सुपर अल नीनो से मानसून कमजोर: प्रशांत महासागर की सतह का तापमान बढ़ने से कम बारिश की आशंका

नितेश श्रीवास्तव

भदोही । सुपर अल नीनो वैश्विक जलवायु घटना के कारण तापमान में वृद्धि हो रही है। इससे खेती-किसानी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने के साथ ही इस बार मानसून में कम बारिश होने की आशंका है। छह साल पहले भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई थी। असामान्य तापमान वृद्धि के लिए सुपर अल नीनो को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। यह एक वैश्विक जलवायु घटना है जो प्रशांत महासागर की सतह का तापमान सामान्य से अधिक बढ़ने के कारण उत्पन्न होती है। भारत में इसका सीधा असर दक्षिण-पश्चिम मानसून के कमजोर होने और भीषण गर्मी के रूप में दिखाई देता है। सुपर अल नीनो के कारण मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं, जिससे सामान्य से कम बारिश होने की संभावना बढ़ जाती है। तापमान में अत्यधिक वृद्धि से भीषण लू चलने और मिट्टी की नमी तेजी से खत्म होने का खतरा रहता है।
साइबर धोखाधड़ी के 72,400 रुपये पीड़ितों को वापस मिले:भदोही पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पीड़ितों ने आभार व्यक्त किया*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के पांच पीड़ितों को उनके 72,400 रुपये सफलतापूर्वक वापस दिलाए हैं। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश पर साइबर सेल/साइबर हेल्प डेस्क ने त्वरित कार्रवाई की।
पीड़ितों ने ऑनलाइन साइबर शिकायत दर्ज कराई थी। साइबर सेल भदोही ने एनसीआरपी पोर्टल का अवलोकन कर इन मामलों का त्वरित संज्ञान लिया और धोखाधड़ी की गई धनराशि वापस कराई।
अपनी धनराशि वापस मिलने पर पीड़ितों ने भदोही पुलिस अधीक्षक और साइबर सेल की सराहना की।
साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए भदोही पुलिस ने कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी है। इनमें साइबर फ्रॉड होते ही तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराना शामिल है।
पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के कहने पर कोई ऐप डाउनलोड न करने, वर्क फ्रॉम होम या शेयर ट्रेडिंग से पहले पूरी जानकारी लेने की अपील की है। साथ ही, किसी अनजान व्यक्ति द्वारा पैसे मांगे जाने पर जांच करने और गलती से हुए ट्रांजेक्शन को स्वयं न लौटाकर बैंक या साइबर सेल के माध्यम से ही वापस कराने को कहा है। अज्ञात व्यक्ति या नंबर द्वारा भेजी गई किसी भी लिंक पर क्लिक न करने की भी सलाह दी गई है। इस कार्रवाई में साइबर सेल टीम के प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार गुप्ता और कांस्टेबल कन्हैया कुमार शामिल थे।
पुलिस भर्ती परीक्षा के द्वितीय दिन डीएम-एसपी ने किया परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण, निष्पक्ष एवं नकलविहीन परीक्षा पर दिया जोर
*भदोही में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई पुलिस भर्ती परीक्षा की प्रथम पाली, डीएम और एसपी ने परखी व्यवस्थाएं*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा के द्वितीय दिन जनपद में परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी शैलेष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज ज्ञानपुर केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
             निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की प्रवेश जांच, सीसीटीवी निगरानी, व्यवस्था, पेयजल, शौचालय तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का गहन अवलोकन किया। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों, स्टेटिक मजिस्ट्रेटों एवं पुलिस अधिकारियों से परीक्षा संचालन संबंधी जानकारी प्राप्त करते हुए शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
            जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने परीक्षा केंद्रों के प्रवेश द्वारों पर अभ्यर्थियों की सघन तलाशी व्यवस्था का निरीक्षण किया तथा स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी अभ्यर्थी को प्रतिबंधित सामग्री के साथ परीक्षा कक्ष में प्रवेश न करने दिया जाए। अधिकारियों ने कहा कि भर्ती परीक्षा की शुचिता एवं विश्वसनीयता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को गंभीरता से लिया जाएगा।
           जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देशित किया कि परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने पेयजल, विद्युत, शौचालय एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुचारु बनाए रखने तथा परीक्षा संचालन में समयबद्धता और अनुशासन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। साथ ही सभी गतिविधियों की निरंतर निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।
         पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने परीक्षा केंद्रों पर तैनात पुलिस बल को सतर्क एवं मुस्तैद रहकर ड्यूटी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित करने वाले तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाए तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए। परीक्षा केंद्रों एवं उसके आसपास पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई है, जिससे अभ्यर्थियों को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण वातावरण प्राप्त हो सके।
           अधिकारियों ने सीसीटीवी कैमरों एवं कंट्रोल रूम के माध्यम से की जा रही निगरानी व्यवस्था का भी निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को परीक्षा की प्रत्येक गतिविधि पर सतत नजर बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप भर्ती परीक्षा को पूर्णतः नकलविहीन, पारदर्शी एवं निष्पक्ष वातावरण में संपन्न कराया जा रहा है।
         जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जनपद प्रशासन एवं पुलिस विभाग परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। निरीक्षण के दौरान सभी परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं तथा परीक्षा शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित वातावरण में संचालित होती मिली।
         आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती–2025 की लिखित परीक्षा 09 जून 2026 को प्रथम पाली के समस्त केंद्रों पर अभ्यार्थियों की संख्या 2976, उपस्थित 2290, अनुपस्थित 686 रहे। द्वितीय पाली में अभ्यर्थियों की संख्या 2976, उपस्थित 2325, अनुपस्थित 651 रहे।
चार करोड़ से सुधरेगी बेसिक स्कूलों की सूरत*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में 4.4 करोड़ के कंपोजिट ग्रांट से जिले के 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालयों की सूरत सुधरेगी। शासन ने पहली किस्त के रूप में दो करोड़ दो लाख जारी कर दिया है। बेसिक शिक्षा विभाग छात्र संख्या के हिसाब से एसएमसी (विद्यालय प्रबंधन समिति) के खाते में धनराशि भेजनी शुरू कर दी है। प्रधानाध्यापक जरूरत के हिसाब से विद्यालय के विकास पर रकम खर्च कर सकेंगे। जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय में एक लाख 30 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। पहले रंग-रोगन के नाम पर सभी विद्यालयों को सात से 10 हजार रुपये शासन से मिलते थे। इससे स्कूलों की न तो ठीक से रंगाई-पुताई हो पाती थी और न ही दूसरे सामान की खरीदारी। 2019-20 सत्र से सरकार ने स्कूलों में छात्र संख्या के आधार पर कंपोजिट ग्रांट आवंटित करना शुरू किया। साल में दो बार में यह धनराशि स्कूलों को दी जाती है। पहली किस्त शिक्षा सत्र शुरू होने के बाद और दूसरी किस्त बारिश का सीजन खत्म होने पर भेजा जाता है। जिससे प्रधानाध्यापक जरूरत के हिसाब से स्कूलों में काम कराते हैं।


विभाग के अनुसार एक से 30 तक बच्चों की संख्या पर 10 हजार, 30 से 100 बच्चों पर 25 हजार, 100 से 250 बच्चों पर 50 हजार, 250 से 1000 बच्चों पर 75 हजार और 1000 से अधिक बच्चों वाले स्कूलों को एक लाख ग्रांट राशि जारी की जाती है। आवंटित ग्रांट को विद्यायल प्रबंधन समिति रंगरोगन, चहारदीवारी निर्माण, ढोलक, हारमोनियम सहित शैक्षिक और खेलकूद सामग्री पर खर्च करता है। पूर्व में जिन स्कूलों में न खेल सामग्री और न ही संगीत से जुड़े उपकरण थे वहां अब यह व्यवस्थाएं हो चुकी है।
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*कंपोजिट ग्रांट से ये कार्य कर सकेंगे प्रधानाध्यापक*

कंपोजिट ग्रांट से प्रधानाध्यापक विद्यालयों में मरम्मत, रंगाई पुराई के अलावा अन्य कार्य करा सकेंगे। धनराशि को विद्यालयों में पेयजल, शिक्षण सहायक सामग्री, कक्षों में टाइल्स लगवाने, फर्स्ट एड बाॅक्स, अग्निशमन यंत्र, विद्युत उपकरण की खरीदारी, कंप्यूटर कक्ष, अनुरक्षण कार्य में खर्च कर सकते हैं। आवश्यकतानुसार पेंटिग कार्य, स्टेशन, टाट पट्टी, चटाई, दरी, रेडियो प्रोग्राम, सांस्कृतिक कार्यक्रम के उपकरण, सामान्य सामग्री, बागवानी किट जैसी जरूरतों को पूरा कर सकते हैं।



कंपोजिट ग्रांट में 50 प्रतिशत धनराशि अवमुक्त हुई है। छात्र संख्या के आधार पर विद्यालयों में भेजने की तैयारी की जा रही है। जिससे विद्यालयों में जरूरी कार्य संपन्न कराए जा सकें। - शिवम पांडेय बीएसए
20 पीएचसी पर लगेगी बॉयोमैट्रिक हाजिरी, रुकेगी मनमानी
*सिलिंडर के दाम बढ़ने से 5 लाख उपभोक्ता पर महंगाई की मार*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले के 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी बायोमैट्रिक अटेंडेंस मशीनें लगाई जाएंगे। इससे डॉक्टरों और कर्मचारियों की लेटलतीफी पर अंकुश लगेगा। स्वास्थ्य विभाग इसकी कवायद में जुट गया है। अगस्त से यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी। जिले में तीन राजकीय जिला अस्पताल, छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। जिला अस्पताल और सीएचसी में यह व्यवस्था पहले से ही है, लेकिन पीएचसी में अभी रजिस्टर पर ही हाजिरी लगाई जाती है। ऐसे में इन केंद्रों पर डॉक्टर और कर्मचारी समय से नहीं पहुंचते। कोई वाराणसी तो कोई प्रयागराज से ड्यूटी करने आता है। इसको लेकर शिकायतें भी मिलती रहती हैं। अधिकारियों के निरीक्षण में भी कई बार ऐसी मनमानी पकड़ी जा चुकी है। इसलिए सभी पीएचसी पर भी बायोमैट्रिक अटेंडेंस मशीन लगाई जाएगी। चकटोडर, हरिहरपुर, लालानगर, डेरवा, जयरामपुर, मानिकपुर, गिर्दबड़गांव सहित 20 पीएचसी पर रोज 1000 से 1200 मरीजों की ओपीडी होती है। बायोमेट्रिक मशीन लगने के बाद डॉक्टरों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज होगी। इसके आधार पर ही वेतन मिलेगा। इससे अस्पताल देरी से आने वाले और समय से पहले चले जाने वाले स्वास्थ्यकर्मियों की मनमानी पर रोक लग सकेगी।



पीएचसी पर लोगों को बेहतर सुविधाओं का लाभ लोगों को मिल रहा है। कुछ अस्पतालों में लेटलतीफी की शिकायतें मिलती हैं। इसलिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस की व्यवस्था की जा रही है। अगस्त में सभी पीएचसी पर मशीनें लगाने का काम शुरू किया जाएगा। - डॉ. एसके चक, सीएमओ भदोही
जिला अस्पताल में 32 साल से डिजिटल एक्स-रे नहीं:मरीजों को निजी लैब में 300 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही के महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में जनपद सृजन के 32 साल बाद भी डिजिटल एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इससे दो से ढाई लाख लोगों को स्वास्थ्य सुविधा देने वाले इस अस्पताल में मरीजों को एक्स-रे के लिए निजी लैब या पांच किलोमीटर दूर सरतपहां स्थित सौ शय्या अस्पताल जाना पड़ता है। निजी लैब में एक डिजिटल एक्स-रे कराने पर मरीजों को 250 से 300 रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 700 से 800 मरीज ओपीडी में आते हैं, जिनमें से 60 से 65 मामले हड्डी से संबंधित होते हैं। इनमें से अधिकांश मरीजों को एक्स-रे की आवश्यकता होती है। अस्पताल में मैनुअल एक्स-रे मशीन मौजूद है, लेकिन उससे स्पष्ट तस्वीरें नहीं मिल पातीं, जिससे चिकित्सकों को डिजिटल एक्स-रे की सलाह देनी पड़ती है।
डिजिटल एक्स-रे की व्यवस्था न होने के कारण प्रतिदिन 15 से 20 मरीज निजी लैब का रुख करते हैं। सौ शय्या अस्पताल तक आने-जाने में लगभग 10 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है, जिसमें पूरा दिन लग जाता है। इसके बाद मरीजों को अगले दिन डॉक्टर को दिखाने आना पड़ता है, जिससे अधिकतर मरीज निजी लैब से ही एक्स-रे कराना पसंद करते हैं।
वाराणसी से अलग होकर 1994 में भदोही जिला बनने के बाद से यहां स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार विस्तार हुआ है। हालांकि, जिला अस्पताल में अब तक एक भी डिजिटल एक्स-रे मशीन नहीं लग पाई है। जनप्रतिनिधियों ने भी इस दिशा में कभी प्रयास नहीं किया। सुरियावां सीएचसी का भी यही हाल है, जहां आठ साल बाद भी डिजिटल एक्स-रे मशीन स्थापित नहीं हो सकी और रखी-रखी खराब हो गई। अब वहां दूसरी मशीन लगाई जाएगी।
इस संबंध में भदोही के सीएमओ डॉ. एसके चक ने बताया कि जिला अस्पताल में मैनुअल एक्स-रे की व्यवस्था है और मरीजों का एक्स-रे नियमित रूप से किया जाता है। सौ शय्या अस्पताल में डिजिटल एक्स-रे मशीन नियमित रूप से संचालित हो रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही जिला अस्पताल में डिजिटल एक्स-रे के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
पीड़ित को वापस मिले 50,000 रुपये:भदोही पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी का मामला सुलझाया

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक पीड़ित व्यक्ति के 50,000 रुपये वापस दिलवाए हैं। यह धनराशि गलती से किसी अन्य खाते में स्थानांतरित हो गई थी। पीड़ित ने अपनी धनराशि वापस मिलने पर भदोही पुलिस और साइबर हेल्प डेस्क का आभार व्यक्त किया। यह घटना औराई थाना क्षेत्र के गिर्दबड़ागांव निवासी नीरज गुप्ता पुत्र दिनेश कुमार के साथ हुई। नीरज ने गलती से 50,000 रुपये की राशि किसी और के खाते में भेज दी थी। उन्होंने इस संबंध में तत्काल ऑनलाइन साइबर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी ने जनपद में साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए साइबर हेल्प डेस्क/साइबर थाना भदोही को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इन्हीं निर्देशों के तहत, औराई थाना की साइबर हेल्प डेस्क ने नीरज गुप्ता के प्रार्थना पत्र और एनसीआरपी पोर्टल का अवलोकन कर तुरंत कार्रवाई की। साइबर हेल्प डेस्क की टीम, जिसमें निरीक्षक शेतांशु शेखर पंकज, कांस्टेबल रणविजय चौहान/नीरज कुमार और कांस्टेबल शुभम कुशवाहा शामिल थे, ने सक्रियता दिखाते हुए पीड़ित के खाते से गई धनराशि को सफलतापूर्वक वापस कराया। अपनी खोई हुई राशि वापस पाकर नीरज गुप्ता ने पुलिस अधीक्षक भदोही और औराई थाना की साइबर हेल्प डेस्क की सराहना करते हुए भदोही पुलिस का हृदय से धन्यवाद किया।
निगेटिव ग्रुप का खून खत्म, ए पाॅजिटिव एक और एबी पाॅजिटिव सिर्फ दो यूनिट ही बचा*


*150 यूनिट है ब्लड बैंक की क्षमता, मरीजों को हो रही दिक्कत*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक की क्षमता 150 यूनिट रक्त की है। वर्तमान में ब्लड बैंक में सिर्फ 25 यूनिट ही रक्त उपलब्ध है, जबकि हर दिन की खपत करीब पांच यूनिट है। वहीं निगेटिव ग्रुप का खून खत्म हो चुका है। ब्लड बैंक में करीब 5 दिन के लिए सिर्फ 25 यूनिट खून बचा है। निगेटिव ग्रुप का ब्लड लेने के लिए आने वाले मरीजों को निजी अस्पताल में जाकर व्यवस्था करनी पड़ती है। यदि अगले कुछ दिन में कोई रक्तदान शिविर नहीं आयोजित किया गया, तो स्टॉक खत्म होने का खतरा है। जिला अस्पताल में रोजाना 700 से 800 मरीजों की ओपीडी होती है। इसके अलावा 70 के करीब इमरजेंसी होती है। ऑपरेशन कराने वाले मरीजों को रक्त की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा निजी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को भी खून की जरूरत होती है तो वह जिला अस्पताल की तरफ रूख करते हैं, लेकिन मई के अंतिम सप्ताह से ब्लड बैंक में खून के स्टॉक की स्थिति खराब हो गई है।
इंडियन रेडक्रास, फाउंडेशन समेत कुछ संगठनों की तरफ से साल में एक या दो बार रक्तदान का शिविर का आयोजन होता है। इसके अलावा स्वैच्छिक रक्तदान शिविर न होने से ब्लड बैंक में खून की कमी हो गई है। जिससे जरूरतमंद को निजी ब्लड बैंक का रूख करना पड़ता है। जहां मनमुताबिक चार्ज लिया जाता है।


ब्लड बैंक में बाहर से आने वाले मरीजों को 1050 फीस और रक्तदान करने के बाद संबधित ग्रुप का खून दिया जाता है जबकि अस्पताल में भर्ती मरीज को निशुल्क मिलता है। वर्तमान में ब्लड बैंक में बी निगेटिव ग्रुप का खून शून्य है। यही हाल ओ, एबी, ए निगेटिव का है। जरूरत पर इन ग्रुप के मरीजो को जिला अस्पताल से लौटना पड़ता है। ए और एबी पॉजिटव ग्रुप का खून भी एक और दो यूनिट ही है।
ब्लड बैंक में खून की उपलब्धता

ओ पॉजिटिव - 05 यूनिट
ए पॉजिटिव – 1 यूनिट

एबी पॉजिटिव - 2 यूनिट
बी पॉजिटिव - 17 यूनिट
ए निगेटिव – शून्य
बी निगेटिव – शून्य

एबी निगेटिव - शून्य

ओ निगेटिव - शून्य
दो चिकित्सक सहित कुल 14 कर्मचारियों की तैनाती
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में दो डॉक्टर सहित कुल 14 स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती है। एलटी, स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वाॅय, कंप्यूटर ऑपरेटर को मिलाकर कुल 14 कर्मचारी है। जो नियमित अपनी डयूटी करते हैं। रेडक्रांस, स्वयं सेवी संस्था के माध्यम से समय समय पर रक्तदान शिविर आयोजित किया जाता है।

इन मरीजों में खून की कमी
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉक्टर प्रदीप यादव ने बताया कि थैलेसीमिया, किडनी, सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्त, गर्भवती महिला को खून की जरूरत पड़ती है। जिले में थैलेसीमिया के जो मरीज हैं, वह बाहर ही उपचार करवाते हैं। विभाग के पास पुख्ता डाॅटा नहीं है। हर महीने औसतन 700 से 800 प्रसव होते हैं। इसमें से 50 प्रसव पीड़िता को ब्लड की जरूरत पड़ती है।
ब्लड बैंक से हर जरूरतमंद व्यक्ति को खून मिलता है। स्वयं सेवी संस्थाएं समय समय पर रक्तदान शिविर लगाती रहती हैं। लोगों को रक्तदान करना चाहिए। यहां लोग केवल रिप्लेसमेंट के आधार पर ही रक्तदान कर रहे हैं, इससे इमरजेंसी के लिए रिजर्व स्टॉक खत्म होता जा रहा है। उन्होंने लोगों से रक्तदान करने की अपील की है। - डॉ. एसके चक, सीएमओ भदोही
भदोही में आरक्षी भर्ती परीक्षा: जिलाधिकारी और एसपी ने परीक्षा केंद्रों का किया निरीक्षण


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही में सोमवार को जिलाधिकारी शैलेश कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने आरक्षी भर्ती परीक्षा के विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण परीक्षा को सकुशल, निष्पक्ष और शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से किया गया।
अधिकारियों ने इंद्र बहादुर सिंह नेशनल इंटर कॉलेज भदोही, एम.ए. समद इंटर कॉलेज भदोही और गुलाबरधर मिश्र इंटरमीडिएट कॉलेज गोपीगंज का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी मॉनिटरिंग, अभ्यर्थियों की चेकिंग प्रणाली और यातायात/पार्किंग व्यवस्था का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान, परीक्षा केंद्रों पर तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्कता के साथ ड्यूटी करने तथा किसी भी अवांछनीय गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। जनपद पुलिस और प्रशासन ने परीक्षा को शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित किए हैं।
हाईस्कूल-इंटरमीडिएट इंप्रूवमेंट, कंपार्टमेंट परीक्षा आवेदन शुरू:6 से 27 जून तक करें आवेदन, डीआईओएस ने दी जानकारी*
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं के लिए इंप्रूवमेंट और कंपार्टमेंट परीक्षा के आवेदन 6 जून से शुरू हो गए हैं। यह जानकारी जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने दी। उन्होंने बताया कि इच्छुक विद्यार्थी 6 जून से 27 जून की मध्यरात्रि तक आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इसके लिए संबंधित पोर्टल पर फाॅर्म उपलब्ध है। आवेदन के लिए छात्रों को कोषागार में निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। हाईस्कूल के लिए 256.50 रुपए और इंटरमीडिएट के लिए 306 रुपए शुल्क तय किया गया है।डीआईओएस ने स्पष्ट किया कि हाईस्कूल के छात्र इंप्रूवमेंट और कंपार्टमेंट दोनों परीक्षाओं में शामिल हो सकते हैं, जबकि इंटरमीडिएट के छात्र केवल एक विषय में कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए ही आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि सभी विद्यालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इच्छुक छात्र अपने संबंधित विद्यालय से संपर्क कर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। परीक्षा से संबंधित डिग्रीयां माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा निर्धारित तिथि पर जारी की जाएगी।