सामाजिक सुरक्षा एवं बाल श्रम उन्मूलन के प्रति जागरूकता बढ़ाने को कार्यशाला आयोजित

लखनऊ। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर संचालित "12 साल विश्वास के, विकास के, जन-कल्याण के" अभियान के अंतर्गत 05 जून से 21 जून 2026 तक प्रदेश में समेकित जन-कल्याण एवं जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को कार्यालय अपर श्रमायुक्त, 23 ए.पी. सेन रोड, लखनऊ के सभागार में अपर श्रमायुक्त, लखनऊ कल्पना श्रीवास्तव की अध्यक्षता में सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 तथा बाल श्रम उन्मूलन विषयक जन-जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में सहायक श्रमायुक्त शिप्रा चतुर्वेदी सहित श्रम विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर श्रम प्रवर्तन अधिकारी शरद, संतोष कुमार, राकेश कुमार पाल, अंकित सिंह, अरुण कुमार पाण्डेय, राम कुमार, इम्तेयाज अहमद अंसारी, पंकज कुमार शुक्ला तथा हिन्द मजदूर सभा के प्रदेश महामंत्री उमा शंकर एवं टीयूसीसी के महामंत्री प्रमोद पटेल सहित विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अभियान के तहत लेबर अड्डा इंजीनियरिंग कॉलेज क्षेत्र में श्रम विभाग द्वारा विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्रम प्रवर्तन अधिकारियों अंकित सिंह एवं शरद ने वहां एकत्रित श्रमिकों को उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की। इस दौरान 15 श्रमिकों का मौके पर ही पंजीकरण किया गया तथा अन्य पात्र श्रमिकों को भी श्रमिक पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित किया गया।
इसी प्रकार बोर्ड की कौशल विकास, तकनीकी उन्नयन एवं प्रमाणन योजना (आरपीएल) के अंतर्गत आरपीएल टीम द्वारा विकास खंड मलिहाबाद एवं मोहनलालगंज में विशेष शिविर आयोजित कर श्रमिकों का पंजीकरण किया गया। वहीं विकास खंड बक्शी का तालाब में भी उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं के प्रचार-प्रसार, श्रमिक पंजीकरण तथा पात्र लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं में आवेदन के लिए प्रोत्साहित करने हेतु विशेष स्टॉल एवं शिविर लगाए गए।
अपर श्रमायुक्त ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों तक पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रमिकों के बीच लगातार जागरूकता अभियान चलाकर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य सुनिश्चित किया जाए।
उप्र : 44 जनपदों की 118 बाढ़ प्रभावित तहसीलों में राज्य स्तरीय बाढ़ मॉक अभ्यास-2026 का हुआ सफल आयोजन


लखनऊ। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के समन्वय से आज 11 जून, 2026 को प्रदेश के 44 बाढ़ संभावित जनपदों की 118 तहसीलों में राज्य स्तरीय बाढ़ मॉक अभ्यास-2026 का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य बाढ़ की आपात स्थिति में विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय, संसाधनों की उपलब्धता, संचार व्यवस्था, राहत एवं बचाव कार्यों तथा ग्राम से राज्य स्तर तक की प्रतिक्रिया प्रणाली का परीक्षण एवं सुदृढ़ीकरण करना था।

मॉक अभ्यास का शुभारम्भ योजना भवन, लखनऊ से किया गया। सभी जनपदों एवं तहसीलों को बाढ़ संबंधी चेतावनी एवं परिदृश्यों की जानकारी उपलब्ध कराई गई, जिसके उपरांत जिला प्रशासन द्वारा इंसीडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (आईआरएस) एवं मानक संचालन प्रक्रिया के अनुरूप कार्यवाही प्रारम्भ की गई। अभ्यास के दौरान जनपदों द्वारा बाढ़ के कारण गांवों के जलमग्न होने, लोगों के पेड़ों एवं छतों पर फंसने, नाव दुर्घटना, सड़क एवं पुल क्षतिग्रस्त होने, संचार बाधित होने तथा अफवाह एवं भ्रामक सूचनाओं के प्रसार जैसे विभिन्न परिदृश्यों पर राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया गया। इसके अतिरिक्त राहत शिविरों, बाढ़ चौकियों, कमांड पोस्ट, फील्ड हॉस्पिटल तथा चिकित्सा सहायता केन्द्रों की स्थापना एवं संचालन का भी अभ्यास किया गया।
योजना भवन, लखनऊ से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वरिष्ठ सलाहकार ब्रिगेडियर रविंद्र गुरुंग द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समस्त जनपदों एवं तहसीलों की गतिविधियों का संचालन एवं पर्यवेक्षण किया गया। अभ्यास के दौरान जिलाधिकारियों, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग, पशुपालन विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा अन्य संबंधित विभागों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए आपसी समन्वय का प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी, पी.वी.एस.एम, ए.वी.एस.एम, वी.एस.एम, (से.नि.) ने जनपद लखनऊ की तहसील बी0के0टी0 में आयोजित विभिन्न गतिविधियों का स्थलीय निरीक्षण किया तथा राहत एवं बचाव कार्यों, कमांड एवं नियंत्रण व्यवस्था तथा विभिन्न विभागों के समन्वय का अवलोकन किया। मौके पर भारतीय सेना द्वारा फील्ड हॉस्पिटल भी स्थापित किया गया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ की वास्तविक परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने हेतु सभी तैयारियों को अद्यतन एवं सुदृढ़ रखा जाए।
अभ्यास के समापन सत्र में उपाध्यक्ष ने योजना भवन, लखनऊ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपदों की कार्यवाहियों की समीक्षा की। इस दौरान विभिन्न जनपदों द्वारा प्राप्त अनुभवों, सामने आई चुनौतियों, कमियों एवं सुधार की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई तथा भविष्य में बाढ़ आपदा के प्रति और अधिक प्रभावी तैयारी हेतु आवश्यक सुझाव प्रदान किए गए। इंटल स्टेट रिसोर्स मोबिलाईजेशन पहल के अंतर्गत उत्तराखण्ड, राजस्थान, बिहार एवं मध्य प्रदेश राज्यों की एसडीआरएफ टीमें क्रमशः बरेली, मथुरा, गोरखपुर एवं प्रयागराज में आयोजित मॉक एक्सरसाइज में प्रतिभाग किया तथा असम, हरियाणा एवं पंजाब राज्यों के प्रतिनिधियों ने योजना भवन, लखनऊ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपदों की मॉक एक्सरसाइज गतिविधियों में प्रतिभागित किया।
मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर यूपी में कल शुक्रवार को होगा भव्य आयोजन


लखनऊ के बाद वाराणसी के कार्यक्रम में भी शामिल होंगे सीएम योगी


लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 12 जून शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। '12 साल विश्वास के, विकास के और जनकल्याण के' अभियान के तहत योगी सरकार प्रदेशभर में केंद्र सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ और वाराणसी में आयोजित प्रमुख कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

लोकभवन, लखनऊ में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मीडिया से संवाद करेंगे और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों के दौरान जनकल्याण, सुशासन, बुनियादी ढांचे के विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के क्षेत्र में हुए कार्यों की जानकारी देंगे। इस अवसर पर केंद्र सरकार की विकास यात्रा और उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन भी मुख्यमंत्री करेंगे।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सहयोगी दलों के प्रमुख नेता और मंत्री भी मौजूद रहेंगे। इनमें अपना दल (एस) के आशीष पटेल, निषाद पार्टी के डॉ. संजय निषाद, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के ओमप्रकाश राजभर तथा राष्ट्रीय लोकदल के अनिल कुमार प्रमुख रूप से शामिल होंगे।

भाजपा संगठन की ओर से प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित प्रदेश सरकार के कई मंत्री भी कार्यक्रम में भाग लेंगे। प्रदेश सरकार के अनुसार यह आयोजन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सुशासन, सेवा और गरीब कल्याण के 12 वर्षों की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने तथा विकास यात्रा को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर होगा।

इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाएंगे सीएम योगी

लोकभवन में मुख्य कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अपने सरकारी आवास से इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाएंगे। सीएम योगी नोएडा में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की 110 में से 45 इलेक्ट्रिक बसों (प्रथम चरण) का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से फ्लैग ऑफ करेंगे। साथ ही नोएडा इलेक्ट्रिक बस डिपो का भी शुभारंभ करेंगे। यहां कैबिनेट मंत्री नंदगोपाल गुप्ता ‘नंदी’ व परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह भी मौजूद रहेंगे।

शाम को वाराणसी में होने वाले कार्यक्रम में पहुंचेंगे मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार शाम को बाबा विश्वनाथ की नगरी व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी पहुंचेंगे। वे यहां गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल चौकाघाट में होने वाले कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। मुख्यमंत्री यहां शहरी आजीविका मिशन, उद्योग विभाग समेत विभिन्न विभागों की योजना के लाभार्थियों को भी सम्मानित करेंगे। यहां एक जनपद-एक व्यंजन समेत अनेक विभागों के स्टॉल भी लगेंगे।

सवर्ण आर्मी भारत की  राष्ट्रीय प्रवक्ता बनी नम्रता तिवारी पुणे, सुशील कुमार हिमाचल प्रदेश अध्यक्ष एवं संजय कुमार शर्मा गुजरात प्रदेश अध्यक्ष

लखनऊ । सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट बीच में नहीं आया होता तो आज सवर्ण के बच्चे यूजीसी रेगुलेशन के तहत जन्म जाती अपराधी घोषित हो गए होते,मै सरकार से पूछना चाहते हैं कि सरकार में बैठे सवर्ण नेता जो सरकार में बैठे हैं सवर्ण है वह भी उनके बच्चे भी तो UGC के तहत अपराधी घोषित है ,तमाम चैनलों पर बैठे सवर्ण वह भी तो उसी श्रेणी में आते हैं तो क्यों उनको बैठाये हो उनको बाहर करो ,सुप्रीम कोर्ट बीच में नहीं आया होता तो आज 70,80 प्रतिशत की राजनीत चल रही होती अगर इनसे निकले नेताओं को देखे चन्द्र शेखर रावण उनकी बाते सुनिए विदेशों में जाते हैं महंगी महंगी गाड़ियों से घूमते हैं ग्राउन पर देखे तो दलित का बहुत बुरा हाल है मूल सुविधा से वंचित है।

उन्हें आरक्षण का मतलब भी नहीं मालूम सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कृमि लेयर लागू किया जाए पर ये दलित के चिंतक इसलिए लागू नहीं होने दे रहे हैं कि इनकी असलियत मालूम हो जाएगी सवर्ण कभी भी शोषण कारी नहीं रहा वह जन सामान्य,सामाजिक समरसता की बात किया आज सवर्ण की स्थित अत्यंत दयनीय हो गई है उसका सबसे बड़ा कारक सवर्ण खुद है वह कभी अपने लिए अपने समाज के लिए नहीं किया लेकिन अब समय की मांग है कि सवर्ण को वोट बैंक बनाना होगा तभी अस्तित्व बचेगा, राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरज प्रसाद चौबे ने सवर्ण आर्मी भारत का विस्तार करते हुए श्री मति नम्रता तिवारी को राष्ट्रीय प्रवक्ता महिला मोर्चा बनाया ,संजय कुमार शर्मा को गुजरात प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार आजाद बिलासपुर की प्रदेश अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश बनाया गया, उत्तर प्रदेश का विस्तार करते हुए मोहित मिश्रा को प्रदेश उपाध्यक्ष, गणेश कुमार मिश्रा को प्रदेश सचिव बनाया गया,उमाशंकर मिश्रा को लखनऊ का जिला अध्यक्ष अलीगढ़ जिला का जिला अध्यक्ष उमाशंकर मिश्रा रायबरेली वैभव त्रिपाठी महराजगंज गोपाल त्रिपाठी अयोध्या चंदन कुमार पाण्डेय गोंडा विश्वनाथ शर्मा को बनाया गया प्रतापगढ़ सर्वेश कांत सुलतानपुर युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष नितिन पांडेय को बनाया गया है सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि आप सभी लोग जिले में संगठन को मजबूती प्रदान करें ।

जिससे आप सवर्ण समाज को इन अहंकारी लोगों से बचाया जाए सके सवर्ण समाज के लोगों से कहना चाहते है कि राजनीतिक दल एव दल से जुड़े नेताओं से दूरी बनाए वह समाज का शोषण कर रहे हैं उनके आगे पीछे घूमना बंद करे अभी तक समाज के लोग कह रहे थे कि विकल्प क्या है सवर्ण समाज के लिए राजनीतिक विकल्प के रूप में राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा का गठन किया जा चुका है जिसके राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट अनिल कुमार मिश्रा, राष्ट्रीय संरक्षक चन्द्र भूषण पांडेय, उत्तर प्रदेश प्रभारी पूर्व DIG जुगल किशोर तिवारी जी है सभी लोगों से अनुरोध करते हैं कि आज जरूरत है सवर्ण को वोट बैंक बनने की बैठक में निखिल पांडेय गणेश मिश्रा श्यामा चौबे तनिषा तिवारी आदि उपस्थित रहे सभी लोगों ने सभी पदाधिका को हार्दिक शुभकामनाएं बधाई दी।
2027 तक बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश का लक्ष्य, 12 जून को लखनऊ में होगा राज्य स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम

* अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में जुटेंगे 800 से अधिक प्रतिभागी, शिक्षा और बाल अधिकारों पर होगा मंथन

लखनऊ। अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर 12 जून को राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में श्रम एवं सेवायोजन विभाग द्वारा राज्य स्तरीय विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाल श्रम उन्मूलन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना तथा बच्चों के शिक्षा, सुरक्षा और समग्र विकास के अधिकारों के प्रति समाज को संवेदनशील बनाना है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की उपस्थिति प्रस्तावित है। इसके अलावा श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, श्रम एवं सेवायोजन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मुन्नू लाल कोरी, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। कार्यक्रम में लगभग 800 प्रतिभागियों के भाग लेने की संभावना है।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव, श्रम, सेवायोजन एवं समन्वय विभाग एम. के. शन्मुगा सुन्दरम तथा श्रमायुक्त मार्कण्डेय शाही सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में बाल श्रम निषेध से जुड़े कानूनों, बच्चों के अधिकारों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
श्रम एवं सेवायोजन विभाग ने वर्ष 2027 तक उत्तर प्रदेश को बाल श्रम मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस दिशा में जनसहभागिता को बढ़ावा देने और बाल श्रम के खिलाफ सामाजिक चेतना विकसित करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।
विभाग ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे बाल श्रम उन्मूलन अभियान में सक्रिय सहयोग करें और किसी भी बच्चे को श्रम में संलग्न न होने देने के लिए अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाएं। विभाग का कहना है कि हर बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना समाज और सरकार की साझा जिम्मेदारी है।
अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम बच्चों के सुरक्षित बचपन, शिक्षा के अधिकार और उनके उज्ज्वल भविष्य के प्रति समाज की प्रतिबद्धता को मजबूत करने का संदेश देगा।
2027 की जंग के लिए बसपा ने कसी कमर, पिछड़ों और सवर्णों को साधने की कवायद तेज
* भाईचारा कमेटियों को सक्रिय करने के निर्देश, गैर-यादव पिछड़ी जातियों पर विशेष फोकस

लखनऊ। वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अपनी राजनीतिक तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी नेतृत्व एक बार फिर अपनी पुरानी सोशल इंजीनियरिंग की रणनीति को धार देने में जुट गया है। इसी क्रम में माल एवेन्यू स्थित बसपा के प्रदेश मुख्यालय पर पिछड़ा वर्ग भाईचारा कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में बसपा के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पार्टी की नीतियों और विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए स्थानीय स्तर पर छोटी-छोटी बैठकों का आयोजन किया जाए तथा भाईचारा कमेटियों को अधिक सक्रिय बनाया जाए।
बैठक के दौरान विभिन्न जिलों में भाईचारा कमेटियों द्वारा अब तक किए गए कार्यों की समीक्षा की गई और संगठन विस्तार की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। पार्टी नेतृत्व ने कमेटियों को समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद बढ़ाने और नए लोगों को जोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी।
बसपा जहां अपने पारंपरिक दलित वोट बैंक को और मजबूत करने की कोशिश कर रही है, वहीं सवर्ण समाज, विशेषकर ब्राह्मण वर्ग को साथ जोड़ने की रणनीति पर भी काम कर रही है। इसके साथ ही पार्टी का सबसे अधिक फोकस गैर-यादव पिछड़ी जातियों के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने पर है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बसपा आगामी विधानसभा चुनाव में सामाजिक समीकरणों के जरिए अपनी खोई राजनीतिक जमीन वापस हासिल करने की कोशिश कर रही है। इसी उद्देश्य से संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करते हुए विभिन्न भाईचारा कमेटियों को सक्रिय किया जा रहा है।
श्रमिकों के कल्याण और औद्योगिक शांति के लिए प्रदेशभर में चल रहा जागरूकता अभियान

* औद्योगिक क्षेत्र ऐशबाग में श्रमिक-सेवायोजक संवाद, महिला सुरक्षा एवं श्रम कानूनों पर कार्यशाला आयोजित


लखनऊ। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संचालित “12 साल विश्वास के, विकास के, जन-कल्याण के” अभियान के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में 5 जून से 21 जून 2026 तक व्यापक जनकल्याण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को अपर श्रमायुक्त, लखनऊ कल्पना श्रीवास्तव के निर्देशन में ऐशबाग औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिक-सेवायोजक संवाद कार्यक्रम, औद्योगिक संबंध संहिता-2020 पर कार्यशाला तथा कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में श्रम प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा औद्योगिक शांति एवं सौहार्द बनाए रखने, विवाद निस्तारण तंत्र को प्रभावी बनाने तथा सामाजिक संवाद एवं सामूहिक सौदेबाजी के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 के प्रावधानों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
अपर श्रमायुक्त, लखनऊ की अध्यक्षता में मोहिबुल्लापुर, सीतापुर रोड स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर सुविधा केंद्र (लेबर अड्डा) का निरीक्षण किया गया। इस दौरान लेबर अड्डा इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में एकत्र श्रमिकों को श्रमिक पंजीयन एवं उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई।
इसके अतिरिक्त श्रम प्रवर्तन अधिकारी द्वारा सुभाष मार्ग, लखनऊ में असंगठित क्षेत्र के गिग एवं प्लेटफॉर्म वर्कर्स (जेप्टो, जोमैटो, ब्लिंकिट एवं स्विगी) के पंजीकरण हेतु विशेष शिविर आयोजित किया गया। शिविर में श्रमिकों को राज्य एवं केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए अधिकाधिक पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित किया गया। वहीं ब्लॉक-बक्शी का तालाब क्षेत्र में उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा पात्र श्रमिकों के पंजीकरण एवं आवेदन के लिए विशेष शिविर का आयोजन किया गया। अधिकारियों ने कहा कि श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए ऐसे जागरूकता कार्यक्रम निरंतर जारी रहेंगे।
यूपी पंचायत चुनाव: अंतिम मतदाता सूची जारी, 40 लाख से अधिक नए मतदाता जुड़े
* प्रत्येक मतदाता को 9 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या आवंटित

* पुनरीक्षण में 1.41 करोड़ नाम सूची से हटाए गए

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायत चुनाव की तैयारियों के तहत अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। जिला स्तर पर प्रकाशित इस सूची में प्रत्येक मतदाता को 9 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या (यूनीक आईडी) प्रदान की गई है।
मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान बड़ी संख्या में संशोधन किए गए हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, लगभग 1.41 करोड़ मतदाताओं के नाम विभिन्न कारणों से सूची से हटाए गए हैं, जबकि 40.19 लाख नए मतदाताओं को शामिल किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद तकनीकी कारणों से इसे ऑनलाइन डाउनलोड करने में कुछ दिक्कतें सामने आ रही हैं। संबंधित विभाग द्वारा समस्या के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि मतदाता आसानी से अपनी जानकारी प्राप्त कर सकें। प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि वे सूची में अपना नाम एवं विवरण अवश्य जांच लें और किसी भी त्रुटि की स्थिति में संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें।
समर इंटर्नशिप कार्यक्रम के तहत 128 विधि छात्रों ने किया डीएलएसए और एलएडीसीएस का शैक्षणिक भ्रमण

* विधिक सेवा संस्थाओं की कार्यप्रणाली एवं न्याय तक समान पहुंच की अवधारणा से हुए परिचित

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (यूपीएसएलएसए) द्वारा आयोजित समर इंटर्नशिप कार्यक्रम-2026 के अंतर्गत विभिन्न विधि महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के 128 विधि छात्र-छात्राओं ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), लखनऊ तथा लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम (एलएडीसीएस), लखनऊ का शैक्षणिक भ्रमण किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य भावी विधि पेशेवरों को न्याय व्यवस्था की व्यावहारिक कार्यप्रणाली, निःशुल्क विधिक सहायता तंत्र तथा विधिक सेवा संस्थाओं की भूमिका से परिचित कराना था।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को डीएलएसए की कार्यप्रणाली, निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत, प्री-लिटिगेशन मेडिएशन, पीड़ित प्रतिकर योजना एवं विभिन्न विधिक जागरूकता कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें एलएडीसीएस की संरचना, उद्देश्य तथा आर्थिक रूप से कमजोर अभियुक्तों को उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता व्यवस्था के बारे में भी अवगत कराया गया।
इस अवसर पर शालीन मिश्रा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए न्याय तक समान पहुंच के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विधिक सेवा संस्थाएं समाज के कमजोर, वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को संवैधानिक मूल्यों तथा न्याय व्यवस्था में विधिक सेवा प्राधिकरणों की भूमिका से भी अवगत कराया।
मुख्य विधिक सहायता रक्षा अधिवक्ता अरुण मिश्रा ने इंटर्न्स को एलएडीसीएस की कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए बताया कि यह व्यवस्था आर्थिक रूप से कमजोर एवं असहाय अभियुक्तों को गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। उन्होंने आपराधिक मामलों में अभियुक्तों के संवैधानिक अधिकारों, निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार तथा न्यायिक प्रक्रिया में विधिक सहायता के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की।
वहीं, अभिषेक गुप्ता ने कहा कि समर इंटर्नशिप जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों से परे व्यावहारिक विधिक ज्ञान प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि विधिक शिक्षा का उद्देश्य केवल कानून की जानकारी देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, न्याय के प्रति संवेदनशीलता और सेवा भाव विकसित करना भी है।
उन्होंने इंटर्न्स को निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं, लोक अदालतों की उपयोगिता तथा डीएलएसए द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी भी प्रदान की।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विधिक सेवा संस्थाओं की कार्यप्रणाली को निकट से समझा तथा न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करने में उनकी भूमिका के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
NRHM घोटाले के कथित मास्टरमाइंड पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव गिरफ्तार
* आय से अधिक संपत्ति मामले में यूपी सतर्कता अधिष्ठान की कार्रवाई, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत चल रहा है मुकदमा

लखनऊ। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) घोटाले से जुड़े आय से अधिक संपत्ति के मामले में उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान ने पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसी के अनुसार, मुकेश श्रीवास्तव पर अपनी ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।
सतर्कता अधिष्ठान द्वारा उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही थी। अधिकारियों के मुताबिक, वर्ष 2012 से 2017 तक विधायक रहने के दौरान वित्तीय अनियमितताओं और संपत्ति अर्जन को लेकर जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं।
जांच एजेंसियों का दावा है कि NRHM घोटाले में मुकेश श्रीवास्तव की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। उनके खिलाफ पहले से ही तीन अन्य मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं। गिरफ्तारी के बाद सतर्कता अधिष्ठान आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटा है।
मामले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।