5 कोचिंग संस्थान व लाइब्रेरी सील,मानक न पूरा होने पर हुई कार्रवाई
*रजिस्ट्रेशन व अग्निशमन यंत्र नहीं मिलने पर कार्रवाई

गोंडा। लखनऊ में हुए कोचिंग अग्निकांड के बाद जिले में भी कार्रवाई की गई है।जिला विद्यालय निरीक्षक डाक्टर रामचंद्र ने मंगलवार को अभियान चलाकर पांच लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया है।यह कार्रवाई सुरक्षा मानकों और पंजीकरण नियमों का पालन न करने पर की गई है।सील किए गए संस्थानों में कटरा बाजार विकास खंड की लाइब्रेरी सुपर इंस्टीट्यूट सेंटर शामिल है।इसका पंजीकरण वर्ष 2019 में हुआ था,परन्तु इसका नवीनीकरण नहीं कराया गया था।सेंटर पर अग्निशमन यंत्र भी नहीं था और न ही किसी प्रकार के मानक पूरे किए जा रहे थे।इसी तरह एनसीएम लाइब्रेरी व कम्प्यूटर इंस्टीट्यूट का भी पंजीकरण नहीं था,जिसे सील कर दिया गया।पीसीएस कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरी बंद पाई गई और उसे भी सील कर दिया गया।ज्ञान धारा लाइब्रेरी में दो कमरे व आठ बच्चे मिले परन्तु कोई अभिलेख नहीं दिखाया जा सका,जिसके बाद इसे भी सील कर दिया गया।इसी क्रम में डिजिटल लाइब्रेरी और दैनिक लाइब्रेरी का भी निरीक्षण करने पर पूरे मानक नहीं पाए गए,जिसके कारण इन्हें भी सील कर दिया गया है।जिला विद्यालय निरीक्षक डाक्टर रामचंद्र ने सोमवार को ही सभी कोचिंग व लाइब्रेरी संचालकों को नोटिस जारी कर सुविधाओं के संबंध में जानकारी मांगा था और निर्धारित समय सीमा पूर्ण होते ही जिला विद्यालय निरीक्षक ने एक्शन लेना प्रारंभ कर दिया।जिला विद्यालय निरीक्षक डाक्टर रामचंद्र ने बताया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा।उन्होंने कहा कि जो भी कोचिंग संस्थान व लाइब्रेरी मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं,उन्हें तत्काल प्रभाव से सील किया जाएगा और उनके खिलाफ अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।जिला विद्यालय निरीक्षक ने स्पष्ट किया कि बच्चों की जिंदगी के साथ कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी को कोचिंग संचालन के नियमों का पालन करना होगा।उन्होंने बताया कि लाइब्रेरी के पंजीकरण की अभी कोई गाइड लाइन नहीं है परन्तु जो भी सुरक्षा मानक हैं उसको देखा जा रहा है तथा उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ अग्निकांड: धुएं में घुल गई दोस्ती, राख हो गए सपने—सूरज और संयम की अधूरी कहानी
लखनऊ । लखनऊ के अलीगंज की वह इमारत अब सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं रही। वह एक ऐसी याद बन चुकी है, जहां हर कोना किसी न किसी छात्र की आखिरी सांस का गवाह है। कोचिंग और एनीमेशन सेंटर में लगी आग ने न सिर्फ 15 जिंदगियां छीन लीं, बल्कि कई घरों की पूरी दुनिया उजाड़ दी।

इन 15 कहानियों में सबसे ज्यादा दिल को तोड़ देने वाली कहानी दो दोस्तों—सूरज और संयम—की है। कानपुर के गोविंदनगर और बर्रा के रहने वाले ये दोनों नाम अब सिर्फ एक हादसे के नहीं, बल्कि एक ऐसी दोस्ती के प्रतीक बन गए हैं जो जिंदगी से आगे जाकर भी साथ रही—लेकिन लौटकर कभी नहीं आई।

बचपन से शुरू हुई कहानी, जो आग में खत्म हो गई

सूरज और संयम की दोस्ती किसी कहानी जैसी नहीं थी, वह जिंदगी का हिस्सा थी। रतनलालनगर के दून स्कूल में दोनों ने साथ पढ़ाई की, साथ शरारतें कीं, साथ सपने देखे। टीचर उन्हें हमेशा एक जोड़ी की तरह याद रखते थे—जहां एक बोलता था, दूसरा समझ जाता था।

स्कूल के बाद भी यह साथ नहीं टूटा। दोनों ने एक ही एनीमेशन स्टूडियो में नौकरी जॉइन की। परिवारों को भरोसा था कि यह दोस्ती अब भविष्य की सफलता बनेगी। लेकिन किसे पता था कि यह साथ एक ही आग में खत्म होने वाला है।

वह दोपहर, जब धुआं किस्मत बन गया

अलीगंज स्थित उस इमारत में रोज़ की तरह क्लास चल रही थी। किसी को यह अहसास नहीं था कि ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद वेयरहाउस में उठती एक चिंगारी कुछ ही मिनटों में मौत का तूफान बन जाएगी।

दोपहर करीब ढाई बजे आग लगी। पहले किसी ने इसे मामूली समझा, लेकिन कुछ ही मिनटों में धुआं इतनी तेजी से ऊपर की मंजिलों तक पहुंचा कि तीसरी मंजिल पर मौजूद छात्र फंस गए। सीढ़ियों से उतरना मुश्किल हो गया, खिड़कियों से बाहर की हवा भी जहरीली हो चुकी थी।

कुछ छात्रों ने मदद के लिए चिल्लाया, कुछ ने फोन उठाए, कुछ ने खिड़कियों से झांककर आखिरी उम्मीद तलाशने की कोशिश की—लेकिन आग उम्मीदों से तेज थी।

आखिरी फैसला—साथ जिए, साथ मरेंगे

इसी अफरा-तफरी के बीच सूरज और संयम भी फंस गए। परिजनों के अनुसार, दोनों ने भागने की कोशिश की, लेकिन धुआं इतना घना था कि सांस लेना मुश्किल हो गया। शायद उसी पल दोनों ने एक-दूसरे का हाथ नहीं छोड़ा।

कहा जाता है कि दोनों ने किसी कमरे या बाथरूम में खुद को बंद कर लिया, यह सोचकर कि शायद वहां थोड़ी देर और सांस मिल जाए। लेकिन आग ने दीवारों तक को गर्म कर दिया था। दम घुटने से दोनों की मौत हो गई—लेकिन सबसे दर्दनाक बात यह थी कि वे आखिरी पल तक भी साथ थे।

यह सिर्फ मौत नहीं थी, यह उस दोस्ती का अंत था जो जिंदगी से बड़ी लगती थी।

घर पहुंचे तो टूट गया आसमान

जब संयम का शव गोविंदनगर पहुंचा, मां सोनिया की चीख ने पूरे मोहल्ले को हिला दिया। वह बार-बार बेटे को पकड़कर पूछती रहीं—“बोल क्यों नहीं रहा तू? अभी तो ठीक था ना तू…” हर शब्द जैसे किसी दिल पर हथौड़ा था।

पड़ोसी भी रो पड़े, क्योंकि संयम वही लड़का था जो हमेशा मुस्कुराकर मिलता था। किसी ने सोचा भी नहीं था कि उसकी मुस्कान इतनी जल्दी खामोश हो जाएगी।

इधर सूरज के घर का हाल भी अलग नहीं था। मां मीरा बेटे के शव से लिपटकर बार-बार बेहोश हो रही थीं। कुछ घंटे पहले ही बेटा उन्हें फोन पर कहकर गया था कि वह ठीक है। लेकिन लौटकर वह खुद नहीं आया।

जिम्मेदारियों से भरा एक अधूरा सफर

सूरज सिर्फ एक छात्र या कर्मचारी नहीं था। वह अपने परिवार की रीढ़ था। पिता की मौत के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी उसी पर आ गई थी। छोटे भाई और बहन की पढ़ाई, घर का खर्च, भविष्य की उम्मीदें—सब कुछ उसी के कंधों पर था।

वह हाल ही में शादी के लिए लड़की देखने भी गया था। घर में नई शुरुआत की बातें हो रही थीं। लेकिन अब वहां सिर्फ सन्नाटा है—और एक ऐसा खालीपन, जिसे कोई भर नहीं सकता।

रेस्क्यू, जो देर से पहुंचा

हादसे के बाद SDRF और दमकल विभाग ने बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि नियंत्रण पाना मुश्किल हो गया। दो घंटे के भीतर 15 शव बरामद किए गए और कई घायल अस्पताल पहुंचाए गए।

हर निकला हुआ शव एक कहानी खत्म कर रहा था, और हर घायल आंखें एक नई उम्मीद ढूंढ रही थीं।

अंतिम यात्रा—जहां दोस्ती भी जल उठी

सूरज और संयम का अंतिम संस्कार अलग-अलग स्थानों पर हुआ, लेकिन दोनों घरों की हालत एक जैसी थी—टूटा हुआ परिवार, सूनी आंखें और खत्म होते सपने।

मोहल्ले के लोग आज भी कहते हैं कि दोनों की दोस्ती इतनी गहरी थी कि मौत भी उन्हें अलग नहीं कर सकी। वे साथ जिए, साथ काम किया और साथ ही इस दुनिया से चले गए।

एक सवाल, जो हर दिल में रह गया

यह हादसा सिर्फ आग नहीं था। यह एक चेतावनी थी—उन लापरवाहियों की, जिनके बीच हम अपने बच्चों को छोड़ देते हैं।

क्या यह हादसा टल सकता था? क्या ये 15 जिंदगियां बच सकती थीं?

इन सवालों के जवाब शायद कभी न मिलें, लेकिन सूरज और संयम की कहानी हमेशा याद दिलाती रहेगी कि कुछ दोस्तियां इतनी सच्ची होती हैं कि वे मौत के बाद भी खत्म नहीं होतीं—बस खामोश हो जाती हैं।
UN में भारत ने फिर पाकिस्‍तान को लताड़ा, कश्मीर के जिक्र पर सीखा दिया सबक

#indiaslamspakistanatunscarriaformula_meeting

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की एरिया फॉर्मूला बैठक में भारत ने पाकिस्तान को फिर कड़ा जवाब दिया है। भारत ने जम्मू-कश्मीर पर की गई पाकिस्तान की टिप्पणियों को पूरी तरह खारिज कर दिया। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वतनेनी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और यह भारत का आंतरिक मामला है।

जम्मू-कश्मीर पर पाक की टिप्पणी को बताया गैर जरूरी

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में चीन और पाकिस्तान की ओर से आयोजित एरिया फॉर्मूला बैठक के दौरान भारत ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान को कड़ा और स्पष्ट जवाब दिया। भारतीय राजदूत ने हरीश पर्वतनेनी कहा, "यह हैरानी की बात है कि सह अध्यक्ष होने के बावजूद पाकिस्तान ने एरिया फॉर्मूला बैठक का राजनीतिक करण किया और भारत के जम्मू-कश्मीर इलाके पर गैर जरूरी टिप्पणियां कीं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि "केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का मामला पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है। यह हमेशा से ऐसा ही रहा है, अभी भी है और आगे भी ऐसा ही रहेगा।"

यूएन को भी दिखाया आईना

भारत ने इस मौके पर सुरक्षा परिषद के पुराने प्रस्तावों और मध्यस्थता तंत्रों की प्रासंगिकता पर भी सवाल उठाए। पी. हरीश ने कहा कि समय के साथ अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां बदलती हैं, ऐसे में सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और मध्यस्थता ढांचों की भी समय-समय पर समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के चैप्‍टर-6 के तहत बनाए गए मध्यस्थता तंत्र स्थायी नहीं माने जा सकते और बदलते वैश्विक परिदृश्य में उनकी उपयोगिता का आकलन जरूरी है।

गंगा दशहरा पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर मनौती मांगी
घाटों पर पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही, बैरीकेटिंग के आगे, श्रद्धालु स्नान न करें सुरक्षा करनी सीटी बजाते रहे

फर्रुखाबाद l गंगा दशहरा को लेकर जनपद के पांचाल घाट,श्रंगीरामपुर और ढाई घाट पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान कर डुबकी लगाई और पूजा अर्चना कर मनौती भी मांगी । पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने कहां कि जनपद के तीनों घाटों पर सुरक्षा की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है l उन्होंने कहा कि घाटों पर अस्थाई रूप से किनारे किनारे वेरीकेटिंग भी की गई है क्योंकि इन घाटों पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान करने के लिए आसपास जनपदों से आते हैं इसलिए इन घाटों पर भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है । उन्होंने कहा कि स्नान करने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षा कर्मी बराबर सीटी बजाकर चेतावनी दे रहे थे कि ज़्यादा गहराई में स्नान ना करें बल्कि किनारे बैठकर स्नान करें।
आजमगढ़:-पहले ही प्रयास में एग्रीकल्चर टेक्निकल असिस्टेंट परीक्षा में सफल हुईं आंधीपुर की रुचि यादव, क्षेत्र में खुशी की लहर
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। फूलपुर तहसील क्षेत्र के आधीपुर गांव निवासी कुमारी रुचि यादव ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित एग्रीकल्चर टेक्निकल असिस्टेंट (टीए) परीक्षा में पहले ही प्रयास में सफलता प्राप्त कर अपने परिवार एवं क्षेत्र का नाम रोशन किया है। कल देर शाम में परिणाम घोषित होने के बाद परिजनों, रिश्तेदारों एवं क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है। रुचि यादव, पुत्री कैलाश प्रसाद उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत, लगन एवं निरंतर अध्ययन के बल पर यह सफलता हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से गांव एवं आसपास के क्षेत्र में हर्ष का वातावरण है तथा बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। रुचि यादव की प्रारंभिक शिक्षा हाईस्कूल तथा इंटरमीडिएट की पढ़ाई मथुरा इंटर कॉलेज, नाहरपुर से हुई। इसके बाद उन्होंने टीडी कॉलेज, जौनपुर से बीएससी (एग्रीकल्चर) एवं बीटीसी की शिक्षा प्राप्त की। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए वह जौनपुर में रहकर निरंतर अध्ययन कर रही थीं। कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने पहले ही प्रयास में यह सफलता अर्जित की। रुचि यादव ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिवारजनों, गुरुजनों एवं अपनी कड़ी मेहनत को दिया है। उन्होंने कहा कि नियमित अध्ययन, आत्मविश्वास और परिवार के सहयोग से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। परिवार के लोगों ने बताया कि रुचि शुरू से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर और मेहनती रही हैं। उनकी इस सफलता से क्षेत्र के अन्य छात्र-छात्राओं को भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रेरणा मिलेगी। ग्रामीणों एवं शुभचिंतकों ने रुचि यादव को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल बना हुआ है।
आजमगढ़: पोखरें में डूबने से बालक की मौत, परिजनों का रो रोकर बुरा हाल
आजमगढ़।निजामाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत फरिहा ग्राम के सवाई मोहल्ले में स्थित पोखरे के पास खेल रहे बच्चों के साथ युसूफ पुत्र अशफाक जिसकी उम्र 6 वर्ष खेल रहा था . पोखरे में फिसल कर गिरने की वजह से डूब कर मौत हो गई. ग्रामीण जनता ने बताया कि बच्चों के पानी में गिरते ही साथ खेल रहे अन्य बच्चों ने शोर मचाना शुरू किया. जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचे तब तक यूसुफ पानी में डूब चुका था. ग्रामीणों ने बच्चों को पोखरी से बाहर निकालें . परिजन और ग्रामीण तत्काल उसे अस्पताल लेकर पहुंचे . चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत्यु घोषित कर दिया . युसूफ दो भाई और एक बहन मैं दूसरे नंबर पर था. सवाई मोहल्ले में मातम छाया हुआ है. परिवार के लोगों को रो-रो कर बुरा हाल हो गया है.
आजमगढ़: बीपीएससी व सीए बनने वाले युवको का गांव में हुआ सम्मान दिखी गंगा जमुनी तहजीब
आजमगढ़। जनपद के अहरौला थाना क्षेत्र के परगाशपुर गांव निवासी उदय प्रताप यादव पुत्र सुभाष ने बिहार पीसीएस में पांचवी रैंक प्राप्त की है वही गांव के ही मु. अब्दुल्ला पुत्र निजामुद्दीन सीए की परीक्षा पास कर चार्टर अकाउंटेंट बने हैं दोनों युवक मंगलवार को जब गांव मे एक साथ पहुंचे तो गंगा जमुनी तहजीब देखते ही बनती थी हर वर्ग हर समाज के लोगों ने दोनों युवकों का गांव में पहुंचने पर माला फूल बनाकर स्वागत सम्मान किया और इस प्रतिभा पर गर्व हो रहा था अपने गांव में पहुंचे तो ढोल नगाड़े के साथ दोनों युवाओं का गांव वालों ने स्वागत किया और माला फूल पहना कर सम्मानित किया गया मौके पर पहुंचे क्षेत्रीय विधायक डॉक्टर संग्राम यादव ने बिहार पीसीएस में पांचवी रैंक प्राप्त करने वाले उदय प्रताप यादव व सीए बनने वाल मोहम्मद अब्दुल्ला को अंगवस्त्र स्मृति चिन्ह के रूप में संविधान की किताब देकर सम्मानित किया डॉ. यादव ने कहा आज बहुत ही गौरव का विषय है और युवाओं के लिए प्रेरणा भी है कि गांव के साथ पढ़ने वाले दो युवक जो एक बीपीएससी 70 वी परीक्षा में गांव और परिवार का नाम रोशन किया है तो मु. अब्दुल्ला सीए बने इन युवाओं से लोगों को प्रेरणा लेनी चाहिए वही बीपीएससी में पांचवी रैंक प्राप्त करने वाले उदय प्रताप यादव ने इसका श्रेय अपने चाचा मुन्नू यादव को दिया सीए बनने वाले मोहम्मद अब्दुल्ला ने भी अपने मुंबई में रह रहे चाचा जबैद अली को दिया वहीं अपने पिता निजामुद्दीन को भी टेंट हाउस के छोटे से व्यवसाय से परिवार और पढ़ाई के लिए भी कुछ-कुछ पैसे निकाल कर सहयोग करते रहे जिससे आज सफलता मिली है। दोनों लोगों का गांव में पहुंचने पर गांव वालों ने स्वागत सम्मान किया। इस मौके पर प्रभुदीन यादव, साहबलाल, श्री चंद यादव,सज्जन, रामलाल यादव, वंशराज यादव, दिनेश यादव, बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।।
जहानाबाद में आधुनिक तकनीक की नई शुरुआत, मां वैष्णो स्टील सीएनसी का हुआ शुभारंभ

जहानाबाद। शहर के सब्जी मंडी, रेलवे स्टेशन रोड स्थित मां वैष्णो स्टील सीएनसी का भव्य शुभारंभ जिला परिषद सदस्य सोनू राधे द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने फीता काटकर प्रतिष्ठान का उद्घाटन किया तथा आधुनिक सीएनसी लेजर कटिंग मशीन का अवलोकन किया। उन्होंने इसे जहानाबाद के औद्योगिक और व्यावसायिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सोनू राधे ने कहा कि यह मशीन जहानाबाद में अपनी तरह की पहली अत्याधुनिक सीएनसी लेजर कटिंग मशीन है, जो डिजिटल तकनीक के माध्यम से कम समय में बेहतरीन और आकर्षक डिजाइन तैयार करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि अब जिले के लोगों को आधुनिक डिजाइन वाले गेट, ग्रिल, रेलिंग, खिड़की, फॉल्स सीलिंग और अन्य सजावटी स्टील उत्पादों के लिए पटना, गया या अन्य बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि आज के दौर में लोग अपने घर, अपार्टमेंट और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को आधुनिक और आकर्षक स्वरूप देना चाहते हैं। ऐसे में सीएनसी तकनीक से तैयार डिजाइन लोगों की पसंद बन रहे हैं। अब ग्राहक अपनी पसंद का कोई भी डिजाइन मोबाइल, कंप्यूटर या फोटो के माध्यम से लेकर आएंगे, जिसे मशीन द्वारा हूबहू काटकर तैयार किया जा सकेगा।

सोनू राधे ने बताया कि इस तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सटीकता और तेजी है। पहले जहां इस प्रकार के डिजाइन बाहर से मंगाने में काफी समय और अतिरिक्त खर्च लगता था, वहीं अब वही सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगी। इससे ग्राहकों का समय और पैसा दोनों बचेगा तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। संस्थान के प्रोपराइटर दीपक कुमार ने बताया कि मां वैष्णो स्टील सीएनसी में अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से लोहे एवं स्टील के गेट, ग्रिल, रेलिंग, फॉल्स सीलिंग पैनल, सजावटी शीट और अन्य डिजाइनर उत्पाद तैयार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ग्राहकों की आवश्यकता और पसंद के अनुसार विशेष डिजाइन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि सीएनसी लेजर कटिंग तकनीक की मदद से जटिल से जटिल डिजाइन भी बेहद सफाई और सटीकता के साथ तैयार किए जा सकते हैं। अनुभवी कारीगरों और आधुनिक तकनीक के समन्वय से ग्राहकों को गुणवत्ता, मजबूती और आकर्षक डिजाइन का बेहतर विकल्प मिलेगा।

स्थानीय लोगों ने भी इस नई पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रतिष्ठान के खुलने से जहानाबाद में आधुनिक निर्माण और इंटीरियर डिजाइनिंग के क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी। लोगों ने उम्मीद जताई कि यह प्रतिष्ठान न केवल जिले के विकास में योगदान देगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।

आजमगढ़ : क्षेत्र की सबसे वृद्ध 106 वर्ष की आयु में सत्यभामा सिंह का निधन
सिद्धेश्वर पाण्डेय
व्यूरो चीफ
आजमगढ़।  फूलपुर तहसील के कोर्राघाटमपुर के मियांपुर निवासी सबसे वृद्ध सत्यभामा सिंह का सोमवार देर शाम 106 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह पिछले एक सप्ताह से अस्वस्थ चल रही थीं। देर शाम अचानक उनकी सांसें थम गईं।
क्षेत्र की सबसे वृद्ध महिला सत्यभामा सिंह के निधन से परिवार में शोक की लहर है। उनके परिवार में तीन पुत्र और दो पुत्रियां हैं। निधन की सूचना मिलते ही शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए संभ्रांत लोगों का तांता लग गया।
 शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में  बांकेलाल सिंह, भाजपा नेता अमित सिंह, संतोष सिंह, साजन सिंह, रामफेर यादव, चन्दन सिंह, देवेन्द्र सिंह,रामलाल मौर्य, पूर्व प्रधान मोहनलाल सोनकर,सर्वेश सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे और परिजनों को ढांढस बंधाया। गांव में शोक का माहौल है।
भारत तिवारी प्रकरण में क्षेत्रीय ब्राह्मण सभा समिति ने थाना प्रभारी रविंद्र पवार को सौंपा ज्ञापन
बहसूमा। बिहार के भोजपुर जनपद में भारत तिवारी की संदिग्ध मृत्यु के मामले को लेकर क्षेत्रीय ब्राह्मण सभा समिति, रामराज के पदाधिकारियों ने सोमवार को थाना बहसूमा पहुंचकर थाना प्रभारी निरीक्षक रविंद्र पवार को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में समिति के पदाधिकारियों ने भारत तिवारी की कथित फर्जी पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। साथ ही दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता, सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग उठाई गई।

समिति के अध्यक्ष पंडित विपिनचंद्र शर्मा ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति पर आरोप हैं तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन किसी भी संदिग्ध मृत्यु की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाने की मांग की।

थाना प्रभारी रविंद्र पवार ने ज्ञापन प्राप्त कर उसे उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर क्षेत्रीय ब्राह्मण सभा समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
5 कोचिंग संस्थान व लाइब्रेरी सील,मानक न पूरा होने पर हुई कार्रवाई
*रजिस्ट्रेशन व अग्निशमन यंत्र नहीं मिलने पर कार्रवाई

गोंडा। लखनऊ में हुए कोचिंग अग्निकांड के बाद जिले में भी कार्रवाई की गई है।जिला विद्यालय निरीक्षक डाक्टर रामचंद्र ने मंगलवार को अभियान चलाकर पांच लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया है।यह कार्रवाई सुरक्षा मानकों और पंजीकरण नियमों का पालन न करने पर की गई है।सील किए गए संस्थानों में कटरा बाजार विकास खंड की लाइब्रेरी सुपर इंस्टीट्यूट सेंटर शामिल है।इसका पंजीकरण वर्ष 2019 में हुआ था,परन्तु इसका नवीनीकरण नहीं कराया गया था।सेंटर पर अग्निशमन यंत्र भी नहीं था और न ही किसी प्रकार के मानक पूरे किए जा रहे थे।इसी तरह एनसीएम लाइब्रेरी व कम्प्यूटर इंस्टीट्यूट का भी पंजीकरण नहीं था,जिसे सील कर दिया गया।पीसीएस कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरी बंद पाई गई और उसे भी सील कर दिया गया।ज्ञान धारा लाइब्रेरी में दो कमरे व आठ बच्चे मिले परन्तु कोई अभिलेख नहीं दिखाया जा सका,जिसके बाद इसे भी सील कर दिया गया।इसी क्रम में डिजिटल लाइब्रेरी और दैनिक लाइब्रेरी का भी निरीक्षण करने पर पूरे मानक नहीं पाए गए,जिसके कारण इन्हें भी सील कर दिया गया है।जिला विद्यालय निरीक्षक डाक्टर रामचंद्र ने सोमवार को ही सभी कोचिंग व लाइब्रेरी संचालकों को नोटिस जारी कर सुविधाओं के संबंध में जानकारी मांगा था और निर्धारित समय सीमा पूर्ण होते ही जिला विद्यालय निरीक्षक ने एक्शन लेना प्रारंभ कर दिया।जिला विद्यालय निरीक्षक डाक्टर रामचंद्र ने बताया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा।उन्होंने कहा कि जो भी कोचिंग संस्थान व लाइब्रेरी मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं,उन्हें तत्काल प्रभाव से सील किया जाएगा और उनके खिलाफ अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।जिला विद्यालय निरीक्षक ने स्पष्ट किया कि बच्चों की जिंदगी के साथ कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी को कोचिंग संचालन के नियमों का पालन करना होगा।उन्होंने बताया कि लाइब्रेरी के पंजीकरण की अभी कोई गाइड लाइन नहीं है परन्तु जो भी सुरक्षा मानक हैं उसको देखा जा रहा है तथा उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ अग्निकांड: धुएं में घुल गई दोस्ती, राख हो गए सपने—सूरज और संयम की अधूरी कहानी
लखनऊ । लखनऊ के अलीगंज की वह इमारत अब सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं रही। वह एक ऐसी याद बन चुकी है, जहां हर कोना किसी न किसी छात्र की आखिरी सांस का गवाह है। कोचिंग और एनीमेशन सेंटर में लगी आग ने न सिर्फ 15 जिंदगियां छीन लीं, बल्कि कई घरों की पूरी दुनिया उजाड़ दी।

इन 15 कहानियों में सबसे ज्यादा दिल को तोड़ देने वाली कहानी दो दोस्तों—सूरज और संयम—की है। कानपुर के गोविंदनगर और बर्रा के रहने वाले ये दोनों नाम अब सिर्फ एक हादसे के नहीं, बल्कि एक ऐसी दोस्ती के प्रतीक बन गए हैं जो जिंदगी से आगे जाकर भी साथ रही—लेकिन लौटकर कभी नहीं आई।

बचपन से शुरू हुई कहानी, जो आग में खत्म हो गई

सूरज और संयम की दोस्ती किसी कहानी जैसी नहीं थी, वह जिंदगी का हिस्सा थी। रतनलालनगर के दून स्कूल में दोनों ने साथ पढ़ाई की, साथ शरारतें कीं, साथ सपने देखे। टीचर उन्हें हमेशा एक जोड़ी की तरह याद रखते थे—जहां एक बोलता था, दूसरा समझ जाता था।

स्कूल के बाद भी यह साथ नहीं टूटा। दोनों ने एक ही एनीमेशन स्टूडियो में नौकरी जॉइन की। परिवारों को भरोसा था कि यह दोस्ती अब भविष्य की सफलता बनेगी। लेकिन किसे पता था कि यह साथ एक ही आग में खत्म होने वाला है।

वह दोपहर, जब धुआं किस्मत बन गया

अलीगंज स्थित उस इमारत में रोज़ की तरह क्लास चल रही थी। किसी को यह अहसास नहीं था कि ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद वेयरहाउस में उठती एक चिंगारी कुछ ही मिनटों में मौत का तूफान बन जाएगी।

दोपहर करीब ढाई बजे आग लगी। पहले किसी ने इसे मामूली समझा, लेकिन कुछ ही मिनटों में धुआं इतनी तेजी से ऊपर की मंजिलों तक पहुंचा कि तीसरी मंजिल पर मौजूद छात्र फंस गए। सीढ़ियों से उतरना मुश्किल हो गया, खिड़कियों से बाहर की हवा भी जहरीली हो चुकी थी।

कुछ छात्रों ने मदद के लिए चिल्लाया, कुछ ने फोन उठाए, कुछ ने खिड़कियों से झांककर आखिरी उम्मीद तलाशने की कोशिश की—लेकिन आग उम्मीदों से तेज थी।

आखिरी फैसला—साथ जिए, साथ मरेंगे

इसी अफरा-तफरी के बीच सूरज और संयम भी फंस गए। परिजनों के अनुसार, दोनों ने भागने की कोशिश की, लेकिन धुआं इतना घना था कि सांस लेना मुश्किल हो गया। शायद उसी पल दोनों ने एक-दूसरे का हाथ नहीं छोड़ा।

कहा जाता है कि दोनों ने किसी कमरे या बाथरूम में खुद को बंद कर लिया, यह सोचकर कि शायद वहां थोड़ी देर और सांस मिल जाए। लेकिन आग ने दीवारों तक को गर्म कर दिया था। दम घुटने से दोनों की मौत हो गई—लेकिन सबसे दर्दनाक बात यह थी कि वे आखिरी पल तक भी साथ थे।

यह सिर्फ मौत नहीं थी, यह उस दोस्ती का अंत था जो जिंदगी से बड़ी लगती थी।

घर पहुंचे तो टूट गया आसमान

जब संयम का शव गोविंदनगर पहुंचा, मां सोनिया की चीख ने पूरे मोहल्ले को हिला दिया। वह बार-बार बेटे को पकड़कर पूछती रहीं—“बोल क्यों नहीं रहा तू? अभी तो ठीक था ना तू…” हर शब्द जैसे किसी दिल पर हथौड़ा था।

पड़ोसी भी रो पड़े, क्योंकि संयम वही लड़का था जो हमेशा मुस्कुराकर मिलता था। किसी ने सोचा भी नहीं था कि उसकी मुस्कान इतनी जल्दी खामोश हो जाएगी।

इधर सूरज के घर का हाल भी अलग नहीं था। मां मीरा बेटे के शव से लिपटकर बार-बार बेहोश हो रही थीं। कुछ घंटे पहले ही बेटा उन्हें फोन पर कहकर गया था कि वह ठीक है। लेकिन लौटकर वह खुद नहीं आया।

जिम्मेदारियों से भरा एक अधूरा सफर

सूरज सिर्फ एक छात्र या कर्मचारी नहीं था। वह अपने परिवार की रीढ़ था। पिता की मौत के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी उसी पर आ गई थी। छोटे भाई और बहन की पढ़ाई, घर का खर्च, भविष्य की उम्मीदें—सब कुछ उसी के कंधों पर था।

वह हाल ही में शादी के लिए लड़की देखने भी गया था। घर में नई शुरुआत की बातें हो रही थीं। लेकिन अब वहां सिर्फ सन्नाटा है—और एक ऐसा खालीपन, जिसे कोई भर नहीं सकता।

रेस्क्यू, जो देर से पहुंचा

हादसे के बाद SDRF और दमकल विभाग ने बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि नियंत्रण पाना मुश्किल हो गया। दो घंटे के भीतर 15 शव बरामद किए गए और कई घायल अस्पताल पहुंचाए गए।

हर निकला हुआ शव एक कहानी खत्म कर रहा था, और हर घायल आंखें एक नई उम्मीद ढूंढ रही थीं।

अंतिम यात्रा—जहां दोस्ती भी जल उठी

सूरज और संयम का अंतिम संस्कार अलग-अलग स्थानों पर हुआ, लेकिन दोनों घरों की हालत एक जैसी थी—टूटा हुआ परिवार, सूनी आंखें और खत्म होते सपने।

मोहल्ले के लोग आज भी कहते हैं कि दोनों की दोस्ती इतनी गहरी थी कि मौत भी उन्हें अलग नहीं कर सकी। वे साथ जिए, साथ काम किया और साथ ही इस दुनिया से चले गए।

एक सवाल, जो हर दिल में रह गया

यह हादसा सिर्फ आग नहीं था। यह एक चेतावनी थी—उन लापरवाहियों की, जिनके बीच हम अपने बच्चों को छोड़ देते हैं।

क्या यह हादसा टल सकता था? क्या ये 15 जिंदगियां बच सकती थीं?

इन सवालों के जवाब शायद कभी न मिलें, लेकिन सूरज और संयम की कहानी हमेशा याद दिलाती रहेगी कि कुछ दोस्तियां इतनी सच्ची होती हैं कि वे मौत के बाद भी खत्म नहीं होतीं—बस खामोश हो जाती हैं।
UN में भारत ने फिर पाकिस्‍तान को लताड़ा, कश्मीर के जिक्र पर सीखा दिया सबक

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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की एरिया फॉर्मूला बैठक में भारत ने पाकिस्तान को फिर कड़ा जवाब दिया है। भारत ने जम्मू-कश्मीर पर की गई पाकिस्तान की टिप्पणियों को पूरी तरह खारिज कर दिया। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वतनेनी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और यह भारत का आंतरिक मामला है।

जम्मू-कश्मीर पर पाक की टिप्पणी को बताया गैर जरूरी

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में चीन और पाकिस्तान की ओर से आयोजित एरिया फॉर्मूला बैठक के दौरान भारत ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान को कड़ा और स्पष्ट जवाब दिया। भारतीय राजदूत ने हरीश पर्वतनेनी कहा, "यह हैरानी की बात है कि सह अध्यक्ष होने के बावजूद पाकिस्तान ने एरिया फॉर्मूला बैठक का राजनीतिक करण किया और भारत के जम्मू-कश्मीर इलाके पर गैर जरूरी टिप्पणियां कीं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि "केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का मामला पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है। यह हमेशा से ऐसा ही रहा है, अभी भी है और आगे भी ऐसा ही रहेगा।"

यूएन को भी दिखाया आईना

भारत ने इस मौके पर सुरक्षा परिषद के पुराने प्रस्तावों और मध्यस्थता तंत्रों की प्रासंगिकता पर भी सवाल उठाए। पी. हरीश ने कहा कि समय के साथ अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां बदलती हैं, ऐसे में सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और मध्यस्थता ढांचों की भी समय-समय पर समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के चैप्‍टर-6 के तहत बनाए गए मध्यस्थता तंत्र स्थायी नहीं माने जा सकते और बदलते वैश्विक परिदृश्य में उनकी उपयोगिता का आकलन जरूरी है।

गंगा दशहरा पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर मनौती मांगी
घाटों पर पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही, बैरीकेटिंग के आगे, श्रद्धालु स्नान न करें सुरक्षा करनी सीटी बजाते रहे

फर्रुखाबाद l गंगा दशहरा को लेकर जनपद के पांचाल घाट,श्रंगीरामपुर और ढाई घाट पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान कर डुबकी लगाई और पूजा अर्चना कर मनौती भी मांगी । पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने कहां कि जनपद के तीनों घाटों पर सुरक्षा की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है l उन्होंने कहा कि घाटों पर अस्थाई रूप से किनारे किनारे वेरीकेटिंग भी की गई है क्योंकि इन घाटों पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान करने के लिए आसपास जनपदों से आते हैं इसलिए इन घाटों पर भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है । उन्होंने कहा कि स्नान करने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षा कर्मी बराबर सीटी बजाकर चेतावनी दे रहे थे कि ज़्यादा गहराई में स्नान ना करें बल्कि किनारे बैठकर स्नान करें।
आजमगढ़:-पहले ही प्रयास में एग्रीकल्चर टेक्निकल असिस्टेंट परीक्षा में सफल हुईं आंधीपुर की रुचि यादव, क्षेत्र में खुशी की लहर
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। फूलपुर तहसील क्षेत्र के आधीपुर गांव निवासी कुमारी रुचि यादव ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित एग्रीकल्चर टेक्निकल असिस्टेंट (टीए) परीक्षा में पहले ही प्रयास में सफलता प्राप्त कर अपने परिवार एवं क्षेत्र का नाम रोशन किया है। कल देर शाम में परिणाम घोषित होने के बाद परिजनों, रिश्तेदारों एवं क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है। रुचि यादव, पुत्री कैलाश प्रसाद उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत, लगन एवं निरंतर अध्ययन के बल पर यह सफलता हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से गांव एवं आसपास के क्षेत्र में हर्ष का वातावरण है तथा बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। रुचि यादव की प्रारंभिक शिक्षा हाईस्कूल तथा इंटरमीडिएट की पढ़ाई मथुरा इंटर कॉलेज, नाहरपुर से हुई। इसके बाद उन्होंने टीडी कॉलेज, जौनपुर से बीएससी (एग्रीकल्चर) एवं बीटीसी की शिक्षा प्राप्त की। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए वह जौनपुर में रहकर निरंतर अध्ययन कर रही थीं। कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने पहले ही प्रयास में यह सफलता अर्जित की। रुचि यादव ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिवारजनों, गुरुजनों एवं अपनी कड़ी मेहनत को दिया है। उन्होंने कहा कि नियमित अध्ययन, आत्मविश्वास और परिवार के सहयोग से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। परिवार के लोगों ने बताया कि रुचि शुरू से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर और मेहनती रही हैं। उनकी इस सफलता से क्षेत्र के अन्य छात्र-छात्राओं को भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रेरणा मिलेगी। ग्रामीणों एवं शुभचिंतकों ने रुचि यादव को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल बना हुआ है।
आजमगढ़: पोखरें में डूबने से बालक की मौत, परिजनों का रो रोकर बुरा हाल
आजमगढ़।निजामाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत फरिहा ग्राम के सवाई मोहल्ले में स्थित पोखरे के पास खेल रहे बच्चों के साथ युसूफ पुत्र अशफाक जिसकी उम्र 6 वर्ष खेल रहा था . पोखरे में फिसल कर गिरने की वजह से डूब कर मौत हो गई. ग्रामीण जनता ने बताया कि बच्चों के पानी में गिरते ही साथ खेल रहे अन्य बच्चों ने शोर मचाना शुरू किया. जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचे तब तक यूसुफ पानी में डूब चुका था. ग्रामीणों ने बच्चों को पोखरी से बाहर निकालें . परिजन और ग्रामीण तत्काल उसे अस्पताल लेकर पहुंचे . चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत्यु घोषित कर दिया . युसूफ दो भाई और एक बहन मैं दूसरे नंबर पर था. सवाई मोहल्ले में मातम छाया हुआ है. परिवार के लोगों को रो-रो कर बुरा हाल हो गया है.
आजमगढ़: बीपीएससी व सीए बनने वाले युवको का गांव में हुआ सम्मान दिखी गंगा जमुनी तहजीब
आजमगढ़। जनपद के अहरौला थाना क्षेत्र के परगाशपुर गांव निवासी उदय प्रताप यादव पुत्र सुभाष ने बिहार पीसीएस में पांचवी रैंक प्राप्त की है वही गांव के ही मु. अब्दुल्ला पुत्र निजामुद्दीन सीए की परीक्षा पास कर चार्टर अकाउंटेंट बने हैं दोनों युवक मंगलवार को जब गांव मे एक साथ पहुंचे तो गंगा जमुनी तहजीब देखते ही बनती थी हर वर्ग हर समाज के लोगों ने दोनों युवकों का गांव में पहुंचने पर माला फूल बनाकर स्वागत सम्मान किया और इस प्रतिभा पर गर्व हो रहा था अपने गांव में पहुंचे तो ढोल नगाड़े के साथ दोनों युवाओं का गांव वालों ने स्वागत किया और माला फूल पहना कर सम्मानित किया गया मौके पर पहुंचे क्षेत्रीय विधायक डॉक्टर संग्राम यादव ने बिहार पीसीएस में पांचवी रैंक प्राप्त करने वाले उदय प्रताप यादव व सीए बनने वाल मोहम्मद अब्दुल्ला को अंगवस्त्र स्मृति चिन्ह के रूप में संविधान की किताब देकर सम्मानित किया डॉ. यादव ने कहा आज बहुत ही गौरव का विषय है और युवाओं के लिए प्रेरणा भी है कि गांव के साथ पढ़ने वाले दो युवक जो एक बीपीएससी 70 वी परीक्षा में गांव और परिवार का नाम रोशन किया है तो मु. अब्दुल्ला सीए बने इन युवाओं से लोगों को प्रेरणा लेनी चाहिए वही बीपीएससी में पांचवी रैंक प्राप्त करने वाले उदय प्रताप यादव ने इसका श्रेय अपने चाचा मुन्नू यादव को दिया सीए बनने वाले मोहम्मद अब्दुल्ला ने भी अपने मुंबई में रह रहे चाचा जबैद अली को दिया वहीं अपने पिता निजामुद्दीन को भी टेंट हाउस के छोटे से व्यवसाय से परिवार और पढ़ाई के लिए भी कुछ-कुछ पैसे निकाल कर सहयोग करते रहे जिससे आज सफलता मिली है। दोनों लोगों का गांव में पहुंचने पर गांव वालों ने स्वागत सम्मान किया। इस मौके पर प्रभुदीन यादव, साहबलाल, श्री चंद यादव,सज्जन, रामलाल यादव, वंशराज यादव, दिनेश यादव, बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।।
जहानाबाद में आधुनिक तकनीक की नई शुरुआत, मां वैष्णो स्टील सीएनसी का हुआ शुभारंभ

जहानाबाद। शहर के सब्जी मंडी, रेलवे स्टेशन रोड स्थित मां वैष्णो स्टील सीएनसी का भव्य शुभारंभ जिला परिषद सदस्य सोनू राधे द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने फीता काटकर प्रतिष्ठान का उद्घाटन किया तथा आधुनिक सीएनसी लेजर कटिंग मशीन का अवलोकन किया। उन्होंने इसे जहानाबाद के औद्योगिक और व्यावसायिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सोनू राधे ने कहा कि यह मशीन जहानाबाद में अपनी तरह की पहली अत्याधुनिक सीएनसी लेजर कटिंग मशीन है, जो डिजिटल तकनीक के माध्यम से कम समय में बेहतरीन और आकर्षक डिजाइन तैयार करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि अब जिले के लोगों को आधुनिक डिजाइन वाले गेट, ग्रिल, रेलिंग, खिड़की, फॉल्स सीलिंग और अन्य सजावटी स्टील उत्पादों के लिए पटना, गया या अन्य बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि आज के दौर में लोग अपने घर, अपार्टमेंट और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को आधुनिक और आकर्षक स्वरूप देना चाहते हैं। ऐसे में सीएनसी तकनीक से तैयार डिजाइन लोगों की पसंद बन रहे हैं। अब ग्राहक अपनी पसंद का कोई भी डिजाइन मोबाइल, कंप्यूटर या फोटो के माध्यम से लेकर आएंगे, जिसे मशीन द्वारा हूबहू काटकर तैयार किया जा सकेगा।

सोनू राधे ने बताया कि इस तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सटीकता और तेजी है। पहले जहां इस प्रकार के डिजाइन बाहर से मंगाने में काफी समय और अतिरिक्त खर्च लगता था, वहीं अब वही सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगी। इससे ग्राहकों का समय और पैसा दोनों बचेगा तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। संस्थान के प्रोपराइटर दीपक कुमार ने बताया कि मां वैष्णो स्टील सीएनसी में अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से लोहे एवं स्टील के गेट, ग्रिल, रेलिंग, फॉल्स सीलिंग पैनल, सजावटी शीट और अन्य डिजाइनर उत्पाद तैयार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ग्राहकों की आवश्यकता और पसंद के अनुसार विशेष डिजाइन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि सीएनसी लेजर कटिंग तकनीक की मदद से जटिल से जटिल डिजाइन भी बेहद सफाई और सटीकता के साथ तैयार किए जा सकते हैं। अनुभवी कारीगरों और आधुनिक तकनीक के समन्वय से ग्राहकों को गुणवत्ता, मजबूती और आकर्षक डिजाइन का बेहतर विकल्प मिलेगा।

स्थानीय लोगों ने भी इस नई पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रतिष्ठान के खुलने से जहानाबाद में आधुनिक निर्माण और इंटीरियर डिजाइनिंग के क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी। लोगों ने उम्मीद जताई कि यह प्रतिष्ठान न केवल जिले के विकास में योगदान देगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।

आजमगढ़ : क्षेत्र की सबसे वृद्ध 106 वर्ष की आयु में सत्यभामा सिंह का निधन
सिद्धेश्वर पाण्डेय
व्यूरो चीफ
आजमगढ़।  फूलपुर तहसील के कोर्राघाटमपुर के मियांपुर निवासी सबसे वृद्ध सत्यभामा सिंह का सोमवार देर शाम 106 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह पिछले एक सप्ताह से अस्वस्थ चल रही थीं। देर शाम अचानक उनकी सांसें थम गईं।
क्षेत्र की सबसे वृद्ध महिला सत्यभामा सिंह के निधन से परिवार में शोक की लहर है। उनके परिवार में तीन पुत्र और दो पुत्रियां हैं। निधन की सूचना मिलते ही शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए संभ्रांत लोगों का तांता लग गया।
 शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में  बांकेलाल सिंह, भाजपा नेता अमित सिंह, संतोष सिंह, साजन सिंह, रामफेर यादव, चन्दन सिंह, देवेन्द्र सिंह,रामलाल मौर्य, पूर्व प्रधान मोहनलाल सोनकर,सर्वेश सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे और परिजनों को ढांढस बंधाया। गांव में शोक का माहौल है।
भारत तिवारी प्रकरण में क्षेत्रीय ब्राह्मण सभा समिति ने थाना प्रभारी रविंद्र पवार को सौंपा ज्ञापन
बहसूमा। बिहार के भोजपुर जनपद में भारत तिवारी की संदिग्ध मृत्यु के मामले को लेकर क्षेत्रीय ब्राह्मण सभा समिति, रामराज के पदाधिकारियों ने सोमवार को थाना बहसूमा पहुंचकर थाना प्रभारी निरीक्षक रविंद्र पवार को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में समिति के पदाधिकारियों ने भारत तिवारी की कथित फर्जी पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। साथ ही दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता, सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग उठाई गई।

समिति के अध्यक्ष पंडित विपिनचंद्र शर्मा ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति पर आरोप हैं तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन किसी भी संदिग्ध मृत्यु की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाने की मांग की।

थाना प्रभारी रविंद्र पवार ने ज्ञापन प्राप्त कर उसे उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर क्षेत्रीय ब्राह्मण सभा समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।