पुलिस महानिदेशक पीएसी द्वारा निर्माणाधीन 49वीं वाहिनी पीएसी, गौतमबुद्धनगर का निरीक्षण

लखनऊ । पुलिस महानिदेशक पीएसी, उत्तर प्रदेश आलोक सिंह द्वारा ग्राम लुकसर, कासना, गौतमबुद्धनगर स्थित निर्माणाधीन 49वीं वाहिनी पीएसी का भ्रमण एवं निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन एवं पूर्ण किए जा चुके कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस अवसर पर रामनयन सिंह, सेनानायक 49वीं वाहिनी तथा लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं द्वारा निर्माण कार्यों की प्रगति एवं वर्तमान स्थिति के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया गया।

आलोक सिंह द्वारा कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।कार्यक्रम के दौरान वृक्षारोपण किया गया तथा सैनिक सम्मेलन आयोजित कर कार्मिकों को आधुनिक तकनीकों एवं उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए अपनी व्यावसायिक दक्षता बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर बैंड कर्मियों द्वारा उत्कृष्ट बैंड वादन की प्रस्तुति भी दी गई।

निरीक्षण के दौरान कल्पना सक्सेना, डीआईजी मेरठ अनुभाग, रामनयन सिंह, सेनानायक 49वीं वाहिनी,  अनिल कुमार, सहायक सेनानायक 49वीं वाहिनी,  राजीव यादव, सहायक सेनानायक (यूपीएसएसएफ) सहित अन्य अधिकारीगण एवं मोहम्मद आरिफ, अधिशासी अभियंता, एहतशाम अनवर, सहायक अभियंता,  त्रुष्पाल सिंह तथा उनकी टीम उपस्थित रही।
नवीन श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सेवायोजकों को किया गया जागरूक
* श्रम न्याय सेतू पोर्टल का लाइव डेमो, श्रमिक कल्याण योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए लगाए गए शिविर

लखनऊ। केन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर संचालित ‘‘12 साल विश्वास के, विकास के, जन-कल्याण के’’ अभियान के अंतर्गत प्रदेश में 05 जून से 21 जून 2026 तक चलाए जा रहे समेकित जन-कल्याण एवं जन-जागरूकता अभियान के तहत सोमवार को अपर श्रमायुक्त कार्यालय, लखनऊ में नवीन श्रम संहिताओं पर संवाद कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में श्रम विभाग के अधिकारियों, विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों तथा सेवायोजकों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता अपर श्रमायुक्त श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव ने मजदूरी संहिता-2019, सामाजिक सुरक्षा संहिता-2020, औद्योगिक संबंध संहिता-2020 तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशाएं संहिता-2020 के प्रमुख प्रावधानों, उद्देश्यों एवं व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नवीन श्रम संहिताओं का उद्देश्य श्रमिकों को अधिक सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना, श्रम कानूनों को सरल बनाना तथा उद्योगों और श्रमिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। उन्होंने सेवायोजकों से अपेक्षा की कि वे संहिताओं की मूल भावना के अनुरूप उनका प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करें।
कार्यशाला के दौरान उपस्थित नियोक्ताओं एवं उद्योग प्रतिनिधियों द्वारा श्रम संहिताओं से संबंधित विभिन्न जिज्ञासाएं एवं प्रश्न प्रस्तुत किए गए, जिनका विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से समाधान किया गया। साथ ही सेवायोजकों से आग्रह किया गया कि वे अपने-अपने प्रतिष्ठानों में अन्य नियोक्ताओं और कर्मचारियों को भी इन प्रावधानों के संबंध में जागरूक करें। अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश नियमावलियों के प्रकाशन के उपरांत पुनः व्यापक स्तर पर संवाद कार्यक्रम आयोजित कर सेवायोजकों को अनुपालन संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्यशाला में श्रीमती शिप्रा चतुर्वेदी, सहायक श्रमायुक्त, यादवेन्द्र सिंह, संतोष कुमार, अंकित सिंह, शरद, राकेश कुमार पाल, पल्लवी सिंह, अरुण कुमार पाण्डेय, मोहम्मद इम्तेयाज अहमद अंसारी, राम कुमार एवं पंकज कुमार शुक्ला सहित श्रम विभाग के अधिकारी एवं श्रम प्रवर्तन अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं विभिन्न औद्योगिक इकाइयों एवं प्रतिष्ठानों जैसे करम इंडस्ट्री, सरोजनीनगर इंडस्ट्रियल एरिया के प्रतिनिधि, एवररेडी, इन्कॉर्डिओं राइट्स, आमा हर्बल, होटल उद्योग तथा अन्य प्रतिष्ठानों के एचआर प्रबंधक एवं सेवायोजक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
इसी क्रम में श्रम न्याय सेतू पोर्टल के माध्यम से श्रम वादों के त्वरित एवं पारदर्शी निस्तारण के लिए उपलब्ध डिजिटल व्यवस्था के संबंध में जागरूकता कार्यशाला का भी आयोजन किया गया। सहायक श्रमायुक्त श्रीमती शिप्रा चतुर्वेदी की अध्यक्षता में आयोजित इस सत्र में वरिष्ठ सहायक श्री दिव्य प्रकाश पाण्डेय ने पोर्टल का लाइव डेमो प्रस्तुत कर इसकी कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में उपस्थित पक्षकारों ने पोर्टल को और अधिक प्रभावी एवं उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने के लिए अपने सुझाव भी साझा किए।
इसके अतिरिक्त अभियान के अंतर्गत उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु प्रदेश के विभिन्न विकास खंडों में स्टॉल एवं शिविर लगाए गए। इन शिविरों में निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण, योजनाओं की जानकारी तथा पात्र लाभार्थियों के आवेदन कराने की व्यवस्था की गई, जिससे अधिकाधिक श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जन-जागरूकता अभियान के माध्यम से श्रमिकों, नियोक्ताओं एवं आम नागरिकों को श्रम कानूनों, डिजिटल सेवाओं तथा श्रमिक कल्याण योजनाओं से जोड़ने का कार्य निरंतर किया जा रहा है, जिससे श्रम क्षेत्र में सुशासन और पारदर्शिता को और अधिक मजबूती मिल सके।
जनता दर्शन में दिखा सरकार के प्रति लोगों का विश्वास

* जनता के बीच पहुंचे उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समस्याओं के समाधान का दिया भरोसा


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को अपने कैंप कार्यालय, 7-कालिदास मार्ग, लखनऊ में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए सैकड़ों नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को त्वरित, प्रभावी एवं न्यायपूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनता दर्शन में फरियादियों की भारी भीड़ उमड़ी। दूर-दराज से आए नागरिकों की सुविधा के दृष्टिगत शीतल पेयजल, शरबत एवं मिठाई की विशेष व्यवस्था भी की गई थी। उप मुख्यमंत्री स्वयं लोगों के बीच पहुंचे, एक-एक फरियादी से मिले और उनकी समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना।
इस अवसर पर भूमि एवं राजस्व विवाद, चिकित्सा सहायता, पेंशन, आवास, सड़क, विद्युत एवं पेयजल, पुलिस प्रशासन, शिक्षा तथा रोजगार से संबंधित बड़ी संख्या में प्रकरण प्रस्तुत किए गए। उप मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
श्री मौर्य ने कहा कि जनता दर्शन केवल शिकायत सुनने का मंच नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास एवं संवाद का सशक्त माध्यम है। इससे शासन-प्रशासन को जमीनी वास्तविकताओं की जानकारी प्राप्त होती है तथा समस्याओं के समाधान की दिशा में त्वरित और प्रभावी कदम उठाने में सहायता मिलती है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रत्येक नागरिक को न्याय दिलाने और उसे शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे तथा किसी भी पीड़ित को न्याय पाने के लिए अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतुष्टिपरक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। शिकायतों के समाधान में किसी भी स्तर पर शिथिलता, लापरवाही अथवा उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि समस्याओं के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाए।
श्री मौर्य ने विशेष रूप से महिलाओं, दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों एवं अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की संवेदनशीलता का वास्तविक स्वरूप तभी दिखाई देता है, जब समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों को समय पर राहत और न्याय प्राप्त हो।
भूमि विवाद एवं अवैध कब्जों से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए उप मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों को मौके पर भेजकर निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा प्रभावी एवं स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि भूमि पर अवैध कब्जा, उत्पीड़न अथवा दबंगई के मामलों में दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
जनसुनवाई के दौरान उप मुख्यमंत्री ने फरियादियों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का हरसंभव समाधान कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल शिकायतों का निस्तारण करना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को सम्मानजनक, पारदर्शी एवं उत्तरदायी प्रशासन उपलब्ध कराना है।
लखीमपुर से श्रीमती रामकली, प्रतापगढ़ से    अभिषेक कुमार, हाथरस से सन्तोष कुमार, मेरठ से अरूण कुमार, प्रयागराज से शमला भारतीय सीतापुर से  श्रीमती गीतादेवी ने भूमि विवाद से सम्बन्धित प्रकरण रखे, सभी प्रकरणो में उप मुख्यमंत्री ने सम्बन्धित जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम भेजकर समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाय।अमौसी (लखनऊ) से आये मनीष सिंह ने सड़क बनवाये जाने का अनुरोध किया, प्रतापगढ़ की श्रीमती सोनी के आवास आवंटन के अनुरोध पर उप मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि पात्रता की जांच कराते हुये निष्पक्ष रूप से नियमानुसार आवास देने के सम्बन्ध मे कार्यवाही की जाय। लखनऊ के राजाराम मौर्य ने भूमि की हदबरारी कराकर सीमांकन कराये जाने का अनुरोध किया। मथुरा के जुगेन्द्र ने अपनी पुत्री का मेडिकल कराये जाने का प्रार्थना पत्र दिया। बलिया की श्रीमती केशिया ने विधवा पेंशन दिलाने का अनुरोध किया।  उप मुख्यमंत्री ने सभी प्रकरणो पर नियमानुसार  कार्यवाही करने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियो को दिये। उप मुख्यमंत्री ने समस्याओं के निस्तारण के बावत
कई अधिकारियो से दूरभाष पर वार्ता भी किया।
श्री मौर्य ने कहा कि "जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। प्रत्येक व्यक्ति की समस्या का समाधान कर उसे न्याय दिलाना सरकार की प्रतिबद्धता है। जन समस्याओं का निस्तारण भी होगा और पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिलेगा
“हर जीव है बहुत जरूरी, प्रकृति से ही जीवन चलता” : मुख्यमंत्री योगी

गौरैया, मैना और जुगनुओं के गायब होने पर जताई चिंता, जैव विविधता संरक्षण में जनभागीदारी को बताया अनिवार्य

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रकृति और जीव-जंतुओं के महत्व पर आधारित अपनी नई पाती में पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति समाज को जागरूक करने का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जीव-जंतु प्रकृति की अमूल्य धरोहर है और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण जुगनू, गौरैया और मैना जैसे पक्षी एवं जीव शहरों से लगभग गायब होते जा रहे हैं। यह स्थिति पर्यावरण के लिए गंभीर संकेत है। उन्होंने कहा कि आधुनिकता और विकास आवश्यक हैं, लेकिन इसके साथ प्रकृति के संतुलन को बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन संस्कृति में प्रत्येक जीव को सृष्टि का अभिन्न अंग माना गया है। उन्होंने रामायण का उल्लेख करते हुए कहा कि रावण के संहार के लिए भगवान राम की सेना में वानरों से लेकर छोटी-सी गिलहरी तक ने अपना योगदान दिया था। यह हमारी संस्कृति में जीव-जंतुओं के महत्व को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि हर जीव पर्यावरण और खाद्य श्रृंखला की महत्वपूर्ण कड़ी है। किसी एक प्रजाति के विलुप्त होने से प्राकृतिक संतुलन प्रभावित होता है, जिसका असर मानव जीवन पर भी पड़ता है। इसलिए जैव विविधता का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है।

मुख्यमंत्री के प्रमुख संदेश

हर जीव-जंतु प्रकृति और पर्यावरण का महत्वपूर्ण हिस्सा।

गौरैया, मैना और जुगनुओं का गायब होना चिंता का विषय।

आधुनिक विकास के साथ पर्यावरण संतुलन भी जरूरी।

जैव विविधता संरक्षण में जनभागीदारी आवश्यक।

* युवाओं को प्रकृति से जुड़ने और जागरूकता फैलाने का आह्वान।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार के सतत प्रयासों से उत्तर प्रदेश में बाघ, तेंदुआ और सारस जैसे वन्यजीवों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके साथ ही प्रदेश के 13 आर्द्रभूमि स्थलों को रामसर सूची में शामिल किया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई दुर्लभ जीव-जंतु अब पुनः दिखाई देने लगे हैं, जो संरक्षण प्रयासों की सफलता का सकारात्मक संकेत है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से प्रकृति को समझने, उससे सीखने और अपने अनुभव समाज के साथ साझा करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति के प्रति जागरूकता ही भविष्य की सबसे बड़ी सुरक्षा है। यदि हम पर्यावरण और जैव विविधता की रक्षा करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और समृद्ध प्राकृतिक विरासत सौंप सकेंगे।

तालाब किनारे पेड़ से लटका मिला व्यक्ति का शव, आत्महत्या की आशंका

रितेश मिश्रा 

हरदोई। थाना बघौली क्षेत्र के ग्राम प्योदी मजरा सहोरिया बुजुर्ग में एक व्यक्ति का शव गांव के बाहर तालाब किनारे बबूल के पेड़ से लटका मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम करीब 4 बजे भैया लाल पुत्र बद्री निवासी ग्राम प्योदी मजरा सहोरिया बुजुर्ग ने पुलिस को सूचना दी कि उनके पुत्र प्रताप (45 वर्ष), जाति पासी, ने गांव के बाहर तालाब के किनारे स्थित बबूल के पेड़ पर अपनी शर्ट के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।

सूचना मिलते ही थाना बघौली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है तथा गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।

एके शर्मा के प्रयास रंग लाए, मऊ-बलिया फोरलेन परियोजना को मिली मंजूरी

55.57 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग-128बी के चौड़ीकरण से पूर्वांचल को मिलेगी नई रफ्तार, एनएचएआई से निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने का अनुरोध

लखनऊ। प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा के सतत प्रयासों और प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप मऊ-बलिया राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-128बी के 55.57 किलोमीटर लंबे खंड के चौड़ीकरण एवं फोरलेन निर्माण परियोजना को स्वीकृति मिल गई है। इसे पूर्वांचल के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।

परियोजना को जल्द धरातल पर उतारने के उद्देश्य से मंत्री श्री शर्मा ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अध्यक्ष को पत्र लिखकर टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाने तथा निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया है कि इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए वह लगातार प्रयासरत रहे हैं तथा क्षेत्र की जनता लंबे समय से इसकी मांग कर रही थी।

मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि मऊ-बलिया फोरलेन केवल सड़क निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि पूर्वांचल के आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक विकास का मजबूत आधार बनेगी। इसके निर्माण से यातायात व्यवस्था अधिक सुगम होगी, यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और सड़क सुरक्षा के मानकों में भी सुधार होगा।

परियोजना के तहत कई रेलवे ओवरब्रिजों का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे आवागमन में आने वाली बाधाएं समाप्त होंगी और लोगों को निर्बाध परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। बेहतर संपर्क व्यवस्था से व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी, निवेश के नए अवसर पैदा होंगे तथा किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचेगा।

मंत्री श्री शर्मा ने विश्वास जताया कि परियोजना पूरी होने के बाद मऊ, बलिया और आसपास के जनपदों में आर्थिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह फोरलेन मार्ग पूर्वांचल की अर्थव्यवस्था के लिए एक नए ग्रोथ कॉरिडोर के रूप में उभरेगा और क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री योगी से मिले डॉ. संजय निषाद, जनहित के मुद्दों पर सौंपे मांग पत्र

* कमलेश बिंद एनकाउंटर की SIT जांच, आजाद बिंद हत्याकांड में कार्रवाई और मझवार-तुरैहा आरक्षण पर उठाए सवाल

लखनऊ। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के मत्स्य विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की।
भेंट के दौरान डॉ. निषाद ने जनहित एवं समाजहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रमुखता से उठाया। उन्होंने गाजीपुर के चर्चित कमलेश बिंद एनकाउंटर प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग संबंधी पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा। साथ ही निषाद-बिंद समाज की भावनाओं एवं अपेक्षाओं से भी उन्हें अवगत कराया।
डॉ. निषाद ने जौनपुर के स्वर्गीय आजाद बिंद हत्याकांड का मुद्दा भी उठाते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने मझवार-तुरैहा आरक्षण को लेकर विपक्षी दलों द्वारा समाज में फैलाए जा रहे कथित भ्रम और दुष्प्रचार पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार एवं भारतीय जनता पार्टी की ओर से सकारात्मक पहल किए जाने का आग्रह किया। इसके अलावा चौरी-चौरा विधानसभा क्षेत्र के नई बाजार में नाली निर्माण एवं जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान हेतु आवश्यक कार्यवाही किए जाने संबंधी मांग पत्र भी मुख्यमंत्री को सौंपा गया।
बैठक के दौरान केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा मछुआ समाज के कल्याण और उत्थान के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं पर भी विस्तृत चर्चा हुई। डॉ. निषाद ने मत्स्य विभाग की विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति से मुख्यमंत्री को अवगत कराते हुए इनके प्रभावी क्रियान्वयन तथा अधिक से अधिक लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विषयों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित मामलों में आवश्यक एवं उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
लोकतंत्र को सशक्त बनाने में मीडिया की भूमिका निर्णायक : केशव प्रसाद मौर्य
* नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय सम्मेलन को उप मुख्यमंत्री ने किया संबोधित

* एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत किया वृक्षारोपण


लखनऊ / आगरा। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आगरा में आयोजित नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (एनयूजे),के राष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता करते हुए कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र की प्राणवायु है और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण एवं जिम्मेदारपूर्ण है। लोकतंत्र तभी सशक्त और जीवंत रह सकता है जब उसके सभी स्तंभ अपनी-अपनी भूमिका का निष्पक्षता और स्वतंत्रता के साथ निर्वहन करें।
कार्यक्रम का शुभारम्भ उप मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस अवसर पर उन्होंने "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण भी किया।
उप मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में उपस्थित देश के विभिन्न राज्यों से आए पत्रकारों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि पत्रकारिता केवल एक पेशा नहीं बल्कि राष्ट्र और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि पत्रकार दिन-रात समाज को जागरूक करने, जनभावनाओं को अभिव्यक्ति देने तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का कार्य करते हैं।
श्री मौर्य ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की कलम में अपार शक्ति होती है। यदि सरकार जनहित के कार्यों में कहीं कमी छोड़ती है तो पत्रकार उसे सामने लाने का अधिकार रखते हैं और यदि कोई अच्छा कार्य होता है तो उसे जनता तक पहुंचाने में भी मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वन नेशन-वन इलेक्शन की अवधारणा संसाधनों की बचत और विकास की गति को और तेज करने में सहायक होगी। देश की युवा पीढ़ी और आम नागरिक भी इस विचार का व्यापक समर्थन कर रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत वैश्विक चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर रहा है। ऊर्जा संकट, वैश्विक अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के बावजूद भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। रक्षा उत्पादन, ऊर्जा सुरक्षा और तकनीकी विकास के क्षेत्र में देश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और देश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रमाण यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विश्व के अनेक देशों द्वारा सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान किए गए हैं। यह सम्मान केवल प्रधानमंत्री का नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है।
श्री मौर्य ने कहा कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म ने अभिव्यक्ति के नए अवसर प्रदान किए हैं, लेकिन इसके साथ-साथ जिम्मेदारी भी बढ़ी है। पत्रकारिता को तथ्यों, निष्पक्षता और राष्ट्रहित के मूल्यों के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों की समर्थक है तथा पत्रकारों से जुड़े विषयों और समस्याओं के समाधान के प्रति संवेदनशील है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि  डबल इन्जन सरकार सुशासन, विकास और जनकल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने पत्रकारों से लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाने में अपनी रचनात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष रास बिहारी, राष्ट्रीय महामंत्री प्रदीप तिवारी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अरविंद सिंह,राष्ट्रीय संगठन मंत्री व कार्यक्रम संयोजक प्रमोद गोस्वामी, प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र दुबे, प्रदेश महामंत्री द्विजेंद्र शर्मा, प्रदेश कोषाध्यक्ष अरुण कुमार अवस्थी, संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारीगण, डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर आशु रानी, विधान परिषद सदस्य विजय शिवहरे, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पोनिया, भाजपा महानगर अध्यक्ष
राजकुमार गुप्‍ता, एनयूजेआई परिवार के सदस्यगण, जनप्रतिनिधिगण, शिक्षाविद्  अन्य प्रतिष्ठितजन एवं बड़ी संख्या में पत्रकारों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर श्रमिक जागरूकता अभियान, विभिन्न योजनाओं की दी गई जानकारी

लखनऊ। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे '12 साल विश्वास के, विकास के, जन-कल्याण के' अभियान के तहत प्रदेशभर में 05 जून से 21 जून 2026 तक समेकित जन-कल्याण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में लखनऊ के मलिहाबाद ब्लॉक में उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की विभिन्न योजनाओं के प्रचार-प्रसार तथा श्रमिक पंजीयन के लिए विशेष शिविर एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

अपर श्रमायुक्त कल्पना श्रीवास्तव ने बताया कि लेबर अड्डा, तेलीबाग में श्रमिकों को बोर्ड में पंजीकरण, नवीनीकरण एवं संचालित कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही असंगठित क्षेत्र के पात्र श्रमिकों, गिग एवं प्लेटफॉर्म वर्कर्स को ई-श्रम पोर्टल पर पंजीयन कराने तथा प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM) एवं राष्ट्रीय पेंशन योजना-व्यापारी (NPS-Trader) जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत कारखाना प्रभाग के अधिकारियों द्वारा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता-2020 पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस दौरान सुरक्षा ऑडिट, कार्यस्थल पर दुर्घटना निवारण एवं श्रमिक सुरक्षा उपायों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में महिला श्रमिकों की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता देते हुए महिला सुरक्षा एवं पॉश (POSH) जागरूकता कार्यक्रम, अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण तथा आपदा प्रबंधन संबंधी मॉक ड्रिल का भी आयोजन किया गया। अपर श्रमायुक्त ने बताया कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम की प्रक्रिया भी इसी माह प्रारंभ की जाएगी, जिससे श्रमिकों के कौशल उन्नयन एवं रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।

जन-जागरूकता अभियान के सफल संचालन में श्रम प्रवर्तन अधिकारी अंकित सिंह एवं संतोष कुमार का विशेष योगदान रहा। कल्पना श्रीवास्तव ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केंद्र सरकार की 12 वर्षों की जन-कल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े श्रमिक तक पहुंचाना है। उन्होंने सभी पात्र श्रमिकों से योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।

अधिक जानकारी के लिए श्रमिक टोल फ्री नंबर 1800-180-5412 अथवा अपर श्रमायुक्त कार्यालय, 23 ए.पी. सेन रोड, लखनऊ से संपर्क कर सकते हैं।

केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर श्रमिक जागरूकता अभियान, विभिन्न योजनाओं की दी गई जानकारी
**लखनऊ।** केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे **'12 साल विश्वास के, विकास के, जन-कल्याण के'** अभियान के तहत प्रदेशभर में 05 जून से 21 जून 2026 तक समेकित जन-कल्याण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में लखनऊ के मलिहाबाद ब्लॉक में उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की विभिन्न योजनाओं के प्रचार-प्रसार तथा श्रमिक पंजीयन के लिए विशेष शिविर एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
अपर श्रमायुक्त **कल्पना श्रीवास्तव** ने बताया कि लेबर अड्डा, तेलीबाग में श्रमिकों को बोर्ड में पंजीकरण, नवीनीकरण एवं संचालित कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही असंगठित क्षेत्र के पात्र श्रमिकों, गिग एवं प्लेटफॉर्म वर्कर्स को ई-श्रम पोर्टल पर पंजीयन कराने तथा **प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM)** एवं **राष्ट्रीय पेंशन योजना-व्यापारी (NPS-Trader)** जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत कारखाना प्रभाग के अधिकारियों द्वारा **व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता-2020** पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस दौरान सुरक्षा ऑडिट, कार्यस्थल पर दुर्घटना निवारण एवं श्रमिक सुरक्षा उपायों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में महिला श्रमिकों की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता देते हुए **महिला सुरक्षा एवं पॉश (POSH) जागरूकता कार्यक्रम**, अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण तथा आपदा प्रबंधन संबंधी मॉक ड्रिल का भी आयोजन किया गया।
अपर श्रमायुक्त ने बताया कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के **स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम** की प्रक्रिया भी इसी माह प्रारंभ की जाएगी, जिससे श्रमिकों के कौशल उन्नयन एवं रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।
जन-जागरूकता अभियान के सफल संचालन में श्रम प्रवर्तन अधिकारी **अंकित सिंह** एवं **संतोष कुमार** का विशेष योगदान रहा।
कल्पना श्रीवास्तव ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केंद्र सरकार की 12 वर्षों की जन-कल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े श्रमिक तक पहुंचाना है। उन्होंने सभी पात्र श्रमिकों से योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।
अधिक जानकारी के लिए श्रमिक **टोल फ्री नंबर 1800-180-5412** अथवा अपर श्रमायुक्त कार्यालय, **23 ए.पी. सेन रोड, लखनऊ** से संपर्क कर सकते हैं।