मानवता की मिसाल बनी महिगवां पुलिस, भटके हुए युवक को सकुशल परिजनों से मिलाया
लखनऊ। पुलिस की संवेदनशीलता और जनसेवा का एक सराहनीय उदाहरण महिगवां थाना क्षेत्र में देखने को मिला, जहां रात्रि गश्त के दौरान भटके हुए एक मंदबुद्धि युवक को पुलिस ने सुरक्षित संरक्षण में लेकर उसके परिजनों से मिलाया। पुलिस की तत्परता और मानवीय व्यवहार के चलते चिंतित परिवार को बड़ी राहत मिली।

जानकारी के अनुसार 8/9 जून 2026 की रात थाना महिगवां पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त और भ्रमण पर थी। इसी दौरान पुलिसकर्मियों की नजर एक युवक पर पड़ी, जो संदिग्ध अवस्था में इधर-उधर भटकता हुआ दिखाई दिया। पुलिस टीम ने उसे रोककर पूछताछ की तो उसने अपना नाम आशीष शर्मा पुत्र वीरपाल शर्मा, निवासी वेली सिटी, इज्जतनगर, जनपद बरेली बताया।

पूछताछ के दौरान युवक का व्यवहार सामान्य नहीं लगा और वह अपने परिजनों के बारे में स्पष्ट जानकारी देने में असमर्थ था। बातचीत में उसने बताया कि वह उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा देने के लिए 7 जून को लखनऊ आया था, लेकिन रास्ता भटक जाने के कारण घर वापस नहीं जा सका।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए महिगवां पुलिस ने युवक को अपने संरक्षण में लिया और उसे भोजन एवं जलपान उपलब्ध कराया। इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से थाने लाया गया, जहां उससे शांतिपूर्वक और विस्तार से पूछताछ की गई।

पूछताछ के दौरान युवक ने अपने मामा कृष्ण पाल शर्मा का नाम और एक मोबाइल नंबर बताया। पुलिस ने तत्काल उस नंबर पर संपर्क किया। बातचीत के दौरान युवक के पिता वीरपाल शर्मा ने पुष्टि की कि आशीष उनका पुत्र है, जो उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा देने लखनऊ गया था और वापस घर नहीं लौटा था। परिवार पिछले कई दिनों से उसकी तलाश कर रहा था और काफी चिंतित था।

महिगवां पुलिस ने युवक के पिता को जानकारी दी कि उनका बेटा पूरी तरह सुरक्षित है और थाना महिगवां में मौजूद है। सूचना मिलते ही परिजन थाने पहुंचे। आवश्यक कानूनी और औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने आशीष शर्मा को सकुशल उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया।

अपने बेटे को सुरक्षित पाकर परिजनों की आंखें नम हो गईं और उन्होंने महिगवां पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार के लिए आभार व्यक्त किया।

इस सराहनीय कार्यवाही में थाना महिगवां के थानाध्यक्ष राधे श्याम मौर्य, उपनिरीक्षक सतीश सिंह, उपनिरीक्षक अमित सिंह, कांस्टेबल लाल बहादुर और अरविंद कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

महिगवां पुलिस की यह पहल न केवल कानून-व्यवस्था के प्रति उसकी जिम्मेदारी को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि पुलिस समाज में जरूरतमंद लोगों के लिए एक भरोसेमंद सहारा बनकर खड़ी है। मानवता और जनसेवा का यह उदाहरण लोगों के बीच पुलिस की सकारात्मक छवि को और मजबूत करता है।
यूपी में डॉक्टरों का बड़ा संकट: 18,500 पदों में 7,500 खाली, विशेषज्ञों की भर्ती के लिए बनेगा नया बोर्ड
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं डॉक्टरों की भारी कमी से जूझ रही हैं। प्रांतीय चिकित्सा सेवा (पीएमएस) संवर्ग के करीब 40 प्रतिशत पद रिक्त हैं। प्रदेश में स्वीकृत लगभग 18,500 पदों के सापेक्ष केवल 11 हजार डॉक्टर ही कार्यरत हैं, जबकि करीब 7,500 पद खाली पड़े हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए सरकार विभिन्न स्तरों पर भर्ती प्रक्रिया चला रही है और अब इसके लिए एक नया भर्ती बोर्ड गठित करने की तैयारी भी कर रही है।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक है। यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी करीब 70 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इस समस्या से निपटने के लिए करीब 2,500 विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को भेजा गया है।

रिवर्स बिडिंग से हो रही विशेषज्ञों की नियुक्ति

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए रिवर्स बिडिंग व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत पांच लाख रुपये प्रतिमाह तक के मानदेय पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती की जा रही है। पिछले वर्ष इस प्रक्रिया के जरिए करीब 170 विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की गई थी। इन्हें चयनित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) में तैनात किया गया है।

इसके अलावा जनवरी 2026 में संविदा के आधार पर 710 डॉक्टरों की भर्ती के लिए वॉक-इन-इंटरव्यू भी आयोजित किए गए थे। सरकार ने डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए सेवानिवृत्ति की आयु भी 62 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष कर दी है।

विशेषज्ञ चिकित्सक एवं चिकित्सा शिक्षक भर्ती बोर्ड का गठन

डॉक्टरों की कमी और लोक सेवा आयोग के माध्यम से भर्ती में लगने वाले लंबे समय को देखते हुए प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश विशेषज्ञ चिकित्सक एवं चिकित्सा शिक्षक भर्ती बोर्ड के गठन का निर्णय लिया है। यह बोर्ड एमडी-एमएस डिग्रीधारी विशेषज्ञ चिकित्सकों (लेवल-2) की सीधी भर्ती करेगा। साथ ही एमबीबीएस डिग्रीधारी चिकित्सकों (लेवल-1) की पदोन्नति प्रक्रिया को भी तेज करेगा।

सरकार का मानना है कि नए बोर्ड के गठन से भर्ती प्रक्रिया में तेजी आएगी और रिक्त पदों को जल्द भरा जा सकेगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में टिक नहीं पा रहे विशेषज्ञ डॉक्टर

स्वास्थ्य विभाग के सामने एक बड़ी चुनौती यह भी है कि ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात कई विशेषज्ञ डॉक्टर कुछ समय बाद नौकरी छोड़ देते हैं। हर वर्ष सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में लगभग 200 से 250 विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की जाती है, लेकिन इनमें से करीब 25 प्रतिशत डॉक्टर कार्यभार ग्रहण करने के कुछ समय बाद ही अनुपस्थित हो जाते हैं।

लंबे समय तक ड्यूटी पर न लौटने पर विभाग की ओर से नोटिस जारी किए जाते हैं। इसके बावजूद जब डॉक्टर वापस नहीं आते तो उनकी सेवाएं समाप्त कर पद को पुनः रिक्त घोषित कर दिया जाता है।

ग्रामीण क्षेत्रों से नौकरी छोड़ने वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों का कहना है कि उन्हें सरकारी आवास, बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और चिकित्सा सेवाओं के लिए आवश्यक संसाधन जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलतीं। वहीं निजी अस्पतालों में बेहतर शहरी सुविधाओं के साथ आकर्षक वेतन मिलने से कई डॉक्टर सरकारी सेवा छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं।

अगले दो वर्षों में रिक्त पद भरने का दावा

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने कहा कि प्रदेश में कई स्तरों पर डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। नए मेडिकल कॉलेजों से निकलने वाले विशेषज्ञ चिकित्सक भी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले एक-दो वर्षों में अधिकांश रिक्त पद भर लिए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रदेश के मरीजों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है तथा इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर भर्ती और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे
यूपी में गर्मी का कहर: बांदा 45 डिग्री के साथ सबसे गर्म, 17 जिलों में लू और 36 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इन दिनों मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। एक ओर बुंदेलखंड और दक्षिणी जिलों में भीषण गर्मी, लू और उमस लोगों का जीना मुहाल किए हुए हैं, तो दूसरी ओर तराई और कुछ अन्य क्षेत्रों में आंधी, बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश का दौर जारी है। मौसम के इस दोहरे मिजाज ने प्रदेशवासियों को असमंजस में डाल दिया है।

मंगलवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया। बुंदेलखंड क्षेत्र में गर्मी का असर सबसे अधिक देखने को मिला। बांदा 45 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। इसके अलावा प्रयागराज में 44.6 डिग्री, झांसी में 44.4 डिग्री, कानपुर में 43.9 डिग्री और वाराणसी में 43.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

भीषण गर्मी और तेज धूप के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। गर्म हवाओं और उमस ने लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया। बिजली और पानी की बढ़ती मांग ने भी कई इलाकों में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

हालांकि प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम ने थोड़ी राहत भी दी। कई जिलों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई। लेकिन यह राहत ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी और उमस ने लोगों को परेशान किया।

मौसम विभाग ने बुधवार के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार बुंदेलखंड और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के 17 जिलों में लू चलने की संभावना है। वहीं तराई क्षेत्र समेत 36 जिलों में गरज-चमक, तेज हवाएं और हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 11 जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से 13 जून तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तेज हवाएं चल सकती हैं और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है। इससे तापमान में कुछ कमी आने की संभावना है, हालांकि उमस बरकरार रह सकती है।

राजधानी लखनऊ में भी मौसम का बदला हुआ स्वरूप देखने को मिला। दिनभर कड़ी धूप और गर्मी के बाद मंगलवार शाम को कई इलाकों में तेज आंधी चली। कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी भी हुई। इसके बावजूद लोगों को गर्मी से विशेष राहत नहीं मिल सकी। मंगलवार को अधिकतम तापमान में 1.7 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विभाग का अनुमान है कि 12 जून से राजधानी समेत प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से बादल छाने, तेज हवाएं चलने और बूंदाबांदी होने की संभावना है। हालांकि तब तक लोगों को भीषण गर्मी और लू से सतर्क रहने की जरूरत है।

विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय घरों से कम निकलने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। उत्तर प्रदेश में फिलहाल गर्मी और बदलते मौसम का यह दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है।
अब जातीय आरक्षण एससीएसटी एक्ट, जातीय व्यवस्था स्वीकार नहीं : सुरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष

लखनऊ। राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा (RVM) कि जिला कार्यकारिणी गठन को  लेकर आयोजित बैठक में सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे मुख्य अतिथि जो रूप से शामिल हुए सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने अपने संबोधन में केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा सत्तालोलुप,जातिवादी,अथवा परिवारवाद को बढ़ावा देने वाली सोच का प्रतिधित्व नहीं करता, वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था के कारण समाज राष्ट और सामाजिक मूल्यों की हो रही छति  को देखते हुए व्यापक विचार विमर्श और परामर्श के पश्चात इसका गठन किया गया है, राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा कोई एक राजनीतिक दल नहीं है बल्कि विभिन्न राजनीतिक दलों,सामाजिक संगठनों और जनहित में कार्यरत समूहों का साझा मंच है इसका उद्देश्य आगामी चुनावों में जनता को एक ईमानदार पारदर्शी,जवाब देही तथा समरसता पूर्ण शासन का विकल्प प्रदान करना है जिसमे किसी भी नागरिक के साथ जाति, धर्म ,भाषा क्षेत्र या अन्य किसी भी आधार पर भेदभाव न किया जाय मोर्चा का मानना है कि प्रत्येक नागरिक प्रत्येक नागरिक समान सम्मान और अवसर का अधिकारी है किसी व्यक्ति के साथ केवल उसकी जाति,धर्म या जन्मगत पहचान के आधार पर भेदभाव किया जाना सामाजिक समरसता मानव गरिमा और प्राकृतिक न्याय के प्रतिकूल है।

इसलिए ऐसी नीतियों और व्यवस्थाओं की समीक्षा का पक्षधर हु जो समाज के विभाजन ,वैमनस्व या असमानता को बढ़ावा देती है ,प्रदेश के सभी 403विधान सभा क्षेत्रों में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सवर्ण आर्मी भारत के जिला अध्यक्ष पंकज कुमार शुक्ला ने कहा कि जल्द ही जिला ,तहसील ब्लॉक स्तर पर महिला मोर्चा युवा मोर्चा का गठन किया जाएगा ,प्रवेश पाठक ने सवर्ण समाज को संगठित होने पर बल देते हुए कहा कि वर्तवान राजनीत दलों की नीतियों से जनता ऊब चुकी है मदन मोहन मिश्रा ने संकल्प लिया कि सोनभद्र की चारो विधान सभा क्षेत्र में बूथ स्तर पर विकल्प मोर्चा का गठन करूंगा संतोष पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि इन राजनीतिक दलों के सवर्ण नेताओं सांसद विधायक का बहिष्कार किया जाएगा , शिवा मिश्रा मनीष त्रिपाठी जोगिन्दर दुबे आदि ने विचार व्यक्त किया।
पुलिस महानिदेशक पीएसी द्वारा निर्माणाधीन 49वीं वाहिनी पीएसी, गौतमबुद्धनगर का निरीक्षण

लखनऊ । पुलिस महानिदेशक पीएसी, उत्तर प्रदेश आलोक सिंह द्वारा ग्राम लुकसर, कासना, गौतमबुद्धनगर स्थित निर्माणाधीन 49वीं वाहिनी पीएसी का भ्रमण एवं निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन एवं पूर्ण किए जा चुके कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस अवसर पर रामनयन सिंह, सेनानायक 49वीं वाहिनी तथा लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं द्वारा निर्माण कार्यों की प्रगति एवं वर्तमान स्थिति के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया गया।

आलोक सिंह द्वारा कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।कार्यक्रम के दौरान वृक्षारोपण किया गया तथा सैनिक सम्मेलन आयोजित कर कार्मिकों को आधुनिक तकनीकों एवं उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए अपनी व्यावसायिक दक्षता बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर बैंड कर्मियों द्वारा उत्कृष्ट बैंड वादन की प्रस्तुति भी दी गई।

निरीक्षण के दौरान कल्पना सक्सेना, डीआईजी मेरठ अनुभाग, रामनयन सिंह, सेनानायक 49वीं वाहिनी,  अनिल कुमार, सहायक सेनानायक 49वीं वाहिनी,  राजीव यादव, सहायक सेनानायक (यूपीएसएसएफ) सहित अन्य अधिकारीगण एवं मोहम्मद आरिफ, अधिशासी अभियंता, एहतशाम अनवर, सहायक अभियंता,  त्रुष्पाल सिंह तथा उनकी टीम उपस्थित रही।
नवीन श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सेवायोजकों को किया गया जागरूक
* श्रम न्याय सेतू पोर्टल का लाइव डेमो, श्रमिक कल्याण योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए लगाए गए शिविर

लखनऊ। केन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर संचालित ‘‘12 साल विश्वास के, विकास के, जन-कल्याण के’’ अभियान के अंतर्गत प्रदेश में 05 जून से 21 जून 2026 तक चलाए जा रहे समेकित जन-कल्याण एवं जन-जागरूकता अभियान के तहत सोमवार को अपर श्रमायुक्त कार्यालय, लखनऊ में नवीन श्रम संहिताओं पर संवाद कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में श्रम विभाग के अधिकारियों, विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों तथा सेवायोजकों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता अपर श्रमायुक्त श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव ने मजदूरी संहिता-2019, सामाजिक सुरक्षा संहिता-2020, औद्योगिक संबंध संहिता-2020 तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशाएं संहिता-2020 के प्रमुख प्रावधानों, उद्देश्यों एवं व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नवीन श्रम संहिताओं का उद्देश्य श्रमिकों को अधिक सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना, श्रम कानूनों को सरल बनाना तथा उद्योगों और श्रमिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। उन्होंने सेवायोजकों से अपेक्षा की कि वे संहिताओं की मूल भावना के अनुरूप उनका प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करें।
कार्यशाला के दौरान उपस्थित नियोक्ताओं एवं उद्योग प्रतिनिधियों द्वारा श्रम संहिताओं से संबंधित विभिन्न जिज्ञासाएं एवं प्रश्न प्रस्तुत किए गए, जिनका विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से समाधान किया गया। साथ ही सेवायोजकों से आग्रह किया गया कि वे अपने-अपने प्रतिष्ठानों में अन्य नियोक्ताओं और कर्मचारियों को भी इन प्रावधानों के संबंध में जागरूक करें। अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश नियमावलियों के प्रकाशन के उपरांत पुनः व्यापक स्तर पर संवाद कार्यक्रम आयोजित कर सेवायोजकों को अनुपालन संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्यशाला में श्रीमती शिप्रा चतुर्वेदी, सहायक श्रमायुक्त, यादवेन्द्र सिंह, संतोष कुमार, अंकित सिंह, शरद, राकेश कुमार पाल, पल्लवी सिंह, अरुण कुमार पाण्डेय, मोहम्मद इम्तेयाज अहमद अंसारी, राम कुमार एवं पंकज कुमार शुक्ला सहित श्रम विभाग के अधिकारी एवं श्रम प्रवर्तन अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं विभिन्न औद्योगिक इकाइयों एवं प्रतिष्ठानों जैसे करम इंडस्ट्री, सरोजनीनगर इंडस्ट्रियल एरिया के प्रतिनिधि, एवररेडी, इन्कॉर्डिओं राइट्स, आमा हर्बल, होटल उद्योग तथा अन्य प्रतिष्ठानों के एचआर प्रबंधक एवं सेवायोजक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
इसी क्रम में श्रम न्याय सेतू पोर्टल के माध्यम से श्रम वादों के त्वरित एवं पारदर्शी निस्तारण के लिए उपलब्ध डिजिटल व्यवस्था के संबंध में जागरूकता कार्यशाला का भी आयोजन किया गया। सहायक श्रमायुक्त श्रीमती शिप्रा चतुर्वेदी की अध्यक्षता में आयोजित इस सत्र में वरिष्ठ सहायक श्री दिव्य प्रकाश पाण्डेय ने पोर्टल का लाइव डेमो प्रस्तुत कर इसकी कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में उपस्थित पक्षकारों ने पोर्टल को और अधिक प्रभावी एवं उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने के लिए अपने सुझाव भी साझा किए।
इसके अतिरिक्त अभियान के अंतर्गत उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु प्रदेश के विभिन्न विकास खंडों में स्टॉल एवं शिविर लगाए गए। इन शिविरों में निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण, योजनाओं की जानकारी तथा पात्र लाभार्थियों के आवेदन कराने की व्यवस्था की गई, जिससे अधिकाधिक श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जन-जागरूकता अभियान के माध्यम से श्रमिकों, नियोक्ताओं एवं आम नागरिकों को श्रम कानूनों, डिजिटल सेवाओं तथा श्रमिक कल्याण योजनाओं से जोड़ने का कार्य निरंतर किया जा रहा है, जिससे श्रम क्षेत्र में सुशासन और पारदर्शिता को और अधिक मजबूती मिल सके।
जनता दर्शन में दिखा सरकार के प्रति लोगों का विश्वास

* जनता के बीच पहुंचे उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समस्याओं के समाधान का दिया भरोसा


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को अपने कैंप कार्यालय, 7-कालिदास मार्ग, लखनऊ में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए सैकड़ों नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को त्वरित, प्रभावी एवं न्यायपूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनता दर्शन में फरियादियों की भारी भीड़ उमड़ी। दूर-दराज से आए नागरिकों की सुविधा के दृष्टिगत शीतल पेयजल, शरबत एवं मिठाई की विशेष व्यवस्था भी की गई थी। उप मुख्यमंत्री स्वयं लोगों के बीच पहुंचे, एक-एक फरियादी से मिले और उनकी समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना।
इस अवसर पर भूमि एवं राजस्व विवाद, चिकित्सा सहायता, पेंशन, आवास, सड़क, विद्युत एवं पेयजल, पुलिस प्रशासन, शिक्षा तथा रोजगार से संबंधित बड़ी संख्या में प्रकरण प्रस्तुत किए गए। उप मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
श्री मौर्य ने कहा कि जनता दर्शन केवल शिकायत सुनने का मंच नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास एवं संवाद का सशक्त माध्यम है। इससे शासन-प्रशासन को जमीनी वास्तविकताओं की जानकारी प्राप्त होती है तथा समस्याओं के समाधान की दिशा में त्वरित और प्रभावी कदम उठाने में सहायता मिलती है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रत्येक नागरिक को न्याय दिलाने और उसे शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे तथा किसी भी पीड़ित को न्याय पाने के लिए अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतुष्टिपरक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। शिकायतों के समाधान में किसी भी स्तर पर शिथिलता, लापरवाही अथवा उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि समस्याओं के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाए।
श्री मौर्य ने विशेष रूप से महिलाओं, दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों एवं अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की संवेदनशीलता का वास्तविक स्वरूप तभी दिखाई देता है, जब समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों को समय पर राहत और न्याय प्राप्त हो।
भूमि विवाद एवं अवैध कब्जों से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए उप मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों को मौके पर भेजकर निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा प्रभावी एवं स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि भूमि पर अवैध कब्जा, उत्पीड़न अथवा दबंगई के मामलों में दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
जनसुनवाई के दौरान उप मुख्यमंत्री ने फरियादियों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का हरसंभव समाधान कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल शिकायतों का निस्तारण करना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को सम्मानजनक, पारदर्शी एवं उत्तरदायी प्रशासन उपलब्ध कराना है।
लखीमपुर से श्रीमती रामकली, प्रतापगढ़ से    अभिषेक कुमार, हाथरस से सन्तोष कुमार, मेरठ से अरूण कुमार, प्रयागराज से शमला भारतीय सीतापुर से  श्रीमती गीतादेवी ने भूमि विवाद से सम्बन्धित प्रकरण रखे, सभी प्रकरणो में उप मुख्यमंत्री ने सम्बन्धित जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम भेजकर समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाय।अमौसी (लखनऊ) से आये मनीष सिंह ने सड़क बनवाये जाने का अनुरोध किया, प्रतापगढ़ की श्रीमती सोनी के आवास आवंटन के अनुरोध पर उप मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि पात्रता की जांच कराते हुये निष्पक्ष रूप से नियमानुसार आवास देने के सम्बन्ध मे कार्यवाही की जाय। लखनऊ के राजाराम मौर्य ने भूमि की हदबरारी कराकर सीमांकन कराये जाने का अनुरोध किया। मथुरा के जुगेन्द्र ने अपनी पुत्री का मेडिकल कराये जाने का प्रार्थना पत्र दिया। बलिया की श्रीमती केशिया ने विधवा पेंशन दिलाने का अनुरोध किया।  उप मुख्यमंत्री ने सभी प्रकरणो पर नियमानुसार  कार्यवाही करने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियो को दिये। उप मुख्यमंत्री ने समस्याओं के निस्तारण के बावत
कई अधिकारियो से दूरभाष पर वार्ता भी किया।
श्री मौर्य ने कहा कि "जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। प्रत्येक व्यक्ति की समस्या का समाधान कर उसे न्याय दिलाना सरकार की प्रतिबद्धता है। जन समस्याओं का निस्तारण भी होगा और पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिलेगा
“हर जीव है बहुत जरूरी, प्रकृति से ही जीवन चलता” : मुख्यमंत्री योगी

गौरैया, मैना और जुगनुओं के गायब होने पर जताई चिंता, जैव विविधता संरक्षण में जनभागीदारी को बताया अनिवार्य

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रकृति और जीव-जंतुओं के महत्व पर आधारित अपनी नई पाती में पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति समाज को जागरूक करने का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जीव-जंतु प्रकृति की अमूल्य धरोहर है और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण जुगनू, गौरैया और मैना जैसे पक्षी एवं जीव शहरों से लगभग गायब होते जा रहे हैं। यह स्थिति पर्यावरण के लिए गंभीर संकेत है। उन्होंने कहा कि आधुनिकता और विकास आवश्यक हैं, लेकिन इसके साथ प्रकृति के संतुलन को बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन संस्कृति में प्रत्येक जीव को सृष्टि का अभिन्न अंग माना गया है। उन्होंने रामायण का उल्लेख करते हुए कहा कि रावण के संहार के लिए भगवान राम की सेना में वानरों से लेकर छोटी-सी गिलहरी तक ने अपना योगदान दिया था। यह हमारी संस्कृति में जीव-जंतुओं के महत्व को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि हर जीव पर्यावरण और खाद्य श्रृंखला की महत्वपूर्ण कड़ी है। किसी एक प्रजाति के विलुप्त होने से प्राकृतिक संतुलन प्रभावित होता है, जिसका असर मानव जीवन पर भी पड़ता है। इसलिए जैव विविधता का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है।

मुख्यमंत्री के प्रमुख संदेश

हर जीव-जंतु प्रकृति और पर्यावरण का महत्वपूर्ण हिस्सा।

गौरैया, मैना और जुगनुओं का गायब होना चिंता का विषय।

आधुनिक विकास के साथ पर्यावरण संतुलन भी जरूरी।

जैव विविधता संरक्षण में जनभागीदारी आवश्यक।

* युवाओं को प्रकृति से जुड़ने और जागरूकता फैलाने का आह्वान।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार के सतत प्रयासों से उत्तर प्रदेश में बाघ, तेंदुआ और सारस जैसे वन्यजीवों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके साथ ही प्रदेश के 13 आर्द्रभूमि स्थलों को रामसर सूची में शामिल किया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई दुर्लभ जीव-जंतु अब पुनः दिखाई देने लगे हैं, जो संरक्षण प्रयासों की सफलता का सकारात्मक संकेत है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से प्रकृति को समझने, उससे सीखने और अपने अनुभव समाज के साथ साझा करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति के प्रति जागरूकता ही भविष्य की सबसे बड़ी सुरक्षा है। यदि हम पर्यावरण और जैव विविधता की रक्षा करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और समृद्ध प्राकृतिक विरासत सौंप सकेंगे।

तालाब किनारे पेड़ से लटका मिला व्यक्ति का शव, आत्महत्या की आशंका

रितेश मिश्रा 

हरदोई। थाना बघौली क्षेत्र के ग्राम प्योदी मजरा सहोरिया बुजुर्ग में एक व्यक्ति का शव गांव के बाहर तालाब किनारे बबूल के पेड़ से लटका मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम करीब 4 बजे भैया लाल पुत्र बद्री निवासी ग्राम प्योदी मजरा सहोरिया बुजुर्ग ने पुलिस को सूचना दी कि उनके पुत्र प्रताप (45 वर्ष), जाति पासी, ने गांव के बाहर तालाब के किनारे स्थित बबूल के पेड़ पर अपनी शर्ट के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।

सूचना मिलते ही थाना बघौली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है तथा गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।

एके शर्मा के प्रयास रंग लाए, मऊ-बलिया फोरलेन परियोजना को मिली मंजूरी

55.57 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग-128बी के चौड़ीकरण से पूर्वांचल को मिलेगी नई रफ्तार, एनएचएआई से निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने का अनुरोध

लखनऊ। प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा के सतत प्रयासों और प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप मऊ-बलिया राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-128बी के 55.57 किलोमीटर लंबे खंड के चौड़ीकरण एवं फोरलेन निर्माण परियोजना को स्वीकृति मिल गई है। इसे पूर्वांचल के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।

परियोजना को जल्द धरातल पर उतारने के उद्देश्य से मंत्री श्री शर्मा ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अध्यक्ष को पत्र लिखकर टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाने तथा निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया है कि इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए वह लगातार प्रयासरत रहे हैं तथा क्षेत्र की जनता लंबे समय से इसकी मांग कर रही थी।

मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि मऊ-बलिया फोरलेन केवल सड़क निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि पूर्वांचल के आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक विकास का मजबूत आधार बनेगी। इसके निर्माण से यातायात व्यवस्था अधिक सुगम होगी, यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और सड़क सुरक्षा के मानकों में भी सुधार होगा।

परियोजना के तहत कई रेलवे ओवरब्रिजों का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे आवागमन में आने वाली बाधाएं समाप्त होंगी और लोगों को निर्बाध परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। बेहतर संपर्क व्यवस्था से व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी, निवेश के नए अवसर पैदा होंगे तथा किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचेगा।

मंत्री श्री शर्मा ने विश्वास जताया कि परियोजना पूरी होने के बाद मऊ, बलिया और आसपास के जनपदों में आर्थिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह फोरलेन मार्ग पूर्वांचल की अर्थव्यवस्था के लिए एक नए ग्रोथ कॉरिडोर के रूप में उभरेगा और क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा प्रदान करेगा।