चार करोड़ से सुधरेगी बेसिक स्कूलों की सूरत*
नितेश श्रीवास्तव
भदोही। जिले में 4.4 करोड़ के कंपोजिट ग्रांट से जिले के 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालयों की सूरत सुधरेगी। शासन ने पहली किस्त के रूप में दो करोड़ दो लाख जारी कर दिया है। बेसिक शिक्षा विभाग छात्र संख्या के हिसाब से एसएमसी (विद्यालय प्रबंधन समिति) के खाते में धनराशि भेजनी शुरू कर दी है। प्रधानाध्यापक जरूरत के हिसाब से विद्यालय के विकास पर रकम खर्च कर सकेंगे। जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय में एक लाख 30 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। पहले रंग-रोगन के नाम पर सभी विद्यालयों को सात से 10 हजार रुपये शासन से मिलते थे। इससे स्कूलों की न तो ठीक से रंगाई-पुताई हो पाती थी और न ही दूसरे सामान की खरीदारी। 2019-20 सत्र से सरकार ने स्कूलों में छात्र संख्या के आधार पर कंपोजिट ग्रांट आवंटित करना शुरू किया। साल में दो बार में यह धनराशि स्कूलों को दी जाती है। पहली किस्त शिक्षा सत्र शुरू होने के बाद और दूसरी किस्त बारिश का सीजन खत्म होने पर भेजा जाता है। जिससे प्रधानाध्यापक जरूरत के हिसाब से स्कूलों में काम कराते हैं।
विभाग के अनुसार एक से 30 तक बच्चों की संख्या पर 10 हजार, 30 से 100 बच्चों पर 25 हजार, 100 से 250 बच्चों पर 50 हजार, 250 से 1000 बच्चों पर 75 हजार और 1000 से अधिक बच्चों वाले स्कूलों को एक लाख ग्रांट राशि जारी की जाती है। आवंटित ग्रांट को विद्यायल प्रबंधन समिति रंगरोगन, चहारदीवारी निर्माण, ढोलक, हारमोनियम सहित शैक्षिक और खेलकूद सामग्री पर खर्च करता है। पूर्व में जिन स्कूलों में न खेल सामग्री और न ही संगीत से जुड़े उपकरण थे वहां अब यह व्यवस्थाएं हो चुकी है।
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*कंपोजिट ग्रांट से ये कार्य कर सकेंगे प्रधानाध्यापक*
कंपोजिट ग्रांट से प्रधानाध्यापक विद्यालयों में मरम्मत, रंगाई पुराई के अलावा अन्य कार्य करा सकेंगे। धनराशि को विद्यालयों में पेयजल, शिक्षण सहायक सामग्री, कक्षों में टाइल्स लगवाने, फर्स्ट एड बाॅक्स, अग्निशमन यंत्र, विद्युत उपकरण की खरीदारी, कंप्यूटर कक्ष, अनुरक्षण कार्य में खर्च कर सकते हैं। आवश्यकतानुसार पेंटिग कार्य, स्टेशन, टाट पट्टी, चटाई, दरी, रेडियो प्रोग्राम, सांस्कृतिक कार्यक्रम के उपकरण, सामान्य सामग्री, बागवानी किट जैसी जरूरतों को पूरा कर सकते हैं।
कंपोजिट ग्रांट में 50 प्रतिशत धनराशि अवमुक्त हुई है। छात्र संख्या के आधार पर विद्यालयों में भेजने की तैयारी की जा रही है। जिससे विद्यालयों में जरूरी कार्य संपन्न कराए जा सकें। - शिवम पांडेय बीएसए
6 hours ago
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