राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में नहीं जाएंगे महंत नृत्य गोपाल दास, बोले- 'रामभक्तों की आस्था पर राजनीति न हो'


सीएम योगी और पीएम मोदी पर जताया भरोसा, कहा- घटना से बेहद आहत हूं



अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह बैठक में नहीं जाएंगे।
महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा कि हाल की घटनाओं से वह काफी आहत हैं। उन्होंने इस पूरे प्रकरण पर योगी आदित्यनाथ और नरेंद्र मोदी पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि उचित निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस विषय पर किसी भी व्यक्ति को अपने व्यक्तिगत हित के लिए राजनीति नहीं करनी चाहिए। यह मामला करोड़ों रामभक्तों की आस्था से जुड़ा हुआ है और इसे राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।
महंत नृत्य गोपाल दास के बैठक में शामिल न होने के फैसले को ट्रस्ट की बैठक से पहले एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। हालांकि, ट्रस्ट की ओर से उनके निर्णय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राम मंदिर दान प्रकरण: चंपत राय के समर्थन में उतरा अयोध्या व्यापार मंडल

-   एसआईटी रिपोर्ट आने तक आरोपों से बचने की अपील की

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चर्चित दान प्रकरण में अब अयोध्या का व्यापार मंडल भी ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के समर्थन में खुलकर सामने आ गया है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने कहा कि मामले की जांच कर रही एसआईटी की रिपोर्ट आने से पहले किसी भी व्यक्ति पर आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने सभी पक्षों से धैर्य रखने और तथ्यों के आधार पर ही निष्कर्ष निकालने की अपील की।
व्यापार मंडल की बैठक के बाद पंकज गुप्ता ने बताया कि दान प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों की पैरवी न करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया है। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
चंपत राय का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र और श्रीराम मंदिर आंदोलन को समर्पित किया है। मंदिर आंदोलन के दौरान संतों को एक मंच पर लाने, ऐतिहासिक साक्ष्यों के संकलन तथा मंदिर निर्माण के अभियान में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मामले में न्यायालय का निर्णय भी साक्ष्यों के आधार पर आया था।
व्यापार मंडल अध्यक्ष ने कहा कि श्रीराम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में व्यापार, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। पहले जहां स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए बाहर जाना पड़ता था, वहीं अब देशभर से व्यापारी और निवेशक अयोध्या का रुख कर रहे हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा रेलवे स्टेशन, रामपथ, धर्मपथ, एयरपोर्ट तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास की भी सराहना की।उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को काफी सहूलियत मिल रही है।
गौरतलब है कि दान प्रकरण में संत समाज के बाद अब अयोध्या का व्यापार मंडल भी चंपत राय के समर्थन में सामने आया है। इस घटनाक्रम के बीच अब सभी की निगाहें 6 जुलाई को प्रस्तावित बैठक पर टिकी हैं, जिसमें ट्रस्ट की आगे की रणनीति और नेतृत्व से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
बैठक में महामंत्री नंदलाल गुप्ता, अचल गुप्ता, विनोद श्रीवास्तव, श्याम सुंदर कसेरा, सरदार कमलजीत, सरदार महेंद्र, जितेंद्र मोदनवाल, सोनू अग्रहरि, रंजीत गुप्ता, राकेश गुप्ता, निखिल गुप्ता सहित अयोध्या धाम के अनेक वरिष्ठ व्यापारी उपस्थित रहे।
राम मंदिर ट्रस्ट में हलचल: चंपत राय और अनिल मिश्र के इस्तीफे का दावा, बिना हस्ताक्षर की विज्ञप्ति से बढ़ी चर्चा
अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (न्यास) के नाम से जारी एक विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्र ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।
विज्ञप्ति में यह जानकारी ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरि के हवाले से दी गई है। इसमें कहा गया है कि दोनों के इस्तीफों पर ट्रस्ट उचित समय पर विचार करेगा।
हालांकि, जारी की गई इस विज्ञप्ति पर किसी भी अधिकृत पदाधिकारी के हस्ताक्षर नहीं हैं। ऐसे में इसकी प्रामाणिकता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से हस्ताक्षरयुक्त आधिकारिक बयान या प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की गई है।
ऐसे में चंपत राय और अनिल मिश्र के इस्तीफे की खबर की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। जब तक ट्रस्ट की ओर से विधिवत हस्ताक्षरित बयान या आधिकारिक घोषणा नहीं आती, इस दावे को पुष्टि-रहित सूचना के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
राम मंदिर चोरी प्रकरण पर स्वामी कामेश्वर पुरी का तीखा बयान, निष्पक्ष जांच और ट्रस्ट व्यवस्था की समीक्षा की मांग


-  "यह केवल चोरी नहीं, करोड़ों रामभक्तों की आस्था पर आघात"—संतों के सम्मान और अलग दर्शन व्यवस्था की भी उठाई मांग


हरिद्वार/अयोध्या/। राम मंदिर में हुई कथित चोरी की घटना को लेकर हरिद्वार स्थित श्री तुलसी मानस मंदिर के पीठाधीश्वर एवं सिद्धेश्वर महादेव मंदिर के महंत स्वामी कामेश्वर पुरी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह घटना केवल चोरी का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों सनातनी रामभक्तों की आस्था पर गहरा आघात है।
स्वामी कामेश्वर पुरी ने कहा कि जिस पावन धाम में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु अपनी मेहनत की कमाई भगवान श्रीराम के चरणों में अर्पित करते हैं, उसी धन पर चोरी की नज़र पड़ना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद ऐसी घटना कैसे हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।
उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच कराई जाए। यदि सुरक्षा व्यवस्था में चूक या किसी प्रकार की मिलीभगत सामने आती है तो दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी इस प्रकार का दुस्साहस करने का साहस न कर सके।
स्वामी कामेश्वर पुरी ने मंदिर प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि किसी भी धार्मिक संस्था में जवाबदेही सर्वोपरि होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रीराम का मंदिर किसी व्यक्ति, पद या संस्था की जागीर नहीं, बल्कि करोड़ों सनातनियों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में मंदिर की व्यवस्था पूरी पारदर्शिता, जवाबदेही और सेवा-भाव से संचालित होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अनेक संत आज उपेक्षा का अनुभव कर रहे हैं। उनके अनुसार प्रभावशाली व्यक्तियों को दर्शन की सहज सुविधा उपलब्ध हो जाती है, जबकि वर्षों से सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में लगे सामान्य संतों के लिए सम्मानजनक व्यवस्था का अभाव है।
स्वामी कामेश्वर पुरी ने केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार से मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली की व्यापक समीक्षा कराने की मांग की। उन्होंने सुझाव दिया कि ट्रस्ट में केवल पदेन अधिकारियों का वर्चस्व न होकर देश के प्रतिष्ठित, तपस्वी एवं आस्थावान संतों को भी उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए, जिससे मंदिर की मर्यादा और संत समाज का सम्मान सुरक्षित रह सके।
इसके साथ ही उन्होंने देशभर से दर्शन के लिए आने वाले संतों के लिए अलग सहायता काउंटर तथा पृथक दर्शन-पंक्ति की व्यवस्था किए जाने की भी मांग की, ताकि सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में जीवन समर्पित करने वाले संतों को सम्मानपूर्वक दर्शन का अवसर मिल सके।
स्वामी कामेश्वर पुरी ने कहा कि यदि इस प्रकरण में समय रहते जवाबदेही तय नहीं की गई और व्यवस्था में आवश्यक सुधार नहीं किए गए तो यह करोड़ों रामभक्तों के विश्वास को प्रभावित करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि "श्रीराम के दरबार में देर हो सकती है, अंधेर नहीं।"
अयोध्या पहुंचे अरविंद केजरीवाल, हनुमानगढ़ी में किए दर्शन-पूजन
-  हनुमान चालीसा का किया पाठ, महंत धर्मदास से लिया आशीर्वाद; धार्मिक कार्यक्रमों में भी हो सकते हैं शामिल

अयोध्या। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर में विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया। मंदिर में पूजा-अर्चना के दौरान उन्होंने श्रद्धाभाव से हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके बाद हनुमानगढ़ी के महंत धर्मदास से आशीर्वाद प्राप्त किया तथा मंदिर परिसर में मौजूद अन्य संत-महात्माओं का भी आशीर्वाद लिया।

अरविंद केजरीवाल के अयोध्या दौरे को लेकर राजनीतिक और धार्मिक दोनों ही हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि अपने दौरे के दौरान वह अयोध्या में अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में भी हिस्सा ले सकते हैं। हालांकि, उनके विस्तृत कार्यक्रम की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
व्यापारियों की समस्याओं पर डीएम ने की समीक्षा, शीघ्र समाधान का दिया आश्वासन


अयोध्या। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में व्यापार बंधु की बैठक आयोजित की गई, जिसमें अयोध्या शहर एवं जनपद के व्यापारियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक के दौरान अयोध्या धाम व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने शहर के व्यापारियों की प्रमुख समस्याओं को जिलाधिकारी के समक्ष रखा। उन्होंने यातायात व्यवस्था, व्यापारिक गतिविधियों में आने वाली कठिनाइयों तथा अन्य स्थानीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करते हुए उनके समाधान की मांग की।

जिलाधिकारी ने व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा सभी समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की सुविधाओं और व्यापारिक वातावरण को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

बैठक में व्यापार मंडल के पदाधिकारी विजय गुप्ता, मनोज जायसवाल, ज्ञान केसरवानी, संजय गुप्ता, कविंद्र साहनी, रमेश चौरसिया, अश्वनी तिवारी सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे। व्यापारियों ने प्रशासन के साथ हुए संवाद को सकारात्मक बताते हुए समस्याओं के समाधान की उम्मीद जताई।

मुख्यमंत्री योगी ने किया वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा का अनावरण, रुदाैली काे दी 378 करोड़ के विकास कार्यों की दी सौगात

अयोध्या। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को रूदौली विधानसभा क्षेत्र स्थित स्थित माँ कामाख्या धाम में वीरांगना झलकारी बाई की अश्वारोही प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 378 करोड़ की लागत की 126 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा भारत कि अमर वीरांगना को जिसने 1857 के स्वातंत्रय समर में देश की आजादी के लिए फिरंगियों को नाको चने चबाने के लिए मजबूर कर दिया था। ऐसी झलकारी बाई को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।

योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर जनता को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रनायकों का सम्मान,वीर व वीरांगनाओं का सम्मान हमें राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा प्रदान करता है। इसी राष्ट्रभक्ति की भावना से प्रेरित होकर डबल इंजन की भाजपा सरकार ने सरकार बनने के बाद महारानी लक्ष्मीबाई, महारानी दुर्गावती,महारानी अवंतीबाई लोधी व वीरांगना झलकारी बाई व वीरांगना ऊदादेवी के नाम से अनेक अभियान प्रारम्भ किए हैं। पीएसी की तीन नई बटालियन, बीरांगना अवंतीबाई लोधी,वीरांगना झलकारी बाई कोरी व वीरांगना ऊदादेवी पासी के नाम से बटालियन गठित की। तीनों बटालियन में केवल बेटियां ही भर्ती होंगी। जहां पर भी पीएसी की बटालियन गठित हो रही हैं वहां पर अश्वारोही प्रतिमा वहां स्थापित होगी। देश की आजादी की लड़ाई में क्रान्तिकारियों ने अपना सर्वस्व न्यौछावर करते हुए देश की आजादी के लिए समर्पण भाव से काम किया था।

इस अवसर पर एमएलसी हरिओम पाण्डेय,भाजपा जिलाध्यक्ष राधेश्याम त्यागी,भाजपा के जिला प्रभारी मिथिलेश त्रिपाठी,जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह,विधायक रामचन्द्र यादव,बीकापुर विधायक अमित सिंह चौहान,मिल्कीपुर विधायक चन्द्रभान पासवान,पूर्व विधायक खब्बू तिवारी,पूर्व विधायक अभय सिंह,ब्लाक प्रमुख राजीव तिवारी, भाजपा के जिला महामंत्री राघवेन्द्र पाण्डेय व जिला मंत्री अभिषेक यादव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
राम मंदिर दान विवाद पर बोले सीएम, अयोध्या को बदनाम करने की साजिश सफल नहीं होगी
-  SIT जांच पूरी होने तक बयानबाजी न करें, कोई दोषी नहीं बचेगा: सीएम योगी

रुदौली। अयोध्या, संवाददाता। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर दान विवाद और उससे जुड़ी विशेष जांच दल (SIT) की जांच को लेकर बड़ा बयान देते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार की बयानबाजी से बचना चाहिए, क्योंकि इससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के लोकार्पण तथा वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईटी को निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से अपना कार्य करने दिया जाए। जांच पूरी होने के बाद यदि किसी पक्ष को अपनी बात रखनी होगी तो उसके लिए उचित मंच उपलब्ध रहेगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कोई अपराधी है तो वह चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, “एसआईटी की जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। कोई भी दोषी बच नहीं पाएगा।” उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी के पास इस मामले से संबंधित कोई दस्तावेज या साक्ष्य हैं तो उन्हें सार्वजनिक बयानबाजी करने के बजाय एसआईटी को उपलब्ध कराया जाए, ताकि जांच तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ सके।
सीएम योगी ने बिना किसी दल का नाम लिए विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अयोध्या धाम की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “जो लोग कभी रामभक्तों का अपमान करते थे और प्रदेश के कुख्यात माफियाओं की कब्रों पर जाकर फातिहा पढ़ते थे, वे आज रामभक्ति का पाठ पढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इसे बदनाम करने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राम मंदिर दान विवाद को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां और तेज होने की संभावना है। वहीं, राज्य सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राम नगरी अयोध्या पहुंचे

अयोध्या। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को राम नगरी अयोध्या पहुंचे। अपने दौरे की शुरुआत उन्होंने रुदौली विधानसभा क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध माँ कामाख्या धाम से की, जहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश और जनता की सुख-समृद्धि की कामना की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हेलीकॉप्टर से माँ कामाख्या धाम स्थित हेलीपैड पर पहुंचे और वहां से सीधे मंदिर जाकर दर्शन-पूजन किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के विकास से जुड़ी कई परियोजनाओं को जनता को समर्पित करने और नई योजनाओं की आधारशिला रखने का कार्यक्रम भी तय किया।

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री रुदौली विधानसभा क्षेत्र और माँ कामाख्या धाम नगर पंचायत को विभिन्न विकास कार्यों की सौगात देंगे। इसके साथ ही वे आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन करेंगे तथा वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा का अनावरण भी करेंगे।

इसके बाद मुख्यमंत्री रुदौली विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 12:05 बजे वह रुदौली से गोंडा के लिए रवाना होंगे।

गोंडा पहुंचकर मुख्यमंत्री दोपहर 12:25 बजे आयुक्त सभागार में देवीपाटन और बस्ती मंडल के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के पुराने कार्यों की समीक्षा करेंगे। साथ ही नए विकास कार्यों की कार्ययोजना को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक भी करेंगे। समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री अपराह्न 2:40 बजे गोंडा से अयोध्या के लिए प्रस्थान करेंगे।

अयोध्या पहुंचने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धार्मिक कार्यक्रम शुरू होगा। अपराह्न 2:55 बजे राम कथा पार्क हेलीपैड पहुंचने के बाद वह 3:00 बजे हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन करेंगे। इसके बाद श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर जाकर रामलला के दर्शन करेंगे और पूजा-अर्चना में शामिल होंगे।

इसके पश्चात मुख्यमंत्री ऋषभदेव दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे। वहीं शाम 4:20 बजे वह मणिराम दास छावनी पहुंचकर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री शाम 5:10 बजे रामायण वैक्स म्यूजियम का उद्घाटन भी करेंगे। सभी कार्यक्रमों के समापन के बाद वह शाम 6:00 बजे राम कथा पार्क हेलीपैड से लखनऊ के लिए रवाना होंगे।

मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक, सांस्कृतिक और विकास कार्यों के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। करीब साढ़े सात घंटे तक अयोध्या और गोंडा में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेकर मुख्यमंत्री विकास योजनाओं की समीक्षा और जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों के साथ संवाद करेंगे।
सोशल मीडिया पर लग रहे सभी आरोप निराधार :  राम शंकर यादव
अयोध्या। राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले में राम मंदिर व्यवस्था से जुड़े राम शंकर यादव टिन्नू ने सोशल मीडिया पर अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज कर सभी आरोप निराधार बताया । उन्होंने एक वीडियो जारी कर बताया कि मैंने कोई चोरी नहीं की है, मैं बचपन से ही राम मंदिर आंदोलन से जुड़ा हुन, मेरी आय मेरे अन्य व्यवसाय से है । उन्होंने कहा कि मुझे बदनाम करने की साजिश है और मेरी छवि को गंदा किया जा रहा है।