खाद्यान्न वितरण में लापरवाही बरतने पर राशन दुकान के खिलाफ़ रिपोर्ट दर्ज
फर्रुखाबाद l
विकासखण्ड कमालगंज की ग्राम पंचायत हुसैनपुर नौखण्डा के उचित दर विक्रेता  माया देवी के विरुद्ध आई०जी०आर०एस० पोर्टल के माध्यमों से प्राप्त शिकायत के आधार पर पूर्ति निरीक्षक कमालगंज के द्वारा मौके पर जाकर जॉच की गयी। विक्रेता माया देवी द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के द्वारा अनुदानित खाद्यान्न गेहूँ, 105.922 कु०, चावल 157.038 कु०, बाजरा 103.79 कु० एवं चीनी 63 किलो० आदि की नफा नाजायज कमाये जाने के उद्देश्य से कालाबाजारी / डायवर्जन कर लिये जाने एवं 1.50 कु0 मक्का (अखाद्य) स्टॉक में अधिक पाये जाने व अन्य अनियमितताओं के दृष्टिगत जिलाधिकारी के अनुमोदन आदेश 11 जून 2026 के अनुपालन में विकासखण्ड कमालगंज की ग्राम पंचायत हुसैनपुर नौखण्डा के उचित दर विक्रेता माया देवी की उचित दर दुकान का अनुबंध पत्र निरस्त करते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के अन्तर्गत थाना कोतवाली फतेहगढ़ में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करायी गयी।
जनपद के समस्त उचित दर विक्रेताओं को निर्देशित किया जाता है कि राशनकार्डधारकों को नियमानुसार आवश्यक वस्तुओं का वितरण करना सुनिश्चित करें। यदि किसी उचित दर विक्रेता के विरूद्ध खाद्यान्न वितरण के सम्बन्ध में किसी प्रकार की शिकायत प्राप्त होती है तो उसके विरूद्ध नियमानुसार विभागीय कार्यवाही की जायेगी।
गंगा की धारा स्वच्छ और निर्मल रहे इसको लेकर, पांचाल घाट से खंडित मूर्तियां हटाई गई

फर्रुखाबाद l
जिला गंगा समिति के तत्वाधान में गंगा को स्वच्छ अविरल निर्मल बनाने हेतु साप्ताहिक गंगा स्वच्छता अभियान का आयोजन गंगा घाट पांचाल घाट पर किया गया। कार्यक्रम में समाजसेवी संस्थाएं,गंगा योद्धा एवं अन्य स्थानीय लोगों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर भारी मात्रा में गंगा तट से खंडित मूर्ति,प्लास्टिक,पॉलिथीन,कांच, कपड़े इत्यादि अपशिष्ट सामग्री हटाई गई। इस दौरान लगभग दो कुंतल कूड़ा एकत्रित कर उसका निस्तारण किया गया।जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल ने बताया कि लोग अज्ञानता वश गंगा के तट पर अपशिष्ट सामग्री छोड़ जाते हैं जिसकी वजह से गंगा का जल दूषित होता है।कई बार भारी मात्रा में कांच भी मिलती है जिससे कई बार दुर्घटना भी हो जाती है।प्रत्येक व्यक्ति को यह समझना चाहिए कि गंगा के तट पर किसी भी प्रकार की सामग्री विसर्जित ना करें इससे न सिर्फ धर्म का अपमान होता है बल्कि पर्यावरण भी दूषित होता है। जितना हो सके अपने घर पर ही अपशिष्ट सामग्री का निस्तारण करना चाहिए। नमामि गंगे के प्रशिक्षक रोहित दीक्षित ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य को यह समझना चाहिए कि हम जिस तरह से अपने घर को स्वच्छ रखते हैं उसी तरह से हमें गंगा तट को भी स्वच्छ रखना चाहिए। लोग स्वयं को पवित्र करने के लिए गंगा स्नान करते हैं परंतु बदले में गंगा के जल में अपशिष्ट सामग्री छोड़ जाते हैं जिससे गंगा नदी का अपमान होता है। योगाचार्य प्रदीप नारायण शुक्ल ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य को यह समझना चाहिए कि यदि प्रतिदिन हम इसी तरह से गंगा नदी में अपशिष्ट सामग्री छोड़ जाएंगे तो एक दिन गंगा में शुद्ध जल के स्थान पर सिर्फ अपशिष्ट सामग्री ही बचेगी। इस मौके पर उपस्थित नावकों,पंडा पुजारी, दुकानदारों आदि को भी गंगा स्वच्छता के लिए जागरूक किया गया। इस अभियान में गंगा योद्धा दीक्षा, पल्लवी, विवेक,अश्मित एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।
जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समय से पहुंचाए – सांसद मुकेश राजपूत
फर्रुखाबाद l
जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सांसद मुकेश राजपूत की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में विधायक अमृतपुर सुशील कुमार शाक्य, डॉ. पल्लव सोमवंशी, ब्लॉक प्रमुख राजेपुर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में पिछली दिशा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए विभिन्न विकास विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई। सांसद एवं विधायक द्वारा जनहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण सुझाव एवं निर्देश दिए गए।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत 19 तालाबों की गाद निकालकर कराई गई सफाई के संबंध में विस्तृत सूची पुनः उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों जैसे डिजाइनर चूड़ी, रेडीमेड शर्ट, पूजा सामग्री, सजावटी वस्तुएं एवं हवाई चप्पलों के विपणन हेतु उपलब्ध कराए गए विभिन्न प्लेटफार्मों एवं बाजारों की समीक्षा की गई। सांसद ने स्वयं सहायता समूहों की आय में और अधिक वृद्धि हेतु प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए तथा क्रिश्चियन इंटर कॉलेज के निकट समूहों के लिए दुकानें विकसित कर उनकी आय बढ़ाने की संभावनाओं पर कार्य करने को कहा।
स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) के अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा करते हुए  सांसद  द्वारा कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त की गई। इस पर अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद द्वारा अवगत कराया गया कि ग्राम आमिलपुर स्थित डंपिंग ग्राउंड पर कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण हेतु स्थापित मशीनरी एवं प्लांट का संचालन प्रारंभ हो चुका है।
भीषण गर्मी को दृष्टिगत रखते हुए माननीय सांसद एवं विधायक अमृतपुर द्वारा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में खराब पड़े हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत एवं आवश्यकतानुसार रिबोर कराए जाने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी गौवंश आश्रय स्थलों में हरे चारे, छायादार व्यवस्था एवं स्वच्छ पेयजल की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान चलाकर निराश्रित गौवंशों को निकटतम गौआश्रय स्थलों में भेजने के निर्देश दिए गए।
बैठक में विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान माननीय सांसद द्वारा सरकारी विद्यालयों के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइनों के संबंध में जानकारी ली गई। इस पर अधिशासी अभियंता विद्युत ने बताया कि 70 विद्यालयों के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइनों को हटाया जा चुका है तथा शेष 05 विद्यालयों के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइनों को भी इसी माह में हटाने की कार्यवाही पूर्ण कर ली जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान सांसद ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि सभी सरकारी चिकित्सालयों में उपयोग की जा रही दवाओं की एक्सपायरी तिथि की नियमित समीक्षा की जाए तथा किसी भी स्थिति में एक्सपायर्ड दवाओं का उपयोग न होने पाए। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि अस्पतालों में आने वाले मरीजों को आवश्यकता के अनुसार विटामिन, कैल्शियम एवं आयरन की दवाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे उनके स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार सुनिश्चित हो सके।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का समयबद्ध एवं प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया। माननीय सांसद महोदय ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रशासनिक व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त रखा जाए, गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के कल्याण हेतु हरसंभव प्रयास किए जाएं तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समय से पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, मुख्य चिकित्साधिकारी, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी, अपर जिलाधिकारी (राजस्व), अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
फोन से बात न करने पर युवक ने युवती के घर घुसकर गोली मारी, युवती गंभीर रूप से घायल, भर्ती
फर्रुखाबाद l प्रेम दीवाने युवक ने फोन पर युवती के बात ना करने पर युवक ने घर जाकर युवती को गोली मार दी, गोली लगने से घायल हो गई , परिजनों ने पुलिस को तहरीर देकर हमला करने वाले आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है l पुलिस आरोपी युवक की तलाश कर रही है। बीती रात  थाना मऊदरवाजा के निकट मोहल्ला अस्तबल तराई में रहने वाले विशंभर कश्यप के बेटे का विशाल का काफ़ी समय से विवेक मौर्य के घर आना-जाना था। इस बीच विशाल से विवेक की पुत्री से फोन पर बातचीत होने लगी। इस दौरान किसी बात को लेकर युवती ने विशाल से बात करना बंद कर दिया। इस बात से नाराज होकर विशाल ने रात में युवती के घर जाकर जान से मारने के लिए तमंचे से फायरिंग की, गोली पैर में लगने से युवती गंभीर रूप से घायल हो गई ।

गंभीर रूप से घायल युवती को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना को लेकर विवेक मौर्या के पुत्र अरुण ने विशाल के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है जिसमें कहा है कि 18 वर्षीय बहन से विशाल कश्यप करीब पिछले एक वर्ष से बातचीत कर रही थी।  कुछ समय से बहन ने विशाल से
बात करना बन्द कर दिया था। विशाल बहन को बात करने का बराबर दबाव बना रहा था, और वह बात नही कर रही थी। इस बात को लेकर विशाल कश्यप गुरुवार की रात 9.45 बजे घर में तमंचा लेकर आया। उस समय मां प्रीति व बहन घर की छत पर बैठी थी। विशाल बहन को गाली देते हुए कहा तू अगर बात नही करेगी तो तुझे जिन्दा नही छोडूंगा।

विशाल ने जान से मारने की नियत से बहन के तमंचे से गोली मार दी। गोली युवती के दाहिने पैर में लगत ही विशाल तमंचा सहित मौके से फरार हो गया।

अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश चंद्र ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है। उन्होंने कहा कि बजरिया चौकी इंचार्ज जितेंद्र सिंह को जांच सौंप गई है।
ओमवीर हत्याकांड में फरार आरोपी ने किया आत्मसमर्पण
मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार पर हुई कार्यवाही


अमृतपुर फर्रुखाबाद 11 जून। थाना अमृतपुर क्षेत्र के चर्चित ओमवीर हत्याकांड में एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। मामले में वांछित चल रहे आरोपी श्यामवीर पुत्र कन्हैयालाल ने फतेहगढ़ न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है। आत्मसमर्पण के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।थाना प्रभारी अमृतपुर इंद्रजीत सिंह ने बताया कि ओमवीर हत्याकांड में वांछित आरोपी श्यामवीर ने न्यायालय में हाजिर होकर आत्मसमर्पण किया है, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। क्षेत्राधिकारी अमृतपुर ऐश्वर्या उपाध्याय ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई थीं। पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। इसी बीच आरोपी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।
उधर, ग्राम गुजरपुर पमारान निवासी मृतक ओमवीर की पत्नी धर्मशीला ने हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रार्थना पत्र देकर मामले में न्याय की मांग की थी। उन्होंने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, सभी आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई, परिवार की सुरक्षा, आर्थिक सहायता तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग उठाई है।धर्मशीला के अनुसार उनके पति ओमवीर 20 जुलाई 2025 को लापता हो गए थे। बाद में उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप पर मुकदमा दर्ज हुआ और जांच के दौरान ओमवीर का कंकाल कई महीनों बाद खेत में दबा बरामद किया गया। पुलिस ने मामले में रामू यादव, सुरजीत यादव और देवेंद्र यादव को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब श्यामवीर के आत्मसमर्पण के बाद इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़ गई है, जबकि अन्य नामजद आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में विधिक कार्रवाई जारी है तथा शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ओमवीर हत्याकांड क्षेत्र में लंबे समय से चर्चा का विषय बना हुआ है और पीड़ित परिवार अब भी मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहा है।
जनपद की आठ ग्राम पंचायत बाल श्रम घोषित, ग्राम प्रधान होंगे सम्मानित
फर्रुखाबाद l जनपद को वर्ष 2027 में बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में तेज़ी से कार्यवाही
8 ग्राम पंचायतें बाल श्रम मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया पूर्ण, 167 बच्चों को कराया गया मुक्त
उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा लिए गए संकल्प "बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश" के अंतर्गत वर्ष 2027 तक प्रदेश को बाल श्रम मुक्त घोषित किए जाने के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु जनपद फर्रुखाबाद में व्यापक स्तर पर कार्यवाही की जा रही है। जनपद के विकास खण्ड बढ़पुर की 05 और विकास खण्ड शमशाबाद की 03 ग्राम पंचायतों को बाल श्रम मुक्त घोषित किए जाने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है।
सहायक श्रमायुक्त द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त कार्य को अंतिम रूप देने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी के नेतृत्व में विभिन्न विभागीय टीमों का गठन किया गया। गठित टीमों द्वारा संबंधित ग्राम पंचायतों में ग्राम बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों की बैठकें आयोजित कर प्रस्ताव पारित कराए गए तथा विकास खण्ड स्तर पर ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों से भी अनुमोदन प्राप्त किया गया। तत्पश्चात जिला स्तर पर इन प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही आगामी एक वर्ष तक इन ग्राम पंचायतों की सतत निगरानी एवं अनुश्रवण भी किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण अभियान में शिक्षा, पंचायत राज, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों का सक्रिय सहयोग लिया जा रहा है। जनपद की अन्य ग्राम पंचायतों को भी चरणबद्ध तरीके से बाल श्रम मुक्त बनाने की कार्यवाही निरंतर जारी है।
बाल श्रम उन्मूलन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने हेतु श्रम विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, नगर पालिका परिषद फर्रुखाबाद के वार्ड सदस्यों के साथ बाल श्रम उन्मूलन विषयक गोष्ठी आयोजित की गई। उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया तथा उनके माध्यम से व्यापारिक प्रतिष्ठानों के स्वामियों से बाल श्रम न कराने की अपील की गई। विधायक भोजपुर नागेन्द्र राठौर ने क्षेत्रवासियों एवं व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों को श्रम में लगाने के स्थान पर शिक्षा से जोड़ें तथा उन्हें सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करें। वहीं ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष कृष्ण दत्त द्विवेदी ने जनपद के सभी ईंट भट्ठा संचालकों से अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे से कोई कार्य न लें।
विशेष अभियान के प्रभावी संचालन हेतु जिला समन्वयक जीशान अंसारी, चाइल्ड राइट्स एसोसिएट (ए.वी.ए.) को जनपद में तैनात किया गया है, जो श्रम विभाग को तकनीकी एवं मैदानी सहयोग प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं कोई बाल श्रमिक कार्य करता हुआ दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल टोल फ्री नम्बर 1098, 1800-102-7222 अथवा PENCIL पोर्टल पर उपलब्ध कराएं।
अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर 12 जून 2026 को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में एक भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में बाल श्रम मुक्त घोषित क्षेत्रों के ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में जनपद से बाल श्रम उन्मूलन समिति के सदस्य, व्यापार मंडल के पदाधिकारी, जिला पंचायती राज विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल कल्याण समिति, चाइल्ड लाइन, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट  विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के लगभग 45 से 50 प्रतिनिधि प्रतिभाग करेंगे।
सहायक श्रमायुक्त ने बताया कि
14 वर्ष से कम आयु के बच्चों का किसी भी प्रतिष्ठान में नियोजन पूर्णतः प्रतिबंधित है। उल्लंघन की स्थिति में सेवायोजकों के विरुद्ध अभियोजन की कार्यवाही करते हुए आर्थिक दण्ड एवं कारावास का प्रावधान है। इसी प्रकार 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों को खतरनाक उद्योगों एवं प्रक्रियाओं में नियोजित करना भी प्रतिबंधित है।
उन्होंने बताया कि दोषी पाए जाने वाले सेवायोजकों के विरुद्ध मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में वाद दायर किया जाता है साथ ही निर्धारित दण्डात्मक कार्यवाही की जाती है। किशोर श्रमिकों के नियोजन की स्थिति में भी कार्यघंटों, विश्राम अवधि, साप्ताहिक अवकाश तथा अभिलेख संधारण से संबंधित नियमों का पालन अनिवार्य है।
सहायक श्रमायुक्त द्वारा जानकारी दी गई कि एक अप्रैल 2024 से 31 मई 2026 तक जनपद में संचालित विशेष निरीक्षण अभियानों के दौरान 142 निरीक्षणों में 167 बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया। जिन प्रतिष्ठानों पर बच्चे कार्यरत पाए गए, उनके स्वामियों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्यवाही की गई है।
उन्होंने कहा कि जनपद को पूर्णतः बाल श्रम मुक्त बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी द्वारा जनपद स्तरीय टास्क फोर्स का पुनर्गठन किया गया है, जो निरंतर भ्रमण कर बाल श्रम की रोकथाम हेतु निरीक्षण करेगी तथा दोषी प्रतिष्ठान स्वामियों के विरुद्ध कठोर दण्डात्मक कार्यवाही सुनिश्चित कराएगी।
जनपद प्रशासन ने सभी नागरिकों, व्यापारियों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, ईंट भट्ठा संचालकों तथा समाज के विभिन्न वर्गों से बाल श्रम उन्मूलन अभियान में सक्रिय सहयोग प्रदान करने की अपील की है, ताकि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराया जा सके।
जनपद की आठ ग्राम पंचायत बाल श्रम घोषित, ग्राम प्रधान होंगे सम्मानित
फर्रुखाबाद l जनपद को वर्ष 2027 में बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में तेज़ी से कार्यवाही
8 ग्राम पंचायतें बाल श्रम मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया पूर्ण, 167 बच्चों को कराया गया मुक्त
उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा लिए गए संकल्प "बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश" के अंतर्गत वर्ष 2027 तक प्रदेश को बाल श्रम मुक्त घोषित किए जाने के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु जनपद फर्रुखाबाद में व्यापक स्तर पर कार्यवाही की जा रही है। जनपद के विकास खण्ड बढ़पुर की 05 और विकास खण्ड शमशाबाद की 03 ग्राम पंचायतों को बाल श्रम मुक्त घोषित किए जाने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है।
सहायक श्रमायुक्त द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त कार्य को अंतिम रूप देने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी के नेतृत्व में विभिन्न विभागीय टीमों का गठन किया गया। गठित टीमों द्वारा संबंधित ग्राम पंचायतों में ग्राम बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों की बैठकें आयोजित कर प्रस्ताव पारित कराए गए तथा विकास खण्ड स्तर पर ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों से भी अनुमोदन प्राप्त किया गया। तत्पश्चात जिला स्तर पर इन प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही आगामी एक वर्ष तक इन ग्राम पंचायतों की सतत निगरानी एवं अनुश्रवण भी किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण अभियान में शिक्षा, पंचायत राज, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों का सक्रिय सहयोग लिया जा रहा है। जनपद की अन्य ग्राम पंचायतों को भी चरणबद्ध तरीके से बाल श्रम मुक्त बनाने की कार्यवाही निरंतर जारी है।
बाल श्रम उन्मूलन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने हेतु श्रम विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, नगर पालिका परिषद फर्रुखाबाद के वार्ड सदस्यों के साथ बाल श्रम उन्मूलन विषयक गोष्ठी आयोजित की गई। उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया तथा उनके माध्यम से व्यापारिक प्रतिष्ठानों के स्वामियों से बाल श्रम न कराने की अपील की गई। विधायक भोजपुर नागेन्द्र राठौर ने क्षेत्रवासियों एवं व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों को श्रम में लगाने के स्थान पर शिक्षा से जोड़ें तथा उन्हें सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करें। वहीं ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष कृष्ण दत्त द्विवेदी ने जनपद के सभी ईंट भट्ठा संचालकों से अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे से कोई कार्य न लें।
विशेष अभियान के प्रभावी संचालन हेतु जिला समन्वयक जीशान अंसारी, चाइल्ड राइट्स एसोसिएट (ए.वी.ए.) को जनपद में तैनात किया गया है, जो श्रम विभाग को तकनीकी एवं मैदानी सहयोग प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं कोई बाल श्रमिक कार्य करता हुआ दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल टोल फ्री नम्बर 1098, 1800-102-7222 अथवा PENCIL पोर्टल पर उपलब्ध कराएं।
अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर 12 जून 2026 को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में एक भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में बाल श्रम मुक्त घोषित क्षेत्रों के ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में जनपद से बाल श्रम उन्मूलन समिति के सदस्य, व्यापार मंडल के पदाधिकारी, जिला पंचायती राज विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल कल्याण समिति, चाइल्ड लाइन, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट  विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के लगभग 45 से 50 प्रतिनिधि प्रतिभाग करेंगे।
सहायक श्रमायुक्त ने बताया कि
14 वर्ष से कम आयु के बच्चों का किसी भी प्रतिष्ठान में नियोजन पूर्णतः प्रतिबंधित है। उल्लंघन की स्थिति में सेवायोजकों के विरुद्ध अभियोजन की कार्यवाही करते हुए आर्थिक दण्ड एवं कारावास का प्रावधान है। इसी प्रकार 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों को खतरनाक उद्योगों एवं प्रक्रियाओं में नियोजित करना भी प्रतिबंधित है।
उन्होंने बताया कि दोषी पाए जाने वाले सेवायोजकों के विरुद्ध मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में वाद दायर किया जाता है साथ ही निर्धारित दण्डात्मक कार्यवाही की जाती है। किशोर श्रमिकों के नियोजन की स्थिति में भी कार्यघंटों, विश्राम अवधि, साप्ताहिक अवकाश तथा अभिलेख संधारण से संबंधित नियमों का पालन अनिवार्य है।
सहायक श्रमायुक्त द्वारा जानकारी दी गई कि एक अप्रैल 2024 से 31 मई 2026 तक जनपद में संचालित विशेष निरीक्षण अभियानों के दौरान 142 निरीक्षणों में 167 बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया। जिन प्रतिष्ठानों पर बच्चे कार्यरत पाए गए, उनके स्वामियों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्यवाही की गई है।
उन्होंने कहा कि जनपद को पूर्णतः बाल श्रम मुक्त बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी द्वारा जनपद स्तरीय टास्क फोर्स का पुनर्गठन किया गया है, जो निरंतर भ्रमण कर बाल श्रम की रोकथाम हेतु निरीक्षण करेगी तथा दोषी प्रतिष्ठान स्वामियों के विरुद्ध कठोर दण्डात्मक कार्यवाही सुनिश्चित कराएगी।
जनपद प्रशासन ने सभी नागरिकों, व्यापारियों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, ईंट भट्ठा संचालकों तथा समाज के विभिन्न वर्गों से बाल श्रम उन्मूलन अभियान में सक्रिय सहयोग प्रदान करने की अपील की है, ताकि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराया जा सके।
बाढ़ से निपटने के लिए तीनों तहसीलों में हुआ मार्क ड्रिल का अभ्यास,बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में मार्क ड्रिल रिहर्सल से दी गई जानकारी
फर्रुखाबाद । जनपद में बाढ़ आपदा से निपटने हेतु राज्य स्तरीय मेगा मॉक ड्रिल का सफल आयोजन
संभावित बाढ़ आपदा की स्थिति में जनपद की तैयारियों का परीक्षण एवं विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा गुरुवार को राज्य स्तरीय मेगा बाढ़ मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। जनपद की तीनों तहसीलों के चिन्हित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आयोजित इस अभ्यास का शुभारम्भ सुबह किया गया इस दौरान विभिन्न आपदा परिदृश्यों का सफलतापूर्वक प्रदर्शन एवं अभ्यास करते हुए इसका समापन सायं काल हुआ ।
मॉक ड्रिल के अंतर्गत तहसील सदर के ग्राम पंखियाँ की मड़ैया, मजरा कटरी धरमपुर, थाना मऊदरवाजा, विकास खण्ड बढ़पुर में बाढ़ चौकी, राहत शिविर (शेल्टर होम) एवं फील्ड हॉस्पिटल की स्थापना का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रभावित व्यक्तियों को राहत शिविरों तक सुरक्षित पहुंचाने, आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा राहत सामग्री वितरण की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया।
तहसील अमृतपुर में बाढ़ के दौरान नाव पलटने की काल्पनिक घटना का परिदृश्य तैयार कर प्रभावित व्यक्तियों के सुरक्षित रेस्क्यू, प्राथमिक उपचार, चिकित्सकीय सहायता तथा त्वरित राहत कार्यों का सफल प्रदर्शन किया गया। आपदा प्रतिक्रिया दलों द्वारा बचाव कार्यों में आवश्यक उपकरणों एवं संसाधनों के प्रभावी उपयोग का भी प्रदर्शन किया गया।  तहसील कायमगंज के ग्राम गुटैटी दक्षिण, थाना एवं विकास खण्ड शमसाबाद में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालकर वाहनों के माध्यम से राहत शिविरों तक पहुंचाने, राहत सामग्री वितरण, चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने तथा विभिन्न विभागों के मध्य समन्वित कार्यवाही का सफल अभ्यास किया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान तीनों तहसीलों में संबंधित उप जिलाधिकारियों ने नोडल अधिकारी एवं इंसिडेंट कमाण्डर के रूप में संपूर्ण गतिविधियों का नेतृत्व किया तथा विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय स्थापित करते हुए अभ्यास को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।
इस अवसर पर जनपद की विभिन्न आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों एवं विभागों द्वारा सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई। मॉक ड्रिल में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), आर्मी, पुलिस विभाग, फ्लड पीएसी, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीमें एवं एम्बुलेंस सेवाएं, आपदा मित्र, अग्नि सचेतक, राजस्व विभाग, होमगार्ड, सिंचाई विभाग, ग्राम स्तरीय आपदा प्रबंधन समितियां तथा अन्य संबंधित विभागों एवं एजेंसियों ने प्रतिभाग करते हुए आपसी समन्वय एवं त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का प्रभावी प्रदर्शन किया।
मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों एवं आपदा प्रतिक्रिया बलों की तैयारियों का मूल्यांकन करना, उपलब्ध संसाधनों एवं व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता का परीक्षण करना, विभागीय समन्वय को सुदृढ़ बनाना तथा जनसामान्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही का अभ्यास करना था।
अभ्यास के दौरान राहत एवं बचाव कार्य, चिकित्सा सहायता, आपात संचार व्यवस्था, प्रभावित व्यक्तियों का सुरक्षित पुनर्स्थापन, राहत शिविर संचालन, खाद्य एवं पेयजल व्यवस्था तथा आपदा प्रबंधन की अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया गया। संबंधित विभागों द्वारा निर्धारित मानकों एवं प्रोटोकॉल के अनुरूप कार्यवाही करते हुए आपदा प्रबंधन की समग्र तैयारियों का प्रभावी प्रदर्शन किया गया।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आयोजित यह मेगा मॉक ड्रिल जनपद में आपदा प्रबंधन संबंधी सतत तैयारियों, विभागीय समन्वय तथा त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र की दक्षता का परिचायक रही। अभ्यास के सफल आयोजन पर जिला प्रशासन एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी संबंधित विभागों, अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वयंसेवकों एवं आपदा मित्रों के सहयोग की सराहना करते हुए भविष्य में भी आपदा प्रबंधन संबंधी तैयारियों को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने का आह्वान किया।
दर्जनों ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन,एक किलोमीटर निजी केवल डालकर जला रहे बिजली, नहीं है गांव में ट्रांसफार्मर, कई बार दे चुके अधिका
फर्रुखाबाद। द्वारिका धाम कॉलोनी के दर्जनों नागरिकों ने श्याम बाबू के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचकर मूलभूत समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया बाद में जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया है जिसमें कहा है कि गांव में कई साल से ना तो कोई ट्रांसफार्मर लगा है और ना ही बिजली है 1 किलोमीटर दूर से निजी केवल डालकर बिजली का प्रयोग कर रहे हैं जबकि कई बार इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि इस भीषण गर्मी में सड़क और बिजली न होने से कॉलोनी में बीमारी फैल रही है सफाई का भी बुरा हाल है। कच्ची सड़कों पर पानी भर जाने से आने-जाने में दिक्कतें हो रही है।
गैंगस्टर आरोपी पुलिस मुठभेड़ में हुआ लंगड़ा,चोरी लूट और डकैती की घटनाओं को भी दिया अंजाम, पुलिस मुठभेड़ को कराया भर्ती

फर्रुखाबाद। गैंगस्टर एक्ट में वांछित चल रहे साथ ही चोरी,लूट और डकैती की घटनाओं को अंज़ाम देने वाला आरोपी कपिल थाना पुलिस की मुठभेड़ में गोली लगने से लंगड़ा हो गया है जिसे घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 10 जून को रात्रि कपिल थाना क्षेत्र में वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा था तभी एक संदिग्ध व्यक्ति बिना नंबर प्लेट की वाइक से आता हुआ दिखाई दिया जब पुलिस के द्वारा उसे रोकने का इशारा किया गया तो वह तेजी से आगे बढ़ा लें गया और पुलिस टीम पर फायरिंग करने लगा तो कंपिल पुलिस ने ज़बाब में फायरिंग की तो उसके दाहिने पैर में गोली लगने से लंगड़ा हो गया और पुलिस टीम ने उसे चारों तरफ से घेर कर गिरफ्तार कर लिया । गिरफ़्तार अभियुक्त ने अपना नाम रविदास उर्फ करिया जनपद कन्नौज का रहने वाला है किसी घटना को अंजाम देने की फ़िराक में था। उन्होंने बताया कि उसके पास से एक तमंचा और कारतूस बरामद हुए हैं,10 से अधिक अपराधिक मामले थानों में दर्ज हैं उन सभी की पड़ताल की जा रही है।