पुलिस लाइन में हुआ योगाभ्यास का कार्यक्रम
फर्रुखाबाद l 12 वे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पुलिस लाइन  मे #सामूहिक_योगाभ्यास कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान पर पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पूरे उत्साह, अनुशासन एवं सहभागिता के साथ योगाभ्यास में भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान क्रियाओं का अभ्यास कराया गया, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। योग प्रशिक्षकों द्वारा सभी को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग के महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई तथा नियमित योगाभ्यास को जीवनशैली का हिस्सा बनाने पर बल दिया गया।
इस दौरान यह संदेश दिया गया कि योग न केवल शरीर को स्वस्थ एवं सशक्त बनाता है, बल्कि मानसिक शांति, एकाग्रता एवं सकारात्मक सोच को भी विकसित करता है। वर्तमान तनावपूर्ण जीवनशैली में योग एक प्रभावी माध्यम है जो व्यक्ति को संतुलित एवं ऊर्जावान बनाए रखने में सहायक है ।
12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर उमड़ा जनसैलाब, हजारों लोगों ने किया सामूहिक योगाभ्यास,
पीएम मोदी के “योग को जन-जन का अभियान” के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए जनपद में हुआ भव्य आयोजन
योगी सरकार ‘निरोगी काया’ के लक्ष्य के साथ गांव-गांव तक योग पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध
“योग केवल शरीर को स्वस्थ नहीं बनाता, बल्कि राष्ट्र निर्माण का भी सशक्त माध्यम  मंत्री प्रतिभा शुक्ला

फर्रुखाबाद l
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा योग को जन-जन का अभियान बनाने के संकल्प तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्वस्थ, सशक्त एवं निरोग उत्तर प्रदेश के विजन को साकार करने की दिशा में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस रविवार को जनपद के ब्रह्मदत्त द्विवेदी स्टेडियम, फतेहगढ़ में सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हजारों छात्र-छात्राओं, एनसीसी कैडेट्स, स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर “स्वस्थ यूपी, सशक्त भारत” का संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान प्रदेश की महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की मंत्री प्रतिभा शुक्ला, सांसद मुकेश राजपूत, विधायक कायमगंज, मंडलायुक्त कानपुर मंडल के. विजयेंद्र पांडियन, जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया।
योग प्रशिक्षकों के निर्देशन में उपस्थित जनसमूह ने ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, कपालभाति, अनुलोम-विलोम सहित विभिन्न योगासनों एवं प्राणायाम का अभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। पूरे परिसर में अनुशासन, ऊर्जा और सकारात्मक वातावरण देखने को मिला।
इस दौरान मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अथक प्रयासों से आज योग विश्व मंच पर भारत की विशिष्ट पहचान बन चुका है। योग भारत की लगभग 5000 वर्ष पुरानी सांस्कृतिक धरोहर है, जो केवल व्यायाम नहीं बल्कि स्वस्थ शरीर, शांत मन, सकारात्मक सोच और संतुलित जीवन का वैज्ञानिक मार्ग है। उन्होंने कहा कि योग तनाव, अवसाद तथा आधुनिक जीवनशैली से उत्पन्न होने वाली अनेक बीमारियों से बचाव का सरल एवं प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ‘निरोगी काया’ के लक्ष्य के साथ योग को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि प्रत्येक नागरिक स्वस्थ और सशक्त जीवन जी सके।
मंत्री ने विशेष रूप से युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ युवा ही आत्मनिर्भर और विकसित भारत की मजबूत नींव हैं। यदि युवा पीढ़ी नियमित रूप से योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएगी तो उसका लाभ केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी उनकी ऊर्जा और क्षमता का प्रभावी उपयोग होगा। उन्होंने सभी नागरिकों से प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योग करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाने तथा समाज में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का संदेश दिया। आयोजन के सफल संचालन में विभिन्न विभागों, शिक्षण संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों तथा प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
योग शरीर के लिए अति आवश्यक
फर्रुखाबाद l जिला गंगा समिति के तत्वाधान में पतित पावनी मां गंगा के घाट पर विश्व योग दिवस पर योगाभ्यास कराया गया। प्रभागीय निदेशक वन विभाग राजीव कुमार के निर्देश पर जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल ने योगाभ्यास का आयोजन कराया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य पल्लव सोमवंशी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि योग हमारे शरीर के लिए अति आवश्यक है। प्रतिदिन योग करने से हम शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रहते हैं।प्रभागीय निदेशक राजीव कुमार ने कहा कि बदलते समय में विभिन्न रोगों से दूर रहने के लिए प्रतिदिन योग करने की आवश्यकता है। इस वर्ष की थीम स्वास्थ्य वृद्धावस्था के लिए योग को अपनाना है जिससे बढ़ती आयु के साथ हम स्वस्थ रह सके। जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल ने बताया कि जिला गंगा समिति के तत्वाधान में लगातार विभिन्न स्थानों पर योग कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है जिससे अधिक से अधिक लोगों को योग करने के लिए प्रेरित किया जा सके।आचार्य प्रदीप नारायण शुक्ल के द्वारा विभिन्न प्रकार के योगाभ्यास कराए गए। कार्यक्रम में विभिन्न गंगा योद्धा एवं अन्य लोगों ने प्रतिभाग किया।इस मौके पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख अंजलि पाठक, समाजसेवी छोटे शुक्ला, समाजसेवी कमलेश पाठक, प्रशिक्षक रोहित दीक्षित‌, ग्राम प्रधान,पंचायत सचिव एवं अन्य स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
अभिव्यंजना सहित विभिन्न संस्थाओं ने डॉ. रजनी सरीन को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

फर्रुखाबाद। जनपद की प्रख्यात चिकित्सक, समाजसेवी, साहित्यकार, शिक्षाविद, सांस्कृतिक चेतना की संवाहक एवं महिला सशक्तिकरण की प्रबल समर्थक रही स्वर्गीय डॉ. रजनी सरीन को रविवार को विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक और खेल संगठनों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान वक्ताओं ने उनके बहुआयामी व्यक्तित्व और समाज के प्रति उनके अतुलनीय योगदान को याद करते हुए कहा कि डॉ. सरीन का जीवन सेवा, समर्पण और सृजनशीलता का प्रेरणास्रोत रहा है।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में अभिव्यंजना, समवेत, आकांक्षा समिति, पांचाल शोध एवं विकास समिति, क्षत्रिय महासभा, रिवेम्प इंडिया फाउंडेशन, हॉकी फर्रुखाबाद, जिला ओलम्पिक एसोसिएशन तथा श्री रामलीला कमेटी फतेहगढ़ सहित अनेक संस्थाओं के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भाग लिया। इसके अलावा चिकित्सकों, शिक्षाविदों, साहित्यकारों, समाजसेवियों, राजनीतिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भी अपनी श्रद्धासुमन अर्पित किए।
वक्ताओं ने कहा कि डॉ. रजनी सरीन ने चिकित्सा सेवा को केवल पेशा नहीं बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनाया। उन्होंने अपने जीवनकाल में जरूरतमंदों की सहायता, महिलाओं के उत्थान, शिक्षा के प्रसार तथा सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य किया। साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका ने जनपद को नई पहचान दिलाने का कार्य किया।
श्रद्धांजलि सभा में उनके साहित्यिक योगदान को भी विशेष रूप से याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. सरीन ने साहित्य साधना के माध्यम से समाज को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास किया। वे अनेक सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों की प्रेरक शक्ति रहीं और युवा पीढ़ी को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
खेल संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि डॉ. रजनी सरीन खेल गतिविधियों के प्रति भी विशेष रुचि रखती थीं। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने के साथ-साथ खेलों के विकास के लिए समय-समय पर सहयोग प्रदान किया। उनके निधन से जनपद ने एक ऐसी व्यक्तित्व संपन्न महिला को खो दिया है जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।
श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। सभी ने एक स्वर में कहा कि डॉ. रजनी सरीन के आदर्श, उनके विचार और समाज के प्रति उनकी निष्ठा सदैव लोगों को प्रेरित करती रहेगी। उनके द्वारा किए गए कार्य और स्थापित मानवीय मूल्य आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बने रहेंगे। चन्द्रभूषण सिंह ,सुरेन्द्र सिंह सोमवंशी ,मनोज अग्रवाल संजय गर्ग ,महेश पाल सिंह ,डॉ प्रदीप माथुर ,डॉ उदय राज सिंह ,गुंजा जैन ,आस्तिकी मिश्रा ,रुद्राक्ष पाठक ,शरद चंदेल ,महेश पाल सिंह ,रवीश दुबे ,जवाहर सिंह गंगवार ,अवनींद्र सक्सेना ,वैभव राठौर वैभव सोमवंशी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे ।संचालन भूपेन्द्र प्रताप सिंह ने किया ।
उज्ज्वला योजना की लाभार्थी को वर्षों बाद भी नहीं मिला गैस कनेक्शन, एजेंसी पर टालमटोल का आरोप
अमृतपुर फर्रुखाबाद

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की लाभार्थी रामदेवी पत्नी झांगड़ी, निवासी ग्राम अमैयापुर तहसील अमृतपुर जनपद फर्रुखाबाद ने आरोप लगाया है कि उनका एलपीजी गैस कनेक्शन कई वर्ष पूर्व स्वीकृत हो चुका है, लेकिन आज तक उन्हें गैस कनेक्शन उपलब्ध नहीं कराया गया है।
रामदेवी के अनुसार उनका कनेक्शन ग्रामीण इंडियन एलपीजी गैस एजेंसी, दहेलिया से संबंधित है। उन्होंने बताया कि वह कई बार एजेंसी पर जाकर संपर्क कर चुकी हैं, लेकिन हर बार उन्हें आज-कल का आश्वासन देकर वापस भेज दिया जाता है। कभी मोबाइल नंबर मांगा जाता है तो कभी बैंक खाता संख्या, लेकिन कनेक्शन देने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
लाभार्थी ने बताया कि उन्होंने अपने कनेक्शन का विवरण भी निकलवा लिया है, जिसका एलपीजी कनेक्शन आईडी 7200000031500639 है। इसके बावजूद उन्हें आज तक गैस सिलेंडर और संबंधित सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई है।
रामदेवी ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कराकर शीघ्र गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि यदि योजना के पात्र लाभार्थियों को समय पर लाभ नहीं मिल रहा है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
महिला आयोग की सदस्य में जनसुनवाई के दौरान सुनी समस्याएं
फर्रुखाबाद l  उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग सदस्य सुनीता सैनी ने विकास भवन सभागार में महिला जनसुनवाई का आयोजन किया गया, जनसुनवाई में 10 महिलाओं द्वारा अपने-अपने समस्याओं का प्रार्थना पत्रों के माध्यम से सदस्य के समक्ष प्रस्तुत किया गया ,जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों को  सदस्य द्वारा  संबंधित विभाग के अधिकारियों को जल्द से जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं  सदस्या द्वारा वि0 खंड कमालगंज के महरूपुर बीजल में जागरूकता चौपाल की गई और आंगनबाड़ी केन्द्र का निरीक्षण किया एवं  जिला जेल का निरीक्षण किया गया व साफ़ सफाई के निर्देश भी दिए गए। जनसुनवाई कार्यक्रम में
जिला प्रोबेशन अधिकारी,जिला बाल विकास परियोजना अधिकारी,बेसिक शिक्षा अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, महिला थाना अध्यक्ष,परियोजना निदेशक,चाइल्ड हेल्पलाइन, HEW, वन स्टाप सेंटर, दत्तक ग्रहण के कार्मिक,व अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे ।
प्राकृतिक खेती कार्यशाला एवं मेला का प्रभारी मंत्री ने किया
फर्रुखाबाद lकेन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर जनपद स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी एवं प्राकृतिक खेती कार्यशाला-मेला का आयोजन
केन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जनपद स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी एवं प्राकृतिक खेती कार्यशाला-मेला का आयोजन आज मधुवन रिसोर्ट, कमालगंज रोड पर सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह उपस्थित रहे l कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री जयवीर सिंह एवं जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर द्वारा सर्वप्रथम फीता काटकर सूचना विभाग की ओर से केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन कर किया गया। इसके उपरांत उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए विभिन्न योजनाओं के प्रचार-प्रसार संबंधी जानकारी प्राप्त की। इसके बाद कृषि, उद्यान, पशुपालन एवं अन्य विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन एवं किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जाए।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, विधायक अमृतपुर सुशील शाक्य, भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचन्द्र वर्मा, जिला विकास अधिकारी एस.के. तिवारी, उप कृषि निदेशक अरविन्द मोहन मिश्र, जिला कृषि अधिकारी शैलेन्द्र कुमार वर्मा, कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे।
उप कृषि निदेशक ने किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री कुसुम, कृषि यंत्रीकरण, प्राकृतिक खेती एवं जैविक खेती सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसान अपनी भूमि के एक हिस्से पर प्राकृतिक खेती प्रारम्भ कर रसायनमुक्त एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।
मुख्य अतिथि मंत्री जयवीर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि हरित क्रांति ने देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया, किन्तु रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति एवं मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने किसानों से गोबर, गौमूत्र, हरी खाद एवं अन्य प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित खेती अपनाकर स्वस्थ समाज और समृद्ध कृषि व्यवस्था के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती से किसानों को बेहतर बाजार, भूमि की उर्वरता में वृद्धि, पर्यावरण संरक्षण तथा स्वास्थ्य संबंधी लाभ प्राप्त होते हैं। उन्होंने किसानों से भविष्य की पीढ़ियों के हित में प्राकृतिक खेती को अपनाने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री एवं जिलाधिकारी द्वारा 8 कृषकों को बीज मिनीकिट, 5 कृषकों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड तथा प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने हेतु 5 कृषकों को नैपसेक स्प्रेयर वितरित किए गए। लाभार्थी किसानों ने शासन की योजनाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इन पहलों को कृषि क्षेत्र के लिए उपयोगी बताया।
समापन के दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थित कृषकों से विभागीय स्टालों का भ्रमण कर नवीन तकनीकों एवं योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने तथा शासन द्वारा संचालित कृषि एवं किसान कल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती एवं आधुनिक कृषि तकनीकों के समन्वय से किसान अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
350 बेरोजगार युवाओं को मिला रोजगार, 46 कंपनियों ने मेले में किया प्रतिभाग
फर्रुखाबाद l औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान परिसर में बृहद रोजगार मेला का आयोजन किया गया इस मेल में मेला में विभिन्न प्रांतो की 40 कंपनी के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग़ किया है उनका 2500 बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य है लेकिन परिसर में युवाओं की संख्या कम होने के कारण फिर भी 350 बेरोजगार युवकों को विभिन्न कंपनियों में काम करने का मौका मिल गया है । आईटीआई के प्रधानाचार्य का कहना है कि रोजगार मेला कई बार आयोजित किया जा चुका है और सैकड़ो युवाओं को रोजगार का अवसर भी प्रदान किया गया है उन्होंने कहा कि कंपनी शुरुआती दौर में अप्रेंटिस के रूप में कार्य कराती है प्रशिक्षित होने के बाद उन्हें उनके कार्य के अनुसार उनकी सैलरी में भी बढ़ोतरी की जाती है।
गंगा घाट पर हुआ विश्व योग दिवस का आयोजन
फर्रुखाबाद l विश्व योग दिवस पर पतित पावनी मां गंगा के घाट पर जिलाधिकारी के निर्देश पर साप्ताहिक योगा अभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जिला गंगा समिति के निर्देशन में विभिन्न गंगा योद्धाओं ने योगाभ्यास में प्रतिभाग किया। जिला परियोजना  अधिकारी निहारिका पटेल ने बताया कि योग करने से न सिर्फ मानसिक शांति मिलती है बल्कि शारीरिक ऊर्जा भी प्राप्त होती है।इस बार की थीम स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग है अर्थात मनुष्य वृद्धावस्था में भी उतना ही स्वस्थ रहे जितना युवावस्था में रहता है। कई रोग ऐसे भी होते हैं जो सिर्फ योगाभ्यास से ही ठीक होते हैं।वर्तमान समय में प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी रोग से ग्रस्त होता है क्योंकि हमारा प्रतिदिन का खान-पान अनियमित होता जा रहा है। प्रतिदिन योग करने से न सिर्फ सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है बल्कि कई विभिन्न बीमारियाँ भी दूर रहती हैं। योग हमारी सांस्कृतिक धरोहर है।सर्वप्रथम अपने देश में ही ऋषि मुनियों के द्वारा योग का प्रारंभ हुआ था। वर्तमान समय में देश-विदेश में भी लोग योग को अपना रहे है। योगाचार्य प्रदीप नारायण शुक्ल के द्वारा विभिन्न प्रकार के योगाभ्यास जिसमें सूर्य नमस्कार, प्राणायाम, ताड़ासन, त्रिकोणासन,मकरासन,भ्रामरी अनुलोम विलोम इत्यादि क्रियाएं कराई गईं।उन्होंने शरीर को स्वस्थ रखने के विभिन्न प्रकार के उपाय बताएं। इस मौके पर समर्पण फाउंडेशन के अध्यक्ष रोहित दीक्षित, गंगा योद्धा दीक्षा,सुमित,घनश्याम, शुभम एवं अन्य स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
प्राकृतिक खेती ही किसानों के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी: डॉ. युवराज सिंह
भुसेरा में एक दिवसीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला में जुटे सैकड़ों किसान

भाजपा नेता डॉ. युवराज सिंह ने किसानों को किया सम्मानित, विशेषज्ञों ने बताईं जैविक खेती की आधुनिक तकनीकें

अमृतपुर, फर्रुखाबाद।खेती की बढ़ती लागत, घटती भूमि उर्वरता और रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों के बीच किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से ग्राम भुसेरा स्थित जी.एस. चौहान पैलेस में एक दिवसीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के आयोजक भाजपा नेता डॉ. युवराज सिंह रहे। उन्होंने क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंचे किसानों एवं कृषक महिलाओं को सम्मानित करते हुए प्राकृतिक खेती को आत्मनिर्भर और समृद्ध किसान का मजबूत आधार बताया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचंद राजपूत उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश सरकार किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। प्राकृतिक खेती से उत्पादन लागत कम होती है, मिट्टी की गुणवत्ता सुधरती है और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलती है। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने का आह्वान किया।

कार्यशाला में कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. खलील खान, मृदा विशेषज्ञ एस.एम. सुनील पांडे, मौसम विशेषज्ञ डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह परिहार, सीनियर रिसर्च फेलो प्रशांत सिंह परिहार तथा चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर के पूर्व शोध निदेशक डॉ. एच.जी. श्रीवास्तव ने किसानों को प्राकृतिक खेती की आधुनिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। विशेषज्ञों ने कहा कि प्राकृतिक खेती केवल खेती की पद्धति नहीं, बल्कि मिट्टी, जल और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी माध्यम भी है।

विशेषज्ञों ने किसानों को जीवामृत, घन जीवामृत और गोबर आधारित किण्वित जैविक खाद तैयार करने की विधि समझाई। उन्होंने बताया कि किसान अपने घरों और खेतों में उपलब्ध संसाधनों से ही गुणवत्तापूर्ण जैविक खाद तैयार कर सकते हैं, जिससे रासायनिक उर्वरकों पर होने वाला खर्च काफी हद तक कम किया जा सकता है। यह खाद बुवाई से 7 से 10 दिन पूर्व खेत में डालने के साथ-साथ खड़ी फसल में भी प्रयोग की जा सकती है।

डॉ. एच.जी. श्रीवास्तव ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि खेतों में आवश्यकता से अधिक रासायनिक खाद एवं उर्वरकों का प्रयोग मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरता को नुकसान पहुंचाता है। इससे भूमि की गुणवत्ता धीरे-धीरे कमजोर होती जाती है और आने वाली फसलों का उत्पादन प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाकर किसान इस समस्या से काफी हद तक निजात पा सकते हैं। प्राकृतिक एवं जैविक संसाधनों के उपयोग से मिट्टी की सेहत बेहतर होती है, उत्पादन लागत घटती है और लंबे समय तक बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।

कार्यक्रम में जैविक खाद के वैज्ञानिक महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। विशेषज्ञों ने बताया कि कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट में फसलों, सब्जियों, पौधों और पशुओं से प्राप्त अपशिष्ट पदार्थों को वैज्ञानिक प्रक्रिया से जैविक खाद में बदला जाता है। इस खाद में 12 से 25 प्रतिशत कार्बनिक पदार्थ, 1 से 3 प्रतिशत नाइट्रोजन, 0.5 से 2.5 प्रतिशत फास्फोरस, 1 से 3 प्रतिशत पोटाश तथा 15 से 25 प्रतिशत नमी पाई जाती है, जो भूमि की संरचना सुधारने और फसल उत्पादन बढ़ाने में सहायक है।

कार्यशाला में उपस्थित कृषक महिलाओं ने भी प्राकृतिक खेती के प्रति विशेष रुचि दिखाई और विशेषज्ञों से तकनीकी जानकारियां प्राप्त कीं। किसानों ने कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाने से न केवल खेती की लागत कम की जा सकती है, बल्कि स्वस्थ और गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उत्पादन भी संभव है।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. युवराज सिंह ने सभी वैज्ञानिकों, अतिथियों, किसानों और कृषक महिलाओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसानों को नई कृषि तकनीकों से जोड़ने के लिए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे। एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में बड़ी संख्या में किसान, कृषक महिलाएं, कृषि विशेषज्ञ और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।