पुलिस भर्ती परीक्षा सीसीटीवी कैमरे स्टैटिक्स मजिस्ट्रेट की निगरानी में शुरू हुई, डीएम एसपी ने किया निरीक्षण
फर्रुखाबाद l उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा-2026 को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सकुशल
संपर्क करने को लेकर संपन्न कराने को लेकर जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह द्वारा संयुक्त रूप से जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया साथ ही परीक्षा केंद्रों पर तैनात स्टेटिक मजिस्ट्रेट को दिशा निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी कैमरों से युक्त कंट्रोल रूम से परीक्षा की निगरानी की जा रही है l
उन्होंने कहा कि जनपद में 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। प्रत्येक पाली में 6,720 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे। परीक्षा कुल छह पालियों में तीन दिन तक आयोजित होगी, जिसमें कुल 40,320 अभ्यर्थी प्रतिभाग करेंगे। सभी केंद्रों पर सुरक्षा, निगरानी एवं प्रशासनिक व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रखी गई।

जनपद प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा समन्वित प्रयासों के माध्यम से उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा-2026 की प्रथम पाली की परीक्षा पारदर्शिता, सुरक्षा एवं निष्पक्षता के साथ सम्पन्न हुई l
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की डॉक्टर अनुप्रिया से एएनएम का ड्यूटी को लेकर मतभेद  हुआ ट्रांसफर

ए0एन0एम0 ने  जिलाधिकारी को देने पहुंची शिकायती पत्र लगाई न्याय की गुहार


फर्रुखाबाद पीड़िता अंजुम निशा का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरहा की डॉक्टर अनुप्रिया और स्टाफ नर्स सविता राजपूत से ड्यूटी को लेकर मतभेद हुआ था । ए0एन0एम0 की सी0एम0ओ0 से शिकायत के बाद स्थानांतरण हुआ है। पीड़िता अंजुम निशा ब्लाक राजेपुर की प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरहा में ए0एन0एम0 के पद पर कार्यरत हैं 13 मई 2026 को पीडिता का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरह की डॉक्टर अनुप्रिया झा और स्टाफ नर्स सविता राजपूत से ड्यूटी को लेकर मतभेद चल रहा है जिसकी शिकायत पीडिता ने सीएमओ ऑफिस और जिलाधिकारी कार्यालय में लिखित रूप से दी थी और आश्वासन दिया गया था कि जांच टीम गठित कर जल्द निष्पक्ष जांच की जाएगी लेकिन 5 जून 2026 को पता चला कि बिना किसी जांच के ही स्थानांतरण राजेपुर कर दिया गया है जबकि डॉक्टर अनुप्रिया झा और स्टाफ नर्स सविता  राजपूत के खिलाफ ठोस प्रमाण हैं  कि वह नियमित रूप से ड्यूटी नहीं करती हैं। पीड़िता ने जिलाधिकारी से मांग की है कि जांच टीम द्वारा निष्पक्ष जांच करा कर ही निर्णय लिया जाए, जब तक जांच नहीं होती तब तक पीडिता का स्थानांतरण रद्द किया जाए। क्योंकि पी0एच0सी0 सरहा लेबर रूम में 24 घंटे के लिए कोई अन्य स्टाफ नहीं है।ग्राम वासियों को हित में रखते हुए अन्य स्टाफ ने स्थानांतरण को रोकने की गुहार लगाई।
अचानक आग लगने से आधा दर्जन झोपड़िया जलकर राख एक दर्जन से अधिक परिवार प्रभावित हुए, प्रशासनिक अधिकारियों ने पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया

अमृतपुर- फर्रुखाबाद l थाना क्षेत्र के गांव अल्हापुर में शनिवार को देर रात संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। भीषण आग ने कई परिवारों की  गृहस्थी को कुछ ही देर में राख में बदल दिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि एक घर से शुरू हुई आग ने देखते ही देखते आसपास की झोपड़ियों और भूसे के ढेरों को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक लाखों रुपये मूल्य का घरेलू सामान, अनाज और पशुओं के चारे के रूप में रखा भूसा जलकर नष्ट हो चुका था।जानकारी के अनुसार आग सबसे पहले अनगपाल पुत्र श्रीकृष्ण के घर में लगी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण बाल्टियों और अन्य संसाधनों के सहारे आग बुझाने में जुट गए, लेकिन तेज हवाओं के कारण आग लगातार फैलती चली गई।इस हादसे में मानसिंह पुत्र रामभजन की झोपड़ी पूरी तरह जलकर राख हो गई। झोपड़ी में रखी चारपाई, दो बोरी गेहूं तथा अन्य आवश्यक घरेलू सामान नष्ट हो गया। हरिपाल पुत्र अहिवरन की एक चारपाई, एक रजाई, चार पैकेट गेहूं सहित गृहस्थी का काफी सामान आग की भेंट चढ़ गया। इसके अलावा श्यामपाल एवं वीरपाल पुत्र रतीराम की झोपड़ी में रखा भूसा जलकर राख हो गया, जिससे पशुओं के चारे का भी संकट उत्पन्न हो गया है।ग्रामीणों के अनुसार आग की लपटें इतनी तेज थीं कि लोगों को अपने सामान तक निकालने का मौका नहीं मिल सका। कई परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए और उनके सामने रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की चुनौती खड़ी हो गई है। आग लगने के बाद गांव में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।घटना की सूचना मिलते ही थाना अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने ग्रामीणों से जानकारी जुटाकर आग लगने के कारणों की पड़ताल शुरू कर दी। उपजिलाधिकारी रविंद्र सिंह ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए नायब तहसीलदार अभिषेक सिंह यादव को मौके पर भेजा और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।राजस्व विभाग की ओर से लेखपाल ज्योति ने मौके पर पहुंचकर आग से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन किया।
गंगा तट पर चल रहे कटाव निरोधक कार्यों का किया डीएम ने किया निरीक्षण, 15 जून तक कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश
फर्रुखाबाद l जनपद में गंगा नदी के तटीय क्षेत्रों को कटाव से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से संचालित कटाव निरोधक परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लेने हेतु जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने शनिवार को गंगा नदी के बाएं तट पर स्थित ग्राम पैलानी दक्षिण पहुँचकर वहां से ढाई घाट तक कराए जा रहे कटाव निरोधक कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता सिचाई द्वारा बताया गया कि लगभग 400.02 लाख रुपये की लागत से 1400 मीटर लंबाई में परकोपाइन पद्धति से कटाव निरोधक कार्य कराया जा रहा है। यह परियोजना गंगा नदी के तटवर्ती क्षेत्रों को नदी कटान से सुरक्षित रखने तथा स्थानीय आबादी एवं कृषि भूमि के संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अधिशासी अभियंता द्वारा अवगत कराया गया कि परियोजना के अंतर्गत कुल 26 स्पर निर्मित किए जाने हैं, जिनमें से 24 स्पर का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। शेष 02 स्पर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त तट संरक्षण हेतु किए जा रहे स्लोप फिनिशिंग के कार्य भी अभी पूर्ण होने शेष हैं।
जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शेष सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप युद्धस्तर पर पूर्ण कराए जाएं तथा परियोजना को तय समय-सीमा के भीतर 15 जून 2026 तक हर हाल में पूर्ण किया जाए। उन्होंने कार्यदायी संस्था को गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न करने तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि गंगा तट पर कटाव निरोधक कार्यों के पूर्ण होने से नदी कटान की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा और तटवर्ती गांवों, कृषि भूमि एवं जनसंपत्ति को सुरक्षा मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी कायमगंज, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
मत्स्य योजनाओं का लाभ लेने के लिए पात्र लाभार्थी 8 जून से ऑनलाइन आवेदन करें
फर्रुखाबाद l मत्स्य विभाग की विभिन्न राज्य सेक्टर योजनाओं हेतु ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित
मत्स्य विभाग द्वारा संचालित राज्य सेक्टर की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु पात्र लाभार्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। विभागीय पोर्टल पर आवेदन की प्रक्रिया 08 जून से 28 जून 2026 तक संचालित की जाएगी।
जनपद के इच्छुक मत्स्य पालक, मत्स्य व्यवसायी एवं पात्र व्यक्ति विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर निम्न योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं l उन्होंने कहा कि
मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना
निषादराज बोट सब्सिडी योजना
सघन मत्स्य पालन हेतु एरेशन सिस्टम की स्थापना योजना
मत्स्य विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि उपरोक्त योजनाओं में लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदकों को प्रत्येक योजना हेतु पृथक-पृथक ऑनलाइन आवेदन करना होगा। योजनाओं के अंतर्गत अनुमन्य परियोजनाओं का विवरण, इकाई लागत, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक अभिलेखों की सूची तथा अन्य विस्तृत दिशा-निर्देश विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध हैं।
आवेदक विभागीय वेबसाइट http://fisheries.up.gov.in पर जाकर योजनाओं से संबंधित समस्त जानकारी प्राप्त कर सकते हैं l साथ ही निर्धारित अवधि के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
विभाग ने यह भी अवगत कराया है कि यदि योजनाओं के प्रावधानों में भविष्य में कोई संशोधन किया जाता है, तो संशोधित नियम एवं शर्तें स्वतः लागू होंगी। इसके अतिरिक्त पूर्व वर्षों में किसी कारणवश निरस्त अथवा प्रतीक्षारत रहे आवेदक भी पुनः आवेदन करने के पात्र होंगे।
योजनाओं के संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए इच्छुक व्यक्ति मत्स्य विभाग के जनपदीय कार्यालय, मण्डलीय कार्यालय अथवा मत्स्य निदेशालय के कार्यालय से किसी भी कार्यदिवस में संपर्क कर सकते हैं।
मत्स्य विभाग ने जनपद के अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों से इन योजनाओं का लाभ उठाने हेतु समय से ऑनलाइन आवेदन कर सकते है।
सेंट्रल बैंक ने जिले के 14 लाभार्थियों का 20 करोड़ रुपए किया स्वीकृत , रीजन में 45 करोड़ रुपए 76 लाभार्थियों का कृषि ऋण स्वीकृत हुआ
पंकज कुमार

फर्रुखाबाद। सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया फर्रुखाबाद की संयुक्त शाखाओ द्वारा जनपद में कृषि को बढ़ावा देने की उद्देश्य से 14 लाभार्थियों को 20 करोड रुपए स्वीकृत करके उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया है रीजनल हेड पंकज कुमार का कहना है कि पहले ऋण लेने के लिए किसान को बैंक आना पड़ता था लेकिन अब बैंक किसान के घर जाकर उन्हें लोन प्रदान कर रही है जिससे वह कृषि के क्षेत्र में और उन्नत कर सके । उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार द्वारा स्कीम चलाई गई है l इसी के तहत शनिवार को विकास भवन सभागार में किसानों के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया l
पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा, निष्पक्ष एवं सकुशल आयोजन के लिए जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने दिए आवश्यक निर्देश

फर्रुखाबाद l उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा-2026 को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सकुशल ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर एवं पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में 08, 09 एवं 10 जून 2026 को जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होने वाली परीक्षा की तैयारियों का विस्तृत परीक्षण किया गया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि परीक्षा की शुचिता एवं पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा से संबंधित प्रत्येक व्यवस्था समयबद्ध एवं त्रुटिरहित ढंग से सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट परीक्षा दिवस पर प्रातः 07 बजे ट्रेजरी में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर परीक्षा सामग्री प्राप्त करेंगे तथा निर्धारित समय पर अपने-अपने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी, जो परीक्षा अवधि के दौरान निरंतर निगरानी बनाए रखेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन, स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, स्मार्टवॉच, स्मार्टबैंड, ब्लूटूथ डिवाइस, कागज के टुकड़े, पर्स, प्लास्टिक पाउच, सनग्लासेस एवं हैंडबैग सहित किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री ले जाना पूर्णतः वर्जित रहेगा। केवल प्रवेश पत्र, मूल फोटोयुक्त पहचान पत्र तथा नीले अथवा काले रंग का पेन लेकर ही अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति प्रदान की जाएगी।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में स्थित फोटोकॉपी की दुकानें, साइबर कैफे एवं इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की दुकानें परीक्षा अवधि के दौरान बंद रखी जाएं। साथ ही प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी कैमरों से युक्त कंट्रोल रूम एवं स्ट्रॉन्ग रूम स्थापित किए जाएं, जिनकी सतत निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।
अभ्यर्थियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर क्लॉक रूम की व्यवस्था की जाए, जहां अभ्यर्थी अपनी निजी वस्तुएं सुरक्षित रूप से जमा कर सकें। इसके अतिरिक्त पेयजल, शौचालय, प्रतीक्षालय एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के संबंध में स्पष्ट संकेतक (साइन एज) लगाए जाएं ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने सेक्टर एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेटों को निर्देशित किया कि परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व सभी कक्षों, शौचालयों तथा परिसर का गहन निरीक्षण कर लें। साथ ही केंद्र व्यवस्थापक एवं सहायक केंद्र व्यवस्थापक से नो-रिलेशन प्रमाणपत्र प्राप्त किया जाए तथा परीक्षा ड्यूटी में लगाए गए समस्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों की अद्यतन सूची मोबाइल नंबर सहित उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में बताया गया कि जनपद में कुल 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। प्रत्येक पाली में 6,720 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे। परीक्षा कुल छह पालियों में आयोजित की जाएगी, जिसमें कुल 40,320 अभ्यर्थी प्रतिभाग करेंगे। सभी केंद्रों पर सुरक्षा, निगरानी एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु व्यापक तैयारियां की गई हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक परीक्षा कक्ष में दीवार घड़ी अनिवार्य रूप से स्थापित की जाए। सभी परीक्षा केंद्रों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्वच्छता व्यवस्था को भी उच्च स्तर पर बनाए रखा जाए। उन्होंने परिवहन विभाग एवं रोडवेज अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए रोडवेज बस अड्डे पर हेल्प डेस्क स्थापित की जाए तथा किसी भी वाहन द्वारा निर्धारित किराये से अधिक वसूली न की जाए।
पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने कहा कि परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा तथा संवेदनशील बिंदुओं पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व रिहर्सल का आयोजन किया जाए ताकि सभी व्यवस्थाओं का परीक्षण कर संभावित कमियों को समय रहते दूर किया जा सके।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि परीक्षा की गोपनीयता एवं निष्पक्षता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी सतर्कता, अनुशासन एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को उपलब्ध कराएं।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अपर पुलिस अधीक्षक, समस्त उपजिलाधिकारी, संबंधित विभागों के अधिकारी, केंद्र व्यवस्थापक एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जनपद प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा समन्वित प्रयासों के माध्यम से उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा-2026 को पूर्ण पारदर्शिता, सुरक्षा एवं निष्पक्षता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न कराने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक ने किया वृक्षारोपण

फर्रुखाबाद l विश्व पर्यावरण दिवस पर पुलिस अधीक्षक आरती सिंह द्वारा पुलिस कार्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर उपस्थित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण हेतु प्रेरित किया गया। पौधे पृथ्वी की अमूल्य धरोहर हैं, जो पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करते हैं।
**"हरित फतेहगढ़, स्वच्छ फतेहगढ़"** के संकल्प के साथ जनपद पुलिस पर्यावरण संरक्षण हेतु अपनी प्रतिबद्धता दोहराती है l
महिलाओं के स्वास्थ्य एवं जागरूकता को बढ़ावा देने हेतु पाप स्मीयर जांच शिविर का आयोजन

फर्रुखाबाद l महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण एवं सर्वाइकल कैंसर की शीघ्र पहचान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राजपूत रेजिमेंटल सेंटर, फतेहगढ़ में आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में पाप स्मीयर जांच शिविर का आयोजन किया गया। यह अभियान सर्वाइकल कैंसर जागरूकता एवं स्क्रीनिंग कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूक करना तथा रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान सुनिश्चित करना था। शिविर के दौरान महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर के लक्षणों, बचाव के उपायों एवं समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में डॉ. नमिता दास, दास नर्सिंग होम, फतेहगढ़ द्वारा चिकित्सकीय सहयोग प्रदान किया गया। उनके मार्गदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने पाप स्मीयर जांच कराई तथा स्वास्थ्य संबंधी परामर्श प्राप्त किया।
इस पहल को प्रतिभागियों द्वारा अत्यंत सराहा गया। शिविर में महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही, जो उनके स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाती है।
राजपूत रेजिमेंटल सेंटर अपने सैनिक परिवारों के कल्याण एवं स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी ऐसे जन-जागरूकता एवं निवारक स्वास्थ्य कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।
मेडिकल कॉलेज स्कूल और सार्वजनिक स्थल पर वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया

फर्रुखाबाद l
विश्व पर्यावरण दिवस पर जनपद में व्यापक वृक्षारोपण अभियान, विभिन्न स्थलों पर लगाए गए छायादार एवं पर्यावरण संरक्षणकारी पौधे
विश्व पर्यावरण दिवस पर सामाजिक वानिकी वन प्रभाग के तत्वावधान में जनपद के विभिन्न संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण में वृद्धि तथा जनसामान्य को वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संवर्धन के प्रति जागरूक करना रहा।
इस दौरान राजपूताना पब्लिक स्कूल में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष फतेहचन्द्र वर्मा रहे। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी राजीव कुमार, जिला विकास अधिकारी श्याम कुमार तिवारी, भाजपा सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक वीरेन्द्र सिंह राठौर, जिला उपाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह कठेरिया, पूर्व जिलाध्यक्ष रूपेश गुप्ता एवं श्री सत्यपाल सिंह, जिला महामंत्री पिछड़ा मोर्चा कृष्ण मुरारी राजपूत, जिला कोषाध्यक्ष संजीव गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष अभिषेक बाथम, पर्यावरणविद् भूपेन्द्र प्रताप सिंह, पर्यावरण विशेषज्ञ गुंजा जैन, जिला परियोजना अधिकारी जिला गंगा समिति निहारिका पटेल, क्षेत्रीय वन अधिकारी अनूप कुमार सहित  नागरिक, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान पीपल, पाकड़, बरगद, अशोक, जकरैंडा, अमलतास तथा गुलमोहर सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया। उपस्थित अतिथियों ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रत्येक नागरिक से अधिकाधिक वृक्ष लगाने एवं उनकी देखभाल का संकल्प लेने का आह्वान किया।
इसी अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर फतेहगढ़ में भी वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार एवं जनपद के अन्य न्यायिक अधिकारियों ने सहभागिता करते हुए रेड मजीरा सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया। इस दौरान क्षेत्रीय वन अधिकारी अनूप कुमार एवं वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस दौरान मेजर एस.डी. सिंह आयुर्वेदिक पी.जी. मेडिकल कॉलेज परिसर में भी वृक्षारोपण कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी  राजीव कुमार, जिला संयोजक गंगा विचार मंच भूपेन्द्र प्रताप सिंह, योगाचार्य प्रदीप नारायण शुक्ल, प्रवक्ता रीता, पूर्व ब्लॉक प्रमुख अंजली पाठक, जिला परियोजना अधिकारी जिला गंगा समिति  निहारिका पटेल, ग्राम प्रधान नेत्रपाल तथा अन्य नागरिकों ने सहभागिता की। इस दौरान मीठा नीम, नींबू, अनार, जामुन, अर्जुन एवं नीम सहित अनेक उपयोगी एवं पर्यावरण हितैषी प्रजातियों के पौधे लगाए गए।
कायमगंज रेंज के अंतर्गत ग्राम रायपुर चिन्हटपुर स्थित ग्राम समाज भूमि एवं शाहपुर गंगपुर गौशाला परिसर में भी विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में विधायक कायमगंज डॉ. सुरभि गंगवार, खंड विकास अधिकारी कायमगंज, ग्राम प्रधानों एवं स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता की। इस मौके पर अशोक, कदम्ब, बरगद, पीपल, जामुन सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया।
प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी श्री राजीव कुमार ने बताया कि वृक्ष केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में ही सहायक नहीं हैं, बल्कि जल संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा स्वच्छ वायु उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जनपदवासियों से प्रत्येक वर्ष कम से कम एक पौधा लगाने तथा उसके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास के प्रति जनसामान्य में जागरूकता का संदेश दिया गया तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर जनपद को हरित एवं स्वच्छ बनाने का संकल्प दोहराया गया।