सात सालों के अलविदा के साथ दीपक कुमार सिंह का भावुक विदाई संदेश — बलिया को कहा दिल से धन्यवाद
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संजीव सिंहबलिया — बैंक शाखा प्रबंधक दीपक कुमार सिंह ने लखनऊ स्थानांतरण के अवसर पर मंगलवार को बलिया तथा रसड़ा और नगरा के लोगों को भावभीनी विदाई देते हुए कहा कि वे यहाँ अपने घर जैसा महसूस करते रहे। दीपक ने साझा किया कि जब 2019 में बलिया में पहली बार तैनाती हुई तो उन्हें खुशी और अपनापन मिला और तब उन्हें यह नौकरी नहीं बल्कि अपने लोगों के बीच लौटने का अवसर लगा।
उन्होंने बताया कि मऊ उनकी पहली मातृभूमि रही, लेकिन समय के साथ बलिया ने उनकी पहचान, भावनाएँ और जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया। रसड़ा में बिताए गए लम्हे, बीएस चौराहा शाखा में शाखा प्रबंधक के रूप में पहली जिम्मेदारी, और नगरा शाखा में प्राप्त असीम स्नेह—ये सभी मौकों ने उनके लिए अनमोल स्मृतियाँ बना दीं।
दीपक ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि बैंक के पद या उपलब्धियाँ नहीं, बल्कि लोगों का प्यार, विश्वास और अपनापन है। उन्होंने बलिया के लोगों की मानवता और संबंधों को निभाने की भावना की सराहना करते हुए कहा कि एक बार यहाँ के लोगों ने किसी को अपना मान लिया तो वह कभी अकेला नहीं छोड़ते। इसीलिए हर विदाई उनके लिए बहुत कठिन रही।
उन्होंने उन सभी का आभार जताया जिन्होंने उनके सात वर्षों को खूबसूरत बनाया, और कहा कि बलिया उनका “दूसरा परिवार” बन गया है। लखनऊ जाने के बावजूद उनका मन और यादें रसड़ा की गलियों, नगरा की सड़कों तथा सभी साथियों के बीच ही रहेंगी। दीपक ने वादा किया कि वे जहाँ भी जाएँगे, रिश्तों और अपनापन को अपनी आखिरी साँस तक निभाएंगे और यदि कहीं अनजाने में कोई भूल हुई हो तो क्षमा चाहते हैं। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि जब भी उन्हें याद करें तो उन्हें अपने परिवार का सदस्य समझें।
दीपक ने अंत में कहा, “धन्यवाद, बलिया — अलविदा तो नहीं कहूँगा, क्योंकि मैं अपना दिल यहीं छोड़कर जा रहा हूँ।”


बलिया — बैंक शाखा प्रबंधक दीपक कुमार सिंह ने लखनऊ स्थानांतरण के अवसर पर मंगलवार को बलिया तथा रसड़ा और नगरा के लोगों को भावभीनी विदाई देते हुए कहा कि वे यहाँ अपने घर जैसा महसूस करते रहे। दीपक ने साझा किया कि जब 2019 में बलिया में पहली बार तैनाती हुई तो उन्हें खुशी और अपनापन मिला और तब उन्हें यह नौकरी नहीं बल्कि अपने लोगों के बीच लौटने का अवसर लगा।


सुलतानपुर में एसटीएफ ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 90 लाख रुपये का 360 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। पुलिस ने इस मामले में बिहार के एक अंतरराज्यीय तस्कर को गिरफ्तार किया है। यह गांजा ओडिशा से अयोध्या और बहराइच जिलों में सप्लाई किया जाना था। गिरफ्तार तस्कर की पहचान मधुबनी (बिहार) निवासी दीपक कुमार महतो (पुत्र किशोर महतो) के रूप में हुई है।

झारखंड प्रदेश इंटक के प्रदेश सचिव अजय कुमार ने विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चे किसी भी राज्य या राष्ट्र के सामाजिक व आर्थिक विकास की रीढ़ होते हैं। बाल श्रम एक कुप्रथा है और इस कुप्रथा को समाप्त करने की जिम्मेदारी सिर्फ केंद्र या राज्य सरकार की नहीं बल्कि समाज के हर वर्ग की भी है। श्री कुमार ने कहा कि बाल श्रम उन्मूलन दिवस मनाना तभी सार्थक होगा जब हम सब बाल श्रम जैसी कुप्रथा को समाप्त करने का संकल्प लें ताकि उनका अधिकार उन्हें मिल सके और वे समाज की मुख्यधारा में लौट सकें। अजय कुमार प्रदेश सचिव झारखंड प्रदेश इंटक
आज भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय देवघर में प्रदेश उपाध्यक्ष के बालमुकुंद के द्वारा पौधारोपण का कार्यक्रम किया गया। इस मौके पर जिला अध्यक्ष सचिन रवानी एवं जरमुंडी के विधायक देवेंद्र कुमार भी उपस्थित रहे आपको बताते चले कि आज भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय में रुद्राक्ष एवं बेलपत्र के पौधों का रोपण किया गया
जो की हम लोग पर्यावरण संरक्षण के लिए साथ ही बाबा बैधनाथ के आशीर्वाद से रुद्राक्ष एवं बेलपत्र के पौधों को वहां पर रिपीट किया गया। बताते चलें कि रुद्राक्ष एवं बेलपत्र के पौधे का दान जिला कार्यालय मंत्री धनंजय तिवारी के द्वारा किया गया।
उन्होंने बताया कि आज उनके पुत्र शाश्वत तिवारी का जन्म दिन है। इस मौके पर उन्होंने बाबा बैद्यनाथ के आशीर्वाद से बेलपत्र और रुद्राक्ष पौधे को समर्पित किए हैं साथ ही उन्होंने आज बाबा बैधनाथ मंदिर में रुद्राभिषेक भी कराऐ है।
सुल्तानपुर,सेतु निगम द्वारा कादीपुर क्षेत्र में बनाए जा रहे निर्माणाधीन गुदरा पुल में दरार आने की खबरों पर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स में मामला सामने आने के बाद
जिलाधिकारी सुल्तानपुर ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच कमेटी गठित कर 10 दिन में मांगी रिपोर्ट
।
जिलाधिकारी कार्यालय में मीडिया को जानकारी देते हुए जिलाधिकारी ने कहाकि कल मीडिया में खबर आई कि सेतु निगम द्वारा कादीपुर में बनाए जा रहे निर्माणाधीन ब्रिज में कुछ दरारें रिपोर्ट की गई हैं। जिसको संज्ञान में लेते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल एक जांच कमेटी का गठन किया है। इस जाँच कमेटी में दूसरे विभागों के
टेक्निकल मेम्बर भी शामिल किए गए हैं ताकि तकनीकी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा सके।
जिलाधिकारी ने साफ कहा है कि कल मीडिया रिपोर्ट्स में कादीपुर में सेतु निगम द्वारा बनाए जा रहे निर्माणाधीन ब्रिज में कुछ
cracks को रिपोर्ट किया गया था। उसको देखते हुए हमने एक जांच कमेटी बनाई है। उसमें टेक्निकल मेंबर भी हैं जो दूसरे विभाग के हैं। ये टीम अगले दस दिन में पूरी जांच करके रिपोर्ट देगी।..........
कादीपुर में निर्माणाधीन गुदरा घाट पर स्पान सं० पी3-पी4 की डाउन स्ट्रीम एवं मिडिल बीम पहले से डाली जा चुकी है। अपस्ट्रीम की बीम में कुल 5 केविल में से नीचे के 2 केविल प्री-स्ट्रेसिंग की जा चुकी है एवं दिनांक 11.06.2026 को केविल सं० 03 के प्री-स्ट्रेसिंग के समय प्री-स्ट्रेसिंग जैक के फेल हो जाने के कारण अधिक लोड पड़ने से बीम में क्रैक आ गया है।
मेरठ/बहसूमा। बहसूमा क्षेत्र के गांव सदरपुर के निकट स्थित पेट्रोल पंप के पास सड़क की बदहाल स्थिति राहगीरों और वाहन चालकों के लिए मुसीबत का कारण बनी हुई है। सड़क पर बने गहरे गड्ढों और जलभराव के कारण हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं कराया गया है।
*गोण्डा 12 जून,2026*।
अमृतपुर - फर्रुखाबाद l थाना राजेपुर क्षेत्र के ग्राम अंबरपुर की मढ़ैया में पैतृक भूमि विवाद को लेकर एक परिवार शुक्रवार को आमरण अनशन एवं भूख हड़ताल पर बैठ गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।ग्राम अंबरपुर की मढ़ैया निवासी गिरीश चंद्र मिश्रा शुक्रवार सुबह लगभग 10 बजे अपनी पत्नी गायत्री देवी, पुत्री सुमन, पुत्र देवेश तथा बहू गंगा देवी के साथ आमरण अनशन पर बैठ गए। गिरीश चंद्र मिश्रा का आरोप है कि लगभग 7 डिसमिल भूमि पर पिछले 40 वर्षों से उनका कब्जा चला आ रहा है, लेकिन दूसरे पक्ष के लोगों ने उक्त भूमि पर मिट्टी डलवाकर कब्जा करने का प्रयास किया है।उन्होंने बताया कि वह इस भूमि पर अपने पूर्वज बाबू कल्याण सिंह की स्मृति में एक पार्क का निर्माण कराना चाहते हैं। न्याय की मांग को लेकर उन्होंने परिवार सहित भूख हड़ताल शुरू कर दी है।वहीं दूसरे पक्ष के रमाकांत का कहना है कि अंबरपुर मोड़ के निकट गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए उन्होंने लगभग 14 डिसमिल भूमि दी थी, जिसके बदले में उन्हें यह भूमि आवंटित हुई है। इसलिए वह भूमि पर अपना वैध अधिकार बताते हैं।उल्लेखनीय है कि रमाकांत ने इससे पूर्व 17 मार्च 2026 को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना में अधिग्रहित हो रही अपनी भूमि एवं मकान के मुआवजे को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि ग्राम सभा अंबरपुर की गाटा संख्या 202 एवं 203 में स्थित उनके मकान का सही मूल्यांकन नहीं किया गया है, जबकि मकान के निर्माण में लगभग 25 लाख रुपये खर्च हुए हैं।रमाकांत ने जिलाधिकारी से मांग की थी कि उनके मकान का पुनः निरीक्षण उनकी उपस्थिति में कराया जाए तथा निष्पक्ष मूल्यांकन के बाद ही उचित मुआवजा निर्धारित किया जाए। उनका कहना था कि जब तक दोबारा सर्वे और निष्पक्ष जांच नहीं होगी, तब तक वह अपनी भूमि और मकान परियोजना के लिए देने को तैयार नहीं हैं।भूमि विवाद और अनशन की सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस तथा थाना राजेपुर पुलिस मौके पर पहुंची। उपनिरीक्षक जगदीश वर्मा ने घटनास्थल का निरीक्षण कर दोनों पक्षों से जानकारी ली। किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए मौके पर दो पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है।थानाध्यक्ष राजेपुर नागेंद्र सिंह ने बताया कि जमीनी विवाद की सूचना मिलने पर पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया था। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है तथा मामले की जानकारी राजस्व विभाग को भी दे दी गई है। राजस्व विभाग द्वारा जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।ग्रामीण क्षेत्र में इस विवाद को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है, जबकि प्रशासन मामले पर नजर बनाए हुए है।
স্পোর্টস ডেস্ক:গতকাল থেকে শুরু হয়ে গেল ফুটবল বিশ্বকাপ। আর সেই ফুটবল বিশ্বকাপের উন্মাদনা থেকে শহর ছাড়িয়ে শহরতলী পর্যন্ত ছড়িয়ে পড়েছে আমাদের দেশ তথা রাজ্য এবং জেলার সর্বত্র। হাওড়া, হুগলি, কলকাতার বিভিন্ন অঞ্চলে এভাবেই তাদের প্রিয় দলের খেলোয়াড়দের পোস্টার বানিয়ে ফুটবল উন্মাদনায় মেতে উঠেছে ফুটবলপ্রেমীরা।
ছবি: সঞ্জয় হাজরা
संजीव सिंह बलिया!बाबा बालखंडी नाथ दिउली के सानिध्य में चल रही शिव महापुराण कथा के चौथे दिन अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं से कहा कि शिवत्व के माध्यम से जीवन को सुखमय बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि नियमित भजन-नाम स्मरण और भगवान की भक्ति से न केवल मनचाही भौतिक संपदाएँ प्राप्त होती हैं, बल्कि शिव की विशेष कृपा भी मिलती है, जबकि व्यसनों में लिप्तता व्यक्ति के जीवन को बर्बाद कर देती है।
3 hours ago
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