यूरिया के लिए किसानों की लंबी कतारें, प्रशासन बोला- स्टॉक पर्याप्त
गोंडा।जिले में मानसून की दस्तक के साथ ही यूरिया की मांग तेज हो गई है। बुवाई के लिए किसान साधन सहकारी समितियों पर सुबह से ही कतारों में लग रहे हैं। घंटों इंतजार के बाद भी कई किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है।गुरुवार को पंडरी कृपाल ब्लॉक के सुभागपुर स्थित उद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति समेत कई केंद्रों पर सुबह 9 बजे से ही किसानों की लंबी लाइनें लगी रहीं। अधिकांश किसान खाली हाथ लौटे।जिला प्रशासन का कहना है कि जिले में यूरिया का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। समितियों पर लगातार खाद भेजी जा रही है ताकि किसानों को परेशानी न हो। इसके बावजूद कई जगह भीड़ कम नहीं हो रही है, जिससे आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।किसानों का कहना है कि बुवाई का समय निकल रहा है, इसलिए जल्द से जल्द पर्याप्त मात्रा में खाद मिलनी चाहिए।
जनसुनवाई की शिकायतों का हो न्याय पूर्ण निस्तारण-एसपी
रितेश मिश्रा
हरदोई। पुलिस कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने पीड़ितों की शिकायतों को सुनते हुए अधिनस्थों को न्यायपूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।
        पुलिस कार्यालय पर न्याय पाने की आस में आये पीड़ितों से उन्होंने पुलिस कार्यालय तक आने की वजह भी जानी और सभी फरियादियों के प्रार्थना पत्र का गहनता से अवलोकन कर सम्बंधित अधीनस्थ को कार्यवाही के लिए अग्रसारित किया।
      इस अवसर पर उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को चेताया है कि थाने आने वाले पीड़ितों की तत्काल रिपोर्ट दर्ज की जाए और उनका न्यायपूर्ण निस्तारण किया जाए।ताकि पीड़ितों को पुलिस कार्यालय तक न्याय के लिए भटकना न पड़े।
पूर्व निर्धारित मार्गो से ही निकाले जाएं ताजिये-सुशील कुमार मिश्रा
सुरक्षा की दृष्टिकोण से तैनात रहेगा अतिरिक्त पुलिस बल-आलोक राज नारायण

रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई।कोतवाली शाहाबाद में गुरुवार को आगामी त्योहारों को लेकर पीस कमेटी की बैठक एसडीएम सुशील मिश्रा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। एएसपी/ सीओ शाहाबाद उपस्थित रहे।
         पीस कमेटी की बैठक को सम्बोधित करते हुए एसडीएम श्री मिश्रा ने आगामी मोहर्रम का त्यौहार परंपरागत तरीके से मनाया जाए ताजियो को पूर्व निर्धारित मार्ग से निकालने की अनुमति दी गई है। इसलिए सभी लोग प्रेम से त्यौहार मनाये कोई भी त्यौहार में व्यवधान पैदा करने का प्रयास करेगा तो प्रशासन उसके विरुद्ध सख्ती से निपटेगा। एएसपी/सीओ आलोक राज नारायण ने कहा मोहर्रम के त्यौहार को आपसी सौहार्द के मनाएं।सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस गस्त बढ़ाई गई है मोहर्रम में अतिरिक्त पुलिस बल सुरक्षा के लिए तैनात किया जायेगा। सोशल मीडिया पर भी पुलिस द्वारा निगरानी रखी जाएगी। आपसी सौहार्द बिगाड़ने वालों से सख्ती से निपटा जायेगा। सभी संभ्रात लोग बैठक में आये है आप लोग भी आसपास के अराजक तत्वों पर नजर रखिये कहीं कोई गड़बड़ी की आशंका हो तो उन्हें या प्रभारी निरीक्षक को सूचना दी जाए। सूचना दाता का नाम गोपनीय रखा जायेगा। इस अवसर पर प्रभारी निरीक्षक अरविन्द कुमार राय,नगर पालिका के सभासद, ग्राम प्रधान, धर्म गुरु और संभरान्त लोग उपस्थित रहे।
प्रशासन से वार्ता के बाद भाकियू भानू का धरना समाप्त, मांगों पर कार्रवाई का मिला आश्वासन
रितेश मिश्रा
संडीला। भारतीय किसान यूनियन (भानू गुट) के जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह उर्फ अंकित की गिरफ्तारी को लेकर संडीला तहसील परिसर में चल रहा धरना प्रदर्शन प्रशासन से हुई वार्ता के बाद समाप्त हो गया। प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर योगेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद संगठन ने धरना समाप्त करने की घोषणा की।

ज्ञापन में किसानों ने एफआईआर संख्या 0266 में लगाए गए कथित फर्जी दस्तावेजों की जांच कर उचित कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई। साथ ही मामले में पुलिस द्वारा लगाई गई अंतिम रिपोर्ट (एफआर) की भी निष्पक्ष समीक्षा कराने की बात कही गई। संगठन ने प्रदीप गुप्ता के विरुद्ध उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने, 30 लाख रुपये के कथित फर्जी चेक और धोखे से प्लॉट की रजिस्ट्री कराने के आरोपों की जांच कर उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की।

इसके अलावा, प्रदीप गुप्ता की दुग्ध डेरी की जांच कर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया। ज्ञापन में चौकी इंचार्ज रजत त्रिपाठी की भूमिका की जांच कर उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने तथा कथित रूप से मुन्ना को छोड़ने के एवज में लिए गए 50 हजार रुपये वापस कराने और मारपीट के आरोपों की जांच कर कार्रवाई की मांग भी शामिल रही। संगठन ने यह भी बताया कि कटाई मिल चौकी प्रभारी रजत त्रिपाठी को लाइन हाजिर कर दिया गया है।

प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि प्रशासन द्वारा सभी बिंदुओं पर जांच और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। इसी के मद्देनजर संगठन ने फिलहाल अपना धरना समाप्त कर दिया है, लेकिन यदि पीड़ित पक्ष को न्याय नहीं मिला तो भविष्य में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
मल्हीपुर घाट पर 24 करोड़  की लागत से बन रहे पुल के अप्रोच का रास्ता कब होगा साफ,आखिर 3 जिलों के लोगों को कब मिलेगा निजात*
सुलतानपुर,गोमती नदी के मल्हीपुर घाट पर बन रहे सेतु के अप्रोच का कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी है। करीब पांच साल से किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा न मिल पाने के कारण अप्रोच नहीं बन पा रहा था। शासन से बजट की स्वीकृति मिलने के बाद अब कार्य शुरू किया जाएगा।

107 किसानों से 0.247 हेक्टेयर भूमि ली गई है। लंभुआ की तरफ किसानों को मुआवजा दिया जा रहा है। अब करौंदीकला की तरफ भी किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। यह सेतु लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग पर कोइरीपुर तो दूसरी तरफ करौंदीकला ब्लाक को जोड़ेगा।

हो सकती है चांदा के मल्हीपुर-कोइरीपुर- छतौना-करौंदीकला मार्ग पर गोमती नदी के मल्हीपुर घाट पर अक्टूबर,2018 में पुल निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हुई थी। लेकिन राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा इसे वित्त पोषित किया गया था। उस समय इसकी स्वीकृति लागत 20 करोड़ रुपये लगभग थी,जिसकी लागत अब बढ़कर लगभग 24 करोड़ से अधिक तक पहुंच चुकी है। इस वजह से पूरा नहीं हो सका था निर्माण 184.88 मीटर लंबे सेतु पर दोनों तरफ मिलकर 400 मीटर पहुंच (अप्रोच) मार्ग का निर्माण भी प्रस्तावित था।

किसानों को मुआवजा न मिल पाने के कारण इसे अब तक पूरा नहीं किया जा सका। जबकि लंभुआ की तरफ किसानों को मुआवजा देने का कार्य प्रगति पर रही, वहीं करौंदीकला की तरफ मुआवजा देने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इससे अब पुल निर्माण जल्द पूरा होने की उम्मीद जगी है।

मल्हीपुर सेतु निर्माण से दोनों तरफ के करीब 50 गावाें का रास्ता सीधा हो जाएगा। इससे करीब दो लाख आबादी लाभांवित होगी। अभी तक लोगों को इब्राहिमपुर डेवाढ़ घाट पुल से रास्ता तय करना पड़ रहा है। पुल निर्माण से सुलतानपुर,जौनपुर और प्रतापगढ़ तीनों जिलों के लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। पुल पर आवागमन शुरू होने के बाद पौराणिक धाम बिजेथुआ समेत अखंडनगर, दोस्तपुर,शाहगंज आदि स्थानों पर आने-जाने में सुगमता मिलेगी। 

ग्रामीणों ने कहा कि पुल बन जाने से तीन जिले के लोगों को आवागमन में काफी सुविधा होगी और विद्यार्थी भी उस पार स्थित अच्छे विद्यालयों में पढ़ाई कर सकेंगे। इसके अलावा एक दूसरे के सुख-दुःख, निमंत्रण एवं अन्य कार्यक्रमों में सम्मिलित होने के लिए अभी नाव का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अप्रोच मार्ग के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन के बदले किसानों को उचित मुआवजा दिया जा रहा है। इससे अब पुल व अप्रोच मार्ग के निर्माण में तेजी लाई जाएगी। मार्च तक पुल आवागमन के लिए खोल देने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन आज तक 8 साल बीतने को है यह कार्यक्रम पूरा नहीं हो सका है।
देवघर-विश्व रक्तदाता दिवस पर आयोजित होने वाले प्रथम रक्तदान शिविर के पोस्टर का लोकार्पण।
देवघर: 11 जून 2026। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), देवघर एवं भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, देवघर शाखा के संयुक्त तत्वावधान में विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर 14 जून 2026 को आयोजित होने वाले विशेष रक्तदान शिविरके पोस्टर का आज एम्स देवघर में विधिवत लोकार्पण किया गया। यह रक्तदान शिविर विशेष महत्व रखता है क्योंकि एम्स देवघर के रक्त केंद्र (ब्लड सेंटर) के संचालन प्रारंभ होने के पश्चात यह पहला स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा समाज में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। पोस्टर का लोकार्पण एम्स देवघर के कार्यपालक निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) नितिन एम. गंगाने द्वारा किया गया। इस अवसर पर एम्स देवघर के अकादमिक अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) हरविंदर सिंह , रक्त केंद्र के डॉ. गिरीश सिंह क्षत्रिय, एमएस कार्यालय के प्रमुख नितीश कुमार पाण्डेय , एम्स कर्मचारी विवेक कुमार ओझा तथा भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, देवघर शाखा के चेयरमैन जितेश राजपाल , वाइस चेयरमैन पीयूष जायसवाल,कोषाध्यक्ष राजकुमार बर्नवाल, कार्यकारिणी सदस्य सुधांशु शेखर बर्नवाल एवं अर्चना भगत उपस्थित थे। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) नितिन एम. गंगाने ने कहा कि रक्तदान मानवता की सर्वोच्च सेवाओं में से एक है। एक यूनिट रक्त कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन प्रदान कर सकता है। उन्होंने युवाओं, सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों से नियमित स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने का आह्वान किया। अकादमिक अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) हरविंदर सिंह ने कहा कि सुरक्षित एवं पर्याप्त रक्त की उपलब्धता किसी भी स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। स्वैच्छिक रक्तदाता समाज के वास्तविक नायक हैं, जिनके सहयोग से अनेक जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। उन्होंने लोगों से रक्तदान को सामाजिक दायित्व के रूप में अपनाने का आग्रह किया। रक्त केंद्र के प्रभारी अधिकारी (ओआईसी) डॉ. गिरीश सिंह क्षत्रिय ने बताया कि आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित एम्स देवघर का रक्त केंद्र क्षेत्र के मरीजों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि रक्तदान एक सुरक्षित एवं वैज्ञानिक प्रक्रिया है तथा प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करना चाहिए। उन्होंने विश्व रक्तदाता दिवस पर आयोजित इस प्रथम रक्तदान शिविर में अधिकाधिक लोगों की सहभागिता की अपील की। भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, देवघर शाखा के चेयरमैन जितेश राजपाल ने कहा कि रेड क्रॉस का मूल उद्देश्य मानव सेवा है और रक्तदान इसका सबसे उत्कृष्ट माध्यम है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक सक्षम नागरिक को वर्ष में कम-से-कम एक बार रक्तदान अवश्य करना चाहिए ताकि रक्त की कमी के कारण किसी भी मरीज का उपचार प्रभावित न हो। भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, देवघर शाखा के वाइस चेयरमैन पीयूष जायसवाल ने कहा कि रेड क्रॉस पिछले कई वर्षों से स्वैच्छिक रक्तदान को जन-आंदोलन बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। "ब्लड डोनेशन ऑन व्हील्स" जैसी अभिनव पहल का उद्देश्य रक्तदान को जन-जन तक पहुँचाना तथा अधिकाधिक युवाओं को इस जीवनदायी अभियान से जोड़ना है। उन्होंने सभी सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों एवं नागरिकों से 14 जून को रक्तदान कर मानवता की सेवा में सहभागी बनने की अपील की। 14 जून 2026 को प्रातः 9:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक एम्स देवघर के रक्त केंद्र परिसर में रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने तथा अधिकाधिक लोगों को रक्तदान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। आयोजकों ने सभी स्वस्थ नागरिकों, युवाओं, सामाजिक संगठनों एवं संस्थानों से इस पुनीत कार्य में सहभागिता कर जरूरतमंद मरीजों के जीवन की रक्षा में योगदान देने की अपील की है। *एक बूंद मानवता की — रक्तदान, जीवनदान।* *आपका रक्तदान बचाएगा किसी की जान।*
*प्रेस आमंत्रण (Press Invitation):-पुलिस अधीक्षक*
*प्रेस आमंत्रण (Press Invitation)* सादर अवगत कराना है कि पुलिस लाइन, सुलतानपुर में "27वीं अन्तर जनपदीय लखनऊ जोन,लखनऊ वालीबाल व सेपक टकरा (महिला/पुरुष) प्रतियोगिता वर्ष 2026" का भव्य आयोजन होने जा रहा है।
इस खेल प्रतियोगिता के गरिमामयी पलों और खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन को कवर करने के लिए आप सभी पत्रकार बंधु सादर आमंत्रित हैं। *समय* -सुबह 08.00 बजे। *कार्यक्रम का विवरण:* दिनांक: 12 जून 2026 से 14 जून 2026 तक यह आयोजन होगा। *स्थान: पुलिस लाइन,सुलतानपुर (उत्तर प्रदेश)* विशेष अनुरोध: प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के समस्त सम्मानित पत्रकार साथियों से निवेदन है कि गरिमामयी उपस्थिति प्रदान कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएं और इस खेल उत्सव को अपने सम्मानित मीडिया माध्यमों से जन-जन तक पहुँचाने में सहयोग करें। *पुलिस मीडिया सेल,जनपद सुलतानपुर*
बाबा बालखंडी नाथ मंदिर में चल रही शिव महापुराण कथा में श्रद्धालुओं का उत्साही जनसैलाब, परिवहनमंत्री ने फ्री बस सेवा शुरू की
संजीव सिंह बलिया! तीसरे दिन भी बाबा बालखंडी नाथ मंदिर परिसर सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा की भक्ति-भव्यता से गूंज उठा। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा (सीहोर वाले) ने श्रद्धालुओं को भगवान शिव की महिमा का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि पृथ्वी माता समस्त जीवों का भार सहन कर सकती हैं, पर मनुष्य के पापों का बोझ वह ढो नहीं सकतीं; ऐसे में जो पापों का बोझ उठाकर कल्याण करने की शक्ति रखता है वह महादेव ही हैं। पं. प्रदीप मिश्रा ने नारद पुराण के हवाले से बताया कि भगवान शिव अपने भक्तों के दुख, कष्ट और पापों का नाश करते हैं। उन्होंने सच्ची भक्ति, धर्म, संस्कार और सदाचार का संदेश दिया और कहा कि शिव का स्मरण तथा पाप, अहंकार और छल-कपट से दूर रहने से जीवन में सुख और शांति निवास करती है। कथा के दौरान शिव-परिवार से जुड़ी कई प्रसंगात्मक कहानियाँ और भजन प्रस्तुत किए गए, जिन पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर हर-हर महादेव के जयघोष करते रहे। पूरा पंडाल प्रेम, आस्था और भक्ति से शिवमय दिखाई दिया। तीसरे दिन जिले के विभिन्न क्षेत्रों व पड़ोसी जनपदों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने पहुंचे। आयोजन समिति ने पेयजल, चिकित्सा, सुरक्षा व यातायात की समुचित व्यवस्थाएँ सुनिश्चित कीं। कथा समापन पर परिवहन मंत्री अनुज धर्मेंद्र सिंह, सुनील सिंह तथा अन्य परिजनों ने महादेव की आरती की और प्रसाद वितरण किया। श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना करते हुए जयकारे लगाए। बांसडीह रोड के दिउली में चल रहे कार्यक्रम के दौरान बढ़ती भीड़ के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसे देखते हुए परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने एनसीसी तिराहा से कार्यक्रम स्थल तक फ्री बस सेवा शुरू कराने का निर्देश दिया। पुलिस द्वारा रूट डायवर्ट किए जाने से पैदल चलने की दूरी बढ़ गई थी; मुफ्त बस सेवा से श्रद्धालुओं को काफी राहत मिली और भक्ति में शामिल होने वालों की सुविधा सुनिश्चित हुई।
नीति आयोग बैठक: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने रखा झारखंड को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का रोडमैप

नई दिल्ली : नीति आयोग की 11वीं बैठक में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राज्य के समग्र विकास पर बल दिया। उसकी विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की और केंद्र से सहयोग की अपेक्षा की। समग्र विकास की विचारधारा को रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा तभी सार्थक होगी, जब उसे मानव पूंजी से जोड़ा जाए।

उन्होंने झारखण्ड को केवल खनिज निकालने वाले राज्य के रूप में देखने की परंपरा से अलग विकास की यात्रा में साझेदार बनाने पर बल दिया। अपनी बातों को विस्तार से रखते हुए कहा कि राज्य के संसाधनों का राज्य में ही वैल्यू एडिशन हो, उससे जुड़ा मैनुफैक्चरिंग हो और राज्य की मानव पूंजी का उसमें उपयोग हो। उन्होंने केंद्र सरकार से क्रिटिकल मिनरल्स आधारित उद्योग विकसित करने के साथ साथ नॉलेज, रिसर्च और इनोवेशन के केंद्र विकसित करने में अपेक्षित सहयोग मांगा।

टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन-एनर्जी,लॉजिस्टिक्स और एग्रो- फ़ूड प्रोसेसिंग के बड़े निवेश को झारखंड में बढ़ावा देने की वकालत की। उन्होंने कहा कि माइनिंग और मिनरल्स क्षेत्र में एआई -बेस्ड मिनरल एक्सप्लोरेशन और सस्टेनेबल माइनिंग प्रैक्टिसेज को बढ़ावा देने और झारखंड को उद्योग एवं रोजगार का नया केंद्र बनाने की दिशा में प्रयास जारी है। केंद्र सरकार के सहयोग और मार्गदर्शन के हम आकांक्षी हैं। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल को विकास का मूल आधार बताया।‘विकसित भारत के लक्ष्य के साथ राज्य को नई दिशा देने की बात कही।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य में 38 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों में से 15 हजार के पास भवन नहीं है। इसके बावजूद पोषण अभियान और SAAMAR से कुपोषण में सुधार हुआ है। बच्चों को प्रतिदिन अंडा उपलब्ध कराया जा रहा है। 5000 नए आंगनबाड़ी भवन राज्य सरकार अपने संसाधनों से बना रही है।

शिक्षा क्षेत्र में पहल

माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस से अब IIT और मेडिकल में बच्चों का चयन होने लगा है । राज्य सरकार 5000 उत्कृष्ट विद्यालय बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। उन्होंने पीएम श्री और केंद्रीय विद्यालयों की संख्या बढ़ाने की मांग रखी। झारखंड में NCERT का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने का आग्रह भी किया गया।

कौशल विकास और रोजगार

मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने राज्य की विकास योजनाओं का खाका रखते हुए कहा कि राज्य हर साल 1 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ रहा है। सारथी योजना के तहत 6.76 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। AI, EV, ड्रोन और सोलर जैसे क्षेत्रों में युवाओं को तैयार किया जा रहा है। 53 हजार महिलाओं को आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया गया है।

स्वास्थ्य सेवाएं

उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को पंचायत स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया। श्री हेमंत सोरेन ने बताया कि राज्य में 1276 दवा दुकानें ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित हो रही हैं। मेडिकल कॉलेजों में UG और PG सीट बढ़ाने का प्रस्ताव लंबित है। AI आधारित डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल बनाने की योजना पर भी काम चल रहा है।

खेल क्षेत्र में उपलब्धि

श्री सोरेन ने कहा कि झारखंड के खिलाड़ी हॉकी, फुटबॉल और एथलेटिक्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। राज्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने झारखंड में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की मांग की। खेल संघों में सुधार और पारदर्शिता की जरूरत पर भी उन्होंने जोर दिया।

कृषि एवं पोषण

नीति आयोग की शासी परिषद की 11 वीं बैठक में श्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में 10 लाख से अधिक पोषण वाटिकाएं विकसित की गई हैं।

1.5 लाख एकड़ में फलदार पौधरोपण किया गया है।

झारखंड का आम अब अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच रहा है। उन्होंने कृषि को कुपोषण से लड़ने के प्रभावी साधन के रूप में प्रस्तुत किया।

डिजिटल गवर्नेंस और डेटा

राज्य AI आधारित CM डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पर भी काम जारी है। डेटा शेयरिंग को समयबद्ध बनाने का आग्रह केंद्र से किया गया। DBT में पारदर्शिता और डिजिटल धोखाधड़ी रोकने पर जोर दिया गया।

केंद्र से प्रमुख मांगें

जल जीवन मिशन की शेष 6000 करोड़ राशि जल्द जारी करने की मांग की गई।

कोयला कंपनियों पर 1.36 लाख करोड़ के बकाया भुगतान की बात उठाई गई।

DMFT के मानकों में संशोधन की आवश्यकता जताई गई।

भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को सरल बनाने का आग्रह किया गया।

स्कूली शिक्षा से संबंधित विभिन्न निधियों और योजनाओं को एकीकृत किया करने पर बल दिया गया

PPP मोड में 6 नए मेडिकल कॉलेजों में से 4 को स्वीकृति मिल चुकी है — शेष 2 की स्वीकृति भी शीघ्र प्रदान की जाए

झारखण्ड को राष्ट्रीय, एशियाई और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं तथा खेल महाकुंभों की मेजबानी का अवसर दिया जाए

झारखण्ड के 7 जिले DVC Command Area के अंतर्गत हैं और 12-13 जिले CCL, ECL एवं अन्य केंद्रीय उपक्रमों के उच्च Command Area में आते हैं। इन क्षेत्रों में सामाजिक आधारभूत संरचना निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण और भूमि स्वामित्व संबंधी अनुमति प्रक्रियाओं में राज्य सरकार को आवश्यक छूट और सरलीकरण प्रदान किया जाए

जनपद की आठ ग्राम पंचायत बाल श्रम घोषित, ग्राम प्रधान होंगे सम्मानित
फर्रुखाबाद l जनपद को वर्ष 2027 में बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में तेज़ी से कार्यवाही
8 ग्राम पंचायतें बाल श्रम मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया पूर्ण, 167 बच्चों को कराया गया मुक्त
उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा लिए गए संकल्प "बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश" के अंतर्गत वर्ष 2027 तक प्रदेश को बाल श्रम मुक्त घोषित किए जाने के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु जनपद फर्रुखाबाद में व्यापक स्तर पर कार्यवाही की जा रही है। जनपद के विकास खण्ड बढ़पुर की 05 और विकास खण्ड शमशाबाद की 03 ग्राम पंचायतों को बाल श्रम मुक्त घोषित किए जाने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है।
सहायक श्रमायुक्त द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त कार्य को अंतिम रूप देने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी के नेतृत्व में विभिन्न विभागीय टीमों का गठन किया गया। गठित टीमों द्वारा संबंधित ग्राम पंचायतों में ग्राम बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों की बैठकें आयोजित कर प्रस्ताव पारित कराए गए तथा विकास खण्ड स्तर पर ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों से भी अनुमोदन प्राप्त किया गया। तत्पश्चात जिला स्तर पर इन प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही आगामी एक वर्ष तक इन ग्राम पंचायतों की सतत निगरानी एवं अनुश्रवण भी किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण अभियान में शिक्षा, पंचायत राज, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों का सक्रिय सहयोग लिया जा रहा है। जनपद की अन्य ग्राम पंचायतों को भी चरणबद्ध तरीके से बाल श्रम मुक्त बनाने की कार्यवाही निरंतर जारी है।
बाल श्रम उन्मूलन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने हेतु श्रम विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, नगर पालिका परिषद फर्रुखाबाद के वार्ड सदस्यों के साथ बाल श्रम उन्मूलन विषयक गोष्ठी आयोजित की गई। उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया तथा उनके माध्यम से व्यापारिक प्रतिष्ठानों के स्वामियों से बाल श्रम न कराने की अपील की गई। विधायक भोजपुर नागेन्द्र राठौर ने क्षेत्रवासियों एवं व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों को श्रम में लगाने के स्थान पर शिक्षा से जोड़ें तथा उन्हें सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करें। वहीं ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष कृष्ण दत्त द्विवेदी ने जनपद के सभी ईंट भट्ठा संचालकों से अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे से कोई कार्य न लें।
विशेष अभियान के प्रभावी संचालन हेतु जिला समन्वयक जीशान अंसारी, चाइल्ड राइट्स एसोसिएट (ए.वी.ए.) को जनपद में तैनात किया गया है, जो श्रम विभाग को तकनीकी एवं मैदानी सहयोग प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं कोई बाल श्रमिक कार्य करता हुआ दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल टोल फ्री नम्बर 1098, 1800-102-7222 अथवा PENCIL पोर्टल पर उपलब्ध कराएं।
अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर 12 जून 2026 को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में एक भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में बाल श्रम मुक्त घोषित क्षेत्रों के ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में जनपद से बाल श्रम उन्मूलन समिति के सदस्य, व्यापार मंडल के पदाधिकारी, जिला पंचायती राज विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल कल्याण समिति, चाइल्ड लाइन, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट  विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के लगभग 45 से 50 प्रतिनिधि प्रतिभाग करेंगे।
सहायक श्रमायुक्त ने बताया कि
14 वर्ष से कम आयु के बच्चों का किसी भी प्रतिष्ठान में नियोजन पूर्णतः प्रतिबंधित है। उल्लंघन की स्थिति में सेवायोजकों के विरुद्ध अभियोजन की कार्यवाही करते हुए आर्थिक दण्ड एवं कारावास का प्रावधान है। इसी प्रकार 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों को खतरनाक उद्योगों एवं प्रक्रियाओं में नियोजित करना भी प्रतिबंधित है।
उन्होंने बताया कि दोषी पाए जाने वाले सेवायोजकों के विरुद्ध मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में वाद दायर किया जाता है साथ ही निर्धारित दण्डात्मक कार्यवाही की जाती है। किशोर श्रमिकों के नियोजन की स्थिति में भी कार्यघंटों, विश्राम अवधि, साप्ताहिक अवकाश तथा अभिलेख संधारण से संबंधित नियमों का पालन अनिवार्य है।
सहायक श्रमायुक्त द्वारा जानकारी दी गई कि एक अप्रैल 2024 से 31 मई 2026 तक जनपद में संचालित विशेष निरीक्षण अभियानों के दौरान 142 निरीक्षणों में 167 बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया। जिन प्रतिष्ठानों पर बच्चे कार्यरत पाए गए, उनके स्वामियों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्यवाही की गई है।
उन्होंने कहा कि जनपद को पूर्णतः बाल श्रम मुक्त बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी द्वारा जनपद स्तरीय टास्क फोर्स का पुनर्गठन किया गया है, जो निरंतर भ्रमण कर बाल श्रम की रोकथाम हेतु निरीक्षण करेगी तथा दोषी प्रतिष्ठान स्वामियों के विरुद्ध कठोर दण्डात्मक कार्यवाही सुनिश्चित कराएगी।
जनपद प्रशासन ने सभी नागरिकों, व्यापारियों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, ईंट भट्ठा संचालकों तथा समाज के विभिन्न वर्गों से बाल श्रम उन्मूलन अभियान में सक्रिय सहयोग प्रदान करने की अपील की है, ताकि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराया जा सके।
यूरिया के लिए किसानों की लंबी कतारें, प्रशासन बोला- स्टॉक पर्याप्त
गोंडा।जिले में मानसून की दस्तक के साथ ही यूरिया की मांग तेज हो गई है। बुवाई के लिए किसान साधन सहकारी समितियों पर सुबह से ही कतारों में लग रहे हैं। घंटों इंतजार के बाद भी कई किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है।गुरुवार को पंडरी कृपाल ब्लॉक के सुभागपुर स्थित उद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति समेत कई केंद्रों पर सुबह 9 बजे से ही किसानों की लंबी लाइनें लगी रहीं। अधिकांश किसान खाली हाथ लौटे।जिला प्रशासन का कहना है कि जिले में यूरिया का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। समितियों पर लगातार खाद भेजी जा रही है ताकि किसानों को परेशानी न हो। इसके बावजूद कई जगह भीड़ कम नहीं हो रही है, जिससे आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।किसानों का कहना है कि बुवाई का समय निकल रहा है, इसलिए जल्द से जल्द पर्याप्त मात्रा में खाद मिलनी चाहिए।
जनसुनवाई की शिकायतों का हो न्याय पूर्ण निस्तारण-एसपी
रितेश मिश्रा
हरदोई। पुलिस कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने पीड़ितों की शिकायतों को सुनते हुए अधिनस्थों को न्यायपूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।
        पुलिस कार्यालय पर न्याय पाने की आस में आये पीड़ितों से उन्होंने पुलिस कार्यालय तक आने की वजह भी जानी और सभी फरियादियों के प्रार्थना पत्र का गहनता से अवलोकन कर सम्बंधित अधीनस्थ को कार्यवाही के लिए अग्रसारित किया।
      इस अवसर पर उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को चेताया है कि थाने आने वाले पीड़ितों की तत्काल रिपोर्ट दर्ज की जाए और उनका न्यायपूर्ण निस्तारण किया जाए।ताकि पीड़ितों को पुलिस कार्यालय तक न्याय के लिए भटकना न पड़े।
पूर्व निर्धारित मार्गो से ही निकाले जाएं ताजिये-सुशील कुमार मिश्रा
सुरक्षा की दृष्टिकोण से तैनात रहेगा अतिरिक्त पुलिस बल-आलोक राज नारायण

रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई।कोतवाली शाहाबाद में गुरुवार को आगामी त्योहारों को लेकर पीस कमेटी की बैठक एसडीएम सुशील मिश्रा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। एएसपी/ सीओ शाहाबाद उपस्थित रहे।
         पीस कमेटी की बैठक को सम्बोधित करते हुए एसडीएम श्री मिश्रा ने आगामी मोहर्रम का त्यौहार परंपरागत तरीके से मनाया जाए ताजियो को पूर्व निर्धारित मार्ग से निकालने की अनुमति दी गई है। इसलिए सभी लोग प्रेम से त्यौहार मनाये कोई भी त्यौहार में व्यवधान पैदा करने का प्रयास करेगा तो प्रशासन उसके विरुद्ध सख्ती से निपटेगा। एएसपी/सीओ आलोक राज नारायण ने कहा मोहर्रम के त्यौहार को आपसी सौहार्द के मनाएं।सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस गस्त बढ़ाई गई है मोहर्रम में अतिरिक्त पुलिस बल सुरक्षा के लिए तैनात किया जायेगा। सोशल मीडिया पर भी पुलिस द्वारा निगरानी रखी जाएगी। आपसी सौहार्द बिगाड़ने वालों से सख्ती से निपटा जायेगा। सभी संभ्रात लोग बैठक में आये है आप लोग भी आसपास के अराजक तत्वों पर नजर रखिये कहीं कोई गड़बड़ी की आशंका हो तो उन्हें या प्रभारी निरीक्षक को सूचना दी जाए। सूचना दाता का नाम गोपनीय रखा जायेगा। इस अवसर पर प्रभारी निरीक्षक अरविन्द कुमार राय,नगर पालिका के सभासद, ग्राम प्रधान, धर्म गुरु और संभरान्त लोग उपस्थित रहे।
प्रशासन से वार्ता के बाद भाकियू भानू का धरना समाप्त, मांगों पर कार्रवाई का मिला आश्वासन
रितेश मिश्रा
संडीला। भारतीय किसान यूनियन (भानू गुट) के जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह उर्फ अंकित की गिरफ्तारी को लेकर संडीला तहसील परिसर में चल रहा धरना प्रदर्शन प्रशासन से हुई वार्ता के बाद समाप्त हो गया। प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर योगेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद संगठन ने धरना समाप्त करने की घोषणा की।

ज्ञापन में किसानों ने एफआईआर संख्या 0266 में लगाए गए कथित फर्जी दस्तावेजों की जांच कर उचित कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई। साथ ही मामले में पुलिस द्वारा लगाई गई अंतिम रिपोर्ट (एफआर) की भी निष्पक्ष समीक्षा कराने की बात कही गई। संगठन ने प्रदीप गुप्ता के विरुद्ध उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने, 30 लाख रुपये के कथित फर्जी चेक और धोखे से प्लॉट की रजिस्ट्री कराने के आरोपों की जांच कर उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की।

इसके अलावा, प्रदीप गुप्ता की दुग्ध डेरी की जांच कर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया। ज्ञापन में चौकी इंचार्ज रजत त्रिपाठी की भूमिका की जांच कर उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने तथा कथित रूप से मुन्ना को छोड़ने के एवज में लिए गए 50 हजार रुपये वापस कराने और मारपीट के आरोपों की जांच कर कार्रवाई की मांग भी शामिल रही। संगठन ने यह भी बताया कि कटाई मिल चौकी प्रभारी रजत त्रिपाठी को लाइन हाजिर कर दिया गया है।

प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि प्रशासन द्वारा सभी बिंदुओं पर जांच और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। इसी के मद्देनजर संगठन ने फिलहाल अपना धरना समाप्त कर दिया है, लेकिन यदि पीड़ित पक्ष को न्याय नहीं मिला तो भविष्य में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
मल्हीपुर घाट पर 24 करोड़  की लागत से बन रहे पुल के अप्रोच का रास्ता कब होगा साफ,आखिर 3 जिलों के लोगों को कब मिलेगा निजात*
सुलतानपुर,गोमती नदी के मल्हीपुर घाट पर बन रहे सेतु के अप्रोच का कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी है। करीब पांच साल से किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा न मिल पाने के कारण अप्रोच नहीं बन पा रहा था। शासन से बजट की स्वीकृति मिलने के बाद अब कार्य शुरू किया जाएगा।

107 किसानों से 0.247 हेक्टेयर भूमि ली गई है। लंभुआ की तरफ किसानों को मुआवजा दिया जा रहा है। अब करौंदीकला की तरफ भी किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। यह सेतु लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग पर कोइरीपुर तो दूसरी तरफ करौंदीकला ब्लाक को जोड़ेगा।

हो सकती है चांदा के मल्हीपुर-कोइरीपुर- छतौना-करौंदीकला मार्ग पर गोमती नदी के मल्हीपुर घाट पर अक्टूबर,2018 में पुल निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हुई थी। लेकिन राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा इसे वित्त पोषित किया गया था। उस समय इसकी स्वीकृति लागत 20 करोड़ रुपये लगभग थी,जिसकी लागत अब बढ़कर लगभग 24 करोड़ से अधिक तक पहुंच चुकी है। इस वजह से पूरा नहीं हो सका था निर्माण 184.88 मीटर लंबे सेतु पर दोनों तरफ मिलकर 400 मीटर पहुंच (अप्रोच) मार्ग का निर्माण भी प्रस्तावित था।

किसानों को मुआवजा न मिल पाने के कारण इसे अब तक पूरा नहीं किया जा सका। जबकि लंभुआ की तरफ किसानों को मुआवजा देने का कार्य प्रगति पर रही, वहीं करौंदीकला की तरफ मुआवजा देने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इससे अब पुल निर्माण जल्द पूरा होने की उम्मीद जगी है।

मल्हीपुर सेतु निर्माण से दोनों तरफ के करीब 50 गावाें का रास्ता सीधा हो जाएगा। इससे करीब दो लाख आबादी लाभांवित होगी। अभी तक लोगों को इब्राहिमपुर डेवाढ़ घाट पुल से रास्ता तय करना पड़ रहा है। पुल निर्माण से सुलतानपुर,जौनपुर और प्रतापगढ़ तीनों जिलों के लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। पुल पर आवागमन शुरू होने के बाद पौराणिक धाम बिजेथुआ समेत अखंडनगर, दोस्तपुर,शाहगंज आदि स्थानों पर आने-जाने में सुगमता मिलेगी। 

ग्रामीणों ने कहा कि पुल बन जाने से तीन जिले के लोगों को आवागमन में काफी सुविधा होगी और विद्यार्थी भी उस पार स्थित अच्छे विद्यालयों में पढ़ाई कर सकेंगे। इसके अलावा एक दूसरे के सुख-दुःख, निमंत्रण एवं अन्य कार्यक्रमों में सम्मिलित होने के लिए अभी नाव का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अप्रोच मार्ग के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन के बदले किसानों को उचित मुआवजा दिया जा रहा है। इससे अब पुल व अप्रोच मार्ग के निर्माण में तेजी लाई जाएगी। मार्च तक पुल आवागमन के लिए खोल देने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन आज तक 8 साल बीतने को है यह कार्यक्रम पूरा नहीं हो सका है।
देवघर-विश्व रक्तदाता दिवस पर आयोजित होने वाले प्रथम रक्तदान शिविर के पोस्टर का लोकार्पण।
देवघर: 11 जून 2026। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), देवघर एवं भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, देवघर शाखा के संयुक्त तत्वावधान में विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर 14 जून 2026 को आयोजित होने वाले विशेष रक्तदान शिविरके पोस्टर का आज एम्स देवघर में विधिवत लोकार्पण किया गया। यह रक्तदान शिविर विशेष महत्व रखता है क्योंकि एम्स देवघर के रक्त केंद्र (ब्लड सेंटर) के संचालन प्रारंभ होने के पश्चात यह पहला स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा समाज में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। पोस्टर का लोकार्पण एम्स देवघर के कार्यपालक निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) नितिन एम. गंगाने द्वारा किया गया। इस अवसर पर एम्स देवघर के अकादमिक अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) हरविंदर सिंह , रक्त केंद्र के डॉ. गिरीश सिंह क्षत्रिय, एमएस कार्यालय के प्रमुख नितीश कुमार पाण्डेय , एम्स कर्मचारी विवेक कुमार ओझा तथा भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, देवघर शाखा के चेयरमैन जितेश राजपाल , वाइस चेयरमैन पीयूष जायसवाल,कोषाध्यक्ष राजकुमार बर्नवाल, कार्यकारिणी सदस्य सुधांशु शेखर बर्नवाल एवं अर्चना भगत उपस्थित थे। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) नितिन एम. गंगाने ने कहा कि रक्तदान मानवता की सर्वोच्च सेवाओं में से एक है। एक यूनिट रक्त कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन प्रदान कर सकता है। उन्होंने युवाओं, सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों से नियमित स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने का आह्वान किया। अकादमिक अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) हरविंदर सिंह ने कहा कि सुरक्षित एवं पर्याप्त रक्त की उपलब्धता किसी भी स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। स्वैच्छिक रक्तदाता समाज के वास्तविक नायक हैं, जिनके सहयोग से अनेक जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। उन्होंने लोगों से रक्तदान को सामाजिक दायित्व के रूप में अपनाने का आग्रह किया। रक्त केंद्र के प्रभारी अधिकारी (ओआईसी) डॉ. गिरीश सिंह क्षत्रिय ने बताया कि आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित एम्स देवघर का रक्त केंद्र क्षेत्र के मरीजों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि रक्तदान एक सुरक्षित एवं वैज्ञानिक प्रक्रिया है तथा प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करना चाहिए। उन्होंने विश्व रक्तदाता दिवस पर आयोजित इस प्रथम रक्तदान शिविर में अधिकाधिक लोगों की सहभागिता की अपील की। भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, देवघर शाखा के चेयरमैन जितेश राजपाल ने कहा कि रेड क्रॉस का मूल उद्देश्य मानव सेवा है और रक्तदान इसका सबसे उत्कृष्ट माध्यम है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक सक्षम नागरिक को वर्ष में कम-से-कम एक बार रक्तदान अवश्य करना चाहिए ताकि रक्त की कमी के कारण किसी भी मरीज का उपचार प्रभावित न हो। भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, देवघर शाखा के वाइस चेयरमैन पीयूष जायसवाल ने कहा कि रेड क्रॉस पिछले कई वर्षों से स्वैच्छिक रक्तदान को जन-आंदोलन बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। "ब्लड डोनेशन ऑन व्हील्स" जैसी अभिनव पहल का उद्देश्य रक्तदान को जन-जन तक पहुँचाना तथा अधिकाधिक युवाओं को इस जीवनदायी अभियान से जोड़ना है। उन्होंने सभी सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों एवं नागरिकों से 14 जून को रक्तदान कर मानवता की सेवा में सहभागी बनने की अपील की। 14 जून 2026 को प्रातः 9:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक एम्स देवघर के रक्त केंद्र परिसर में रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने तथा अधिकाधिक लोगों को रक्तदान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। आयोजकों ने सभी स्वस्थ नागरिकों, युवाओं, सामाजिक संगठनों एवं संस्थानों से इस पुनीत कार्य में सहभागिता कर जरूरतमंद मरीजों के जीवन की रक्षा में योगदान देने की अपील की है। *एक बूंद मानवता की — रक्तदान, जीवनदान।* *आपका रक्तदान बचाएगा किसी की जान।*
*प्रेस आमंत्रण (Press Invitation):-पुलिस अधीक्षक*
*प्रेस आमंत्रण (Press Invitation)* सादर अवगत कराना है कि पुलिस लाइन, सुलतानपुर में "27वीं अन्तर जनपदीय लखनऊ जोन,लखनऊ वालीबाल व सेपक टकरा (महिला/पुरुष) प्रतियोगिता वर्ष 2026" का भव्य आयोजन होने जा रहा है।
इस खेल प्रतियोगिता के गरिमामयी पलों और खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन को कवर करने के लिए आप सभी पत्रकार बंधु सादर आमंत्रित हैं। *समय* -सुबह 08.00 बजे। *कार्यक्रम का विवरण:* दिनांक: 12 जून 2026 से 14 जून 2026 तक यह आयोजन होगा। *स्थान: पुलिस लाइन,सुलतानपुर (उत्तर प्रदेश)* विशेष अनुरोध: प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के समस्त सम्मानित पत्रकार साथियों से निवेदन है कि गरिमामयी उपस्थिति प्रदान कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएं और इस खेल उत्सव को अपने सम्मानित मीडिया माध्यमों से जन-जन तक पहुँचाने में सहयोग करें। *पुलिस मीडिया सेल,जनपद सुलतानपुर*
बाबा बालखंडी नाथ मंदिर में चल रही शिव महापुराण कथा में श्रद्धालुओं का उत्साही जनसैलाब, परिवहनमंत्री ने फ्री बस सेवा शुरू की
संजीव सिंह बलिया! तीसरे दिन भी बाबा बालखंडी नाथ मंदिर परिसर सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा की भक्ति-भव्यता से गूंज उठा। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा (सीहोर वाले) ने श्रद्धालुओं को भगवान शिव की महिमा का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि पृथ्वी माता समस्त जीवों का भार सहन कर सकती हैं, पर मनुष्य के पापों का बोझ वह ढो नहीं सकतीं; ऐसे में जो पापों का बोझ उठाकर कल्याण करने की शक्ति रखता है वह महादेव ही हैं। पं. प्रदीप मिश्रा ने नारद पुराण के हवाले से बताया कि भगवान शिव अपने भक्तों के दुख, कष्ट और पापों का नाश करते हैं। उन्होंने सच्ची भक्ति, धर्म, संस्कार और सदाचार का संदेश दिया और कहा कि शिव का स्मरण तथा पाप, अहंकार और छल-कपट से दूर रहने से जीवन में सुख और शांति निवास करती है। कथा के दौरान शिव-परिवार से जुड़ी कई प्रसंगात्मक कहानियाँ और भजन प्रस्तुत किए गए, जिन पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर हर-हर महादेव के जयघोष करते रहे। पूरा पंडाल प्रेम, आस्था और भक्ति से शिवमय दिखाई दिया। तीसरे दिन जिले के विभिन्न क्षेत्रों व पड़ोसी जनपदों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने पहुंचे। आयोजन समिति ने पेयजल, चिकित्सा, सुरक्षा व यातायात की समुचित व्यवस्थाएँ सुनिश्चित कीं। कथा समापन पर परिवहन मंत्री अनुज धर्मेंद्र सिंह, सुनील सिंह तथा अन्य परिजनों ने महादेव की आरती की और प्रसाद वितरण किया। श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना करते हुए जयकारे लगाए। बांसडीह रोड के दिउली में चल रहे कार्यक्रम के दौरान बढ़ती भीड़ के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसे देखते हुए परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने एनसीसी तिराहा से कार्यक्रम स्थल तक फ्री बस सेवा शुरू कराने का निर्देश दिया। पुलिस द्वारा रूट डायवर्ट किए जाने से पैदल चलने की दूरी बढ़ गई थी; मुफ्त बस सेवा से श्रद्धालुओं को काफी राहत मिली और भक्ति में शामिल होने वालों की सुविधा सुनिश्चित हुई।
नीति आयोग बैठक: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने रखा झारखंड को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का रोडमैप

नई दिल्ली : नीति आयोग की 11वीं बैठक में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राज्य के समग्र विकास पर बल दिया। उसकी विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की और केंद्र से सहयोग की अपेक्षा की। समग्र विकास की विचारधारा को रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा तभी सार्थक होगी, जब उसे मानव पूंजी से जोड़ा जाए।

उन्होंने झारखण्ड को केवल खनिज निकालने वाले राज्य के रूप में देखने की परंपरा से अलग विकास की यात्रा में साझेदार बनाने पर बल दिया। अपनी बातों को विस्तार से रखते हुए कहा कि राज्य के संसाधनों का राज्य में ही वैल्यू एडिशन हो, उससे जुड़ा मैनुफैक्चरिंग हो और राज्य की मानव पूंजी का उसमें उपयोग हो। उन्होंने केंद्र सरकार से क्रिटिकल मिनरल्स आधारित उद्योग विकसित करने के साथ साथ नॉलेज, रिसर्च और इनोवेशन के केंद्र विकसित करने में अपेक्षित सहयोग मांगा।

टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन-एनर्जी,लॉजिस्टिक्स और एग्रो- फ़ूड प्रोसेसिंग के बड़े निवेश को झारखंड में बढ़ावा देने की वकालत की। उन्होंने कहा कि माइनिंग और मिनरल्स क्षेत्र में एआई -बेस्ड मिनरल एक्सप्लोरेशन और सस्टेनेबल माइनिंग प्रैक्टिसेज को बढ़ावा देने और झारखंड को उद्योग एवं रोजगार का नया केंद्र बनाने की दिशा में प्रयास जारी है। केंद्र सरकार के सहयोग और मार्गदर्शन के हम आकांक्षी हैं। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल को विकास का मूल आधार बताया।‘विकसित भारत के लक्ष्य के साथ राज्य को नई दिशा देने की बात कही।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य में 38 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों में से 15 हजार के पास भवन नहीं है। इसके बावजूद पोषण अभियान और SAAMAR से कुपोषण में सुधार हुआ है। बच्चों को प्रतिदिन अंडा उपलब्ध कराया जा रहा है। 5000 नए आंगनबाड़ी भवन राज्य सरकार अपने संसाधनों से बना रही है।

शिक्षा क्षेत्र में पहल

माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस से अब IIT और मेडिकल में बच्चों का चयन होने लगा है । राज्य सरकार 5000 उत्कृष्ट विद्यालय बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। उन्होंने पीएम श्री और केंद्रीय विद्यालयों की संख्या बढ़ाने की मांग रखी। झारखंड में NCERT का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने का आग्रह भी किया गया।

कौशल विकास और रोजगार

मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने राज्य की विकास योजनाओं का खाका रखते हुए कहा कि राज्य हर साल 1 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ रहा है। सारथी योजना के तहत 6.76 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। AI, EV, ड्रोन और सोलर जैसे क्षेत्रों में युवाओं को तैयार किया जा रहा है। 53 हजार महिलाओं को आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया गया है।

स्वास्थ्य सेवाएं

उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को पंचायत स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया। श्री हेमंत सोरेन ने बताया कि राज्य में 1276 दवा दुकानें ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित हो रही हैं। मेडिकल कॉलेजों में UG और PG सीट बढ़ाने का प्रस्ताव लंबित है। AI आधारित डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल बनाने की योजना पर भी काम चल रहा है।

खेल क्षेत्र में उपलब्धि

श्री सोरेन ने कहा कि झारखंड के खिलाड़ी हॉकी, फुटबॉल और एथलेटिक्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। राज्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने झारखंड में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की मांग की। खेल संघों में सुधार और पारदर्शिता की जरूरत पर भी उन्होंने जोर दिया।

कृषि एवं पोषण

नीति आयोग की शासी परिषद की 11 वीं बैठक में श्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में 10 लाख से अधिक पोषण वाटिकाएं विकसित की गई हैं।

1.5 लाख एकड़ में फलदार पौधरोपण किया गया है।

झारखंड का आम अब अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच रहा है। उन्होंने कृषि को कुपोषण से लड़ने के प्रभावी साधन के रूप में प्रस्तुत किया।

डिजिटल गवर्नेंस और डेटा

राज्य AI आधारित CM डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पर भी काम जारी है। डेटा शेयरिंग को समयबद्ध बनाने का आग्रह केंद्र से किया गया। DBT में पारदर्शिता और डिजिटल धोखाधड़ी रोकने पर जोर दिया गया।

केंद्र से प्रमुख मांगें

जल जीवन मिशन की शेष 6000 करोड़ राशि जल्द जारी करने की मांग की गई।

कोयला कंपनियों पर 1.36 लाख करोड़ के बकाया भुगतान की बात उठाई गई।

DMFT के मानकों में संशोधन की आवश्यकता जताई गई।

भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को सरल बनाने का आग्रह किया गया।

स्कूली शिक्षा से संबंधित विभिन्न निधियों और योजनाओं को एकीकृत किया करने पर बल दिया गया

PPP मोड में 6 नए मेडिकल कॉलेजों में से 4 को स्वीकृति मिल चुकी है — शेष 2 की स्वीकृति भी शीघ्र प्रदान की जाए

झारखण्ड को राष्ट्रीय, एशियाई और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं तथा खेल महाकुंभों की मेजबानी का अवसर दिया जाए

झारखण्ड के 7 जिले DVC Command Area के अंतर्गत हैं और 12-13 जिले CCL, ECL एवं अन्य केंद्रीय उपक्रमों के उच्च Command Area में आते हैं। इन क्षेत्रों में सामाजिक आधारभूत संरचना निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण और भूमि स्वामित्व संबंधी अनुमति प्रक्रियाओं में राज्य सरकार को आवश्यक छूट और सरलीकरण प्रदान किया जाए

जनपद की आठ ग्राम पंचायत बाल श्रम घोषित, ग्राम प्रधान होंगे सम्मानित
फर्रुखाबाद l जनपद को वर्ष 2027 में बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में तेज़ी से कार्यवाही
8 ग्राम पंचायतें बाल श्रम मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया पूर्ण, 167 बच्चों को कराया गया मुक्त
उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा लिए गए संकल्प "बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश" के अंतर्गत वर्ष 2027 तक प्रदेश को बाल श्रम मुक्त घोषित किए जाने के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु जनपद फर्रुखाबाद में व्यापक स्तर पर कार्यवाही की जा रही है। जनपद के विकास खण्ड बढ़पुर की 05 और विकास खण्ड शमशाबाद की 03 ग्राम पंचायतों को बाल श्रम मुक्त घोषित किए जाने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है।
सहायक श्रमायुक्त द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त कार्य को अंतिम रूप देने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी के नेतृत्व में विभिन्न विभागीय टीमों का गठन किया गया। गठित टीमों द्वारा संबंधित ग्राम पंचायतों में ग्राम बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों की बैठकें आयोजित कर प्रस्ताव पारित कराए गए तथा विकास खण्ड स्तर पर ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों से भी अनुमोदन प्राप्त किया गया। तत्पश्चात जिला स्तर पर इन प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही आगामी एक वर्ष तक इन ग्राम पंचायतों की सतत निगरानी एवं अनुश्रवण भी किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण अभियान में शिक्षा, पंचायत राज, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों का सक्रिय सहयोग लिया जा रहा है। जनपद की अन्य ग्राम पंचायतों को भी चरणबद्ध तरीके से बाल श्रम मुक्त बनाने की कार्यवाही निरंतर जारी है।
बाल श्रम उन्मूलन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने हेतु श्रम विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, नगर पालिका परिषद फर्रुखाबाद के वार्ड सदस्यों के साथ बाल श्रम उन्मूलन विषयक गोष्ठी आयोजित की गई। उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया तथा उनके माध्यम से व्यापारिक प्रतिष्ठानों के स्वामियों से बाल श्रम न कराने की अपील की गई। विधायक भोजपुर नागेन्द्र राठौर ने क्षेत्रवासियों एवं व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों को श्रम में लगाने के स्थान पर शिक्षा से जोड़ें तथा उन्हें सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करें। वहीं ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष कृष्ण दत्त द्विवेदी ने जनपद के सभी ईंट भट्ठा संचालकों से अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे से कोई कार्य न लें।
विशेष अभियान के प्रभावी संचालन हेतु जिला समन्वयक जीशान अंसारी, चाइल्ड राइट्स एसोसिएट (ए.वी.ए.) को जनपद में तैनात किया गया है, जो श्रम विभाग को तकनीकी एवं मैदानी सहयोग प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं कोई बाल श्रमिक कार्य करता हुआ दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल टोल फ्री नम्बर 1098, 1800-102-7222 अथवा PENCIL पोर्टल पर उपलब्ध कराएं।
अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर 12 जून 2026 को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में एक भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में बाल श्रम मुक्त घोषित क्षेत्रों के ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में जनपद से बाल श्रम उन्मूलन समिति के सदस्य, व्यापार मंडल के पदाधिकारी, जिला पंचायती राज विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल कल्याण समिति, चाइल्ड लाइन, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट  विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के लगभग 45 से 50 प्रतिनिधि प्रतिभाग करेंगे।
सहायक श्रमायुक्त ने बताया कि
14 वर्ष से कम आयु के बच्चों का किसी भी प्रतिष्ठान में नियोजन पूर्णतः प्रतिबंधित है। उल्लंघन की स्थिति में सेवायोजकों के विरुद्ध अभियोजन की कार्यवाही करते हुए आर्थिक दण्ड एवं कारावास का प्रावधान है। इसी प्रकार 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों को खतरनाक उद्योगों एवं प्रक्रियाओं में नियोजित करना भी प्रतिबंधित है।
उन्होंने बताया कि दोषी पाए जाने वाले सेवायोजकों के विरुद्ध मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में वाद दायर किया जाता है साथ ही निर्धारित दण्डात्मक कार्यवाही की जाती है। किशोर श्रमिकों के नियोजन की स्थिति में भी कार्यघंटों, विश्राम अवधि, साप्ताहिक अवकाश तथा अभिलेख संधारण से संबंधित नियमों का पालन अनिवार्य है।
सहायक श्रमायुक्त द्वारा जानकारी दी गई कि एक अप्रैल 2024 से 31 मई 2026 तक जनपद में संचालित विशेष निरीक्षण अभियानों के दौरान 142 निरीक्षणों में 167 बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया। जिन प्रतिष्ठानों पर बच्चे कार्यरत पाए गए, उनके स्वामियों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्यवाही की गई है।
उन्होंने कहा कि जनपद को पूर्णतः बाल श्रम मुक्त बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी द्वारा जनपद स्तरीय टास्क फोर्स का पुनर्गठन किया गया है, जो निरंतर भ्रमण कर बाल श्रम की रोकथाम हेतु निरीक्षण करेगी तथा दोषी प्रतिष्ठान स्वामियों के विरुद्ध कठोर दण्डात्मक कार्यवाही सुनिश्चित कराएगी।
जनपद प्रशासन ने सभी नागरिकों, व्यापारियों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, ईंट भट्ठा संचालकों तथा समाज के विभिन्न वर्गों से बाल श्रम उन्मूलन अभियान में सक्रिय सहयोग प्रदान करने की अपील की है, ताकि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराया जा सके।