Sambhal आवारा कुत्तों का आतंक, डॉग अटैक में कई लोग घायल, सपा नेता ने सौंपा ज्ञापन
शहर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला सम्भल के हिलाली सराय इलाके का है, जहां राह चलते लोगों पर एक कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया। इस डॉग अटैक में कई लोग घायल हो गए, जिनमें बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। पूरी घटना इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सामने आया है।

डॉग अटैक की बढ़ती घटनाओं से नाराज़ समाजवादी पार्टी के जिला सचिव डॉ. अख्तर इसराइली ने अपने साथियों के साथ सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए शहर में फैल रहे आवारा कुत्तों के आतंक पर गंभीर चिंता जताई। डॉ. अख्तर इसराइली ने कहा कि बीते एक-दो दिनों में ही कम से कम 10 से 15 लोगों को कुत्तों ने काटा है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। बच्चे स्कूल जाने से डर रहे हैं और आम नागरिकों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि हिलाली सराय के अलावा डूंगर सराय, पंजू सराय, नई सराय और नखासा जैसे कई मोहल्लों में कुत्तों द्वारा लोगों पर हमले की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि सिटी मजिस्ट्रेट को इस गंभीर समस्या से अवगत कराया गया है और नगर पालिका को निर्देश देकर जल्द से जल्द आवारा कुत्तों को पकड़वाने की मांग की गई है।

डॉ. अख्तर इसराइली ने भरोसा जताया कि प्रशासन इस पर सख्त कार्रवाई करेगा। वहीं, सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने बताया कि समाजवादी पार्टी के जिला सचिव और स्थानीय लोगों द्वारा आवारा कुत्तों को लेकर ज्ञापन दिया गया है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका से विचार-विमर्श कर विधिक प्रक्रिया के तहत कुत्तों को पकड़वाने और अन्य आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का प्रयास रहेगा कि जल्द ही इस समस्या का समाधान किया जाए। फिलहाल, लगातार हो रहे डॉग अटैक से लोग भयभीत हैं और प्रशासन से जल्द ठोस कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे है।
कोचिंग सेंटरों की मनमानी पर सख्ती की मांग, छात्रों के हित के लिए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने संसद बड़ा मुद्दा उठाया

नई दिल्ली- देश के लाखों छात्रों को निजी कोचिंग संस्थानों (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) की मनमानी से बचाने के लिए रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्र सरकार से निर्णायक हस्तक्षेप की मांग की है।

असल में स्कूली छात्र कॉम्पिटिशन की तैयारी के लिए अलग अलग कोचिंग संस्थानों में पढाई करते हैं जहाँ उन्हें आईआईटी, एनआईटी, एम्स जैसे संस्थानों में गारंटी शुदा एडमिशन का प्रलोभन दिया जाता है और एक मुश्त पूरी फीस जमा करवा ली जाती है। गरीब, ग्रामीण एवं मध्यम वर्गीय परिवार भी सोना, ज़मीन बेचकर एवं क़र्ज़ लेकर होने बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए यह फीस अदा करते हैं।

लेकिन अगर उन्हें अनुकूल पढाई का वातावरण ना मिलने पर अगर वह संस्थान कोचिंग छोड़ना चाहे तो यह सेंटर मनमानी करते हैं, जिससे माँ बाप एवं बच्चे दोनों मानसिक रूप से प्रताड़ित होते हैं। हालांकि शिक्षा मंत्रालय (केंद्र सरकार) ने वर्ष 2024 में विभिन्न कोचिंग सेंटर के संदर्भ में गाइडलाइंस ज़ारी की है लेकिन इनका ज़मीनी स्तर पर पालन नहीं हो रहा है। उल्लेखनीय है कि यह मुद्दा सिर्फ स्कूली बच्चों तक नहीं बल्कि प्रोफेशनल कॉम्पिटिटिव एग्जाम जैसे यूपीएससी के लिए जाने वाले युवाओं के लिए भी प्रासंगिक है, दिल्ली जैसे महानगरों में युवा जाते हैं और भारी भरकम फीस जमा करते हैं लेकिन उन्हें भी इस प्रताड़ना का शिकार होना पड़ता है। इसीलिए लोकसभा में इस विषय पर सांसद अग्रवाल ने अपनी बात रखी है। सांसद अग्रवाल का य़ह भी कहना है कि मेरा कार्यालय इस संबंध में सभी छात्रों के हित के लिए चौबीस घंटे खुलसांसद अग्रवाल द्वारा सरकार से किए गए प्रमुख आग्रह:

1) सभी राज्य सरकारें विद्यार्थियों द्वारा बीच में संस्थान छोड़ने पर 10 दिनों के भीतर फीस रिफंड का अनुपालन करने की अनिवार्यता का नियम बनाएं।

2) छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में इन कोचिंग संस्थानों के विवाद के निपटारे हेतु फ़ास्ट ट्रैक निवारण सेल स्थापित किये जाने के हेतु, छात्र/जन हित में सभी राज्य सरकारों को दिशा निर्देश देने का कष्ट करेंगे।

3) गाइडलाइन्स (2024) का कड़ाई से पालन होना सुनिश्चित करवाया जाए

रायपुर एवं दुर्ग-भिलाई मध्य भारत के कोटा के रूप में स्थापित हो रहे हैं एवं प्रदेश के बिलासपुर एवं रायगढ़ भी इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स भी छात्रों के बीच अपनी जगह बना रहे हैं परन्तु स्कूली विद्यार्थी इन कोचिंग संस्थानों के फीस - ट्रैप - मोनोपोली का शिकार बन रहे हैं।ा भी है।

झारखंड के पड़हा राजा सोमा मुंडा की कैसे हुई हत्या? स्कूल का पूर्व छात्र निकला कातिल, जमीन कारोबारियों ने रची थी साजिश

झारखंड के खूंटी जिले में 7 जनवरी 2026 को हुए चर्चित पड़हा राजा सोमा मुंडा हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस ने इस मामले में शूटर सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, वारदात को अंजाम देने में शामिल सभी प्रमुख लोगों को पकड़ लिया गया है.

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गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों को पैदल मार्च कराते हुए सड़कों से होते हुए खूंटी थाना तक ले जाया. इस दौरान मुख्य सड़क पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और कई लोगों ने अपने मोबाइल से आरोपियों की तस्वीरें और वीडियो बनाए.

50 हजार रुपये की सुपारी दी गई थी

पुलिस के मुताबिक, मुख्य शूटर के रूप में लगभग 20 वर्षीय मारकुस संगा की पहचान हुई है. आरोप है कि उसने करीब 50 हजार रुपये की सुपारी लेकर सोमा मुंडा पर गोली चलाई. बताया जा रहा है कि मारकुस संगा कभी सोमा मुंडा के स्कूल का छात्र था और वर्ष 2022 में किसी कारणवश उसे स्कूल से निकाल दिया गया था.

पुलिस का कहना है कि इसी बात को लेकर वह नाराज था और जमीन से जुड़े एक कारोबारी ने उसकी नाराजगी का फायदा उठाकर उसे पैसे और हथियार उपलब्ध कराए. जांच में सामने आया है कि खूंटी के हुटार चौक निवासी दानियल संगा का भी मृतक से लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था. करीब 1012 वर्ष पहले से 14 डिसमिल जमीन को लेकर दोनों के बीच तनातनी थी.

पुलिस के अनुसार, जब भी दानियल उस जमीन पर निर्माण की कोशिश करता, सोमा मुंडा विरोध करते थे. इसी बीच वर्ष 2025 के नवंबरदिसंबर में जियरप्पा गांव की 32 एकड़ जमीन की खरीद-बिक्री की कोशिश भी सोमा मुंडा और ग्राम सभा के हस्तक्षेप से रुक गई थी, जिससे कथित तौर पर जमीन कारोबार से जुड़े लोग नाराज हो गए.

7 जनवरी को सोमा मुंडा की हुई थी हत्या

पुलिस के मुताबिक, 7 जनवरी को सोमा मुंडा अपनी पत्नी के साथ मोटरसाइकिल से खूंटी से गांव लौट रहे थे, तभी जमुआदाग तालाब के पास पहले से रेकी कर रहे आरोपियों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. मौके पर ही उनकी मौत हो गई.

पुलिस ने इस मामले में एक देशी पिस्टल, चार गोलियां, पल्सर मोटरसाइकिल, एक कार, रेकी में इस्तेमाल बाइक, मोबाइल फोन, कपड़े और हेलमेट सहित अन्य सामान जब्त करने की बात कही है. इस पूरे मामले का खुलासा खूंटी के एसपी मनीष टोप्पो ने किया. सोमा मुंडा मुंडा जनजाति की पारंपरिक पड़हा पंचायत व्यवस्था के प्रमुख (राजा) थे, जो कई गांवों के सामाजिक और पारंपरिक मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उनकी हत्या से क्षेत्र में गहरा आक्रोश और शोक का माहौल है.

आजमगढ़: जिला स्तरीय टीम ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर का किया औचक निरीक्षण , मचा हड़कंप
आजमगढ़। जिला स्तरीय स्वास्थ्य टीम ने तहबरपुुुुर विकास खंड में पड़ने वाले आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का औचक निरीक्षण किया। टीम के औचक निरीक्षण की खबर से अफरातफरी का माहौल रहा। लोग एक दूसरे से जानकारी लेते रहे। स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर ए अजीज, डी सी पी एम विपिन बिहारी पाठक, जिला लेखा प्रबंधन अधिकारी अमरनाथ की संयुक्त जिला स्तरीय टीम ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर पुरा अचानक , बैरमपुर एवं बीबीपुर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर साफ सफाई,दवाओं का स्टाक, रख रखाव एवं संबंधित रजिस्टरो का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रजिस्टर पूरा न होने पर टीम ने नाराजगी जताई और एक हफ्ते के अंदर ठीक करने का कड़ा निर्देश दिया। चेतावनी दी की अगर एक हफ्ते के अंदर अभिलेख ठीक नहीं होते हैं तो वेतन रोक दिया जाएगा। उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर ए अजीज ने कहा कि आप लोग सरकार के मंशा के अनुरूप कार्य करें। गांव के लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सेवा दे। लापरवाही क्षम्य नहीं है। दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी। स्वास्थ्य टीम के औचक निरीक्षण से खलबली मची रही।
लखनऊ में UGC 2026 बिल के खिलाफ ब्राह्मण परिवार ने किया विरोध प्रदर्शन
लखनऊ । केंद्र सरकार द्वारा लाए गए UGC 2026 बिल के विरोध में ब्राह्मण परिवार लखनऊ/भारत (रजि.) के नेतृत्व में राजधानी लखनऊ के GPO स्थित गांधी प्रतिमा, हज़रतगंज पर बुधवार को जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस विरोध में ब्राह्मण परिवार और सवर्ण समाज के सैकड़ों लोग, विशेषकर युवा, शामिल हुए।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु पांडेय ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि जो सरकार खुद को हिंदुओं की प्रतिनिधि बताती थी, वह आज समाज को बांटने का काम कर रही है। पांडेय ने कहा कि सवर्ण समाज की सबसे बड़ी गलती यह रही कि उसने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेकर वोट दिया, और आज उसे इसका परिणाम भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह “काला बिल” जल्द वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा और जंतर-मंतर, दिल्ली की ओर कूच किया जाएगा।

ब्राह्मण परिवार के प्रवक्ता अभिषेक अग्निहोत्री ने कहा कि UGC संशोधन से सवर्ण समाज में गहरा आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के निर्णयों से उच्च शिक्षा के संस्थानों में भय का माहौल बनाया जा रहा है। अग्निहोत्री ने सवाल उठाया कि 21वीं सदी में किसी व्यक्ति को जन्म के आधार पर अपराधी कैसे ठहराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह कानून हिंदू समाज को विभाजित करने की साजिश का हिस्सा है और सरकार को इसका जवाब देना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस बिल के विरोध में खड़े सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों और सवर्ण नेताओं के खिलाफ कोई द्वेषपूर्ण कार्रवाई हुई, तो ब्राह्मण परिवार और सवर्ण समाज इसे स्वीकार नहीं करेंगे और उनकी ससम्मान पदों पर वापसी सुनिश्चित कराएंगे।

प्रदेश अध्यक्ष श्याम नारायण मिश्रा ने कहा कि भाजपा यह समझती है कि उसके पास कोई विकल्प नहीं है, तो यह उसकी सबसे बड़ी भूल है। उन्होंने कहा कि जो भी राजनीतिक दल इस कानून का समर्थन करेगा, सवर्ण समाज उसे स्वीकार नहीं करेगा और जरूरत पड़ी तो सवर्ण समाज अपना राजनीतिक विकल्प स्वयं तैयार करेगा। मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि यह संघर्ष थमेगा नहीं और जरूरत पड़ी तो संसद का घेराव भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि UGC 2026 कानून में किसी भी प्रकार का संशोधन स्वीकार्य नहीं है; इसे पूर्ण रूप से वापस लिया जाना चाहिए, अन्यथा आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।

प्रदर्शन के दौरान ब्राह्मण परिवार ने प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक मांग-पत्र भी सौंपा।
Sambhal मिशन इंटरनेशनल एकेडमी, सीनियर सेकंडरी स्कूल संभल में सीबीएसई क्षमता निर्माण कार्यक्रम का सफल आयोजन
मिशन इंटरनेशनल एकेडमी सीनियर सेकेंड्री स्कूल , तरीन कैंपस, संभल में सीबीएसई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, देहरादून के तत्वावधान में एक दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम (Capacity Building Programme) का सफल एवं प्रभावशाली आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “लर्निंग आउटकम्स एंड पेडागॉजी” रहा, जिसका उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण दृष्टिकोण, प्रभावी अधिगम परिणामों तथा नवीन शिक्षण विधियों से अवगत कराना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य विल्सन राजन के स्वागत संबोधन द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कार्यक्रम की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए आमंत्रित रिसोर्स पर्सन डॉ. रीता शर्मा एवं सुश्री निधि कौशिक का परिचय करा कर स्वागत किया। प्रोग्राम समन्वयक जिया उल्लाह खान ने सभी शिक्षकों का स्वागत किया ।
एकेडमिक कोऑर्डिनेटर फैजान अली ने सभी शिक्षकों को बताया कि कार्यक्रम दो भागों में विभाजित है प्रथम भाग डॉक्टर रितु शर्मा के द्वारा  और द्वितीय भाग निधि कौशिक जी के द्वारा आयोजित किया जाएगा
प्रधानाचार्य विल्सन राजन ने कार्यक्रम के उद्देश्य बताते हुए कहा कि इसका  उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण दृष्टिकोण, प्रभावी अधिगम परिणामों तथा नवीन शिक्षण विधियों से अवगत कराना था।
इस अवसर पर डॉ. रीता शर्मा ने लर्निंग आउटकम्स पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार स्पष्ट अधिगम परिणाम निर्धारित कर शिक्षण को अधिक उद्देश्यपूर्ण और परिणामोन्मुख बनाया जा सकता है।
वहीं सुश्री निधि कौशिक ने पेडागॉजी पर प्रकाश डालते हुए आधुनिक शिक्षण विधियों, गतिविधि-आधारित शिक्षण तथा कक्षा में नवाचार के महत्व को रेखांकित किया।
इस क्षमता निर्माण कार्यक्रम में मिशन इंटरनेशनल एकेडमी के साथ-साथ आरआरके चंदौसी, बाल विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल संभल, एचएम ग्लोबल स्कूल संभल, एंजल्स पब्लिक स्कूल संभल, जेकेईटी जुनावई
मिशन इंटरनेशनल एकेडमी, सीनियर सेकंडरी स्कूल संभल में सीबीएसई क्षमता निर्माण कार्यक्रम का सफल आयोजन

मिशन इंटरनेशनल एकेडमी सीनियर सेकेंड्री स्कूल , तरीन कैंपस, संभल में सीबीएसई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, देहरादून के तत्वावधान में एक दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम (Capacity Building Programme) का सफल एवं प्रभावशाली आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “लर्निंग आउटकम्स एंड पेडागॉजी” रहा, जिसका उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण दृष्टिकोण, प्रभावी अधिगम परिणामों तथा नवीन शिक्षण विधियों से अवगत कराना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य विल्सन राजन के स्वागत संबोधन द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कार्यक्रम की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए आमंत्रित रिसोर्स पर्सन डॉ. रीता शर्मा एवं सुश्री निधि कौशिक का परिचय करा कर स्वागत किया। प्रोग्राम समन्वयक जिया उल्लाह खान ने सभी शिक्षकों का स्वागत किया ।
एकेडमिक कोऑर्डिनेटर फैजान अली ने सभी शिक्षकों को बताया कि कार्यक्रम दो भागों में विभाजित है प्रथम भाग डॉक्टर रितु शर्मा के द्वारा  और द्वितीय भाग निधि कौशिक जी के द्वारा आयोजित किया जाएगा
प्रधानाचार्य विल्सन राजन ने कार्यक्रम के उद्देश्य बताते हुए कहा कि इसका  उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण दृष्टिकोण, प्रभावी अधिगम परिणामों तथा नवीन शिक्षण विधियों से अवगत कराना था।
इस अवसर पर डॉ. रीता शर्मा ने लर्निंग आउटकम्स पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार स्पष्ट अधिगम परिणाम निर्धारित कर शिक्षण को अधिक उद्देश्यपूर्ण और परिणामोन्मुख बनाया जा सकता है।
वहीं सुश्री निधि कौशिक ने पेडागॉजी पर प्रकाश डालते हुए आधुनिक शिक्षण विधियों, गतिविधि-आधारित शिक्षण तथा कक्षा में नवाचार के महत्व को रेखांकित किया।
इस क्षमता निर्माण कार्यक्रम में मिशन इंटरनेशनल एकेडमी के साथ-साथ आरआरके चंदौसी, बाल विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल संभल, एचएम ग्लोबल स्कूल संभल, एंजल्स पब्लिक स्कूल संभल, जेकेईटी जुनावई सहित विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागी शिक्षकों ने प्रशिक्षण सत्रों को अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय प्रबंधक मुशीर खान तरीन , निर्देशका शबाना कोसर की तरफ से स्कूल मीडिया समन्वयक श्री जुनैद इब्राहिम ने कहा कि ने सीबीएसई सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस देहरादून, दोनों रिसोर्स पर्सन तथा समस्त प्रतिभागी शिक्षकों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता प्रबंधन समिति की तरफ से व्यक्त की गई।



सहित विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागी शिक्षकों ने प्रशिक्षण सत्रों को अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में दरक्षा अब्बास नकवी सभ्य खान सामिया अनवर आयशा रफत, फौजिया, यफ़िस, इंशा, मामून , इमरान, रूही खानम आदि का सक्रिय योगदान रहा।
डॉ मंजू लोढ़ा को एक सप्ताह में मिला दो प्रतिष्ठित अवार्ड
मुंबई। देश की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था लोढ़ा फाउंडेशन की चेयरमैन तथा वरिष्ठ साहित्यकार डॉ मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा को इस सप्ताह 2 प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। राष्ट्र सेवा और समाज सेवा की क्षेत्र में जहां उन्हें “ राष्ट्रीय रत्न अवार्ड “ प्राप्त हुआ, वहीं सायबर अवेयरनेस तथा डिजिटल सेफ्टी के क्षेत्र में विशिष्ट कार्य के चलते “ व्हाट नाउ अवार्ड " प्राप्त हुआ । देखा जाए तो डॉ मंजू लोढ़ा हमेशा से ही समाज को मजबूत करने की दिशा में समर्पित भावना के साथ काम कर रही हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, नारी सम्मान, देश भक्ति, पर्यावरण सुरक्षा जैसे अनेक क्षेत्रों में उन्होंने रचनात्मक काम किया है। सायबर सुरक्षा की दिशा में उनके द्वारा किए गए कार्यों की गई। एक सप्ताह के भीतर दो अवार्ड मिलना गौरव की बात है। इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अवार्ड मिलने से काम की जिम्मेदारी और गति बढ़ जाती है।
यूजीसी के नए नियम के खिलाफ सड़कों पर उमड़ा स्वर्णों का हुजूम

उपेन्द्र कुमार पांडेय

आजमगढ़:: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ली राहत की सांस, जुलूस में प्रशासन से हुई धक्का मुक्की, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन, कहा वर्तमान में सामान्य वर्ग सबसे ज्यादा शोषण का शिकार है ।आजमगढ़ कलेक्ट्रेट पर गुरुवार को यूजीसी के विवादित नियम को लेकर दिन में जमकर हंगामा हुआ।
आपसी संवाद के जरिए गुरुवार को पहले तो शहर के चौक स्थित वेस्ली कॉलेज में सवर्णों का जमावड़ा हुआ।

जिसके बाद वहां से जुलूस निकला जो अग्रसेन चौक होते हुए घंटाघर, फिर वहां से पोस्ट ऑफिस से कलेक्ट्रेट पहुंचा था। इस बीच जगह जगह पुलिस प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का मुक्की भी देखने को मिली।

इस दौरान लोगों ने कहा कि अब शिक्षण संस्थानों में भी अमली जामा पहनाने की कोशिश की जा रही।
जबकि पहले से जारी नियम में यह था कि अगर कोई गलत आरोप लगाता है तो उस पर भी मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
लेकिन इसको बदलकर एक तरफा कर दिया गया।
एससी एसटी एक्ट का जिस तरह से दुरुपयोग हो रहा है ऐसे में सवर्ण का कोई प्रतिनिधित्व नहीं रहेगा तो भेदभाव होता रहेगा। हम स्वर्ण खुद ही शोषित वंचित हो गए। हालांकि इस यूजीसी 2026 के नए नियम पर जब सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई तो स्वर्णों ने राहत की सांस ली है।
97 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को कारण बताओ नोटिस
लापरवाही पर कड़ी विभागीय कार्यवाही मानदेय रोकने की चेतावनी

हलिया मिर्जापुर।स्थानीय विकास खंड की 97 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा लाभार्थियों को पोष्टा हार वितरित किए जाने के बाद भी उसकी अनिवार्य प्रविष्टि पोषक ट्रैकर एप पर टीएचआर  फीड नहीं की गई थी मामले को गंभीरता से लेते हुए सीडीपीओ हलिया दिलीप कुमार वर्मा ने सभी 97 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।इस संबंध में सीडीपीओ दिलीप कुमार वर्मा ने बताया कि शासन की मंशा के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं,धात्री माताओं एवं 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को वितरित किए जाने वाले पोषाहार का पूरा रिकॉर्ड पोषक ट्रैकर एप पर अपलोड किया जाना अनिवार्य है।इसके बावजूद कई बार निर्देश दिए जाने के बाद भी संबंधितकार्यकत्रियों द्वारा टीएचआर की फीडिंग नहीं की गई।आगे बताया कि पोषक ट्रैकर पर फीडिंग न होने से न सिर्फ शासन स्तर पर आंकड़ों की समीक्षा प्रभावित होती है, बल्कि लाभार्थियों को मिलने वाली योजनाओं की निगरानी भी बाधित होती है।सीडीपीओ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सभी 97 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से कारण बताओ नोटिस के माध्यम से स्पष्टीकरण मांगा गया है।यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया या हिला हवाली की गई तो संबंधित कार्यकत्रियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जनवरी में तथा भविष्य में भी यदि पोषक ट्रैकर पर टीएचआर की नियमित फीडिंग नहीं की गई तो संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय रोके जाने के साथ साथ अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई भी प्रस्तावित की जाएगी।विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी और सख्त किए जाने की भी तैयारी की जा रही है।
रोड एक्सीडेंट में घायल मंडल उपाध्यक्ष धर्ममणि पाण्डेय का हालचाल जानने पहुँचे मंडल अध्यक्ष






आजमगढ़ बूढनपुर कोयलसा मंडल उपाध्यक्ष धर्ममणि पाण्डेय हाल ही में सड़क दुर्घटना में घायल हो गए। दुर्घटना की सूचना मिलते ही मंडल अध्यक्ष रूद्रप्रकाश शर्मा अन्य पदाधिकारियों के साथ उनके कुशलक्षेम की जानकारी लेने अस्पताल पहुँचे।मंडल अध्यक्ष रूद्रप्रकाश शर्मा ने श्री पाण्डेय से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने चिकित्सकों से भी बातचीत कर उपचार की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की। चिकित्सकों के अनुसार धर्ममणि पाण्डेय की हालत अब स्थिर है और उनका उपचार जारी है।मुलाकात के दौरान मंडल के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने घायल उपाध्यक्ष के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। मंडल अध्यक्ष ने भरोसा दिलाया कि संगठन हर समय उनके साथ खड़ा है और किसी भी प्रकार की आवश्यकता होने पर पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाएगा।इस मौके पर बीरेंद्र सिंह अशोक कुमार मिश्र एडवोकेट राघवेंद्र पाण्डेय, मनोज सिंह उपेंद्र नाथ पाण्डेय,सहित अन्य लोग मौजूद रहे
Sambhal आवारा कुत्तों का आतंक, डॉग अटैक में कई लोग घायल, सपा नेता ने सौंपा ज्ञापन
शहर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला सम्भल के हिलाली सराय इलाके का है, जहां राह चलते लोगों पर एक कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया। इस डॉग अटैक में कई लोग घायल हो गए, जिनमें बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। पूरी घटना इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सामने आया है।

डॉग अटैक की बढ़ती घटनाओं से नाराज़ समाजवादी पार्टी के जिला सचिव डॉ. अख्तर इसराइली ने अपने साथियों के साथ सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए शहर में फैल रहे आवारा कुत्तों के आतंक पर गंभीर चिंता जताई। डॉ. अख्तर इसराइली ने कहा कि बीते एक-दो दिनों में ही कम से कम 10 से 15 लोगों को कुत्तों ने काटा है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। बच्चे स्कूल जाने से डर रहे हैं और आम नागरिकों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि हिलाली सराय के अलावा डूंगर सराय, पंजू सराय, नई सराय और नखासा जैसे कई मोहल्लों में कुत्तों द्वारा लोगों पर हमले की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि सिटी मजिस्ट्रेट को इस गंभीर समस्या से अवगत कराया गया है और नगर पालिका को निर्देश देकर जल्द से जल्द आवारा कुत्तों को पकड़वाने की मांग की गई है।

डॉ. अख्तर इसराइली ने भरोसा जताया कि प्रशासन इस पर सख्त कार्रवाई करेगा। वहीं, सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने बताया कि समाजवादी पार्टी के जिला सचिव और स्थानीय लोगों द्वारा आवारा कुत्तों को लेकर ज्ञापन दिया गया है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका से विचार-विमर्श कर विधिक प्रक्रिया के तहत कुत्तों को पकड़वाने और अन्य आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का प्रयास रहेगा कि जल्द ही इस समस्या का समाधान किया जाए। फिलहाल, लगातार हो रहे डॉग अटैक से लोग भयभीत हैं और प्रशासन से जल्द ठोस कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे है।
कोचिंग सेंटरों की मनमानी पर सख्ती की मांग, छात्रों के हित के लिए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने संसद बड़ा मुद्दा उठाया

नई दिल्ली- देश के लाखों छात्रों को निजी कोचिंग संस्थानों (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) की मनमानी से बचाने के लिए रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्र सरकार से निर्णायक हस्तक्षेप की मांग की है।

असल में स्कूली छात्र कॉम्पिटिशन की तैयारी के लिए अलग अलग कोचिंग संस्थानों में पढाई करते हैं जहाँ उन्हें आईआईटी, एनआईटी, एम्स जैसे संस्थानों में गारंटी शुदा एडमिशन का प्रलोभन दिया जाता है और एक मुश्त पूरी फीस जमा करवा ली जाती है। गरीब, ग्रामीण एवं मध्यम वर्गीय परिवार भी सोना, ज़मीन बेचकर एवं क़र्ज़ लेकर होने बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए यह फीस अदा करते हैं।

लेकिन अगर उन्हें अनुकूल पढाई का वातावरण ना मिलने पर अगर वह संस्थान कोचिंग छोड़ना चाहे तो यह सेंटर मनमानी करते हैं, जिससे माँ बाप एवं बच्चे दोनों मानसिक रूप से प्रताड़ित होते हैं। हालांकि शिक्षा मंत्रालय (केंद्र सरकार) ने वर्ष 2024 में विभिन्न कोचिंग सेंटर के संदर्भ में गाइडलाइंस ज़ारी की है लेकिन इनका ज़मीनी स्तर पर पालन नहीं हो रहा है। उल्लेखनीय है कि यह मुद्दा सिर्फ स्कूली बच्चों तक नहीं बल्कि प्रोफेशनल कॉम्पिटिटिव एग्जाम जैसे यूपीएससी के लिए जाने वाले युवाओं के लिए भी प्रासंगिक है, दिल्ली जैसे महानगरों में युवा जाते हैं और भारी भरकम फीस जमा करते हैं लेकिन उन्हें भी इस प्रताड़ना का शिकार होना पड़ता है। इसीलिए लोकसभा में इस विषय पर सांसद अग्रवाल ने अपनी बात रखी है। सांसद अग्रवाल का य़ह भी कहना है कि मेरा कार्यालय इस संबंध में सभी छात्रों के हित के लिए चौबीस घंटे खुलसांसद अग्रवाल द्वारा सरकार से किए गए प्रमुख आग्रह:

1) सभी राज्य सरकारें विद्यार्थियों द्वारा बीच में संस्थान छोड़ने पर 10 दिनों के भीतर फीस रिफंड का अनुपालन करने की अनिवार्यता का नियम बनाएं।

2) छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में इन कोचिंग संस्थानों के विवाद के निपटारे हेतु फ़ास्ट ट्रैक निवारण सेल स्थापित किये जाने के हेतु, छात्र/जन हित में सभी राज्य सरकारों को दिशा निर्देश देने का कष्ट करेंगे।

3) गाइडलाइन्स (2024) का कड़ाई से पालन होना सुनिश्चित करवाया जाए

रायपुर एवं दुर्ग-भिलाई मध्य भारत के कोटा के रूप में स्थापित हो रहे हैं एवं प्रदेश के बिलासपुर एवं रायगढ़ भी इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स भी छात्रों के बीच अपनी जगह बना रहे हैं परन्तु स्कूली विद्यार्थी इन कोचिंग संस्थानों के फीस - ट्रैप - मोनोपोली का शिकार बन रहे हैं।ा भी है।

झारखंड के पड़हा राजा सोमा मुंडा की कैसे हुई हत्या? स्कूल का पूर्व छात्र निकला कातिल, जमीन कारोबारियों ने रची थी साजिश

झारखंड के खूंटी जिले में 7 जनवरी 2026 को हुए चर्चित पड़हा राजा सोमा मुंडा हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस ने इस मामले में शूटर सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, वारदात को अंजाम देने में शामिल सभी प्रमुख लोगों को पकड़ लिया गया है.

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गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों को पैदल मार्च कराते हुए सड़कों से होते हुए खूंटी थाना तक ले जाया. इस दौरान मुख्य सड़क पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और कई लोगों ने अपने मोबाइल से आरोपियों की तस्वीरें और वीडियो बनाए.

50 हजार रुपये की सुपारी दी गई थी

पुलिस के मुताबिक, मुख्य शूटर के रूप में लगभग 20 वर्षीय मारकुस संगा की पहचान हुई है. आरोप है कि उसने करीब 50 हजार रुपये की सुपारी लेकर सोमा मुंडा पर गोली चलाई. बताया जा रहा है कि मारकुस संगा कभी सोमा मुंडा के स्कूल का छात्र था और वर्ष 2022 में किसी कारणवश उसे स्कूल से निकाल दिया गया था.

पुलिस का कहना है कि इसी बात को लेकर वह नाराज था और जमीन से जुड़े एक कारोबारी ने उसकी नाराजगी का फायदा उठाकर उसे पैसे और हथियार उपलब्ध कराए. जांच में सामने आया है कि खूंटी के हुटार चौक निवासी दानियल संगा का भी मृतक से लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था. करीब 1012 वर्ष पहले से 14 डिसमिल जमीन को लेकर दोनों के बीच तनातनी थी.

पुलिस के अनुसार, जब भी दानियल उस जमीन पर निर्माण की कोशिश करता, सोमा मुंडा विरोध करते थे. इसी बीच वर्ष 2025 के नवंबरदिसंबर में जियरप्पा गांव की 32 एकड़ जमीन की खरीद-बिक्री की कोशिश भी सोमा मुंडा और ग्राम सभा के हस्तक्षेप से रुक गई थी, जिससे कथित तौर पर जमीन कारोबार से जुड़े लोग नाराज हो गए.

7 जनवरी को सोमा मुंडा की हुई थी हत्या

पुलिस के मुताबिक, 7 जनवरी को सोमा मुंडा अपनी पत्नी के साथ मोटरसाइकिल से खूंटी से गांव लौट रहे थे, तभी जमुआदाग तालाब के पास पहले से रेकी कर रहे आरोपियों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. मौके पर ही उनकी मौत हो गई.

पुलिस ने इस मामले में एक देशी पिस्टल, चार गोलियां, पल्सर मोटरसाइकिल, एक कार, रेकी में इस्तेमाल बाइक, मोबाइल फोन, कपड़े और हेलमेट सहित अन्य सामान जब्त करने की बात कही है. इस पूरे मामले का खुलासा खूंटी के एसपी मनीष टोप्पो ने किया. सोमा मुंडा मुंडा जनजाति की पारंपरिक पड़हा पंचायत व्यवस्था के प्रमुख (राजा) थे, जो कई गांवों के सामाजिक और पारंपरिक मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उनकी हत्या से क्षेत्र में गहरा आक्रोश और शोक का माहौल है.

आजमगढ़: जिला स्तरीय टीम ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर का किया औचक निरीक्षण , मचा हड़कंप
आजमगढ़। जिला स्तरीय स्वास्थ्य टीम ने तहबरपुुुुर विकास खंड में पड़ने वाले आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का औचक निरीक्षण किया। टीम के औचक निरीक्षण की खबर से अफरातफरी का माहौल रहा। लोग एक दूसरे से जानकारी लेते रहे। स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर ए अजीज, डी सी पी एम विपिन बिहारी पाठक, जिला लेखा प्रबंधन अधिकारी अमरनाथ की संयुक्त जिला स्तरीय टीम ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर पुरा अचानक , बैरमपुर एवं बीबीपुर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर साफ सफाई,दवाओं का स्टाक, रख रखाव एवं संबंधित रजिस्टरो का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रजिस्टर पूरा न होने पर टीम ने नाराजगी जताई और एक हफ्ते के अंदर ठीक करने का कड़ा निर्देश दिया। चेतावनी दी की अगर एक हफ्ते के अंदर अभिलेख ठीक नहीं होते हैं तो वेतन रोक दिया जाएगा। उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर ए अजीज ने कहा कि आप लोग सरकार के मंशा के अनुरूप कार्य करें। गांव के लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सेवा दे। लापरवाही क्षम्य नहीं है। दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी। स्वास्थ्य टीम के औचक निरीक्षण से खलबली मची रही।
लखनऊ में UGC 2026 बिल के खिलाफ ब्राह्मण परिवार ने किया विरोध प्रदर्शन
लखनऊ । केंद्र सरकार द्वारा लाए गए UGC 2026 बिल के विरोध में ब्राह्मण परिवार लखनऊ/भारत (रजि.) के नेतृत्व में राजधानी लखनऊ के GPO स्थित गांधी प्रतिमा, हज़रतगंज पर बुधवार को जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस विरोध में ब्राह्मण परिवार और सवर्ण समाज के सैकड़ों लोग, विशेषकर युवा, शामिल हुए।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु पांडेय ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि जो सरकार खुद को हिंदुओं की प्रतिनिधि बताती थी, वह आज समाज को बांटने का काम कर रही है। पांडेय ने कहा कि सवर्ण समाज की सबसे बड़ी गलती यह रही कि उसने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेकर वोट दिया, और आज उसे इसका परिणाम भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह “काला बिल” जल्द वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा और जंतर-मंतर, दिल्ली की ओर कूच किया जाएगा।

ब्राह्मण परिवार के प्रवक्ता अभिषेक अग्निहोत्री ने कहा कि UGC संशोधन से सवर्ण समाज में गहरा आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के निर्णयों से उच्च शिक्षा के संस्थानों में भय का माहौल बनाया जा रहा है। अग्निहोत्री ने सवाल उठाया कि 21वीं सदी में किसी व्यक्ति को जन्म के आधार पर अपराधी कैसे ठहराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह कानून हिंदू समाज को विभाजित करने की साजिश का हिस्सा है और सरकार को इसका जवाब देना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस बिल के विरोध में खड़े सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों और सवर्ण नेताओं के खिलाफ कोई द्वेषपूर्ण कार्रवाई हुई, तो ब्राह्मण परिवार और सवर्ण समाज इसे स्वीकार नहीं करेंगे और उनकी ससम्मान पदों पर वापसी सुनिश्चित कराएंगे।

प्रदेश अध्यक्ष श्याम नारायण मिश्रा ने कहा कि भाजपा यह समझती है कि उसके पास कोई विकल्प नहीं है, तो यह उसकी सबसे बड़ी भूल है। उन्होंने कहा कि जो भी राजनीतिक दल इस कानून का समर्थन करेगा, सवर्ण समाज उसे स्वीकार नहीं करेगा और जरूरत पड़ी तो सवर्ण समाज अपना राजनीतिक विकल्प स्वयं तैयार करेगा। मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि यह संघर्ष थमेगा नहीं और जरूरत पड़ी तो संसद का घेराव भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि UGC 2026 कानून में किसी भी प्रकार का संशोधन स्वीकार्य नहीं है; इसे पूर्ण रूप से वापस लिया जाना चाहिए, अन्यथा आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।

प्रदर्शन के दौरान ब्राह्मण परिवार ने प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक मांग-पत्र भी सौंपा।
Sambhal मिशन इंटरनेशनल एकेडमी, सीनियर सेकंडरी स्कूल संभल में सीबीएसई क्षमता निर्माण कार्यक्रम का सफल आयोजन
मिशन इंटरनेशनल एकेडमी सीनियर सेकेंड्री स्कूल , तरीन कैंपस, संभल में सीबीएसई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, देहरादून के तत्वावधान में एक दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम (Capacity Building Programme) का सफल एवं प्रभावशाली आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “लर्निंग आउटकम्स एंड पेडागॉजी” रहा, जिसका उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण दृष्टिकोण, प्रभावी अधिगम परिणामों तथा नवीन शिक्षण विधियों से अवगत कराना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य विल्सन राजन के स्वागत संबोधन द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कार्यक्रम की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए आमंत्रित रिसोर्स पर्सन डॉ. रीता शर्मा एवं सुश्री निधि कौशिक का परिचय करा कर स्वागत किया। प्रोग्राम समन्वयक जिया उल्लाह खान ने सभी शिक्षकों का स्वागत किया ।
एकेडमिक कोऑर्डिनेटर फैजान अली ने सभी शिक्षकों को बताया कि कार्यक्रम दो भागों में विभाजित है प्रथम भाग डॉक्टर रितु शर्मा के द्वारा  और द्वितीय भाग निधि कौशिक जी के द्वारा आयोजित किया जाएगा
प्रधानाचार्य विल्सन राजन ने कार्यक्रम के उद्देश्य बताते हुए कहा कि इसका  उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण दृष्टिकोण, प्रभावी अधिगम परिणामों तथा नवीन शिक्षण विधियों से अवगत कराना था।
इस अवसर पर डॉ. रीता शर्मा ने लर्निंग आउटकम्स पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार स्पष्ट अधिगम परिणाम निर्धारित कर शिक्षण को अधिक उद्देश्यपूर्ण और परिणामोन्मुख बनाया जा सकता है।
वहीं सुश्री निधि कौशिक ने पेडागॉजी पर प्रकाश डालते हुए आधुनिक शिक्षण विधियों, गतिविधि-आधारित शिक्षण तथा कक्षा में नवाचार के महत्व को रेखांकित किया।
इस क्षमता निर्माण कार्यक्रम में मिशन इंटरनेशनल एकेडमी के साथ-साथ आरआरके चंदौसी, बाल विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल संभल, एचएम ग्लोबल स्कूल संभल, एंजल्स पब्लिक स्कूल संभल, जेकेईटी जुनावई
मिशन इंटरनेशनल एकेडमी, सीनियर सेकंडरी स्कूल संभल में सीबीएसई क्षमता निर्माण कार्यक्रम का सफल आयोजन

मिशन इंटरनेशनल एकेडमी सीनियर सेकेंड्री स्कूल , तरीन कैंपस, संभल में सीबीएसई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, देहरादून के तत्वावधान में एक दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम (Capacity Building Programme) का सफल एवं प्रभावशाली आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “लर्निंग आउटकम्स एंड पेडागॉजी” रहा, जिसका उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण दृष्टिकोण, प्रभावी अधिगम परिणामों तथा नवीन शिक्षण विधियों से अवगत कराना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य विल्सन राजन के स्वागत संबोधन द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कार्यक्रम की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए आमंत्रित रिसोर्स पर्सन डॉ. रीता शर्मा एवं सुश्री निधि कौशिक का परिचय करा कर स्वागत किया। प्रोग्राम समन्वयक जिया उल्लाह खान ने सभी शिक्षकों का स्वागत किया ।
एकेडमिक कोऑर्डिनेटर फैजान अली ने सभी शिक्षकों को बताया कि कार्यक्रम दो भागों में विभाजित है प्रथम भाग डॉक्टर रितु शर्मा के द्वारा  और द्वितीय भाग निधि कौशिक जी के द्वारा आयोजित किया जाएगा
प्रधानाचार्य विल्सन राजन ने कार्यक्रम के उद्देश्य बताते हुए कहा कि इसका  उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण दृष्टिकोण, प्रभावी अधिगम परिणामों तथा नवीन शिक्षण विधियों से अवगत कराना था।
इस अवसर पर डॉ. रीता शर्मा ने लर्निंग आउटकम्स पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार स्पष्ट अधिगम परिणाम निर्धारित कर शिक्षण को अधिक उद्देश्यपूर्ण और परिणामोन्मुख बनाया जा सकता है।
वहीं सुश्री निधि कौशिक ने पेडागॉजी पर प्रकाश डालते हुए आधुनिक शिक्षण विधियों, गतिविधि-आधारित शिक्षण तथा कक्षा में नवाचार के महत्व को रेखांकित किया।
इस क्षमता निर्माण कार्यक्रम में मिशन इंटरनेशनल एकेडमी के साथ-साथ आरआरके चंदौसी, बाल विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल संभल, एचएम ग्लोबल स्कूल संभल, एंजल्स पब्लिक स्कूल संभल, जेकेईटी जुनावई सहित विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागी शिक्षकों ने प्रशिक्षण सत्रों को अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय प्रबंधक मुशीर खान तरीन , निर्देशका शबाना कोसर की तरफ से स्कूल मीडिया समन्वयक श्री जुनैद इब्राहिम ने कहा कि ने सीबीएसई सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस देहरादून, दोनों रिसोर्स पर्सन तथा समस्त प्रतिभागी शिक्षकों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता प्रबंधन समिति की तरफ से व्यक्त की गई।



सहित विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागी शिक्षकों ने प्रशिक्षण सत्रों को अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में दरक्षा अब्बास नकवी सभ्य खान सामिया अनवर आयशा रफत, फौजिया, यफ़िस, इंशा, मामून , इमरान, रूही खानम आदि का सक्रिय योगदान रहा।
डॉ मंजू लोढ़ा को एक सप्ताह में मिला दो प्रतिष्ठित अवार्ड
मुंबई। देश की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था लोढ़ा फाउंडेशन की चेयरमैन तथा वरिष्ठ साहित्यकार डॉ मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा को इस सप्ताह 2 प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। राष्ट्र सेवा और समाज सेवा की क्षेत्र में जहां उन्हें “ राष्ट्रीय रत्न अवार्ड “ प्राप्त हुआ, वहीं सायबर अवेयरनेस तथा डिजिटल सेफ्टी के क्षेत्र में विशिष्ट कार्य के चलते “ व्हाट नाउ अवार्ड " प्राप्त हुआ । देखा जाए तो डॉ मंजू लोढ़ा हमेशा से ही समाज को मजबूत करने की दिशा में समर्पित भावना के साथ काम कर रही हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, नारी सम्मान, देश भक्ति, पर्यावरण सुरक्षा जैसे अनेक क्षेत्रों में उन्होंने रचनात्मक काम किया है। सायबर सुरक्षा की दिशा में उनके द्वारा किए गए कार्यों की गई। एक सप्ताह के भीतर दो अवार्ड मिलना गौरव की बात है। इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अवार्ड मिलने से काम की जिम्मेदारी और गति बढ़ जाती है।
यूजीसी के नए नियम के खिलाफ सड़कों पर उमड़ा स्वर्णों का हुजूम

उपेन्द्र कुमार पांडेय

आजमगढ़:: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ली राहत की सांस, जुलूस में प्रशासन से हुई धक्का मुक्की, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन, कहा वर्तमान में सामान्य वर्ग सबसे ज्यादा शोषण का शिकार है ।आजमगढ़ कलेक्ट्रेट पर गुरुवार को यूजीसी के विवादित नियम को लेकर दिन में जमकर हंगामा हुआ।
आपसी संवाद के जरिए गुरुवार को पहले तो शहर के चौक स्थित वेस्ली कॉलेज में सवर्णों का जमावड़ा हुआ।

जिसके बाद वहां से जुलूस निकला जो अग्रसेन चौक होते हुए घंटाघर, फिर वहां से पोस्ट ऑफिस से कलेक्ट्रेट पहुंचा था। इस बीच जगह जगह पुलिस प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का मुक्की भी देखने को मिली।

इस दौरान लोगों ने कहा कि अब शिक्षण संस्थानों में भी अमली जामा पहनाने की कोशिश की जा रही।
जबकि पहले से जारी नियम में यह था कि अगर कोई गलत आरोप लगाता है तो उस पर भी मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
लेकिन इसको बदलकर एक तरफा कर दिया गया।
एससी एसटी एक्ट का जिस तरह से दुरुपयोग हो रहा है ऐसे में सवर्ण का कोई प्रतिनिधित्व नहीं रहेगा तो भेदभाव होता रहेगा। हम स्वर्ण खुद ही शोषित वंचित हो गए। हालांकि इस यूजीसी 2026 के नए नियम पर जब सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई तो स्वर्णों ने राहत की सांस ली है।
97 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को कारण बताओ नोटिस
लापरवाही पर कड़ी विभागीय कार्यवाही मानदेय रोकने की चेतावनी

हलिया मिर्जापुर।स्थानीय विकास खंड की 97 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा लाभार्थियों को पोष्टा हार वितरित किए जाने के बाद भी उसकी अनिवार्य प्रविष्टि पोषक ट्रैकर एप पर टीएचआर  फीड नहीं की गई थी मामले को गंभीरता से लेते हुए सीडीपीओ हलिया दिलीप कुमार वर्मा ने सभी 97 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।इस संबंध में सीडीपीओ दिलीप कुमार वर्मा ने बताया कि शासन की मंशा के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं,धात्री माताओं एवं 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को वितरित किए जाने वाले पोषाहार का पूरा रिकॉर्ड पोषक ट्रैकर एप पर अपलोड किया जाना अनिवार्य है।इसके बावजूद कई बार निर्देश दिए जाने के बाद भी संबंधितकार्यकत्रियों द्वारा टीएचआर की फीडिंग नहीं की गई।आगे बताया कि पोषक ट्रैकर पर फीडिंग न होने से न सिर्फ शासन स्तर पर आंकड़ों की समीक्षा प्रभावित होती है, बल्कि लाभार्थियों को मिलने वाली योजनाओं की निगरानी भी बाधित होती है।सीडीपीओ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सभी 97 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से कारण बताओ नोटिस के माध्यम से स्पष्टीकरण मांगा गया है।यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया या हिला हवाली की गई तो संबंधित कार्यकत्रियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जनवरी में तथा भविष्य में भी यदि पोषक ट्रैकर पर टीएचआर की नियमित फीडिंग नहीं की गई तो संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय रोके जाने के साथ साथ अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई भी प्रस्तावित की जाएगी।विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी और सख्त किए जाने की भी तैयारी की जा रही है।
रोड एक्सीडेंट में घायल मंडल उपाध्यक्ष धर्ममणि पाण्डेय का हालचाल जानने पहुँचे मंडल अध्यक्ष






आजमगढ़ बूढनपुर कोयलसा मंडल उपाध्यक्ष धर्ममणि पाण्डेय हाल ही में सड़क दुर्घटना में घायल हो गए। दुर्घटना की सूचना मिलते ही मंडल अध्यक्ष रूद्रप्रकाश शर्मा अन्य पदाधिकारियों के साथ उनके कुशलक्षेम की जानकारी लेने अस्पताल पहुँचे।मंडल अध्यक्ष रूद्रप्रकाश शर्मा ने श्री पाण्डेय से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने चिकित्सकों से भी बातचीत कर उपचार की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की। चिकित्सकों के अनुसार धर्ममणि पाण्डेय की हालत अब स्थिर है और उनका उपचार जारी है।मुलाकात के दौरान मंडल के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने घायल उपाध्यक्ष के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। मंडल अध्यक्ष ने भरोसा दिलाया कि संगठन हर समय उनके साथ खड़ा है और किसी भी प्रकार की आवश्यकता होने पर पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाएगा।इस मौके पर बीरेंद्र सिंह अशोक कुमार मिश्र एडवोकेट राघवेंद्र पाण्डेय, मनोज सिंह उपेंद्र नाथ पाण्डेय,सहित अन्य लोग मौजूद रहे