उत्तराखंड की सूखती 13 नदियों को मिलेगा नया जीवन, बड़े संस्थान करेंगे अध्ययन
देहरादून। उत्तराखंड में लगातार घटते जल प्रवाह और सूखते जल स्रोतों को देखते हुए राज्य सरकार ने नदियों के पुनर्जीवन के लिए बड़ा कदम उठाया है। स्प्रिंग एंड रिवर रिजूवनेशन अथॉरिटी ने राज्य की 13 प्रमुख नदियों के वैज्ञानिक अध्ययन की योजना तैयार की है, जिसमें देश के प्रमुख राष्ट्रीय स्तर के संस्थान शामिल होंगे।
स्प्रिंग एंड रिवर रिजूवनेशन अथॉरिटी (सारा) की इस पहल के तहत ‘एक जिला-एक नदी’ मॉडल पर हर जिले से एक नदी का चयन किया गया है। इन नदियों के साथ-साथ उनके जलग्रहण क्षेत्र, भूजल पुनर्भरण, झीलों और तालाबों की स्थिति का भी विस्तृत अध्ययन किया जाएगा।
इस परियोजना में आईआईटी रुड़की, जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान और भारतीय वन्यजीव संस्थान जैसे प्रमुख संस्थानों को जिम्मेदारी दी गई है। विशेषज्ञ वैज्ञानिक आधार पर यह आकलन करेंगे कि नदियों का जल प्रवाह क्यों कम हुआ और उन्हें पुनर्जीवित करने के लिए कौन से कदम जरूरी हैं।
अल्मोड़ा की जटा गंगा, बागेश्वर की गरुड़ गंगा, पिथौरागढ़ की पूर्वी रामगंगा, नैनीताल की शिप्रा, चंपावत की गौड़ी, पौड़ी की नयार पूर्वी और नयार पश्चिमी, देहरादून और टिहरी की सोंग, चमोली की चंद्रभागा, रुद्रप्रयाग की पुनार, उत्तरकाशी की कमल गंगा, हरिद्वार की पथरी और उधम सिंह नगर की फीका नदी का अध्ययन किया जाएगा।
अध्ययन के बाद संबंधित संस्थान विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिसमें नदियों के पुनर्जीवन के उपाय, जल संरक्षण के तरीके और आवश्यक सुधार शामिल होंगे। इन्हीं रिपोर्टों के आधार पर आगे की योजनाओं को मंजूरी दी जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार इस योजना की निगरानी अगले 10 वर्ष तक की जाएगी और स्थानीय लोगों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि जल संरक्षण के प्रयास जमीनी स्तर पर सफल हो सकें।
ठेके के बाहर फायरिंग मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार, पुरानी रंजिश में चली गोली
देहरादून। रायपुर क्षेत्र में शराब की कैंटीन के बाहर हुई फायरिंग मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना पुरानी रंजिश का नतीजा बताई जा रही है, जिसकी शुरुआत उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एक शादी समारोह के दौरान हुई थी।
मामला 3 जुलाई की रात का है, जब बंजारावाला निवासी दिवाकर खंडूरी अपने दोस्तों के साथ रिंग रोड स्थित ठेके के बाहर मौजूद थे। इसी दौरान 3–4 अज्ञात लोगों ने पहुंचकर फायरिंग कर दी। इस हमले में नवीन राणा के कंधे और पास से गुजर रहे कामेंद्र शर्मा के पैर में गोली लग गई, जिससे दोनों घायल हो गए।
घटना के बाद रायपुर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के लिए पांच टीमें गठित की गईं और सीसीटीवी फुटेज व स्थानीय जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई।
पुलिस ने थानो रोड, सोढा सरोली क्षेत्र से अरुण कुमार, सन्नी कुमार और आदर्श सिंह को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी अक्षय प्रधान और पीड़ित पक्ष के बीच बिजनौर में शादी समारोह के दौरान विवाद हुआ था, जिसके बाद से दोनों पक्षों में रंजिश चल रही थी।
पुलिस के अनुसार, इसी रंजिश के चलते देहरादून में बुलाकर फायरिंग की गई। हालांकि, इस घटना में किसी की जान नहीं गई, लेकिन इलाके में दहशत फैल गई।
एसपी देहात जया बलूनी ने बताया कि मामले में मुख्य आरोपी अक्षय प्रधान और अन्य फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
तुंगनाथ धाम में श्रद्धालुओं का नया रिकॉर्ड, 1.18 लाख से अधिक भक्तों ने किए बाबा केदार के दर्शन
-  यात्रा सत्र में उमड़ा आस्था का सैलाब, स्थानीय पर्यटन और कारोबार को मिला बड़ा संबल

रुद्रप्रयाग। समुद्र तल से लगभग 3,680 मीटर की ऊंचाई पर हिमालय की गोद में स्थित तृतीय केदार तुंगनाथ धाम में इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 21 अप्रैल को कपाट खुलने के बाद से अब तक 1,18,381 श्रद्धालु बाबा तुंगनाथ के दर्शन कर चुके हैं। रिकॉर्ड संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालुओं से जहां धाम में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है, वहीं स्थानीय पर्यटन और कारोबार को भी नई गति मिली है।
यात्रा सत्र के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु चोपता से तुंगनाथ तक की पैदल यात्रा कर रहे हैं। हिमालय की बर्फ से आच्छादित चोटियां, मनमोहक प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक वातावरण श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित कर रहा है। इन दिनों पूरा पैदल मार्ग श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही से गुलजार है।
बढ़ती तीर्थयात्रा का सीधा लाभ चोपता, बणियाकुंड, दुगलबिट्टा और आसपास के क्षेत्रों की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिल रहा है। होटल, होम-स्टे, भोजनालय, स्थानीय दुकानें, घोड़ा-खच्चर सेवा तथा पर्यटन से जुड़े अन्य व्यवसायों में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं।
यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु बनाए रखने के लिए मंदिर समिति, तीर्थ पुरोहित समाज, वन विभाग, व्यापार संघ तथा स्वयंसेवी संस्थाएं संयुक्त रूप से स्वच्छता, सुरक्षा और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने में जुटी हैं।
तुंगनाथ धाम के प्रबंधक प्रकाश पुरोहित ने बताया कि अब तक दर्शन करने वालों में 60,962 पुरुष, 50,815 महिलाएं, 6,384 बच्चे, 151 साधु-संत और 69 विदेशी श्रद्धालु शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चोपता से सीधे चंद्रशिला जाने वाले पर्यटकों को इस आंकड़े में शामिल नहीं किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में पार्किंग, पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाओं और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी सुविधाओं का और विस्तार किया जाए, तो तुंगनाथ धाम धार्मिक एवं पर्वतीय पर्यटन के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पहचान स्थापित कर सकता है। लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या इस बात का प्रमाण है कि तुंगनाथ धाम उत्तराखंड के प्रमुख आध्यात्मिक और पर्यटन स्थलों में तेजी से अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
जसपुर में सरकारी भूमि पर बनी अवैध मजार पर चला बुलडोजर, नोटिस अवधि पूरी होने के बाद प्रशासन की कार्रवाई

*वैध दस्तावेज न मिलने पर राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने हटाया अतिक्रमण, भूमि को कराया कब्जामुक्त*

रुद्रपुर। उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत जसपुर क्षेत्र में प्रशासन ने अवैध रूप से निर्मित एक मजार को ध्वस्त कर दिया। अहमद नगर क्षेत्र में सरकारी जमीन पर बनी इस संरचना को नोटिस की अवधि समाप्त होने और कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत न किए जाने के बाद बुलडोजर की मदद से हटाया गया।
प्रशासन के अनुसार, जिलाधिकारी के निर्देश पर सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमणों का व्यापक सर्वे कराया गया था। जांच के दौरान अहमद नगर स्थित उक्त मजार सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण के रूप में चिन्हित हुई। इसके बाद संबंधित पक्ष को लगभग तीन सप्ताह पहले नोटिस जारी कर स्वामित्व एवं निर्माण से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था।
निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बावजूद कोई भी व्यक्ति या संस्था आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सकी। इसके बाद राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था के बीच बुलडोजर से अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के उपरांत भूमि को समतल कर सरकारी कब्जे में ले लिया गया।
उप जिलाधिकारी राहुल शाह ने बताया कि पूरी कार्रवाई नियमानुसार और विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई। उन्होंने कहा कि ध्वस्तीकरण के दौरान मौके पर किसी प्रकार के धार्मिक अवशेष नहीं मिले।
प्रशासन ने दोहराया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में नोटिस, जांच और नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड सरकार पिछले कई महीनों से सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए अभियान चला रही है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के विरुद्ध इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
सुरक्षा कार्य मानसून के चलते फिलहाल रुका, सिंचाई विभाग ने मंदिर खोलने की दी संस्तुति; अंतिम फैसला प्रशासन करेगा
5 जुलाई से खुल सकता है गर्जिया देवी मंदिर, प्रशासन की मंजूरी के बाद श्रद्धालुओं को मिलेंगे दर्शन


रामनगर। उत्तराखंड के प्रसिद्ध गर्जिया देवी मंदिर के कपाट 5 जुलाई 2026 से श्रद्धालुओं के लिए खोले जाने की संभावना है। सिंचाई विभाग ने मंदिर में चल रहे सुरक्षा कार्यों को मानसून के कारण फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लेते हुए प्रशासन को मंदिर खोलने की संस्तुति भेजी है। अब अंतिम निर्णय प्रशासन द्वारा लिया जाएगा।
सिंचाई विभाग, रामनगर के अधिशासी अभियंता अजय कुमार जॉन ने बताया कि मंदिर के मुख्य टीले की सुरक्षा को लेकर दूसरे चरण का निर्माण कार्य जारी था, लेकिन लगातार बारिश और मानसून के चलते फिलहाल कार्य कराना संभव नहीं है। ऐसे में विभाग ने उप जिलाधिकारी रामनगर को पत्र भेजकर वर्तमान स्थिति से अवगत कराया है और श्रद्धालुओं के लिए मंदिर खोलने का अनुरोध किया है।
उन्होंने बताया कि यदि प्रशासन से अनुमति मिल जाती है तो 5 जुलाई से श्रद्धालु पुनः मां गर्जिया देवी के दर्शन कर सकेंगे। लंबे समय से मंदिर बंद रहने के कारण श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
गौरतलब है कि वर्ष 2010 की भीषण बाढ़ के बाद गर्जिया देवी मंदिर स्थित टीले में दरारें आने लगी थीं। इसके बाद मंदिर की सुरक्षा और संरचना को मजबूत करने के लिए चरणबद्ध मरम्मत एवं संरक्षण कार्य शुरू किया गया। वर्तमान में दूसरे चरण का कार्य चल रहा था, जिसे अब मानसून समाप्त होने के बाद अक्टूबर से दोबारा शुरू किया जाएगा।
प्रशासन की अंतिम मंजूरी के बाद मंदिर के कपाट खुलने की संभावना प्रबल मानी जा रही है। यदि अनुमति मिलती है तो हजारों श्रद्धालु एक बार फिर मां गर्जिया देवी के दर्शन कर सकेंगे, जिससे स्थानीय व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
गदरपुर गौकशी मामले में पुलिस मुठभेड़, पैर में गोली लगने के बाद फरार आरोपी गिरफ्तार
-  पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई, 17 किलो प्रतिबंधित मांस, तमंचा और कारतूस बरामद

रुद्रपुर। उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के गदरपुर क्षेत्र में करीब एक माह पुराने गौकशी मामले में फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान आरोपी द्वारा की गई फायरिंग के जवाब में हुई कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोईन निवासी मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। एसओजी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम को सूचना मिली थी कि आरोपी कनौरा क्षेत्र में मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की।
पुलिस का दावा है कि घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से करीब 17 किलोग्राम प्रतिबंधित मांस, एक अवैध तमंचा, तीन जिंदा कारतूस तथा एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। बरामद सामान को कब्जे में लेकर पुलिस ने अग्रिम कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायल आरोपी का हालचाल लिया और पूरे घटनाक्रम की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बताया कि लगभग एक माह पहले गदरपुर क्षेत्र में गौकशी की घटना सामने आई थी। इस मामले में पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो आरोपी फरार चल रहे थे। उन्हीं की तलाश के दौरान यह मुठभेड़ हुई।
एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है। साथ ही फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस का अभियान जारी है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
हृदयांगन एवं जीवन्ती देवभूमि साहित्यिक संस्था के  तत्वावधान में काव्य-संध्या


देहरादून । हृदयांगन साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था तथा जीवन्ती देवभूमि साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार 17 जून 2026 को हरिशरणम् होम स्टे, राजपुर रोड,देहरादून में एक गरिमामयी एवं भावपूर्ण काव्य-संध्या का भव्य आयोजन किया।शुभारंभ श्रीमती नीरू गुप्ता ‘मोहिनी’ के माँ सरस्वती की वंदना से हुआ।कार्यक्रम का कुशल संचालन जीवन्ती देवभूमि साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था की संस्थापक-अध्यक्ष श्रीमती कविता बिष्ट ‘नेह’ ने किया।गोष्ठी की अध्यक्षता डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी ‘मंजू’ ने किया।

मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार शिव मोहन सिंह तथा विशिष्ट अतिथियों के रूप में लक्ष्मी प्रसाद बडोनी ‘दर्द गढ़वाली’, जी.के. पिपिल एवं अरुण भट्ट की गरिमामयी उपस्थिति रही।काव्य-पाठ करने वाले साहित्यकारों में डॉ. विधुभूषण त्रिवेदी, डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी ‘मंजू’,शिव मोहन सिंह, कविता बिष्ट ‘नेह’, जसवीर हलधर, जी.के.पिपिल,मणि अग्रवाल ‘मणिका’, रविन्द्र सेठ, महेंद्र प्रकाशी, शोभा पाराशर ‘सजल’, सत्य प्रकाश शर्मा ‘सत्य’, रेखा जोशी, अर्चना झा, नवीन आज़म, नीरू गुप्ता ‘मोहिनी’, स्वाति मौलश्री, संगीता शाह ‘शकुन’, निकिता चतुर्वेदी, धृति चतुर्वेदी एवं मलय चतुर्वेदी ने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं का प्रभावशाली पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कवियों ने देशभक्ति,प्रेम,श्रृंगार, त्याग,बलिदान एवं मानवीय संवेदनाओं पर आधारित अपनी रचनाओं के माध्यम से उपस्थित श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।हृदयांगन एवं जीवन्ती देवभूमि परिवार के इस सफल एवं सुंदर आयोजन हेतु समस्त सदस्यों को हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएँ प्रेषित की गईं।इस अवसर पर डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी एवं अरुण भट्ट का जन्मदिवस अत्यंत हर्षोल्लास एवं आत्मीयता के साथ मनाया गया।उपस्थित सभी साहित्यकारों ने उन्हें स्वस्थ, दीर्घायु एवं सतत साहित्य- साधना से परिपूर्ण जीवन की शुभकामनाएँ दीं।धृति एवं मलय को उनकी उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए विशेष रूप से बधाई दी गई तथा उनके उज्ज्वल एवं मंगलमय भविष्य की कामना की गई।डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी ‘मंजू’ का आत्मीय एवं स्नेहपूर्ण आतिथ्य सदैव की भाँति अत्यंत सराहनीय रहा,जिसने पूरे आयोजन को और अधिक गरिमामय एवं यादगार बना दिया।

डॉ. विधुभूषण त्रिवेदी का स्नेहिल आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन सभी को प्राप्त हुआ। उनके आत्मीय अपनत्व, सौहार्द एवं प्रेरणादायी व्यक्तित्व के प्रति उपस्थित साहित्यकारों ने हृदय से आभार व्यक्त किया।अंत में डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी ‘मंजू’ एवं श्रीमती कविता बिष्ट ‘नेह’ ने सभी आगंतुकों, साहित्यकारों एवं प्रतिभागियों का हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया।
कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने वरिष्ठ पत्रकार सुनील चंद्र त्रिपाठी को किया सम्मानित
हरिद्वार। उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक द्वारा हरिद्वार में आयोजित एक विशेष समारोह में वरिष्ठ पत्रकार सुनील चंद्र त्रिपाठी को सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके पत्रकारिता क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान एवं सामाजिक सरोकारों के प्रति समर्पित कार्यों के लिए प्रदान किया गया।
सम्मान प्राप्त होने पर श्री त्रिपाठी ने इसे अपने पत्रकारिता जीवन का प्रेरणादायक क्षण बताते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें निष्पक्ष, जनहितकारी एवं सकारात्मक पत्रकारिता के प्रति और अधिक प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की प्रेरणा देगा।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य अतिथियों ने समाजहित एवं रचनात्मक कार्यों की सराहना करते हुए सभी को निरंतर उत्कृष्ट योगदान देने का संदेश दिया।
कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने वरिष्ठ पत्रकार सुनील चंद्र त्रिपाठी को किया सम्मानित
हरिद्वार। उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक द्वारा हरिद्वार में आयोजित एक विशेष समारोह में वरिष्ठ पत्रकार सुनील चंद्र त्रिपाठी को सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके पत्रकारिता क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान एवं सामाजिक सरोकारों के प्रति समर्पित कार्यों के लिए प्रदान किया गया।
सम्मान प्राप्त होने पर श्री त्रिपाठी ने इसे अपने पत्रकारिता जीवन का प्रेरणादायक क्षण बताते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें निष्पक्ष, जनहितकारी एवं सकारात्मक पत्रकारिता के प्रति और अधिक प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की प्रेरणा देगा।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य अतिथियों ने समाजहित एवं रचनात्मक कार्यों की सराहना करते हुए सभी को निरंतर उत्कृष्ट योगदान देने का संदेश दिया।
उत्तराखंड शर्मसार: चंपावत में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म, तीन पर मुकदमा दर्ज
चंपावत। उत्तराखंड के चंपावत जिले से एक हृदयविदारक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हथियारों के बल पर गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया। पीड़िता एक गांव के कमरे में रस्सियों से बंधी हुई मिली, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने इस मामले में बीजेपी के पूर्व मंडल उपाध्यक्ष और पूर्व ग्राम प्रधान समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता के पिता द्वारा दर्ज कराई गई तहरीर के अनुसार, वह अपनी बेटी के साथ इलाज के लिए चंपावत आए थे। इलाज के बाद पिता घर लौट गए, जबकि बेटी अपनी सहेली की शादी में शामिल होने के लिए वहीं रुक गई थी। 5 मई की रात जब बेटी का फोन अचानक स्विच ऑफ हो गया, तो घबराए परिजनों ने पुलिस और स्थानीय लोगों के साथ खोजबीन शुरू की। अगली सुबह करीब 4 बजे नाबालिग लड़की एक बंद कमरे में बंधक हालत में मिली। पीड़िता ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि तीन युवकों ने उसे चाकू और बसुला जैसे धारदार हथियारों के बल पर डराया और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। दरिंदगी के बाद आरोपी उसे कमरे में बाहर से ताला लगाकर फरार हो गए और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी।
इस जघन्य अपराध में बीजेपी नेता का नाम सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने चंपावत पहुंचकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। मामले की जांच एसआई प्रियंका मौर्या को सौंपी गई है। एसपी चंपावत रेखा यादव ने बताया कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और रिपोर्ट में पुष्टि होने के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस की टीमें नामजद तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और पुलिस प्रशासन जल्द से जल्द कार्रवाई का आश्वासन दे रहा है।