वाराणसी के पूर्व संस्कृत प्रवक्ता आचार्य ओमप्रकाश दीक्षित का समरस फाउंडेशन ने किया सम्मान


मुंबई। मुंबई की यात्रा पर आए वाराणसी के पूर्व संस्कृत प्रवक्ता आचार्य ओमप्रकाश दीक्षित का आज महानगर की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था समरस फाउंडेशन द्वारा सम्मानित किया गया। बोरीवली पूर्व स्थित कार्यालय में संस्था के चेयरमैन डॉक्टर किशोर सिंह ने शॉल और पुष्प गुच्छ से उनका सम्मान किया। इस अवसर पर संस्था के महासचिव वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, उपाध्यक्ष सतीश मिश्रा, उपाध्यक्ष मानिकचंद यादव, उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद विश्वकर्मा, संगठन सचिव पूर्व प्रधानाचार्य सुरेंद्र  कुमार पांडे, दीपेश मिश्रा, पूरव गांधी, स्वामी रामलिंगम समेत अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

आचार्य दीक्षित ने संस्था का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डॉक्टर किशोर सिंह के नेतृत्व में संस्था द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों से समाज को प्रेरणा मिल रही है।
गंगा के सीमावर्ती 30 गांवों में 15 लाख से लगेंगे ट्रीटमेंट प्लांट
*राष्ट्रीय स्वच्छ भारत मिशन के सर्वे के बाद अब शुरू हुई कवायद*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में गंगा किनारे के गांवों का पानी ट्रीटमेंट प्लांट से होकर गंगा में गिराया जाएगा। नमामि गंगे योजना के तहत 30 गांव में ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। हर गांव में इस पर 45 से 50 हजार रुपये खर्च होंगे। योजना के तहत गांवों के नालों का पानी पहले गड्ढे सेे होकर दूसरे जालीदार गड्ढे में जाकर आगे बढ़ेगा। तीस गांवों में लगभग 15 लाख रुपये खर्च होंगे। गंगा जिले की 46 किलोमीटर दायरे से होकर गुजरी है। इस बीच 30 गांव आते हैं। गांव में ट्रीटमेंट प्लांट के इंतजाम नहीं होने से गांवों का गंदा पानी सीधे गंगा में गिराया जाता है। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की ओर से गंगा की स्वच्छता के लिए पिछले दिनों ड्रोन से सर्वे हुआ था। सर्वे में जिले के तीस गांवों का पानी गंगा में गिरता दिखा। इसका वीडियो और फोटो जिला पंचायत राज विभाग को उपलब्ध कराने के साथ इन नालों को बंद करने या ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का सुझाव दिया गया। इसके बाद विभाग ने सभी 30 गांवों का सर्वे कराया तो नाले सीधे गंगा में गिरते मिले। इसके लिए 30 गांव के प्रधानों संग बैठक करके विभागीय अधिकारियों ने ग्राम पंचायत निधि या अन्य निधि से गंदे पानी को गंगा में रोकने पर बल दिया। इसके लिए गंगा से कुछ दूर यानि गांव के अंतिम छाेर पर दो बड़े गड्ढे बनाए जाएंगे। इसमें एक में ठोस अपशिष्ट जमा होंगे तो उसका निकला पानी दूसरे गड्ढे में जाएगा। उससे पानी छनकर बाहर निकलेगा और गंगा में गिरेगा। निर्देश के क्रम में गंगा की शुद्धता के लिए इन गांवों में गड्ढा बनाने की कवायद शुरू हो गई है।

जिले के 30 गांवों में सर्वे के बाद यह बात सामने आई थी। इन गांवों में ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए ग्राम पंचायतों को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। ग्राम पंचायतें गंगा घाट से कुछ दूर पहले या गांव के अंतिम छोर पर ट्रीटमेंट प्लांट बनवाएगी। - संजय मिश्र, डीपीआरओ।
बोर्ड परीक्षा : 60 केंद्रों पर एसटीएफ रखेगी नजर
सर्विलांस पर रहेंगे वित्तविहीन स्कूल के प्रबंधकों के नंबर


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। पारदर्शी एवं सुचितापूर्ण बोर्ड परीक्षा कराने के लिए शासन गंभीर है। नकल माफियाओं पर नकेल कसने के लिए पहले की तरह इस बार भी एसटीएफ की नजर रहेगी। वित्तविहीन केंद्रों के प्रबंधकों के नंबर सर्विलांस पर रहेंगे। सभी परीक्षा केंद्र पर क्षेत्रीय पुलिस बाहरी लोगों का प्रवेश रोकने के लिए मौजूद रहेगी। माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा 18 फरवरी से शुरू होगी। इसके पहले प्रायोगिक परीक्षाएं करानी है।

बोर्ड परीक्षा में किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए सारी व्यवस्थाएं ठीक कराई जा रही हैं। कक्ष निरीक्षकों की तैनाती से लेकर मजिस्ट्रेट भी तैनात होंगे। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा, वायस रिकॉर्डर को सही कराया जा रहा है, लेकिन इसके बाद भी कुछ केंद्रों पर संदिग्ध गतिविधियां की जाती हैं।
डीघ, सुरियावां के अभियां, चौरी, औराई आदि क्षेत्र के कुछ विद्यालयों में पूर्व की परीक्षाओं में गड़बड़ी हो चुकी है। पहले के वर्षों की तरह इस बार भी परीक्षा पर एसटीएफ की नजर रहेगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि परीक्षा के लिए शासन गंभीर है। 60 परीक्षा केंद्र एसटीएफ की नजर में रहेंगे। उन्होंने बताया कि विशेषकर वित्तविहीन विद्यालय बने केंद्रों पर विशेष सतर्कता रहेगी। बताते चलें कि बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में 94 केंद्र बनाए गए हैं। इसमें हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 54 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे।
उत्तर पुस्तिकाओं के साथ जाएंगे पुलिसकर्मी
जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि जिन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी परीक्षा केंद्रों पर लगाई जाएगी। वह परीक्षा के समय केंद्र पर ही रहेंगे, जो पुलिसकर्मी परीक्षा केंद्र पर तैनात होंगे। उनमें से ही एक पुलिसकर्मी उत्तर पुस्तिकाओं को संकलन केंद्र तक पहुंचाने के लिए विद्यालय के
रोडवेज ने सिकंदपुर गेट के निकट पिकअप में टक्कर मार दी
(विपिन राठौर)मीरापुरःमुज़फ्फरनगर मंगलवार की देर शाम बिजनौर से आ रही एक रोडवेज ने सिकंदपुर गेट के निकट पिकअप में टक्कर मार दी, इससे पिकअप चालक घायल हो गया।

संभलहेडा पुलिस चौकी इंचार्ज एसआई महेंद्र सिंह ने बताया कि बिजनौर कोतवाली के दौलताबाद निवासी चालक संदीप पुत्र प्रमोद कुमार मंगलवार की शाम पिकअप लेकर बिजनौर जा रहा था, आरोप है कि जब यह मेरठ-पौडी राजमार्ग पर सिकंदरपुर गेट के निकट पहंुचा तभी सामने से आ रही एक रोडवेज बस के चालक ने सीधी टक्कर मार दी। जिससे संदीप गंभीर घायल हो गया। पुलिस ने घायल को उपचार के लिए जानसठ सीएचसी भिजवाया तथा क्षतिग्रस्त वाहन हटवाकर यातायात सुचारू कराया।
बारामती विमान हादसा: उप मुख्यमंत्री अजित पवार समेत 5 की मौत, जौनपुर की पिंकी माली भी शामिल
पिंकी पिछले आठ साल से एयर होस्टेस की नौकरी कर रही थीं

पिंकी माली की शादी बस्ती जिले के सोविकर सैनी के साथ नवंबर 2021 में हुई थी

लखनऊ । पुणे जिले के बारामती में मंगलवार को हुए विमान हादसे में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार की मौत हो गई। इस दुर्घटना में विमान में सवार कुल पांच लोग भी जान से हाथ धो बैठे। हादसा तब हुआ जब एनसीपी नेता अजित पवार और अन्य यात्रियों को ले जा रहा विमान बारामती के रनवे के पास क्रैश लैंड हो गया।

हादसे में जान गंवाने वालों में उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले की रहने वाली एयर होस्टेस पिंकी माली भी शामिल थीं। पिंकी, जिन्हें उनके गांव में मिलनसार और सहयोगी स्वभाव के लिए जाना जाता था, पिछले आठ सालों से एयर होस्टेस के रूप में काम कर रही थीं और विभिन्न छोटे और निजी विमानों में सेवाएं देती रहीं।

पिंकी माली की शादी नवंबर 2021 में बस्ती जिले के सोविकर सैनी से हुई थी। उनके परिवार के अनुसार, पिंकी के दो बहनें और एक भाई हैं। परिवार का अधिकांश हिस्सा मुंबई में रहता है। पिंकी की मौत की खबर मिलते ही उनके गांव में शोक की लहर दौड़ गई।पिंकी के पिता शिवकुमार माली भी राजनीति से जुड़े हुए हैं और मुंबई में टैक्सी चलाते हैं। परिवार ने हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और एयरलाइन अधिकारियों से संपर्क किया।
इस घटना ने न सिर्फ राजनीति के गलियारे बल्कि एयर ट्रैवल समुदाय में भी सदमे का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की विस्तृत जांच जारी है और विमान में तकनीकी खामी या अन्य कारणों का पता लगाया जा रहा है।
आजमगढ़: निजामाबाद में न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता, तहसील प्रशासन पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप

आज़मगढ । निजामाबाद में अधिवक्ताओं ने नारेबाजी की तथा तहसील प्रशासन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। निजामाबाद तहसील में बुधवार को दी बार एसोसिएशन निजामाबाद के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में नारेबाजी करते हुए अधिवक्ता भवन में बैठक किया है और तहसील में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। बैठक कर सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया है। कि जब तक उपजिलाधिकारी निजामाबाद चंद्र प्रकाश सिंह और नायब तहसीलदार का स्थानांतरण नहीं हों जाता तब तक सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्य का विरत रहेंगे। इसकी जानकारी जिला बार एसोसिएशन को भी दी गयी। बृहस्पतिवार को सुबह बार एसोसिएशन निजामाबाद के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह के साथ नव सदस्यीय अधिवक्ताओं कि टीम जिला अधिकारी आजमगढ़ से मुलाकात उक्त प्रकरण कि जानकारी दी जायेगी।उपजिलाधिकारी निजामाबाद चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि नायब तहसीलदार के खिलाफ अधिवक्ता लामबंद होकर उनके कोर्ट कर रहे थे। उसी बात को लेकर आज वार्ता कर रहे थे। इसी बीच कुछ उत्साहित अधिवक्ता आकर नारेबाजी करने लगे हैं। और वार्तालाप का वहिष्कार कर चले गए हैं। इस अवसर पर दी बार एसोसिएशन निजामाबाद मंत्री कमलेश यादव, पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष रामाश्रय चतुर्वेदी, पूर्व अध्यक्ष खालीकुज्जमा अंसारी, पूर्व मंत्री चंद्रेश कुमार, देवेंद्र राय उर्फ दीपू,अनिल कुमार, महेन्द्र पांडेय, इशरत हुसैन, सचिन पाण्डेय, मोहनलाल, लालमन यादव, जयहिंद यादव ,विनोद यादव आदि अधिवक्ता उपस्थित रहे।
हजारीबाग में नगरपालिका (आम) चुनाव 2026 की घोषणा, 23 February को मतदान, 27 February को मतगणना

हजारीबाग। समाहरणालय सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका) सह उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह (IAS) ने नगरपालिका (आम) चुनाव 2026 को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 27.01.2026 को नगरपालिका चुनाव की घोषणा की गई है तथा 28.01.2026 को पूर्वाह्न 11 बजे प्रपत्र-5 में निर्वाचन की सूचना का प्रकाशन किया गया। नाम निर्देशन की प्रक्रिया 29.01.2026 से 04.02.2026 तक (अवकाश को छोड़कर) पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न 3 बजे तक होगी, नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा 05.02.2026, नाम वापसी की अंतिम तिथि 06.02.2026 और निर्वाचन प्रतीक आवंटन 07.02.2026 को किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर मतदान 23.02.2026 को पूर्वाह्न 7 बजे से अपराह्न 5 बजे तक कराया जाएगा, जबकि मतगणना 27.02.2026 को पूर्वाह्न 8 बजे से होगी। हजारीबाग नगर निगम में कुल 36 वार्ड हैं, कुल मतदाता 177437 (पुरुष 90042, महिला 87394, तृतीय लिंग 01) हैं तथा कुल मतदान केंद्र 160 (158 + 2 सहायक) और कुल भवन 77 हैं। महापौर पद के लिए 01 और वार्ड पार्षद के लिए 06 निर्वाची पदाधिकारी नियुक्त किए गए हैं। आरक्षण व्यवस्था के तहत महापौर पद अत्यंत पिछड़ा वर्ग–I के लिए आरक्षित है, जबकि 36 वार्ड पार्षद पदों में अत्यंत पिछड़ा वर्ग–I के 10 (05 महिला), पिछड़ा वर्ग–II के 03 (01 महिला), अनुसूचित जाति के 04 (02 महिला), अनुसूचित जनजाति का 01 तथा सामान्य वर्ग के 18 (09 महिला) पद शामिल हैं, इस प्रकार कुल 17 वार्ड पार्षद पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। नाम निर्देशन पत्र अधिकतम 2 सेट में दाखिल किए जा सकेंगे, आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को जाति प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा तथा नया बैंक खाता खोलकर विवरण संलग्न करना होगा। नाम निर्देशन शुल्क महापौर के लिए ₹5000 और वार्ड पार्षद के लिए ₹1000 निर्धारित है, जबकि अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग–I, II एवं महिला अभ्यर्थियों के लिए आधा शुल्क लागू होगा। निर्वाचन व्यय की अधिकतम सीमा महापौर के लिए ₹15 लाख और वार्ड पार्षद के लिए ₹3 लाख तय की गई है। चुनाव के सफल संचालन हेतु 14 कोषांग गठित किए गए हैं, वहीं जन शिकायत कोषांग का हेल्पलाइन नंबर 06546-291843 और कंट्रोल रूम नंबर 06546-291842 जारी किया गया है।

तुलसीपुर ब्लॉक के ग्राम पुरेछीटन में सामुदायिक शौचालय बंद,संचालन के नाम पर हर माह खर्च हो रहे ₹9 हजार  
                            
                                    
बलरामपुर।विकास खंड तुलसीपुर के ग्राम पंचायत पुरेछीटन में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत निर्मित सामुदायिक शौचालय लंबे समय से बंद पड़ा है,जबकि इसके संचालन एवं रखरखाव के नाम पर प्रत्येक माह लगभग नौ हजार रुपये की धनराशि नियमित रूप से निकाली जा रही है। यह स्थिति सरकारी धन के दुरुपयोग और जिम्मेदारों की उदासीनता को उजागर करती है।
ग्रामीणों के अनुसार सामुदायिक शौचालय प्रायः ताले में बंद रहता है,जिससे स्थानीय लोगों,विशेषकर महिलाओं,बुजुर्गों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। शौचालय बंद होने के कारण ग्रामीणों को खुले में शौच के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जो स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों के पूर्णतः विपरीत है।
चौंकाने वाली बात यह है कि शौचालय के उपयोग में न होने के बावजूद सफाईकर्मी मानदेय,देखरेख एवं अन्य मदों में हर माह ₹9,000 का भुगतान कागजों में दर्शाया जा रहा है। इससे यह संदेह गहराता जा रहा है कि बिना वास्तविक संचालन के ही धनराशि का आहरण किया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में कई बार ग्राम पंचायत स्तर पर शिकायत की गई,लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। न तो शौचालय को नियमित रूप से खोला गया और न ही जिम्मेदारों पर कोई जवाबदेही तय की गई।
इस पूरे मामले ने ग्राम पंचायत,संबंधित सचिव और विकास खंड अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए,दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई हो तथा सामुदायिक शौचालय को तत्काल चालू कर ग्रामीणों को सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और सरकारी धन के दुरुपयोग पर कब तक अंकुश लगाया जाता है।
सवर्ण आर्मी ने भरी हुंकार, यूजीसी को नहीं करेंगे स्वीकार, सैकड़ो आर्मी कार्यकर्ताओ ने कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन
फर्रुखाबाद। सवर्ण आर्मी के सैकड़ो कार्यकर्ताओं में बुधवार को कलेक्ट पहुंचकर यूजीसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया बाद में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को दिया है जिसमें कहा है कि सामान्य वर्ग के करोडी छात्रों एवं नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन ही नहीं बल्कि असमानता का वातावरण उत्पन्न हो रहा है l सवर्ण आर्मी के संयोजक अमित प्रताप सिंह ने कहा कि जब तक इस अधिसूचना को वापस नहीं दिया जाता है सवर्ण आर्मी लोकतांत्रिक संवैधानिक एवं विधिक तरीकों से इसका विरोध करती रहेगी और अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए आंदोलन भी कर सकती है। उन्होंने कहा कि सवर्ण वर्ग देश के विकास प्रशासन शिक्षा उद्योग एवं राजस्व सृजन में समान वर्ग का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है इसके बावजूद भी इस प्रकार की अधिक सूचनाओं के माध्यम से सामान्य भारती अधिकारों एवं संवैधानिक संरक्षण का हनन किया जा रहा है समाज में व्यापक संतोष एवं नाराजगी उत्पन्न हो गई है उन्होंने कहा कि यदि इसको तत्काल वापस नहीं दिया गया तो इसका विरोध किया जाएगा।
तलाक की अटकलों पर विराम: प्रतीक यादव ने अपर्णा के साथ साझा की तस्वीर, कहा—‘ऑल इज गुड’

लखनऊ । सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के पुत्र प्रतीक यादव ने हालिया विवादों के बीच पत्नी अपर्णा यादव के साथ एक नई तस्वीर साझा कर अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की है। सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई इस तस्वीर के साथ प्रतीक ने लिखा, “All is good”, जिससे यह संकेत मिला कि दोनों के रिश्ते में सबकुछ सामान्य है। बीते कुछ दिनों से प्रतीक और अपर्णा के वैवाहिक संबंधों को लेकर चर्चाएं तेज थीं। इससे पहले प्रतीक यादव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में अपर्णा पर गंभीर आरोप लगाए थे और तलाक की बात कही थी। हालांकि अब उनके ताज़ा संदेश ने यह साफ कर दिया है कि दोनों ने आपसी मतभेद सुलझा लिए हैं। इंस्टाग्राम पर साझा पोस्ट में प्रतीक ने लिखा कि असली चैंपियन वही होते हैं जो निजी और पेशेवर चुनौतियों से बाहर निकलना जानते हैं। उन्होंने अपने परिवार को “चैंपियन फैमिली” बताते हुए सकारात्मक संदेश दिया। इस पूरे मामले पर अपर्णा यादव के भाई अमन बिस्ट ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि दंपती के बीच किसी तरह का गंभीर विवाद नहीं था और रिश्ते में दरार डालने की कोशिशें जानबूझकर की गई थीं, जो सफल नहीं हो सकीं। 2011 में हुआ था विवाह प्रतीक यादव और अपर्णा यादव की शादी वर्ष 2011 में हुई थी। इससे पहले दोनों करीब आठ साल तक एक-दूसरे को जानते थे। यह विवाह उस समय काफी चर्चा में रहा था, जिसमें देश की राजनीति और फिल्म जगत की कई नामचीन हस्तियां शामिल हुई थीं। अपर्णा यादव ने ब्रिटेन की मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल पॉलिटिक्स में मास्टर डिग्री हासिल की है, जबकि प्रतीक यादव ने लीड्स यूनिवर्सिटी से मैनेजमेंट की पढ़ाई की है। दोनों की एक बेटी प्रथमा है। प्रतीक यादव, मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के पुत्र हैं।
वाराणसी के पूर्व संस्कृत प्रवक्ता आचार्य ओमप्रकाश दीक्षित का समरस फाउंडेशन ने किया सम्मान


मुंबई। मुंबई की यात्रा पर आए वाराणसी के पूर्व संस्कृत प्रवक्ता आचार्य ओमप्रकाश दीक्षित का आज महानगर की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था समरस फाउंडेशन द्वारा सम्मानित किया गया। बोरीवली पूर्व स्थित कार्यालय में संस्था के चेयरमैन डॉक्टर किशोर सिंह ने शॉल और पुष्प गुच्छ से उनका सम्मान किया। इस अवसर पर संस्था के महासचिव वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, उपाध्यक्ष सतीश मिश्रा, उपाध्यक्ष मानिकचंद यादव, उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद विश्वकर्मा, संगठन सचिव पूर्व प्रधानाचार्य सुरेंद्र  कुमार पांडे, दीपेश मिश्रा, पूरव गांधी, स्वामी रामलिंगम समेत अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

आचार्य दीक्षित ने संस्था का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डॉक्टर किशोर सिंह के नेतृत्व में संस्था द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों से समाज को प्रेरणा मिल रही है।
गंगा के सीमावर्ती 30 गांवों में 15 लाख से लगेंगे ट्रीटमेंट प्लांट
*राष्ट्रीय स्वच्छ भारत मिशन के सर्वे के बाद अब शुरू हुई कवायद*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में गंगा किनारे के गांवों का पानी ट्रीटमेंट प्लांट से होकर गंगा में गिराया जाएगा। नमामि गंगे योजना के तहत 30 गांव में ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। हर गांव में इस पर 45 से 50 हजार रुपये खर्च होंगे। योजना के तहत गांवों के नालों का पानी पहले गड्ढे सेे होकर दूसरे जालीदार गड्ढे में जाकर आगे बढ़ेगा। तीस गांवों में लगभग 15 लाख रुपये खर्च होंगे। गंगा जिले की 46 किलोमीटर दायरे से होकर गुजरी है। इस बीच 30 गांव आते हैं। गांव में ट्रीटमेंट प्लांट के इंतजाम नहीं होने से गांवों का गंदा पानी सीधे गंगा में गिराया जाता है। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की ओर से गंगा की स्वच्छता के लिए पिछले दिनों ड्रोन से सर्वे हुआ था। सर्वे में जिले के तीस गांवों का पानी गंगा में गिरता दिखा। इसका वीडियो और फोटो जिला पंचायत राज विभाग को उपलब्ध कराने के साथ इन नालों को बंद करने या ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का सुझाव दिया गया। इसके बाद विभाग ने सभी 30 गांवों का सर्वे कराया तो नाले सीधे गंगा में गिरते मिले। इसके लिए 30 गांव के प्रधानों संग बैठक करके विभागीय अधिकारियों ने ग्राम पंचायत निधि या अन्य निधि से गंदे पानी को गंगा में रोकने पर बल दिया। इसके लिए गंगा से कुछ दूर यानि गांव के अंतिम छाेर पर दो बड़े गड्ढे बनाए जाएंगे। इसमें एक में ठोस अपशिष्ट जमा होंगे तो उसका निकला पानी दूसरे गड्ढे में जाएगा। उससे पानी छनकर बाहर निकलेगा और गंगा में गिरेगा। निर्देश के क्रम में गंगा की शुद्धता के लिए इन गांवों में गड्ढा बनाने की कवायद शुरू हो गई है।

जिले के 30 गांवों में सर्वे के बाद यह बात सामने आई थी। इन गांवों में ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए ग्राम पंचायतों को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। ग्राम पंचायतें गंगा घाट से कुछ दूर पहले या गांव के अंतिम छोर पर ट्रीटमेंट प्लांट बनवाएगी। - संजय मिश्र, डीपीआरओ।
बोर्ड परीक्षा : 60 केंद्रों पर एसटीएफ रखेगी नजर
सर्विलांस पर रहेंगे वित्तविहीन स्कूल के प्रबंधकों के नंबर


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। पारदर्शी एवं सुचितापूर्ण बोर्ड परीक्षा कराने के लिए शासन गंभीर है। नकल माफियाओं पर नकेल कसने के लिए पहले की तरह इस बार भी एसटीएफ की नजर रहेगी। वित्तविहीन केंद्रों के प्रबंधकों के नंबर सर्विलांस पर रहेंगे। सभी परीक्षा केंद्र पर क्षेत्रीय पुलिस बाहरी लोगों का प्रवेश रोकने के लिए मौजूद रहेगी। माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा 18 फरवरी से शुरू होगी। इसके पहले प्रायोगिक परीक्षाएं करानी है।

बोर्ड परीक्षा में किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए सारी व्यवस्थाएं ठीक कराई जा रही हैं। कक्ष निरीक्षकों की तैनाती से लेकर मजिस्ट्रेट भी तैनात होंगे। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा, वायस रिकॉर्डर को सही कराया जा रहा है, लेकिन इसके बाद भी कुछ केंद्रों पर संदिग्ध गतिविधियां की जाती हैं।
डीघ, सुरियावां के अभियां, चौरी, औराई आदि क्षेत्र के कुछ विद्यालयों में पूर्व की परीक्षाओं में गड़बड़ी हो चुकी है। पहले के वर्षों की तरह इस बार भी परीक्षा पर एसटीएफ की नजर रहेगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि परीक्षा के लिए शासन गंभीर है। 60 परीक्षा केंद्र एसटीएफ की नजर में रहेंगे। उन्होंने बताया कि विशेषकर वित्तविहीन विद्यालय बने केंद्रों पर विशेष सतर्कता रहेगी। बताते चलें कि बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में 94 केंद्र बनाए गए हैं। इसमें हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 54 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे।
उत्तर पुस्तिकाओं के साथ जाएंगे पुलिसकर्मी
जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि जिन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी परीक्षा केंद्रों पर लगाई जाएगी। वह परीक्षा के समय केंद्र पर ही रहेंगे, जो पुलिसकर्मी परीक्षा केंद्र पर तैनात होंगे। उनमें से ही एक पुलिसकर्मी उत्तर पुस्तिकाओं को संकलन केंद्र तक पहुंचाने के लिए विद्यालय के
रोडवेज ने सिकंदपुर गेट के निकट पिकअप में टक्कर मार दी
(विपिन राठौर)मीरापुरःमुज़फ्फरनगर मंगलवार की देर शाम बिजनौर से आ रही एक रोडवेज ने सिकंदपुर गेट के निकट पिकअप में टक्कर मार दी, इससे पिकअप चालक घायल हो गया।

संभलहेडा पुलिस चौकी इंचार्ज एसआई महेंद्र सिंह ने बताया कि बिजनौर कोतवाली के दौलताबाद निवासी चालक संदीप पुत्र प्रमोद कुमार मंगलवार की शाम पिकअप लेकर बिजनौर जा रहा था, आरोप है कि जब यह मेरठ-पौडी राजमार्ग पर सिकंदरपुर गेट के निकट पहंुचा तभी सामने से आ रही एक रोडवेज बस के चालक ने सीधी टक्कर मार दी। जिससे संदीप गंभीर घायल हो गया। पुलिस ने घायल को उपचार के लिए जानसठ सीएचसी भिजवाया तथा क्षतिग्रस्त वाहन हटवाकर यातायात सुचारू कराया।
बारामती विमान हादसा: उप मुख्यमंत्री अजित पवार समेत 5 की मौत, जौनपुर की पिंकी माली भी शामिल
पिंकी पिछले आठ साल से एयर होस्टेस की नौकरी कर रही थीं

पिंकी माली की शादी बस्ती जिले के सोविकर सैनी के साथ नवंबर 2021 में हुई थी

लखनऊ । पुणे जिले के बारामती में मंगलवार को हुए विमान हादसे में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार की मौत हो गई। इस दुर्घटना में विमान में सवार कुल पांच लोग भी जान से हाथ धो बैठे। हादसा तब हुआ जब एनसीपी नेता अजित पवार और अन्य यात्रियों को ले जा रहा विमान बारामती के रनवे के पास क्रैश लैंड हो गया।

हादसे में जान गंवाने वालों में उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले की रहने वाली एयर होस्टेस पिंकी माली भी शामिल थीं। पिंकी, जिन्हें उनके गांव में मिलनसार और सहयोगी स्वभाव के लिए जाना जाता था, पिछले आठ सालों से एयर होस्टेस के रूप में काम कर रही थीं और विभिन्न छोटे और निजी विमानों में सेवाएं देती रहीं।

पिंकी माली की शादी नवंबर 2021 में बस्ती जिले के सोविकर सैनी से हुई थी। उनके परिवार के अनुसार, पिंकी के दो बहनें और एक भाई हैं। परिवार का अधिकांश हिस्सा मुंबई में रहता है। पिंकी की मौत की खबर मिलते ही उनके गांव में शोक की लहर दौड़ गई।पिंकी के पिता शिवकुमार माली भी राजनीति से जुड़े हुए हैं और मुंबई में टैक्सी चलाते हैं। परिवार ने हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और एयरलाइन अधिकारियों से संपर्क किया।
इस घटना ने न सिर्फ राजनीति के गलियारे बल्कि एयर ट्रैवल समुदाय में भी सदमे का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की विस्तृत जांच जारी है और विमान में तकनीकी खामी या अन्य कारणों का पता लगाया जा रहा है।
आजमगढ़: निजामाबाद में न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता, तहसील प्रशासन पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप

आज़मगढ । निजामाबाद में अधिवक्ताओं ने नारेबाजी की तथा तहसील प्रशासन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। निजामाबाद तहसील में बुधवार को दी बार एसोसिएशन निजामाबाद के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में नारेबाजी करते हुए अधिवक्ता भवन में बैठक किया है और तहसील में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। बैठक कर सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया है। कि जब तक उपजिलाधिकारी निजामाबाद चंद्र प्रकाश सिंह और नायब तहसीलदार का स्थानांतरण नहीं हों जाता तब तक सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्य का विरत रहेंगे। इसकी जानकारी जिला बार एसोसिएशन को भी दी गयी। बृहस्पतिवार को सुबह बार एसोसिएशन निजामाबाद के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह के साथ नव सदस्यीय अधिवक्ताओं कि टीम जिला अधिकारी आजमगढ़ से मुलाकात उक्त प्रकरण कि जानकारी दी जायेगी।उपजिलाधिकारी निजामाबाद चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि नायब तहसीलदार के खिलाफ अधिवक्ता लामबंद होकर उनके कोर्ट कर रहे थे। उसी बात को लेकर आज वार्ता कर रहे थे। इसी बीच कुछ उत्साहित अधिवक्ता आकर नारेबाजी करने लगे हैं। और वार्तालाप का वहिष्कार कर चले गए हैं। इस अवसर पर दी बार एसोसिएशन निजामाबाद मंत्री कमलेश यादव, पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष रामाश्रय चतुर्वेदी, पूर्व अध्यक्ष खालीकुज्जमा अंसारी, पूर्व मंत्री चंद्रेश कुमार, देवेंद्र राय उर्फ दीपू,अनिल कुमार, महेन्द्र पांडेय, इशरत हुसैन, सचिन पाण्डेय, मोहनलाल, लालमन यादव, जयहिंद यादव ,विनोद यादव आदि अधिवक्ता उपस्थित रहे।
हजारीबाग में नगरपालिका (आम) चुनाव 2026 की घोषणा, 23 February को मतदान, 27 February को मतगणना

हजारीबाग। समाहरणालय सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका) सह उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह (IAS) ने नगरपालिका (आम) चुनाव 2026 को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 27.01.2026 को नगरपालिका चुनाव की घोषणा की गई है तथा 28.01.2026 को पूर्वाह्न 11 बजे प्रपत्र-5 में निर्वाचन की सूचना का प्रकाशन किया गया। नाम निर्देशन की प्रक्रिया 29.01.2026 से 04.02.2026 तक (अवकाश को छोड़कर) पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न 3 बजे तक होगी, नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा 05.02.2026, नाम वापसी की अंतिम तिथि 06.02.2026 और निर्वाचन प्रतीक आवंटन 07.02.2026 को किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर मतदान 23.02.2026 को पूर्वाह्न 7 बजे से अपराह्न 5 बजे तक कराया जाएगा, जबकि मतगणना 27.02.2026 को पूर्वाह्न 8 बजे से होगी। हजारीबाग नगर निगम में कुल 36 वार्ड हैं, कुल मतदाता 177437 (पुरुष 90042, महिला 87394, तृतीय लिंग 01) हैं तथा कुल मतदान केंद्र 160 (158 + 2 सहायक) और कुल भवन 77 हैं। महापौर पद के लिए 01 और वार्ड पार्षद के लिए 06 निर्वाची पदाधिकारी नियुक्त किए गए हैं। आरक्षण व्यवस्था के तहत महापौर पद अत्यंत पिछड़ा वर्ग–I के लिए आरक्षित है, जबकि 36 वार्ड पार्षद पदों में अत्यंत पिछड़ा वर्ग–I के 10 (05 महिला), पिछड़ा वर्ग–II के 03 (01 महिला), अनुसूचित जाति के 04 (02 महिला), अनुसूचित जनजाति का 01 तथा सामान्य वर्ग के 18 (09 महिला) पद शामिल हैं, इस प्रकार कुल 17 वार्ड पार्षद पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। नाम निर्देशन पत्र अधिकतम 2 सेट में दाखिल किए जा सकेंगे, आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को जाति प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा तथा नया बैंक खाता खोलकर विवरण संलग्न करना होगा। नाम निर्देशन शुल्क महापौर के लिए ₹5000 और वार्ड पार्षद के लिए ₹1000 निर्धारित है, जबकि अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग–I, II एवं महिला अभ्यर्थियों के लिए आधा शुल्क लागू होगा। निर्वाचन व्यय की अधिकतम सीमा महापौर के लिए ₹15 लाख और वार्ड पार्षद के लिए ₹3 लाख तय की गई है। चुनाव के सफल संचालन हेतु 14 कोषांग गठित किए गए हैं, वहीं जन शिकायत कोषांग का हेल्पलाइन नंबर 06546-291843 और कंट्रोल रूम नंबर 06546-291842 जारी किया गया है।

तुलसीपुर ब्लॉक के ग्राम पुरेछीटन में सामुदायिक शौचालय बंद,संचालन के नाम पर हर माह खर्च हो रहे ₹9 हजार  
                            
                                    
बलरामपुर।विकास खंड तुलसीपुर के ग्राम पंचायत पुरेछीटन में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत निर्मित सामुदायिक शौचालय लंबे समय से बंद पड़ा है,जबकि इसके संचालन एवं रखरखाव के नाम पर प्रत्येक माह लगभग नौ हजार रुपये की धनराशि नियमित रूप से निकाली जा रही है। यह स्थिति सरकारी धन के दुरुपयोग और जिम्मेदारों की उदासीनता को उजागर करती है।
ग्रामीणों के अनुसार सामुदायिक शौचालय प्रायः ताले में बंद रहता है,जिससे स्थानीय लोगों,विशेषकर महिलाओं,बुजुर्गों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। शौचालय बंद होने के कारण ग्रामीणों को खुले में शौच के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जो स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों के पूर्णतः विपरीत है।
चौंकाने वाली बात यह है कि शौचालय के उपयोग में न होने के बावजूद सफाईकर्मी मानदेय,देखरेख एवं अन्य मदों में हर माह ₹9,000 का भुगतान कागजों में दर्शाया जा रहा है। इससे यह संदेह गहराता जा रहा है कि बिना वास्तविक संचालन के ही धनराशि का आहरण किया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में कई बार ग्राम पंचायत स्तर पर शिकायत की गई,लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। न तो शौचालय को नियमित रूप से खोला गया और न ही जिम्मेदारों पर कोई जवाबदेही तय की गई।
इस पूरे मामले ने ग्राम पंचायत,संबंधित सचिव और विकास खंड अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए,दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई हो तथा सामुदायिक शौचालय को तत्काल चालू कर ग्रामीणों को सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और सरकारी धन के दुरुपयोग पर कब तक अंकुश लगाया जाता है।
सवर्ण आर्मी ने भरी हुंकार, यूजीसी को नहीं करेंगे स्वीकार, सैकड़ो आर्मी कार्यकर्ताओ ने कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन
फर्रुखाबाद। सवर्ण आर्मी के सैकड़ो कार्यकर्ताओं में बुधवार को कलेक्ट पहुंचकर यूजीसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया बाद में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को दिया है जिसमें कहा है कि सामान्य वर्ग के करोडी छात्रों एवं नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन ही नहीं बल्कि असमानता का वातावरण उत्पन्न हो रहा है l सवर्ण आर्मी के संयोजक अमित प्रताप सिंह ने कहा कि जब तक इस अधिसूचना को वापस नहीं दिया जाता है सवर्ण आर्मी लोकतांत्रिक संवैधानिक एवं विधिक तरीकों से इसका विरोध करती रहेगी और अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए आंदोलन भी कर सकती है। उन्होंने कहा कि सवर्ण वर्ग देश के विकास प्रशासन शिक्षा उद्योग एवं राजस्व सृजन में समान वर्ग का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है इसके बावजूद भी इस प्रकार की अधिक सूचनाओं के माध्यम से सामान्य भारती अधिकारों एवं संवैधानिक संरक्षण का हनन किया जा रहा है समाज में व्यापक संतोष एवं नाराजगी उत्पन्न हो गई है उन्होंने कहा कि यदि इसको तत्काल वापस नहीं दिया गया तो इसका विरोध किया जाएगा।
तलाक की अटकलों पर विराम: प्रतीक यादव ने अपर्णा के साथ साझा की तस्वीर, कहा—‘ऑल इज गुड’

लखनऊ । सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के पुत्र प्रतीक यादव ने हालिया विवादों के बीच पत्नी अपर्णा यादव के साथ एक नई तस्वीर साझा कर अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की है। सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई इस तस्वीर के साथ प्रतीक ने लिखा, “All is good”, जिससे यह संकेत मिला कि दोनों के रिश्ते में सबकुछ सामान्य है। बीते कुछ दिनों से प्रतीक और अपर्णा के वैवाहिक संबंधों को लेकर चर्चाएं तेज थीं। इससे पहले प्रतीक यादव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में अपर्णा पर गंभीर आरोप लगाए थे और तलाक की बात कही थी। हालांकि अब उनके ताज़ा संदेश ने यह साफ कर दिया है कि दोनों ने आपसी मतभेद सुलझा लिए हैं। इंस्टाग्राम पर साझा पोस्ट में प्रतीक ने लिखा कि असली चैंपियन वही होते हैं जो निजी और पेशेवर चुनौतियों से बाहर निकलना जानते हैं। उन्होंने अपने परिवार को “चैंपियन फैमिली” बताते हुए सकारात्मक संदेश दिया। इस पूरे मामले पर अपर्णा यादव के भाई अमन बिस्ट ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि दंपती के बीच किसी तरह का गंभीर विवाद नहीं था और रिश्ते में दरार डालने की कोशिशें जानबूझकर की गई थीं, जो सफल नहीं हो सकीं। 2011 में हुआ था विवाह प्रतीक यादव और अपर्णा यादव की शादी वर्ष 2011 में हुई थी। इससे पहले दोनों करीब आठ साल तक एक-दूसरे को जानते थे। यह विवाह उस समय काफी चर्चा में रहा था, जिसमें देश की राजनीति और फिल्म जगत की कई नामचीन हस्तियां शामिल हुई थीं। अपर्णा यादव ने ब्रिटेन की मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल पॉलिटिक्स में मास्टर डिग्री हासिल की है, जबकि प्रतीक यादव ने लीड्स यूनिवर्सिटी से मैनेजमेंट की पढ़ाई की है। दोनों की एक बेटी प्रथमा है। प्रतीक यादव, मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के पुत्र हैं।