Dailynews

Sep 18 2021, 00:40

रेलवे करने जा रहा है ये बड़ा बदलाव, जान लीजिए नहीं तो होगी दिक्कत
  


भारतीय रेल (Indian Railway) दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क (4th largest railway network in the world) है, जिसमें लग्जरी से लेकर लोकल ट्रेन रोजाना लोगों को उनकी मंजिल तक पहुंचाती हैं.

कोरोना महामारी के चलते भारतीय रेलवे ने ज्यादातर ट्रेन बंद कर दी थीं, जो अब धीरे-धीरे शुरू हो रहीं हैं. फिलहाल सभी ट्रेनें 0 नंबर के साथ स्पेशल ट्रेन के बतौर चल रहीं हैं.

हर साल अक्टूबर के महीने में रेलवे टाइम टेबल (Time Table) में बदलाव करता है लेकिन बीते साल कोरोना के चलते ये नहीं हो पाया था. लेकिन इस साल रेलवे टाइम टेबल जारी करेगा. भारतीय रेलवे ने सुविधाओं की बेहतरी के लिए अपनी दो सर्विस को बंद करने का फैसला लिया है. जानिए इनके बारे में.

लिंक एक्सप्रेस और स्लीप कोच कम करने की तैयारी

जागरण में छपी एक खबर के अनुसार रेलवे लिंक एक्सप्रेस (Link Express) और स्लीप कोच (sleep Coaches) के संचालन को कम करने की तैयारी कर रहा है. रेलवे के इस कदम से ट्रेनों में एक्सट्रा कोच लगाने या हटाने की जरूरत खत्म हो जाएगी, जिससे टाइम बचेगा और ट्रेनें अपनी डेस्टिनेशन तक तय समय में पहुंच पाएंगी. इसकी शुरुआत उत्तर रेलवे की कुछ ट्रेनों से हो रही है.

क्या होता है लिंक एक्सप्रेस

लिंक एक्सप्रेस का मतलब है, जब अलग-अलग रूट से आने वाली दो ट्रेनें किसी कॉमन स्टेशन पर आकर जुड़ती है और फिर एक जगह के लिए रवाना होती हैं तो इसे लिंक एक्सप्रेस कहते हैं. वहीं जब ये ट्रेन वापसी करते समय जिस स्टेशन पर जुड़ी थीं वहीं से अलग भी हो जाती हैं और अलग-अलग रूट पर चली जाती हैं इसे स्लिप कोच कहते हैं. रेलवे के मुताबिक ट्रेनों की लिंकिंग और स्लिप ट्रेनों को जोड़ने और अलग करने में समय की बर्बादी होती है, जिस वजह से ट्रेनें लेट हो जाती हैं.

इन ट्रेनों में बंद हो रही है सर्विस

रेलवे कई ट्रेनों में लिंक एक्सप्रेस और स्लीप कोचेस की सर्विस बंद करने जा रहा है. इन ट्रेनों में हरिद्वार-ऊना हिमाचल जनशताब्दी एक्सप्रेस, वाराणसी-देहरादून एक्सप्रेस, कालका-श्रीगंगानगर, ओखा-देहरादून एक्सप्रेस, कोच्चुवेली-देहरादून एक्सप्रेस, मदुरई-देहरादून एक्सप्रेस और हावड़ा-देहरादून एक्सप्रेस शामिल हैं. लिंक एक्सप्रेस और स्लीप कोचेस की सर्विस बंद होने के बाद यात्रियों को काफी लाभ होगा. क्योंकि इसके बाद ट्रेन समय से अपनी डेस्टिनेशन पर पहुंच पाएंगी.

फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन होने जा रहीं स्टार्ट

आने वाले महीनों में कई बड़े त्योहार हैं, जिनमें लोग अच्छी खासी तादात में सफर करते हैं. इन त्योहारों के मद्देनजर रेलवे फेस्टिव स्पेशल ट्रेनों को शुरू करने जा रहा है. दशहरा, दिवाली और छठ पूजा को देखते हुए दक्षिण पूर्व रेलवे ने 11 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों को एक्सटेंशन देने का ऐलान किया है. दरअसल, इन ट्रेनों को सिंतबर में बंद करने की तैयारी थी, लेकिन अब रेलवे ने त्योहारों में लोगों की भीड़ भाड़ को देखते हुए इन्हें बढ़ाने का फैसला लिया है. 

Dailynews

Sep 17 2021, 09:22

Amazing: दुनिया का सबसे तेज़ Roller Coaster, दौड़ता है Formula 1 की स्पीड से !
  


Roller Coaster पर राइड करना किसे अच्छा नहीं लगता? Adventure के शौकीनों के लिए ऐसी ही राइड अबू धाबी के Ferrari World theme park में मौजूद है. इस रोलर कोस्टर की रफ्तार 240 किलोमीटर/घंटा है.

फॉर्मूला रोसा रोलर कोस्टर (Formula Rossa) को डिज़ाइन ही इसलिए किया गया था, ताकि इस पर राइड करने वालों को फॉर्मूला 1 का अनुभव दिया जा सके. इस पर चलने वाले कार्ट को भी F 1 Supercar की तरह ही बनाया गया है. इसका ट्रैक भी बेहद खास है, जो तेज़ रफ्तार के लिए परफेक्ट है. हां, इस रोमांचक सफर पर जाने वालों का दिल काफी मजबूत होना चाहिए, वरना रफ्तार का कहर झेल पाना मुश्किल हो जाता है.

उतार-चढ़ाव और अंधे मोड़ से भरपूर सफर
इस रोलरकोस्टर (World’s Fastest Roller Coaster) में बैठते ही आपको लगेगा कि दुनिया पलकें झपकते ही भागी चली जा रही है. 240 किलोमीटर/घंटा की रफ्तार देने वाले इस रफर में महज 2 सेकेंड के अंदर 0-100 किलोमीटर/घंटा की स्पीड आ जाती है. इसमें एयरक्राफ्ट कैरियर और स्टीम कैटेपल्ट्स की तरह की हाइड्रॉलिक लॉन्च सिस्टम (hydraulic launch system) का इस्तेमाल किया गया है. इतना ही नहीं माइंडब्लोइंग सफर में इतने सीधे टर्न और अचानक आने वाले उतार हैं, कि आपकी सांसे अटकी की अटकी रह जाएंगी. इस पूरे सफर का एक ही उद्देश्य है, फॉर्मूला वन ड्राइविंग का मज़ा अपने राइडर्स को देना.

Formula Rossa Cart में आ सकते हैं 16 लोग
इस राइड पर एक बार में 16 लोग सफर कर सकते हैं. इन सभी को राइड के दौरान सुरक्षा का खास ध्यान रखना होता है. उन्हें अपनी आंखों पर प्रोटेक्शन के लिए खास चश्मा लगाना पड़ता है, क्योंकि रफ्तार इतनी ज्यादा होती है कि इस दौरान आंखों में धूल, रेत या कीड़े तक जाने की आशंका बढ़ जाती है. अगर इतनी रफ्तार के बीच रेत या धूल के कण भी आंख में गए, तो गंभीर घाव हो सकता है. अक्टूबर, 2010 से शुरू हुआ ये रोलरकोस्टर अब तक का सबसे तेज़ रोलर कोस्टर है. हालांकि साल 2023 तक सऊदी अरब में ही Six Flags Qiddiya में इससे भी हाईस्पीड वाला रोलरकोस्टर बनकर तैयार हो जाएगा. 

Manavraj

Sep 17 2021, 07:50

विराट कोहली ने किया एलान, टी20 वर्ल्ड कप 2021 के बाद छोड़ देंगे भारतीय टी20 टीम की कप्तानी


नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। Virat Kohli announces on Twitter that he is stepping down as the team T20 Captain after T20 World Cup in Dubai: भारतीय क्रिकेट टीम के तीनों फार्मेट के कप्तान विराट कोहली ने क्रिकेट के सबसे छोटे फार्मेट की कप्तानी छोड़ने की घोषणा कर दी है। लंबे समय से उनकी कप्तानी को लेकर बातें की जा रही थी। कुछ दिन पहले ही यह खबर आई थी कि वह टी20 विश्व कप खत्म होने के बाद इस फार्मेट की कप्तानी छोड़ देंगे। गुरुवार 16 सितंबर को शाम उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए इस बात की जानकारी दी।

टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने ट्विटर के जरिए इस बात का एलान कर दिया है कि वो टी20 वर्ल्ड कप 2021 के ठीक बाद भारतीय टी20 टीम की कप्तानी छोड़ देंगे। इसके बाद वो भारतीय वनडे व टेस्ट टीम की कप्तानी करते रहेंगे। विराट कोहली के इस कदम के बाद अब पूरी संभावना है कि रोहित शर्मा को भारतीय टी20 टीम की को कप्तानी सौंपी जाएगी। रोहित शर्मा आइपीएल में सबसे सफल कप्तान हैं और उनका रिकार्ड शानदार है। विराट कोहली ने अपने ऊपर लगातार बढ़ते दबाव की वजह से ये कदम उठाया है। कम से कम एक प्रारूप की कप्तानी छोड़ने के बाद उनके उपर से दबाव हटेगा और वो ठीक तरीके से अपनी बल्लेबाजी पर भी ध्यान दे पाएंगे। 

विराट के टी20 टीम की कप्तानी छोड़ने के बाद अब यह तय हो गया है कि रोहित शर्मा को इस फार्मेट में टीम की कमान सौंपी जाएगी। विराट की जगह लंबे समय से उनको इस फार्मेट में कप्तान बनाए जाने की मांग की जा रही थी। विराट कोहली ने अपने ट्वीट में लिखा, टी20 प्रारूप से कप्तानी छोड़ने पर बयान जारी करते हुए विराट कोहली ने कहा है, "मैं न केवल भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए, बल्कि अपनी पूरी क्षमता के साथ भारतीय क्रिकेट टीम का नेतृत्व करने के लिए भाग्यशाली रहा हूं। मैं उन सभी का शुक्रिया अदा करता हूं, जिन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान के रूप में मेरे सफर में मेरा साथ दिया। मैं उनके बिना यह नहीं कर सकता था। टीम के खिलाड़ी, सहयोगी स्टाफ, चयन समिति, मेरे कोच और प्रत्येक भारतीय, जिन्होंने हमारे जीतने के लिए प्रार्थना की।"

उन्होंने आगे लिखा, "कार्यभार को समझना बहुत महत्वपूर्ण बात है और पिछले 8-9 वर्षों में सभी 3 प्रारूपों में खेलने और पिछले 5-6 वर्षों से नियमित रूप से कप्तानी करने पर मेरे अत्यधिक कार्यभार को देखते हुए, मुझे लगता है कि भारतीय टीम का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह से वनडे और टेस्ट में तैयार होने के लिए खुद को थोड़ा आराम देने की आवश्यकता है। मैंने टी20 कप्तान के तौर पर अपने समय में टीम को सब कुछ दिया है और आगे बढ़ते हुए एक बल्लेबाज के तौर पर टी20 टीम के लिए ऐसा करना जारी रखूंगा।"

विराट ने अपने बयान के आखिरी पैरा में कहा है, "बेशक, इस निर्णय पर पहुंचने में बहुत समय लगा। अपने करीबी लोगों, रवि (शास्त्री) भाई और रोहित, जो नेतृत्व समूह का एक अनिवार्य हिस्सा रहे हैं, उनके साथ बहुत चिंतन और चर्चा के बाद, मैंने अक्टूबर में दुबई में इस टी20 विश्व कप के बाद टी 20 कप्तान के रूप में पद छोड़ने का फैसला किया है। मैंने सभी चयनकर्ताओं के साथ सचिव जय शाह और बीसीसीआइ अध्यक्ष सौरव गांगुली से भी इस बारे में बात की है। मैं अपनी पूरी क्षमता से भारतीय क्रिकेट और भारतीय टीम की सेवा करता रहूंगा।" 

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Sep 16 2021, 18:38

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FactNews

Sep 16 2021, 04:31

50 सालों में बेहद खराब हो चुका है धरती का संतुलन, संभल जाएं नहीं तो चुकानी पड़ सकती है बड़ी कीमत- UN रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र के World Meteorological Organization की रिपोर्ट में ये बात कही गई हैं. रिपोर्ट के मुताबिक प्रकृति के साथ इस खिलवाड़ का खामियाजा अंत में इंसान को खुद ही अपनी जान देकर चुकाना पड़ता है.

संयुक्त राष्ट्र (UN) ने कहा है कि बीते 50 सालों में धरती का संतुलन बेहद ज्यादा बिगड़ चुका है. यहीं वजह है कि रोजाना धरती के किसी ना किसी कोने से छोटी या बड़ी त्रासदी के होने की खबर सामने आ रही हैं. साथ ही में UN ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर इंसान ने जल्द ही प्रकृति के साथ अपनी मनमानी नहीं रोकी तो क़ुदरत के इस क्रोध को रोकना बिलकुल असंभव हो जाएगा.

संयुक्त राष्ट्र (UN) के World Meteorological Organization (WMO) की रिपोर्ट में ये बात कही गई हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रकृति के साथ इस खिलवाड़ का खामियाजा अंत में इंसान को खुद ही अपनी जान देकर चुकाना पड़ता है. आइए जानते हैं क्या कहते हैं UN की इस रिपोर्ट के आंकड़े.

जानमाल के नुकसान का बना है कारण

दुनिया का एक भी कोना ऐसा नहीं है जहां बीते पचास सालों में क़ुदरती कहर ना बरपा हो. इस दौरान बड़ी संख्या में जानमाल का नुकसान भी हुआ है. लाखों लोगों को क़ुदरत के कहर के हाथों अपनी जान गंवानी पड़ी है. कहीं कहीं तो पूरा का पूरा गांव-शहर इसका शिकार हो चुका है.

WMO की रिपोर्ट के मुताबिक, "कुदरत के तांडव ने दुनिया को सिर्फ आर्थिक नुकसान ही नहीं पहुंचाया बल्कि लाखों जिंदगियों को भी लील लिया है. कुदरती आपदाओं के चलते दुनिया को रोजाना औसतन 1475 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. यही नहीं रोजाना औसतन 115 लोग इन आपदाओं में अपनी जान गंवाते हैं. रोजाना कहीं चक्रवाती तूफान तो कहीं बारिश से बाढ़ के हालात इस जानमाल के नुकसान का कारण बन रहे हैं.

1970 से 2019 के बीच विश्व भर में आई 1 हजार आपदाएं

WMO की रिपोर्ट के मुताबिक 1970 से 2019 के बीच इन पचास सालों में दुनिया भर में अलग-अलग रूप में 11 हजार आपदाएं आई हैं. जिसके चलते पूरी दुनिया को 266 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. साथ ही में इन आपदाओं में करीब 20 लाख लोगों मौत हुई है. मरने वाले लोगों की संख्या सबसे ज्यादा विकासशील देशों में दर्ज हुई है. ऐसा इसलिए है क्योंकि इन देशों के पास इस तबाही के दौरान इस से निपटने की तैयारी ही नहीं थी.

रिपोर्ट के मुताबिक 1970 से 1979 के बीच आपदाओं की वजह से रोजाना 358 करोड़ का नुकसान होता था, लेकिन 2010 से 2019 के बीच आपदा की वजह से दुनिया को रोजाना 2797 करोड़ का आर्थिक नुकसान हुआ.

हालांकि राहत की बात ये है कि पहले के मुकाबले अब लोगों की जान कम जा रही है. 1970 से 1980 के बीच रोजाना औसतन 170 लोग आपदा से जुड़ी घटानाओं में अपनी जान गंवा रहे थे. 1990 से 1999 के बीच मरने वालों की औसत संख्या घटकर 90 हो गई जबकि 2010 से 2019 के बीच आपदा से जुड़ी घटानाओं में मृत्यु की संख्या औसतन 40 पर पहुंच गई है जो सबसे कम है.

भारत को हो रहा है चक्रवाती तूफानों से सबसे ज्यादा नुकसान

भारत को सबसे ज्यादा नुकसान चक्रवाती तूफानों से हो रहा है. देश के 13 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सीधे-सीधे चक्रवाती तूफानों से प्रभावित हो रहे हैं. 80 के दशक में देश में औसतन तीन चक्रवाती तूफान आते थें, लेकिन 2010 से 2019 के बीच देश में हर साल चार चक्रवाती तूफान आए हैं. साल 2018 और 2019 में तो हालात और भी खराब रहे जब देश ने 7-7 चक्रवाती तूफ़ानों का सामना किया है.

रिपोर्ट के मुताबिक, इन क़ुदरती आपदाओं की सबसे ज्यादा मार एशियाई महाद्वीप पर पड़ी है. 1970 से 2019 के बीच एशिया में 3454 आपदाएं आई हैं. जिनमें 9 लाख 75 हजार 622 लोगों की मौत हुई है और 87.66 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. 

AllNEWS

Sep 14 2021, 08:07

कभी आधी दुनिया पर राज करता था ये देश, आज राशन-पानी की किल्लत से जूझ रहे लोग, आखिर क्यों?

लंदन: कभी दुनिया की आधी से ज्यादा आबादी वाले हिस्से में राज करने वाले देश ब्रिटेन (Britain) के लोग परेशान है. वर्ल्ड इकोनॉमी (World Economy) के चार्ट में दुनिया के अमीर देशों में शुमार इस देश के लोग झोला लेकर सामान लाने बाजार जाते तो हैं लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है.

यहां फिलहाल राशन-पानी की भारी कमी है और सुपरमार्केट बिजनेस से जुड़े लोगों का मानना है कि ये परेशानी अभी और बढ़ेगी.

ट्रेड एसोशिएशन की चेतावनी

देश के इन हालातों को लेकर एक ट्रेड एसोसिएशन के चीफ का कहना है कि सुपरमार्केट (Supermarkets) जाकर फौरन कोई सामान खरीद लेने के दिन फिलहाल खत्म हो चुके हैं. फूड एंड ड्रिंक फेडरेशन के चीफ एग्जीक्यूटिव इयान राइट के मुताबिक, 'दुकानदारों को अभी कई दिनों तक लगातार खाने के सामान की किल्लत का सामना करना पड़ेगा. हालांकि उन्होंने ये साफ किया कि इसका मतलब ये नहीं है कि देश के लोगों को इन हालातों की वजह से भूखा रहना पड़ेगा.

हमारे सहयोगी ग्लोबल चैनल WION की रिपोर्ट के मुताबिक देश के बड़े बड़े सुपरमार्केट में फूड आइटम्स की कमी के साथ बोतलबंद पानी खत्म होने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं.

सप्लाई चेन टूटने से बिगड़े हालात

वहीं व्यापार जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि इस संकट के पीछे का कारण लॉरी ड्राइवरों की कमी और खेतों में काम करने वाले करीब पांच लाख लोगों की कमी है. इस वजह से देश की सप्लाई चेन लगातार प्रभावित हो रही है. अधिकारियों के मुताबिक काम के घंटे कम होने और ज्यादा सैलरी की वजह से देश के अधिकतर लॉरी ड्राइवर, ऑनलाइन सेंटर्स अमेजन जैसे ब्रांड्स के लिये काम कर रहे हैं.

उनका कहना है कि कई कर्मी यूरोपियन यूनियन (EU) के नागरिक हैं, जिन्हें महामारी और ब्रेक्सिट (Brexit) के बाद ब्रिटेन छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था. यानी साफ है कि ये परेशानी अभी और बढ़ेगी और फिर इसके जल्द ठीक होने की संभावना भी नहीं है.

कोरोना की मार!

यूके के मीडिया हाउस की रिपोर्ट्स के मुताबिक गर्मी के सीजन में परेशानी इसलि बढ़ेगी क्योंकि यहां 1,00,000 लॉरी ड्राइवर्स (Lorry Drivers) की कमी है. वहीं कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी की वजह से स्टाफ कम हुआ है. उद्योग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि फ्रिज में रखे जाने वाले खाने के सामान की सप्लाई में व्यवधान के कारण शेल्फ खाली हो रहे हैं. इसे लेकर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (Boris Johnson) को एक पत्र लिखा गया है. जिसमें उनसे कहा गया है कि वह यूरोप जाने वाले ड्राइवर्स को वापस बुलाएं. 

SYEDMOHAMMADALAM35

Sep 04 2021, 08:49

nइंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ओमान (Oman) में खेले जाने वाले 2021 टी20 विश्व कप के लिए सभी देशों को अपनी टीम की घोषणा करने के लिए 10 सितंबर तक की समय सीमा तय की है. इस बीच जानकारी मिली है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) टी20 विश्व कप के लिए सात सितंबर को 15 सदस्यीय भारतीय टीम (Indian Cricket Team) का एलान कर सकती है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सात सितंबर को 2021 टी20 विश्व कप (2021 T20 World Cup) के लिए टीम इंडिया का एलान होगा. इससे यह साफ हो गया है कि आईपीएल 2021 में प्रदर्शन के आधार पर किसी खिलाड़ी को टी20 वर्ल्ड कप में जगह नहीं मिलने वाली है, बल्कि चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट ने पहले ही अपने खिलाड़ी तय कर लिए हैं. 17 अक्टूबर से 2021 टी20 विश्व कप का आगाज़ होगा. रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड सात सितंबर को 15 सदस्यीय टीम इंडिया का एलान करेगी. T20 World Cup: 7 सितंबर को BCCI टी20 विश्व कप के लिए करेगी 15 सदस्यीय टीम इंडिया का एलान! भारतीय क्रिकेट टीम इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ओमान (Oman) में खेले जाने वाले 2021 टी20 विश्व कप के लिए सभी देशों को अपनी टीम की घोषणा करने के लिए 10 सितंबर तक की समय सीमा तय की है. इस बीच जानकारी मिली है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) टी20 विश्व कप के लिए सात सितंबर को 15 सदस्यीय भारतीय टीम (Indian Cricket Team) का एलान कर सकती है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सात सितंबर को 2021 टी20 विश्व कप (2021 T20 World Cup) के लिए टीम इंडिया का एलान होगा. इससे यह साफ हो गया है कि आईपीएल 2021 में प्रदर्शन के आधार पर किसी खिलाड़ी को टी20 वर्ल्ड कप में जगह नहीं मिलने वाली है, बल्कि चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट ने पहले ही अपने खिलाड़ी तय कर लिए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम में 15 खिलाड़ियों को चुनोगी. इसके अलावा तीन रिज़र्व खिलाड़ियों को भी चुना जाएगा. माना जा रहा है कि रिज़र्व खिलाड़ियों के तौर पर पृथ्वी शॉ, इशान किशन और राहुल चाहर यूएई जाएंगे. वहीं सूर्यकुमार यादव, मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती और मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज़ श्रेयस अय्यर को टी20 वर्ल्ड कप टीम में मौका मिल सकता है. बता दें कि भारतीय टीम टी20 विश्व कप में अपना पहला मैच पाकिस्तान के खिलाफ खेलेगी. यह मैच 24 अक्टूबर को खेला जाएगा. इसके बाद टीम इंडिया 31 अक्टूबर को न्यूजीलैंड, 3 नवंबर को अफगानिस्तान और 5 नवंबर को सुपर 12 में क्वालिफाई करने वाली टीम (बी-1) से भिड़ेगी. भारतीय टीम- रोहित शर्मा, केएल राहुल, शिखर धवन, विराट कोहली (कप्तान), सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर, हार्दिक पांड्या, रविंद्र जडेजा, युजवेंद्र चहल, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, मोेहम्मद शमी, वरुण चक्रवर्ती और मोहम्मद सिराज.


GKmantra

Sep 01 2021, 10:17

 डॉ ए. पी. जे. अब्दुल कलाम द्वारा रचित 25 प्रमुख पुस्तकों की सूची (List of Books Written By Abdul Kalam Sir)
  


1. इंडिया 2020 : ए विजन फॉर द न्यू मिलेनियम (India 2020 : A Vision for the New Millennium)
❇️ प्रकाशन वर्ष : 1998

2. विंग्स ऑफ फायर : एन ऑटोबायोग्राफी (Wings of Fire : An Autobiography)
❇️ प्रकाशन वर्ष : 1999

3. इगनाइटेड माइंड्स : अनलीजिंग द पॉवर विदिन इंडिया (Ignited Minds : Unleasing the Power Within India)
❇️ प्रकाशन वर्ष : 2002

4. द ल्यूमिनस स्पार्क्स : ए बायोग्राफी इन वर्स एंड कलर्स (The Luminous Sparks : A Biography in Verse and Colours)
❇️ प्रकाशन वर्ष : 2004

5.  गाइडिंग सोल्स : डायलॉग्स ऑन द पर्पस ऑफ लाइफ (Guiding Souls : Dialogues on the Purpose of Life)
❇️ प्रकाशन वर्ष : 2005
✍ सह-लेखक : अरूण तिवारी

6.  मिशन ऑफ इंडिया : ए विजन ऑफ इंडियन यूथ (Mission of India: A Vision of Indian Youth)
❇️ प्रकाशन वर्ष : 2005

7.  इन्स्पायरिंग थॉट्स : कोटेशन सीरिज (Inspiring Thoughts : Quotation Series)
❇️ प्रकाशन वर्ष : 2007

8. यू आर बोर्न टू ब्लॉसम : टेक माई जर्नी बियोंड (You Are Born to Blossam : Take My Journey Beyond)
❇️ प्रकाशन वर्ष : 2011
✍ सह-लेखक : अरूण तिवारी

9. द साइंटिफिक इंडियन : ए ट्वेंटी फर्स्ट सेंचुरी गाइड टू द वर्ल्ड अराउंड अस (The Scientific India : A Twenty First Century Guide to the World Around Us)
❇️ प्रकाशन वर्ष : 2011
✍ सह-लेखक : वाई. एस. राजन

10. फेलियर टू सक्सेस : लीजेंडरी लाइव्स (Failure to Success : Legendry Lives)
❇️ प्रकाशन वर्ष : 2011
✍ सह-लेखक : अरूण तिवारी

11. टारगेट 3 बिलियन (Target 3  Billion)
❇️ प्रकाशन वर्ष : 2011
✍ सह-लेखक : श्रीजन पाल सिंह

12. यू आर यूनिक : स्केल न्यू हाइट्स बाई थॉट्स एंड एक्शंस (You Are Unique : Scale New Heights by Thoughts and Actions)
❇️ प्रकाशन वर्ष : 2012
✍ सह-लेखक : एस. कोहली पूनम

13. टर्निंग पॉइंट्स : ए जर्नी थ्रू चैलेंजेस (Turning Points : A Journey Through Challenges)
❇️ प्रकाशन वर्ष : 2012

14. इन्डोमिटेबल स्प्रिट (Indomitable Spirit)
❇️ प्रकाशन वर्ष : 2013

15. स्प्रिट ऑफ इंडिया (Spirit of India)
❇️ प्रकाशन वर्ष : 2013

16. थॉट्स फॉर चेंज : वी कैन डू इट (Thoughts for Change : We Can Do It)
❇️ प्रकाशन वर्ष : 2013
✍ सह-लेखक : ए. सिवाथानु पिल्लई

17. माई जर्नी : ट्रांसफॉर्मिंग ड्रीम्स इन्टू एक्शंस (My Journey : Transforming Dreams into Actions)
❇️ प्रकाशन वर्ष : 2013

18. गवर्नेंस फॉर ग्रोथ इन इंडिया (Governance for Growth in India)
❇️ प्रकाशन वर्ष : 2014

19. मैनीफेस्टो फॉर चेंज (Manifesto For Change)
❇️ प्रकाशन वर्ष : 2014
✍ सह-लेखक : वी. पोनराज

20. फोर्ज योर फ्यूचर : केन्डिड, फोर्थराइट, इन्स्पायरिंग (Forge Your Future : Candid, Forthright, Inspiring)
❇️ प्रकाशन वर्ष : 2014

21. बियॉन्ड 2020 : ए विजन फॉर टुमोरोज इंडिया (Beyond 2020 : A Vision for Tomorrow’s India)
❇️ प्रकाशन वर्ष : 2014

22. द गायडिंग लाइट : ए सेलेक्शन ऑफ कोटेशन फ्रॉम माई फेवरेट बुक्स (The Guiding Light : A Selection of Quotations from My Favourite Books)
❇️ प्रकाशन वर्ष : 2015

23. रिग्नाइटेड : साइंटिफिक पाथवेज टू ए ब्राइटर फ्यूचर (Reignited : Scientific Pathways to a Brighter Future)
❇️ प्रकाशन वर्ष : 2015
✍ सह-लेखक : श्रीजन पाल सिंह

24. द फैमिली एंड द नेशन (The Family and the Nation)
❇️ प्रकाशन वर्ष : 2015
✍ सह-लेखक : आचार्य महाप्रज्ञा

25. ट्रांसेडेंस माई स्प्रिचुअल एक्सपीरिएंसेज (Transcendence My Spiritual Experiences)
❇️ प्रकाशन वर्ष : 2015
✍ सह-लेखक : अरूण तिवारी 

SanatanDharm

Sep 01 2021, 06:39

Ramayan Across the world post this in Sanatan 

India

Aug 30 2021, 18:37

antilwinsgoldwithworldrecord
  
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पैरालंपिक खेलों में पहली बार भारत के दो स्वर्ण, अवनि के बाद भाला फेंक में सुमित को मिला गोल्ड मेडल

  

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भाला फेंक खिलाड़ी सुमित अंतिल ने सोमवार को टोक्यो पैरालंपिक खेलों में पुरूषों की एफ64 स्पर्धा में कई बार वर्ल्ड रिकार्ड तोड़ते हुए भारत को पैरालंपिक में दूसरा गोल्ड मेडल दिलाया। हरियाणा के सोनीपत के 23 साल के सुमित ने अपने पांचवें प्रयास में 68.55 मीटर दूर तक भाला फेंका जो दिन का बेस्ट प्रदर्शन और एक नया वर्ल्ड रिकार्ड था। 

  

सुमित ने 62.88 मीटर के अपने ही पिछले विश्व रिकार्ड को दिन में पांच बार बेहतर किया। हालांकि उनका अंतिम थ्रो 'फाउल रहा। उनके थ्रो की सीरीज 66.95, 68.08, 65.27, 66.71, 68.55 और फाउल रही। ऑस्ट्रेलिया के मिचाल बुरियन (66.29 मीटर) और श्रीलंका के डुलान कोडिथुवाक्कू (65.61 मीटर) ने क्रमश: सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीते। एफ64 स्पर्धा में एक पैर कटा होने वाले एथलीट कृत्रिम अंग (पैर) के साथ खड़े होकर हिस्सा लेते हैं।

2015 में मोटरबाइक दुर्घटना में उन्होंने बायां पैर घुटने के नीचे से गंवा दिया था।  दिल्ली के रामजस कॉलेज के छात्र अंतिल दुर्घटना से पहले पहलवान थे। दुर्घटना के बाद उनके बाएं पैर को घुटने के नीचे से काटना पड़ा। उनके गांव के एक पैरा एथलीट 2018 में उन्हें इस खेल के बारे में बताया। वह पटियाला में पांच मार्च को पटियाला में इंडियन ग्रां प्री सीरीज 3 में ओलंपिक चैम्पियन नीरज चोपड़ा के खिलाफ खेले थे जिसमें वह 66.43 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ सातवें स्थान पर रहे थे जबकि चोपड़ा ने 88.07 मीटर के थ्रो से अपना राष्ट्रीय रिकार्ड तोड़ा था। 

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Sep 18 2021, 00:40

रेलवे करने जा रहा है ये बड़ा बदलाव, जान लीजिए नहीं तो होगी दिक्कत
  


भारतीय रेल (Indian Railway) दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क (4th largest railway network in the world) है, जिसमें लग्जरी से लेकर लोकल ट्रेन रोजाना लोगों को उनकी मंजिल तक पहुंचाती हैं.

कोरोना महामारी के चलते भारतीय रेलवे ने ज्यादातर ट्रेन बंद कर दी थीं, जो अब धीरे-धीरे शुरू हो रहीं हैं. फिलहाल सभी ट्रेनें 0 नंबर के साथ स्पेशल ट्रेन के बतौर चल रहीं हैं.

हर साल अक्टूबर के महीने में रेलवे टाइम टेबल (Time Table) में बदलाव करता है लेकिन बीते साल कोरोना के चलते ये नहीं हो पाया था. लेकिन इस साल रेलवे टाइम टेबल जारी करेगा. भारतीय रेलवे ने सुविधाओं की बेहतरी के लिए अपनी दो सर्विस को बंद करने का फैसला लिया है. जानिए इनके बारे में.

लिंक एक्सप्रेस और स्लीप कोच कम करने की तैयारी

जागरण में छपी एक खबर के अनुसार रेलवे लिंक एक्सप्रेस (Link Express) और स्लीप कोच (sleep Coaches) के संचालन को कम करने की तैयारी कर रहा है. रेलवे के इस कदम से ट्रेनों में एक्सट्रा कोच लगाने या हटाने की जरूरत खत्म हो जाएगी, जिससे टाइम बचेगा और ट्रेनें अपनी डेस्टिनेशन तक तय समय में पहुंच पाएंगी. इसकी शुरुआत उत्तर रेलवे की कुछ ट्रेनों से हो रही है.

क्या होता है लिंक एक्सप्रेस

लिंक एक्सप्रेस का मतलब है, जब अलग-अलग रूट से आने वाली दो ट्रेनें किसी कॉमन स्टेशन पर आकर जुड़ती है और फिर एक जगह के लिए रवाना होती हैं तो इसे लिंक एक्सप्रेस कहते हैं. वहीं जब ये ट्रेन वापसी करते समय जिस स्टेशन पर जुड़ी थीं वहीं से अलग भी हो जाती हैं और अलग-अलग रूट पर चली जाती हैं इसे स्लिप कोच कहते हैं. रेलवे के मुताबिक ट्रेनों की लिंकिंग और स्लिप ट्रेनों को जोड़ने और अलग करने में समय की बर्बादी होती है, जिस वजह से ट्रेनें लेट हो जाती हैं.

इन ट्रेनों में बंद हो रही है सर्विस

रेलवे कई ट्रेनों में लिंक एक्सप्रेस और स्लीप कोचेस की सर्विस बंद करने जा रहा है. इन ट्रेनों में हरिद्वार-ऊना हिमाचल जनशताब्दी एक्सप्रेस, वाराणसी-देहरादून एक्सप्रेस, कालका-श्रीगंगानगर, ओखा-देहरादून एक्सप्रेस, कोच्चुवेली-देहरादून एक्सप्रेस, मदुरई-देहरादून एक्सप्रेस और हावड़ा-देहरादून एक्सप्रेस शामिल हैं. लिंक एक्सप्रेस और स्लीप कोचेस की सर्विस बंद होने के बाद यात्रियों को काफी लाभ होगा. क्योंकि इसके बाद ट्रेन समय से अपनी डेस्टिनेशन पर पहुंच पाएंगी.

फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन होने जा रहीं स्टार्ट

आने वाले महीनों में कई बड़े त्योहार हैं, जिनमें लोग अच्छी खासी तादात में सफर करते हैं. इन त्योहारों के मद्देनजर रेलवे फेस्टिव स्पेशल ट्रेनों को शुरू करने जा रहा है. दशहरा, दिवाली और छठ पूजा को देखते हुए दक्षिण पूर्व रेलवे ने 11 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों को एक्सटेंशन देने का ऐलान किया है. दरअसल, इन ट्रेनों को सिंतबर में बंद करने की तैयारी थी, लेकिन अब रेलवे ने त्योहारों में लोगों की भीड़ भाड़ को देखते हुए इन्हें बढ़ाने का फैसला लिया है. 

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Sep 17 2021, 09:22

Amazing: दुनिया का सबसे तेज़ Roller Coaster, दौड़ता है Formula 1 की स्पीड से !
  


Roller Coaster पर राइड करना किसे अच्छा नहीं लगता? Adventure के शौकीनों के लिए ऐसी ही राइड अबू धाबी के Ferrari World theme park में मौजूद है. इस रोलर कोस्टर की रफ्तार 240 किलोमीटर/घंटा है.

फॉर्मूला रोसा रोलर कोस्टर (Formula Rossa) को डिज़ाइन ही इसलिए किया गया था, ताकि इस पर राइड करने वालों को फॉर्मूला 1 का अनुभव दिया जा सके. इस पर चलने वाले कार्ट को भी F 1 Supercar की तरह ही बनाया गया है. इसका ट्रैक भी बेहद खास है, जो तेज़ रफ्तार के लिए परफेक्ट है. हां, इस रोमांचक सफर पर जाने वालों का दिल काफी मजबूत होना चाहिए, वरना रफ्तार का कहर झेल पाना मुश्किल हो जाता है.

उतार-चढ़ाव और अंधे मोड़ से भरपूर सफर
इस रोलरकोस्टर (World’s Fastest Roller Coaster) में बैठते ही आपको लगेगा कि दुनिया पलकें झपकते ही भागी चली जा रही है. 240 किलोमीटर/घंटा की रफ्तार देने वाले इस रफर में महज 2 सेकेंड के अंदर 0-100 किलोमीटर/घंटा की स्पीड आ जाती है. इसमें एयरक्राफ्ट कैरियर और स्टीम कैटेपल्ट्स की तरह की हाइड्रॉलिक लॉन्च सिस्टम (hydraulic launch system) का इस्तेमाल किया गया है. इतना ही नहीं माइंडब्लोइंग सफर में इतने सीधे टर्न और अचानक आने वाले उतार हैं, कि आपकी सांसे अटकी की अटकी रह जाएंगी. इस पूरे सफर का एक ही उद्देश्य है, फॉर्मूला वन ड्राइविंग का मज़ा अपने राइडर्स को देना.

Formula Rossa Cart में आ सकते हैं 16 लोग
इस राइड पर एक बार में 16 लोग सफर कर सकते हैं. इन सभी को राइड के दौरान सुरक्षा का खास ध्यान रखना होता है. उन्हें अपनी आंखों पर प्रोटेक्शन के लिए खास चश्मा लगाना पड़ता है, क्योंकि रफ्तार इतनी ज्यादा होती है कि इस दौरान आंखों में धूल, रेत या कीड़े तक जाने की आशंका बढ़ जाती है. अगर इतनी रफ्तार के बीच रेत या धूल के कण भी आंख में गए, तो गंभीर घाव हो सकता है. अक्टूबर, 2010 से शुरू हुआ ये रोलरकोस्टर अब तक का सबसे तेज़ रोलर कोस्टर है. हालांकि साल 2023 तक सऊदी अरब में ही Six Flags Qiddiya में इससे भी हाईस्पीड वाला रोलरकोस्टर बनकर तैयार हो जाएगा. 

Manavraj

Sep 17 2021, 07:50

विराट कोहली ने किया एलान, टी20 वर्ल्ड कप 2021 के बाद छोड़ देंगे भारतीय टी20 टीम की कप्तानी


नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। Virat Kohli announces on Twitter that he is stepping down as the team T20 Captain after T20 World Cup in Dubai: भारतीय क्रिकेट टीम के तीनों फार्मेट के कप्तान विराट कोहली ने क्रिकेट के सबसे छोटे फार्मेट की कप्तानी छोड़ने की घोषणा कर दी है। लंबे समय से उनकी कप्तानी को लेकर बातें की जा रही थी। कुछ दिन पहले ही यह खबर आई थी कि वह टी20 विश्व कप खत्म होने के बाद इस फार्मेट की कप्तानी छोड़ देंगे। गुरुवार 16 सितंबर को शाम उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए इस बात की जानकारी दी।

टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने ट्विटर के जरिए इस बात का एलान कर दिया है कि वो टी20 वर्ल्ड कप 2021 के ठीक बाद भारतीय टी20 टीम की कप्तानी छोड़ देंगे। इसके बाद वो भारतीय वनडे व टेस्ट टीम की कप्तानी करते रहेंगे। विराट कोहली के इस कदम के बाद अब पूरी संभावना है कि रोहित शर्मा को भारतीय टी20 टीम की को कप्तानी सौंपी जाएगी। रोहित शर्मा आइपीएल में सबसे सफल कप्तान हैं और उनका रिकार्ड शानदार है। विराट कोहली ने अपने ऊपर लगातार बढ़ते दबाव की वजह से ये कदम उठाया है। कम से कम एक प्रारूप की कप्तानी छोड़ने के बाद उनके उपर से दबाव हटेगा और वो ठीक तरीके से अपनी बल्लेबाजी पर भी ध्यान दे पाएंगे। 

विराट के टी20 टीम की कप्तानी छोड़ने के बाद अब यह तय हो गया है कि रोहित शर्मा को इस फार्मेट में टीम की कमान सौंपी जाएगी। विराट की जगह लंबे समय से उनको इस फार्मेट में कप्तान बनाए जाने की मांग की जा रही थी। विराट कोहली ने अपने ट्वीट में लिखा, टी20 प्रारूप से कप्तानी छोड़ने पर बयान जारी करते हुए विराट कोहली ने कहा है, "मैं न केवल भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए, बल्कि अपनी पूरी क्षमता के साथ भारतीय क्रिकेट टीम का नेतृत्व करने के लिए भाग्यशाली रहा हूं। मैं उन सभी का शुक्रिया अदा करता हूं, जिन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान के रूप में मेरे सफर में मेरा साथ दिया। मैं उनके बिना यह नहीं कर सकता था। टीम के खिलाड़ी, सहयोगी स्टाफ, चयन समिति, मेरे कोच और प्रत्येक भारतीय, जिन्होंने हमारे जीतने के लिए प्रार्थना की।"

उन्होंने आगे लिखा, "कार्यभार को समझना बहुत महत्वपूर्ण बात है और पिछले 8-9 वर्षों में सभी 3 प्रारूपों में खेलने और पिछले 5-6 वर्षों से नियमित रूप से कप्तानी करने पर मेरे अत्यधिक कार्यभार को देखते हुए, मुझे लगता है कि भारतीय टीम का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह से वनडे और टेस्ट में तैयार होने के लिए खुद को थोड़ा आराम देने की आवश्यकता है। मैंने टी20 कप्तान के तौर पर अपने समय में टीम को सब कुछ दिया है और आगे बढ़ते हुए एक बल्लेबाज के तौर पर टी20 टीम के लिए ऐसा करना जारी रखूंगा।"

विराट ने अपने बयान के आखिरी पैरा में कहा है, "बेशक, इस निर्णय पर पहुंचने में बहुत समय लगा। अपने करीबी लोगों, रवि (शास्त्री) भाई और रोहित, जो नेतृत्व समूह का एक अनिवार्य हिस्सा रहे हैं, उनके साथ बहुत चिंतन और चर्चा के बाद, मैंने अक्टूबर में दुबई में इस टी20 विश्व कप के बाद टी 20 कप्तान के रूप में पद छोड़ने का फैसला किया है। मैंने सभी चयनकर्ताओं के साथ सचिव जय शाह और बीसीसीआइ अध्यक्ष सौरव गांगुली से भी इस बारे में बात की है। मैं अपनी पूरी क्षमता से भारतीय क्रिकेट और भारतीय टीम की सेवा करता रहूंगा।"