बेटियों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं, दोषियों पर होगी कार्रवाई : सीएम योगी

आजमगढ़ में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था, राम मंदिर, विकास और ऊर्जा सुरक्षा पर गिनाईं सरकार की उपलब्धियां

आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी बेटी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हाल ही में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी आदिति यादव के संबंध में सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने तत्काल पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की गरिमा और सम्मान की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है तथा इस प्रकार की टिप्पणियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि सदियों के संघर्ष के बाद यह सपना साकार हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और डबल इंजन सरकार के प्रयासों से अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण संभव हो सका।

मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को आगे नहीं बढ़ाया। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ में होम्योपैथिक कॉलेज की स्वीकृति के बाद भी समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान कार्य प्रभावित हुआ, लेकिन वर्ष 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद परियोजना को गति मिली और आज यहां आयुष क्षेत्र के डॉक्टर तैयार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था, विकास परियोजनाओं और निवेश के अनुकूल माहौल के कारण नए अवसर पैदा हुए हैं।

अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष और अनिश्चितता का माहौल है, लेकिन भारत ने ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने सीएनजी और एथेनॉल उत्पादन को इसका उदाहरण बताते हुए कहा कि इन प्रयासों से देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है।

गोरखपुर में योगी ने कहा, नया भारत विकास, सुरक्षा और गरीब कल्याण का प्रतीक



मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर संकट और संघर्ष की स्थिति के बावजूद भारत मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में तनाव का माहौल है, लेकिन भारत ने ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दुनिया संकट के दौर से गुजर रही है, लेकिन भारत में सीएनजी और एथेनॉल जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विस्तार के कारण आर्थिक गतिविधियां प्रभावित नहीं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में किए गए सुधारों का लाभ देश को मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका जैसे ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर देश को भी महंगाई की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, जबकि भारत में महंगाई नियंत्रित रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि नया भारत गरीब कल्याण, विकास और सुरक्षा के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत किया गया है और अपराध व माफिया तंत्र के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि बेहतर सुरक्षा वातावरण और विकासोन्मुखी नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है।

ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को उद्यमी बनाने की दिशा में बड़ा कदम

- उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्टार्ट-अप ग्राम विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम के लिए 10 करोड़ रुपये की धनराशि की स्वीकृति प्रदान की

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए स्टार्ट-अप ग्राम विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम (एसवीईपी) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 10 करोड़ रुपये की धनराशि की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य गांवों को आत्मनिर्भर बनाना और ग्रामीण युवाओं, महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूहों से जुड़े लोगों को उद्यमिता के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। एसवीईपी योजना ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे उद्यमों को बढ़ावा देने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा कि  डबल इन्जन सरकार गांव, गरीब, किसान और महिलाओं के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें स्वावलंबी बनाने का अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है।
स्टार्ट-अप ग्राम विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) का एक महत्वपूर्ण घटक है। इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण उद्यमों को पूंजी, प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग एवं आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यम स्थापित करने और संचालित करने में सहायता मिलती है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी केन्द्रांश मदर सैंक्शन के तहत 600 लाख रुपये तथा इसके सापेक्ष राज्यांश के रूप में 400 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इस प्रकार एसवीईपी योजना के अंतर्गत कुल 1000 लाख रुपये (10 करोड़ रुपये मात्र) की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
एसवीईपी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में नए उद्यमों को प्रोत्साहन मिलेगा, युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे तथा महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूहों की आर्थिक भागीदारी और अधिक मजबूत होगी। यह कार्यक्रम प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने और आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण में सहायक सिद्ध होगा।
यूपी सरकार ने लॉन्च किया ‘डिजिटल लेबर चौक’ ऐप

- 10 करोड़ से अधिक श्रमिकों को मिलेगा रोजगार का डिजिटल मंच
- विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर श्रम एवं सेवायोजन विभाग की पहल
- श्रमिकों और नियोजकों को एक मंच पर जोड़ेगा डिजिटल प्लेटफॉर्म

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रमिकों के आर्थिक सशक्तिकरण, रोजगार संवर्धन और डिजिटल सुशासन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ‘डिजिटल लेबर चौक (डीएलसी)’ मोबाइल एप्लीकेशन लॉन्च किया है। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर 12 जून को श्रम एवं सेवायोजन विभाग द्वारा इस अभिनव डिजिटल प्लेटफॉर्म को जनता के लिए समर्पित किया गया।
उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (UPBOCW) द्वारा विकसित यह ऐप श्रमिकों और नियोजकों को एक ही मंच पर लाकर रोजगार के अवसरों को बढ़ाने तथा श्रम बाजार को अधिक संगठित, पारदर्शी और सुलभ बनाने में मदद करेगा।
इस प्लेटफॉर्म पर श्रमिक मोबाइल नंबर के माध्यम से पंजीकरण कर अपनी प्रोफाइल बना सकेंगे। वे अपने कौशल, व्यवसाय, कार्य अनुभव और पसंदीदा कार्यस्थल सहित अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज कर सकेंगे। वहीं नियोजक भी पंजीकरण कर श्रमिकों की आवश्यकता, कार्य का प्रकार और कार्यस्थल संबंधी जानकारी साझा कर सकेंगे।
ऐप में उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर श्रमिकों और नियोजकों की डिजिटल मैचिंग की जाएगी। इससे श्रमिकों को उनकी योग्यता और कौशल के अनुरूप रोजगार मिलेगा, जबकि नियोजकों को जरूरत के अनुसार उपयुक्त एवं प्रशिक्षित श्रमिक आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।
प्रदेश में वर्तमान में ई-श्रम पोर्टल पर लगभग 8.40 करोड़ श्रमिक तथा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में करीब 1.93 करोड़ निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं। इस प्रकार 10 करोड़ से अधिक श्रमिक इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो सकेंगे।
श्रम एवं सेवायोजन विभाग के अनुसार, डिजिटल लेबर चौक ऐप श्रमिकों और रोजगारदाताओं के बीच की दूरी कम करते हुए रोजगार उपलब्धता को आसान और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।
जनशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने की प्रवासी फाउंडेशन के कार्य योजना की सराहना

लखनऊ। पूर्वांचल में रोजगार के बेहतर संसाधन मुहैया कराने और महानगरों की ओर हो रहे पलायन को रोकने के लिए स्थापित प्रवासी फाउंडेशन की कार्य योजना से उत्तर प्रदेश सरकार को अवगत कराने के क्रम में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को सविस्तार जानकारी दी गई।
राजधानी स्थित कैबिनेट मंत्री के आवास पर प्रवासी फाउंडेशन की ओर से अभिज्ञान और पवन उपाध्याय ने सरकार द्वारा मिले सहयोग के लिए उन्हें आभार पत्र भेंट किया।

इस दौरान अभिज्ञान उपाध्याय द्वारा जलशक्ति मंत्री को मुंगरा बादशाहपुर में संपन्न प्रवासी सम्मेलन और उसके बाद की योजनाओं की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि आगामी समय में रोजगार मेले का आयोजन जगह-जगह किया जायेगा और युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने की योजना है। इस पर स्वतंत्र देव सिंह ने कहा, उनकी सरकार पूर्वांचल को औद्योगिक रूप से समृद्ध करने की योजना को निरंतर आगे बढ़ा रही है। वो दिन दूर नहीं, जब स्थानीय युवाओं को कहीं भी बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उन्हें अपने जिले में ही रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।

जलशक्ति मंत्री ने अभिज्ञान उपाध्याय से कहा कि प्रवासी फाउंडेशन युवाओं को स्वरोजगार के प्रति जिस तरह से जागरूक कर रहा है, यह सराहनीय प्रयास है। इस कार्य में प्रवासी फाउंडेशन को यथा संभव सहयोग किया जायेगा।
सड़क हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत, मचा कोहराम
लखनऊ, सहारनपुर । सहारनपुर में एक परिवार के 4 लोगों की सड़क हादसे में मौत हो गई। परिवार एक बाइक पर सवार था तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भयावह था कि बाइक सवार चारों लोग सड़क से 10 फीट दूर नीचे गड्ढे में जा गिरे। कार भी पलटी खाते हुए नीचे जा गिरी।

आसपास के लोग चारों घायलों को अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसा शनिवार दोपहर 12:00 बजे बेहट थानाक्षेत्र के गांव धौलाकुआं के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार नाबालिग चला रहा था। पुलिस गाड़ी नंबर से इस दावे की जांच कर रही है।

पुलिस के मुताबिक, हादसे में मलकपुर निवासी लविश उर्फ फग्गू (26), उसकी मां राजदुलारी (55), बहन अंजना उर्फ तन्नु (20) और तीन साल की बेटी रूही की मौत हो गई।

मृतक लविश के चाचा अंकित ने बताया कि लविश, उसकी मां, बहन और बेटी रूही के साथ कोठड़ी स्थित ससुराल गया था। वहां से बाइक पर अपने गांव मलकपुर लौट रहा था जब यह हादसा हुआ। लविश मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था। वह तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था।

लविश की शादी 2022 में हुई थी। घर पर उसकी गर्भवती पत्नी और एक 2 साल का छोटा बेटा है। हादसे में जान गंवाने वाली रूही बड़ी बेटी थी।

पुलिस जांच में सामने आया है कि कार कोठड़ी बहलोलपुर में रहने वाले ताहिर का नाबालिग बेटा चला रहा था। हादसे के बाद वह मौके से फरार हो गया। पुलिस ने कार को कब्जे में ले लिया है। वाहन ताहिर के नाम पर रजिस्टर्ड बताई जा रही है। मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई और जांच में जुटी है।
यूपी चुनाव पर अखिलेश यादव की चेतावनी, कहा- निष्पक्षता से समझौता हुआ तो लोकतंत्र को होगा नुकसान

- सपा प्रमुख ने पश्चिम बंगाल और बिहार के चुनावों का किया जिक्र, लोकतांत्रिक प्रक्रिया और चुनावी निष्पक्षता पर उठाए सवाल

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर चिंता जताते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल और बिहार के चुनावों के दौरान जिन परिस्थितियों और आरोपों की चर्चा हुई, यदि वैसी ही स्थिति उत्तर प्रदेश में भी दोहराई गई तो यह प्रदेश का "आखिरी चुनाव" साबित हो सकता है।
अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता का मतदान और चुनावी प्रक्रिया पर उसका भरोसा होता है। यदि चुनावों की निष्पक्षता पर लगातार सवाल उठते रहे तो लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति लोगों का विश्वास प्रभावित हो सकता है।
सपा प्रमुख के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। राजनीतिक दलों के बीच चुनावी पारदर्शिता, निष्पक्ष मतदान और लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना है। अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं और सभी दल अपनी-अपनी रणनीति तैयार करने में जुटे हैं।
अमेठी में यूपी-112 की त्वरित कार्रवाई से फांसी लगाने का प्रयास कर रहे व्यक्ति की बची जान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में यूपी 112 के पुलिसकर्मियों की तत्परता से एक व्यक्ति की जान बच गई। मामला थाना जगदीशपुर के अंतर्गत ग्राम सरेसर का है, जहां 12 जून को दोपहर करीब 1:36 बजे पुलिस को एक घरेलू विवाद की सूचना मिली थी।

सूचना मिलते ही पीआरवी 5344 की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। वहां पहुंचने पर पुलिसकर्मियों ने देखा कि एक व्यक्ति ने खुद को घर के अंदर बंद कर लिया है और वह दरवाजा नहीं खोल रहा है। किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और पड़ोसी की छत के रास्ते घर के भीतर प्रवेश किया।

अंदर पहुंचने पर पुलिस टीम ने देखा कि वह व्यक्ति गमछे का फंदा बनाकर फांसी पर लटक चुका था। पीआरवी कर्मियों ने बिना समय गंवाए तुरंत तत्परता दिखाते हुए गमछे को काटा और व्यक्ति को सुरक्षित नीचे उतारा, जिससे उसकी जान बच गई।



इस साहसिक और उत्कृष्ट कार्य के लिए यूपी 112 के पुलिस महानिदेशक  विनोद कुमार सिंह ने पीआरवी 5344 की टीम की सराहना करते हुए उन्हें पुरस्कृत किया है। सम्मानित होने वाले कर्मियों में कमांडर हरिओम उपाध्याय, सब कमांडर प्रमिला तिवारी, कौशिक सिंह और पायलट पवन कुमार सरोज शामिल हैं। महानिदेशक ने अपने संदेश में कहा कि पीआरवी कर्मियों की इस त्वरित कार्रवाई से पूरे पुलिस विभाग का मान बढ़ा है।
अमृत सरोवरों पर सामूहिक योग व स्वच्छता से गूंजेगा प्रदेश
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जनभागीदारी से होंगे विशेष आयोजन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी अमृत सरोवर स्थलों पर व्यापक जनभागीदारी के साथ सामूहिक योग के साथ विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि अमृत सरोवरों पर आयोजित होने वाले योग दिवस कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य के निर्देशों के क्रम में ग्राम्य विकास विभाग द्वारा सभी जनपदों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि अमृत सरोवर स्थलों पर सामूहिक योग सत्र, एवं स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इन कार्यक्रमों में स्थानीय समुदाय, स्कूली छात्र-छात्राओं, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, आजीविका मिशन से जुड़ी दीदियों, पंचायत प्रतिनिधियों, सरकारी अधिकारियों तथा अन्य हितधारकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
श्री मौर्य ने कहा कि अमृत सरोवर ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के साथ-साथ सामाजिक सहभागिता और सामुदायिक चेतना के केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर इन स्थलों पर आयोजित कार्यक्रम स्वस्थ जीवनशैली, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी का संदेश देंगे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अमृत सरोवर उपयोगकर्ता समूहों, स्वयं सहायता समूहों, पद्म पुरस्कार प्राप्त व्यक्तियों, स्वतंत्रता सेनानियों एवं उनके परिजनों, युवा समूहों, शिक्षण संस्थानों तथा जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रमों से जोड़ते हुए व्यापक जनसहभागिता सुनिश्चित की जाए।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अमृत सरोवरों पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में ‘सरोवर संवाद’ का भी आयोजन किया जाएगा। इसके माध्यम से ग्रामीणों को वीबी- जी राम जी योजना के प्रावधानों एवं ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग जी.एस. प्रियदर्शी ने सभी जनपदों को निर्देश दिए हैं कि आयोजित कार्यक्रमों की फोटोग्राफ एवं गतिविधियों का विवरण मिशन अमृत सरोवर पोर्टल पर अपलोड किया जाए तथा कार्यक्रम सम्पन्न होने के दो दिवस के भीतर राज्य मुख्यालय को विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।
मुजफ्फरनगर: 10.68 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी में बड़ी कार्रवाई, ईओडब्ल्यू ने वांछित आरोपी जुनैद सैफी को किया गिरफ्तार
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में आर्थिक अपराधों और टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत 'आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन' (EOW) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। ईओडब्ल्यू की मेरठ सेक्टर टीम ने मुजफ्फरनगर जिले से करीब 10.68 करोड़ रुपये की जीएसटी (GST) और सेल टैक्स चोरी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य अभियुक्त जुनैद सैफी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लगाने का आरोप है।

सोची-समझी साजिश के तहत बनाई फर्जी फर्म

मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त जुनैद सैफी, पुत्र नासिर सैफी, मुजफ्फरनगर के सुजडू चुंगी (जहांगीर पट्टी) का रहने वाला है। वह मुजफ्फरनगर के जी.टी. रोड पर स्थित 'सर्वश्री राजकमल ट्रेडर्स' नाम की फर्म का स्वामी था।आरोप है कि जुनैद सैफी ने अपने कुछ अन्य साथियों के साथ मिलकर एक योजनाबद्ध आपराधिक षड्यंत्र रचा था। इन लोगों ने टैक्स चोरी (करापवंचन) करने के उद्देश्य से फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों का सहारा लिया और कपटपूर्ण तरीके से 'श्री राजकमल ट्रेडर्स' नाम की फर्म का रजिस्ट्रेशन कराया।

ऐसे दिया अरबों के वित्तीय घोटाले को अंजाम

ईओडब्ल्यू (EOW) द्वारा की गई जांच में सामने आया कि आरोपी जुनैद ने न सिर्फ कागजों पर फर्जी फर्म खड़ी की, बल्कि बड़े पैमाने पर सेल टैक्स की चोरी भी की। इस फर्जीवाड़े के जरिए उसने अपनी फर्म से जुड़ी अन्य अनुवर्ती (आगे की) फर्मों को अवैध रूप से करोड़ों रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ पहुंचाया। इस पूरी हेराफेरी के माध्यम से आरोपियों ने सरकार को सीधे तौर पर 10,68,00,000 रुपये (दस करोड़ अड़सठ लाख रुपये) की जीएसटी की चपत लगाई और खुद अवैध रूप से मोटा मुनाफा कमाया।

दर्ज मामले और पुलिस की कार्रवाई

इस धोखाधड़ी को लेकर मुजफ्फरनगर के थाना मन्सूरपुर में मुकदमा अपराध संख्या 77/21 दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच (विवेचना संख्या-22/23) ईओडब्ल्यू मेरठ सेक्टर को सौंपी गई थी। आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 419, 409, 420, 467, 468, 471, 120बी के साथ-साथ आईटी एक्ट की धारा 66सी और जीएसटी एक्ट की धारा 35(i) के तहत केस दर्ज है।

आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था

मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। ईओडब्ल्यू लखनऊ के निर्देश पर वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, पुलिस अधीक्षक (EOW मेरठ सेक्टर) के पर्यवेक्षण में टीम का गठन किया गया। ईओडब्ल्यू की टीम ने जाल बिछाकर 12 जून 2026 को आरोपी जुनैद सैफी को मुजफ्फरनगर से धर दबोचा। पुलिस अब इस सिंडिकेट में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
रुपये दोगुना करने का लालच देकर लूटपाट करने वाला गिरोह गिरफ्तार, एक आरक्षी समेत चार गिरफ्तार

लखनऊ। कम समय में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर लोगों को जाल में फंसाने और फिर फर्जी पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर लूटपाट करने वाले गिरोह का लखनऊ पुलिस ने खुलासा किया है। सर्विलांस टीम पूर्वी जोन और चिनहट पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक आरक्षी सहित चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 1.25 लाख रुपये नकद और वारदात में प्रयुक्त दो कारें बरामद की हैं।

पुलिस के अनुसार थाना चिनहट में दर्ज मुकदमा संख्या 314/2026 की जांच के दौरान इस गिरोह का पर्दाफाश हुआ। शिकायतकर्ता प्रभाकर सिंह ने पुलिस को बताया था कि उनके भाई और उसके मित्र को एक कंपनी में निवेश कर कम समय में रकम दोगुनी करने का लालच दिया गया। इसके बाद उन्हें बुलाकर फर्जी तरीके से डराया-धमकाया गया और उनके साथ लूट की घटना को अंजाम दिया गया।घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीमों का गठन किया गया। जांच और सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने हरदाशी खेड़ा नहर पुलिया के पास से जावेद हुसैन, आसिफ, प्रवेश त्रिपाठी और पूरन सिंह को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे एक संगठित गिरोह के रूप में काम करते थे। गिरोह लोगों को निवेश पर मोटा मुनाफा और रकम दोगुनी होने का लालच देकर बुलाता था। इसके बाद खुद को पुलिस या अन्य जांच एजेंसियों से जुड़ा बताकर पीड़ितों को डराता-धमकाता और उनसे नकदी वसूलता था। कई मामलों में लूटपाट भी की जाती थी।पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों में शामिल पूरन सिंह एक आरक्षी है। मामले में उसकी संलिप्तता पाए जाने के बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अन्य संभावित आरोपियों और गिरोह के नेटवर्क की भी जांच कर रही है।

घटना में इस्तेमाल की गई दो कारें बरामद हुई

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 1,25,000 रुपये नकद तथा घटना में इस्तेमाल की गई दो कारें बरामद हुई हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के आपराधिक इतिहास की भी पड़ताल की जा रही है और अन्य जनपदों से जानकारी जुटाई जा रही है।