भाजपा प्रदेश मुख्यालय में ध्वजारोहण, तिरंगे के सम्मान और राष्ट्र निर्माण का लिया संकल्प

लखनऊ। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में शनिवार को ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रदेश उपाध्यक्ष ब्रजबहादुर और प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने राष्ट्रध्वज फहराया। इसके बाद पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सामूहिक राष्ट्रगान किया तथा देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का संचालन मुख्यालय प्रभारी गोविन्द नारायण शुक्ल ने किया।
प्रदेश उपाध्यक्ष ब्रजबहादुर ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिवस देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाए रखने के संकल्प का अवसर है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों और असंख्य ज्ञात-अज्ञात वीरों के त्याग और संघर्ष के कारण देश को आजादी मिली। उन्होंने सभी अमर बलिदानियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उन्हें नमन किया।
प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने कहा कि तिरंगा भारत की आन, बान और शान के साथ देश के सम्मान, स्वाभिमान, गौरव और राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक है। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हर नागरिक को राष्ट्र की एकता, अखंडता और प्रगति के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लेना चाहिए।

धर्मपाल सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तीकरण को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में सुरक्षा एवं सुशासन का वातावरण मजबूत हुआ है। भारत अपनी बढ़ती आर्थिक और सामरिक क्षमता के साथ वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि आज भारत विकास, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण की दिशा में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। स्वतंत्रता दिवस हमें उन वीर स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग की याद दिलाता है, जिनके बलिदान से देश को स्वतंत्रता मिली। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और प्रदेशवासियों से देश तथा प्रदेश की प्रगति में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
धर्मपाल सिंह ने कहा कि तिरंगे की गरिमा बनाए रखना प्रत्येक भारतीय का दायित्व है। उन्होंने एकता, अखंडता और राष्ट्र की प्रगति के लिए निरंतर समर्पित रहने का संकल्प लेने की अपील की।

कार्यक्रम में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी, प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश सिंह एवं अर्चना मिश्रा, प्रदेश मंत्री शिव भूषण सिंह, अवधेश श्रीवास्तव, रजनी पाण्डेय और राहुल वाल्मीकि, राज्यसभा सदस्य अमर पाल मौर्य, संगीता यादव, एमएलसी अनूप गुप्ता, मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह, प्रदेश मीडिया सहप्रभारी हिमांशु दुबे, प्रदेश प्रवक्ता हरिश्चंद्र श्रीवास्तव एवं आलोक अवस्थी, मीडिया पैनलिस्ट ओपी सिंह, प्रदेश कार्यालय मंत्री भारत दीक्षित, सह-मंत्री अतुल अवस्थी, चौधरी लक्ष्मण सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी, प्रदेश अध्यक्ष अल्पसंख्यक मोर्चा कुंवर वासित अली, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अनुसूचित जनजाति मोर्चा संजय गौंड सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
स्वतंत्रता दिवस पर PAC मुख्यालय में ध्वजारोहण, उत्कृष्ट सेवा के लिए पुलिसकर्मी सम्मानित

लखनऊ। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अति उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्मानित डीजी पीएसी श्री आलोक सिंह ने पीएसी मुख्यालय में ध्वजारोहण किया। इसके बाद उन्होंने उत्कृष्ट एवं सराहनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किए गए अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी।

समारोह में मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस, उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिन्ह, सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह तथा डीजी कमेंडेशन डिस्क गोल्ड एवं सिल्वर से सम्मानित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। डीजी पीएसी ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मेडल पहनाकर तथा स्क्रॉल प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।

स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग को किया नमन

अपने संबोधन में डीजी पीएसी आलोक सिंह ने स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने देश की आजादी के लिए संघर्ष करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग, बलिदान और समर्पण को याद करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।उन्होंने कहा कि राष्ट्रीयता, कर्तव्यनिष्ठा और टीम भावना के साथ कार्य करते हुए शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पीएसी की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने पुलिस बल के प्रत्येक सदस्य से अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया।

महिला वाहिनियों और कल्याणकारी प्रयासों की सराहना

डीजी पीएसी ने महिला वाहिनियों के गठन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए पारदर्शितापूर्वक किए जा रहे विभिन्न प्रयासों को भी महत्वपूर्ण बताया।उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संगठन की गरिमा बनाए रखने और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्ध रहने की अपील की।

सोशल मीडिया पॉलिसी का पालन करने की अपील

श्री आलोक सिंह ने पुलिसकर्मियों को सोशल मीडिया पॉलिसी का अनिवार्य रूप से पालन करने की सलाह दी। उन्होंने भ्रामक नरेटिव और गलत सूचनाओं से सतर्क रहने का आह्वान करते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जिम्मेदारी के साथ सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम में डीआईजी ‘पी’ एवं मुख्यालय सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। समारोह के दौरान पुलिसकर्मियों ने राष्ट्र की सुरक्षा, शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
यूपी 112 मुख्यालय में धूमधाम से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस, 701 पुलिसकर्मी सम्मानित


- बेहतर रिस्पांस टाइम और सराहनीय कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को मिले प्रशस्ति पत्र, डीजी ने अत्याधुनिक तकनीक से त्वरित पुलिस सहायता पर दिया जोर

लखनऊ। स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर यूपी 112 मुख्यालय में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक, यूपी 112 श्री विनोद कुमार सिंह के आगमन के बाद समारोह का शुभारंभ राष्ट्रगीत से हुआ। इसके बाद ध्वजारोहण किया गया और राष्ट्रगान हुआ।
समारोह के दौरान भारत सरकार, राज्य सरकार, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश की ओर से प्रदान किए जाने वाले विभिन्न पदकों एवं प्रशस्ति पत्रों का वितरण किया गया। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक यूपी 112 ने अपने संबोधन में पुलिसकर्मियों को आत्मचिंतन के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करने के लिए प्रेरित किया।

- त्वरित पुलिस सहायता के लिए तकनीक के इस्तेमाल पर जोर

डीजी यूपी 112 ने आमजन को त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने में अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यूपी 112 की व्यवस्था का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक कम से कम समय में पुलिस सहायता पहुंचाना है। इसके लिए बेहतर रिस्पांस टाइम और तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल को महत्वपूर्ण बताया गया।

- बेहतर रिस्पांस टाइम वाले पुलिसकर्मी सम्मानित
समारोह में प्रदेश के प्रत्येक जनपद में संचालित पीआरवी में से बेहतर रिस्पांस टाइम के आधार पर चयनित एक-एक पीआरवी पर तैनात पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इसके अलावा 10 आरओआईपी कर्मियों और प्रभारी निरीक्षक को भी सम्मानित किया गया।
बेहतर रिस्पांस टाइम और सराहनीय कार्य करने वाले 701 पुलिसकर्मियों को पुलिस महानिदेशक यूपी 112 की ओर से प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इन प्रशस्ति पत्रों को संबंधित जनपदों में पुलिस आयुक्त एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों द्वारा पुलिसकर्मियों को वितरित किया गया।

- रंगोली और मेहंदी प्रतियोगिता का भी आयोजन
स्वतंत्रता दिवस समारोह के तहत यूपी 112 मुख्यालय में विभिन्न सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। इनमें रंगोली प्रतियोगिता, मेहंदी प्रतियोगिता और पारंपरिक वेशभूषा प्रतियोगिता शामिल रहीं। प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
प्रतियोगिताओं में सफल प्रतिभागियों को श्रीमती पुनीता सिंह, पत्नी श्री विनोद कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक यूपी 112 द्वारा पुरस्कार प्रदान किए गए।

- पूर्व अधिकारी भी समारोह में हुए शामिल
यूपी 112 मुख्यालय में तैनात रह चुके पूर्व अधिकारी श्री ब्रजेश सिंह, आईपीएस (पुलिस अधीक्षक, सेवानिवृत्त) भी विशेष अतिथि के रूप में समारोह में शामिल हुए। उनकी मौजूदगी ने कार्यक्रम को और गरिमापूर्ण बना दिया।
समारोह के दौरान पुलिसकर्मियों ने देश के प्रति समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और आमजन की सुरक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यूपी 112 मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह ने पुलिस सेवा में उत्कृष्ट कार्य, तकनीक आधारित त्वरित सहायता और जनसेवा की भावना को प्रमुखता से रेखांकित किया।
युवाओं के नजरिए से सामने आएगी यूपी की विकास यात्रा

-  सूचना निदेशक विशाल सिंह बोले- सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी

-  प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट लेखन करने वाले 11 लेखक सम्मानित

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पिछले साढ़े नौ वर्षों में हुए विकास और बदलाव को अब युवा पीढ़ी के नजरिए से भी सामने लाने की तैयारी है। सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की मासिक पत्रिका ‘उत्तर प्रदेश संदेश’ को हिंदी के साथ अंग्रेजी में प्रकाशित करने और इसे युवाओं की रुचि के अनुरूप ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।
सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के निदेशक विशाल सिंह ने शुक्रवार को सूचना निदेशालय में आयोजित उत्कृष्ट लेखन सम्मान समारोह में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भविष्य जेन जी और युवाओं का है, इसलिए सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और प्रदेश में हो रहे बदलावों को उनके नजरिए से देखने और उन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की आवश्यकता है।

-  सकारात्मक और तथ्यपरक लेखन की महत्वपूर्ण भूमिका
विशाल सिंह ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में व्यापक बदलाव आया है। सरकार की योजनाओं और उनके परिणामों की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना विभाग की जिम्मेदारी है। इसमें लेखकों और बुद्धिजीवियों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि सकारात्मक और तथ्यपरक लेखन केवल योजनाओं की जानकारी लोगों तक नहीं पहुंचाता, बल्कि समाज को नई दिशा में सोचने के लिए भी प्रेरित करता है। नई पीढ़ी को यह बताना भी जरूरी है कि आज प्रदेश जिन उपलब्धियों तक पहुंचा है, उनके पीछे लंबे प्रयास और संघर्ष की कहानी रही है।

-  यूथ के ‘लेंस’ से देखना होगा विकास
सूचना निदेशक ने कहा कि समाज और संचार के माध्यम तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में जेन जी और जेन अल्फा को ध्यान में रखते हुए सूचनाओं को प्रस्तुत करने के तरीकों में भी बदलाव जरूरी है। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे विकास और बदलाव को युवाओं के ‘लेंस’ से देखने तथा उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप विषयों को प्रस्तुत करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि ‘उत्तर प्रदेश संदेश’ को भी युवा पाठकों से अधिक प्रभावी ढंग से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। पत्रिका को ऑनलाइन माध्यम पर उनकी जरूरतों और रुचियों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तुत करने की दिशा में काम होगा।

-  अंग्रेजी में भी प्रकाशित होंगे लेख
विशाल सिंह ने बताया कि वर्तमान में ‘उत्तर प्रदेश संदेश’ हिंदी में प्रकाशित हो रही है। भविष्य में पत्रिका में अंग्रेजी के लेख भी प्रकाशित करने की दिशा में काम किया जाएगा। इससे प्रदेश के विकास और सरकार की उपलब्धियों से संबंधित सामग्री को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में हो रहे बदलाव को नई पीढ़ी की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रस्तुत करने पर भी जोर दिया।

-  11 लेखकों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम में ‘उत्तर प्रदेश संदेश’ के अप्रैल-मई और जून-जुलाई अंकों में उत्कृष्ट लेखन करने वाले 11 लेखकों को सम्मानित किया गया। उन्हें पुष्पगुच्छ, प्रमाणपत्र और अंगवस्त्र प्रदान किए गए।
अप्रैल-मई अंक में सुरक्षा एवं सुशासन सेक्टर में उत्कृष्ट लेखन के लिए प्रद्युम्न तिवारी (लखनऊ), समाज कल्याण में पायल लक्ष्मी सोनी (लखनऊ) और डॉ. शिवानी कटारा (हाथरस), शिक्षा में ऋचा सिंह (गोरखपुर), कृषि में यशोदा श्रीवास्तव (सिद्धार्थनगर) तथा अवस्थापना एवं संबद्ध सेक्टर में सियाराम पांडेय ‘शांत’ (लखनऊ) को सम्मानित किया गया।
जून-जुलाई अंक में संतुलित विकास सेक्टर में डॉ. सौरभ मालवीय (देवरिया), कृषि एवं संबद्ध सेक्टर में वीरेंद्र पाठक (प्रयागराज), नगर एवं ग्राम्य विकास में रुद्रेश घिल्डियाल (लखनऊ), पर्यटन में रवि प्रकाश (महाराजगंज) और शिक्षा सेक्टर में डॉ. सोनाली शुभम् (आगरा) को सम्मान प्रदान किया गया।

-  सम्मान से मिलता है नया करने का उत्साह
विशाल सिंह ने कहा कि सम्मान करना भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है। किसी लेखक को उसके कार्य के लिए सम्मान मिलने से उसका मनोबल बढ़ता है और उसे कुछ नया करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने सम्मानित लेखकों के पत्रकारिता, लेखन और समाज सेवा के क्षेत्र में योगदान की सराहना की।
उन्होंने कहा कि सम्मान भले ही लेखकों के उत्कृष्ट कार्य की तुलना में छोटा हो, लेकिन इसके पीछे विभाग की भावनाएं बड़ी हैं। लेखकों को सम्मानित करने की यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

-  लेखकों से ‘उत्तर प्रदेश संदेश’ से जुड़ने का आह्वान
सूचना निदेशक ने प्रदेशभर के विद्वानों और लेखकों से ‘उत्तर प्रदेश संदेश’ से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास, सरकार की योजनाओं और समाज में हो रहे सकारात्मक बदलावों पर लेखक अपने अनुभव, विचार और बौद्धिक योगदान के माध्यम से पत्रिका को और समृद्ध करें।
कार्यक्रम में अपर निदेशक अरविन्द कुमार मिश्र, वरिष्ठ वित्त एवं लेखाधिकारी संजय कुमार सिंह, सहायक निदेशक सतीश चन्द्र भारती, चन्द्र मोहन, डॉ. जितेन्द्र प्रताप सिंह, चन्द्र विजय वर्मा, अमित कुमार यादव, सहयुक्त संपादक अजय कुमार द्विवेदी, उप संपादक दिनेश कुमार गुप्ता सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बी-पैक्स की ब्याजमुक्त कैश क्रेडिट सीमा बढ़कर ₹15 लाख

- मुख्यमंत्री की घोषणा को मिली रफ्तार, किसानों को बड़ी राहत; उर्वरक कारोबार के लिए कार्यशील पूंजी बढ़ेगी

लखनऊ। किसानों और सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने बी-पैक्स (प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों) के लिए बड़ा फैसला लागू करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। अब बी-पैक्स को उर्वरक व्यवसाय के लिए मिलने वाली ब्याजमुक्त कैश क्रेडिट ऋण सीमा ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹15 लाख कर दी गई है। सहकारिता विभाग ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर आवश्यक प्रक्रिया और पात्रता निर्धारित कर दी है।
सरकार के मुताबिक यह निर्णय देश में अपनी तरह की पहली पहल है, जिसमें बी-पैक्स को ₹15 लाख तक की ब्याजमुक्त कैश क्रेडिट ऋण सीमा उपलब्ध कराई गई है। यह कदम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 21 मार्च 2025 को उत्तर प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक की 61वीं वार्षिक सामान्य निकाय की बैठक में की गई घोषणा के अनुपालन में उठाया गया है।

-  उर्वरक की उपलब्धता में होगी आसानी
सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जे.पी.एस. राठौर ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सरकार के मार्गदर्शन में प्रदेश का सहकारिता क्षेत्र लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने कहा कि ब्याजमुक्त कैश क्रेडिट सीमा बढ़ने से बी-पैक्स की कार्यशील पूंजी में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
इससे समितियों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध रखने में मदद मिलेगी और किसानों को ग्रामीण स्तर पर समय से उर्वरक उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत होगी। साथ ही बी-पैक्स की आर्थिक क्षमता बढ़ने से किसानों को विभिन्न सहकारी और जनोपयोगी सेवाएं उपलब्ध कराने की क्षमता भी बढ़ेगी।

-  बी-पैक्स ने किया ₹7 हजार करोड़ का कारोबार
जे.पी.एस. राठौर ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में प्रदेश की बी-पैक्स समितियों ने करीब ₹7 हजार करोड़ का कारोबार किया है और इससे ₹176 करोड़ का मुनाफा अर्जित किया गया है। उन्होंने कहा कि ब्याजमुक्त ऋण सीमा बढ़ने से समितियों के कारोबार को और गति मिलने की उम्मीद है।
सहकारिता विभाग के इस कदम से बी-पैक्स को आर्थिक रूप से अधिक सक्षम और सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारी संस्थाओं के माध्यम से किसानों को मिलने वाली सुविधाओं का दायरा बढ़ेगा।
सरकार के अनुसार, बी-पैक्स की वित्तीय क्षमता बढ़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती, किसानों की आय में वृद्धि और उनके आर्थिक सशक्तीकरण को गति मिलेगी। उत्तर प्रदेश की इस पहल की केंद्र सरकार द्वारा भी सराहना की गई है और अन्य राज्यों द्वारा इसका अनुकरण किए जाने की संभावना जताई गई है।
प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के लिए 24 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन
-  14 अगस्त से खुला विभागीय पोर्टल, छह परियोजनाओं के लिए पात्र लाभार्थी कर सकेंगे आवेदन

लखनऊ। प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY) के तहत विभिन्न परियोजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रदेश के पात्र लाभार्थी 14 से 24 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। मत्स्य विकास मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने बताया कि भारत सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21 से संचालित इस योजना की अवधि सितंबर 2026 तक बढ़ाई गई है। योजना के अवशेष लक्ष्यों के सापेक्ष पात्र लाभार्थियों को लाभ देने के लिए विभागीय पोर्टल को निर्धारित अवधि में आवेदन के लिए खोला गया है।
इच्छुक आवेदक विभागीय पोर्टल fisheries.up.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। परियोजनाओं का विवरण, इकाई लागत, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक अभिलेखों से संबंधित जानकारी भी पोर्टल पर उपलब्ध है।

-  छह परियोजनाओं के लिए मिलेंगे अवसर
मत्स्य मंत्री ने बताया कि योजना के तहत इस चरण में छह परियोजनाओं के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इनमें—

- बड़े क्षेत्र में तालाब निर्माण एवं निवेश: 33.93 हेक्टेयर — सामान्य, महिला एवं अनुसूचित जाति वर्ग।
- मध्य आकार की आरएएस (RAS) यूनिट: 3 यूनिट — सामान्य वर्ग।
- रियरिंग यूनिट का निर्माण: 22.667 हेक्टेयर — महिला एवं अनुसूचित जाति वर्ग।

बैकयार्ड आरएएस: 241 यूनिट — महिला वर्ग।

- जलाशयों में मत्स्य अंगुलिका संचय: 65,000 अंगुलिकाएं — सामान्य, महिला एवं अनुसूचित जाति वर्ग।
- पारंपरिक मछुआरा परिवारों के लिए आजीविका एवं पोषण संबंधी सहायता: 500 यूनिट।

-  मत्स्य पालकों की आय बढ़ाने पर जोर
डॉ. संजय कुमार निषाद ने कहा कि प्रदेश में उपलब्ध जल संसाधनों का वैज्ञानिक एवं तकनीकी तरीके से बेहतर उपयोग कर मत्स्य उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने पर सरकार का विशेष जोर है। प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के माध्यम से मत्स्य पालकों की आय बढ़ाने, पारंपरिक मछुआरा परिवारों की आजीविका मजबूत करने और आधुनिक तकनीक आधारित मत्स्य पालन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से मत्स्य क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

-  सभी जिलों में होगा प्रचार-प्रसार
मत्स्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आवेदन अवधि के दौरान सभी जनपदों में योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थी इसका लाभ उठा सकें। जिला स्तर पर मत्स्य पालकों और अन्य पात्र आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया की जानकारी तथा आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों की जांच और परियोजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही लाभार्थियों को परियोजनाओं के संचालन के दौरान आवश्यक तकनीकी एवं विभागीय मार्गदर्शन उपलब्ध कराने को कहा, ताकि योजना के निर्धारित उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से हासिल किया जा सके।
कार्यक्रम में विशेष सचिव सुनील वर्मा, महानिदेशक मत्स्य धनलक्ष्मी के. सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
पनीर में मिलावट के खिलाफ बड़ा अभियान, 25 इकाइयों पर कार्रवाई

-  गाजियाबाद, मथुरा और सहारनपुर में 24 विशेष टीमों की छापेमारी; 72 नमूने लिए गए

-  करीब ₹10 लाख कीमत की 7,686 किलो खाद्य सामग्री नष्ट, 2,131 किलो सामग्री व अपमिश्रक जब्त

-  गंभीर अनियमितताओं पर छह एफआईआर, पनीर में औद्योगिक रसायन और खाद्य तेल के इस्तेमाल के मामले सामने आए

लखनऊ। प्रदेश में पनीर और अन्य दुग्ध उत्पादों में मिलावट के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बड़े स्तर पर विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया। अभियान के तहत गाजियाबाद, मथुरा और सहारनपुर में 24 विशेष टीमों ने दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थ निर्माण इकाइयों पर आकस्मिक छापेमारी की। इस दौरान 25 विनिर्माण इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जबकि तीन इकाइयां नॉन-ऑपरेशनल मिलीं।

अभियान के दौरान पनीर निर्माण में औद्योगिक प्रयोग के रसायनों तथा पामोलिन ऑयल/रिफाइंड वेजिटेबल ऑयल के इस्तेमाल के मामले सामने आए। इसके अलावा कई स्थानों पर खाद्य पदार्थों का निर्माण अस्वास्थ्यकर एवं अस्वच्छ परिस्थितियों में होता मिला। विभागीय टीमों ने मौके पर कार्रवाई करते हुए संदिग्ध खाद्य सामग्री को नष्ट और जब्त कराया।
विशेष अभियान के दौरान टीमों ने कुल 72 खाद्य नमूने एकत्र किए। सभी नमूनों को आवश्यक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला जांच की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित इकाइयों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में तैयार की गई बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट कराया गया। विभाग के अनुसार कुल 7,686 किलोग्राम खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये है।

इसके अतिरिक्त 2,131 किलोग्राम खाद्य सामग्री एवं अपमिश्रक जब्त किए गए। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 4.75 लाख रुपये बताई गई है। इस तरह अभियान में कुल 9,817 किलोग्राम खाद्य सामग्री एवं अपमिश्रकों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

-  पनीर निर्माण में रसायन और खाद्य तेल के इस्तेमाल पर सख्ती
टीमों ने पनीर निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल, निर्माण प्रक्रिया और इकाइयों में स्वच्छता व्यवस्था की जांच की। इस दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में पनीर निर्माण के लिए औद्योगिक प्रयोग के रसायनों और पामोलिन ऑयल/रिफाइंड वेजिटेबल ऑयल के इस्तेमाल के मामले सामने आए।

विभाग ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित इकाइयों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की तथा संदिग्ध सामग्री को जब्त या नष्ट कराया।

-  गंभीर मामलों में छह एफआईआर
अभियान के दौरान गंभीर अनियमितताओं के मामलों में कुल छह एफआईआर दर्ज कराई गईं। इनमें पनीर निर्माण में औद्योगिक रसायनों और पामोलिन ऑयल/रिफाइंड वेजिटेबल ऑयल के इस्तेमाल तथा अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में खाद्य पदार्थ तैयार करने से संबंधित पांच मामले शामिल हैं।
इसके अलावा सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में भी एक एफआईआर दर्ज कराई गई। विभागीय विवरण के अनुसार गाजियाबाद में तीन और मथुरा में दो प्रकरणों में एफआईआर दर्ज हुई, जबकि सहारनपुर में भी प्रवर्तन कार्रवाई की गई।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर लगातार निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई कर रहा है। विशेष रूप से व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाले पनीर में मिलावट और अस्वच्छ निर्माण पर विभाग की टीमें नजर रख रही हैं।
विभाग का कहना है कि अभियान का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और हितों की रक्षा करना है। अभियान के दौरान लिए गए नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विभाजन की त्रासदी की स्मृति में सीएम योगी ने निकाली मौन पदयात्रा

-  सरदार पटेल प्रतिमा से लोकभवन तक पैदल चले मुख्यमंत्री, विभाजन में जान गंवाने वालों को दी श्रद्धांजलि


-  प्रदर्शनी का अवलोकन कर विस्थापित परिवारों से मिले, सुने बंटवारे के दर्दनाक अनुभव


लखनऊ। भारत विभाजन की त्रासदी को स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में मौन पदयात्रा निकाली। मुख्यमंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा से लोकभवन तक करीब आधा किलोमीटर पैदल चलकर विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मौन पदयात्रा के बाद मुख्यमंत्री ने लोकभवन में विभाजन की त्रासदी पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विभाजन के दौरान हुए विस्थापन, पीड़ा और संघर्ष को दर्शाने वाली सामग्री को देखा। इस दौरान उन्होंने शॉर्ट फिल्म के माध्यम से भी विभाजन की त्रासदी को याद किया।

-  लाइव पेंटिंग के जरिए उकेरी गई विभाजन की पीड़ा
लोकभवन परिसर में कलाकारों द्वारा बनाई जा रही लाइव पेंटिंग का भी मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया। चित्रों के माध्यम से विभाजन के दौरान लोगों के विस्थापन और उनके संघर्ष को अभिव्यक्त किया गया।
मुख्यमंत्री ने विभाजन के समय भारत आए विस्थापित परिवारों के सदस्यों से मुलाकात भी की। परिवारों ने उस दौर की अपनी पीड़ादायक स्मृतियां और अनुभव मुख्यमंत्री के साथ साझा किए।

-  बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल
मौन पदयात्रा में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक समेत भाजपा के पदाधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और अन्य लोग शामिल हुए। पदयात्रा के माध्यम से विभाजन के दौरान अपनी जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देने के साथ उनकी पीड़ा और संघर्ष को स्मरण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विभाजन की त्रासदी से जुड़े इतिहास और उससे प्रभावित परिवारों की स्मृतियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश भी दिया गया।
हल्द्वानी मंच शुद्धिकरण मामले पर मायावती सख्त

-  खरगे के भाषण के बाद मंच के शुद्धिकरण को बताया ‘अति निंदनीय’, जातिवादी तत्वों पर कार्रवाई की मांग


-  मायावती बोलीं- उत्तराखंड सरकार ऐसे लोगों को जेल भेजे, संघ प्रमुख को भी करना चाहिए विचार


लखनऊ। हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के भाषण के बाद कथित तौर पर मंच के शुद्धिकरण किए जाने के मामले को लेकर बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना को अति निंदनीय और चिंतनीय बताते हुए उत्तराखंड सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मायावती ने कहा कि दलित नेता के भाषण के बाद मंच का शुद्धिकरण किया जाना बेहद आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा कि जातिवादी मानसिकता रखने वाले ऐसे तत्वों के खिलाफ सरकार को कठोर कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजना चाहिए।
उन्होंने उत्तराखंड सरकार से मामले में गंभीरता से कार्रवाई करने की मांग करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं सामाजिक समरसता और भाईचारे के लिए चिंताजनक हैं।

-  संघ प्रमुख से भी सोचने की अपील
बसपा प्रमुख ने कहा कि ऐसे मामलों पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख को भी विचार करना चाहिए और समाज में जातिगत भेदभाव को बढ़ावा देने वाली मानसिकता के खिलाफ स्पष्ट संदेश जाना चाहिए।
मायावती ने इसके साथ ही शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर हमले की घटना को भी चिंतनीय बताया और ऐसी घटनाओं की निंदा की।
राज्यपाल की टिप्पणी के बाद मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति ने दिया इस्तीफा

-  कार्यकाल पूरा होने से करीब 10 माह पहले छोड़ा पद, प्रो. अखिलेश कुमार सिंह को मिला अतिरिक्त प्रभार

प्रयागराज/ लखनऊ। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत्यकाम ने अपने कार्यकाल की समाप्ति से करीब 10 महीने पहले पद से इस्तीफा दे दिया है। कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उनका इस्तीफा स्वीकार करते हुए प्रो. राजेंद्र सिंह ‘रज्जू भैया’ राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह को मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है।
सूत्रों के अनुसार, 17 जुलाई को आयोजित विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई थी। उन्होंने मंच से प्रो. सत्यकाम को राजभवन बुलाने की बात भी कही थी। इसके बाद से ही उनके इस्तीफे को राज्यपाल की टिप्पणी से जोड़कर देखा जा रहा है।
हालांकि, प्रो. सत्यकाम के इस्तीफे का आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं किया गया है। ऐसे में राज्यपाल की टिप्पणी से आहत होकर इस्तीफा देने की चर्चा फिलहाल सूत्रों के हवाले से ही है।
प्रो. सत्यकाम को 5 जून 2024 को उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया था। कार्यकाल पूरा होने से पहले उनके इस्तीफे के बाद अब प्रो. अखिलेश कुमार सिंह को विश्वविद्यालय के प्रशासनिक संचालन की जिम्मेदारी दी गई है।