आजमगढ़ : आईजीआरएस पर गलत रिपोर्ट लगाने व जमीन पैमाइश के बाद भी रकबा नही किया गया सार्वजनिक पीड़ित ने अमरण अनशन व आत्मदाह की दी चेतावनी

सिद्धेश्वर पाण्डेय
व्यूरो चीफ
आजमगढ़  । अहरौला थाना क्षेत्र के कंदरा गांव निवासी फूलपुर तहसील अंतर्गत अभिषेक उपाध्याय पुत्र अशोक उपाध्याय ने कमिश्नर व राजस्व परिषद, जिलाधिकारी सहित मुख्यमंत्री को दिए गए शिकायती पत्र में फूलपुर के राजस्व टीम के लेखपाल पर बडा आरोप लगाया है बताया कि आइजीआरएस के माध्यम से जमीन कब्जा मुक्त कराने की गुहार लगाई गई है लेकिन क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा आईजीआरएस पर फर्जी तरीके से विपक्षियों के पक्ष में रिपोर्ट लगा दी गई और दबाव बनाकर आश्वासन देकर हस्ताक्षर कर लिया गया और कहा गया कि आजमगढ़ को आईजीआरएस में नंबर वन करना है इसलिए आप पहले आईजीआरएस को डिफाल्टर होने से बचाइए फिर पैमाइश कर मामले को संभाल लेंगे अभिषेक उपाध्याय का आरोप है कि कंदरा गांव में मेरी माता किरन और पिता अशोक कुमार के नाम से दो चक है जिसमें कुछ लोग बैनामा भी लिए हुए हैं और सभी लोग अपने बैनामे पर काबिज हैं मौके पर दोनों चको में लगभग तीन से चार बीघा जमीन अवशेष बची हुई है लेकिन विपक्षी इतने दबंग है कि वह जमीन पर कब्जा किए है राजस्व टीम से भी उनके पक्ष मे काम करती है विगत दिनों जिला अधिकारी कमिश्नर व राजस्व परिषद सहित मुख्यमंत्री को दिए गए शिकायती पत्र के बाद उप जिलाधिकारी फूलपुर ने राजस्व टीम का गठन किया 24 जून को टीम ने मौके पर पहुंचकर पैमाइश की लेकिन पूरी पैमाइश को 1 सप्ताह बाद भी रकबा तक नहीं बताया लेखपाल के द्वारा भी फर्जी ढंग से आईजीआरएस पर फर्जी रिपोर्ट लगाई गई अभिषेक उपाध्याय ने कहा कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कर संबंधित राजस्व टीम और लेखपाल पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और हमारी अवशेष बची हुई जमीन को सक्षम अधिकारी और की मौजूदगी में नापी कराकर हमें दिलवाया जाए नहीं तो मैं आमरण अनशन और आत्मदाह करने के लिए मजबूर हूं अभिषेक उपाध्याय ने बताया कि हमने पत्र लिखकर मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की है और मुझे जान से मारने की भी धमकी दी जा रही है अभी भी कई जमीनों पर लोगों ने कब्जा कर रहा कर रखा है जिसे खाली करने के लिए मैं लगातार इसकी लड़ाई लड़ रहा हूं। संबंध में उप जिलाधिकारी फूलपुर अशोक कुमार का कहना है कि मामला पेचीदा है आइजीआरएस पर शिकायत के क्रम मे नापी कराई गई है लेकिन इसमें कई सह खातेदार हैं इसलिए इसमें बटवारा या बेदखली करने के लिए कोर्ट जाना पड़ेगा कोर्ट के आदेश के बाद ही कार्रवाई सुनिश्चित हो पाएगी।
आजमगढ़ : क्षेत्र की सबसे वृद्ध 106 वर्ष की आयु में सत्यभामा सिंह का निधन
सिद्धेश्वर पाण्डेय
व्यूरो चीफ
आजमगढ़।  फूलपुर तहसील के कोर्राघाटमपुर के मियांपुर निवासी सबसे वृद्ध सत्यभामा सिंह का सोमवार देर शाम 106 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह पिछले एक सप्ताह से अस्वस्थ चल रही थीं। देर शाम अचानक उनकी सांसें थम गईं।
क्षेत्र की सबसे वृद्ध महिला सत्यभामा सिंह के निधन से परिवार में शोक की लहर है। उनके परिवार में तीन पुत्र और दो पुत्रियां हैं। निधन की सूचना मिलते ही शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए संभ्रांत लोगों का तांता लग गया।
 शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में  बांकेलाल सिंह, भाजपा नेता अमित सिंह, संतोष सिंह, साजन सिंह, रामफेर यादव, चन्दन सिंह, देवेन्द्र सिंह,रामलाल मौर्य, पूर्व प्रधान मोहनलाल सोनकर,सर्वेश सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे और परिजनों को ढांढस बंधाया। गांव में शोक का माहौल है।
आजमगढ़ पुलिस को मिली नई ताकत: उपनिरीक्षक संजय कुमार सिंह बने निरीक्षक, SSP ने लगाए स्टार
  सिद्धेश्वर पाण्डेय
    व्यूरो चीफ
आजमगढ़। जनपद आजमगढ़ पुलिस के लिए गर्व और खुशी का क्षण उस समय आया जब पुलिस विभाग में तैनात उपनिरीक्षक संजय कुमार सिंह को उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा निरीक्षक (इंस्पेक्टर) पद पर पदोन्नत किया गया। इस अवसर पर पुलिस कार्यालय, आजमगढ़ में आयोजित एक गरिमामय समारोह में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने संजय कुमार सिंह के कंधों पर निरीक्षक पद के स्टार लगाकर उन्हें नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं।
एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि पदोन्नति उत्कृष्ट सेवा, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण का सम्मान है। उन्होंने विश्वास जताया कि निरीक्षक संजय कुमार सिंह भविष्य में भी अपनी कार्यकुशलता, ईमानदारी और अनुशासित कार्यशैली से विभाग एवं जनपद का गौरव बढ़ाते रहेंगे। समारोह में अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुबन कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक यातायात पंकज श्रीवास्तव सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने निरीक्षक संजय कुमार सिंह को पदोन्नति पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। जनपद आजमगढ़ पुलिस परिवार ने निरीक्षक संजय कुमार सिंह को हार्दिक शुभकामनाएं एवं सफल कार्यकाल की मंगलकामनाएं दी हैं।
आजमगढ़ : एमआरडी शिक्षण संस्थान के संस्थापक बैजनाथ यादव का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर
सिद्धेश्वर पाण्डेय
   व्यूरो चीफ
 आजमगढ़।  फूलपुर तहसील के अंबारी स्थित एमआरडी शिक्षण सेवा संस्थान के संस्थापक एवं प्रख्यात शिक्षाविद् बैजनाथ यादव (85 वर्ष) का सोमवार को आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही शिक्षा जगत और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उन्हें क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था का मजबूत स्तंभ माना जाता था और उनके जाने को लोगों ने "एक युग का अंत" बताया।
बैजनाथ यादव ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देते हुए एमआरडी कॉन्वेंट स्कूल, एमआरडी बालिका इंटर कॉलेज तथा एमआरडी इंटर कॉलेज की स्थापना की। उनके प्रयासों से क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं संस्कारित शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला। शिक्षा के प्रति उनका समर्पण और दूरदर्शी सोच हमेशा याद की जाएगी।
मकसुदिया गांव निवासी स्वर्गीय बैजनाथ यादव ने जिस शैक्षिक नींव को खड़ा किया, उसे उनके तीनों पुत्र विनोद यादव, सुभाष चंद यादव एवं सुनील यादव आगे बढ़ाते हुए नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं और शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं।
उनके निधन की सूचना मिलते ही मकसुदिया स्थित आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लग गया। सामाजिक, शैक्षिक एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने पहुंचकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिजनों को सांत्वना दी।
बाद में दुर्वासा धाम पर पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोगों, शुभचिंतकों और विद्यार्थियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
बैजनाथ यादव का जीवन शिक्षा, संस्कार और समाज सेवा के प्रति समर्पित रहा।  इस अवसर पर अटेवा जिलाध्यक्ष सुभाष चंद यादव, महेंद्र यादव, दीपक यादव, सुरेंद्र यादव, अनिल यादव, केशव प्रसाद यादव, बृजनाथ यादव,राजेश यादव , चंद्रभान यादव सहित सैकड़ों शिक्षकों ने शोकसम्वेदना व्यक्त किया ।

आजमगढ़ : विश्व पर्यावरण दिवस पर सीएचसी फूलपुर में अधीक्षक डॉ. अखिलेश कुमार समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने लगाए पौधे
सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) फूलपुर परिसर में पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प भी लिया गया।
कार्यक्रम में सीएचसी अधीक्षक डॉ. अखिलेश कुमार, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी (एचईओ) एम.एल. अग्रहरी एवं सहायक शोध अधिकारी (एआरओ) उमेश कुमार यादव ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। 
अधीक्षक डॉ. अखिलेश कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच पर्यावरण संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी बन गई है। उन्होंने लोगों से अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया। वहीं स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी एम.एल. अग्रहरी ने कहा कि स्वस्थ पर्यावरण ही स्वस्थ समाज की आधारशिला है और इसके लिए जनसहभागिता आवश्यक है।
सहायक शोध अधिकारी उमेश कुमार यादव ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस हमें प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों का स्मरण कराता है तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की प्रेरणा देता है।