किया श्रमदान कर नमन संत रविदास को,सराहने लगे हैं लोग अब गोमती मित्रों के प्रयास को*
सुल्तानपुर,गोमती मित्र मंडल द्वारा हर रविवार होने वाले साप्ताहिक श्रमदान के तहत 1 फरवरी को भी सीताकुंड धाम पर स्वच्छता श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया,माघी पूर्णिमा के स्नान पर्व पे काफी श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचे थे जिनका गोमती मित्रों द्वारा सकुशल स्नान के लिए सहयोग किया गया। श्रमदान के पूर्व सभी ने संत रविदास जी का स्मरण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया,प्रदेश अध्यक्ष रुद्र प्रताप सिंह मदन ने उपस्थित गोमती मित्रों को अपने जीवन में संत रविदास जी के उपदेशों का अनुसरण करने के लिए प्रेरित किया,मीडिया प्रभारी रमेश महेश्वरी ने प्रशासनिक सहयोग से काशी के आचार्यों द्वारा सायंकाल होने वाली मां गोमती की आरती में गोमती मित्रों से शत प्रतिशत उपस्थित रहने का आग्रह किया। नदी के तट,पूरे परिसर व सीता उपवन की साफ सफाई के साथ श्रमदान 10:00 बजे समाप्त किया क्या जिसमें संरक्षक रतन कसौधन,प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह,मीडिया प्रभारी रमेश महेश्वरी,मुन्ना सोनी,मुन्ना पाठक,राकेश सिंह दद्दू,सेनजीत कसौधन, रामू सोनी,अजय प्रताप सिंह,युवा मण्डल अध्यक्ष अजय वर्मा,बिपिन सोनी,अजीत शर्मा,आलोक तिवारी,ओमप्रकाश पाण्डेय, अभय मिश्रा, युवराज सिंह आदि उपस्थित रहे।
2027 में होगी जनगणना: डीएम


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। डीएम शैलेश कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। डीएम ने बताया कि भारत में जनगणना हर दस वर्षों में होती है। आगामी जनगणना 2027 में होगी।

देश में 1872 से चली आ रही निर्बाध परंपरा में यह 16 वीं जनगणना और स्वतंत्रता के बाद की आठवीं जनगणना होगी। यह गांव,शहर और वार्ड स्तर पर प्राथमिक डेटा का एकमात्र स्रोत है। बताया कि पहले चरण में म‌ई - जून 2026 में 30 दिनों तक मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना होगी। दूसरे चरण में जनसंख्या और जाति की गणना नौ से 28 फरवरी 2027 में होगी। पहली बार जनगणना पूरी तरह से डिजिटल मोड में होगी। जिसमें स्व- गणना का भी प्रावधान होगा। इसके अतिरिक्त, दूसरे चरण में हर व्यक्ति की जाति से संबंधित डेटा भी एकत्र किया जाएगा।
ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे ने किया 900 कंबलों का वितरण, बजट को बताया जनहितकारी
रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विधायक विपुल दुबे ने ठंड से राहत देने के उद्देश्य से 900 जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए। कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष दीपक मिश्रा सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
कंबल वितरण के दौरान विधायक विपुल दुबे ने केंद्र व प्रदेश सरकार के बजट पर चर्चा करते हुए कहा कि यह बजट गरीब, किसान, महिला, युवा और मध्यम वर्ग के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि बजट के माध्यम से विकास को गति मिलेगी और समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचेगा।
कार्यक्रम में मौजूद भाजपा नेताओं ने विधायक के इस जनसेवी कार्य की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से जरूरतमंदों को सीधी राहत मिलती है और सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का संदेश जन-जन तक पहुंचता है।
भूमि पूजन के साथ नगर के ऐतिहासिक चौक के सौंदर्यीकरण एवं घंटाघर निर्माण का शुभारंभ।
                     
                                          
पालिका अध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू ने विधि-विधान से संपन्न कराया पूजन।           
                                       
बलरामपुर।आज परमपिता परमेश्वर के आशीर्वाद एवं नगरवासियों की भावनाओं के अनुरूप नगर के हृदयस्थल स्थित ऐतिहासिक चौक-चौराहे के सौंदर्यीकरण तथा भव्य घंटाघर निर्माण कार्य का विधिवत भूमि पूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ। यह पहल नगर के समग्र विकास,ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण एवं आधुनिक स्वरूप प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

भूमि पूजन कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष डॉ.धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजन संपन्न कराया। कार्यक्रम में नगर के वरिष्ठ अधिकारी,जनप्रतिनिधि,व्यापारी संगठन के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर अधिशासी अधिकारी लाल चंद्र मौर्य,अध्यक्ष प्रतिनिधि डीपी सिंह बैस,सभासदगण,नगर अध्यक्ष व्यापार मंडल संजय शर्मा,कृष्णगोपाल गुप्ता,संजय शुक्ला,प्रवीण सिंह,शिव कुमार द्विवेदी,संजय मिश्रा (सभासद प्रतिनिधि), राघवेंद्र कांत सिंह मंटू,संदीप मिश्रा,राजेश कुमार कश्यप,सुशील साहू,नंद लाल तिवारी,आनंद किशोर,मनीष तिवारी (सभासद प्रतिनिधि),मनोज यादव (सभासद प्रतिनिधि),शुभेंद्रमिश्र, शिवम मिश्र सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
इसके साथ ही नगर पालिका के तकनीकी एवं प्रशासनिक अधिकारी अवनीश यादव (जेई),धर्मेंद्र गौड़ (जेई जल),दिवाकर (सफाई निरीक्षक) सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
पालिका अध्यक्ष का बयान
इस अवसर पर पालिका अध्यक्ष डॉ.धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू ने कहा कि “नगर का यह प्राचीन चौक हमारी ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। इसके सौंदर्यीकरण एवं घंटाघर के निर्माण से न केवल नगर की सुंदरता बढ़ेगी,बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणास्रोत भी बनेगा। हमारी प्राथमिकता है कि विकास के साथ-साथ विरासत का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए।”

उन्होंने आगे कहा कि यह परियोजना यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने,नगर को एक आकर्षक स्वरूप देने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने में भी सहायक सिद्ध होगी।
वक्ताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि भूमि पूजन के साथ प्रारंभ हुई यह योजना नगरवासियों की सहभागिता,सामूहिक संकल्प एवं विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह दिवस नगर के उज्ज्वल,सशक्त और गौरवशाली भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं अविस्मरणीय कदम के रूप में सदैव स्मरणीय रहेगा
Budget 2026 का असर: बायबैक टैक्स के ऐलान से शेयर बाजार डगमगाया, जानिए सेंसेक्स-निफ्टी क्यों गिरे

केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होते ही शेयर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बजट भाषण के दौरान जैसे ही वित्त मंत्री ने शेयर बायबैक टैक्स में बदलाव का ऐलान किया, निवेशकों में बेचैनी बढ़ गई। इसका सीधा असर बाजार पर पड़ा और सेंसेक्स कुछ ही समय में 2300 अंकों से ज्यादा लुढ़क गया, जबकि निफ्टी भी फिसलकर 24,592.15 के स्तर तक पहुंच गया।

बायबैक टैक्स बना गिरावट की बड़ी वजह

सरकार ने बजट में शेयर बायबैक से जुड़े टैक्स नियमों में अहम बदलावों की घोषणा की। नए प्रस्ताव के अनुसार अब बायबैक से मिलने वाले लाभ को पूंजीगत लाभ के तौर पर टैक्स के दायरे में लाया जाएगा। कॉरपोरेट प्रवर्तकों पर 22 प्रतिशत और गैर-कॉरपोरेट प्रवर्तकों पर 30 प्रतिशत टैक्स लगाने का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि यह कदम टैक्स दुरुपयोग को रोकने और छोटे निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है।

हालांकि बाजार ने इस घोषणा को तुरंत नकारात्मक रूप में लिया। निवेशकों को आशंका है कि बढ़ा हुआ टैक्स कंपनियों की कैश डिस्ट्रीब्यूशन रणनीति को प्रभावित करेगा।

क्यों घबराए निवेशक?

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अब तक कई कंपनियां डिविडेंड की जगह बायबैक को प्राथमिकता देती थीं क्योंकि यह टैक्स के लिहाज से ज्यादा फायदेमंद माना जाता था। लेकिन नए टैक्स स्ट्रक्चर के बाद बायबैक का आकर्षण कम हो सकता है। इसी डर के चलते बजट के दौरान निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया।

डेरिवेटिव ट्रेडर्स को भी झटका

बजट में वायदा सौदों (Futures) पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने का एलान भी बाजार की गिरावट की एक अहम वजह बना। इससे डेरिवेटिव ट्रेडिंग की लागत बढ़ने की संभावना है, जिसका असर शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग वॉल्यूम पर पड़ सकता है।

गिरावट के बाद दिखी रिकवरी

हालांकि शुरुआती झटके के बाद बाजार में कुछ हद तक संभलाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 82,525.74 अंक तक रिकवर हुआ, जबकि निफ्टी भी 25,377.25 के स्तर पर लौट आया। इससे संकेत मिलता है कि दीर्घकालिक निवेशक फिलहाल बाजार को लेकर पूरी तरह निराश नहीं हैं और चुनिंदा शेयरों में खरीदारी जारी है।

रविवार को खुला बाजार बना चर्चा का विषय

इस बजट की एक खास बात यह भी रही कि रविवार के दिन एनएसई और बीएसई खुले रहे। बजट की अहमियत को देखते हुए विशेष लाइव ट्रेडिंग सत्र का आयोजन किया गया, ताकि नीतिगत घोषणाओं पर बाजार की तत्काल प्रतिक्रिया सामने आ सके। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बाजार बंद रहता, तो सोमवार को और ज्यादा अस्थिरता देखने को मिल सकती थी।

आगे क्या?

विशेषज्ञों के अनुसार, अल्पकाल में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन बजट के विकासोन्मुखी प्रावधान लंबी अवधि में सकारात्मक असर डाल सकते हैं। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी से बचें और सेक्टर-आधारित रणनीति के साथ निवेश करें।
बिजली कर्मियों की नजर आम बजट और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल पर, 30 जनवरी को लोकसभा में विवरण पेश होने से बढ़ी चिंता

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विद्युत कर्मचारियों और इंजीनियरों के लिए आम बजट 2026-27 और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 पर चिंता का माहौल है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने कहा है कि 01 फरवरी को पेश होने वाले आम बजट पर देशभर के बिजली कर्मियों की पैनी नजर रहेगी।

संघर्ष समिति का कहना है कि उन्हें आशंका है कि बजट या बजट सत्र के दौरान बिजली क्षेत्र का निजीकरण या इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल पारित कराने का प्रयास किया जा सकता है। समिति ने याद दिलाया कि नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इम्प्लॉइज एंड इंजीनियर्स और संघर्ष समिति पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि यदि संसद में बिजली के निजीकरण या अमेंडमेंट बिल को पारित कराने का एकतरफा प्रयास किया गया, तो देशभर के लगभग 27 लाख बिजली कर्मचारी और इंजीनियर बिना किसी अतिरिक्त नोटिस के “लाइटनिंग एक्शन” के तहत कार्यस्थलों से बाहर आकर वृहद विरोध प्रदर्शन करेंगे।

वित्त मंत्रालय के बीच बिजली के निजीकरण पर बैठक भी हुई

संघर्ष समिति ने बताया कि 30 जनवरी को केन्द्रीय राज्य मंत्री विद्युत,  यशोपाद नायक द्वारा लोकसभा में ड्राफ्ट इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 का विवरण साझा किया जाएगा। इससे यह संकेत मिलता है कि आम बजट या बजट सत्र के दौरान विधेयक पेश कर पारित कराने का प्रयास हो सकता है।इसके अलावा, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार केंद्रीय विद्युत मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के बीच बिजली के निजीकरण पर बैठक भी हुई है।

डिस्कॉम को स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किया जाए

इससे यह संभावना और बढ़ गई है कि आम बजट में बिजली क्षेत्र के निजीकरण से जुड़ी कोई घोषणा हो सकती है।संघर्ष समिति ने ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GoM) की 10 अक्टूबर 2025 की बैठक का हवाला देते हुए कहा कि उस निर्णय के अनुसार, केंद्र सरकार राज्यों को वित्तीय पैकेज तभी देगी, जब राज्य अपने डिस्कॉम की 51 प्रतिशत इक्विटी बंधक रखें, या 26 प्रतिशत इक्विटी बेचें लेकिन प्रबंधन निजी हाथों में हो, या फिर डिस्कॉम को स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किया जाए।

बिजली क्षेत्र को सार्वजनिक क्षेत्र में ही रखा जाए

समिति का कहना है कि बिजली कर्मियों की यह उम्मीद है कि बजट में बिजली क्षेत्र को सार्वजनिक क्षेत्र में ही रखा जाए, लेकिन यदि कोई निजीकरण या अमेंडमेंट बिल संबंधी प्रस्ताव आता है, तो कर्मचारी पूरी तरह सतर्क हैं और लाइटनिंग एक्शन के लिए तैयार हैं।वहीं, पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन का आज 430वां दिन है और प्रदेश के सभी जनपदों और परियोजनाओं में बिजली कर्मियों ने व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
किशोरी की उपचार के दौरान मौत
मेरठ (बहसूमा): उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद अंतर्गत बहसूमा क्षेत्र में दरिंदगी का शिकार हुई किशोरी की उपचार के दौरान मौत हो गई। शुक्रवार शाम पीड़िता के दम तोड़ने के बाद क्षेत्र में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया है और बाहरी व्यक्तियों समेत मीडिया के प्रवेश पर भी पाबंदी लगा दी गई है।
वेंटिलेटर पर तीन दिन तक चला संघर्ष
जानकारी के अनुसार, पीड़िता पिछले तीन दिनों से अस्पताल में वेंटिलेटर पर थी और जीवन-मौत के बीच जूझ रही थी। शुक्रवार शाम उसकी मृत्यु की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया। जैसे ही शव गांव पहुँचा, परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। करीब 40 मिनट तक चले भारी हंगामे के बाद, पुलिस अधिकारियों की सूझबूझ और काफी समझाने-बुझाने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
गांव की घेराबंदी और राजनीतिक नेताओं की नजरबंदी
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने गांव की ओर जाने वाले सभी मुख्य मार्गों पर नाकेबंदी कर दी है। इस दौरान कई राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया:
विजयपाल कश्यप (जिला अध्यक्ष, सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ) को सुबह उनके आवास से ही गिरफ्तार/नजरबंद कर लिया गया।
देवेंद्र कश्यप (राष्ट्रीय अध्यक्ष, सामाजिक न्याय पार्टी) को उनके समर्थकों के साथ रामराज थाने में रोक लिया गया।
स्थानीय नेताओं का विरोध: हरिओम कश्यप, जगरोशन कश्यप और महेश कश्यप बनारसी दास कश्यप सहित समाज के अन्य लोगों ने पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता और दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की है।
प्रशासनिक रुख
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। सुरक्षा की दृष्टि से पीएसी और भारी पुलिस बल तैनात है।
पूर्व नगर पालिका चेयरमैन सहित दो को 15 वर्ष की सजा,50-50 हजार का जुर्माना भी लगा

*भाजपा नेता के भाई पर किया था हमला

गोंडा।जिले के एक 13 साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है।नगर पालिका गोंडा के पूर्व चेयरमैन व भाजपा नेता रुपेश कुमार उर्फ़ निर्मल श्रीवास्तव तथा त्रियुगी नारायण गुप्ता को 15 15 साल की सजा सुनाई गई है।यह मामला जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि सुशील शुक्ला के भाई गौरव शुक्ला पर हुए हमले से संबंधित है।जनपद न्यायाधीश दृग नारायन सिंह की अदालत ने दोनों दोषियों पर 50 50 हजार का जुर्माना भी लगाया है।सजा सूनाए जाने के बाद दोनों आरोपियों को मंडलीय कारागार भेज दिया गया है।घटना 10 सितंबर 2012 को हुई थी।गौरव शुक्ला अपने काजीदेवर स्थित घर के बाहर बैठे थे कि तभी रुपेश कुमार उर्फ़ निर्मल श्रीवास्तव अपने साथी त्रियुगी नारायण गुप्ता के साथ वहाँ पहुंचे और अपने असलहे से गौरव शुक्ला पर जान से मारने की नियत से फायर कर दिया,जिससे उनके पैर में गोली लग गयी थी।हमले के बाद गौरव शुक्ला को उनके बड़े भाई सुशील शुक्ला तत्काल जिला अस्पताल ले गये,जहाँ उनका इलाज किया गया।अगले दिन 11 सितंबर 2012 को सुशील शुक्ला ने जिले के मोतीगंज थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।यह पूरा मामला वर्ष 2012 से ही न्यायालय में चल रहा था।लोक अभियोजक बसंत शुक्ला, मोतीगंज थाने की महिला आरक्षी सारिका यादव और कोर्ट मोहर्रिर महिला आरक्षी मनीषा ने कोर्ट में इस मुकदमे की पैरवी की।जनपद न्यायाधीश की अदालत ने गवाहों और सबूतों के आधार पर 13 साल बाद यह फैसला सुनाया है।फैसले के बाद भाजपा जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि सुशील शुक्ला ने न्यायालय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज न्याय की जीत हुई है और उन्हें 13 साल बाद इंसाफ मिला है।
बृजभूषण को मिर्ची भेजने के मामले में उच्च न्यायालय ने लगाई रोक
*2022 में त्रिलोकी ने बृजभूषण को भेजा गया था धमकी भरा पत्र

गोंडा।इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने करनैलगंज विधानसभा के पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी त्रिलोकी नाथ तिवारी को पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के प्रतिनिधि द्वारा मिर्ची पाउडर व धमकी भरे भेजे गये पत्र को लेकर दर्ज कराए गए मुकदमे में बड़ी राहत दिया है।न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने 2022 में दर्ज आपराधिक मामले में निचली अदालत की कार्यवाही पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है।यह मामला पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के प्रतिनिधि सुशील सिंह ने नवाबगंज थाने में दर्ज कराया था।कोर्ट ने कहा कि एफआईआर में उठाया गया विवाद दो उम्मीदवारों के बीच का आपसी मामला प्रतीत होता है।याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि मामले का संज्ञान केवल औपचारिक शिकायत के माध्यम से ही लिया जा सकता था।अदालत ने विपक्षी पक्ष और सरकारी वकील को चार सप्ताह के अंदर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।इसके बाद याचिकाकर्ता को जवाब देने के लिए दो सप्ताह का वक्त मिलेगा।मामले की अगली सुनवाई छ: सप्ताह बाद तय की गई है,तब तक निचली अदालत की प्रक्रिया पर रोक जारी रहेगी।यह मामला 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान का है,जब तत्कालीन भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह को एक धमकी भरा पत्र और मिर्च का पाउडर मिला था।यह लिफाफा स्पीड पोस्ट से 18 फरवरी को भेजा गया था और इस पर त्रिलोकी नाथ तिवारी का नाम लिखा था।इसके बाद सांसद प्रतिनिधि सुशील सिंह ने नवाबगंज थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था।लिफाफा खोलने पर उसमें एक धमकी भरा पत्र और 500 ग्राम मिर्च का पाउडर था,पत्र में लिखा था कि मुसलमानों के खिलाफ आपने बयानबाजी की उसकी मैं निंदा करते हुए कड़ी चेतावनी देता हूँ कि जितना संभलना हो संभल जाओ,वैसे तुम काफी पहले से मुस्लिम आतंकवादियों के निशानै पर हो बस उन्हें स्थानीय स्तर पर सहयोग देने वाले लोग नहीं हैं।इसलिए अब तक तुम बचते रहे परन्तु अब तुम्हारा बचना मुमकिन नहीं है।जितनी चाहे सुरक्षा रखो हत्या इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हो सकती है तो तुम अभी उनसे बड़े नेता नहीं हुए हो तुम्हें और तुम्हारे परिवार को नेस्तनाबूद करना हमारे बाएं हाथ का खेल है।इसी सांसद प्रतिनिधि की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ था और इस पूरे मामले को लेकर के गोंडा न्यायालय में सुनवाई भी चल रही है और त्रिलोकी नाथ तिवारी का निगरानी वाद भी खारिज हो गया है,जिसके बाद अब वह उच्च न्यायालय की शरण में पहुंचे हैं।
উত্তর পূর্বের তাওয়াঙের সৌন্দর্য্যকে মানুষের কাছে পৌঁছে দিতে চিত্র প্রদর্শনী

বসিরহাট : অরুণাচল প্রদেশের ‘বিউটি কুইন’ তাওয়াংয়ের অনাবিল সৌন্দর্য্যকে মানুষের আরও কাছাকাছি পৌঁছে দিতে উদ্যোগী হয়েছেন কলা সরস্বতী শিল্পী তরুণ চন্দ্র। বসিরহাট শহরের রবীন্দ্রভবনে শিল্পী সুধির সরকার আর্ট গ্যালারিতে তার নিজস্ব চিত্র প্রদর্শনীর মাধ্যমে তিনি তুলে ধরেছেন ভারত-চীন সীমান্তের তাওয়াংয়ের প্রকৃতি, পাহাড়, মঠ ও জনজীবনের নানা রঙ। ন্যাশনাল আর্ট ক্লাবের উদ্যোগে আয়োজিত এই প্রদর্শনীতে স্থান পেয়েছে তাওয়াংয়ের তুষারঢাকা পর্বতশ্রেণি, শান্ত উপত্যকা, বৌদ্ধ মঠের স্থাপত্য, প্রভাতের আলো-ছায়া আর সীমান্তবর্তী জীবনের নীরব ছন্দ। প্রদর্শনী ঘুরে দেখা দর্শকদের মতে, ছবিগুলির কম্পোজিশন ও আলো-ছায়ার ব্যবহার তাওয়াংয়ের বৈচিত্র্যকে জীবন্ত করে তুলেছে। কোথাও বিস্তৃত নীল আকাশের নিচে পাহাড়ের স্তব্ধতা, কোথাও আবার মেঘের আড়ালে হারিয়ে যাওয়া পথ—প্রতিটি ফ্রেমেই ধরা পড়েছে প্রকৃতির নিজস্ব ভাষা। শিল্পী তরুণ চন্দ্র জানান, বহুদিনের ইচ্ছে ছিল তাওয়াংয়ের সৌন্দর্য শহরের দর্শকদের সামনে তুলে ধরার। সেই ভাবনা থেকেই দীর্ঘ সময় ধরে সেখানে ঘুরে ছবি তোলা এবং পরে এই প্রদর্শনীর পরিকল্পনা।
আয়োজকদের তরফে জানানো হয়েছে, ভারত-চীন সীমান্তবর্তী এই অঞ্চলের প্রকৃতি ও সংস্কৃতি সম্পর্কে মানুষের কৌতূহল বাড়াতেই এমন উদ্যোগ। প্রদর্শনীতে স্থানীয় শিল্পী, শিক্ষার্থী ও শিল্পানুরাগীদের ভিড় ছিল চোখে পড়ার মতো। অনেকেই ছবির মাধ্যমে তাওয়াংকে নতুন করে চিনতে পারার কথা বলেছেন। এই ফটো এক্সিবিশন তাওয়াংয়ের সৌন্দর্যকে যেমন মানুষের আরও কাছে পৌঁছে দিয়েছে, তেমনই দেশীয় পর্যটন ও সীমান্ত অঞ্চলের সংস্কৃতি নিয়ে নতুন আগ্রহও তৈরি করেছে বলে মনে করছেন শিল্পমহল।
किया श्रमदान कर नमन संत रविदास को,सराहने लगे हैं लोग अब गोमती मित्रों के प्रयास को*
सुल्तानपुर,गोमती मित्र मंडल द्वारा हर रविवार होने वाले साप्ताहिक श्रमदान के तहत 1 फरवरी को भी सीताकुंड धाम पर स्वच्छता श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया,माघी पूर्णिमा के स्नान पर्व पे काफी श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचे थे जिनका गोमती मित्रों द्वारा सकुशल स्नान के लिए सहयोग किया गया। श्रमदान के पूर्व सभी ने संत रविदास जी का स्मरण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया,प्रदेश अध्यक्ष रुद्र प्रताप सिंह मदन ने उपस्थित गोमती मित्रों को अपने जीवन में संत रविदास जी के उपदेशों का अनुसरण करने के लिए प्रेरित किया,मीडिया प्रभारी रमेश महेश्वरी ने प्रशासनिक सहयोग से काशी के आचार्यों द्वारा सायंकाल होने वाली मां गोमती की आरती में गोमती मित्रों से शत प्रतिशत उपस्थित रहने का आग्रह किया। नदी के तट,पूरे परिसर व सीता उपवन की साफ सफाई के साथ श्रमदान 10:00 बजे समाप्त किया क्या जिसमें संरक्षक रतन कसौधन,प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह,मीडिया प्रभारी रमेश महेश्वरी,मुन्ना सोनी,मुन्ना पाठक,राकेश सिंह दद्दू,सेनजीत कसौधन, रामू सोनी,अजय प्रताप सिंह,युवा मण्डल अध्यक्ष अजय वर्मा,बिपिन सोनी,अजीत शर्मा,आलोक तिवारी,ओमप्रकाश पाण्डेय, अभय मिश्रा, युवराज सिंह आदि उपस्थित रहे।
2027 में होगी जनगणना: डीएम


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। डीएम शैलेश कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। डीएम ने बताया कि भारत में जनगणना हर दस वर्षों में होती है। आगामी जनगणना 2027 में होगी।

देश में 1872 से चली आ रही निर्बाध परंपरा में यह 16 वीं जनगणना और स्वतंत्रता के बाद की आठवीं जनगणना होगी। यह गांव,शहर और वार्ड स्तर पर प्राथमिक डेटा का एकमात्र स्रोत है। बताया कि पहले चरण में म‌ई - जून 2026 में 30 दिनों तक मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना होगी। दूसरे चरण में जनसंख्या और जाति की गणना नौ से 28 फरवरी 2027 में होगी। पहली बार जनगणना पूरी तरह से डिजिटल मोड में होगी। जिसमें स्व- गणना का भी प्रावधान होगा। इसके अतिरिक्त, दूसरे चरण में हर व्यक्ति की जाति से संबंधित डेटा भी एकत्र किया जाएगा।
ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे ने किया 900 कंबलों का वितरण, बजट को बताया जनहितकारी
रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विधायक विपुल दुबे ने ठंड से राहत देने के उद्देश्य से 900 जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए। कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष दीपक मिश्रा सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
कंबल वितरण के दौरान विधायक विपुल दुबे ने केंद्र व प्रदेश सरकार के बजट पर चर्चा करते हुए कहा कि यह बजट गरीब, किसान, महिला, युवा और मध्यम वर्ग के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि बजट के माध्यम से विकास को गति मिलेगी और समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचेगा।
कार्यक्रम में मौजूद भाजपा नेताओं ने विधायक के इस जनसेवी कार्य की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से जरूरतमंदों को सीधी राहत मिलती है और सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का संदेश जन-जन तक पहुंचता है।
भूमि पूजन के साथ नगर के ऐतिहासिक चौक के सौंदर्यीकरण एवं घंटाघर निर्माण का शुभारंभ।
                     
                                          
पालिका अध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू ने विधि-विधान से संपन्न कराया पूजन।           
                                       
बलरामपुर।आज परमपिता परमेश्वर के आशीर्वाद एवं नगरवासियों की भावनाओं के अनुरूप नगर के हृदयस्थल स्थित ऐतिहासिक चौक-चौराहे के सौंदर्यीकरण तथा भव्य घंटाघर निर्माण कार्य का विधिवत भूमि पूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ। यह पहल नगर के समग्र विकास,ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण एवं आधुनिक स्वरूप प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

भूमि पूजन कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष डॉ.धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजन संपन्न कराया। कार्यक्रम में नगर के वरिष्ठ अधिकारी,जनप्रतिनिधि,व्यापारी संगठन के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर अधिशासी अधिकारी लाल चंद्र मौर्य,अध्यक्ष प्रतिनिधि डीपी सिंह बैस,सभासदगण,नगर अध्यक्ष व्यापार मंडल संजय शर्मा,कृष्णगोपाल गुप्ता,संजय शुक्ला,प्रवीण सिंह,शिव कुमार द्विवेदी,संजय मिश्रा (सभासद प्रतिनिधि), राघवेंद्र कांत सिंह मंटू,संदीप मिश्रा,राजेश कुमार कश्यप,सुशील साहू,नंद लाल तिवारी,आनंद किशोर,मनीष तिवारी (सभासद प्रतिनिधि),मनोज यादव (सभासद प्रतिनिधि),शुभेंद्रमिश्र, शिवम मिश्र सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
इसके साथ ही नगर पालिका के तकनीकी एवं प्रशासनिक अधिकारी अवनीश यादव (जेई),धर्मेंद्र गौड़ (जेई जल),दिवाकर (सफाई निरीक्षक) सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
पालिका अध्यक्ष का बयान
इस अवसर पर पालिका अध्यक्ष डॉ.धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू ने कहा कि “नगर का यह प्राचीन चौक हमारी ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। इसके सौंदर्यीकरण एवं घंटाघर के निर्माण से न केवल नगर की सुंदरता बढ़ेगी,बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणास्रोत भी बनेगा। हमारी प्राथमिकता है कि विकास के साथ-साथ विरासत का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए।”

उन्होंने आगे कहा कि यह परियोजना यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने,नगर को एक आकर्षक स्वरूप देने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने में भी सहायक सिद्ध होगी।
वक्ताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि भूमि पूजन के साथ प्रारंभ हुई यह योजना नगरवासियों की सहभागिता,सामूहिक संकल्प एवं विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह दिवस नगर के उज्ज्वल,सशक्त और गौरवशाली भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं अविस्मरणीय कदम के रूप में सदैव स्मरणीय रहेगा
Budget 2026 का असर: बायबैक टैक्स के ऐलान से शेयर बाजार डगमगाया, जानिए सेंसेक्स-निफ्टी क्यों गिरे

केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होते ही शेयर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बजट भाषण के दौरान जैसे ही वित्त मंत्री ने शेयर बायबैक टैक्स में बदलाव का ऐलान किया, निवेशकों में बेचैनी बढ़ गई। इसका सीधा असर बाजार पर पड़ा और सेंसेक्स कुछ ही समय में 2300 अंकों से ज्यादा लुढ़क गया, जबकि निफ्टी भी फिसलकर 24,592.15 के स्तर तक पहुंच गया।

बायबैक टैक्स बना गिरावट की बड़ी वजह

सरकार ने बजट में शेयर बायबैक से जुड़े टैक्स नियमों में अहम बदलावों की घोषणा की। नए प्रस्ताव के अनुसार अब बायबैक से मिलने वाले लाभ को पूंजीगत लाभ के तौर पर टैक्स के दायरे में लाया जाएगा। कॉरपोरेट प्रवर्तकों पर 22 प्रतिशत और गैर-कॉरपोरेट प्रवर्तकों पर 30 प्रतिशत टैक्स लगाने का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि यह कदम टैक्स दुरुपयोग को रोकने और छोटे निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है।

हालांकि बाजार ने इस घोषणा को तुरंत नकारात्मक रूप में लिया। निवेशकों को आशंका है कि बढ़ा हुआ टैक्स कंपनियों की कैश डिस्ट्रीब्यूशन रणनीति को प्रभावित करेगा।

क्यों घबराए निवेशक?

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अब तक कई कंपनियां डिविडेंड की जगह बायबैक को प्राथमिकता देती थीं क्योंकि यह टैक्स के लिहाज से ज्यादा फायदेमंद माना जाता था। लेकिन नए टैक्स स्ट्रक्चर के बाद बायबैक का आकर्षण कम हो सकता है। इसी डर के चलते बजट के दौरान निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया।

डेरिवेटिव ट्रेडर्स को भी झटका

बजट में वायदा सौदों (Futures) पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने का एलान भी बाजार की गिरावट की एक अहम वजह बना। इससे डेरिवेटिव ट्रेडिंग की लागत बढ़ने की संभावना है, जिसका असर शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग वॉल्यूम पर पड़ सकता है।

गिरावट के बाद दिखी रिकवरी

हालांकि शुरुआती झटके के बाद बाजार में कुछ हद तक संभलाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 82,525.74 अंक तक रिकवर हुआ, जबकि निफ्टी भी 25,377.25 के स्तर पर लौट आया। इससे संकेत मिलता है कि दीर्घकालिक निवेशक फिलहाल बाजार को लेकर पूरी तरह निराश नहीं हैं और चुनिंदा शेयरों में खरीदारी जारी है।

रविवार को खुला बाजार बना चर्चा का विषय

इस बजट की एक खास बात यह भी रही कि रविवार के दिन एनएसई और बीएसई खुले रहे। बजट की अहमियत को देखते हुए विशेष लाइव ट्रेडिंग सत्र का आयोजन किया गया, ताकि नीतिगत घोषणाओं पर बाजार की तत्काल प्रतिक्रिया सामने आ सके। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बाजार बंद रहता, तो सोमवार को और ज्यादा अस्थिरता देखने को मिल सकती थी।

आगे क्या?

विशेषज्ञों के अनुसार, अल्पकाल में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन बजट के विकासोन्मुखी प्रावधान लंबी अवधि में सकारात्मक असर डाल सकते हैं। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी से बचें और सेक्टर-आधारित रणनीति के साथ निवेश करें।
बिजली कर्मियों की नजर आम बजट और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल पर, 30 जनवरी को लोकसभा में विवरण पेश होने से बढ़ी चिंता

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विद्युत कर्मचारियों और इंजीनियरों के लिए आम बजट 2026-27 और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 पर चिंता का माहौल है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने कहा है कि 01 फरवरी को पेश होने वाले आम बजट पर देशभर के बिजली कर्मियों की पैनी नजर रहेगी।

संघर्ष समिति का कहना है कि उन्हें आशंका है कि बजट या बजट सत्र के दौरान बिजली क्षेत्र का निजीकरण या इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल पारित कराने का प्रयास किया जा सकता है। समिति ने याद दिलाया कि नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इम्प्लॉइज एंड इंजीनियर्स और संघर्ष समिति पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि यदि संसद में बिजली के निजीकरण या अमेंडमेंट बिल को पारित कराने का एकतरफा प्रयास किया गया, तो देशभर के लगभग 27 लाख बिजली कर्मचारी और इंजीनियर बिना किसी अतिरिक्त नोटिस के “लाइटनिंग एक्शन” के तहत कार्यस्थलों से बाहर आकर वृहद विरोध प्रदर्शन करेंगे।

वित्त मंत्रालय के बीच बिजली के निजीकरण पर बैठक भी हुई

संघर्ष समिति ने बताया कि 30 जनवरी को केन्द्रीय राज्य मंत्री विद्युत,  यशोपाद नायक द्वारा लोकसभा में ड्राफ्ट इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 का विवरण साझा किया जाएगा। इससे यह संकेत मिलता है कि आम बजट या बजट सत्र के दौरान विधेयक पेश कर पारित कराने का प्रयास हो सकता है।इसके अलावा, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार केंद्रीय विद्युत मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के बीच बिजली के निजीकरण पर बैठक भी हुई है।

डिस्कॉम को स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किया जाए

इससे यह संभावना और बढ़ गई है कि आम बजट में बिजली क्षेत्र के निजीकरण से जुड़ी कोई घोषणा हो सकती है।संघर्ष समिति ने ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GoM) की 10 अक्टूबर 2025 की बैठक का हवाला देते हुए कहा कि उस निर्णय के अनुसार, केंद्र सरकार राज्यों को वित्तीय पैकेज तभी देगी, जब राज्य अपने डिस्कॉम की 51 प्रतिशत इक्विटी बंधक रखें, या 26 प्रतिशत इक्विटी बेचें लेकिन प्रबंधन निजी हाथों में हो, या फिर डिस्कॉम को स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किया जाए।

बिजली क्षेत्र को सार्वजनिक क्षेत्र में ही रखा जाए

समिति का कहना है कि बिजली कर्मियों की यह उम्मीद है कि बजट में बिजली क्षेत्र को सार्वजनिक क्षेत्र में ही रखा जाए, लेकिन यदि कोई निजीकरण या अमेंडमेंट बिल संबंधी प्रस्ताव आता है, तो कर्मचारी पूरी तरह सतर्क हैं और लाइटनिंग एक्शन के लिए तैयार हैं।वहीं, पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन का आज 430वां दिन है और प्रदेश के सभी जनपदों और परियोजनाओं में बिजली कर्मियों ने व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
किशोरी की उपचार के दौरान मौत
मेरठ (बहसूमा): उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद अंतर्गत बहसूमा क्षेत्र में दरिंदगी का शिकार हुई किशोरी की उपचार के दौरान मौत हो गई। शुक्रवार शाम पीड़िता के दम तोड़ने के बाद क्षेत्र में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया है और बाहरी व्यक्तियों समेत मीडिया के प्रवेश पर भी पाबंदी लगा दी गई है।
वेंटिलेटर पर तीन दिन तक चला संघर्ष
जानकारी के अनुसार, पीड़िता पिछले तीन दिनों से अस्पताल में वेंटिलेटर पर थी और जीवन-मौत के बीच जूझ रही थी। शुक्रवार शाम उसकी मृत्यु की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया। जैसे ही शव गांव पहुँचा, परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। करीब 40 मिनट तक चले भारी हंगामे के बाद, पुलिस अधिकारियों की सूझबूझ और काफी समझाने-बुझाने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
गांव की घेराबंदी और राजनीतिक नेताओं की नजरबंदी
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने गांव की ओर जाने वाले सभी मुख्य मार्गों पर नाकेबंदी कर दी है। इस दौरान कई राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया:
विजयपाल कश्यप (जिला अध्यक्ष, सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ) को सुबह उनके आवास से ही गिरफ्तार/नजरबंद कर लिया गया।
देवेंद्र कश्यप (राष्ट्रीय अध्यक्ष, सामाजिक न्याय पार्टी) को उनके समर्थकों के साथ रामराज थाने में रोक लिया गया।
स्थानीय नेताओं का विरोध: हरिओम कश्यप, जगरोशन कश्यप और महेश कश्यप बनारसी दास कश्यप सहित समाज के अन्य लोगों ने पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता और दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की है।
प्रशासनिक रुख
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। सुरक्षा की दृष्टि से पीएसी और भारी पुलिस बल तैनात है।
पूर्व नगर पालिका चेयरमैन सहित दो को 15 वर्ष की सजा,50-50 हजार का जुर्माना भी लगा

*भाजपा नेता के भाई पर किया था हमला

गोंडा।जिले के एक 13 साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है।नगर पालिका गोंडा के पूर्व चेयरमैन व भाजपा नेता रुपेश कुमार उर्फ़ निर्मल श्रीवास्तव तथा त्रियुगी नारायण गुप्ता को 15 15 साल की सजा सुनाई गई है।यह मामला जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि सुशील शुक्ला के भाई गौरव शुक्ला पर हुए हमले से संबंधित है।जनपद न्यायाधीश दृग नारायन सिंह की अदालत ने दोनों दोषियों पर 50 50 हजार का जुर्माना भी लगाया है।सजा सूनाए जाने के बाद दोनों आरोपियों को मंडलीय कारागार भेज दिया गया है।घटना 10 सितंबर 2012 को हुई थी।गौरव शुक्ला अपने काजीदेवर स्थित घर के बाहर बैठे थे कि तभी रुपेश कुमार उर्फ़ निर्मल श्रीवास्तव अपने साथी त्रियुगी नारायण गुप्ता के साथ वहाँ पहुंचे और अपने असलहे से गौरव शुक्ला पर जान से मारने की नियत से फायर कर दिया,जिससे उनके पैर में गोली लग गयी थी।हमले के बाद गौरव शुक्ला को उनके बड़े भाई सुशील शुक्ला तत्काल जिला अस्पताल ले गये,जहाँ उनका इलाज किया गया।अगले दिन 11 सितंबर 2012 को सुशील शुक्ला ने जिले के मोतीगंज थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।यह पूरा मामला वर्ष 2012 से ही न्यायालय में चल रहा था।लोक अभियोजक बसंत शुक्ला, मोतीगंज थाने की महिला आरक्षी सारिका यादव और कोर्ट मोहर्रिर महिला आरक्षी मनीषा ने कोर्ट में इस मुकदमे की पैरवी की।जनपद न्यायाधीश की अदालत ने गवाहों और सबूतों के आधार पर 13 साल बाद यह फैसला सुनाया है।फैसले के बाद भाजपा जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि सुशील शुक्ला ने न्यायालय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज न्याय की जीत हुई है और उन्हें 13 साल बाद इंसाफ मिला है।
बृजभूषण को मिर्ची भेजने के मामले में उच्च न्यायालय ने लगाई रोक
*2022 में त्रिलोकी ने बृजभूषण को भेजा गया था धमकी भरा पत्र

गोंडा।इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने करनैलगंज विधानसभा के पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी त्रिलोकी नाथ तिवारी को पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के प्रतिनिधि द्वारा मिर्ची पाउडर व धमकी भरे भेजे गये पत्र को लेकर दर्ज कराए गए मुकदमे में बड़ी राहत दिया है।न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने 2022 में दर्ज आपराधिक मामले में निचली अदालत की कार्यवाही पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है।यह मामला पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के प्रतिनिधि सुशील सिंह ने नवाबगंज थाने में दर्ज कराया था।कोर्ट ने कहा कि एफआईआर में उठाया गया विवाद दो उम्मीदवारों के बीच का आपसी मामला प्रतीत होता है।याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि मामले का संज्ञान केवल औपचारिक शिकायत के माध्यम से ही लिया जा सकता था।अदालत ने विपक्षी पक्ष और सरकारी वकील को चार सप्ताह के अंदर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।इसके बाद याचिकाकर्ता को जवाब देने के लिए दो सप्ताह का वक्त मिलेगा।मामले की अगली सुनवाई छ: सप्ताह बाद तय की गई है,तब तक निचली अदालत की प्रक्रिया पर रोक जारी रहेगी।यह मामला 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान का है,जब तत्कालीन भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह को एक धमकी भरा पत्र और मिर्च का पाउडर मिला था।यह लिफाफा स्पीड पोस्ट से 18 फरवरी को भेजा गया था और इस पर त्रिलोकी नाथ तिवारी का नाम लिखा था।इसके बाद सांसद प्रतिनिधि सुशील सिंह ने नवाबगंज थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था।लिफाफा खोलने पर उसमें एक धमकी भरा पत्र और 500 ग्राम मिर्च का पाउडर था,पत्र में लिखा था कि मुसलमानों के खिलाफ आपने बयानबाजी की उसकी मैं निंदा करते हुए कड़ी चेतावनी देता हूँ कि जितना संभलना हो संभल जाओ,वैसे तुम काफी पहले से मुस्लिम आतंकवादियों के निशानै पर हो बस उन्हें स्थानीय स्तर पर सहयोग देने वाले लोग नहीं हैं।इसलिए अब तक तुम बचते रहे परन्तु अब तुम्हारा बचना मुमकिन नहीं है।जितनी चाहे सुरक्षा रखो हत्या इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हो सकती है तो तुम अभी उनसे बड़े नेता नहीं हुए हो तुम्हें और तुम्हारे परिवार को नेस्तनाबूद करना हमारे बाएं हाथ का खेल है।इसी सांसद प्रतिनिधि की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ था और इस पूरे मामले को लेकर के गोंडा न्यायालय में सुनवाई भी चल रही है और त्रिलोकी नाथ तिवारी का निगरानी वाद भी खारिज हो गया है,जिसके बाद अब वह उच्च न्यायालय की शरण में पहुंचे हैं।
উত্তর পূর্বের তাওয়াঙের সৌন্দর্য্যকে মানুষের কাছে পৌঁছে দিতে চিত্র প্রদর্শনী

বসিরহাট : অরুণাচল প্রদেশের ‘বিউটি কুইন’ তাওয়াংয়ের অনাবিল সৌন্দর্য্যকে মানুষের আরও কাছাকাছি পৌঁছে দিতে উদ্যোগী হয়েছেন কলা সরস্বতী শিল্পী তরুণ চন্দ্র। বসিরহাট শহরের রবীন্দ্রভবনে শিল্পী সুধির সরকার আর্ট গ্যালারিতে তার নিজস্ব চিত্র প্রদর্শনীর মাধ্যমে তিনি তুলে ধরেছেন ভারত-চীন সীমান্তের তাওয়াংয়ের প্রকৃতি, পাহাড়, মঠ ও জনজীবনের নানা রঙ। ন্যাশনাল আর্ট ক্লাবের উদ্যোগে আয়োজিত এই প্রদর্শনীতে স্থান পেয়েছে তাওয়াংয়ের তুষারঢাকা পর্বতশ্রেণি, শান্ত উপত্যকা, বৌদ্ধ মঠের স্থাপত্য, প্রভাতের আলো-ছায়া আর সীমান্তবর্তী জীবনের নীরব ছন্দ। প্রদর্শনী ঘুরে দেখা দর্শকদের মতে, ছবিগুলির কম্পোজিশন ও আলো-ছায়ার ব্যবহার তাওয়াংয়ের বৈচিত্র্যকে জীবন্ত করে তুলেছে। কোথাও বিস্তৃত নীল আকাশের নিচে পাহাড়ের স্তব্ধতা, কোথাও আবার মেঘের আড়ালে হারিয়ে যাওয়া পথ—প্রতিটি ফ্রেমেই ধরা পড়েছে প্রকৃতির নিজস্ব ভাষা। শিল্পী তরুণ চন্দ্র জানান, বহুদিনের ইচ্ছে ছিল তাওয়াংয়ের সৌন্দর্য শহরের দর্শকদের সামনে তুলে ধরার। সেই ভাবনা থেকেই দীর্ঘ সময় ধরে সেখানে ঘুরে ছবি তোলা এবং পরে এই প্রদর্শনীর পরিকল্পনা।
আয়োজকদের তরফে জানানো হয়েছে, ভারত-চীন সীমান্তবর্তী এই অঞ্চলের প্রকৃতি ও সংস্কৃতি সম্পর্কে মানুষের কৌতূহল বাড়াতেই এমন উদ্যোগ। প্রদর্শনীতে স্থানীয় শিল্পী, শিক্ষার্থী ও শিল্পানুরাগীদের ভিড় ছিল চোখে পড়ার মতো। অনেকেই ছবির মাধ্যমে তাওয়াংকে নতুন করে চিনতে পারার কথা বলেছেন। এই ফটো এক্সিবিশন তাওয়াংয়ের সৌন্দর্যকে যেমন মানুষের আরও কাছে পৌঁছে দিয়েছে, তেমনই দেশীয় পর্যটন ও সীমান্ত অঞ্চলের সংস্কৃতি নিয়ে নতুন আগ্রহও তৈরি করেছে বলে মনে করছেন শিল্পমহল।