*कादीपुर कोतवाली क्षेत्र में फायरिंग की सूचना* सुलतानपुर। कादीपुर कोतवाली क्षेत्र के अन्दा रायपुर में गोली चलने का मामला प्रकाश में आया है। घटना
*कादीपुर कोतवाली क्षेत्र में फायरिंग की सूचना*
सुलतानपुर। कादीपुर कोतवाली क्षेत्र के अन्दा रायपुर में गोली चलने का मामला प्रकाश में आया है। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। अच्छेलाल पाठक नामक व्यक्ति को गोली लगने की जानकारी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक फायरिंग की आवाज सुनते ही ग्रामीण मौके की ओर दौड़े। घायल को उपचार के लिए अस्पताल भेजे जाने की तैयारी की जा रही है। घटना के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है। कादीपुर कोतवाली पुलिस को सूचना दे दी गई है। पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है।
8 मार्च को दिल्ली के जंतर मंतर में एडवोकेट अनिल मिश्रा जी के नेतृत्व में विशाल प्रदर्शन करेंगे
लखनऊ । सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरज प्रसाद चौबे ने सवर्ण समाज के लोगों से  होलिका दहन के दिन आए लोगों से कहा कि हम जंतर मंतर नई दिल्ली में यूजीसी के विरोध में न्याय संगत समाधान प्राप्त करने हेतु, सामान्य वर्ग के बच्चों के भविष्य की रक्षा करने और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हमारी  प्रयास करना प्राथमिकता है हम अपने अधिकार की मांग करने के लिए 8 मार्च को दिल्ली के जंतर मंतर में एडवोकेट अनिल मिश्रा पूर्व अध्यक्ष बार असोसिएशन एव राष्ट्रीय संरक्षक सवर्ण आर्मी भारत के नेतृत्व में 40 सवर्ण संगठनों के साथ इकठ्ठा होगे और अपने भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है,हम सभी से अनुरोध करते हैं कि जाति पाती भेदभाव छोड़ कर हमारे बच्चों के समर्थन खड़े हो और हमे उनके भविष्य के लिए लड़ने में सहयोग करे,समस्या यूजीसी ही नहीं है अनेक समस्याओं से सवर्ण समाज को छुटकारा चाहिए जाती गत आरक्षण ,जो सवर्ण के होनहार छात्र के प्रतिभा का हत्या कर रहा है, एससीएसटी एक्ट समाप्त करना होगा ।
लखनऊ में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के प्रबुद्ध सम्मेलन में अलंकार अग्निहोत्री जी को बोलने से जब रोका गया तो कितना दुर्भाग्य हैं वह बैठे सवर्ण समाज के लोगों ने जबरजस्त विरोध किया क्यों कि भीड़ अनिल मिश्रा एडवोकेट और अलंकार अग्निहोत्री को सुनने गई थी आज यह सिद्ध हो गया है कि सवर्ण समाज का उपयोग और संगठन का प्रयोग राजनीतिक दलों के लिए करेंगे समाज इसे समाज के नेताओं को भगा दे रही है अनिल मिश्रा एडवोकेट जैसे ही यूजीसी बिल वापस लेने हेतु बोलना शुरू किया पूरा हाल अनिल मिश्रा जिंदाबाद के नारे से गज गया वहां बैठे पूर्व उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा मंच से चले गए भाजपा के दिग्गज नेताओं के सामने सवर्ण समाज ने दिखा दिया कि अब भाजपा के गुलाम नहीं है उसके नेता अनिल मिश्रा एडवोकेट है ।
जहानाबाद में फुटपाथ दुकानदार संघ ने मनाया होली मिलन समारोह, सौहार्द और जागरूकता का दिया संदेश
जहानाबाद। शहर के उल्टा सब्जी मंडी स्थित जिला कार्यालय में नेशनल एसोसिएशन स्ट्रीट वेंडर ऑफ़ इंडिया (NASVI) के बैनर तले फुटपाथ दुकानदार संघ द्वारा होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन फुटपाथ दुकानदार संघ के जिला अध्यक्ष अरविंद कुमार चोपड़ा के नेतृत्व में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में दुकानदारों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। समारोह के दौरान उपस्थित दुकानदारों और कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और आपसी भाईचारे तथा सौहार्द का संदेश दिया। इस मौके पर जिला अध्यक्ष अरविंद कुमार चोपड़ा ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी होली मिलन समारोह का आयोजन आपसी प्रेम और एकता को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान का सभी दुकानदारों को ईमानदारी से पालन करना चाहिए। साथ ही होली के दौरान पानी की अनावश्यक बर्बादी से बचने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार रहने की भी अपील की गई। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग रंग खेलने से परहेज करते हैं, उन्हें जबरदस्ती रंग नहीं लगाना चाहिए और सभी को मर्यादा के साथ त्योहार मनाना चाहिए।
अरविंद कुमार चोपड़ा ने कहा कि जिस प्रकार जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन समाज में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क रहते हैं, उसी प्रकार सभी दुकानदारों को भी अपने-अपने क्षेत्र में सतर्क रहना चाहिए। यदि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या असामान्य स्थिति दिखाई दे तो तुरंत इसकी सूचना प्रशासन और पुलिस को देनी चाहिए। इस अवसर पर मीट-मुर्गा-मछली मंडी के जिला अध्यक्ष राजेश पंडित तथा सब्जी मंडी मार्केट कमेटी के अध्यक्ष अरुण चंद्रवंशी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सब्जी मंडी और मीट-मुर्गा बाजार के दुकानदारों ने भी अपने विचार रखे और सभी ने मिलकर आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रेस प्रतिनिधियों को भी अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी गईं। अंत में फुटपाथ दुकानदार संघ की ओर से सभी उपस्थित लोगों को होली की हार्दिक बधाई दी गई और शांतिपूर्ण वातावरण में त्योहार मनाने की अपील की गई।
किसान कल्याण वर्ष 2026: मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की पहली कृषि कैबिनेट

 कृषि विकास और सिंचाई योजनाओं के लिए 27 हजार 500 करोड़ रूपये स्वीकृत

 मंत्रि-परिषद ने किसान कल्याण के लिए दी 25 हजार 678 करोड़ रूपये की योजनाओं को स्वीकृति

 बड़वानी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2068 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति

 किसान कल्याण वर्ष में हर अंचल में होगी कृषि कैबिनेट

*भगोरिया पर्व पर जनजातीय वर्ग के सम्मान और कल्याण का दिया सशक्त संदेश

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बड़वानी जिले के भीलट बाबा देवस्थल नागलवाड़ी में सोमवार को हुई पहली कृषि कैबिनेट में कृषि, सिंचाई, पशुपालन, मत्स्य, उद्यानिकी और सहकारिता से संबंधित 27 हजार 500 करोड़ रूपये की विभिन्न योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। किसान कल्याण वर्ष में आयोजित पहली कृषि कैबिनेट में किसानों और विभिन्न उत्पादक गतिविधियों में लगे लोगों के लिए 25 हजार 678 करोड़ रूपये की योजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कृषि कैबिनेट में नर्मदा नियत्रंण मण्डल की बैठक में बड़वानी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण के लिए 2,068 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति भी प्रदान की गई है। इन योजनाओं में स्वीकृत की गई राशि अगले 5 वर्षों में व्यय की जायेगी। जनजातीय अंचल में मंत्रि-परिषद के सभी सदस्यों ने जनजातीय परंपरागत वस्त्रों को धारण कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अभ्युदय मध्यप्रदेश में जनजातीय वर्ग के सम्मान और कल्याण का सशक्त संदेश दिया।

 मध्य प्रदेश एकीकृत मत्स्यद्योग नीति-2026 की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्यद्योग नीति-2026 को स्वीकृति दी। इसमें अगले 3 वर्षों तक रुपये 3 हजार करोड़ का निवेश एवं लगभग 20 हजार रोजगार (10 हजार प्रत्यक्ष एवं 10 हजार अप्रत्यक्ष) सृजित होंगे। इस नीति में 18 करोड़ 50 लाख रूपये के बजट प्रावधान की स्वीकृति दी गई। इसमें केज कल्चर को आधुनिक स्वरुप में बढ़ावा देते हुए लगभग एक लाख केज स्थापित किये जायेंगे। इस नीति में मछली पालन संबंधी गतिविधि के साथ ईको-टूरिज्म एवं ग्रीन एनर्जी को शामिल करते हुये बहुउद्देशीय आजीविका मॉडल के रुप में कार्य होगा।

 पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए 610 करोड़ 51 लाख रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने पशु चिकित्सालय एवं अन्य भवनों के अधोसंरचनात्मक विकास के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में अगले 5 वर्षों तक पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल कें लिए 610 करोड़ 51 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की। यह कार्य वर्ष 2026 से 2031 तक निरंतर जारी रहेंगे।

 मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ रूपये की स्वीकृति 

मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना को आगामी 2 वर्ष, वर्ष 2026-27 और वर्ष 2027-28 की निरंतरता के लिए 200 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई। योजना में मत्स्य बीज संवर्धन, मत्स्य पालकों का प्रशिक्षण, ब्याज अनुदान एवं रोजगार के अवसर प्रदान किये जाते हैं।

 राष्ट्रीय उ‌द्यानिकी मिशन को आगामी 5 वर्षों की निरंतरता के लिए 1150 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने राष्ट्रीय उ‌द्यानिकी मिशन को आगामी 5 वर्षों तक निरंतर रखने के लिए 1150 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी। इस योजना में कृषि क्षेत्र में दक्षता की वृद्धि, विभिन्न कृषि घटकों के प्रभाव वृद्धि, दोहराव से बचाव संबंधी कार्य किये जायेंगे।

 सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के लिए 1,375 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना को आगामी 5 वर्षों (वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2020-31 तक) की निरंतरता के लिए 1,375 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में केन्द्र एवं राज्य सरकार की भागीदारी से, मौजूदा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करणीय उ‌द्योगों के उन्नयन तथा नवीन खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना की जायेगी।

पौधशाला उ‌द्यान के लिए 1 हजार 739 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने उद्यानिकी के क्षेत्र में पौधशाला उ‌द्यान में रोपणियों में पौध तैयार करने और उच्च गुणवत्ता की पौध एवं बीज, रियायती दरों पर उपलब्ध कराए जाने के लिए अगले वर्ष 2031 (आगामी 5 वर्ष) तक के लिए 1739 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।

 किसान कल्याण एवं कृषि विकास की 20 परियोजनाओं के लिए 3 हजार 502 करोड़ रुपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने किसान कल्याण एवं कृषि विकास की 500 करोड़ से कम वित्तीय आकार की 20 परियोजनाओं को आगामी 5 वर्षों तक अर्थात 31 मार्च, 2031 तक के लिए निरंतर जारी रखने जाने की स्वीकृति दी है। इसके लिए 3 हजार 502 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई है।

"सहकारी बैंकों के अंश पूंजी सहायता" योजना के लिए 1 हजार 975 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा सहकारिता विभाग की "सहकारी बैंकों के अंश पूंजी सहायता" योजना को अगले 5 वर्षों 31 मार्च, 2031 तक संचालित करने के लिए 1 हजार 975 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। लोकवित्त से वित्त पोषित कार्यक्रम को ऋण प्रदाय करना सहकारिता विभाग द्वारा जिला बैंकों के माध्यम से, कालातीत ऋणों की पूर्ति किये जाने के लिए कृषकों को फसल ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाती है।

कृषकों को अल्पकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान योजना के लिए 3 हजार 909 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने कृषकों को अल्पकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान योजना को 31 मार्च, 2031 तक की निरंतरता के लिए 3 हजार 909 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। सहकारिता विभाग द्वारा प्राथमिक कृषि साख समितियों के माध्यम से कृषकों को अल्पकालीन फसल ऋण राशि रुपये 3 लाख तक शून्य प्रतिशत दर पर उपलब्ध कराया जाता है। किसानों को प्राप्त हो रही सुविधा एवं सहायता प्राप्त होती रहेगी।

 सहकारी संस्थाओं के कुशल संचालन के लिए 1, 073 करोड़ रूपये की स्वीकृति 

मंत्रि-परिषद ने सहकारिता विभाग के अधीन सहकारी संस्थाओं को आवश्यक सहयोग जैसे अंशपूंजी, ऋण तथा अनुदान आदि सुलभ कराने एवं विभागीय गतिविधियों को सुचारु रखने के लिए 12 प्रचलित योजनाओं को भी 31 मार्च, 2031 तक निरंतर संचालित रखने की स्वीकृति प्रदान की है। इन 12 योजनाओं की निरंतरता के लिए 1073 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है।

 सहकारिता की विभिन्न योजनाओं के लिए 1,229 करोड़ रूपये की स्वीकृति 

मंत्रि-परिषद द्वारा कृषि क्षेत्र में सहकारिता विभाग के अधीन चल रहीं विभिन्न योजनाओं के अगले 5 वर्षों तक सुचारु संचालन एवं मानीटरिंग के लिए विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत एक हजार 229 करोड़ स्वीकृत किये गये।

पशुधन विकास के लिए 656 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना अंतर्गत सोर्टेड सेक्स्ड सीमन उत्पादन परियोजना को 31 मार्च, 2031 तक निरंतर संचालित करने के लिए 656 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में चिन्हित नस्ल के मादा गौ-भैंस वंशीय पशुधन बढ़ाये जाने के उद्देश्य से पशु पालकों को आवश्यक तकनीकी सहयोग दिया जाता है। इस योजना से पशु पालकों को निरंतर लाभ प्राप्त होता रहेगा।

पशु स्वास्थ्य रक्षा तथा पशु संवर्धन एवं संरक्षण के लिए 1723 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने पशु स्वास्थ्य रक्षा तथा पशु संवर्धन एवं संरक्षण के लिए संचालित की जा रही 14 योजनाओं को अगले 5 वर्षों तक निरंतर रखने के लिए 1723 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में पशुधन एवं कुक्कुट उत्पाद में वृद्धि करना तथा कमजोर वर्ग के हितग्राहियों को पशुपालन के माध्यम से आर्थिक लाभ दिया जाता है।

पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र की 11 योजनाओं के लिए 6 हजार 518 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने पशुपालन एवं डेयरी के क्षेत्र में पशु प्रजनन, मुर्गी पालन, भेड़ बकरी प्रक्षेत्र, रोग उन्मूलन, पशुओं के टीकाकरण, गहन पशु विकास परियोजना आदि 11 योजनाओं को अगले 5 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 6 हजार 518 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।

 बड़वानी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण के लिए 2067.97 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में नर्मदा नियत्रंण मण्डल की बैठक में बड़वानी जिले में अल्प वर्षा क्षेत्र तहसील वरला के 33 ग्रामों में तथा तहसील पानसेमल के 53 ग्रामों में भूजल स्तर बढ़ाने के लिए 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2 हजार 68 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

वरला, उद्वहन माईक्रो सिंचाई उद्वहन परियोजना में नर्मदा नदी से 51.42 एम.सी.एम. जल उद्वहन करते हुए वरला तहसील के 33 गाँवों की 15 हजार 500 हैक्टेयर भूमि पर सिंचाई की जा सकेगी। इस परियोजना की लागत 860.53 करोड़ रुपये है ।

पानसेमल माईक्रो सिंचाई उद्वहन परियोजना में तहसील पानसेमल के 53 ग्रामों की 22 हजार 500 हैक्टेयर भूमि पर सिंचाई की जा सकेगी। इसके तहत नर्मदा नदी से 74.65 एम.सी.एम. जल उद्वहन किया जायेगा। इस परियोजना की लागत एक हजार 207.44 करोड़ रूपये है।

किसान कल्याण वर्ष की यह पहली कैबिनेट है। भविष्य में प्रदेश के विभिन्न स्थानों में कृषि कैबिनेट का आयोजन कर किसान कल्याण की दिशा में अनेक निर्णय लिए जाएंगे।

नगर क्षेत्र में पैदल मार्च कर लोगों से शांति बनाए रखने में सहयोग की अपील की
कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। आगामी होली पर्व व अमेरिका ईरान जंग के चलते क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस क्षेत्राधिकारी व कोतवाली प्रभारी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने नगर क्षेत्र में पैदल मार्च कर लोगों से शांति बनाए रखने में सहयोग की अपील की। सोमवार को पुलिस क्षेत्राधिकारी आलोक प्रसाद, कोतवाली प्रभारी अरविंद सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने नगर क्षेत्र के मजा शाह चौराहा, गुरखेत बाजार,शहर बाजार, खतराना चौराहा , सर्राफा बाजार लहरपुर गेट सहित विभिन्न मार्गों पर पैदल मार्च किया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। गस्त के दौरान पुलिस ने विभिन्न होलिका दहन स्थलों का भी निरीक्षण किया व विभिन्न स्थानों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की जानकारी ली।
রাতভর রঙের উৎসবে মাতলো শহর বসিরহাট
বসিরহাট : হোলির আগেই যেন রঙের ছোঁয়ায় মাতলো বসিরহাট। বসিরহাট বসন্ত উৎসব কমিটির উদ্যোগে আগাম বসন্ত উৎসব ও দোল পূর্ণিমা উদযাপনে প্রাণ ফিরে পেল শহরের সাংস্কৃতিক পরিসর। শহর বসিরহাটের প্রাণকেন্দ্র টাউন হল মাঠে অনুষ্ঠিত এই উৎসবে সকাল থেকেই জমে ওঠে মানুষের ভিড়। উৎসবের মঞ্চ জুড়ে ছিল বাউল গান, নৃত্যানুষ্ঠান ও সংগীতানুষ্ঠান। একদিকে যেমন লোকসংস্কৃতির সুরে মাতোয়ারা হন দর্শকরা, তেমনই অন্যদিকে আবির খেলায় মেতে ওঠেন তরুণ-তরুণী থেকে শুরু করে শিশু ও প্রবীণরাও। রঙিন আবিরে রাঙা মুখ, একে অপরকে আলিঙ্গন, হাসি-আড্ডা আর সেল্ফি তোলার মুহূর্তে গোটা মাঠজুড়ে তৈরি হয় উৎসবের উচ্ছ্বাস। পাশাপাশি দর্শনার্থীদের জন্য ছিল নানা ধরনের খাবারের আয়োজন, যা উৎসবের আনন্দকে আরও বাড়িয়ে তোলে। এই আগাম বসন্ত উৎসবের উদ্যোক্তা ডাঃ শৌর্য্য ব্যানার্জি। তিনি বলেন, "দোল পূর্ণিমা মানেই শুধু রঙের উৎসব নয়, এটি সম্প্রীতি, ভালোবাসা আর একসঙ্গে থাকার বার্তা বহন করে। বর্তমান সময়ে সমাজে বিভাজন ও ব্যস্ততার মাঝেও মানুষ যেন একদিন হলেও মিলেমিশে আনন্দ করতে পারে, সেই ভাবনা থেকেই আগাম এই বসন্ত উৎসবের আয়োজন। বসিরহাট শহর বহু সংস্কৃতির মিলনক্ষেত্র। সেই ঐতিহ্যকে সামনে রেখে সকল শ্রেণী ও সম্প্রদায়ের মানুষকে এক মঞ্চে আনার চেষ্টা করেছি।"
ডাঃ ব্যানার্জি আরও জানান, এই ধরনের সামাজিক ও সাংস্কৃতিক উৎসব ভবিষ্যতেও নিয়মিত করার পরিকল্পনা রয়েছে, যাতে নতুন প্রজন্মের মধ্যে লোকসংস্কৃতি ও সাম্প্রদায়িক সম্প্রীতির বার্তা পৌঁছে দেওয়া যায়। রঙ, গান আর হাসিতে ভরা এই আগাম দোল উৎসব শেষ পর্যন্ত প্রমাণ করে দিল, উৎসবের আনন্দ কোনও নির্দিষ্ট তারিখের অপেক্ষা করে না, মানুষের মিলনই তার আসল শক্তি। বসিরহাটে সেই মিলনের ছবিই ধরা পড়ল এই বসন্ত উৎসবে।
रंग - गुलाल की सजी दुकानें बाजारों में बढ़ी रौनक
*कार्टून थीम और टैंक वाली पिचकारियां आकर्षण का केंद्र*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्साह व उमंग होली त्योहार को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। रंगभरी एकादशी के बाद से ही दुकानों पर रंग-गुलाल और टोपी, मुखौटा की बिक्री बढ़ गई है। रंगों और उमंगों के इस त्योहार की आहट के साथ ही दुकानों पर रौनक बढ़ने लगी है। भदोही शहर, गोपीगंज, ज्ञानपुर, सुरियावां, घोसिया-खमरिया, ऊंज, औराई, महराजगंज, बाबूसराय, चौरी और मोढ़ समेत समस्त छोटे-बड़े बाजार स्थित दुकानों पर रात्रि दस बजे तक त्योहारी सामानों की खरीद हो रही है। दुकानों पर गुलाल, अबीर, पिचकारी, रंग-बिरंगे गुब्बारे और होली की सजावटी सामग्री की बिक्री काफी बढ़ गई है। बाजार में बच्चों के लिए कार्टून थीम वाली और टैंक वाली बड़ी पिचकारियां विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। वहीं, युवाओं के बीच हर्बल और ऑर्गेनिक रंगों की मांग में वृद्धि देखी जा रही है। दुकानदारों के अनुसार, लोग अब त्वचा और आंखों की सुरक्षा के प्रति अधिक जागरूक हो गए हैं, जिसके कारण केमिकल मुक्त रंगों की बिक्री बढ़ी है। मिठाई की दुकानों पर भी ग्राहकों की चहल-पहल बढ़ गई है। गुजिया, मठरी, नमकीन और विभिन्न प्रकार की मिठाइयों की अग्रिम बुकिंग शुरू हो चुकी है। कई दुकानदारों ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विशेष छूट और ऑफर भी घोषित किए हैं। कपड़ों की दुकानों पर महिलाएं और युवा खरीदारी करते नजर आ रहे हैं। सफेद कुर्ता-पायजामा और रंगीन दुपट्टों की बिक्री में तेजी आई है। होली को लेकर बाजारों में उत्साह और उमंग का माहौल है। व्यापारी बेहतर बिक्री की उम्मीद कर रहे हैं, जबकि आमजन त्योहार को धूमधाम से मनाने की तैयारियों में व्यस्त हैं। शहर में जगह-जगह होली का अस्थाई बाजार सजकर तैयार हैं, जहां पर हर्बल गुलाल के साथ पिचकारी, सफेदा,तरह-तरह की रंग बिरंगी टोपी, होली खेलने के लिए स्लोगन लिखी सफेद कार की टी-शर्ट और होली में उपयोग होने वाले बच्चों के आइटम्स की भरमार हैं। शहर के न्यू मार्केट और पुराने शहर के चौक बाजार इलाके में लगी दुकानों पर बड़ी संख्या में लोग पहुंच कर खरीदारी कर रहे हैं। हालांकि पर्व के दौरान उत्पादों पर महंगाई की मार होने से लोगों में निराशा भी देखी जा रही है। अबीर-गुलाल के साथ ही पिस्टल, राकेट, गिटार के साथ ही संगीत की तान छोड़ने वाली पिचकारी बच्चों को खूब लुभा रही है। होली के रंग से बाल की सुरक्षा के लिए बाजार में बनावटी बाल भी उपलब्ध हैं। दुकानों मे विभिन्न प्रकार के मुखौटे भी बच्चों को आकर्षित कर रहे हैं। कपड़ों की दुकान के बाहर हैंगर पर होली की पोशाक भी लगनी शुरू हो गई है।
परीक्षा में 183 बच्चे सफल 12 वीं तक मिलेंगी छात्रवृत्ति
*हर्ष यादव को मिला पहला स्थान,बड़वापुर के 11 बच्चे उत्तीर्ण*



नितेश श्रीवास्तव


भदोही। राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित परीक्षा में जिले के बच्चों ने झंडा गाड़ दिया है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय बड़वापुर के 11 समेत कुल 183 बच्चे परीक्षा में सफल हो गए हैं। नेवादा के हर्ष यादव ने जिले में पहला स्थान हासिल किया है। अब इनको नौवीं से 12वीं तक हर साल 12-12 हजार रुपये सालाना छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा। सफल बच्चों के अभिभावकों ने शिक्षकों को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। बेसिक शिक्षा विभाग के तहत संचालित विद्यालयों सहित अन्य विद्यालयों में कक्षा आठ में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को लाभान्वित करने के लिए राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा आयोजित की जाती है। इसमें उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को कक्षा नौ से लेकर 12 तक की पढ़ाई के दौरान प्रति माह एक हजार रुपये की दर से 48 हजार रुपये छात्रवृत्ति देने का प्रावधान है। नवंबर 2025 में यह परीक्षा जिले में हुई। जिसमें दो हजार बच्चों ने भाग लिया। रविवार को इसका परीक्षाफल जारी किया गया। जिसमें हर्ष यादव ने पहला स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा उच्च प्राथमिक विद्यालय बड़वापुर के 11 छात्रों का चयन हुआ है। राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक रामलाल यादव ने बताया कि बड़वापुर के चयनित बच्चों में सोनू निगम, राहुल, उदय कुमार, आयुष यादव, सोनम, नैंसी, ज्योति, गुड़िया, उजाला, तेजस और अंशिका शामिल है। बताया कि उत्तीर्ण बच्चों को कक्षा नौ से 12वीं तक हर साल 12-12 हजार की छात्रवृत्ति दी जाएगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने बताया कि शिक्षकों की मेहनत से इस बार 183 बच्चे सफल हुए
गांव के विकास को मिलेगी गति, 8.14 करोड़ जारी


नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले की ग्राम पंचायतों में रुके हुए विकास कार्यों को जल्द ही रफ्तार मिलेगी। पंचायत चुनाव से पहले सरकार की ओर से 15वें वित्त के रूप में अनटाइड मद यानि विशेष बजट के रूप में आठ करोड़ 14 लाख जारी किया गया है। इससे पंचायतों में नाली, खड़ंजा, सड़क और अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए जाएंगे। जिले के छह ब्लॉकों में 546 पंचायतें हैं। इनमें राज्य वित्त और 15वें वित्त से विकास कार्यों के लिए बजट का आवंटन किया जाता है। आबादी के हिसाब से सरकार वित्तीय वर्ष में अनटाइड और टाइड के अलग-अलग खातों में दो बार में धनराशि मुहैया कराती है। टाइड की धनराशि सिर्फ स्वच्छता आदि पर खर्च होती है जबकि अनटाइड की धनराशि पक्के कार्य और वेतन आदि में खर्च किए जाते हैं। लंबे समय से पंचायतों में विकास के लिए बजट नहीं मिल सका था, जिससे विकास कार्य रुक गए थे। लेकिन, होली से पहले शासन ने गांवों में विकास के लिए बजट जारी कर दिया है। जल्द ही पंचायत चुनाव भी होने हैं। इससे पहले सरकार ने अनटाइड के रूप में पंचायतों को बजट जारी कर दिया है। बजट के अभाव में न तो विकास की कार्ययोजना ही बन पा रही थी और न ही कार्य हो पा रहे थे लेकिन अब बजट मिलने के बाद रुके हुए विकास कार्यों को गति दी जा सकेगी। एक प्रधान ने बताया कि अनटाइड फंड में दो लाख 20 हजार से लेकर पांच लाख तक आबादी के हिसाब से पैसा मिलता है। जिला स्तर पर पैसा आ गया है। होली बाद पंचायतों के खाते में आने की उम्मीद है।



15वें वित्त आयोग से पंचायतों को अनटाइड फंड के रूप में आठ करोड़ 14 लाख जारी हुआ है। इससे गांव में रुके विकास कार्यों में मदद मिलेगी। आबादी के हिसाब से पैसा जारी किया जाएगा।- ज्ञान प्रकाश, प्रभारी डीपीआरओ


इन कार्याे में होगा धनराशि का उपयोग
- गांव में नाली निर्माण एवं जल निकासी की व्यवस्था।
- संपर्क मार्गाें पर इंटरलाकिंग और खड़ंजा कार्य।
- पंचायत भवनों का रखरखाव एवं सुंदरीकरण।
- जिला पंचायत स्तर पर सड़कों का निर्माण।
अमेरिकी टैरिफ से उबरे निर्यातकों के सामने न‌ई परेशानी ने दी दस्तक, युद्ध लंबा खींचा तो करोबार पर दिखेगा का असर

*खाड़ी देशों के बीच छिड़े युद्ध से 80 फीसदी द्विपक्षीय कालीन कारोबार होगा प्रभावित*



नितेश श्रीवास्तव


भदोही। अमेरिकी टैरिफ से उबरे निर्यातकों के सामने अब एक नई परेशानी ने दस्तक दी है। खाड़ी देशों के बीच छिड़े युद्ध ने निर्यातकों को चिंता में डाल दिया है। वर्तमान में भले ही भारतीय कालीनों के निर्यात पर कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन युद्ध अगर लंबा खिंचता है तो निश्चित तौर पर इसका असर कारोबार पर देखने को मिलेगा। इसमें खरीदार देशों में पैनिक स्थिति होने पर 80 फीसदी द्विपक्षीय कारोबार प्रभावित होने की संभावना है। वहीं, कई अहम रास्ते प्रभावित होने के साथ अगले महीने नई दिल्ली में होने वाले कारपेट एक्स्पो पर भी चिंता के बादल मंडराने लगे हैं।भारतीय कालीन की सबसे अधिक मांग अमेरिका और जर्मनी में होती है। यह दोनों देश फिलहाल प्रत्यक्ष रूप से नहीं, लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से युद्ध का हिस्सा बने हुए हैं। कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के वाइस चेयरमैन असलम महबूब का कहना है कि निर्यातक अभी-अभी अमेरिकी टैरिफ के बोझ से निकले हैं। अगले महीने में नई दिल्ली में होेने वाले कारपेट एक्स्पो में निर्यातकों ने यह उम्मीद लगाई है कि बड़ी संख्या में अमेरिकी खरीदार आएंगे, क्योंकि बीते मेले में टैरिफ के असर के कारण खरीदारों ने दूरी बनाई थी। अब एक बार फिर से जिस तरह की स्थितियां बन रही है। उससे कहीं न कहीं कालीन व्यापारियों में यह चिंता बढ़ रही है कि युद्ध के असर से खरीदार कहीं नई दिल्ली के मेले से भी दूरी न बना लें। बताया कि अमेरिका हमारे निर्यात 60 फीसदी हिस्सेदार है। अगर जर्मनी और अन्य यूरोपिय देशों को जोड़ लिया जाए तो यह 80 फीसदी तक पहुंचा जाता है। अब आने वाले दिनों में युद्ध की स्थिति से व्यापार पर भी इसका असर देखा जा सकेगा।
*कादीपुर कोतवाली क्षेत्र में फायरिंग की सूचना* सुलतानपुर। कादीपुर कोतवाली क्षेत्र के अन्दा रायपुर में गोली चलने का मामला प्रकाश में आया है। घटना
*कादीपुर कोतवाली क्षेत्र में फायरिंग की सूचना*
सुलतानपुर। कादीपुर कोतवाली क्षेत्र के अन्दा रायपुर में गोली चलने का मामला प्रकाश में आया है। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। अच्छेलाल पाठक नामक व्यक्ति को गोली लगने की जानकारी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक फायरिंग की आवाज सुनते ही ग्रामीण मौके की ओर दौड़े। घायल को उपचार के लिए अस्पताल भेजे जाने की तैयारी की जा रही है। घटना के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है। कादीपुर कोतवाली पुलिस को सूचना दे दी गई है। पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है।
8 मार्च को दिल्ली के जंतर मंतर में एडवोकेट अनिल मिश्रा जी के नेतृत्व में विशाल प्रदर्शन करेंगे
लखनऊ । सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरज प्रसाद चौबे ने सवर्ण समाज के लोगों से  होलिका दहन के दिन आए लोगों से कहा कि हम जंतर मंतर नई दिल्ली में यूजीसी के विरोध में न्याय संगत समाधान प्राप्त करने हेतु, सामान्य वर्ग के बच्चों के भविष्य की रक्षा करने और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हमारी  प्रयास करना प्राथमिकता है हम अपने अधिकार की मांग करने के लिए 8 मार्च को दिल्ली के जंतर मंतर में एडवोकेट अनिल मिश्रा पूर्व अध्यक्ष बार असोसिएशन एव राष्ट्रीय संरक्षक सवर्ण आर्मी भारत के नेतृत्व में 40 सवर्ण संगठनों के साथ इकठ्ठा होगे और अपने भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है,हम सभी से अनुरोध करते हैं कि जाति पाती भेदभाव छोड़ कर हमारे बच्चों के समर्थन खड़े हो और हमे उनके भविष्य के लिए लड़ने में सहयोग करे,समस्या यूजीसी ही नहीं है अनेक समस्याओं से सवर्ण समाज को छुटकारा चाहिए जाती गत आरक्षण ,जो सवर्ण के होनहार छात्र के प्रतिभा का हत्या कर रहा है, एससीएसटी एक्ट समाप्त करना होगा ।
लखनऊ में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के प्रबुद्ध सम्मेलन में अलंकार अग्निहोत्री जी को बोलने से जब रोका गया तो कितना दुर्भाग्य हैं वह बैठे सवर्ण समाज के लोगों ने जबरजस्त विरोध किया क्यों कि भीड़ अनिल मिश्रा एडवोकेट और अलंकार अग्निहोत्री को सुनने गई थी आज यह सिद्ध हो गया है कि सवर्ण समाज का उपयोग और संगठन का प्रयोग राजनीतिक दलों के लिए करेंगे समाज इसे समाज के नेताओं को भगा दे रही है अनिल मिश्रा एडवोकेट जैसे ही यूजीसी बिल वापस लेने हेतु बोलना शुरू किया पूरा हाल अनिल मिश्रा जिंदाबाद के नारे से गज गया वहां बैठे पूर्व उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा मंच से चले गए भाजपा के दिग्गज नेताओं के सामने सवर्ण समाज ने दिखा दिया कि अब भाजपा के गुलाम नहीं है उसके नेता अनिल मिश्रा एडवोकेट है ।
जहानाबाद में फुटपाथ दुकानदार संघ ने मनाया होली मिलन समारोह, सौहार्द और जागरूकता का दिया संदेश
जहानाबाद। शहर के उल्टा सब्जी मंडी स्थित जिला कार्यालय में नेशनल एसोसिएशन स्ट्रीट वेंडर ऑफ़ इंडिया (NASVI) के बैनर तले फुटपाथ दुकानदार संघ द्वारा होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन फुटपाथ दुकानदार संघ के जिला अध्यक्ष अरविंद कुमार चोपड़ा के नेतृत्व में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में दुकानदारों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। समारोह के दौरान उपस्थित दुकानदारों और कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और आपसी भाईचारे तथा सौहार्द का संदेश दिया। इस मौके पर जिला अध्यक्ष अरविंद कुमार चोपड़ा ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी होली मिलन समारोह का आयोजन आपसी प्रेम और एकता को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान का सभी दुकानदारों को ईमानदारी से पालन करना चाहिए। साथ ही होली के दौरान पानी की अनावश्यक बर्बादी से बचने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार रहने की भी अपील की गई। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग रंग खेलने से परहेज करते हैं, उन्हें जबरदस्ती रंग नहीं लगाना चाहिए और सभी को मर्यादा के साथ त्योहार मनाना चाहिए।
अरविंद कुमार चोपड़ा ने कहा कि जिस प्रकार जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन समाज में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क रहते हैं, उसी प्रकार सभी दुकानदारों को भी अपने-अपने क्षेत्र में सतर्क रहना चाहिए। यदि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या असामान्य स्थिति दिखाई दे तो तुरंत इसकी सूचना प्रशासन और पुलिस को देनी चाहिए। इस अवसर पर मीट-मुर्गा-मछली मंडी के जिला अध्यक्ष राजेश पंडित तथा सब्जी मंडी मार्केट कमेटी के अध्यक्ष अरुण चंद्रवंशी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सब्जी मंडी और मीट-मुर्गा बाजार के दुकानदारों ने भी अपने विचार रखे और सभी ने मिलकर आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रेस प्रतिनिधियों को भी अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी गईं। अंत में फुटपाथ दुकानदार संघ की ओर से सभी उपस्थित लोगों को होली की हार्दिक बधाई दी गई और शांतिपूर्ण वातावरण में त्योहार मनाने की अपील की गई।
किसान कल्याण वर्ष 2026: मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की पहली कृषि कैबिनेट

 कृषि विकास और सिंचाई योजनाओं के लिए 27 हजार 500 करोड़ रूपये स्वीकृत

 मंत्रि-परिषद ने किसान कल्याण के लिए दी 25 हजार 678 करोड़ रूपये की योजनाओं को स्वीकृति

 बड़वानी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2068 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति

 किसान कल्याण वर्ष में हर अंचल में होगी कृषि कैबिनेट

*भगोरिया पर्व पर जनजातीय वर्ग के सम्मान और कल्याण का दिया सशक्त संदेश

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बड़वानी जिले के भीलट बाबा देवस्थल नागलवाड़ी में सोमवार को हुई पहली कृषि कैबिनेट में कृषि, सिंचाई, पशुपालन, मत्स्य, उद्यानिकी और सहकारिता से संबंधित 27 हजार 500 करोड़ रूपये की विभिन्न योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। किसान कल्याण वर्ष में आयोजित पहली कृषि कैबिनेट में किसानों और विभिन्न उत्पादक गतिविधियों में लगे लोगों के लिए 25 हजार 678 करोड़ रूपये की योजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कृषि कैबिनेट में नर्मदा नियत्रंण मण्डल की बैठक में बड़वानी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण के लिए 2,068 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति भी प्रदान की गई है। इन योजनाओं में स्वीकृत की गई राशि अगले 5 वर्षों में व्यय की जायेगी। जनजातीय अंचल में मंत्रि-परिषद के सभी सदस्यों ने जनजातीय परंपरागत वस्त्रों को धारण कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अभ्युदय मध्यप्रदेश में जनजातीय वर्ग के सम्मान और कल्याण का सशक्त संदेश दिया।

 मध्य प्रदेश एकीकृत मत्स्यद्योग नीति-2026 की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्यद्योग नीति-2026 को स्वीकृति दी। इसमें अगले 3 वर्षों तक रुपये 3 हजार करोड़ का निवेश एवं लगभग 20 हजार रोजगार (10 हजार प्रत्यक्ष एवं 10 हजार अप्रत्यक्ष) सृजित होंगे। इस नीति में 18 करोड़ 50 लाख रूपये के बजट प्रावधान की स्वीकृति दी गई। इसमें केज कल्चर को आधुनिक स्वरुप में बढ़ावा देते हुए लगभग एक लाख केज स्थापित किये जायेंगे। इस नीति में मछली पालन संबंधी गतिविधि के साथ ईको-टूरिज्म एवं ग्रीन एनर्जी को शामिल करते हुये बहुउद्देशीय आजीविका मॉडल के रुप में कार्य होगा।

 पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए 610 करोड़ 51 लाख रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने पशु चिकित्सालय एवं अन्य भवनों के अधोसंरचनात्मक विकास के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में अगले 5 वर्षों तक पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल कें लिए 610 करोड़ 51 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की। यह कार्य वर्ष 2026 से 2031 तक निरंतर जारी रहेंगे।

 मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ रूपये की स्वीकृति 

मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना को आगामी 2 वर्ष, वर्ष 2026-27 और वर्ष 2027-28 की निरंतरता के लिए 200 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई। योजना में मत्स्य बीज संवर्धन, मत्स्य पालकों का प्रशिक्षण, ब्याज अनुदान एवं रोजगार के अवसर प्रदान किये जाते हैं।

 राष्ट्रीय उ‌द्यानिकी मिशन को आगामी 5 वर्षों की निरंतरता के लिए 1150 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने राष्ट्रीय उ‌द्यानिकी मिशन को आगामी 5 वर्षों तक निरंतर रखने के लिए 1150 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी। इस योजना में कृषि क्षेत्र में दक्षता की वृद्धि, विभिन्न कृषि घटकों के प्रभाव वृद्धि, दोहराव से बचाव संबंधी कार्य किये जायेंगे।

 सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के लिए 1,375 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना को आगामी 5 वर्षों (वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2020-31 तक) की निरंतरता के लिए 1,375 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में केन्द्र एवं राज्य सरकार की भागीदारी से, मौजूदा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करणीय उ‌द्योगों के उन्नयन तथा नवीन खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना की जायेगी।

पौधशाला उ‌द्यान के लिए 1 हजार 739 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने उद्यानिकी के क्षेत्र में पौधशाला उ‌द्यान में रोपणियों में पौध तैयार करने और उच्च गुणवत्ता की पौध एवं बीज, रियायती दरों पर उपलब्ध कराए जाने के लिए अगले वर्ष 2031 (आगामी 5 वर्ष) तक के लिए 1739 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।

 किसान कल्याण एवं कृषि विकास की 20 परियोजनाओं के लिए 3 हजार 502 करोड़ रुपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने किसान कल्याण एवं कृषि विकास की 500 करोड़ से कम वित्तीय आकार की 20 परियोजनाओं को आगामी 5 वर्षों तक अर्थात 31 मार्च, 2031 तक के लिए निरंतर जारी रखने जाने की स्वीकृति दी है। इसके लिए 3 हजार 502 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई है।

"सहकारी बैंकों के अंश पूंजी सहायता" योजना के लिए 1 हजार 975 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा सहकारिता विभाग की "सहकारी बैंकों के अंश पूंजी सहायता" योजना को अगले 5 वर्षों 31 मार्च, 2031 तक संचालित करने के लिए 1 हजार 975 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। लोकवित्त से वित्त पोषित कार्यक्रम को ऋण प्रदाय करना सहकारिता विभाग द्वारा जिला बैंकों के माध्यम से, कालातीत ऋणों की पूर्ति किये जाने के लिए कृषकों को फसल ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाती है।

कृषकों को अल्पकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान योजना के लिए 3 हजार 909 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने कृषकों को अल्पकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान योजना को 31 मार्च, 2031 तक की निरंतरता के लिए 3 हजार 909 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। सहकारिता विभाग द्वारा प्राथमिक कृषि साख समितियों के माध्यम से कृषकों को अल्पकालीन फसल ऋण राशि रुपये 3 लाख तक शून्य प्रतिशत दर पर उपलब्ध कराया जाता है। किसानों को प्राप्त हो रही सुविधा एवं सहायता प्राप्त होती रहेगी।

 सहकारी संस्थाओं के कुशल संचालन के लिए 1, 073 करोड़ रूपये की स्वीकृति 

मंत्रि-परिषद ने सहकारिता विभाग के अधीन सहकारी संस्थाओं को आवश्यक सहयोग जैसे अंशपूंजी, ऋण तथा अनुदान आदि सुलभ कराने एवं विभागीय गतिविधियों को सुचारु रखने के लिए 12 प्रचलित योजनाओं को भी 31 मार्च, 2031 तक निरंतर संचालित रखने की स्वीकृति प्रदान की है। इन 12 योजनाओं की निरंतरता के लिए 1073 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है।

 सहकारिता की विभिन्न योजनाओं के लिए 1,229 करोड़ रूपये की स्वीकृति 

मंत्रि-परिषद द्वारा कृषि क्षेत्र में सहकारिता विभाग के अधीन चल रहीं विभिन्न योजनाओं के अगले 5 वर्षों तक सुचारु संचालन एवं मानीटरिंग के लिए विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत एक हजार 229 करोड़ स्वीकृत किये गये।

पशुधन विकास के लिए 656 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना अंतर्गत सोर्टेड सेक्स्ड सीमन उत्पादन परियोजना को 31 मार्च, 2031 तक निरंतर संचालित करने के लिए 656 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में चिन्हित नस्ल के मादा गौ-भैंस वंशीय पशुधन बढ़ाये जाने के उद्देश्य से पशु पालकों को आवश्यक तकनीकी सहयोग दिया जाता है। इस योजना से पशु पालकों को निरंतर लाभ प्राप्त होता रहेगा।

पशु स्वास्थ्य रक्षा तथा पशु संवर्धन एवं संरक्षण के लिए 1723 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने पशु स्वास्थ्य रक्षा तथा पशु संवर्धन एवं संरक्षण के लिए संचालित की जा रही 14 योजनाओं को अगले 5 वर्षों तक निरंतर रखने के लिए 1723 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में पशुधन एवं कुक्कुट उत्पाद में वृद्धि करना तथा कमजोर वर्ग के हितग्राहियों को पशुपालन के माध्यम से आर्थिक लाभ दिया जाता है।

पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र की 11 योजनाओं के लिए 6 हजार 518 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने पशुपालन एवं डेयरी के क्षेत्र में पशु प्रजनन, मुर्गी पालन, भेड़ बकरी प्रक्षेत्र, रोग उन्मूलन, पशुओं के टीकाकरण, गहन पशु विकास परियोजना आदि 11 योजनाओं को अगले 5 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 6 हजार 518 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।

 बड़वानी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण के लिए 2067.97 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में नर्मदा नियत्रंण मण्डल की बैठक में बड़वानी जिले में अल्प वर्षा क्षेत्र तहसील वरला के 33 ग्रामों में तथा तहसील पानसेमल के 53 ग्रामों में भूजल स्तर बढ़ाने के लिए 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2 हजार 68 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

वरला, उद्वहन माईक्रो सिंचाई उद्वहन परियोजना में नर्मदा नदी से 51.42 एम.सी.एम. जल उद्वहन करते हुए वरला तहसील के 33 गाँवों की 15 हजार 500 हैक्टेयर भूमि पर सिंचाई की जा सकेगी। इस परियोजना की लागत 860.53 करोड़ रुपये है ।

पानसेमल माईक्रो सिंचाई उद्वहन परियोजना में तहसील पानसेमल के 53 ग्रामों की 22 हजार 500 हैक्टेयर भूमि पर सिंचाई की जा सकेगी। इसके तहत नर्मदा नदी से 74.65 एम.सी.एम. जल उद्वहन किया जायेगा। इस परियोजना की लागत एक हजार 207.44 करोड़ रूपये है।

किसान कल्याण वर्ष की यह पहली कैबिनेट है। भविष्य में प्रदेश के विभिन्न स्थानों में कृषि कैबिनेट का आयोजन कर किसान कल्याण की दिशा में अनेक निर्णय लिए जाएंगे।

नगर क्षेत्र में पैदल मार्च कर लोगों से शांति बनाए रखने में सहयोग की अपील की
कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। आगामी होली पर्व व अमेरिका ईरान जंग के चलते क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस क्षेत्राधिकारी व कोतवाली प्रभारी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने नगर क्षेत्र में पैदल मार्च कर लोगों से शांति बनाए रखने में सहयोग की अपील की। सोमवार को पुलिस क्षेत्राधिकारी आलोक प्रसाद, कोतवाली प्रभारी अरविंद सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने नगर क्षेत्र के मजा शाह चौराहा, गुरखेत बाजार,शहर बाजार, खतराना चौराहा , सर्राफा बाजार लहरपुर गेट सहित विभिन्न मार्गों पर पैदल मार्च किया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। गस्त के दौरान पुलिस ने विभिन्न होलिका दहन स्थलों का भी निरीक्षण किया व विभिन्न स्थानों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की जानकारी ली।
রাতভর রঙের উৎসবে মাতলো শহর বসিরহাট
বসিরহাট : হোলির আগেই যেন রঙের ছোঁয়ায় মাতলো বসিরহাট। বসিরহাট বসন্ত উৎসব কমিটির উদ্যোগে আগাম বসন্ত উৎসব ও দোল পূর্ণিমা উদযাপনে প্রাণ ফিরে পেল শহরের সাংস্কৃতিক পরিসর। শহর বসিরহাটের প্রাণকেন্দ্র টাউন হল মাঠে অনুষ্ঠিত এই উৎসবে সকাল থেকেই জমে ওঠে মানুষের ভিড়। উৎসবের মঞ্চ জুড়ে ছিল বাউল গান, নৃত্যানুষ্ঠান ও সংগীতানুষ্ঠান। একদিকে যেমন লোকসংস্কৃতির সুরে মাতোয়ারা হন দর্শকরা, তেমনই অন্যদিকে আবির খেলায় মেতে ওঠেন তরুণ-তরুণী থেকে শুরু করে শিশু ও প্রবীণরাও। রঙিন আবিরে রাঙা মুখ, একে অপরকে আলিঙ্গন, হাসি-আড্ডা আর সেল্ফি তোলার মুহূর্তে গোটা মাঠজুড়ে তৈরি হয় উৎসবের উচ্ছ্বাস। পাশাপাশি দর্শনার্থীদের জন্য ছিল নানা ধরনের খাবারের আয়োজন, যা উৎসবের আনন্দকে আরও বাড়িয়ে তোলে। এই আগাম বসন্ত উৎসবের উদ্যোক্তা ডাঃ শৌর্য্য ব্যানার্জি। তিনি বলেন, "দোল পূর্ণিমা মানেই শুধু রঙের উৎসব নয়, এটি সম্প্রীতি, ভালোবাসা আর একসঙ্গে থাকার বার্তা বহন করে। বর্তমান সময়ে সমাজে বিভাজন ও ব্যস্ততার মাঝেও মানুষ যেন একদিন হলেও মিলেমিশে আনন্দ করতে পারে, সেই ভাবনা থেকেই আগাম এই বসন্ত উৎসবের আয়োজন। বসিরহাট শহর বহু সংস্কৃতির মিলনক্ষেত্র। সেই ঐতিহ্যকে সামনে রেখে সকল শ্রেণী ও সম্প্রদায়ের মানুষকে এক মঞ্চে আনার চেষ্টা করেছি।"
ডাঃ ব্যানার্জি আরও জানান, এই ধরনের সামাজিক ও সাংস্কৃতিক উৎসব ভবিষ্যতেও নিয়মিত করার পরিকল্পনা রয়েছে, যাতে নতুন প্রজন্মের মধ্যে লোকসংস্কৃতি ও সাম্প্রদায়িক সম্প্রীতির বার্তা পৌঁছে দেওয়া যায়। রঙ, গান আর হাসিতে ভরা এই আগাম দোল উৎসব শেষ পর্যন্ত প্রমাণ করে দিল, উৎসবের আনন্দ কোনও নির্দিষ্ট তারিখের অপেক্ষা করে না, মানুষের মিলনই তার আসল শক্তি। বসিরহাটে সেই মিলনের ছবিই ধরা পড়ল এই বসন্ত উৎসবে।
रंग - गुलाल की सजी दुकानें बाजारों में बढ़ी रौनक
*कार्टून थीम और टैंक वाली पिचकारियां आकर्षण का केंद्र*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्साह व उमंग होली त्योहार को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। रंगभरी एकादशी के बाद से ही दुकानों पर रंग-गुलाल और टोपी, मुखौटा की बिक्री बढ़ गई है। रंगों और उमंगों के इस त्योहार की आहट के साथ ही दुकानों पर रौनक बढ़ने लगी है। भदोही शहर, गोपीगंज, ज्ञानपुर, सुरियावां, घोसिया-खमरिया, ऊंज, औराई, महराजगंज, बाबूसराय, चौरी और मोढ़ समेत समस्त छोटे-बड़े बाजार स्थित दुकानों पर रात्रि दस बजे तक त्योहारी सामानों की खरीद हो रही है। दुकानों पर गुलाल, अबीर, पिचकारी, रंग-बिरंगे गुब्बारे और होली की सजावटी सामग्री की बिक्री काफी बढ़ गई है। बाजार में बच्चों के लिए कार्टून थीम वाली और टैंक वाली बड़ी पिचकारियां विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। वहीं, युवाओं के बीच हर्बल और ऑर्गेनिक रंगों की मांग में वृद्धि देखी जा रही है। दुकानदारों के अनुसार, लोग अब त्वचा और आंखों की सुरक्षा के प्रति अधिक जागरूक हो गए हैं, जिसके कारण केमिकल मुक्त रंगों की बिक्री बढ़ी है। मिठाई की दुकानों पर भी ग्राहकों की चहल-पहल बढ़ गई है। गुजिया, मठरी, नमकीन और विभिन्न प्रकार की मिठाइयों की अग्रिम बुकिंग शुरू हो चुकी है। कई दुकानदारों ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विशेष छूट और ऑफर भी घोषित किए हैं। कपड़ों की दुकानों पर महिलाएं और युवा खरीदारी करते नजर आ रहे हैं। सफेद कुर्ता-पायजामा और रंगीन दुपट्टों की बिक्री में तेजी आई है। होली को लेकर बाजारों में उत्साह और उमंग का माहौल है। व्यापारी बेहतर बिक्री की उम्मीद कर रहे हैं, जबकि आमजन त्योहार को धूमधाम से मनाने की तैयारियों में व्यस्त हैं। शहर में जगह-जगह होली का अस्थाई बाजार सजकर तैयार हैं, जहां पर हर्बल गुलाल के साथ पिचकारी, सफेदा,तरह-तरह की रंग बिरंगी टोपी, होली खेलने के लिए स्लोगन लिखी सफेद कार की टी-शर्ट और होली में उपयोग होने वाले बच्चों के आइटम्स की भरमार हैं। शहर के न्यू मार्केट और पुराने शहर के चौक बाजार इलाके में लगी दुकानों पर बड़ी संख्या में लोग पहुंच कर खरीदारी कर रहे हैं। हालांकि पर्व के दौरान उत्पादों पर महंगाई की मार होने से लोगों में निराशा भी देखी जा रही है। अबीर-गुलाल के साथ ही पिस्टल, राकेट, गिटार के साथ ही संगीत की तान छोड़ने वाली पिचकारी बच्चों को खूब लुभा रही है। होली के रंग से बाल की सुरक्षा के लिए बाजार में बनावटी बाल भी उपलब्ध हैं। दुकानों मे विभिन्न प्रकार के मुखौटे भी बच्चों को आकर्षित कर रहे हैं। कपड़ों की दुकान के बाहर हैंगर पर होली की पोशाक भी लगनी शुरू हो गई है।
परीक्षा में 183 बच्चे सफल 12 वीं तक मिलेंगी छात्रवृत्ति
*हर्ष यादव को मिला पहला स्थान,बड़वापुर के 11 बच्चे उत्तीर्ण*



नितेश श्रीवास्तव


भदोही। राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित परीक्षा में जिले के बच्चों ने झंडा गाड़ दिया है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय बड़वापुर के 11 समेत कुल 183 बच्चे परीक्षा में सफल हो गए हैं। नेवादा के हर्ष यादव ने जिले में पहला स्थान हासिल किया है। अब इनको नौवीं से 12वीं तक हर साल 12-12 हजार रुपये सालाना छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा। सफल बच्चों के अभिभावकों ने शिक्षकों को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। बेसिक शिक्षा विभाग के तहत संचालित विद्यालयों सहित अन्य विद्यालयों में कक्षा आठ में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को लाभान्वित करने के लिए राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा आयोजित की जाती है। इसमें उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को कक्षा नौ से लेकर 12 तक की पढ़ाई के दौरान प्रति माह एक हजार रुपये की दर से 48 हजार रुपये छात्रवृत्ति देने का प्रावधान है। नवंबर 2025 में यह परीक्षा जिले में हुई। जिसमें दो हजार बच्चों ने भाग लिया। रविवार को इसका परीक्षाफल जारी किया गया। जिसमें हर्ष यादव ने पहला स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा उच्च प्राथमिक विद्यालय बड़वापुर के 11 छात्रों का चयन हुआ है। राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक रामलाल यादव ने बताया कि बड़वापुर के चयनित बच्चों में सोनू निगम, राहुल, उदय कुमार, आयुष यादव, सोनम, नैंसी, ज्योति, गुड़िया, उजाला, तेजस और अंशिका शामिल है। बताया कि उत्तीर्ण बच्चों को कक्षा नौ से 12वीं तक हर साल 12-12 हजार की छात्रवृत्ति दी जाएगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने बताया कि शिक्षकों की मेहनत से इस बार 183 बच्चे सफल हुए
गांव के विकास को मिलेगी गति, 8.14 करोड़ जारी


नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले की ग्राम पंचायतों में रुके हुए विकास कार्यों को जल्द ही रफ्तार मिलेगी। पंचायत चुनाव से पहले सरकार की ओर से 15वें वित्त के रूप में अनटाइड मद यानि विशेष बजट के रूप में आठ करोड़ 14 लाख जारी किया गया है। इससे पंचायतों में नाली, खड़ंजा, सड़क और अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए जाएंगे। जिले के छह ब्लॉकों में 546 पंचायतें हैं। इनमें राज्य वित्त और 15वें वित्त से विकास कार्यों के लिए बजट का आवंटन किया जाता है। आबादी के हिसाब से सरकार वित्तीय वर्ष में अनटाइड और टाइड के अलग-अलग खातों में दो बार में धनराशि मुहैया कराती है। टाइड की धनराशि सिर्फ स्वच्छता आदि पर खर्च होती है जबकि अनटाइड की धनराशि पक्के कार्य और वेतन आदि में खर्च किए जाते हैं। लंबे समय से पंचायतों में विकास के लिए बजट नहीं मिल सका था, जिससे विकास कार्य रुक गए थे। लेकिन, होली से पहले शासन ने गांवों में विकास के लिए बजट जारी कर दिया है। जल्द ही पंचायत चुनाव भी होने हैं। इससे पहले सरकार ने अनटाइड के रूप में पंचायतों को बजट जारी कर दिया है। बजट के अभाव में न तो विकास की कार्ययोजना ही बन पा रही थी और न ही कार्य हो पा रहे थे लेकिन अब बजट मिलने के बाद रुके हुए विकास कार्यों को गति दी जा सकेगी। एक प्रधान ने बताया कि अनटाइड फंड में दो लाख 20 हजार से लेकर पांच लाख तक आबादी के हिसाब से पैसा मिलता है। जिला स्तर पर पैसा आ गया है। होली बाद पंचायतों के खाते में आने की उम्मीद है।



15वें वित्त आयोग से पंचायतों को अनटाइड फंड के रूप में आठ करोड़ 14 लाख जारी हुआ है। इससे गांव में रुके विकास कार्यों में मदद मिलेगी। आबादी के हिसाब से पैसा जारी किया जाएगा।- ज्ञान प्रकाश, प्रभारी डीपीआरओ


इन कार्याे में होगा धनराशि का उपयोग
- गांव में नाली निर्माण एवं जल निकासी की व्यवस्था।
- संपर्क मार्गाें पर इंटरलाकिंग और खड़ंजा कार्य।
- पंचायत भवनों का रखरखाव एवं सुंदरीकरण।
- जिला पंचायत स्तर पर सड़कों का निर्माण।
अमेरिकी टैरिफ से उबरे निर्यातकों के सामने न‌ई परेशानी ने दी दस्तक, युद्ध लंबा खींचा तो करोबार पर दिखेगा का असर

*खाड़ी देशों के बीच छिड़े युद्ध से 80 फीसदी द्विपक्षीय कालीन कारोबार होगा प्रभावित*



नितेश श्रीवास्तव


भदोही। अमेरिकी टैरिफ से उबरे निर्यातकों के सामने अब एक नई परेशानी ने दस्तक दी है। खाड़ी देशों के बीच छिड़े युद्ध ने निर्यातकों को चिंता में डाल दिया है। वर्तमान में भले ही भारतीय कालीनों के निर्यात पर कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन युद्ध अगर लंबा खिंचता है तो निश्चित तौर पर इसका असर कारोबार पर देखने को मिलेगा। इसमें खरीदार देशों में पैनिक स्थिति होने पर 80 फीसदी द्विपक्षीय कारोबार प्रभावित होने की संभावना है। वहीं, कई अहम रास्ते प्रभावित होने के साथ अगले महीने नई दिल्ली में होने वाले कारपेट एक्स्पो पर भी चिंता के बादल मंडराने लगे हैं।भारतीय कालीन की सबसे अधिक मांग अमेरिका और जर्मनी में होती है। यह दोनों देश फिलहाल प्रत्यक्ष रूप से नहीं, लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से युद्ध का हिस्सा बने हुए हैं। कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के वाइस चेयरमैन असलम महबूब का कहना है कि निर्यातक अभी-अभी अमेरिकी टैरिफ के बोझ से निकले हैं। अगले महीने में नई दिल्ली में होेने वाले कारपेट एक्स्पो में निर्यातकों ने यह उम्मीद लगाई है कि बड़ी संख्या में अमेरिकी खरीदार आएंगे, क्योंकि बीते मेले में टैरिफ के असर के कारण खरीदारों ने दूरी बनाई थी। अब एक बार फिर से जिस तरह की स्थितियां बन रही है। उससे कहीं न कहीं कालीन व्यापारियों में यह चिंता बढ़ रही है कि युद्ध के असर से खरीदार कहीं नई दिल्ली के मेले से भी दूरी न बना लें। बताया कि अमेरिका हमारे निर्यात 60 फीसदी हिस्सेदार है। अगर जर्मनी और अन्य यूरोपिय देशों को जोड़ लिया जाए तो यह 80 फीसदी तक पहुंचा जाता है। अब आने वाले दिनों में युद्ध की स्थिति से व्यापार पर भी इसका असर देखा जा सकेगा।