थाईलैंड के स्कूल में फायरिंग, छात्र ने शिक्षकों और साथी स्टूडेंट पर बरसाई गोलियां, 7 की मौत

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थाईलैंड के एक स्कूल में शुक्रवार को गोलीबारी हुई। जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई है। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के पास एक छात्र ने स्कूल में गोलीबारी की। गोलीबारी की घटना में सात लोगों की मौत हुई है। मरने वालों में तीन शिक्षक और तीन छात्र हैं। हमले का आरोपी भी मारा गया है। फायरिंग की इस घटना में 20 से 30 लोग घायल हुए हैं। एक स्कूल में गोलीबारी ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बैंकॉक के उत्तर में नोंथबुरी प्रांत के बंग क्रुई जिले में व्यस्त हाईवे पर स्थित देबसिरिन नोंथबुरी स्कूल में फायरिंग हुई। रॉयटर्स के अनुसार, शिक्षा मंत्री प्रसर्ट जंतारारुआंगटोंग ने बताया कि शुक्रवार को थाईलैंड के स्कूल में हुई गोलीबारी में 7 लोगों की मौत हो गई, जिनमें शिक्षक और छात्र शामिल थे। मंत्री ने यह साफ नहीं किया कि मरने वाले चार लोगों में वह बंदूकधारी भी शामिल था या नहीं, जिसके बारे में पुलिस का कहना है कि उसने खुदकुशी कर ली थी।

प्रधानमंत्री ने शोक व्यक्त किया

प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने शोक व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पीड़ितों की देखभाल करने का आदेश दिया है। गोलीबारी के लगभग एक घंटे बाद घटनास्थल से मिली तस्वीरों में लोग स्कूल के बाहर खड़े होकर एक-दूसरे को सांत्वना देते हुए दिखाई दे रहे थे।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

थाईलैंड में गन कानून सख्त माने जाते हैं। अवैध हथियार रखने पर 10 साल तक की सजा हो सकती है। इसके बावजूद देश में इस तरह के हालात पैदा होते रहे हैं। फरवरी में दक्षिणी थाईलैंड के हात याई जिले में एक स्कूल में गोलीबारी में एक शिक्षक की मौत हुई थी और एक छात्र घायल हुआ था। अक्टूबर 2022 में नोंग बुआ लामफू प्रांत में एक पूर्व पुलिस अधिकारी ने बंदूक और चाकू से हमला कर दर्जनों लोगों, जिनमें बच्चे भी शामिल थे, की हत्या कर दी थी।

कॉर्पोरेट से चंदे में डीएमके सबसे आगे, दो वर्षों में क्षेत्रीय दलों को मिले 1,399 करोड़ रुपये: ADR


नई दिल्ली। देश के क्षेत्रीय राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे में कॉर्पोरेट क्षेत्र की बड़ी भूमिका सामने आई है। चुनावी और राजनीतिक वित्तपोषण पर काम करने वाली संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान क्षेत्रीय दलों को 20 हजार रुपये से अधिक के दान के रूप में कुल 1,399.249 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।

रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में सबसे अधिक चंदा द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) को मिला। पार्टी को विभिन्न स्रोतों से 365.784 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई। इसके बाद ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) दूसरे स्थान पर रही, जिसे 184.96 करोड़ रुपये का योगदान मिला।
चंदा प्राप्त करने वाले प्रमुख क्षेत्रीय दलों में वाईएसआर कांग्रेस, तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) और अन्नाद्रमुक (AIADMK) भी शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इन दलों को प्राप्त अधिकांश दान कॉर्पोरेट और व्यावसायिक संस्थानों से मिला।
एडीआर के विश्लेषण में बताया गया है कि डीएमके को वर्ष 2023-24 में 344.222 करोड़ रुपये का दान मिला था, जो 2024-25 में बढ़कर 365.784 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, तृणमूल कांग्रेस का चंदा 178.536 करोड़ रुपये से बढ़कर 184.96 करोड़ रुपये पहुंच गया।
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024-25 में सबसे अधिक चंदा पाने वाले पांच क्षेत्रीय दल—डीएमके, तृणमूल कांग्रेस, वाईएसआर कांग्रेस, टीडीपी और अन्नाद्रमुक—को संयुक्त रूप से 840.1264 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। यह उस वर्ष क्षेत्रीय दलों को मिले कुल दान का लगभग 79.9 प्रतिशत है, जिससे स्पष्ट होता है कि राजनीतिक फंडिंग का बड़ा हिस्सा सीमित संख्या के दलों के पास केंद्रित रहा।
एडीआर ने यह विश्लेषण भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर तैयार किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान क्षेत्रीय राजनीतिक दलों ने 20 हजार रुपये से अधिक के कुल 8,158 दान की जानकारी निर्वाचन आयोग को उपलब्ध कराई।
’शुगर-फ्री' पर बढ़ी चिंता: आर्टिफिशियल स्वीटनर के स्वास्थ्य जोखिमों पर दिल्ली हाईकोर्ट का नोटिस

-  कैंसर, हृदय रोग और मेटाबॉलिक बीमारियों के खतरे का दावा; पैकेट पर चेतावनी और स्वतंत्र वैज्ञानिक अध्ययन की मांग

नई दिल्ली। देश में डायबिटीज, मोटापे और फिटनेस को लेकर बढ़ती जागरूकता के बीच तेजी से बढ़ रहे 'शुगर-फ्री' और आर्टिफिशियल स्वीटनर के इस्तेमाल पर अब न्यायपालिका ने भी गंभीर चिंता जताई है। दिल्ली हाईकोर्ट ने कृत्रिम मिठास (Artificial Sweeteners) के संभावित स्वास्थ्य जोखिमों को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर केंद्र सरकार सहित संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि यह मामला सीधे तौर पर आम लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा है, इसलिए इस पर गंभीरता से विचार किया जाना आवश्यक है। याचिका में दावा किया गया है कि भारत में आर्टिफिशियल स्वीटनर के उपयोग और उसकी लेबलिंग को लेकर मौजूदा नियम पर्याप्त नहीं हैं। इसमें विभिन्न अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों का हवाला देते हुए कहा गया है कि लंबे समय तक इनका सेवन कई स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है। इनमें कैंसर, मेटाबॉलिक विकार, हृदय रोग, मस्तिष्क पर प्रतिकूल प्रभाव तथा आंतों के लाभकारी बैक्टीरिया में बदलाव जैसी संभावित समस्याएं शामिल हैं।

-  याचिका में प्रमुख मांगें
इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) की ओर से दायर याचिका में अदालत से मांग की गई है कि आर्टिफिशियल स्वीटनर वाले उत्पादों के पैकेट पर स्पष्ट और आसान भाषा में स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी अनिवार्य की जाए, ताकि उपभोक्ता पूरी जानकारी के आधार पर निर्णय ले सकें। आरआरइसके अलावा भारत की परिस्थितियों के अनुरूप स्वतंत्र वैज्ञानिक अध्ययन कराने और उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए आर्टिफिशियल स्वीटनर के नियमन को और सख्त बनाने की भी मांग की गई है।

-  WHO और IARC की रिपोर्टों का हवाला
याचिका में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ समितियों की रिपोर्टों का भी उल्लेख किया गया है। इनमें कृत्रिम मिठास के लंबे समय तक सेवन से जुड़े संभावित स्वास्थ्य प्रभावों पर चिंता व्यक्त करते हुए इस विषय पर और व्यापक वैज्ञानिक शोध की आवश्यकता बताई गई है।
हालांकि, यह ध्यान देने योग्य है कि फिलहाल अदालत ने केवल नोटिस जारी किया है और मामले पर अंतिम फैसला आना बाकी है। विशेषज्ञ भी सलाह देते हैं कि किसी भी खाद्य पदार्थ या स्वीटनर का सेवन संतुलित मात्रा में करें तथा आवश्यकता होने पर चिकित्सकीय सलाह लें।
छह दिन बाद फिर शुरू हुई अमरनाथ यात्रा, 6,269 श्रद्धालुओं का 18वां जत्था बालटाल के लिए रवाना
जम्मू। खराब मौसम के कारण लगातार छह दिनों तक स्थगित रही वार्षिक अमरनाथ यात्रा शनिवार को फिर से शुरू हो गई। अधिकारियों के अनुसार, 6,269 श्रद्धालुओं का 18वां जत्था जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से कश्मीर घाटी स्थित बालटाल आधार शिविर के लिए रवाना हुआ।
अधिकारियों ने बताया कि सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षा व्यवस्था के बीच 223 वाहनों के काफिले के साथ बालटाल यात्रा मार्ग के लिए रवाना किया गया। हालांकि, शनिवार को जम्मू से पारंपरिक पहलगाम यात्रा मार्ग के लिए कोई जत्था नहीं भेजा गया।
गौरतलब है कि लगातार खराब मौसम और सुरक्षा की दृष्टि से एहतियात बरतते हुए अमरनाथ यात्रा को छह दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया था। मौसम में सुधार के बाद प्रशासन ने यात्रा दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया। प्रशासन का कहना है कि आगे की यात्रा भी मौसम की स्थिति और सुरक्षा आकलन के आधार पर संचालित की जाएगी।
छह दिन बाद फिर शुरू हुई अमरनाथ यात्रा, 6,269 श्रद्धालुओं का 18वां जत्था बालटाल के लिए रवाना
जम्मू। खराब मौसम के कारण लगातार छह दिनों तक स्थगित रही वार्षिक अमरनाथ यात्रा शनिवार को फिर से शुरू हो गई। अधिकारियों के अनुसार, 6,269 श्रद्धालुओं का 18वां जत्था जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से कश्मीर घाटी स्थित बालटाल आधार शिविर के लिए रवाना हुआ।
अधिकारियों ने बताया कि सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षा व्यवस्था के बीच 223 वाहनों के काफिले के साथ बालटाल यात्रा मार्ग के लिए रवाना किया गया। हालांकि, शनिवार को जम्मू से पारंपरिक पहलगाम यात्रा मार्ग के लिए कोई जत्था नहीं भेजा गया।
गौरतलब है कि लगातार खराब मौसम और सुरक्षा की दृष्टि से एहतियात बरतते हुए अमरनाथ यात्रा को छह दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया था। मौसम में सुधार के बाद प्रशासन ने यात्रा दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया। प्रशासन का कहना है कि आगे की यात्रा भी मौसम की स्थिति और सुरक्षा आकलन के आधार पर संचालित की जाएगी।
छह दिन बाद फिर शुरू हुई अमरनाथ यात्रा, 6,269 श्रद्धालुओं का 18वां जत्था बालटाल के लिए रवाना
जम्मू। खराब मौसम के कारण लगातार छह दिनों तक स्थगित रही वार्षिक अमरनाथ यात्रा शनिवार को फिर से शुरू हो गई। अधिकारियों के अनुसार, 6,269 श्रद्धालुओं का 18वां जत्था जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से कश्मीर घाटी स्थित बालटाल आधार शिविर के लिए रवाना हुआ।
अधिकारियों ने बताया कि सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षा व्यवस्था के बीच 223 वाहनों के काफिले के साथ बालटाल यात्रा मार्ग के लिए रवाना किया गया। हालांकि, शनिवार को जम्मू से पारंपरिक पहलगाम यात्रा मार्ग के लिए कोई जत्था नहीं भेजा गया।
गौरतलब है कि लगातार खराब मौसम और सुरक्षा की दृष्टि से एहतियात बरतते हुए अमरनाथ यात्रा को छह दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया था। मौसम में सुधार के बाद प्रशासन ने यात्रा दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया। प्रशासन का कहना है कि आगे की यात्रा भी मौसम की स्थिति और सुरक्षा आकलन के आधार पर संचालित की जाएगी।
राजा रघुवंशी हत्याकांड : सुप्रीम कोर्ट से सोनम रघुवंशी को झटका, जमानत रद्द, फिर जाना होगा जेल

-  तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर का आदेश, छह माह में ट्रायल पूरा नहीं होने पर फिर कर सकेंगी जमानत की अर्जी

नई दिल्ली/ मध्य प्रदेश। इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने उनकी जमानत रद्द करते हुए उन्हें तीन सप्ताह के भीतर संबंधित अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने का निर्देश दिया है।
सोनम को मेघालय हाईकोर्ट से मिली जमानत के खिलाफ मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जमानत निरस्त कर दी।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों (Circumstantial Evidence) पर आधारित है और अभियोजन पक्ष के पास कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं है। हालांकि, अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया और जमानत रद्द करने का आदेश दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि यदि अगले छह माह के भीतर ट्रायल पूरा नहीं होता, तो सोनम रघुवंशी नए सिरे से जमानत के लिए आवेदन कर सकती हैं।
गौरतलब है कि इंदौर निवासी राजा रघुवंशी की हनीमून के दौरान मेघालय में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी पर हत्या की साजिश रचने का आरोप है। मामला फिलहाल ट्रायल कोर्ट में विचाराधीन है और अब जमानत रद्द होने के बाद सोनम को दोबारा जेल जाना होगा।
देश में अब भी 50 करोड़ लोगों की पहुंच से दूर पौष्टिक भोजन

-  यूएन रिपोर्ट: 2025 में 35.5% भारतीय पौष्टिक आहार खरीदने में असमर्थ; 2017 की तुलना में 32 करोड़ लोगों की स्थिति में सुधार


नई दिल्ली। देश में आर्थिक प्रगति और सरकारी योजनाओं के सकारात्मक प्रभाव के बावजूद आज भी करीब 50 करोड़ भारतीय ऐसे हैं, जो रोजाना पौष्टिक भोजन खरीदने में सक्षम नहीं हैं। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की वर्ष 2025 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत की 35.5 प्रतिशत आबादी (करीब 49.5 करोड़ लोग) पौष्टिक आहार खरीदने की क्षमता नहीं रखती।
रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2017 में यह संख्या लगभग 81 करोड़ थी। यानी पिछले आठ वर्षों में करीब 32 करोड़ लोग इस स्थिति से बाहर निकले हैं। इसके बावजूद बड़ी आबादी के कारण भारत अब भी उन देशों में शामिल है, जहां सबसे अधिक लोग पौष्टिक भोजन खरीदने में असमर्थ हैं।

-  दुनिया में भी करोड़ों लोग पोषण से वंचित
रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में 269 करोड़ लोग ऐसा भोजन खरीदने में सक्षम नहीं हैं, जिससे शरीर को आवश्यक पोषण मिल सके। हालांकि कुछ वर्ष पहले यह संख्या 313 करोड़ से अधिक थी, जिससे स्पष्ट है कि वैश्विक स्तर पर स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन समस्या अभी भी गंभीर बनी हुई है।

-  भारत की तुलना में चीन और मलेशिया बेहतर स्थिति में
रिपोर्ट के अनुसार, चीन में केवल 11 प्रतिशत लोग पौष्टिक आहार खरीदने में असमर्थ हैं, जबकि मलेशिया में यह आंकड़ा महज 1.4 प्रतिशत है। फिलीपींस में 45 प्रतिशत और इंडोनेशिया में 69 प्रतिशत आबादी पौष्टिक भोजन खरीदने में सक्षम नहीं है। अफ्रीका सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र है, जहां हर तीन में से दो लोग पौष्टिक आहार का खर्च नहीं उठा पाते। वहीं, पड़ोसी देश नेपाल की स्थिति भारत की तुलना में बेहतर बताई गई है।

-  महंगी होती पौष्टिक खाद्य सामग्री बनी बड़ी चुनौती
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल पेट भरने वाला भोजन पर्याप्त नहीं है। स्वस्थ जीवन के लिए थाली में फल, सब्जियां, दाल, दूध, अंडे और अन्य पोषक खाद्य पदार्थों का होना जरूरी है। लेकिन इनकी बढ़ती कीमतें आम लोगों की पहुंच से इन्हें दूर कर रही हैं।
पौष्टिक खाद्य पदार्थों की महंगाई के पीछे खेत से बाजार तक अधिक परिवहन लागत, कोल्ड स्टोरेज और भंडारण सुविधाओं की कमी, रास्ते में फल-सब्जियों का खराब होना, डीजल, बिजली और मजदूरी की बढ़ती लागत, तथा बाढ़, सूखा और जलवायु परिवर्तन जैसे प्रमुख कारण जिम्मेदार हैं।
पेपर लीक पर पीएम मोदी की पहली प्रतिक्रिया, बोले- युवाओं का भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता
-  एक्स पर पोस्ट कर कहा— पेपर लीक के दोषियों को जल्द मिलेगा कड़ा दंड, मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष अदालतों का होगा गठन

नई दिल्ली। देशभर में पेपर लीक के मुद्दे पर चल रही चर्चाओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा, "देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने और मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा।"
पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि सरकार पेपर लीक जैसी घटनाओं को लेकर गंभीर है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों का शीघ्र निस्तारण कराने के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे, ताकि युवाओं का विश्वास कायम रहे और भर्ती एवं परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता मजबूत हो।

सरकार के इस बयान को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पेपर लीक के मामलों पर सरकार के इस रुख से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है।
सायन में बिजली संकट को लेकर बेस्ट अधिकारियों के साथ बैठक
मुंबई। सायन कोलीवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 173 स्थित जय भारत माता नगर एवं संजय गांधी नगर में लंबे समय से जारी बिजली आपूर्ति की समस्या के समाधान के लिए कुलाबा स्थित बेस्ट मुख्य कार्यालय में नगरसेवक रामदास कांबले के मार्गदर्शन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।बैठक में तृष्णा विश्वासराव (अध्यक्ष, बेस्ट समिति), सुधीर शाह (विभागीय अभियंता, बेस्ट मुंबई) तथा बेस्ट उपक्रम के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा स्थानीय नागरिकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं में उपशाखा प्रमुख राजकुमार केवट , उपशाखा प्रमुख नितिन जोशी, युवा भीम सेना के अध्यक्ष नंदलाल जैसवार,युवा भीम सेना के संस्थापक विनय जैसवार, युवा भीम सेना के उपाध्यक्ष  जिलेदार जैसवार, युवा भीम सेना के कोषाध्यक्ष अवध नारायण जैसवार, गट प्रमुख श्री कैलाश मौर्य, महेंद्र देवेंद्, राजेश देवेंद्, राकेश तिवारी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। बैठक के दौरान क्षेत्र में बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारणों पर विस्तार से चर्चा की गई। बेस्ट अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में पूरे क्षेत्र का विद्युत भार एक ही केबल पर निर्भर है। केबल में किसी प्रकार की खराबी या फॉल्ट आने पर मरम्मत कार्य में अधिक समय लग जाता है, जिसके कारण पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है। अधिकारियों ने यह भी जानकारी दी कि क्षेत्र का दूसरा केबल काफी पुराना है तथा जमीन के लगभग 10 से 15 फीट नीचे स्थित है। इस केबल में फॉल्ट आने के कारण इसकी मरम्मत तकनीकी रूप से अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो गई है। समस्या के स्थायी समाधान के लिए नया केबल बिछाकर विद्युत भार को विभाजित करने की योजना बनाई गई है। इसके अतिरिक्त एक और वैकल्पिक केबल स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा गया है, ताकि किसी भी तकनीकी खराबी या फॉल्ट की स्थिति में तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से बिजली आपूर्ति बहाल की जा सके। बैठक में नागरिकों द्वारा हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराने में आने वाली समस्याओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। इस पर बेस्ट अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि आगामी तीन महीनों के भीतर कॉल सेंटर व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं व्यवस्थित किया जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को समय पर शिकायत क्रमांक प्राप्त हो सके तथा शिकायतों का शीघ्र निवारण सुनिश्चित किया जा सके।अधिकारियों ने यह भी बताया कि क्षेत्र में लगभग 50 मीटर नए केबल बिछाने का कार्य अगले दो से तीन दिनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा, जिससे स्थानीय नागरिकों को तत्काल राहत मिलने की उम्मीद है। बैठक में बेस्ट समिति की अध्यक्ष तृष्णा विश्वासराव ने क्षेत्रवासियों को आश्वस्त किया कि सभी आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर यथाशीघ्र पूर्ण किया जाएगा, ताकि नागरिकों को बार-बार होने वाली बिजली कटौती की समस्या से स्थायी राहत मिल सके।