किराये के भवन से मिलेगी मुक्ति,57 करोड़ से अफसरों के लिए बनेंगे आवास

*60 आवास निर्माण की मिली स्वीकृति, कार्यदाई संस्था लोक निर्माण मिर्जापुर नामित*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले में किराये और उधारी के भवनों में रहने वाले 60 अधिकारियों के लिए सरकारी आवास बनेगा। यह आवास तीन मंजिल का होगा। सरपतहां में एडीएम आवास के पास इसके लिए चार हजार वर्ग मीटर जमीन चिह्नित कर ली गई है। डीएम शैलेष कुमार के प्रस्ताव पर शासन ने स्वीकृति दे दी। 48.70 करोड़ से टाइप-4 और आठ करोड़ 23 लाख से टाइप-5 स्तर के आवास का निर्माण होगा। इसके लिए कार्यदायी संस्था लोक निर्माण मिर्जापुर नामित है। 30 जून 1994 को वाराणसी से कटकर भदोही अलग जिला बना था। सरपतहां में कलेक्ट्रेट और कंसापुर में विकास भवन, घरांव में कृषि कार्यालय, ज्ञानपुर में पुलिस लाइन और सरपतहां में पुलिस कार्यालय बनाए गए। डीएम, एसपी, एडीएम समेत क्लास वन के अधिकारियों के लिए आवास भी बन गए, लेकिन क्लास टू के अधिकारियों को तीन दशक बाद भी आवास की सुविधा नहीं मिल पाई। क्लास टू के अधिकारी आज भी किराये और उधारी के मकान में रहते हैं। अधिकारियों को इसके लिए किराया भत्ता मिलता है, लेकिन किराये के मकान में अन्य सुविधाएं मुहैया नहीं हो पाती है। अब प्रशासन ने अधिकारियों के लिए सरकारी आवास बनवाने की पहल की है। करीब छह से सात महीने पहले टाइप-4 और टाइप-5 स्तर के आवास निर्माण के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। जिसको अब स्वीकृति मिल गई। आवास निर्माण पर 57 करोड़ खर्च होगा।

ये अधिकारी रहते हैं किराये पर
जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला मस्त्य अधिकारी, डीपीआरओ, एआर सहकारिता, जिला कृषि अधिकारी, उप निदेशक कृषि, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, सहायक निर्वाचन अधिकारी पंचस्थानीय, भूमि संरक्षण अधिकारी, डीडीओ, जिला उद्यान अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, सहायक श्रमायुक्त, युवा कल्याण अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी विकास, पर्यटन अधिकारी समेत 60 अफसर शामिल हैं।
60 अधिकारियों के आवास के लिए सरपतहां में जमीन चिह्नित की गई है। करीब चार हजार वर्ग मीटर में टाइप-4 और टाइप-5 स्तर का आवास बनेगा। आवास निर्माण पर 57 करोड़ खर्च होगा। प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई है। जल्द ही इसका निर्माण शुरू होागा। - शैलेष कुमार, डीएम भदोही
गोपीगंज पुलिस ने शातिर मोटरसाइकिल चोर को पकड़ा: चोरी की HF DELUX बाइक बरामद, आरोपी हंडिया का गैंगस्टर


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही के गोपीगंज थाना क्षेत्र में 9 जून 2026 को एक मोटरसाइकिल चोरी हो गई थी। चकनिरंजन पूरेरघुनाथपुर निवासी धर्मराज उपाध्याय ने अपनी HF DELUX मोटरसाइकिल घर के सामने से चोरी होने की सूचना दी थी। इस संबंध में थाना गोपीगंज में मु0अ0सं0 233/26, धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में, गोपीगंज पुलिस टीम ने थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक मुखबिर की सटीक सूचना पर नाकाबंदी कर संदिग्धों की जांच शुरू की। चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक युवक को बिना नंबर की मोटरसाइकिल पर आते देखा। पुलिस द्वारा रोकने का इशारा करने पर उसने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।
अभियुक्त के कब्जे से चोरी की HF DELUX मोटरसाइकिल बरामद की गई, जो मु0अ0सं0 233/26 से संबंधित थी। इस मामले में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। गिरफ्तार किया गया आरोपी भोला उर्फ सूरज चौहान हंडिया थाने का गैंगस्टर है। उसके खिलाफ प्रयागराज और भदोही जिलों में लगभग आधा दर्जन मामले दर्ज हैं। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि उसके पास मिली मोटरसाइकिल चोरी की है, जिसे उसने कुछ दिन पहले पूरेरघुनाथपुर से चुराया था।
आरोपी की पहचान प्रयागराज जिले के हंडिया थाना क्षेत्र के उपरदहा निवासी 29 वर्षीय भोला उर्फ सूरज चौहान पुत्र राधेश्याम चौहान के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से काले रंग की HF DELUX मोटरसाइकिल बरामद की है। इस गिरफ्तारी में उपनिरीक्षक शशांक वाजपेयी और आरक्षी संदीप पटेल की टीम शामिल थी।
भदोही साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: निवेश धोखाधड़ी के शिकार पीड़ित के ₹1.89 लाख वापस कराए*



रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही साइबर पुलिस ने निवेश धोखाधड़ी के शिकार प्रेमचन्द्र चौहान के ₹1,89,835 वापस कराए हैं। पीड़ित को फर्जी लिंक भेजकर ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाया गया था।

इस संबंध में पीड़ित ने साइबर थाना भदोही में लिखित तहरीर दी थी। तहरीर के आधार पर साइबर थाना जनपद भदोही में मुकदमा अपराध संख्या- 43/2025, धारा- 318(4) व धारा 66 आई.टी. एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई।

जनपद भदोही में साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन में साइबर सेल/साइबर हेल्प डेस्क को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के कुशल पर्यवेक्षण में साइबर थाना भदोही की पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए बैंक पत्राचार के माध्यम से यह राशि वापस कराई।

पुलिस शेष धनराशि की सुरक्षित वापसी के लिए भी लगातार प्रयास और विधिक कार्यवाही कर रही है। धनराशि वापस मिलने पर पीड़ित ने भदोही पुलिस अधीक्षक और साइबर सेल की सराहना की।

साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए पुलिस ने कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी है: धोखाधड़ी होते ही तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई ऐप डाउनलोड न करें। वर्क फ्रॉम होम या शेयर ट्रेडिंग जैसे प्रस्तावों से पहले पूरी जानकारी लें। अनजान व्यक्ति द्वारा पैसे मांगे जाने पर जांच करें; गलती से हुए ट्रांजेक्शन को स्वयं न लौटाएं, बैंक या साइबर सेल के माध्यम से ही वापस कराएं। अज्ञात व्यक्ति/नंबर द्वारा भेजी गई किसी भी लिंक पर क्लिक न करें।

इस कार्रवाई में साइबर थाना पुलिस टीम के प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार गुप्ता, मुख्य आरक्षी गोवर्धन कुशवाहा और आरक्षी सदानंद शामिल थे।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश
*जिलाधिकारी ने नगमालपुर आंगनबाड़ी केंद्र पर टीकाकरण सत्र का किया आकस्मिक निरीक्षण*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने बुधवार को विकास खंड क्षेत्र अभोली के आंगनबाड़ी केंद्र नगमालपुर में संचालित टीकाकरण सत्र का आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान केंद्र पर एएनएम एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री उपस्थित मिलीं तथा टीकाकरण संबंधी अभिलेखों का अवलोकन किया गया।
           निरीक्षण के दौरान एएनएम एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि ग्राम पंचायत में सभी 16 गर्भवती महिलाओं का निर्धारित टीकाकरण पूर्ण कराया जा चुका है। इसके अतिरिक्त 52 बच्चों का नियमित टीकाकरण भी संपन्न कराया गया है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत में एक बच्चा गंभीर रूप से अस्वस्थ है, जिसका उपचार चिकित्सकीय देखरेख में कराया जा रहा है।
           जिलाधिकारी ने टीकाकरण कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के शत-प्रतिशत टीकाकरण तथा नियमित स्वास्थ्य निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान केंद्र पर विद्युत व्यवस्था उपलब्ध न होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद के सभी विकास खंडों के बाल विकास परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ) से दो दिवस के भीतर आंगनबाड़ी केंद्रों की विद्युत व्यवस्था संबंधी विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त कर प्रस्तुत की जाए।
            उन्होंने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर शीघ्र विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि केंद्रों का संचालन सुव्यवस्थित, स्वच्छ एवं बाल हितैषी वातावरण में सुनिश्चित किया जाए। साथ ही बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं की नियमित निगरानी करने तथा शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर बल दिया।
         जिलाधिकारी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बाल एवं मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की आधारशिला हैं। अतः इनके संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष कुमार चक, चिकित्सा अधीक्षक अभोली डॉक्टर शुभांकर श्रीवास्तव, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी अनिल सिंह, अपर संख्या अधिकारी नीरव सिंह एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
कालीन नगरी के 200 गांवों में सघन वन तैयार करेगा वन विभाग, बढ़ेगी हरियाली

*वन विभाग की टीम करेगी माॅनिटरिंग*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही।लगातार कटते पेड़ और कम होते बाग-बगीचे के बीच अब वन विभाग जिले के 200 गांवों में सघन वन स्थापित करेगा। विभाग की ओर से गांवों को चिह्नित किया जा रहा है। जिसके बाद वहां पर बड़ी संख्या में पौधे रोपित कर उसका संरक्षण किया जाएगा। विभाग की ओर से एक ही जगह पर 300 से 1000 पौधे रोपित किए जाएंगे।
गांव की बंजर और जीएस की जमीनों को इस अभियान के माध्यम से उपयोग में लाया जाएगा। एक दशक पहले तक हर गांव में बगीचे होते थे, लेकिन आधुनिकता की अंधी दौड़ के बीच लोगों ने तेजी से पेड़ों की कटाई की। जिससे गांवों में बाग-बगीचे कम होते चले गए। स्थिति यह है कि अब गांवों में जाने के बाद किसी पेड़ की छांव मिलना मुश्किल होता है। ऐसे में वन विभाग अब नए सिरे से गांवों में बगीचे स्थापित करेगा। विभाग तीन साल में जिले के 546 ग्राम पंचायत में पौधा लगाएगा और मॉनिटरिंग भी करेगा।
विभाग का दावा है कि जो भी पौधे रोपित किए जाते हैं। उसमें 75 से 80 फीसदी पौधे जिंदा रहते हैं। प्रथम चरण में जिले के 200 गांव को हरियाली का नया मॉडल बनाया जाएगा। इसकी देखभाल वन विभाग की ओर से तीन साल तक किया जाएगा। पौधा सूखने पर नया पौधा लगाया जाएगा। हर 15 दिन में वन विभाग, एनजीओ, संस्था के कर्मचारी वन की निगरानी करेंगे।



कब कितना बढ़ा वनावरण क्षेत्र
साल - वनावरण क्षेत्र 2019 - 3.12 फीसदी
2021 - 3.71 फीसदी 2023 - 5.22 फीसदी
नोट - वनावरण क्षेत्र स्क्वायर किलोमीटर में हैं।
जिले के 200 गांव में सघन वन तैयार किया जाएगा। इस मुहिम में एनजीओ, संस्था का भी सहयोग लिया जाएगा। तीन साल में हर एक-एक गांव में वन तैयार होगा। यहां एक नया मॉडल स्थापित किया जाएगा। 9 विवेक यादव, डीएफओ भदोही
सुपर अल नीनो से मानसून कमजोर: प्रशांत महासागर की सतह का तापमान बढ़ने से कम बारिश की आशंका

नितेश श्रीवास्तव

भदोही । सुपर अल नीनो वैश्विक जलवायु घटना के कारण तापमान में वृद्धि हो रही है। इससे खेती-किसानी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने के साथ ही इस बार मानसून में कम बारिश होने की आशंका है। छह साल पहले भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई थी। असामान्य तापमान वृद्धि के लिए सुपर अल नीनो को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। यह एक वैश्विक जलवायु घटना है जो प्रशांत महासागर की सतह का तापमान सामान्य से अधिक बढ़ने के कारण उत्पन्न होती है। भारत में इसका सीधा असर दक्षिण-पश्चिम मानसून के कमजोर होने और भीषण गर्मी के रूप में दिखाई देता है। सुपर अल नीनो के कारण मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं, जिससे सामान्य से कम बारिश होने की संभावना बढ़ जाती है। तापमान में अत्यधिक वृद्धि से भीषण लू चलने और मिट्टी की नमी तेजी से खत्म होने का खतरा रहता है।
साइबर धोखाधड़ी के 72,400 रुपये पीड़ितों को वापस मिले:भदोही पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पीड़ितों ने आभार व्यक्त किया*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के पांच पीड़ितों को उनके 72,400 रुपये सफलतापूर्वक वापस दिलाए हैं। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश पर साइबर सेल/साइबर हेल्प डेस्क ने त्वरित कार्रवाई की।
पीड़ितों ने ऑनलाइन साइबर शिकायत दर्ज कराई थी। साइबर सेल भदोही ने एनसीआरपी पोर्टल का अवलोकन कर इन मामलों का त्वरित संज्ञान लिया और धोखाधड़ी की गई धनराशि वापस कराई।
अपनी धनराशि वापस मिलने पर पीड़ितों ने भदोही पुलिस अधीक्षक और साइबर सेल की सराहना की।
साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए भदोही पुलिस ने कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी है। इनमें साइबर फ्रॉड होते ही तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराना शामिल है।
पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के कहने पर कोई ऐप डाउनलोड न करने, वर्क फ्रॉम होम या शेयर ट्रेडिंग से पहले पूरी जानकारी लेने की अपील की है। साथ ही, किसी अनजान व्यक्ति द्वारा पैसे मांगे जाने पर जांच करने और गलती से हुए ट्रांजेक्शन को स्वयं न लौटाकर बैंक या साइबर सेल के माध्यम से ही वापस कराने को कहा है। अज्ञात व्यक्ति या नंबर द्वारा भेजी गई किसी भी लिंक पर क्लिक न करने की भी सलाह दी गई है। इस कार्रवाई में साइबर सेल टीम के प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार गुप्ता और कांस्टेबल कन्हैया कुमार शामिल थे।
पुलिस भर्ती परीक्षा के द्वितीय दिन डीएम-एसपी ने किया परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण, निष्पक्ष एवं नकलविहीन परीक्षा पर दिया जोर
*भदोही में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई पुलिस भर्ती परीक्षा की प्रथम पाली, डीएम और एसपी ने परखी व्यवस्थाएं*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा के द्वितीय दिन जनपद में परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी शैलेष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज ज्ञानपुर केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
             निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की प्रवेश जांच, सीसीटीवी निगरानी, व्यवस्था, पेयजल, शौचालय तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का गहन अवलोकन किया। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों, स्टेटिक मजिस्ट्रेटों एवं पुलिस अधिकारियों से परीक्षा संचालन संबंधी जानकारी प्राप्त करते हुए शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
            जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने परीक्षा केंद्रों के प्रवेश द्वारों पर अभ्यर्थियों की सघन तलाशी व्यवस्था का निरीक्षण किया तथा स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी अभ्यर्थी को प्रतिबंधित सामग्री के साथ परीक्षा कक्ष में प्रवेश न करने दिया जाए। अधिकारियों ने कहा कि भर्ती परीक्षा की शुचिता एवं विश्वसनीयता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को गंभीरता से लिया जाएगा।
           जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देशित किया कि परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने पेयजल, विद्युत, शौचालय एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुचारु बनाए रखने तथा परीक्षा संचालन में समयबद्धता और अनुशासन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। साथ ही सभी गतिविधियों की निरंतर निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।
         पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने परीक्षा केंद्रों पर तैनात पुलिस बल को सतर्क एवं मुस्तैद रहकर ड्यूटी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित करने वाले तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाए तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए। परीक्षा केंद्रों एवं उसके आसपास पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई है, जिससे अभ्यर्थियों को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण वातावरण प्राप्त हो सके।
           अधिकारियों ने सीसीटीवी कैमरों एवं कंट्रोल रूम के माध्यम से की जा रही निगरानी व्यवस्था का भी निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को परीक्षा की प्रत्येक गतिविधि पर सतत नजर बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप भर्ती परीक्षा को पूर्णतः नकलविहीन, पारदर्शी एवं निष्पक्ष वातावरण में संपन्न कराया जा रहा है।
         जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जनपद प्रशासन एवं पुलिस विभाग परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। निरीक्षण के दौरान सभी परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं तथा परीक्षा शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित वातावरण में संचालित होती मिली।
         आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती–2025 की लिखित परीक्षा 09 जून 2026 को प्रथम पाली के समस्त केंद्रों पर अभ्यार्थियों की संख्या 2976, उपस्थित 2290, अनुपस्थित 686 रहे। द्वितीय पाली में अभ्यर्थियों की संख्या 2976, उपस्थित 2325, अनुपस्थित 651 रहे।
चार करोड़ से सुधरेगी बेसिक स्कूलों की सूरत*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में 4.4 करोड़ के कंपोजिट ग्रांट से जिले के 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालयों की सूरत सुधरेगी। शासन ने पहली किस्त के रूप में दो करोड़ दो लाख जारी कर दिया है। बेसिक शिक्षा विभाग छात्र संख्या के हिसाब से एसएमसी (विद्यालय प्रबंधन समिति) के खाते में धनराशि भेजनी शुरू कर दी है। प्रधानाध्यापक जरूरत के हिसाब से विद्यालय के विकास पर रकम खर्च कर सकेंगे। जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय में एक लाख 30 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। पहले रंग-रोगन के नाम पर सभी विद्यालयों को सात से 10 हजार रुपये शासन से मिलते थे। इससे स्कूलों की न तो ठीक से रंगाई-पुताई हो पाती थी और न ही दूसरे सामान की खरीदारी। 2019-20 सत्र से सरकार ने स्कूलों में छात्र संख्या के आधार पर कंपोजिट ग्रांट आवंटित करना शुरू किया। साल में दो बार में यह धनराशि स्कूलों को दी जाती है। पहली किस्त शिक्षा सत्र शुरू होने के बाद और दूसरी किस्त बारिश का सीजन खत्म होने पर भेजा जाता है। जिससे प्रधानाध्यापक जरूरत के हिसाब से स्कूलों में काम कराते हैं।


विभाग के अनुसार एक से 30 तक बच्चों की संख्या पर 10 हजार, 30 से 100 बच्चों पर 25 हजार, 100 से 250 बच्चों पर 50 हजार, 250 से 1000 बच्चों पर 75 हजार और 1000 से अधिक बच्चों वाले स्कूलों को एक लाख ग्रांट राशि जारी की जाती है। आवंटित ग्रांट को विद्यायल प्रबंधन समिति रंगरोगन, चहारदीवारी निर्माण, ढोलक, हारमोनियम सहित शैक्षिक और खेलकूद सामग्री पर खर्च करता है। पूर्व में जिन स्कूलों में न खेल सामग्री और न ही संगीत से जुड़े उपकरण थे वहां अब यह व्यवस्थाएं हो चुकी है।
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*कंपोजिट ग्रांट से ये कार्य कर सकेंगे प्रधानाध्यापक*

कंपोजिट ग्रांट से प्रधानाध्यापक विद्यालयों में मरम्मत, रंगाई पुराई के अलावा अन्य कार्य करा सकेंगे। धनराशि को विद्यालयों में पेयजल, शिक्षण सहायक सामग्री, कक्षों में टाइल्स लगवाने, फर्स्ट एड बाॅक्स, अग्निशमन यंत्र, विद्युत उपकरण की खरीदारी, कंप्यूटर कक्ष, अनुरक्षण कार्य में खर्च कर सकते हैं। आवश्यकतानुसार पेंटिग कार्य, स्टेशन, टाट पट्टी, चटाई, दरी, रेडियो प्रोग्राम, सांस्कृतिक कार्यक्रम के उपकरण, सामान्य सामग्री, बागवानी किट जैसी जरूरतों को पूरा कर सकते हैं।



कंपोजिट ग्रांट में 50 प्रतिशत धनराशि अवमुक्त हुई है। छात्र संख्या के आधार पर विद्यालयों में भेजने की तैयारी की जा रही है। जिससे विद्यालयों में जरूरी कार्य संपन्न कराए जा सकें। - शिवम पांडेय बीएसए
20 पीएचसी पर लगेगी बॉयोमैट्रिक हाजिरी, रुकेगी मनमानी
*सिलिंडर के दाम बढ़ने से 5 लाख उपभोक्ता पर महंगाई की मार*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले के 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी बायोमैट्रिक अटेंडेंस मशीनें लगाई जाएंगे। इससे डॉक्टरों और कर्मचारियों की लेटलतीफी पर अंकुश लगेगा। स्वास्थ्य विभाग इसकी कवायद में जुट गया है। अगस्त से यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी। जिले में तीन राजकीय जिला अस्पताल, छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। जिला अस्पताल और सीएचसी में यह व्यवस्था पहले से ही है, लेकिन पीएचसी में अभी रजिस्टर पर ही हाजिरी लगाई जाती है। ऐसे में इन केंद्रों पर डॉक्टर और कर्मचारी समय से नहीं पहुंचते। कोई वाराणसी तो कोई प्रयागराज से ड्यूटी करने आता है। इसको लेकर शिकायतें भी मिलती रहती हैं। अधिकारियों के निरीक्षण में भी कई बार ऐसी मनमानी पकड़ी जा चुकी है। इसलिए सभी पीएचसी पर भी बायोमैट्रिक अटेंडेंस मशीन लगाई जाएगी। चकटोडर, हरिहरपुर, लालानगर, डेरवा, जयरामपुर, मानिकपुर, गिर्दबड़गांव सहित 20 पीएचसी पर रोज 1000 से 1200 मरीजों की ओपीडी होती है। बायोमेट्रिक मशीन लगने के बाद डॉक्टरों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज होगी। इसके आधार पर ही वेतन मिलेगा। इससे अस्पताल देरी से आने वाले और समय से पहले चले जाने वाले स्वास्थ्यकर्मियों की मनमानी पर रोक लग सकेगी।



पीएचसी पर लोगों को बेहतर सुविधाओं का लाभ लोगों को मिल रहा है। कुछ अस्पतालों में लेटलतीफी की शिकायतें मिलती हैं। इसलिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस की व्यवस्था की जा रही है। अगस्त में सभी पीएचसी पर मशीनें लगाने का काम शुरू किया जाएगा। - डॉ. एसके चक, सीएमओ भदोही