यूपी 112 मुख्यालय में 'वृक्षारोपण महायज्ञ अभियान 2026' के तहत ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पर वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम संपन्न

लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार के वृक्षारोपण महायज्ञ अभियान 2026 के अंतर्गत आज यूपी 112 मुख्यालय, लखनऊ परिसर में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता और हरित आवरण को बढ़ाने के उद्देश्य से वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

यह कार्यक्रम विशेष रूप से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पर आयोजित किया गया। जिसमें मातृशक्ति और प्रकृति माता के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।इस महाभियान में यूपी 112 के पुलिस महानिदेशक  विनोद कुमार सिंह के मार्गदर्शन में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और 300 से अधिक फलदार और छायादार पौधे रोपे गए ।


पर्यावरण को शुद्ध करने और परिसर को हरा-भरा बनाने के लिए जामुन, अनार, नींबू, शरीफा, लीची, आम, आंवला जैसे फलदार एवं छायादार वृक्षों के पौधे रोपे गए। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक यूपी112  द्वारा  पौधों की निरंतर देख-रेख करने वाले मालियों के कार्य की सराहना करते हुए उत्सा‍हवर्धन के लिए  सम्मा‍नित किया गया।
यूपी में मिलावटी दूध पर बड़ा प्रहार: 42 डेयरियों पर छापे, 34 क्विंटल खाद्य पदार्थ जब्त, 4 एफआईआर दर्ज
-  116 नमूने जांच के लिए भेजे गए, ₹28.50 लाख का खाद्य पदार्थ जब्त; अमरोहा, अलीगढ़, बदायूं और मथुरा में बड़ी कार्रवाई

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में दूध एवं दुग्ध उत्पादों में मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने शनिवार को प्रदेशव्यापी विशेष छापामार अभियान चलाया। अभियान के तहत 27 अंतरजनपदीय टीमों ने 42 डेयरी इकाइयों, मिल्क चिलिंग सेंटर, मिल्क कलेक्शन सेंटर और निर्माण प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान 116 खाद्य नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए, 34 क्विंटल खाद्य पदार्थ जब्त किए गए और गंभीर अनियमितताओं पर चार एफआईआर दर्ज की गईं।
आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के निर्देश पर चलाए गए अभियान में खाद्य सुरक्षा मानकों, स्वच्छता, कच्चे माल की गुणवत्ता, पैकेजिंग, लेबलिंग और संभावित मिलावट की गहन जांच की गई। कार्रवाई के दौरान करीब ₹28.50 लाख मूल्य के 34 क्विंटल खाद्य पदार्थ जब्त किए गए, जबकि मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए गए 9 क्विंटल खाद्य पदार्थों को नष्ट कराया गया, जिनकी अनुमानित कीमत ₹8.50 लाख है।

-  इन जिलों में दर्ज हुई एफआईआर
अमरोहा: उमंग डेयरी लिमिटेड से पांच नमूने लिए गए। यहां से 5,000 किलोग्राम व्हे पाउडर और 27,875 किलोग्राम स्क्रैप पाउडर (कुल मूल्य लगभग ₹25.49 लाख) जब्त किया गया। साथ ही 699 किलोग्राम बटर और 99 किलोग्राम पनीर नष्ट कराया गया। जांच में वेजिटेबल फैट एवं प्रतिबंधित अपमिश्रकों से बटर निर्माण मिलने पर एफआईआर दर्ज की गई।

अलीगढ़: चंडौस क्षेत्र के ग्राम सुदेशपुर स्थित बरकत अली की पनीर निर्माणशाला से नौ नमूने लिए गए। मौके पर 200 लीटर दूध और 400 किलोग्राम नकली पनीर नष्ट कराया गया। अपमिश्रकों से नकली पनीर बनाने पर एफआईआर दर्ज हुई।

बदायूं: ग्राम कोल्हाई स्थित कादरी डेयरी से आठ नमूने लिए गए। यहां चीनी, रिफाइंड पामोलीन ऑयल और घी जब्त किया गया, जबकि 78 लीटर अपमिश्रित दूध नष्ट कराया गया। नकली दूध एवं घी बनाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई।

मथुरा: अनीता डेयरी में पूर्व में सील किए गए प्रतिष्ठान को बिना लाइसेंस संचालित करते हुए पाए जाने पर दो नमूने लिए गए और एफआईआर दर्ज की गई।

-  अन्य प्रमुख कार्रवाई
मथुरा की राधिका डेयरी से तीन नमूने लेकर 88 किलोग्राम घी जब्त किया गया तथा 130 किलोग्राम अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार पनीर नष्ट कराया गया। वहीं मधु डेयरी से चार नमूने लिए गए और मिलावट के संदेह में 104 किलोग्राम घी जब्त किया गया।
आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कार्रवाई के दौरान छोटे दुकानदारों, खुदरा व्यापारियों और हाकरों का किसी भी प्रकार से उत्पीड़न न किया जाए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान का उद्देश्य संगठित रूप से खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है और ऐसे विशेष अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
भाजपा की प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक: बूथ सशक्तीकरण, जनसंपर्क और डिजिटल प्रशिक्षण पर जोर
-  प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी बोले— कार्यकर्ता ही भाजपा की सबसे बड़ी ताकत, विपक्ष के दुष्प्रचार का तथ्यों से दें जवाब; 26 जुलाई को पूरे प्रदेश में मनाया
     जाएगा कारगिल विजय दिवस

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश की प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक शनिवार को पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी की अध्यक्षता तथा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह की उपस्थिति में आयोजित हुई। बैठक में बूथ सशक्तीकरण, जनसंपर्क अभियान, वृक्षारोपण अभियान, डिजिटल बूथ प्रशिक्षण, कारगिल विजय दिवस और अन्य संगठनात्मक कार्यक्रमों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसका समर्पित कार्यकर्ता और मजबूत बूथ संगठन है। उन्होंने कहा कि बूथ स्तर का कार्यकर्ता ही चुनाव का वास्तविक योद्धा होता है, इसलिए प्रत्येक पदाधिकारी को बूथ स्तर तक नियमित प्रवास, संवाद और संगठनात्मक गतिविधियों को गति देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को साकार करने के लिए संगठन और सरकार दोनों को पूरी क्षमता के साथ जनता के बीच कार्य करना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि संगठन के प्रत्येक अभियान को जनसंपर्क और जनविश्वास बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बनाया जाए।
प्रदेश अध्यक्ष ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष लगातार भ्रम और दुष्प्रचार फैलाने का प्रयास कर रहा है। ऐसे समय में भाजपा कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और उपलब्धियों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाएं तथा तथ्यों के आधार पर विपक्ष के आरोपों का जवाब दें।
बैठक में प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने बूथ सशक्तीकरण को संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि भाजपा का संगठन बूथ आधारित है और संगठन की मजबूती का आधार सक्रिय बूथ ही है। उन्होंने पदाधिकारियों से प्रत्येक बूथ पर प्राथमिक एवं सक्रिय सदस्यों, पुराने और नए कार्यकर्ताओं, पूर्व पदाधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने का आह्वान किया।
उन्होंने आगामी वृक्षारोपण अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने पर जोर देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण राष्ट्रीय आवश्यकता है। प्रत्येक कार्यकर्ता पौधारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण का भी संकल्प ले।
धर्मपाल सिंह ने डिजिटल बूथ प्रशिक्षण अभियान को संगठन के लिए ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि प्रत्येक बूथ पर अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं को डिजिटल प्रशिक्षण से जोड़कर संगठन को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल रूप से प्रशिक्षित कार्यकर्ता सरकार की योजनाओं और संगठन की विचारधारा को प्रभावी ढंग से समाज तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
बैठक में 26 जुलाई को पूरे प्रदेश में **कारगिल विजय दिवस** श्रद्धा और राष्ट्रभक्ति के साथ मनाने का निर्णय भी लिया गया। इस अवसर पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि, पूर्व सैनिकों का सम्मान तथा युवाओं में राष्ट्रसेवा की भावना जागृत करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों से संगठन द्वारा निर्धारित कार्यक्रमों को अनुशासन, समन्वय और सक्रियता के साथ सफल बनाने तथा बूथ से लेकर प्रदेश स्तर तक संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया गया।
वाराणसी की कैंट विधानसभा में विधायक ने किया इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास
लखनऊ /वाराणसी। वाराणसी की कैंट विधानसभा में शनिवार की सुबह विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने नेवादा क्षेत्र के मुसहर बस्ती में इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। मुसहर बस्ती में स्थानीय लोगों ने बीते दो माह पूर्व ही विधायक सौरभ से सड़क की मांग की थी। विधायक ने लोगों को जल्द सड़क देने का आश्वासन दिया था।

इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्य के शिलान्यास के बाद विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि मुसहर बस्ती में सड़क की मांग पर विकास कार्य को जोर देते हुए आज शिलान्यास कर दिया गया है। इस कार्य के सम्पन्न होने पर मुसहर बस्ती के निवासियों का आवागमन और सुगम होगा। शिलान्यास का पूजन यही के वरिष्ठ नागरिक बलवंत पटेल से कराया गया है। जबकि शिलापट्ट का अनावरण भाजपा नेता राकेश मोहन तिवारी व दिनेश पटेल ने किया है। भाजपा नेता प्रेम पटेल ने नारियल फोड़ परियोजना का शुभारंभ किया है। कुछ ही समय में यह सड़क बनकर तैयार हो जाएगी।
यूपी के सभी जिला पंचायत अध्यक्षों को बनाया गया प्रशासक
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को नई जिला पंचायतों के गठन तक निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक के रुप में नियुक्त करने का फैसला लिया है। इन सभी का पांच वर्षीय कार्यकाल 11 जुलाई (शनिवार) को समाप्त हो रहा है। इसकाे देखते हुए शासन ने यह निर्णय किया है। इससे पहले सरकार की ओर से प्रधानों को ग्राम पंचायतों में प्रशासक की भूमिका में तैनात किया गया था। हालांकि, मामले को कोर्ट में चुनौती दे दी गई। कानूनी पेंच प्रक्रिया में फंसा हुआ है।

इस संबंध में पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिव पंचायती राज अनिल कुमार ने शुक्रवार को जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक के रूप में नियुक्त किए जाने का आदेश पत्र जारी किया है। सभी जिलों के जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल शनिवार को समाप्त हो रहा है। इसको ध्यान में रखते हुए सरकार ने उन्हें प्रशासक बनाने का फैसला लिया है।

सरकार की ओर से जारी शासनादेश में साफ किया गया है कि जिला पंचायत अध्यक्ष बने प्रशासक कोई बड़ा नीतिगत फैसला नहीं ले सकेंगे। हालांकि, जिला पंचायत के नियमित तौर पर चलने वाले विकास कार्य, प्रशासनिक संचालन और योजनाओं को लेकर वे निर्णय ले पाएंगे। इससे क्षेत्र में उनकी अहमियत बनी रहेगी।

उल्लेखनीय है कि जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल खत्म होने के बाद अब तक जिले के जिलाधिकारी ही प्रशासक की भूमिका में तैनात होते थे और जिला पंचायतों के कामकाज को प्रशासक के तौर पर देखते थे। हालांकि राज्य सरकार ने नियम में बदलाव किया और जिला पंचायत अध्यक्षों को ही प्रशासक बनाने का निर्णय किया है।
यूपी की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण को बड़ा बजट, 20.70 करोड़ रुपये की कार्ययोजना मंजूर


-  25 जिलों के 42 स्मारकों व पुरास्थलों का होगा अनुरक्षण, लहुरादेवा समेत तीन प्राचीन स्थलों की बनेगी चहारदीवारी; पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने दी जानकारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 20 करोड़ 70 लाख रुपये की कार्ययोजना को मंजूरी दी है। इस राशि से प्रदेश के विभिन्न स्मारकों और पुरास्थलों का अनुरक्षण, जीर्णोद्धार (रेस्टोरेशन) तथा चहारदीवारी निर्माण कराया जाएगा।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग ने अब तक 275 स्मारकों और पुरास्थलों को राज्य संरक्षित धरोहर घोषित किया है, जबकि 40 अन्य स्थलों को संरक्षित किए जाने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में 25 जनपदों के 42 स्मारकों एवं पुरास्थलों के अनुरक्षण और संरक्षण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर व्यापक कार्य कराए जाएंगे।

-  इन प्रमुख धरोहरों का होगा संरक्षण
योजना के तहत चित्रकूट का 12वीं सदी का सोमनाथ मंदिर, अयोध्या का गुप्तारघाट मंदिर, आगरा का गांधी स्मारक, मथुरा की बरसाना छतरी, झांसी का रानी महल, ललितपुर के देवगढ़ स्थित गुप्तकालीन बौद्ध, जैन एवं हिंदू गुफा मंदिर, महराजगंज का गुप्तकालीन बौद्ध स्तूप, वाराणसी के पांचों शिवाला, मिर्जापुर का घंटाघर, प्रयागराज का रानी का तालाब, संभल की प्राचीन बावली तथा लखनऊ स्थित लगभग 3,000 वर्ष पुराने नटवाडीह टीले का अनुरक्षण किया जाएगा।

-  इन पुरास्थलों की बनेगी चहारदीवारी
मंत्री ने बताया कि सुलतानपुर के मौर्यकालीन इटिहवा टीला, सीतापुर के मड़वाडीह टीला तथा संतकबीर नगर स्थित लगभग 8,000 वर्ष पुराने लहुरादेवा पुरास्थल की सुरक्षा के लिए चहारदीवारी का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए चालू वित्तीय वर्ष के बजट में 8 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त कानपुर के टिकैतराय शिव मंदिर परियोजना के लिए 1.65 करोड़ रुपये (165 लाख रुपये) की धनराशि प्रस्तावित की गई है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के साथ-साथ उन्हें पर्यटन की दृष्टि से भी विकसित कर रही है, ताकि सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित रहे और पर्यटन को भी बढ़ावा मिले।
यूपी में 20 आईएएस अफसरों का तबादला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने गुरुवार देर रात को 20 आईएएस अफसरों के स्थानांतरण किया है। इनमें सचिव और विशेष सचिव स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा बलिया, आजमगढ़, और इटावा जिले मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) शामिल है।

तबादले के क्रम में सुधा वर्मा को सचिव राजस्व से श्रमायुक्त बनाया गया है। डा. सारिका मोहन को महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा तथा सचिव चिकित्सा शिक्षा से महानिरीक्षक निबंधन, नेहा शर्मा महानिरीक्षक निबंधन से महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा तथा सचिव चिकित्सा शिक्षा, अरुण कुमार अपर महानिदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म से मिशन निदेशक उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन बनाए गया हैं।

वहीं, जे रीभा को विशेष सचिव भूतत्व एवं खनिकर्म के वर्तमान पद के साथ अपर निदेशक का प्रभार सौंपा गया है। दीपा रंजन को मिशन निदेशक राज्य आजीविका मिशन से विशेष सचिव संस्कृति विभाग, संजय कुमार प्रथम को विशेष सचिव संस्कृति एवं निदेशक धर्मार्थ कार्य को विशेष सचिव संस्कृति के प्रभार से कार्यमुक्त उन्हें निदेशक संस्कृति का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। विशाल सिंह को विशेष सचिव सस्कृति, निदेशक सूचना एवं निदेशक संस्कृति विभाग से विशेष सचिव संस्कृति तथा निदेशक संस्कृति के प्रभार से अवमुक्त कर दिया गया है।

इसी तरह संदीप भागिया अपर आयुक्त राज्य कर गौतमबुद्धनगर तथा अपर आयुक्त राज्य कर गाजियाबाद द्वितीय से प्रबंध निदेशक मध्याचंल विद्युत वितरण निगम बनाया गया हैं। परीक्षित खटाना को मुख्य विकास अधिकारी आजमगढ़ से अपर आयुक्त राज्य कर गौतमबुद्ध नगर, राकेश कुमार पटेल को अपर आयुक्त लखनऊ मंडल से मुख्य विकास अधिकारी आजमगढ़, रेणु तिवारी को विशेष सचिव महिला कल्याण तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग तथा सचिव रज्य महिला आयोग को विशेष सचिव बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के पद से कार्यमुक्त कर दिया गया है।

इनके अलावा जग प्रवेश को नगर आयुक्त मथुरा-वृंदावन से विशेष सचिव वन पर्यावरण एवं जलवायु प्रवर्तन विभाग, ओजस्वी राज को मुख्य विकास अधिकारी बलिया से नगर आयुक्त मथुरा-वृंदावन, आलोक कुमार एडीएम (वि/रा) से मुख्य विकास अधिकारी बलिया। अजय कुमार गौतम को मुख्य विकास अधिकारी इटावा से अपर आयुक्त राज्य कर गाजियाबाद प्रथम, संजय कुमार सिंह को एडीएम (प्रशासन) से मुख्य विकास अधिकारी इटावा, प्रतीक्षारत मनिकंदन ए को अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त राजस्व परिषद और डा. वंदना वर्मा को विशेष सचिव चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग तथा संयुक्त प्रबंध निदेशक राज्य चीनी निगम को संयुक्त प्रबंध निदेशक सहकारी चीनी मिल्स संघ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
यूपी में अतिवृष्टि और आकाशीय बिजली से हुए नुकसान पर सीएम योगी सख्त, 24 घंटे में मुआवजा देने के निर्देश

-  जनहानि, पशुहानि और आर्थिक क्षति का तत्काल आकलन कर राहत पहुंचाने के आदेश, अधिकारियों को फील्ड में रहकर प्रभावित परिवारों की हरसंभव मदद करने के निर्देश

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों में अतिवृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने से हुई जनहानि, पशुहानि एवं आर्थिक नुकसान का संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने इस आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनहानि, पशुहानि और फसल सहित अन्य आर्थिक क्षति का तत्काल आकलन कराया जाए तथा पात्र प्रभावितों को 24 घंटे के भीतर राहत एवं मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।
सीएम योगी ने सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी स्वयं प्रभावित परिवारों से संवाद स्थापित करें और उन्हें हर संभव सरकारी सहायता समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराएं।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि राहत कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराते हुए स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए।
यूपी में बारिश का असर: गाजियाबाद, मेरठ और कासगंज में 12वीं तक के सभी स्कूल बंद, ऑरेंज अलर्ट जारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और मौसम विभाग की गंभीर चेतावनी के बीच कई जिलों में जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। गाजियाबाद, मेरठ और कासगंज में शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। यह फैसला छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

गाजियाबाद में सभी स्कूलों की छुट्टी

गाजियाबाद के जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने जिले के सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया है। बीएसए द्वारा जारी आदेश के अनुसार भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 10 जुलाई को तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।

लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। सड़कों पर पानी भरने से विद्यार्थियों के सुरक्षित आवागमन में परेशानी हो सकती है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने नर्सरी से कक्षा 12 तक के सभी विद्यालयों को बंद रखने का निर्णय लिया है।

यह आदेश जिले के सभी परिषदीय (सरकारी), सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, निजी विद्यालयों के साथ-साथ सीबीएसई, आईसीएसई, उत्तर प्रदेश बोर्ड और अन्य सभी बोर्डों से संबद्ध स्कूलों पर लागू होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मेरठ में भी स्कूलों पर ताला

मेरठ जिला प्रशासन ने भी मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को कक्षा 1 से 12 तक के सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने आदेश जारी किया।

मौसम विभाग ने मेरठ के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन का कहना है कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

कासगंज में भी डीएम का बड़ा फैसला

कासगंज जिले में भी लगातार बारिश के चलते जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने शुक्रवार को नर्सरी से लेकर कक्षा 12 तक के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया है। जिला प्रशासन ने सभी शिक्षण संस्थानों को आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।

मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश, तेज आंधी, बिजली गिरने और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने और मौसम संबंधी आधिकारिक सलाह का पालन करने की अपील की है।

प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। ऐसे में जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी एहतियाती कदम उठाए जा सकते हैं।
वीरांगना रानी अवंती बाई का बलिदान देशवासियों के लिए प्रेरणा: बांदा में प्रतिमा अनावरण के दौरान बोले सीएम योगी

-  बांदा में वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की भव्य प्रतिमा का अनावरण, बोले— अच्छे नेतृत्व में महापुरुषों को मिलता है सम्मान

लखनऊ/बांदा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को बांदा के कालू कुआं चौराहे पर वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि रानी अवंती बाई ने देश की आन-बान-शान और आजादी की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनका त्याग, साहस और बलिदान आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरांगना रानी अवंती बाई की प्रतिमा का अनावरण उनके लिए गौरव का विषय है। उन्होंने बांदा सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने जिले के प्रमुख स्थलों पर राष्ट्रनायकों और वीर-वीरांगनाओं की प्रतिमाएं स्थापित कर वर्तमान और भावी पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने का सराहनीय कार्य किया है।

- गौरवशाली परंपरा को मिला विस्तार
सीएम योगी ने कहा कि लगभग तीन वर्ष पूर्व भी उन्हें बांदा में दो महत्वपूर्ण प्रतिमाओं के अनावरण का अवसर मिला था और अब वीरांगना अवंती बाई की प्रतिमा के साथ यह गौरवशाली परंपरा आगे बढ़ी है। उन्होंने कहा कि बांदा का सिटी डेवलपमेंट प्लान, बेहतर होती सड़कें और अन्य विकास कार्य योजनाबद्ध विकास की नई पहचान बन रहे हैं।

-  1857 के वीरों को किया याद
मुख्यमंत्री ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में पूरे देश में स्वतंत्रता की चेतना जाग उठी थी। उन्होंने मंगल पांडे, धन सिंह गुर्जर, तात्या टोपे और महारानी लक्ष्मीबाई का स्मरण करते हुए कहा कि उसी महान परंपरा में वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी ने भी राष्ट्रधर्म को सर्वोपरि मानते हुए मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
उन्होंने कहा कि भले ही वीरांगना अवंती बाई आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका संघर्ष, शौर्य और बलिदान सदैव आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करता रहेगा।

-  अच्छे नेता चुनने पर मिलता है महापुरुषों को सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब अच्छे नेतृत्व का चयन होता है, तब राष्ट्रनायकों और महापुरुषों को उचित सम्मान मिलता है। उन्होंने कहा कि वीरांगना अवंती बाई जैसी महान विभूतियों का सम्मान उनके राष्ट्रधर्म और बलिदान के प्रति समाज की कृतज्ञता का प्रतीक है।
कार्यक्रम में जलशक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद, लोक निर्माण विभाग के राज्यमंत्री कुंवर बृजेश सिंह, बांदा विधायक प्रकाश द्विवेदी, नरैनी विधायक ओममणि वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष कल्लू राजपूत सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।