भट्ठा मजदूरो के पैसे मांगने पर, कर्मचारियों ने की मारपीट, पीड़ित मजदूरों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला अधिकारी को दिया भुगतान कराए जाने का पत्र
फर्रुखाबाद। भट्ठा पर काम कर रहे कौशांबी जनपद के रहने वाले मजदूरों के साथ कर्मचारियों ने मजदूरी का पैसा मांगने पर उनकी डंडों से पिटाई कर दी, पीड़ित मजदूरों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंच कर जिलाधिकारी को भट्ठा मालिक के खिलाफ शिकायती पत्र दिया है जिसमें कहा है कि 6 माह की मजदूरी का 10 लाख रुपए से अधिक हुआ जब पैसा मांगा तो टालमटोल करने लगे, और ज्यादा कहा तो मजदूरों को पकड़ कर मारपीट करने लगे तो भय के कारण एक मजदूर साथी रात्रि के समय घर भाग गया है पीड़ित मजदूरों ने जिला अधिकारी से भुगतान कराए जाने की मांग की है।
राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के पदाधिकारी ने बिहार की घटना के आरोपी पुलिस कर्मियों को राष्ट्रपति से मृत्यु दंड दिए जाने की मांग की
फर्रुखाबाद l राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के दर्जनों पदाधिकारी ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर बिहार में भरत तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में हुई मृत्यु की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ मृत्यु दंड की कार्रवाई किए जाने की मांग की है । जिला अध्यक्ष अभिषेक दुबे ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी को दिया है उन्होंने कहा कि बिहार राज्य में घटित घटना अत्यंत दुखद और गंभीर है और मानवाधिकारों को झकझोर देने वाली है पूरे देश और समाज में आक्रोश का वातावरण है l उन्होंने कहा कि भरत तिवारी ने बाढ़ के कारण हो रहे कटान से पीड़ित ग्रामीण की समस्याओं को लेकर प्रशासन के सामने रखा था लेकिन प्रशासन ने उनकी बात न सुनकर नजर अंदाज कर दिया उन्होंने कहा कि भरत तिवारी द्वारा अपना हथियार के साथ आत्मसमर्पण कर दिया था उसके बावजूद भी पुलिस द्वारा उन पर कई राउंड गोलियां चलाकर उनका तथाकथित एनकाउंटर कर दिया गया है जो देश के लिए बहुत ही गंभीर समस्या है ऐसे पुलिस कर्मियों को राष्ट्रपति से मृत्यु दंड दिए जाने की मांग की है।
10 लाख रुपये से अधिक मजदूरी बकाया होने का आरोप, डीएम से लगाई न्याय की गुहार


फर्रुखाबाद। जनपद कौशाम्बी के थाना सैनी क्षेत्र के ग्राम मघवामई निवासी दर्जनभर मजदूरों ने फर्रुखाबाद जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर को शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपकर एक ईंट-भट्ठा संचालक पर 10 लाख रुपये से अधिक मजदूरी का भुगतान न करने, मारपीट करने, बंधक बनाकर कार्य कराने तथा मोबाइल फोन छीन लेने के आरोप लगाए हैं।
शिकायतकर्ताओं में शंकर उर्फ शिवदयाल, सुरेश, महेश, रमेश, ब्रजेश, हरीलाल, भगवानदीन, जयराम, राजेश कुमार, जियालाल, रामसेवक और अशोक सहित अन्य मजदूर शामिल हैं। उनका कहना है कि वे कायमगंज क्षेत्र स्थित आर.पी. ब्रिक उद्योग में मजदूरी करते थे। आरोप है कि भट्ठा संचालक रामप्रकाश उर्फ कल्लू यादव तथा उनके पुत्र अमित और अनुपम ने उनसे कार्य तो कराया, लेकिन 10 लाख रुपये से अधिक की मजदूरी का भुगतान नहीं किया।
मजदूरों का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी बकाया मजदूरी मांगी तो उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें जबरन काम करने के लिए दबाव बनाया गया। शिकायत पत्र में दो मोबाइल फोन छीन लेने का भी आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, 20 जून 2026 को तहसील दिवस में शिकायत देने के बाद जब वे कायमगंज तिराहे पर पहुंचे, तब कुछ लोगों ने उनका वाहन रोककर दोबारा भट्ठे पर काम करने का दबाव बनाया। विरोध करने पर कथित रूप से गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।
मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया है कि मामले की शिकायत विभिन्न अधिकारियों से किए जाने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। कुछ शिकायतकर्ताओं ने स्थानीय पुलिस पर भी कार्रवाई न करने के आरोप लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
पीड़ित मजदूरों ने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर बकाया मजदूरी का भुगतान दिलाने, कथित रूप से छीने गए मोबाइल फोन वापस दिलाने तथा आरोपितों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई कराने की मांग की है।
आर्मी पब्लिक स्कूल फतेहगढ़ में मनाया गया बारहवाँ अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस*
फर्रुखाबाद l आर्मी पब्लिक स्कूल फतेहगढ़ में बारहवाँ अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस उत्साह एवं उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ गायत्री मन्त्र एवं योग शास्त्र के प्रणेता महर्षि पतञ्जलि की योग प्रार्थना के साथ हुआ।
विद्यालय के शिक्षक सर्वेश कुमार मिश्र ने अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 27 सितम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 69वें सत्र को सम्बोधित करते हुए विश्व समुदाय से अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का आह्वान किया था। उनके इस प्रस्ताव के समर्थन में 11 दिसम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 177 सदस्य देशों ने 21 जून को अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने के प्रस्ताव को अनुमोदित किया। तभी से प्रतिवर्ष 21 जून को सम्पूर्ण विश्व में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। प्रथम अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2015 को विश्व के 192 से अधिक देशों में मनाया गया था।
इस वर्ष अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस की आधिकारिक थीम “स्वास्थ्य, ज्ञान और विश्व शान्ति के लिए योग” रही। यह थीम वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य संवर्धन, मानसिक स्पष्टता एवं अन्तर्राष्ट्रीय सद्भाव को बढ़ावा देने पर केन्द्रित है।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में सर्वेश कुमार मिश्र ने सूर्य नमस्कार का अभ्यास कराया। इसके उपरान्त अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित अभ्यास क्रम के अनुसार सूक्ष्म व्यायाम, विभिन्न योगासन तथा प्रणव, भस्त्रिका एवं कपालभाति जैसे प्राणायामों का कुशलतापूर्वक अभ्यास कराते हुए उनके लाभों के बारे में विस्तार से बताया।
विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक डॉ. सुनील कुमार त्रिपाठी ने सभी उपस्थित योग साधकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रमाण, विपर्यय, विकल्प, निद्रा और स्मृति—ये पाँच प्रमुख चित्तवृत्तियाँ हैं, जिन पर नियन्त्रण करना ही योग है। योग आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का माध्यम है।
उन्होंने अष्टांग योग की व्याख्या करते हुए बताया कि अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य तथा अपरिग्रह पाँच यम हैं। शौच, सन्तोष, तप, स्वाध्याय एवं ईश्वर-प्रणिधान पाँच नियम हैं। स्थिर एवं सुखपूर्वक बैठने की क्रिया आसन, श्वासों को नियमित करने की क्रिया प्राणायाम, बाह्य विषयों से मन को हटाना प्रत्याहार, एक लक्ष्य पर ध्यान केन्द्रित करना धारणा, उसी लक्ष्य का निरन्तर चिन्तन ध्यान तथा ध्यान का चैतन्य में विलय होना समाधि कहलाता है। उन्होंने कहा कि अष्टांग योग के माध्यम से हम अपनी इन्द्रियों को संयमित कर शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ जीवन व्यतीत कर सकते हैं।
योग सत्र के समापन से पूर्व सभी योग साधकों ने सम्पूर्ण विश्व में प्रेम, सौहार्द, एकात्मता एवं शान्तिपूर्ण वातावरण स्थापित करने का संकल्प लिया।
विद्यालय की कार्यवाहक प्रधानाचार्या श्रीमती एकता साध ने कहा कि “कर्मों में कुशलता ही योग है।” विभिन्न योगिक क्रियाओं से मन संयमित होता है तथा सकारात्मक विचारों का विकास होता है। योग व्यक्ति को तनावमुक्त बनाकर स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन जीने की प्रेरणा देता है।
विद्यालय के चेयरमैन, ब्रिगेडियर मनीष कुमार जैन ने अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विद्यालय के समस्त शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं विद्यालय परिवार को हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए सभी से योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास न केवल शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है, बल्कि अनुशासित, संतुलित एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित करता है।
सत्र का समापन विश्व के समस्त प्राणियों के कल्याण, सुख एवं निरोगी जीवन की कामना के साथ शान्ति पाठ द्वारा किया गया।
इस दौरान विद्यालय के शिक्षकगण, राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेट्स तथा विद्यालय परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यशाला समापन समारोह में नन्हे मुन्ने बच्चों ने सभी का मन मोहा

फर्रुखाबाद l कला एवं साहित्य की अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती द्वारा एक माह से चलाई जा रही ग्रीष्मावकाश कला संस्कृति कार्यशाला का समापन समारोह एवं समाज सेवी रजनी सरीन को श्रद्धांजलि सभा नगर की भारतीय पाठशाला इंटर कॉलेज लोहाई रोड में संपन्न हुआ।
मुख्य अतिथि प्रियंका चौहान, गौरी मिश्रा, पंकज सैनी, अनिल प्रताप , अनुराग अग्रवाल द्वारा भारत माता एवं नटराज को माल्यार्पण कर किया गया ।  समाज सेवी रजनी सरीन को सभी ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
संस्कार भारती गीत सचिन गौरव मिश्रा बंटी ने किया। सरस्वती वंदना एवं कथा के की प्रस्तुति नेहा श्रीवास्तव ने की, शिल्पी रस्तोगी ने अतिथियों का परिचय दिया, अतिथियों का सम्मान तथा स्वागत उद्बोधन कार्यशाला संयोजक अनुराग अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम का उद्देश्य व परिचय गौरव मिश्रा बंटी द्वारा दिया गया।
लोक नृत्य मोहे मोर बनायौ  राधा की प्रस्तुति छोटे बच्चों द्वारा किया गया ।
मेहंदी विधा प्रदर्शनी में बच्चों ने मेहंदी का प्रदर्शन किया।
संस्कार शाला बच्चों द्वारा प्रस्तुति योग शिव स्तुति द्वारा किया गया।
संस्कारशाला सहयोगी नवल किशोर त्रिवेदी राजेश शर्मा अनिल त्रिपाठी, डॉ प्रदीप नारायण मिश्रा का सम्मान किया गया।
कथक विद्या के बच्चों ने मनमोहक नृत्य का प्रस्तुति नृत्य का किया ।
लोक नृत्य जरा हलवे हलवे चलौ गीत बच्चों द्वारा नृत्य की  प्रस्तुति की गई।
*_अतिथि गौरी मिश्रा(पियानो* *वादक_* राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित) ने कहा संस्कार भारती द्वारा चलाई गई कार्यशाला एक नीव का पत्थर साबित होगी सभी बच्चों ने बहुत ही अच्छे ढंग से सभी विधाओं को सीखा है।
सौंदर्य कला में देश रंगीला गीत पर बच्चों ने विभिन्न प्रांतों के परिधान, अपने-अपने मेकअप में का प्रदर्शन किया।
ढोलक विद्या में बच्चों ने अपनी किरण त्रिवेदी और गुंजन त्रिवेदी द्वारा सिखाई गई ढोलक का प्रदर्शन किया
सिलाई विधा प्रदर्शन में बच्चों ने एक माह में सीखे विभिन्न वस्तुओं का प्रदर्शन किया।
*मुख्य अतिथि प्रियंका* *चौहान(कथक नृत्यांगना एवं ** *फिल्म अभिनेत्री** ) ने कहा कि संस्कृति हमारी पहचान कला हमारी शक्ति संस्कार हमारी आत्मा है इसी के विजन को लेते हुए कार्चशाला में बच्चों ने बड़ी मेहनत और कर्तव्य निष्ठा से सभी विधाओं  को सीखा है हमारी तरफ से सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
कला एवं चित्रकला विधा के बच्चों ने सीखे हुए विभिन्न चित्रों का प्रदर्शन किया।
कथक विधा द्वारा द्रौपदी नाटक का बहुत ही सुंदर नाटक किया गया सभी लोगों ने इसकी सराहना की।
अतिथि न्यायाधीश पारस यादव ने कहा कि जीवन में सफल बनने के लिए अपनी ईमानदारी सच्चाई समाज की गतिविधियों को बढ़ाने प्रयास किया जाना चाहिए और अभिभावकों को भी नैतिक जिम्मेदारियां का बच्चों को समय-समय पर  मार्गदर्शन कराना चाहिए ,सदैव सच का साथ देना चाहिए।
*अतिथि पंकज सैनी संगीतकार एवं* *गीतकार* मुंबई द्वारा मां मेरी मां का गीत का बहुत ही अच्छा प्रदर्शन किया।
इसके बाद सभी प्रशिक्षिकाओं का सम्मान किया गया।
अध्यक्ष अनिल प्रताप ने कहा कि सभी सदस्यों द्वारा एक माह तक चलाई गई कार्यशाला का बहुत ही अच्छा परिणाम साबित हुआ है सभी प्रशिक्षिकाओ को ने पूरे महीने पूरी लगन के साथ बच्चों को सिखाया है आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद।
संचालन समरेंद्र शुक्ला कवि और फाल्गुनी भेरबानी ने किया
अंत में वंदे मातरम गीत के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। इस मौके पर प्रांतीय महामंत्री सुरेन्द्र पाण्डेय, प्रांतीय कोषाध्यक्ष समरेंद्र शुक्ल कवि, अध्यक्ष अनिल प्रताप सिंह राठौर, सचिव गौरव मिश्रा बंटी, रविंद्र भदोरिया कार्यशाला संयोजक अनुराग अग्रवाल और गुरुग्राम से आये रानू मिश्रा, ऋषि दत्त शर्मा गुड्डू पंडित सुबोध शुक्ला अमन अवस्थी अनुभव सारस्वत कुलभूषण श्रीवास्तव दीपक सक्सेना मीना रस्तोगी, बीना जलान,डॉ अंजू पांडे, आदेश अवस्थी, डॉक्टर  रविंद्र यादव, डॉ राकेश गंगवार राजेंद्र दीक्षित रज्जू भैया अशोक शुक्ला नवीन मिश्रा नब्बू आदि लोग उपस्थित है ।
संभावित बाढ़ से निपटने हेतु सभी तैयारियां पूर्ण कर ले, लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी जिलाधिकारी

फर्रुखाबाद l रविवार को जनपद में संभावित बाढ़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु तैयार की गई कार्ययोजना की जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, सिंचाई, लोक निर्माण, विद्युत, पंचायती राज, आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सहभागिता करते हुए विभागवार तैयारियों की जानकारी प्रस्तुत की।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून एवं संभावित बाढ़ को दृष्टिगत रखते हुए सभी विभाग अपनी पूर्व तैयारियां समय से पूर्ण कर लें तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए समन्वित कार्ययोजना के अनुरूप कार्य करें। उन्होंने निर्देश दिए कि बाढ़ से संबंधित सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा उनके संचालन एवं उपयोग की नियमित समीक्षा की जाए।
राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि राहत सामग्री, खाद्य पैकेट, लाइफ जैकेट, नाव, तटबंध सुरक्षा सामग्री तथा अन्य आवश्यक उपकरणों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही इन संसाधनों का नियमित सत्यापन एवं रखरखाव भी किया जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनका तत्काल उपयोग किया जा सके।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रात्रिकालीन राहत एवं बचाव कार्यों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए उन्होंने पर्याप्त संख्या में सर्च लाइट, नाव एवं अन्य तकनीकी उपकरण तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में समय पर की गई कार्रवाई जनहानि एवं संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, इसलिए सभी संसाधन पूर्णतः क्रियाशील अवस्था में उपलब्ध रहें।
जनपद स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि नियंत्रण कक्ष को 24×7 सक्रिय रखा जाए तथा प्राप्त होने वाली प्रत्येक सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नियंत्रण कक्ष एवं क्षेत्रीय स्तर पर तैनात कर्मियों के मध्य सतत संपर्क एवं समन्वय बनाए रखने पर विशेष बल दिया।
संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने बाढ़ चौकियों की स्थापना एवं उनके प्रभावी संचालन के निर्देश दिए। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर अस्थायी बाढ़ शरणालयों को तत्काल सक्रिय करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि शरणालयों में भोजन, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय एवं सुरक्षा की समुचित व्यवस्था पूर्व से सुनिश्चित रहे ताकि प्रभावित नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने निर्देश दिए कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 30 जून तक बाढ़ राहत चौपालों का आयोजन पूर्ण कर लिया जाए, जिससे स्थानीय नागरिकों को बाढ़ के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं तथा प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की जानकारी समय रहते प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि इन चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं एवं सुझावों को भी संकलित किया जाए तथा संवेदनशील क्षेत्रों में जन-जागरूकता गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। साथ ही विभिन्न विभागों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए आमजन को आपदा प्रबंधन संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्राथमिक उपचार सामग्री, आवश्यक दवाइयों, एम्बुलेंस सेवाओं एवं चिकित्सकीय टीमों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जलजनित एवं संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने तथा प्रभावित क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य शिविर एवं निगरानी व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।
लोक निर्माण एवं संबंधित विभागों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि संभावित रूप से प्रभावित मार्गों की पहचान कर वैकल्पिक यातायात व्यवस्था एवं रूट डायवर्जन की पूर्व तैयारी सुनिश्चित की जाए, जिससे आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य बाधित न हों।
बैठक में पेयजल, विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि बाढ़ की स्थिति में भी जनसामान्य को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु वैकल्पिक व्यवस्थाएं पूर्व से तैयार रखी जाएं।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय एवं सतर्कता के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी ने नियमित मॉक ड्रिल आयोजित करने, विभागीय समन्वय बैठकों को निरंतर संचालित रखने तथा जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन को बाढ़ सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूर्व तैयारी एवं प्रभावी समन्वय के माध्यम से संभावित आपदा के प्रभाव को न्यूनतम किया जा सकता है तथा जनपद में राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
बैठक में अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारीगण, संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।
पुलिस लाइन में हुआ योगाभ्यास का कार्यक्रम
फर्रुखाबाद l 12 वे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पुलिस लाइन  मे #सामूहिक_योगाभ्यास कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान पर पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पूरे उत्साह, अनुशासन एवं सहभागिता के साथ योगाभ्यास में भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान क्रियाओं का अभ्यास कराया गया, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। योग प्रशिक्षकों द्वारा सभी को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग के महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई तथा नियमित योगाभ्यास को जीवनशैली का हिस्सा बनाने पर बल दिया गया।
इस दौरान यह संदेश दिया गया कि योग न केवल शरीर को स्वस्थ एवं सशक्त बनाता है, बल्कि मानसिक शांति, एकाग्रता एवं सकारात्मक सोच को भी विकसित करता है। वर्तमान तनावपूर्ण जीवनशैली में योग एक प्रभावी माध्यम है जो व्यक्ति को संतुलित एवं ऊर्जावान बनाए रखने में सहायक है ।
12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर उमड़ा जनसैलाब, हजारों लोगों ने किया सामूहिक योगाभ्यास,
पीएम मोदी के “योग को जन-जन का अभियान” के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए जनपद में हुआ भव्य आयोजन
योगी सरकार ‘निरोगी काया’ के लक्ष्य के साथ गांव-गांव तक योग पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध
“योग केवल शरीर को स्वस्थ नहीं बनाता, बल्कि राष्ट्र निर्माण का भी सशक्त माध्यम  मंत्री प्रतिभा शुक्ला

फर्रुखाबाद l
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा योग को जन-जन का अभियान बनाने के संकल्प तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्वस्थ, सशक्त एवं निरोग उत्तर प्रदेश के विजन को साकार करने की दिशा में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस रविवार को जनपद के ब्रह्मदत्त द्विवेदी स्टेडियम, फतेहगढ़ में सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हजारों छात्र-छात्राओं, एनसीसी कैडेट्स, स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर “स्वस्थ यूपी, सशक्त भारत” का संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान प्रदेश की महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की मंत्री प्रतिभा शुक्ला, सांसद मुकेश राजपूत, विधायक कायमगंज, मंडलायुक्त कानपुर मंडल के. विजयेंद्र पांडियन, जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया।
योग प्रशिक्षकों के निर्देशन में उपस्थित जनसमूह ने ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, कपालभाति, अनुलोम-विलोम सहित विभिन्न योगासनों एवं प्राणायाम का अभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। पूरे परिसर में अनुशासन, ऊर्जा और सकारात्मक वातावरण देखने को मिला।
इस दौरान मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अथक प्रयासों से आज योग विश्व मंच पर भारत की विशिष्ट पहचान बन चुका है। योग भारत की लगभग 5000 वर्ष पुरानी सांस्कृतिक धरोहर है, जो केवल व्यायाम नहीं बल्कि स्वस्थ शरीर, शांत मन, सकारात्मक सोच और संतुलित जीवन का वैज्ञानिक मार्ग है। उन्होंने कहा कि योग तनाव, अवसाद तथा आधुनिक जीवनशैली से उत्पन्न होने वाली अनेक बीमारियों से बचाव का सरल एवं प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ‘निरोगी काया’ के लक्ष्य के साथ योग को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि प्रत्येक नागरिक स्वस्थ और सशक्त जीवन जी सके।
मंत्री ने विशेष रूप से युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ युवा ही आत्मनिर्भर और विकसित भारत की मजबूत नींव हैं। यदि युवा पीढ़ी नियमित रूप से योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएगी तो उसका लाभ केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी उनकी ऊर्जा और क्षमता का प्रभावी उपयोग होगा। उन्होंने सभी नागरिकों से प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योग करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाने तथा समाज में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का संदेश दिया। आयोजन के सफल संचालन में विभिन्न विभागों, शिक्षण संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों तथा प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
योग शरीर के लिए अति आवश्यक
फर्रुखाबाद l जिला गंगा समिति के तत्वाधान में पतित पावनी मां गंगा के घाट पर विश्व योग दिवस पर योगाभ्यास कराया गया। प्रभागीय निदेशक वन विभाग राजीव कुमार के निर्देश पर जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल ने योगाभ्यास का आयोजन कराया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य पल्लव सोमवंशी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि योग हमारे शरीर के लिए अति आवश्यक है। प्रतिदिन योग करने से हम शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रहते हैं।प्रभागीय निदेशक राजीव कुमार ने कहा कि बदलते समय में विभिन्न रोगों से दूर रहने के लिए प्रतिदिन योग करने की आवश्यकता है। इस वर्ष की थीम स्वास्थ्य वृद्धावस्था के लिए योग को अपनाना है जिससे बढ़ती आयु के साथ हम स्वस्थ रह सके। जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल ने बताया कि जिला गंगा समिति के तत्वाधान में लगातार विभिन्न स्थानों पर योग कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है जिससे अधिक से अधिक लोगों को योग करने के लिए प्रेरित किया जा सके।आचार्य प्रदीप नारायण शुक्ल के द्वारा विभिन्न प्रकार के योगाभ्यास कराए गए। कार्यक्रम में विभिन्न गंगा योद्धा एवं अन्य लोगों ने प्रतिभाग किया।इस मौके पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख अंजलि पाठक, समाजसेवी छोटे शुक्ला, समाजसेवी कमलेश पाठक, प्रशिक्षक रोहित दीक्षित‌, ग्राम प्रधान,पंचायत सचिव एवं अन्य स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
अभिव्यंजना सहित विभिन्न संस्थाओं ने डॉ. रजनी सरीन को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

फर्रुखाबाद। जनपद की प्रख्यात चिकित्सक, समाजसेवी, साहित्यकार, शिक्षाविद, सांस्कृतिक चेतना की संवाहक एवं महिला सशक्तिकरण की प्रबल समर्थक रही स्वर्गीय डॉ. रजनी सरीन को रविवार को विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक और खेल संगठनों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान वक्ताओं ने उनके बहुआयामी व्यक्तित्व और समाज के प्रति उनके अतुलनीय योगदान को याद करते हुए कहा कि डॉ. सरीन का जीवन सेवा, समर्पण और सृजनशीलता का प्रेरणास्रोत रहा है।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में अभिव्यंजना, समवेत, आकांक्षा समिति, पांचाल शोध एवं विकास समिति, क्षत्रिय महासभा, रिवेम्प इंडिया फाउंडेशन, हॉकी फर्रुखाबाद, जिला ओलम्पिक एसोसिएशन तथा श्री रामलीला कमेटी फतेहगढ़ सहित अनेक संस्थाओं के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भाग लिया। इसके अलावा चिकित्सकों, शिक्षाविदों, साहित्यकारों, समाजसेवियों, राजनीतिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भी अपनी श्रद्धासुमन अर्पित किए।
वक्ताओं ने कहा कि डॉ. रजनी सरीन ने चिकित्सा सेवा को केवल पेशा नहीं बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनाया। उन्होंने अपने जीवनकाल में जरूरतमंदों की सहायता, महिलाओं के उत्थान, शिक्षा के प्रसार तथा सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य किया। साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका ने जनपद को नई पहचान दिलाने का कार्य किया।
श्रद्धांजलि सभा में उनके साहित्यिक योगदान को भी विशेष रूप से याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. सरीन ने साहित्य साधना के माध्यम से समाज को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास किया। वे अनेक सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों की प्रेरक शक्ति रहीं और युवा पीढ़ी को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
खेल संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि डॉ. रजनी सरीन खेल गतिविधियों के प्रति भी विशेष रुचि रखती थीं। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने के साथ-साथ खेलों के विकास के लिए समय-समय पर सहयोग प्रदान किया। उनके निधन से जनपद ने एक ऐसी व्यक्तित्व संपन्न महिला को खो दिया है जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।
श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। सभी ने एक स्वर में कहा कि डॉ. रजनी सरीन के आदर्श, उनके विचार और समाज के प्रति उनकी निष्ठा सदैव लोगों को प्रेरित करती रहेगी। उनके द्वारा किए गए कार्य और स्थापित मानवीय मूल्य आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बने रहेंगे। चन्द्रभूषण सिंह ,सुरेन्द्र सिंह सोमवंशी ,मनोज अग्रवाल संजय गर्ग ,महेश पाल सिंह ,डॉ प्रदीप माथुर ,डॉ उदय राज सिंह ,गुंजा जैन ,आस्तिकी मिश्रा ,रुद्राक्ष पाठक ,शरद चंदेल ,महेश पाल सिंह ,रवीश दुबे ,जवाहर सिंह गंगवार ,अवनींद्र सक्सेना ,वैभव राठौर वैभव सोमवंशी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे ।संचालन भूपेन्द्र प्रताप सिंह ने किया ।