वंदे मातरम की शान में,विश्व हिंदू महासंघ मैदान में

सुल्तानपुर।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा व विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष भिखारी प्रजापति  के निर्देश पर वंदे मातरम गीत की 151 वर्षगांठ व 23 मार्च को शहीद भगत सिंह,शहीद सुखदेव व शहीद राजगुरु के 95 वीं शहादत दिवस पर विश्व हिंदू महासंघ की सुल्तानपुर इकाई ने मा.मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित एक ज्ञापन जिलाध्यक्ष डॉ कुंवर दिनकर प्रताप सिंह के नेतृत्व में अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद को सौंपा जिसमें यह मांग की गई कि जिलाधिकारी कार्यालय के सामने तिकोनिया पार्क के निकट के चौराहे को वंदे मातरम चौक घोषित किया जाए जिससे आने वाली पीढ़ी को वंदे मातरम गीत से परिचित कराया जा सके और शहीदों के प्रति उनके मन में श्रद्धा भाव उत्पन्न हो सके।

न.पा.प.द्वारा उक्त चौराहे को वंदे मातरम चौक घोषित होने के बाद जिला इकाई अपने जिले के शहीदों के चित्र,तिरंगा ध्वज,यातायात संकेतक भारत माता के चित्र तथा वंदे मातरम गीत की पट्टीका से उसे सजाने का पूरा प्रयास करेगा,ज्ञापन देने के लिये जिला महामंत्री सचिन पांडे,मीडिया प्रभारी/प्रवक्ता रमेश महेश्वरी,प्रख्यात कथा वाचक दिनेशानंद महाराज,राकेश सिंह दद्दू,राजेश पाठक, शनी मिश्रा,सुजीत कसौधन,शुभम दुबे आदि मौजूद रहे।
स्मार्टमीटर के नाम पर ठगी जा रही शहर की जनता : वरुण मिश्र
जनपद में स्मार्टमीटर को लेकर उपभोक्ता परेशान है अधिकारियों में भी इस बात को लेकर असमंजस की स्थिति है कोई भी जिम्मेदार ब्यक्ति इस प्रकरण पर कुछ बोल नहीं पा रहा है विद्युत बिल मनमाने ढंग से आ रहे हैं बिल अपडेट नहीं हो रहे हैं इन सभी समस्याओं को लेकर नगरपालिका के पूर्व प्रत्याशी वरुण मिश्र व अधिवक्ता राघवेंद्र सिंह ने कलेक्ट्रेट पहुंच कर जिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है वरूण मिश्र ने कहा कि जनता को ठगने वाला काम चल रहा है नाम तो स्मार्टमीटर है लेकिन उसका काम मूर्ख बनाने वाला है उन्होंने जनता से अपील की कि इसका बहिष्कार करें उन्होंने लोगों से स्मार्टमीटर न लगवाने की अपील की, अधिवक्ता व आर टी आई एक्टिविस्ट राघवेंद्र सिंह ने कहा कि स्मार्टमीटर में बहुत खामियां हैं और कोई समस्याएँ सुनने वाला कोई नहीं है अधिकारी मस्त हैं जनता त्रस्त है लेकिन ऐसा चलने नहीं दिया जाएगा इस अवसर पर अख्तर राइन, धर्मात्मा सिंह, हिमांशु मिश्रा, प्रभाशंकर पाण्डेय, गौरव सिंह संतोष तिवारी, आकाश शुक्ल समेत दर्जनों लोग उपस्थित रहे सबने 1 स्वर में कहा कि यदि 15 दिनों में इसपर कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं हुई तो सड़क पर उतर कर आंदोलन किया जाएगा।
महिलाओं के लिए बड़ा मौका: UP रोडवेज में 2584 कंडक्टर भर्ती, 25 मार्च से रोजगार मेलों की शुरुआत
लखनऊ । उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 2584 संविदा महिला परिचालकों (कंडक्टर) की भर्ती की जाएगी। इस भर्ती प्रक्रिया के लिए प्रदेशभर में रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है, जिसकी शुरुआत 25 मार्च से होगी।परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि चयनित अभ्यर्थियों को उनके गृह जनपद के डिपो में ही तैनाती दी जाएगी, जिससे उन्हें अपने क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिल सकें।

इंटरमीडिएट पास और CCC प्रमाणपत्र होना अनिवार्य

उन्होंने बताया कि भर्ती के लिए अभ्यर्थी का इंटरमीडिएट पास होना और CCC प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है। इसके साथ ही उम्मीदवार का उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन या उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन से जुड़ा होना भी जरूरी है।मेरिट में NCC ‘B’ सर्टिफिकेट, NSS, स्काउट-गाइड के राज्य या राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त अभ्यर्थियों को 5 प्रतिशत अतिरिक्त वेटेज दिया जाएगा। चयन प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट आधारित होगी, जिसमें इंटरमीडिएट के अंकों के आधार पर चयन किया जाएगा। चयनित महिला परिचालकों को संविदा पर अन्य परिचालकों के समान वेतनमान मिलेगा।

कब-कहां लगेंगे रोजगार मेले

25 मार्च: सहारनपुर, झांसी, कानपुर, चित्रकूटधाम-बांदा, प्रयागराज
28 मार्च: गाजियाबाद, अलीगढ़, बरेली, अयोध्या, वाराणसी
30 मार्च: मेरठ, इटावा, हरदोई, देवीपाटन, आजमगढ़
1 अप्रैल: नोएडा, आगरा, मुरादाबाद, लखनऊ, गोरखपुर
इच्छुक महिला अभ्यर्थी अपने नजदीकी क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकती हैं।
प्रतापगढ़ में सनसनी: पूर्व प्रधान की बोरी में मिली लाश, प्रेम प्रसंग में महिला समेत 3 पर हत्या का आरोप
लखनऊ । प्रतापगढ़ जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां चार दिन से लापता पूर्व प्रधान गुलहसन उर्फ मुन्ना (50) का शव बोरी में बंद हालत में नहर से बरामद हुआ। इस सनसनीखेज हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग का मामला सामने आया है।
पुलिस के अनुसार, मानधाता थाना क्षेत्र के मिश्रपुर मुस्तरका निवासी गुलहसन 18 मार्च को बाइक से घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। तीसरे दिन उनकी बाइक, चाबी और हेलमेट मऊआइमा क्षेत्र में लावारिस हालत में मिले, जिसके बाद पुलिस की जांच तेज कर दी गई।
जांच के दौरान मोबाइल कॉल डिटेल और परिजनों के शक के आधार पर पुलिस ने सुमन देवी नामक महिला को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने चौंकाने वाला खुलासा किया और हत्या की बात कबूल कर ली।
महिला ने बताया कि उसका गुलहसन के साथ प्रेम संबंध था, लेकिन वह उससे पीछा छुड़ाना चाहती थी। आरोप है कि गुलहसन उस पर मिलने का दबाव बना रहा था और ब्लैकमेल भी कर रहा था। इसी से परेशान होकर उसने अपने भाई अतुल गौतम और उसके दोस्त अरुण गौतम के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
18 मार्च की रात गुलहसन जब उससे मिलने बगियापुर पहुंचा, तो तीनों ने मिलकर उस पर लोहे की रॉड से हमला कर हत्या कर दी। इसके बाद शव को उर्वरक की बोरी में भरकर शारदा सहायक नहर में फेंक दिया।
रविवार सुबह सुमेरपुर के पास नहर में बोरी में शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची मृतक की पत्नी किस्मतुल निशा ने शव की पहचान की। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक गुलहसन ने दो शादियां की थीं और वह 18 बच्चों के पिता थे। गांव में इस घटना के बाद शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है। देर शाम शव को गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है, जबकि अन्य दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
गैस बुकिंग पर आया एक और अपडेट, कोटे से अधिक सिलिंडर के लिए देनी होगी ये जानकारी; क्या है नया नियम

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।एलपीजी सिलिंडरों की किल्लत के बीच नया अपडेट आया है। भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने एक नई प्रक्रिया शुरू की है। अब कोटे से अतिरिक्त सिलिंडर चाहिए होंगे तो प्रयोजन बताना होगा। घर में शादी है या भंडारा, परिवार के सदस्यों और आने वाले मेहमानों की भी जानकारी देनी होगी।

एलपीजी सिलिंडरों की किल्लत के बीच भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने एक नई प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिन उपभोक्ताओं ने सालाना कोटे के 12 सिलिंडर रिफिल करा लिए हैं, उन्हें नई बुकिंग के लिए हेलो बीपीसीएल एप पर जाकर सवालों के जवाब देने होंगे। परिवार के सदस्यों की संख्या, आने वाले मेहमानों का विवरण, घर में शादी, भंडारा या कोई अन्य आयोजन है तो उसकी भी जानकारी देनी होगी। तभी सिलिंडर बुक होगा। 

रविवार से लागू इस नियम की जानकारी गैस एजेंसी संचालकों और उपभोक्ताओं को भी नहीं थी। सुबह से ही मोबाइल फोन से बुकिंग की कोशिश कर रहे लोग असफल होने पर गैस एजेंसी पहुंचे। एजेंसी पर मौजूद स्टाफ को भी इसकी जानकारी नहीं थी। संचालक ने कंपनी के अधिकारियों को कॉल की तो इस नई प्रक्रिया की जानकारी मिली। 

ऑल इंडिया एलपीजी डिस्टि्रब्यूटर्स एसोसिएशन के प्रदेश सचिव आदर्श गुप्ता के मुताबिक, एक वित्त वर्ष में उपभोक्ता 12 सिलिंडर ले सकते हैं। कई उपभोक्ताओं का कोटा पूरा हो चुका है।  

बीपीसीएल कंपनी के नए दिशा-निर्देशलिहाजा, बीपीसीएल कंपनी के नए दिशा-निर्देश के तहत अब उपभोक्ताओं को बुकिंग के लिए मोबाइल एप डाउनलोड करना होगा। क्रमवार सवालों के जवाब देने होंगे। उसके बाद ही बुकिंग होगी। 

उपभोक्ताओं को होगी परेशानीस्मार्टफोन के दौर में भी तमाम शहरी और ग्रामीण उपभोक्ता कीपैड वाला फोन ही चलाते हैं। कई ऐसे हैं जो स्मार्टफोन खरीद नहीं सकते हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को कोटे के अलावा गैस बुकिंग के लिए फोन खरीदना, एप डाउनलोड कर सवालों के जवाब देना भी कठिन होगा। ऐसी स्थिति में घर बैठे एलपीजी बुकिंग की सहूलियत का लाभ भी नहीं मिलेगा। उनको एजेंसी के चक्कर काटने पड़ सकते हैं।

पूछे जाएंगे ये सवाल- परिवार में छह या इससे अधिक सदस्य हैं?- परिवार में मेहमान आए हैं।- शादी, भंडारा या अन्य कोई कार्यक्रम है।- अन्य घरेलू उपयोग के लिए। 

काला हिरण सरक्षित क्षेत्र :योजना ही बनाता रह गया प्रयागराज वन विभाग, बीत गई सर्दी पर नहीं हुई मृगों की गणना

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।कृष्ण मृग (ब्लैकबग) संरक्षित क्षेत्र में काले हिरणों के झुंड साल दर साल वृहद आकार ले रहे हैं। विलुप्ति के संकट से घिरे हिरणों का कुनबा बढ़ना सुखद समाचार है। इनकी संख्या में कितनी बढ़ी, इसकी सटीक जानकारी इन्हें संरक्षित करने वाले विभाग के पास भी नहीं है। हालांकि समय-समय पर विभाग इनकी गणना कराता रहा है। करीब तीन वर्ष बाद इस बार सर्दी के मौसम में इसकी योजना बनी थी, लेकिन वन विभाग सिर्फ तैयारी ही करता रह गया।

वर्ष 2017 में कृष्ण मृग संरक्षित क्षेत्र घोषित यमुनापार में मेजा के चांद खमरिया में लगभग 126 हेक्टेयर में यह कृष्ण मृग संरक्षित क्षेत्र स्थित है। काले हिरण पहाड़ी इलाकों, पथरीले मैदानों व जंगलों के मिश्रित क्षेत्र में रहना पसंद करते हैं। चांद खमरिया व उसके आसपास का इलाका भी ऐसा ही है, इस नाते सरकार ने इस क्षेत्र को वर्ष 2017 में कृष्ण मृग संरक्षित क्षेत्र घोषित किया था। कुलाचे भरते काले हिरणों की एक झलक देखने के लिए प्रयागराज के दूरस्थ इलाकों से ही नहीं रायबरेली, बांदा, प्रतापगढ़, कौशांबी, चित्रकूट के अलावा मध्य प्रदेश से भी बड़े पैमाने पर पर्यटक आते हैं।

तीन वर्ष पूर्व गणना में हिरणों की संख्या करीब 500 थी

करीब तीन वर्ष पूर्व इनकी गणना हुई थी। तक हिरणों की संख्या लगभग 500 के आसपास थी। अनुमान के आधार पर विभाग हिरणों की संख्या 600 से अधिक बता रहा है। इस साल जनवरी में अयोध्या स्थित आचार्य नरेंद्र देव विश्वविद्यालय की टीम से हिरणों की गणना कराने की तैयारी थी। हालांकि विभाग सिर्फ योजना ही बनाता रह गया। डीएफओ अरविंद कुमार का कहना है कि गणना को लेकर विश्वविद्यालय की टीम से फिर संपर्क किया जाएगा।

आसान नहीं गर्मी में सटीक गणना

जानकारों का कहना है कि सर्दी में संरक्षित क्षेत्र में न पानी की कमी होती है और न चारे की। धूप सेकने के चक्कर में यह ज्यादातर खुले मैदानों में रहते हैं। जबकि, गर्मी के दिनों में हिरण चारे-पानी व छांव की तलाश में कई-कई किमी दूर तक भटकते रहते हैं। एक जगह पर उनका मिलना मुश्किल होता है। ऐसे में अगर, गर्मी में गणना कराई भी गई तो वह ज्यादा सटीक नहीं होगी।

जल की एक-एक बूंद अमृत के समान, प्रयागराज के सीएमपी डिग्री कॉलेज में जल संकट की समस्या पर जताई चिंता

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।विश्व जल दिवस के उपलक्ष्य में सीएमपी डिग्री काॅलेज एवं राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी ने नासी सभागार में कार्यशाला की। 'पानी एवं हमारा भविष्य' विषय पर बोलते हुए मुख्य अतिथि अध्येता अरुण तिवारी ने कहा कि जल की चुनौतियों से पूरी दुनिया जूझ रही है। भारत का समाज शुरु से प्रकृति का पूजक रहा है। समाज ने ही तालाब बनाया कुंएं बनाए और नदियां अविरल, निर्मल एवं सदानीरा थीं। व्यक्ति, संस्था एवं समुदाय के स्तर पर हमको अपनी जिम्मेदारी तय करनी होगी। जल चक्र ठीक करने की आवश्यकता है।

जल प्रबंधन एवं वर्षा जल संचयन पर जोर

World Water Day 2026 जल साक्षरता सर्टिफिकेट कोर्स के संयोजक डाॅ. प्रमोद शर्मा ने कहा कि पानी की एक एक बूंद अमृत के समान हैं। जल प्रबंधन एवं वर्षा जल संचयन एवं पौधारोपण से हम बहुत सी समस्याओं को कम कर सकते हैं। शुद्ध पेय जल सबको उपलब्ध होना चाहिए। नासी के सचिव डाॅ. संतोष शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने नासी के उद्देश्य एवं अपने विचारों को साझा किया। छात्र-छात्राओं ने गंगा गैलरी का अवलोकन भी किया।

पुरस्कृत हुए छात्र-छात्राएं

World Water Day 2026 निबंंध लेखन में प्रथम पुरस्कार अनुष्का आरख, द्वितीय पुरस्कार ज्योति त्रिपाठी एवं निष्ठा नाथ को तृतीय पुरस्कार शांति सिंह एवं अनन्या सिंह को दिया गया। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में शिल्पी सिंह को प्रथम पुरस्कार, अनन्या सिंह और वंदना तिवारी को द्वितीय पुरस्कार, मैत्रीय कपूर एवं भूमिखा आरख को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। आर्यशेखर, प्रो. एसएम प्रसाद, डा. डीके साहू, डा. सर्वेश सिंह, डा. पूजा गौर, डा. श्रद्धा श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।

आठ माह में तैयार हुई बड़ी पेयजल योजना, बभनकुइया में घर-घर नल से शुद्ध पानी पहुंचा — जल जीवन मिशन का ग्रामीणों को मिला सीधा लाभ

विश्व जल दिवस पर भव्य जल अर्पण दिवस समारोह, सांसद प्रवीण पटेल और विधायक दीपक पटेल की मौजूदगी में गांव को समर्पित हुई योजना, जल संरक्षण का दिलाया गया संकल्प

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।विश्व जल दिवस के अवसर पर विकास खंड सहसों के ग्राम बभनकुइया में जल जीवन मिशन के अंतर्गत तैयार की गई पेयजल योजना को विधिवत जनता को समर्पित किया गया। जल अर्पण दिवस के रूप में आयोजित इस भव्य समारोह में क्षेत्रीय सांसद प्रवीण पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम का संचालन जिला समन्वयक अश्विनी श्रीवास्तव द्वारा किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत जल संरक्षण की शपथ दिलाकर की गई। उपस्थित लोगों को जल बचाने, स्वच्छ पानी का उपयोग करने तथा जल स्रोतों को सुरक्षित रखने का संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर विधायक दीपक सिंह पटेल तथा अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे संजीव कुमार शाक्य भी समारोह में मौजूद रहे। समारोह के दौरान जल जीवन मिशन के अंतर्गत तैयार की गई नल पेयजल योजना को जल अर्पण कर ग्राम प्रधान अशोक कुमार को सौंपा गया।

योजना के चालू होते ही ग्राम बभनकुइया के सैकड़ों परिवारों को घर-घर शुद्ध पेयजल मिलने की व्यवस्था शुरू हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले उन्हें पानी के लिए दूर स्थित हैंडपंप, कुएं और तालाबों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे काफी परेशानी होती थी, लेकिन अब नियमित जलापूर्ति से बड़ी राहत मिली है। अधिशासी अभियंता प्रवीण कुट्टी ने बताया कि इस योजना को लगभग आठ माह की अवधि में पूरा किया गया। कार्यदायी संस्था लार्सन एंड टूब्रो निर्माण दल द्वारा पाइप लाइन बिछाने, पानी की टंकी बनाने तथा घर-घर कनेक्शन देने का कार्य तेजी से किया गया, जिससे समय से पहले योजना पूरी हो सकी। योजना के पूर्ण होने से पूरे गांव को स्थायी पेयजल व्यवस्था से जोड़ दिया गया है।

समारोह के दौरान अतिथियों ने वृक्षारोपण कर जल संरक्षण का संदेश दिया और लोगों से जल बर्बादी रोकने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक घर तक नल से स्वच्छ पानी पहुंचाना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बीमारी कम होगी, स्वच्छता बढ़ेगी और जीवन स्तर में सुधार होगा। इस अवसर पर जल जीवन मिशन के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुट्टी, सहायक अभियंता, अवर अभियंता, जिला समन्वयक अश्विनी श्रीवास्तव, कार्यदायी संस्था के परियोजना निदेशक शुभंकर सिल, गोविन्दराजन, साहिदुल इस्लाम, प्रशांत मिश्रा, आकाश यादव सहित पूरी तकनीकी टीम मौजूद रही। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान अशोक कुमार, पंचायत प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

25 हजार महुआ के पौधे रोपेगा वन विभाग

नितेश श्रीवास्तव

भदोही ।जिले में इस साल भी थीम बेस 25 हजार महुआ के पेड़ों का रोपण किया जाएगा। वन विभाग की ओर से इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। ये सभी पौधे एक ही क्षेत्र में रोपे जाएंगे। इसका उद्देश्य यह है कि क्षेत्र के जलस्तर में सुधार किया जा सके। वन विभाग की नर्सरी में करीब 30 हजार महुआ के पौधे तैयार किए जा रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण और जन जागरूकता बढ़ाने के लिए थीम-आधारित पौधारोपण प्रभावी पहल है। इस थीम पर पौधरोपण होने से न सिर्फ सुंदरता दिखती है, बल्कि सघन वन क्षेत्र भी बनता है। इसे या तो एक ही स्थान पर या फिर सड़क के किनारे रोपित किया जाता है।

रोपित पौधों की ऊंचाई एक बराबर होती है। खासकर यह पौधे चार फीट के ऊपर होते हैं। वन विभाग ऐसी ही जगह या सड़क का चयन करने मेें जुटा है। जमीन चिह्नित होने पर बारिश के सीजन में ये पौध रोपे जाएंगे। यदि जगह नहीं मिलती है, तो जिले के अलग-अलग स्थानों पर पौधे रोपित किए जाएंगे। जिले के 18 नर्सरी में करीब 16 लाख पौधे तैयार किए जा रहे हैं। इस साल मानसून सीजन में 12 लाख 50 हजार पौधे रोपित करने का लक्ष्य है।




थीम बेस पर 25 हजार महुआ के पौधे लगाने की योजना बनी है। इसके लिए जमीन चिह्नित की जा रही है। मानसून सत्र में पौधरोपण किया जाएगा। - विवेक यादव, डीएफओ, भदोही।
कटाई-मड़ाई की धूल से आंखों में जलन और चुभन, ओपीडी में बढ़े 30 फीसदी मरीज

*नेत्र विभाग में हर दिन पहुंच रहे 100 से ज्यादा मरीज, इसमें सबसे ज्यादा किसान, आंखों में लालिमा सहित अन्य कई तरह की हो रही समस्या*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। इन दिनों सरसों और गेहूं की फसलों की कटाई-मंडाई का सीजन है। फसलों की कटाई-मड़ाई से निकलने वाले धूल और बारीक कण काम के दौरान किसानों की आंखों में चले जा रहे हैं। इस कारण उनकी आंखों में जलन, चुभन, लालिमा सहित अन्य तरह के इंफेक्शन हो रहे हैं। जिला अस्पताल में नेत्र विभाग की ओपीडी इन दिनों मरीजों की संख्या 100 पार कर गई है। डॉक्टर किसानों को कटाई-मड़ाई के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में सोमवार को 792 मरीज ओपीडी में आए। इसमें 116 मरीज आंखों की समस्या से परेशान थे। बीते पांच दिनों से नेत्र विभाग की ओपीडी में अचानक से मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। नेत्र रोग सर्जन डॉ. पीके सिंह ने बताया कि इन दिनों सरसों की कटाई-मड़ाई हो रही है। इससे उड़ने वाली धूल, मिट्टी, तिनका किसानों की आंख में चली जाती है। तेज धूप के कारण भी आंखें लाल हो जा रही हैं।
वंदे मातरम की शान में,विश्व हिंदू महासंघ मैदान में

सुल्तानपुर।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा व विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष भिखारी प्रजापति  के निर्देश पर वंदे मातरम गीत की 151 वर्षगांठ व 23 मार्च को शहीद भगत सिंह,शहीद सुखदेव व शहीद राजगुरु के 95 वीं शहादत दिवस पर विश्व हिंदू महासंघ की सुल्तानपुर इकाई ने मा.मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित एक ज्ञापन जिलाध्यक्ष डॉ कुंवर दिनकर प्रताप सिंह के नेतृत्व में अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद को सौंपा जिसमें यह मांग की गई कि जिलाधिकारी कार्यालय के सामने तिकोनिया पार्क के निकट के चौराहे को वंदे मातरम चौक घोषित किया जाए जिससे आने वाली पीढ़ी को वंदे मातरम गीत से परिचित कराया जा सके और शहीदों के प्रति उनके मन में श्रद्धा भाव उत्पन्न हो सके।

न.पा.प.द्वारा उक्त चौराहे को वंदे मातरम चौक घोषित होने के बाद जिला इकाई अपने जिले के शहीदों के चित्र,तिरंगा ध्वज,यातायात संकेतक भारत माता के चित्र तथा वंदे मातरम गीत की पट्टीका से उसे सजाने का पूरा प्रयास करेगा,ज्ञापन देने के लिये जिला महामंत्री सचिन पांडे,मीडिया प्रभारी/प्रवक्ता रमेश महेश्वरी,प्रख्यात कथा वाचक दिनेशानंद महाराज,राकेश सिंह दद्दू,राजेश पाठक, शनी मिश्रा,सुजीत कसौधन,शुभम दुबे आदि मौजूद रहे।
स्मार्टमीटर के नाम पर ठगी जा रही शहर की जनता : वरुण मिश्र
जनपद में स्मार्टमीटर को लेकर उपभोक्ता परेशान है अधिकारियों में भी इस बात को लेकर असमंजस की स्थिति है कोई भी जिम्मेदार ब्यक्ति इस प्रकरण पर कुछ बोल नहीं पा रहा है विद्युत बिल मनमाने ढंग से आ रहे हैं बिल अपडेट नहीं हो रहे हैं इन सभी समस्याओं को लेकर नगरपालिका के पूर्व प्रत्याशी वरुण मिश्र व अधिवक्ता राघवेंद्र सिंह ने कलेक्ट्रेट पहुंच कर जिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है वरूण मिश्र ने कहा कि जनता को ठगने वाला काम चल रहा है नाम तो स्मार्टमीटर है लेकिन उसका काम मूर्ख बनाने वाला है उन्होंने जनता से अपील की कि इसका बहिष्कार करें उन्होंने लोगों से स्मार्टमीटर न लगवाने की अपील की, अधिवक्ता व आर टी आई एक्टिविस्ट राघवेंद्र सिंह ने कहा कि स्मार्टमीटर में बहुत खामियां हैं और कोई समस्याएँ सुनने वाला कोई नहीं है अधिकारी मस्त हैं जनता त्रस्त है लेकिन ऐसा चलने नहीं दिया जाएगा इस अवसर पर अख्तर राइन, धर्मात्मा सिंह, हिमांशु मिश्रा, प्रभाशंकर पाण्डेय, गौरव सिंह संतोष तिवारी, आकाश शुक्ल समेत दर्जनों लोग उपस्थित रहे सबने 1 स्वर में कहा कि यदि 15 दिनों में इसपर कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं हुई तो सड़क पर उतर कर आंदोलन किया जाएगा।
महिलाओं के लिए बड़ा मौका: UP रोडवेज में 2584 कंडक्टर भर्ती, 25 मार्च से रोजगार मेलों की शुरुआत
लखनऊ । उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 2584 संविदा महिला परिचालकों (कंडक्टर) की भर्ती की जाएगी। इस भर्ती प्रक्रिया के लिए प्रदेशभर में रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है, जिसकी शुरुआत 25 मार्च से होगी।परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि चयनित अभ्यर्थियों को उनके गृह जनपद के डिपो में ही तैनाती दी जाएगी, जिससे उन्हें अपने क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिल सकें।

इंटरमीडिएट पास और CCC प्रमाणपत्र होना अनिवार्य

उन्होंने बताया कि भर्ती के लिए अभ्यर्थी का इंटरमीडिएट पास होना और CCC प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है। इसके साथ ही उम्मीदवार का उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन या उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन से जुड़ा होना भी जरूरी है।मेरिट में NCC ‘B’ सर्टिफिकेट, NSS, स्काउट-गाइड के राज्य या राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त अभ्यर्थियों को 5 प्रतिशत अतिरिक्त वेटेज दिया जाएगा। चयन प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट आधारित होगी, जिसमें इंटरमीडिएट के अंकों के आधार पर चयन किया जाएगा। चयनित महिला परिचालकों को संविदा पर अन्य परिचालकों के समान वेतनमान मिलेगा।

कब-कहां लगेंगे रोजगार मेले

25 मार्च: सहारनपुर, झांसी, कानपुर, चित्रकूटधाम-बांदा, प्रयागराज
28 मार्च: गाजियाबाद, अलीगढ़, बरेली, अयोध्या, वाराणसी
30 मार्च: मेरठ, इटावा, हरदोई, देवीपाटन, आजमगढ़
1 अप्रैल: नोएडा, आगरा, मुरादाबाद, लखनऊ, गोरखपुर
इच्छुक महिला अभ्यर्थी अपने नजदीकी क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकती हैं।
प्रतापगढ़ में सनसनी: पूर्व प्रधान की बोरी में मिली लाश, प्रेम प्रसंग में महिला समेत 3 पर हत्या का आरोप
लखनऊ । प्रतापगढ़ जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां चार दिन से लापता पूर्व प्रधान गुलहसन उर्फ मुन्ना (50) का शव बोरी में बंद हालत में नहर से बरामद हुआ। इस सनसनीखेज हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग का मामला सामने आया है।
पुलिस के अनुसार, मानधाता थाना क्षेत्र के मिश्रपुर मुस्तरका निवासी गुलहसन 18 मार्च को बाइक से घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। तीसरे दिन उनकी बाइक, चाबी और हेलमेट मऊआइमा क्षेत्र में लावारिस हालत में मिले, जिसके बाद पुलिस की जांच तेज कर दी गई।
जांच के दौरान मोबाइल कॉल डिटेल और परिजनों के शक के आधार पर पुलिस ने सुमन देवी नामक महिला को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने चौंकाने वाला खुलासा किया और हत्या की बात कबूल कर ली।
महिला ने बताया कि उसका गुलहसन के साथ प्रेम संबंध था, लेकिन वह उससे पीछा छुड़ाना चाहती थी। आरोप है कि गुलहसन उस पर मिलने का दबाव बना रहा था और ब्लैकमेल भी कर रहा था। इसी से परेशान होकर उसने अपने भाई अतुल गौतम और उसके दोस्त अरुण गौतम के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
18 मार्च की रात गुलहसन जब उससे मिलने बगियापुर पहुंचा, तो तीनों ने मिलकर उस पर लोहे की रॉड से हमला कर हत्या कर दी। इसके बाद शव को उर्वरक की बोरी में भरकर शारदा सहायक नहर में फेंक दिया।
रविवार सुबह सुमेरपुर के पास नहर में बोरी में शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची मृतक की पत्नी किस्मतुल निशा ने शव की पहचान की। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक गुलहसन ने दो शादियां की थीं और वह 18 बच्चों के पिता थे। गांव में इस घटना के बाद शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है। देर शाम शव को गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है, जबकि अन्य दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
गैस बुकिंग पर आया एक और अपडेट, कोटे से अधिक सिलिंडर के लिए देनी होगी ये जानकारी; क्या है नया नियम

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।एलपीजी सिलिंडरों की किल्लत के बीच नया अपडेट आया है। भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने एक नई प्रक्रिया शुरू की है। अब कोटे से अतिरिक्त सिलिंडर चाहिए होंगे तो प्रयोजन बताना होगा। घर में शादी है या भंडारा, परिवार के सदस्यों और आने वाले मेहमानों की भी जानकारी देनी होगी।

एलपीजी सिलिंडरों की किल्लत के बीच भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने एक नई प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिन उपभोक्ताओं ने सालाना कोटे के 12 सिलिंडर रिफिल करा लिए हैं, उन्हें नई बुकिंग के लिए हेलो बीपीसीएल एप पर जाकर सवालों के जवाब देने होंगे। परिवार के सदस्यों की संख्या, आने वाले मेहमानों का विवरण, घर में शादी, भंडारा या कोई अन्य आयोजन है तो उसकी भी जानकारी देनी होगी। तभी सिलिंडर बुक होगा। 

रविवार से लागू इस नियम की जानकारी गैस एजेंसी संचालकों और उपभोक्ताओं को भी नहीं थी। सुबह से ही मोबाइल फोन से बुकिंग की कोशिश कर रहे लोग असफल होने पर गैस एजेंसी पहुंचे। एजेंसी पर मौजूद स्टाफ को भी इसकी जानकारी नहीं थी। संचालक ने कंपनी के अधिकारियों को कॉल की तो इस नई प्रक्रिया की जानकारी मिली। 

ऑल इंडिया एलपीजी डिस्टि्रब्यूटर्स एसोसिएशन के प्रदेश सचिव आदर्श गुप्ता के मुताबिक, एक वित्त वर्ष में उपभोक्ता 12 सिलिंडर ले सकते हैं। कई उपभोक्ताओं का कोटा पूरा हो चुका है।  

बीपीसीएल कंपनी के नए दिशा-निर्देशलिहाजा, बीपीसीएल कंपनी के नए दिशा-निर्देश के तहत अब उपभोक्ताओं को बुकिंग के लिए मोबाइल एप डाउनलोड करना होगा। क्रमवार सवालों के जवाब देने होंगे। उसके बाद ही बुकिंग होगी। 

उपभोक्ताओं को होगी परेशानीस्मार्टफोन के दौर में भी तमाम शहरी और ग्रामीण उपभोक्ता कीपैड वाला फोन ही चलाते हैं। कई ऐसे हैं जो स्मार्टफोन खरीद नहीं सकते हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को कोटे के अलावा गैस बुकिंग के लिए फोन खरीदना, एप डाउनलोड कर सवालों के जवाब देना भी कठिन होगा। ऐसी स्थिति में घर बैठे एलपीजी बुकिंग की सहूलियत का लाभ भी नहीं मिलेगा। उनको एजेंसी के चक्कर काटने पड़ सकते हैं।

पूछे जाएंगे ये सवाल- परिवार में छह या इससे अधिक सदस्य हैं?- परिवार में मेहमान आए हैं।- शादी, भंडारा या अन्य कोई कार्यक्रम है।- अन्य घरेलू उपयोग के लिए। 

काला हिरण सरक्षित क्षेत्र :योजना ही बनाता रह गया प्रयागराज वन विभाग, बीत गई सर्दी पर नहीं हुई मृगों की गणना

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।कृष्ण मृग (ब्लैकबग) संरक्षित क्षेत्र में काले हिरणों के झुंड साल दर साल वृहद आकार ले रहे हैं। विलुप्ति के संकट से घिरे हिरणों का कुनबा बढ़ना सुखद समाचार है। इनकी संख्या में कितनी बढ़ी, इसकी सटीक जानकारी इन्हें संरक्षित करने वाले विभाग के पास भी नहीं है। हालांकि समय-समय पर विभाग इनकी गणना कराता रहा है। करीब तीन वर्ष बाद इस बार सर्दी के मौसम में इसकी योजना बनी थी, लेकिन वन विभाग सिर्फ तैयारी ही करता रह गया।

वर्ष 2017 में कृष्ण मृग संरक्षित क्षेत्र घोषित यमुनापार में मेजा के चांद खमरिया में लगभग 126 हेक्टेयर में यह कृष्ण मृग संरक्षित क्षेत्र स्थित है। काले हिरण पहाड़ी इलाकों, पथरीले मैदानों व जंगलों के मिश्रित क्षेत्र में रहना पसंद करते हैं। चांद खमरिया व उसके आसपास का इलाका भी ऐसा ही है, इस नाते सरकार ने इस क्षेत्र को वर्ष 2017 में कृष्ण मृग संरक्षित क्षेत्र घोषित किया था। कुलाचे भरते काले हिरणों की एक झलक देखने के लिए प्रयागराज के दूरस्थ इलाकों से ही नहीं रायबरेली, बांदा, प्रतापगढ़, कौशांबी, चित्रकूट के अलावा मध्य प्रदेश से भी बड़े पैमाने पर पर्यटक आते हैं।

तीन वर्ष पूर्व गणना में हिरणों की संख्या करीब 500 थी

करीब तीन वर्ष पूर्व इनकी गणना हुई थी। तक हिरणों की संख्या लगभग 500 के आसपास थी। अनुमान के आधार पर विभाग हिरणों की संख्या 600 से अधिक बता रहा है। इस साल जनवरी में अयोध्या स्थित आचार्य नरेंद्र देव विश्वविद्यालय की टीम से हिरणों की गणना कराने की तैयारी थी। हालांकि विभाग सिर्फ योजना ही बनाता रह गया। डीएफओ अरविंद कुमार का कहना है कि गणना को लेकर विश्वविद्यालय की टीम से फिर संपर्क किया जाएगा।

आसान नहीं गर्मी में सटीक गणना

जानकारों का कहना है कि सर्दी में संरक्षित क्षेत्र में न पानी की कमी होती है और न चारे की। धूप सेकने के चक्कर में यह ज्यादातर खुले मैदानों में रहते हैं। जबकि, गर्मी के दिनों में हिरण चारे-पानी व छांव की तलाश में कई-कई किमी दूर तक भटकते रहते हैं। एक जगह पर उनका मिलना मुश्किल होता है। ऐसे में अगर, गर्मी में गणना कराई भी गई तो वह ज्यादा सटीक नहीं होगी।

जल की एक-एक बूंद अमृत के समान, प्रयागराज के सीएमपी डिग्री कॉलेज में जल संकट की समस्या पर जताई चिंता

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।विश्व जल दिवस के उपलक्ष्य में सीएमपी डिग्री काॅलेज एवं राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी ने नासी सभागार में कार्यशाला की। 'पानी एवं हमारा भविष्य' विषय पर बोलते हुए मुख्य अतिथि अध्येता अरुण तिवारी ने कहा कि जल की चुनौतियों से पूरी दुनिया जूझ रही है। भारत का समाज शुरु से प्रकृति का पूजक रहा है। समाज ने ही तालाब बनाया कुंएं बनाए और नदियां अविरल, निर्मल एवं सदानीरा थीं। व्यक्ति, संस्था एवं समुदाय के स्तर पर हमको अपनी जिम्मेदारी तय करनी होगी। जल चक्र ठीक करने की आवश्यकता है।

जल प्रबंधन एवं वर्षा जल संचयन पर जोर

World Water Day 2026 जल साक्षरता सर्टिफिकेट कोर्स के संयोजक डाॅ. प्रमोद शर्मा ने कहा कि पानी की एक एक बूंद अमृत के समान हैं। जल प्रबंधन एवं वर्षा जल संचयन एवं पौधारोपण से हम बहुत सी समस्याओं को कम कर सकते हैं। शुद्ध पेय जल सबको उपलब्ध होना चाहिए। नासी के सचिव डाॅ. संतोष शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने नासी के उद्देश्य एवं अपने विचारों को साझा किया। छात्र-छात्राओं ने गंगा गैलरी का अवलोकन भी किया।

पुरस्कृत हुए छात्र-छात्राएं

World Water Day 2026 निबंंध लेखन में प्रथम पुरस्कार अनुष्का आरख, द्वितीय पुरस्कार ज्योति त्रिपाठी एवं निष्ठा नाथ को तृतीय पुरस्कार शांति सिंह एवं अनन्या सिंह को दिया गया। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में शिल्पी सिंह को प्रथम पुरस्कार, अनन्या सिंह और वंदना तिवारी को द्वितीय पुरस्कार, मैत्रीय कपूर एवं भूमिखा आरख को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। आर्यशेखर, प्रो. एसएम प्रसाद, डा. डीके साहू, डा. सर्वेश सिंह, डा. पूजा गौर, डा. श्रद्धा श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।

आठ माह में तैयार हुई बड़ी पेयजल योजना, बभनकुइया में घर-घर नल से शुद्ध पानी पहुंचा — जल जीवन मिशन का ग्रामीणों को मिला सीधा लाभ

विश्व जल दिवस पर भव्य जल अर्पण दिवस समारोह, सांसद प्रवीण पटेल और विधायक दीपक पटेल की मौजूदगी में गांव को समर्पित हुई योजना, जल संरक्षण का दिलाया गया संकल्प

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।विश्व जल दिवस के अवसर पर विकास खंड सहसों के ग्राम बभनकुइया में जल जीवन मिशन के अंतर्गत तैयार की गई पेयजल योजना को विधिवत जनता को समर्पित किया गया। जल अर्पण दिवस के रूप में आयोजित इस भव्य समारोह में क्षेत्रीय सांसद प्रवीण पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम का संचालन जिला समन्वयक अश्विनी श्रीवास्तव द्वारा किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत जल संरक्षण की शपथ दिलाकर की गई। उपस्थित लोगों को जल बचाने, स्वच्छ पानी का उपयोग करने तथा जल स्रोतों को सुरक्षित रखने का संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर विधायक दीपक सिंह पटेल तथा अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे संजीव कुमार शाक्य भी समारोह में मौजूद रहे। समारोह के दौरान जल जीवन मिशन के अंतर्गत तैयार की गई नल पेयजल योजना को जल अर्पण कर ग्राम प्रधान अशोक कुमार को सौंपा गया।

योजना के चालू होते ही ग्राम बभनकुइया के सैकड़ों परिवारों को घर-घर शुद्ध पेयजल मिलने की व्यवस्था शुरू हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले उन्हें पानी के लिए दूर स्थित हैंडपंप, कुएं और तालाबों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे काफी परेशानी होती थी, लेकिन अब नियमित जलापूर्ति से बड़ी राहत मिली है। अधिशासी अभियंता प्रवीण कुट्टी ने बताया कि इस योजना को लगभग आठ माह की अवधि में पूरा किया गया। कार्यदायी संस्था लार्सन एंड टूब्रो निर्माण दल द्वारा पाइप लाइन बिछाने, पानी की टंकी बनाने तथा घर-घर कनेक्शन देने का कार्य तेजी से किया गया, जिससे समय से पहले योजना पूरी हो सकी। योजना के पूर्ण होने से पूरे गांव को स्थायी पेयजल व्यवस्था से जोड़ दिया गया है।

समारोह के दौरान अतिथियों ने वृक्षारोपण कर जल संरक्षण का संदेश दिया और लोगों से जल बर्बादी रोकने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक घर तक नल से स्वच्छ पानी पहुंचाना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बीमारी कम होगी, स्वच्छता बढ़ेगी और जीवन स्तर में सुधार होगा। इस अवसर पर जल जीवन मिशन के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुट्टी, सहायक अभियंता, अवर अभियंता, जिला समन्वयक अश्विनी श्रीवास्तव, कार्यदायी संस्था के परियोजना निदेशक शुभंकर सिल, गोविन्दराजन, साहिदुल इस्लाम, प्रशांत मिश्रा, आकाश यादव सहित पूरी तकनीकी टीम मौजूद रही। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान अशोक कुमार, पंचायत प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

25 हजार महुआ के पौधे रोपेगा वन विभाग

नितेश श्रीवास्तव

भदोही ।जिले में इस साल भी थीम बेस 25 हजार महुआ के पेड़ों का रोपण किया जाएगा। वन विभाग की ओर से इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। ये सभी पौधे एक ही क्षेत्र में रोपे जाएंगे। इसका उद्देश्य यह है कि क्षेत्र के जलस्तर में सुधार किया जा सके। वन विभाग की नर्सरी में करीब 30 हजार महुआ के पौधे तैयार किए जा रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण और जन जागरूकता बढ़ाने के लिए थीम-आधारित पौधारोपण प्रभावी पहल है। इस थीम पर पौधरोपण होने से न सिर्फ सुंदरता दिखती है, बल्कि सघन वन क्षेत्र भी बनता है। इसे या तो एक ही स्थान पर या फिर सड़क के किनारे रोपित किया जाता है।

रोपित पौधों की ऊंचाई एक बराबर होती है। खासकर यह पौधे चार फीट के ऊपर होते हैं। वन विभाग ऐसी ही जगह या सड़क का चयन करने मेें जुटा है। जमीन चिह्नित होने पर बारिश के सीजन में ये पौध रोपे जाएंगे। यदि जगह नहीं मिलती है, तो जिले के अलग-अलग स्थानों पर पौधे रोपित किए जाएंगे। जिले के 18 नर्सरी में करीब 16 लाख पौधे तैयार किए जा रहे हैं। इस साल मानसून सीजन में 12 लाख 50 हजार पौधे रोपित करने का लक्ष्य है।




थीम बेस पर 25 हजार महुआ के पौधे लगाने की योजना बनी है। इसके लिए जमीन चिह्नित की जा रही है। मानसून सत्र में पौधरोपण किया जाएगा। - विवेक यादव, डीएफओ, भदोही।
कटाई-मड़ाई की धूल से आंखों में जलन और चुभन, ओपीडी में बढ़े 30 फीसदी मरीज

*नेत्र विभाग में हर दिन पहुंच रहे 100 से ज्यादा मरीज, इसमें सबसे ज्यादा किसान, आंखों में लालिमा सहित अन्य कई तरह की हो रही समस्या*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। इन दिनों सरसों और गेहूं की फसलों की कटाई-मंडाई का सीजन है। फसलों की कटाई-मड़ाई से निकलने वाले धूल और बारीक कण काम के दौरान किसानों की आंखों में चले जा रहे हैं। इस कारण उनकी आंखों में जलन, चुभन, लालिमा सहित अन्य तरह के इंफेक्शन हो रहे हैं। जिला अस्पताल में नेत्र विभाग की ओपीडी इन दिनों मरीजों की संख्या 100 पार कर गई है। डॉक्टर किसानों को कटाई-मड़ाई के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में सोमवार को 792 मरीज ओपीडी में आए। इसमें 116 मरीज आंखों की समस्या से परेशान थे। बीते पांच दिनों से नेत्र विभाग की ओपीडी में अचानक से मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। नेत्र रोग सर्जन डॉ. पीके सिंह ने बताया कि इन दिनों सरसों की कटाई-मड़ाई हो रही है। इससे उड़ने वाली धूल, मिट्टी, तिनका किसानों की आंख में चली जाती है। तेज धूप के कारण भी आंखें लाल हो जा रही हैं।