हमें दिमागी नक्सलियों को पहचाना होगा...', लाल किले से पीएम मोदी ने माओवाद पर किया सतर्क

#primeministerhighlightednaxalismfromredfortonindependence_day

80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर से दिए अपने भाषण में नक्सलवाद को लेकर आगाह किया। पीएम मोदी ने कहा कि आज देश में नक्सलवाद का खात्मा हो चुका है, लेकिन दिमागी नक्सली अभी भी हमारे बीच मौजूद हैं। जो अवसर की तलाश में हैं। उन्होंने कहा कि हमें इन दिमागी नक्सलियों को पहचानना होगा और युवाओं से इन्हें बचाना होगा।

नक्सलवाद पूरी तरह खत्म करने की दिशा में-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, 'माओवाद-नक्सलवाद ने देश के कई परिवारों को बर्बाद किया। चार दशक तक इसने देश की बड़ी आबादी को बंदूक की नोक पर दबोच कर रखा था। देश के नागरिकों की रक्षा में देश साढ़े तीन हजार सुरक्षाबल और पुलिस के जवानों को जान की बाजी लगानी पड़ी। नक्सलवाद ने देश की धरती को लहूलुहान कर दिया। 2014 में जब आपने हमें मौका दिया तभी हमने संकल्प किया था कि हम नक्सलवाद को देश से खत्म करेंगे। हम उसे पूरी तरह खत्म करने की दिशा में हैं।

दिमागी नक्सल को आइसोलेट करना होगा-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, बरसों तक देश की सत्ता में माओवादी सोच के लोग गलियारों में जगह बनाकर बैठे रहे। सरकारी कमेटियों में सलाहकार के रूप में माओवादी सोच ने नीतियां प्रभावित कीं। जंगलों में हमें हथियारी नक्सलों का खात्मा करने में सफलता मिली है, लेकिन ये दिमागी नक्सल मौके की तलाश में है। हिंसा और अराजकता के रास्ते खोद रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि समाज को गलत रास्ते पर घसीटने के लिए अलग-अलग दांव चल रहे हैं। इन दिमागी नक्सलियों को पहचानना होगा, इन्हें आइसोलेट करना होगा।

सिविल डिफेंस का बड़ा नेटवर्क खड़ा करेगी सरकार

पीएम मोदी ने कहा, सुरक्षित भारत बनाना हमारा दायित्व है। सुरक्षा सीमा के अंदर हो या बाहर हम सबके लिए तैयार हैं। जरूरी नहीं कि युद्ध सीमाओं पर हो, आज तेल रिफाइनरियों पर हमले हो रहे हैं, बैंकिग क्षेत्र हमलों का शिकार हो रहे हैं। हमें इन क्षेत्रों की सुरक्षा भी करनी है। हमें देश की सुरक्षा के लिए नागरिकों को भी आगे लाना है। मैं लाल किले से एलान कर रहा हूं कि हम जल्द ही सिविल डिफेंस का देश में एक बड़ा नेटवर्क खड़ा करेंगे, जो आधुनिक चुनौतियों का सामना करेगा। इसमें युवाओं की बड़ी भागीदारी होगी।

हमें दिमागी नक्सलियों को पहचाना होगा...', लाल किले से पीएम मोदी ने माओवाद पर किया सतर्क

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80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर से दिए अपने भाषण में नक्सलवाद को लेकर आगाह किया। पीएम मोदी ने कहा कि आज देश में नक्सलवाद का खात्मा हो चुका है, लेकिन दिमागी नक्सली अभी भी हमारे बीच मौजूद हैं। जो अवसर की तलाश में हैं। उन्होंने कहा कि हमें इन दिमागी नक्सलियों को पहचानना होगा और युवाओं से इन्हें बचाना होगा।

नक्सलवाद पूरी तरह खत्म करने की दिशा में-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, 'माओवाद-नक्सलवाद ने देश के कई परिवारों को बर्बाद किया। चार दशक तक इसने देश की बड़ी आबादी को बंदूक की नोक पर दबोच कर रखा था। देश के नागरिकों की रक्षा में देश साढ़े तीन हजार सुरक्षाबल और पुलिस के जवानों को जान की बाजी लगानी पड़ी। नक्सलवाद ने देश की धरती को लहूलुहान कर दिया। 2014 में जब आपने हमें मौका दिया तभी हमने संकल्प किया था कि हम नक्सलवाद को देश से खत्म करेंगे। हम उसे पूरी तरह खत्म करने की दिशा में हैं।

दिमागी नक्सल को आइसोलेट करना होगा-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, बरसों तक देश की सत्ता में माओवादी सोच के लोग गलियारों में जगह बनाकर बैठे रहे। सरकारी कमेटियों में सलाहकार के रूप में माओवादी सोच ने नीतियां प्रभावित कीं। जंगलों में हमें हथियारी नक्सलों का खात्मा करने में सफलता मिली है, लेकिन ये दिमागी नक्सल मौके की तलाश में है। हिंसा और अराजकता के रास्ते खोद रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि समाज को गलत रास्ते पर घसीटने के लिए अलग-अलग दांव चल रहे हैं। इन दिमागी नक्सलियों को पहचानना होगा, इन्हें आइसोलेट करना होगा।

सिविल डिफेंस का बड़ा नेटवर्क खड़ा करेगी सरकार

पीएम मोदी ने कहा, सुरक्षित भारत बनाना हमारा दायित्व है। सुरक्षा सीमा के अंदर हो या बाहर हम सबके लिए तैयार हैं। जरूरी नहीं कि युद्ध सीमाओं पर हो, आज तेल रिफाइनरियों पर हमले हो रहे हैं, बैंकिग क्षेत्र हमलों का शिकार हो रहे हैं। हमें इन क्षेत्रों की सुरक्षा भी करनी है। हमें देश की सुरक्षा के लिए नागरिकों को भी आगे लाना है। मैं लाल किले से एलान कर रहा हूं कि हम जल्द ही सिविल डिफेंस का देश में एक बड़ा नेटवर्क खड़ा करेंगे, जो आधुनिक चुनौतियों का सामना करेगा। इसमें युवाओं की बड़ी भागीदारी होगी।