भदोही में 1.63 करोड़ रुपये का मादक पदार्थ नष्ट: ऑपरेशन दहन' के तहत 316 किग्रा गांजा-डायजापाम का विनष्टीकरण

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने सोमवार, 22 जून 2026 को 1.63 करोड़ रुपये मूल्य के 316.465 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थों को नष्ट किया। यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन दहन' विशेष अभियान के तहत की गई।

नष्ट किए गए मादक पदार्थों में 316.400 किलोग्राम गांजा और 65 ग्राम डायजापाम शामिल था। इन पदार्थों को जनपद प्रयागराज के थाना हंडिया क्षेत्र स्थित धानूपुर में "संगम मेडीसर्व प्राइवेट लिमिटेड" के इन्सिनेटर के माध्यम से विनष्ट किया गया।

यह विनष्टीकरण जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी (DDC) द्वारा किया गया, जिसका गठन माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में मादक पदार्थों के अधिग्रहण, भंडारण और निस्तारण के लिए किया गया है। जनपद के विभिन्न थानों में लंबे समय से जमा मादक पदार्थों के नियमानुसार निस्तारण हेतु यह अभियान चलाया जा रहा है।

ड्रग डिस्पोजल कमेटी के अध्यक्ष पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी हैं, जबकि अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल और क्षेत्राधिकारी ज्ञानपुर चमन सिंह चावड़ा इसके सदस्य हैं। यह कार्रवाई जनपद के 05 थानों में अवैध मादक पदार्थों की बरामदगी से संबंधित कुल 10 अभियोगों के माल के निस्तारण हेतु माननीय न्यायालय द्वारा जारी आदेशों के अनुपालन में की गई।
भदोही में 1.63 करोड़ रुपये का मादक पदार्थ नष्ट: ऑपरेशन दहन' के तहत 316 किग्रा गांजा-डायजापाम का विनष्टीकरण

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने सोमवार, 22 जून 2026 को 1.63 करोड़ रुपये मूल्य के 316.465 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थों को नष्ट किया। यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन दहन' विशेष अभियान के तहत की गई।

नष्ट किए गए मादक पदार्थों में 316.400 किलोग्राम गांजा और 65 ग्राम डायजापाम शामिल था। इन पदार्थों को जनपद प्रयागराज के थाना हंडिया क्षेत्र स्थित धानूपुर में "संगम मेडीसर्व प्राइवेट लिमिटेड" के इन्सिनेटर के माध्यम से विनष्ट किया गया।

यह विनष्टीकरण जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी (DDC) द्वारा किया गया, जिसका गठन माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में मादक पदार्थों के अधिग्रहण, भंडारण और निस्तारण के लिए किया गया है। जनपद के विभिन्न थानों में लंबे समय से जमा मादक पदार्थों के नियमानुसार निस्तारण हेतु यह अभियान चलाया जा रहा है।

ड्रग डिस्पोजल कमेटी के अध्यक्ष पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी हैं, जबकि अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल और क्षेत्राधिकारी ज्ञानपुर चमन सिंह चावड़ा इसके सदस्य हैं। यह कार्रवाई जनपद के 05 थानों में अवैध मादक पदार्थों की बरामदगी से संबंधित कुल 10 अभियोगों के माल के निस्तारण हेतु माननीय न्यायालय द्वारा जारी आदेशों के अनुपालन में की गई।
भदोही पुलिस ने 117 गुम मोबाइल फोन बरामद किए:करीब ₹19.89 लाख कीमत के फोन मालिकों को लौटाए गए

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत 117 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन फोनों की अनुमानित कीमत लगभग 19 लाख 89 हजार रुपये है। सोमवार को इन मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों को रिजर्व पुलिस लाइन ज्ञानपुर सभागार में सौंपा गया।
पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी के निर्देश पर जनपद में गुम हुए मोबाइल फोनों की बरामदगी के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता के खोए हुए मोबाइल फोनों को ढूंढकर उनके मालिकों तक पहुंचाना है।
अपर पुलिस अधीक्षक भदोही शुभम अग्रवाल ने जनपद के सभी थानों पर नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटरों को CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के निर्देश दिए थे। उन्हें जनसुनवाई और डायल 112 जैसे माध्यमों से शिकायत मिलते ही तुरंत मोबाइल का IMEI नंबर और संबंधित जानकारी CEIR पोर्टल पर दर्ज करने को कहा गया था।
पोर्टल से प्राप्त ट्रेसबिलिटी डिटेल्स, जैसे सिम नंबर और लोकेशन का गहन विश्लेषण कर त्वरित कार्रवाई करने और नियमित समीक्षा व फॉलो-अप के माध्यम से अधिक से अधिक मोबाइल बरामद करने के निर्देश दिए गए थे। इन प्रयासों के फलस्वरूप कुल 117 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए गए।
सोमवार को अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने स्वयं इन बरामद मोबाइलों को उनके स्वामियों को सौंपा। अपना खोया हुआ मोबाइल वापस पाकर मालिकों ने भदोही पुलिस अधीक्षक और जनपदीय पुलिस टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनकी सराहना की।
चिकित्सक और कर्मियों की बढ़ेगी मुश्किल, नोटेड के बाद मान्य होगी छुट्टी

*पहले पोर्टल से मिलता था अवकाश , अब पोर्टल के बाद आफलाइन कराना होगा नोट*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही । स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर छुट्टी लेकर गायब रहने वाले चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की परेशानी बढ़ने वाली है। पोर्टल पर अवकाश लेेने के बाद उन्हें अपने समकक्ष किसी डॉक्टर, कर्मचारी से छुट्टी नोटेड करानी करानी होगी। उस व्यक्ति के अनुपस्थिति में दूसरा कोई कार्य देख सके। इससे मरीज को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। जिला अस्पताल में यह व्यवस्था शुक्रवार से लागू कर दी गई। जिले में 235 स्वास्थ्य केंद्रों पर 125 से 130 चिकित्सकों सहित 700 स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती अलग-अलग केंद्रों पर है। अभी तक कुछ स्वास्थ्यकर्मी पोर्टल पर छुट्टी लेने के बाद दफ्तर में सूचना देते और कुछ नहीं देते थे। अस्पताल के अधीक्षक को यह पता नहीं होता था। पूछने पर जानकारी मिलती थी कि वह आज अवकाश पर है। इससे मरीजों को परेशानी होती थी, उन्हें बार- बार ओपीडी भवन का चक्कर लगाना पड़ता।

घर बैठे कर्मचारी पोर्टल पर अवकाश लेकर अस्पताल में नहीं आते थे। अब उन्हें पोर्टल पर अवकाश लेने के बाद एक कर्मचारी से नोट करना होगा कि यह छुट्टी पर हैं, इसकी जानकारी मुझे हैं। किसी तरह की जरूरत पड़ने पर वह कार्य मैं कर सकता हूं। जिला अस्पताल ज्ञानपुर सहित कुल 235 स्वास्थ्य केंद्रों पर रोजाना 5500 से 6000 की ओपीडी होती है। जिन्हें जांच पड़ताल करके दवा दी जाती है। कई कर्मचारी लेटलतीफ आते हैं, जब कोई उच्चाधिकारी अस्पताल जांच करने आता है तो पता चलता है कि डॉक्टर अवकाश पर है।


जिला अस्पताल सहित सभी 235 स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक, प्रभारी को निर्देशित किया गया है। पोर्टल पर छुट्टी स्वीकृत होने के बाद उसे समकक्ष कर्मचारी से नोटेड कराया जाएगा। इसके बाद ही अवकाश मान्य होगा। - डॉ. एसके चक, सीएमओ भदोही
योग सप्ताह के माध्यम से जनपद में चला व्यापक जनजागरण अभियान
*स्वच्छता, वृक्षारोपण और योग के माध्यम से दिया गया स्वस्थ समाज का संदेश*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। प्रधानमंत्री के आह्वान एवं मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में आयोजित 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जनपद भदोही में योग को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से भव्य एवं व्यापक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय स्थित विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग हंसराज विश्वकर्मा, सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग कृष्ण कुमार, सांसद डॉ. विनोद बिंद, जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, विधायक दीनानाथ भास्कर, विधायक विपुल दुबे, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा, जिलाधिकारी शैलेष कुमार, पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी, मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ल सहित हजारों नागरिकों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।
           कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के योग दिवस कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी किया गया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने उत्साहपूर्वक देखा और सुना। योग प्रशिक्षकों के निर्देशन में सभी ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान क्रियाओं का अभ्यास किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं आम नागरिकों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। योग दिवस को जनांदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से जनपद के सभी तहसीलों, विकास खंडों, नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों, अमृत सरोवरों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, स्वास्थ्य संस्थानों तथा विभिन्न सरकारी कार्यालयों में भी सामूहिक योगाभ्यास आयोजित किया गया। योग प्रशिक्षक संदेश योगी, डॉ. प्रियंका सिंह तथा अन्य प्रशिक्षकों ने विभिन्न स्थलों पर योग सत्र संचालित कर लोगों को योग के लाभों से अवगत कराया।
         इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रही। कार्यक्रम में वक्ताओं ने योग एवं पर्यावरण के गहरे संबंधों को रेखांकित करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।
राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है, जिसे प्रधानमंत्री के प्रयासों से वैश्विक पहचान प्राप्त हुई है। आज विश्व के करोड़ों लोग योग के माध्यम से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रकृति और योग एक-दूसरे के पूरक हैं। स्वच्छ एवं हरित वातावरण में योग के लाभ और अधिक बढ़ जाते हैं। इसी दृष्टि से उन्होंने सभी नागरिकों से आगामी वर्षाकाल में कम से कम एक पौधा लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित और अनुशासित बनाने की एक संपूर्ण पद्धति है। नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति तनावमुक्त रहकर स्वस्थ और सकारात्मक जीवन जी सकता है।
        सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग उत्तर प्रदेश शासन कृष्ण कुमार ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कहा कि योग भारत की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है, जो व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाता है। वर्तमान जीवनशैली में स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के लिए योग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी नागरिकों से नियमित योगाभ्यास अपनाने तथा स्वस्थ समाज और स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया‌। सांसद डॉ. विनोद बिंद ने कहा कि योग सम्पूर्ण मानवता के कल्याण का एक अचूक माध्यम है। भारत को इस बात पर गर्व होना चाहिए कि उसकी प्राचीन योग परंपरा आज पूरे विश्व में स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन का आधार बन चुकी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती जीवनशैली संबंधी बीमारियों से बचाव के लिए योग अत्यंत आवश्यक है। जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में योग को वैश्विक पहचान मिली है। आज दुनिया के अनेक देशों में योग अपनाया जा रहा है, जो भारत की सांस्कृतिक शक्ति और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि निरोगी जीवन के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी दैनिक दिनचर्या में योग को शामिल करना चाहिए।
   भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा ने भी लोगों को योग के विविध लाभों की जानकारी देते हुए कहा कि आधुनिक भागदौड़ भरे जीवन में योग शारीरिक स्फूर्ति, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने युवाओं से योग को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।
        जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने बताया कि जनपद में 15 जून से 21 जून तक योग सप्ताह का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न विभागों, विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं ग्राम पंचायतों में योग जागरूकता कार्यक्रम, कार्यशालाएं और सामूहिक योगाभ्यास आयोजित किए गए। योग दिवस के अवसर पर जनपद का प्रत्येक वर्ग योग से जुड़कर स्वस्थ जीवन की दिशा में अग्रसर हुआ। उन्होंने कहा कि योग भारत की अतुलनीय विरासत है और वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है। योग शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिकाधिक वृक्षारोपण करने तथा योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
         मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ल ने बताया कि जनपद में योग सप्ताह एवं अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन व्यापक स्तर पर किया गया। मनरेगा पार्क, खेल मैदान, तालाब, अमृत सरोवर, स्टेडियम, आंगनबाड़ी केंद्र तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर बड़ी संख्या में लोगों ने योगाभ्यास किया। कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।
        अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जनपद के विभिन्न स्थानों पर सामूहिक योगाभ्यास के साथ-साथ स्वच्छता अभियान और वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। योग सत्र प्रारंभ होने से पूर्व प्रतिभागियों ने सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया तथा पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
जनपद की सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधानों के नेतृत्व में, विकास खंडों में ब्लॉक प्रमुखों एवं खंड विकास अधिकारियों की देखरेख में तथा नगरीय निकायों में नगर अध्यक्षों एवं अधिशासी अधिकारियों के निर्देशन में योग कार्यक्रम संपन्न हुए। पतंजलि योगपीठ, युवक मंगल दल तथा अन्य सामाजिक संगठनों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।
         अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का यह आयोजन जनपद भदोही में स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता का एक प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभरा। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने एक स्वर में योग को स्वस्थ, समृद्ध और संतुलित जीवन की कुंजी बताते हुए इसे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया। योग के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ समाज के निर्माण के उद्देश्य से आयोजित यह महाअभियान जनपद भर में उत्साह, ऊर्जा और सकारात्मक संदेश का संचार करने में सफल रहा।
            कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) शुभांगी शुक्ला, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संतोष कुमार चक, उप जिलाधिकारी ज्ञानपुर, आयुष विभाग के अधिकारी, विभिन्न विभागों के कर्मचारी, शिक्षक, विद्यार्थी, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
काशी नरेश विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस:कुलपति प्रोफेसर उमा श्रीवास्तव के नेतृत्व में हुआ सामूहिक योगाभ्यास

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। काशी नरेश विश्वविद्यालय, भदोही में रविवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस उत्साह और जनभागीदारी के साथ मनाया गया। कुलपति प्रोफेसर उमा श्रीवास्तव के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ-साथ एनसीसी और एनएसएस के छात्र-छात्राओं ने भी भाग लिया।
सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में विभिन्न आसनों और प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। प्रतिभागियों को योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों के बारे में जानकारी दी गई। इस वर्ष की थीम "योगा फॉर हेल्दी एजिंग" (स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए योग) के अनुरूप स्वस्थ एवं संतुलित जीवन शैली अपनाने का आह्वान किया गया।
कुलपति प्रोफेसर उमा श्रीवास्तव ने अपने संदेश में कहा कि योग भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर है, जो व्यक्ति को शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन प्रदान करता है। उन्होंने सभी को अपने दैनिक जीवन में योग को शामिल करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर प्रोफेसर रमेश चंद्र यादव, डॉक्टर ऋचा, डॉक्टर विपुल कुमार, डॉक्टर रवि कुमार यादव, डॉक्टर श्रीश उपाध्याय, डॉक्टर राजेश यादव, डॉक्टर राहुल कुमार, डॉक्टर जय सिंह यादव और डॉक्टर रमाकांत सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन स्वस्थ, निरोग एवं सकारात्मक जीवन के संकल्प के साथ किया गया। विश्वविद्यालय परिवार ने योग के माध्यम से समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने तथा "स्वस्थ भारत" के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में लापरवाही पर नोडल अधिकारी कृष्ण कुमार सख्त, खराब ईंट मिलने पर जताई कड़ी नाराजगी
*निर्माण कार्यों में अनियमितता पर भड़के नोडल अधिकारी, ईंटों की जांच और कार्रवाई के दिए निर्देश*

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग उत्तर प्रदेश शासन के नोडल अधिकारी कृष्ण कुमार ने रविवार को जनपद भ्रमण के दौरान विभिन्न विकास परियोजनाओं एवं शैक्षणिक संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में गंभीर खामियां पाए जाने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
          नोडल अधिकारी कृष्ण कुमार ने सर्वप्रथम काशी राज संस्कृति महाविद्यालय, ज्ञानपुर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान महाविद्यालय परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का बारीकी से परीक्षण किया गया। इस दौरान राजकीय निर्माण निगम वाराणसी इकाई द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य में प्रयुक्त ईंटों की गुणवत्ता अत्यंत खराब पाई गई। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप न मिलने पर नोडल अधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की और कार्यदायी संस्था को कड़ी फटकार लगाई और अधिशासी अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को निर्देश दिये कि अपनी जांच टीम के साथ हर 15 दिन के अंदर परियोजनाओं का निरीक्षण करती रहे।
          उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में प्रयुक्त ईंटों के नमूनों को तत्काल किसी अधिकृत एवं मान्यता प्राप्त जांच एजेंसी को भेजकर गुणवत्ता परीक्षण कराया जाए तथा उसकी रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी धन से किए जा रहे निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा मानकों से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि खराब गुणवत्ता के निर्माण कार्य कराए जाने के संबंध में शासन को विस्तृत रिपोर्ट एवं पत्र प्रेषित किया जाए, ताकि जिम्मेदार एजेंसियों एवं अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
           निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों एवं पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता गुणवत्तापूर्ण एवं टिकाऊ निर्माण कार्यों को सुनिश्चित करना है और इसमें किसी प्रकार की कोताही स्वीकार्य नहीं होगी।
         इसके पश्चात कृष्ण कुमार ने मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय, गिर्दबड़ा गांव का निरीक्षण किया। यहां भी उन्होंने विद्यालय परिसर एवं निर्माण कार्यों का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों से प्रगति एवं गुणवत्ता के संबंध में जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने लोक निर्माण विभाग भवन खंड, मिर्जापुर के अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी निरीक्षण के समय ईंटों की गुणवत्ता जांच से संबंधित संपूर्ण रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए।
         नोडल अधिकारी ने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर शासन की विशेष निगरानी है और जनहित से जुड़े किसी भी कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराए जाएं, जिससे जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
        निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविन्द शुक्ल, जिला अर्थ संख्याधिकारी अनिल कुमार सिंह, अपर संख्याधिकारी नीरव सिंह, एवं संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कानरा महाविद्यालय अब काशी नरेश विश्वविद्यालय: 75 साल का स्वर्णिम युग इतिहास बना, मुख्य गेट पर बदला नाम
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। ज्ञानपुर स्थित काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय का 75 वर्षों का स्वर्णिम युग अब इतिहास बन गया है। यह महाविद्यालय अब 'काशी नरेश विश्वविद्यालय' के रूप में जाना जाएगा। वर्षों के संघर्ष और लंबी प्रक्रिया के बाद विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने पर, मुख्य गेट पर महाविद्यालय का नाम बदलकर 'काशी नरेश विश्वविद्यालय' दर्ज कर दिया गया है। इसके साथ ही काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय का अस्तित्व समाप्त हो गया है।

इसकी स्थापना 1 अगस्त 1951 को हुई थी, जिसका उद्घाटन महाराजा काशी नरेश ने खुर्शीद मंजिल में किया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री पंडित गोविंद वल्लभ पंत, शिक्षामित्र डॉ. संपूर्णानंद और काशी नरेश महाराज डॉ. विभूति नारायण सिंह जूदेव की शैक्षणिक उदारता और दानशीलता के प्रतीक के रूप में इसकी स्थापना हुई थी। मात्र 12 प्राध्यापकों और 27 छात्र-छात्राओं के साथ शुरू हुई इसकी शैक्षणिक यात्रा 75वें वर्ष में 600 से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंच चुकी थी।

महाविद्यालय के वनस्पति विज्ञान के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. कमाल अहमद सिद्दीकी बताते हैं कि काशी और प्रयाग जैसे प्राचीन शिक्षा केंद्रों की निकटता के कारण यह महाविद्यालय आरंभ से ही छात्र-छात्राओं और शोधकर्ताओं के लिए प्रेरणा और आकर्षण का केंद्र रहा है। वर्तमान में महाविद्यालय परिवार में 117 प्राध्यापक और 89 तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के पद सृजित हैं। यहां विज्ञान, कला, वाणिज्य और शिक्षक संकाय के साथ स्नातक स्तर पर 19 विषयों में पठन-पाठन और सभी स्नातकोत्तर विषयों में शोध की सुविधा उपलब्ध है। कृषि संकाय के रूप में अब महाविद्यालय का पांचवां संकाय भी स्थापित हो चुका है।

स्थापना के प्रारंभ में यह आगरा विश्वविद्यालय से संबद्ध रहा। इसके बाद 1975 से गोरखपुर विश्वविद्यालय, 1999 से 2008 तक पूर्वांचल विश्वविद्यालय और 2009 से महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी विश्वविद्यालय से संबद्ध रहा।

वर्ष 2025 में इसे मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय मिर्जापुर से जोड़ा गया था। हालांकि, अब 2026 में यह स्वयं एक पूर्ण विश्वविद्यालय बन चुका है।
भदोही पुलिस ने हत्या के प्रयास का वांछित अभियुक्त पकड़ा: आपराधिक धमकी और मारपीट के मामले में हुई गिरफ्तारी


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने आपराधिक धमकी, मारपीट और हत्या के प्रयास के मामले में वांछित एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। गोपीगंज थाना पुलिस ने यह कार्रवाई रेलवे स्टेशन ज्ञानपुर से की।
पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में गोपीगंज पुलिस टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर कार्रवाई की। अभियुक्त मु0अ0सं0 246/26 धारा 109(1) 115(2), 351(3) बीएनएस से संबंधित मामले में वांछित था।

गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान सुजीत पाण्डेय पुत्र सूर्य प्रकाश पाण्डेय, निवासी ग्राम इनारगांव, थाना कोईरौना, जनपद भदोही, उम्र 35 वर्ष के रूप में हुई है। गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त के विरुद्ध विधिक कार्यवाही की गई और उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश करने के उपरांत जेल भेज दिया गया।

इस गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार यादव के साथ कांस्टेबल दिनेश, कांस्टेबल रामआशीष और रिक्रूट कांस्टेबल मोहित शामिल थे।
जिले के 52 गांवों से 35 किमी गुजरेगा विंध्य एक्सप्रेस-वे, डीपीआर का काम शुरू


नितेश श्रीवास्तव


भदोही। बहुप्रतीक्षित विंध्य एक्सप्रेस-वे विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) का काम शुरू हो गया है। 333 किमी का यह एक्सप्रेस-वे भदोही के 52 गांवों से होकर गुजरेगा। जिले में इसकी लंबाई करीब 35 किलोमीटर होगी। यह एक्सप्रेस-वे सिक्स लेन का होगा, जिसे आठ लेन तक बढ़ाया जा सकेगा। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने प्रशासन से तहसीलवार गांवों और भूमि संबंधी रिपोर्ट मांगी है। विंध्य एक्सप्रेसवे प्रयागराज जिले से होकर भदोही और मिर्जापुर होते हुए सोनभद्र तक जाएगा। इससे जिले में कनेक्टिविटी और बेहतर हो सकेगी।
वर्ष 2020 में प्रयागराज-वाराणसी सिक्सलेन, 2025 में भदोही-मछलीशहर हाईवे के बाद अब अब प्रदेश सरकार ने विंध्य एक्सप्रेस की स्वीकृति दी है। इसके लिए डीपीआर का काम शुरू कर दिया गया है। एक्सप्रेस-वे के सर्वे के बाद मिट्टी की जांच आदि पूरी हो चुकी है। यह एक्सप्रेस-वे प्रयागराज के सोरांव तहसील के जुड़ापुर दांदू गांव से शुरू होगा। उसके बाद भदोही, मिर्जापुर, चंदौली, सोनभद्र से होकर छत्तीसगढ़ की सीमा तक जाएगा।


विंध्य एक्सप्रेस - वे के लिए डीपीआर का काम यूपीडा को ही करना है। इसके लिए प्रभावित गांवों और जमीन संबंधों जानकारी मांगी गई है। जिसके लिए सर्वे कराया जा रहा है। 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपने की तैयारी है। 

शैलेश कुमार डीएम भदोही