भदोही पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी से बचाए ₹10,000: पीड़ित सचिन सिंह के खाते में वापस कराई गई राशि

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के एक मामले में पीड़ित सचिन सिंह को उनके ₹10,000 वापस दिलाए हैं। सचिन सिंह के साथ 4 मई 2026 को बैंक अधिकारी बनकर धोखाधड़ी की गई थी, जिसमें उनसे मोटरसाइकिल की बकाया ईएमआई जमा करने के बहाने पैसे ठगे गए थे।
पुलिस अधीक्षक भदोही, अभिनव त्यागी ने साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए साइबर क्राइम थाना/हेल्प डेस्क को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में, ज्ञानपुर थाना क्षेत्र के महरभा निवासी सचिन सिंह पुत्र हंसराज ने ऑनलाइन साइबर शिकायत दर्ज कराई थी।
ज्ञानपुर स्थित साइबर हेल्प डेस्क ने सचिन सिंह के प्रार्थना पत्र और एनसीआरपी पोर्टल का अवलोकन किया। पुलिस के सहयोग और आपसी समन्वय से धोखाधड़ी की गई ₹10,000 की धनराशि पीड़ित के खाते में सफलतापूर्वक वापस करा दी गई।
अपनी धनराशि वापस पाकर पीड़ित सचिन सिंह ने भदोही पुलिस और साइबर हेल्प डेस्क थाना ज्ञानपुर के प्रति आभार व्यक्त किया और पुलिस की प्रशंसा की। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक रामधनी यादव, कांस्टेबल अमित कुमार यादव, कांस्टेबल कौशल कुमार यादव, कांस्टेबल मारुति नंदन दूबे और कांस्टेबल रोहित यादव शामिल थे।
भदोही एसपी ने जनता दर्शन में सुनीं शिकायतें: अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए दिए आवश्यक निर्देश

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही के पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने मंगलवार को जनता दर्शन में आए फरियादियों की समस्याएं और शिकायतें सुनीं। यह जनसुनवाई प्रतिदिन की जा रही सुनवाई का हिस्सा थी।
जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को सचेत किया कि जनसुनवाई और महिला हेल्पडेस्क को अधिक प्रभावी बनाया जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पीड़ित या शिकायतकर्ता को अनावश्यक रूप से अपने थाने से पुलिस कार्यालय न आना पड़े।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन समस्याओं का समाधान थाना स्तर पर हो सकता है, उनका समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर थाना स्तर पर ही सुनिश्चित किया जाए।
इसी क्रम में, जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारीगण और थाना प्रभारियों द्वारा भी अपने कार्यालयों और थानों पर जनसुनवाई करते हुए प्राप्त जन शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित कराया जा रहा है।
यातायात व्यवस्था मजबूत करने के लिये बड़ा फेरबदल
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रितेश मिश्रा
हरदोई में लगातार बढ़ रही जाम की समस्या को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के लिये बड़ा कदम उठाया है। सोमवार देर रात जारी गश्ती में एक उप निरीक्षक समेत 66 हेड कांस्टेबल और कांस्टेबलों का तबादला यातायात विभाग में किया गया है।
अज्ञात कारणों से विधवा महिला की झोपड़ी में लगी आग,
बकरे, बकरियों समेत घर में रखी सामग्री, कपड़े, राशन जलकर हुआ खाक*

रितेश मिश्रा
कछौना(हरदोई):* विकासखंड कछौना की ग्रामसभा महमूदपुर धतिंगड़ा में विधवा महिला राजकुमारी के घर में अज्ञात कारणों से आग लग गई जिससे 2 बकरी, 4 बकरे जलकर मर गए। कई बकरियां गंभीर रूप से घायल हो गई। घर में रखी सामग्री, कपड़े, राशन जलकर खाक हो गया। इस घटना से परिवार के सामने भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया।
विकास खंड कछौना की ग्राम सभा महमूदपुर धतिंगड़ा में विधवा महिला राजकुमारी झोपड़ी में रहती है, बकरी पालन कर परिवार का भरण पोषण करती है। रविवार को अज्ञात कारणों से उसकी झोपड़ी में आग लग गई जिससे 2 बकरी, 4 बकरे जलकर खत्म हो गए। कई बकरियां जलने से गंभीर रूप से घायल हो गई। घर की सामग्री, कपड़े, राशन भी जलकर राख हो गया। ग्रामीणों ने अथक प्रयास से आग पर काबू पाया। इस घटना से विधवा महिला पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा। घटना की सूचना पर राजस्व कर्मी, ग्राम प्रधान, समाजसेवी नृपेंद्र वर्मा ने पहुंचकर परिवार को संबल दिया। पीड़ित परिवार को समाजसेवी नृपेंद्र वर्मा ने राशन, सामग्री व कपड़े देकर सहायता की। इस अवसर पर अरुण शुक्ला, अश्वनी कुमार, अजय वर्मा, अरविंद, सत्य प्रकाश आदि मौजूद रहे।
রাজ্যে পালাবদলের পর হাড়োয়ায় মেছোভেঁড়ি দখলের অভিযোগ, বিজেপি নেতা রাজেন্দ্র সাহাকে ঘিরে বিতর্ক তুঙ্গে
বসিরহাট : উত্তর ২৪ পরগনার হাড়োয়ার রাজনীতিতে ফের সামনে এলো মেছোভেঁড়ি দখলের রাজনীতির পুরনো ছবি। এক সময় বাম আমল থেকে শুরু করে তৃণমূল জমানাতেও ভেঁড়ি ও জলকর দখলকে কেন্দ্র করে উত্তপ্ত থেকেছে হাড়োয়ার বিস্তীর্ণ এলাকা। রাজনৈতিক পালাবদলের পর আবারও সেই একই অভিযোগকে ঘিরে সরগরম গোপালপুর অঞ্চল। এবার অভিযোগের কেন্দ্রে বসিরহাট সাংগঠনিক জেলার বিজেপির সহ-সভাপতি রাজেন্দ্র সাহা।
স্থানীয় মৎস্যজীবী ও ভেঁড়ি মালিকদের অভিযোগ, রাজ্যে সরকার পরিবর্তনের আবহ তৈরি হওয়ার পর থেকেই বসিরহাটের হাড়োয়া বিধানসভার গোপালপুর ১নং গ্রাম পঞ্চায়েত এলাকায় একাধিক মেছোভেঁড়ি ও জলকর জোর করে দখল করা হচ্ছে। অভিযোগ, বিজেপি নেতা রাজেন্দ্র সাহা তার অনুগামীদের নিয়ে বিভিন্ন ভেঁড়ির আলা ঘরে বিজেপির দলীয় পতাকা টাঙিয়ে কার্যত দখলের বার্তা দেন। এরপর জমির মালিক ও ভেঁড়ি ব্যবসায়ীদের উপর শুরু হয় চাপ সৃষ্টি, হুমকি ও ভয় দেখানোর রাজনীতি। ভুক্তভোগীদের দাবি, বহু বছরের লিজে পরিচালিত এই জলকরগুলিতে রাতারাতি দখল বসিয়ে মাছ বিক্রির পুরো নিয়ন্ত্রণ নিজেদের হাতে নিয়ে নেন অভিযুক্তরা। ভেড়ি মালিকদের অভিযোগ, মাছ বিক্রির টাকা বা জমির লিজ বাবদ পাওনা অর্থ দেওয়া তো দূরের কথা, উল্টে টাকা চাইতে গেলে হুমকি দেওয়া হচ্ছে। কেউ প্রতিবাদ করলে তাকে এলাকা ছাড়া করারও হুমকি দেওয়া হচ্ছে বলে অভিযোগ। স্থানীয় সূত্রের দাবি, নতুন সরকার গঠনের পর থেকে গোপালপুর এলাকার বিভিন্ন ভেড়ি থেকে প্রায় ৩০ লক্ষ টাকার মাছ বিক্রি হয়েছে। কিন্তু সেই টাকার এক টাকাও প্রকৃত জমি বা ভেঁড়ির মালিকদের হাতে পৌঁছায়নি। অভিযোগ, পুরো অর্থ আত্মসাৎ করা হয়েছে। এর ফলে আর্থিকভাবে বিপর্যস্ত হয়ে পড়েছেন বহু ছোট ও মাঝারি মৎস্যচাষি। তাদের অনেকেরই সংসার এই ভেড়ির আয়ের উপর নির্ভরশীল। এলাকার একাধিক মৎস্যজীবীর বক্তব্য, রাজনৈতিক ছত্রছায়ায় ভেঁড়ি দখলের এই সংস্কৃতি নতুন নয়, তবে এবার তা আরও প্রকাশ্য রূপ নিয়েছে। দখলের পাশাপাশি এলাকায় আতঙ্কের পরিবেশ তৈরি হয়েছে বলেও অভিযোগ। অনেকে প্রকাশ্যে মুখ খুলতে ভয় পাচ্ছেন।
যদিও সমস্ত অভিযোগ অস্বীকার করেছেন বিজেপি নেতা রাজেন্দ্র সাহা। তার দাবি, দীর্ঘদিন ধরে তৃণমূল কংগ্রেস বেআইনিভাবে বিভিন্ন ভেঁড়ি ও জলকর দখল করে রেখেছিল। এখন সেগুলি প্রকৃত মালিকদের হাতে ফিরিয়ে দেওয়ার কাজ চলছে। তার বিরুদ্ধে ওঠা টাকা আত্মসাৎ, দখল ও হুমকির অভিযোগকে ‘ভিত্তিহীন’ ও রাজনৈতিক উদ্দেশ্যপ্রণোদিত বলে দাবি করেন তিনি। রাজেন্দ্র সাহার বক্তব্য, কয়েকজন ব্যক্তি ইচ্ছাকৃতভাবে তার ভাবমূর্তি নষ্ট করার জন্য মিথ্যা প্রচার চালাচ্ছেন।
তবে অভিযোগ ও পাল্টা অভিযোগের মাঝেই প্রশ্ন উঠছে, রাজনৈতিক পালাবদল হলেই কেন হাড়োয়ার জলকর, ভেঁড়ি ও জমিকে কেন্দ্র করে নতুন করে দখলদারির লড়াই শুরু হয়? প্রকৃত মালিকানা, লিজ এবং ব্যবসায়িক স্বার্থের আড়ালে রাজনৈতিক ক্ষমতার প্রদর্শন কতটা প্রভাব ফেলছে এলাকার সাধারণ মানুষের জীবনে, তা নিয়েই নতুন করে আলোচনা শুরু হয়েছে হাড়োয়ার রাজনৈতিক মহলে। গোপালপুরের এই ঘটনাকে কেন্দ্র করে প্রশাসনের ভূমিকা নিয়েও উঠছে প্রশ্ন। ভুক্তভোগীরা প্রশাসনিক হস্তক্ষেপ ও নিরপেক্ষ তদন্তের দাবি জানিয়েছেন।
बिजली कर्मचारियों का जन-जागरण अभियान तेज, निजीकरण और उत्पीड़न के खिलाफ खोला मोर्चा
लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर पूर्वांचल में बिजली कर्मचारियों ने जन-जागरण अभियान तेज कर दिया है। बस्ती और गोरखपुर से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब ओबरा और अनपरा जैसी बड़ी परियोजनाओं सहित कई जिलों में विरोध सभाएं आयोजित की जाएंगी।

संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि सरकार और ऊर्जा विभाग द्वारा कर्मचारियों पर लगातार दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है। कर्मचारियों, अभियंताओं और संविदा कर्मियों पर दर्ज एफआईआर, निलंबन, दूरस्थ स्थानों पर तबादले और अनुशासनात्मक कार्रवाइयों को लेकर कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।

विरोध सभा को संबोधित करते हुए संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों जितेंद्र सिंह गुर्जर, महेंद्र राय, मोहम्मद वसीम और प्रेमनाथ राय ने कहा कि 3 दिसंबर 2022 को ऊर्जा मंत्री और शासन स्तर पर हुए लिखित समझौते को अब तक लागू नहीं किया गया। इससे बिजली कर्मियों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।

संघर्ष समिति ने मांग की कि मार्च 2023 के आंदोलन के बाद कर्मचारियों पर की गई सभी कार्रवाई तुरंत वापस ली जाए। साथ ही हटाए गए संविदा कर्मियों की बहाली, आउटसोर्स कर्मचारियों को उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम में समाहित करने और स्टेट विजिलेंस जांच समाप्त करने की मांग भी उठाई गई।

कर्मचारियों ने फेशियल अटेंडेंस के नाम पर वेतन कटौती, विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पर तबादले, स्मार्ट मीटर लगाने के दबाव और ट्रांसफार्मर खराब होने पर अभियंताओं से वसूली जैसे आदेशों का भी विरोध किया।

संघर्ष समिति ने प्रदेश की जनता और उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि यह आंदोलन केवल कर्मचारियों का नहीं बल्कि सस्ती, सुलभ और विश्वसनीय बिजली व्यवस्था बचाने की लड़ाई है। समिति ने चेतावनी दी कि निजीकरण से बिजली महंगी होगी और सेवाओं की गुणवत्ता पर भी असर पड़ेगा।
छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस में ‘मौत का बक्सा’! युवती के शव के 5 टुकड़े मिलने से दहशत, सिर अब भी गायब

लखनऊ । राजधानी के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर उस वक्त सनसनी फैल गई, जब छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस की स्लीपर बोगी से एक युवती के शव के पांच टुकड़े बरामद हुए। बक्से और बैग में पॉलीथीन में पैक किए गए शव के हिस्सों को देखकर यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों के होश उड़ गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अब तक युवती का सिर बरामद नहीं हो सका है।
जांच में जुटी जीआरपी को अब इस हत्याकांड में बड़ा सुराग मिला है। शुरुआती पड़ताल में सामने आया है कि हत्यारों ने शव से भरा बक्सा बिहार से नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के किसी रेलवे स्टेशन से ट्रेन में रखा था। इसके बाद पुलिस ने तमकुही रोड से गोमतीनगर तक के रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक युवती की हत्या बेहद बेरहमी से की गई। पहचान मिटाने के लिए शव के टुकड़े किए गए और सिर अलग कर दिया गया। जांच एजेंसियों को शक है कि हत्या के पीछे अवैध संबंध, बदला या इज्जत छिपाने जैसी वजह हो सकती है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि इस खौफनाक वारदात में एक से ज्यादा लोग शामिल थे।
यात्रियों के अनुसार, शनिवार देर रात ट्रेन की एस-1 बोगी के टॉयलेट के पास एक लावारिस बक्सा रखा देखा गया था, लेकिन किसी ने उसे गंभीरता से नहीं लिया। रविवार सुबह गोमतीनगर स्टेशन पहुंचने पर जब बक्सा खोला गया तो अंदर युवती का धड़ मिला, जबकि पास रखे बैग से हाथ और पैर बरामद हुए। यह नजारा देखकर मौके पर मौजूद लोग सन्न रह गए।
जीआरपी ने शव की पहचान के लिए बायोमेट्रिक मिलान की कोशिश की, लेकिन शव के टुकड़े होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी। रेलवे एसपी रोहित मिश्र ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए तीन विशेष टीमें लगाई गई हैं और जल्द ही हत्यारों तक पहुंचने का दावा किया है।
जब ग्रामीणों को एक विशालकाय मगरमच्छ दिखाई दिया
थाना हस्तिनापुर क्षेत्र के दुधली खादर मार्ग पर उस समय हड़कंप मच गया जब ग्रामीणों को एक विशालकाय मगरमच्छ दिखाई दिया। मगरमच्छ को देखते ही आसपास के लोगों में भय का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना हस्तिनापुर वन विभाग की रेंजर खुशबू उपाध्याय को दी।
सूचना मिलते ही रेंजर खुशबू उपाध्याय के निर्देशन में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाया गया। काफी मशक्कत के बाद टीम ने मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया। वन विभाग की टीम द्वारा मगरमच्छ को गंगा नदी में छोड़ने की तैयारी की गई, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
रेस्क्यू टीम में सोनू कुंडा, नितिन, अंकित यादव, अतुल दुबे, नितिन त्यागी, अतुल स्वामी, ऊदल सहित वन विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। वहीं ग्रामीणों में रजनीश, भोलू, रामबीर, सोनू वर्मा, तुषार, जोनी, राहुल आदि ने मगरमच्छ को देखा और इसकी सूचना वन विभाग को दी।
वन विभाग अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि जंगली जीव दिखाई देने पर घबराएं नहीं और तुरंत विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके।
हस्तिनापुर क्षेत्र के गांव खेडी कला खादर में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, भूमाफियाओं से कब्जामुक्त कराई गई वन भूमि

संवाददाता/परविंदर चौधरी


हस्तिनापुर। थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव खेड़ी कला खादर में सोमवार दिनांक 18/05/2026 को प्रशासन एवं वन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए कई वर्षों से विवादित पड़ी एम.एल.सी की भूमि एवं वन विभाग की भूमि को भूमाफियाओं के कब्जे से मुक्त कराया गया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल, राजस्व विभाग की टीम तथा वन विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
वन क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में राजस्व विभाग, थाना हस्तिनापुर पुलिस तथा स्थानीय ग्रामीणों की सहमति से कब्जाई गई भूमि को खाली कराया गया। बताया गया कि भूमाफियाओं द्वारा लंबे समय से वन एवं एमएलसी की भूमि पर अवैध रूप से खेती की जा रही थी तथा आज ट्रैक्टरों के के द्वारा करीब 200-400 बीघा (भूमि ) जमीन को जोत कर कब्जा मुक्त कराया गया और भविष्य में बची हुई भूमि को भी कब्जा मुक्त कराया जाएगा, इस भूमि से क्षेत्र में लगातार विवाद की स्थिति बनी हुई थी। कई बार इस भूमि को लेकर तनाव एवं खूनी रंजिश जैसी घटनाएं भी सामने आ चुकी थीं।
प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग द्वारा संबंधित भूमि को वन विभाग के सुपुर्द किया गया। वन विभाग की टीम वन दरोगा, अतुल स्वामी, अंकित यादव, ऋषभ कुमार, नितिन फौजी, वनरक्षक अशोक, वनरक्षक रवि चपराना , वनरक्षक डालचंद, वाचर अमित, पवन,हर्षित चौहान, राजेंद्र,ने मौके पर पहुंचकर भूमि की पैमाइश कराते हुए कब्जामुक्त कराया। खेड़ी कला के ग्रामीणों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि भूमाफियाओं के कब्जे के कारण उनकी पैतृक एवं लगानी भूमि लगातार प्रभावित हो रही थी। खेतों के आसपास अवैध कब्जों के चलते नीलगाय व अन्य जंगली पशु फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे थे, जिससे किसान परेशान थे।
वन रेंज क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय ने बताया कि कब्जामुक्त कराई गई भूमि अभयारण क्षेत्र की वन भूमि है, जो वन्य जीवों के प्राकृतिक विचरण क्षेत्र में आती है। उन्होंने कहा कि वन विभाग भविष्य में भी अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान जारी रखेगा तथा वन संपदा और वन्य जीवों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
इस कार्रवाई में राजस्व विभाग से कानूनगो सीताराम, पटवारी नीरज तोमर, थाना प्रभारी हस्तिनापुर ने  उपनिरीक्षक मनीष, उपनिरीक्षक निर्दोष कुमार सहित पूरी पुलिस टीम एवं महिला कांस्टेबल मौजूद रहीं। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी उपस्थित रहे और इस प्रशासनिक कार्य में अड़चन भी आई कुछ किसानों ने इसका विरोध किया जिससे पुलिस बल ने उन्हें समझाया ,प्रशासनिक अपने प्रशासनिक कार्य में कोई भी हस्तीक्षेप किया तो आपको पुलिस हिरासत में ले लिया जाएगा , और सभी ने कार्रवाई का समर्थन किया।
पेट्रोल-डीजल आज फिर हो गया महंगा, एक हफ्ते में दूसरी बार बढ़े दाम

#petroldieselpriceshikedbyabout90paisea_litre

देश में आम आदमी पर महंगाई की एक और मार पड़ी है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार को फिर से बढ़ोतरी कर दी गई। तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम में करीब 90 पैसे प्रति लीटर तक का इजाफा किया है। एक हफ्ते के भीतर ईंधन की कीमतों में यह दूसरी बढ़ोतरी है।

19 मई को सुबह-सुबह नए रेट जारी कर दिए गए हैं। देश के कई शहरों में आज पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव हुआ है। ऐसे में दिल्ली से लेकर मुंबई, जयपुर, पटना और हैदराबाद तक कई शहरों में नई कीमतें लागू हो गई हैं।

तीन दिन पहले ही बढ़े थे दाम

इस नई बढ़ोतरी से ठीक तीन दिन पहले, शुक्रवार को ही केंद्र सरकार ने देशभर में पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में तीन-तीन रुपये प्रति लीटर का भारी इजाफा किया था। उस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये हो गया था।

देश अलग-अलग शहरों में पेट्रोल-डीजल का ताजा भाव

• दिल्ली में पेट्रोल ₹0.87 महंगा होकर ₹98.64 प्रति लीटर और डीजल ₹0.91 बढ़कर ₹91.58 प्रति लीटर हो गया है।

• मुंबई में पेट्रोल ₹0.91 बढ़कर ₹107.59 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 महंगा होकर ₹94.08 प्रति लीटर बिक रहा है।

• कोलकाता में पेट्रोल ₹1 बढ़कर ₹109.70 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 चढ़कर ₹96.07 प्रति लीटर पहुंच गया है।

• चेन्नई में पेट्रोल ₹0.79 महंगा होकर ₹104.46 प्रति लीटर और डीजल ₹0.86 बढ़कर ₹96.11 प्रति लीटर हो गया है।

• गुरुग्राम में पेट्रोल ₹0.82 बढ़कर ₹99.29 प्रति लीटर और डीजल ₹0.86 महंगा होकर ₹91.80 प्रति लीटर बिक रहा है।

• नोएडा में पेट्रोल ₹1.15 चढ़कर ₹98.91 प्रति लीटर और डीजल ₹1.22 बढ़कर ₹92.21 प्रति लीटर हो गया है।

• बेंगलुरु में पेट्रोल ₹0.95 महंगा होकर ₹107.12 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 बढ़कर ₹95.04 प्रति लीटर पहुंच गया है।

• भुवनेश्वर में पेट्रोल ₹0.52 बढ़कर ₹105.09 प्रति लीटर और डीजल ₹0.57 महंगा होकर ₹96.68 प्रति लीटर बिक रहा है।

• चंडीगढ़ में पेट्रोल ₹0.83 बढ़कर ₹98.10 प्रति लीटर और डीजल ₹0.84 चढ़कर ₹86.09 प्रति लीटर हो गया है।

• हैदराबाद में पेट्रोल ₹0.99 महंगा होकर ₹111.88 प्रति लीटर और डीजल ₹0.99 बढ़कर ₹99.95 प्रति लीटर पहुंच गया है.

• जयपुर में पेट्रोल ₹1.71 बढ़कर ₹109.32 प्रति लीटर और डीजल ₹1.60 महंगा होकर ₹94.50 प्रति लीटर बिक रहा है।

• लखनऊ में पेट्रोल ₹0.68 बढ़कर ₹98.40 प्रति लीटर और डीजल ₹0.72 चढ़कर ₹91.73 प्रति लीटर हो गया है।

• पटना में पेट्रोल ₹1.10 महंगा होकर ₹110.02 प्रति लीटर और डीजल ₹1.08 बढ़कर ₹96.05 प्रति लीटर पहुंच गया है।

पश्चिमी एशिया युद्ध के कारण दुनिया भर में ऊर्जा संकट

पेट्रोल और डीजल के दामों में इस तरह की लगातार बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारण बहुत बड़ी वजह हैं। दरअसल, पश्चिमी एशिया के देशों में चल रहे संघर्ष और युद्ध के कारण दुनिया भर में ऊर्जा का बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इस विवाद के कारण समुद्री व्यापार के सबसे अहम रास्तों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट आ गई है। इसी साल 28 फरवरी से अमेरिका और इस्राइल का ईरान के साथ युद्ध शुरू हो गया था, जिसके बाद से ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई हैं। कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास घूम रही है, हालांकि मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप और ईरान इस इलाके में लंबे समय के युद्धविराम के लिए बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं।

भदोही पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी से बचाए ₹10,000: पीड़ित सचिन सिंह के खाते में वापस कराई गई राशि

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के एक मामले में पीड़ित सचिन सिंह को उनके ₹10,000 वापस दिलाए हैं। सचिन सिंह के साथ 4 मई 2026 को बैंक अधिकारी बनकर धोखाधड़ी की गई थी, जिसमें उनसे मोटरसाइकिल की बकाया ईएमआई जमा करने के बहाने पैसे ठगे गए थे।
पुलिस अधीक्षक भदोही, अभिनव त्यागी ने साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए साइबर क्राइम थाना/हेल्प डेस्क को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में, ज्ञानपुर थाना क्षेत्र के महरभा निवासी सचिन सिंह पुत्र हंसराज ने ऑनलाइन साइबर शिकायत दर्ज कराई थी।
ज्ञानपुर स्थित साइबर हेल्प डेस्क ने सचिन सिंह के प्रार्थना पत्र और एनसीआरपी पोर्टल का अवलोकन किया। पुलिस के सहयोग और आपसी समन्वय से धोखाधड़ी की गई ₹10,000 की धनराशि पीड़ित के खाते में सफलतापूर्वक वापस करा दी गई।
अपनी धनराशि वापस पाकर पीड़ित सचिन सिंह ने भदोही पुलिस और साइबर हेल्प डेस्क थाना ज्ञानपुर के प्रति आभार व्यक्त किया और पुलिस की प्रशंसा की। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक रामधनी यादव, कांस्टेबल अमित कुमार यादव, कांस्टेबल कौशल कुमार यादव, कांस्टेबल मारुति नंदन दूबे और कांस्टेबल रोहित यादव शामिल थे।
भदोही एसपी ने जनता दर्शन में सुनीं शिकायतें: अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए दिए आवश्यक निर्देश

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही के पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने मंगलवार को जनता दर्शन में आए फरियादियों की समस्याएं और शिकायतें सुनीं। यह जनसुनवाई प्रतिदिन की जा रही सुनवाई का हिस्सा थी।
जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को सचेत किया कि जनसुनवाई और महिला हेल्पडेस्क को अधिक प्रभावी बनाया जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पीड़ित या शिकायतकर्ता को अनावश्यक रूप से अपने थाने से पुलिस कार्यालय न आना पड़े।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन समस्याओं का समाधान थाना स्तर पर हो सकता है, उनका समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर थाना स्तर पर ही सुनिश्चित किया जाए।
इसी क्रम में, जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारीगण और थाना प्रभारियों द्वारा भी अपने कार्यालयों और थानों पर जनसुनवाई करते हुए प्राप्त जन शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित कराया जा रहा है।
यातायात व्यवस्था मजबूत करने के लिये बड़ा फेरबदल
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रितेश मिश्रा
हरदोई में लगातार बढ़ रही जाम की समस्या को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के लिये बड़ा कदम उठाया है। सोमवार देर रात जारी गश्ती में एक उप निरीक्षक समेत 66 हेड कांस्टेबल और कांस्टेबलों का तबादला यातायात विभाग में किया गया है।
अज्ञात कारणों से विधवा महिला की झोपड़ी में लगी आग,
बकरे, बकरियों समेत घर में रखी सामग्री, कपड़े, राशन जलकर हुआ खाक*

रितेश मिश्रा
कछौना(हरदोई):* विकासखंड कछौना की ग्रामसभा महमूदपुर धतिंगड़ा में विधवा महिला राजकुमारी के घर में अज्ञात कारणों से आग लग गई जिससे 2 बकरी, 4 बकरे जलकर मर गए। कई बकरियां गंभीर रूप से घायल हो गई। घर में रखी सामग्री, कपड़े, राशन जलकर खाक हो गया। इस घटना से परिवार के सामने भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया।
विकास खंड कछौना की ग्राम सभा महमूदपुर धतिंगड़ा में विधवा महिला राजकुमारी झोपड़ी में रहती है, बकरी पालन कर परिवार का भरण पोषण करती है। रविवार को अज्ञात कारणों से उसकी झोपड़ी में आग लग गई जिससे 2 बकरी, 4 बकरे जलकर खत्म हो गए। कई बकरियां जलने से गंभीर रूप से घायल हो गई। घर की सामग्री, कपड़े, राशन भी जलकर राख हो गया। ग्रामीणों ने अथक प्रयास से आग पर काबू पाया। इस घटना से विधवा महिला पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा। घटना की सूचना पर राजस्व कर्मी, ग्राम प्रधान, समाजसेवी नृपेंद्र वर्मा ने पहुंचकर परिवार को संबल दिया। पीड़ित परिवार को समाजसेवी नृपेंद्र वर्मा ने राशन, सामग्री व कपड़े देकर सहायता की। इस अवसर पर अरुण शुक्ला, अश्वनी कुमार, अजय वर्मा, अरविंद, सत्य प्रकाश आदि मौजूद रहे।
রাজ্যে পালাবদলের পর হাড়োয়ায় মেছোভেঁড়ি দখলের অভিযোগ, বিজেপি নেতা রাজেন্দ্র সাহাকে ঘিরে বিতর্ক তুঙ্গে
বসিরহাট : উত্তর ২৪ পরগনার হাড়োয়ার রাজনীতিতে ফের সামনে এলো মেছোভেঁড়ি দখলের রাজনীতির পুরনো ছবি। এক সময় বাম আমল থেকে শুরু করে তৃণমূল জমানাতেও ভেঁড়ি ও জলকর দখলকে কেন্দ্র করে উত্তপ্ত থেকেছে হাড়োয়ার বিস্তীর্ণ এলাকা। রাজনৈতিক পালাবদলের পর আবারও সেই একই অভিযোগকে ঘিরে সরগরম গোপালপুর অঞ্চল। এবার অভিযোগের কেন্দ্রে বসিরহাট সাংগঠনিক জেলার বিজেপির সহ-সভাপতি রাজেন্দ্র সাহা।
স্থানীয় মৎস্যজীবী ও ভেঁড়ি মালিকদের অভিযোগ, রাজ্যে সরকার পরিবর্তনের আবহ তৈরি হওয়ার পর থেকেই বসিরহাটের হাড়োয়া বিধানসভার গোপালপুর ১নং গ্রাম পঞ্চায়েত এলাকায় একাধিক মেছোভেঁড়ি ও জলকর জোর করে দখল করা হচ্ছে। অভিযোগ, বিজেপি নেতা রাজেন্দ্র সাহা তার অনুগামীদের নিয়ে বিভিন্ন ভেঁড়ির আলা ঘরে বিজেপির দলীয় পতাকা টাঙিয়ে কার্যত দখলের বার্তা দেন। এরপর জমির মালিক ও ভেঁড়ি ব্যবসায়ীদের উপর শুরু হয় চাপ সৃষ্টি, হুমকি ও ভয় দেখানোর রাজনীতি। ভুক্তভোগীদের দাবি, বহু বছরের লিজে পরিচালিত এই জলকরগুলিতে রাতারাতি দখল বসিয়ে মাছ বিক্রির পুরো নিয়ন্ত্রণ নিজেদের হাতে নিয়ে নেন অভিযুক্তরা। ভেড়ি মালিকদের অভিযোগ, মাছ বিক্রির টাকা বা জমির লিজ বাবদ পাওনা অর্থ দেওয়া তো দূরের কথা, উল্টে টাকা চাইতে গেলে হুমকি দেওয়া হচ্ছে। কেউ প্রতিবাদ করলে তাকে এলাকা ছাড়া করারও হুমকি দেওয়া হচ্ছে বলে অভিযোগ। স্থানীয় সূত্রের দাবি, নতুন সরকার গঠনের পর থেকে গোপালপুর এলাকার বিভিন্ন ভেড়ি থেকে প্রায় ৩০ লক্ষ টাকার মাছ বিক্রি হয়েছে। কিন্তু সেই টাকার এক টাকাও প্রকৃত জমি বা ভেঁড়ির মালিকদের হাতে পৌঁছায়নি। অভিযোগ, পুরো অর্থ আত্মসাৎ করা হয়েছে। এর ফলে আর্থিকভাবে বিপর্যস্ত হয়ে পড়েছেন বহু ছোট ও মাঝারি মৎস্যচাষি। তাদের অনেকেরই সংসার এই ভেড়ির আয়ের উপর নির্ভরশীল। এলাকার একাধিক মৎস্যজীবীর বক্তব্য, রাজনৈতিক ছত্রছায়ায় ভেঁড়ি দখলের এই সংস্কৃতি নতুন নয়, তবে এবার তা আরও প্রকাশ্য রূপ নিয়েছে। দখলের পাশাপাশি এলাকায় আতঙ্কের পরিবেশ তৈরি হয়েছে বলেও অভিযোগ। অনেকে প্রকাশ্যে মুখ খুলতে ভয় পাচ্ছেন।
যদিও সমস্ত অভিযোগ অস্বীকার করেছেন বিজেপি নেতা রাজেন্দ্র সাহা। তার দাবি, দীর্ঘদিন ধরে তৃণমূল কংগ্রেস বেআইনিভাবে বিভিন্ন ভেঁড়ি ও জলকর দখল করে রেখেছিল। এখন সেগুলি প্রকৃত মালিকদের হাতে ফিরিয়ে দেওয়ার কাজ চলছে। তার বিরুদ্ধে ওঠা টাকা আত্মসাৎ, দখল ও হুমকির অভিযোগকে ‘ভিত্তিহীন’ ও রাজনৈতিক উদ্দেশ্যপ্রণোদিত বলে দাবি করেন তিনি। রাজেন্দ্র সাহার বক্তব্য, কয়েকজন ব্যক্তি ইচ্ছাকৃতভাবে তার ভাবমূর্তি নষ্ট করার জন্য মিথ্যা প্রচার চালাচ্ছেন।
তবে অভিযোগ ও পাল্টা অভিযোগের মাঝেই প্রশ্ন উঠছে, রাজনৈতিক পালাবদল হলেই কেন হাড়োয়ার জলকর, ভেঁড়ি ও জমিকে কেন্দ্র করে নতুন করে দখলদারির লড়াই শুরু হয়? প্রকৃত মালিকানা, লিজ এবং ব্যবসায়িক স্বার্থের আড়ালে রাজনৈতিক ক্ষমতার প্রদর্শন কতটা প্রভাব ফেলছে এলাকার সাধারণ মানুষের জীবনে, তা নিয়েই নতুন করে আলোচনা শুরু হয়েছে হাড়োয়ার রাজনৈতিক মহলে। গোপালপুরের এই ঘটনাকে কেন্দ্র করে প্রশাসনের ভূমিকা নিয়েও উঠছে প্রশ্ন। ভুক্তভোগীরা প্রশাসনিক হস্তক্ষেপ ও নিরপেক্ষ তদন্তের দাবি জানিয়েছেন।
बिजली कर्मचारियों का जन-जागरण अभियान तेज, निजीकरण और उत्पीड़न के खिलाफ खोला मोर्चा
लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर पूर्वांचल में बिजली कर्मचारियों ने जन-जागरण अभियान तेज कर दिया है। बस्ती और गोरखपुर से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब ओबरा और अनपरा जैसी बड़ी परियोजनाओं सहित कई जिलों में विरोध सभाएं आयोजित की जाएंगी।

संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि सरकार और ऊर्जा विभाग द्वारा कर्मचारियों पर लगातार दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है। कर्मचारियों, अभियंताओं और संविदा कर्मियों पर दर्ज एफआईआर, निलंबन, दूरस्थ स्थानों पर तबादले और अनुशासनात्मक कार्रवाइयों को लेकर कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।

विरोध सभा को संबोधित करते हुए संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों जितेंद्र सिंह गुर्जर, महेंद्र राय, मोहम्मद वसीम और प्रेमनाथ राय ने कहा कि 3 दिसंबर 2022 को ऊर्जा मंत्री और शासन स्तर पर हुए लिखित समझौते को अब तक लागू नहीं किया गया। इससे बिजली कर्मियों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।

संघर्ष समिति ने मांग की कि मार्च 2023 के आंदोलन के बाद कर्मचारियों पर की गई सभी कार्रवाई तुरंत वापस ली जाए। साथ ही हटाए गए संविदा कर्मियों की बहाली, आउटसोर्स कर्मचारियों को उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम में समाहित करने और स्टेट विजिलेंस जांच समाप्त करने की मांग भी उठाई गई।

कर्मचारियों ने फेशियल अटेंडेंस के नाम पर वेतन कटौती, विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पर तबादले, स्मार्ट मीटर लगाने के दबाव और ट्रांसफार्मर खराब होने पर अभियंताओं से वसूली जैसे आदेशों का भी विरोध किया।

संघर्ष समिति ने प्रदेश की जनता और उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि यह आंदोलन केवल कर्मचारियों का नहीं बल्कि सस्ती, सुलभ और विश्वसनीय बिजली व्यवस्था बचाने की लड़ाई है। समिति ने चेतावनी दी कि निजीकरण से बिजली महंगी होगी और सेवाओं की गुणवत्ता पर भी असर पड़ेगा।
छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस में ‘मौत का बक्सा’! युवती के शव के 5 टुकड़े मिलने से दहशत, सिर अब भी गायब

लखनऊ । राजधानी के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर उस वक्त सनसनी फैल गई, जब छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस की स्लीपर बोगी से एक युवती के शव के पांच टुकड़े बरामद हुए। बक्से और बैग में पॉलीथीन में पैक किए गए शव के हिस्सों को देखकर यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों के होश उड़ गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अब तक युवती का सिर बरामद नहीं हो सका है।
जांच में जुटी जीआरपी को अब इस हत्याकांड में बड़ा सुराग मिला है। शुरुआती पड़ताल में सामने आया है कि हत्यारों ने शव से भरा बक्सा बिहार से नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के किसी रेलवे स्टेशन से ट्रेन में रखा था। इसके बाद पुलिस ने तमकुही रोड से गोमतीनगर तक के रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक युवती की हत्या बेहद बेरहमी से की गई। पहचान मिटाने के लिए शव के टुकड़े किए गए और सिर अलग कर दिया गया। जांच एजेंसियों को शक है कि हत्या के पीछे अवैध संबंध, बदला या इज्जत छिपाने जैसी वजह हो सकती है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि इस खौफनाक वारदात में एक से ज्यादा लोग शामिल थे।
यात्रियों के अनुसार, शनिवार देर रात ट्रेन की एस-1 बोगी के टॉयलेट के पास एक लावारिस बक्सा रखा देखा गया था, लेकिन किसी ने उसे गंभीरता से नहीं लिया। रविवार सुबह गोमतीनगर स्टेशन पहुंचने पर जब बक्सा खोला गया तो अंदर युवती का धड़ मिला, जबकि पास रखे बैग से हाथ और पैर बरामद हुए। यह नजारा देखकर मौके पर मौजूद लोग सन्न रह गए।
जीआरपी ने शव की पहचान के लिए बायोमेट्रिक मिलान की कोशिश की, लेकिन शव के टुकड़े होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी। रेलवे एसपी रोहित मिश्र ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए तीन विशेष टीमें लगाई गई हैं और जल्द ही हत्यारों तक पहुंचने का दावा किया है।
जब ग्रामीणों को एक विशालकाय मगरमच्छ दिखाई दिया
थाना हस्तिनापुर क्षेत्र के दुधली खादर मार्ग पर उस समय हड़कंप मच गया जब ग्रामीणों को एक विशालकाय मगरमच्छ दिखाई दिया। मगरमच्छ को देखते ही आसपास के लोगों में भय का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना हस्तिनापुर वन विभाग की रेंजर खुशबू उपाध्याय को दी।
सूचना मिलते ही रेंजर खुशबू उपाध्याय के निर्देशन में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाया गया। काफी मशक्कत के बाद टीम ने मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया। वन विभाग की टीम द्वारा मगरमच्छ को गंगा नदी में छोड़ने की तैयारी की गई, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
रेस्क्यू टीम में सोनू कुंडा, नितिन, अंकित यादव, अतुल दुबे, नितिन त्यागी, अतुल स्वामी, ऊदल सहित वन विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। वहीं ग्रामीणों में रजनीश, भोलू, रामबीर, सोनू वर्मा, तुषार, जोनी, राहुल आदि ने मगरमच्छ को देखा और इसकी सूचना वन विभाग को दी।
वन विभाग अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि जंगली जीव दिखाई देने पर घबराएं नहीं और तुरंत विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके।
हस्तिनापुर क्षेत्र के गांव खेडी कला खादर में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, भूमाफियाओं से कब्जामुक्त कराई गई वन भूमि

संवाददाता/परविंदर चौधरी


हस्तिनापुर। थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव खेड़ी कला खादर में सोमवार दिनांक 18/05/2026 को प्रशासन एवं वन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए कई वर्षों से विवादित पड़ी एम.एल.सी की भूमि एवं वन विभाग की भूमि को भूमाफियाओं के कब्जे से मुक्त कराया गया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल, राजस्व विभाग की टीम तथा वन विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
वन क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में राजस्व विभाग, थाना हस्तिनापुर पुलिस तथा स्थानीय ग्रामीणों की सहमति से कब्जाई गई भूमि को खाली कराया गया। बताया गया कि भूमाफियाओं द्वारा लंबे समय से वन एवं एमएलसी की भूमि पर अवैध रूप से खेती की जा रही थी तथा आज ट्रैक्टरों के के द्वारा करीब 200-400 बीघा (भूमि ) जमीन को जोत कर कब्जा मुक्त कराया गया और भविष्य में बची हुई भूमि को भी कब्जा मुक्त कराया जाएगा, इस भूमि से क्षेत्र में लगातार विवाद की स्थिति बनी हुई थी। कई बार इस भूमि को लेकर तनाव एवं खूनी रंजिश जैसी घटनाएं भी सामने आ चुकी थीं।
प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग द्वारा संबंधित भूमि को वन विभाग के सुपुर्द किया गया। वन विभाग की टीम वन दरोगा, अतुल स्वामी, अंकित यादव, ऋषभ कुमार, नितिन फौजी, वनरक्षक अशोक, वनरक्षक रवि चपराना , वनरक्षक डालचंद, वाचर अमित, पवन,हर्षित चौहान, राजेंद्र,ने मौके पर पहुंचकर भूमि की पैमाइश कराते हुए कब्जामुक्त कराया। खेड़ी कला के ग्रामीणों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि भूमाफियाओं के कब्जे के कारण उनकी पैतृक एवं लगानी भूमि लगातार प्रभावित हो रही थी। खेतों के आसपास अवैध कब्जों के चलते नीलगाय व अन्य जंगली पशु फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे थे, जिससे किसान परेशान थे।
वन रेंज क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय ने बताया कि कब्जामुक्त कराई गई भूमि अभयारण क्षेत्र की वन भूमि है, जो वन्य जीवों के प्राकृतिक विचरण क्षेत्र में आती है। उन्होंने कहा कि वन विभाग भविष्य में भी अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान जारी रखेगा तथा वन संपदा और वन्य जीवों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
इस कार्रवाई में राजस्व विभाग से कानूनगो सीताराम, पटवारी नीरज तोमर, थाना प्रभारी हस्तिनापुर ने  उपनिरीक्षक मनीष, उपनिरीक्षक निर्दोष कुमार सहित पूरी पुलिस टीम एवं महिला कांस्टेबल मौजूद रहीं। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी उपस्थित रहे और इस प्रशासनिक कार्य में अड़चन भी आई कुछ किसानों ने इसका विरोध किया जिससे पुलिस बल ने उन्हें समझाया ,प्रशासनिक अपने प्रशासनिक कार्य में कोई भी हस्तीक्षेप किया तो आपको पुलिस हिरासत में ले लिया जाएगा , और सभी ने कार्रवाई का समर्थन किया।
पेट्रोल-डीजल आज फिर हो गया महंगा, एक हफ्ते में दूसरी बार बढ़े दाम

#petroldieselpriceshikedbyabout90paisea_litre

देश में आम आदमी पर महंगाई की एक और मार पड़ी है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार को फिर से बढ़ोतरी कर दी गई। तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम में करीब 90 पैसे प्रति लीटर तक का इजाफा किया है। एक हफ्ते के भीतर ईंधन की कीमतों में यह दूसरी बढ़ोतरी है।

19 मई को सुबह-सुबह नए रेट जारी कर दिए गए हैं। देश के कई शहरों में आज पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव हुआ है। ऐसे में दिल्ली से लेकर मुंबई, जयपुर, पटना और हैदराबाद तक कई शहरों में नई कीमतें लागू हो गई हैं।

तीन दिन पहले ही बढ़े थे दाम

इस नई बढ़ोतरी से ठीक तीन दिन पहले, शुक्रवार को ही केंद्र सरकार ने देशभर में पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में तीन-तीन रुपये प्रति लीटर का भारी इजाफा किया था। उस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये हो गया था।

देश अलग-अलग शहरों में पेट्रोल-डीजल का ताजा भाव

• दिल्ली में पेट्रोल ₹0.87 महंगा होकर ₹98.64 प्रति लीटर और डीजल ₹0.91 बढ़कर ₹91.58 प्रति लीटर हो गया है।

• मुंबई में पेट्रोल ₹0.91 बढ़कर ₹107.59 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 महंगा होकर ₹94.08 प्रति लीटर बिक रहा है।

• कोलकाता में पेट्रोल ₹1 बढ़कर ₹109.70 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 चढ़कर ₹96.07 प्रति लीटर पहुंच गया है।

• चेन्नई में पेट्रोल ₹0.79 महंगा होकर ₹104.46 प्रति लीटर और डीजल ₹0.86 बढ़कर ₹96.11 प्रति लीटर हो गया है।

• गुरुग्राम में पेट्रोल ₹0.82 बढ़कर ₹99.29 प्रति लीटर और डीजल ₹0.86 महंगा होकर ₹91.80 प्रति लीटर बिक रहा है।

• नोएडा में पेट्रोल ₹1.15 चढ़कर ₹98.91 प्रति लीटर और डीजल ₹1.22 बढ़कर ₹92.21 प्रति लीटर हो गया है।

• बेंगलुरु में पेट्रोल ₹0.95 महंगा होकर ₹107.12 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 बढ़कर ₹95.04 प्रति लीटर पहुंच गया है।

• भुवनेश्वर में पेट्रोल ₹0.52 बढ़कर ₹105.09 प्रति लीटर और डीजल ₹0.57 महंगा होकर ₹96.68 प्रति लीटर बिक रहा है।

• चंडीगढ़ में पेट्रोल ₹0.83 बढ़कर ₹98.10 प्रति लीटर और डीजल ₹0.84 चढ़कर ₹86.09 प्रति लीटर हो गया है।

• हैदराबाद में पेट्रोल ₹0.99 महंगा होकर ₹111.88 प्रति लीटर और डीजल ₹0.99 बढ़कर ₹99.95 प्रति लीटर पहुंच गया है.

• जयपुर में पेट्रोल ₹1.71 बढ़कर ₹109.32 प्रति लीटर और डीजल ₹1.60 महंगा होकर ₹94.50 प्रति लीटर बिक रहा है।

• लखनऊ में पेट्रोल ₹0.68 बढ़कर ₹98.40 प्रति लीटर और डीजल ₹0.72 चढ़कर ₹91.73 प्रति लीटर हो गया है।

• पटना में पेट्रोल ₹1.10 महंगा होकर ₹110.02 प्रति लीटर और डीजल ₹1.08 बढ़कर ₹96.05 प्रति लीटर पहुंच गया है।

पश्चिमी एशिया युद्ध के कारण दुनिया भर में ऊर्जा संकट

पेट्रोल और डीजल के दामों में इस तरह की लगातार बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारण बहुत बड़ी वजह हैं। दरअसल, पश्चिमी एशिया के देशों में चल रहे संघर्ष और युद्ध के कारण दुनिया भर में ऊर्जा का बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इस विवाद के कारण समुद्री व्यापार के सबसे अहम रास्तों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट आ गई है। इसी साल 28 फरवरी से अमेरिका और इस्राइल का ईरान के साथ युद्ध शुरू हो गया था, जिसके बाद से ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई हैं। कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास घूम रही है, हालांकि मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप और ईरान इस इलाके में लंबे समय के युद्धविराम के लिए बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं।