नगरा में सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा; पूर्वांचल उद्योग व्यापार मंडल ने उमाशंकर सिंह को दी  भावभीनी श्रद्धांजलि
संजीव सिंह नगरा (बलिया) — रसड़ा विधायक स्वर्गीय  उमाशंकर सिंह जी के निधन पर आज पाण्डेय मैरिज हॉल, नगरा में पूर्वांचल उद्योग व्यापार मंडल, नगरा द्वारा आयोजित सर्वदलीय श्रद्धांजलि एवं शोक सभा में जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों तथा क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
शोक सभा में उपस्थित वक्ताओं ने स्व. उमाशंकर सिंह के जनसेवा के प्रति समर्पण, सरल व्यक्तित्व और गरीबों के प्रति संवेदनशीलता को याद करते हुए उनका जीवन समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। सभा में कहा गया कि उनका आकस्मिक निधन क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है।
पूर्वांचल उद्योग व्यापार मंडल, नगरा के अध्यक्ष  निर्भय प्रकाश तथा समस्त पदाधिकारियों ने आयोजन के सफल संचालन के लिए धन्यवाद स्वीकार किया। कार्यक्रम का संचालन  जयप्रकाश जायसवाल ने पूर्ण श्रद्धा तथा संवेदना के साथ किया।
सभा में व्यापार मंडल के पदाधिकारीगण, जनप्रतिनिधिगण और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने मिलकर स्वर्गीय उमाशंकर सिंह को शत्-शत् नमन करते हुए उनके आत्मा की शांति की कामना की। ॐ शांति शांति शांत





डॉ. विद्यासागर उपाध्याय के खंडकाव्य ‘गाण्डीव के पार’ का 29 अगस्त को हरिद्वार में लोकार्पण
संजीव सिंह बलिया! हरिद्वार:साहित्य, संस्कृति और भारतीय ज्ञान-परंपरा के प्रेमियों के लिए हरिद्वार में एक विशेष साहित्यिक आयोजन होने जा रहा है। डॉ. विद्यासागर उपाध्याय द्वारा रचित खण्डकाव्य ‘गाण्डीव के पार’ के लोकार्पण समारोह का आयोजन 29 अगस्त 2026, शनिवार को हरिद्वार में किया जाएगा। दिव्य गंगा सेवा मिशन, हरिद्वार के तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम अवधूत मंडल आश्रम, बड़ा हनुमान मंदिर, निकट शंकर आश्रम, हरिद्वार में प्रातः 11 बजे से शुरू होगा। पूर्व मुख्यमंत्री होंगे मुख्य अतिथि समारोह में डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, माननीय पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखंड एवं पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री, भारत सरकार तथा श्री मदन कौशिक, माननीय कैबिनेट मंत्री, उत्तराखंड सरकार, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों एवं शिक्षाविदों की भी विशेष उपस्थिति रहेगी। विशिष्ट अतिथियों में प्रो. (डॉ.) श्रीशिर पाण्डेयजी, कुलपति, रामभद्राचार्य राज्य विश्वविद्यालय, चित्रकूट; प्रो. (डॉ.) रमाकांत पाण्डेयजी, कुलपति, उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय, हरिद्वार; प्रो. (डॉ.) शिव शंकर मिश्राजी, कुलपति, महर्षि पाणिनि विश्वविद्यालय, उज्जैन, मध्य प्रदेश तथा प्रो. (डॉ.) अरुण कुमार त्रिपाठीजी, कुलपति, उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय, देहरादून शामिल हैं। ‘गाण्डीव के पार’ को लेकर साहित्य जगत में उत्सुकता डॉ. विद्यासागर उपाध्याय द्वारा लिखित ‘गाण्डीव के पार’ खण्डकाव्य के लोकार्पण को भारतीय साहित्य और सांस्कृतिक विमर्श की दृष्टि से महत्वपूर्ण आयोजन माना जा रहा है। समारोह में काव्य-कृति की साहित्यिक विशेषताओं, भारतीय परंपरा तथा समकालीन संदर्भों पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य साहित्य, संस्कृति, अध्यात्म और भारतीय ज्ञान परंपरा को समाज से जोड़ना तथा नई पीढ़ी को भारतीय साहित्यिक विरासत से परिचित कराना है। साहित्य प्रेमियों एवं गणमान्य नागरिकों से समारोह में सहभागिता की अपील की गई है।
तुलसी परंपरा का जीवंत यश: 111 वर्ष पुरानी साहित्यिकनागरी प्रचारिणी सभा, देवरिया ने डॉ. विद्यासागर उपाध्याय को 'तुलसी सारस्वत सम्मान' से सम्मानित
संजीव सिंह बलिया!15 अगस्त — भारतीय स्वतंत्रता दिवस के 80वें पर्व पर 111 वर्ष पुरानी साहित्यिक संस्था नागरी प्रचारिणी सभा, देवरिया ने साहित्यिक परंपरा को सम्मान देते हुए डॉ. विद्यासागर उपाध्याय को 'तुलसी सारस्वत सम्मान' हेतु और तुलसी जयन्ती समारोह 2026 के मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित किया है। इस आमंत्रण पर डॉ. उपाध्याय ने गहरी कृतज्ञता और भावनात्मक.Accept कर सम्मान को स्वीकार करते हुए संस्था की इतिहासिक उपलब्धियों और तुलसी चेतना की महत्ता पर प्रकाश डाला। मुख्य विवरण: नगरी प्रचारिणी सभा, देवरिया की स्थापना 1915 में हुई और यह संस्था काशी की नागरी प्रचारिणी परंपरा की शाखा के रूप में राष्ट्रीय साहित्यिक-जागरण का अभिन्न अंग रही है। स्वतंत्रता-पूर्व काल में यह संस्था साहित्यिक कार्यक्रमों के माध्यम से देशभक्ति और राष्ट्रसेवा के लिए क्रांतिकारियों के विचारों को पनाह देती रही। स्वतंत्रता के बाद से इसका स्वरूप अधिकाधिक साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित हुआ। सभा का आर्यभाषा पुस्तकालय वाचनालय 50 एयर क्षेत्रफल में फैला हुआ है और उसमें लगभग 30 हजार पुस्तकें उपलब्ध हैं, जो इस संस्था की साहित्यिक गहराई और बल को दर्शाती हैं। तुलसी सभागार में प्रतिवर्ष आयोजित तुलसी जयंती समारोह संस्था की प्रमुख पारंपरिक रचना है; 1965 में सभा के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन तत्कालीन केंद्रीय वित्त मंत्री मोरारजी देसाई द्वारा किया गया था, जो इसकी प्रतिष्ठा को दर्शाता है। डॉ. विद्यासागर उपाध्याय के शब्द (उद्धरण): "नागरी प्रचारिणी सभा, देवरिया की उस दीर्घजाती परंपरा से जुड़कर मुझे अत्यंत आह्लाद हुआ। तुलसी-चेतना और देवनागरी के लिए यह मंच पीढ़ियों को प्रेरित करता रहा है।" — डॉ. विद्यासागर उपाध्याय इतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व: काशी की नागरी प्रचारिणी सभा 1893 से हिंदी और देवनागरी के राष्ट्रीय आंदोलन की अग्रणी संस्था रही है, और देवरिया शाखा ने भी साहित्यिक गोष्ठियों, तुलसी जयंती, हिंदी दिवस तथा लेख-सम्मान की निरंतर परंपरा निभाई है। आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी, अज्ञेय, महादेवी वर्मा, भगवती चरण वर्मा, डॉ. रामकुमार वर्मा जैसे साहित्यिक पुरोधाओं का इस मंच से लंबा नाता रहा है, जो इसकी साहित्यिक स्तरीयता को प्रमाणित करता है। तुलसी जयन्ती समारोह 2026 में साहित्यिक गोष्ठियां, व्याख्यान और सम्मान-समारोह आयोजित होंगे; डॉ. विद्यासागर उपाध्याय के मुख्य भाषण में तुलसीदास की रचनाओं के समकालीन संदर्भ तथा भाषा-संस्कृति की स्वतंत्र चेतना पर प्रकाश डाला जाएगा। सभा के पदाधिकारीगण ने आमजन एवं साहित्यिक वर्ग से आयोजन में भाग लेकर परंपरा को सजीव बनाए रखने का आह्वान किया है। डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने अपने पत्र में गोस्वामी तुलसीदास के श्लोक "पराधीन सपनेहुँ सुखु नाहीं" का उल्लेख करते हुए भारत की राजनीतिक स्वतंत्रता के साथ-साथ भाषा, संस्कृति और आत्मगौरव की स्वतंत्र चेतना को अक्षुण्ण रखने का संदेश दिया
उमाशंकर सिंह की श्रद्धांजलि सभा में नगरा विकास खंड के डवाकरा हाल में उमड़ा जनसैलाब उमाशंकर सिंह को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

संजीव सिंह नगरा (बलिया)। विकास खंड नगरा स्थित डवाकरा हाल में रविवार दोपहर रसड़ा विधानसभा क्षेत्र के जन नेता गरीबों के मसीहा पूर्व विधायक स्वर्गीय उमाशंकर सिंह की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। सभा की अध्यक्षता पूर्व ब्लॉक प्रमुख नगरा अनिल सिंह ने की। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, राजनीतिक दलों के नेताओं, पत्रकारों तथा क्षेत्रवासियों ने दिवंगत नेता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में खंड विकास अधिकारी शिवांकित वर्मा, नगर पंचायत के सर्वदलीय नेतागण, सभासद, स्थानीय भाजपा नेता, निवर्तमान ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में नगर और ग्रामवासी उपस्थित रहे। सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। वक्ताओं ने कहा कि उमाशंकर सिंह का सरल व्यक्तित्व, जनसेवा के प्रति समर्पण और क्षेत्र के विकास में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनके निधन से क्षेत्र और समाज को अपूरणीय क्षति हुई है। खंड विकास अधिकारी शिवांकित वर्मा ने भी उनके जनहितकारी कार्यों और सामाजिक योगदान को याद करते हुए शोक व्यक्त किया। सभा में उपस्थित लोगों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हुए इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया। अंत में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए सामूहिक रूप से ‘ॐ शांति, शांति, शांति’ का जाप किया गया।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर विद्यालय ने लिया एकता-पर्यावरण का संकल्प; 21-21 पौधे रोपे गए
संजीव सिंह बलिया! शिक्षा क्षेत्र रसड़ा के कोप ग्राम के उच्च प्राथमिक विद्यालय में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर इको क्लब के बलिया प्रभारी पर पर्यावरणविद शैलेन्द्र प्रताप यादव द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम ने आज विद्यालय और आसपास के क्षेत्रों में उत्साह व संवेदनशीलता की लहर दौड़ा दी। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त दर्शनशास्त्री डॉ. विद्यासागर उपाध्याय और समाज-चिंतक प्राथमिक शिक्षक संघ नगरा के अध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप यादव ने विभाजन के दुखद पहलुओं तथा उस दौर की जटिल सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों को गहराई से समझाया, जिससे श्रोताओं में इतिहास के प्रति गंभीरता और सहानुभूति बनी। बेसिक एजुकेशन मूवमेंट ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष संजय कुमार ने कहा कि शिक्षा में पर्यावरण संरक्षण, खेल और संस्कार का समन्वय बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अनिवार्य है। खंड शिक्षा अधिकारी पवन कुमार सिंह ने विद्यालय को केवल ज्ञान का केंद्र न मानते हुए बताया कि यह समाज में सकारात्मक ऊर्जा फैलाने और संस्कार देने का माध्यम भी है। उन्होंने यह भी कहा कि हराभरा, स्वच्छ और सौंदर्यपूर्ण विद्यालय निरीक्षण पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं और वहां का वातावरण उत्साहवर्धक होता है। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रत्येक भाग लेने वाले विद्यालय द्वारा पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेना और लगभग प्रत्येक स्कूल में 21-21 पौधे रोपना रहा। आयोजक शिक्षक शैलेन्द्र प्रताप ने बताया कि उनके विद्यालय के साथ-साथ आसपास के कई ग्रामों के विद्यालयों ने भी इस पहल को अपनाया है और इसे पूरे महीने निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया गया है। कार्यक्रम की सफलता में स्कूल परिवार, शिक्षकों और अनेक स्थानीय गणमान्यों ने सक्रिय योगदान दिया। प्रमुख सहयोगियों में बलवंत सिंह, उदय नारायण, गणेश यादव, उमेश कुमार, संतोष कुमार गोयल, संजय कुमार चौहान, बृजेश यादव, सियातुल्लाह अंसारी, अनुरानी, लक्ष्मी यादव, रोशन, अजय सिंह, धर्मेंद्र सिंह, सुजीत सिंह, संतोष वर्मा, राजेश यादव और शैलेंद्र सिंह जैसे लोगों का नाम उल्लेखनीय रहा। आयोजक ने सभी अतिथियों, सहयोगियों, शिक्षक साथियों, बच्चों और ग्रामीण नागरिकों का हृदयपूर्वक आभार व्यक्त किया और कहा कि यह आयोजन इतिहास की समझ, संस्कार, खेल तथा पर्यावरण चेतना को जोड़ने की दिशा में एक नई शुरुआत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पहल न केवल इस विद्यालय तक सीमित रहेगी बल्कि पूरे प्रदेश के विद्यालयों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। आखिर में आयोजक ने कहा—“हमारा संकल्प है कि विद्यालय ज्ञान का केंद्र बने, संस्कार का केंद्र बने और प्रकृति संरक्षण का भी केंद्र बने।” विभाजन की स्मृतियों से मिली सीख ने आज एकता व हरित भविष्य के प्रति दृढ़ संकल्प को और मजबूत किया।
सेठ एम. आर. जयपुरिया स्कूल, रसड़ा में 80वें स्वतंत्रता दिवस का भव्य आयोजन; राष्ट्रीय भावना की लहर
संजीव सिंह रसड़ा, बलिया! 15 अगस्त 2026 — शनिवार की स्वर्णिम सुबह सेठ एम. आर. जयपुरिया स्कूल, रसड़ा के प्रांगण में 80वें स्वतंत्रता दिवस का पावन पर्व बड़े उत्साह, राष्ट्रीय गौरव और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार, अभिभावक और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्ण भागीदारी दिखाई और देशभक्ति के गीतों तथा नारों से वातावरण गुंजायमान रहा। समारोह की शुरुआत राष्ट्रीय ध्वज के सम्मानजनक ध्वजारोहण के साथ हुई, जिसे विद्यालय के प्रधानाचार्य संजीव सिंह चौहान तथा विशिष्ट अतिथियों के साथ मिलकर किया गया। तत्पश्चात् विद्यालय के वरिष्ठ विद्यार्थियों ने अनुशासनवद्ध और प्रभावशाली मार्च-पास्ट प्रस्तुत किया, जिसने उपस्थित जनमानस का मन मोह लिया। उत्कृष्ट अतिथि-सूची में लखनऊ विश्वविद्यालय के विशिष्ट अतिथि सुधीर मिश्रा तथा सरबजीत सिंह के साथ-साथ विद्यालय निदेशक अखिलेश सिंह और इंदिरा सिंह की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह की शोभा बढ़ाई। अतिथियों ने विद्यार्थियों और अध्यापकगण की समिति का अभिवादन किया और स्वतंत्रता दिवस के महत्त्व पर प्रकाश डाला। विद्यालय के प्रधानाचार्य संजीव सिंह चौहान ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि आज का विद्यार्थी केवल किताबी सफलता तक सीमित न रहे, बल्कि अनुशासन, सत्यनिष्ठा, करुणा और समाज के प्रति दायित्व-बोध जैसे गुण अपनाकर एक आदर्श नागरिक बने। उन्होंने जोडकर कहा कि "नवभारत के निर्माण में विद्यार्थियों की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है" और उन्होंने राष्ट्रहित के कामों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। कार्यक्रम के सांस्कृतिक हिस्से में छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीतों, नृत्य तथा नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रस्तुतियों ने उपस्थित विशिष्ट अतिथियों और अभिभावकों से व्यापक प्रशंसा प्राप्त की और समारोह को भावनात्मक रूप से समृद्ध किया। समापन समारोह में विद्यालय द्वारा उपस्थित सभी अतिथियों, अभिभावकों और विद्यार्थियों में मिष्ठान और जलपान वितरण कर धन्यवाद ज्ञापित किया गया। देशभक्ति के जोश और सकारात्मक ऊर्जा के बीच यह भव्य आयोजन हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। जय हिंद!
रघुनाथपुर प्राथमिक विद्यालय में ध्वजारोहण व देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम, बच्चों में जोश और अनुशासन दिखाई दिए
संजीव सिंह बलिया — 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर 15 अगस्त को शिक्षा क्षेत्र नगरा के रघुनाथपुर प्राथमिक विद्यालय में भव्य ध्वजारोहण और देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक ब्रजेश कुमार सिंह तेगा, ग्राम प्रधान शिल्पी सिंह और विशिष्टअतिथि व रघुनाथपुर प्रधान पद के प्रत्याशी मनीष कुमार 'सोनू' यादव ने संयुक्त रूप से तिरंगा फहराकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उपस्थित शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं स्थानीय ग्रामीणों ने खड़े होकर तिरंगे को सलामी दी और राष्ट्रगीत गाया, जिससे परिसर में अनुशासन और एकता की भावना स्पष्ट दिखी। कार्यक्रम की शुरुआत प्रभात फेरि से हुई, उसके बाद सभी ने एक स्वर में राष्ट्रगान गाया। बच्चों ने देशभक्ति पर आधारित गीत, संक्षिप्त भाषण व नाटिका प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोहा। प्रस्तुतियों में विद्यार्थियों की निष्ठा और उत्साह साफ झलक रहा था, जिससे कार्यक्रम और भी प्रभावशाली बना। मुख्य अतिथि शिल्पी सिंह और विशिष्ट अतिथि मनीष 'सोनू' यादव ने अपने संबोधनों में स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद कराते हुए बच्चों से देश के प्रति निष्ठा और कर्तव्यनिष्ठा बनाए रखने का आह्वान किया। अतिथियों ने स्नेहपूर्वक सभी विद्यार्थियों में कॉपी, पेन, पेंसिल, इरेज़र तथा चॉकलेट व कुरकुरे जैसी शैक्षिक व नाश्ते की सामग्री वितरित की, जिससे बच्चों में खुशी और पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहन बढ़ा। कार्यक्रम संयोजक शिक्षक संजीव कुमार सिंह के नेतृत्व में सहायक अध्यापिका किरन यादव, रेनु यादव, सुनीता सिंह, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता किरन सिंह, रसोइया मालती, रेखा, मीरा, सफाईकर्मी लल्लन राम तथा गांव के सम्मानित ग्रामीणों सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ ने आयोजन में सक्रिय भागीदारी निभाई। समारोह के अंत में बच्चों में मिठाइयां बांटी गईं और कार्यक्रम उल्लासपूर्ण तरीके से समापन हुआ। यह आयोजन न केवल स्वतंत्रता दिवस की गरिमा व भावना को सजीव करता है, बल्कि यह दर्शाता है कि शिक्षा व सामुदायिक सहयोग के माध्यम से ग्रामीण विद्यालयों में भी देशभक्ति, अनुशासन और सामाजिक चेतना का पोषण संभव है। रघुनाथपुर प्राथमिक विद्यालय के इस जागरूकता एवं उत्साह पूर्ण कार्यक्रम ने छोटे विद्यालयों की सामाजिक व शैक्षणिक ऊर्जा को उजागर कर दिया।


नगरा में सर्वदलीय एकजुटता: स्व. उमाशंकर सिंह की श्रद्धांजलि सभा में नेतागण एक मंच पर नगरा
संजीव सिंह

(बलिया)। नगर पंचायत के दुर्गा चौक पर शुक्रवार को रसड़ा के पूर्व विधायक स्व. उमाशंकर सिंह की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में भाजपा, सपा और अन्य दलों के कई नेताओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सभी ने दिवंगत नेता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके सामाजिक कामों को याद किया। कार्यक्रम की खास बात थी कि राजनीतिक मतभेदों को पीछे रखते हुए विभिन्न विचारधाराओं के नेता एक मंच पर दिखाई दिए। आयोजन में भाजपा से डॉक्टर प्रोफेसर समरजीत सिंह तथा सपा से अखिलेश यादव समेत इरफान अहमद पिंटू यादव, पंकज कुमार, इमरान भाई, कमलेश, मनोज यादव आदि उपस्थित रहे। वक्ताओं ने स्व. उमाशंकर सिंह के जनसंपर्क और क्षेत्रीय विकास में योगदान को सराहा और कहा कि उनका समाज के प्रति समर्पण लंबे समय तक याद रखा जाएगा। स्थल पर जैसे-जैसे श्रद्धांजलि सभा की जानकारी फैली, वैसे-वैसे समर्थकों और स्थानीय नागरिकों की भीड़ बढ़ती चली गई। लोगों ने पुष्प देकर संवेदना व्यक्त की और एकता का संदेश दिया। आयोजकों ने बताया कि यह कार्यक्रम स्वैच्छिक आयोजन था और इसका उद्देश्य दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करना तथा सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देना था। यह श्रद्धांजलि सभा स्थानीय राजनीति में एक सकारात्मक संदेश बनकर उभरी — यह दर्शाती है कि लोकसेवा और सम्मान के मुद्दे राजनीतिक रेखाओं को पार कर समाज को जोड़ सकते हैं।
शिक्षा क्षेत्र रसड़ा प्राथमिक विद्यालय हरिजन बस्ती, नगहर में भव्य तिरंगा यात्रा — बच्चों व अध्यापकों ने निकाली जोशभरी शोभायात्रा
:  शिक्षा क्षेत्र रसड़ा   के नगहर के स्थानीय प्राथमिक विद्यालय हरिजन बस्ती, नगहर में आज भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। विद्यालय के समस्त छात्र-छात्राओं सहित विद्यालय के सभी अध्यापक-शिक्षिकाएँ कार्यक्रम में उपस्थित रहे और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान तथा देशभक्ति का भाव प्रकट किया। तिरंगा यात्रा का नेतृत्व विद्यालय के लोकप्रिय शिक्षकों ने किया। मुख्य रूप से अनुज सिंह, कंचन सिंह (सहायक अध्यापक) एवं शिवाकांत (सहायक अध्यापक) उपस्थित रहे। बच्चों ने राष्ट्रगान के साथ संस्थागत गीत गाए तथा हाथों में तिरंगा और पोस्टर लेकर सड़कों पर मार्च निकाला। यात्रा के दौरान बच्चों ने “भारत माता की जय” और “वन्दे मातरम्” के नारे लगाए, जिससे माहौल उत्साहपूर्ण और प्रेरणादायक रहा। विद्यालय के प्रधानाध्यापक/प्रधानाध्यापिका ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और समूहीय भावना विकसित करती हैं। उन्होंने माता-पिता और स्थानीय समुदाय के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया तथा आने वाले समय में और भी शैक्षिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने का आश्वासन दिया। स्थानीय नागरिकों ने भी कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि स्कूली बच्चों द्वारा निकाली गई यह तिरंगा यात्रा समाज में राष्ट्रीय एकता और जागरूकता फैलाने का उत्कृष्ट उदाहरण
रसड़ा में सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा — दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह को दी गई भावपूर्ण विदाई
संजीव सिंह रसड़ा (बलिया)। बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता व दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह की स्मृति में आज रसड़ा के गांधी पार्क मैदान में एक भव्य व भावपूर्ण सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। दलीय सीमाओं को लांघते हुए स्थानीय व क्षेत्रीय राजनेताओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं व हजारों नागरिकों ने भाग लिया और दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रमिकता व अनुशासन के साथ संपन्न इस कार्यक्रम का सफल संयोजन आदर्श नगर पालिका परिषद, रसड़ा के अध्यक्ष विनय शंकर जायसवाल ने किया। सभा की अध्यक्षता पूर्व ब्लॉक प्रमुख सतीश सिंह ने की और मंच संचालन सियाराम यादव ने संभाला। सभा में पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह (बैरिया), पूर्व विधायक संजय यादव (सिकंदरपुर), वर्तमान ब्लॉक प्रमुख प्रभाकर कुमार राव, पूर्व ब्लॉक प्रमुख सतीश सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। श्रद्धांजलि सभा के दौरान सभी ने राजनीतिक मतभेदों को किनारे रखकर उमाशंकर सिंह के सादगीपूर्ण जीवन, जनसेवा और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में उनके योगदान को याद किया। उपस्थित लोगों ने दिवंगत नेता के चित्र पर माल्यार्पण किया और दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। विनय शंकर जायसवाल ने कहा, "उमाशंकर सिंह जी केवल एक जनप्रतिनिधि नहीं बल्कि रसड़ा के हर नागरिक के सुख-दुःख के सच्चे साथी थे। उनका असमय जाना पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है।" सभापति ने अंत में अतिथियों, क्षेत्रीय नेताओं, मीडियाकर्मियों और विशाल जनसमूह का हृदय से आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में आने वाले नेताओं और नागरिकों ने एकजुटता का परिचय देते हुए कहा कि उमाशंकर सिंह की विरासत को आगे बढ़ाने का दायित्व सभी का साझा है। श्रद्धांजलि सभा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई।