देवघर-सुप्रभा शिक्षा स्थली विलियम्स टाउन देवघर को एआई रेडी स्कूल पहला सर्टिफाइड के रूप में मिली मान्यता।
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देवघर: प्रतिनिधि। डिजिटल एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए सुप्रभा शिक्ष स्थली को एआई रेडी स्कूल के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है। विद्यालय को यह सम्मान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित शिक्षा को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए दिया गया है। विद्यालय के निदेशक प्रेम कुमार ने बताया कि झारखंड के देवघर जिला में पहला एआई रेडी सर्टिफिकेट प्राप्त हुआ जहां विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही एआई, डिजिटल लर्निंग एवं आधुनिक तकनीकों से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि एआई आधुनिक समय की क्रांतिकारी तकनीक है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग एवं अनुसंधान के क्षेत्र में बड़े बदलाव ला रही है। एआई रेडी स्कूल के रूप में मान्यता प्राप्त मिलने पर हर्ष जताते शिक्षक। से संबंधित आयोजित मूल्यांकन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यालय के 100 से अधिक विद्यार्थियों एवं 15 शिक्षकों ने सफलतापूर्वक भाग लिया। इस उपलब्धि के आधार पर विद्यालय को एआई रेडी स्कूल का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया तथा सफल विद्यार्थियों को एआई बैज भी दिए गए। विद्यालय में एआई लैब के संचालन में शिक्षकों एवं तकनीकी टीम का योगदान सराहनीय रहा। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन समिति, शिक्षकों एवं अभिभावकों ने सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही साथ पूरा विद्यालय परिवार के द्वारा जिओ टीम के प्रति आभार प्रकट किया।
गया जी के ऐतिहासिक गाँधी मैदान में “आर्ट्स हैंडक्राफ्ट कॉटन सिल्क एक्सपो 2026” मेले का भव्य शुभारंभ

गया। ऐतिहासिक गाँधी मैदान में बुधवार को “आर्ट्स हैंडक्राफ्ट कॉटन सिल्क एक्सपो–2026” मेले का भव्य शुभारंभ किया गया। मेले का उद्घाटन गया के मेयर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान, पार्षद विनोद यादव तथा आयोजन समिति के सदस्यों द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। उद्घाटन समारोह में एलाइड इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक डॉ. सुजीत कुमार सिन्हा सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आयोजक राजेश कुमार यादव ने बताया कि यह मेला 18 फरवरी से लगातार 30 दिनों तक प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से रात्रि 10 बजे तक आम लोगों के लिए खुला रहेगा।

मेले में कुल 130 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें देश के 28 राज्यों से आए कारीगरों द्वारा तैयार किए गए हैंडलूम एवं हैंडीक्राफ्ट उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। आगंतुकों को एक ही स्थान पर बनारसी साड़ी, लखनवी चिकनकारी, गुजरात का बंधेज, कश्मीरी शॉल, पंजाबी जूती, बंगाल की जामदानी, भागलपुरी सिल्क, भदोही के कालीन, सहारनपुर का फर्नीचर, खादी वस्त्र, लेदर उत्पाद, टेराकोटा, क्रॉकरी तथा विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक और हेल्थ प्रोडक्ट्स देखने और खरीदने का अवसर मिल रहा है।

मेले में फूड स्टॉल की भी विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे आगंतुक खरीदारी के साथ-साथ विभिन्न व्यंजनों का आनंद भी ले सकें। आयोजकों के अनुसार इस मेले का मुख्य उद्देश्य लघु एवं कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहन देना, स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना तथा उत्पादकों और उपभोक्ताओं के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। यह मेला शहरवासियों के लिए देशभर की हस्तशिल्प कला को एक ही छत के नीचे देखने और खरीदने का महत्वपूर्ण अवसर बनकर उभरा है।

दक्षिणा काली मंदिर का 42 वां स्थापना दिवस व श्रृंगारोत्सव सम्पन्न
जौनपुर। नगर के सिटी स्टेशन रेलवे क्रॉसिंग के निकट ओवरब्रिज के पास स्थित श्री मां आद्याशक्ति दक्षिणा काली मंदिर का 42वां वार्षिक द्विदिवसीय स्थापना दिवस एवं भव्य श्रृंगारोत्सव सोमवार की सायंकाल धूमधाम के साथ सम्पन्न हो गया। कार्यक्रम का समापन विशाल भंडारे के साथ हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया।
मंदिर परिसर को आकर्षक फूल-मालाओं और रोशनी से सजाया गया। मां काली का अलौकिक श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। सुबह से लेकर देर रात तक दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। सायंकाल हवन-पूजन एवं पूर्णाहुति में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
मंदिर के प्रधान पुजारी भगवती सिंह वागीश ने बताया कि काली कलयुग की अधिष्ठात्री पराशक्ति हैं। कलयुग में मां काली के श्रृंगार दर्शन-पूजन से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर की स्थापना सन् 1984 में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर की गई थी। सायंकाल आयोजित भजन संध्या का शुभारंभ मंदिर के पुजारी भगवती सिंह, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष दिनेश टंडन, मुंबई शिवसेना उपाध्यक्ष संतोष सिंह एवं पूर्व प्राचार्य टी डी कॉलेज समर बहादुर सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर बैंक महाप्रबंधक विजेंद्र सिंह, डॉ. सुभाष सिंह, वरिष्ठ सर्जन डॉ. लाल बहादुर सिद्धार्थ, डॉ. लाल जी प्रसाद एवं सपा नेता अजय त्रिपाठी ने कलाकारों को चुनरी ओढ़ाकर सम्मानित किया। एक्टर व गायक जितेंद्र झा ने “जय काली जय काली कलकत्ते वाली”, “तोरे धमवा में बलमा मोर हरेलइल” तथा “बम बम बोल रहा है काशी” जैसे गीत प्रस्तुत कर देर रात तक दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। गायक अभिषेक मयंक ने देवी गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी, जबकि आशीष पाठक अमृत, सरदार सुराज सिंह एवं पिंटू शेख के गीतों पर भी श्रोता झूम उठे। राजकुमार चौहान सिकंदर जौनपुरिया एवं सोनू द्वारा प्रस्तुत कृष्ण-सुदामा की झांकी ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। गहना कोठी फर्म द्वारा श्रद्धालुओं को बुनिया का प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम का संचालन गोविंद मिश्रा ने किया। इस अवसर पर कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुरेश कनौजिया, डॉ. अजय पांडेय, डॉ. गौरव मौर्य, डॉ. संजीव पी. पांडेय, डॉ. बृजेश कनौजिया, भाजपा जिला महामंत्री पियूष गुप्ता, सोमेश्वर केसरवानी, ओम प्रकाश जायसवाल, संकठा प्रसाद पांडेय, भानू मौर्य, दल श्रृंगार विश्वकर्मा, अमित निगम, विक्रम गुप्ता एवं रामपाल विश्वकर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत देवेश सिंह व सर्वेश सिंह सोनू ने किया तथा आभार वंदेश कुमार सिंह ने व्यक्त किया।
कन्नौज में मिड डे मिल के तहत बच्चों को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता में हुई लापरवाही को लेकर हुई जांच, बीएसए ने दिए यह निर्देश
पंकज कुमार श्रीवास्तव

कन्नौज जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप सिंह ने बताया  कि विकास खंड तालग्राम के ग्राम रसूलपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे-मील योजना अंतर्गत बच्चों को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता में कमी तथा दाल में पानी की मात्रा अधिक होने की शिकायत प्राप्त हुई थी।

उक्त शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आज विद्यालय का  निरीक्षण कराया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में कार्यरत  गगन (अनुचर) उपस्थित पाए गए, जबकि प्रभारी प्रधानाध्यापक जितेन्द्र कुमार निरीक्षण के समय अनुपस्थित मिले। विद्यालय में कार्यरत सहायक अध्यापिका रेनू बाला दिनांक 26. जनवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 तक बाल्यकाल देखभाल अवकाश पर हैं। विद्यालय में रसोईया  कृष्णा कुमारी एवं शर्मिला द्वारा भोजन तैयार किया जा रहा था।

निरीक्षण के समय कक्षा 6, 7 एवं 8 में नामांकित छात्रों के सापेक्ष क्रमशः 5/22, 4/12 एवं 2/16 छात्र उपस्थित पाए गए। कुल उपस्थिति मात्र 11 रही। विगत तीन दिवसों में भी छात्र उपस्थिति 16, 15 एवं 14 पाई गई, जो निरंतर गिरावट को दर्शाती है।

रसोईयों द्वारा बताया गया कि मिड-डे-मील मेनू के अनुसार ही भोजन वितरित किया जाता है तथा बच्चों को विद्यालय के बाहर पक्के स्थान पर बैठाकर भोजन कराया जाता है। बच्चों द्वारा यह भी बताया गया कि सोमवार को फल एवं दूध का वितरण किया जाता है, परंतु इसके संबंध में कोई अभिलेखीय अथवा फोटोग्राफिक प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया जा सका।

निरीक्षण में यह भी पाया गया कि प्रभारी प्रधानाध्यापक जितेन्द्र कुमार पूर्व दिवस में भी अनुपस्थित थे तथा निरीक्षण के समय भी विद्यालय में उपस्थित नहीं मिले, जबकि उपस्थिति रजिस्टर में उनके हस्ताक्षर अंकित पाए गए। साथ ही विद्यालय की मिड-डे-मील पंजिका में दिनांक 9 सितंबर 2025 के बाद कोई प्रविष्टि अंकित नहीं की गई है।

उपरोक्त तथ्यों से यह स्पष्ट है कि संबंधित प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा विद्यालय संचालन एवं मिड-डे-मील योजना के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही एवं उदासीनता बरती जा रही है। इसके परिणामस्वरूप छात्र उपस्थिति मात्र 22 प्रतिशत रह गई है, जो विभागीय दायित्वों के प्रति शिथिलता का स्पष्ट प्रमाण है। इससे विभाग की छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए संबंधित के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कार्यवाही की संस्तुति की जाती है तथा भविष्य में मिड-डे-मील योजना की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किए जाने के निर्देश प्रदान किए गए हैं।
Mirzapur: आरएसएस पदाधिकारी कर रहे पद का दुरुपयोग, जबरन स्वयंसेवकों का करा रहे बीमा पॉलिसी

मीरजापुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चुनार में एक विवादित मामला सामने आया है। यहां संघ के एक पदाधिकारी पर अपने पद और प्रभाव का अनुचित लाभ उठाते हुए स्वयंसेवक बंधुओं पर जबरदस्ती बीमा पॉलिसी लेने का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। कुछ पीड़ित स्वयंसेवकों का कहना है कि जिला कार्यवाह द्वारा संगठनात्मक बैठकों और व्यक्तिगत संपर्कों के दौरान उन्हें बीमा करवाने के लिए विवश किया जा रहा है। स्वयंसेवकों ने अपनी शिकायत में कहा कि संघ एक स्वैच्छिक सेवा संगठन है, जहां सेवा और राष्ट्रभक्ति की भावना सर्वोपरि होती है, लेकिन यहां पद की गरिमा को ताक पर रखकर इसे व्यावसायिक लाभ का जरिया बनाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि जिला कार्यवाह द्वारा स्वयंसेवकों को डरा-धमकाकर या भावनात्मक दबाव डालकर बीमा फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। कई स्वयंसेवकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति ठीक न होने के बावजूद उन्हें प्रीमियम भरने के लिए मजबूर किया जा रहा है। स्वयंसेवकों के अनुसार, यह कृत्य संघ की रीति-नीति और अनुशासन के पूरी तरह विरुद्ध है। इस पूरे मामले में एक अन्य संघ प्रचारक की भी मिलीभगत होनी बताई गई है। स्वयंसेवक बंधुओं ने इस मामले को संघ के विभाग स्तर पे बताने के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।  खंड, जिला व विभाग के उच्च पदाधिकारियों ने विभाग, प्रांत व क्षेत्र स्तर के उच्च पदाधिकारीयों से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि इस प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियों पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई, तो इससे संगठन की छवि धूमिल होगी और निष्ठावान स्वयंसेवकों के मनोबल पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
इस संबंध में जिला कार्यवाह का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन अभी तक उनकी ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
लखनऊ में हैंडलूम, सिल्क एवं खादी एक्सपो का शुभारंभ

* योगी सरकार पारंपरिक उद्योगों को दे रही नई ताकत, 39 उत्कृष्ट बुनकर सम्मानित

लखनऊ। प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि योगी सरकार पारंपरिक उद्योगों को सशक्त बनाकर बुनकरों और दस्तकारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश के स्टाम्प पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल के साथ 17 फरवरी से 02 मार्च 2026 तक रवीन्द्रालय, मोतीलाल नेहरू मार्ग, लखनऊ में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश हैंडलूम, सिल्क एवं खादी एक्सपो’ का शुभारंभ किया गया।
एक्सपो में विभिन्न राज्यों के खादी, सिल्क एवं हैंडलूम उत्पादों का प्रदर्शन एवं बिक्री की व्यवस्था की गई है। मंत्री राकेश सचान ने कहा कि वस्त्र उद्योग कृषि के बाद देश में सर्वाधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है और उत्तर प्रदेश सदियों से बुनकरी एवं दस्तकारी का प्रमुख केंद्र रहा है। प्रदेश में लगभग 1.91 लाख बुनकर एवं दस्तकार इस परंपरा से जुड़े हैं, जिनकी कलाकृतियाँ देश-विदेश में पहचान बना रही हैं।
उन्होंने कहा कि एक्सपो का उद्देश्य बुनकरों को सशक्त विपणन मंच उपलब्ध कराना और उनके उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है। इस आयोजन में विभिन्न जनपदों के 60 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। 19 फरवरी को प्रदेश के उत्कृष्ट उत्पादों का फैशन शो के माध्यम से प्रदर्शन भी किया जाएगा।
39 उत्कृष्ट बुनकर सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु चयनित 13 परिक्षेत्रों के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त 39 उत्कृष्ट बुनकरों को डिमांड ड्राफ्ट, शील्ड, अंगवस्त्र एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
मंत्री सचान ने बताया कि सरकार द्वारा बुनकरों के कल्याण के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। हैंडलूम बुनकरों को विद्युत बिल में प्रतिमाह प्रतिपूर्ति, बुनकर बहबूदी फंड से पुत्रियों के विवाह हेतु सहायता, भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान वाराणसी (IIHT) के छात्रों को छात्रवृत्ति, झलकारी बाई हैंडलूम एवं पावरलूम विकास योजना तथा मुख्यमंत्री हैंडलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना लागू की गई हैं। इसके अतिरिक्त अटल बिहारी वाजपेयी पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना के माध्यम से हजारों बुनकरों को राहत प्रदान की जा रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2022 के तहत निवेशकों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है तथा पीएम मित्र योजना के अंतर्गत मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है। हरदोई एवं लखनऊ में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, जिससे प्रदेश वस्त्र उद्योग का प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।
मंत्री राकेश सचान ने प्रदेशवासियों से अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में एक्सपो में पहुंचकर बुनकरों के उत्पाद खरीदें और उनकी आर्थिक समृद्धि में भागीदार बनें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन पारंपरिक उद्योगों को नई ऊर्जा देने के साथ ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
राज्य संग्रहालय में ‘कला अभिरुचि पाठ्यक्रम’ का भव्य शुभारम्भ

* नई पीढ़ी को कला और विरासत से जोड़ने की अनूठी पहल, 28 फरवरी तक चलेगा ज्ञान संवाद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग की ओर से राज्य संग्रहालय लखनऊ में 18 से 28 फरवरी 2026 तक आयोजित ‘कला अभिरुचि पाठ्यक्रम’ का शुभारम्भ आज भव्य समारोह के साथ हुआ। कार्यक्रम में देशभर के विद्वान भारतीय कला के विविध आयामों पर दस दिनों तक व्याख्यान देंगे।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रो. माण्डवी सिंह, कुलपति भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय ने किया। मुख्य वक्ता प्रो. के.के. थप्पल्याल (पूर्व विभागाध्यक्ष, प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय), विशिष्ट अतिथि संजय कुमार बिसवाल एवं डॉ. सृष्टि धवन उपस्थित रहे।
प्रो. माण्डवी सिंह ने कहा कि कला अभिरुचि जैसे आयोजनों से समाज में कला और संस्कृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित होती है। यह कार्यशाला जनसामान्य को कला से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगी।
मुख्य वक्ता प्रो. के.के. थप्पल्याल ने अपने व्याख्यान में कला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कला मनुष्य के जीवन का अनिवार्य अंग है। उन्होंने प्रागैतिहासिक काल से मानव द्वारा कला सृजन की परंपरा का उल्लेख करते हुए भीमबेटका शैलाश्रय का उदाहरण दिया, जो प्रागैतिहासिक चित्रों का विश्वप्रसिद्ध स्थल है। उन्होंने कहा कि कला का रसास्वादन करने के लिए दर्शक में भी संवेदनशीलता और समझ आवश्यक है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों, शोधार्थियों और कला-प्रेमियों के लिए अत्यंत उपयोगी होगा। सरल भाषा में भारतीय कला, इतिहास और संग्रहालय विज्ञान की जानकारी प्रदान कर नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

* दस दिनों तक होंगे विशिष्ट व्याख्यान

19 फरवरी को “प्राचीन कला का उद्भव एवं विकास” विषय पर डॉ. राकेश तिवारी (पूर्व महानिदेशक, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, नई दिल्ली) व्याख्यान देंगे। 20 फरवरी को “गुप्त कालीन कला में सांस्कृतिक चेतना” विषय पर प्रो. एस.एन. कपूर (लखनऊ विश्वविद्यालय) बोलेंगे।
21 फरवरी को “मिनिएचर मार्बल्स: शाही संरक्षण, परंपरा, तकनीक और कलात्मक उत्कृष्टता” विषय पर डॉ. विजय माथुर (सलाहकार, संघ लोक सेवा आयोग) व्याख्यान देंगे। 22 फरवरी को “क्यों किसी को संग्रहालय जाना चाहिए” विषय पर प्रो. ऊषा रानी तिवारी, काशी हिंदू विश्वविद्यालय व्याख्यान देंगी।
24 फरवरी को “भारत की प्राचीन मौद्रिक यात्रा” विषय पर डॉ. अमित कुमार उपाध्याय (काशी हिंदू विश्वविद्यालय) अपने विचार रखेंगे। 25 फरवरी को “प्रागैतिहासिक भारत की संस्कृतियां” विषय पर प्रो. अनिल कुमार (विभागाध्यक्ष, पुरातत्व विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय) व्याख्यान देंगे।
26 फरवरी को “गुप्त कालीन भारतीय वास्तुकला” विषय पर डॉ. राजीव द्विवेदी, निदेशक वृन्दावन शोध संस्थान अपने विचार साझा करेंगे। 27 फरवरी को “संग्रहालय की वस्तुओं का निवारक संरक्षण” विषय पर धर्मेन्द्र मिश्रा, निदेशक इंटैक लखनऊ व्याख्यान देंगे।
28 फरवरी को प्रमाण-पत्र वितरण के साथ इस दस दिवसीय ‘कला अभिरुचि पाठ्यक्रम’ का समापन होगा। आयोजकों के अनुसार यह पहल कला और विरासत के प्रति नई पीढ़ी में रुचि और जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
नंदवंशी सेल्फ केयर ट्रस्ट से जुड़कर  समाज का विकास करें : जितेंद्र कुमार शर्मा नंदवंशी

मुंबई । राष्ट्रीय सामाजिक संस्था नंदवंशी सेल्फ केयर ट्रस्ट के संस्थापक सह राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र कुमार शर्मा नंदवंशी ने स्वजातीय बंधुओं से अपील करते हुए कहा कि हम वंचित समाज से हैं आज तक हमारी उपेक्षा होती रही है सदैव हमारा आपका तिरस्कार होता रहा है। हमें अपने अन्दर आत्मविश्वास, और आत्मनिर्भरता पैदा करना होगा।आज तक आप अनेकों सामाजिक संगठनों से जुड़े हुए हैं किन्तु ऐसा, समभाव,दायित्व, निष्काम सेवा, संवेदना दूर दूर तक दिखाई नहीं देता है इसलिए नंदवंशी सेल्फ केयर ट्रस्ट से जुड़े और लोगों को जोड़ने की कृपा कीजिए।

सामाजिक सेवा में चालीस साल का अनुभव साझा करता हूं कि सामाजिक मंचों पर सम्मान भी बिकता है और सगे- संबंधियों निकट जान पहचान वाले को और व्यक्तिगत लाभ को प्राथमिकता देते हैं।लेकिन बंधुओं नंदवंशी सेल्फ केयर ट्रस्ट माला, पगड़ी,माईक,मंच,महत्वाकांक्षा,महिमा मंडन से विभक्त मंच है।जहां पर समभाव, सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय को महत्व देता है।समाज को परिवार समझते हुए प्रत्येक स्वजातीय बन्धु को जोड़ना होगा।आपका भी उतना ही उत्तरदायित्व है जितना हमारा यदि प्रत्येक स्वजातीय बन्धु संकल्प लें कि कम से कम हम पांच लोगों को नन्दवंशी सेल्फ केयर ट्रस्ट में पंजीयन करूंगा और वो पांच को जोड़ें तो श्रृंखला बनते जायेगी फिर हम दिवंगत परिवार को दस से पंद्रह लाख रुपए तक का भी सहयोग सेवा प्रदान करने में सक्षम हो सकते हैं।तो आईए आज पुनः संकल्प लें कि हम कल प्रातः मनपूर्वक सक्रियता के साथ सदस्य जोडो अभियान में प्रत्येक स्वजातीय बन्धु नन्दवंशी सेल्फ केयर ट्रस्ट में संलग्न करूंगा और कोई भी परिवार सदस्यता से वंचित नहीं रहेगा।

यहां मेरा नहीं आपका परिवार सुरक्षित होगा इसी आशा और विश्वास के साथ मैं जितेन्द्र कुमार शर्मा "नंदवंशी" संस्थापक सह राष्ट्रीय महासचिव नन्दवंशी सेल्फ केयर ट्रस्ट भारत आपसे पुनः सदस्य बनने हेतु अपील करता हूं।
जनता की गंभीर परेशानियों को देखते हुए विधायक संजय उपाध्याय ने मनपा आयुक्त को लिखा पत्र
मुंबई। बोरिवली विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक संजय उपाध्याय ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के आयुक्त को एक औपचारिक पत्र प्रेषित किया है, जिसमें चारकोप, सेक्टर ८ क्षेत्र में कोस्टल रोड परियोजना के अंतर्गत चल रहे पाइलिंग कार्य से स्थानीय निवासियों में उत्पन्न हुई गंभीर चिंता एवं भय की स्थिति का उल्लेख किया गया है। ११ फरवरी २०२६ से प्रारंभ हुए पाइलिंग कार्य के कारण आसपास की इमारतों में तीव्र कंपन अनुभव हो रहा है, जिससे निवासियों में भूकंप-सा भय व्याप्त हो गया है। कार्य आरंभ करने से पूर्व स्थानीय निवासियों को कोई पूर्व सूचना अथवा परामर्श नहीं दिया गया था। पत्र में श्री उपाध्याय ने आयुक्त को कहा है कि किसी भी कार्य की शुरुआत से पूर्व प्रभावित निवासियों को पूर्ण जानकारी प्रदान की जाए तथा उनकी राय ली जाए।  समस्त निकटवर्ती इमारतों की संरचनात्मक सुरक्षा की जाँच वी.जे.टी.आई. तथा/अथवा आई.आई.टी. के विशेषज्ञों द्वारा कराई जाए। कार्य के दौरान किसी प्रकार की क्षति अथवा दुर्घटना न होने की लिखित गारंटी प्रदान की जाए। किसी भी क्षति/दुर्घटना की स्थिति में पूर्ण दायित्व स्वीकार करने का लिखित आश्वासन दिया जाए। निर्माण संबंधी समस्त नियमों एवं सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।  कार्य स्थल पर पूर्णकालिक रूप से उत्तरदायी अधिकारी की नियुक्ति एवं निरंतर उपस्थिति अनिवार्य की जाए।  प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरण संरक्षण के उपायों का सख्ती से अनुपालन किया जाए। निवासियों के जीवन, सुरक्षा एवं कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की जाए।
संजय उपाध्याय ने स्पष्ट किया है कि वे कोस्टल रोड परियोजना के विरोध में नहीं हैं, किंतु निवासियों की सुरक्षा एवं जीवन की रक्षा को सर्वोपरि मानते हुए इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाने की अपेक्षा करते हैं।
राँची प्रशासन सख्त: बोर्ड परीक्षाओं के बीच 'शोर' मचाया तो होगी जेल, डीजे और लाउडस्पीकर पर कड़ा पहरा

राँची: सीबीएसई (CBSE), आईसीएसई (ICSE) और झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) की बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए राँची जिला प्रशासन ने ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ युद्ध स्तर पर अभियान छेड़ दिया है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने स्पष्ट किया है कि परीक्षार्थियों की एकाग्रता भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा।

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प्रत्याशियों और बार संचालकों को चेतावनी:

वर्तमान में नगर निगम चुनाव के प्रचार और रेस्टोरेंट/बार में बजने वाले तेज संगीत से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रशासन ने निर्देश दिया है कि यदि चुनावी वाहन, प्रत्याशी, रेस्टोरेंट संचालक या कोई भी आयोजक तय डेसिबल सीमा से अधिक शोर करते पाए गए, तो उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें उपकरण की जब्ती और भारी जुर्माना शामिल है।

मानकों का करना होगा पालन:

ध्वनि प्रदूषण नियम, 2000 के तहत प्रशासन ने मानक स्पष्ट किए हैं:

आवासीय क्षेत्र: दिन में 55 dB(A) और रात में 45 dB(A) की सीमा।

लाउडस्पीकर: रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक बिना अनुमति के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध।

निजी स्थान: यहां भी शोर की सीमा 5 dB(A) से अधिक नहीं बढ़नी चाहिए।

परीक्षा का संवेदनशील समय:

उपायुक्त ने अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) श्री कुमार रजत को निर्देशित किया है कि बोर्ड परीक्षाओं के इस संवेदनशील समय में पुलिस गश्त बढ़ाएं। शोर से न केवल छात्र, बल्कि वृद्ध, बीमार और गर्भवती महिलाएं भी प्रभावित हो रही हैं, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

देवघर-सुप्रभा शिक्षा स्थली विलियम्स टाउन देवघर को एआई रेडी स्कूल पहला सर्टिफाइड के रूप में मिली मान्यता।
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देवघर: प्रतिनिधि। डिजिटल एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए सुप्रभा शिक्ष स्थली को एआई रेडी स्कूल के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है। विद्यालय को यह सम्मान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित शिक्षा को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए दिया गया है। विद्यालय के निदेशक प्रेम कुमार ने बताया कि झारखंड के देवघर जिला में पहला एआई रेडी सर्टिफिकेट प्राप्त हुआ जहां विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही एआई, डिजिटल लर्निंग एवं आधुनिक तकनीकों से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि एआई आधुनिक समय की क्रांतिकारी तकनीक है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग एवं अनुसंधान के क्षेत्र में बड़े बदलाव ला रही है। एआई रेडी स्कूल के रूप में मान्यता प्राप्त मिलने पर हर्ष जताते शिक्षक। से संबंधित आयोजित मूल्यांकन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यालय के 100 से अधिक विद्यार्थियों एवं 15 शिक्षकों ने सफलतापूर्वक भाग लिया। इस उपलब्धि के आधार पर विद्यालय को एआई रेडी स्कूल का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया तथा सफल विद्यार्थियों को एआई बैज भी दिए गए। विद्यालय में एआई लैब के संचालन में शिक्षकों एवं तकनीकी टीम का योगदान सराहनीय रहा। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन समिति, शिक्षकों एवं अभिभावकों ने सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही साथ पूरा विद्यालय परिवार के द्वारा जिओ टीम के प्रति आभार प्रकट किया।
गया जी के ऐतिहासिक गाँधी मैदान में “आर्ट्स हैंडक्राफ्ट कॉटन सिल्क एक्सपो 2026” मेले का भव्य शुभारंभ

गया। ऐतिहासिक गाँधी मैदान में बुधवार को “आर्ट्स हैंडक्राफ्ट कॉटन सिल्क एक्सपो–2026” मेले का भव्य शुभारंभ किया गया। मेले का उद्घाटन गया के मेयर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान, पार्षद विनोद यादव तथा आयोजन समिति के सदस्यों द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। उद्घाटन समारोह में एलाइड इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक डॉ. सुजीत कुमार सिन्हा सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आयोजक राजेश कुमार यादव ने बताया कि यह मेला 18 फरवरी से लगातार 30 दिनों तक प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से रात्रि 10 बजे तक आम लोगों के लिए खुला रहेगा।

मेले में कुल 130 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें देश के 28 राज्यों से आए कारीगरों द्वारा तैयार किए गए हैंडलूम एवं हैंडीक्राफ्ट उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। आगंतुकों को एक ही स्थान पर बनारसी साड़ी, लखनवी चिकनकारी, गुजरात का बंधेज, कश्मीरी शॉल, पंजाबी जूती, बंगाल की जामदानी, भागलपुरी सिल्क, भदोही के कालीन, सहारनपुर का फर्नीचर, खादी वस्त्र, लेदर उत्पाद, टेराकोटा, क्रॉकरी तथा विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक और हेल्थ प्रोडक्ट्स देखने और खरीदने का अवसर मिल रहा है।

मेले में फूड स्टॉल की भी विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे आगंतुक खरीदारी के साथ-साथ विभिन्न व्यंजनों का आनंद भी ले सकें। आयोजकों के अनुसार इस मेले का मुख्य उद्देश्य लघु एवं कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहन देना, स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना तथा उत्पादकों और उपभोक्ताओं के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। यह मेला शहरवासियों के लिए देशभर की हस्तशिल्प कला को एक ही छत के नीचे देखने और खरीदने का महत्वपूर्ण अवसर बनकर उभरा है।

दक्षिणा काली मंदिर का 42 वां स्थापना दिवस व श्रृंगारोत्सव सम्पन्न
जौनपुर। नगर के सिटी स्टेशन रेलवे क्रॉसिंग के निकट ओवरब्रिज के पास स्थित श्री मां आद्याशक्ति दक्षिणा काली मंदिर का 42वां वार्षिक द्विदिवसीय स्थापना दिवस एवं भव्य श्रृंगारोत्सव सोमवार की सायंकाल धूमधाम के साथ सम्पन्न हो गया। कार्यक्रम का समापन विशाल भंडारे के साथ हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया।
मंदिर परिसर को आकर्षक फूल-मालाओं और रोशनी से सजाया गया। मां काली का अलौकिक श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। सुबह से लेकर देर रात तक दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। सायंकाल हवन-पूजन एवं पूर्णाहुति में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
मंदिर के प्रधान पुजारी भगवती सिंह वागीश ने बताया कि काली कलयुग की अधिष्ठात्री पराशक्ति हैं। कलयुग में मां काली के श्रृंगार दर्शन-पूजन से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर की स्थापना सन् 1984 में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर की गई थी। सायंकाल आयोजित भजन संध्या का शुभारंभ मंदिर के पुजारी भगवती सिंह, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष दिनेश टंडन, मुंबई शिवसेना उपाध्यक्ष संतोष सिंह एवं पूर्व प्राचार्य टी डी कॉलेज समर बहादुर सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर बैंक महाप्रबंधक विजेंद्र सिंह, डॉ. सुभाष सिंह, वरिष्ठ सर्जन डॉ. लाल बहादुर सिद्धार्थ, डॉ. लाल जी प्रसाद एवं सपा नेता अजय त्रिपाठी ने कलाकारों को चुनरी ओढ़ाकर सम्मानित किया। एक्टर व गायक जितेंद्र झा ने “जय काली जय काली कलकत्ते वाली”, “तोरे धमवा में बलमा मोर हरेलइल” तथा “बम बम बोल रहा है काशी” जैसे गीत प्रस्तुत कर देर रात तक दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। गायक अभिषेक मयंक ने देवी गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी, जबकि आशीष पाठक अमृत, सरदार सुराज सिंह एवं पिंटू शेख के गीतों पर भी श्रोता झूम उठे। राजकुमार चौहान सिकंदर जौनपुरिया एवं सोनू द्वारा प्रस्तुत कृष्ण-सुदामा की झांकी ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। गहना कोठी फर्म द्वारा श्रद्धालुओं को बुनिया का प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम का संचालन गोविंद मिश्रा ने किया। इस अवसर पर कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुरेश कनौजिया, डॉ. अजय पांडेय, डॉ. गौरव मौर्य, डॉ. संजीव पी. पांडेय, डॉ. बृजेश कनौजिया, भाजपा जिला महामंत्री पियूष गुप्ता, सोमेश्वर केसरवानी, ओम प्रकाश जायसवाल, संकठा प्रसाद पांडेय, भानू मौर्य, दल श्रृंगार विश्वकर्मा, अमित निगम, विक्रम गुप्ता एवं रामपाल विश्वकर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत देवेश सिंह व सर्वेश सिंह सोनू ने किया तथा आभार वंदेश कुमार सिंह ने व्यक्त किया।
कन्नौज में मिड डे मिल के तहत बच्चों को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता में हुई लापरवाही को लेकर हुई जांच, बीएसए ने दिए यह निर्देश
पंकज कुमार श्रीवास्तव

कन्नौज जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप सिंह ने बताया  कि विकास खंड तालग्राम के ग्राम रसूलपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे-मील योजना अंतर्गत बच्चों को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता में कमी तथा दाल में पानी की मात्रा अधिक होने की शिकायत प्राप्त हुई थी।

उक्त शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आज विद्यालय का  निरीक्षण कराया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में कार्यरत  गगन (अनुचर) उपस्थित पाए गए, जबकि प्रभारी प्रधानाध्यापक जितेन्द्र कुमार निरीक्षण के समय अनुपस्थित मिले। विद्यालय में कार्यरत सहायक अध्यापिका रेनू बाला दिनांक 26. जनवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 तक बाल्यकाल देखभाल अवकाश पर हैं। विद्यालय में रसोईया  कृष्णा कुमारी एवं शर्मिला द्वारा भोजन तैयार किया जा रहा था।

निरीक्षण के समय कक्षा 6, 7 एवं 8 में नामांकित छात्रों के सापेक्ष क्रमशः 5/22, 4/12 एवं 2/16 छात्र उपस्थित पाए गए। कुल उपस्थिति मात्र 11 रही। विगत तीन दिवसों में भी छात्र उपस्थिति 16, 15 एवं 14 पाई गई, जो निरंतर गिरावट को दर्शाती है।

रसोईयों द्वारा बताया गया कि मिड-डे-मील मेनू के अनुसार ही भोजन वितरित किया जाता है तथा बच्चों को विद्यालय के बाहर पक्के स्थान पर बैठाकर भोजन कराया जाता है। बच्चों द्वारा यह भी बताया गया कि सोमवार को फल एवं दूध का वितरण किया जाता है, परंतु इसके संबंध में कोई अभिलेखीय अथवा फोटोग्राफिक प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया जा सका।

निरीक्षण में यह भी पाया गया कि प्रभारी प्रधानाध्यापक जितेन्द्र कुमार पूर्व दिवस में भी अनुपस्थित थे तथा निरीक्षण के समय भी विद्यालय में उपस्थित नहीं मिले, जबकि उपस्थिति रजिस्टर में उनके हस्ताक्षर अंकित पाए गए। साथ ही विद्यालय की मिड-डे-मील पंजिका में दिनांक 9 सितंबर 2025 के बाद कोई प्रविष्टि अंकित नहीं की गई है।

उपरोक्त तथ्यों से यह स्पष्ट है कि संबंधित प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा विद्यालय संचालन एवं मिड-डे-मील योजना के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही एवं उदासीनता बरती जा रही है। इसके परिणामस्वरूप छात्र उपस्थिति मात्र 22 प्रतिशत रह गई है, जो विभागीय दायित्वों के प्रति शिथिलता का स्पष्ट प्रमाण है। इससे विभाग की छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए संबंधित के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कार्यवाही की संस्तुति की जाती है तथा भविष्य में मिड-डे-मील योजना की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किए जाने के निर्देश प्रदान किए गए हैं।
Mirzapur: आरएसएस पदाधिकारी कर रहे पद का दुरुपयोग, जबरन स्वयंसेवकों का करा रहे बीमा पॉलिसी

मीरजापुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चुनार में एक विवादित मामला सामने आया है। यहां संघ के एक पदाधिकारी पर अपने पद और प्रभाव का अनुचित लाभ उठाते हुए स्वयंसेवक बंधुओं पर जबरदस्ती बीमा पॉलिसी लेने का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। कुछ पीड़ित स्वयंसेवकों का कहना है कि जिला कार्यवाह द्वारा संगठनात्मक बैठकों और व्यक्तिगत संपर्कों के दौरान उन्हें बीमा करवाने के लिए विवश किया जा रहा है। स्वयंसेवकों ने अपनी शिकायत में कहा कि संघ एक स्वैच्छिक सेवा संगठन है, जहां सेवा और राष्ट्रभक्ति की भावना सर्वोपरि होती है, लेकिन यहां पद की गरिमा को ताक पर रखकर इसे व्यावसायिक लाभ का जरिया बनाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि जिला कार्यवाह द्वारा स्वयंसेवकों को डरा-धमकाकर या भावनात्मक दबाव डालकर बीमा फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। कई स्वयंसेवकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति ठीक न होने के बावजूद उन्हें प्रीमियम भरने के लिए मजबूर किया जा रहा है। स्वयंसेवकों के अनुसार, यह कृत्य संघ की रीति-नीति और अनुशासन के पूरी तरह विरुद्ध है। इस पूरे मामले में एक अन्य संघ प्रचारक की भी मिलीभगत होनी बताई गई है। स्वयंसेवक बंधुओं ने इस मामले को संघ के विभाग स्तर पे बताने के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।  खंड, जिला व विभाग के उच्च पदाधिकारियों ने विभाग, प्रांत व क्षेत्र स्तर के उच्च पदाधिकारीयों से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि इस प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियों पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई, तो इससे संगठन की छवि धूमिल होगी और निष्ठावान स्वयंसेवकों के मनोबल पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
इस संबंध में जिला कार्यवाह का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन अभी तक उनकी ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
लखनऊ में हैंडलूम, सिल्क एवं खादी एक्सपो का शुभारंभ

* योगी सरकार पारंपरिक उद्योगों को दे रही नई ताकत, 39 उत्कृष्ट बुनकर सम्मानित

लखनऊ। प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि योगी सरकार पारंपरिक उद्योगों को सशक्त बनाकर बुनकरों और दस्तकारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश के स्टाम्प पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल के साथ 17 फरवरी से 02 मार्च 2026 तक रवीन्द्रालय, मोतीलाल नेहरू मार्ग, लखनऊ में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश हैंडलूम, सिल्क एवं खादी एक्सपो’ का शुभारंभ किया गया।
एक्सपो में विभिन्न राज्यों के खादी, सिल्क एवं हैंडलूम उत्पादों का प्रदर्शन एवं बिक्री की व्यवस्था की गई है। मंत्री राकेश सचान ने कहा कि वस्त्र उद्योग कृषि के बाद देश में सर्वाधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है और उत्तर प्रदेश सदियों से बुनकरी एवं दस्तकारी का प्रमुख केंद्र रहा है। प्रदेश में लगभग 1.91 लाख बुनकर एवं दस्तकार इस परंपरा से जुड़े हैं, जिनकी कलाकृतियाँ देश-विदेश में पहचान बना रही हैं।
उन्होंने कहा कि एक्सपो का उद्देश्य बुनकरों को सशक्त विपणन मंच उपलब्ध कराना और उनके उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है। इस आयोजन में विभिन्न जनपदों के 60 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। 19 फरवरी को प्रदेश के उत्कृष्ट उत्पादों का फैशन शो के माध्यम से प्रदर्शन भी किया जाएगा।
39 उत्कृष्ट बुनकर सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु चयनित 13 परिक्षेत्रों के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त 39 उत्कृष्ट बुनकरों को डिमांड ड्राफ्ट, शील्ड, अंगवस्त्र एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
मंत्री सचान ने बताया कि सरकार द्वारा बुनकरों के कल्याण के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। हैंडलूम बुनकरों को विद्युत बिल में प्रतिमाह प्रतिपूर्ति, बुनकर बहबूदी फंड से पुत्रियों के विवाह हेतु सहायता, भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान वाराणसी (IIHT) के छात्रों को छात्रवृत्ति, झलकारी बाई हैंडलूम एवं पावरलूम विकास योजना तथा मुख्यमंत्री हैंडलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना लागू की गई हैं। इसके अतिरिक्त अटल बिहारी वाजपेयी पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना के माध्यम से हजारों बुनकरों को राहत प्रदान की जा रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2022 के तहत निवेशकों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है तथा पीएम मित्र योजना के अंतर्गत मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है। हरदोई एवं लखनऊ में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, जिससे प्रदेश वस्त्र उद्योग का प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।
मंत्री राकेश सचान ने प्रदेशवासियों से अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में एक्सपो में पहुंचकर बुनकरों के उत्पाद खरीदें और उनकी आर्थिक समृद्धि में भागीदार बनें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन पारंपरिक उद्योगों को नई ऊर्जा देने के साथ ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
राज्य संग्रहालय में ‘कला अभिरुचि पाठ्यक्रम’ का भव्य शुभारम्भ

* नई पीढ़ी को कला और विरासत से जोड़ने की अनूठी पहल, 28 फरवरी तक चलेगा ज्ञान संवाद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग की ओर से राज्य संग्रहालय लखनऊ में 18 से 28 फरवरी 2026 तक आयोजित ‘कला अभिरुचि पाठ्यक्रम’ का शुभारम्भ आज भव्य समारोह के साथ हुआ। कार्यक्रम में देशभर के विद्वान भारतीय कला के विविध आयामों पर दस दिनों तक व्याख्यान देंगे।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रो. माण्डवी सिंह, कुलपति भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय ने किया। मुख्य वक्ता प्रो. के.के. थप्पल्याल (पूर्व विभागाध्यक्ष, प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय), विशिष्ट अतिथि संजय कुमार बिसवाल एवं डॉ. सृष्टि धवन उपस्थित रहे।
प्रो. माण्डवी सिंह ने कहा कि कला अभिरुचि जैसे आयोजनों से समाज में कला और संस्कृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित होती है। यह कार्यशाला जनसामान्य को कला से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगी।
मुख्य वक्ता प्रो. के.के. थप्पल्याल ने अपने व्याख्यान में कला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कला मनुष्य के जीवन का अनिवार्य अंग है। उन्होंने प्रागैतिहासिक काल से मानव द्वारा कला सृजन की परंपरा का उल्लेख करते हुए भीमबेटका शैलाश्रय का उदाहरण दिया, जो प्रागैतिहासिक चित्रों का विश्वप्रसिद्ध स्थल है। उन्होंने कहा कि कला का रसास्वादन करने के लिए दर्शक में भी संवेदनशीलता और समझ आवश्यक है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों, शोधार्थियों और कला-प्रेमियों के लिए अत्यंत उपयोगी होगा। सरल भाषा में भारतीय कला, इतिहास और संग्रहालय विज्ञान की जानकारी प्रदान कर नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

* दस दिनों तक होंगे विशिष्ट व्याख्यान

19 फरवरी को “प्राचीन कला का उद्भव एवं विकास” विषय पर डॉ. राकेश तिवारी (पूर्व महानिदेशक, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, नई दिल्ली) व्याख्यान देंगे। 20 फरवरी को “गुप्त कालीन कला में सांस्कृतिक चेतना” विषय पर प्रो. एस.एन. कपूर (लखनऊ विश्वविद्यालय) बोलेंगे।
21 फरवरी को “मिनिएचर मार्बल्स: शाही संरक्षण, परंपरा, तकनीक और कलात्मक उत्कृष्टता” विषय पर डॉ. विजय माथुर (सलाहकार, संघ लोक सेवा आयोग) व्याख्यान देंगे। 22 फरवरी को “क्यों किसी को संग्रहालय जाना चाहिए” विषय पर प्रो. ऊषा रानी तिवारी, काशी हिंदू विश्वविद्यालय व्याख्यान देंगी।
24 फरवरी को “भारत की प्राचीन मौद्रिक यात्रा” विषय पर डॉ. अमित कुमार उपाध्याय (काशी हिंदू विश्वविद्यालय) अपने विचार रखेंगे। 25 फरवरी को “प्रागैतिहासिक भारत की संस्कृतियां” विषय पर प्रो. अनिल कुमार (विभागाध्यक्ष, पुरातत्व विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय) व्याख्यान देंगे।
26 फरवरी को “गुप्त कालीन भारतीय वास्तुकला” विषय पर डॉ. राजीव द्विवेदी, निदेशक वृन्दावन शोध संस्थान अपने विचार साझा करेंगे। 27 फरवरी को “संग्रहालय की वस्तुओं का निवारक संरक्षण” विषय पर धर्मेन्द्र मिश्रा, निदेशक इंटैक लखनऊ व्याख्यान देंगे।
28 फरवरी को प्रमाण-पत्र वितरण के साथ इस दस दिवसीय ‘कला अभिरुचि पाठ्यक्रम’ का समापन होगा। आयोजकों के अनुसार यह पहल कला और विरासत के प्रति नई पीढ़ी में रुचि और जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
नंदवंशी सेल्फ केयर ट्रस्ट से जुड़कर  समाज का विकास करें : जितेंद्र कुमार शर्मा नंदवंशी

मुंबई । राष्ट्रीय सामाजिक संस्था नंदवंशी सेल्फ केयर ट्रस्ट के संस्थापक सह राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र कुमार शर्मा नंदवंशी ने स्वजातीय बंधुओं से अपील करते हुए कहा कि हम वंचित समाज से हैं आज तक हमारी उपेक्षा होती रही है सदैव हमारा आपका तिरस्कार होता रहा है। हमें अपने अन्दर आत्मविश्वास, और आत्मनिर्भरता पैदा करना होगा।आज तक आप अनेकों सामाजिक संगठनों से जुड़े हुए हैं किन्तु ऐसा, समभाव,दायित्व, निष्काम सेवा, संवेदना दूर दूर तक दिखाई नहीं देता है इसलिए नंदवंशी सेल्फ केयर ट्रस्ट से जुड़े और लोगों को जोड़ने की कृपा कीजिए।

सामाजिक सेवा में चालीस साल का अनुभव साझा करता हूं कि सामाजिक मंचों पर सम्मान भी बिकता है और सगे- संबंधियों निकट जान पहचान वाले को और व्यक्तिगत लाभ को प्राथमिकता देते हैं।लेकिन बंधुओं नंदवंशी सेल्फ केयर ट्रस्ट माला, पगड़ी,माईक,मंच,महत्वाकांक्षा,महिमा मंडन से विभक्त मंच है।जहां पर समभाव, सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय को महत्व देता है।समाज को परिवार समझते हुए प्रत्येक स्वजातीय बन्धु को जोड़ना होगा।आपका भी उतना ही उत्तरदायित्व है जितना हमारा यदि प्रत्येक स्वजातीय बन्धु संकल्प लें कि कम से कम हम पांच लोगों को नन्दवंशी सेल्फ केयर ट्रस्ट में पंजीयन करूंगा और वो पांच को जोड़ें तो श्रृंखला बनते जायेगी फिर हम दिवंगत परिवार को दस से पंद्रह लाख रुपए तक का भी सहयोग सेवा प्रदान करने में सक्षम हो सकते हैं।तो आईए आज पुनः संकल्प लें कि हम कल प्रातः मनपूर्वक सक्रियता के साथ सदस्य जोडो अभियान में प्रत्येक स्वजातीय बन्धु नन्दवंशी सेल्फ केयर ट्रस्ट में संलग्न करूंगा और कोई भी परिवार सदस्यता से वंचित नहीं रहेगा।

यहां मेरा नहीं आपका परिवार सुरक्षित होगा इसी आशा और विश्वास के साथ मैं जितेन्द्र कुमार शर्मा "नंदवंशी" संस्थापक सह राष्ट्रीय महासचिव नन्दवंशी सेल्फ केयर ट्रस्ट भारत आपसे पुनः सदस्य बनने हेतु अपील करता हूं।
जनता की गंभीर परेशानियों को देखते हुए विधायक संजय उपाध्याय ने मनपा आयुक्त को लिखा पत्र
मुंबई। बोरिवली विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक संजय उपाध्याय ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के आयुक्त को एक औपचारिक पत्र प्रेषित किया है, जिसमें चारकोप, सेक्टर ८ क्षेत्र में कोस्टल रोड परियोजना के अंतर्गत चल रहे पाइलिंग कार्य से स्थानीय निवासियों में उत्पन्न हुई गंभीर चिंता एवं भय की स्थिति का उल्लेख किया गया है। ११ फरवरी २०२६ से प्रारंभ हुए पाइलिंग कार्य के कारण आसपास की इमारतों में तीव्र कंपन अनुभव हो रहा है, जिससे निवासियों में भूकंप-सा भय व्याप्त हो गया है। कार्य आरंभ करने से पूर्व स्थानीय निवासियों को कोई पूर्व सूचना अथवा परामर्श नहीं दिया गया था। पत्र में श्री उपाध्याय ने आयुक्त को कहा है कि किसी भी कार्य की शुरुआत से पूर्व प्रभावित निवासियों को पूर्ण जानकारी प्रदान की जाए तथा उनकी राय ली जाए।  समस्त निकटवर्ती इमारतों की संरचनात्मक सुरक्षा की जाँच वी.जे.टी.आई. तथा/अथवा आई.आई.टी. के विशेषज्ञों द्वारा कराई जाए। कार्य के दौरान किसी प्रकार की क्षति अथवा दुर्घटना न होने की लिखित गारंटी प्रदान की जाए। किसी भी क्षति/दुर्घटना की स्थिति में पूर्ण दायित्व स्वीकार करने का लिखित आश्वासन दिया जाए। निर्माण संबंधी समस्त नियमों एवं सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।  कार्य स्थल पर पूर्णकालिक रूप से उत्तरदायी अधिकारी की नियुक्ति एवं निरंतर उपस्थिति अनिवार्य की जाए।  प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरण संरक्षण के उपायों का सख्ती से अनुपालन किया जाए। निवासियों के जीवन, सुरक्षा एवं कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की जाए।
संजय उपाध्याय ने स्पष्ट किया है कि वे कोस्टल रोड परियोजना के विरोध में नहीं हैं, किंतु निवासियों की सुरक्षा एवं जीवन की रक्षा को सर्वोपरि मानते हुए इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाने की अपेक्षा करते हैं।
राँची प्रशासन सख्त: बोर्ड परीक्षाओं के बीच 'शोर' मचाया तो होगी जेल, डीजे और लाउडस्पीकर पर कड़ा पहरा

राँची: सीबीएसई (CBSE), आईसीएसई (ICSE) और झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) की बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए राँची जिला प्रशासन ने ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ युद्ध स्तर पर अभियान छेड़ दिया है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने स्पष्ट किया है कि परीक्षार्थियों की एकाग्रता भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा।

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प्रत्याशियों और बार संचालकों को चेतावनी:

वर्तमान में नगर निगम चुनाव के प्रचार और रेस्टोरेंट/बार में बजने वाले तेज संगीत से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रशासन ने निर्देश दिया है कि यदि चुनावी वाहन, प्रत्याशी, रेस्टोरेंट संचालक या कोई भी आयोजक तय डेसिबल सीमा से अधिक शोर करते पाए गए, तो उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें उपकरण की जब्ती और भारी जुर्माना शामिल है।

मानकों का करना होगा पालन:

ध्वनि प्रदूषण नियम, 2000 के तहत प्रशासन ने मानक स्पष्ट किए हैं:

आवासीय क्षेत्र: दिन में 55 dB(A) और रात में 45 dB(A) की सीमा।

लाउडस्पीकर: रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक बिना अनुमति के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध।

निजी स्थान: यहां भी शोर की सीमा 5 dB(A) से अधिक नहीं बढ़नी चाहिए।

परीक्षा का संवेदनशील समय:

उपायुक्त ने अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) श्री कुमार रजत को निर्देशित किया है कि बोर्ड परीक्षाओं के इस संवेदनशील समय में पुलिस गश्त बढ़ाएं। शोर से न केवल छात्र, बल्कि वृद्ध, बीमार और गर्भवती महिलाएं भी प्रभावित हो रही हैं, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।