यूपी की आईजीआरएस रैंकिंग में लखनऊ ने प्रदेश में प्रथम स्थान पाया
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के एकीकृत जनसुनवाई शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) पोर्टल पर जन शिकायतों के त्वरित, संतोषजनक और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के मामले में पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी कार्यप्रणाली का बेहतरीन प्रदर्शन किया है।

पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ ने सोमवार के जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित जनसुनवाई समाधान पोर्टल (आईजीआरएस) पर शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण के क्रम में पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ ने माह जून-2026 की शासन की जारी रैंकिंग में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करते हुए प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

यह उल्लेखनीय उपलब्धि पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट लखनऊ के कुशल नेतृत्व, संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) के प्रभावी मार्गदर्शन तथा पुलिस उपायुक्त मुख्यालय एवं नोडल आईजीआरएस स्टाफ ऑफिसर, पुलिस आयुक्त कार्यालय के सतत निर्देशन एवं प्रभावी मॉनिटरिंग का परिणाम है।

जनसुनवाई शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता, गुणवत्ता, समयबद्धता एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कमिश्नरेट स्तर पर निरंतर समीक्षा, प्रभावी अनुश्रवण तथा शिकायतकर्ताओं से फीडबैक प्राप्त करने की सुदृढ़ व्यवस्था विकसित की गई। इसी सतत प्रयास का परिणाम है कि कमिश्नरेट लखनऊ के 50 थानों ने भी शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करते हुए प्रदेश में प्रथम स्थान अर्जित किया है।

यह उपलब्धि केवल प्रशासनिक दक्षता का परिचायक ही नहीं है, अपितु आमजन की शिकायतों के प्रति पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की संवेदनशीलता, जवाबदेही एवं जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। भविष्य में भी शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करते हुए जनविश्वास को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।
'यूपी की जनता बदलाव चाहती है, भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल' : अखिलेश यादव
-  लखनऊ में प्रेस वार्ता में बोले सपा प्रमुख— समाजवादी सरकार के विकास कार्यों का आज भी हो रहा उद्घाटन, राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण पर भी साधा निशाना

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान शुरू किए गए विकास कार्यों का उद्घाटन आज भी मौजूदा सरकार कर रही है, जबकि कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को उपेक्षित छोड़ दिया गया है।
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र समाजवादी सरकार ने विकसित किया था। लखनऊ मेट्रो, अमूल प्लांट, पराग डेयरी प्लांट, एचसीएल, IIIT, डायल-100 और पुलिस मुख्यालय जैसी परियोजनाएं सपा सरकार की देन हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) जैसी महत्वाकांक्षी परियोजना को भी वर्तमान सरकार ने बर्बाद कर दिया।
उन्होंने कहा कि जनेश्वर मिश्र पार्क देश के सबसे बड़े और बेहतरीन पार्कों में से एक है तथा समाजवादी सरकार ने लखनऊ में ग्रीन कवर बढ़ाने और गोमती रिवरफ्रंट जैसे विकास कार्य किए थे, लेकिन वर्तमान सरकार उन्हें भी संभाल नहीं सकी।
राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव ने दावा किया कि लखनऊ के कई भाजपा विधायक विधानसभा क्षेत्र बदलने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "हम क्षेत्र नहीं बदलने देंगे, विधायक बदल देंगे।"
शिक्षा के मुद्दे पर उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक इंजीनियरिंग कॉलेज बंद हुए हैं। वहीं कानून-व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में अन्याय और अत्याचार चरम पर है तथा यही भाजपा सरकार का मॉडल बन गया है।
राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण का उल्लेख करते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि इस मामले को लेकर देश-दुनिया के रामभक्त, अयोध्या के संत-महात्मा, न्यायपालिका और समाज को संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि "चढ़ावा-चंदा चोरी का गिरोह जनाक्रोश का सामना नहीं कर पा रहा है।"
किसानों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद और डीएपी की कमी है तथा मक्का उत्पादकों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े लोगों ने मक्का की खरीद कर बाजार पर नियंत्रण कर लिया, जिससे किसानों को नुकसान हुआ।
ईंधन के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने कहा कि लोगों की शिकायत है कि पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा बढ़ने से वाहनों का माइलेज घट रहा है और रखरखाव का खर्च बढ़ रहा है।
विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा पर उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का हमेशा से मानना रहा है कि चीन से खतरा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि इतिहास गवाह है कि चीन ने भारत की सबसे अधिक जमीन पर कब्जा किया है।
हज-2027 की तैयारियां शुरू, हर जिले में जागरूकता बैठकें होंगी; यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर
-  यूपी राज्य हज समिति की बैठक में हज हाउस के विस्तार, सोशल मीडिया से प्रचार और यात्रियों के लिए नई सुविधाओं पर बनी सहमति

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति ने हज-2027 की तैयारियों का आगाज करते हुए प्रदेश के प्रत्येक जनपद में जागरूकता बैठकें आयोजित करने का निर्णय लिया है। इन बैठकों के माध्यम से इच्छुक हज यात्रियों को समय पर आवेदन करने के लिए प्रेरित किया जाएगा और हज यात्रा से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
सोमवार को सरोजनीनगर स्थित मौलाना अली मियां मेमोरियल हज हाउस में आयोजित उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति की बैठक की अध्यक्षता अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति के अध्यक्ष दानिश आजाद अंसारी ने की। बैठक में हज-2026 की समीक्षा करते हुए इसके सफल संचालन पर सभी संबंधित अधिकारियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया तथा हज-2027 को और अधिक सुविधाजनक एवं व्यवस्थित बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में हज हाउस को अधिक सुविधाजनक और आधुनिक बनाने के लिए आवश्यक निर्माण कार्यों का प्रस्ताव रखा गया। साथ ही हज हाउस की आय बढ़ाने के उपायों पर भी विचार किया गया।
समिति ने निर्णय लिया कि प्रत्येक जिले में हज समिति के सदस्य धर्मगुरुओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रतिष्ठित नागरिकों के साथ बैठक कर हज-2027 के लिए आवेदन प्रक्रिया को लेकर जागरूकता अभियान चलाएंगे, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग समय से आवेदन कर सकें।
बैठक में यह भी तय किया गया कि हज समिति को यूट्यूब, एक्स (पूर्व में ट्विटर), फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से सक्रिय रूप से जोड़ा जाएगा, जिससे हज यात्रियों तक आवश्यक सूचनाएं और अपडेट आसानी से पहुंचाए जा सकें।
हज-2027 में यात्रियों को रूम सर्विस के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराने तथा स्मार्ट वॉच के स्थान पर अन्य उपयोगी विकल्प उपलब्ध कराने पर भी विचार-विमर्श किया गया। समिति ने संकल्प लिया कि प्रदेश से जाने वाले हज यात्रियों को पिछली यात्रा की तुलना में और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

बैठक में समिति के सदस्य इफ्तेखार अहमद, वली मोहम्मद, जुनेद अंसारी, जावेद कमर खान, हाफिज एजाज अहमद अंसारी (शाहीन), कल्बे हुसैन (कब्बन नवाब), कमरुद्दीन (जुगनू), सैयद अली वारसी, कामरान खान तथा पदेन सदस्य एवं सचिव/कार्यपालक अधिकारी मोहम्मद तारिक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
शाहजहांपुर का जलालाबाद अब 'परशुरामपुरी', कैबिनेट के फैसले का मंत्री ए.के. शर्मा ने किया स्वागत
* बोले—भगवान परशुराम की जन्मस्थली को मिली नई पहचान, सांस्कृतिक विरासत और जनभावनाओं का हुआ सम्मान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने शाहजहांपुर जिले की नगर पालिका परिषद जलालाबाद का नाम बदलकर 'परशुरामपुरी' करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने मंत्रीपरिषद के इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे प्रदेश की सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत के सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
मंत्री ए.के. शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मंत्रीपरिषद का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय प्रदेशवासियों की भावनाओं, जनप्रतिनिधियों की लंबे समय से चली आ रही मांग और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि इससे भगवान परशुराम से जुड़े ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को नई पहचान मिलेगी।
उन्होंने कहा कि शाहजहांपुर स्थित भगवान परशुराम की जन्मस्थली और महर्षि जमदग्नि की तपोस्थली का नाम मुगल शासनकाल में जलालाबाद रखा गया था। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की लंबे समय से मांग थी कि इस पवित्र स्थल का नाम भगवान परशुराम के नाम पर 'परशुरामपुरी' किया जाए। अब मंत्रीपरिषद के निर्णय से करोड़ों श्रद्धालुओं और प्रदेशवासियों की भावनाओं का सम्मान हुआ है।
ए.के. शर्मा ने बताया कि नगर विकास विभाग के प्रस्ताव पर भारत सरकार से अनापत्ति मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मंत्रीपरिषद ने नाम परिवर्तन को मंजूरी दी। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और अधिक मजबूत होगी तथा धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता भी स्पष्ट होती है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार लगातार ऐसे निर्णय ले रही है, जिनसे प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक स्थलों और जनभावनाओं को सम्मान मिल रहा है। साथ ही नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली परंपराओं और इतिहास से जोड़ने का कार्य भी किया जा रहा है।
यूपी में उच्च शिक्षा का विस्तार: कैबिनेट ने तीन नए निजी विश्वविद्यालयों को दी मंजूरी
-  कानपुर, गाजियाबाद और फतेहपुर में खुलेंगे नए विश्वविद्यालय; उच्च शिक्षा मंत्री बोले— अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना सरकार का लक्ष्य

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को 5, कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने प्रदेश में तीन नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की, जिससे उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार के साथ उसकी गुणवत्ता को भी नई मजबूती मिलेगी।
लोक भवन स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम-2019 के तहत मूल्यांकन के बाद तीन संस्थाओं को आशय पत्र (एलओपी) जारी करने तथा संचालन प्राधिकार-पत्र देने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लक्ष्य प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा पहुंचाना है और सरकार उसी दिशा में लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती चैरिटेबल ट्रस्ट, दिल्ली द्वारा कानपुर नगर की बिल्हौर तहसील के ग्राम गदनपुर आहार में 51.739 एकड़ भूमि पर कृषि आधारित निजी विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। यह संस्थान कृषि शिक्षा और अनुसंधान को नई दिशा देगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (चतुर्थ संशोधन) अध्यादेश-2026 लागू किया जाएगा।
इसी प्रकार इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग सोसाइटी, गाजियाबाद को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण क्षेत्र के ग्राम डासना में 26.2656 एकड़ भूमि पर निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने की मंजूरी दी गई है। संस्था पहले से मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज संचालित कर रही है। नए विश्वविद्यालय से क्षेत्र में उच्च शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध होंगे। इसके लिए उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (तृतीय संशोधन) अध्यादेश-2026 प्रख्यापित किया जाएगा।
वहीं एंग्लो संस्कृत कॉलेज, फतेहपुर को फतेहपुर तहसील के कस्बा फतेहपुर दक्षिणी में 20.45 एकड़ भूमि पर निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने की अनुमति मिली है। इसके लिए उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (पंचम संशोधन) अध्यादेश-2026 लागू किया जाएगा।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि योगी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। वर्ष 2017 तक उत्तर प्रदेश में 14 सरकारी विश्वविद्यालय थे, जबकि पिछले नौ वर्षों में 8 नए सरकारी विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं। इसी तरह 2017 तक प्रदेश में 27 निजी विश्वविद्यालय थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 56 हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि तीनों प्रस्तावित विश्वविद्यालय निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हैं। इनके शुरू होने से प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा, शोध, नवाचार और रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों की बेहतर सुविधाएं अपने ही राज्य में उपलब्ध होंगी।
राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण: CBI जांच की मांग वाली याचिका हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने खारिज की

लखनऊ। श्री राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के चढ़ावा चोरी मामले में CBI जांच की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने खारिज कर दिया।
याचिकाकर्ता मोहित अशोक ने अदालत से मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने का आदेश देने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता (AAG) विनोद शाही और मुख्य स्थायी अधिवक्ता (CSC) शैलेंद्र सिंह ने अदालत को बताया कि इसी विषय से संबंधित मामला पहले से ही सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है। ऐसे में इस याचिका पर सुनवाई का औचित्य नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने याचिका को खारिज कर दिया।
योगी सरकार में उच्च शिक्षा को नई रफ्तार
-  सीयू यूपी स्कॉलर समिट में 750 मेधावी सम्मानित, 50 करोड़ की छात्रवृत्ति से 3,000 छात्रों को मिलेगा अवसर

- कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल बोले— एआई, एयरोस्पेस, साइबर सिक्योरिटी और डिफेंस टेक्नोलॉजी में तैयार हो रहे फ्यूचर-रेडी प्रोफेशनल्स

उन्नाव/लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। इसी क्रम में देश की पहली एआई ऑगमेंटेड मल्टीडिसिप्लिनरी यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश (सीयू यूपी) में आयोजित दो दिवसीय 'सीयू स्कॉलर समिट-2026' के दूसरे चरण का रविवार को भव्य शुभारंभ हुआ। समिट के पहले दिन बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सहित 12 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 750 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने 3,000 से अधिक प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लगभग 50 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान कर शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है। इससे यह सुनिश्चित हो रहा है कि आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभा की शिक्षा में बाधा न बने।
उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी, एयरोस्पेस और डिफेंस टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में दक्ष बनना होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत-2047' के विजन को योगी सरकार जमीन पर उतार रही है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है। उन्होंने बेटियों को उच्च शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
सीयू यूपी के मैनेजिंग डायरेक्टर जय इंदर सिंह संधू ने कहा कि एक वर्ष पहले जिस विजन के साथ विश्वविद्यालय की शुरुआत की गई थी, वह अब आकार ले रहा है। विश्वविद्यालय में अत्याधुनिक लैब, जीपीयू इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई स्पेस और विश्वस्तरीय शोध सुविधाएं विकसित की गई हैं। उन्होंने बताया कि इंडस्ट्री आधारित शिक्षण मॉडल के कारण कई छात्र पहले ही वैश्विक कंपनियों में इंटर्नशिप के लिए चयनित हो चुके हैं।
विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए सीयूसीईटी के माध्यम से 50 करोड़ रुपये तक की छात्रवृत्ति की घोषणा की है। मेरिट के आधार पर विद्यार्थियों को 100 प्रतिशत तक स्कॉलरशिप प्रदान की जा रही है। समिट के पहले दिन इंजीनियरिंग एवं कंप्यूटिंग क्षेत्र के 750 से अधिक विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
'फ्रॉम स्कॉलर टू फ्यूचर-रेडी प्रोफेशनल: एआई, एयरोस्पेस, डिफेंस एंड इंजीनियरिंग' विषय पर आयोजित विभिन्न सत्रों में नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों और पूर्व छात्रों ने भविष्य की तकनीकों और रोजगार के अवसरों पर विचार साझा किए। यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के प्रो. डॉ. ल्यूक डिकेन्स और सीयू यूपी के प्रो. डॉ. टी.पी. सिंह ने वैश्विक करियर संभावनाओं पर चर्चा की।
'फ्रॉम सीयू क्लासरूम्स टू ग्लोबल करियर्स' सत्र में पूर्व छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए, जबकि सुपर अचीवर्स ने प्लेसमेंट, स्टार्टअप, रिसर्च, पेटेंट और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में पूर्व ब्रह्मोस एयरोस्पेस के सीईओ एवं एमडी डॉ. सुधीर कुमार मिश्रा, हिताची एमजीआरएम नेट लिमिटेड के टेक्नोलॉजी लीडर मनीष पाहुजा, पीआईएसएआरवी के संस्थापक अभिषेक मिश्रा तथा विफी टेक्नोलॉजी के सह-संस्थापक विक्रम एस. ने इनोवेशन, उद्योग की अपेक्षाओं और उद्यमिता पर अपने विचार रखे। वहीं अभिनेता कुमुद मिश्रा ने युवाओं को अपनी अलग पहचान बनाने और अवसरों का साहसपूर्वक लाभ उठाने का संदेश दिया।
इस अवसर पर प्लानिंग एंड प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन तथा आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार, वाइस चांसलर प्रो. डॉ. विनीत कुमार नायर, प्रो-वाइस चांसलर प्रो. डॉ. टी.पी. सिंह सहित शिक्षा और उद्योग जगत की अनेक प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं।
सुनार को घायल कर करोड़ों का सामान लूटने वाले दो लुटेरे गिरफ्तार
इनके कब्जे से डेढ़ करोड़ रुपये का माल, पिस्टल मय कारतूस बरामद

ज्वैलर्स की दुकान के आस—पास व उनके आने—जाने के समय की करते थे रैकी

लुटेरे अपने पास रखते थे चोरी की मोटर साइकिल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोसाईंगंज थाना क्षेत्र में बीते दिनों सुनार के साथ हुई लूट की घटना का सफल अनावरण किया गया। लूट में शामिल दो शातिर अभियुक्तों को साेमवार की भाेर में गिरफ्तार किया है। इनके पास से डेढ़ करोड़ रुपये का माल, पिस्टल मय कारतूस बरामद हुआ है।

पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) अमित कुमार आनंद ने साेमवार काे प्रेसवार्ता कर बताया कि पचवन टोला बंग्ला वार्ड अमेठी निवासी सचिन कुमार वर्मा ने 23 जून को मुकदमा दर्ज कर बताया कि उनकी मुन्शीगंज राम बाग रोड पर ज्वैलर्स की दुकान है। प्रति दिन की भांति वह अपनी दुकान व अपने भाई मनीष सोनी की दुकान का सोने चांदी के जेवरात बैग में रख कर अपनी स्कूटी से दुकान से घर जा रहा था कि रात 08.30 बजे बंग्ला भवानी मन्दिर के पास तीन अज्ञात व्यक्तियों ने स्कूटी रोककर स्कूटी व बैग लूटने की कोशिश करने लगे। जब वादी ने शोर मचाया तो अभियुक्तों ने वादी के पैर में गोली मार कर स्कूटी व बैग में रखे आभूषण लूट कर भाग गए।

इस घटना में मुकदमा दर्ज कर पुलिस की चार टीमें लगाई गईं। टीम की ओर से करीब 600 सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को देखा गया तथा सर्विलांस सेल द्वारा इलेक्ट्रानिक साक्ष्य एकत्रित किया गया। इसके बाद कार्रवाई करते सोमवार भोर के समय पुलिस ने दो शातिर अभियुक्तों को दहेरामऊ एण्डरपास थाना गोसाईगंज से गिरफ्तार कर लिया। उन लोगों के पास से लूट का माल भी बरामद हुआ।

डीसीपी ने बताया कि पकड़े गये अभियुक्तों में जौनपुर जिले के शिवम यादव उर्फ कुंदन और अंकुल यादव उर्फ गोले के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा जा रहा है। एक अन्य अभियुक्त सोनू यादव की गिरफ्तारी शीघ्र की जायेगी।

डीसीपी ने बताया कि पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकारा कि अपने सामान्य उद्देश्य व जरूरतों को पूरा करने के लिए ज्वैलर्स की दुकान के आस—पास व उनके आने—जाने के समय की रैकी करते हैं और अपने साथ चोरी की ही मोटर साइकिल रखते हैं। उसके बाद घटना को अंजाम देते हैं। यदि आसानी से सामान नहीं मिलता है तो गोली मारकर घायल कर लूटपाट कर भाग जाते हैं। 23 जून को सुनार के साथ हुई घटना को भी उन लोगों ने अंजाम दिया था। इसके अलावा हजरतगंज में बाइक चोरी, रायबरेली, चंदौली जिले में भी सुनार को गोली मारकर लूट की घटना घटित की थी।
लखनऊ में मासूम की हत्या में आरोपित युवक गिरफ्तार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मड़ियांव थाना क्षेत्र में एक बच्चे की मारपीट कर हत्या का खुलासा हुआ है। पुलिस ने सोमवार को एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। उसके पास हत्या में इस्तेमाल किया गया घरेलू का उपयोग होने वाला पलटा बरामद किया। इस हत्या में बच्चे की मां भी आरोपित है,जिससे पुलिस पूछताछ कर रही है।

मड़ियाव थाना प्रभारी शिवानन्द मिश्र ने बताया कि उन्नाव जिले के रहने वाले दिनेश ने पांच साल के बेटे की हत्या की तहरीर दी थी। उसने यह आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी और प्रशांत उर्फ गौरव सिंह ने उसके बेटे की मारपीट कर हत्या की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी बच्चें को कही जगह चोटों के निशान पाए गए थे। मामला दर्ज कर पुलिस ने एक सूचना के आधार पर आरोपित प्रशांत को मड़ियांव पुल के नीचे रेलवे लाइन के पास से गिरफ्तार किया है। वह कहीं भागने की फिराक में था, तभी धर दबोचा। पुलिस का दावा है कि प्रेम संबंध में बाधक बनने पर पूनम और उसके प्रेमी प्रशांत ने बेटे अहम की हत्या की है। फिलहाल पुलिस आरोपित को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।
सपा सरकार के कामों को आज भी अपना काम बताकर भाजपा सरकार कर रही उद्घाटन : अखिलेश यादव
लखनऊ। समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में कराए गए विकास कार्यों का ये भाजपा सरकार आज भी उद्घाटन कर रही है। सपा सरकार ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे बनवाया। लखनऊ मेट्रो जितनी बनी थी उतनी है, वो आगे नहीं बढ़ पाई।

यह आरोप समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लगाए। वे सोमवार को राजधानी लखनऊ में पार्टी मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।

अखिलेश यादव ने कहा कि सपा सरकार में बना अमूल का प्लांट है, पराग का प्लांट है, एचसीएल है, आईआईआईटी है, डायल 100 है, पुलिस का हेडक्वार्टर, अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम इकाना हमारी सरकार में बनवाया गया। मेदांता हम लोग लेकर आए थे। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार सबसे बड़ा इंडस्ट्रियल एरिया डेवलप किया। ग्रीन काॅरीडाेर लखनऊ का हम लोगों ने बढ़ाया, रिवरफ्रंट बनाया। लेकिन उसे भी इस सरकार ने बर्बाद कर दिया।

डबल इंजन की भाजपा सरकार ने उप्र में किसान बाजार, आम के लिए विशेष मंडी बनाई गई, किसानों के रुकने की जगह-जगह थ्री स्टार होटल बनाए। हरदोई के संडीला में पेप्सी का सबसे बड़ा प्लांट लगा था, सबसे बेहतर सस्ता कैंसर अस्पताल इलाज के लिए बनाया था, शिल्प ग्राम भाजपा सरकार की अनदेखी के चलते जर्जर और बर्बाद हो गईं। देश में सबसे ज्यादा इंजीनियरिंग कॉलेज कहीं बंद हुए हैं तो उत्तर प्रदेश में हुए हैं।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने सपा सरकार में बने जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) को बर्बाद कर दिया है। इतना बड़ा पार्क देश में नहीं देखने को मिलेगा, जितना जनेश्वर मिश्र पार्क था। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को महापुरुष के नाम पर बने जेपीएनआईसी से नफरत है।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि जिस समय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का गठन हुआ था, तो उन्होंने तय किया था कि उनका रास्ता समाजवादी होगा, सेक्युलर होगा। उन्होंने कहा कि जो लखनऊ में भाजपा के विधायक है वो क्षेत्र बदलने की तैयारी में हैं। हम लोग क्षेत्र नहीं बदलने देंगे, विधायक बदल देंगे।

अखिलेश यादव ने कहा कि इस सरकार में अन्याय, अत्याचार हर सीमा को लांघ गया है, इस सरकार का यही तो मॉडल है। उन्होंने कहा कि मौजूदा में जितना भी हमारे ख़िलाफ़ झूठा प्रचार हो रहा, उस पर हमारी पार्टी के लोग एफआईआर दर्ज करायेंगे।

चढ़ावा प्रकरण से जुड़े लोग जनाक्रोश का नहीं कर पा रहे

अखिलेश यादव ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि जो कुछ अयोध्या में प्रभु श्रीराम मंदिर में हुआ और हो रहा है, उसे संपूर्ण विश्व के राम भक्त, साधु संत, अयोध्या के लोग, सुप्रीम कोर्ट, लोकसभा अध्यक्ष और समस्त पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) संज्ञान लें। उन्होंने कहा कि इस मामले में एक बड़ी सच्चाई तो ये है कि चढ़ावा प्रकरण में उससे जुड़े लोग जनाक्रोश का सामना नहीं कर पा रहे हैं।

बदलाव चाहती है जनता

सपा अध्यक्ष ने कहा कि सच्चाई ये है कि उत्तर प्रदेश की जनता बदलाव चाहती है, खाद नहीं है, डीएपी नहीं है। पूरा मक्का भारतीय जनता पार्टी के लोगों ने खरीदकर रेट ले लिया, किसानों को सही रेट नहीं मिला। उन्होंने चुटकी भरे अंदाज में कहा कि आम लोगों में ये शिकायत आ रही कि इथेनॉल मिलाने से उनकी गाड़ी का मेंटेनेंस और माइलेज खराब हो रहा है।