धूम धाम से मनाया गया व्यापारी कल्याण दिवस

सुलतानपुर। हमारे देश में कई प्रकार के दिवस जैसे बालदिवस, शिक्षक दिवस, महिला दिवस, डॉक्टर दिवस, यहाँ तक की मजदूर दिवस भी मनाया जाता है किंतु अफ़सोस इस देश की रीढ़ कहे जाने वाले व्यापारियों के सम्मान में कोई दिवस विगत 2023 के पहले नही मनाया जाता था, किंतु मिली जानकारी के अनुसार अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप बंसल ने व्यापारी दिवस की मांग सन 2000 में ही सरकार के समक्ष रखी, उनका अथक प्रयास निरंतर जारी रहा जिसके तहत उन्होंने अपनी मांग पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव, सुश्री मायावती, अखिलेश यादव के समक्ष रखी, किंतु मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक व्यापारी की भवानाओं को समझा और सन 2003 में उन्होंने भामाशाह जयंती के दिन को ही व्यापारी कल्याण दिवस घोषित कर दिया, जिसके तहत सभी जनपदों में व्यापारी कल्याण दिवस को धूमधाम से मनाये जाने का निर्देश दिया।
इसी क्रम में आज जिलाधिकारी की अध्यक्षता में भामाशाह जयंती पर व्यापारी कल्याण दिवस का कार्यक्रम कलेक्टरेट नवीन सभागार में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अथिति की भूमिका में बीजेपी के जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी मौजूद रहे, इस दौरान जनपद के शीर्ष दस कर दाता व्यापारियों को स्मृति चिन्ह, अंग वस्त्र, एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इसी क्रम में जनपद में व्यापारियों की आवाज को बुलंद करने वाले एक मात्र संगठन अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल, जो की समस्त व्यापरीयों की समस्याओं का शासन प्रशासन से सामंजस्य स्थापित कर दूर करने का कार्य करता है, उनके प्रदेश मंत्री हिमांशु मालवीय, क्षेत्रीय प्रभारी अमर बहादुर सिंह, जिलाध्यक्ष विजय प्रधान एवं जिला प्रभारी प्रविन्द्र भालोटिया को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर जिला वरिष्ठ महामंत्री अंबरीश मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष गोपाल जी सोनी,विनय सिंह,विक्रांत द्विवेदी आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।
बेजुबान पशुओं की सुरक्षा, उपचार और गौशालाओं की पारदर्शी व्यवस्था को लेकर गौ रक्षा वाहिनी ने प्रशासन को सौंपा 30 सूत्रीय ज्ञापन*
सुलतानपुर,जनपद में गौवंश सहित अन्य बेजुबान पशुओं के संरक्षण, उपचार, सुरक्षा, गौशालाओं की निगरानी, राहत व्यवस्था एवं पशु कल्याण के लिए मजबूत और जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था लागू किए जाने की मांग को लेकर गौ रक्षा वाहिनी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को संबोधित 30 सूत्रीय विस्तृत ज्ञापन सौंपा। जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में प्रतिनिधिमंडल ने यह ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट शिव प्रसाद यादव को सौंपते हुए तत्काल प्रभाव से ठोस कार्रवाई की मांग की। गौ रक्षा वाहिनी के प्रदेश प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जनपद सुलतानपुर में बड़ी संख्या में गौ माता, नंदी महाराज एवं अन्य बेजुबान पशु सड़क दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों, भूख, उपचार के अभाव, अव्यवस्थित गौशालाओं और प्रशासनिक लापरवाही के कारण निरंतर कष्ट झेल रहे हैं। संगठन ने कहा कि यह विषय केवल पशु कल्याण तक सीमित नहीं है बल्कि मानवीय संवेदना, सामाजिक जिम्मेदारी और प्रशासनिक जवाबदेही से सीधे जुड़ा हुआ अत्यंत गंभीर विषय है। सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई कि जनपद स्तर पर “बेजुबान पशु संरक्षण एवं राहत समिति” का तत्काल गठन किया जाए, जिसमें गौ रक्षा वाहिनी और अन्य गौसेवी सामाजिक संगठनों को शामिल किया जाए। जिला एवं विकासखंड स्तर पर अलग-अलग नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर घायल, बीमार अथवा संकटग्रस्त पशुओं की सूचना पर तत्काल राहत एवं उपचार सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, खंड विकास अधिकारियों सहित संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय कर जवाबदेह व्यवस्था लागू की जाए। गौ रक्षा वाहिनी ने मांग उठाई कि जनपद की सभी गौशालाओं की नियमित जांच और निगरानी के लिए विशेष निरीक्षण व्यवस्था बनाई जाए। प्रत्येक गौशाला में प्रति माह सामाजिक ऑडिट कराया जाए तथा पशुओं की संख्या, उपचार व्यवस्था, मृत्यु दर, चारा व्यवस्था, प्राप्त बजट और खर्च का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए। गौशालाओं में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं ताकि देखभाल व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा सके। यदि किसी गौशाला में भ्रष्टाचार, पशुओं की उपेक्षा या अव्यवस्था मिले तो तत्काल जांच कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। संगठन ने प्रशासन से 24 घंटे पशु आपातकालीन हेल्पलाइन जारी करने, प्रत्येक विकासखंड स्तर पर पशु एम्बुलेंस की व्यवस्था करने, सड़क दुर्घटनाओं में घायल पशुओं के लिए विशेष रेस्क्यू टीम गठित करने, परित्यक्त एवं बेसहारा गौवंश के लिए स्थायी पुनर्वास योजना बनाने तथा जिला पशु चिकित्सालय में घायल एवं असहाय पशुओं के लिए विशेष उपचार केंद्र और अस्थायी आश्रय व्यवस्था बनाए जाने की भी मांग की। प्रदेश प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह ने कहा कि “हमारी लड़ाई किसी व्यक्तिगत हित के लिए नहीं बल्कि उन बेजुबान पशुओं के लिए है जो बोल नहीं सकते लेकिन दर्द उतना ही महसूस करते हैं जितना इंसान। हम चाहते हैं कि सुलतानपुर में कोई भी गौवंश या अन्य पशु उपचार, भोजन, आश्रय और सुरक्षा के अभाव में तड़पने को मजबूर न हो।” प्रदेश महामंत्री जयशंकर दुबे ने कहा कि “गौ सेवा भारतीय संस्कृति और समाज की आत्मा है। पशुओं के संरक्षण की जिम्मेदारी केवल सामाजिक संगठनों की नहीं बल्कि प्रशासन की भी है। गौशालाओं की पारदर्शी निगरानी, घायल पशुओं को त्वरित उपचार और गौ तस्करी पर कठोर कार्रवाई समय की सबसे बड़ी जरूरत है।” वहीं अध्यक्ष बृजरानी गौ सेवा समिति अंकित अग्रहरि ने कहा कि “जमीनी स्तर पर सबसे अधिक समस्या घायल और बेसहारा पशुओं की है। कई बार समय पर उपचार और उचित व्यवस्था न मिलने के कारण बेजुबान पशुओं की जान चली जाती है। प्रशासन को स्थायी और मजबूत व्यवस्था बनाकर सामाजिक संगठनों के साथ समन्वय स्थापित करना चाहिए, तभी पशु संरक्षण का उद्देश्य सफल होगा।” ज्ञापन सौंपने के दौरान जयशंकर दुबे (प्रदेश महामंत्री), उदय प्रकाश मिश्रा (जिला संयोजक), अंकित अग्रहरि (अध्यक्ष बृजरानी गौ सेवा समिति), सुभाष सोनकर, राकेश सिंह दद्दू, प्रदीप कसौधन, मुकेश कसौधन, किरण सोनी, शशिधर द्विवेदी, अनिल अग्रहरि, पूनम सिंह, लकी बरनवाल, रजनी सिंह, राजवीर श्रीवास्तव, बृजेश श्रीवास्तव बंटू, गोलू यादव सहित बड़ी संख्या में गौ रक्षा वाहिनी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। गौ रक्षा वाहिनी द्वारा सौंपा गया यह ज्ञापन जनपद सुलतानपुर में बेजुबान पशुओं की सुरक्षा, बेहतर उपचार व्यवस्था, गौशालाओं की पारदर्शिता और पशु कल्याण को लेकर प्रशासन को जगाने वाली एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आगे व्यापक जनजागरण अभियान और आंदोलन भी चलाया जाएगा।
सांसद की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक हुई सम्पन्न
*केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक प्रत्येक दशा में पहुंचाना सुनिश्चित करें सभी सम्बन्धित अधिकारीगण-सांसद सुलतानपुर*

सुलतानपुर, सांसद सुलतानपुर श्री राम भुआल निषाद की अध्यक्षता एवं सांसद संसदीय क्षेत्र अमेठी किशोरी लाल शर्मा की सह-अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (डीडीसीएमसी) दिशा की बैठक नवीन कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में मा० सदस्य विधान परिषद शैलेन्द्र प्रताप सिंह,सदस्य विधान परिषद देवेन्द्र प्रताप सिंह, विधायक जगदीशपुर सुरेश पासी,विधायक इसौली मो० ताहिर खान, जिलाधिकारी इन्द्रजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक चारू निगम, मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि गण उपस्थित रहे।
        
बैठक के प्रारम्भ में जिलाधिकारी द्वारा मा० सांसद सुलतानपुर, सांसद अमेठी,सदस्य विधान परिषद,विधायक जगदीशपुर तथा मुख्य विकास अधिकारी द्वारा विधायक इसौली का पुष्पगुच्छ एवं ओ0डी0ओ0पी0 का स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया।
         
मुख्य विकास अधिकारी ने अध्यक्ष की अनुमति से बैठक का संचालन करते हुए गत दिशा बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुपालन के सम्बन्ध में कृत कार्यवाही की आख्या प्रस्तुत की गई। ऐसे  प्राथमिक विद्यालयों जिनके ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है, उन्हें हटाने हेतु अधीक्षण अभियन्ता विद्युत को जुलाई तक पूरा करने हेतु निर्देशित किया गया। इसके उपरान्त केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की विभागवार समीक्षा की गई।
         
बैठक में सदस्य विधान परिषद देवेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने तथा श्रमिकों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने अमृत सरोवर निर्माण की प्रगति के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा के दौरान स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, ग्रामीण आजीविका मिशन, कौशल विकास, टेक होम राशन इकाइयों, प्रेरणा कैंटीन, उचित दर की दुकानों एवं महिला उद्यमिता को और अधिक प्रोत्साहित करने पर बल दिया। उन्होंने उपायुक्त स्वतः रोजगार को निर्देशित किया कि स्वयं सहायता समूह की योजना को और अच्छे ढंग से लागू करते हुए अधिक से अधिक महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर व सशक्त बनायें।  

विधान परिषद सदस्य देवेन्द्र प्रताप सिंह ने समिति की ओर से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत निर्मित एवं अनुरक्षित सड़कों की गुणवत्ता, समयबद्ध मरम्मत तथा निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी), अमृत 2.0, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, नमामि गंगे, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना एवं अन्य आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सांसद/समिति के अध्यक्ष व सह-अध्यक्ष महोदय ने निर्देशित किया कि किसी भी योजना के सम्बन्ध में सम्बन्धित अधिकारी मुझसे भी प्रस्ताव ले लिया करें।
       
विधान परिषद सदस्य देवेन्द्र प्रताप सिंह ने कृषि क्षेत्र की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, कृषि अवसंरचना निधि, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, ई-नाम, किसान क्रेडिट कार्ड तथा कृषि तकनीकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा) जैसी योजनाओं का लाभ अधिकाधिक किसानों तक पहुँचाने के निर्देश दिए गए।
       
बैठक में स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़ी योजनाओं के अन्तर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, मातृ वंदना योजना, मिशन सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0, टीबी उन्मूलन कार्यक्रम, एनीमिया नियंत्रण कार्यक्रम तथा टीकाकरण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पात्र लाभार्थियों को सभी स्वास्थ्य सेवाओं का समयबद्ध लाभ उपलब्ध कराया जाए। विधान परिषद सदस्य देवेन्द्र प्रताप सिंह ने जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी से टीएचआर प्लांट का निरीक्षण करने के निर्देश दिये।
     
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान समग्र शिक्षा, पीएम पोषण (मध्याह्न भोजन), विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं, छात्रवृत्ति योजनाओं तथा विद्यार्थियों के नामांकन एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। विधायक इसौली द्वारा प्राथमिक विद्यालयों में बेहतर शौचालय की व्यवस्था करने के निर्देश दिये गये। ब्लाक प्रमुख दूबेपुर प्रतिनिधि द्वारा प्राथमिक विद्यालयों शौचालय को और बेहतर करने की बात कहीं।  
       
पेयजल, सिंचाई, पंचायत, ग्रामीण विकास, नगर विकास, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, दिव्यांगजन कल्याण, महिला एवं बाल विकास, पशुपालन, मत्स्य, डेयरी, रोजगार सृजन, कौशल विकास, डिजिटल इंडिया, जनधन योजना, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) सहित विभिन्न योजनाओं की विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए गए। सांसद अमेठी महोदय ने जिला पूर्ति अधिकारी को योजनाओं की समीक्षा करने व जानकारी हेतु निर्देशित किया गया।  
       
सांसद ने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुँचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए प्रत्येक बिन्दु पर गंभीरता से कार्यवाही करते हुए निर्धारित समय सीमा में उनका निस्तारण सुनिश्चित करें। विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखने तथा निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि समस्त जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों का मूल उद्देश्य लोगों का अधिक से अधिक कल्याण करना है, इसलिये सभी ईमानदारी पूर्वक कार्य करते हुए आम जनमानस को लाभ पहुंचायें।
     
सांसद अमेठी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पात्र लाभार्थियों को समय पर लाभ उपलब्ध कराने तथा विकास कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने पर अपने सुझाव दिए।
       
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि दिशा समिति की बैठक में प्राप्त सभी निर्देशों का समयबद्ध एवं प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि दिशा समिति में प्राप्त सुझावों एवं निर्देशों का प्राथमिकता के आधार पर अनुपालन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं की नियमित समीक्षा करते हुए जनसमस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए। इस अवसर पर समिति के सभी सम्मानित सदस्यगण व अधिकारीगण उपस्थित रहे।
भारतीय उद्योग व्यापार मंडल मनाएगा भामाशाह जयंती पखवारा—रवीन्द्र त्रिपाठी
*29 जून को मनाई जाएगी भामाशाह जयंती*

29 जून को दानवीर सेठ भामाशाह  जयंती सरकारी तौर पर मनाई जाएगी भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल के प्रदेश महामंत्री रवीन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के व्यापार कल्याण बोर्ड के प्रथम अध्यक्ष रविकांत गर्ग जी के प्रस्ताव पर 3 वर्ष पूर्व प्रदेश के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने 29 जून को भामाशाह जयंती व्यापारी कल्याण दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा किया था तब से प्रत्येक वर्ष 29 जून को सरकारी तौर पर भामाशाह जयंती बनाई जाती है और प्रदेश मुख्यालय सहित प्रदेश के सभी जनपदों में भामाशाह जयंती मनाई जाती है और उत्कृष्ट कार्य करने वाले तथा सबसे अधिक कर देने वाले व्यापारियों को सम्मानित किया जाता है जिले स्तर पर जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित होता है और प्रदेश स्तर पर माननीय मुख्यमंत्री जी की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित होता है जिसमें भारी संख्या में व्यापारी समाज के लोग शामिल होते हैं इसके साथ ही साथ भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की तरफ से निर्णय लिया गया है कि इस वर्ष भामाशाह जयंती के शुभ अवसर पर भामाशाह जयंती पखवाड़ा मनाया जाए विभिन्न जनपदों में कार्यक्रम आयोजित होंगे और उसमें प्रदेश का कोई न कोई पदाधिकारी शामिल होगा इसी प्रकार जिले स्तर पर प्रत्येक बाजारों में तहसील स्तर पर कार्यक्रम आयोजित होगा जिसमें जिले स्तर के पदाधिकारी तथा उसे जनपद में निवास करने वाले प्रदेश के पदाधिकारी शामिल होंगे और वहां के स्थानीय व्यापारियों को उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सम्मानित किया जाएगा। श्री त्रिपाठी ने कहा कि यह वरिष्ठ व्यापारी नेता पूर्व राज्य मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार श्री रविकांत गर्ग जी के परिश्रम का फल है कि भामाशाह जयंती सरकारी तौर पर मनाया जा रहा है जिसके लिए  हम श्री गर्ग जी को तथा माननीय मुख्यमंत्री जी को प्रदेश के समस्त व्यापारियों की तरफ से धन्यवाद देते हैं और उनके प्रति आभार प्रकट करते हैं। यह योजना राष्ट्रीय अध्यक्ष के लखनऊ प्रवास के दौरान सर्वसम्मति से विचार विमर्श करके प्रदेश अध्यक्ष सुधीर हलवासिया तथा प्रदेश के अन्य पदाधिकारी की सहमति पर बनाया गया है।
मुख्यमंत्री अभ्युदय निःशुल्क  कोचिंग हेतु  प्रवेश परीक्षा का आयोजन हुआ
सुल्तानपुर। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत जनपद सुल्तानपुर में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु निःशुल्क प्रवेश परीक्षा का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। परीक्षा शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुई। प्रवेश परीक्षा में विभिन्न पाठ्यक्रमों के कुल 328 अभ्यर्थियों ने प्रतिभाग किया। यूपीएससी  72,एसएससी 68,नीट एवं जेईई 62,पीसीएस (जे) 126 में अभ्यर्थी शामिल हुए ।
परीक्षा के दौरान जिला समाज कल्याण अधिकारी द्वारा परीक्षा कक्षों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। परीक्षा में प्रतिभाग करने वाले सभी अभ्यर्थियों के लिए शुद्ध पेयजल एवं जलपान की समुचित व्यवस्था भी की गई, जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। परीक्षा के सफल आयोजन में डॉ. अवधेश दुबे, डॉ जितेन्द्र यादव,  असिस्टेंट प्रो विपिन सिंह एवं  डा अम्बरीश सिंह सहित मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के समस्त फैकल्टी सदस्यों एवं सहयोगी कार्मिकों ने पूर्ण समर्पण एवं शत-प्रतिशत सहयोग प्रदान किया, जिसके परिणामस्वरूप परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हुई।मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के नवीन शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ दिनांक 1 जुलाई  से किया जाएगा। इस अवसर पर चयनित अभ्यर्थियों के लिए मोटिवेशनल कोट्स का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विद्यार्थियों को योजना की जानकारी, अध्ययन की रूपरेखा, मार्गदर्शन एवं प्रेरणादायक सत्रों के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु प्रेरित किया जाएगा। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के माध्यम से जनपद के प्रतिभाशाली एवं आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण तैयारी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को अपने लक्ष्य प्राप्त करने का अवसर मिल सके।
जामिया इस्लामिया सुल्तानपुर में 'जलसा शुहदा-ए-इस्लाम' की नवीं महफ़िल का शानदार आयोजन
सुल्तानपुर,आज जामिया इस्लामिया सुल्तानपुर (1448 हिजरी) में 'जलसा शुहदा-ए-इस्लाम' की नवीं महफ़िल निहायत अक़ीदत व एहतेराम के साथ मुनअक़िद (आयोजित) की गई। नमाज़-ए-इशा के बाद इस रूहानी जलसे का आग़ाज़ हुआ, जिसने सामेईन (श्रोताओं) के दिलों को ईमान की ताज़गी और रूहानियत से भर दिया।
जलसे का आग़ाज़ और इब्तिदाई तक़रीबात:
  निज़ामत: जलसे की बाग़डोर दुनिया-ए-निज़ामत के शहसवार आली जनाब मुजाहिद हुसैन हबीबी साहब ने संभाली। उनकी बेहतरीन तमहीदी गुफ़्तगू (प्रस्तावना) के बाद महफ़िल का बाक़ायदा आग़ाज़ हुआ।
  तिलावत-ए-क़ुरआन: जामिया की जामा मस्जिद के मुअज़्ज़िन जनाब हाफ़िज़ मोहम्मद शमशीर साहब ने अपने मख़सूस और दिलकश अंदाज़ में क़ुरआन-ए-पाक की तिलावत फ़रमाई।
  नात शरीफ़: जामिया के उस्ताज़-ए-हिफ़्ज़ जनाब क़ारी मोहम्मद जमाल साहब (सीतापुरी) ने नात-उन-नबी ﷺ पेश कर के मजमे को मख़मूर व मसहूर कर दिया।
  सीरत पर तक़रीर: जामिया के तालिबे इल्म (अरबी चहारुम) और मौलाना अब्दुल वहीद साहब क़ासमी के फ़र्ज़ंद मोहम्मद अहन्फ़ ने हज़रत मुआविया (रज़ि.) की सीरत पर निहायत लाजवाब अंदाज़ में तक़रीर पेश की।
  मनक़बत: जामिया इस्लामिया के अबना-ए-क़दीम (पूर्व छात्र) मौलाना मोहम्मद नदीम साक़िबी ने मनक़बत के अश्आर पेश कर के सामेईन के कुलूब (दिलों) को ताज़गी बख़्शी।
मेहमान-ए-ख़ुसूसी का ख़िताब (मुख्य भाषण):
इस मुक़द्दस महफ़िल में मुक़र्रिर-ए-ख़ुसूसी (मुख्य वक्ता) के तौर पर मदरसा शाही मुरादाबाद के उस्ताज़-ए-फ़िक़्ह व अदब, हज़रत मौलाना तौहीद अहमद साहब क़ासमी तशरीफ़ लाए। उन्होंने अपने बयान में हज़रत अली (कर्रम अल्लाहु वजहहू) के सिलसिला-ए-नसब (दादिहाली व नानिहाली) का ज़िक्र करते हुए हदीस की रौशनी में उनके फ़ज़ायल व मनाक़िब को मुदल्लल (प्रमाणित) अंदाज़ में बयान किया।
मुफ़्ती साहब ने अपनी तक़रीर में अहम तारीख़ी हक़ायक़ पेश किए:
  ख़ुलाफ़ा-ए-राशदीन से अक़ीदत: हज़रत अली (रज़ि.) को हज़रत अबू बक्र सिद्दीक़, हज़रत उमर फ़ारूक़ और हज़रत उस्मान गनी (रज़ि.) से बेपनाह अक़ीदत व मोहब्बत थी और इन तीनों हज़रात को भी उनसे असीम लगाव था। यही वजह थी कि सिद्दीक़-ए-अकबर ने अपने दौर-ए-ख़िलाफ़त में हज़रत अली को 'दारुल क़ज़ा' (न्याय विभाग) के मंसब पर फ़ाइज़ किया, जहाँ वह हज़रत उस्मान के दौर तक अमीर बने रहे।
  ख़िलाफ़त-ए-सिद्दीक़ी की ताईद: नबी-ए-करीम ﷺ के पर्दा फ़रमाने के बाद हज़रत अली ने बिला किसी तरद्दुद (हिचकिचाहट) के हज़रत अबू बक्र सिद्दीक़ के हाथ पर बैअत की। जब हज़रत उसामा ने उनसे इस बारे में पूछा, तो हज़रत अली ने फ़रमाया: "ऐ उसामा! एक दीन का सुतून (स्तंभ) है और वह नमाज़ है, और एक दुनिया का सुतून है और वह ख़िलाफ़त है। जब हमारे हबीब ﷺ ने अबू बक्र को दीन के सुतून के लिए आगे बढ़ाया, तो अली भी उसी रास्ते पर है।" नबी-ए-अकरम की वफ़ात से पहले 17 नमाज़ें हज़रत सिद्दीक़-ए-अकबर ने पढ़ाई थीं।
  ख़िलाफ़त-ए-फ़ारूक़ी और उस्मानी की हिमायत: हज़रत अली ही वह शख़्सियत थे जिन्होंने सबसे पहले हज़रत उमर की ख़िलाफ़त का मशवरा दिया था। मुफ़्ती साहब ने वाज़ेह किया कि अगर हज़रत अली को इन हज़रात से अदावत (दुश्मनी) होती, तो वह अपने बच्चों का नाम अबू बक्र और उमर हरगिज़ न रखते। इसी तरह, हज़रत उस्मान गनी (रज़ि.) की शहादत के वक़्त बलवाइयों की शरअंगेज़ी के दौरान, हज़रत अली ने ख़ुद अपने बेटों (हज़रत हसन और हुसैन) के साथ हज़रत उस्मान के घर पर पहरा दिया था।
हज़रत मुफ़्ती साहब ने वाज़ेह किया कि इन दलीलों से यह भली-भांति साबित होता है कि हज़रत अली को इन तीनों सहाबा की ख़िलाफ़त से कोई रंज या शिकवा नहीं था। जो लोग ख़ुद को हज़रत अली का मोहतक़िद (अनुयायी) बताते हैं और दीगर ख़ुलाफ़ा को ग़ासिब कहते हैं, यह सरासर बोहतान (आरोप) और इत्तेहाम है, जिसका हदीस की रू से कोई लेना-देना नहीं। ख़ुलाफ़ा-ए-अरबा (चारों ख़लीफ़ाओं) के दरमियान ख़िलाफ़त की तरतीब पर ज़र्रा बराबर भी कोई एतराज़ नहीं था।

सदारती ख़िताब और इज़हार-ए-तशक्कुर:
इस पुरनूर जलसे की सदारत जामिया के नाज़िम-ए-आला( सदर) जनाब मौलाना मोहम्मद उस्मान साहब क़ासमी ने फ़रमाई। उन्होंने तमाम सामेईन का समिम-ए-क़ल्ब (तहे दिल) से शुक्रिया अदा किया और गुज़ारिश की कि शुहदा-ए-इस्लाम की आख़िरी नशिस्त (दसवीं मुहर्रम-उल-हराम) में भी अवाम कसीर तादाद (भारी संख्या) में शिरकत कर के सवाब-ए-दारैन हासिल करें।
पचमढ़ी में ज्योति सिंह ने रचा इतिहास,बनीं सुलतानपुर की पहली लीडर ट्रेनर गाइड
*ज्योति सिंह ने राष्ट्रीय प्रशिक्षण केंद्र पचमढ़ी से प्रशिक्षण प्राप्त कर रचा इतिहास*

*राष्ट्रीय प्रशिक्षण केंद्र पचमढ़ी से पहली लीडर ट्रेनर गाइड  बनीं ज्योति सिंह,सुलतानपुर गौरवान्वित*

सुलतानपुर।जनपद सुलतानपुर के लिए गौरव का क्षण तब आया जब भारत स्काउट एवं गाइड उत्तर प्रदेश की जिला ट्रेनिंग कमिश्नर (गाइड) ज्योति सिंह ने मध्य प्रदेश स्थित राष्ट्रीय प्रशिक्षण केंद्र पचमढ़ी में आयोजित उच्च स्तरीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण कर लीडर ट्रेनर गाइड की प्रतिष्ठित उपाधि प्राप्त की। इस उपलब्धि के साथ ही ज्योति सिंह सुलतानपुर की पहली लीडर ट्रेनर गाइड बन गई हैं,जिससे जिले के स्काउट- गाइड आंदोलन को नई पहचान मिली है।

ज्योति सिंह की इस ऐतिहासिक सफलता पर जिला मुख्य आयुक्त एवं जिला विद्यालय निरीक्षक सूर्य प्रकाश सिंह,सह जिला विद्यालय निरीक्षक जटाशंकर यादव ,जिला कमिश्नर स्काउट डॉ. दिनेश प्रताप सिंह एवं सचिव डॉ गुलाब सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे जनपद के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि स्काउट-गाइड गतिविधियों को नई दिशा प्रदान करेगी।

जिला ट्रेनिंग कमिश्नर स्काउट धर्मेंद्र प्रताप सिंह,जिला संगठन कमिश्नर गौरव सिंह एवं जिला संगठन आयुक्त (गाइड) कांती सिंह ने भी ज्योति सिंह को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

जिला प्रशिक्षण टीम एवं स्काउट-गाइड परिवार के सदस्यों ने कहा कि उनकी सफलता युवाओं और गाइड्स के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी तथा प्रशिक्षण गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाएगी।आपको बता दें उत्तर प्रदेश से ज्योति सिंह समेत चार महिलाओं ने लीडर ट्रेनर गाइड का उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त किया हैं।

ज्योति सिंह की इस उपलब्धि से जनपद के स्काउट-गाइड कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है और इसे जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
गोराबारिक टप्पेबाजी मामले में तीन अज्ञात महिलाएं व ई-रिक्शा चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज
सुल्तानपुर, 25 जून। नगर कोतवाली क्षेत्र में टप्पेबाजी की शिकार हुई महिला की तहरीर पर पुलिस ने तीन अज्ञात महिलाओं एवं एक ई-रिक्शा चालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार गभड़िया मोहल्ला निवासी राहील अनवर बेगम 22 जून को अपनी बीमार माता का हालचाल जानने के लिए मोडर्न अस्पताल जा रही थीं। महुरिया मोड़ के पास ई-रिक्शे में पहले से बैठी तीन अज्ञात महिलाओं ने बातचीत के दौरान उन्हें अपने झांसे में ले लिया। आरोप है कि महिलाओं ने बहला-फुसलाकर उनके पास मौजूद दो सोने की चेन और लगभग तीन हजार रुपये नकद निकलवा लिए।

जब पीड़िता रिक्शे से उतरीं तो उन्हें अपने साथ हुई टप्पेबाजी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने नगर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर संख्या 347/2026 दर्ज कर ली है।

मुकदमा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) के तहत दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक पंकज कुमार को सौंपी गई है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।

पीड़िता ने बताया कि घटना के समय उनकी माता की तबीयत अत्यंत खराब थी और उसी सिलसिले में वह अस्पताल जा रही थीं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सार्वजनिक स्थानों एवं यात्रा के दौरान अजनबियों की बातों में न आएं तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

नगर कोतवाली पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जलसा शोहदा-ए-इस्लाम 1448 हिजरी के आठवें इजलास में औलाद-ए-नबी और अज़वाज-ए-मुतहरात पर रोशनी

सुल्तानपुर, 24 जून 2026। जामिया इस्लामिया सुल्तानपुर में जारी "जलसा शोहदा-ए-इस्लाम 1448 हिजरी" के आठवें इजलास का आयोजन हज़रत मौलाना मोहम्मद उस्मान क़ासमी साहब, नाज़िम जामिया इस्लामिया सुल्तानपुर की सदारत में नमाज़-ए-ईशा के बाद किया गया। कार्यक्रम का आग़ाज़ मोहम्मद फहद (मुतअल्लिम जामिया इस्लामिया) की तिलावत-ए-कुरआन से हुआ, जबकि नात व मनक़बत के अशआर मोहम्मद अजमल (दर्जा अरबी सोम), मोहम्मद अनस ढीमा (दर्जा अरबी अव्वल) और बाद-अज़ाँ मौलाना तारिक़ हाशिम नदवी ने पेश किए।

इजलास के ख़ुसूसी मुकर्रिर मौलाना मोहम्मद कौसर नदवी साहब ने "औलाद-उन-नबी व अज़वाज-उन-नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम" के उन्वान पर ख़िताब करते हुए कहा कि आम तौर पर यह समझा जाता है कि नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की केवल एक ही साहबज़ादी थीं, जबकि हक़ीक़त यह है कि आपकी चार साहबज़ादियाँ—हज़रत ज़ैनब, हज़रत रुकय्या, हज़रत उम्मे कुलसूम और हज़रत फ़ातिमा ज़हरा रज़ियल्लाहु अन्हुन्ना—थीं। इसी तरह आपके तीन साहबज़ादे हज़रत क़ासिम, हज़रत अब्दुल्लाह (तय्यब व ताहिर) और हज़रत इब्राहीम रज़ियल्लाहु अन्हुम थे। उन्होंने इन तमाम औलाद-ए-मुबारका की उम्र, सीरत और ख़ुसूसियात पर इजमाली रोशनी डाली।

अपने बयान के दूसरे हिस्से में मौलाना ने अज़वाज-ए-मुतह्हरात का तज़किरा करते हुए बताया कि नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की कुल 11 अज़वाज थीं, जिन्हें उम्महात-उल-मोमिनीन कहा जाता है। उन्होंने तमाम अज़वाज-ए-मुतह्हरात की सीरत, फ़ज़ाइल और उम्मत के लिए उनकी ख़िदमात का मुख़्तसर मगर जामेअ तआरुफ़ पेश किया।

मौलाना कौसर नदवी ने उन एतराज़ात का भी जवाब दिया जो नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के निकाहों के संबंध में उठाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के निकाहात दीनी, शरई, समाजी और सियासी मसालिह के तहत हुए, जिनका मक़सद उम्मत की रहनुमाई और इस्लामी समाज की तामीर था।

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि मुसलमानों के लिए यह ज़रूरी है कि वे औलाद-ए-नबी और अज़वाज-ए-मुतह्हरात के बारे में सही मालूमात हासिल करें, क्योंकि ये सभी अहल-ए-बैत का अहम हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि अहल-ए-बैत का तसव्वुर केवल हज़रत फ़ातिमा ज़हरा रज़ियल्लाहु अन्हा तक महदूद नहीं है, बल्कि इसमें औलाद-ए-नबी और अज़वाज-ए-मुतह्हरात भी शामिल हैं।

इजलास का इख़्तिताम मौलाना मोहम्मद कौसर नदवी साहब की दुआ पर हुआ। अंत में हज़रत नाज़िम साहब ने तमाम मेहमानों का शुक्रिया अदा करते हुए लोगों से अपील की कि वे जलसे के बाक़ी बचे दोनों इजलासों में अपने दोस्तों और अहबाब के साथ शिरकत करें।

इस इल्मी व रूहानी इजलास के पैग़ाम को अवाम तक पहुँचाने के लिए जदीद मीडिया और इंटरनेट का प्रभावी उपयोग किया गया, जिससे कार्यक्रम की जानकारी दूर-दराज़ क्षेत्रों तक भी पहुँची।
नगर पालिका परिषद सुलतानपुर द्वारा शासन से धनावंटन कराकर सड़क व नाली निर्माण कार्य का पालिकाध्यक्ष प्रवीन कुमार अग्रवाल ने भूमि पूजन कर शुभारम्भ क

सुल्तानपुर ।आदर्श नगर वार्ड स्थित पल्टू का पुरवा तिराहे से एम0एस0बी0 स्कूल को जाने वाला मार्ग, जो कि गत कई वर्षों से अत्यन्त जर्जर अवस्था में था, नगर पालिका परिषद सुलतानपुर द्वारा शासन से धनावंटन कराकर सड़क व नाली निर्माण कार्य का पालिकाध्यक्ष प्रवीन कुमार अग्रवाल ने भूमि पूजन कर शुभारम्भ किया।

इस अवसर पर पालिकाध्यक्ष ने बताया कि काफी समय से स्थानीय सभासद व लोगों द्वारा इस जर्जर सड़क के पुनर्निर्माण व नाली इत्यादि सुविधाओं की मॉग की जा रही थी, जिसकी पहल कर पालिका द्वारा प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था, पं0 दीन दयाल उपाध्याय नगर विकास योजना के तहत लगभग 45.00 लाख की लागत से इस 317मी0 लम्बी सी0सी0सड़क व नाली के कार्य का शुभारम्भ किया गया है। नगर पालिका द्वारा इसी प्रकार से आगे भी विभिन्न मार्गों नाला-नालियों का निर्माण सहित चौराहों के सौन्दर्यीकरण आदि नगर क्षेत्र के विकास कार्य कराये जाने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है, हम ‘‘स्वच्छ सुन्दर सुलतानपुर’’ बनाते हुए समग्र विकास का कार्य कर रहे हैं, जिसके लिए पालिका पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध होने के साथ ही विकास के पथ पर अग्रसर है। पालिकाध्यक्ष ने इस अवसर पर स्थानीय लोगों से अपील किया कि पर्यावरण एवं आने वाले समय को देखते हुए पूरे मोहल्ले में उचित स्थान देखकर अधिक से अधिक वृक्ष लगायें तथा अपने आस-पास स्वच्छता का विशेष ध्यान दें। भूमि पूजन कार्यक्रम का संयोजन स्थानीय सभासद विजय कुमार जायसवाल ने किया। इस अवसर पर सभासद मंगरू प्रसाद प्रजापति एवं स्थानीय गायत्री विजय मिश्रा, श्रीराम शुक्ला, जमुना प्रसाद तिवारी, हृदय नारायण रावत, दिलीप गुप्ता, नरेंन्द्र श्रीवास्तव, बाल चंद सोनी, मनोज मौर्या, परमानंद सिंह, छंगा, त्रिवेणी प्रसाद, रौनक त्रिपाठी, हजारी सोनी, राम टहल सहित भारी संख्या में स्थानीय जनमानस व गणमान्य बन्धु उपस्थित रहे।