आईटीआई में शून्य ड्रॉपआउट और 100% प्रवेश का लक्ष्य, मंत्री कपिल देव अग्रवाल के सख्त निर्देश
-  वाराणसी में विभागीय समीक्षा बैठक, प्रशिक्षण गुणवत्ता सुधार और पीपीपी मॉडल के आईटीआई में नियमित प्रशिक्षण शुरू कराने पर जोर

वाराणसी/लखनऊ। प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में शून्य ड्रॉपआउट और 100 प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संस्थानों को प्रशिक्षार्थियों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने पर भी विशेष ध्यान देना होगा।
सर्किट हाउस, वाराणसी में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने सभी प्रधानाचार्यों को प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों की नियमित काउंसलिंग कराने तथा उनके अभिभावकों से लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आईटीआई ड्रॉपआउट दर को शून्य करने के लक्ष्य के साथ कार्य करे।
बैठक में वाराणसी मंडल के प्रशिक्षण एवं शिक्षुता कार्यक्रमों, कौशल विकास योजनाओं तथा संस्थानों की प्रगति की समीक्षा की गई। मंत्री ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, संस्थानों के संचालन और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया।पीपीपी मॉडल के अंतर्गत संचालित राजकीय आईटीआई पिंडरा (वाराणसी) और आईटीआई बदलापुर (जौनपुर) की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक संसाधन, मशीनें और कार्मिक उपलब्ध कराकर शैक्षणिक सत्र 2026-27 से नियमित प्रशिक्षण शुरू कराने के निर्देश दिए। साथ ही भारत सरकार से स्थायी संबंधन और एनसीवीटी मान्यता प्राप्त करने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा।
कौशल विकास मिशन के तहत संचालित प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मंत्री ने अधिकारियों को प्रत्येक सप्ताह निरीक्षण करने और प्रशिक्षार्थियों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मंडल के प्रत्येक जिले में संचालित निजी आईटीआई में से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 10 संस्थानों का चयन कर उन्हें प्रोत्साहित करने की कार्ययोजना तैयार करने को भी कहा।
मंत्री ने सभी प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया कि आईटीआई में संचालित विभिन्न व्यवसायों और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि आगामी प्रशिक्षण सत्र 2026-27 में सभी सीटों पर प्रवेश सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा प्रदेश के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का मजबूत माध्यम है। इसलिए प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता और परिणामों में निरंतर सुधार प्राथमिकता होनी चाहिए।
जनपद रामपुर एवं सीतापुर के किसानों के लिए 15 जून से ऐप आधारित उर्वरक वितरण व्यवस्था लागू
-  'फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल' ऐप के माध्यम से पूर्व बुकिंग पर ही मिलेगा यूरिया, डीएपी और एनपीके

-  किरायेदार व बटाईदार किसानों को भी मिलेगा लाभ, घर बैठे होगी निकटतम उर्वरक विक्रेता की खोज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कृषि विभाग द्वारा जनपद रामपुर एवं सीतापुर के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना दी गई है। इन दोनों जनपदों में आगामी 15 जून, 2026 से यूरिया, डीएपी एवं एनपीके उर्वरकों का वितरण पूरी तरह से "फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल" ऐप के माध्यम से पूर्व बुकिंग के आधार पर किया जाएगा। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य 'हर किसान को सही उर्वरक का अधिकार' दिलाना है ताकि कोई भी किसान उर्वरक से वंचित न रहे। किसानों को उर्वरक प्राप्त करने के लिए सबसे पहले इस ऐप पर बुकिंग करनी होगी, जिसके बाद वे निर्धारित विक्रेता से अपनी खाद प्राप्त कर सकेंगे। इस ऐप के माध्यम से किसानों को समय पर और सुनिश्चित उर्वरक की उपलब्धता होगी, निकटतम विक्रेता की खोज आसान होगी और उनके समय व श्रम की भी बचत होगी। यह पूरी व्यवस्था क्यूआर कोड और टोकन आधारित होगी, जो पूरी तरह से पारदर्शी, सरल और सुगम है। इस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इससे किरायेदार एवं बटाईदार किसानों को भी उर्वरक का पूरा लाभ मिल सकेगा और खाद का न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित होगा।
इस व्यवस्था का लाभ उठाने के लिए किसानों को अपने एंड्रॉयड मोबाइल फोन के प्ले स्टोर से "फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल" ऐप डाउनलोड करना होगा। ऐप के भीतर बुकिंग की प्रक्रिया को 4 सरल चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में किसानों को "ऐड लैंड एंड क्रॉप डिटेल्स" विकल्प में जाकर अपनी भूमि और फसल का पूरा विवरण दर्ज करना होगा। दूसरे चरण में उन्हें आवश्यक उर्वरक जैसे यूरिया, डीएपी या एनपीके और उसकी मात्रा का चयन करना होगा। तीसरे चरण में ऐप पर संबंधित क्षेत्र के उपलब्ध उर्वरक विक्रेताओं की सूची दिखाई देगी, जिसमें से किसान अपनी सुविधा के अनुसार निकटतम विक्रेता को चुन सकते हैं। चौथे व अंतिम चरण में बुकिंग पूरी होते ही एक क्यूआर कोड या टोकन जनरेट हो जाएगा। किसान इस क्यूआर कोड या टोकन को विक्रेता को दिखाकर आसानी से अपना उर्वरक प्राप्त कर सकते हैं।
इस व्यवस्था के अंतर्गत आवेदन के लिए 3 श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। प्रथम स्तर में आईडी धारक किसान शामिल हैं, जो अपनी किसान आईडी और आधार सत्यापन के माध्यम से आवेदन करेंगे। द्वितीय स्तर में आईडी विहीन किसान अपनी भूमि का विवरण दर्ज करके आवेदन कर सकते हैं। तृतीय स्तर में किरायेदार एवं बटाईदार किसानों को रखा गया है, जिनके लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं ताकि वे भी निर्धारित प्रक्रिया का पालन कर आसानी से उर्वरक बुक कर सकें। सरकार ने किसानों की सहूलियत के लिए प्रतिनिधि द्वारा भी उर्वरक प्राप्ति की सुविधा दी है। यदि कोई किसान स्वयं उपस्थित होने में असमर्थ है, तो वह अपने परिवार के किसी सदस्य या अन्य अधिकृत व्यक्ति को आधार संख्या अथवा ओटीपी के माध्यम से अधिकृत कर सकता है और वह प्रतिनिधि किसान की ओर से उर्वरक प्राप्त कर सकेगा। किसान उर्वरक प्राप्त करने के लिए क्यूआर कोड स्कैन करने, टोकन संख्या प्रस्तुत करने, आधार आधारित ओटीपी प्रमाणीकरण या अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से खाद लेने के विकल्पों में से किसी 1 का चयन कर सकते हैं।
इस पूरी व्यवस्था के सुचारू संचालन और किसी भी प्रकार की तकनीकी या संचालन संबंधी समस्या के समाधान के लिए हेल्पडेस्क नंबर भी जारी किए गए हैं। किसान राष्ट्रीय हेल्पडेस्क के नंबरों 011-24014775 और 011-24014774 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा जिला स्तर पर सहायता के लिए जिला कृषि अधिकारी सीतापुर (+91 94522 06241) तथा जिला कृषि अधिकारी रामपुर (+91 94568 84920) से भी संपर्क किया जा सकता है। कृषि विभाग द्वारा सभी किसानों से अपील की गई है कि वे उर्वरक वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुगम और किसान हितैषी बनाने के लिए इस ऐप का बढ़-चढ़कर उपयोग करें।
विश्व रक्तदाता दिवस पर लखनऊ पुलिस मित्र परिवार का रक्तदान महायज्ञ सम्पन्न
लखनऊ, 14 जून 2026। विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर लखनऊ पुलिस मित्र परिवार द्वारा डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ में विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर एवं रक्तदान महायज्ञ का आयोजन किया गया। शिविर का आयोजन टीम के संरक्षक श्री कवीन्द्र प्रताप सिंह, आईपीएस (रिटायर्ड) तथा संयोजक श्री जितेन्द्र सिंह के निर्देशन में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री एन.पी. ओझा प्रधान न्यायाधीश फैमिली कोर्ट ललित पुर एवं आर एम एल के डायरेक्टर श्री डॉ सी एम सिंह ने रिबन काटकर तथा रक्तदाताओं द्वारा राष्ट्रगान और रक्तदान गीत गाकर  रक्तदान महायज्ञ का शुभारम्भ किया।
अतिथिगण द्वारा अपने उद्बोधन में रक्तदान को मानवता की सर्वोच्च सेवा बताते हुए सभी स्वस्थ नागरिकों से नियमित रक्तदान का आह्वान किया।
शिविर में 57 से अधिक रक्तवीरों एवं रक्तवीरांगनाओं ने रक्तदान किया, जबकि लगभग 12 इच्छुक रक्तदाता चिकित्सकीय कारणों से रक्तदान नहीं कर सके।
इस अवसर पर ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. सुब्रत चंद्रा ने रक्तदाताओं की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर अनेक मरीजों के जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर "समर्पित रक्तदाता सम्मान" से रक्तवीरंगना श्रीमती सुधा टंडन, श्रीमती नूतन वर्मा, श्रीमती रुचि मिश्रा एवं शैल वर्मा को सम्मानित किया गया।   जीवन का पहला रक्तदान करने वाले रक्तदाताओं को भी सम्मानित किया गया।
शिविर के सफल आयोजन में टीम मार्गदर्शक/संस्थापक श्री जितेन्द्र सिंह एवं श्रीमती सरिता सिंह, वरिष्ठ फाउंडर मेंबर एवं सिविल डिफेंस सेक्टर वार्डन सुश्री ज्योति खरे, फाउंडर मेंबर श्रीमती नूतन वर्मा, श्री अजहर सिद्दीकी, श्री पवन सिंह, वरिष्ठ फाउंडर मेंबर श्री सत्यम पाण्डेय (डायरेक्टर प्रचार जंक्शन), कवि श्री कुलदीप कलस, श्री राम प्रताप यादव, निर्मल एजुकेशन वेलफेयर सोसायटी की उपाध्यक्ष एडवोकेट ऋचा मिश्रा, वरिष्ठ मैनेजर (BOB) श्री बी.के. सिन्हा, SDRF ट्रेनर श्री प्रशांत तिवारी ,श्री प्रशांत बाजपेई, श्री आशीष सिंह, श्री चंद्रशेखर सिंह, श्री अरुण कुमार गुप्ता,श्री सपनेश शुक्ला, श्री मती दीप्ती शर्मा, श्री राम मिलन यादव, श्री राहुल सिंह, श्री मती संगीता  जी, डॉ. राम मनोहर लोहिया संस्थान की शिखा जी एवं शोभित चंद्रा जी सहित अनेक समाजसेवियों, मीडिया बंधुओं एवं स्वयंसेवकों का विशेष सहयोग रहा।
इस अवसर पर उप नि0श्री संजय सिंह, hc जीतेन्द्र कुमार यादव, उप नि 0राहुल नयन, उप नि 0योगेश सिंह, डॉ सुनील वर्मा, hc अरविन्द कुशवाहा,का 0सतेन्द्र सिंह अतुल सिंह, श्री मती सुधा टंडन सहित बहुत सारे रक्तवीरों ने रक्तदान कर रक्तदान महायज्ञ को सफल बनाया..... लखनऊ पुलिस मित्र परिवार द्वारा सभी देवतुल्य रक्तदानियों का हृदय से आभार व्यक्त किया गया।
महिला किसानों के सशक्तिकरण को बढ़ावा, 4.95 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत
-  अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग की महिलाओं को मिलेगा कौशल विकास, आधुनिक कृषि तकनीक और आर्थिक सहायता का लाभ

लखनऊ। प्रदेश की महिला किसानों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना (एमकेएसपी) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 4 करोड़ 95 लाख 83 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत की है।
यह परियोजना ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार की दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका को मजबूत करते हुए उन्हें सशक्त किसान और सफल उद्यमी के रूप में विकसित करना है।
स्वीकृत धनराशि का लाभ विशेष रूप से अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग की महिला किसानों को मिलेगा। परियोजना के तहत उन्हें कौशल विकास प्रशिक्षण, आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी, वित्तीय सहायता, आजीविका संवर्धन और बाजार से जुड़ने के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार द्वारा जारी 2 करोड़ 97 लाख 50 हजार रुपये के केंद्रीय अंश तथा 1 करोड़ 98 लाख 33 हजार रुपये के राज्यांश सहित कुल 4 करोड़ 95 लाख 83 हजार रुपये की मंजूरी दी गई है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें बेहतर आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि महिला किसानों की आर्थिक मजबूती से परिवार, गांव और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई शक्ति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना महिलाओं को केवल कृषि श्रमिक के रूप में नहीं, बल्कि निर्णय लेने वाली सशक्त किसान और उद्यमी के रूप में स्थापित करने का माध्यम बनेगी। इससे महिला-प्रधान परिवारों और संसाधन-विहीन वर्ग की महिलाओं की आय बढ़ाने तथा उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाने में मदद मिलेगी।
प्रदेश सरकार का मानना है कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की कृषि गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाने, खेती को अधिक लाभकारी बनाने और उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
निपुण भारत मिशन को मिलेगी नई गति, 58 जिलों के 232 मास्टर ट्रेनरों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
-  22 जून से 10 जुलाई तक लखनऊ में तीन चरणों में होगा आवासीय प्रशिक्षण

-  हजारों शिक्षकों तक पहुंचेगी एफएलएन और एनसीईआरटी आधारित शिक्षण पद्धति

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बुनियादी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए निपुण भारत मिशन को नई धार देने जा रही है। इसके तहत प्रदेश के 58 जनपदों से चयनित 232 शैक्षणिक संदर्भदाताओं को राज्य स्तरीय आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह प्रशिक्षण फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (एफएलएन) तथा एनसीईआरटी आधारित शिक्षण व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान (एसआईएचएफडब्ल्यू), इंदिरा नगर, लखनऊ में 22 जून से 10 जुलाई तक तीन चरणों में आयोजित होने वाले इस प्रशिक्षण में प्रत्येक जनपद से चार-चार संदर्भदाता शामिल होंगे। इनमें दो एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) और दो डायट मेंटर होंगे। प्रशिक्षित संदर्भदाता आगे ब्लॉक स्तर पर हजारों शिक्षकों एवं शिक्षा मित्रों को प्रशिक्षित कर निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को विद्यालयों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाएंगे।

बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य केवल विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि कक्षा-कक्ष में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करना भी है। इसी उद्देश्य से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रस्तावित शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम को प्रभावी बनाने हेतु जिला स्तरीय संदर्भदाताओं का राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कराया जा रहा है।
प्रशिक्षण का पहला चरण 22 से 26 जून, दूसरा चरण 29 जून से 3 जुलाई और तीसरा चरण 6 से 10 जुलाई तक आयोजित होगा। प्रशिक्षण में हिंदी, गणित और अंग्रेजी विषयों के विशेषज्ञों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि शिक्षकों को विषयगत और व्यवहारिक दोनों स्तरों पर बेहतर मार्गदर्शन मिल सके।
राज्य स्तर पर प्रशिक्षित यह टीम आगे मास्टर ट्रेनर के रूप में कार्य करेगी और एफएलएन आधारित शिक्षण पद्धति, एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों की अवधारणाओं तथा निपुण लक्ष्यों को शिक्षकों तक पहुंचाने का कार्य करेगी। इससे प्रदेशभर में शिक्षण की गुणवत्ता और एकरूपता को बढ़ावा मिलेगा।
गौरतलब है कि निपुण भारत मिशन का उद्देश्य प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों में आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान को मजबूत बनाना है। योगी सरकार शिक्षक प्रशिक्षण, अकादमिक अनुश्रवण, निपुण मूल्यांकन और गतिविधि आधारित शिक्षण को लगातार बढ़ावा दे रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों में सुधार और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
समाधि पर फूल चढ़ाने से अच्छा है संघर्ष के दिनों में साथ दो: सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष

लखनऊ। सवर्ण तुम्हारा सवाल अब बंद होना चाहिए कि सवर्ण समाज के लिए विकल्प क्या है राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा तुम्हारे सिर्फ विकल्प नहीं बल्कि तुम्हारे हर मुश्किलो का समाधान है मोर्चा का मानना है कि प्रत्येक नागरिक समान सम्मान और अवसर का अधिकारी है। किसी व्यक्ति के साथ केवल उसकी जाति धर्म या जन्मगत पहचान के आधार पर भेद भाव किया जाना सामाजिक समरसता मानव गरिमा और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के प्रतिकूल है इसलिए मोर्चा ऐसी नीतियों और व्यवस्थाओं की समीक्षा का पक्षधर है जो समाज में विभाजन वैमनस्व या असमानता को बढ़ावा देती है राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा सभी नागरिकों के लिए गुणवत्तापूर्ण ,शिक्षा प्रभावी एवं किफायती स्वास्थ्य सेवाएं रोजगार के समान अवसर सुशासन , पारदर्शी,सामाजिक समरसता तथा राष्ट्र हित सर्वोपरि रखने वाली नीतियों का निर्माण शामिल है ।

यह बाते सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने सवर्ण समाज के लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरज प्रसाद चौबे ने कहा कि सवर्ण आर्मी भारत का पूरा समर्थन सहयोग राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा के साथ है सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय संरक्षक एडवोकेट अनिल मिश्रा पूरे देश में जन जागरण संगोष्ठी कर रहे हैं सभी सवर्ण समाज के लोगों को साथ आना चाहिए लेकिन इतनी निष्क्रियता समाज में है कि राजनीतिक दलों के दलों के बताओ का चरण बंदन कर रहे हैं मै कहना चाहता हु कि समाधि पर फूल चढ़ाने से अच्छा है संघर्ष के दिनों में साथ दो कब तक चुप बैठे रहोगे अपनी बारी का इंतजार कर रहे हो झूठे एससीएसटी एक्ट में जेल जा रहे हैं,बच्चे उच्च शिक्षा से बंचित हो उसके लिए UGC लाया गया क्या पहले से एससीएसटी एक्ट कम था आज सवर्ण के बच्चे बेरोजगार घूम रहे हैं,बहुत से सवर्ण बच्चे मेधावी है धनाभाव के कारण उच्च शिक्षा से बंचित हो रहे है,इस देश की राजनीति इतनी चालाक है कि वह जनता को धर्म,जाती और नारे में उलझा के रखा ताकि कोई यह सवाल न पूछ सके।
बेटियों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं, दोषियों पर होगी कार्रवाई : सीएम योगी

आजमगढ़ में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था, राम मंदिर, विकास और ऊर्जा सुरक्षा पर गिनाईं सरकार की उपलब्धियां

आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी बेटी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हाल ही में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी आदिति यादव के संबंध में सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने तत्काल पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की गरिमा और सम्मान की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है तथा इस प्रकार की टिप्पणियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि सदियों के संघर्ष के बाद यह सपना साकार हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और डबल इंजन सरकार के प्रयासों से अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण संभव हो सका।

मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को आगे नहीं बढ़ाया। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ में होम्योपैथिक कॉलेज की स्वीकृति के बाद भी समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान कार्य प्रभावित हुआ, लेकिन वर्ष 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद परियोजना को गति मिली और आज यहां आयुष क्षेत्र के डॉक्टर तैयार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था, विकास परियोजनाओं और निवेश के अनुकूल माहौल के कारण नए अवसर पैदा हुए हैं।

अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष और अनिश्चितता का माहौल है, लेकिन भारत ने ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने सीएनजी और एथेनॉल उत्पादन को इसका उदाहरण बताते हुए कहा कि इन प्रयासों से देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है।

गोरखपुर में योगी ने कहा, नया भारत विकास, सुरक्षा और गरीब कल्याण का प्रतीक



मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर संकट और संघर्ष की स्थिति के बावजूद भारत मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में तनाव का माहौल है, लेकिन भारत ने ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दुनिया संकट के दौर से गुजर रही है, लेकिन भारत में सीएनजी और एथेनॉल जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विस्तार के कारण आर्थिक गतिविधियां प्रभावित नहीं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में किए गए सुधारों का लाभ देश को मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका जैसे ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर देश को भी महंगाई की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, जबकि भारत में महंगाई नियंत्रित रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि नया भारत गरीब कल्याण, विकास और सुरक्षा के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत किया गया है और अपराध व माफिया तंत्र के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि बेहतर सुरक्षा वातावरण और विकासोन्मुखी नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है।

ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को उद्यमी बनाने की दिशा में बड़ा कदम

- उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्टार्ट-अप ग्राम विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम के लिए 10 करोड़ रुपये की धनराशि की स्वीकृति प्रदान की

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए स्टार्ट-अप ग्राम विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम (एसवीईपी) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 10 करोड़ रुपये की धनराशि की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य गांवों को आत्मनिर्भर बनाना और ग्रामीण युवाओं, महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूहों से जुड़े लोगों को उद्यमिता के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। एसवीईपी योजना ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे उद्यमों को बढ़ावा देने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा कि  डबल इन्जन सरकार गांव, गरीब, किसान और महिलाओं के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें स्वावलंबी बनाने का अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है।
स्टार्ट-अप ग्राम विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) का एक महत्वपूर्ण घटक है। इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण उद्यमों को पूंजी, प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग एवं आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यम स्थापित करने और संचालित करने में सहायता मिलती है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी केन्द्रांश मदर सैंक्शन के तहत 600 लाख रुपये तथा इसके सापेक्ष राज्यांश के रूप में 400 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इस प्रकार एसवीईपी योजना के अंतर्गत कुल 1000 लाख रुपये (10 करोड़ रुपये मात्र) की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
एसवीईपी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में नए उद्यमों को प्रोत्साहन मिलेगा, युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे तथा महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूहों की आर्थिक भागीदारी और अधिक मजबूत होगी। यह कार्यक्रम प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने और आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण में सहायक सिद्ध होगा।
यूपी सरकार ने लॉन्च किया ‘डिजिटल लेबर चौक’ ऐप

- 10 करोड़ से अधिक श्रमिकों को मिलेगा रोजगार का डिजिटल मंच
- विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर श्रम एवं सेवायोजन विभाग की पहल
- श्रमिकों और नियोजकों को एक मंच पर जोड़ेगा डिजिटल प्लेटफॉर्म

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रमिकों के आर्थिक सशक्तिकरण, रोजगार संवर्धन और डिजिटल सुशासन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ‘डिजिटल लेबर चौक (डीएलसी)’ मोबाइल एप्लीकेशन लॉन्च किया है। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर 12 जून को श्रम एवं सेवायोजन विभाग द्वारा इस अभिनव डिजिटल प्लेटफॉर्म को जनता के लिए समर्पित किया गया।
उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (UPBOCW) द्वारा विकसित यह ऐप श्रमिकों और नियोजकों को एक ही मंच पर लाकर रोजगार के अवसरों को बढ़ाने तथा श्रम बाजार को अधिक संगठित, पारदर्शी और सुलभ बनाने में मदद करेगा।
इस प्लेटफॉर्म पर श्रमिक मोबाइल नंबर के माध्यम से पंजीकरण कर अपनी प्रोफाइल बना सकेंगे। वे अपने कौशल, व्यवसाय, कार्य अनुभव और पसंदीदा कार्यस्थल सहित अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज कर सकेंगे। वहीं नियोजक भी पंजीकरण कर श्रमिकों की आवश्यकता, कार्य का प्रकार और कार्यस्थल संबंधी जानकारी साझा कर सकेंगे।
ऐप में उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर श्रमिकों और नियोजकों की डिजिटल मैचिंग की जाएगी। इससे श्रमिकों को उनकी योग्यता और कौशल के अनुरूप रोजगार मिलेगा, जबकि नियोजकों को जरूरत के अनुसार उपयुक्त एवं प्रशिक्षित श्रमिक आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।
प्रदेश में वर्तमान में ई-श्रम पोर्टल पर लगभग 8.40 करोड़ श्रमिक तथा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में करीब 1.93 करोड़ निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं। इस प्रकार 10 करोड़ से अधिक श्रमिक इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो सकेंगे।
श्रम एवं सेवायोजन विभाग के अनुसार, डिजिटल लेबर चौक ऐप श्रमिकों और रोजगारदाताओं के बीच की दूरी कम करते हुए रोजगार उपलब्धता को आसान और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।
जनशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने की प्रवासी फाउंडेशन के कार्य योजना की सराहना

लखनऊ। पूर्वांचल में रोजगार के बेहतर संसाधन मुहैया कराने और महानगरों की ओर हो रहे पलायन को रोकने के लिए स्थापित प्रवासी फाउंडेशन की कार्य योजना से उत्तर प्रदेश सरकार को अवगत कराने के क्रम में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को सविस्तार जानकारी दी गई।
राजधानी स्थित कैबिनेट मंत्री के आवास पर प्रवासी फाउंडेशन की ओर से अभिज्ञान और पवन उपाध्याय ने सरकार द्वारा मिले सहयोग के लिए उन्हें आभार पत्र भेंट किया।

इस दौरान अभिज्ञान उपाध्याय द्वारा जलशक्ति मंत्री को मुंगरा बादशाहपुर में संपन्न प्रवासी सम्मेलन और उसके बाद की योजनाओं की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि आगामी समय में रोजगार मेले का आयोजन जगह-जगह किया जायेगा और युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने की योजना है। इस पर स्वतंत्र देव सिंह ने कहा, उनकी सरकार पूर्वांचल को औद्योगिक रूप से समृद्ध करने की योजना को निरंतर आगे बढ़ा रही है। वो दिन दूर नहीं, जब स्थानीय युवाओं को कहीं भी बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उन्हें अपने जिले में ही रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।

जलशक्ति मंत्री ने अभिज्ञान उपाध्याय से कहा कि प्रवासी फाउंडेशन युवाओं को स्वरोजगार के प्रति जिस तरह से जागरूक कर रहा है, यह सराहनीय प्रयास है। इस कार्य में प्रवासी फाउंडेशन को यथा संभव सहयोग किया जायेगा।