सनातन सुरक्षा सेना के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष बने डॉक्टर नितिन गुप्ता
मुंबई।  सनातन और सामाजिक कार्यों के प्रति समर्पित संगठन 'सनातन सुरक्षा सेना ' ने महाराष्ट्र में अपने संगठन का विस्तार करते हुए डॉ नितिन गुप्ता को मुंबई / महाराष्ट्र का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह घोषणा संगठन के शीर्ष नेतृत्व द्वारा आधिकारिक तौर पर की गई। डॉक्टर नितिन गुप्ता की यह नियुक्ति सनातन सुरक्षा सेवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत श्री शुभम गोस्वामी जी महाराज, राष्ट्रीय महामंत्री विकास सिंह ठाकुर और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आर्यन वर्मा की विशेष संस्तुति (अनुशंसा) के आधार पर की गई है। शीर्ष नेतृत्व ने डॉक्टर गुप्ता के नेतृत्व कौशल और संगठन के प्रति उनकी निष्ठा को देखते हुए उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।
डॉक्टर नितिन गुप्ता लंबे समय से समाज के विभिन्न वर्गों के कल्याण के लिए सक्रिय रहे हैं। पूर्व में उनके द्वारा किए गए कई महत्वपूर्ण सामाजिक कार्यों के कारण जनता के बीच उनकी एक मजबूत पकड़ है। इसके साथ ही, उन्हें एक प्रखर हिंदूवादी नेता और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बड़े नेताओं में गिना जाता है।
इस नई जिम्मेदारी के मिलने पर डॉक्टर नितिन गुप्ता ने राष्ट्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे संगठन की उम्मीदों पर खरा उतरने और महाराष्ट्र में सनातन संस्कृति व सामाजिक सुरक्षा के कार्यों को और अधिक मजबूती देने का काम करेंगे। उनकी इस नियुक्ति पर भाजपा कार्यकर्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सनातन सुरक्षा सेवा के सदस्यों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
अग्रणी मिश्रा के प्रथम भरतनाट्यम मंचारोहण की जमकर की गई सराहना

ठाणे।  गडकरी रंगायतन में संस्कृति अकादमी ऑफ़ फाइन आर्ट्स के व्यवस्थापन एवं मार्गदर्शन में आज एक भव्य आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें भरतनाट्यम प्रशिक्षण के बाद कुमारी अग्रणी रूचि मनीष मिश्रा को प्रमुख आचार्य श्रीमती आशा सुनील कुमार एवं अन्य आचार्यों के आशीर्वाद के साथ मेडल एवं स्नातक प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं गणेश वंदना से हुई। तत्पश्चात अग्रणी, नेहा एवं अनुभूति द्वारा शारदा कौत्वम, जतिश्वरम, शिव पंचाक्षर स्त्रोतम, वर्णम, आदिदानो रंगा, दुर्गा स्तुति राम भजन एवं तिल्लाना की संगीतमय एवं मनमोहक नाट्य प्रस्तुति की गयी।अग्रणी द्वारा रामभजन में सीता स्वयंबर की एकल नाट्य प्रस्तुति पर प्रेक्षागृह तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा।भरतनाट्यम में अरंगेत्रम का शाब्दिक अर्थ मंच पर प्रथम बार आरोहण होता है। यह आयोजन एक स्नातक समारोह की तरह है जो बर्षों की कठिन मेहनत एवं प्रशिक्षण के बाद छात्र की व्यावसायिक यात्रा का प्रतीक है। कुमारी अग्रणी की यह यात्रा दस वर्षों में सम्पन्न हुई है। जिसमें अकादमी द्वारा पितृ पक्ष एवं मातृ पक्ष के परिजनों को आशीर्वाद देने के लिए आमंत्रित किया गया था।  मंगलम नाट्य प्रस्तुति एवं हर-हर महादेव के उद्घोष से कार्यक्रम का  समापन हुआ। कार्यक्रम में पितृ पक्ष से दादा सुरेश चन्द्र देव नारायण मिश्र (सेवानिवृत शिक्षक )एवं दादी सुमित्रा ने अग्रणी को आशीर्वाद दिया। अन्य पारिवारिक सदस्यों में उमेश मिश्र, ब्लॉक अध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ,बदलापुर, जय प्रकाश मिश्र(सेवानिवृत मुख्य बुकिंग पर्यवेक्षक ) विजयप्रकाश मिश्र (सेकेण्डरी शिक्षक), गिरीश मिश्र(लान टेनिस कोच )हरीश, अजय, अवनीश-रानी मिश्र सभी सपरिवार, वशिष्ठ सपरिवार के साथ-साथ मातृ पक्ष से प्रेम नाथ मिश्र एवं राजेन्द्र नाथ मिश्र, श्रीमती रश्मि पाण्डेय, विश्वम्भर नाथ पाण्डेय सपरिवार,तथा अन्य सम्बन्धियों एवं उपस्थित शुभचिंतकों ने अग्रणी के उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया।
हास्य कवि सुरेश मिश्र को मिलेगा पं. बाण पुरस्कार
मुंबई। महाकवि बाण प्रतिष्ठान द्वारा प्रतिवर्ष दिया जाने वाला देश का प्रतिष्ठित साहित्यिक पुरस्कार 'पं. बाण सम्मान' इस वर्ष मुंबई के लब्धप्रतिष्ठित हास्य कवि सुरेश मिश्र को पंद्रह जुलाई 2026 को देशभारती पब्लिक इंटर कॉलेज, राजाजीपुरम, लखनऊ, उत्तर प्रदेश में प्रदान किया जाएगा जिसके तहत शॉल, स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र के साथ इक्यावन हजार रुपए नकद दिए जाएंगे, साथ ही देश के मूर्धन्य विद्वान व ओजरस के शिखर कवि पं. वेदव्रत वाजपेई के जन्म दिवस को गुरु पर्व के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर होने होने वाले अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में सुरेश मिश्र द्वारा रचित हिंदी साहित्य के इतिहास की प्रकाशित पहला डमरू छंद संग्रह डमरू शतक का विमोचन भी किया जाएगा।यह घोषणा देशभारती पब्लिक इंटर कालेज के संस्थापक पंडित वेदव्रत वाजपेई ने एक प्रेस कांफ्रेंस में की। इस अवसर पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विधायकों के साथ कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहेंगे। सुरेश मिश्र की अब तक आठ पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।उनकी रचित कविता 'नदी की पुकार' कक्षा नौवीं (लोकवाणी) में और 'मां-बाप से बढ़कर कोई भगवान नहीं है' कक्षा छठवीं (बांग्ला भारती) में महाराष्ट्र के शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम में शामिल है। इन्हें साहित्य अकादमी सहित दर्जनों प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। इंटर कॉलेज के प्रबंधक मनुव्रत वाजपेई ने तमाम साहित्य रसिकों से इस साहित्यिक यज्ञ में उपस्थित रहने का आवाहन किया है।
राजपाल यादव अच्छे अभिनेता के साथ अच्छे इंसान : कैलाश मासूम
मुंबई। राजपाल यादव को हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में तीन महीने की सजा सुनाई है साथ ही करोड़ों रुपये का जुर्माना भी लगाया है! वहीं राजपाल यादव की जल्द आने वाली फ़िल्म “घोड़ी पे चढ़के आना” के निर्देशक कैलाश मासूम ने कहा है कि क़ानूनी प्रक्रिया अपनी जगह है लेकिन मैं इतना बता सकता हूँ कि राजपाल यादव ना केवल एक बेहतरीन और महान अभिनेता हैं बल्कि वो दिल के भी बहुत अच्छे इंसान हैं, लोगों की मदद करते हैं , अपना वादा निभाते हैं! आज भी देश विदेश में उनके करोड़ों प्रशंसक हैं और उनकी फ़िल्में देखकर इंटरटेन होते हैं ! राजपाल यादव का भारतीय सिनेमा में बहुत बड़ा योगदान है, दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह विवाद सुलझ नहीं पाया और उनको जेल जाना पड़ा. कैलाश मासूम ने कहा कि राजपाल यादव एक भले इंसान हैं एक बार वो  किसी पे भरोसा कर लेते हैं तो आँख बंद करके उसके साथ चल देते हैं, कई बार लोग उनके सीधे पन का भी ग़लत फायदा उठा लेते हैं! बता दें कि राजपाल यादव ने हाल ही में “फ़िल्म घोड़ी पे चढ़के आना” में काम किया है जिसके हीरो प्रबुद्ध और हीरोइन शिवानी कुमारी हैं! फ़िल्म के निर्माता प्रकाश जयसवाल हैं! राजपाल यादव के अलावा राकेश बेदी, पंकज झा, राजेश शर्मा और बृजेन्द्र काला जैसे कई अन्य कलाकार भी नज़र आयेंगे !चेक बाउंस मामले में तीन महीने की सजा सुनाई है साथ ही करोड़ों रुपये का जुर्माना भी लगाया है! वहीं राजपाल यादव की जल्द आने वाली फ़िल्म “घोड़ी पे चढ़के आना” के निर्देशक कैलाश मासूम ने कहा है कि क़ानूनी प्रक्रिया अपनी जगह है लेकिन मैं इतना बता सकता हूँ कि राजपाल यादव ना केवल एक बेहतरीन और महान अभिनेता हैं बल्कि वो दिल के भी बहुत अच्छे इंसान हैं, लोगों की मदद करते हैं , अपना वादा निभाते हैं! आज भी देश विदेश में उनके करोड़ों प्रशंसक हैं और उनकी फ़िल्में देखकर इंटरटेन होते हैं ! राजपाल यादव का भारतीय सिनेमा में बहुत बड़ा योगदान है, दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह विवाद सुलझ नहीं पाया और उनको जेल जाना पड़ा. कैलाश मासूम ने कहा कि राजपाल यादव एक भले इंसान हैं एक बार वो  किसी पे भरोसा कर लेते हैं तो आँख बंद करके उसके साथ चल देते हैं, कई बार लोग उनके सीधे पन का भी ग़लत फायदा उठा लेते हैं! बतादें कि राजपाल यादव ने हाल ही में “फ़िल्म घोड़ी पे चढ़के आना” में काम किया है जिसके हीरो प्रबुद्ध और हीरोइन शिवानी कुमारी हैं! फ़िल्म के निर्माता प्रकाश जयसवाल हैं! राजपाल यादव के अलावा राकेश बेदी, पंकज झा, राजेश शर्मा और बृजेन्द्र काला जैसे कई अन्य कलाकार भी नज़र आयेंगे !
सनातन सुरक्षा सेना के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष बने डॉक्टर नितिन गुप्ता
मुंबई।  सनातन और सामाजिक कार्यों के प्रति समर्पित संगठन 'सनातन सुरक्षा सेना ' ने महाराष्ट्र में अपने संगठन का विस्तार करते हुए डॉ नितिन गुप्ता को मुंबई / महाराष्ट्र का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह घोषणा संगठन के शीर्ष नेतृत्व द्वारा आधिकारिक तौर पर की गई। डॉक्टर नितिन गुप्ता की यह नियुक्ति सनातन सुरक्षा सेवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत श्री शुभम गोस्वामी जी महाराज, राष्ट्रीय महामंत्री विकास सिंह ठाकुर और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आर्यन वर्मा की विशेष संस्तुति (अनुशंसा) के आधार पर की गई है। शीर्ष नेतृत्व ने डॉक्टर गुप्ता के नेतृत्व कौशल और संगठन के प्रति उनकी निष्ठा को देखते हुए उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।
डॉक्टर नितिन गुप्ता लंबे समय से समाज के विभिन्न वर्गों के कल्याण के लिए सक्रिय रहे हैं। पूर्व में उनके द्वारा किए गए कई महत्वपूर्ण सामाजिक कार्यों के कारण जनता के बीच उनकी एक मजबूत पकड़ है। इसके साथ ही, उन्हें एक प्रखर हिंदूवादी नेता और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बड़े नेताओं में गिना जाता है।
इस नई जिम्मेदारी के मिलने पर डॉक्टर नितिन गुप्ता ने राष्ट्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे संगठन की उम्मीदों पर खरा उतरने और महाराष्ट्र में सनातन संस्कृति व सामाजिक सुरक्षा के कार्यों को और अधिक मजबूती देने का काम करेंगे। उनकी इस नियुक्ति पर भाजपा कार्यकर्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सनातन सुरक्षा सेवा के सदस्यों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा द्वारा ‘स्टार्टअप फ्रंटियर 1.0’ कार्यशाला का उद्घाटन
मुंबई। ज्ञान को नवोन्मेषी समाधानों में, चुनौतियों को अवसरों में तथा विचारों को उद्योगों में रूपांतरित करने की क्षमता ही आज की आर्थिक प्रगति की वास्तविक शक्ति है। इसलिए विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने वाले संस्थान न रहकर नवाचार, बौद्धिक संपदा, स्टार्टअप्स तथा सामाजिक परिवर्तन के केंद्रों के रूप में विकसित हों, ऐसा प्रतिपादन मा. राज्यपाल श्री जिष्णु देव वर्माजी ने किया।यशवंतराव चव्हाण प्रतिष्ठान में कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग के अंतर्गत रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय तथा आई स्पार्क फाउंडेशन द्वारा आयोजित दिवसीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी ‘स्टार्टअप फ्रंटियर 1.0’ का उद्घाटन राज्यपाल के करकमलों द्वारा किया गया। इस अवसर पर कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा वर्मा, रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय की कुलगुरु डॉ. अपूर्वा पालकर, एचपी इंडिया की वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक इप्सिता दासगुप्ता, कौशल विकास आयुक्त डॉ. अमित सैनी, राज्यपाल के सचिव डॉ. प्रशांत नारनवरे, राज्यपाल सचिवालय के सहसचिव एस. राममूर्ति, महाराष्ट्र राज्य नवाचार सोसायटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. श्रीकांत पाटील, व्यवसाय एवं प्रशिक्षण संचालनालय के संचालक सतीश सूर्यवंशी, विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. वैभव नारवडे तथा उद्योग जगत के गणमान्य व्यक्तियों, निवेशकों, मार्गदर्शकों, उद्यमियों, स्टार्टअप्स, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर मा. राज्यपाल के करकमलों द्वारा मेडिकल लैब तथा एचपी क्रिएटिव गैरेज लैब का उद्घाटन भी किया गया। इस अवसर पर कुलगुरु डॉ. अपूर्वा पालकर ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का संदेश पढ़कर सुनाया। महाराष्ट्र के विद्यार्थियों के लिए उद्योग-संबंधित कौशल विकास कार्यक्रम संचालित करने के उद्देश्य से रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय एवं आईआईटी मद्रास के बीच गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अंतर्गत ऑनलाइन शिक्षा, प्रमाणपत्र, इंटर्नशिप तथा मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। 'वर्टिव' कंपनी के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) निधि से एक निःशुल्क कौशल विकास कार्यक्रम प्रारंभ किया जा रहा है। इसके अंतर्गत महाराष्ट्र के 1,500 विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा मैकेनिकल शाखाओं के वर्ष 2026 में उत्तीर्ण तथा वर्ष 2027 में उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। प्रशिक्षण के अंतर्गत डेटा सेंटर ऑपरेशंस एवं इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट, क्रिटिकल पावर एवं कूलिंग सिस्टम्स, भौतिक सुरक्षा प्रणाली, ऑपरेशंस एवं मेंटेनेंस पद्धतियां तथा उद्योग मानकों से संबंधित पाठ्यक्रम शामिल होंगे। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों से डेटा सेंटर तथा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे तीव्र गति से विकसित हो रहे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। स्टार्टअप प्रदर्शनी में कृषि, शिक्षा, फिनटेक, डीपटेक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), मशीन लर्निंग (एमएल) तथा अन्य उभरते क्षेत्रों के स्टार्टअप्स द्वारा विकसित नवोन्मेषी उत्पादों एवं प्रौद्योगिकी आधारित समाधानों का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम के दौरान स्टार्टअप मार्गदर्शन विषयों पर परिचर्चाओं का भी आयोजन किया गया।
मोदी के बाद ,देश की जनता लौह पुरुष अमित शाह को प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहती है
– श्रीनिवासानन्द महाराज

भारतीय राजनीति में कुछ ऐसे नाम रहे जो सिर्फ पद नहीं. युग का प्रतीक बन गए। वर्तमान गृहमंत्री के रूप में अमित शाह का नाम उसी मुकाम पर पहुंच गया है। संगठन से लेकर सुरक्षा तक, हर मोर्चे पर उनके निर्णयों ने भारत को आंतरिक रूप से मजबूत और वैश्विक मंच पर आत्मविश्वासी बनाया है। यही कारण है कि 2024 के बाद प्रधानमंत्री पद के लिए उनका नाम सबसे प्रमुख दावेदार के रूप में उभर रहा है।

गृहमंत्री के रूप में सराहनीय कार्य

1. अनुच्छेद 370 की समाप्ति-कश्मीर का एकीकरण

5 अगस्त 2019 को अमित शाह ने संसद में अनुच्छेद 370 और 35A हटाने का ऐतिहासिक प्रस्ताव रखा। दशकों से चली आ रही "अलगाव की दीवार एक झटके में गिर गई। परिणामः कश्मीर अब पूरी तरह भारत का अभिन्न अंग है, वहाँ निवेश बढ़ा, पत्थरबाजी रुकी, और पर्यटन 10 गुना बढ़ गया। एक राष्ट्र, एक संविधान

का सपना पूरा हुआ।

2. CAA - शरणार्थियों को नागरिकता, मानवता की जीत

नागरिकता संशोधन कानून 2019 के जरिए पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश से प्रताड़ित होकर आए हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी, ईसाई शरणार्थियों को नागरिकता का रास्ता मिला। अमित शाह ने संसद में तर्क दिया कि ये कानून 'किसी की नागरिकता छीनने के लिए नहीं, देने के लिए है। ये फैसला सांस्कृतिक और मानवीय संवेदना का प्रतीक बना।

3. नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार

"बाएं हाथ का आतंक" माने जाने वाले नक्सलवाद को अमित शाह ने जड़ से हिलाया। उनकी 'समर्पण और विकास नीति के तहत 2024 तक नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 90 से घटकर 38 रह गईी CRPF, BSF को आधुनिक हथियार और ड्रोन दिए गए। लाल गलियारा अब धीरे-धीरे विकास के गलियारे में बदल रहा है।

4. तीन तलाक कानून - मुस्लिम महिलाओं को न्याय

'तलाक-तलाक-तलाक" कहकर महिलाओं को छोड़ देने की कुप्रथा पर अमित शाह ने कानून बनवाया। मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019 से लाखों महिलाओं को कानूनी सुरक्षा और सम्मान मिला। से फैसला महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम था।

5. आंतरिक सुरक्षा का नया मॉडल

पुलिस आधुनिकीकरण: पुलिस बल को ड्रोन, बॉडीकैम, फॉरेंसिक लैब से लैस किया।

सीमा सुरक्षा: पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमा पर स्मार्ट फेंसिंग, लेजर वॉल लगाई। घुसपैठ 60% घटी।

NIA को ताकत : NIA को आतंक, फंडिंग, साइबर क्राइम के केस लेने का अधिकार मिला। अब देश में आतंकी हमले नगण्य हो गए हैं।

6. सहकारिता मंत्रालय गाँव की अर्थव्यवस्था को बल

अमित शाह के पास सहकारिता मंत्रालय भी है। उनके नेतृत्व में 2 लाख नई PACS, डिजिटल सहकारी बैंक और "सहकार से समृद्धि का मॉडल बना। गाँव का किसान अब सीधे मंडी से जुड़ रहा है।

निष्कर्ष: पीएम पद के लिए क्यों उपयुक्त?

अमित शाह में 3 गुण हैं जो प्रधानमंत्री पद के लिए जरुरी हैं

1. निर्णय क्षमताः 370 हो या CAA, फैसला तुरंत और पक्का।

2. संगठन कौशल : भाजपा को विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनाने का श्रेय उन्हीं को।

3. राष्ट्र प्रथम की सोच: हर नीति का केंद्र बिंदु भारत की सुरक्षा और एकता।

गृहमंत्री रहते हुए उन्होंने साबित किया कि वो देश की आंतरिक रीढ़ हैं। ऐसे नेता ही भारत को 2047 तक विकसित भारत' बना सकते हैं। आज देश जिस मजबूती और दूरदर्शिता की तलाश में है, वो अमित शाह में दिखती है। इसीलिए वो प्रधानमंत्री पद के स्वाभाविक और प्रबल दावेदार हैं।
ऐश्वर्य त्रिपाठी हृदयांगन साहित्यिक संस्था के उपाध्यक्ष मनोनीत
मुंबई। साहित्यिक, सामाजिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक राष्ट्रीय संस्था हृदयांगन कोर कमेटी ने संस्था का विस्तार करते हुए हृदयांगन संस्था समूह के प्रति जागरूक एवं समर्पित भाव देखते हुए एवं कुछ सदस्यों की संस्तुति के आधार पर युवा साहित्यकार ऐश्वर्य त्रिपाठी को उपाध्यक्ष मनोनीत किया।राष्ट्रीय मिडिया सचिव विनय शर्मा दीप ने बताया कि आजीवन सदस्य ऐश्वर्य को तत्काल प्रभाव से उपाध्यक्ष नामित किया गया।उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने ऐश्वर्य त्रिपाठी के उज्जवल भविष्य की कामना किया।डा० विद्युत प्रभा चतुर्वेदी मंजू
राष्ट्रीय अध्यक्ष हृदयांगन संस्था समूह एवं संयोजिका हृदयांगन विथिका तथा संस्थापक अध्यक्ष एवं महासचिव विधु भूषण त्रिवेदी ने बताया कि नवनियुक्त उपाध्यक्ष ऐश्वर्य त्रिपाठी ने MBA (HR) हैं जो मूल रूप से कानपुर नगर तथा वर्तमान में बेंगलुरु के रिलायंस में HR Manager के पद पर कार्यरत हैं।परिवार में पिता सी पी त्रिपाठी अधिवक्ता,माता धारा त्रिपाठी रिटायर्ड प्रधानाध्यापिका,पत्नी स्वर्णिमा गृहिणी एवं बिटिया अद्रिती हैं।कविताएं लिखने का क्रम विद्यालय के समय से प्रारंभ हुआ तथा साहित्य और संगीत प्रेम के पीछे नाना स्व. कोमल एवं नानी स्व.विंध्यवासिनी त्रिवेदी की साहित्यिक पृष्ठभूमि,माता धारा त्रिपाठी एवं मौसी अनुपम शुक्ला का संगीतमय सानिध्य रहा।हृदयांगन से सन् 2021 से जुड़े तथा उसी वर्ष गुरु पूर्णिमा के अवसर पर तथा हिंदी दिवस के ऑनलाइन कवि सम्मेलन में संस्थापक अध्यक्ष से सम्मान प्राप्त हुआ।बेंगलुरु में रहते हुए Open Mics के माध्यम से काव्य पाठ में सक्रिय रहे। राष्ट्रीय-सामाजिक विषयों तथा मानवीय संवेदनाओं पर कविताएं लिखने का शौक है तथा लेखन शैली अधिकांशतः छंद मुक्त कविताओं की है।
डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जगाया अखंड भारत का संकल्प  : आचार्य पवन त्रिपाठी
मुंबई। भारतीय जनता युवा मोर्चा, मुंबई के तत्वावधान में आज सांताक्रुज (पूर्व) स्थित 'पब्लिक हाई स्कूल एंड जूनियर कॉलेज' में एक भव्य 'विद्यार्थी सम्मेलन' का सफल आयोजन भाजपा मुंबई अध्यक्ष विधायक अमित साटम  के मार्गदर्शन और भाजयुमो मुंबई अध्यक्ष दीपक सिंह के नेतृत्व में किया गया। यह विशेष अधिवेशन राष्ट्रभक्त डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की 125वीं जयंती के गौरवमयी अवसर पर आयोजित किया गया था। इस सम्मेलन के दौरान डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के राष्ट्र निर्माण और जनहित में किए गए योगदान पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय परंपरा के अनुसार दीप प्रज्वलन और 'सरस्वती वंदना' के साथ अत्यंत गरिमामय माहौल में हुआ। इस अवसर पर भाजपा मुंबई महामंत्री आचार्य पवन त्रिपाठी, मुंबई के कोने-कोने से भारी संख्या में आए युवाओं, विद्यार्थियों, शिक्षाविदों और कई गणमान्य अतिथियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सम्मेलन को संबोधित करते हुए  भाजपा मुंबई महामंत्री आचार्य पवन त्रिपाठी एवं भाजयुमो मुंबई के अध्यक्ष दीपक सिंह ने युवाओं का मार्गदर्शन किया और डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के कार्यों के बारे में एवं आधुनिक युग में डिजिटल शिक्षा की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व वक्ता आचार्य पवन त्रिपाठी ने उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि भारत के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की आत्मा थे। उन्होंने ही देश को 'एक देश में दो निशान, दो विधान और दो प्रधान नहीं चलेंगे' का सिंहनाद देकर अखंड भारत का संकल्प जगाया था। आज कश्मीर से धारा 370 का हटना और देश का पूरी तरह एकीकृत होना, डॉ. मुखर्जी के उसी ऐतिहासिक संघर्ष और सर्वोच्च बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि है। इस भव्य विद्यार्थी सम्मेलन के माध्यम से युवाओं को राष्ट्रीय भावना से जोड़ना एक सराहनीय कार्य है। डॉ. मुखर्जी का जीवन और भाजयुमो मुंबई का यह प्रयास हर युवा को यही सीख देता है कि राष्ट्रहित से ऊपर कुछ भी नहीं है।" इस अवसर पर भाजयुमो मुंबई अध्यक्ष दीपक सिंह ने कहा कि आज का भारत तकनीक और डिजिटल क्रांति के दम पर वैश्विक पटल पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। डॉ. मुखर्जी के कारण ही कश्मीर से परमिट राज खत्म हुआ और अब हमारे गृहमंत्री अमित शाह ने कश्मीर से धारा 370 को समाप्त किया ल, जिससे आज सभी भारतीय कश्मीर की धरती पर आसानी से आ जा सकते हैं। आज के इस विद्यार्थी सम्मेलन के माध्यम से हमारा उद्देश्य युवाओं को आधुनिक शिक्षा से जोड़ना और उनमें राष्ट्रवाद की भावना को और अधिक सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने एक अखंड भारत और सशक्त युवा पीढ़ी का जो सपना देखा था, उसे साकार करने के लिए युवा मोर्चा पूरी तरह प्रतिबद्ध है। छात्रों और कार्यकर्ताओं का यह अपार उत्साह देखकर मुझे पूरा विश्वास है कि हम सब मिलकर एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना बहुमूल्य योगदान देंगे। सम्मेलन में डिजिटल शिक्षा के बढ़ते अवसरों, नई शिक्षा नीति और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकारी योजनाओं पर भी विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया गया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का  समापन हुआ।
'लोककलाओं के उन्नयन के लिए सम्मानित हुए शिवपूजन शुक्ल' 
गोण्डा।  अवधी संस्कृति एवं लोककलाओं के विकास में योगदान के लिए ‘वाग्धारा नवरत्न सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया है। मुंबई में शनिवार को उन्हें यह सम्मान तेलंगाना के राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल के हाथों प्रदान किया गया।

शिवपूजन शुक्ल  तरबगंज तहसील के  जमथा गांव के निवासी है। उन्होंने आकाशवाणी दूरदर्शन से  अवधी लोकगीत एवं भजन गायक के रूप में अपनी पहचान स्थापित की है। वह अवधी ग्राम्य गीत एवं प्रायः लुप्त होते जा रहे पारंपरिक संस्कार गीतों व लोकनाट्य नौटंकी का प्रशिक्षण देने के लिए निःशुल्क कार्यशालाएं भी चलाते हैं। महाकुंभ प्रयागराज, सीतापुर, लखनऊ सहित अनेक शहरों में कार्यशालाएं आयोजित कर चुके हैं। जिनमें बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है।  अवधी लोकगीतों के प्रचार-प्रसार के लिए वह मारीशस, इंडोनेशिया, जकार्ता, बाली और नेपाल आदि देशों की यात्राएं कर चुके हैं। उन्हें ‘चरनवाँ कै धूर’ पुस्तक के लिए उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान की ओर से मलिक मोहम्मद जायसी सम्मान प्राप्त हो चुका है।