राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में नए खुलासों से बढ़ी जांच की रफ्तार

-  कथित सोना बरामदगी, संदिग्ध यात्राएं और करोड़ों की संपत्तियां जांच के घेरे में; एसआईटी ने अयोध्या पहुंचकर शुरू की गहन पड़ताल

अयोध्या। राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े कथित महाघोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने सोमवार को अयोध्या पहुंचकर जांच का मोर्चा संभाल लिया। एसआईटी ने अपने पहले ही दिन करीब छह घंटे तक मंदिर परिसर और उससे जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर पड़ताल की तथा ट्रस्ट से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की।
जांच एजेंसियों के अनुसार अब तक गिरफ्तार किए गए पांच प्रमुख संदिग्धों से लगभग दो करोड़ रुपये नकद, एक लग्जरी वाहन और तीन आईफोन बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसी बीच दो नए पहलुओं ने जांच को और अधिक संवेदनशील बना दिया है—पहला कथित "सोना बरामदगी" और दूसरा संदिग्ध यात्रा नेटवर्क।
जांच के केंद्र में आए प्रमुख नामों में ट्रस्ट से जुड़े बताए जा रहे रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार उनके पैतृक आवास पर हाल ही में की गई छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में सोना बरामद किया गया। हालांकि बरामद सोने की मात्रा और मूल्य को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन जांच एजेंसियां इसकी वास्तविक कीमत और स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं।
सूत्रों का दावा है कि कभी साधारण जीवन जीने वाले टिन्नू यादव के नाम या उनसे जुड़े लोगों के माध्यम से अयोध्या और लखनऊ समेत विभिन्न स्थानों पर करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्तियों का नेटवर्क खड़ा किया गया। जांच एजेंसियां इन संपत्तियों के दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही हैं।
बताया जा रहा है कि 13 जून को स्वर्गद्वार क्षेत्र स्थित उनके पैतृक घर पर सुरक्षा और जांच से जुड़े अधिकारियों की संयुक्त टीम ने छापा मारा था। इसके अलावा अयोध्या अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट स्थित एक छात्रावास परिसर को भी जांच एजेंसियों ने अपने रडार पर लिया है। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में वहां भी विस्तृत फोरेंसिक जांच कराई जा सकती है।
इसी क्रम में सोमेश आनंद नामक व्यक्ति की गतिविधियां भी जांच एजेंसियों के संज्ञान में आई हैं। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में उसने देश के विभिन्न राज्यों, विशेषकर दक्षिण भारत की कई यात्राएं कीं। सुरक्षा एजेंसियां उसके यात्रा रिकॉर्ड, बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की बारीकी से जांच कर रही हैं।
सूत्रों का दावा है कि सोमेश आनंद अक्सर भारी सामान के साथ ट्रेन से यात्रा करता था और वापसी में हवाई मार्ग का उपयोग करता था। हालांकि जांच एजेंसियों ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन उसकी गतिविधियों को संदिग्ध मानते हुए गहन पड़ताल जारी है।
जांच की आंच अब केडी तिवारी तक भी पहुंच गई है, जिनके पास मंदिर में प्राप्त होने वाले आभूषणों की कस्टडी और अभिलेखीकरण से जुड़ी जिम्मेदारियां होने की बात कही जा रही है। उनके आवास पर भी हाल में जांच टीम द्वारा छानबीन की गई। सूत्रों के अनुसार हाल में खरीदी गई लगभग डेढ़ करोड़ रुपये मूल्य की एक भूमि भी जांच के दायरे में है।
हालांकि केडी तिवारी ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि उनकी जिम्मेदारी केवल आभूषणों को तौलकर रसीद जारी करने और उन्हें आगे संबंधित अधिकारियों को सौंपने तक सीमित थी। उन्होंने कहा कि इसके बाद की प्रक्रिया से उनका कोई संबंध नहीं था।
इस बीच जांच के दौरान मंदिर परिसर से जुड़ा एक पुराना मामला भी फिर चर्चा में आ गया है। सूत्रों के अनुसार लगभग दो वर्ष पूर्व सावन झूला मेले के दौरान उपयोग किए जाने वाले चार स्वर्ण मुकुट कुछ समय के लिए गायब पाए गए थे। बाद में ये मुकुट मंदिर परिसर के भीतर ही बरामद किए गए थे। हालांकि उस समय इस मामले को सार्वजनिक स्तर पर अधिक तूल नहीं दिया गया था, लेकिन वर्तमान जांच में इस प्रकरण से जुड़े दस्तावेज और परिस्थितियां भी खंगाली जा रही हैं।
जांच एजेंसियों का मानना है कि यदि दानपात्रों में जमा होने वाले आभूषणों और कीमती धातुओं के अभिलेखीकरण में कोई खामी रही है, तो उसी का लाभ उठाकर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गई हो सकती हैं। इसी बिंदु को वर्तमान जांच का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।
एसआईटी अब वित्तीय रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल ट्रेल, बैंक खातों, संपत्तियों और कथित संदिग्ध नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। आने वाले दिनों में कई और लोगों से पूछताछ तथा नए खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल पूरे मामले पर प्रदेशभर की निगाहें टिकी हैं और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी और दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
उप्र राजकीय निर्माण निगम को आवंटित 08 जनपदों की 33 परियोजनाओं पर निर्माण कार्य प्रारम्भ
-  आस्था के साथ विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता : जयवीर सिंह

लखनऊ। पर्यटन विभाग द्वारा 31 मार्च, 2026 तक स्वीकृत परियोजनाओं पर शासनादेश जारी करते हुए अवस्थापना विकास की परियोजनाओं पर कार्रवाई शुरू करा दी गई है। कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया गया है कि सभी कार्य निर्धारित तिथि तक गुणवत्ता के साथ पूरा करायें। राज्य सरकार की प्राथमिकता आस्था के साथ विकास और पर्यटन सेक्टर में निवेश आकर्षित कर टेम्पल इकॉनॉमी को विस्तार देना है। इसी दृष्टिकोण से लगभग सभी जनपदों में ऐतिहासिक धार्मिक एवं पुरातात्विक महत्व के आस्था स्थलों को नये सिरे से सौन्दर्यीकरण करा कर श्रद्धालुओं को अवस्थापना सुविधा सुलभ कराने का कार्य किया जा रहा है।
यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि 31 मार्च 2026 तक स्वीकृत परियोजनाओं के लिए आवश्यक धनराशि जारी कर दी गई है। साथ ही कार्यदायी संस्थाआंे द्वारा निर्माण की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को 08 जनपदों की 33 परियोजनाएं जिनकी अनुमानित लागत 7917.93 लाख रुपये आवंटित किया गया है। इन परियोजनाओं में लखनऊ-सीतापुर 01-01, मिर्जापुर 07, भदोही 04, सोनभद्र 02, हमीरपुर 02, महोबा 03 तथा बांदा व चित्रकूट की 06-06 परियोजनाएं शामिल हैं।
जयवीर सिंह ने बताया कि लखनऊ स्थित मोहनलाल गंज में हुलासखेड़ा का पर्यटन विकास के लिए 1199.7 लाख रुपये, सीतापुर के नैमिषारण्य धाम में बेदारण्यम की स्थापना कार्य के लिए 149.35 लाख रुपये, मिर्जापुर की 07 परियोजनाओं के लिए क्रमशः 104.53 लाख रुपये, 79.64 लाख रुपये, 194.67 लाख रुपये, 197.99 लाख रुपये, 83.69 लाख रुपये, 88.87 लाख रुपये तथा 215.92 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार भदोही जनपद की 04 परियोजनाओं के लिए क्रमशः 103.57 लाख रुपये, 147.29 लाख रुपये, 145.97 लाख रुपये, 99.97 लाख रुपये, 125.58 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार सोनभद्र जनपद की 02 परियोजनाओं के लिए क्रमशः 125.59 लाख रुपये तथा 116.24 लाख रुपये की धनराशि अनुमोदित की गई है।
श्री सिंह ने आगे बताया कि महोबा जनपद के विभिन्न मन्दिरों के लिए क्रमशः 108.87 लाख रुपये, 45.58 लाख रुपये तथा 71.77 लाख रुपये तीन परियोजनाओं के लिए स्वीकृत किये गये। इसी प्रकार हमीरपुर की 02 परियोजनाओं के लिए क्रमशः 70 लाख तथा 69.81 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। जनपद बांदा की 06 परियोजनाओं के लिए क्रमशः 53.82 लाख, 138.89 लाख एवं 114.27 लाख, 130.2 लाख, 338 लाख तथा 283.57 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई। इसी प्रकार जनपद चित्रकूट की 06 परियोजनाओं के लिए क्रमशः 181.79 लाख, 229.24 लाख, 525.77 लाख, 171.94 लाख, 166.24 लाख तथा 905.08 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
उन्होंने बताया कि लगभग सभी परियोजनाओं पर कार्य प्रारम्भ कराने के लिए निविदा की कार्यवाही प्रगति पर है। इसके अलावा कार्य तकनीकी स्वीकृति जारी कराने हेतु विस्तृत आगणन आदि का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पर्यटन सेक्टर की लोकप्रियता एवं निवेश की असीमित संभावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार आस्था के साथ विकास के अंतर्गत सभी स्थलों पर बुनियादी सुविधाएं सुलभ करा रही है।
उत्तर प्रदेश संयुक्त बी.एड. प्रवेश परीक्षा-2026 का परिणाम घोषित, वन्दना सिंह बनीं प्रदेश टॉपर
- उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने सफल अभ्यर्थियों को दी बधाई, राष्ट्र निर्माण में योगदान का किया आह्वान


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री  योगेन्द्र उपाध्याय के कर-कमलों से मंगलवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, लखनऊ के पुस्तकालय भवन में उत्तर प्रदेश संयुक्त बी.एड. प्रवेश परीक्षा-2026 का परिणाम घोषित किया गया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा राज्यमंत्री  रजनी तिवारी, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पांडे, आरएमएल विधि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अमरपाल सिंह, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा  एम.के. अग्रवाल  उपस्थित रहे।
उत्तर प्रदेश संयुक्त बी.एड. प्रवेश परीक्षा-2026 के टॉपर्स से उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, राज्यमंत्री रजनी तिवारी, कुलपतिगण तथा प्रमुख सचिव एवं सचिव द्वारा वीडियो कॉल पर वार्ता कर शुभकामनाएं दी और उनकी भविष्य की योजनाओं को जाना।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि परीक्षा में उत्तीर्ण होकर अभ्यर्थियों ने अपने भविष्य की दिशा तय की है। उन्होंने कहा कि माता-पिता के त्याग और गुरुओं के मार्गदर्शन से ही यह मुकाम हासिल हुआ है। 'गुरु देवो भव, मातृ देवो भव, पितृ देवो भव' की भावना के साथ हमें राष्ट्र के प्रति समर्पित रहना चाहिए। देशभक्ति केवल सैनिकों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। समाज ने जो जिम्मेदारी दी है, उसका ईमानदारी, परिश्रम और समर्पण से पालन करना ही सच्ची देशभक्ति है।
उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी को बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय ने टेक्नोलॉजी और एआई को जोड़कर अभेद्य सिस्टम से परीक्षा कराई। यह उदाहरण प्रस्तुत करता है कि परीक्षाएं कैसे शुचिता, पारदर्शिता और गोपनीयता के साथ कराई जाएं। योगी सरकार के आने के बाद लखनऊ, बरेली और अब झांसी विश्वविद्यालय ने बी.एड. परीक्षाएं कराकर शिक्षा के स्तर को सुधारा है। पहले नकल को बढ़ावा देने की बात होती थी, लेकिन अब टेक्नोलॉजी से जुड़कर परीक्षाएं नकलविहीन हो रही हैं।
उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि आज बी.एड. करने वाले छात्रों के लिए हर्ष का दिन है। उन्होंने सभी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आपका ज्ञान, अनुभव और समर्पण आपको अलग पहचान दिलाएगा। उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय और उसकी टीम को परीक्षा के सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
जिस दिन वोटर जाति धर्म और प्रचार के शोर से ऊपर उठकर कर अपने असली मुद्दों पर वोट देगा उस दिन सत्ता के सिंहासन हिल जाएंगे : सूरज प्रसाद चौबे

लखनऊ । आज स्थित यह है कि राजनीतिक दल समाज को एक जुट करने के बजाय विभिन्न जातीय समूहों को वोट बैंक के रूप में देखने लगे हैं परिणाम स्वरूप , व्यक्ति की योग्यता,क्षमता और राष्ट्रीय योगदान दे अधिक उसकी जातीय पहचान को महत्व दिया जा रहा है। यह प्रवृति सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता दोनों के लिए चुनौती है यह बाएं राष्ट्रीय सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद सिंह ने सवर्ण चिंतन विषय पर आयोजित संगोष्ठी में कही जिसका संचालन समाज सेवी सवर्ण आर्मी के जिला अध्यक्ष पंकज शुक्ला ने किया था राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि हम मानते है कि किसी भी समुदाय का सम्मान उसकी प्रशासनिक श्रेणी से नहीं है,बल्कि उसके इतिहार, संस्कृत,परिश्रम और राष्ट निर्माण में योगदान से निर्धारित होनी चाहिए चाहिए।

किसी भी वर्ग को स्थाई रूप से श्रेष्ठ पिछड़ा उत्पीड़क या पीड़ित घोषित करना समाज के दीर्घकालीन हित में नहीं है समय आ गया है कि भारत जाति आधारित राजनीतिक ध्रुवीकरण से ऊपर उठकर समान अवसर,समान सम्मान और समान उत्तरदायित्व के सिद्धांत पर आगे बड़े, राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा का उद्देश्य लक्ष्य किसी वर्ग का विरोध नहीं बल्कि ऐसी व्यवस्था का निर्माण है जो प्रत्येक नागरिक को उसकी योग्यता और परिश्रम के आधार पर आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करे तथा समाज में समरसता न्याय और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करें। भारती जनता पार्टी द्वारा बटुक पूजन को लेकर तीखा हमला करते हुए कहा कि एक तरफ बटुक पूजन कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ सवर्ण बच्चे को जन्म जाती शोषण करता अपराधी बना दे रहे हैं चाहे जो भी हो जात यूजीसी रेगुलेशन को वापस करा कर ही मानूँगा सवर्ण समाज अभी  कुंभ करड़ की नीद सो रहा है राजनीतिक दलों का दरी बिछाने और कुर्सी टेंट लगाने मे व्यस्त है आप सभी लोगों से कहना चाहूंगा कि राजनीतिक विकल्प मोर्चा आगामी चुनाव में उत्तर प्रदेश की 403 विधान सभा शीट पर अपना प्रत्यासी उतारेगा।
यूपी जल निगम कर्मचारियों का आंदोलन आज से, 7 जुलाई से आमरण अनशन की चेतावनी

-  वेतन, भर्ती और अन्य मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश जल निगम के कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान न होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
आंदोलन के पहले चरण के तहत 16 जून से प्रदेश के विभिन्न मंडल कार्यालयों पर धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। कर्मचारी संगठनों के अनुसार, 16 जून को प्रदेश के 9 मंडल मुख्यालयों तथा 17 जून को 9 क्षेत्रीय मुख्य अभियंता कार्यालयों पर प्रदर्शन कर सरकार और विभाग का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित किया जाएगा।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में बकाया वेतन का भुगतान, रिक्त पदों पर भर्ती, सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान तथा निगम कर्मियों के हितों से जुड़े अन्य मुद्दे शामिल हैं।
कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि पहले चरण के आंदोलन के बाद भी उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो दूसरे चरण के तहत 23 जून से लखनऊ स्थित जल निगम मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि इसके बावजूद भी शासन स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं हुई, तो 7 जुलाई से कर्मचारी आमरण अनशन पर बैठेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और विभागीय प्रशासन की होगी।
जल निगम कर्मचारियों के इस आंदोलन से प्रदेश में पेयजल और जलापूर्ति परियोजनाओं से जुड़े कार्य प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है।
लखनऊ में श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य शिविर, योजनाओं की दी गई जानकारी

-  ‘12 साल विश्वास के, विकास के, जन-कल्याण के’ अभियान के तहत आयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम


लखनऊ। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर चलाए जा रहे ‘12 साल विश्वास के, विकास के, जन-कल्याण के’ अभियान के तहत सोमवार को लखनऊ के नादरगंज स्थित आर्यन चैरिटेबल ट्रस्ट परिसर में श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य शिविर एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर श्रमायुक्त, लखनऊ ने की।
कार्यक्रम में श्रमिकों और उनके परिवारजनों के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया, जिसमें 40 वर्ष से अधिक आयु के श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परामर्श देने के साथ-साथ निःशुल्क दवाओं का भी वितरण किया।
शिविर में उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष स्टॉल लगाए गए। साथ ही माल, मोहनलालगंज और काकोरी ब्लॉकों में भी कैंप आयोजित कर श्रमिकों के पंजीयन, नवीनीकरण एवं विभिन्न योजनाओं में आवेदन की प्रक्रिया पूरी कराई गई।
श्रमिकों को ई-श्रम पोर्टल, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (पीएम-एसवाईएम), कौशल विकास, तकनीकी उन्नयन एवं प्रमाणन योजना (आरपीएल) सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। इसके अलावा कारखाना प्रभाग के अधिकारियों ने व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता-2020 के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया।
अपर श्रमायुक्त कल्पना श्रीवास्तव ने बताया कि अभियान का उद्देश्य केंद्र सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं को पात्र श्रमिकों तक पहुंचाना तथा उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए ऐसे कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में श्रम प्रवर्तन अधिकारी यादवेंद्र सिंह एवं पंकज कुमार शुक्ला सहित विभागीय अधिकारियों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
श्रम विभाग ने श्रमिकों से अपील की है कि वे योजनाओं की अधिक जानकारी के लिए अपर श्रमायुक्त कार्यालय, ए.पी. सेन रोड, लखनऊ अथवा टोल फ्री नंबर 1800-180-5412 पर संपर्क कर सकते हैं।
लखनऊ: संदीप सिंह हत्याकांड में STF को बड़ी सफलता, ₹1 लाख का इनामी आरोपी गिरफ्तार


लखनऊ। राजधानी के चर्चित प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह हत्याकांड में उत्तर प्रदेश एसटीएफ को बड़ी कामयाबी मिली है। एसटीएफ ने मामले में फरार चल रहे एक लाख रुपये के इनामी आरोपी गंगाराम यादव को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, एसटीएफ ने आरोपी को देर रात आलमबाग बस स्टेशन के पास से दबोचा। गिरफ्तार आरोपी अम्बेडकरनगर का निवासी है और हत्या की साजिश में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई है।
गौरतलब है कि 27 मई 2026 को पीजीआई क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस संबंध में थाना पीजीआई में मुकदमा संख्या 291/2026 दर्ज किया गया था। घटना के बाद से पुलिस और एसटीएफ लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी।
जांच के दौरान एसटीएफ पहले ही मामले के मुख्य साजिशकर्ता समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पूछताछ में गंगाराम यादव ने शूटरों की व्यवस्था कराने में अपनी भूमिका स्वीकार की है। उसने बताया कि उसने दिनेश कुमार यादव और उसके चालक मुकर्रबीन उर्फ मुबीन के कहने पर आरोपियों की मदद की थी।
एसटीएफ ने गिरफ्तार आरोपी को आगे की विधिक कार्रवाई के लिए पीजीआई पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस अब मामले में अन्य संभावित आरोपियों और साजिश के बाकी पहलुओं की जांच कर रही है।
मानसून से पहले जलनिकासी और बिजली व्यवस्था दुरुस्त करें, लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त: एके शर्मा
-  वाराणसी में नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश


वाराणसी/लखनऊ। प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने सोमवार को वाराणसी स्थित सर्किट हाउस सभागार में नगर विकास और ऊर्जा विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक में अधिकारियों को जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों में तेजी लाने तथा जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मानसून से पहले जलनिकासी, सफाई और विद्युत व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त कर लिया जाए, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
नगर विकास विभाग की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि बरसात के दौरान जलभराव की स्थिति किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं होगी। सभी नगर निकाय नालों और नालियों की समयबद्ध सफाई सुनिश्चित करें तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखें। उन्होंने सड़क किनारे और डिवाइडरों के आसपास फैली गंदगी हटाकर पौधरोपण एवं सौंदर्यीकरण अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता, हरियाली और बेहतर शहरी आधारभूत सुविधाएं किसी भी शहर की पहचान होती हैं। नगर निकाय नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए पूरी गंभीरता से कार्य करें। साथ ही निर्माणाधीन विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान ए.के. शर्मा ने निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि, खराब ट्रांसफार्मरों के त्वरित प्रतिस्थापन और विद्युत वितरण तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि गर्मी और मानसून के मौसम में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को विशेष रूप से सुदृढ़ रखा जाए। संभावित तकनीकी समस्याओं का पूर्व आकलन कर उनका समय रहते समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने 1912 हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण और नियमित समीक्षा के निर्देश देते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग की सेवाएं सीधे आम जनता के जीवन से जुड़ी हैं, इसलिए सभी अधिकारी संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करें। जनहित से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शंभू कुमार सहित नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
आस्था और पर्यटन से विकास को नई गति: यूपी में तेज़ी से आगे बढ़ रहीं धार्मिक एवं सांस्कृतिक परियोजनाएँ

-  पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया - आगरा में छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय का 76% निर्माण पूरा, गोरखनाथ मंदिर में पर्यटक सुविधाओं के कार्य भी अंतिम चरण में


लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन स्थलों के विकास के माध्यम से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। इसी क्रम में जनपद आगरा में निर्माणाधीन छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय का लगभग 76 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि लखनऊ के ऐशबाग स्थित रामलीला मैदान के सौंदर्यीकरण का कार्य 98 प्रतिशत पूर्ण हो गया है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सोमवार को बताया कि उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम द्वारा संचालित विभिन्न पर्यटन एवं सांस्कृतिक परियोजनाओं में तेजी से प्रगति हो रही है। आगरा में लगभग 197 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय के लिए अब तक 144 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं और निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के अनुरूप आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि लखनऊ के ऐतिहासिक रामलीला मैदान के सौंदर्यीकरण हेतु स्वीकृत परियोजना का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है तथा शेष कार्य भी शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि वाराणसी के सारनाथ स्थित धमेक स्तूप पर अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड शो विकसित करने की योजना पर भी कार्य चल रहा है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से अनुमति प्राप्त होते ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए आरसीसी ट्रिमिक्स रोड, बाउंड्री वॉल, ड्रेनेज, लैंडस्केपिंग, साइनेज और टूरिस्ट सिक्योरिटी रोड सहित विभिन्न विकास कार्यों की लगभग 70 प्रतिशत प्रगति हो चुकी है। इसके अतिरिक्त मंदिर परिसर में टीएफसी भवन की छत पर यात्री निवास निर्माण की परियोजना भी शुरू कर दी गई है।
महोबा स्थित गोरखनाथ तपोस्थली में स्थापित होने वाली विशाल प्रतिमा के लिए पैडस्टल निर्माण कार्य जारी है। यहां 26 फीट ऊंचे नंदी की स्थापना भी प्रस्तावित है। वहीं बागपत के पुरा महादेव मंदिर के पर्यटन विकास से संबंधित परियोजना पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।
जयवीर सिंह ने बताया कि 31 मार्च 2026 तक प्रदेश के अधिकांश जनपदों में पर्यटन विकास एवं सांस्कृतिक विरासत संरक्षण से जुड़ी परियोजनाओं को स्वीकृति देकर प्रथम किश्त जारी की जा चुकी है। सभी कार्यदायी संस्थाओं को समयबद्धता और गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार "आस्था के साथ अर्थव्यवस्था" को जोड़ते हुए पर्यटन, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्नाव में पुलिस मुठभेड़ में एक लाख का इनामी बदमाश ढेर, हत्या का था आरोपी

- पुलिस पर की फायरिंग, एक उपनिरीक्षक की जैकेट पर लगी गोली और एसओजी सिपाही घायल; मौके से तमंचा व चाकू बरामद

उन्नाव। उन्नाव जिले के बांगरमऊ थाना क्षेत्र में सोमवार तड़के पुलिस और एसओजी टीम की संयुक्त कार्रवाई में एक लाख रुपये का इनामी बदमाश पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। मृतक की पहचान इसराइल उर्फ इजराइल पुत्र शकूर, निवासी पूर्विया टोला, बांगरमऊ के रूप में हुई है। वह हाल ही में हुए चर्चित बाबा मिलनदास हत्याकांड में वांछित था।

पुलिस के अनुसार तड़के करीब 3:40 बजे थाना बांगरमऊ पुलिस और एसओजी टीम आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की हवाई पट्टी सर्विस रोड पर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक लाख रुपये का इनामी अपराधी इसराइल उर्फ इजराइल ग्राम ताजपुर अंडरपास के पास अपने साथी का इंतजार कर रहा है।

सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग के दौरान एक गोली उपनिरीक्षक न्यूटन कुमार सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जबकि एसओजी के आरक्षी विकास भदौरिया के हाथ में गोली लगने से वह घायल हो गए। पुलिस के अनुसार आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में इसराइल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांगरमऊ ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतक बदमाश के खिलाफ थाना बांगरमऊ में दर्ज बाबा मिलनदास हत्याकांड में मुकदमा संख्या 168/2026 के तहत मामला दर्ज था। उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। घटनास्थल से पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त बताए जा रहे एक चाकू, एक तमंचा 315 बोर तथा दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और अन्य वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं घायल पुलिसकर्मी का उपचार कराया जा रहा है।