डीएम व एसपी द्वारा संयुक्त रूप से कोचिंग सेंटर का किया गया औचक निरीक्षण

जिलाधिकारी ने सभी कोचिंग संस्थानों को सुरक्षा मानकों के दृष्टिगत समस्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के दिये निर्देश


सुलतानपुर।शासन द्वारा दिये गये निर्देश के क्रम में जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह व पुलिस अधीक्षक चारू निगम द्वारा संयुक्त रूप से कोहिनूर इण्डिया कोचिंग सेंटर, निकट मेहमान होटल, सिविल लाइन सुलतानपुर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अध्ययनरत छात्र/छात्राओं हेतु उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं जैस- बैठने की व्यवस्था, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, विद्युत, अग्निशमन उपकरण, प्रवेश व निकास हेतु पर्याप्त जगह का होना, रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र, विद्युत व अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र आदि के सम्बन्ध में जायजा लिया गया।
  
जिलाधिकारी द्वारा निरीक्षण के दौरान मानक के अनुरूप अपनाई जाने वाली सभी सावधानियों का अवलोकन किया गया। उन्होंने कोचिंग सेन्टर का रजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। संचालक द्वारा प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया गया, जिसकी वैधता जून, 2027 तक विधिमान्य है। इसी प्रकार उन्होंने  अग्निशमन यंत्र का मौके पर डिमॉन्सट्रेशन भी कराया गया, जो सही पाया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संस्थान प्रबन्धक को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाय तथा शासन द्वारा निर्धारित सभी मानको का अनुपालन सुनिश्चित किया जाय।
  
जिलाधिकारी ने जनपद के सभी 196 कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण किये जाने हेतु अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। उन्होंने निर्देशित किया कि तीन दिन का अभियान चलाकर सभी सुरक्षा मानकों जैसे- अग्निशमन यंत्र, एनओसी, वाल पैनलिंग, आपातकालीन द्वार, विद्युत ओवरलोड आदि पैरामीटर्स पर सभी अपनी-अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें तथा जिन कोचिंग संस्थानों में मानक के अनुरूप व्यवस्थाएं नहीं पायी जाती हैं, उन्हें नोटिस दिया जाय, जिससे सुरक्षा मानको का प्रबन्ध कराया जा सके।           
          
पुलिस अधीक्षक द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत आपाकालीन निकास द्वार, सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता, अग्निशमन उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता तथा एनओसी आदि के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की गयी। उन्होंने सीएफओ से अग्निशमन एनओसी आदि उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कोचिंग संचालक को निर्देशित किया कि सभी सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाय।
सुलतानपुर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की होगी व्यापक जांच, मानक पूरे न करने वालों पर होगी कार्रवाई
सुलतानपुर, 23 जून। राजस्थान के कोटा और  लखनऊ एव अन्य स्थानों पर कोचिंग संस्थानों में हुई दुर्घटनाओं से सबक लेते हुए सुलतानपुर प्रशासन ने जिले के सभी कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच शुरू कर दी है। इसी क्रम में मंगलवार को जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से सिविल लाइन स्थित मेहमान होटल के निकट संचालित कोहिनूर इंडिया कोचिंग सेंटर का निरीक्षण किया तथा वहां मौजूद सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में लगभग 196 कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं। इन सभी संस्थानों में अग्नि सुरक्षा (फायर सेफ्टी) मानकों, भवन की संरचना, आपातकालीन निकास व्यवस्था तथा अन्य सुरक्षा उपायों की गहन जांच कराई जा रही है। इसके लिए प्रशासन द्वारा तीन अलग-अलग जांच टीमें गठित की गई हैं, जो स्थलीय निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी कोचिंग संस्थान में सुरक्षा मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि विद्युत विभाग को भी निर्देशित किया गया है कि जिन कोचिंग संस्थानों में एयर कंडीशनर (एसी) एवं अन्य विद्युत उपकरण संचालित हो रहे हैं, वहां विद्युत कनेक्शन की स्वीकृत क्षमता (लोड) की जांच की जाए। यदि कहीं आवश्यकता से अधिक विद्युत भार का उपयोग किया जा रहा है तो उसे चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि कई भवन स्वामी एवं संचालक भवनों के अंदर सजावट के नाम पर लकड़ी अथवा अन्य ज्वलनशील सामग्री की पैनलिंग करा लेते हैं, जो आग लगने की स्थिति में बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। ऐसे स्थानों पर आग तेजी से फैलती है और बचाव कार्य में भी कठिनाइयां आती हैं। इसलिए इन बिंदुओं की भी विशेष रूप से जांच की जाएगी।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिन कोचिंग संस्थानों में कोई कमी पाई जाएगी, उन्हें निर्धारित समयावधि में कमियों को दूर करने का अवसर दिया जाएगा। इसके बावजूद यदि संचालक सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करते हैं तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन की इस पहल को विद्यार्थियों और अभिभावकों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जिले भर में चल रहे निरीक्षण अभियान से कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर जागरूकता बढ़ेगी और भविष्य में किसी भी संभावित दुर्घटना की आशंका को कम किया जा सकेगा !!
जलसा शोहदा-ए-इस्लाम की छठी नशिस्त संपन्न, सहाबा-ए-किराम की सीरत पर डाली गई रोशनी
सुल्तानपुर,जामिया इस्लामिया सुल्तानपुर में जारी दस दिवसीय ‘जलसा शोहदा-ए-इस्लाम’ की छठी नशिस्त (बैठक) अकीदत और रूहानियत के माहौल में कामयाबी के साथ सम्पन्न हुई। जलसे में उलमा-ए-किराम ने सहाबा-ए-किराम की फज़ीलत, मुहर्रम की अहमियत और इस्लामी अक़ीदों की इस्लाह पर विस्तृत प्रकाश डाला।
मुख्य वक्ता मौलाना मोहम्मद क़सीम क़ासमी ने अपने खिताब में कहा कि “नबी-ए-करीम हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के तमाम सहाबा रुश्द व हिदायत के आसमान के दरख़्शंदा सितारे हैं और रिसालत के गुलसितां के महकते हुए फूल हैं।” उन्होंने कहा कि मदह-ए-सहाबा और दिफ़ा-ए-सहाबा हर मुसलमान की जिम्मेदारी है तथा सहाबा-ए-किराम की मुहब्बत ईमान का अहम हिस्सा है।
अपने बयान में उन्होंने विशेष रूप से हज़रत ज़ैद बिन हारिसा की ज़िन्दगी के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार हज़रत ज़ैद (रज़ि.) ने नबी-ए-करीम की ख़िदमत को दुनिया की हर चीज़ पर तरजीह दी और वफ़ादारी व मोहब्बत की मिसाल कायम की।
इस अवसर पर मौलाना मुतह्हर-उस-सलाम क़ासमी ने अपने संबोधन में कहा कि शोहदा-ए-इस्लाम के ये जलसे उम्मत के अक़ीदे की इस्लाह और दीन की सही समझ पैदा करने का माध्यम हैं। उन्होंने माहे मुहर्रम की फ़ज़ीलत और उसकी अज़मत पर भी प्रकाश डाला तथा कहा कि इस मुबारक महीने का उल्लेख क़ुरआन मजीद में विशेष महत्व के साथ किया गया है।
कार्यक्रम का आगाज़ मोहम्मद सादान द्वारा क़ुरआन-ए-पाक की तिलावत से हुआ। इसके बाद दर्जा-ए-हिफ़्ज़ के छात्र मोहम्मद ज़ैद ने मनक़बत पेश कर श्रोताओं को प्रभावित किया। वहीं दर्जा-ए-फ़ारसी के छात्र मोहम्मद इज़आन ने हज़रत मुआविया की सीरत पर प्रभावशाली तक़रीर प्रस्तुत की।
जलसे में सुल्तानपुर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की।
कार्यक्रम का समापन मौलाना मोहम्मद क़सीम क़ासमी की दुआ के साथ हुआ। जलसे की सदारत कर रहे जामिया इस्लामिया के नाज़िम मौलाना मोहम्मद उस्मान क़ासमी ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए आगामी चारों इजलासों में भी अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील।
पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के हितार्थ कल्याणकारी योजनाएं पूर्णतया निःशुल्क ऑनलाइन संचालित*
सुल्तानपुर,सहायक श्रम आयुक्त मधुबन राम ने बड़ी जानकारी देते हुए बताया कि श्रम विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा उ०प्र० भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के हितार्थ कल्याणकारी योजनाएं जैसे- मातृत्व, शिशु एवं बालिका मद्द योजना, संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना, अटल आवासीय विद्यालय योजना, कन्या विवाह सहायता योजना, महात्मा गाँधी पेंशन योजना, गम्भीर बीमारी सहायता योजना, मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना पूर्णतया निःशुल्क ऑनलाइन संचालित है। योजना का हितलाभ प्राप्त करने के लिए बोर्ड की वेबसाइट www.upbocw.in पर स्वयं अथवा निकटतम जन-सुविधा केन्द्रों के माध्यम से आवेदन कर सकते है, किन्तु आवेदन करते समय योजना में दी गयी व्यवस्थानुसार वांक्षित अभिलेख अपलोड करना अनिवार्य। तात्कालिक समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालय सहायक श्रम आयुक्त गनपत सहाय पी०जी० कालेज के सामने पयागीपुर सुलतानपुर में हेल्प डेस्क की व्यवस्था। किसी भी कार्य दिवस में कार्यालय में उपस्थित होकर अथवा मोबाइल नम्बर 9140687628/8090531532 पर सम्पर्क कर अपनी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं।
22 तारीख़ से बंद हो होगा माँ कामाख्या के दरबार पुनः 26 को खोला जाएगा


तीर्थ राज धोपाप, उत्तर प्रदेश के अवध प्रांत के सुल्तानपुर जनपद में आदि-गंगा गोमती नदी के तट पर स्थित एक प्रमुख धार्मिक तीर्थस्थल है, इसे "धोपाप धाम" के नाम से भी जाना जाता है। माना जाता है कि यह वही स्थान है जहां पर भगवान श्री राम ने लंकेश्वर रावण का वध करने के पश्चात महर्षि वशिष्ठ के आदेशानुसार स्नान करके स्वयं को "ब्रह्महत्या"के पाप से मुक्त किया था। लोगों का मानना है कि जो भी व्यक्ति गंगा दशहरे के अवसर पर यहां स्नान करता है, उसके सभी पाप आदिगंगा गोमती नदी में धुल जाते हैं।

आदिमकाल में यहां भरों का राज था राजा गरहा भर और राजा हेल भर जैसे नाम इतिहास के पन्नों में आज भी दर्ज है। यहां एक विशाल मंदिर भी स्थित है। गंगा दशहरा के अवसर पर यहाँ सुलतानपुर ,उत्तर प्रदेश के ही नहीं बल्कि भारत के अन्य प्रांतों से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं और आदिगंगा गोमती में डुबकी लगाने के पश्चात पूजन-अर्चन करते हैं।

सम्पूर्ण अवध में "धोपाप" के महत्व को कुछ इस तरह से समझाया गया है:--

ग्रहणे काशी, मकरे प्रयाग। चैत्र नवमी अयोध्या, दशहरा धोपाप।।

अर्थात् अगर वर्ष भर में ग्रहण का स्नान काशी में, मकर संक्रान्ति स्नान प्रयाग में, चैत्र मास नवमी तिथि का स्नान अयोध्या में और ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष दशहरा तिथि का स्नान "धोपाप" में कर लिया जाय तो अन्य किसी जगह जाने की आवश्यकता ही नहीं है। बस इतने मात्र से ही मनुष्य को सीधे बैकुण्ठ की प्राप्ति होती है...!!

यह पावन स्थली की स्थापना भगवान रामचंद्र ने किया था जिसका पुनर्निर्माण दीप नगर के राजा ने किया था मान्यता के अनुसार राजा को भवानी सपना आई और भवानी ने आदेश दिया की मंदिर तीन पीठ की स्थापना हो राजा ने स्वपन को मानते हुए भूतल सौभाग्य गणपति, श्री राम दरबार, शिव परिवार , माँ कामाख्या, द्वितीय तल पर त्रिपुरा सुंदरी व ऊपरी तल पर बरही देवी की स्थापना की इस मंदिर को उल्लेख पद्म पुराण ( पंकज पुराण ) व रामायण एवं  रामचरितमानस में मिलता है। यहाँ कामाख्या माँ तीन दिवस मासिक धर्म में जाति है इस दौरान माँ के कपट पूजन-अर्चन उपरांत बंद कर दिया जाता है फिर चार दिन बाद खोला जाता है

अम्बुवाची पर्व

विश्व के सभी तांत्रिकों, मांत्रिकों एवं सिद्ध-पुरुषों के लिये वर्ष में एक बार पड़ने वाला अम्बूवाची योग पर्व वस्तुत एक वरदान है। यह अम्बूवाची पर्व भगवती (सती) का रजस्वला पर्व होता है। पौराणिक शास्त्रों के अनुसार सतयुग में यह पर्व 16 वर्ष में एक बार, द्वापर में 12 वर्ष में एक बार, त्रेता युग में 7 वर्ष में एक बार तथा कलिकाल में प्रत्येक वर्ष जून माह (आषाढ़) में तिथि के अनुसार मनाया जाता है। यह एक प्रचलित धारणा है कि देवी कामाख्या मासिक धर्म चक्र के माध्यम से तीन दिनों के लिए गुजरती है, इन तीन दिनों के दौरान, कामाख्या मंदिर के द्वार श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाते हैं। इस बार अम्बूवाची योग पर्व जून की 22, 23, 24, 25, 26 तिथियों में मनाया गया।

पौराणिक सन्दर्भ

पौराणिक सत्य है कि अम्बूवाची पर्व के दौरान माँ भगवती रजस्वला होती हैं और मां भगवती की गर्भ गृह स्थित महामुद्रा (योनि-तीर्थ) से निरंतर तीन दिनों तक जल-प्रवाह के स्थान से रक्त प्रवाहित होता है। यह अपने आप में, इस कलिकाल में एक अद्भुत आश्चर्य का विलक्षण नजारा है। कामाख्या तंत्र के अनुसार -

योनि मात्र शरीराय कुंजवासिनि कामदा।
रजोस्वला महातेजा कामाक्षी ध्येताम सदा॥
शरणागतदिनार्त परित्राण परायणे ।
सर्वस्याति हरे देवि नारायणि नमोस्तु ते ।।
इस बारे में `राजराजेश्वरी कामाख्या रहस्य' एवं `दस महाविद्याओं' नामक ग्रंथ के रचयिता एवं मां कामाख्या के अनन्य भक्त ज्योतिषाचार्य पंडित सुधांशु तिवारी ने बताया कि अम्बूवाची योग पर्व के दौरान मां भगवती के गर्भगृह के कपाट स्वत ही बंद हो जाते हैं और उनका दर्शन भी निषेध हो जाता है। इस पर्व की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरे विश्व से इस पर्व में तंत्र-मंत्र-यंत्र साधना हेतु सभी प्रकार की सिद्धियाँ एवं मंत्रों के पुरश्चरण हेतु उच्च कोटियों के तांत्रिकों-मांत्रिकों, अघोरियों का बड़ा जमघट लगा रहता है। तीन दिनों के उपरांत मां भगवती की रजस्वला समाप्ति पर उनकी विशेष पूजा एवं साधना की जाती है।
जलसा शुहदा-ए-इस्लाम के पांचवें इजलास में सहाबा-ए-किराम की अज़मत पर रोशनी
सुल्तानपुर,जामिया इस्लामिया सुल्तानपुर में जारी दस दिवसीय "जलसा शुहदा-ए-इस्लाम" के पांचवें इजलास का आयोजन जामिया के नाज़िम-ए -आला मौलाना मुहम्मद उस्मान कासमी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं वक्ता मौलाना मुहम्मद आसिफ आज़मी ने सहाबा-ए-किराम के मक़ाम, फज़ीलत और खिलाफत-ए-राशिदा के विषय पर विस्तार से संबोधित किया।
अपने बयान में मौलाना आसिफ आज़मी ने कहा कि नबी-ए-करीम ﷺ के बाद मक़ाम और मर्तबे के लिहाज से हज़रत अबू बक्र सिद्दीक़ (रज़ि.), हज़रत उमर फ़ारूक़ (रज़ि.), हज़रत उस्मान ग़नी (रज़ि.) और हज़रत अली अल-मुर्तज़ा (रज़ि.) का दर्जा क्रमवार सबसे ऊंचा है। उन्होंने कहा कि खुलफ़ा-ए-राशिदीन की वर्तमान तरतीब ही तरतीब-ए-बरहक़ है और यही अहल-ए-सुन्नत का मान्य दृष्टिकोण रहा है।
मौलाना ने अपने संबोधन में कहा कि सहाबा-ए-किराम इस्लाम में हक़ और मार्गदर्शन का पैमाना हैं तथा उनके सम्मान और तक़द्दुस की हिफाज़त हर मुसलमान की जिम्मेदारी है। उन्होंने वाक़िया-ए-ग़दीर-ए-ख़ुम का उल्लेख करते हुए कहा कि उसका संदर्भ और पृष्ठभूमि अलग थी तथा उसे खिलाफत के मसले से जोड़कर देखना सही नहीं है।
कार्यक्रम में मौलाना मुहम्मद मुख़्तार कासमी ने भी सहाबा-ए-किराम की अज़मत और उनके दीन के लिए किए गए योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
जलसे का शुभारंभ जामिया के छात्र मुहम्मद ज़ाहिद की तिलावत-ए-कुरआन से हुआ। इसके बाद अरबी सोम के छात्र मुहम्मद अजमल ने "सीरत-ए-अली" विषय पर प्रभावशाली तकरीर प्रस्तुत की। वहीं मौलाना मुहम्मद अराफात कासमी तथा छात्र मुहम्मद सरफराज ने नात व मनकबत पेश कर माहौल को रूहानी रंग में रंग दिया।
इस अवसर पर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में उलेमा, तलबा और आम नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन मौलाना मुहम्मद आसिफ आज़मी की दुआ के साथ हुआ। जलसा शुहदा-ए-इस्लाम का यह पांचवां इजलास अत्यंत शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
नफरत फैलाने वालों को सत्ता का संरक्षण,न्याय नहीं मिला तो होगा बड़ा आंदोलन : राणा*
चांदा कांड पर कांग्रेस का हमला तेज, आरोपियों पर गैंगस्टर लगाने की मांग*

सुल्तानपुर। चांदा थाना क्षेत्र में मुस्लिम युवकों के साथ हुई कथित मारपीट, लूटपाट एवं (धर्म परिवर्तन) धार्मिक नारे लगाने के प्रयास के मामले को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह 'राणा' एवं शहर अध्यक्ष शकील अंसारी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि 4 जून 2026 को चांदा थाना क्षेत्र के बहरिया गांव स्थित साहब बंदगी आश्रम के पास मुस्लिम युवकों के साथ कथित रूप से मारपीट, लूटपाट तथा धार्मिक उन्माद फैलाने की घटना हुई थी। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि घटना के बावजूद पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे पीड़ित परिवारों में भय का माहौल बना हुआ है। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने प्रशासन के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। पार्टी ने मांग की कि घटना में शामिल आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए। साथ ही पीड़ित युवकों को सुरक्षा प्रदान की जाए तथा मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषियों को कठोर सजा दिलाई जाए। कांग्रेस ने समाज में भय और तनाव फैलाने वाले तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कट्टरपंथी मानसिकता के लोग खुलेआम सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। राणा ने कहा कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला और आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट सहित कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी। भाजपा सरकार में अपराधियों का मनोबल बढ़ा है और निर्दोष लोग भय के साये में जीने को मजबूर हैं। समाज में नफरत फैलाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई न होना प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है और इससे कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। पार्टी के शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने कहा कि यह मामला केवल एक समुदाय का नहीं बल्कि पूरे समाज की एकता और भाईचारे से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि जो लोग धर्म और नफरत के नाम पर समाज को बांटने का प्रयास कर रहे हैं, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई आवश्यक है। अंसारी ने कहा कि दोषियों को बचाने की किसी भी कोशिश को कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी। प्रशासन को निष्पक्ष कार्रवाई कर यह संदेश देना होगा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस हर स्तर पर संघर्ष करेगी।

कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो जिला/शहर कांग्रेस कमेटी व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगी,जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस अवसर पर वरिष्ठ नेता रणजीत सिंह सलूजा, सुब्रत सिंह सनी, वरिष्ठ नेता मो जफर खान,सलाउद्दीन हाशमी,हामिद राईनी, विजयपाल,कमर खान,ममनून आलम,देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव,मोहसिन सलीम,नंदलाल मौर्य, इमरान अहमद,अबरार अहमद, इकरार खान,जीशान अहमद,जसीम अहमद आदि लोग प्रतिनिधि मंडल में शामिल रहे। भवदीय अभिषेक सिंह राणा अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी सुल्तानपुर
सड़क किनारे भारत निर्वाचन आयोग के भरे हुए मतदाता पंजीकरण फॉर्म झाड़ियों में पड़े मिलने से मचा हड़कम्प, डीएम ने दिए जाँच के आदेश*
सुल्तानपुर में आज उस समय हड़कंप मच गया जब सड़क किनारे भारत निर्वाचन आयोग के भरे हुए मतदाता पंजीकरण फॉर्म झाड़ियों में पड़े मिले। इतना ही फॉर्म में नाम पते,मोबाइल नंबर के साथ साथ आधार कार्ड की फोटो कॉपी सहित तमाम जरूरी कागजात भी लगे हुए थे। स्थानीय लोगों ने जब इस बात की जानकारी आलाधिकारियों को दी तो उनके होश उड़ गए। फिलहाल जानकारी लगते ही जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने फॉर्म को जब्त करवा कर जांच के आदेश दे दिए हैं और कड़ी कार्यवाही की बात कह रहे हैं। दरअसल ये मामला है लंभुआ कोतवाली क्षेत्र के दियरा मार्ग का। यहीं पर सड़क किनारे झाड़ियों में कुछ कागजात पड़े दिखाई पड़े तो ग्रामीणों को कुछ शक हुआ। ग्रामीण वहां पहुंचे तो वहां भारत निर्वाचन आयोग के मतदाता फॉर्म 6 भरे पड़े हुए थे। साथ में उनके नाम, पते,मोबाइल नंबर के साथ आधार कार्ड सहित तमाम निजता के डाक्यूमेंट्स भी लगे हुए थे। इस बात की जानकारी लगते ही ग्रामीण अचंभित हो गए और उन्होंने तत्काल इसकी सूचना संबंधित विभाग को दी। वहीं किसान नेता प्रभात सिंह ने इस मामले में प्रशासन को ही कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी कागजात के साथ साथ आम आदमी के जरूरी कागजात सड़कों पर पड़ा मिलना कहीं न कही घोर लापरवाही उजागर कर रहा है। प्रभात सिंह ने इसकी भारत निर्वाचन आयोग सहित जिलाधिकारी से मामले की जांच करवाने का अनुरोध किया है ताकि जो भी दोषी हो उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जा सके। फिलहाल जानकारी लगते ही सुल्तानपुर के जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने एसडीएम हुआ और सीओ लंभुआ को भेज कर सारे कागजात जप्त करवा लिए है। उनकी माने तो जो फॉर्म झाड़ियों में फेंके गए थे वो फॉर्म-6,2017-18 के हैं साथ ही आर सी फॉर्म भी मिले हैं, फिलहाल ये फार्म तहसील में सीसीटीवी की निगरानी में रहते हैं,वहां का ताला कैसे तोड़ा गया,फॉर्म कैसे वहां निकले और बाहर गए,इसकी जांच करवाई जा रही है, साथ ही एफआईआर दर्ज गंभीरता से जांच करवाई जाएगी और जो भी दोषी है उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही करवाई जाएगी।
सुल्तानपुर में भरत तिवारी की हत्या के विरोध में निकाला कैंडिल मार्च, न्यायिक व्यवस्था पर उठाए सवाल*
सुल्तानपुर,स्वर्गीय भरत तिवारी की बिहार पुलिस द्वारा कथित निर्मम हत्या और "सड़ चुकी न्यायिक/प्रशासनिक व्यवस्था" के विरोध में शुक्रवार को सुल्तानपुर के युवाओं ने कैंडिल मार्च निकाला। भगवान परशुराम युवा वाहिनी एवं समस्त युवा सुल्तानपुर के बैनर तले आयोजित इस मार्च में बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में मोमबत्ती लेकर भरत तिवारी की तस्वीर वाले पोस्टर और काले बैनर के साथ नारेबाजी की। बैनर पर लिखा था: _"स्वर्गीय भरत तिवारी जी की बिहार पुलिस द्वारा निर्मम हत्या एवं सड़ चुकी न्यायिक/प्रशासनिक व्यवस्था के विरोध में 'कैंडिल मार्च'"_। मार्च के दौरान युवाओं ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और मृतक के परिजनों को न्याय दिलाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पुलिसिया बर्बरता और न्याय में हो रही देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मार्च शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
बिहार के सामाजिक कार्यकर्ता भरत तिवारी की स्मृति में गुप्तारगंज स्थित गायत्री मंदिर परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया
सुल्तानपुर,कटका क्लब सामाजिक संस्था की ओर से बिहार के सामाजिक कार्यकर्ता भरत तिवारी की स्मृति में गुप्तारगंज स्थित गायत्री मंदिर परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य लोगों ने उपस्थित होकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा दो मिनट का मौन रखकर ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना की।
कार्यक्रम का नेतृत्व नरेंद्र देव तिवारी ने किया। इस अवसर पर कटका क्लब के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ऋषभदेव शुक्ला ने कहा कि भरत तिवारी ने निस्वार्थ भाव से समाज के कमजोर और जरूरतमंद लोगों की सेवा की। ऐसे व्यक्तित्व का निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके विचार और सेवा कार्य आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करते रहेंगे।
वहीं कटका क्लब के अध्यक्ष डॉ. सौरभ मिश्र 'विनम्र' ने कहा कि समाज सेवा केवल एक कार्य नहीं बल्कि जीवन जीने का सर्वोत्तम माध्यम है, जिसका उदाहरण भरत तिवारी थे। उन्होंने कहा कि संस्था उनके अधूरे सामाजिक कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास करेगी और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लेती है।
इस मौके पर धनपतगंज ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि त्रिनेत्र पांडेय एवं भाजपा नेता प्रदीप मिश्र 'सरकार' ने संयुक्त रूप से कहा कि भरत तिवारी का सरल स्वभाव, सेवा भावना और समाज के प्रति समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा।

उन्होंने कहा कि ऐसे समाजसेवी कभी वास्तव में विदा नहीं होते, बल्कि अपने कार्यों और आदर्शों के माध्यम से हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहते हैं। इस मौके पर कौशल दुबे, संतोष मिश्र, सोनू तिवारी बरौला, सौम्य शुक्ला, मोनू तिवारी, बृजेंद्र मिश्र, मनीष पांडेय, हर गोविंद पांडेय, गौरव, सचिन, शिवम शुक्ला, दर्जनों की संख्या में लोग उपस्थित रहे। ।