शादी समारोह में कार से आ रहे युवक की तेज रफ्तार कार बिजली पोल से टकराई, ट्रांसफार्मर नीचे गिरा, पोल टूटे
फर्रुखाबाद l  देर रात एक तेज रफ्तार अनियंत्रित कार बिजली के खंभों से टकरा गई। इस दौरान कार में सवार अलीगढ़ से शादी समारोह में शामिल होने आ रहे दो युवक घायल हो गए, जबकि बिजली के खंभे और ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त होने से शहर के कई हिस्से की बिजली आपूर्ति ठप्प हो गई।
घायलों की पहचान अलीगढ़ जनपद थाना क्षेत्र के रामनगर निवासी21 वर्षीय विक्रम कुमार पुत्र नीरज कुमार 22 वर्षीय योगेश कुमार पुत्र राजेंद्र सिंह दोनों कार से अलीगढ़ से मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के बीबीगंज चौकी के नेकपुर खुर्द स्थित एक गेस्ट हाउस में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने के लिए जा रहे थे। तभी अर्रा पहाड़पुर सब्जी मंडी के सामने घटना हुई। घटना की जानकारी मिलते ही बीबीगंज चौकी के सिपाही सौरभ व नितिन कुमार मौके पर पहुंचे व घायलों को तत्काल निजी चिकित्सालय भिजवाया गया। दोनों को मामूली चोटें आई हैं।
घटना के दौरान कार बिजली के खंभों से टकरा गई, जिससे जसमई फीडर की लाइन ठप्प हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि एक खंभा और ट्रांसफॉर्मर टूटकर नीचे गिरने से आसपास के क्षेत्र में कई घंटों तक अंधेरा छाया रहा। कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बिजली विभाग के अवर अभियंता मासूम अली ने बताया कि मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। साथ ही क्षति के संबंध में कार्रवाई की जा रही है।
थाना प्रभारी अजब सिंह ने बताया कि दुर्घटना में दोनों युवकों को हल्की चोटें आई हैं। बिजली विभाग ने अभी तक तहरीर नहीं दी है l
यूपी कोआपरेटिव बैंक घोटाले की जांच पड़ी शिथिल,39 दिन से फरार चल रहे आरोपी
*15 आरोपियों में शाखा प्रबंधक भी शामिल

गोंडा।यूपी कोआपरेटिव बैंक की बड़गांव शाखा में हुए 21.47 करोड़ रुपए की जांच 39 दिन बाद भी ठंडी पड़ी हुई है।39 दिनों से जांच की जा रही है लेकिन अभी तक पुलिस अभी तक किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और न ही नगर कोतवाली पुलिस इस धोखाधड़ी में शामिल 15 फरार आरोपियों की गिरफ्तारी कर पाई है।इन फरार आरोपियों में तत्कालीन शाखा प्रबंधक अजय कुमार, तत्कालीन प्रबंधक सुशील कुमार और तत्कालीन सहायक कैशियर पवन कुमार सहित 15 खाताधारक शामिल हैं।जांच में फिलहाल कोई प्रगति नहीं दिख रही है।नगर कोतवाली पुलिस पिछले 39 दिनों से केवल बैंक द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों की जांच कर रही है जो अभी तक पूरी नहीं हो पाई है।पुलिस जांच को किसी भी नई दिशा में आगे नहीं बढ़ा पाई है।इस बड़े घोटाले के सामने आने के बाद बैंक में हुए कई अन्य घोटाले भी उजागर हुए हैं,जिनके संबंध में नगर कोतवाली में मुकदमे दर्ज किए गए हैं।हालांकि,इन नए मामलों की जांच शुरू करने के स्थान पर पुलिस अभी भी पहले वाले मामले की जांच पूरी नहीं कर पाई है।यह मुकदमे बीते 12 जनवरी को वर्तमान शाखा प्रबंधक भुवन चंद्र सती की तहरीर पर दर्ज किया गया था।इसमें तत्कालीन शाखा प्रबंधक,तत्कालीन मैनेजर,पूर्व कैशियर सहित कुल 16 लोगों को आरोपी बनाया गया है।मामले की जांच नगर कोतवाली के अपराध निरीक्षक सभाजीत सिंह कर रहे हैं।यूपी कोआपरेटिव बैंक भी जांच में सहयोग कर रहा है।मामले के विवेचक सभाजीत सिंह ने बताया कि जांच जारी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।उन्होंने इस बात से इन्कार किया कि जांच ठंडी नहीं पड़ी है और बताया कि पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।
झारखंड में एसआईआर का समर्थन: बाबूलाल बोले— "सही वोटर की पहचान से ही मजबूत होगा लोकतंत्र"

रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने से पूर्व विधानसभा परिसर में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मीडिया से मुखातिब होते हुए राज्य के दो ज्वलंत मुद्दों— एसआईआर (SIR) और जमीन विवाद पर अपनी बेबाक राय रखी।

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एसआईआर और मतदाता सूची शुद्धिकरण:

बाबूलाल मरांडी ने निर्वाचन आयोग द्वारा किए जा रहे एसआईआर (Special Interactive Revision/Summary Interim Revision) का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह मतदाता सूची के शुद्धिकरण की एक सामान्य प्रक्रिया है जो हर 10 साल में होती है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पूछा कि आखिर उन्हें इस प्रक्रिया से क्या डर है?

मरांडी ने स्पष्ट किया कि एसआईआर के माध्यम से:

मृत मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे।

दूसरे स्थानों पर शिफ्ट हो चुके लोगों की सूची अपडेट होगी।

सबसे महत्वपूर्ण, अवैध रूप से बसे घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से बाहर होंगे।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस शायद इसलिए परेशान है क्योंकि उनके 'वोट बैंक' (अवैध घुसपैठियों) पर प्रहार होगा, लेकिन चुनाव आयोग यह कार्य सफलतापूर्वक पूरा करेगा।

जमीन विवाद और मुआवजा नीति:

राज्य में चल रहे जमीन विवादों पर बाबूलाल मरांडी ने सरकार को संवेदनशील होने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि झारखंड के महापुरुषों ने हमेशा जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ी है। यहाँ के आदिवासी और मूलवासी पूरी तरह खेती पर निर्भर हैं।

उन्होंने सरकार को एक महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा— "यदि सरकार खनिज संसाधनों के दोहन के लिए किसानों की उपजाऊ जमीन का अधिग्रहण करती है, तो उसे केवल आर्थिक मुआवजा ही नहीं, बल्कि उतनी ही जमीन दूसरी जगह उपलब्ध करानी चाहिए।" उन्होंने तर्क दिया कि यह कोई कठिन कार्य नहीं है और सरकार को इस नीति पर नए सिरे से विचार करना चाहिए ताकि विस्थापितों का जीविकोपार्जन प्रभावित न हो।

Bangkok, Thailand:Prof. Dr. Prakash Divakaran, Vice-Chancellor of Himalayan University, has been conferred with the Prestigious Indo–Thai Educational Excellence Award in recognition of his iconic leadership and remarkable contribution to higher education.

The award was presented by Asst. Prof. Dr. Thanapon Sarunburana, Vice-Chancellor of Rajapark University, during a distinguished academic gathering in Bangkok. The ceremony brought together leading academicians, administrators, and international delegates from India and Thailand.

The event commenced with a Welcome Address by Dr. J. P. Bhosale, Patron, GRCF, Savitribai Phule Pune University. The Presidential Address was delivered by Prof. Dr. Gowri Ramesh, Registrar of The Tamil Nadu Dr. Ambedkar Law University. Prof. Dr. Prakash Divakaran graced the occasion as Chief Guest and delivered the Inaugural Address.

Among the distinguished dignitaries present were Dr. R. Thippa Reddy, Chairman & Director, Dr. Ambedkar Global Law Institute; Assoc. Prof. Dr. Chaiwat Phuakkhong; Asst. Prof. Dr. Arun Chainit; Dr. Jidapa Thavarit; Dr. Gireesh Kumar J; Dr. Shibu Dharmarajan; Dr. Seema Vijay Medhe; and Ms. Ashsagan Ashghari, Chairman, Phoenix Global Gold Co. Ltd., Bangkok.

The formal Vote of Thanks was proposed by Dr. Cholaraja Mudimannan, Assistant Professor of Law (Senior Scale), University of Delhi.

The award highlights Prof. Dr. Divakaran’s visionary leadership in promoting academic excellence, research innovation, and international collaboration. Under his stewardship, Himalayan University has expanded its global academic partnerships and strengthened its commitment to quality higher education.

The Indo–Thai Educational Excellence Award marks a significant milestone for Himalayan University and reflects the growing academic cooperation between India and Thailand.

बारातियों से भरी स्कार्पियो पेड़ से टकराई,पांच गंभीर रूप से घायल

*मेडिकल कॉलेज में भर्ती,चल रहा इलाज

गोंडा।जिले के इटियाथोक थाना क्षेत्र अंतर्गत आज तड़के हुए सड़क हादसे में पांच बाराती गंभीर रूप से घायल हो गए।बताते चलें कि इटियाथोक थाना क्षेत्र के पारासराय के पास आज तड़के लगभग चार बजे बलरामपुर से लौट रही बारातियों से भरी एक तेज रफ्तार स्कार्पियो अनियंत्रित होकर आम के पेड़ से टकरा गई।हादसे में तुलसीपुर नवाबगंज निवासी मुन्नालाल,दिनेश,सोनू,कृष्ण बहादुर और तारामन गंभीर रूप से घायल हो गए।जिसकी सूचना स्थानीय लोगों द्वारा इटियाथोक थाने को दिया गया, घटना की सूचना पाकर इटियाथोक थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और दो एंबुलेंस की मदद से घायलों को जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज पहुंचाया जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को भर्ती किया गया है।इटियाथोक पुलिस के अनुसार जांच में सामने आया है कि स्कार्पियो के चालक को नींद की झपकी आ गई थी,जिसके कारण गाड़ी सड़क किनारे लगे आम के पेड़ से जा टकराई।इटियाथोक थानाध्यक्ष कृष्ण गोपाल राय ने बताया कि सभी घायल बलरामपुर से एक सफेद रंग की स्कार्पियो में सवार होकर गोंडा जा रहे थे।उन्होंने पुष्टि किया कि हादसे में किसी की मौत नहीं हुई है तथा सभी घायलों का गोंडा जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज में इलाज चल रहा है।पुलिस ने सभी घायलों के परिजनों को सूचित कर दिया है जो मेडिकल कालेज पहुंच गये हैं और पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है,जिसमें यह प्रतीत हो रहा है कि दाहिने साइड में आम का पेड़ है और चालक को नींद आ गई जिसको गाड़ी में बैठे लोगों ने ध्यान नहीं दिया जिसके कारण स्कार्पियो जाकर पेड़ से टकरा गई जिसके कारण यह हादसा हुआ है।फिलहाल इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है।
ज्ञान गंगोत्री काव्य मंच द्वारा रंग रंगीलो म्हारो राजस्थान का भव्य आयोजन
मुंबई। पिछले 17 वर्षों से गृहिणियों के काव्य वाचन  का सुनहरा प्लेटफॉर्म बन चुकी साहित्यिक संस्था ज्ञान गंगोत्री काव्य मंच द्वारा 25 फरवरी को दक्षिण मुंबई के लोअर परेल के ट्रंप टावर, लोढ़ा पार्क क्लब हाउस, पी 7 में दोपहर 2:30 बजे से रंग रंगीलो म्हारो राजस्थान का भव्य आयोजन किया गया है। संस्था की संस्थापक अध्यक्ष  डॉ मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा ने उपरोक्त जानकारी देते हुए बताया कि इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रख्यात गायिका इला अरुण और फिल्म एक्ट्रेस राकुल प्रीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थिति रहेंगी। कार्यक्रम में राजस्थान की महारानी मंदाकिनी कुमारी तथा घूमर नृत्य के लिए विशेष काम करने वाली ज्योति तोमर को उनके विशेष योगदान के लिए पुरस्कृत किया जाएगा। कार्यक्रम में राजस्थान के तीन कलाकारों रेखा राव, कुमार गौतम तथा विक्की हाडा को सम्मानित अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। डॉ. मंजू लोढ़ा के अनुसार राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान को कलात्मक तरीके से प्रस्तुत करने वाला यह कार्यक्रम हृदय की धड़कनों को तेज करने वाला कार्यक्रम है। उन्होंने बताया कि नृत्य नाटिका के माध्यम से हमारी सारी सदस्या राजस्थान की संस्कृति तथा वहां के तीज त्यौहार को प्रदर्शित करेंगे।
विधायक संजय उपाध्याय ने किया वर्तिका फिजियोथैरेपी क्लिनिक का उद्घाटन
मुंबई। बोरीवली विधानसभा के लोकप्रिय भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने  फिजियोथैरेपी चिकित्सा के क्षेत्र में तेजी से लोकप्रिय हो रही वर्तिका फिजियोथैरेपी क्लिनिक की ओल्ड अशोक नगर बिल्डिंग, वजीरा, बोरीवली पश्चिम स्थित नई शाखा का फीता काटकर उद्घाटन किया। उद्घाटन समारोह में विशेष अतिथि के रूप में स्थानीय नगरसेविका श्रीमती श्वेता कोरेगांवकर, गाइनेकोलॉजिस्ट डॉ सौरभ सांगोरे, नगर सेविका डॉक्टर शिल्पा सांगोरे, न्यूरोलॉजिस्ट डॉ दिनेश सिंह, दहिसर मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ मिलिंद तावते उपस्थित रहे। क्लीनिक के संचालक डॉ देवेंद्र चतुर्वेदी तथा डॉ वर्तिका चतुर्वेदी ने समस्त अतिथियों का सम्मान किया तथा उनके प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों में गीता मसूरकर, डॉ तन्वी, नेत्रा, दीपाली राजू भैया ,सुनील देवार्त आदि का समावेश रहा। वर्तिका फिजियोथैरेपी क्लीनिक की मुख्य शाखा कांदिवली पूर्व के ठाकुर विलेज में है जहां क्लीनिक को मिल रही लगातार सफलता से उत्साहित होकर दूसरी शाखा खोली गई है।
ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' की बैठक में ऑब्जर्वर के रूप में शामिल हुआ भारत, क्यों नहीं ली पूर्ण सदस्यता?

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भारत ने गुरुवार को वॉशिंगटन में गाजा बोर्ड ऑफ पीस की पहली मीटिंग में ऑब्जर्वर के तौर पर हिस्सा लिया। ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के निमंत्रण की समीक्षा के एक सप्ताह बाद भारत ने 19 फरवरी को पहली बैठक में एक पर्यवेक्षक देश के रूप में भाग लिया। अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास में तैनात भारत के चार्ज डी' अफेयर्स नामग्या सी खम्पा ने देश का प्रतिनिधित्व किया।

अमेरिका ने की 10 अरब डॉलर के योगदान की घोषणा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ‘बोर्ड ऑफ पीस’ नामक एक नए वैश्विक मंच की शुरुआत की और गाजा में युद्ध के बाद स्थिरीकरण और राहत प्रयासों के लिए अमेरिका की ओर से 10 अरब डॉलर के योगदान की घोषणा की। यह बैठक संयुक्त राज्य अमेरिका शांति संस्थान में आयोजित की गई। ट्रंप ने उद्घाटन सत्र में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और बोर्ड सदस्य जारेड कुशनर के साथ मंच साझा किया। उन्होंने कहा, “हम जो कर रहे हैं, वह एक सरल शब्द है- शांति। इसे कहना आसान है, लेकिन हासिल करना कठिन। लेकिन हम इसे हासिल करेंगे।

कौन-कौन हुआ शामिल?

वॉशिंगटन स्थित यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में आयोजित बैठक में लगभग 50 देशों के अधिकारियों ने भाग लिया। इनमें 27 देश बोर्ड के सदस्य हैं, जिनमें अजरबैजान, बेलारूस, मिस्र, हंगरी, इंडोनेशिया, इजराइल, जॉर्डन, मोरक्को, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, तुर्किये, संयुक्त अरब अमीरात, उज्बेकिस्तान और वियतनाम शामिल हैं। भारत और यूरोपीय संघ सहित अन्य देश पर्यवेक्षक के रूप में इसमें शामिल हुए।

बोर्ड ऑफ पीस क्या है?

बोर्ड ऑफ पीस को ट्रंप ने पिछले महीने वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम की सालाना बैठक में दावोस में पेश किया था। उस समय ट्रंप ने कहा था कि हर कोई इस संगठन का हिस्सा बनना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा था कि यह संगठन आगे चलकर संयुक्त राष्ट्र (UN) को टक्कर दे सकता है। शुरुआत में इस बोर्ड का मकसद गाजा में इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम की निगरानी करना था। साथ ही गाजा के पुनर्निर्माण और वहां के प्रशासन में भूमिका निभाने की बात थी। लेकिन बाद में ट्रंप की योजना इससे कहीं बड़ी हो गई। इसके चार्टर के अनुसार यह दुनिया के अन्य संघर्ष क्षेत्रों में भी शांति और स्थिरता के लिए काम कर सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद इस बोर्ड के चेयरमैन हैं।

टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षक संगठनों की बैठक, आंदोलन का ऐलान कुड़वार*
सुल्तानपुर,वर्ष 2025 में आए सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद देशभर के लाखों शिक्षकों और उनके परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा होने की बात कहते हुए शिक्षक संगठनों ने टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) अनिवार्यता के विरोध में संयुक्त आंदोलन की शुरुआत का ऐलान किया है। विभिन्न राज्यों में अलग-अलग नीतियों तथा केंद्र सरकार की ओर से अब तक स्पष्ट एवं सकारात्मक आश्वासन न मिलने से शिक्षकों में व्यापक आक्रोश और चिंता व्याप्त है। इसी पृष्ठभूमि में शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा के लिए देश के मान्यता प्राप्त शिक्षक संगठनों ने संयुक्त रूप से टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया का गठन किया है। प्रदेश स्तर पर जारी निर्देश के क्रम में आंदोलन की तैयारी को लेकर कुड़वार ब्लॉक इकाई की समीक्षा बैठक बीआरसी परिसर में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रवक्ता एवं कुड़वार अध्यक्ष के संयोजन में आयोजित की गई। बैठक में सभी संगठनों ने संयुक्त रणनीति पर विस्तार से चर्चा की और चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष दिलीप कुमार पाण्डेय ने कहा कि सभी संगठनों का एक मंच पर आना शिक्षक हितों के लिए बड़ा कदम है, जिससे जनपद के शिक्षक न केवल टीईटी पात्रता बल्कि अन्य समस्याओं के समाधान की दिशा में भी मजबूत होंगे। निजाम खान ने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन पूरी तरह संकल्पित है और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा। बैठक में सर्वसम्मति से निम्न निर्णय लिए गए— 22 फरवरी 2026: दोपहर 2 से 4 बजे तक एक्स (ट्विटर) पर हैशटैग अभियान। 23–25 फरवरी 2026: शिक्षक काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करते हुए विरोध दर्ज कराएंगे। 26 फरवरी 2026: तिकोनिया पार्क में धरना तथा शाम 4 बजे जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन। मार्च 2026 (तीसरा सप्ताह): नई दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल महारैली और केंद्र सरकार को ज्ञापन। कुड़वार जूनियर शिक्षक संघ के अध्यक्ष राजेश मिश्रा ने कहा कि टीईटी अनिवार्यता के विरोध में संगठनों की एकजुटता ही संघर्ष की सबसे बड़ी ताकत है और सभी मिलकर शिक्षक हितों की रक्षा के लिए आंदोलन करेंगे। बैठक में जूनियर शिक्षक संघ ब्लॉक मंत्री/जिला उपाध्यक्ष तौहीद खान, आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन अध्यक्ष/जिला महामंत्री प्रदीप यादव, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष धीरेन्द्र राव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्याम सुंदर यादव, संरक्षक शिवपूजन पाण्डेय, उपाध्यक्ष विनय पाण्डेय, सह संरक्षक फैज उल्लाह अंसारी, राकेश कुमार शुक्ला, सगठन मंत्रीराजमणि यादव, महिला उपाध्यक्ष मारिया सुल्ताना, शहर बानो, काशीनाथ पाण्डेय, कोषाध्यक्ष मोहम्मद मुज्तबा, मृदुल तिवारी, हसन अली, राजेंद्र प्रसाद मिश्र, अशोक मौर्य, सूर्यकेश यादव, महेंद्र कुमार पाल, अरुण बरनवाल, खालिद बशीर, सरजू पाठक, जमील अहमद, राज बहादुर यादव सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। संचालन लईक अहमद खान ने किया।
করোনা পরবর্তী কালে দীর্ঘ প্রতীক্ষার অবসান ঘটিয়ে বসিরহাটে শুরু হলো ক্রিকেট লিগ
বসিরহাট : করোনা পরবর্তী দীর্ঘ প্রতীক্ষার অবসান ঘটিয়ে অবশেষে বসিরহাটে শুরু হল ক্রিকেট লিগ। বসিরহাট মহকুমা ক্রীড়া সংস্থার পরিচালনায় ১ম ডিভিশন ক্রিকেট লিগে এবার দুটি গ্রুপে মোট ১৪টি দল অংশ নিয়েছে। বসিরহাটের সীমান্ত এলাকা থেকে সুন্দরবন সংলগ্ন বিভিন্ন অঞ্চল পর্যন্ত বিস্তৃত এই প্রতিযোগিতায় অংশগ্রহণকারী দলগুলি নিয়ে ক্রিকেটপ্রেমীদের মধ্যে বাড়তি উৎসাহ লক্ষ্য করা যাচ্ছে। বিএসএসএ মাঠে ম্যাচ শুরু হতেই সকাল থেকে দর্শকদের ভিড় জমতে থাকে। মাঠ জুড়ে উচ্ছ্বাস, করতালি আর খেলোয়াড়দের উৎসাহ দিতে শোনা যায় সমর্থকদের গলা ফাটানো আওয়াজ। অনেকের মতে, দীর্ঘদিন পর বসিরহাটে এমন প্রতিযোগিতামূলক ক্রিকেট লিগ শুরু হওয়ায় স্থানীয় খেলাধুলোর পরিবেশ আবার চাঙ্গা হয়ে উঠছে।
এই লিগ প্রসঙ্গে উত্তর ২৪ পরগণা জেলা ক্রীড়া সংস্থার সম্পাদক নবাব ভট্টাচার্য্য ,বসিরহাটের প্রতিনিধি তথা বসিরহাট মহকুমা ক্রীড়া সংস্থার প্রাক্তন সম্পাদক বরুণ ভট্টাচার্য্য জানান, আগামী প্রজন্মের জন্য এই ধরনের উদ্যোগ অত্যন্ত গুরুত্বপূর্ণ। তার কথায়, "এই লিগের মাধ্যমে তরুণ ক্রিকেটাররা জেলা, রাজ্য এমনকি দেশের স্তরে নিজেদের প্রতিষ্ঠিত করার স্বপ্ন দেখছে। ভবিষ্যতে এই প্রতিযোগিতা আরও উন্নত ও বৃহত্তর পরিসরে আয়োজন করা হবে বলেও তিনি আশাবাদী।"এক ক্রিকেট প্রেমী তাপস দাস বলেন, "করোনার পরে এত বড় ক্রিকেট লিগ বসিরহাটে হবে ভাবতেই পারিনি। স্থানীয় ছেলেরা ভালো মানের ক্রিকেট খেলছে, এতে তাদের আত্মবিশ্বাস বাড়বে। এমন লিগ নিয়মিত হলে এখান থেকে ভালো ক্রিকেটার উঠে আসবেই।" সব মিলিয়ে বসিরহাটে শুরু হওয়া এই ক্রিকেট লিগ শুধু একটি প্রতিযোগিতা নয়, বরং দীর্ঘ বিরতির পর এলাকার ক্রীড়া সংস্কৃতিকে নতুন করে প্রাণ ফেরানোর এক গুরুত্বপূর্ণ উদ্যোগ হিসেবেই দেখছেন ক্রীড়াপ্রেমী মানুষজন।
शादी समारोह में कार से आ रहे युवक की तेज रफ्तार कार बिजली पोल से टकराई, ट्रांसफार्मर नीचे गिरा, पोल टूटे
फर्रुखाबाद l  देर रात एक तेज रफ्तार अनियंत्रित कार बिजली के खंभों से टकरा गई। इस दौरान कार में सवार अलीगढ़ से शादी समारोह में शामिल होने आ रहे दो युवक घायल हो गए, जबकि बिजली के खंभे और ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त होने से शहर के कई हिस्से की बिजली आपूर्ति ठप्प हो गई।
घायलों की पहचान अलीगढ़ जनपद थाना क्षेत्र के रामनगर निवासी21 वर्षीय विक्रम कुमार पुत्र नीरज कुमार 22 वर्षीय योगेश कुमार पुत्र राजेंद्र सिंह दोनों कार से अलीगढ़ से मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के बीबीगंज चौकी के नेकपुर खुर्द स्थित एक गेस्ट हाउस में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने के लिए जा रहे थे। तभी अर्रा पहाड़पुर सब्जी मंडी के सामने घटना हुई। घटना की जानकारी मिलते ही बीबीगंज चौकी के सिपाही सौरभ व नितिन कुमार मौके पर पहुंचे व घायलों को तत्काल निजी चिकित्सालय भिजवाया गया। दोनों को मामूली चोटें आई हैं।
घटना के दौरान कार बिजली के खंभों से टकरा गई, जिससे जसमई फीडर की लाइन ठप्प हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि एक खंभा और ट्रांसफॉर्मर टूटकर नीचे गिरने से आसपास के क्षेत्र में कई घंटों तक अंधेरा छाया रहा। कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बिजली विभाग के अवर अभियंता मासूम अली ने बताया कि मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। साथ ही क्षति के संबंध में कार्रवाई की जा रही है।
थाना प्रभारी अजब सिंह ने बताया कि दुर्घटना में दोनों युवकों को हल्की चोटें आई हैं। बिजली विभाग ने अभी तक तहरीर नहीं दी है l
यूपी कोआपरेटिव बैंक घोटाले की जांच पड़ी शिथिल,39 दिन से फरार चल रहे आरोपी
*15 आरोपियों में शाखा प्रबंधक भी शामिल

गोंडा।यूपी कोआपरेटिव बैंक की बड़गांव शाखा में हुए 21.47 करोड़ रुपए की जांच 39 दिन बाद भी ठंडी पड़ी हुई है।39 दिनों से जांच की जा रही है लेकिन अभी तक पुलिस अभी तक किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और न ही नगर कोतवाली पुलिस इस धोखाधड़ी में शामिल 15 फरार आरोपियों की गिरफ्तारी कर पाई है।इन फरार आरोपियों में तत्कालीन शाखा प्रबंधक अजय कुमार, तत्कालीन प्रबंधक सुशील कुमार और तत्कालीन सहायक कैशियर पवन कुमार सहित 15 खाताधारक शामिल हैं।जांच में फिलहाल कोई प्रगति नहीं दिख रही है।नगर कोतवाली पुलिस पिछले 39 दिनों से केवल बैंक द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों की जांच कर रही है जो अभी तक पूरी नहीं हो पाई है।पुलिस जांच को किसी भी नई दिशा में आगे नहीं बढ़ा पाई है।इस बड़े घोटाले के सामने आने के बाद बैंक में हुए कई अन्य घोटाले भी उजागर हुए हैं,जिनके संबंध में नगर कोतवाली में मुकदमे दर्ज किए गए हैं।हालांकि,इन नए मामलों की जांच शुरू करने के स्थान पर पुलिस अभी भी पहले वाले मामले की जांच पूरी नहीं कर पाई है।यह मुकदमे बीते 12 जनवरी को वर्तमान शाखा प्रबंधक भुवन चंद्र सती की तहरीर पर दर्ज किया गया था।इसमें तत्कालीन शाखा प्रबंधक,तत्कालीन मैनेजर,पूर्व कैशियर सहित कुल 16 लोगों को आरोपी बनाया गया है।मामले की जांच नगर कोतवाली के अपराध निरीक्षक सभाजीत सिंह कर रहे हैं।यूपी कोआपरेटिव बैंक भी जांच में सहयोग कर रहा है।मामले के विवेचक सभाजीत सिंह ने बताया कि जांच जारी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।उन्होंने इस बात से इन्कार किया कि जांच ठंडी नहीं पड़ी है और बताया कि पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।
झारखंड में एसआईआर का समर्थन: बाबूलाल बोले— "सही वोटर की पहचान से ही मजबूत होगा लोकतंत्र"

रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने से पूर्व विधानसभा परिसर में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मीडिया से मुखातिब होते हुए राज्य के दो ज्वलंत मुद्दों— एसआईआर (SIR) और जमीन विवाद पर अपनी बेबाक राय रखी।

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एसआईआर और मतदाता सूची शुद्धिकरण:

बाबूलाल मरांडी ने निर्वाचन आयोग द्वारा किए जा रहे एसआईआर (Special Interactive Revision/Summary Interim Revision) का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह मतदाता सूची के शुद्धिकरण की एक सामान्य प्रक्रिया है जो हर 10 साल में होती है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पूछा कि आखिर उन्हें इस प्रक्रिया से क्या डर है?

मरांडी ने स्पष्ट किया कि एसआईआर के माध्यम से:

मृत मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे।

दूसरे स्थानों पर शिफ्ट हो चुके लोगों की सूची अपडेट होगी।

सबसे महत्वपूर्ण, अवैध रूप से बसे घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से बाहर होंगे।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस शायद इसलिए परेशान है क्योंकि उनके 'वोट बैंक' (अवैध घुसपैठियों) पर प्रहार होगा, लेकिन चुनाव आयोग यह कार्य सफलतापूर्वक पूरा करेगा।

जमीन विवाद और मुआवजा नीति:

राज्य में चल रहे जमीन विवादों पर बाबूलाल मरांडी ने सरकार को संवेदनशील होने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि झारखंड के महापुरुषों ने हमेशा जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ी है। यहाँ के आदिवासी और मूलवासी पूरी तरह खेती पर निर्भर हैं।

उन्होंने सरकार को एक महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा— "यदि सरकार खनिज संसाधनों के दोहन के लिए किसानों की उपजाऊ जमीन का अधिग्रहण करती है, तो उसे केवल आर्थिक मुआवजा ही नहीं, बल्कि उतनी ही जमीन दूसरी जगह उपलब्ध करानी चाहिए।" उन्होंने तर्क दिया कि यह कोई कठिन कार्य नहीं है और सरकार को इस नीति पर नए सिरे से विचार करना चाहिए ताकि विस्थापितों का जीविकोपार्जन प्रभावित न हो।

Bangkok, Thailand:Prof. Dr. Prakash Divakaran, Vice-Chancellor of Himalayan University, has been conferred with the Prestigious Indo–Thai Educational Excellence Award in recognition of his iconic leadership and remarkable contribution to higher education.

The award was presented by Asst. Prof. Dr. Thanapon Sarunburana, Vice-Chancellor of Rajapark University, during a distinguished academic gathering in Bangkok. The ceremony brought together leading academicians, administrators, and international delegates from India and Thailand.

The event commenced with a Welcome Address by Dr. J. P. Bhosale, Patron, GRCF, Savitribai Phule Pune University. The Presidential Address was delivered by Prof. Dr. Gowri Ramesh, Registrar of The Tamil Nadu Dr. Ambedkar Law University. Prof. Dr. Prakash Divakaran graced the occasion as Chief Guest and delivered the Inaugural Address.

Among the distinguished dignitaries present were Dr. R. Thippa Reddy, Chairman & Director, Dr. Ambedkar Global Law Institute; Assoc. Prof. Dr. Chaiwat Phuakkhong; Asst. Prof. Dr. Arun Chainit; Dr. Jidapa Thavarit; Dr. Gireesh Kumar J; Dr. Shibu Dharmarajan; Dr. Seema Vijay Medhe; and Ms. Ashsagan Ashghari, Chairman, Phoenix Global Gold Co. Ltd., Bangkok.

The formal Vote of Thanks was proposed by Dr. Cholaraja Mudimannan, Assistant Professor of Law (Senior Scale), University of Delhi.

The award highlights Prof. Dr. Divakaran’s visionary leadership in promoting academic excellence, research innovation, and international collaboration. Under his stewardship, Himalayan University has expanded its global academic partnerships and strengthened its commitment to quality higher education.

The Indo–Thai Educational Excellence Award marks a significant milestone for Himalayan University and reflects the growing academic cooperation between India and Thailand.

बारातियों से भरी स्कार्पियो पेड़ से टकराई,पांच गंभीर रूप से घायल

*मेडिकल कॉलेज में भर्ती,चल रहा इलाज

गोंडा।जिले के इटियाथोक थाना क्षेत्र अंतर्गत आज तड़के हुए सड़क हादसे में पांच बाराती गंभीर रूप से घायल हो गए।बताते चलें कि इटियाथोक थाना क्षेत्र के पारासराय के पास आज तड़के लगभग चार बजे बलरामपुर से लौट रही बारातियों से भरी एक तेज रफ्तार स्कार्पियो अनियंत्रित होकर आम के पेड़ से टकरा गई।हादसे में तुलसीपुर नवाबगंज निवासी मुन्नालाल,दिनेश,सोनू,कृष्ण बहादुर और तारामन गंभीर रूप से घायल हो गए।जिसकी सूचना स्थानीय लोगों द्वारा इटियाथोक थाने को दिया गया, घटना की सूचना पाकर इटियाथोक थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और दो एंबुलेंस की मदद से घायलों को जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज पहुंचाया जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को भर्ती किया गया है।इटियाथोक पुलिस के अनुसार जांच में सामने आया है कि स्कार्पियो के चालक को नींद की झपकी आ गई थी,जिसके कारण गाड़ी सड़क किनारे लगे आम के पेड़ से जा टकराई।इटियाथोक थानाध्यक्ष कृष्ण गोपाल राय ने बताया कि सभी घायल बलरामपुर से एक सफेद रंग की स्कार्पियो में सवार होकर गोंडा जा रहे थे।उन्होंने पुष्टि किया कि हादसे में किसी की मौत नहीं हुई है तथा सभी घायलों का गोंडा जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज में इलाज चल रहा है।पुलिस ने सभी घायलों के परिजनों को सूचित कर दिया है जो मेडिकल कालेज पहुंच गये हैं और पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है,जिसमें यह प्रतीत हो रहा है कि दाहिने साइड में आम का पेड़ है और चालक को नींद आ गई जिसको गाड़ी में बैठे लोगों ने ध्यान नहीं दिया जिसके कारण स्कार्पियो जाकर पेड़ से टकरा गई जिसके कारण यह हादसा हुआ है।फिलहाल इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है।
ज्ञान गंगोत्री काव्य मंच द्वारा रंग रंगीलो म्हारो राजस्थान का भव्य आयोजन
मुंबई। पिछले 17 वर्षों से गृहिणियों के काव्य वाचन  का सुनहरा प्लेटफॉर्म बन चुकी साहित्यिक संस्था ज्ञान गंगोत्री काव्य मंच द्वारा 25 फरवरी को दक्षिण मुंबई के लोअर परेल के ट्रंप टावर, लोढ़ा पार्क क्लब हाउस, पी 7 में दोपहर 2:30 बजे से रंग रंगीलो म्हारो राजस्थान का भव्य आयोजन किया गया है। संस्था की संस्थापक अध्यक्ष  डॉ मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा ने उपरोक्त जानकारी देते हुए बताया कि इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रख्यात गायिका इला अरुण और फिल्म एक्ट्रेस राकुल प्रीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थिति रहेंगी। कार्यक्रम में राजस्थान की महारानी मंदाकिनी कुमारी तथा घूमर नृत्य के लिए विशेष काम करने वाली ज्योति तोमर को उनके विशेष योगदान के लिए पुरस्कृत किया जाएगा। कार्यक्रम में राजस्थान के तीन कलाकारों रेखा राव, कुमार गौतम तथा विक्की हाडा को सम्मानित अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। डॉ. मंजू लोढ़ा के अनुसार राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान को कलात्मक तरीके से प्रस्तुत करने वाला यह कार्यक्रम हृदय की धड़कनों को तेज करने वाला कार्यक्रम है। उन्होंने बताया कि नृत्य नाटिका के माध्यम से हमारी सारी सदस्या राजस्थान की संस्कृति तथा वहां के तीज त्यौहार को प्रदर्शित करेंगे।
विधायक संजय उपाध्याय ने किया वर्तिका फिजियोथैरेपी क्लिनिक का उद्घाटन
मुंबई। बोरीवली विधानसभा के लोकप्रिय भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने  फिजियोथैरेपी चिकित्सा के क्षेत्र में तेजी से लोकप्रिय हो रही वर्तिका फिजियोथैरेपी क्लिनिक की ओल्ड अशोक नगर बिल्डिंग, वजीरा, बोरीवली पश्चिम स्थित नई शाखा का फीता काटकर उद्घाटन किया। उद्घाटन समारोह में विशेष अतिथि के रूप में स्थानीय नगरसेविका श्रीमती श्वेता कोरेगांवकर, गाइनेकोलॉजिस्ट डॉ सौरभ सांगोरे, नगर सेविका डॉक्टर शिल्पा सांगोरे, न्यूरोलॉजिस्ट डॉ दिनेश सिंह, दहिसर मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ मिलिंद तावते उपस्थित रहे। क्लीनिक के संचालक डॉ देवेंद्र चतुर्वेदी तथा डॉ वर्तिका चतुर्वेदी ने समस्त अतिथियों का सम्मान किया तथा उनके प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों में गीता मसूरकर, डॉ तन्वी, नेत्रा, दीपाली राजू भैया ,सुनील देवार्त आदि का समावेश रहा। वर्तिका फिजियोथैरेपी क्लीनिक की मुख्य शाखा कांदिवली पूर्व के ठाकुर विलेज में है जहां क्लीनिक को मिल रही लगातार सफलता से उत्साहित होकर दूसरी शाखा खोली गई है।
ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' की बैठक में ऑब्जर्वर के रूप में शामिल हुआ भारत, क्यों नहीं ली पूर्ण सदस्यता?

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भारत ने गुरुवार को वॉशिंगटन में गाजा बोर्ड ऑफ पीस की पहली मीटिंग में ऑब्जर्वर के तौर पर हिस्सा लिया। ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के निमंत्रण की समीक्षा के एक सप्ताह बाद भारत ने 19 फरवरी को पहली बैठक में एक पर्यवेक्षक देश के रूप में भाग लिया। अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास में तैनात भारत के चार्ज डी' अफेयर्स नामग्या सी खम्पा ने देश का प्रतिनिधित्व किया।

अमेरिका ने की 10 अरब डॉलर के योगदान की घोषणा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ‘बोर्ड ऑफ पीस’ नामक एक नए वैश्विक मंच की शुरुआत की और गाजा में युद्ध के बाद स्थिरीकरण और राहत प्रयासों के लिए अमेरिका की ओर से 10 अरब डॉलर के योगदान की घोषणा की। यह बैठक संयुक्त राज्य अमेरिका शांति संस्थान में आयोजित की गई। ट्रंप ने उद्घाटन सत्र में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और बोर्ड सदस्य जारेड कुशनर के साथ मंच साझा किया। उन्होंने कहा, “हम जो कर रहे हैं, वह एक सरल शब्द है- शांति। इसे कहना आसान है, लेकिन हासिल करना कठिन। लेकिन हम इसे हासिल करेंगे।

कौन-कौन हुआ शामिल?

वॉशिंगटन स्थित यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में आयोजित बैठक में लगभग 50 देशों के अधिकारियों ने भाग लिया। इनमें 27 देश बोर्ड के सदस्य हैं, जिनमें अजरबैजान, बेलारूस, मिस्र, हंगरी, इंडोनेशिया, इजराइल, जॉर्डन, मोरक्को, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, तुर्किये, संयुक्त अरब अमीरात, उज्बेकिस्तान और वियतनाम शामिल हैं। भारत और यूरोपीय संघ सहित अन्य देश पर्यवेक्षक के रूप में इसमें शामिल हुए।

बोर्ड ऑफ पीस क्या है?

बोर्ड ऑफ पीस को ट्रंप ने पिछले महीने वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम की सालाना बैठक में दावोस में पेश किया था। उस समय ट्रंप ने कहा था कि हर कोई इस संगठन का हिस्सा बनना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा था कि यह संगठन आगे चलकर संयुक्त राष्ट्र (UN) को टक्कर दे सकता है। शुरुआत में इस बोर्ड का मकसद गाजा में इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम की निगरानी करना था। साथ ही गाजा के पुनर्निर्माण और वहां के प्रशासन में भूमिका निभाने की बात थी। लेकिन बाद में ट्रंप की योजना इससे कहीं बड़ी हो गई। इसके चार्टर के अनुसार यह दुनिया के अन्य संघर्ष क्षेत्रों में भी शांति और स्थिरता के लिए काम कर सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद इस बोर्ड के चेयरमैन हैं।

टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षक संगठनों की बैठक, आंदोलन का ऐलान कुड़वार*
सुल्तानपुर,वर्ष 2025 में आए सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद देशभर के लाखों शिक्षकों और उनके परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा होने की बात कहते हुए शिक्षक संगठनों ने टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) अनिवार्यता के विरोध में संयुक्त आंदोलन की शुरुआत का ऐलान किया है। विभिन्न राज्यों में अलग-अलग नीतियों तथा केंद्र सरकार की ओर से अब तक स्पष्ट एवं सकारात्मक आश्वासन न मिलने से शिक्षकों में व्यापक आक्रोश और चिंता व्याप्त है। इसी पृष्ठभूमि में शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा के लिए देश के मान्यता प्राप्त शिक्षक संगठनों ने संयुक्त रूप से टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया का गठन किया है। प्रदेश स्तर पर जारी निर्देश के क्रम में आंदोलन की तैयारी को लेकर कुड़वार ब्लॉक इकाई की समीक्षा बैठक बीआरसी परिसर में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रवक्ता एवं कुड़वार अध्यक्ष के संयोजन में आयोजित की गई। बैठक में सभी संगठनों ने संयुक्त रणनीति पर विस्तार से चर्चा की और चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष दिलीप कुमार पाण्डेय ने कहा कि सभी संगठनों का एक मंच पर आना शिक्षक हितों के लिए बड़ा कदम है, जिससे जनपद के शिक्षक न केवल टीईटी पात्रता बल्कि अन्य समस्याओं के समाधान की दिशा में भी मजबूत होंगे। निजाम खान ने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन पूरी तरह संकल्पित है और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा। बैठक में सर्वसम्मति से निम्न निर्णय लिए गए— 22 फरवरी 2026: दोपहर 2 से 4 बजे तक एक्स (ट्विटर) पर हैशटैग अभियान। 23–25 फरवरी 2026: शिक्षक काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करते हुए विरोध दर्ज कराएंगे। 26 फरवरी 2026: तिकोनिया पार्क में धरना तथा शाम 4 बजे जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन। मार्च 2026 (तीसरा सप्ताह): नई दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल महारैली और केंद्र सरकार को ज्ञापन। कुड़वार जूनियर शिक्षक संघ के अध्यक्ष राजेश मिश्रा ने कहा कि टीईटी अनिवार्यता के विरोध में संगठनों की एकजुटता ही संघर्ष की सबसे बड़ी ताकत है और सभी मिलकर शिक्षक हितों की रक्षा के लिए आंदोलन करेंगे। बैठक में जूनियर शिक्षक संघ ब्लॉक मंत्री/जिला उपाध्यक्ष तौहीद खान, आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन अध्यक्ष/जिला महामंत्री प्रदीप यादव, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष धीरेन्द्र राव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्याम सुंदर यादव, संरक्षक शिवपूजन पाण्डेय, उपाध्यक्ष विनय पाण्डेय, सह संरक्षक फैज उल्लाह अंसारी, राकेश कुमार शुक्ला, सगठन मंत्रीराजमणि यादव, महिला उपाध्यक्ष मारिया सुल्ताना, शहर बानो, काशीनाथ पाण्डेय, कोषाध्यक्ष मोहम्मद मुज्तबा, मृदुल तिवारी, हसन अली, राजेंद्र प्रसाद मिश्र, अशोक मौर्य, सूर्यकेश यादव, महेंद्र कुमार पाल, अरुण बरनवाल, खालिद बशीर, सरजू पाठक, जमील अहमद, राज बहादुर यादव सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। संचालन लईक अहमद खान ने किया।
করোনা পরবর্তী কালে দীর্ঘ প্রতীক্ষার অবসান ঘটিয়ে বসিরহাটে শুরু হলো ক্রিকেট লিগ
বসিরহাট : করোনা পরবর্তী দীর্ঘ প্রতীক্ষার অবসান ঘটিয়ে অবশেষে বসিরহাটে শুরু হল ক্রিকেট লিগ। বসিরহাট মহকুমা ক্রীড়া সংস্থার পরিচালনায় ১ম ডিভিশন ক্রিকেট লিগে এবার দুটি গ্রুপে মোট ১৪টি দল অংশ নিয়েছে। বসিরহাটের সীমান্ত এলাকা থেকে সুন্দরবন সংলগ্ন বিভিন্ন অঞ্চল পর্যন্ত বিস্তৃত এই প্রতিযোগিতায় অংশগ্রহণকারী দলগুলি নিয়ে ক্রিকেটপ্রেমীদের মধ্যে বাড়তি উৎসাহ লক্ষ্য করা যাচ্ছে। বিএসএসএ মাঠে ম্যাচ শুরু হতেই সকাল থেকে দর্শকদের ভিড় জমতে থাকে। মাঠ জুড়ে উচ্ছ্বাস, করতালি আর খেলোয়াড়দের উৎসাহ দিতে শোনা যায় সমর্থকদের গলা ফাটানো আওয়াজ। অনেকের মতে, দীর্ঘদিন পর বসিরহাটে এমন প্রতিযোগিতামূলক ক্রিকেট লিগ শুরু হওয়ায় স্থানীয় খেলাধুলোর পরিবেশ আবার চাঙ্গা হয়ে উঠছে।
এই লিগ প্রসঙ্গে উত্তর ২৪ পরগণা জেলা ক্রীড়া সংস্থার সম্পাদক নবাব ভট্টাচার্য্য ,বসিরহাটের প্রতিনিধি তথা বসিরহাট মহকুমা ক্রীড়া সংস্থার প্রাক্তন সম্পাদক বরুণ ভট্টাচার্য্য জানান, আগামী প্রজন্মের জন্য এই ধরনের উদ্যোগ অত্যন্ত গুরুত্বপূর্ণ। তার কথায়, "এই লিগের মাধ্যমে তরুণ ক্রিকেটাররা জেলা, রাজ্য এমনকি দেশের স্তরে নিজেদের প্রতিষ্ঠিত করার স্বপ্ন দেখছে। ভবিষ্যতে এই প্রতিযোগিতা আরও উন্নত ও বৃহত্তর পরিসরে আয়োজন করা হবে বলেও তিনি আশাবাদী।"এক ক্রিকেট প্রেমী তাপস দাস বলেন, "করোনার পরে এত বড় ক্রিকেট লিগ বসিরহাটে হবে ভাবতেই পারিনি। স্থানীয় ছেলেরা ভালো মানের ক্রিকেট খেলছে, এতে তাদের আত্মবিশ্বাস বাড়বে। এমন লিগ নিয়মিত হলে এখান থেকে ভালো ক্রিকেটার উঠে আসবেই।" সব মিলিয়ে বসিরহাটে শুরু হওয়া এই ক্রিকেট লিগ শুধু একটি প্রতিযোগিতা নয়, বরং দীর্ঘ বিরতির পর এলাকার ক্রীড়া সংস্কৃতিকে নতুন করে প্রাণ ফেরানোর এক গুরুত্বপূর্ণ উদ্যোগ হিসেবেই দেখছেন ক্রীড়াপ্রেমী মানুষজন।