टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी के पार्टी ऑफिस पर आखिर क्यों चला बुलडोजर?

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पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और पूर्व सीएम ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के खिलाफ बंगाल सरकार का बुलडोजर एक्शन शुरू हो गया है। पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना जिले में शनिवार को प्रशासन का बड़ा बुलडोजर एक्शन देखने को मिला। अमतला में बुलडोजर का इस्तेमाल करके अभिषेक बनर्जी के ऑफिस को गिरा दिया गया।

प्रशासन ने बताया अवैध निर्माण

डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी का यह दफ्तर अमताला-बारुईपुर रोड पर स्थित था। प्रशासन ने इसे पूरी तरह से अवैध निर्माण करार दिया है। जानकारी के मुताबिक, विभागीय जांच में पाया गया था इस कार्यालय का निर्माण स्वीकृत भवन योजना के बिना और लागू नियमों का उल्लंघन करते हुए किया गया था।

इमारत का वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर एक्शन

जिला प्रशासन के मुताबिक, इस भव्य इमारत के निर्माण से जुड़ा कोई भी वैध दस्तावेज़ नहीं था। यह दफ्तर बिना किसी आधिकारिक मंजूरी के बनाया गया था। प्रशासन ने इस संबंध में पहले ही एक नोटिस जारी कर इमारत पर चिपका दिया था। नोटिस के जरिए निर्माण से जुड़े कानूनी कागज मांगे गए थे। हालांकि, अभिषेक बनर्जी या उनकी टीम की तरफ से इस नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया गया। कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत न किए जाने के बाद, प्रशासन ने इसे गिराने का कड़ा फैसला लिया।

बुलडोजर एक्शन पर लगे जय श्रीराम के नारे

शनिवार सुबह प्रशासन की टीम तीन बड़े बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंची. पांच मंजिला मजबूत इमारत को ढहाने के लिए तीनों बुलडोजर एक साथ काम पर लगाए गए। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था न बिगड़े, इसके लिए पूरे इलाके में भारी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। जैसे ही अभिषेक बनर्जी के सांसद ऑफिस को तोड़ने का काम शुरू हुआ। इलाके में बीजेपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने खुशी मनाई और जय श्री राम के नारे लगाए।

कॉकरोच पार्टी फाउंडर दीपके पर महिला ने स्याही फेंकी, थप्पड़ मारने की भी कोशिश

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर 21 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को पुलिस शनिवार सुबह सफदरजंग अस्पताल ले गई। इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फाउंडर अभिजीत दीपके भूख हड़ताल शुरू कर दी। इस दौरान मंच से नीचे आकर बैठे दीपके पर एक महिला ने स्याही फेंक दी। महिला ने दीपके को थप्पड़ मारने की भी कोशिश की।

अभिजीत दीपके ने शुरू की भूख हड़ताल

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस की ओर से जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल से सफदरजंग अस्पताल ले जाए जाने के तुरंत बाद अबिजीत दीपके ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। इसी बीच अचानक ही उन पर एक महिला ने स्याही फेंक दी।अभिजीत दीपके पर स्याही उस समय फेंका गया जब वो अपने समर्थकों के बीच थे। इस दौरान आरोप है कि महिला ने उन्हें थप्पड़ मारने की भी कोशिश की। हालांकि, महिला को तुरंत ही वहां मौजूद वॉलंटियर्स ने पकड़ लिया

अब पीएम नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करेंगे-दीपके

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने कहा, अगर उन्हें लगता है कि सोनम सर को ले जाने से यह आंदोलन खत्म हो जाएगा, तो वे गलतफहमी में हैं। हम यहीं रहेंगे और 20 जुलाई को संसद तक मार्च करेंगे। उन्होंने आगे कहा, अब तक हम धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे, लेकिन इस घृणित कृत्य के बाद अब हम पीएम नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करेंगे।

भूख हड़ताल के 21वें दिन पुलिस सोनम को ले गई अस्पताल

इससे पहले शनिवार सुबह वांगचुक को उनके अनिश्चितकालीन अनशन के 21वें दिन अस्पताल ले जाया गया। दिल्ली पुलिस ने कहा कि मेडिकल सलाह और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद दीपके ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गयी कार्रवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें हिरासत में ले लिया।

भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट 'विक्रम-1' लॉन्च, जानें क्या हैं इसकी खूबियां?

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भारत की निजी स्पेस कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने आज एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। हैदराबाद स्थित निजी अंतरिक्ष कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस अपने पहले ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल ‘विक्रम-1’ को स्‍पेस में सफलतावपूर्वक लॉन्‍च कर दिया। विक्रम-1 ने 450 किलोमीटर दूर पृथ्‍वी की निचली कक्षा में पेलोड को सफलतापूर्वक स्‍थापित किया है। इसे मिशन ‘आगमन’ का नाम दिया गया था।

पीएम मोदी ने बताया ऐतिहासिक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि विक्रम-1 भारत का पहला निजी रूप से विकसित ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल है, जिसे तेज और मांग के अनुरूप प्रक्षेपण सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह मिशन देश के युवाओं की प्रतिभा, इनोवेशन और उद्यमशीलता का प्रतीक है तथा 2020 में लागू अंतरिक्ष क्षेत्र के सुधारों के सकारात्मक परिणामों को दर्शाता है। उन्होंने देशवासियों विशेषकर युवाओं से इस ऐतिहासिक मिशन को देखने और स्काईरूट की सफलता की कामना करने का आग्रह किया।

इसरो के पूर्व अध्यक्ष ने भी दी शुभकामनाएं

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने भी स्काईरूट की टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह केवल एक रॉकेट का परीक्षण नहीं, बल्कि भारत की निजी रॉकेट निर्माण क्षमता के आगमन का प्रतीक है। उनके अनुसार इस मिशन की सफलता भारतीय उद्योग, स्टार्टअप और वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था के लिए नए अवसर पैदा करेगी।

विक्रम-1 की विशेष विशेषताएं क्या हैं?

इस रॉकेट का नाम भारतीय अंतरिक्ष प्रोग्राम के जनक विक्रम साराभाई के नाम पर विक्रम-1 रखा है। स्काईरूट एयरोस्पेस कंपनी के अनुसार, विक्रम-1 सैटेलाइट को 'लो अर्थ ऑर्बिट' में ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है। यह तीन सॉल‍िड फ्यूल स्‍टेज और एक लिक्विड ऑर्बिटल एडजस्टमेंट मॉड्यूल से ऑपरेट हुआ। इसकी क्षमता लगभग 350 किलोग्राम तक के पेलोड को 450 किलोमीटर की पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) में स्थापित करने की है।

भारतीय स्पेस सेक्टर को क्या होगा फायदा?

स्पेस सेक्टर में प्राइवेट कंपनियों के आने से भारत के स्पेस सेक्टर को भी बड़ा फायदा होगा। अब तक सैटेलाइट लॉन्च करने का काम मुख्य रूप से इसरो करता था। स्काईरूट जैसी निजी कंपनियों के आने से अब प्राइवेट सेक्टर भी इस क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभाएगा। भारतीय निजी कंपनियां कम लागत में सैटेलाइट लॉन्च करने की सुविधा देंगी। इससे दुनिया की कई कंपनियां अपने सैटेलाइट लॉन्च कराने के लिए भारत का रुख कर सकती हैं। निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ने से स्पेस सेक्टर में नए स्टार्टअप्स को मौका मिलेगा। साथ ही निवेश बढ़ेगा, नई नौकरियां पैदा होंगी और भारत का अंतरिक्ष उद्योग तेजी से आगे बढ़ेगा।

सोनम वांगचुक को पुलिस ने अस्‍पताल में कराया भर्ती, अभिजीत दीपके ने लगाया हमले का आरोप

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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर धरना दे रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया है। वांगचुक पिछले 20 दिनों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे हुए थे। अनशन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने पर पुलिस ने एहतियात के तौर पर उन्हें मेडिकल जांच और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। घटना के दौरान जंतर-मंतर पर मौजूद उनके समर्थकों ने विरोध भी जताया।

गुंडों ने सोनम सर पर हमला किया- अभिजीत दीपके

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया है कि वांगचुक पर हमला किया गया। उन्होंने सरकार पर प्रदर्शन खत्म करवाने का भी आरोप लगाया। दीपके ने ट्वीट में कहा- जंतर-मंतर पर गुंडों ने सोनम सर पर हमला करने की कोशिश की। उन पर कोई वस्तु फेंकी गई, लेकिन सौभाग्य से उन्हें चोट नहीं आई। कुछ दिन पहले, पुलिस के एक अंदरूनी सूत्र से मिली जानकारी के आधार पर मैंने चेतावनी दी थी कि जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन को बाधित करने के लिए लोगों को भेजा जाएगा। अगर सोनम सर को कुछ भी होता है, तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी, क्योंकि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन को खत्म करने की स्पष्ट योजना है।

दिल्ली पुलिस ने दी सफाई

वहीं, दिल्ली पुलिस ने इस मामले में सफाई पेश की है। नई दिल्ली ने कहा कि यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए की गई। नई दिल्ली के डीसीपी ने एक्स पर जानकारी दी कि दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत की वजह से उन्हें जरूरी मेडिकल केयर के लिए हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया है। हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए प्रदर्शनकारियों ने रुकावट डालने की कोशिश की, जिसमें थोड़ा हंगामा हुआ, लेकिन पुलिस ने बहुत कंट्रोल रखा और सुरक्षित तरीके से काम पूरा किया। हम जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों से रिक्वेस्ट करते हैं कि वे जल्द से जल्द शांति से जगह खाली कर दें।

डॉक्‍टरों की चेतावनी के बाद पुलिस का एक्‍शन

दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे मशहूर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को 20 दिन पूरे हो चुके हैं। इतने दिनों से बिना अन्न के रहने के चलते वांगचुक का शरीर बेहद कमजोर हो चुका है। उनकी सेहतलगातार गिर रही थी। डॉक्टरों के मुताबिक, भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से वांगचुक का वजन 9 किलो से ज्यादा घट चुका था। उनका वजन 56.9 किलोग्राम रह गया था। डॉक्टर ने बताया कि लंबे भूख हड़ताल की वजह से शरीर अब ग्लूकोज और फैट के बाद मांसपेशियों (मसल्स) को खाने लगा है। उनके यूरिक एसिड का स्तर काफी बढ़ गया है, जो इस बात का संकेत है कि मांसपेशियां तेजी से गल रही हैं। डॉक्टरों ने चेतावनी दी थी कि अगर सरकार ने जल्द हस्तक्षेप नहीं किया, तो वांगचुक का ऑर्गन फेल हो सकता है।

गार्गोटी म्यूजियम के संस्थापक अध्यक्ष केसी पांडे सम्मानित
नई दिल्ली। नवभारत द्वारा नई दिल्ली के हयात रीजेंसी में आयोजित विकसित भारत कार्यक्रम में भारत के एकमात्र रत्न और जीवाश्म संग्रहालय गार्गोटी संग्रहालय के संस्थापक अध्यक्ष कृष्ण चंद्र पांडे का सम्मान किया गया। पुणे सम्मान दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता और भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी के हाथों प्रदान किया गया। यह संग्रहालय महाराष्ट्र के नासिक जिले के सिन्नर में स्थित भारत का पहला और एकमात्र रत्न, खनिज और जीवाश्म संग्रहालय है। इसे दुनिया का सबसे बड़ा निजी खनिज संग्रहालय माना जाता है। इसका उद्घाटन वर्ष अप्रैल, 2001 में अक्षय तृतीया के दिन हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे के हाथों किया गया था। भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कृष्ण चंद्र पांडे (केसी पांडे) ने की थी, जिन्होंने 40 वर्षों से अधिक समय तक इन दुर्लभ नमूनों को एकत्र किया। यहाँ दुनिया भर से और विशेष रूप से महाराष्ट्र के दक्कन के पठार से लाए गए प्राकृतिक खनिजों, क्रिस्टलों, रत्नों और जीवाश्मों का एक विशाल संग्रह है।यह संग्रहालय अपने शानदार ज़ियोलाइट्स के लिए प्रसिद्ध है, जो अलौकिक रंग और नाजुक संरचना वाले सिलिकेट खनिज होते है। यह संग्रहालय नासिक रेलवे स्टेशन से 17 किलोमीटर, मुंबई से 180 किलोमीटर और पुणे से 190 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेश और पर्यटन का रखा विज़न
नई दिल्ली। नई दिल्ली में आयोजित FAITH कॉन्क्लेव-2026 में मध्यप्रदेश ने पर्यटन और निवेश की अपार संभावनाओं का प्रभावी प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “मध्यप्रदेश: द हार्ट ऑफ इन्क्रेडिबल इंडिया” विषय पर आयोजित विशेष सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों, टूर ऑपरेटर्स तथा पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों को प्रदेश में निवेश और साझेदारी के लिए आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रेरक वाक्य “एमपी अजब है, सबसे गजब है” राज्य के प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक वैभव का सटीक परिचय है। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में 13 करोड़ से अधिक पर्यटक मध्यप्रदेश पहुंचे, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत लगभग 30 हजार करोड़ रुपये की लागत से आधारभूत संरचना विकसित की जा रही है। उज्जैन में महाकाल लोक बनने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और लगभग 8 करोड़ लोग दर्शन कर चुके हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार धार्मिक, सांस्कृतिक, विरासत, ग्रामीण, इको और वाइल्डलाइफ पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ निवेश-अनुकूल नीतियों पर तेजी से काम कर रही है। बैतूल जिले के कुकरू को कॉफी वैली के रूप में विकसित कर नया पर्यटन केंद्र बनाया जा रहा है। कॉन्क्लेव के दौरान पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय उद्योग प्रतिनिधियों के साथ निवेश, हवाई संपर्क विस्तार और पर्यटन अधोसंरचना को लेकर रणनीतिक बैठकें कीं। बहु-राज्यीय मंच पर मध्यप्रदेश के वाइल्डलाइफ टूरिज्म, हेरिटेज होमस्टे, आध्यात्मिक सर्किट और ग्रामीण पर्यटन मॉडल को उद्योग जगत से सराहना मिली। दो दिवसीय कॉन्क्लेव ने पर्यटन निवेश और राज्यों के बीच सहयोग को नई दिशा देने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेश और पर्यटन का रखा विज़न
नई दिल्ली। नई दिल्ली में आयोजित FAITH कॉन्क्लेव-2026 में मध्यप्रदेश ने पर्यटन और निवेश की अपार संभावनाओं का प्रभावी प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “मध्यप्रदेश: द हार्ट ऑफ इन्क्रेडिबल इंडिया” विषय पर आयोजित विशेष सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों, टूर ऑपरेटर्स तथा पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों को प्रदेश में निवेश और साझेदारी के लिए आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रेरक वाक्य “एमपी अजब है, सबसे गजब है” राज्य के प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक वैभव का सटीक परिचय है। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में 13 करोड़ से अधिक पर्यटक मध्यप्रदेश पहुंचे, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत लगभग 30 हजार करोड़ रुपये की लागत से आधारभूत संरचना विकसित की जा रही है। उज्जैन में महाकाल लोक बनने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और लगभग 8 करोड़ लोग दर्शन कर चुके हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार धार्मिक, सांस्कृतिक, विरासत, ग्रामीण, इको और वाइल्डलाइफ पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ निवेश-अनुकूल नीतियों पर तेजी से काम कर रही है। बैतूल जिले के कुकरू को कॉफी वैली के रूप में विकसित कर नया पर्यटन केंद्र बनाया जा रहा है। कॉन्क्लेव के दौरान पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय उद्योग प्रतिनिधियों के साथ निवेश, हवाई संपर्क विस्तार और पर्यटन अधोसंरचना को लेकर रणनीतिक बैठकें कीं। बहु-राज्यीय मंच पर मध्यप्रदेश के वाइल्डलाइफ टूरिज्म, हेरिटेज होमस्टे, आध्यात्मिक सर्किट और ग्रामीण पर्यटन मॉडल को उद्योग जगत से सराहना मिली। दो दिवसीय कॉन्क्लेव ने पर्यटन निवेश और राज्यों के बीच सहयोग को नई दिशा देने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।
मोदी कैबिनेट की वाराणसी को बड़ी सौगात, वरुणा नदी किनारे एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी

-  6/4-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर और 6-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का होगा निर्माण, रैंप, लूप और फुटओवर ब्रिज भी बनेंगे


नई दिल्ली/वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वाराणसी के सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। कैबिनेट ने वरुणा नदी तट के किनारे 6/4-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की है। इस परियोजना के तहत रैंप और लूप का भी निर्माण किया जाएगा, जिससे शहर में यातायात अधिक सुगम और तेज़ होगा।
इसके साथ ही वाराणसी रिंग रोड के बीच 6-लेन ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। इस परियोजना में रैंप, लूप तथा पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए फुटओवर ब्रिज (FOB) का निर्माण भी शामिल है।
इन परियोजनाओं के पूरा होने से वाराणसी में ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी, शहर की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और स्थानीय लोगों के साथ-साथ श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की आवाजाही अधिक सुविधाजनक बनेगी। साथ ही, क्षेत्र के आर्थिक और शहरी विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।
महाराष्ट्र में होगा बड़ा ‘खेला’, आधी रात को फडणवीस के बंगले पर जुटे NCP के दोनों धड़े

#sharadpawarndadevendrafadnavislatenight_meeting

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से हलचल तेज हो गई है। मंगलवार देर रात हुई कुछ मुलाकातों ने प्रदेश का सियासी पारा और चढ़ा दिया। मंगलवार रात करीब 11 बजे मुख्यमंत्री आवास ‘वर्षा’ पर एनसीपी (शरद पवार) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल, एनसीपी (अजित पवार) के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे के बीच करीब एक घंटे तक बंद कमरे में बैठक हुई।

जानकारी के अनुसार एनसीपी (शरद पवार) के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने पहले मुंबई स्थित सिल्वर ओक में शरद पवार से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी बैठक की। इसी दौरान एनडीए सरकार में शामिल एनसीपी के वरिष्ठ नेता सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल ने भी मुख्यमंत्री से अलग मुलाकात की।

सवा घंटे तक बंद कमरे में बैठक

रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्षा बंगले पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और तीनों नेताओं के बीच करीब सवा घंटे तक चर्चा हुई। यह भी दावा किया जा रहा है कि मुख्यमंत्री से मुलाकात से पहले जयंत पाटिल, सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल की अलग से बैठक हुई थी। तीनों नेताओं की मौजूदगी से राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें शुरू हो गईं।

जयंत पाटिल ने दी सफाई

हालांकि, अब शरद पवार गुट के नेता जयंत पाटिल ने खुद सामने आकर इस पर सफाई दी है। उन्होंने राजनीतिक कयासों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी तटकरे या पटेल के साथ कोई बैठक नहीं हुई थी। एनसीपी (एसपी) के पूर्व महाराष्ट्र अध्यक्ष जयंत पाटिल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल के साथ कोई साझा बैठक नहीं हुई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे केवल इस्लामपुर नगर परिषद के नगराध्यक्ष को अयोग्य ठहराए जाने के मामले में मुख्यमंत्री फडणवीस से मिलने गए थे। उन्होंने कहा कि इस मुलाकात का तटकरे और पटेल से कोई संबंध नहीं है।

शरद पवार गुट के एनडीए गठबंधन में शामिल होने की अटकलें

इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं इसलिए भी जोरों पर हैं, क्योंकि पिछले कुछ समय से शरद पवार गुट के भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन में शामिल होने की कयासबाजी पहले से ही लगाई जा रही है। इससे पहले खबरें सामने आई थीं कि शरद पवार गुट के 10 में से कम से कम आधे विधायक भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ जाने के पक्ष में हैं। उनका तर्क है कि विपक्ष में रहने से विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और सरकारी मंजूरियां मिलने में कठिनाई आ रही है।

चारा घोटाला मामला: सुप्रीम कोर्ट से लालू यादव को बड़ी राहत, जमानत रद्द करने से इनकार
-  शीर्ष अदालत ने जमानत निरस्त करने की मांग वाली याचिका खारिज की

नई दिल्ली। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने उनकी जमानत रद्द करने से इनकार कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने लालू यादव को दी गई जमानत को बरकरार रखते हुए जमानत निरस्त करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। इस फैसले के बाद लालू यादव को फिलहाल चारा घोटाला से जुड़े मामलों में मिली जमानत पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
गौरतलब है कि बहुचर्चित चारा घोटाला मामले में लालू यादव विभिन्न मामलों में दोषी ठहराए जा चुके हैं और उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी है। अब सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से उनकी जमानत यथावत बनी रहेगी।