"वृद्धजनों का सम्मान ही सशक्त समाज की पहचान" : पीएलवी सर्वेश कुमार सिंह
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मुक्ता त्यागी के निर्देशन में आनंद भवन वृद्धाश्रम में लगा विधिक जागरूकता शिविर, वरिष्ठ नागरिकों को बताए गए उनके कानूनी अधिकार
सुल्तानपुर,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सुल्तानपुर की सचिव मुक्ता त्यागी के निर्देशन में आनंद भवन वृद्धाश्रम में वृद्धजन अधिकार एवं विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का सफल संयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरालीगल वालंटियर (पीएलवी) सर्वेश कुमार सिंह ने किया।
शिविर को संबोधित करते हुए पीएलवी सर्वेश कुमार सिंह ने कहा कि "वृद्धजन हमारे परिवार और समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनका सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा करना हम सभी की नैतिक एवं कानूनी जिम्मेदारी है।" उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता, भरण-पोषण के अधिकार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की उपेक्षा, प्रताड़ना या कानूनी समस्या की स्थिति में वरिष्ठ नागरिक बिना किसी संकोच के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से निःशुल्क सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
पीएलवी सुनील राठौर ने कहा कि विधिक जागरूकता से ही नागरिक अपने अधिकारों की प्रभावी ढंग से रक्षा कर सकते हैं। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और आवश्यकता पड़ने पर विधिक सेवा प्राधिकरण का सहयोग लेने का आग्रह किया।
वरिष्ठ पत्रकार किशन पाठक ने कहा कि किसी भी सभ्य समाज की पहचान इस बात से होती है कि वह अपने बुजुर्गों को कितना सम्मान देता है। ऐसे जागरूकता शिविर न केवल कानून की जानकारी देते हैं, बल्कि समाज में बुजुर्गों के प्रति संवेदनशीलता और सम्मान की भावना भी विकसित करते हैं।
वृद्धाश्रम के मैनेजर श्रवण कुमार शर्मा ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मुक्ता त्यागी तथा पीएलवी सर्वेश कुमार सिंह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता शिविर वृद्धजनों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में पंकज कुमार कसौधन, सूर्यलाल, योगेश जायसवाल, रमेश कुमार यादव, श्री प्रकाश शर्मा, अखिलेश कुमार एवं अंशिका गुप्ता सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।



सुलतानपुर:-
उत्तर प्रदेश के
सुल्तानपुर जनपद के शिवगढ़ के पतीपुर नहर में शनिवार शाम एक नर कंकाल मिलने से ह्ड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने उसकी शिनाख्त लखनऊ के गोसाईंगंज के सिठौलीकला निवासी दीपक सिंह के रूप में की।
दरअसल मामला शिवगढ़ थानाक्षेत्र पतीपुर गांव नहर में एक शव मिलने का है। जहाँ लखनऊ से पहुंचे सिठौलीकला निवासी विजय सिंह ने बताया कि उनका भतीजा दीपक बीते 18 जून से लापता था। उनका आरोप है कि कुछ लोगों ने उसकी हत्या कर शव को नहर में फेंक दिया था। उसकी तलाश नहर के आसपास की जा रही थी। लेकिन कुछ जानकारी नहीं हो पाई,परन्तु शनिवार दोपहर करीब तीन बजे लखनऊ के गोसाईंगंज थाने की पुलिस टीम सुल्तानपुर शिवगढ़ के पतीपुर गांव के पास पहुंची। इसी बीच नहर के पुल के पास से नर कंकाल मिला। शिवगढ़ थाने प्रभारी परशुराम ओझा ने बताया कि कंकाल की शिनाख्त घरवालों ने दीपक सिंह के रूप में की है।
परिजनों की तहरीर के आधार पर पोस्टमार्टम व अन्य विधिक कार्रवाई की जाएगी। अब सवाल यह उठता है कि इतनी जल्द कैसे बॉडी नर कंकाल में परिवर्तित हुई क्या यह संभव है। खैर यह जाँच का विषय है।
कटका बाजार, सुलतानपुर। कटका क्लब सामाजिक संस्था के तत्वावधान में कटका–मयांग मार्ग पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं पूर्व विधायक स्वर्गीय पंडित रामबली मिश्र की स्मृति में प्रस्तावित वाटिका के अंतर्गत पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं पूर्व विधायक पंडित रामबली मिश्र के पौत्र राजीव मिश्र तथा भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद प्रतिनिधि संदीप मिश्र ने पौधरोपण कर संयुक्त रूप से किया।
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सुल्तानपुर में वरिष्ठ बीजेपी महिला नेता एवं जिला कोषाध्यक्षक्ष गीता गुप्ता उर्फ पूजा कसौंधन द्वारा युवक को थप्पड़ मारने का वीडियो तो लोगों ने खूब देखा,उन्हें बड़ा बुरा भला कहा,जाने क्या न क्या कहा,उनकी जमकर आलोचना की,विपक्षी पार्टियों को कोई मुद्दा नहीं मिला तो वे भी इस मामले में भुनाने में पीछे नहीं रहे,लेकिन पूजा ने युवक को थप्पड़ क्यों जड़ा,और किन परिस्थितियों में जड़ा,इसके पीछे की वजह न किसी ने जानी और न जाननी चाही।
वैसे तो भारतीय कानून में किसी महिला की 'रेकी' करना,पीछा करना या तांक-झांक करना एक गंभीर अपराध है। इसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत सख्त कानूनी प्रावधान और सजा का प्रावधान है।
इतना ही नहीं अगर दोष सिद्ध हो गया तो रेकी करने वाले और करवाने वाले दोनों को जुर्माने के साथ साथ जेल की हवा खानी पड़ सकती है। पूजा कसौधन के मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ है।
दरअसल पूजा के पति संदीप गुप्ता ने अपने घर के सामने अम्बरीश कुमार पाण्डेय की बेशकीमती जमीन का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट करवाया था। अम्बरीष की माने तो ये उनकी पुश्तैनी जमीन थी,जिसका विवाद 1981 से चल रहा है, विपक्षी 1991 में मुकदमा हार भी गए,लेकिन हटने के 5 साल बाद उन्होंने अभिषेक बरनवाल को इसका बैनामा कर दिया,विपक्षियों ने उसी बैनामे के आधार पर नक्शा भी पास करवा लिया जिसके बाद अंबरीष ने आलाधिकारियों से गुहार लगाई और अभिषेक का नक्शा निरस्त करवा दिया।
साथ ही दीवानी न्यायालय से स्थगन आदेश भी के आए, ताकि कोई यहां निर्माण न करवा सके। इसके साथ ही प्रशासन की देखरेख वहां ताला बंद करवा दिया गया। फिर भी विरोधी लगातार वहां कार्य करवाते रहे,अम्बरीष ने गुहार लगाई फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई और उस पर औने पौने दाम पर जमीन देने के दबाव बनाते रहे। लेकिन अम्बरीष पांडेय ने जमीन देने से इनकार कर दिया। इसी बीच उन्होंने पूजा कसौधन के पति संदीप गुप्ता को रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कर दिया, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
वहीं विपक्षियों को जब इस बात की भनक लगी कि इस जमीन का एग्रीमेंट पूजा कसौंधन के पति संदीप गुप्ता ने करवा लिया है तो वे बौखला उठे। उधर एग्रीमेंट करवाने के बाद पूजा कसौंधन ने भी अपने तरीके से पैरवी शुरू की। लेकिन बेखौफ विपक्षियों ने पूजा कसौधन की रेकी करवाना शुरू कर दिया।
पूजा कसौंधन के घर के सामने 360 डिग्री का कैमरा लगा दिया और उन पर नजर रखने लगें। पूजा ने विरोध किया तो कैमरा वहां से हटाकर उनके घर के बगल लगा दिया गया। इसके साथ ही रात के अंधेरे में उस जमीन के गेट पर लगा ताला तोड़ कर अंदर दाखिल हो गए।
पूजा कसौंधन ने फिर भी कुछ नहीं कहा,लेकिन इसी बीच उन्हें आभाष हुआ कोई उनकी रेकी कर रहा है, जानकारी लगी तो पता लगा कि घोषियाना पलटू का पुरवा का रहने वाला अरुण कुमार उनके पीछे लगा हुआ है। जहां जहां वे जाती थी पीछे पीछे जाकर जाकर विपक्षियों को इनके बारे में जानकारी देने लगा,थक हार कर पूजा कसौधन को 8 जुलाई अपने परिवार के साथ पकड़ कर उसे शाहगंज पुलिस चौकी ले गई और पुलिस के हवाले कर दिया। साथ ही अरुण सहित रेकी करने और करवाने वालों के खिलाफ तहरीर दे दी। इस बात की जानकारी लगते ही पूजा के विपक्षी शाहगंज पुलिस चौकी पहुंचे और उनसे माफी मांगने लगे। लेकिन इसी बीच अरुण कुमार ने जब उल्टा सीधा बोलना शुरू किया तो पूजा के सब्र का बाँध टूट गया और उन्होंने कुर्सी से उठकर मोबाइल में विपक्षियों से बात चीत की हिस्ट्री देखी और एक थप्पड़ जड़ दिया।
सुल्तानपुर,वर्ष 2002 में कादीपुर स्थित संत तुलसीदास महाविद्यालय के सामने बी.ए. द्वितीय वर्ष की छात्रा पूनम श्रीवास्तव की सड़क दुर्घटना में मृत्यु के बाद स्पीड ब्रेकर बनाए जाने की मांग को लेकर छात्रों ने धरना-प्रदर्शन शुरू किया था। आंदोलन के दौरान तत्कालीन कादीपुर कोतवाल शिवराज सिंह के नेतृत्व में पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई। लाठीचार्ज और फायरिंग में एक छात्र गोली लगने से घायल हो गया, जिसके बाद स्थिति और बिगड़ गई। कादीपुर बाजार बंद रहा और देर रात तक कोतवाली में धरना चलता रहा। हालात को नियंत्रित करने के लिए तत्कालीन फैजाबाद मंडल के कमिश्नर और डीआईजी मौके पर पहुंचे, जिसके बाद छात्रा के शव का पंचनामा हो सका। इस मामले में पुलिस ने 14 लोगों के विरुद्ध हत्या के प्रयास, लूट, अपहरण, डकैती समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। पिछले 24 वर्षों से विचाराधीन इस मामले में शुक्रवार को न्यायालय ने कांग्रेस के वर्तमान जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा समेत सभी 14 आरोपितों को दोषमुक्त करते हुए बाइज्जत बरी कर दिया। फैसले के बाद दीवानी परिसर में खुशी का माहौल रहा। दीवानी परिश्रम बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा को मिष्ठान खिलाकर बधाई दी।
दोस्त मुक्त साबित होने पर कांग्रेस के वर्तमान जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि 24 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद न्यायालय के फैसले ने साबित कर दिया कि सत्य को कभी पराजित नहीं किया जा सकता। हमें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास था और आज न्याय की जीत हुई है। मैं अपने सभी साथियों,अधिवक्ताओं और शुभचिंतकों का आभार व्यक्त करता हूं। यह फैसला सत्य और न्याय की विजय का प्रतीक है।
Jul 14 2026, 17:18
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