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मार्च में मौसम ने बदला मिजाज, यूपी के कई जिलों में घनी धुंध से घटा विजिबिलिटी
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में मार्च के महीने में भी मौसम का बदला हुआ मिजाज देखने को मिल रहा है। बुधवार सुबह राजधानी लखनऊ समेत अवध और पूर्वांचल के कई जिलों में घनी धुंध छाई रही, जिससे कई स्थानों पर दृश्यता काफी कम हो गई और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

पहले भी कई जिलों में घना कोहरा देखने को मिला था

मौसम विभाग के अनुसार इससे पहले मंगलवार को भी पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में घना कोहरा देखने को मिला था। प्रयागराज में दृश्यता घटकर लगभग 30 मीटर तक पहुंच गई, जबकि अमेठी में करीब 50 मीटर, मेरठ में 100 मीटर और वाराणसी में करीब 500 मीटर तक सीमित रही। इसके अलावा लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, बरेली, सहारनपुर और मुरादाबाद जैसे शहरों में भी सुबह के समय धुंध का असर दिखाई दिया।

पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, हवा में नमी की मात्रा अधिक होने और पूर्वी हवाओं के साथ धूल कणों के जमाव के कारण यह स्थिति बनी है। उन्होंने बताया कि 14 मार्च के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से 15 और 16 मार्च को तराई और पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

मंगलवार को बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा

वहीं तापमान में भी तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मंगलवार को बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आगरा और झांसी में तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि वाराणसी में न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने के साथ रातें अपेक्षाकृत गर्म रहीं।मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि नमी भरी हवाओं के कारण इस तरह का मौसम पहले भी देखा जा चुका है और मार्च 2008 में भी ऐसी स्थिति बनी थी।इधर अमेठी जिले के फुरसतगंज क्षेत्र में लगातार कोहरे और धुंध के कारण लोगों की चिंता बढ़ गई है।

मौसम का असर किसानों पर भी दिखाई देने लगा

होली के बाद भी कई दिनों से कोहरा बने रहने से रायबरेली–सुल्तानपुर–बांदा–टांडा हाईवे पर यातायात प्रभावित हो रहा है। सुबह के समय वाहन चालकों को बेहद सावधानी के साथ वाहन चलाना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी हुई है।इसके अलावा बदलते मौसम का असर किसानों पर भी दिखाई देने लगा है। स्थानीय किसानों का कहना है कि मार्च में इस तरह का कोहरा सामान्य नहीं है और इससे फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ग्रामीणों का मानना है कि मौसम में आए इस बदलाव से जनजीवन के साथ-साथ खेती पर भी असर पड़ने की संभावना है।
कन्नौज : एन एच 34 पर हुआ भीषण सड़क हादसा, तीन की मौत, एक घायल
पंकज कुमार श्रीवास्तव

कन्नौज के एन एच 34 पर एक ट्रैक्टर ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई तो वही ट्रैक्टर पलटने से ट्रैक्टर सवार भी घायल हो गया ।

मामला कन्नौज जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के अटारा गांव के पास एन एच 34 का है । जहां तेज रफ्तार चल रहा है ट्रैक्टर ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी इसके बाद बाइक से सवार सड़क पर जा गिरे । इस बीच ट्रैक्टर भी अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में सदर कोतवाली क्षेत्र के इनायतपुर गांव निवासी अरबाज और अहद तो वहीं छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र का रहने वाला अमित की मौके पर ही मौत हो गई । वही ट्रैक्टर पलटने से ट्रैक्टर चला रहा चालक भी गंभीर रूप से घायल हो गया जिसको इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

कन्नौज में तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है। यहां एनएच-34 पर एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक सवार युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ट्रैक्टर चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। पूरा मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के अटारा गांव के पास का है।

दरअसल कन्नौज जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के अटारा गांव के पास एनएच-34 पर तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही बाइक सवार युवक सड़क पर जा गिरे और ट्रैक्टर भी अनियंत्रित होकर पलट गया।

इस दर्दनाक हादसे में सदर कोतवाली क्षेत्र के इनायतपुर गांव निवासी अरबाज और अहद के साथ ही छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र निवासी अमित की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं ट्रैक्टर पलटने से उसका चालक भी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है।
सम्मानित व्यक्ति का अपमान उसकी मौत के समान : पंडित धर्मराज तिवारी
जौनपुर। किसी भी सम्मानित व्यक्ति के लिए उसका सम्मान ही सबसे बड़ी पूंजी होती है। यदि उसे व्यक्ति का अपमान होता है तो वह उसके लिए मृत्यु के समान होता है। बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित घनश्यामपुर में प्रमोद तिवारी के यहां आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के 6ठे दिन कथा व्यास से बोलते हुए प्रख्यात कथावाचक पंडित धर्मराज तिवारी ने उपरोक्त बातें कही। भगवान श्री कृष्णा और रुक्मणी के विवाह की कथा सुनाते हुए उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन केवल धर्म स्थापना और युद्ध विजय तक सीमित नहीं था, बल्कि यह प्रेम, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना से भी जुड़ा हुआ था। उनके जीवन की अनेक लीलाओं में से एक सबसे महत्वपूर्ण घटना थी रुक्मिणी विवाह। यह केवल एक राजकुमारी और एक राजकुमार का विवाह नहीं था, बल्कि यह सच्चे प्रेम, भक्ति और समर्पण की विजय की कथा है। उन्होंने बताया कि रुक्मिणी ने भगवान श्रीकृष्ण को मन, वचन और कर्म से अपना पति मान लिया था, लेकिन उनके भाई रुक्मी ने उनके विवाह को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया। फिर भी, जब प्रेम सच्चा हो और भक्ति अडिग हो, तो स्वयं भगवान उसे सफल बनाते हैं। यही सिद्धांत इस कथा का मूल है।

इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख लोगों में कमला प्रसाद तिवारी बड़े बाबू, डॉ श्रीपाल पांडे, पूर्व प्रधानाचार्य रामकीरत दुबे, राम अनंद पांडे, रमेश दुबे, पूर्व प्रधान राम जियावन तिवारी, प्रधान हरसू पाठक, रामधारी तिवारी, प्रवक्ता मयाशंकर तिवारी, जिला पंचायत सदस्य शिव प्रताप सिंह , वीरेंद्र सिंह, रामसागर सिंह, रविंद्र तिवारी, हृदय प्रकाश तिवारी,  प्रधान अवधेश तिवारी, अगर्दी पांडे, स्वतंत्र मिश्रा, शशिधर तिवारी, श्रवण तिवारी, राजेंद्र तिवारी, गोरखनाथ गुप्ता, पारसनाथ गुप्ता , शिवपूजन बरनवाल, हरिओम बरनवाल ,दुर्गेश श्रीवास्तव, अच्छेलाल मिश्र, शंभूनाथ मिश्र, दिवाकर मिश्र, विजय प्रकाश मिश्र, अभिनव तिवारी, शिव तिवारी, नीरज तिवारी, धीरज तिवारी, रिंकल तिवारी समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर राजघाट से मेरठ तक सड़क सुरक्षा जागरूकता राइड
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नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजघाट (नई दिल्ली) से मेरठ के मास्टर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट (एमएसएम) तक एक विशेष 'वुमेंस डे सेलिब्रेशन राइड' आयोजित की गई। इस राइड का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा जागरूकता फैलाना, जिम्मेदार वाहन चलाने को प्रोत्साहित करना और महिलाओं के सम्मान का संदेश देना था। कार्यक्रम का आयोजन एमएसएम द्वारा एड्यूएक्स मेरठ, इन्फॉर्मेटिक्स रेटिंग्स और एस.पी.ओ.डब्ल्यू.ए.सी के सहयोग से किया गया।
राइड का शुभारंभ सुबह 6:30 बजे राजघाट से हरी झंडी दिखाकर हुआ और समापन मेरठ के लोहिया नगर स्थित एमएसएम परिसर में हुआ। इसमें बड़ी संख्या में मोटरसाइकिल सवारों ने भाग लिया, जिसमें नेपाल और कनाडा जैसे देशों के अंतरराष्ट्रीय राइडर्स भी शामिल थे। प्रतिभागियों ने हेलमेट पहनने, यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित सड़कों के लिए जागरूकता फैलाई। कार्यक्रम में काफिरा राइडरज़, हंटर राइडर्स क्लब जैसे कई मोटरसाइकिल क्लबों ने हिस्सा लिया और सुरक्षा व्यवस्था काफिरा मार्शल्स स्क्वाड ने संभाली।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि डॉ. महेंद्र पाल सिंह (आईपीएस), कमांडेंट, 5वीं बटालियन यूपीएसएसएफ ने यातायात नियमों के सख्त पालन और महिलाओं की भूमिका पर जोर दिया। एस.पी.ओ.डब्ल्यू.ए.सी की अध्यक्षा श्रीमती लक्ष्मी कृष्णन ने महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा पर विचार व्यक्त किए। राइड का नेतृत्व ए.आर.ई.आर.जी के सीईओ एंथनी देशुजा ने किया, जो वर्षों से सामाजिक जागरूकता अभियानों में सक्रिय हैं।
पर्व-त्योहार और पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी सख्त, शांति और सुरक्षा के कड़े निर्देश

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को आगामी पर्व-त्योहारों, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा और अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों को देखते हुए कानून-व्यवस्था एवं प्रशासनिक तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को पूरी सतर्कता, समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न होने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 13 मार्च को अलविदा की नमाज, 14 और 15 मार्च को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा सब-इंस्पेक्टर एवं समकक्ष पदों की लिखित परीक्षा, 19 मार्च से चैत्र नवरात्र और 20-21 मार्च को ईद-उल-फितर मनाए जाने की संभावना है। इन आयोजनों को देखते हुए उन्होंने कहा कि यह अवधि कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील है, इसलिए सभी अधिकारी पूरी मुस्तैदी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की नई परंपरा शुरू करने की अनुमति न दी जाए और धार्मिक आयोजनों के कारण आमजन को कोई असुविधा न हो। समाज-विरोधी या राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने के भी निर्देश दिए गए।

  • एसआई भर्ती परीक्षा पर विशेष सतर्कता

मुख्यमंत्री ने पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। 14 और 15 मार्च को प्रदेश के 1090 परीक्षा केंद्रों पर चार पालियों में परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें 15 लाख 75 हजार से अधिक अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के विभिन्न जिलों से आने की संभावना को देखते हुए प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि कहीं भी जाम या अव्यवस्था की स्थिति न बने।

उन्होंने कहा कि परीक्षा की शुचिता और गोपनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट पूरी जिम्मेदारी के साथ तैनात रहें, वहीं खुफिया तंत्र को भी पूरी तरह सक्रिय रखा जाए। सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखने और किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना का तत्काल खंडन करने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर पीआरवी-112 की गाड़ी अनिवार्य रूप से तैनात करने के भी निर्देश दिए गए।

  • नवरात्र और रामनवमी की तैयारियों की समीक्षा

चैत्र नवरात्र को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रमुख शक्तिपीठों—देवीपाटन मंदिर (बलरामपुर), शाकुम्भरी देवी (सहारनपुर), मां विंध्यवासिनी धाम (मीरजापुर) और ललिता देवी (सीतापुर) में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, सुगम दर्शन, पेयजल, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि नवरात्र के अवसर पर नगरों और गांवों में मंदिरों तथा धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए और आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त स्वच्छताकर्मी तैनात किए जाएं। पुलिस को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी भीड़ प्रबंधन और फुट पेट्रोलिंग की कार्ययोजना लागू करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 27 मार्च को अयोध्या में श्रीरामनवमी के अवसर पर देशभर से श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। साथ ही 19 मार्च को राष्ट्रपति के अयोध्या और मथुरा आगमन का प्रस्तावित कार्यक्रम है, जिसके मद्देनजर सभी प्रोटोकॉल व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

  • पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता सामान्य

बैठक में मुख्यमंत्री ने हालिया वैश्विक परिस्थितियों के मद्देनजर पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने उन्हें अवगत कराया कि प्रदेश में कहीं भी ईंधन की कमी नहीं है और आपूर्ति तथा वितरण सामान्य है। मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं रसद विभाग को निर्देश दिए कि जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखी जाए तथा किसी भी अनियमितता पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस समीक्षा बैठक में सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, अपर पुलिस महानिदेशक (जोन), पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक (रेंज) तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक सहित शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

आजमगढ़: टेट अनिवार्यता को खत्म करने को लेकर शिक्षकों ने फूका बिगुल, 4 अप्रैल को दिल्ली में करेंगे प्रदर्शन , सरकार के समक्ष रखेंगे अपनी बात
आजमगढ़। टेट अनिवार्यता खत्म करने को लेकर शिक्षक लामबंद है।अब वे आर पार की लड़ाई का मन बना लिया है। और संघर्ष की तैयारी में जुट गये है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डाक्टर दिनेश चंद्र शर्मा ने 4 अप्रैल को दिल्ली के जंतर-मंतर पर कूंच करने का एलान कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष के आह्वान के बाद शिक्षक धरना प्रदर्शन को सफल बनाने की कवायद तेज कर दिया है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अभिमन्यु यादव ने जनपद के सभी ब्लॉकों के अध्यक्ष मंत्री एवं संघर्ष समिति के अध्यक्ष मंत्री व उनके कार्य समिति के सदस्यों शिक्षक शिक्षिकाओं से आह्वान किया है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने ऐतिहासिक निर्णय ले लिया है कि 4 अप्रैल 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में पहुंचकर भारत सरकार के समक्ष अपनी बात रखेंगे । उन्होंने कहा कि वे कमर कस कर तैयार हो जाएं। कहा कि प्रदेश में जनपद का प्रतिनिधित्व प्रदेश में सबसे अधिक होना चाहिए । श्री यादव ने कहा कि शिक्षक भर्ती के समय सारी आहर्ता पूरा किया है। अब टेट की अनिवार्यता थोपा जाना कहीं से भी न्याय संगत नहीं है। 4 अप्रैल को दिल्ली पहुंचकर अपनी बात सरकार के समक्ष रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि टेट अनिवार्यता खत्म होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
सफलता की कहानी: सास-बहू से देवरानी-जेठानी तक

  • रिश्तों की साझेदारी से खिल रहा ग्रामीण पर्यटन, होम-स्टे से बदली गांव की तस्वीर

सास-बहू, मां-बेटी या देवरानी-जेठानी के रिश्तों को अक्सर तकरार और मतभेद के उदाहरणों के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, लेकिन मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के पर्यटन ग्राम इन धारणाओं को बदलते हुए एक नई मिसाल कायम कर रहे हैं। जिले के गॉवों की महिलाएं आपसी सहयोग और विश्वास के साथ होम-स्टे चला रही हैं और रिश्तों की मजबूती को तरक्की की नई राह में बदल रही हैं।

पर्यटन ग्राम धूसावानी की मनेशी धुर्वे और अलका धुर्वे रिश्ते में सास-बहू हैं, लेकिन जब उनके होम-स्टे में पर्यटक आते हैं तो दोनों मिलकर पूरे उत्साह से मेहमाननवाजी में जुट जाती हैं। इसी तरह सावरवानी में मालती यदुवंशी अपनी सास शारदा यदुवंशी के साथ मिलकर होम-स्टे का संचालन कर रही हैं। यह केवल एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि पूरे जिले में उभरती एक नई सामाजिक और आर्थिक तस्वीर है, जहां रिश्तों की साझेदारी महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही है।

  • रिश्तों की साझेदारी से मिली पहचान

छिंदवाड़ा के पर्यटन ग्रामों में चल रहे होम-स्टे केवल आय का साधन नहीं हैं, बल्कि ये महिलाओं की सांस्कृतिक पहचान और आत्मविश्वास का भी प्रतीक बन चुके हैं। यहां सास-बहू, मां-बेटी और देवरानी-जेठानी मिलकर पर्यटकों का स्वागत करती हैं, भोजन तैयार करती हैं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करती हैं। इन रिश्तों की सामूहिक ताकत ने यह साबित किया है कि जब परिवार की महिलाएं साथ मिलकर काम करती हैं, तो घर ही नहीं बल्कि पूरा गांव विकास की राह पर आगे बढ़ सकता है।

  • जिले में 50 से अधिक होम-स्टे

मध्यप्रदेश में सर्वाधिक होम-स्टे संचालित करने वाले जिलों में शामिल छिंदवाड़ा में इस समय 50 से अधिक होम-स्टे संचालित हैं। खास बात यह है कि इन सभी होम-स्टे का पंजीयन महिलाओं के नाम पर किया गया है और संचालन की अधिकांश जिम्मेदारी भी महिलाएं ही संभाल रही हैं। सावरवानी, चोपना, काजरा, देवगढ़, चिमटीपुर, गुमतरा और धूसावानी जैसे पर्यटन ग्रामों में स्थानीय महिलाएं पारंपरिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

  • स्थानीय स्वाद और संस्कृति से जुड़ते पर्यटक

गांव की महिलाएं पर्यटकों के लिए पारंपरिक और स्वादिष्ट स्थानीय व्यंजन तैयार करती हैं। इसके साथ ही वे लोकनृत्य और लोक गायन से क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भी पर्यटकों को परिचित कराती हैं। इससे पर्यटकों को ग्रामीण जीवन और संस्कृति को करीब से देखने का अवसर मिलता है, वहीं महिलाओं को आय का सम्मानजनक साधन भी प्राप्त हो रहा है।

  • महिलाओं के हाथों में होम-स्टे की कमान

गांव की महिलाएं स्वयं होम-स्टे का संचालन कर रही हैं। पर्यटकों के स्वागत से लेकर भोजन व्यवस्था, आवास और सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रबंधन तक की पूरी जिम्मेदारी वे ही निभाती हैं। इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि सास-बहू, देवरानी-जेठानी जैसे रिश्ते केवल पारिवारिक संबंध ही नहीं, बल्कि सहयोग और विश्वास के मजबूत आधार भी बन सकते हैं। यही साझेदारी आज छिंदवाड़ा के ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान दे रही है और महिलाओं को आत्मनिर्भर बन रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि होम-स्टे की यह पहल गांव की महिलाओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ पर्यटन ग्रामों की पहचान भी तेजी से बढ़ा रही है। आने वाले समय में यहां पर्यटन गतिविधियों के और विस्तार की संभावनाएं भी दिखाई दे रही हैं।

चार पीढ़ियों की परम्परा, महका रही आधा शहर

  • 1935 से शुरू किया था इत्र कारोबार, अब 4 काउंटर्स से खिदमत

खान आशु 

भोपाल। रमजान के पाक महीने में नमाज, तरावीह और रोजे के दौरान ताजगी व पवित्रता के लिए इत्र (अत्तर) की मांग बहुत बढ़ जाती है। सुन्नत होने के कारण लोग अल्कोहल-मुक्त इत्र पसंद किया जाता है, जिसमें ऊद, खस, गुलाब और कस्तूरी सबसे ज्यादा बिकते हैं। बाजार में ₹40 से लेकर हजारों रुपये तोला तक के इत्र उपलब्ध हैं। राजधानी भोपाल में वर्ष 1935 में हाजी इनायत उल्लाह से शुरू हुआ इत्र कारोबार अब चौथी पीढ़ी तक जारी है। कारोबार को खिदमत मानते हुए इस परिवार द्वारा 4 काउंटर्स से खुशबू फैलाई जा रही है।

कई ब्रांड के परफ्यूम भले ही मार्केट में आ गए हों, लेकिन परंपरागत इत्र की महक के आगे यह फीके दिखाई देते हैं। रमजान के पवित्र माह में भोपाल सहित प्रदेशभर में इत्र की बिक्री में जमकर बढ़ोत्तरी होती है। इस बार भोपाल में एक माह में खुशबू के इस कारोबार का आंकड़ा 10 करोड़ से ज्यादा का होगा। हालांकि इस कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि इस बार पिछले सालों की अपेक्षा खुशबू का कारोबार थोड़ा फीका है। भोपाल में इत्र 50 रुपए में भी मिल जाता है और बेहतर प्रीमियम क्वालिटी का इत्र 20 हजार रुपए तोला तक होता है।

  • सुबह 4 बजे तक खुल रहीं दुकानें

रमजान माह में इत्र की बिक्री ज्यादा ही बढ़ जाती है। रमजान में इत्र खरीदकर एक दूसरे को गिफ्ट में भी देते हैं। रमजान माह के चलते भोपाल के पुराने शहर के मार्केट का कुछ हिस्सा रात में भी गुलजार रहता है।

इब्राहिमपुरा में नवाबी दौर से इत्र का कारोबार कर रहे हाजी इनायत उल्लाह के बाद उनके बेटे हाजी युनुस अहमद ने इस कारोबार को आगे बढ़ाया। उनके बाद यह व्यवस्था उनके बेटे रफीक अहमद राजा के हाथ है। वे बताते हैं कि रात 4 बजे दुकान बंद करके गया था। इस एक माह में दिन से ज्यादा कारोबार रात में होता है। इत्र से जुड़े कारोबारी इस एक माह में इत्र का थोक और फुटकर कारोबार 10 करोड़ से ज्यादा का होने की उम्मीद जता रहे हैं।

इत्र बिक्री में बढ़ोत्तरी शब-ए-बारात से बढ़ जाती है। रमजान में इसकी मांग सबसे ज्यादा होती है।

  • 50 रुपए से 20 हजार तोला तक कीमत का इत्र

इत्र से जुड़े परिवार के मोहम्मद अहमद बताते हैं कि भोपाल में इत्र की बड़ी रेंज मौजूद हैं। हर वर्ग के लिए खुशबू का बाजार सजा है। यहां 50 रुपए का इत्र मौजूद है तो प्रीमियम रेंज 20 हजार रुपए तोला से शुरू होती है। सबसे महंगा इत्र ऊद होता है। इसकी कीमत 20 हजार रुपए तोला तक होती है। हालांकि इसकी पहचान की जाना बहुत जरूरी होता है। पूरी दुनिया में सबसे अच्छा यह इत्र असम में पाया जाता है। खस का इत्र भी बहुत महंगा होता है।

इत्र कारोबारी फैजान अहमद, नौमान अहमद, अमीन अहमद और जुनैद अहमद कहते हैं कि ओरिजनल इत्र महंगा होता है। भोपाल में आमतौर पर कन्नौज से इत्र आता है। इसके अलावा मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, असम के अलावा दुबई और ओमान से भी इत्र बुलाए जाते हैं।

  • ऐसे बढ़ा कुनबा

वर्ष 1935 में हाजी इनायत उल्लाह ने शहर के जुमेराती इलाके में इत्र और तेल का कारोबार शुरू किया था। उनके कारोबार के विस्तार का यह आलम था कि उनके यहां बड़े कंटेनर्स से तेल और इत्र आया करता था। उनके बाद उनके बेटे हाजी युनुस अहमद ने इस कारोबार को आगे बढ़ाया और इब्राहिमपुरा को अपना ठिकाना बनाया। उनके दुनिया से रुखसत होने के बाद भी उनके हाथों से बेचे गए इत्र और अखलाक की ख़ुशबू आज भी ताजा महसूस होती है। आगे चलकर इस कारोबार को मोहम्मद अहमद और रफीक अहमद ने आगे बढ़ाया। जहां मोहम्मद अहमद लक्ष्मी टॉकीज पर कारोबार कर रहे हैं, रफीक अहमद राजा ने इब्राहिमपुरा की इत्र दुकान को बड़े शोरूम का रूप दे दिया है। इधर परिवार की चौथी पीढ़ी के फैजान अहमद, नौमान अहमद, अमीन अहमद और जुनैद अहमद भी अलग जगहों पर खुशबू के कारोबार को पंख लगा रहे हैं।

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के दृष्टिगत जीआरपी उ0प्र0 में सराहनीय कार्य करने वाली महिला पुलिसकर्मियो का सम्मान समारोह।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।प्रकाश डी0 पुलिस महानिदेशक रेलवे द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के दृष्टिगत जीआरपी में सराहनीय कार्य करने वाली महिला पुलिसकर्मियों व महिला अनुसेवको का सम्मान समारोह जीआरपी मुख्यालय लखनऊ में आयोजित किया गया।इस अवसर पर जीआरपी में ड्यूटी के दौरान सराहनीय कार्य करने वाली चयनित महिला पुलिसकर्मियों 1. म0हे0का0 निर्दोष कुमारी जीआरपी थाना सीतापुर 2. म0हे0का0 रीता सिंह जीआरपी थाना उन्नाव 3. म0हे0का0 रजनी कुमारी जीआरपी थाना बड़ौत 4. म0हे0का0 गोदावरी ओझा जीआरपी थाना गोरखपुर 5. म0हे0का0 कविता राय जीआरपी थाना देवरिया 6. म0हे0का0 दिप्ती जीआरपी थाना टुण्डला 7. म0हे0का0 राजरानी जीआरपी थाना मथुरा 8.म0हे0का0 प्रयिंका देवी जीआरपी थाना प्रयागराज 9.म0का0 सुमन यादव जीआरपी थाना प्रयागराज 10. म0का0 अनुराधा देवी जी आर पी थाना कर्वी 11. म0का0 प्रकांक्षा जीआरपी थाना झांसी एव महिला अनुसेवक 1.सीता रानी यादव 2.बबिता जीआरपी मुख्यालय लखनऊ को प्रशस्ति पत्र प्रदान करते हुए उनके कर्तव्यनिष्ठ एवं समर्पित कार्यों की सराहना की गई।महिला पुलिसकर्मी रेलवे स्टेशनों एवं ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा सहायता एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए अपनी दक्षता संवेदनशीलता एवं कर्तव्यपरायणता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं।महिला सुरक्षा हेतु चलाये जा रहे अभियान “मिशन-शक्ति” के अन्तर्गत रेलवे स्टेशनों एवं ट्रेनों में यात्रा करने वाली महिला यात्रियो को जागरुक करने में महिला पुलिसकर्मियों का विशेष योगदान रहता है।द्वारा पुलिसकर्मियों को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर रोहित मिश्रा पुलिस अधीक्षक रेलवे लखनऊ व अनिल कुमार अपर पुलिस अधीक्षक (स्टाफ_ ऑफिसर) भी उपस्थित रहे।

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मार्च में मौसम ने बदला मिजाज, यूपी के कई जिलों में घनी धुंध से घटा विजिबिलिटी
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में मार्च के महीने में भी मौसम का बदला हुआ मिजाज देखने को मिल रहा है। बुधवार सुबह राजधानी लखनऊ समेत अवध और पूर्वांचल के कई जिलों में घनी धुंध छाई रही, जिससे कई स्थानों पर दृश्यता काफी कम हो गई और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

पहले भी कई जिलों में घना कोहरा देखने को मिला था

मौसम विभाग के अनुसार इससे पहले मंगलवार को भी पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में घना कोहरा देखने को मिला था। प्रयागराज में दृश्यता घटकर लगभग 30 मीटर तक पहुंच गई, जबकि अमेठी में करीब 50 मीटर, मेरठ में 100 मीटर और वाराणसी में करीब 500 मीटर तक सीमित रही। इसके अलावा लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, बरेली, सहारनपुर और मुरादाबाद जैसे शहरों में भी सुबह के समय धुंध का असर दिखाई दिया।

पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, हवा में नमी की मात्रा अधिक होने और पूर्वी हवाओं के साथ धूल कणों के जमाव के कारण यह स्थिति बनी है। उन्होंने बताया कि 14 मार्च के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से 15 और 16 मार्च को तराई और पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

मंगलवार को बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा

वहीं तापमान में भी तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मंगलवार को बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आगरा और झांसी में तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि वाराणसी में न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने के साथ रातें अपेक्षाकृत गर्म रहीं।मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि नमी भरी हवाओं के कारण इस तरह का मौसम पहले भी देखा जा चुका है और मार्च 2008 में भी ऐसी स्थिति बनी थी।इधर अमेठी जिले के फुरसतगंज क्षेत्र में लगातार कोहरे और धुंध के कारण लोगों की चिंता बढ़ गई है।

मौसम का असर किसानों पर भी दिखाई देने लगा

होली के बाद भी कई दिनों से कोहरा बने रहने से रायबरेली–सुल्तानपुर–बांदा–टांडा हाईवे पर यातायात प्रभावित हो रहा है। सुबह के समय वाहन चालकों को बेहद सावधानी के साथ वाहन चलाना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी हुई है।इसके अलावा बदलते मौसम का असर किसानों पर भी दिखाई देने लगा है। स्थानीय किसानों का कहना है कि मार्च में इस तरह का कोहरा सामान्य नहीं है और इससे फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ग्रामीणों का मानना है कि मौसम में आए इस बदलाव से जनजीवन के साथ-साथ खेती पर भी असर पड़ने की संभावना है।
कन्नौज : एन एच 34 पर हुआ भीषण सड़क हादसा, तीन की मौत, एक घायल
पंकज कुमार श्रीवास्तव

कन्नौज के एन एच 34 पर एक ट्रैक्टर ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई तो वही ट्रैक्टर पलटने से ट्रैक्टर सवार भी घायल हो गया ।

मामला कन्नौज जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के अटारा गांव के पास एन एच 34 का है । जहां तेज रफ्तार चल रहा है ट्रैक्टर ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी इसके बाद बाइक से सवार सड़क पर जा गिरे । इस बीच ट्रैक्टर भी अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में सदर कोतवाली क्षेत्र के इनायतपुर गांव निवासी अरबाज और अहद तो वहीं छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र का रहने वाला अमित की मौके पर ही मौत हो गई । वही ट्रैक्टर पलटने से ट्रैक्टर चला रहा चालक भी गंभीर रूप से घायल हो गया जिसको इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

कन्नौज में तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है। यहां एनएच-34 पर एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक सवार युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ट्रैक्टर चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। पूरा मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के अटारा गांव के पास का है।

दरअसल कन्नौज जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के अटारा गांव के पास एनएच-34 पर तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही बाइक सवार युवक सड़क पर जा गिरे और ट्रैक्टर भी अनियंत्रित होकर पलट गया।

इस दर्दनाक हादसे में सदर कोतवाली क्षेत्र के इनायतपुर गांव निवासी अरबाज और अहद के साथ ही छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र निवासी अमित की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं ट्रैक्टर पलटने से उसका चालक भी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है।
सम्मानित व्यक्ति का अपमान उसकी मौत के समान : पंडित धर्मराज तिवारी
जौनपुर। किसी भी सम्मानित व्यक्ति के लिए उसका सम्मान ही सबसे बड़ी पूंजी होती है। यदि उसे व्यक्ति का अपमान होता है तो वह उसके लिए मृत्यु के समान होता है। बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित घनश्यामपुर में प्रमोद तिवारी के यहां आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के 6ठे दिन कथा व्यास से बोलते हुए प्रख्यात कथावाचक पंडित धर्मराज तिवारी ने उपरोक्त बातें कही। भगवान श्री कृष्णा और रुक्मणी के विवाह की कथा सुनाते हुए उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन केवल धर्म स्थापना और युद्ध विजय तक सीमित नहीं था, बल्कि यह प्रेम, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना से भी जुड़ा हुआ था। उनके जीवन की अनेक लीलाओं में से एक सबसे महत्वपूर्ण घटना थी रुक्मिणी विवाह। यह केवल एक राजकुमारी और एक राजकुमार का विवाह नहीं था, बल्कि यह सच्चे प्रेम, भक्ति और समर्पण की विजय की कथा है। उन्होंने बताया कि रुक्मिणी ने भगवान श्रीकृष्ण को मन, वचन और कर्म से अपना पति मान लिया था, लेकिन उनके भाई रुक्मी ने उनके विवाह को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया। फिर भी, जब प्रेम सच्चा हो और भक्ति अडिग हो, तो स्वयं भगवान उसे सफल बनाते हैं। यही सिद्धांत इस कथा का मूल है।

इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख लोगों में कमला प्रसाद तिवारी बड़े बाबू, डॉ श्रीपाल पांडे, पूर्व प्रधानाचार्य रामकीरत दुबे, राम अनंद पांडे, रमेश दुबे, पूर्व प्रधान राम जियावन तिवारी, प्रधान हरसू पाठक, रामधारी तिवारी, प्रवक्ता मयाशंकर तिवारी, जिला पंचायत सदस्य शिव प्रताप सिंह , वीरेंद्र सिंह, रामसागर सिंह, रविंद्र तिवारी, हृदय प्रकाश तिवारी,  प्रधान अवधेश तिवारी, अगर्दी पांडे, स्वतंत्र मिश्रा, शशिधर तिवारी, श्रवण तिवारी, राजेंद्र तिवारी, गोरखनाथ गुप्ता, पारसनाथ गुप्ता , शिवपूजन बरनवाल, हरिओम बरनवाल ,दुर्गेश श्रीवास्तव, अच्छेलाल मिश्र, शंभूनाथ मिश्र, दिवाकर मिश्र, विजय प्रकाश मिश्र, अभिनव तिवारी, शिव तिवारी, नीरज तिवारी, धीरज तिवारी, रिंकल तिवारी समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर राजघाट से मेरठ तक सड़क सुरक्षा जागरूकता राइड
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नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजघाट (नई दिल्ली) से मेरठ के मास्टर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट (एमएसएम) तक एक विशेष 'वुमेंस डे सेलिब्रेशन राइड' आयोजित की गई। इस राइड का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा जागरूकता फैलाना, जिम्मेदार वाहन चलाने को प्रोत्साहित करना और महिलाओं के सम्मान का संदेश देना था। कार्यक्रम का आयोजन एमएसएम द्वारा एड्यूएक्स मेरठ, इन्फॉर्मेटिक्स रेटिंग्स और एस.पी.ओ.डब्ल्यू.ए.सी के सहयोग से किया गया।
राइड का शुभारंभ सुबह 6:30 बजे राजघाट से हरी झंडी दिखाकर हुआ और समापन मेरठ के लोहिया नगर स्थित एमएसएम परिसर में हुआ। इसमें बड़ी संख्या में मोटरसाइकिल सवारों ने भाग लिया, जिसमें नेपाल और कनाडा जैसे देशों के अंतरराष्ट्रीय राइडर्स भी शामिल थे। प्रतिभागियों ने हेलमेट पहनने, यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित सड़कों के लिए जागरूकता फैलाई। कार्यक्रम में काफिरा राइडरज़, हंटर राइडर्स क्लब जैसे कई मोटरसाइकिल क्लबों ने हिस्सा लिया और सुरक्षा व्यवस्था काफिरा मार्शल्स स्क्वाड ने संभाली।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि डॉ. महेंद्र पाल सिंह (आईपीएस), कमांडेंट, 5वीं बटालियन यूपीएसएसएफ ने यातायात नियमों के सख्त पालन और महिलाओं की भूमिका पर जोर दिया। एस.पी.ओ.डब्ल्यू.ए.सी की अध्यक्षा श्रीमती लक्ष्मी कृष्णन ने महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा पर विचार व्यक्त किए। राइड का नेतृत्व ए.आर.ई.आर.जी के सीईओ एंथनी देशुजा ने किया, जो वर्षों से सामाजिक जागरूकता अभियानों में सक्रिय हैं।
पर्व-त्योहार और पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी सख्त, शांति और सुरक्षा के कड़े निर्देश

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को आगामी पर्व-त्योहारों, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा और अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों को देखते हुए कानून-व्यवस्था एवं प्रशासनिक तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को पूरी सतर्कता, समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न होने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 13 मार्च को अलविदा की नमाज, 14 और 15 मार्च को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा सब-इंस्पेक्टर एवं समकक्ष पदों की लिखित परीक्षा, 19 मार्च से चैत्र नवरात्र और 20-21 मार्च को ईद-उल-फितर मनाए जाने की संभावना है। इन आयोजनों को देखते हुए उन्होंने कहा कि यह अवधि कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील है, इसलिए सभी अधिकारी पूरी मुस्तैदी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की नई परंपरा शुरू करने की अनुमति न दी जाए और धार्मिक आयोजनों के कारण आमजन को कोई असुविधा न हो। समाज-विरोधी या राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने के भी निर्देश दिए गए।

  • एसआई भर्ती परीक्षा पर विशेष सतर्कता

मुख्यमंत्री ने पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। 14 और 15 मार्च को प्रदेश के 1090 परीक्षा केंद्रों पर चार पालियों में परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें 15 लाख 75 हजार से अधिक अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के विभिन्न जिलों से आने की संभावना को देखते हुए प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि कहीं भी जाम या अव्यवस्था की स्थिति न बने।

उन्होंने कहा कि परीक्षा की शुचिता और गोपनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट पूरी जिम्मेदारी के साथ तैनात रहें, वहीं खुफिया तंत्र को भी पूरी तरह सक्रिय रखा जाए। सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखने और किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना का तत्काल खंडन करने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर पीआरवी-112 की गाड़ी अनिवार्य रूप से तैनात करने के भी निर्देश दिए गए।

  • नवरात्र और रामनवमी की तैयारियों की समीक्षा

चैत्र नवरात्र को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रमुख शक्तिपीठों—देवीपाटन मंदिर (बलरामपुर), शाकुम्भरी देवी (सहारनपुर), मां विंध्यवासिनी धाम (मीरजापुर) और ललिता देवी (सीतापुर) में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, सुगम दर्शन, पेयजल, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि नवरात्र के अवसर पर नगरों और गांवों में मंदिरों तथा धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए और आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त स्वच्छताकर्मी तैनात किए जाएं। पुलिस को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी भीड़ प्रबंधन और फुट पेट्रोलिंग की कार्ययोजना लागू करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 27 मार्च को अयोध्या में श्रीरामनवमी के अवसर पर देशभर से श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। साथ ही 19 मार्च को राष्ट्रपति के अयोध्या और मथुरा आगमन का प्रस्तावित कार्यक्रम है, जिसके मद्देनजर सभी प्रोटोकॉल व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

  • पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता सामान्य

बैठक में मुख्यमंत्री ने हालिया वैश्विक परिस्थितियों के मद्देनजर पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने उन्हें अवगत कराया कि प्रदेश में कहीं भी ईंधन की कमी नहीं है और आपूर्ति तथा वितरण सामान्य है। मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं रसद विभाग को निर्देश दिए कि जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखी जाए तथा किसी भी अनियमितता पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस समीक्षा बैठक में सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, अपर पुलिस महानिदेशक (जोन), पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक (रेंज) तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक सहित शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

आजमगढ़: टेट अनिवार्यता को खत्म करने को लेकर शिक्षकों ने फूका बिगुल, 4 अप्रैल को दिल्ली में करेंगे प्रदर्शन , सरकार के समक्ष रखेंगे अपनी बात
आजमगढ़। टेट अनिवार्यता खत्म करने को लेकर शिक्षक लामबंद है।अब वे आर पार की लड़ाई का मन बना लिया है। और संघर्ष की तैयारी में जुट गये है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डाक्टर दिनेश चंद्र शर्मा ने 4 अप्रैल को दिल्ली के जंतर-मंतर पर कूंच करने का एलान कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष के आह्वान के बाद शिक्षक धरना प्रदर्शन को सफल बनाने की कवायद तेज कर दिया है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अभिमन्यु यादव ने जनपद के सभी ब्लॉकों के अध्यक्ष मंत्री एवं संघर्ष समिति के अध्यक्ष मंत्री व उनके कार्य समिति के सदस्यों शिक्षक शिक्षिकाओं से आह्वान किया है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने ऐतिहासिक निर्णय ले लिया है कि 4 अप्रैल 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में पहुंचकर भारत सरकार के समक्ष अपनी बात रखेंगे । उन्होंने कहा कि वे कमर कस कर तैयार हो जाएं। कहा कि प्रदेश में जनपद का प्रतिनिधित्व प्रदेश में सबसे अधिक होना चाहिए । श्री यादव ने कहा कि शिक्षक भर्ती के समय सारी आहर्ता पूरा किया है। अब टेट की अनिवार्यता थोपा जाना कहीं से भी न्याय संगत नहीं है। 4 अप्रैल को दिल्ली पहुंचकर अपनी बात सरकार के समक्ष रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि टेट अनिवार्यता खत्म होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
सफलता की कहानी: सास-बहू से देवरानी-जेठानी तक

  • रिश्तों की साझेदारी से खिल रहा ग्रामीण पर्यटन, होम-स्टे से बदली गांव की तस्वीर

सास-बहू, मां-बेटी या देवरानी-जेठानी के रिश्तों को अक्सर तकरार और मतभेद के उदाहरणों के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, लेकिन मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के पर्यटन ग्राम इन धारणाओं को बदलते हुए एक नई मिसाल कायम कर रहे हैं। जिले के गॉवों की महिलाएं आपसी सहयोग और विश्वास के साथ होम-स्टे चला रही हैं और रिश्तों की मजबूती को तरक्की की नई राह में बदल रही हैं।

पर्यटन ग्राम धूसावानी की मनेशी धुर्वे और अलका धुर्वे रिश्ते में सास-बहू हैं, लेकिन जब उनके होम-स्टे में पर्यटक आते हैं तो दोनों मिलकर पूरे उत्साह से मेहमाननवाजी में जुट जाती हैं। इसी तरह सावरवानी में मालती यदुवंशी अपनी सास शारदा यदुवंशी के साथ मिलकर होम-स्टे का संचालन कर रही हैं। यह केवल एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि पूरे जिले में उभरती एक नई सामाजिक और आर्थिक तस्वीर है, जहां रिश्तों की साझेदारी महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही है।

  • रिश्तों की साझेदारी से मिली पहचान

छिंदवाड़ा के पर्यटन ग्रामों में चल रहे होम-स्टे केवल आय का साधन नहीं हैं, बल्कि ये महिलाओं की सांस्कृतिक पहचान और आत्मविश्वास का भी प्रतीक बन चुके हैं। यहां सास-बहू, मां-बेटी और देवरानी-जेठानी मिलकर पर्यटकों का स्वागत करती हैं, भोजन तैयार करती हैं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करती हैं। इन रिश्तों की सामूहिक ताकत ने यह साबित किया है कि जब परिवार की महिलाएं साथ मिलकर काम करती हैं, तो घर ही नहीं बल्कि पूरा गांव विकास की राह पर आगे बढ़ सकता है।

  • जिले में 50 से अधिक होम-स्टे

मध्यप्रदेश में सर्वाधिक होम-स्टे संचालित करने वाले जिलों में शामिल छिंदवाड़ा में इस समय 50 से अधिक होम-स्टे संचालित हैं। खास बात यह है कि इन सभी होम-स्टे का पंजीयन महिलाओं के नाम पर किया गया है और संचालन की अधिकांश जिम्मेदारी भी महिलाएं ही संभाल रही हैं। सावरवानी, चोपना, काजरा, देवगढ़, चिमटीपुर, गुमतरा और धूसावानी जैसे पर्यटन ग्रामों में स्थानीय महिलाएं पारंपरिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

  • स्थानीय स्वाद और संस्कृति से जुड़ते पर्यटक

गांव की महिलाएं पर्यटकों के लिए पारंपरिक और स्वादिष्ट स्थानीय व्यंजन तैयार करती हैं। इसके साथ ही वे लोकनृत्य और लोक गायन से क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भी पर्यटकों को परिचित कराती हैं। इससे पर्यटकों को ग्रामीण जीवन और संस्कृति को करीब से देखने का अवसर मिलता है, वहीं महिलाओं को आय का सम्मानजनक साधन भी प्राप्त हो रहा है।

  • महिलाओं के हाथों में होम-स्टे की कमान

गांव की महिलाएं स्वयं होम-स्टे का संचालन कर रही हैं। पर्यटकों के स्वागत से लेकर भोजन व्यवस्था, आवास और सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रबंधन तक की पूरी जिम्मेदारी वे ही निभाती हैं। इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि सास-बहू, देवरानी-जेठानी जैसे रिश्ते केवल पारिवारिक संबंध ही नहीं, बल्कि सहयोग और विश्वास के मजबूत आधार भी बन सकते हैं। यही साझेदारी आज छिंदवाड़ा के ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान दे रही है और महिलाओं को आत्मनिर्भर बन रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि होम-स्टे की यह पहल गांव की महिलाओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ पर्यटन ग्रामों की पहचान भी तेजी से बढ़ा रही है। आने वाले समय में यहां पर्यटन गतिविधियों के और विस्तार की संभावनाएं भी दिखाई दे रही हैं।

चार पीढ़ियों की परम्परा, महका रही आधा शहर

  • 1935 से शुरू किया था इत्र कारोबार, अब 4 काउंटर्स से खिदमत

खान आशु 

भोपाल। रमजान के पाक महीने में नमाज, तरावीह और रोजे के दौरान ताजगी व पवित्रता के लिए इत्र (अत्तर) की मांग बहुत बढ़ जाती है। सुन्नत होने के कारण लोग अल्कोहल-मुक्त इत्र पसंद किया जाता है, जिसमें ऊद, खस, गुलाब और कस्तूरी सबसे ज्यादा बिकते हैं। बाजार में ₹40 से लेकर हजारों रुपये तोला तक के इत्र उपलब्ध हैं। राजधानी भोपाल में वर्ष 1935 में हाजी इनायत उल्लाह से शुरू हुआ इत्र कारोबार अब चौथी पीढ़ी तक जारी है। कारोबार को खिदमत मानते हुए इस परिवार द्वारा 4 काउंटर्स से खुशबू फैलाई जा रही है।

कई ब्रांड के परफ्यूम भले ही मार्केट में आ गए हों, लेकिन परंपरागत इत्र की महक के आगे यह फीके दिखाई देते हैं। रमजान के पवित्र माह में भोपाल सहित प्रदेशभर में इत्र की बिक्री में जमकर बढ़ोत्तरी होती है। इस बार भोपाल में एक माह में खुशबू के इस कारोबार का आंकड़ा 10 करोड़ से ज्यादा का होगा। हालांकि इस कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि इस बार पिछले सालों की अपेक्षा खुशबू का कारोबार थोड़ा फीका है। भोपाल में इत्र 50 रुपए में भी मिल जाता है और बेहतर प्रीमियम क्वालिटी का इत्र 20 हजार रुपए तोला तक होता है।

  • सुबह 4 बजे तक खुल रहीं दुकानें

रमजान माह में इत्र की बिक्री ज्यादा ही बढ़ जाती है। रमजान में इत्र खरीदकर एक दूसरे को गिफ्ट में भी देते हैं। रमजान माह के चलते भोपाल के पुराने शहर के मार्केट का कुछ हिस्सा रात में भी गुलजार रहता है।

इब्राहिमपुरा में नवाबी दौर से इत्र का कारोबार कर रहे हाजी इनायत उल्लाह के बाद उनके बेटे हाजी युनुस अहमद ने इस कारोबार को आगे बढ़ाया। उनके बाद यह व्यवस्था उनके बेटे रफीक अहमद राजा के हाथ है। वे बताते हैं कि रात 4 बजे दुकान बंद करके गया था। इस एक माह में दिन से ज्यादा कारोबार रात में होता है। इत्र से जुड़े कारोबारी इस एक माह में इत्र का थोक और फुटकर कारोबार 10 करोड़ से ज्यादा का होने की उम्मीद जता रहे हैं।

इत्र बिक्री में बढ़ोत्तरी शब-ए-बारात से बढ़ जाती है। रमजान में इसकी मांग सबसे ज्यादा होती है।

  • 50 रुपए से 20 हजार तोला तक कीमत का इत्र

इत्र से जुड़े परिवार के मोहम्मद अहमद बताते हैं कि भोपाल में इत्र की बड़ी रेंज मौजूद हैं। हर वर्ग के लिए खुशबू का बाजार सजा है। यहां 50 रुपए का इत्र मौजूद है तो प्रीमियम रेंज 20 हजार रुपए तोला से शुरू होती है। सबसे महंगा इत्र ऊद होता है। इसकी कीमत 20 हजार रुपए तोला तक होती है। हालांकि इसकी पहचान की जाना बहुत जरूरी होता है। पूरी दुनिया में सबसे अच्छा यह इत्र असम में पाया जाता है। खस का इत्र भी बहुत महंगा होता है।

इत्र कारोबारी फैजान अहमद, नौमान अहमद, अमीन अहमद और जुनैद अहमद कहते हैं कि ओरिजनल इत्र महंगा होता है। भोपाल में आमतौर पर कन्नौज से इत्र आता है। इसके अलावा मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, असम के अलावा दुबई और ओमान से भी इत्र बुलाए जाते हैं।

  • ऐसे बढ़ा कुनबा

वर्ष 1935 में हाजी इनायत उल्लाह ने शहर के जुमेराती इलाके में इत्र और तेल का कारोबार शुरू किया था। उनके कारोबार के विस्तार का यह आलम था कि उनके यहां बड़े कंटेनर्स से तेल और इत्र आया करता था। उनके बाद उनके बेटे हाजी युनुस अहमद ने इस कारोबार को आगे बढ़ाया और इब्राहिमपुरा को अपना ठिकाना बनाया। उनके दुनिया से रुखसत होने के बाद भी उनके हाथों से बेचे गए इत्र और अखलाक की ख़ुशबू आज भी ताजा महसूस होती है। आगे चलकर इस कारोबार को मोहम्मद अहमद और रफीक अहमद ने आगे बढ़ाया। जहां मोहम्मद अहमद लक्ष्मी टॉकीज पर कारोबार कर रहे हैं, रफीक अहमद राजा ने इब्राहिमपुरा की इत्र दुकान को बड़े शोरूम का रूप दे दिया है। इधर परिवार की चौथी पीढ़ी के फैजान अहमद, नौमान अहमद, अमीन अहमद और जुनैद अहमद भी अलग जगहों पर खुशबू के कारोबार को पंख लगा रहे हैं।

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के दृष्टिगत जीआरपी उ0प्र0 में सराहनीय कार्य करने वाली महिला पुलिसकर्मियो का सम्मान समारोह।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।प्रकाश डी0 पुलिस महानिदेशक रेलवे द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के दृष्टिगत जीआरपी में सराहनीय कार्य करने वाली महिला पुलिसकर्मियों व महिला अनुसेवको का सम्मान समारोह जीआरपी मुख्यालय लखनऊ में आयोजित किया गया।इस अवसर पर जीआरपी में ड्यूटी के दौरान सराहनीय कार्य करने वाली चयनित महिला पुलिसकर्मियों 1. म0हे0का0 निर्दोष कुमारी जीआरपी थाना सीतापुर 2. म0हे0का0 रीता सिंह जीआरपी थाना उन्नाव 3. म0हे0का0 रजनी कुमारी जीआरपी थाना बड़ौत 4. म0हे0का0 गोदावरी ओझा जीआरपी थाना गोरखपुर 5. म0हे0का0 कविता राय जीआरपी थाना देवरिया 6. म0हे0का0 दिप्ती जीआरपी थाना टुण्डला 7. म0हे0का0 राजरानी जीआरपी थाना मथुरा 8.म0हे0का0 प्रयिंका देवी जीआरपी थाना प्रयागराज 9.म0का0 सुमन यादव जीआरपी थाना प्रयागराज 10. म0का0 अनुराधा देवी जी आर पी थाना कर्वी 11. म0का0 प्रकांक्षा जीआरपी थाना झांसी एव महिला अनुसेवक 1.सीता रानी यादव 2.बबिता जीआरपी मुख्यालय लखनऊ को प्रशस्ति पत्र प्रदान करते हुए उनके कर्तव्यनिष्ठ एवं समर्पित कार्यों की सराहना की गई।महिला पुलिसकर्मी रेलवे स्टेशनों एवं ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा सहायता एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए अपनी दक्षता संवेदनशीलता एवं कर्तव्यपरायणता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं।महिला सुरक्षा हेतु चलाये जा रहे अभियान “मिशन-शक्ति” के अन्तर्गत रेलवे स्टेशनों एवं ट्रेनों में यात्रा करने वाली महिला यात्रियो को जागरुक करने में महिला पुलिसकर्मियों का विशेष योगदान रहता है।द्वारा पुलिसकर्मियों को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर रोहित मिश्रा पुलिस अधीक्षक रेलवे लखनऊ व अनिल कुमार अपर पुलिस अधीक्षक (स्टाफ_ ऑफिसर) भी उपस्थित रहे।