्रति बैरल पर है। इंडियन बास्केट क्रूड में भी तेजी आई है और यह 0.45 फीसदी तेजी के साथ 109.3 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है।

क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल और डीजल के दाम?

पिछले कुछ दिनों में वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी वजह से तेल कंपनियों ने खुदरा ईंधन कीमतों में फिर बढ़ोतरी की है। तेल कंपनियों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल बना हुआ है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है। इसका सीधा असर भारत जैसे देशों पर पड़ रहा है, जो बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करते हैं।

খেলা ইস্টবেঙ্গলের বিজয়োৎসব উদযাপন ঘিরে
নিজস্ব প্রতিনিধি: আই এস এল এ ইস্টবেঙ্গলের বিজয়কে ঘিরে শুক্রবার ইস্টবেঙ্গল মাঠে এক বর্ণাঢ্য অনুষ্ঠানের আয়োজন করা হয়েছিল। খেলোয়াড়, কোচ, ক্লাব কর্মকর্তা, সমর্থক সব একসাথে আনন্দে মিলে মিশে একাকার হয়েগিয়েছিল। ট্রফি হাতে ছবি তুলতে দেখা গেল কোচ অস্কার ব্রুজো সহ অন্যান্য খেলোয়াড়দের। এদিন বাম প্রার্থী দীপ্সিতা ধর কেও দেখা গেল সমর্থকদের ভিড়ে আনন্দে ভেসে যেতে। বি: সঞ্জয় হাজরা।
तिकोनिया पार्क में लगा “हमारा स्वाभिमानकुशभवनपुर” इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड
*स्वामी विवेकानंद के विचारों के साथ नगर को मिला नई पहचान का संदेश*

नगर के तिकोनिया पार्क में आज नगर पालिका परिषद अध्यक्ष प्रवीण कुमार अग्रवाल द्वारा “हमारा स्वाभिमान कुशभवनपुर” इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई, जहां भारत विकास परिषद के पदाधिकारियों एवं नगर के गणमान्य लोगों ने श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनके विचारों को याद किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीण कुमार अग्रवाल ने कहा कि जनपदवासियों की लंबे समय से मांग थी कि नगर में सांस्कृतिक पहचान और जनभावनाओं से जुड़े कार्य किए जाएं। इसी क्रम में आधुनिक तकनीक एवं आकर्षक प्रकाश व्यवस्था से युक्त “हमारा स्वाभिमान कुशभवनपुर” इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड स्थापित कराया गया है, जो नगरवासियों को अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करेगा।
उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं और नगर पालिका इस स्थल को प्रेरणा एवं सांस्कृतिक चेतना के केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रयास कर रही है।
कार्यक्रम में कुशभवनपुर नाम को लेकर भी चर्चा हुई। अध्यक्ष प्रवीण कुमार अग्रवाल ने कहा कि यह विषय जनभावनाओं से जुड़ा हुआ है और इस संबंध में शासन स्तर तक बात पहुंचाई गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में जनभावनाओं के अनुरूप सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
इस दौरान भारत विकास परिषद के पदाधिकारी, नगर पालिका प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में नगरवासी मौजूद रहे।