महिला आयोग की सदस्य में जनसुनवाई के दौरान सुनी समस्याएं
फर्रुखाबाद l  उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग सदस्य सुनीता सैनी ने विकास भवन सभागार में महिला जनसुनवाई का आयोजन किया गया, जनसुनवाई में 10 महिलाओं द्वारा अपने-अपने समस्याओं का प्रार्थना पत्रों के माध्यम से सदस्य के समक्ष प्रस्तुत किया गया ,जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों को  सदस्य द्वारा  संबंधित विभाग के अधिकारियों को जल्द से जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं  सदस्या द्वारा वि0 खंड कमालगंज के महरूपुर बीजल में जागरूकता चौपाल की गई और आंगनबाड़ी केन्द्र का निरीक्षण किया एवं  जिला जेल का निरीक्षण किया गया व साफ़ सफाई के निर्देश भी दिए गए। जनसुनवाई कार्यक्रम में
जिला प्रोबेशन अधिकारी,जिला बाल विकास परियोजना अधिकारी,बेसिक शिक्षा अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, महिला थाना अध्यक्ष,परियोजना निदेशक,चाइल्ड हेल्पलाइन, HEW, वन स्टाप सेंटर, दत्तक ग्रहण के कार्मिक,व अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे ।
प्राकृतिक खेती कार्यशाला एवं मेला का प्रभारी मंत्री ने किया
फर्रुखाबाद lकेन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर जनपद स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी एवं प्राकृतिक खेती कार्यशाला-मेला का आयोजन
केन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जनपद स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी एवं प्राकृतिक खेती कार्यशाला-मेला का आयोजन आज मधुवन रिसोर्ट, कमालगंज रोड पर सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह उपस्थित रहे l कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री जयवीर सिंह एवं जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर द्वारा सर्वप्रथम फीता काटकर सूचना विभाग की ओर से केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन कर किया गया। इसके उपरांत उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए विभिन्न योजनाओं के प्रचार-प्रसार संबंधी जानकारी प्राप्त की। इसके बाद कृषि, उद्यान, पशुपालन एवं अन्य विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन एवं किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जाए।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, विधायक अमृतपुर सुशील शाक्य, भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचन्द्र वर्मा, जिला विकास अधिकारी एस.के. तिवारी, उप कृषि निदेशक अरविन्द मोहन मिश्र, जिला कृषि अधिकारी शैलेन्द्र कुमार वर्मा, कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे।
उप कृषि निदेशक ने किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री कुसुम, कृषि यंत्रीकरण, प्राकृतिक खेती एवं जैविक खेती सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसान अपनी भूमि के एक हिस्से पर प्राकृतिक खेती प्रारम्भ कर रसायनमुक्त एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।
मुख्य अतिथि मंत्री जयवीर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि हरित क्रांति ने देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया, किन्तु रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति एवं मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने किसानों से गोबर, गौमूत्र, हरी खाद एवं अन्य प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित खेती अपनाकर स्वस्थ समाज और समृद्ध कृषि व्यवस्था के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती से किसानों को बेहतर बाजार, भूमि की उर्वरता में वृद्धि, पर्यावरण संरक्षण तथा स्वास्थ्य संबंधी लाभ प्राप्त होते हैं। उन्होंने किसानों से भविष्य की पीढ़ियों के हित में प्राकृतिक खेती को अपनाने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री एवं जिलाधिकारी द्वारा 8 कृषकों को बीज मिनीकिट, 5 कृषकों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड तथा प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने हेतु 5 कृषकों को नैपसेक स्प्रेयर वितरित किए गए। लाभार्थी किसानों ने शासन की योजनाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इन पहलों को कृषि क्षेत्र के लिए उपयोगी बताया।
समापन के दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थित कृषकों से विभागीय स्टालों का भ्रमण कर नवीन तकनीकों एवं योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने तथा शासन द्वारा संचालित कृषि एवं किसान कल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती एवं आधुनिक कृषि तकनीकों के समन्वय से किसान अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
350 बेरोजगार युवाओं को मिला रोजगार, 46 कंपनियों ने मेले में किया प्रतिभाग
फर्रुखाबाद l औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान परिसर में बृहद रोजगार मेला का आयोजन किया गया इस मेल में मेला में विभिन्न प्रांतो की 40 कंपनी के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग़ किया है उनका 2500 बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य है लेकिन परिसर में युवाओं की संख्या कम होने के कारण फिर भी 350 बेरोजगार युवकों को विभिन्न कंपनियों में काम करने का मौका मिल गया है । आईटीआई के प्रधानाचार्य का कहना है कि रोजगार मेला कई बार आयोजित किया जा चुका है और सैकड़ो युवाओं को रोजगार का अवसर भी प्रदान किया गया है उन्होंने कहा कि कंपनी शुरुआती दौर में अप्रेंटिस के रूप में कार्य कराती है प्रशिक्षित होने के बाद उन्हें उनके कार्य के अनुसार उनकी सैलरी में भी बढ़ोतरी की जाती है।
गंगा घाट पर हुआ विश्व योग दिवस का आयोजन
फर्रुखाबाद l विश्व योग दिवस पर पतित पावनी मां गंगा के घाट पर जिलाधिकारी के निर्देश पर साप्ताहिक योगा अभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जिला गंगा समिति के निर्देशन में विभिन्न गंगा योद्धाओं ने योगाभ्यास में प्रतिभाग किया। जिला परियोजना  अधिकारी निहारिका पटेल ने बताया कि योग करने से न सिर्फ मानसिक शांति मिलती है बल्कि शारीरिक ऊर्जा भी प्राप्त होती है।इस बार की थीम स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग है अर्थात मनुष्य वृद्धावस्था में भी उतना ही स्वस्थ रहे जितना युवावस्था में रहता है। कई रोग ऐसे भी होते हैं जो सिर्फ योगाभ्यास से ही ठीक होते हैं।वर्तमान समय में प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी रोग से ग्रस्त होता है क्योंकि हमारा प्रतिदिन का खान-पान अनियमित होता जा रहा है। प्रतिदिन योग करने से न सिर्फ सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है बल्कि कई विभिन्न बीमारियाँ भी दूर रहती हैं। योग हमारी सांस्कृतिक धरोहर है।सर्वप्रथम अपने देश में ही ऋषि मुनियों के द्वारा योग का प्रारंभ हुआ था। वर्तमान समय में देश-विदेश में भी लोग योग को अपना रहे है। योगाचार्य प्रदीप नारायण शुक्ल के द्वारा विभिन्न प्रकार के योगाभ्यास जिसमें सूर्य नमस्कार, प्राणायाम, ताड़ासन, त्रिकोणासन,मकरासन,भ्रामरी अनुलोम विलोम इत्यादि क्रियाएं कराई गईं।उन्होंने शरीर को स्वस्थ रखने के विभिन्न प्रकार के उपाय बताएं। इस मौके पर समर्पण फाउंडेशन के अध्यक्ष रोहित दीक्षित, गंगा योद्धा दीक्षा,सुमित,घनश्याम, शुभम एवं अन्य स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
प्राकृतिक खेती ही किसानों के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी: डॉ. युवराज सिंह
भुसेरा में एक दिवसीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला में जुटे सैकड़ों किसान

भाजपा नेता डॉ. युवराज सिंह ने किसानों को किया सम्मानित, विशेषज्ञों ने बताईं जैविक खेती की आधुनिक तकनीकें

अमृतपुर, फर्रुखाबाद।खेती की बढ़ती लागत, घटती भूमि उर्वरता और रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों के बीच किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से ग्राम भुसेरा स्थित जी.एस. चौहान पैलेस में एक दिवसीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के आयोजक भाजपा नेता डॉ. युवराज सिंह रहे। उन्होंने क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंचे किसानों एवं कृषक महिलाओं को सम्मानित करते हुए प्राकृतिक खेती को आत्मनिर्भर और समृद्ध किसान का मजबूत आधार बताया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचंद राजपूत उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश सरकार किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। प्राकृतिक खेती से उत्पादन लागत कम होती है, मिट्टी की गुणवत्ता सुधरती है और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलती है। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने का आह्वान किया।

कार्यशाला में कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. खलील खान, मृदा विशेषज्ञ एस.एम. सुनील पांडे, मौसम विशेषज्ञ डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह परिहार, सीनियर रिसर्च फेलो प्रशांत सिंह परिहार तथा चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर के पूर्व शोध निदेशक डॉ. एच.जी. श्रीवास्तव ने किसानों को प्राकृतिक खेती की आधुनिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। विशेषज्ञों ने कहा कि प्राकृतिक खेती केवल खेती की पद्धति नहीं, बल्कि मिट्टी, जल और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी माध्यम भी है।

विशेषज्ञों ने किसानों को जीवामृत, घन जीवामृत और गोबर आधारित किण्वित जैविक खाद तैयार करने की विधि समझाई। उन्होंने बताया कि किसान अपने घरों और खेतों में उपलब्ध संसाधनों से ही गुणवत्तापूर्ण जैविक खाद तैयार कर सकते हैं, जिससे रासायनिक उर्वरकों पर होने वाला खर्च काफी हद तक कम किया जा सकता है। यह खाद बुवाई से 7 से 10 दिन पूर्व खेत में डालने के साथ-साथ खड़ी फसल में भी प्रयोग की जा सकती है।

डॉ. एच.जी. श्रीवास्तव ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि खेतों में आवश्यकता से अधिक रासायनिक खाद एवं उर्वरकों का प्रयोग मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरता को नुकसान पहुंचाता है। इससे भूमि की गुणवत्ता धीरे-धीरे कमजोर होती जाती है और आने वाली फसलों का उत्पादन प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाकर किसान इस समस्या से काफी हद तक निजात पा सकते हैं। प्राकृतिक एवं जैविक संसाधनों के उपयोग से मिट्टी की सेहत बेहतर होती है, उत्पादन लागत घटती है और लंबे समय तक बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।

कार्यक्रम में जैविक खाद के वैज्ञानिक महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। विशेषज्ञों ने बताया कि कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट में फसलों, सब्जियों, पौधों और पशुओं से प्राप्त अपशिष्ट पदार्थों को वैज्ञानिक प्रक्रिया से जैविक खाद में बदला जाता है। इस खाद में 12 से 25 प्रतिशत कार्बनिक पदार्थ, 1 से 3 प्रतिशत नाइट्रोजन, 0.5 से 2.5 प्रतिशत फास्फोरस, 1 से 3 प्रतिशत पोटाश तथा 15 से 25 प्रतिशत नमी पाई जाती है, जो भूमि की संरचना सुधारने और फसल उत्पादन बढ़ाने में सहायक है।

कार्यशाला में उपस्थित कृषक महिलाओं ने भी प्राकृतिक खेती के प्रति विशेष रुचि दिखाई और विशेषज्ञों से तकनीकी जानकारियां प्राप्त कीं। किसानों ने कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाने से न केवल खेती की लागत कम की जा सकती है, बल्कि स्वस्थ और गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उत्पादन भी संभव है।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. युवराज सिंह ने सभी वैज्ञानिकों, अतिथियों, किसानों और कृषक महिलाओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसानों को नई कृषि तकनीकों से जोड़ने के लिए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे। एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में बड़ी संख्या में किसान, कृषक महिलाएं, कृषि विशेषज्ञ और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
एंटी करप्शन टीम ने जिला खनन अधिकारी को 24 हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़ा
फर्रुखाबाद l एंटी करप्शन टीम के सदस्यों ने शुक्रवार को जनपद के चर्चित जिला खनन अधिकारी के रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया है l प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। खनन अधिकारी संजय प्रताप के ड्राइवर ने अवधेश नामक व्यक्ति से काम करवाने के नाम पर रुपए मांगे। बाद में 24 हजार रुपयों में मामला तय हो गया। इस प्रकार रिश्वत मांगने की शिकायत एंटी करप्शन में की गई, एंटी करप्शन टीम ने शुक्रवार को खनन अधिकारी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया था । एंटी करप्शन टीम के सदस्यों ने शुक्रवार को दोपहर बाद खनन अधिकारी को पकड़ने के लिए उनके आवास के पास एंटी करप्शन टीम के सदस्य वहां पहुंच गए ,तभी अवधेश नामक रुपए लेकर खनन अधिकारी के आवास पर गया। खनन अधिकारी ने अवधेश से 24000 रुपए की रिश्वत ले ली, रुपए लेते ही एंटी करप्शन टीम ने खनन अधिकारी संजय प्रताप को पड़कर रिश्वत में लिए गए रुपए बरामद कर हिरासत में ले लिया । एंटी करप्शन टीम खनन अधिकारी संजय प्रताप व उनके ड्राइवर को भी कार में बिठाकर फतेहगढ़ कोतवाली ले आई,जिले में बरसों से रह रहे खनन अधिकारी अवैध रूप से खनन करवा रहे थे यहीं नहीं खनन अधिकारी पर रिश्वत लेकर अवैध खनन कराए जाने के आरोप भी लगते रहे पर वह दांव पच से बचते रहे ।
अमैयापुर में भूमि कब्जा विवाद का हुआ निस्तारण, नायब तहसीलदार ने पुलिस बल के साथ कराया कब्जा मुक्त

अमृतपुर फर्रुखाबाद।तहसील अमृतपुर क्षेत्र के ग्राम अमैयापुर में भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला शासन स्तर तक पहुंचने के बाद प्रशासन हरकत में आया। शिकायतकर्ता द्वारा मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को भेजे गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया था कि कई बार शिकायत और राजस्व विभाग की पैमाइश के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया।

प्रार्थना पत्र के अनुसार गाटा संख्या 223, रकबा 0.166 हेक्टेयर भूमि खातेदार नरेंद्र पाल सिंह पुत्र रामपाल सिंह के नाम दर्ज है। शिकायतकर्ता का आरोप था कि लंबे समय तक गांव से बाहर रहने के दौरान उसकी भूमि पर कथित रूप से कब्जा कर लिया गया था। भूमि पर अस्थायी एवं स्थायी निर्माण के साथ अन्य सामग्री रखकर कब्जा बनाए रखने की बात भी कही गई थी।

मामले में वर्ष 2025 के दौरान राजस्व विभाग द्वारा पैमाइश कराई गई थी तथा अतिक्रमण हटाने का प्रयास भी किया गया था, लेकिन शिकायतकर्ता के अनुसार कार्रवाई पूर्ण नहीं हो सकी। इसके बाद दोबारा निरीक्षण और पैमाइश के बावजूद कथित कब्जा बरकरार रहने की शिकायत उच्च अधिकारियों से की गई।

शिकायतकर्ता ने कुछ लोगों को नामजद करते हुए भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया था तथा निष्पक्ष जांच एवं कब्जा हटवाने की मांग की थी।मामले को गंभीरता से लेते हुए अमृतपुर के नायब तहसीलदार अपनी राजस्व टीम एवं पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई करते हुए भूमि को कब्जा मुक्त कराया। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद शिकायतकर्ता ने राहत महसूस की है। स्थानीय लोगों के अनुसार कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
लेखपाल पैमाइश के नाम पर मांग रहा पैसे, पुलिस पर जांच के लिए रुपए मांगने का आरोप
फर्रुखाबाद। जाति विशेष के लोग जबरन खेतों पर कब्जा करने की नीयत से लेखपाल को क्षेत्र की पैमाइश नहीं करने दे और ना ही पुलिस को जांच करने दे रहे हैं।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के पीड़ित में मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला अधिकारी को शिकायती पत्र दिया है जिसमें कहा है कि गांव के दबंग खेतों पर कब्जा करके अपने नाम ही नहीं बल्कि खेती तक नहीं करने दे रहे हैं। पीड़ित ने जिलाधिकारी को बताया कि गांव के लोग आए दिन परेशान करते हैं पुलिस को शिकायत देने पर जांच करने के नाम पर 10000 रुपए मांगने का आरोप लगाया है। लेखपाल से खेतों की पैमाइश के लिए कहा तो वह जांच करने और पैमाइश करने के लिए नहीं आ रहा है। पीड़ित ने जिलाधिकारी से कहा कि खेतों की पैमाईश और दबंगों से खेत मुक्त कराए जाने की गुहार लगाई है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देशों को चुनौती दे रहे झोलाछाप डॉक्टर, ग्रामीण क्षेत्रों में धड़ल्ले से जारी इलाज
राजेपुर फर्रुखाबाद


फर्रुखाबाद जनपद  के विकास खंड राजेपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टरों की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय-समय पर कार्रवाई और चेतावनी जारी किए जाने के बावजूद कई स्थानों पर बिना मान्यता प्राप्त चिकित्सक खुलेआम मरीजों का उपचार कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गांवों में संचालित हो रहे कई निजी क्लीनिकों पर न तो आवश्यक पंजीकरण है और न ही योग्य चिकित्सक उपलब्ध हैं। इसके बावजूद मरीजों का इलाज किया जा रहा है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम उत्पन्न हो रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रह जाती है, जबकि झोलाछाप डॉक्टरों का कारोबार पहले की तरह जारी है। क्षेत्र में बढ़ती इस समस्या को लेकर लोगों ने प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बिना चिकित्सीय योग्यता वाले व्यक्तियों से इलाज कराना मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ हो सकता है। ऐसे में संबंधित विभागों को नियमित जांच अभियान चलाकर अवैध क्लीनिकों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
साइबर क्राइम के प्रति लोगों को जागरूक किया
अमृतपुर- फर्रुखाबाद। जनपद में बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम एवं आमजन को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से थाना राजेपुर पुलिस द्वारा लगातार साइबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना अध्यक्ष नागेंद्र सिंह के निर्देशन में ग्राम महेशपुर में विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।कार्यक्रम के दौरान उपनिरीक्षक आशुतोष कुमार, एएसआई सत्येन्द्र कुमार एवं महिला कांस्टेबल भावना ने ग्रामीणों को साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले नए-नए तरीकों की जानकारी दी। पुलिस टीम ने बताया कि आजकल साइबर ठग फर्जी बैंक अधिकारी, केवाईसी अपडेट, लॉटरी, नौकरी, निवेश योजना तथा सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को अपने जाल में फंसाकर आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं।ग्रामीणों को बताया गया कि किसी भी परिस्थिति में अपना ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक खाता विवरण, एटीएम कार्ड नंबर अथवा अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। मोबाइल पर प्राप्त होने वाले संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें तथा अनजान कॉल और संदेशों पर विश्वास न करें। यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराए और संबंधित पुलिस थाने को सूचना दे।थाना अध्यक्ष ने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता है। पुलिस का उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों को पहले से सतर्क और जागरूक बनाना भी है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे डिजिटल लेन-देन करते समय विशेष सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को साइबर सुरक्षा से संबंधित आवश्यक सुझाव दिए गए तथा उन्हें अपने परिवार, रिश्तेदारों और आसपास के लोगों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। ग्रामीणों ने पुलिस द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना करते हुए इसे समय की आवश्यकता बताया।पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराधों के विरुद्ध यह जागरूकता अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के अधिक से अधिक लोग जागरूक होकर साइबर ठगी जैसी घटनाओं से स्वयं को सुरक्षित रख सकें। पुलिस की इस पहल से ग्रामीणों में उत्साह देखने को मिला और लोगों ने साइबर सुरक्षा नियमों का पालन करने का संकल्प लिया।