Sambhal जनगणना 2027 की तैयारी तेज- मकान सूचीकरण के लिए मैदान में उतरे प्रगणक, शुरू हुआ विशेष प्रशिक्षण
जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में पहले चरण, यानी मकान सूचीकरण और मकानों की गणना के लिए व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। डिस्ट्रिक्ट फील्ड ट्रेनर रितेश कुमार ने बताया कि यह प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी आधार पर आगे की जनगणना का ढांचा तैयार होगा।

उन्होंने जानकारी दी कि इस कार्य में लगे सुपरवाइजर और प्रगणकों को तीन-तीन दिन का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए अलग-अलग बैच बनाए गए हैं। फिलहाल पहले दिन चार बैचों में प्रशिक्षण चल रहा है, जबकि आने वाले दिनों में अन्य बैचों को भी इसी तरह प्रशिक्षित किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया क्षेत्रवार विभाजन के आधार पर संचालित की जा रही है, ताकि हर क्षेत्र में सही और सटीक जानकारी जुटाई जा सके। रितेश कुमार ने बताया कि जनगणना के पहले चरण में मकानों की पहचान और वर्गीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसमें यह समझाया जा रहा है कि भवन और मकान में क्या अंतर होता है, परिवार की परिभाषा क्या है और लोगों की रहन-सहन की स्थिति को किस तरह दर्ज किया जाएगा। यह डेटा भविष्य की योजनाओं और नीतियों के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना का दूसरा चरण फरवरी में शुरू होगा, जिसमें व्यक्तियों की गणना की जाएगी। यानी पहले चरण में जहां मकानों और आवासीय ढांचे की जानकारी जुटाई जा रही है, वहीं दूसरे चरण में जनसंख्या से जुड़ी विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। कुल मिलाकर, जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है और प्रशिक्षित टीम के जरिए इस महाअभियान को सफल बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।
माँ विंध्यवासिनी धाम: भीषण गर्मी और भीड़ में श्रद्धालुओं की बढ़ी परेशानी

मिर्जापुर के माँ विंध्यवासिनी धाम में दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच श्रद्धालुओं को कड़ी धूप में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लंबी लाइनों में खड़े भक्तों के पांव गर्म फर्श के कारण जल रहे हैं, जिससे स्थिति और भी कठिन हो गई है।

खासकर गेट नंबर 2 और 3 -4 जाने वाले मार्ग पर धूप का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि घंटों लाइन में खड़े रहने के दौरान गर्म जमीन पर नंगे पैर रहना बेहद तकलीफदेह है। भक्तों ने मंदिर प्रशासन से मांग की है कि छाया की व्यवस्था, मैट बिछाने और पानी के छिड़काव जैसे इंतजाम किए जाएं, ताकि दर्शन के लिए आने वाले लोगों को राहत मिल सके।
जापान में आया 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, सुनामी की चेतावनी जारी

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जापानी में एक शक्तिशाली भूकंप आया है। उत्तरी जापानी तट पर आए शक्तिशाली भूकंप के बाद जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने क्षेत्र में सुनामी की चेतावनी जारी की है। 7.4 की प्रारंभिक तीव्रता वाला यह भूकंप उत्तरी जापान के सैनरिकु के तट पर स्थानीय समयानुसार शाम लगभग 4:53 बजे आया।

सैकड़ों किलोमीटर दूर टोक्यो में भी महसूस हुए झटके

भूकंप की गहराई मात्र 10 किलोमीटर थी, जिससे झटके काफी तेज महसूस किए गए। भूकंप इतना शक्तिशाली था कि केंद्र से सैकड़ों किलोमीटर दूर टोक्यो में भी ऊंची इमारतें हिल गईं। कई इलाकों में लोगों ने तेज झटके महसूस किए। हालांकि, अभी तक किसी बड़े नुकसान या हताहत की खबर नहीं आई है, लेकिन स्थिति की निगरानी की जा रही है।

सुनामी की चेतावनी

जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने बताया कि सोमवार दोपहर को देश के उत्तर-पूर्वी तट के पास 7.4 की शुरुआती तीव्रता वाला भूकंप आया। भूकंप के बाद एजेंसी ने इवाते आओमोरी और होक्काइडो प्रांतों में 3 मीटर (9.84 फीट) तक ऊंची सुनामी आने की चेतावनी दी है। जापान के इवाते प्रान्त, होक्काइडो के प्रशांत तट के मध्य भाग और आओमोरी प्रान्त के प्रशांत तट के लिए सुनामी चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में बड़े नुकसान का अंदेशा जताया जा रहा है।

भूकंप का केंद्र प्रशांत महासागर में

जापानी मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र प्रशांत महासागर में था और यह 10 किलोमीटर की गहराई पर आया था। जापान के भूकंपीय तीव्रता पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 'ऊपरी 5' मापी गई। ये इतनी तेज थी कि लोगों का इधर-उधर चलना-फिरना मुश्किल हो गया।

जापान में बार-बार आता है भूकंप

जापान दुनिया के सबसे भूकंपीय रूप से सक्रिय देशों (एक्टिव) में से एक है, जो प्रशांत "रिंग ऑफ फायर" के पश्चिमी किनारे पर चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों के शीर्ष पर स्थित है। जापान लगभग 12.5 करोड़ लोगों का घर है और एक द्वीपसमूह पर बसा है। यह देश आम तौर पर हर साल लगभग 1,500 झटके महसूस करता है और दुनिया के लगभग 18 प्रतिशत भूकंपों के लिए जिम्मेदार है।

विद्यालय जमीन घोटाला: हाईकोर्ट सख्त, सरकार से दो हफ्ते में मांगा जवाब*

वैदिक विद्या मंदिर विद्यालय की जमीन बिक्री और व्यावसायिक उपयोग के आरोप*

हाईकोर्ट सख्त, जमीन बिक्री और दुरुपयोग पर सरकार से जवाब तलब*

रितेश मिश्रा
हरदोई । वैदिक विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से जुड़े गंभीर आरोपों पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ खंडपीठ ने कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। विद्यालय की भूमि के कथित अवैध विक्रय, संपत्ति के दुरुपयोग और परिसर में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सरकार को दो सप्ताह के भीतर स्पष्ट स्थिति बताने का निर्देश दिया है।

यह आदेश जनहित याचिका संख्या 325/2026 पर सुनवाई के दौरान पारित किया गया, जिसे याची विजय कुमार पाण्डेय द्वारा दायर किया गया है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे प्राथमिकता से सुनते हुए अगली सुनवाई की तिथि 28 अप्रैल निर्धारित की है।

आरोपों की प्रकृति: शिक्षा से व्यापार की ओर झुकाव
याचिका में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय की गाटा संख्या 66, 67 और 68 की भूमि का अवैध रूप से विक्रय किया गया है। इसके साथ ही विद्यालय की संपत्ति का शैक्षिक उद्देश्यों के बजाय व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। आरोप है कि विद्यालय परिसर में दुकानों का संचालन, निजी संस्थानों की गतिविधियां और अन्य व्यापारिक कार्य हो रहे हैं, जिससे शिक्षा का वातावरण प्रभावित हो रहा है।

याचिकाकर्ता ने यह भी कहा है कि इन गतिविधियों के चलते विद्यालय की मूल भावना और उद्देश्य पूरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए बनाए गए शैक्षणिक माहौल में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है, जो न केवल शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है बल्कि संस्थान के अस्तित्व पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

*न्यायालय की सख्त टिप्पणी*

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ द्वारा की गई। अदालत ने प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए राज्य सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है। राज्य सरकार की ओर से उपस्थित स्थायी अधिवक्ता ने अदालत से अनुरोध किया कि उन्हें इस मामले में संबंधित विभागों से आवश्यक निर्देश प्राप्त करने के लिए समय दिया जाए। इस पर न्यायालय ने दो सप्ताह का समय देते हुए स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई में सरकार को तथ्यों सहित अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।

*प्रबंधन पर मनमानी के आरोप*


याचिका में विद्यालय के प्रबंधन तंत्र पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कहा गया है कि प्रबंधन द्वारा मनमाने तरीके से निर्णय लिए जा रहे हैं, जिससे संस्था की संपत्ति और संसाधनों का दुरुपयोग हो रहा है। यह भी आरोप है कि प्रबंधन ने नियमों की अनदेखी करते हुए विद्यालय की जमीन और परिसंपत्तियों का निजी लाभ के लिए उपयोग किया है। स्थानीय स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर लंबे समय से असंतोष बताया जा रहा है। अभिभावकों और क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि विद्यालय की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है और शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

*सरकारी तंत्र की भूमिका पर सवाल*

इस पूरे प्रकरण में सरकारी तंत्र की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिका में कहा गया है कि संबंधित अधिकारियों को इन गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे यह संकेत मिलता है कि या तो लापरवाही बरती गई या फिर जानबूझकर मामले को नजरअंदाज किया गया। सूत्रों  का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह मामला अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी गलत उदाहरण बन सकता है। शिक्षा संस्थानों की संपत्ति का इस तरह से उपयोग शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को प्रभावित करता है।

*शिक्षा पर पड़ता असर*

विद्यालय परिसर में व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन से छात्रों के अध्ययन वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की बात भी सामने आई है। कक्षाओं के आसपास दुकानों और अन्य गतिविधियों के चलते शोर-शराबा और अव्यवस्था की स्थिति बनती है, जिससे विद्यार्थियों का ध्यान भंग होता है। इसके अलावा, संस्थान के संसाधनों का सही उपयोग न होने से शैक्षिक सुविधाओं में भी कमी आ सकती है। ऐसे में छात्रों के भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ना स्वाभाविक है।

*न्यायिक प्रक्रिया में अगला कदम*


अदालत ने स्पष्ट किया है कि यह मामला गंभीर प्रकृति का है और इससे शिक्षा व्यवस्था जुड़ी हुई है। इसलिए इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। दो सप्ताह के भीतर राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अगली सुनवाई 28 अप्रैल को निर्धारित की गई है, जिसमें यह देखा जाएगा कि सरकार ने क्या कदम उठाए हैं और क्या आरोपों में कोई सच्चाई पाई गई है।

*स्थानीय स्तर पर बढ़ी चिंता*

इस पूरे घटनाक्रम के बाद हरदोई क्षेत्र में चिंता का माहौल है। अभिभावक और स्थानीय नागरिक विद्यालय के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द ही सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो यह संस्थान पूरी तरह से खत्म होने की कगार पर पहुंच सकता है।
सुपीरियर ग्रुप की बड़ी उपलब्धि: चंद्रिका पावर प्राइवेट लिमिटेड, नालंदा को मिले तीन अंतरराष्ट्रीय ISO प्रमाणपत्र
रमेश दूबे
नालंदा, बिहार। सुपीरियर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के अंतर्गत संचालित सुपीरियर इंडस्ट्रीज लिमिटेड की इकाई चंद्रिका पावर प्राइवेट लिमिटेड, नालंदा (बिहार) ने गुणवत्ता, पर्यावरण संरक्षण एवं मानव सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर के तीन प्रतिष्ठित ISO प्रमाणपत्र प्राप्त किए हैं।
कंपनी को ISO 9001 (गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली), ISO 14001 (पर्यावरण एवं जलवायु संरक्षण प्रबंधन प्रणाली) तथा ISO 45001 (स्वास्थ्य एवं मानव सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली) प्रमाणपत्र प्रदान किए गए हैं। यह उपलब्धि कंपनी के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है।
यह सफलता प्रबंध निदेशक श्री मनीष अग्रवाल के दूरदर्शी नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में हासिल हुई। ऑडिट एवं सर्टिफिकेशन प्रक्रिया की संपूर्ण जिम्मेदारी ग्रुप सीएचआरओ एवं कॉर्पोरेट अफेयर्स प्रमुख डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने संभाली, जिन्होंने पूरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।
ऑडिट टीम ने कंपनी के उत्पादन, कार्यप्रणाली, गुणवत्ता नियंत्रण, सुरक्षा मानकों एवं पर्यावरणीय व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया, जिसमें चंद्रिका पावर प्राइवेट लिमिटेड के उत्पाद एवं प्रबंधन प्रणाली अंतरराष्ट्रीय मानकों पर पूरी तरह खरी उतरी।
इस अवसर पर यूनिट हेड श्री अनुपम मिश्र ने पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि टीमवर्क, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। वहीं कॉर्पोरेट एचआर सुश्री मनी गुप्ता ने सभी आवश्यक दस्तावेजों एवं प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित रूप से तैयार कर इस सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने इस अवसर पर सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रमाणपत्र केवल सम्मान नहीं, बल्कि कंपनी की गुणवत्ता, सुरक्षा और पर्यावरणीय प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
इस उपलब्धि से सुपीरियर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज ने एक बार फिर उद्योग जगत में अपनी मजबूत पहचान स्थापित की है।
स्कूल चलो अभियान की भयावह विफलता: नौनिहालों का भविष्य धूंध में, बाल मजदूरी का दलदल गहराता जा रहा
बबलू प्रजापति पिहानी

पिहानी (हरदोई):सरकार ने ‘स्कूल चलो अभियान’ और जन जागरूकता योजनाओं को बड़ी उम्मीदों के साथ शुरू किया था, लेकिन पिहानी में आज यह अभियान पूरी तरह धराशायी हो चुका है। नौनिहाल जिनके हाथों में कलम होनी चाहिए, वे फावड़ा, ईंटें और चाय के जूठे गिलास उठाने पर मजबूर हैं। निर्माण स्थलों, ढाबों और होटल जैसे जगहों पर ये मासूम बच्चे काम कर रहे हैं, जबकि शिक्षा का अधिकार सिर्फ एक नाम बनकर रह गया है।
श्रम व शिक्षा विभाग की लापरवाही इस त्रासदी का मुख्य कारण है। अधिकारियों ने सिर्फ दिखावे के कार्यक्रम आयोजित किए, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बाल मजदूरी की घटनाएं रोज सामने आ रही हैं, लेकिन कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो रही। स्थानीय लोग आक्रोशित हैं और पूछ रहे हैं कि आखिर कब प्रशासन इस जघन्य अपराध पर लगाम लगाएगा। बच्चों का भविष्य दांव पर है, और अगर अभी जाग नहीं हुई, तो ये मासूम पीढ़ी कभी शिक्षा का उजाला नहीं देख पाएगी।बाल मजदूरी के दलदल में धकेले जा रहे हैं। सरकार के आदेशों के बावजूद, शिक्षा व श्रम विभाग केवल दिखावा कर रहे हैं, बच्चों का उज्ज्वल भविष्य अधर में लटका हुआ।क्षेत्र में सैकड़ों मासूम बच्चे आज भी बाल मजदूरी के दलदल में फंसे हुए हैं। ये बच्चे स्कूल की दहलीज तक नहीं पहुंच पा रहे, बल्कि होटल, ढाबों और निर्माण स्थलों पर काम करते नजर आ रहे हैं। सवाल यह उठता है कि जब सरकार शिक्षा को लेकर इतने बड़े अभियान चला रही है, तो आखिर ये बच्चे शिक्षा से वंचित क्यों हैं?
धरती पर बढ़ रही आबादी की घनत्व से जल संकट का मुख्य कारण : रामबाबू सिंह

वन पर्यावरण और प्रकृति से प्यार करने की जरूरत : सूर्य प्रताप सिंह ।

विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज। आज जंगल में मंगल रहने वाले बंदरो की टोली गांव में लगी नलों पर झुंड में पहुंच कर प्यास बुझा रहे हैं । शायद इस परिदृश्य से हर इंसान को सोचने की जरुरत है । क्योंकि ऐसी हालत क्यो बनी । आज जंगल के जीव जंतु अपनी प्यास बुझाने के लिए आबादी में हैंड पंपों का सहारा ले रहें हैं । उक्त बातें भारतीय किसान यूनियन भानू के प्रदेश उपाध्यक्ष  रामबाबू सिंह ने कही । उन्होंने कहा कि भले ही जानवरों की प्यास बुझाकर हर इंसान सुकून की आह भर रहा हो पर ऐसी जिंदगी पहले जीव जंतुओं को देखने के लिए कभी नही मिली थी । इस लिए पहले नदी - नाले ,ताल - तलैया ,झरही - देवकी जंगल झाड़ियों के बीच पानी से लबालब झर - झर झरही बहते थे । अब वही संपति बेपानी क्यो होते जा रहे हैं । ऐसा अचरज होती प्राकृतिक धरोहरों के प्रति अट्टाहास कुछ भी बहस हो सकती है पर सच्चाई पर बहस तीखा हमला के समान होता है । क्योकि आज धरती पर बढ़ रही आबादी की घनत्व से जल - जंगल के मुहाने तक अतिक्रमण और उसके दोहन ही मुख्य कारण माना जा सकता है । इसलिए व्यक्ति अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आदिमानव की तरह हांथ में टांग और फावड़ा पकड़े फौलादी बन कर जंगलो की विनाश करने के लिए विनाशलीला पर आतुर है । यही वजह है कि मनुष्य की कुरुरता से भयभीत होकर पर्यावरण दूर - दूर भागता जा रहा है । वहीं लोहगरा गांव के युवा समाजसेवी सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि पृथ्वी पर बढ़ती आबादी का घोतक है कि नदी - नाले ,ताल - तलैया ,झरही और देवकी नाले बेपानी होते चले गए । फिर भी इंसान पर्यावरण को लेकर चिंतित नहीं है । इसी का दुष्परिणाम हो सकता है कि आज जंगलो में व्याकुल होकर जानवर आबादी की तरफ भाग रहें हैं । कहा जाता है कि "कभी प्यासे को पानी पिलाया नही बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा" यह कहावत आज चरितार्थ हो रही है कि जानवर आज अपनी प्यास बुझाने के लिए गांवों में भटक रहा है । जानवरो की प्यास बुझा कर इंसान मन की सुख प्राप्ति कर रहा है । प्रत्येक इंसान को इस विषय परिस्थितियों पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है । इसलिए अब वन पर्यावरण और प्रकृति से प्यार करने की जरूरत है, तभी धरती संतुलित रहेंगी और धरती पर दैवीय और पैदा होने वाली प्राकृतिक संकट सुनाई नही देगा और इंसान से लेकर जानवरों के लिए वन पर्यावरण मुफीद बना रहेगा ।
मुंबई भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा के अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा ने किया नई टीम का ऐलान
मुंबई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुंबई इकाई के अंतर्गत उत्तर भारतीय मोर्चा में संगठन को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई है। मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमीत साटम की संस्तुति पर उत्तर भारतीय मोर्चा के अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा ने अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर रविवार को नई टीम का ऐलान किया। प्रमोद मिश्रा ने बताया कि कार्यकारिणी का गठन समाज के सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए किया गया है, ताकि संगठन को अधिक सक्रिय और मजबूत बनाया जा सके। उन्होंने विश्वास जताया कि नई टीम के गठन से मुंबई में भाजपा का जनाधार और विस्तृत होगा, खासकर उत्तर भारतीय समाज में पार्टी की पकड़ और मजबूत होगी। नई कार्यकारिणी में अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा सहित कुल 55 पदाधिकारियों और सदस्यों को शामिल किया गया है। इसमें 9 उपाध्यक्ष, 4 महामंत्री, 9 सचिव और 1 कोषाध्यक्ष सहित विभिन्न पदों पर नियुक्तियां की गई हैं।
उपाध्यक्ष पद पर मनोज सिंह, अजय शुक्ला, बबलू विश्वकर्मा, विजय यादव, बृजेश दुबे, विजय सिंह, राजेश यादव, चंदन तिवारी और प्रभाकर चतुर्वेदी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं दया शंकर यादव, अजित सिंह, एडवोकेट मनोज जायसवाल और विनय दुबे को महामंत्री बनाया गया है। सचिव पद पर राहुल यादव, डॉ. नूतन सिंह, शिव मिश्रा, कैलाश यादव, रविंद्र पांडेय, महेंद्र चौरसिया, सूर्यकांत शर्मा, राजेंद्र मिश्रा और जगत नारायण गुप्ता को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा राजकुमार सिंह को कोषाध्यक्ष, आशीष मिश्रा को सोशल मीडिया प्रमुख, सचिन प्रजापति को सह-प्रमुख बनाया गया है। अन्य प्रमुख नियुक्तियों में मयंक शेखर को युवा प्रमुख, संध्या पाठक को महिला प्रमुख, ओम प्रकाश पांडे को कार्यालय प्रमुख, पारुल चौधरी को मीडिया प्रमुख और एडवोकेट नीलेश पंडित को विधि प्रमुख की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही 23 कार्यकारिणी सदस्यों को भी संगठनात्मक दायित्व सौंपे गए हैं। प्रमोद मिश्रा ने कहा कि यह नई कार्यकारिणी संगठन में नई ऊर्जा का संचार करेगी और भाजपा के विचारों को घर-घर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमीत साटम और पार्टी के महामंत्री आचार्य पवन त्रिपाठी का आभार व्यक्त करते हुए सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं और समर्पण भाव से कार्य करने का आह्वान किया।
सड़क दुर्घटना में तीन लोग गंभीर रूप से घायल,एक ट्रामा सेंटर रेफर हालत गंभीर
पंकज कुमार
लालगंज, मीरजापुर। स्थानीय तहसील के हलिया थाना क्षेत्र अंतर्गत हलिया ड्रमंडगंज मार्ग के पूर्वा औसान सिंह गांव के पास अनियंत्रित बाइक की टक्कर से पैदल जा रहे राहगीर तथा बाइक सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने तीनों घायलों को एंबुलेंस से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हलिया भेजा, जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद राहगीर की गंभीर चोट को देखते हुए ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के बंजारी कला गांव निवासी राजू (21) अपने पिता सभाजीत ( 50) को पीछे बैठा कर तिलांव गांव में रिश्तेदार के यहां गया था देर शाम घर वापस लौटते समय जैसे ही हलिया-ड्रमंडगंज मार्ग के पूर्वा औसान सिंह गांव के पास पहुंचे कि पैदल जा रहे पूर्वा औसान सिंह गांव निवासी देवराज मौर्य (50) को टक्कर मार दिया जिससे गिरकर घायल हो गया। बाइक चालक सहित सवार भी घायल हो गए। चिकित्सक विमल कुमार के द्वारा तीनों घायलों का प्राथमिक उपचार करने के बाद देवराज मौर्य की गंभीर चोट को देखते हुए ट्रामा सेंटर के लिए रेफर कर दिया।
केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया  ने जनसंपर्क कार्यालय में सुनीं जनसमस्याएं, दिया समाधान का आश्वासन

मीरजापुर। अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं  केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक राज्यमंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने सोमवार को सरदार पटेल चौराहा स्थित सांसद जनसंपर्क कार्यालय में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए आमजन, एनडीए के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और उनके त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसेवा ही उनका प्रमुख लक्ष्य है और जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान कराना उनकी प्राथमिकता है।
कार्यक्रम में एनडीए के वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने क्षेत्रीय विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की और उन्होंने सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने को कहा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में आम नागरिक एवं पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहे।
Sambhal जनगणना 2027 की तैयारी तेज- मकान सूचीकरण के लिए मैदान में उतरे प्रगणक, शुरू हुआ विशेष प्रशिक्षण
जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में पहले चरण, यानी मकान सूचीकरण और मकानों की गणना के लिए व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। डिस्ट्रिक्ट फील्ड ट्रेनर रितेश कुमार ने बताया कि यह प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी आधार पर आगे की जनगणना का ढांचा तैयार होगा।

उन्होंने जानकारी दी कि इस कार्य में लगे सुपरवाइजर और प्रगणकों को तीन-तीन दिन का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए अलग-अलग बैच बनाए गए हैं। फिलहाल पहले दिन चार बैचों में प्रशिक्षण चल रहा है, जबकि आने वाले दिनों में अन्य बैचों को भी इसी तरह प्रशिक्षित किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया क्षेत्रवार विभाजन के आधार पर संचालित की जा रही है, ताकि हर क्षेत्र में सही और सटीक जानकारी जुटाई जा सके। रितेश कुमार ने बताया कि जनगणना के पहले चरण में मकानों की पहचान और वर्गीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसमें यह समझाया जा रहा है कि भवन और मकान में क्या अंतर होता है, परिवार की परिभाषा क्या है और लोगों की रहन-सहन की स्थिति को किस तरह दर्ज किया जाएगा। यह डेटा भविष्य की योजनाओं और नीतियों के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना का दूसरा चरण फरवरी में शुरू होगा, जिसमें व्यक्तियों की गणना की जाएगी। यानी पहले चरण में जहां मकानों और आवासीय ढांचे की जानकारी जुटाई जा रही है, वहीं दूसरे चरण में जनसंख्या से जुड़ी विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। कुल मिलाकर, जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है और प्रशिक्षित टीम के जरिए इस महाअभियान को सफल बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।
माँ विंध्यवासिनी धाम: भीषण गर्मी और भीड़ में श्रद्धालुओं की बढ़ी परेशानी

मिर्जापुर के माँ विंध्यवासिनी धाम में दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच श्रद्धालुओं को कड़ी धूप में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लंबी लाइनों में खड़े भक्तों के पांव गर्म फर्श के कारण जल रहे हैं, जिससे स्थिति और भी कठिन हो गई है।

खासकर गेट नंबर 2 और 3 -4 जाने वाले मार्ग पर धूप का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि घंटों लाइन में खड़े रहने के दौरान गर्म जमीन पर नंगे पैर रहना बेहद तकलीफदेह है। भक्तों ने मंदिर प्रशासन से मांग की है कि छाया की व्यवस्था, मैट बिछाने और पानी के छिड़काव जैसे इंतजाम किए जाएं, ताकि दर्शन के लिए आने वाले लोगों को राहत मिल सके।
जापान में आया 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, सुनामी की चेतावनी जारी

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जापानी में एक शक्तिशाली भूकंप आया है। उत्तरी जापानी तट पर आए शक्तिशाली भूकंप के बाद जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने क्षेत्र में सुनामी की चेतावनी जारी की है। 7.4 की प्रारंभिक तीव्रता वाला यह भूकंप उत्तरी जापान के सैनरिकु के तट पर स्थानीय समयानुसार शाम लगभग 4:53 बजे आया।

सैकड़ों किलोमीटर दूर टोक्यो में भी महसूस हुए झटके

भूकंप की गहराई मात्र 10 किलोमीटर थी, जिससे झटके काफी तेज महसूस किए गए। भूकंप इतना शक्तिशाली था कि केंद्र से सैकड़ों किलोमीटर दूर टोक्यो में भी ऊंची इमारतें हिल गईं। कई इलाकों में लोगों ने तेज झटके महसूस किए। हालांकि, अभी तक किसी बड़े नुकसान या हताहत की खबर नहीं आई है, लेकिन स्थिति की निगरानी की जा रही है।

सुनामी की चेतावनी

जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने बताया कि सोमवार दोपहर को देश के उत्तर-पूर्वी तट के पास 7.4 की शुरुआती तीव्रता वाला भूकंप आया। भूकंप के बाद एजेंसी ने इवाते आओमोरी और होक्काइडो प्रांतों में 3 मीटर (9.84 फीट) तक ऊंची सुनामी आने की चेतावनी दी है। जापान के इवाते प्रान्त, होक्काइडो के प्रशांत तट के मध्य भाग और आओमोरी प्रान्त के प्रशांत तट के लिए सुनामी चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में बड़े नुकसान का अंदेशा जताया जा रहा है।

भूकंप का केंद्र प्रशांत महासागर में

जापानी मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र प्रशांत महासागर में था और यह 10 किलोमीटर की गहराई पर आया था। जापान के भूकंपीय तीव्रता पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 'ऊपरी 5' मापी गई। ये इतनी तेज थी कि लोगों का इधर-उधर चलना-फिरना मुश्किल हो गया।

जापान में बार-बार आता है भूकंप

जापान दुनिया के सबसे भूकंपीय रूप से सक्रिय देशों (एक्टिव) में से एक है, जो प्रशांत "रिंग ऑफ फायर" के पश्चिमी किनारे पर चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों के शीर्ष पर स्थित है। जापान लगभग 12.5 करोड़ लोगों का घर है और एक द्वीपसमूह पर बसा है। यह देश आम तौर पर हर साल लगभग 1,500 झटके महसूस करता है और दुनिया के लगभग 18 प्रतिशत भूकंपों के लिए जिम्मेदार है।

विद्यालय जमीन घोटाला: हाईकोर्ट सख्त, सरकार से दो हफ्ते में मांगा जवाब*

वैदिक विद्या मंदिर विद्यालय की जमीन बिक्री और व्यावसायिक उपयोग के आरोप*

हाईकोर्ट सख्त, जमीन बिक्री और दुरुपयोग पर सरकार से जवाब तलब*

रितेश मिश्रा
हरदोई । वैदिक विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से जुड़े गंभीर आरोपों पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ खंडपीठ ने कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। विद्यालय की भूमि के कथित अवैध विक्रय, संपत्ति के दुरुपयोग और परिसर में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सरकार को दो सप्ताह के भीतर स्पष्ट स्थिति बताने का निर्देश दिया है।

यह आदेश जनहित याचिका संख्या 325/2026 पर सुनवाई के दौरान पारित किया गया, जिसे याची विजय कुमार पाण्डेय द्वारा दायर किया गया है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे प्राथमिकता से सुनते हुए अगली सुनवाई की तिथि 28 अप्रैल निर्धारित की है।

आरोपों की प्रकृति: शिक्षा से व्यापार की ओर झुकाव
याचिका में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय की गाटा संख्या 66, 67 और 68 की भूमि का अवैध रूप से विक्रय किया गया है। इसके साथ ही विद्यालय की संपत्ति का शैक्षिक उद्देश्यों के बजाय व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। आरोप है कि विद्यालय परिसर में दुकानों का संचालन, निजी संस्थानों की गतिविधियां और अन्य व्यापारिक कार्य हो रहे हैं, जिससे शिक्षा का वातावरण प्रभावित हो रहा है।

याचिकाकर्ता ने यह भी कहा है कि इन गतिविधियों के चलते विद्यालय की मूल भावना और उद्देश्य पूरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए बनाए गए शैक्षणिक माहौल में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है, जो न केवल शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है बल्कि संस्थान के अस्तित्व पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

*न्यायालय की सख्त टिप्पणी*

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ द्वारा की गई। अदालत ने प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए राज्य सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है। राज्य सरकार की ओर से उपस्थित स्थायी अधिवक्ता ने अदालत से अनुरोध किया कि उन्हें इस मामले में संबंधित विभागों से आवश्यक निर्देश प्राप्त करने के लिए समय दिया जाए। इस पर न्यायालय ने दो सप्ताह का समय देते हुए स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई में सरकार को तथ्यों सहित अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।

*प्रबंधन पर मनमानी के आरोप*


याचिका में विद्यालय के प्रबंधन तंत्र पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कहा गया है कि प्रबंधन द्वारा मनमाने तरीके से निर्णय लिए जा रहे हैं, जिससे संस्था की संपत्ति और संसाधनों का दुरुपयोग हो रहा है। यह भी आरोप है कि प्रबंधन ने नियमों की अनदेखी करते हुए विद्यालय की जमीन और परिसंपत्तियों का निजी लाभ के लिए उपयोग किया है। स्थानीय स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर लंबे समय से असंतोष बताया जा रहा है। अभिभावकों और क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि विद्यालय की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है और शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

*सरकारी तंत्र की भूमिका पर सवाल*

इस पूरे प्रकरण में सरकारी तंत्र की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिका में कहा गया है कि संबंधित अधिकारियों को इन गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे यह संकेत मिलता है कि या तो लापरवाही बरती गई या फिर जानबूझकर मामले को नजरअंदाज किया गया। सूत्रों  का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह मामला अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी गलत उदाहरण बन सकता है। शिक्षा संस्थानों की संपत्ति का इस तरह से उपयोग शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को प्रभावित करता है।

*शिक्षा पर पड़ता असर*

विद्यालय परिसर में व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन से छात्रों के अध्ययन वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की बात भी सामने आई है। कक्षाओं के आसपास दुकानों और अन्य गतिविधियों के चलते शोर-शराबा और अव्यवस्था की स्थिति बनती है, जिससे विद्यार्थियों का ध्यान भंग होता है। इसके अलावा, संस्थान के संसाधनों का सही उपयोग न होने से शैक्षिक सुविधाओं में भी कमी आ सकती है। ऐसे में छात्रों के भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ना स्वाभाविक है।

*न्यायिक प्रक्रिया में अगला कदम*


अदालत ने स्पष्ट किया है कि यह मामला गंभीर प्रकृति का है और इससे शिक्षा व्यवस्था जुड़ी हुई है। इसलिए इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। दो सप्ताह के भीतर राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अगली सुनवाई 28 अप्रैल को निर्धारित की गई है, जिसमें यह देखा जाएगा कि सरकार ने क्या कदम उठाए हैं और क्या आरोपों में कोई सच्चाई पाई गई है।

*स्थानीय स्तर पर बढ़ी चिंता*

इस पूरे घटनाक्रम के बाद हरदोई क्षेत्र में चिंता का माहौल है। अभिभावक और स्थानीय नागरिक विद्यालय के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द ही सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो यह संस्थान पूरी तरह से खत्म होने की कगार पर पहुंच सकता है।
सुपीरियर ग्रुप की बड़ी उपलब्धि: चंद्रिका पावर प्राइवेट लिमिटेड, नालंदा को मिले तीन अंतरराष्ट्रीय ISO प्रमाणपत्र
रमेश दूबे
नालंदा, बिहार। सुपीरियर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के अंतर्गत संचालित सुपीरियर इंडस्ट्रीज लिमिटेड की इकाई चंद्रिका पावर प्राइवेट लिमिटेड, नालंदा (बिहार) ने गुणवत्ता, पर्यावरण संरक्षण एवं मानव सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर के तीन प्रतिष्ठित ISO प्रमाणपत्र प्राप्त किए हैं।
कंपनी को ISO 9001 (गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली), ISO 14001 (पर्यावरण एवं जलवायु संरक्षण प्रबंधन प्रणाली) तथा ISO 45001 (स्वास्थ्य एवं मानव सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली) प्रमाणपत्र प्रदान किए गए हैं। यह उपलब्धि कंपनी के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है।
यह सफलता प्रबंध निदेशक श्री मनीष अग्रवाल के दूरदर्शी नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में हासिल हुई। ऑडिट एवं सर्टिफिकेशन प्रक्रिया की संपूर्ण जिम्मेदारी ग्रुप सीएचआरओ एवं कॉर्पोरेट अफेयर्स प्रमुख डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने संभाली, जिन्होंने पूरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।
ऑडिट टीम ने कंपनी के उत्पादन, कार्यप्रणाली, गुणवत्ता नियंत्रण, सुरक्षा मानकों एवं पर्यावरणीय व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया, जिसमें चंद्रिका पावर प्राइवेट लिमिटेड के उत्पाद एवं प्रबंधन प्रणाली अंतरराष्ट्रीय मानकों पर पूरी तरह खरी उतरी।
इस अवसर पर यूनिट हेड श्री अनुपम मिश्र ने पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि टीमवर्क, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। वहीं कॉर्पोरेट एचआर सुश्री मनी गुप्ता ने सभी आवश्यक दस्तावेजों एवं प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित रूप से तैयार कर इस सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने इस अवसर पर सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रमाणपत्र केवल सम्मान नहीं, बल्कि कंपनी की गुणवत्ता, सुरक्षा और पर्यावरणीय प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
इस उपलब्धि से सुपीरियर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज ने एक बार फिर उद्योग जगत में अपनी मजबूत पहचान स्थापित की है।
स्कूल चलो अभियान की भयावह विफलता: नौनिहालों का भविष्य धूंध में, बाल मजदूरी का दलदल गहराता जा रहा
बबलू प्रजापति पिहानी

पिहानी (हरदोई):सरकार ने ‘स्कूल चलो अभियान’ और जन जागरूकता योजनाओं को बड़ी उम्मीदों के साथ शुरू किया था, लेकिन पिहानी में आज यह अभियान पूरी तरह धराशायी हो चुका है। नौनिहाल जिनके हाथों में कलम होनी चाहिए, वे फावड़ा, ईंटें और चाय के जूठे गिलास उठाने पर मजबूर हैं। निर्माण स्थलों, ढाबों और होटल जैसे जगहों पर ये मासूम बच्चे काम कर रहे हैं, जबकि शिक्षा का अधिकार सिर्फ एक नाम बनकर रह गया है।
श्रम व शिक्षा विभाग की लापरवाही इस त्रासदी का मुख्य कारण है। अधिकारियों ने सिर्फ दिखावे के कार्यक्रम आयोजित किए, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बाल मजदूरी की घटनाएं रोज सामने आ रही हैं, लेकिन कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो रही। स्थानीय लोग आक्रोशित हैं और पूछ रहे हैं कि आखिर कब प्रशासन इस जघन्य अपराध पर लगाम लगाएगा। बच्चों का भविष्य दांव पर है, और अगर अभी जाग नहीं हुई, तो ये मासूम पीढ़ी कभी शिक्षा का उजाला नहीं देख पाएगी।बाल मजदूरी के दलदल में धकेले जा रहे हैं। सरकार के आदेशों के बावजूद, शिक्षा व श्रम विभाग केवल दिखावा कर रहे हैं, बच्चों का उज्ज्वल भविष्य अधर में लटका हुआ।क्षेत्र में सैकड़ों मासूम बच्चे आज भी बाल मजदूरी के दलदल में फंसे हुए हैं। ये बच्चे स्कूल की दहलीज तक नहीं पहुंच पा रहे, बल्कि होटल, ढाबों और निर्माण स्थलों पर काम करते नजर आ रहे हैं। सवाल यह उठता है कि जब सरकार शिक्षा को लेकर इतने बड़े अभियान चला रही है, तो आखिर ये बच्चे शिक्षा से वंचित क्यों हैं?
धरती पर बढ़ रही आबादी की घनत्व से जल संकट का मुख्य कारण : रामबाबू सिंह

वन पर्यावरण और प्रकृति से प्यार करने की जरूरत : सूर्य प्रताप सिंह ।

विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज। आज जंगल में मंगल रहने वाले बंदरो की टोली गांव में लगी नलों पर झुंड में पहुंच कर प्यास बुझा रहे हैं । शायद इस परिदृश्य से हर इंसान को सोचने की जरुरत है । क्योंकि ऐसी हालत क्यो बनी । आज जंगल के जीव जंतु अपनी प्यास बुझाने के लिए आबादी में हैंड पंपों का सहारा ले रहें हैं । उक्त बातें भारतीय किसान यूनियन भानू के प्रदेश उपाध्यक्ष  रामबाबू सिंह ने कही । उन्होंने कहा कि भले ही जानवरों की प्यास बुझाकर हर इंसान सुकून की आह भर रहा हो पर ऐसी जिंदगी पहले जीव जंतुओं को देखने के लिए कभी नही मिली थी । इस लिए पहले नदी - नाले ,ताल - तलैया ,झरही - देवकी जंगल झाड़ियों के बीच पानी से लबालब झर - झर झरही बहते थे । अब वही संपति बेपानी क्यो होते जा रहे हैं । ऐसा अचरज होती प्राकृतिक धरोहरों के प्रति अट्टाहास कुछ भी बहस हो सकती है पर सच्चाई पर बहस तीखा हमला के समान होता है । क्योकि आज धरती पर बढ़ रही आबादी की घनत्व से जल - जंगल के मुहाने तक अतिक्रमण और उसके दोहन ही मुख्य कारण माना जा सकता है । इसलिए व्यक्ति अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आदिमानव की तरह हांथ में टांग और फावड़ा पकड़े फौलादी बन कर जंगलो की विनाश करने के लिए विनाशलीला पर आतुर है । यही वजह है कि मनुष्य की कुरुरता से भयभीत होकर पर्यावरण दूर - दूर भागता जा रहा है । वहीं लोहगरा गांव के युवा समाजसेवी सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि पृथ्वी पर बढ़ती आबादी का घोतक है कि नदी - नाले ,ताल - तलैया ,झरही और देवकी नाले बेपानी होते चले गए । फिर भी इंसान पर्यावरण को लेकर चिंतित नहीं है । इसी का दुष्परिणाम हो सकता है कि आज जंगलो में व्याकुल होकर जानवर आबादी की तरफ भाग रहें हैं । कहा जाता है कि "कभी प्यासे को पानी पिलाया नही बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा" यह कहावत आज चरितार्थ हो रही है कि जानवर आज अपनी प्यास बुझाने के लिए गांवों में भटक रहा है । जानवरो की प्यास बुझा कर इंसान मन की सुख प्राप्ति कर रहा है । प्रत्येक इंसान को इस विषय परिस्थितियों पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है । इसलिए अब वन पर्यावरण और प्रकृति से प्यार करने की जरूरत है, तभी धरती संतुलित रहेंगी और धरती पर दैवीय और पैदा होने वाली प्राकृतिक संकट सुनाई नही देगा और इंसान से लेकर जानवरों के लिए वन पर्यावरण मुफीद बना रहेगा ।
मुंबई भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा के अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा ने किया नई टीम का ऐलान
मुंबई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुंबई इकाई के अंतर्गत उत्तर भारतीय मोर्चा में संगठन को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई है। मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमीत साटम की संस्तुति पर उत्तर भारतीय मोर्चा के अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा ने अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर रविवार को नई टीम का ऐलान किया। प्रमोद मिश्रा ने बताया कि कार्यकारिणी का गठन समाज के सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए किया गया है, ताकि संगठन को अधिक सक्रिय और मजबूत बनाया जा सके। उन्होंने विश्वास जताया कि नई टीम के गठन से मुंबई में भाजपा का जनाधार और विस्तृत होगा, खासकर उत्तर भारतीय समाज में पार्टी की पकड़ और मजबूत होगी। नई कार्यकारिणी में अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा सहित कुल 55 पदाधिकारियों और सदस्यों को शामिल किया गया है। इसमें 9 उपाध्यक्ष, 4 महामंत्री, 9 सचिव और 1 कोषाध्यक्ष सहित विभिन्न पदों पर नियुक्तियां की गई हैं।
उपाध्यक्ष पद पर मनोज सिंह, अजय शुक्ला, बबलू विश्वकर्मा, विजय यादव, बृजेश दुबे, विजय सिंह, राजेश यादव, चंदन तिवारी और प्रभाकर चतुर्वेदी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं दया शंकर यादव, अजित सिंह, एडवोकेट मनोज जायसवाल और विनय दुबे को महामंत्री बनाया गया है। सचिव पद पर राहुल यादव, डॉ. नूतन सिंह, शिव मिश्रा, कैलाश यादव, रविंद्र पांडेय, महेंद्र चौरसिया, सूर्यकांत शर्मा, राजेंद्र मिश्रा और जगत नारायण गुप्ता को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा राजकुमार सिंह को कोषाध्यक्ष, आशीष मिश्रा को सोशल मीडिया प्रमुख, सचिन प्रजापति को सह-प्रमुख बनाया गया है। अन्य प्रमुख नियुक्तियों में मयंक शेखर को युवा प्रमुख, संध्या पाठक को महिला प्रमुख, ओम प्रकाश पांडे को कार्यालय प्रमुख, पारुल चौधरी को मीडिया प्रमुख और एडवोकेट नीलेश पंडित को विधि प्रमुख की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही 23 कार्यकारिणी सदस्यों को भी संगठनात्मक दायित्व सौंपे गए हैं। प्रमोद मिश्रा ने कहा कि यह नई कार्यकारिणी संगठन में नई ऊर्जा का संचार करेगी और भाजपा के विचारों को घर-घर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमीत साटम और पार्टी के महामंत्री आचार्य पवन त्रिपाठी का आभार व्यक्त करते हुए सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं और समर्पण भाव से कार्य करने का आह्वान किया।
सड़क दुर्घटना में तीन लोग गंभीर रूप से घायल,एक ट्रामा सेंटर रेफर हालत गंभीर
पंकज कुमार
लालगंज, मीरजापुर। स्थानीय तहसील के हलिया थाना क्षेत्र अंतर्गत हलिया ड्रमंडगंज मार्ग के पूर्वा औसान सिंह गांव के पास अनियंत्रित बाइक की टक्कर से पैदल जा रहे राहगीर तथा बाइक सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने तीनों घायलों को एंबुलेंस से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हलिया भेजा, जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद राहगीर की गंभीर चोट को देखते हुए ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के बंजारी कला गांव निवासी राजू (21) अपने पिता सभाजीत ( 50) को पीछे बैठा कर तिलांव गांव में रिश्तेदार के यहां गया था देर शाम घर वापस लौटते समय जैसे ही हलिया-ड्रमंडगंज मार्ग के पूर्वा औसान सिंह गांव के पास पहुंचे कि पैदल जा रहे पूर्वा औसान सिंह गांव निवासी देवराज मौर्य (50) को टक्कर मार दिया जिससे गिरकर घायल हो गया। बाइक चालक सहित सवार भी घायल हो गए। चिकित्सक विमल कुमार के द्वारा तीनों घायलों का प्राथमिक उपचार करने के बाद देवराज मौर्य की गंभीर चोट को देखते हुए ट्रामा सेंटर के लिए रेफर कर दिया।
केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया  ने जनसंपर्क कार्यालय में सुनीं जनसमस्याएं, दिया समाधान का आश्वासन

मीरजापुर। अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं  केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक राज्यमंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने सोमवार को सरदार पटेल चौराहा स्थित सांसद जनसंपर्क कार्यालय में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए आमजन, एनडीए के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और उनके त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसेवा ही उनका प्रमुख लक्ष्य है और जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान कराना उनकी प्राथमिकता है।
कार्यक्रम में एनडीए के वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने क्षेत्रीय विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की और उन्होंने सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने को कहा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में आम नागरिक एवं पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहे।