देवघर-नीट सीबीएसई परीक्षा से संबंधित पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेने की मांग।
देवघर: झारखंड प्रदेश इंटक के प्रदेश सचिव अजय कुमार, देवघर जिला इंटक के जिला अध्यक्ष अनंत मिश्रा, देवघर जिला कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के जिला अध्यक्ष नित्यानंद सेवक एवं देवघर जिला इंटक की महासचिव पूजा देवी ने नीट- सीबीएसई परीक्षाओं से संबंधित पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेने या उन्हें अविलंब मंत्री पद से बर्खास्त करने की मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की है। इंटक के नेताओं ने कहा कि लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित करने वाले पेपर लीक हो जाने के कारण सभी छात्रों एवं छात्राओं के भविष्य के सामने प्रश्न चिन्ह सा आ खड़ा हुआ है। यह एक कटु सत्य है कि शिक्षा मंत्री के कार्यकाल में नीट और सीबीएसई जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं मे शामिल होने वाले लाखों युवाओं के भविष्य के साथ न सिर्फ खिलवाड़ हुआ है बल्कि परीक्षाओं में हुई धांधली ने देश के लाखों मेहनती और मेधावी छात्रों के भविष्य के साथ एक क्रूर मजाक किया है तथा छात्रों एवं छात्राओं के सपनों को कुचलना का काम किया है। इंटक के नेताओं ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अंदर जरा सी भी नैतिकता बची है तो वे छात्र एवं छात्राओं के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का या तो इस्तीफा लें या उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त करें। अजय कुमार प्रदेश सचिव झारखंड प्रदेश इंटक
देवघर-झारखंड प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के पूर्व उपाध्यक्ष अजय कुमार ने 126 वां शहीद दिवस (पुण्यतिथि) पर भगवान बिरसा मुंडा को दिया श्रद्धांजलि।
देवघर: 9 जून 2026 झारखंड प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के पूर्व उपाध्यक्ष अजय कुमार ने 126वां शहीद दिवस के अवसर पर भगवान बिरसा मुंडा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भगवान बिरसा मुंडा शौर्य, साहस एवं नेतृत्व के प्रतीक थे। छोटानागपुर संथाल परगना निवासियों के अंदर तत्कालीन ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ एक नई चेतना को जागृत करने एवं समाज सुधार के जरिए आदिवासियों की भावना को जागृत करने में भगवान बिरसा मुंडा के अमूल्य योगदानों को भुलाया नहीं जा सकता है। अजय कुमार पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष झारखंड प्रदेश कांग्रेस सेवा दल
देवघर-नगर निगम ने लिया हरियाली का संकल्प: साहेब पोखर पार्क में 25 फलदार पौधों का रोपण।
देवघर: 8 जून 2026। विभागीय निर्देश पर विश्व पर्यावरण सप्ताह के अवसर पर देवघर नगर निगम द्वारा साहेब पोखर पार्क परिसर में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुल 25 फलदार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित देवघर के निर्माण का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, निगम पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने अपनी-अपनी माताओं के सम्मान में पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। नगर आयुक्त द्वारा बताया गया एक पेड़ केवल प्रकृति की सेवा नहीं करता, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण और बेहतर जीवन प्रदान करने का आधार भी बनता है। नगर निगम द्वारा सभी नागरिकों से अपील की गई कि वे भी “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान से जुड़कर अधिक से अधिक पौधारोपण करें तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित करें। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं हरित क्षेत्र बढ़ाने के प्रति सामूहिक जागरूकता का संदेश दिया गया। उपस्थित लोगों ने पौधों की सुरक्षा एवं संरक्षण का संकल्प लेते हुए पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का आह्वान किया।
देवघर-भाजपा के सत्संग नगर मंडल की एक बैठक हुई जिसमें प्रभारी के रूप में जिला उपाध्यक्ष पंकज सिंह भदौरिया उपस्थित रहे।
देवघर: 8 जून 2026 को भारतीय जनता पार्टी के सत्संग नगर मंडल की एक बैठक हुई जिसमें प्रभारी के रूप में जिला उपाध्यक्ष पंकज सिंह भदौरिया उपस्थित थें l बैठक में 10 तारीख को SIR पर जिला कार्यशाला, केंद्र सरकार के 12 सालों के जनकल्याणकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाना, मेरा बूथ सबसे मजबूत, एक पेड़ माँ के नाम तथा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन को लेकर विचार विमर्श किया गया l बैठक में मुख्य रूप से जिला उपाध्यक्ष पंकज सिंह भदौरिया,निर्मल मिश्रा, संध्या कुमारी, सरिता बरनवाल, प्रेमलता बरनवाल, संगीता बरनवाल, उमिता बरनवाल, राजेश गुप्ता,सुभेंदु सुमन अमित,टुनटुन कुमार, अमित शेखर ठाकुर आदि लोग मौजूद थे l
देवघर-स्वर्गीय शिबू सोरेन के पूर्व आप्त सचिव रहे विवेक राउत के पिताजी के ब्रह्म भोज (डूमरथर) इंटक के प्रदेश सचिव अजय कुमार हुए शामिल।
देवघर: के मोहनपुर प्रखंड कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष पंजाबी राउत के चाचा व स्वर्गीय शिबू सोरेन के पूर्व आप्त सचिव रहे विवेक राउत के पिताजी के ब्रह्म भोज (डूमरथर) में शामिल होकर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए झारखंड प्रदेश इंटक के प्रदेश सचिव अजय कुमार एवं देवघर जिला कांग्रेस अनुसूचित विभाग के जिला अध्यक्ष नित्यानंद सेवक अजय कुमार प्रदेश सचिव झारखंड प्रदेश इंटक
देवघर-कांग्रेस सेवा दल के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष अजय कुमार ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव से मांग।
देवघर: झारखंड प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष अजय कुमार ने केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्वनी वैष्णव से वरिष्ठ नागरिकों को फिर से यात्रा में रियायत देने तथा सामान्य श्रेणी में भी सुविधा प्रदान करने की मांग की है। श्री कुमार ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की रियायतों को खत्म करने से वरिष्ठ नागरिक अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं एवं उन्हें कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना भी करना पड़ रहा है। श्री कुमार ने कहा कि सामान्य श्रेणी में भी बहुत सारी सुविधाओं के न रहने के कारण सामान्य श्रेणी के यात्रियों को बहुत सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है परिणाम स्वरूप वह सारी सुविधाएं उन्हें नहीं मिल पा रही हैं जिस सुविधा के यात्रीगण हकदार हैं। अजय कुमार पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष झारखंड प्रदेश कांग्रेस सेवा दल
देवघर-घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी आम लोगों को महंगाई का एक और झटका।
देवघर: झारखंड प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के पूर्व उपाध्यक्ष अजय कुमार ने घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर की कीमत में हुई वृद्धि को आम जनता को महंगाई का एक और झटका करार देते हुए कहा कि इस वृद्धि से उपभोक्ताओं पर बोझ और महंगाई दोनों बढ़ेगी। श्री कुमार ने कहा गैस सिलेंडर में मूल्य वृद्धि का सबसे अधिक कुप्रभाव गरीबों एवं मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। श्री कुमार ने कहा कि दैनिक जीवन की विभिन्न आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के बीच गैस सिलेंडर की कीमत में वृद्धि केंद्र सरकार की भाजपा सरकार का गरीबों के प्रति उसके पूर्वाग्रह को उजागर करता है। श्री कुमार ने घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर की कीमत में की गई वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग केंद्र सरकार से की है ताकि उपभोक्ताओं को अत्याधिक बोझ तथा लोगों को महंगाई का सामना न करना पड़े। अजय कुमार पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष झारखंड प्रदेश कांग्रेस सेवा दल
देवघर-अवैध पार्किंग चलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने की देवघर जिला प्रशासन एवं देवघर नगर निगम से मांग।
देवघर: झारखंड प्रदेश इंटक के प्रदेश सचिव अजय कुमार ,देवघर जिला इंटक के जिला अध्यक्ष अनंत मिश्रा एवं देवघर जिला महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सह इंटक के कार्यकारिणी सदस्य प्रमिला देवी ने पार्किंग से संबंधित नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए शहर में कई लोगों द्वारा विभिन्न मोहल्ले में चलाए जा रहे अवैध पार्किंग पर रोक लगाने तथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग देवघर जिला प्रशासन एवं देवघर नगर निगम से की है। जारी एक संयुक्त बयान में इंटक के नेताओं ने कहा कि अवैध पार्किंग के चलते शहर में न सिर्फ रोज घंटे जाम की स्थिति बन जाती है राज्य सरकार को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। अजय कुमार प्रदेश सचिव झारखंड प्रदेश इंटक
देवघर-भाजपा जिला उपाध्यक्ष पंकज सिंह भदौरिया द्वारा सत्संग नगर मंडल के वार्ड नंबर 9 शक्ति केंद्र में वृक्षारोपण।
देवघर: 5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर भाजपा जिला उपाध्यक्ष पंकज सिंह भदौरिया द्वारा सत्संग नगर मंडल के वार्ड नंबर 9 शक्ति केंद्र में वृक्षारोपण किया गया l यह कार्यक्रम विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के कार्यक्रम 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत देश भर में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया गया हैं l मौके पर भाजपा नेता ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व द्वारा हरियाली बढ़ाने, प्रदूषण कम करने और स्वच्छ वातावरण के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। यह अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, हरित और स्वस्थ भारत के निर्माण का संकल्प है। कार्यक्रम में विकाश मित्रा, फाल्गुनी प्रसाद यादव, राकेश यादव, शुभेंदु सुमन अमित, सुमित कुमार, रौशन कुमार, ललन कुमार, शुभम कुमार, भूपेंद्र कुमार,सोनू कुमार, बबलू बरनवाल आदि भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे
देवघर-में मनरेगा कर्मचारी हड़ताल को लेकर मुख्यमंत्री से गुहार लगाया संवाद और समाधान की दिशा में आगे बढ़े सरकार, मनरेगा कर्मियों की पीड़ा को समझे
देवघर: झारखंड राज्य के मनरेगा कर्मी पिछले लगभग तीन महीनों से अपनी लंबित एवं न्यायोचित मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल, विपक्षी विचारधारा अथवा बाहरी प्रभाव का परिणाम नहीं है, बल्कि उन हजारों मनरेगा कर्मियों की वास्तविक पीड़ा और वर्षों की उपेक्षा का परिणाम है, जिन्होंने लगभग दो दशकों से ग्रामीण विकास एवं मनरेगा योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हाल के दिनों में कुछ ऐसे वक्तव्य सामने आए हैं जिनमें मनरेगा कर्मियों के आंदोलन को अनुचित बताने तथा आंदोलनरत कर्मियों की मंशा पर प्रश्नचिह्न लगाने का प्रयास किया गया है। हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि यह आंदोलन किसी सरकार के विरोध का आंदोलन नहीं है, बल्कि सम्मानजनक सेवा शर्तों, सामाजिक सुरक्षा और न्यायपूर्ण व्यवस्था की मांग का आंदोलन है। हमारा सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि एक ही मनरेगा व्यवस्था में कार्यरत कर्मियों के बीच इतना बड़ा अंतर क्यों है? एक ओर राज्य मनरेगा कोषांग में कार्यरत कर्मियों को ग्रेड-पे की सुविधा प्राप्त है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय स्तर पर कार्यरत हजारों मनरेगा कर्मी आज भी मात्र 12000 रुपये प्रतिमाह मानदेय पर पूर्णकालिक सेवाएं देने को विवश हैं। एक ही परिवार के दो सदस्यों के साथ इस प्रकार का व्यवहार स्वाभाविक रूप से असंतोष और पीड़ा को जन्म देता है। हम सरकार और विभागीय अधिकारियों को अपना अभिभावक मानते हैं। इसलिए हमारी अपेक्षा टकराव नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और न्याय की है। यदि सरकार को योजनाओं के प्रभावित होने की चिंता है तो उसे उन मनरेगा कर्मियों की भी चिंता करनी चाहिए जिनके परिवार लगातार आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। यह भी विचारणीय है कि क्या वर्तमान समय में 12000 रुपये प्रतिमाह पर किसी परिवार का सम्मानजनक जीवन-यापन संभव है? यह भी एक कटु सत्य है कि वर्षों की सेवा के दौरान 156 मनरेगा कर्मियों का निधन हो चुका है। उनके परिवार आज भी आर्थिक और सामाजिक असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। यदि मनरेगा कर्मी राज्य के विकास के सहभागी हैं, तो उनके परिवारों की सुरक्षा और सम्मान भी राज्य की जिम्मेदारी होनी चाहिए। हम यह भी कहना चाहते हैं कि आंदोलन की वर्तमान स्थिति के लिए केवल कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा। अतीत में कई बार मनरेगा कर्मियों के आंदोलनों के दौरान सरकार एवं कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच लिखित समझौते हुए, मांगों पर सहमति बनी और आश्वासन दिए गए, लेकिन दुर्भाग्यवश उन समझौतों का पूर्ण क्रियान्वयन आज तक नहीं हो सका। यही कारण है कि कर्मचारियों के बीच विश्वास का संकट उत्पन्न हुआ है। जब बार-बार लिखित सहमति के बावजूद मांगें लंबित रह जाती हैं, तो स्वाभाविक रूप से कर्मचारियों का भरोसा कमजोर होता है। फिर भी हम संवाद के मार्ग में विश्वास रखते हैं। हम माननीय ग्रामीण विकास मंत्री महोदया, विभागीय सचिव एवं आयुक्त महोदय से विनम्र अपील करते हैं कि वे मनरेगा कर्मियों की पीड़ा को संवेदनशीलता के साथ समझें और आंदोलन को केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण से देखने के बजाय मानवीय दृष्टिकोण से भी विचार करें। हम मंत्री महोदया से विशेष आग्रह करते हैं कि वे स्वयं पहल कर कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ सार्थक एवं परिणामोन्मुखी संवाद सुनिश्चित करें, ताकि वर्षों से लंबित समस्याओं का स्थायी समाधान निकल सके। यदि सरकार और कर्मचारी पक्ष आपसी विश्वास के साथ बातचीत करें तो समाधान का मार्ग अवश्य प्रशस्त होगा। हम पुनः स्पष्ट करना चाहते हैं कि मनरेगा कर्मी सरकार से संघर्ष नहीं, समाधान चाहते हैं; टकराव नहीं संवाद चाहते हैं; विशेषाधिकार नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन, सामाजिक सुरक्षा और न्यायपूर्ण सेवा व्यवस्था चाहते हैं। मनरेगा को मजबूत बनाने के लिए मनरेगा कर्मियों को मजबूत बनाना आवश्यक है। यही राज्यहित, जनहित और ग्रामीण विकास के हित में भी होगा। झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ