महिलाओं का अपमान लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान : बाबा दुबे
जौनपुर। किसी भी स्वस्थ और प्रगतिशील लोकतंत्र की आत्मा उसके नागरिकों की समानता पर टिकी होती है। जब महिलाओं का अपमान या उनके साथ भेदभाव होता है, तो यह केवल एक सामाजिक समस्या नहीं, बल्कि सीधे तौर पर लोकतांत्रिक मूल्यों (जैसे- स्वतंत्रता, न्याय और बंधुत्व) का हनन होता है। महिलाओं के बढ़ते अपमान को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब बदलापुर विधानसभा के पूर्व विधायक ओमप्रकाश दुबे उर्फ बाबा दुबे ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि जहां नारियों की पूजा होती है, वहां देवता निवास करते हैं की मान्यता वाले हिंदू धर्म में महिलाओं के अपमान की कोई जगह नहीं है।सोशल मीडिया पर अपने खिलाफ की गई एक अश्लील टिप्पणी को लेकर भाजपा नेत्री सुचिता तिवारी द्वारा बदलापुर थाने में दर्ज कराई गई शिकायत को जायज बताते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी महिला का अपमान करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसे लोगों को यह नहीं भूलना चाहिए कि उनके घर में भी बहू बेटियां रहती हैं। ऐसे लोगों के पास पड़ोस में रहने वाले लोगों को भी ऐसे लोगों का बहिष्कार करना चाहिए।
जौनपुर के वीरभानपुर में विराट कवि सम्मेलन संपन्न
जौनपुर। जनपद के बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित वीरभानपुर गांव में 21 जून की शाम को समाजसेवी रामआसरे मिश्र के आवास पर उनके नए घर केशव कुंज के गृह प्रवेश के निमित्त विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। देर रात तक चले इस कवि सम्मेलन में देश के अनेक बड़े कवियों ने अपनी कविताएं प्रस्तुत की। कार्यक्रम में अनेक जाने-माने लोग उपस्थित रहे। देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान राहुल एजुकेशन के चेयरमैन लल्लन तिवारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मिश्रा परिवार तथा उपस्थित समस्त लोगों को शुभकामनाएं दी। नालासोपारा स्थित दुबे स्टेट के युवराज कहे जाने वाले अमित ओमप्रकाश दुबे देवरिया स्थित अपने गांव से चलकर कार्यक्रम में पहुंचे। पूर्व विधायक बाबा दुबे के भाई प्रेमप्रकाश दुबे, समाजसेवी केशव सिंह, पूर्व प्रधानाचार्य अनिल दुबे, प्रधान अनिल पांडे, भूमि विकास बैंक , मछली शहर के प्रबंधक अशोक शुक्ल , डायरेक्टर रमेश कुमार गौतम, प्राध्यापक रमाशंकर शुक्ल, प्राध्यापक विनय कुमार शुक्ला, अधिवक्ता विजय कुमार शुक्ला, डॉ राजदेव दुबे, डॉ श्याम पांडे, एड नागेंद्र प्रताप सिंह, युवा समाजसेवी सुरेश यादव,समाज सेवक महेंद्र प्रताप सिंह,प्राध्यापक हरमिंदर सिंह , मुख्याध्यापक विनोद कुमार उपाध्याय, एड. सुधीर शुक्ला, स्वामीनाथ पांडे, संजय कुमार सिंह समेत भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे। राम आसरे मिश्र के छोटे भाई प्रोफेसर विजय नाथ मिश्रा तथा ओंकार नाथ मिश्र ने कवियों और अतिथियों का स्वागत सम्मान किया। यज्ञ आचार्य पंडित तिलेश्वर नाथ तिवारी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दीप प्रज्वलन और सरस्वती पूजन को संपादित किया। मुंबई के वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे ने कवि सम्मेलन के आयोजन पर प्रकाश डालते हुए गांव की मिट्टी को कविता की जननी बताया। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता डॉ प्रेम शंकर द्विवेदी भास्कर ने की। राजेंद्र प्रसाद पांडे गड़बड़, संजय सिंह सागर, मार्तंड मोहन मिश्र, डॉ सपना मिश्रा प्रज्ञा तिवारी, शिवानंद चौबे तथा प्रोफेसर विजयनाथ मिश्र ने अपनी कविताओं के माध्यम से उपस्थित लोगों को मंत्र मुग्ध कर दिया। डॉ प्रेम कुमार द्विवेदी के 12वें उपन्यास पूनम की रात का भी विमोचन किया गया। अंत में रतन कुमार मिश्र पप्पू गुरु ने मिश्रा परिवार की तरफ से समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा (रा) ने राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

जौनपुर। बिहार पुलिस प्रशासन द्वारा भरत तिवारी के एनकाउंटर मामले के विरोध में सोमवार को अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा (रा) के जिला अध्यक्ष रत्नाकर चौबे के नेतृत्व में पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी जौनपुर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति  को संबोधित ज्ञापन सौंपा।इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए एनकाउंटर की कार्रवाई पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।ज्ञापन कार्यक्रम में जिला संरक्षक ज्ञान प्रकाश मिश्रा, अजय कुमार तिवारी, धर्मदत्त उपाध्याय, जिला महामंत्री रमाशंकर पाठक, जिला उपाध्यक्ष अनुज कुमार मिश्रा, संतोष पाठक, विजय कुमार तिवारी उर्फ ललू तिवारी, परशुराम सेना के जिला अध्यक्ष रविंद्र नाथ मिश्रा, अश्विनी कुमार दुबे, ब्रह्मचारी पाठक, ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप मिश्रा, विशेष आमंत्रित सदस्य कृपा शंकर दुबे, सुमित मिश्रा, जिला सचिव कृष्णानंद दुबे, रमेश कुमार चौबे सहित सैकड़ों पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
शाही किले में योगिनी क्षमा सिंह ने कराया योगाभ्यास, हजारों लोग हुए शामिल
जौनपुर। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार की सुबह जौनपुर के ऐतिहासिक शाही किले में भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ऐतिहासिक धरोहर के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सामूहिक योगाभ्यास किया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। सुबह से ही शाही किला परिसर योगमय वातावरण में सराबोर नजर आया, जहां विभिन्न आयु वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम में सहयोगी मंच पर योग गुरु अचल हरिमूर्ति के नेतृत्व में योग प्रशिक्षक क्षमा सिंह और वंदना साहू ने प्रतिभागियों को योगाभ्यास कराया। उन्होंने भारत सरकार द्वारा निर्धारित कॉमन योग प्रोटोकॉल के अनुसार सभी प्रतिभागियों को क्रमबद्ध तरीके से योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया। योग सत्र की शुरुआत सूक्ष्म व्यायाम और शरीर को सक्रिय करने वाले अभ्यासों से हुई। इसके बाद ताड़ासन, वृक्षासन, वज्रासन, भुजंगासन, शलभासन, मकरासन, पवनमुक्तासन और सूर्य नमस्कार सहित विभिन्न योगासन कराए गए।
प्राणायाम सत्र में प्रतिभागियों ने अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भ्रामरी, शीतली और अन्य श्वास संबंधी अभ्यास किए। प्रशिक्षकों ने प्रत्येक आसन और प्राणायाम की सही विधि समझाते हुए बताया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत और जीवन संतुलित रहता है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास का भी प्रभावी माध्यम है। समापन अवसर पर नगर पालिका जौनपुर की चेयरमैन मनोरमा मौर्य ने योगिनी क्षमा सिंह, वंदना साहू को अंगवस्त्रम‍ देकर सम्मानित किया।
सरायभानी में विनयानंद सरस्वती के निर्देशन में निकाली गई कलश यात्रा
जौनपुर। बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित सरायभानी में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पूर्व प्रयागराज से पधारे विनयानंद सरस्वती के निर्देशन में कलश यात्रा निकाली गई जो  कथास्थल से प्रारंभ होकर सराय गौरा,वर्जी, केशवपुर,राईपुर के भ्रमण के पश्चात पुनः कथा स्थल पर समाप्त हुई। इस दौरान लगभग 200 महिलाएं सिर पर कलश रखकर चल रही थी। इस संदर्भ में विनयानंद सरस्वती जी ने कहा की मंगल कलश यात्रा के साथ 33 कोटि देवताओं को कथा श्रवण हेतु आमंत्रित किया जाता है।भागवद् कथा  श्रवण से इस संसार सागर से मुक्ति व परमात्मा मिलन संभव हो पाता है।मानव के मानवीय गुणों का विकास होता है।सत्कर्म की प्रेरणा मिलती है। सत्संग से मानव महामानव व देवत्व प्राप्त करने में सक्षम हो पाता है।कथा श्रवण से प्राप्त ज्ञान के प्रकाश से व्यक्ति को स्वयं को पहचान पाता है। ऐसे में परमात्मा से साक्षात्कार की संभावना बढ़ जाती है। राजा परीक्षित से कलयुग ने अपने रहने का स्थान मांगा तो उन्होंने हिंसालय,मदिरालय,वेश्यालय जुआलय व अनीति से कमाए गए सोने में रहने का स्थान दिया था। जरासंध के चमकदार सोने के मुकुट अनीति से अर्जित किया गया था। उसी मुकुट को जब राजा परीक्षित ने अपने सिर पर धारण कर लिया तो उनके अंदर कलयुग ने प्रवेश करके उनके द्वारा संतों का अपमान कराया। आज भी इन पांचो जगहों पर कलयुग का वास होता है।ऐसे में हमें इन पांचो चीजों से हमेशा बचाना चाहिए। इस दौरान आयोजक  सभाजीत मिश्रा,दीपक यादव,शिव प्रसाद मिश्रा,राम संजीवन मिश्रा, सुरेश तिवारी,डा, कैलाश नाथ मिश्रा, रामसुख मिश्रा आदि सैकड़ो ग्रामीण व  श्रोता मौजूद रहे।
जौनपुर का सरपतहां पुलिस थाना जनपद की शान, 123 साल पुरानी इमारत बनी वीरानगी में पहचान
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के 1526 थानों में अब जौनपुर का सरपतहां थाना खूबसूरती और व्यवस्था के लिए अलग पहचान बना रहा है। 1902 में स्थापित इस थाने की 123 साल पुरानी इमारत को जस का तस रखते हुए कायाकल्प कर दिया गया है। जिला मुख्यालय से 55 किमी दूर सुल्तानपुर सीमा से सटे वीरान इलाके में स्थित इस थाने को कभी कोई पुलिसकर्मी पोस्टिंग नहीं चाहता था, पर आज यही थाना जिले में सुंदरता के मामले में पहले नंबर पर गिना जा रहा है। थाना प्रभारी यजुवेंद्र सिंह की सोच और लगन ने इस बदलाव की नींव रखी। सबसे बड़ी चुनौती वीरानगी थी। थाने से एक किमी दूर तक चाय की दुकान तक नहीं थी। रोजमर्रा का सामान लेने कर्मियों को रूधौली बाजार जाना पड़ता था। इस दिक्कत को देखते हुए थाना परिसर में ही कंटीन बना दिया गया है। यहां चाय-नाश्ता से लेकर जरूरत का हर सामान उचित मूल्य पर मिलता है। परिसर के भीतर अब हरा-भरा माहौल है। तुलसी वाटिका, भव्य मंदिर और फव्वारे से आंगन सज गया है। जवानों के लिए बॉलीबॉल मैदान और बैडमिंटन कोर्ट बनवाए गए हैं ताकि ड्यूटी के बाद तनाव हल्का हो सके। मुंशी कार्यालय और सीसीटीएनएस कक्ष को पूरी तरह वातानुकूलित किया गया है। भोजनालय की व्यवस्था ने कर्मियों की सबसे बड़ी राहत दी है। मात्र 32 रुपए में भरपेट शाकाहारी भोजन मिलता है। हफ्ते में दो दिन पनीर, एक दिन खीर और एक दिन चावल की जगह पुलाव परोसा जाता है। मांसाहारी कर्मियों के लिए हफ्ते में एक दिन अंडा करी और एक दिन चिकन या मटन की व्यवस्था है। साफ-सफाई और समय पर भोजन से सभी के चेहरे पर खुशी दिखती है। बुनियादी सुविधाओं पर भी खास ध्यान दिया गया है। पूरे थाने को 24 घंटे बिजली-पानी उपलब्ध है। आवासीय भवन स्वच्छ रखे गए हैं और पूरा परिसर अब सोलर पैनल पर निर्भर हो चुका है। इससे बिजली का खर्च भी बचा और पर्यावरण को संदेश भी गया। थाना प्रभारी यजुवेंद्र सिंह मानते हैं कि ये बदलाव अकेले संभव नहीं था। इसमें दीवान संजीव सिंह, सिपाही अंकित राय, पवन यादव और शरद वैश्य की भूमिका अहम रही। स्थानीय जनता के सहयोग से जनभागीदारी से यह मॉडल खड़ा हुआ है। आज सरपतहां थाना सिर्फ कानून-व्यवस्था का केंद्र नहीं, बल्कि पुलिसकर्मियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। जहां पहले पोस्टिंग से लोग बचते थे, वहां अब तैनाती की इच्छा जताई जा रही है। 1902 की विरासत को बचाते हुए 2026 का आदर्श थाना बना सरपतहां, बाकी थानों के लिए प्रेरणा बन रहा है।
कमलावती पाठक की पुण्यतिथि पर धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन
जौनपुर। बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित खालिसपुर गांव निवासी वरिष्ठ समाजसेवी पंडित जयप्रकाश पाठक की धर्मपत्नी कमलावती देवी की द्वितीय पुण्यतिथि के अवसर पर आज रुद्राभिषेक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। चार पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक विधि विधान से कार्यक्रम संपन्न कराया। पंडित जयप्रकाश पाठक के सुपुत्र तथा पंडित आर आर मेमोरियल पब्लिक स्कूल के प्रबंधक विभव प्रकाश पाठक, एडवोकेट उदधि प्रकाश पाठक तथा प्रधानाचार्य विरद प्रकाश पाठक ने अपनी अपनी धर्मपत्नी के साथ रुद्राभिषेक संपन्न किया। परिवार के बेद प्रकाश पाठक, शिवांजल, ज्ञान प्रकाश, सूर्य प्रकाश, सत्य प्रकाश, चंद्र प्रकाश तथा विदनेश ने आगंतुकों का स्वागत सम्मान किया। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, प्रबंधक विनोद तिवारी, धीरेंद्र मिश्रा, राजेंद्र प्रसाद उपाध्याय, विग्नेश पाठक, घनश्याम पाठक, प्रदीप पाठक, आशीष पाठक समेत अनेक प्रतिष्ठित लोग उपस्थित रहे।
महदा में आयोजित श्री राम कथा के पांचवें दिन राम– सीता  विवाह के जश्न में डूबा उपाध्याय परिवार
जौनपुर। राम कथा (रामायण) केवल एक धार्मिक कहानी नहीं, बल्कि मानव जीवन जीने की कला और आदर्शों का एक संपूर्ण मार्गदर्शक है। इसका मूल संदेश मर्यादा (कर्तव्य का पालन), प्रेम, त्याग, और धर्म की विजय है, जो हमें सिखाता है कि हर परिस्थिति में सत्य और सदाचार का मार्ग कैसे अपनाना चाहिए। बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित महदा, बहरीपुर गांव में पंडित रामजी उपाध्याय के यहां आयोजित संगीतमय श्री रामकथा के पांचवें दिन प्यास पीठ से बोलते हुए प्रख्यात कथावाचक पंडित धर्मराज तिवारी महाराज ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि आदर्श पुत्र भाई, पति, राजा के रूप में भगवान राम का चरित्र समाज के लिए प्रेरणादायक और अनुकरणीय है। कथा के दौरान मंच पर राम  विवाह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें उपाध्याय परिवार के साथ-साथ उपस्थित सभी लोगों ने नाच गाकर जश्न मनाया। कार्यक्रम के आयोजक पंडित रामजी उपाध्याय , उनकी धर्मपत्नी ललिता देवी, दोनों पुत्र  मुंबई के युवा उद्योगपति हरिवंश उपाध्याय और जन प्रकृति सेवा ट्रस्ट के संस्थापक रघुवंश उपाध्याय के अलावा पौत्र आशुतोष उपाध्याय, बेटी हिमलेश उपाध्याय समेत पूरे परिवार ने राम विवाह के बाद जमकर दान दक्षिणा भी की। खुशी का आलम यह था कि हरिवंश उपाध्याय मंच पर नोटों की गड्डी उड़ाते दिखाई दिए। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में सीओ बदलापुर सुनील चंद तिवारी, सिंगरामऊ थाना प्रभारी अखिलेश मौर्या, पूर्व प्रधानाचार्य बद्रीनारायण मिश्र, भाजपा जिला कार्य समिति सदस्य सुचिता तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, रामचंद्र पांडे सुभाष तिवारी, लाल बहादुर यादव, सुरेश चंद्र मिश्र, राकेश पाठक, रमेश चंद्र मिश्र, मुन्ना मिश्रा, संजय पांडे, ओंकार नाथ उपाध्याय समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।
जन्मदिन पर याद किए गए पत्रकार पंडित चंद्रेश मिश्र
जौनपुर। यशस्वी पत्रकार स्मृति शेष पं. चंद्रेश मिश्र के जन्मदिन के अवसर पर पं चंद्रेश मिश्र पीठ के अध्यक्ष रामकृष्ण त्रिपाठी, सभाजीत द्विवेदी प्रखर , पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष  इन्द्रभूवन सिंह, रामदयाल द्विवेदी ,पं प्रभाकर त्रिपाठी, डा. रामजी तिवारी, आलोक शास्त्री, अशोक मिश्र, रवि श्रीवास्तव ,देवी सिंह सोनू, अशीष पाठक, संजय वर्मा एवं पंडित जी के नाती-आषुतोष दूबे आदि गणमान्य लोगों ने पंडित जी के जन्मदिन पर याद करते हुए श्रध्दा सुमन अर्पित किया।
श्री राम जन्म की पौराणिक कथा सुनने से पुण्यफल की प्राप्ति : पं० धर्मराज तिवारी
जौनपुर। त्रेतायुग में पृथ्वी पर असुरों के संहार और धर्म की स्थापना के लिए भगवान विष्णु ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के रूप में अयोध्या के राजा दशरथ और रानी कौशल्या के घर अवतार लिया था। बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित महदा,बहरीपुर गांव में आयोजित श्री राम कथा में व्यास पीठ से बोलते हुए प्रख्यात कथावाचक पंडित धर्मराज तिवारी ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा श्री राम जन्म की पौराणिक कथा सुनने से जन्म जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं और मनुष्य की सारी मनोकामना पूर्ण होती है।पंडित प्रिंस उपाध्याय ने वैदिक विधि विधान से व्यास पीठ की पूजा कराई। राम जन्म के समय  बच्चों और महिलाओं के बीच चॉकलेट, खिलौने तथा द्रव्य लुटाया गया।  इस अवसर पर कमला प्रसाद तिवारी बड़े बाबू, पूर्व प्रधान राम जियावन तिवारी, पूर्व प्रधानाचार्य भानु प्रताप यादव, दरोगा लाल बहादुर यादव, डॉक्टर कृष्ण कुमार तिवारी , समाजसेवी वीरेंद्र उपाध्याय, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे ,पत्रकार प्रमोद पांडे , पत्रकार शिवपूजन मिश्रा, युवा समाजसेवी खरपत्तू निषाद, वीरेंद्र सिंह, प्रमोद तिवारी समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। अंत में उपाध्याय परिवार की तरफ से रामजी उपाध्याय के दोनों पुत्रों मुंबई के उद्योगपति हरिवंश उपाध्याय और जन प्रकृति सेवा ट्रस्ट के संस्थापक रघुवंश उपाध्याय ने समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। 08 जून से प्रारंभ कथा का समापन 14 जून को होगा। 15 जून को महाप्रसाद भंडारा का आयोजन किया गया है। कथा का समय शाम 5 बजे से 8 बजे तक रखा गया। कथा के संयोजक रामजी उपाध्याय ने सभी श्रद्धालु जनों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर कथा सुनने का लाभ उठाने का निवेदन किया  है।