जनपद की आठ ग्राम पंचायत बाल श्रम घोषित, ग्राम प्रधान होंगे सम्मानित
फर्रुखाबाद l जनपद को वर्ष 2027 में बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में तेज़ी से कार्यवाही
8 ग्राम पंचायतें बाल श्रम मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया पूर्ण, 167 बच्चों को कराया गया मुक्त
उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा लिए गए संकल्प "बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश" के अंतर्गत वर्ष 2027 तक प्रदेश को बाल श्रम मुक्त घोषित किए जाने के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु जनपद फर्रुखाबाद में व्यापक स्तर पर कार्यवाही की जा रही है। जनपद के विकास खण्ड बढ़पुर की 05 और विकास खण्ड शमशाबाद की 03 ग्राम पंचायतों को बाल श्रम मुक्त घोषित किए जाने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है।
सहायक श्रमायुक्त द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त कार्य को अंतिम रूप देने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी के नेतृत्व में विभिन्न विभागीय टीमों का गठन किया गया। गठित टीमों द्वारा संबंधित ग्राम पंचायतों में ग्राम बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों की बैठकें आयोजित कर प्रस्ताव पारित कराए गए तथा विकास खण्ड स्तर पर ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों से भी अनुमोदन प्राप्त किया गया। तत्पश्चात जिला स्तर पर इन प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही आगामी एक वर्ष तक इन ग्राम पंचायतों की सतत निगरानी एवं अनुश्रवण भी किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण अभियान में शिक्षा, पंचायत राज, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों का सक्रिय सहयोग लिया जा रहा है। जनपद की अन्य ग्राम पंचायतों को भी चरणबद्ध तरीके से बाल श्रम मुक्त बनाने की कार्यवाही निरंतर जारी है।
बाल श्रम उन्मूलन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने हेतु श्रम विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, नगर पालिका परिषद फर्रुखाबाद के वार्ड सदस्यों के साथ बाल श्रम उन्मूलन विषयक गोष्ठी आयोजित की गई। उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया तथा उनके माध्यम से व्यापारिक प्रतिष्ठानों के स्वामियों से बाल श्रम न कराने की अपील की गई। विधायक भोजपुर नागेन्द्र राठौर ने क्षेत्रवासियों एवं व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों को श्रम में लगाने के स्थान पर शिक्षा से जोड़ें तथा उन्हें सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करें। वहीं ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष कृष्ण दत्त द्विवेदी ने जनपद के सभी ईंट भट्ठा संचालकों से अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे से कोई कार्य न लें।
विशेष अभियान के प्रभावी संचालन हेतु जिला समन्वयक जीशान अंसारी, चाइल्ड राइट्स एसोसिएट (ए.वी.ए.) को जनपद में तैनात किया गया है, जो श्रम विभाग को तकनीकी एवं मैदानी सहयोग प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं कोई बाल श्रमिक कार्य करता हुआ दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल टोल फ्री नम्बर 1098, 1800-102-7222 अथवा PENCIL पोर्टल पर उपलब्ध कराएं।
अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर 12 जून 2026 को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में एक भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में बाल श्रम मुक्त घोषित क्षेत्रों के ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में जनपद से बाल श्रम उन्मूलन समिति के सदस्य, व्यापार मंडल के पदाधिकारी, जिला पंचायती राज विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल कल्याण समिति, चाइल्ड लाइन, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के लगभग 45 से 50 प्रतिनिधि प्रतिभाग करेंगे।
सहायक श्रमायुक्त ने बताया कि
14 वर्ष से कम आयु के बच्चों का किसी भी प्रतिष्ठान में नियोजन पूर्णतः प्रतिबंधित है। उल्लंघन की स्थिति में सेवायोजकों के विरुद्ध अभियोजन की कार्यवाही करते हुए आर्थिक दण्ड एवं कारावास का प्रावधान है। इसी प्रकार 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों को खतरनाक उद्योगों एवं प्रक्रियाओं में नियोजित करना भी प्रतिबंधित है।
उन्होंने बताया कि दोषी पाए जाने वाले सेवायोजकों के विरुद्ध मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में वाद दायर किया जाता है साथ ही निर्धारित दण्डात्मक कार्यवाही की जाती है। किशोर श्रमिकों के नियोजन की स्थिति में भी कार्यघंटों, विश्राम अवधि, साप्ताहिक अवकाश तथा अभिलेख संधारण से संबंधित नियमों का पालन अनिवार्य है।
सहायक श्रमायुक्त द्वारा जानकारी दी गई कि एक अप्रैल 2024 से 31 मई 2026 तक जनपद में संचालित विशेष निरीक्षण अभियानों के दौरान 142 निरीक्षणों में 167 बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया। जिन प्रतिष्ठानों पर बच्चे कार्यरत पाए गए, उनके स्वामियों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्यवाही की गई है।
उन्होंने कहा कि जनपद को पूर्णतः बाल श्रम मुक्त बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी द्वारा जनपद स्तरीय टास्क फोर्स का पुनर्गठन किया गया है, जो निरंतर भ्रमण कर बाल श्रम की रोकथाम हेतु निरीक्षण करेगी तथा दोषी प्रतिष्ठान स्वामियों के विरुद्ध कठोर दण्डात्मक कार्यवाही सुनिश्चित कराएगी।
जनपद प्रशासन ने सभी नागरिकों, व्यापारियों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, ईंट भट्ठा संचालकों तथा समाज के विभिन्न वर्गों से बाल श्रम उन्मूलन अभियान में सक्रिय सहयोग प्रदान करने की अपील की है, ताकि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराया जा सके।
10 hours ago
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