देवघर-भाजपा के सत्संग नगर मंडल की एक बैठक हुई जिसमें प्रभारी के रूप में जिला उपाध्यक्ष पंकज सिंह भदौरिया उपस्थित रहे।
देवघर: 8 जून 2026 को भारतीय जनता पार्टी के सत्संग नगर मंडल की एक बैठक हुई जिसमें प्रभारी के रूप में जिला उपाध्यक्ष पंकज सिंह भदौरिया उपस्थित थें l बैठक में 10 तारीख को SIR पर जिला कार्यशाला, केंद्र सरकार के 12 सालों के जनकल्याणकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाना, मेरा बूथ सबसे मजबूत, एक पेड़ माँ के नाम तथा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन को लेकर विचार विमर्श किया गया l बैठक में मुख्य रूप से जिला उपाध्यक्ष पंकज सिंह भदौरिया,निर्मल मिश्रा, संध्या कुमारी, सरिता बरनवाल, प्रेमलता बरनवाल, संगीता बरनवाल, उमिता बरनवाल, राजेश गुप्ता,सुभेंदु सुमन अमित,टुनटुन कुमार, अमित शेखर ठाकुर आदि लोग मौजूद थे l
देवघर-स्वर्गीय शिबू सोरेन के पूर्व आप्त सचिव रहे विवेक राउत के पिताजी के ब्रह्म भोज (डूमरथर) इंटक के प्रदेश सचिव अजय कुमार हुए शामिल।
देवघर: के मोहनपुर प्रखंड कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष पंजाबी राउत के चाचा व स्वर्गीय शिबू सोरेन के पूर्व आप्त सचिव रहे विवेक राउत के पिताजी के ब्रह्म भोज (डूमरथर) में शामिल होकर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए झारखंड प्रदेश इंटक के प्रदेश सचिव अजय कुमार एवं देवघर जिला कांग्रेस अनुसूचित विभाग के जिला अध्यक्ष नित्यानंद सेवक अजय कुमार प्रदेश सचिव झारखंड प्रदेश इंटक
देवघर-कांग्रेस सेवा दल के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष अजय कुमार ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव से मांग।
देवघर: झारखंड प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष अजय कुमार ने केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्वनी वैष्णव से वरिष्ठ नागरिकों को फिर से यात्रा में रियायत देने तथा सामान्य श्रेणी में भी सुविधा प्रदान करने की मांग की है। श्री कुमार ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की रियायतों को खत्म करने से वरिष्ठ नागरिक अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं एवं उन्हें कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना भी करना पड़ रहा है। श्री कुमार ने कहा कि सामान्य श्रेणी में भी बहुत सारी सुविधाओं के न रहने के कारण सामान्य श्रेणी के यात्रियों को बहुत सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है परिणाम स्वरूप वह सारी सुविधाएं उन्हें नहीं मिल पा रही हैं जिस सुविधा के यात्रीगण हकदार हैं। अजय कुमार पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष झारखंड प्रदेश कांग्रेस सेवा दल
परीक्षा शुल्क में 46% वृद्धि, अंकसूची सत्यापन शुल्क ₹5000 एवं प्रतिवर्ष 5% शुल्क वृद्धि का निर्णय छात्र विरोधी : अभाविप

रायपुर-  अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), रायपुर महानगर ने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा परीक्षा शुल्क, अंकसूची सत्यापन शुल्क तथा अन्य शैक्षणिक शुल्कों में की गई भारी वृद्धि का कड़ा विरोध किया है। परिषद का मानना है कि एक शासकीय विश्वविद्यालय का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती शिक्षा उपलब्ध कराना होता है, किंतु विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा हाल ही में लिए गए निर्णय छात्रों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालने वाले तथा शिक्षा के बढ़ते व्यापारीकरण को बढ़ावा देने वाले हैं।

अभाविप ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने सेमेस्टर परीक्षा शुल्क ₹1075 एवं वार्षिक परीक्षा शुल्क ₹1085 को बढ़ाकर सीधे ₹1580 कर दिया है, जो लगभग 46 प्रतिशत की एकमुश्त वृद्धि है। यह वृद्धि विशेष रूप से गरीब, मध्यमवर्गीय एवं ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों के लिए गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न करेगी। इसके साथ ही आगामी सत्रों में प्रतिवर्ष 5 प्रतिशत शुल्क वृद्धि का प्रावधान लागू करना यह दर्शाता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के हितों की अपेक्षा राजस्व वृद्धि को प्राथमिकता दे रहा है। परिषद का मानना है कि इस प्रकार का निर्णय उच्च शिक्षा को आम विद्यार्थियों की पहुंच से दूर करने वाला है।

अभाविप ने अंकसूची एवं पाठ्यक्रम सत्यापन शुल्क को बढ़ाकर ₹5000 किए जाने के निर्णय पर भी गंभीर आपत्ति व्यक्त की है। परिषद के अनुसार नौकरी, उच्च शिक्षा अथवा अन्य शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए सत्यापन की आवश्यकता पड़ने वाले विद्यार्थियों एवं भूतपूर्व छात्रों के लिए इतनी बड़ी राशि देना अत्यंत कठिन होगा। इसी प्रकार उपाधि प्रमाण पत्र प्राप्त करते समय नाम अथवा अन्य विवरणों में सुधार के लिए ₹500 शुल्क निर्धारित करना भी अनुचित है, क्योंकि अनेक मामलों में त्रुटियां विश्वविद्यालय स्तर की लिपिकीय गलतियों के कारण उत्पन्न होती हैं, जिसका आर्थिक भार विद्यार्थियों पर नहीं डाला जाना चाहिए।

अभाविप रायपुर महानगर मंत्री सुजल गुप्ता ने कहा कि, “पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा लिया गया यह निर्णय छात्रों के हितों पर सीधा प्रहार है। एक ओर देश में उच्च शिक्षा को अधिक सुलभ और समावेशी बनाने की बात की जा रही है, वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ाने का कार्य कर रहा है। परीक्षा शुल्क में 46 प्रतिशत की वृद्धि, प्रतिवर्ष शुल्क बढ़ाने का निर्णय अभाविप किसी भी परिस्थिति में छात्रों के हितों से समझौता नहीं होने देगा।

अभाविप ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि परीक्षा शुल्क में की गई 46 प्रतिशत वृद्धि को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए, प्रतिवर्ष 5 प्रतिशत शुल्क वृद्धि के निर्णय को निरस्त किया जाए, अंकसूली एवं पाठ्यक्रम सत्यापन शुल्क को युक्तिसंगत बनाया जाए तथा नामांकन एवं पंजीयन सुधार शुल्क को समाप्त किया जाए। परिषद ने स्पष्ट किया है कि यदि छात्र हितों की अनदेखी करते हुए इन जनविरोधी निर्णयों को वापस नहीं लिया गया तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छात्र समुदाय के साथ व्यापक एवं उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी ज्ञापन में मुख्य रूप से प्रदेश सह मंत्री प्रथम फूटाने, महानगर सह मंत्री आशीष, मन, शीतल,सुनाए, संकल्प, निखिल ,भागीरथी एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

।। কারণ অজানা, দীর্ঘদিন বন্ধ গুরুত্বপূর্ণ গেট; আন্দোলনের হুঁশিয়ারি পড়ুয়া ও অভিভাবকদের ।।
বসিরহাট : বসিরহাট হাসপাতাল চত্বরের একটি গুরুত্বপূর্ণ গেট দীর্ঘদিন ধরে বন্ধ থাকায় চরম ভোগান্তির শিকার হচ্ছেন স্কুল পড়ুয়া, অভিভাবক, রোগী ও তাদের পরিজনেরা। সোমবার এই সমস্যার প্রতিবাদে বসিরহাট পৌরসভার ৫ নম্বর ওয়ার্ডের নৈহাটি কলোনি এলাকায় বিক্ষোভে সামিল হন স্থানীয় বাসিন্দা, অভিভাবক এবং স্কুলের ছাত্র-ছাত্রীরা। স্থানীয় সূত্রে জানা গিয়েছে, গেটটি বসিরহাট জেলা হাসপাতাল, সুপার স্পেশালিটি হাসপাতাল এবং আশপাশের শিক্ষাপ্রতিষ্ঠানে যাতায়াতের অন্যতম গুরুত্বপূর্ণ পথ। বসিরহাট শহরের একাংশের পাশাপাশি টাকি পৌর এলাকা সহ সুন্দরবন সংলগ্ন প্রান্তিক এলাকা হাসনাবাদ, হিঙ্গলগঞ্জ সহ বিস্তীর্ণ অঞ্চল থেকে আসা বহু মানুষ এই পথ ব্যবহার করে হাসপাতালে পৌঁছাতেন। এছাড়াও এলাকার দুটি স্কুলের প্রায় দেড়শো পড়ুয়ার নিয়মিত যাতায়াতের জন্যও এই গেট অত্যন্ত গুরুত্বপূর্ণ। অভিযোগ, দীর্ঘদিন ধরে গেটটি বন্ধ থাকায় ছাত্র-ছাত্রীদের স্কুলে যেতে অতিরিক্ত পথ ঘুরে যেতে হচ্ছে। অনেক ক্ষেত্রে ছোট ছোট পড়ুয়াদের পাঁচিল টপকে যাতায়াত করতে হচ্ছে, যা অত্যন্ত ঝুঁকিপূর্ণ। অভিভাবকদের দাবি, যেকোনো সময় বড় ধরনের দুর্ঘটনা ঘটতে পারে। একইভাবে রোগী ও তাদের পরিবারের সদস্যদেরও হাসপাতালে পৌঁছাতে বাড়তি সময় ও সমস্যার মুখোমুখি হতে হচ্ছে। এই পরিস্থিতিতে ক্ষোভে ফেটে পড়েন এলাকার মানুষ। সোমবার হাতে প্ল্যাকার্ড নিয়ে বন্ধ গেটের সামনে বিক্ষোভে শামিল হন পড়ুয়া, অভিভাবক এবং স্থানীয় বাসিন্দারা। তাদের দাবি, অবিলম্বে গেট খুলে সাধারণ মানুষের যাতায়াত স্বাভাবিক করতে হবে। দীর্ঘদিন ধরে সমস্যার কথা বিভিন্ন মহলে জানানো হলেও এখনও পর্যন্ত কোনও কার্যকর পদক্ষেপ নেওয়া হয়নি বলেও অভিযোগ করেন বিক্ষোভকারীরা।
স্থানীয়দের আরও প্রশ্ন, এত গুরুত্বপূর্ণ একটি গেট কী কারণে বন্ধ রাখা হয়েছে, সেই বিষয়ে কোনও সরকারি দপ্তর বা সংশ্লিষ্ট কর্তৃপক্ষ এখনও স্পষ্ট ব্যাখ্যা দেয়নি। ফলে সাধারণ মানুষের মধ্যে বিভ্রান্তি ও ক্ষোভ আরও বাড়ছে। বিক্ষোভকারীদের দাবি, প্রশাসন দ্রুত বিষয়টি নিয়ে হস্তক্ষেপ করুক এবং গেট বন্ধ রাখার কারণ প্রকাশের পাশাপাশি সমস্যার স্থায়ী সমাধান করুক।
বিক্ষোভকারীরা হুঁশিয়ারি দিয়ে জানিয়েছেন, দ্রুত গেট না খোলা হলে আগামী দিনে বৃহত্তর আন্দোলনে নামবেন তাঁরা। শিক্ষার্থী ও রোগীদের স্বার্থে প্রশাসনের জরুরি পদক্ষেপের দাবিই এখন এলাকার মানুষের প্রধান দাবি হয়ে উঠেছে।
मोबाइल टावर पर चढ़ी सोशल मीडिया क्रिएटर काजल,जेल में बंद प्रेमी के साथ रहने की की मांग
*काजल ने खुद जेल भिजवाया था प्रेमी को

गोंडा।जिले के इटियाथोक थाना क्षेत्र अंतर्गत दिखलौल ग्राम पंचायत के मर्दन पुरवा गांव में सोमवार शाम लगभग 5 बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब सोशल मीडिया क्रिएटर काजल सिंह अपने प्रेमी के साथ रहने की मांग को लेकर 125 फिट ऊंचे जियो टावर पर चढ़ गई और टावर की लगभग 100 फिट की ऊंचाई पर बैठ गई।मामले की सूचना मिलते ही पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर शिल्पा वर्मा व इटियाथोक थाने के प्रभारी निरीक्षक कमला कांत त्रिपाठी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।काजल सिंह की मांग है कि उसके प्रेमी को जेल से रिहा किया जाए और उसे साथ रहने दिया जाए।यहाँ बताते चलें कि काजल सिंह ने ही अपने प्रेमी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया था,जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर जिला मुख्यालय स्थित मंडलीय कारागार भेज दिया गया था।पुलिसकर्मी लगातार काजल सिंह से फोन और लाउडस्पीकर के माध्यम से नीचे उतरने का आग्रह कर रहे हैं।उन्हें कार्रवाई का आश्वासन भी दिया जा रहा है,परन्तु काजल सिंह नीचे उतरने के लिए तैयार नहीं है।काजल एक घंटे से अधिक समय से टावर पर 100 फिट की उंचाई पर बैठी हुई है।यह गांव काजल सिंह का ससुराल बताया जा रहा है,जहाँ उनकी शादी हुई थी।ससुराल के ही एक युवक के साथ काजल सिंह के प्रेम संबंध थे।इस घटना के बाद काजल के पति ने उन्हें छोड़ दिया था।पति के छोड़ने के बाद काजल सिंह ने अपने प्रेमी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया था,जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर शिल्पा वर्मा ने बताया कि मौके पर पहुंचकर काजल सिंह को समझाने का प्रयास किया जा रहा है और आश्वासन दिया जा रहा है कि उसकी जो भी मांग है,वह सभी मांग पूरी की जाएगी उसके बाद भी वह नीचे उतरने के लिए तैयार नहीं है।टावर 125 फिट ऊंचा है और वह 100 फिट पर चढ़कर बैठी हुई है।काजल वहीं पर सो गई थी परन्तु लाउडस्पीकर से बोलने से वह जाग गई है।उसकी मांग है कि उसने अपने प्रेमी के खिलाफ मुकदमा लिखवा कर के उसे जैसे जेल भेजा था,उसे जेल से छोड़ा जाए और उसे जेल से छुड़वा करके यहाँ लाया जाए,ताकि वह उसके साथ रह सके।हम लोगों ने आश्वासन दिया है कि आपके बयान पर ही आपका प्रेमी जेल से छूट जाएगा।हमलोग पिछले एक घंटे से लगातार उसको नीचे उतारने का प्रयास कर रहे हैं।
रतनपुर पमारान में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
बिना रजिस्ट्रेशन मेडिकल स्टोरों और झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार, ग्रामीणों की जान से हो रहा खिलवाड़


अमृतपुर फर्रुखाबाद

फर्रुखाबाद के विकास खंड राजेपुर क्षेत्र के अंतर्गत राजपुर गुडेरा संपर्क मार्ग पर स्थित रतनपुर पमारान  में बिना पंजीकरण संचालित मेडिकल स्टोरों और झोलाछाप डॉक्टरों का जाल तेजी से फैलता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की कथित अनदेखी के चलते अवैध रूप से चल रहे क्लीनिक और मेडिकल स्टोर ग्रामीणों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में कई मेडिकल स्टोर बिना वैध लाइसेंस के दवाओं की बिक्री कर रहे हैं। जबकि स्वयंभू डॉक्टर बिना किसी मान्यता प्राप्त डिग्री और चिकित्सकीय योग्यता के मरीजों का उपचार कर रहे हैं। मरीजों को मनमाने ढंग से दवाएं देकर मोटी रकम वसूली जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद संबंधित विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जिससे अवैध कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीणों को मजबूरी में ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों के पास इलाज कराने जाना पड़ रहा है। जिससे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम उत्पन्न हो रहे हैं।

क्षेत्रवासियों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि रतनपुर पमारान में संचालित अवैध मेडिकल स्टोरों और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर जांच कराई जाए तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
जबकि अवैध बंगाली डॉक्टर की प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी प्रमित राजपूत द्वारा क्लीनिक को सील कर दिया गया था लेकिन जवाब दे नोटिस भी चश्मा किया गया था पता नहीं किस कारण वर्ष उसका फिर से क्लिनिक फलने फूलने लगा है क्या यही स्वास्थ्य व्यवस्था है और विभाग में बैठे अधिकारी भी मोटी रकम लेकर ऐसे बिना लाइसेंस धारक डॉक्टरों को शरण दे देते हैं जो अवैध तरीके से डॉक्टर कर रहे हैं
स्वदेशी जागरण मंच के प्रांतीय विचार वर्ग में स्वावलंबी भारत का रोडमैप तैयार, नई जिम्मेदारियों की घोषणा* :- *धर्मेंद्र को मिली बड़ी जिम्मेदारी*
सुल्तानपुर:-5 और 6 जून को स्वदेशी जागरण मंच काशी प्रांत एवं 'स्वावलंबी भारत अभियान' के संयुक्त तत्वावधान मे वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के सेवा योजन भवन सभागार में दो दिवसीय प्रांतीय विचार वर्ग"भारत माता एवं दत्तोपंत ठेंगड़ी की प्रतिमा के समकक्ष दीप प्रज्वलित कर अत्यंत गरिमापूर्ण एवं उत्साहजनक शुभारंभ हुआ।

विचार वर्ग में अखिल भारतीय राष्ट्रीय सह संगठक माननीय सतीश जी,अखिल भारतीय सह संयोजक डा राजीव जी,अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डा विजय कुमार सिंह जी,क्षेत्र संयोजक व क्षेत्र समन्वयक अनुपम जी तथा प्रांत संयोजक डॉ अखिलेश त्रिपाठी जी का उद्बोधन प्राप्त हुआ। प्रांतीय विचार वर्ग के प्रथम दिन विभिन्न सत्रों के माध्यम से स्वरोजगार और एम.एस.एम.ई.की स्थापना को लेकर व्यापक रोडमैप तैयार किया गया।
इस दो दिवसीय वैचारिक अनुष्ठान का मूल उद्देश्य "स्वावलंबी भारत की ओर" बढ़ते हुए स्वदेशी, स्वाभिमान, ग्राम विकास और राष्ट्र निर्माण के पावन संकल्प को सुदृढ़ करना है।

उद्घाटन सत्र के पश्चात विचार वर्ग के प्रथम दिन का मुख्य वैचारिक सत्र लेते हुए मुख्य अतिथि *कुलपति वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रोफ़ेसर वंदना सिंह* ने महिला कार्य युवा कार्य एवं वरिष्ठ नागरिक आयाम ,विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किये।
*अखिल भारतीय राष्ट्रीय सह संगठक माननीय सतीश जी* ने अपने ओजस्वी और दिशा-निर्देशक संबोधन में कहा कि विकसित भारत कि आधारशिला स्वदेशी और स्वावलंबन है उन्होंने कहा कि केवल सरकारी नौकरियों के माध्यम से देश के सभी युवाओं को औसर उपलब्ध नहीं कराये जा सकते इसलिए युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता की ओर बढ़ना होगा।
*अखिल भारतीय सह संयोजक श्री राजीव जी* ने अपने संबोधन में  स्थानीय उत्पादों कुटीर उद्योगों,कृषि आधारित उद्यमो तथा भारतीय तकनीक को बढ़ावा देने पर बल देते हुए कहा की आज के युवाओं को नौकरी तलाशते वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनने का संकल्प लेना चाहिए।
*प्रांत संयोजक डॉ अखिलेश त्रिपाठी जी* ने अपने संबोधन में कहा की भारत की वास्तविक शक्ति उसकी आत्मनिर्भरता और स्वदेशी मूल्यों में निहित है। उन्होंने कहा, *"हमारी वर्तमान शिक्षा प्रणाली और युवा ऊर्जा को इस प्रकार समन्वित होना होगा कि वे केवल रोजगार की कतार में खड़े न हों, बल्कि स्वयं नए रोजगारों के सृजक (जॉब प्रोवाइडर) बनें।वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जैसे देश के हर अग्रणी संस्थान युवाओं को नवाचार और स्टार्टअप की व्यावहारिक राह दिखाकर सराहनीय कार्य कर रहे हैं।
*क्षेत्र संयोजक व क्षेत्र समन्वयक अनुपम  श्रीवास्तव जी* कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वावलंबी भारत अभियान आज देश के प्रत्येक नागरिक को आत्मनिर्भर बनाने का एक महायज्ञ है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे ऋण लेने और उद्योग स्थापित करने की प्रक्रियाओं से डरे बिना सरकार की कल्याणकारी और उद्यम-हितैषी योजनाओं का भरपूर लाभ उठाएं।साथ में अनुपम श्रीवास्तव ने विचार वर्ग के समापन सत्र के दौरान कार्यकर्ताओं के दायित्व की घोषणा अखिल भारतीय राष्ट्रीय सह संगठक माननीय सतीश जी,अखिल भारतीय सह संयोजक डा राजीव जी,अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डा विजय कुमार सिंह जी तथा प्रांत संयोजक डॉ अखिलेश त्रिपाठी की मौजूदगी में किया जिसमें *धर्मेंद्र द्विवेदी* प्रांत की जिम्मेदारी देते हुए सह प्रांत प्रचार विभाग प्रमुख एवं *नीलम त्रिपाठी* को विभाग महिला प्रमुख से प्रांत सह समन्वयक महिल की जिम्मेदारी दिया गया। सुल्तानपुर विभाग में *राजीव त्रिपाठी* को विभाग संयोजक, *सुश्री सुधा सिंह* जी को विभाग महिला समन्वयक, *डॉ अशोक मिश्रा जी* को विचार विभाग प्रमुख,  *विजय प्रधान जी* विभाग संपर्क प्रमुख एवं जिला संरक्षक,*सुरेश जी (एस राज ज्वैलर्स)* सह विचार विभाग प्रमुख,नवरंग सिंह एवं अधिवक्ता आशीष तिवारी को सह विभाग संयोजक, जिला वरिष्ठ आयाम प्रमुख अधिवक्ता सुरेंद्र जी,*गंगा सरण जिला संयोजक सुल्तानपुर*, जिला सहसंयोजक अजय सिंह एवं दीपक मिश्रा,*शालिनी त्रिपाठी* जिला महिला प्रमुख, जिला सह महिला प्रमुख हेमलता एवं शशि द्विवेदी, *रश्मि शुक्ला* जिला महिला समन्वयक,  *उर्मिला शर्मा* कादीपुर जिला महिला प्रमुख,  *पूजा श्रीवास्तव* जिला महिला समन्वयक , युवा उद्यमी प्रमुख ऋचा मालवीय, *जनार्दन यादव को जिला सह संपर्क प्रमुख*,जिला महिला संपर्क प्रमुख पूजा यादव एवं सह महिला संपर्क प्रमुख रुचि श्रीवास्तव, जिला विचार महिला प्रमुख दीपा मिश्रा ज्योतिषाचार्य एवं जिला सह विचार महिला प्रमुख सुनीता सिंह,जिला पर्यावरण विभाग महिला अनुराधा सोनी जिला सह पर्यावरण विभाग महिला गुंजन श्रीवास्तव, जिला प्रचार विभाग प्रमुख ईश्वर दत्त पांडे जिला सह प्रचार विभाग प्रमुख संजय मिश्रा (मिश्रा ढाबा),सुल्तानपुर के स्वदेशी जागरण मंच के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई
कार्यक्रम में काशी प्रांत एवं सुल्तानपुर विभाग के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने स्वदेशी, स्वावलंबी एवं विकसित भारत के निर्माण हेतु पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प लिया।।कार्यक्रम का समापन वंदे मातरम् गीत से किया गया।
चार करोड़ से सुधरेगी बेसिक स्कूलों की सूरत*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में 4.4 करोड़ के कंपोजिट ग्रांट से जिले के 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालयों की सूरत सुधरेगी। शासन ने पहली किस्त के रूप में दो करोड़ दो लाख जारी कर दिया है। बेसिक शिक्षा विभाग छात्र संख्या के हिसाब से एसएमसी (विद्यालय प्रबंधन समिति) के खाते में धनराशि भेजनी शुरू कर दी है। प्रधानाध्यापक जरूरत के हिसाब से विद्यालय के विकास पर रकम खर्च कर सकेंगे। जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय में एक लाख 30 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। पहले रंग-रोगन के नाम पर सभी विद्यालयों को सात से 10 हजार रुपये शासन से मिलते थे। इससे स्कूलों की न तो ठीक से रंगाई-पुताई हो पाती थी और न ही दूसरे सामान की खरीदारी। 2019-20 सत्र से सरकार ने स्कूलों में छात्र संख्या के आधार पर कंपोजिट ग्रांट आवंटित करना शुरू किया। साल में दो बार में यह धनराशि स्कूलों को दी जाती है। पहली किस्त शिक्षा सत्र शुरू होने के बाद और दूसरी किस्त बारिश का सीजन खत्म होने पर भेजा जाता है। जिससे प्रधानाध्यापक जरूरत के हिसाब से स्कूलों में काम कराते हैं।


विभाग के अनुसार एक से 30 तक बच्चों की संख्या पर 10 हजार, 30 से 100 बच्चों पर 25 हजार, 100 से 250 बच्चों पर 50 हजार, 250 से 1000 बच्चों पर 75 हजार और 1000 से अधिक बच्चों वाले स्कूलों को एक लाख ग्रांट राशि जारी की जाती है। आवंटित ग्रांट को विद्यायल प्रबंधन समिति रंगरोगन, चहारदीवारी निर्माण, ढोलक, हारमोनियम सहित शैक्षिक और खेलकूद सामग्री पर खर्च करता है। पूर्व में जिन स्कूलों में न खेल सामग्री और न ही संगीत से जुड़े उपकरण थे वहां अब यह व्यवस्थाएं हो चुकी है।
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*कंपोजिट ग्रांट से ये कार्य कर सकेंगे प्रधानाध्यापक*

कंपोजिट ग्रांट से प्रधानाध्यापक विद्यालयों में मरम्मत, रंगाई पुराई के अलावा अन्य कार्य करा सकेंगे। धनराशि को विद्यालयों में पेयजल, शिक्षण सहायक सामग्री, कक्षों में टाइल्स लगवाने, फर्स्ट एड बाॅक्स, अग्निशमन यंत्र, विद्युत उपकरण की खरीदारी, कंप्यूटर कक्ष, अनुरक्षण कार्य में खर्च कर सकते हैं। आवश्यकतानुसार पेंटिग कार्य, स्टेशन, टाट पट्टी, चटाई, दरी, रेडियो प्रोग्राम, सांस्कृतिक कार्यक्रम के उपकरण, सामान्य सामग्री, बागवानी किट जैसी जरूरतों को पूरा कर सकते हैं।



कंपोजिट ग्रांट में 50 प्रतिशत धनराशि अवमुक्त हुई है। छात्र संख्या के आधार पर विद्यालयों में भेजने की तैयारी की जा रही है। जिससे विद्यालयों में जरूरी कार्य संपन्न कराए जा सकें। - शिवम पांडेय बीएसए
20 पीएचसी पर लगेगी बॉयोमैट्रिक हाजिरी, रुकेगी मनमानी
*सिलिंडर के दाम बढ़ने से 5 लाख उपभोक्ता पर महंगाई की मार*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले के 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी बायोमैट्रिक अटेंडेंस मशीनें लगाई जाएंगे। इससे डॉक्टरों और कर्मचारियों की लेटलतीफी पर अंकुश लगेगा। स्वास्थ्य विभाग इसकी कवायद में जुट गया है। अगस्त से यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी। जिले में तीन राजकीय जिला अस्पताल, छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। जिला अस्पताल और सीएचसी में यह व्यवस्था पहले से ही है, लेकिन पीएचसी में अभी रजिस्टर पर ही हाजिरी लगाई जाती है। ऐसे में इन केंद्रों पर डॉक्टर और कर्मचारी समय से नहीं पहुंचते। कोई वाराणसी तो कोई प्रयागराज से ड्यूटी करने आता है। इसको लेकर शिकायतें भी मिलती रहती हैं। अधिकारियों के निरीक्षण में भी कई बार ऐसी मनमानी पकड़ी जा चुकी है। इसलिए सभी पीएचसी पर भी बायोमैट्रिक अटेंडेंस मशीन लगाई जाएगी। चकटोडर, हरिहरपुर, लालानगर, डेरवा, जयरामपुर, मानिकपुर, गिर्दबड़गांव सहित 20 पीएचसी पर रोज 1000 से 1200 मरीजों की ओपीडी होती है। बायोमेट्रिक मशीन लगने के बाद डॉक्टरों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज होगी। इसके आधार पर ही वेतन मिलेगा। इससे अस्पताल देरी से आने वाले और समय से पहले चले जाने वाले स्वास्थ्यकर्मियों की मनमानी पर रोक लग सकेगी।



पीएचसी पर लोगों को बेहतर सुविधाओं का लाभ लोगों को मिल रहा है। कुछ अस्पतालों में लेटलतीफी की शिकायतें मिलती हैं। इसलिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस की व्यवस्था की जा रही है। अगस्त में सभी पीएचसी पर मशीनें लगाने का काम शुरू किया जाएगा। - डॉ. एसके चक, सीएमओ भदोही
देवघर-भाजपा के सत्संग नगर मंडल की एक बैठक हुई जिसमें प्रभारी के रूप में जिला उपाध्यक्ष पंकज सिंह भदौरिया उपस्थित रहे।
देवघर: 8 जून 2026 को भारतीय जनता पार्टी के सत्संग नगर मंडल की एक बैठक हुई जिसमें प्रभारी के रूप में जिला उपाध्यक्ष पंकज सिंह भदौरिया उपस्थित थें l बैठक में 10 तारीख को SIR पर जिला कार्यशाला, केंद्र सरकार के 12 सालों के जनकल्याणकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाना, मेरा बूथ सबसे मजबूत, एक पेड़ माँ के नाम तथा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन को लेकर विचार विमर्श किया गया l बैठक में मुख्य रूप से जिला उपाध्यक्ष पंकज सिंह भदौरिया,निर्मल मिश्रा, संध्या कुमारी, सरिता बरनवाल, प्रेमलता बरनवाल, संगीता बरनवाल, उमिता बरनवाल, राजेश गुप्ता,सुभेंदु सुमन अमित,टुनटुन कुमार, अमित शेखर ठाकुर आदि लोग मौजूद थे l
देवघर-स्वर्गीय शिबू सोरेन के पूर्व आप्त सचिव रहे विवेक राउत के पिताजी के ब्रह्म भोज (डूमरथर) इंटक के प्रदेश सचिव अजय कुमार हुए शामिल।
देवघर: के मोहनपुर प्रखंड कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष पंजाबी राउत के चाचा व स्वर्गीय शिबू सोरेन के पूर्व आप्त सचिव रहे विवेक राउत के पिताजी के ब्रह्म भोज (डूमरथर) में शामिल होकर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए झारखंड प्रदेश इंटक के प्रदेश सचिव अजय कुमार एवं देवघर जिला कांग्रेस अनुसूचित विभाग के जिला अध्यक्ष नित्यानंद सेवक अजय कुमार प्रदेश सचिव झारखंड प्रदेश इंटक
देवघर-कांग्रेस सेवा दल के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष अजय कुमार ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव से मांग।
देवघर: झारखंड प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष अजय कुमार ने केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्वनी वैष्णव से वरिष्ठ नागरिकों को फिर से यात्रा में रियायत देने तथा सामान्य श्रेणी में भी सुविधा प्रदान करने की मांग की है। श्री कुमार ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की रियायतों को खत्म करने से वरिष्ठ नागरिक अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं एवं उन्हें कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना भी करना पड़ रहा है। श्री कुमार ने कहा कि सामान्य श्रेणी में भी बहुत सारी सुविधाओं के न रहने के कारण सामान्य श्रेणी के यात्रियों को बहुत सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है परिणाम स्वरूप वह सारी सुविधाएं उन्हें नहीं मिल पा रही हैं जिस सुविधा के यात्रीगण हकदार हैं। अजय कुमार पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष झारखंड प्रदेश कांग्रेस सेवा दल
परीक्षा शुल्क में 46% वृद्धि, अंकसूची सत्यापन शुल्क ₹5000 एवं प्रतिवर्ष 5% शुल्क वृद्धि का निर्णय छात्र विरोधी : अभाविप

रायपुर-  अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), रायपुर महानगर ने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा परीक्षा शुल्क, अंकसूची सत्यापन शुल्क तथा अन्य शैक्षणिक शुल्कों में की गई भारी वृद्धि का कड़ा विरोध किया है। परिषद का मानना है कि एक शासकीय विश्वविद्यालय का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती शिक्षा उपलब्ध कराना होता है, किंतु विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा हाल ही में लिए गए निर्णय छात्रों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालने वाले तथा शिक्षा के बढ़ते व्यापारीकरण को बढ़ावा देने वाले हैं।

अभाविप ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने सेमेस्टर परीक्षा शुल्क ₹1075 एवं वार्षिक परीक्षा शुल्क ₹1085 को बढ़ाकर सीधे ₹1580 कर दिया है, जो लगभग 46 प्रतिशत की एकमुश्त वृद्धि है। यह वृद्धि विशेष रूप से गरीब, मध्यमवर्गीय एवं ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों के लिए गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न करेगी। इसके साथ ही आगामी सत्रों में प्रतिवर्ष 5 प्रतिशत शुल्क वृद्धि का प्रावधान लागू करना यह दर्शाता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के हितों की अपेक्षा राजस्व वृद्धि को प्राथमिकता दे रहा है। परिषद का मानना है कि इस प्रकार का निर्णय उच्च शिक्षा को आम विद्यार्थियों की पहुंच से दूर करने वाला है।

अभाविप ने अंकसूची एवं पाठ्यक्रम सत्यापन शुल्क को बढ़ाकर ₹5000 किए जाने के निर्णय पर भी गंभीर आपत्ति व्यक्त की है। परिषद के अनुसार नौकरी, उच्च शिक्षा अथवा अन्य शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए सत्यापन की आवश्यकता पड़ने वाले विद्यार्थियों एवं भूतपूर्व छात्रों के लिए इतनी बड़ी राशि देना अत्यंत कठिन होगा। इसी प्रकार उपाधि प्रमाण पत्र प्राप्त करते समय नाम अथवा अन्य विवरणों में सुधार के लिए ₹500 शुल्क निर्धारित करना भी अनुचित है, क्योंकि अनेक मामलों में त्रुटियां विश्वविद्यालय स्तर की लिपिकीय गलतियों के कारण उत्पन्न होती हैं, जिसका आर्थिक भार विद्यार्थियों पर नहीं डाला जाना चाहिए।

अभाविप रायपुर महानगर मंत्री सुजल गुप्ता ने कहा कि, “पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा लिया गया यह निर्णय छात्रों के हितों पर सीधा प्रहार है। एक ओर देश में उच्च शिक्षा को अधिक सुलभ और समावेशी बनाने की बात की जा रही है, वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ाने का कार्य कर रहा है। परीक्षा शुल्क में 46 प्रतिशत की वृद्धि, प्रतिवर्ष शुल्क बढ़ाने का निर्णय अभाविप किसी भी परिस्थिति में छात्रों के हितों से समझौता नहीं होने देगा।

अभाविप ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि परीक्षा शुल्क में की गई 46 प्रतिशत वृद्धि को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए, प्रतिवर्ष 5 प्रतिशत शुल्क वृद्धि के निर्णय को निरस्त किया जाए, अंकसूली एवं पाठ्यक्रम सत्यापन शुल्क को युक्तिसंगत बनाया जाए तथा नामांकन एवं पंजीयन सुधार शुल्क को समाप्त किया जाए। परिषद ने स्पष्ट किया है कि यदि छात्र हितों की अनदेखी करते हुए इन जनविरोधी निर्णयों को वापस नहीं लिया गया तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छात्र समुदाय के साथ व्यापक एवं उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी ज्ञापन में मुख्य रूप से प्रदेश सह मंत्री प्रथम फूटाने, महानगर सह मंत्री आशीष, मन, शीतल,सुनाए, संकल्प, निखिल ,भागीरथी एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

।। কারণ অজানা, দীর্ঘদিন বন্ধ গুরুত্বপূর্ণ গেট; আন্দোলনের হুঁশিয়ারি পড়ুয়া ও অভিভাবকদের ।।
বসিরহাট : বসিরহাট হাসপাতাল চত্বরের একটি গুরুত্বপূর্ণ গেট দীর্ঘদিন ধরে বন্ধ থাকায় চরম ভোগান্তির শিকার হচ্ছেন স্কুল পড়ুয়া, অভিভাবক, রোগী ও তাদের পরিজনেরা। সোমবার এই সমস্যার প্রতিবাদে বসিরহাট পৌরসভার ৫ নম্বর ওয়ার্ডের নৈহাটি কলোনি এলাকায় বিক্ষোভে সামিল হন স্থানীয় বাসিন্দা, অভিভাবক এবং স্কুলের ছাত্র-ছাত্রীরা। স্থানীয় সূত্রে জানা গিয়েছে, গেটটি বসিরহাট জেলা হাসপাতাল, সুপার স্পেশালিটি হাসপাতাল এবং আশপাশের শিক্ষাপ্রতিষ্ঠানে যাতায়াতের অন্যতম গুরুত্বপূর্ণ পথ। বসিরহাট শহরের একাংশের পাশাপাশি টাকি পৌর এলাকা সহ সুন্দরবন সংলগ্ন প্রান্তিক এলাকা হাসনাবাদ, হিঙ্গলগঞ্জ সহ বিস্তীর্ণ অঞ্চল থেকে আসা বহু মানুষ এই পথ ব্যবহার করে হাসপাতালে পৌঁছাতেন। এছাড়াও এলাকার দুটি স্কুলের প্রায় দেড়শো পড়ুয়ার নিয়মিত যাতায়াতের জন্যও এই গেট অত্যন্ত গুরুত্বপূর্ণ। অভিযোগ, দীর্ঘদিন ধরে গেটটি বন্ধ থাকায় ছাত্র-ছাত্রীদের স্কুলে যেতে অতিরিক্ত পথ ঘুরে যেতে হচ্ছে। অনেক ক্ষেত্রে ছোট ছোট পড়ুয়াদের পাঁচিল টপকে যাতায়াত করতে হচ্ছে, যা অত্যন্ত ঝুঁকিপূর্ণ। অভিভাবকদের দাবি, যেকোনো সময় বড় ধরনের দুর্ঘটনা ঘটতে পারে। একইভাবে রোগী ও তাদের পরিবারের সদস্যদেরও হাসপাতালে পৌঁছাতে বাড়তি সময় ও সমস্যার মুখোমুখি হতে হচ্ছে। এই পরিস্থিতিতে ক্ষোভে ফেটে পড়েন এলাকার মানুষ। সোমবার হাতে প্ল্যাকার্ড নিয়ে বন্ধ গেটের সামনে বিক্ষোভে শামিল হন পড়ুয়া, অভিভাবক এবং স্থানীয় বাসিন্দারা। তাদের দাবি, অবিলম্বে গেট খুলে সাধারণ মানুষের যাতায়াত স্বাভাবিক করতে হবে। দীর্ঘদিন ধরে সমস্যার কথা বিভিন্ন মহলে জানানো হলেও এখনও পর্যন্ত কোনও কার্যকর পদক্ষেপ নেওয়া হয়নি বলেও অভিযোগ করেন বিক্ষোভকারীরা।
স্থানীয়দের আরও প্রশ্ন, এত গুরুত্বপূর্ণ একটি গেট কী কারণে বন্ধ রাখা হয়েছে, সেই বিষয়ে কোনও সরকারি দপ্তর বা সংশ্লিষ্ট কর্তৃপক্ষ এখনও স্পষ্ট ব্যাখ্যা দেয়নি। ফলে সাধারণ মানুষের মধ্যে বিভ্রান্তি ও ক্ষোভ আরও বাড়ছে। বিক্ষোভকারীদের দাবি, প্রশাসন দ্রুত বিষয়টি নিয়ে হস্তক্ষেপ করুক এবং গেট বন্ধ রাখার কারণ প্রকাশের পাশাপাশি সমস্যার স্থায়ী সমাধান করুক।
বিক্ষোভকারীরা হুঁশিয়ারি দিয়ে জানিয়েছেন, দ্রুত গেট না খোলা হলে আগামী দিনে বৃহত্তর আন্দোলনে নামবেন তাঁরা। শিক্ষার্থী ও রোগীদের স্বার্থে প্রশাসনের জরুরি পদক্ষেপের দাবিই এখন এলাকার মানুষের প্রধান দাবি হয়ে উঠেছে।
मोबाइल टावर पर चढ़ी सोशल मीडिया क्रिएटर काजल,जेल में बंद प्रेमी के साथ रहने की की मांग
*काजल ने खुद जेल भिजवाया था प्रेमी को

गोंडा।जिले के इटियाथोक थाना क्षेत्र अंतर्गत दिखलौल ग्राम पंचायत के मर्दन पुरवा गांव में सोमवार शाम लगभग 5 बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब सोशल मीडिया क्रिएटर काजल सिंह अपने प्रेमी के साथ रहने की मांग को लेकर 125 फिट ऊंचे जियो टावर पर चढ़ गई और टावर की लगभग 100 फिट की ऊंचाई पर बैठ गई।मामले की सूचना मिलते ही पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर शिल्पा वर्मा व इटियाथोक थाने के प्रभारी निरीक्षक कमला कांत त्रिपाठी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।काजल सिंह की मांग है कि उसके प्रेमी को जेल से रिहा किया जाए और उसे साथ रहने दिया जाए।यहाँ बताते चलें कि काजल सिंह ने ही अपने प्रेमी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया था,जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर जिला मुख्यालय स्थित मंडलीय कारागार भेज दिया गया था।पुलिसकर्मी लगातार काजल सिंह से फोन और लाउडस्पीकर के माध्यम से नीचे उतरने का आग्रह कर रहे हैं।उन्हें कार्रवाई का आश्वासन भी दिया जा रहा है,परन्तु काजल सिंह नीचे उतरने के लिए तैयार नहीं है।काजल एक घंटे से अधिक समय से टावर पर 100 फिट की उंचाई पर बैठी हुई है।यह गांव काजल सिंह का ससुराल बताया जा रहा है,जहाँ उनकी शादी हुई थी।ससुराल के ही एक युवक के साथ काजल सिंह के प्रेम संबंध थे।इस घटना के बाद काजल के पति ने उन्हें छोड़ दिया था।पति के छोड़ने के बाद काजल सिंह ने अपने प्रेमी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया था,जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर शिल्पा वर्मा ने बताया कि मौके पर पहुंचकर काजल सिंह को समझाने का प्रयास किया जा रहा है और आश्वासन दिया जा रहा है कि उसकी जो भी मांग है,वह सभी मांग पूरी की जाएगी उसके बाद भी वह नीचे उतरने के लिए तैयार नहीं है।टावर 125 फिट ऊंचा है और वह 100 फिट पर चढ़कर बैठी हुई है।काजल वहीं पर सो गई थी परन्तु लाउडस्पीकर से बोलने से वह जाग गई है।उसकी मांग है कि उसने अपने प्रेमी के खिलाफ मुकदमा लिखवा कर के उसे जैसे जेल भेजा था,उसे जेल से छोड़ा जाए और उसे जेल से छुड़वा करके यहाँ लाया जाए,ताकि वह उसके साथ रह सके।हम लोगों ने आश्वासन दिया है कि आपके बयान पर ही आपका प्रेमी जेल से छूट जाएगा।हमलोग पिछले एक घंटे से लगातार उसको नीचे उतारने का प्रयास कर रहे हैं।
रतनपुर पमारान में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
बिना रजिस्ट्रेशन मेडिकल स्टोरों और झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार, ग्रामीणों की जान से हो रहा खिलवाड़


अमृतपुर फर्रुखाबाद

फर्रुखाबाद के विकास खंड राजेपुर क्षेत्र के अंतर्गत राजपुर गुडेरा संपर्क मार्ग पर स्थित रतनपुर पमारान  में बिना पंजीकरण संचालित मेडिकल स्टोरों और झोलाछाप डॉक्टरों का जाल तेजी से फैलता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की कथित अनदेखी के चलते अवैध रूप से चल रहे क्लीनिक और मेडिकल स्टोर ग्रामीणों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में कई मेडिकल स्टोर बिना वैध लाइसेंस के दवाओं की बिक्री कर रहे हैं। जबकि स्वयंभू डॉक्टर बिना किसी मान्यता प्राप्त डिग्री और चिकित्सकीय योग्यता के मरीजों का उपचार कर रहे हैं। मरीजों को मनमाने ढंग से दवाएं देकर मोटी रकम वसूली जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद संबंधित विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जिससे अवैध कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीणों को मजबूरी में ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों के पास इलाज कराने जाना पड़ रहा है। जिससे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम उत्पन्न हो रहे हैं।

क्षेत्रवासियों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि रतनपुर पमारान में संचालित अवैध मेडिकल स्टोरों और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर जांच कराई जाए तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
जबकि अवैध बंगाली डॉक्टर की प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी प्रमित राजपूत द्वारा क्लीनिक को सील कर दिया गया था लेकिन जवाब दे नोटिस भी चश्मा किया गया था पता नहीं किस कारण वर्ष उसका फिर से क्लिनिक फलने फूलने लगा है क्या यही स्वास्थ्य व्यवस्था है और विभाग में बैठे अधिकारी भी मोटी रकम लेकर ऐसे बिना लाइसेंस धारक डॉक्टरों को शरण दे देते हैं जो अवैध तरीके से डॉक्टर कर रहे हैं
स्वदेशी जागरण मंच के प्रांतीय विचार वर्ग में स्वावलंबी भारत का रोडमैप तैयार, नई जिम्मेदारियों की घोषणा* :- *धर्मेंद्र को मिली बड़ी जिम्मेदारी*
सुल्तानपुर:-5 और 6 जून को स्वदेशी जागरण मंच काशी प्रांत एवं 'स्वावलंबी भारत अभियान' के संयुक्त तत्वावधान मे वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के सेवा योजन भवन सभागार में दो दिवसीय प्रांतीय विचार वर्ग"भारत माता एवं दत्तोपंत ठेंगड़ी की प्रतिमा के समकक्ष दीप प्रज्वलित कर अत्यंत गरिमापूर्ण एवं उत्साहजनक शुभारंभ हुआ।

विचार वर्ग में अखिल भारतीय राष्ट्रीय सह संगठक माननीय सतीश जी,अखिल भारतीय सह संयोजक डा राजीव जी,अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डा विजय कुमार सिंह जी,क्षेत्र संयोजक व क्षेत्र समन्वयक अनुपम जी तथा प्रांत संयोजक डॉ अखिलेश त्रिपाठी जी का उद्बोधन प्राप्त हुआ। प्रांतीय विचार वर्ग के प्रथम दिन विभिन्न सत्रों के माध्यम से स्वरोजगार और एम.एस.एम.ई.की स्थापना को लेकर व्यापक रोडमैप तैयार किया गया।
इस दो दिवसीय वैचारिक अनुष्ठान का मूल उद्देश्य "स्वावलंबी भारत की ओर" बढ़ते हुए स्वदेशी, स्वाभिमान, ग्राम विकास और राष्ट्र निर्माण के पावन संकल्प को सुदृढ़ करना है।

उद्घाटन सत्र के पश्चात विचार वर्ग के प्रथम दिन का मुख्य वैचारिक सत्र लेते हुए मुख्य अतिथि *कुलपति वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रोफ़ेसर वंदना सिंह* ने महिला कार्य युवा कार्य एवं वरिष्ठ नागरिक आयाम ,विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किये।
*अखिल भारतीय राष्ट्रीय सह संगठक माननीय सतीश जी* ने अपने ओजस्वी और दिशा-निर्देशक संबोधन में कहा कि विकसित भारत कि आधारशिला स्वदेशी और स्वावलंबन है उन्होंने कहा कि केवल सरकारी नौकरियों के माध्यम से देश के सभी युवाओं को औसर उपलब्ध नहीं कराये जा सकते इसलिए युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता की ओर बढ़ना होगा।
*अखिल भारतीय सह संयोजक श्री राजीव जी* ने अपने संबोधन में  स्थानीय उत्पादों कुटीर उद्योगों,कृषि आधारित उद्यमो तथा भारतीय तकनीक को बढ़ावा देने पर बल देते हुए कहा की आज के युवाओं को नौकरी तलाशते वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनने का संकल्प लेना चाहिए।
*प्रांत संयोजक डॉ अखिलेश त्रिपाठी जी* ने अपने संबोधन में कहा की भारत की वास्तविक शक्ति उसकी आत्मनिर्भरता और स्वदेशी मूल्यों में निहित है। उन्होंने कहा, *"हमारी वर्तमान शिक्षा प्रणाली और युवा ऊर्जा को इस प्रकार समन्वित होना होगा कि वे केवल रोजगार की कतार में खड़े न हों, बल्कि स्वयं नए रोजगारों के सृजक (जॉब प्रोवाइडर) बनें।वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जैसे देश के हर अग्रणी संस्थान युवाओं को नवाचार और स्टार्टअप की व्यावहारिक राह दिखाकर सराहनीय कार्य कर रहे हैं।
*क्षेत्र संयोजक व क्षेत्र समन्वयक अनुपम  श्रीवास्तव जी* कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वावलंबी भारत अभियान आज देश के प्रत्येक नागरिक को आत्मनिर्भर बनाने का एक महायज्ञ है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे ऋण लेने और उद्योग स्थापित करने की प्रक्रियाओं से डरे बिना सरकार की कल्याणकारी और उद्यम-हितैषी योजनाओं का भरपूर लाभ उठाएं।साथ में अनुपम श्रीवास्तव ने विचार वर्ग के समापन सत्र के दौरान कार्यकर्ताओं के दायित्व की घोषणा अखिल भारतीय राष्ट्रीय सह संगठक माननीय सतीश जी,अखिल भारतीय सह संयोजक डा राजीव जी,अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डा विजय कुमार सिंह जी तथा प्रांत संयोजक डॉ अखिलेश त्रिपाठी की मौजूदगी में किया जिसमें *धर्मेंद्र द्विवेदी* प्रांत की जिम्मेदारी देते हुए सह प्रांत प्रचार विभाग प्रमुख एवं *नीलम त्रिपाठी* को विभाग महिला प्रमुख से प्रांत सह समन्वयक महिल की जिम्मेदारी दिया गया। सुल्तानपुर विभाग में *राजीव त्रिपाठी* को विभाग संयोजक, *सुश्री सुधा सिंह* जी को विभाग महिला समन्वयक, *डॉ अशोक मिश्रा जी* को विचार विभाग प्रमुख,  *विजय प्रधान जी* विभाग संपर्क प्रमुख एवं जिला संरक्षक,*सुरेश जी (एस राज ज्वैलर्स)* सह विचार विभाग प्रमुख,नवरंग सिंह एवं अधिवक्ता आशीष तिवारी को सह विभाग संयोजक, जिला वरिष्ठ आयाम प्रमुख अधिवक्ता सुरेंद्र जी,*गंगा सरण जिला संयोजक सुल्तानपुर*, जिला सहसंयोजक अजय सिंह एवं दीपक मिश्रा,*शालिनी त्रिपाठी* जिला महिला प्रमुख, जिला सह महिला प्रमुख हेमलता एवं शशि द्विवेदी, *रश्मि शुक्ला* जिला महिला समन्वयक,  *उर्मिला शर्मा* कादीपुर जिला महिला प्रमुख,  *पूजा श्रीवास्तव* जिला महिला समन्वयक , युवा उद्यमी प्रमुख ऋचा मालवीय, *जनार्दन यादव को जिला सह संपर्क प्रमुख*,जिला महिला संपर्क प्रमुख पूजा यादव एवं सह महिला संपर्क प्रमुख रुचि श्रीवास्तव, जिला विचार महिला प्रमुख दीपा मिश्रा ज्योतिषाचार्य एवं जिला सह विचार महिला प्रमुख सुनीता सिंह,जिला पर्यावरण विभाग महिला अनुराधा सोनी जिला सह पर्यावरण विभाग महिला गुंजन श्रीवास्तव, जिला प्रचार विभाग प्रमुख ईश्वर दत्त पांडे जिला सह प्रचार विभाग प्रमुख संजय मिश्रा (मिश्रा ढाबा),सुल्तानपुर के स्वदेशी जागरण मंच के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई
कार्यक्रम में काशी प्रांत एवं सुल्तानपुर विभाग के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने स्वदेशी, स्वावलंबी एवं विकसित भारत के निर्माण हेतु पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प लिया।।कार्यक्रम का समापन वंदे मातरम् गीत से किया गया।
चार करोड़ से सुधरेगी बेसिक स्कूलों की सूरत*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में 4.4 करोड़ के कंपोजिट ग्रांट से जिले के 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालयों की सूरत सुधरेगी। शासन ने पहली किस्त के रूप में दो करोड़ दो लाख जारी कर दिया है। बेसिक शिक्षा विभाग छात्र संख्या के हिसाब से एसएमसी (विद्यालय प्रबंधन समिति) के खाते में धनराशि भेजनी शुरू कर दी है। प्रधानाध्यापक जरूरत के हिसाब से विद्यालय के विकास पर रकम खर्च कर सकेंगे। जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय में एक लाख 30 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। पहले रंग-रोगन के नाम पर सभी विद्यालयों को सात से 10 हजार रुपये शासन से मिलते थे। इससे स्कूलों की न तो ठीक से रंगाई-पुताई हो पाती थी और न ही दूसरे सामान की खरीदारी। 2019-20 सत्र से सरकार ने स्कूलों में छात्र संख्या के आधार पर कंपोजिट ग्रांट आवंटित करना शुरू किया। साल में दो बार में यह धनराशि स्कूलों को दी जाती है। पहली किस्त शिक्षा सत्र शुरू होने के बाद और दूसरी किस्त बारिश का सीजन खत्म होने पर भेजा जाता है। जिससे प्रधानाध्यापक जरूरत के हिसाब से स्कूलों में काम कराते हैं।


विभाग के अनुसार एक से 30 तक बच्चों की संख्या पर 10 हजार, 30 से 100 बच्चों पर 25 हजार, 100 से 250 बच्चों पर 50 हजार, 250 से 1000 बच्चों पर 75 हजार और 1000 से अधिक बच्चों वाले स्कूलों को एक लाख ग्रांट राशि जारी की जाती है। आवंटित ग्रांट को विद्यायल प्रबंधन समिति रंगरोगन, चहारदीवारी निर्माण, ढोलक, हारमोनियम सहित शैक्षिक और खेलकूद सामग्री पर खर्च करता है। पूर्व में जिन स्कूलों में न खेल सामग्री और न ही संगीत से जुड़े उपकरण थे वहां अब यह व्यवस्थाएं हो चुकी है।
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*कंपोजिट ग्रांट से ये कार्य कर सकेंगे प्रधानाध्यापक*

कंपोजिट ग्रांट से प्रधानाध्यापक विद्यालयों में मरम्मत, रंगाई पुराई के अलावा अन्य कार्य करा सकेंगे। धनराशि को विद्यालयों में पेयजल, शिक्षण सहायक सामग्री, कक्षों में टाइल्स लगवाने, फर्स्ट एड बाॅक्स, अग्निशमन यंत्र, विद्युत उपकरण की खरीदारी, कंप्यूटर कक्ष, अनुरक्षण कार्य में खर्च कर सकते हैं। आवश्यकतानुसार पेंटिग कार्य, स्टेशन, टाट पट्टी, चटाई, दरी, रेडियो प्रोग्राम, सांस्कृतिक कार्यक्रम के उपकरण, सामान्य सामग्री, बागवानी किट जैसी जरूरतों को पूरा कर सकते हैं।



कंपोजिट ग्रांट में 50 प्रतिशत धनराशि अवमुक्त हुई है। छात्र संख्या के आधार पर विद्यालयों में भेजने की तैयारी की जा रही है। जिससे विद्यालयों में जरूरी कार्य संपन्न कराए जा सकें। - शिवम पांडेय बीएसए
20 पीएचसी पर लगेगी बॉयोमैट्रिक हाजिरी, रुकेगी मनमानी
*सिलिंडर के दाम बढ़ने से 5 लाख उपभोक्ता पर महंगाई की मार*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले के 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी बायोमैट्रिक अटेंडेंस मशीनें लगाई जाएंगे। इससे डॉक्टरों और कर्मचारियों की लेटलतीफी पर अंकुश लगेगा। स्वास्थ्य विभाग इसकी कवायद में जुट गया है। अगस्त से यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी। जिले में तीन राजकीय जिला अस्पताल, छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। जिला अस्पताल और सीएचसी में यह व्यवस्था पहले से ही है, लेकिन पीएचसी में अभी रजिस्टर पर ही हाजिरी लगाई जाती है। ऐसे में इन केंद्रों पर डॉक्टर और कर्मचारी समय से नहीं पहुंचते। कोई वाराणसी तो कोई प्रयागराज से ड्यूटी करने आता है। इसको लेकर शिकायतें भी मिलती रहती हैं। अधिकारियों के निरीक्षण में भी कई बार ऐसी मनमानी पकड़ी जा चुकी है। इसलिए सभी पीएचसी पर भी बायोमैट्रिक अटेंडेंस मशीन लगाई जाएगी। चकटोडर, हरिहरपुर, लालानगर, डेरवा, जयरामपुर, मानिकपुर, गिर्दबड़गांव सहित 20 पीएचसी पर रोज 1000 से 1200 मरीजों की ओपीडी होती है। बायोमेट्रिक मशीन लगने के बाद डॉक्टरों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज होगी। इसके आधार पर ही वेतन मिलेगा। इससे अस्पताल देरी से आने वाले और समय से पहले चले जाने वाले स्वास्थ्यकर्मियों की मनमानी पर रोक लग सकेगी।



पीएचसी पर लोगों को बेहतर सुविधाओं का लाभ लोगों को मिल रहा है। कुछ अस्पतालों में लेटलतीफी की शिकायतें मिलती हैं। इसलिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस की व्यवस्था की जा रही है। अगस्त में सभी पीएचसी पर मशीनें लगाने का काम शुरू किया जाएगा। - डॉ. एसके चक, सीएमओ भदोही