रांची में बैठे प्रदर्शनकारियों से राहुल गांधी ने की बात, मांगों पर सीएम हेमंत से बात करने का दिलाया भरोसा

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झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे युवाओं को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है। झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ यह प्रदर्शन हो रहा है। आज 14वें दिन भी स्टूडेंट्स आंदोलन कर रहे हैं। इस बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से फोन पर बात की है और हर संभव मदद का भरोसा दिया है। बता दें कि कांग्रेस राज्य में सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) नीत गठबंधन का एक घटक दल है।

छात्रों को दिया हर संभव मदद का भरोसा

छात्र नेताओं ने दावा किया कि गुरुवार देर शाम राहुल गांदी से फोन पर बातचीत हुई। धरना दे रहे छात्र नेताओं की राहुल गांधी से बातचीत रांची महानगर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार राजा के मोबाइल फोन के माध्यम से कराई गई। बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों से अपनी मांगों का विवरण भेजने को कहा और उन्हें आश्वासन दिया कि वह उनकी समस्याओं को लेकर राज्य सरकार से बात करेंगे। वो इस मामले को लेकर सीएम हेमंत सोरेन से भी बात कर सकते हैं।

मांगों की सूची व्हाट्सएप पर मंगाई

ये बातचीत लगभग 10 मिनट तक चली। राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से कहा कि वे अपनी सभी मांगों का विस्तृत ज्ञापन उन्हें व्हाट्सएप पर भेजें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह पूरे मामले पर झारखंड सरकार से बात करेंगे और छात्रों की मांगों के समाधान का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए और उनके साथ न्याय होना चाहिए।

क्या है छात्रों की मांगें?

प्रदर्शनकारी 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने और भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि यह जांच या तो केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जाए या फिर राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के एक पैनल से कराई जाए। उन्होंने जेपीएससी और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में व्यापक सुधारों पर भी जोर दिया।

वार्ता के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित

इधर, प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार के साथ बातचीत करने के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित किया। प्रतिनिधिमंडल में आठ छात्र प्रतिनिधियों के अलावा दो पत्रकार और एक अधिवक्ता को शामिल किया गया। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि सरकार के समक्ष केवल छात्र प्रतिनिधि ही अपनी मांगें रखेंगे। पत्रकार और अधिवक्ता केवल अभिभावक एवं मार्गदर्शक की भूमिका में मौजूद रहेंगे।

जेपीएससी-जेएससीसी परीक्षा विवाद पर डटे आंदोलकारी छात्र, सीएम हेमंत से वार्ता का इंतजार

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झारखंड में झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा छात्र आंदोलन अब एक व्यापक अभियान का रूप ले चुका है। छात्रों का आरोप है कि राज्य में भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता लगातार सवालों के घेरे में रही है। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि सिर्फ 14वीं जेपीएससी ही नहीं बल्कि पिछले सात वर्षों में जेपीएससी और जेएसएससी की कई भर्ती परीक्षाएं विवादों में रही हैं। इसलिए वे केवल एक परीक्षा की नहीं बल्कि वर्ष 2019 से अब तक आयोजित सभी विवादित भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहे हैं।

आंदोलनकारी छात्रों का प्रतिनिधिमंडल तैयार

जयपाल सिंह स्टेडियम में जारी छात्रों आंदोलन के बीच बातचीत का रास्ता भी खुल गया है। सरकार के साथ होने वाली बातचीत को लेकर आंदोलनकारी छात्रों ने प्रतिनिधिमंडल की सूची जारी कर दी है। इस प्रतिनिधिमंडल के नेतृत्व में राज्य सरकार के साथ वार्ता होगी। प्रतिनिधिमंडल में आठ छात्र प्रतिनिधियों के अलावा दो पत्रकार और एक वकील को शामिल किया गया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वार्ता के दौरान सभी मांगे और तथ्य केवल छात्र प्रतिनिधि ही सरकार के सामने रखेंगे।

वार्ता के प्रस्ताव के बाद भी नहीं आया बुलावा

सरकार की ओर से वार्ता का प्रस्ताव दिए जाने के बावजूद अब तक छात्र प्रतिनिधियों को औपचारिक रूप से बातचीत के लिए नहीं बुलाया गया है। इससे आंदोलनरत छात्रों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार के साथ होने वाली वार्ता सकारात्मक नहीं रही, तो 10 अगस्त को विधानसभा का घेराव किया जाएगा। आंदोलन अब तक पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है। प्रदर्शन स्थल पर राष्ट्रभक्ति गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से छात्र अपनी बात रख रहे हैं।

छात्रों की प्रमुख मांगें हैं

-वर्ष 2019 से अब तक JPSC और JSSC की सभी विवादित परीक्षाओं की CBI जांच।

-जिन परीक्षाओं में अनियमितता साबित हो, उन्हें रद्द कर दोबारा परीक्षा कराई जाए।

-दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों, बिचौलियों और लाभार्थियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।

-भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए।

-भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए।

JPSC के सवालों से भाग रही कांग्रेस-जेएमएम सरकार, भाजपा के आंदोलन से पहले बौखलाई कांग्रेस : अशोक बड़ाईक

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अशोक बड़ाईक ने कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा के बयान को झूठ, राजनीतिक हताशा और युवाओं के मुद्दों से ध्यान भटकाने की असफल कोशिश बताया है। उन्होंने कहा कि 22 जुलाई को होने वाले भारतीय जनता युवा मोर्चा के ऐतिहासिक JPSC घेराव से घबराकर कांग्रेस और झामुमो के नेताओं की बौखलाहट साफ दिखाई दे रही है।

उन्होंने कहा कि यदि झामुमो-कांग्रेस सरकार के दामन पर कोई दाग नहीं है तो वह JPSC को लेकर उठ रहे सवालों से भाग क्यों रही है? 14वीं JPSC का परिणाम आधी रात में, वह भी आयोग के सक्षम हस्ताक्षर के बिना क्यों जारी किया गया? कटऑफ सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया? उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया को गोपनीय क्यों रखा गया? उत्तर प्रदेश में ब्लैकलिस्टेड रही एजेंसी को भर्ती प्रक्रिया की जिम्मेदारी किसके संरक्षण में दी गई? इन सवालों का जवाब देने के बजाय कांग्रेस भाजपा पर आरोप लगाकर अपनी विफलताओं पर पर्दा डालना चाहती है।

अशोक बड़ाईक ने कहा कि 22 जुलाई का JPSC घेराव किसी दल का नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों बेरोजगार युवाओं के भविष्य, उनके सम्मान और उनके अधिकारों का आंदोलन है। प्रदेशभर से हजारों छात्र, अभ्यर्थी और भाजयुमो कार्यकर्ता रांची पहुंचकर सरकार को यह संदेश देंगे कि अब युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस भाजपा को नैतिकता का पाठ पढ़ाने से पहले अपने इतिहास पर नजर डाले। कांग्रेस के दस वर्षीय शासनकाल में AIPMT, AIEEE, AIIMS, CBSE सहित अनेक राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली आम बात बन चुकी थी। लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद हुआ, लेकिन कांग्रेस सरकार ने न पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ कोई कठोर कानून बनाया, न कोई ठोस कार्रवाई की और न ही कभी जवाबदेही तय की। कांग्रेस की चुप्पी ने ही पेपर लीक माफियाओं के हौसले बुलंद किए।

अशोक बड़ाईक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार देश में पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ निर्णायक लड़ाई शुरू हुई। केंद्र सरकार ने ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 लागू कर स्पष्ट संदेश दिया कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के लिए देश में कोई जगह नहीं है। अब ऐसे अपराधियों के खिलाफ कठोर कारावास और भारी आर्थिक दंड का प्रावधान है।

उन्होंने कहा कि NEET परीक्षा में अनियमितताओं की जानकारी मिलते ही केंद्र सरकार ने तत्काल कार्रवाई की, आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा, जांच एजेंसियों को सक्रिय किया और लाखों विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए पुनः परीक्षा कराकर समयबद्ध तरीके से परिणाम घोषित किया। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कहा है कि पेपर लीक करने वाले युवाओं के सपनों के अपराधी हैं और उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

अशोक बड़ाईक ने कहा कि कांग्रेस और झामुमो सरकार दूसरों पर उंगली उठाने से पहले झारखंड के युवाओं को जवाब दे कि JPSC में पारदर्शिता क्यों नहीं है? भर्ती प्रक्रिया पर लगातार सवाल क्यों उठ रहे हैं? और आखिर सरकार दोषियों को बचाने की कोशिश क्यों कर रही है?

उन्होंने कहा कि भाजपा झारखंड के युवाओं के न्याय की लड़ाई लड़ रही है और लड़ती रहेगी। जब तक JPSC से जुड़े प्रत्येक आरोप की निष्पक्ष जांच, पूरी पारदर्शिता और दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती, भाजपा का संघर्ष सड़क से सदन तक पूरी ताकत के साथ जारी रहेगा।

JPSC रोजगार देने वाला आयोग नहीं, बल्कि "रोजगार का व्यापार" करने वाला बना संस्थान : शशांक राज

भारतीय जनता युवा मोर्चा, झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज ने प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिस आयोग पर राज्य के लाखों युवाओं के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी है, वही आज कथित भ्रष्टाचार, अपारदर्शिता एवं अनियमितताओं का केंद्र बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि JPSC रोजगार देने वाला आयोग नहीं, बल्कि "रोजगार का व्यापार" करने वाला संस्थान बन गया है।

श्री राज ने कहा कि हाल ही में जारी परीक्षा परिणामों में आयोग के सभी सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आयोग के तीन सदस्यों के हस्ताक्षर ही नहीं थे, तो परिणाम किस नियम और अधिकार के तहत जारी किया गया?

उन्होंने घोषणा किया कि भारतीय जनता युवा मोर्चा 20 जुलाई को JPSC के खिलाफ पुरे प्रदेश स्तर पर सोशल मीडिया कैंपेन चलाएगी, 21 जुलाई को पूरे झारखंड में मशाल जुलूस निकालकर युवाओं के आक्रोश को बुलंद करेगा तथा 22 जुलाई को "चलो JPSC घेरते हैं" अभियान के तहत जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से JPSC कार्यालय तक मार्च करते हुए घेराव करेगी। इस दौरान "JPSC सफाई अभियान" भी चलाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति के विरुद्ध नहीं, बल्कि कथित भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ है। भारतीय जनता युवा मोर्चा झारखंड के लाखों प्रतियोगी छात्रों के साथ मजबूती से खड़ा है और उनके अधिकारों की लड़ाई अंतिम सांस तक लड़ता रहेगा।

उन्होंने कहा कि पूर्व अध्यक्ष नीलिमा केरकेट्टा के कार्यकाल में बिना सभी आवश्यक हस्ताक्षरों के कभी परिणाम जारी नहीं किए जाते थे। उन्होंने वर्ष 2011-13 JPSC प्रकरण का उल्लेख करते हुए आयोग की कार्यप्रणाली की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि सूचना का अधिकार (RTI) के तहत अभ्यर्थियों को उनकी उत्तर पुस्तिकाओं का अवलोकन नहीं कराया जाता और न ही कॉपियां सार्वजनिक पोर्टल पर अपलोड की जाती हैं। आयोग परीक्षा का कट-ऑफ भी सार्वजनिक नहीं करता, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ जाती है।

उन्होंने कहा कि परिणाम देर रात लगभग 12 बजे जारी किए जाते हैं और आयोग वर्षों से नियमित परीक्षा कैलेंडर जारी करने में भी विफल रहा है। यह स्थिति युवाओं के साथ अन्याय है।

श्री राज ने कहा कि पड़ोसी राज्य बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष तक है, जबकि झारखंड के लाखों अभ्यर्थी कम आयु सीमा के कारण अवसरों से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से तत्काल आयु सीमा बढ़ाने की मांग की।

श्री राज ने कहा कि यदि JPSC को पारदर्शी, जवाबदेह और निष्पक्ष नहीं बनाया गया तो युवा अपना लोकतांत्रिक आंदोलन और तेज करेंगे।

प्रेस वार्ता के अंत में श्री राज ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा—

"छात्रों की हुंकार, अब नहीं सहेंगे रोजगार का व्यापार।"

प्रेस वार्ता में भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष राहुल चौधरी, प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रिंस कुमार एवं प्रदेश प्रवक्ता बबन बैठा उपस्थित रहे।

झारखंड पुलिस को मिले 336 नए जवान, CM ने किया पारण परेड का निरीक्षण, महिला भागीदारी 25%

आप लोग बहुत लम्बे समय से आज के इस दिन का इंतजार कर रहे थे। आप सभी ने लगभग 30 हफ्तों तक बहुत ही कड़ा और लंबा प्रशिक्षण लिया है। मुझे जानकारी दी गई है कि यहाँ बड़े पैमाने पर अनुकंपा के आधार पर नियुक्त हुए राज्य के जवान और जेपीएससी (JPSC) के माध्यम से डीएसपी के पद पर नियुक्त हुए अधिकारी शामिल हैं।

इसमें सबसे अधिक खुशी देने वाली बात यह है कि इस बैच में लगभग 25% महिलाओं की भागीदारी है। इस महिला पुलिस बल को मेरी ओर से बहुत-बहुत शुभकामनाएं। हम चाहते हैं कि राज्य के हर क्षेत्र में पुरुषों और महिलाओं की भागीदारी समान और बराबर हो, जो यहाँ दिख भी रहा है। राज्य के पुलिस विभाग और हमारे पुलिस जवानों की भूमिका तथा जिम्मेदारियों को लेकर मुझे बहुत अधिक व्याख्या करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि आप सभी इसके महत्व को अच्छी तरह समझते हैं।

उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज जैप 1 ग्राउंड, डोरंडा में आयोजित "बुनियादी प्रशिक्षुओं का पारण परेड समारोह-2026" को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने जैप 1 ग्राउंड परिसर स्थित शहीद स्मारक पर माल्यार्पण एवं पारण परेड-2026 का निरीक्षण किया। मौके पर मुख्यमंत्री ने सी०टी०सी०, स्वासपुर, मुसाबनी में प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक एवं विभिन्न जिला/इकाई से नव नियुक्त आरक्षियों का बुनियादी प्रक्षिणोपरांत आयोजित अंतिम परीक्षा का प्रकाशित परीक्षाफल के विभिन्न विषयों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं के बीच पुरस्कार वितरण किया।

आप सिर्फ एक व्यक्ति मात्र या खुद के लिए नहीं रह गए हैं, बल्कि राज्य के आम नागरिकों की रक्षा के लिए समर्पित हैं

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि अभी थोड़ी देर पहले आप सभी ने झमाझम बारिश के बीच शपथ ली है। निश्चित रूप से हमारी इस लोकतांत्रिक व्यवस्था में शपथ ग्रहण करना सिर्फ एक प्रक्रिया या माध्यम नहीं है, इसी प्रतिज्ञा और शपथ के बदौलत हम लोगों ने इस देश को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का रूप दिया है।

उन्होंने कहा कि यह शपथ सिर्फ वर्दी के लिए ही नहीं, बल्कि आम जनता की सेवा के लिए भी है। चूंकि आप सभी वर्दीधारी राज्य के प्रहरी हैं, इसलिए यह शपथ आपके लिए और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। आज के बाद से आप एक व्यवस्था से बंध चुके हैं। अब सिर्फ एक व्यक्ति मात्र या खुद के लिए नहीं रह गए हैं, बल्कि राज्य के आम नागरिकों की रक्षा के लिए समर्पित हैं। इस दौरान हो सकता है कि आपके सामने बहुत बड़ी चुनौतियां आकर खड़ी हो जाएं, यहाँ तक कि आपकी जान पर भी बन आए, पूर्व में इसी कर्तव्य का निर्वहन करते हुए आपके परिजनों ने भी अपने प्राणों की आहुति दी है। आपके परिजनों के उसी अधूरे रास्ते और सफर को पूरा करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार ने अब आपके कंधों पर सौंपने का निर्णय लिया है। हम सिर्फ नौकरी या तनख्वाह के लिए पुलिस बल में शामिल नहीं होते हैं, बल्कि कुछ सर्वोच्च कर्तव्यों के संकल्प के साथ इस व्यवस्था से बंध जाते हैं।

प्रशिक्षण का परिणाम कानून एवं विधि-व्यवस्था के संधारण में दिखनी चाहिए

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आपको प्रशिक्षण के दौरान जिन अलग-अलग विषयों की ट्रेनिंग दी गई है, उसका परिणाम अब राज्य की कानून-व्यवस्था, विधि-व्यवस्था और राज्य के भीतर घटने वाली या संभावित घटनाओं को नियंत्रित करने में दिखना चाहिए। अगर आप सभी पूरी निष्ठा से प्रयास करेंगे, तो हमारे बीच आने वाली हर चुनौती को समाप्त करते हुए उसका समाधान किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि आज मौसम अनुकूल न होने की वजह से इस पारण परेड कार्यक्रम को हमें पुलिस परिसर (Premises) के भीतर ही संपन्न करना पड़ा। लेकिन आपका उत्साह कम न हो और आपके परिजन हतोत्साहित न हों, इसके लिए हमारी सरकार लगातार आपके साथ खड़ी रहने के लिए कृतसंकल्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि पुलिस विभाग के लिए अलग से आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त आवासीय विद्यालयों का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही, पुलिस विभाग के अंतर्गत अलग से विशेष स्वास्थ्य सुविधाएं भी स्थापित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि निश्चित रूप से, एक-एक करके हम अपनी सारी मंजिलों तक पहुंचेंगे। इसमें आपका भी प्रयास होना चाहिए और हमारी सरकार का भी पूरा सहयोग रहेगा। मुख्यमंत्री ने सभी नव नियुक्त पुलिस उपाधीक्षकों एवं नव नियुक्त आरक्षियों को आज के इस बेहतरीन परेड प्रदर्शन के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं दी। साथ ही पुलिस विभाग को इस पूरी प्रशिक्षण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए बहुत-बहुत बधाई दी। उन्होंने जय हिंद, जय झारखंड, जोहार।" के साथ अपनी बातों का समापन किया।

प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके जवानों ने शानदार मार्चपास्ट और आकर्षक कदमताल के माध्यम से अपने कौशल का प्रदर्शन किया। वहीं नव नियुक्त जवानों को अनुशासन, देश व राज्य सेवा, संविधान, पुलिस बल की गरिमा, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के प्रति शपथ दिलाई गयी।

इस अवसर पर महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखंड श्रीमती तदाशा मिश्रा, अपर पुलिस महानिदेशक श्रीमती प्रिया दुबे सहित पुलिस विभाग के वरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

झारखंड स्वास्थ्य सेवा में बड़ा कदम: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने 76 चिकित्सा पदाधिकारियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

रांची | 24 मार्च 2026: विश्व यक्ष्मा (टीबी) दिवस के अवसर पर मंगलवार को नामकुम स्थित आईपीएच सभागार में एक भव्य नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत संविदा पर चयनित 76 चिकित्सा पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।

1250 डॉक्टरों की जल्द होगी बहाली, स्वास्थ्य ढांचे में सुधार

समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने घोषणा की कि डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए जल्द ही JPSC के माध्यम से 1250 नियमित डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी। डॉ. अंसारी ने कहा, "चिकित्सकों का योगदान समाज में अमूल्य है। पिछले एक वर्ष में 8 नए मेडिकल कॉलेज और राज्य की पहली मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।"

आधुनिक तकनीक और सुविधाओं पर जोर

मंत्री ने बताया कि राज्य के प्रमुख अस्पतालों को सीटी स्कैन, एमआरआई और एआई (AI) जैसी रोबोटिक तकनीकों से लैस किया जा रहा है ताकि मरीजों को दूसरे राज्यों में रेफर न करना पड़े। इसके अलावा:

ब्लड सप्लाई सिस्टम: जरूरतमंदों के लिए टोल फ्री नंबर आधारित नई व्यवस्था शुरू की जा रही है।

गंभीर बीमारियाँ: सिकल सेल एनीमिया और थैलेसीमिया की पहचान के लिए राज्यव्यापी जांच अभियान चलेगा।

मिशन 2030: टीबी मुक्त झारखंड का लक्ष्य

अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने जानकारी दी कि सरकार ने इस वर्ष 12 लाख लोगों की टीबी जांच का लक्ष्य रखा है। पिछले वर्ष के 9.5 लाख के आंकड़े को पार करने के लिए संसाधनों में वृद्धि की गई है। अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि आगामी 100 दिनों में पंचायत स्तर तक टीबी स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान को तेज किया जाएगा। साथ ही, टीबी मरीजों की प्रोत्साहन राशि का लंबित भुगतान भी जल्द निपटाया जाएगा।

जागरूकता वाहनों को दिखाई हरी झंडी

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों में टीबी उन्मूलन का संदेश फैलाने वाले विशेष जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने नवनियुक्त डॉक्टरों से आह्वान किया कि वे न केवल मरीजों का इलाज करें, बल्कि अस्पतालों की व्यवस्थागत कमियों की रिपोर्ट भी सरकार को दें ताकि जमीनी स्तर पर सुधार हो सके।

कार्यक्रम में मुख्य उपस्थिति

समारोह में अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, अभियान निदेशक (NHM) शशि प्रकाश झा, निदेशक प्रमुख (स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. सिद्धार्थ सान्याल सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

JPSC अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर: 8 मार्च की जगह अब 15 मार्च को होगी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने सिविल सेवा संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2025 की तैयारी कर रहे परीक्षार्थियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए आयोग ने प्रारंभिक परीक्षा (PT) की तिथि को संशोधित किया है। अब यह परीक्षा 8 मार्च के स्थान पर 15 मार्च 2026 को राज्य के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।

महत्वपूर्ण पदों पर होनी है बहाली:

इस परीक्षा के माध्यम से राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 103 रिक्त पदों को भरा जाना है। इनमें प्रशासनिक सेवा (उपसमाहर्ता), पुलिस सेवा (DSP), प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और सहायक नगर आयुक्त जैसे प्रतिष्ठित पद शामिल हैं।

आयु सीमा पर फंसा पेंच:

परीक्षा तिथि में बदलाव के बीच, अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु सीमा में छूट की मांग जोर पकड़ रही है। कई उम्मीदवारों का तर्क है कि परीक्षाओं में विलंब के कारण वे अवसर खो रहे हैं। हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि जब तक राज्य सरकार या कैबिनेट की ओर से इस पर कोई आधिकारिक आदेश नहीं आता, तब तक वर्तमान नियम ही प्रभावी रहेंगे।

परीक्षा का स्वरूप:

प्रारंभिक परीक्षा दो पालियों में वस्तुनिष्ठ (Objective) प्रकार की होगी, जिसमें नकारात्मक अंकन (Negative Marking) का भी प्रावधान है। आयोग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

झारखंड के युवाओं के लिए 'लंदन' से आई खुशखबरी: हेमंत सरकार और जिंदल फाउंडेशन के बीच बड़ी साझेदारी; हाशिए पर रहने वाले छात्रों को मिलेगी स्कॉलरशिप

राँची/लंदन, 31 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में लंदन गए उच्च स्तरीय डेलीगेशन के साथ जिंदल फाउंडेशन ने शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में व्यापक साझेदारी का प्रस्ताव रखा है। फाउंडेशन ने अपनी 'अभिरुचि की अभिव्यक्ति' (Expression of Interest) प्रस्तुत करते हुए झारखंड के मानव संसाधन को वैश्विक मानकों के अनुरूप सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता जताई है।

साझेदारी के 4 मुख्य स्तंभ:

हाशिए पर रहने वाले छात्रों के लिए स्कॉलरशिप: राज्य सरकार और जिंदल फाउंडेशन 50:50 की लागत साझाकरण के आधार पर एक संयुक्त छात्रवृत्ति कार्यक्रम शुरू करेंगे। इसके तहत वंचित समुदायों की छात्राओं और मेधावी छात्रों को कानून, प्रबंधन और सार्वजनिक नीति जैसे विषयों में उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसमें खेल-आधारित छात्रवृत्ति भी शामिल होगी, ताकि होनहार एथलीटों की शिक्षा में आर्थिक तंगी बाधा न बने।

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना: IIT-ISM धनबाद और BIT सिंदरी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ मिलकर एक अत्याधुनिक रिसर्च सेंटर बनाया जाएगा। यह केंद्र स्टील सेक्टर, खनिज प्रसंस्करण (Mineral Processing) और क्रिटिकल मिनरल्स में नवाचार और शोध का नेतृत्व करेगा।

अधिकारियों का क्षमता निर्माण: शासन व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए JPSC के लगभग 30 मध्य-कैरियर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को हर साल दो बार विशेष वैश्विक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

जलवायु परिवर्तन और सार्वजनिक नीति पर शोध: पूर्वी भारत की विशेष भौगोलिक चुनौतियों को देखते हुए जलवायु परिवर्तन और कानून जैसे विषयों पर शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री का विजन: "युवाओं को मिले वैश्विक मंच"

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार शिक्षा और क्षमता निर्माण के माध्यम से झारखंड के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच के लिए तैयार करना चाहती है। उन्होंने कहा कि राज्य केवल खनिजों के लिए ही नहीं, बल्कि अपने हुनरमंद मानव संसाधन के लिए भी दुनिया भर में जाना जाए, यही सरकार का लक्ष्य है।

स्टील हब के लिए तैयार होगी स्किल्ड मैनपावर

जिंदल फाउंडेशन के अनुसार, रामगढ़ और पतरातू के बड़े 'स्टील हब' के रूप में विकसित होने के कारण स्किल्ड मैनपावर की मांग बढ़ी है। यह साझेदारी न केवल इस मांग को पूरा करेगी बल्कि राज्य के मानव विकास सूचकांक (HDI) में भी सुधार लाएगी।

उत्तराखंड : शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में हरिद्वार में जोरदार प्रदर्शन, पूर्व मेयर के पति ने कराया मुंडन

झारखंड को हेमंत सोरेन का ऐतिहासिक तोहफा: एक साथ 8,792 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित

'जहां भी रहें, कम से कम एक नौजवान को अपने जैसा बनाने का संकल्प लें' - CM सोरेन

रांची, 28 नवंबर 2025। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की दूरदर्शी सोच और कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने पर आज रांची के मोरहाबादी मैदान में एक भव्य राज्यस्तरीय समारोह आयोजित हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों में चयनित 8,792 नव नियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपकर उनके चेहरे पर खुशी ला दी।

युवाओं से मुख्यमंत्री का आह्वान

नियुक्ति पत्र सौंपने के बाद मुख्यमंत्री ने नव नियुक्त कर्मियों से भावुक अपील की:

"आज आपके भविष्य के साथ एक नया अध्याय जुड़ रहा है। आप सरकार के अभिन्न अंग के रूप में अपनी सेवा देंगे। आप जहां भी रहें, वहां कम से कम एक नौजवान को अपने जैसा बनाने का संकल्प लें।"

उन्होंने विश्वास जताया कि इस कार्य से राज्य की तस्वीर निश्चित तौर पर बदल जाएगी और आज जिन्हें नियुक्ति पत्र मिला है, उससे कम से कम 50 हज़ार लोगों का भरोसा मजबूत हुआ है।

मन उदास, संकल्प मजबूत

श्रद्धांजलि: मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आज अपने दूसरे कार्यकाल की पहली वर्षगांठ मना रही है, लेकिन दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी की अनुपस्थिति से मन उदास है। उन्होंने महान सुधारक ज्योतिबा फुले को उनकी पुण्यतिथि पर नमन किया।

नियुक्तियों का संकल्प: उन्होंने कहा कि सरकार ने इस वर्ष 16 हज़ार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी और 8 हज़ार लोगों को गैर-सरकारी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराया है। उन्होंने नियुक्तियों में पूरी शिद्दत, ईमानदारी और पारदर्शिता बरतने का दावा किया।

सामाजिक संवेदनशीलता: सीएम सोरेन ने जोर दिया कि सरकार राज्य के हर वर्ग और तबके (आदिवासी, दलित, पिछड़ा, महिला, नौजवान, दिव्यांग) के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है।

महिला सशक्तिकरण का प्रभाव

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री मईंया सम्मान योजना के व्यापक प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा कि आज महिलाएं इस योजना से जुड़कर स्वावलंबी बन रही हैं। उन्होंने बताया कि:

सहायक आचार्य की नियुक्ति में 40 प्रतिशत महिलाएं चुनकर आईं हैं।

जेपीएससी सिविल सेवा में भी 30 प्रतिशत महिलाएं चयनित हुई हैं।

इन पदों के लिए मिले नियुक्ति पत्र (कुल 8,792)

पद का नाम संख्या

सहायक आचार्य 8,291

उप समाहर्ता (JPSC) 197

पुलिस उपाधीक्षक (JPSC) 35

राज्य कर पदाधिकारी (JPSC) 55

कीटपालक 150

दंत चिकित्सक 22

श्रम अधीक्षक (JPSC) 14

सहायक निबंधक (JPSC) 8

झारखंड शिक्षा सेवा श्रेणी-2 (JPSC) 8

प्रोबेशन पदाधिकारी (JPSC) 6

उत्पाद निरीक्षक (JPSC) 3

काराधीक्षक (JPSC) 2

जिला समादेष्टा (JPSC) 1

अनुकंपा के आधार पर (शहीद पुलिसकर्मियों के परिजन) 84

कुल अभ्यर्थी 8,792

समारोह में मंत्री, विधायक, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह सहित कई वरीय अधिकारी मौजूद थे।

रांची में बैठे प्रदर्शनकारियों से राहुल गांधी ने की बात, मांगों पर सीएम हेमंत से बात करने का दिलाया भरोसा

#jharkhand

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे युवाओं को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है। झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ यह प्रदर्शन हो रहा है। आज 14वें दिन भी स्टूडेंट्स आंदोलन कर रहे हैं। इस बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से फोन पर बात की है और हर संभव मदद का भरोसा दिया है। बता दें कि कांग्रेस राज्य में सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) नीत गठबंधन का एक घटक दल है।

छात्रों को दिया हर संभव मदद का भरोसा

छात्र नेताओं ने दावा किया कि गुरुवार देर शाम राहुल गांदी से फोन पर बातचीत हुई। धरना दे रहे छात्र नेताओं की राहुल गांधी से बातचीत रांची महानगर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार राजा के मोबाइल फोन के माध्यम से कराई गई। बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों से अपनी मांगों का विवरण भेजने को कहा और उन्हें आश्वासन दिया कि वह उनकी समस्याओं को लेकर राज्य सरकार से बात करेंगे। वो इस मामले को लेकर सीएम हेमंत सोरेन से भी बात कर सकते हैं।

मांगों की सूची व्हाट्सएप पर मंगाई

ये बातचीत लगभग 10 मिनट तक चली। राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से कहा कि वे अपनी सभी मांगों का विस्तृत ज्ञापन उन्हें व्हाट्सएप पर भेजें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह पूरे मामले पर झारखंड सरकार से बात करेंगे और छात्रों की मांगों के समाधान का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए और उनके साथ न्याय होना चाहिए।

क्या है छात्रों की मांगें?

प्रदर्शनकारी 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने और भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि यह जांच या तो केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जाए या फिर राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के एक पैनल से कराई जाए। उन्होंने जेपीएससी और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में व्यापक सुधारों पर भी जोर दिया।

वार्ता के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित

इधर, प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार के साथ बातचीत करने के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित किया। प्रतिनिधिमंडल में आठ छात्र प्रतिनिधियों के अलावा दो पत्रकार और एक अधिवक्ता को शामिल किया गया। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि सरकार के समक्ष केवल छात्र प्रतिनिधि ही अपनी मांगें रखेंगे। पत्रकार और अधिवक्ता केवल अभिभावक एवं मार्गदर्शक की भूमिका में मौजूद रहेंगे।

जेपीएससी-जेएससीसी परीक्षा विवाद पर डटे आंदोलकारी छात्र, सीएम हेमंत से वार्ता का इंतजार

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झारखंड में झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा छात्र आंदोलन अब एक व्यापक अभियान का रूप ले चुका है। छात्रों का आरोप है कि राज्य में भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता लगातार सवालों के घेरे में रही है। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि सिर्फ 14वीं जेपीएससी ही नहीं बल्कि पिछले सात वर्षों में जेपीएससी और जेएसएससी की कई भर्ती परीक्षाएं विवादों में रही हैं। इसलिए वे केवल एक परीक्षा की नहीं बल्कि वर्ष 2019 से अब तक आयोजित सभी विवादित भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहे हैं।

आंदोलनकारी छात्रों का प्रतिनिधिमंडल तैयार

जयपाल सिंह स्टेडियम में जारी छात्रों आंदोलन के बीच बातचीत का रास्ता भी खुल गया है। सरकार के साथ होने वाली बातचीत को लेकर आंदोलनकारी छात्रों ने प्रतिनिधिमंडल की सूची जारी कर दी है। इस प्रतिनिधिमंडल के नेतृत्व में राज्य सरकार के साथ वार्ता होगी। प्रतिनिधिमंडल में आठ छात्र प्रतिनिधियों के अलावा दो पत्रकार और एक वकील को शामिल किया गया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वार्ता के दौरान सभी मांगे और तथ्य केवल छात्र प्रतिनिधि ही सरकार के सामने रखेंगे।

वार्ता के प्रस्ताव के बाद भी नहीं आया बुलावा

सरकार की ओर से वार्ता का प्रस्ताव दिए जाने के बावजूद अब तक छात्र प्रतिनिधियों को औपचारिक रूप से बातचीत के लिए नहीं बुलाया गया है। इससे आंदोलनरत छात्रों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार के साथ होने वाली वार्ता सकारात्मक नहीं रही, तो 10 अगस्त को विधानसभा का घेराव किया जाएगा। आंदोलन अब तक पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है। प्रदर्शन स्थल पर राष्ट्रभक्ति गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से छात्र अपनी बात रख रहे हैं।

छात्रों की प्रमुख मांगें हैं

-वर्ष 2019 से अब तक JPSC और JSSC की सभी विवादित परीक्षाओं की CBI जांच।

-जिन परीक्षाओं में अनियमितता साबित हो, उन्हें रद्द कर दोबारा परीक्षा कराई जाए।

-दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों, बिचौलियों और लाभार्थियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।

-भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए।

-भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए।

JPSC के सवालों से भाग रही कांग्रेस-जेएमएम सरकार, भाजपा के आंदोलन से पहले बौखलाई कांग्रेस : अशोक बड़ाईक

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अशोक बड़ाईक ने कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा के बयान को झूठ, राजनीतिक हताशा और युवाओं के मुद्दों से ध्यान भटकाने की असफल कोशिश बताया है। उन्होंने कहा कि 22 जुलाई को होने वाले भारतीय जनता युवा मोर्चा के ऐतिहासिक JPSC घेराव से घबराकर कांग्रेस और झामुमो के नेताओं की बौखलाहट साफ दिखाई दे रही है।

उन्होंने कहा कि यदि झामुमो-कांग्रेस सरकार के दामन पर कोई दाग नहीं है तो वह JPSC को लेकर उठ रहे सवालों से भाग क्यों रही है? 14वीं JPSC का परिणाम आधी रात में, वह भी आयोग के सक्षम हस्ताक्षर के बिना क्यों जारी किया गया? कटऑफ सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया? उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया को गोपनीय क्यों रखा गया? उत्तर प्रदेश में ब्लैकलिस्टेड रही एजेंसी को भर्ती प्रक्रिया की जिम्मेदारी किसके संरक्षण में दी गई? इन सवालों का जवाब देने के बजाय कांग्रेस भाजपा पर आरोप लगाकर अपनी विफलताओं पर पर्दा डालना चाहती है।

अशोक बड़ाईक ने कहा कि 22 जुलाई का JPSC घेराव किसी दल का नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों बेरोजगार युवाओं के भविष्य, उनके सम्मान और उनके अधिकारों का आंदोलन है। प्रदेशभर से हजारों छात्र, अभ्यर्थी और भाजयुमो कार्यकर्ता रांची पहुंचकर सरकार को यह संदेश देंगे कि अब युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस भाजपा को नैतिकता का पाठ पढ़ाने से पहले अपने इतिहास पर नजर डाले। कांग्रेस के दस वर्षीय शासनकाल में AIPMT, AIEEE, AIIMS, CBSE सहित अनेक राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली आम बात बन चुकी थी। लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद हुआ, लेकिन कांग्रेस सरकार ने न पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ कोई कठोर कानून बनाया, न कोई ठोस कार्रवाई की और न ही कभी जवाबदेही तय की। कांग्रेस की चुप्पी ने ही पेपर लीक माफियाओं के हौसले बुलंद किए।

अशोक बड़ाईक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार देश में पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ निर्णायक लड़ाई शुरू हुई। केंद्र सरकार ने ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 लागू कर स्पष्ट संदेश दिया कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के लिए देश में कोई जगह नहीं है। अब ऐसे अपराधियों के खिलाफ कठोर कारावास और भारी आर्थिक दंड का प्रावधान है।

उन्होंने कहा कि NEET परीक्षा में अनियमितताओं की जानकारी मिलते ही केंद्र सरकार ने तत्काल कार्रवाई की, आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा, जांच एजेंसियों को सक्रिय किया और लाखों विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए पुनः परीक्षा कराकर समयबद्ध तरीके से परिणाम घोषित किया। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कहा है कि पेपर लीक करने वाले युवाओं के सपनों के अपराधी हैं और उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

अशोक बड़ाईक ने कहा कि कांग्रेस और झामुमो सरकार दूसरों पर उंगली उठाने से पहले झारखंड के युवाओं को जवाब दे कि JPSC में पारदर्शिता क्यों नहीं है? भर्ती प्रक्रिया पर लगातार सवाल क्यों उठ रहे हैं? और आखिर सरकार दोषियों को बचाने की कोशिश क्यों कर रही है?

उन्होंने कहा कि भाजपा झारखंड के युवाओं के न्याय की लड़ाई लड़ रही है और लड़ती रहेगी। जब तक JPSC से जुड़े प्रत्येक आरोप की निष्पक्ष जांच, पूरी पारदर्शिता और दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती, भाजपा का संघर्ष सड़क से सदन तक पूरी ताकत के साथ जारी रहेगा।

JPSC रोजगार देने वाला आयोग नहीं, बल्कि "रोजगार का व्यापार" करने वाला बना संस्थान : शशांक राज

भारतीय जनता युवा मोर्चा, झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज ने प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिस आयोग पर राज्य के लाखों युवाओं के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी है, वही आज कथित भ्रष्टाचार, अपारदर्शिता एवं अनियमितताओं का केंद्र बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि JPSC रोजगार देने वाला आयोग नहीं, बल्कि "रोजगार का व्यापार" करने वाला संस्थान बन गया है।

श्री राज ने कहा कि हाल ही में जारी परीक्षा परिणामों में आयोग के सभी सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आयोग के तीन सदस्यों के हस्ताक्षर ही नहीं थे, तो परिणाम किस नियम और अधिकार के तहत जारी किया गया?

उन्होंने घोषणा किया कि भारतीय जनता युवा मोर्चा 20 जुलाई को JPSC के खिलाफ पुरे प्रदेश स्तर पर सोशल मीडिया कैंपेन चलाएगी, 21 जुलाई को पूरे झारखंड में मशाल जुलूस निकालकर युवाओं के आक्रोश को बुलंद करेगा तथा 22 जुलाई को "चलो JPSC घेरते हैं" अभियान के तहत जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से JPSC कार्यालय तक मार्च करते हुए घेराव करेगी। इस दौरान "JPSC सफाई अभियान" भी चलाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति के विरुद्ध नहीं, बल्कि कथित भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ है। भारतीय जनता युवा मोर्चा झारखंड के लाखों प्रतियोगी छात्रों के साथ मजबूती से खड़ा है और उनके अधिकारों की लड़ाई अंतिम सांस तक लड़ता रहेगा।

उन्होंने कहा कि पूर्व अध्यक्ष नीलिमा केरकेट्टा के कार्यकाल में बिना सभी आवश्यक हस्ताक्षरों के कभी परिणाम जारी नहीं किए जाते थे। उन्होंने वर्ष 2011-13 JPSC प्रकरण का उल्लेख करते हुए आयोग की कार्यप्रणाली की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि सूचना का अधिकार (RTI) के तहत अभ्यर्थियों को उनकी उत्तर पुस्तिकाओं का अवलोकन नहीं कराया जाता और न ही कॉपियां सार्वजनिक पोर्टल पर अपलोड की जाती हैं। आयोग परीक्षा का कट-ऑफ भी सार्वजनिक नहीं करता, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ जाती है।

उन्होंने कहा कि परिणाम देर रात लगभग 12 बजे जारी किए जाते हैं और आयोग वर्षों से नियमित परीक्षा कैलेंडर जारी करने में भी विफल रहा है। यह स्थिति युवाओं के साथ अन्याय है।

श्री राज ने कहा कि पड़ोसी राज्य बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष तक है, जबकि झारखंड के लाखों अभ्यर्थी कम आयु सीमा के कारण अवसरों से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से तत्काल आयु सीमा बढ़ाने की मांग की।

श्री राज ने कहा कि यदि JPSC को पारदर्शी, जवाबदेह और निष्पक्ष नहीं बनाया गया तो युवा अपना लोकतांत्रिक आंदोलन और तेज करेंगे।

प्रेस वार्ता के अंत में श्री राज ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा—

"छात्रों की हुंकार, अब नहीं सहेंगे रोजगार का व्यापार।"

प्रेस वार्ता में भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष राहुल चौधरी, प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रिंस कुमार एवं प्रदेश प्रवक्ता बबन बैठा उपस्थित रहे।

झारखंड पुलिस को मिले 336 नए जवान, CM ने किया पारण परेड का निरीक्षण, महिला भागीदारी 25%

आप लोग बहुत लम्बे समय से आज के इस दिन का इंतजार कर रहे थे। आप सभी ने लगभग 30 हफ्तों तक बहुत ही कड़ा और लंबा प्रशिक्षण लिया है। मुझे जानकारी दी गई है कि यहाँ बड़े पैमाने पर अनुकंपा के आधार पर नियुक्त हुए राज्य के जवान और जेपीएससी (JPSC) के माध्यम से डीएसपी के पद पर नियुक्त हुए अधिकारी शामिल हैं।

इसमें सबसे अधिक खुशी देने वाली बात यह है कि इस बैच में लगभग 25% महिलाओं की भागीदारी है। इस महिला पुलिस बल को मेरी ओर से बहुत-बहुत शुभकामनाएं। हम चाहते हैं कि राज्य के हर क्षेत्र में पुरुषों और महिलाओं की भागीदारी समान और बराबर हो, जो यहाँ दिख भी रहा है। राज्य के पुलिस विभाग और हमारे पुलिस जवानों की भूमिका तथा जिम्मेदारियों को लेकर मुझे बहुत अधिक व्याख्या करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि आप सभी इसके महत्व को अच्छी तरह समझते हैं।

उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज जैप 1 ग्राउंड, डोरंडा में आयोजित "बुनियादी प्रशिक्षुओं का पारण परेड समारोह-2026" को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने जैप 1 ग्राउंड परिसर स्थित शहीद स्मारक पर माल्यार्पण एवं पारण परेड-2026 का निरीक्षण किया। मौके पर मुख्यमंत्री ने सी०टी०सी०, स्वासपुर, मुसाबनी में प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक एवं विभिन्न जिला/इकाई से नव नियुक्त आरक्षियों का बुनियादी प्रक्षिणोपरांत आयोजित अंतिम परीक्षा का प्रकाशित परीक्षाफल के विभिन्न विषयों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं के बीच पुरस्कार वितरण किया।

आप सिर्फ एक व्यक्ति मात्र या खुद के लिए नहीं रह गए हैं, बल्कि राज्य के आम नागरिकों की रक्षा के लिए समर्पित हैं

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि अभी थोड़ी देर पहले आप सभी ने झमाझम बारिश के बीच शपथ ली है। निश्चित रूप से हमारी इस लोकतांत्रिक व्यवस्था में शपथ ग्रहण करना सिर्फ एक प्रक्रिया या माध्यम नहीं है, इसी प्रतिज्ञा और शपथ के बदौलत हम लोगों ने इस देश को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का रूप दिया है।

उन्होंने कहा कि यह शपथ सिर्फ वर्दी के लिए ही नहीं, बल्कि आम जनता की सेवा के लिए भी है। चूंकि आप सभी वर्दीधारी राज्य के प्रहरी हैं, इसलिए यह शपथ आपके लिए और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। आज के बाद से आप एक व्यवस्था से बंध चुके हैं। अब सिर्फ एक व्यक्ति मात्र या खुद के लिए नहीं रह गए हैं, बल्कि राज्य के आम नागरिकों की रक्षा के लिए समर्पित हैं। इस दौरान हो सकता है कि आपके सामने बहुत बड़ी चुनौतियां आकर खड़ी हो जाएं, यहाँ तक कि आपकी जान पर भी बन आए, पूर्व में इसी कर्तव्य का निर्वहन करते हुए आपके परिजनों ने भी अपने प्राणों की आहुति दी है। आपके परिजनों के उसी अधूरे रास्ते और सफर को पूरा करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार ने अब आपके कंधों पर सौंपने का निर्णय लिया है। हम सिर्फ नौकरी या तनख्वाह के लिए पुलिस बल में शामिल नहीं होते हैं, बल्कि कुछ सर्वोच्च कर्तव्यों के संकल्प के साथ इस व्यवस्था से बंध जाते हैं।

प्रशिक्षण का परिणाम कानून एवं विधि-व्यवस्था के संधारण में दिखनी चाहिए

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आपको प्रशिक्षण के दौरान जिन अलग-अलग विषयों की ट्रेनिंग दी गई है, उसका परिणाम अब राज्य की कानून-व्यवस्था, विधि-व्यवस्था और राज्य के भीतर घटने वाली या संभावित घटनाओं को नियंत्रित करने में दिखना चाहिए। अगर आप सभी पूरी निष्ठा से प्रयास करेंगे, तो हमारे बीच आने वाली हर चुनौती को समाप्त करते हुए उसका समाधान किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि आज मौसम अनुकूल न होने की वजह से इस पारण परेड कार्यक्रम को हमें पुलिस परिसर (Premises) के भीतर ही संपन्न करना पड़ा। लेकिन आपका उत्साह कम न हो और आपके परिजन हतोत्साहित न हों, इसके लिए हमारी सरकार लगातार आपके साथ खड़ी रहने के लिए कृतसंकल्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि पुलिस विभाग के लिए अलग से आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त आवासीय विद्यालयों का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही, पुलिस विभाग के अंतर्गत अलग से विशेष स्वास्थ्य सुविधाएं भी स्थापित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि निश्चित रूप से, एक-एक करके हम अपनी सारी मंजिलों तक पहुंचेंगे। इसमें आपका भी प्रयास होना चाहिए और हमारी सरकार का भी पूरा सहयोग रहेगा। मुख्यमंत्री ने सभी नव नियुक्त पुलिस उपाधीक्षकों एवं नव नियुक्त आरक्षियों को आज के इस बेहतरीन परेड प्रदर्शन के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं दी। साथ ही पुलिस विभाग को इस पूरी प्रशिक्षण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए बहुत-बहुत बधाई दी। उन्होंने जय हिंद, जय झारखंड, जोहार।" के साथ अपनी बातों का समापन किया।

प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके जवानों ने शानदार मार्चपास्ट और आकर्षक कदमताल के माध्यम से अपने कौशल का प्रदर्शन किया। वहीं नव नियुक्त जवानों को अनुशासन, देश व राज्य सेवा, संविधान, पुलिस बल की गरिमा, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के प्रति शपथ दिलाई गयी।

इस अवसर पर महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखंड श्रीमती तदाशा मिश्रा, अपर पुलिस महानिदेशक श्रीमती प्रिया दुबे सहित पुलिस विभाग के वरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

झारखंड स्वास्थ्य सेवा में बड़ा कदम: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने 76 चिकित्सा पदाधिकारियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

रांची | 24 मार्च 2026: विश्व यक्ष्मा (टीबी) दिवस के अवसर पर मंगलवार को नामकुम स्थित आईपीएच सभागार में एक भव्य नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत संविदा पर चयनित 76 चिकित्सा पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।

1250 डॉक्टरों की जल्द होगी बहाली, स्वास्थ्य ढांचे में सुधार

समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने घोषणा की कि डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए जल्द ही JPSC के माध्यम से 1250 नियमित डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी। डॉ. अंसारी ने कहा, "चिकित्सकों का योगदान समाज में अमूल्य है। पिछले एक वर्ष में 8 नए मेडिकल कॉलेज और राज्य की पहली मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।"

आधुनिक तकनीक और सुविधाओं पर जोर

मंत्री ने बताया कि राज्य के प्रमुख अस्पतालों को सीटी स्कैन, एमआरआई और एआई (AI) जैसी रोबोटिक तकनीकों से लैस किया जा रहा है ताकि मरीजों को दूसरे राज्यों में रेफर न करना पड़े। इसके अलावा:

ब्लड सप्लाई सिस्टम: जरूरतमंदों के लिए टोल फ्री नंबर आधारित नई व्यवस्था शुरू की जा रही है।

गंभीर बीमारियाँ: सिकल सेल एनीमिया और थैलेसीमिया की पहचान के लिए राज्यव्यापी जांच अभियान चलेगा।

मिशन 2030: टीबी मुक्त झारखंड का लक्ष्य

अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने जानकारी दी कि सरकार ने इस वर्ष 12 लाख लोगों की टीबी जांच का लक्ष्य रखा है। पिछले वर्ष के 9.5 लाख के आंकड़े को पार करने के लिए संसाधनों में वृद्धि की गई है। अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि आगामी 100 दिनों में पंचायत स्तर तक टीबी स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान को तेज किया जाएगा। साथ ही, टीबी मरीजों की प्रोत्साहन राशि का लंबित भुगतान भी जल्द निपटाया जाएगा।

जागरूकता वाहनों को दिखाई हरी झंडी

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों में टीबी उन्मूलन का संदेश फैलाने वाले विशेष जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने नवनियुक्त डॉक्टरों से आह्वान किया कि वे न केवल मरीजों का इलाज करें, बल्कि अस्पतालों की व्यवस्थागत कमियों की रिपोर्ट भी सरकार को दें ताकि जमीनी स्तर पर सुधार हो सके।

कार्यक्रम में मुख्य उपस्थिति

समारोह में अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, अभियान निदेशक (NHM) शशि प्रकाश झा, निदेशक प्रमुख (स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. सिद्धार्थ सान्याल सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

JPSC अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर: 8 मार्च की जगह अब 15 मार्च को होगी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने सिविल सेवा संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2025 की तैयारी कर रहे परीक्षार्थियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए आयोग ने प्रारंभिक परीक्षा (PT) की तिथि को संशोधित किया है। अब यह परीक्षा 8 मार्च के स्थान पर 15 मार्च 2026 को राज्य के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।

महत्वपूर्ण पदों पर होनी है बहाली:

इस परीक्षा के माध्यम से राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 103 रिक्त पदों को भरा जाना है। इनमें प्रशासनिक सेवा (उपसमाहर्ता), पुलिस सेवा (DSP), प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और सहायक नगर आयुक्त जैसे प्रतिष्ठित पद शामिल हैं।

आयु सीमा पर फंसा पेंच:

परीक्षा तिथि में बदलाव के बीच, अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु सीमा में छूट की मांग जोर पकड़ रही है। कई उम्मीदवारों का तर्क है कि परीक्षाओं में विलंब के कारण वे अवसर खो रहे हैं। हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि जब तक राज्य सरकार या कैबिनेट की ओर से इस पर कोई आधिकारिक आदेश नहीं आता, तब तक वर्तमान नियम ही प्रभावी रहेंगे।

परीक्षा का स्वरूप:

प्रारंभिक परीक्षा दो पालियों में वस्तुनिष्ठ (Objective) प्रकार की होगी, जिसमें नकारात्मक अंकन (Negative Marking) का भी प्रावधान है। आयोग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

झारखंड के युवाओं के लिए 'लंदन' से आई खुशखबरी: हेमंत सरकार और जिंदल फाउंडेशन के बीच बड़ी साझेदारी; हाशिए पर रहने वाले छात्रों को मिलेगी स्कॉलरशिप

राँची/लंदन, 31 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में लंदन गए उच्च स्तरीय डेलीगेशन के साथ जिंदल फाउंडेशन ने शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में व्यापक साझेदारी का प्रस्ताव रखा है। फाउंडेशन ने अपनी 'अभिरुचि की अभिव्यक्ति' (Expression of Interest) प्रस्तुत करते हुए झारखंड के मानव संसाधन को वैश्विक मानकों के अनुरूप सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता जताई है।

साझेदारी के 4 मुख्य स्तंभ:

हाशिए पर रहने वाले छात्रों के लिए स्कॉलरशिप: राज्य सरकार और जिंदल फाउंडेशन 50:50 की लागत साझाकरण के आधार पर एक संयुक्त छात्रवृत्ति कार्यक्रम शुरू करेंगे। इसके तहत वंचित समुदायों की छात्राओं और मेधावी छात्रों को कानून, प्रबंधन और सार्वजनिक नीति जैसे विषयों में उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसमें खेल-आधारित छात्रवृत्ति भी शामिल होगी, ताकि होनहार एथलीटों की शिक्षा में आर्थिक तंगी बाधा न बने।

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना: IIT-ISM धनबाद और BIT सिंदरी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ मिलकर एक अत्याधुनिक रिसर्च सेंटर बनाया जाएगा। यह केंद्र स्टील सेक्टर, खनिज प्रसंस्करण (Mineral Processing) और क्रिटिकल मिनरल्स में नवाचार और शोध का नेतृत्व करेगा।

अधिकारियों का क्षमता निर्माण: शासन व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए JPSC के लगभग 30 मध्य-कैरियर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को हर साल दो बार विशेष वैश्विक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

जलवायु परिवर्तन और सार्वजनिक नीति पर शोध: पूर्वी भारत की विशेष भौगोलिक चुनौतियों को देखते हुए जलवायु परिवर्तन और कानून जैसे विषयों पर शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री का विजन: "युवाओं को मिले वैश्विक मंच"

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार शिक्षा और क्षमता निर्माण के माध्यम से झारखंड के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच के लिए तैयार करना चाहती है। उन्होंने कहा कि राज्य केवल खनिजों के लिए ही नहीं, बल्कि अपने हुनरमंद मानव संसाधन के लिए भी दुनिया भर में जाना जाए, यही सरकार का लक्ष्य है।

स्टील हब के लिए तैयार होगी स्किल्ड मैनपावर

जिंदल फाउंडेशन के अनुसार, रामगढ़ और पतरातू के बड़े 'स्टील हब' के रूप में विकसित होने के कारण स्किल्ड मैनपावर की मांग बढ़ी है। यह साझेदारी न केवल इस मांग को पूरा करेगी बल्कि राज्य के मानव विकास सूचकांक (HDI) में भी सुधार लाएगी।

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झारखंड को हेमंत सोरेन का ऐतिहासिक तोहफा: एक साथ 8,792 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित

'जहां भी रहें, कम से कम एक नौजवान को अपने जैसा बनाने का संकल्प लें' - CM सोरेन

रांची, 28 नवंबर 2025। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की दूरदर्शी सोच और कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने पर आज रांची के मोरहाबादी मैदान में एक भव्य राज्यस्तरीय समारोह आयोजित हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों में चयनित 8,792 नव नियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपकर उनके चेहरे पर खुशी ला दी।

युवाओं से मुख्यमंत्री का आह्वान

नियुक्ति पत्र सौंपने के बाद मुख्यमंत्री ने नव नियुक्त कर्मियों से भावुक अपील की:

"आज आपके भविष्य के साथ एक नया अध्याय जुड़ रहा है। आप सरकार के अभिन्न अंग के रूप में अपनी सेवा देंगे। आप जहां भी रहें, वहां कम से कम एक नौजवान को अपने जैसा बनाने का संकल्प लें।"

उन्होंने विश्वास जताया कि इस कार्य से राज्य की तस्वीर निश्चित तौर पर बदल जाएगी और आज जिन्हें नियुक्ति पत्र मिला है, उससे कम से कम 50 हज़ार लोगों का भरोसा मजबूत हुआ है।

मन उदास, संकल्प मजबूत

श्रद्धांजलि: मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आज अपने दूसरे कार्यकाल की पहली वर्षगांठ मना रही है, लेकिन दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी की अनुपस्थिति से मन उदास है। उन्होंने महान सुधारक ज्योतिबा फुले को उनकी पुण्यतिथि पर नमन किया।

नियुक्तियों का संकल्प: उन्होंने कहा कि सरकार ने इस वर्ष 16 हज़ार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी और 8 हज़ार लोगों को गैर-सरकारी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराया है। उन्होंने नियुक्तियों में पूरी शिद्दत, ईमानदारी और पारदर्शिता बरतने का दावा किया।

सामाजिक संवेदनशीलता: सीएम सोरेन ने जोर दिया कि सरकार राज्य के हर वर्ग और तबके (आदिवासी, दलित, पिछड़ा, महिला, नौजवान, दिव्यांग) के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है।

महिला सशक्तिकरण का प्रभाव

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री मईंया सम्मान योजना के व्यापक प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा कि आज महिलाएं इस योजना से जुड़कर स्वावलंबी बन रही हैं। उन्होंने बताया कि:

सहायक आचार्य की नियुक्ति में 40 प्रतिशत महिलाएं चुनकर आईं हैं।

जेपीएससी सिविल सेवा में भी 30 प्रतिशत महिलाएं चयनित हुई हैं।

इन पदों के लिए मिले नियुक्ति पत्र (कुल 8,792)

पद का नाम संख्या

सहायक आचार्य 8,291

उप समाहर्ता (JPSC) 197

पुलिस उपाधीक्षक (JPSC) 35

राज्य कर पदाधिकारी (JPSC) 55

कीटपालक 150

दंत चिकित्सक 22

श्रम अधीक्षक (JPSC) 14

सहायक निबंधक (JPSC) 8

झारखंड शिक्षा सेवा श्रेणी-2 (JPSC) 8

प्रोबेशन पदाधिकारी (JPSC) 6

उत्पाद निरीक्षक (JPSC) 3

काराधीक्षक (JPSC) 2

जिला समादेष्टा (JPSC) 1

अनुकंपा के आधार पर (शहीद पुलिसकर्मियों के परिजन) 84

कुल अभ्यर्थी 8,792

समारोह में मंत्री, विधायक, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह सहित कई वरीय अधिकारी मौजूद थे।