मऊ : मोहम्मदाबाद गोहना सीट पर बसपा के प्रभारी प्रत्याशी जे.के. आजाद के ऐलान के बाद कार्यकर्ताओं में विरोध, पुलिस ने स्थिति संभाली
लखनऊ /मऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच मऊ जिले की मोहम्मदाबाद गोहना (सुरक्षित) सीट पर बहुजन समाज पार्टी का एक फैसला चर्चा का विषय बन गया । पार्टी ने नए प्रभारी प्रत्याशी की घोषणा की, लेकिन इसके तुरंत बाद कार्यक्रम में मौजूद कई स्थानीय कार्यकर्ताओं ने खुलकर नाराजगी जताई। सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ टिकट को लेकर असंतोष है या फिर संगठन के भीतर गहराते मतभेदों का संकेत?

मऊ में आयोजित बसपा के कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान जैसे ही पार्टी नेतृत्व ने मोहम्मदाबाद गोहना सीट से जे.के. आजाद को प्रभारी प्रत्याशी घोषित किया, कार्यक्रम का माहौल अचानक बदल गया। कुछ स्थानीय कार्यकर्ताओं ने फैसले का विरोध करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी और स्थानीय चेहरे को प्राथमिकता देने की मांग उठाई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर मौजूद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं का कहना था कि वर्षों से क्षेत्र में सक्रिय नेताओं और कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर बाहरी चेहरे को जिम्मेदारी देना उचित नहीं है। उनका दावा था कि स्थानीय उम्मीदवार ही क्षेत्र की समस्याओं और जनता की अपेक्षाओं को बेहतर ढंग से समझ सकता है।

दूसरी ओर, पार्टी नेतृत्व ने इस विरोध को ज्यादा महत्व नहीं दिया। बसपा के वरिष्ठ पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी योग्य व्यक्ति को राज्य की किसी भी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य राजनीतिक दलों में भी अलग-अलग जिलों के नेताओं को विभिन्न सीटों से चुनाव लड़ाया जाता रहा है, इसलिए इसे मुद्दा बनाना उचित नहीं है।

नवनियुक्त प्रभारी प्रत्याशी जे.के. आजाद ने भी कार्यकर्ताओं से संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व का निर्णय सर्वोपरि है और सभी कार्यकर्ता मिलकर चुनावी तैयारियों में जुटेंगे। साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में बसपा संगठन पहले से अधिक मजबूती के साथ जनता के बीच पहुंचेगा।

हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रत्याशी की घोषणा के तुरंत बाद सामने आया विरोध पार्टी के लिए चुनौती बन सकता है। यदि स्थानीय स्तर पर असंतोष को समय रहते दूर नहीं किया गया, तो इसका असर आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति और संगठनात्मक एकजुटता पर पड़ सकता है।

फिलहाल बसपा नेतृत्व अपने फैसले पर कायम है, जबकि कुछ स्थानीय कार्यकर्ता अपनी मांग पर अड़े दिखाई दे रहे हैं। अब देखने वाली बात होगी कि आने वाले दिनों में पार्टी इस नाराजगी को किस तरह संभालती है और क्या सभी नेता-कार्यकर्ता एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरते हैं या यह विवाद आगे भी राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना रहता है।
चेतगंज और रामनगर की संयुक्त पुलिस टीम ने मुठभेड़ में दो बदमाशों को दबोचा,एक गोली से घायल
—रामनगर बंदरगाह रोड पर चली गोली ,घायल बदमाश ने सर्राफा व्यापारी से की थी लूटपाट

लखनऊ /वाराणसी। उत्तर प्रदेश में वाराणसी जनपद की चेतगंज और रामनगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने रविवार देर रात रामनगर के बंदरगाह रोड पर हुई मुठभेड़ के दौरान दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जिसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। दोनों आरोपितों से पूछताछ कर उनके आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है।

गिरफ्तार बदमाशों की पहचान आकाश सेठ और आशीष मौर्या के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, घायल आकाश सेठ चेतगंज थाना क्षेत्र के तेलियाबाग में 27 जून की आधी रात सर्राफा व्यवसायी अमित कुमार से पांच लाख रुपये की लूट की वारदात में शामिल था।

लूट के दौरान व्यापारी से हुई छीना-झपटी में बदमाशों की बुलेट मोटरसाइकिल मौके पर ही गिर गई थी। इसके बाद दोनों आरोपी वाहन छोड़कर पैदल फरार हो गए थे। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनकी पहचान कर ली थी और तभी से उनकी तलाश की जा रही थी।

एडीसीपी काशी जोन वैभव बांगर ने बताया कि रविवार रात चेतगंज थाना प्रभारी वी.के. शुक्ला को सूचना मिली कि लूटकांड में शामिल दोनों आरोपी रामनगर के भीटी क्षेत्र में मौजूद हैं। सूचना मिलते ही रामनगर थाना प्रभारी संजय मिश्रा को अवगत कराया गया और दोनों थानों की संयुक्त पुलिस टीम तत्काल इलाके में पहुंच गई।

देर रात भीटी इलाके में पुलिस संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बंदरगाह रोड की ओर से दो संदिग्ध युवक आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का संकेत दिया, लेकिन आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में आकाश सेठ के पैर में गोली लग गई, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़ा। उसका साथी आशीष मौर्या भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे भी दबोच लिया।

पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से हथियार भी बरामद किए हैं। दोनों से पूछताछ जारी है और उनके आपराधिक रिकॉर्ड के साथ अन्य घटनाओं में संभावित संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
अधिवक्ता पर जानलेवा हमला करने वाले दो आरोपित गिरफ्तार
लखनऊ /महोबा। बुंदेलखंड के महोबा में अधिवक्ता पर हुए जानलेवा हमले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले में वांक्षित चल रहे दस-दस हजार रूपये के इनामी आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जबकि घटना में शामिल अन्य आरोपितों की तलाश में पुलिस के द्वारा लगातार दबिश दी जा रही है।

दरअसल पूरा मामला जनपद की सदर कोतवाली क्षेत्र का है। जहां जिला न्यायालय से घर लौट रहे अधिवक्ता सतीश अवस्थी पर 30 जून को रास्ते में मुल्ला के खोड़ा के पास पुरानी रंजिश को लेकर पहले से घात लगाए बैठे हथियारबंद बदमाशों ने जानलेवा हमला किया गया था। जहां आरोपित अधिवक्ता को लाठी डंडों से पीट पीट कर मरणासन्न कर फायरिंग कर फरार हो गए थे।

अधिवक्ता पर हुए जानलेवा हमले से जिला अधिवक्ता समिति में भारी आक्रोश था। अधिवक्ताओं द्वारा न्यायिक कार्य से विरत होकर प्रदर्शन कर एसपी शशांक सिंह से जल्द से जल्द आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की जा रही थी। एसपी के निर्देश पर पुलिस टीमों के द्वारा आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी।क्राइम ब्रांच प्रभारी निरीक्षक आशीष सिंह भदौरिया ने पुलिस बल के साथ बारात पहाड़ी निवासी आरोपित विकास राजपूत और जनपद मुख्यालय निवासी हनी सिंह उर्फ सुनील को जनपद मुख्यालय स्थित करिया पठवा पहाड़ के पास से गिरफ्तार किया गया है।

सदर क्षेत्राधिकारी रविकांत गौड़ ने सोमवार को बताया कि पुलिस अधीक्षक द्वारा दोनों अभियुक्तों पर दस दस हजार रूपये का ईनाम घोषित किया गया था। अन्य फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों द्वारा लगातार दबिश दी जा रही है, शीघ्र ही गिरफ्तार किया जाएगा।
मेधावी युवाओं की नई उम्मीद...

-  *समाज कल्याण विभाग की निःशुल्क IAS-PCS  आवासीय कोचिंग योजना से सिविल सेवा का सपना होगा साकार*

-  *18 मंडलों के 29 परीक्षा केंद्रों पर हुई प्रवेश परीक्षा, 6,844 अभ्यर्थियों ने लिया हिस्सा*

-  *865 चयनित विद्यार्थियों को मिलेगी निशुल्क आवासीय कोचिंग*

लखनऊ। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित निःशुल्क आईएएस-पीसीएस आवासीय कोचिंग योजना आर्थिक रूप से कमजोर एवं मेधावी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंचने का सशक्त माध्यम बन रही है। इसी क्रम में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए रविवार को प्रदेश के 18 मंडलों में बनाए गए 29 परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा के लिए 10,167 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से 6,844 अभ्यार्थियों ने परीक्षा दी।

- *01 अगस्त से शुरू होंगी कक्षाएं*
प्रवेश परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद काउंसलिंग के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों को प्रदेश के सात आवासीय कोचिंग केंद्रों में प्रवेश दिया जाएगा। नियमित कक्षाएं 01 अगस्त, 2026 से शुरू होंगी और सत्र 31 मई, 2027 तक चलेगा।

-  *865 विद्यार्थियों को मिलेगी मुफ्त आवासीय कोचिंग*
प्रदेश के सात आवासीय कोचिंग केंद्रों में कुल 865 चयनित विद्यार्थियों को निःशुल्क आवासीय कोचिंग दी जाएगी। योजना में 25 प्रतिशत सीटें उन अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित हैं, जिन्होंने लेटरल एंट्री के माध्यम से प्रारंभिक परीक्षा पास की है। चयनित विद्यार्थियों को रहने और खाने की सुविधा, पुस्तकें, अध्ययन सामग्री, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन और नियमित टेस्ट सीरीज सहित प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।

-  *प्रतिभाशाली युवाओं को हर संभव सहयोग देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध*
समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप विभाग का उद्देश्य है कि प्रदेश का कोई भी प्रतिभाशाली एवं मेधावी छात्र आर्थिक अभाव के कारण अपने सपनों से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से विभाग चयनित अभ्यर्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है, ताकि वे संघ एवं राज्य लोक सेवा आयोग की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकें।
कारगिल विजय दिवस समारोहों को लेकर पूर्व सैनिकों की हुई बैठक
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक संयुक्त संस्था परिवार की लखनऊ टीम की बैठक संस्था के संस्थापक एवं प्रदेश अध्यक्ष वेटरन अजमेर बहादुर सिंह की अध्यक्षता में होटल एलोरा लालबाग, हजरतगंज लखनऊ में आयोजित की गई। बैठक के दौरान संस्था के विस्तार एवं संचालन सहित कई विषयों पर चर्चा हुई। विशेष रूप से कारगिल विजय दिवस समारोह के आयोजन को लेकर विचार विमर्श किया गया। संस्था के जिलाध्यक्ष लखनऊ वेटरन अजय कुमार श्रीवास्तव सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं सदस्यों का हार्दिक स्वागत करते हुए कार्यवाही प्रारंभ की। बैठक को प्रदेश अध्यक्ष के साथ प्रदेश उपाध्यक्ष वेटरन अरुण कुमार द्विवेदी एवं अध्यक्ष यू पी मध्य वेटरन भगत सिंह रावत ने संबोधित किया। पूर्वी लखनऊ अध्यक्ष वेटरन अमर नाथ गुप्ता , दक्षिणी लखनऊ अध्यक्ष वेटरन विजय शंकर मिश्रा, उत्तरी लखनऊ अध्यक्ष वेटरन एस पी राय और पश्चिमी लखनऊ अध्यक्ष वेटरन योगेन्द्र सिंह अपनी- अपनी टीमों के साथ पूरे उत्साह से बैठक में शामिल हुए।
संस्था के प्रदेश कोषाध्यक्ष वेटरन सुरेश कुमार वर्मा, संयोजक पूर्वी यू पी वेटरन मनोज कुमार सिंह एवं लखनऊ जिला कार्यकारिणी के समस्त सदस्यों ने भी इस बैठक में सहभागिता की। बैठक के दौरान 14 नए पूर्व सैनिक साथियों ने संस्था की आधिकारिक सदस्यता ग्रहण करते हुए संस्था के विस्तार एवं संचालन में प्रभावी भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
प्रदेश अध्यक्ष ने अपने उद्बोधन में सभी क्षेत्रों के सदस्यों से प्रदेश के विभिन्न जिलों में अपने परिचित पूर्व सैनिक साथियों को संस्था की कार्यशैली से अवगत कराते हुए राष्ट्रहित में संस्था से जुड़कर समाजसेवा हेतु प्रेरित करने की अपील की। सभी सदस्यों द्वारा संस्था की शपथ ग्रहण एवं राष्ट्रगान के साथ बैठक का समापन किया गया। समूचा सदन भारत माता की जय एवं सैनिक एकता जिंदाबाद के नारों से गुंजायमान हुआ।
आगरा हत्याकांड: पति की हत्या के बाद डेढ़ महीने तक लाश के ऊपर नहाती रही पत्नी, फिल्म-वेब सीरीज देखकर रची थी खौफनाक साजिश
लखनऊ /आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में सामने आए सनसनीखेज हत्याकांड में पुलिस जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। सिकंदरा थाना क्षेत्र के दहतोरा स्थित रेणुका धाम कॉलोनी में पति सुरेंद्र शर्मा (44) की हत्या कर शव को बाथरूम में दफनाने की आरोपी पत्नी रूबी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि उसने पति की प्रताड़ना से तंग आकर अकेले ही हत्या की साजिश रची थी। हालांकि, मामले की वैज्ञानिक जांच अभी जारी है।

पुलिस का कहना है कि आरोपी ने पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाने के लिए अपराध आधारित फिल्में और वेब सीरीज देखीं। जांच में यह भी सामने आया है कि सुरेंद्र को कथित तौर पर खीर में 20 से अधिक नींद की गोलियां मिलाकर दी गई थीं। मौत के बाद शव को घर के बाथरूम में दफन कर ऊपर नया फर्श बनवा दिया गया, ताकि किसी को शक न हो।

हत्या के बाद गुमशुदगी का नाटक

सुरेंद्र 18 मई से लापता बताए जा रहे थे। पत्नी रूबी ने परिजनों और पुलिस को बताया था कि वह घर छोड़कर कहीं चले गए हैं। बाद में उसने पुलिस में गुमशुदगी भी दर्ज करा दी। इस दौरान वह सामान्य जीवन जीती रही और पड़ोसियों के सामने पति की तलाश को लेकर चिंता जताने का नाटक भी करती रही।

पुराने मुकदमे के सत्यापन से खुला राज

मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस 2017 के एक पुराने मुकदमे के सत्यापन के लिए सुरेंद्र के घर पहुंची। पुलिस की पूछताछ के बाद रूबी घबरा गई और अंततः अपने जेठ अनिल शर्मा को बुलाकर हत्या की जानकारी दे दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बाथरूम का फर्श तुड़वाया, जहां से कंकाल बरामद हुआ।

'जेल जाना मंजूर था, लेकिन अब बेटियों की चिंता'

पुलिस हिरासत में रूबी ने कथित तौर पर कहा कि पति की प्रताड़ना से वह इतनी परेशान थी कि उसके साथ रहने से बेहतर उसे जेल जाना लगा। उसने यह भी कहा कि उसे जेल जाने का अफसोस नहीं है, लेकिन अपनी दोनों बेटियों की चिंता जरूर है। वहीं बेटियों ने पुलिस को बताया कि पिता बेरोजगारी और शराब की लत के कारण तनाव में रहते थे, लेकिन उनका मानना है कि हत्या समाधान नहीं थी।

डीएनए जांच से होगी वैज्ञानिक पुष्टि

पुलिस ने बरामद कंकाल का डीएनए सैंपल लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। डीएनए का मिलान मृतक के परिजनों से कराया जाएगा, जिससे शव की पहचान और हत्या के मामले में वैज्ञानिक साक्ष्य मजबूत हो सकें। शव का पोस्टमार्टम चिकित्सकों के पैनल से कराया गया है।

पुलिस का दावा- अकेले रची साजिश, जांच जारी

डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास के अनुसार, पूछताछ में फिलहाल हत्या की साजिश में महिला के अकेले शामिल होने की बात सामने आई है। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और फोरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

सुरेंद्र की मौत के बाद उनकी दोनों बेटियां फिलहाल अपने ताऊ के घर रह रही हैं। वहीं आरोपी रूबी के मायके वालों ने भी उससे दूरी बना ली है। परिवार ने सुरेंद्र का अंतिम संस्कार कर दिया है, जबकि बेटियों के भविष्य और पालन-पोषण को लेकर चिंता बनी हुई है।

पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और सभी परिस्थितिजन्य एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बिना सूचना 47 लाख बिजली उपभोक्ताओं का लोड बढ़ाने का आरोप, राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने उठाए सवाल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के स्वीकृत विद्युत भार (लोड) को लेकर नया विवाद सामने आया है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने बिना पूर्व सूचना दिए लगभग 47 लाख बिजली उपभोक्ताओं का स्वीकृत लोड बढ़ा दिया है। परिषद का कहना है कि इस कार्रवाई के कारण बड़ी संख्या में गरीब उपभोक्ता बिजली सब्सिडी के दायरे से बाहर हो गए हैं और अब उन्हें अधिक बिजली बिल का भुगतान करना पड़ेगा।

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं का लोड बढ़ाया गया है, उनमें लगभग 50 प्रतिशत स्मार्ट मीटर उपभोक्ता हैं। उनका दावा है कि इनमें से करीब 25 प्रतिशत ऐसे उपभोक्ता हैं, जिन्हें पहले रियायती दरों पर बिजली मिल रही थी, लेकिन लोड बढ़ने के बाद उनकी सब्सिडी स्वतः समाप्त हो गई है।

परिषद के अनुसार, इस बदलाव का सीधा असर गरीब उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। ग्रामीण क्षेत्रों के बीपीएल और अन्य पात्र उपभोक्ताओं पर औसतन 165 रुपये प्रतिमाह का अतिरिक्त आर्थिक भार आएगा, जबकि शहरी गरीब उपभोक्ताओं को लगभग 435 रुपये प्रतिमाह अधिक बिजली बिल देना पड़ सकता है।

अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि विद्युत नियामक आयोग के टैरिफ आदेश में स्पष्ट व्यवस्था है कि यदि कोई उपभोक्ता लगातार तीन महीने तक स्वीकृत लोड से अधिक बिजली का उपयोग करता है, तो पहले उसे इसकी सूचना दी जानी चाहिए। इसके बाद उपभोक्ता को संदेश भेजकर बताया जाना चाहिए कि उसका स्वीकृत लोड बढ़ाया जा रहा है। उनका कहना है कि बिना सूचना दिए लोड बढ़ाना नियामकीय प्रावधानों और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।

उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने लोकसभा में दिए गए लिखित उत्तर में स्पष्ट किया था कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद उपभोक्ताओं से अधिकतम मांग (मैक्सिमम डिमांड) का जुर्माना नहीं लिया जाएगा। इसके बावजूद प्रदेश में कुछ उपभोक्ताओं से यह जुर्माना भी लिया जा रहा है और साथ ही उनका स्वीकृत लोड भी बढ़ाया जा रहा है। परिषद का आरोप है कि इससे स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं पर दोहरा आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

परिषद के अनुसार, उत्तर प्रदेश में लगभग 1.70 लाख बीपीएल बिजली उपभोक्ता हैं। पहले एक किलोवाट के कनेक्शन पर उन्हें कम फिक्स्ड चार्ज देना पड़ता था, लेकिन लोड बढ़ाकर दो किलोवाट किए जाने पर फिक्स्ड चार्ज के साथ-साथ बिजली की दरों का प्रभाव भी बढ़ जाएगा, जिससे मासिक बिजली बिल में वृद्धि होगी।

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने राज्य सरकार से इस पूरे मामले की जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और प्रभावित उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की है। साथ ही भविष्य में विद्युत नियामक आयोग के टैरिफ आदेश और अन्य नियामकीय प्रावधानों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने की भी अपील की है।

हालांकि, इस मामले में उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में परिषद के आरोपों पर निगम का पक्ष आना अभी बाकी है।
राम मंदिर वित्तीय अनियमितताओं की फोरेंसिक जांच हो: मुख्यमंत्री को अजय राय का पत्र

* कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने चढ़ावे, दान, भूमि खरीद और निर्माण कार्यों की स्वतंत्र बहु-एजेंसी जांच की मांग उठाई

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अजय राय ने मुख्यमंत्री **योगी आदित्यनाथ** को पत्र लिखकर अयोध्या स्थित **श्री राम जन्मभूमि मंदिर** में कथित वित्तीय अनियमितताओं की स्वतंत्र, निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से फोरेंसिक जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए इससे जुड़े सभी आर्थिक लेन-देन पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह होने चाहिए।
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में अजय राय ने कहा कि मंदिर में चढ़ावे की नकदी, श्रद्धालुओं द्वारा दान की गई बहुमूल्य वस्तुओं, भूमि खरीद, निर्माण कार्यों और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े मामलों में सामने आए आरोपों की केवल सामान्य आपराधिक जांच पर्याप्त नहीं है। उन्होंने पूरे प्रकरण की बहु-एजेंसी फोरेंसिक जांच कराए जाने की मांग की है।
उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की अंतरिम जांच के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है और कुछ कर्मचारियों की गिरफ्तारी भी हुई है। साथ ही उन्होंने कहा कि जांच के दौरान पुराने सीसीटीवी रिकॉर्ड उपलब्ध न होना और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के सीमित मिलने जैसे तथ्य भी गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
अजय राय ने वर्ष 2021 में मंदिर और आसपास के विकास कार्यों के लिए भूमि खरीद में कथित अनियमितताओं तथा निर्माण कार्यों में कमीशनखोरी के आरोपों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इन मामलों की भी समग्र जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि भूमि क्रय-विक्रय, निर्माण कार्यों, निविदाओं, अनुबंधों और भुगतान प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच आवश्यक है।
उन्होंने मांग की कि मंदिर की स्थापना से अब तक प्राप्त नकद चढ़ावे, डिजिटल दान, स्वर्ण-रजत एवं अन्य बहुमूल्य दान का स्वतंत्र ऑडिट और भौतिक सत्यापन कराया जाए। साथ ही बैंक खातों, लेखा पुस्तकों, ऑडिट रिपोर्टों, स्टॉक रजिस्टरों और डिजिटल अभिलेखों की फोरेंसिक जांच भी कराई जाए। यदि जांच में धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) या अन्य वित्तीय अपराधों के संकेत मिलते हैं तो संबंधित एजेंसियां विधि के अनुसार कार्रवाई करें।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी सवाल उठाया कि यदि कथित अनियमितताएं लंबे समय तक चलती रहीं तो आंतरिक नियंत्रण, लेखा परीक्षण और प्रशासनिक निगरानी क्यों विफल रही तथा जिम्मेदार अधिकारियों ने सरकार को समय रहते इसकी जानकारी क्यों नहीं दी।
पत्र के अंत में अजय राय ने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, सार्वजनिक धन की पवित्रता और शासन की विश्वसनीयता का विषय है। उन्होंने मांग की कि जांच निष्पक्ष, स्वतंत्र, समयबद्ध और वैज्ञानिक तरीके से कराई जाए तथा उसकी प्रगति और निष्कर्ष यथासंभव सार्वजनिक किए जाएं। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर किसी व्यक्ति को संरक्षण दिए जाने की आशंका उत्पन्न नहीं होनी चाहिए।
हज-2026: बकाया हवाई किराया 13 जुलाई तक जमा करना अनिवार्य, हज कमेटी ने जारी किए निर्देश


-  शेष राशि जमा न करने वाले यात्रियों से तत्काल भुगतान करने की अपील, एसबीआई या यूनियन बैंक में जमा होगी धनराशि

लखनऊ। हज-2026 के यात्रियों के लिए हज कमेटी ऑफ इंडिया ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। उत्तर प्रदेश हज कमेटी के सचिव एवं कार्यपालक अधिकारी मोहम्मद तारिक ने बताया कि जिन हज यात्रियों ने अब तक संशोधित हवाई किराये की शेष राशि जमा नहीं की है, उन्हें हर हाल में 13 जुलाई, 2026 तक भुगतान करना होगा।
उन्होंने बताया कि हज कमेटी ऑफ इंडिया के सर्कुलर-42 (3 जुलाई, 2026) के अनुसार, मध्य पूर्व में उत्पन्न असाधारण परिस्थितियों के कारण अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार ने हवाई किराये में संशोधन किया था। इसके तहत प्रत्येक हज यात्री को 10,000 रुपये की अतिरिक्त राशि जमा करने के निर्देश दिए गए थे, जिसकी अंतिम तिथि पहले 15 मई, 2026 निर्धारित की गई थी।
अब हज-2026 की वापसी उड़ानें पूरी हो चुकी हैं, लेकिन अभी भी कई यात्रियों ने हवाई किराये की शेष राशि जमा नहीं कराई है। ऐसे सभी यात्रियों को निर्देशित किया गया है कि वे 13 जुलाई, 2026 तक निर्धारित पे-इन-स्लिप के माध्यम से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया या यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की किसी भी शाखा में हज कमेटी ऑफ इंडिया के बैंक खाते में बकाया राशि जमा कर दें।
भुगतान करते समय यात्रियों को अपना बैंक रेफरेंस नंबर अवश्य अंकित करना होगा। बैंक रेफरेंस नंबर हज कमेटी ऑफ इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। हज कमेटी ने सभी संबंधित यात्रियों से समय सीमा के भीतर बकाया राशि जमा कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने की अपील की है।
आम महोत्सव में बच्चों ने दिखाया उत्साह, आम खाने की प्रतियोगिता बनी आकर्षण का केंद्र - 27 बच्चों ने लिया हिस्सा, समापन समारोह में उपमुख्यमंत्री

-  27 बच्चों ने लिया हिस्सा, समापन समारोह में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक करेंगे विजेताओं को सम्मानित

लखनऊ। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमतीनगर में आयोजित उत्तर प्रदेश आम महोत्सव-2026 के दूसरे दिन शनिवार को बच्चों के लिए आयोजित आम खाने की प्रतियोगिता आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। योगी सरकार की पहल पर आयोजित इस प्रतियोगिता में 8 से 12 वर्ष आयु वर्ग के 27 बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।
प्रतियोगिता के दौरान प्रत्येक प्रतिभागी को दो-दो किलोग्राम आम दिए गए। निर्धारित समय में सबसे अधिक आम खाने वाले बच्चों को विजेता चुना गया। प्रतियोगिता के दौरान बच्चों का उत्साह और दर्शकों का जोश पूरे आयोजन में देखने लायक रहा।
प्रतियोगिता के विजेताओं को आम महोत्सव के समापन समारोह में सम्मानित किया जाएगा।
आम महोत्सव के अंतिम दिन 5 जुलाई की शुरुआत खाद्य प्रसंस्करण विषय पर एक तकनीकी सत्र से होगी। इसमें विशेषज्ञ आम के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और आधुनिक तकनीकों पर जानकारी देंगे।
शाम 4 बजे आयोजित होने वाले समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि होंगे। उनके साथ उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह भी मौजूद रहेंगे। समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित कर पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।