निगेटिव ग्रुप का खून खत्म, ए पाॅजिटिव एक और एबी पाॅजिटिव सिर्फ दो यूनिट ही बचा*


*150 यूनिट है ब्लड बैंक की क्षमता, मरीजों को हो रही दिक्कत*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक की क्षमता 150 यूनिट रक्त की है। वर्तमान में ब्लड बैंक में सिर्फ 25 यूनिट ही रक्त उपलब्ध है, जबकि हर दिन की खपत करीब पांच यूनिट है। वहीं निगेटिव ग्रुप का खून खत्म हो चुका है। ब्लड बैंक में करीब 5 दिन के लिए सिर्फ 25 यूनिट खून बचा है। निगेटिव ग्रुप का ब्लड लेने के लिए आने वाले मरीजों को निजी अस्पताल में जाकर व्यवस्था करनी पड़ती है। यदि अगले कुछ दिन में कोई रक्तदान शिविर नहीं आयोजित किया गया, तो स्टॉक खत्म होने का खतरा है। जिला अस्पताल में रोजाना 700 से 800 मरीजों की ओपीडी होती है। इसके अलावा 70 के करीब इमरजेंसी होती है। ऑपरेशन कराने वाले मरीजों को रक्त की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा निजी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को भी खून की जरूरत होती है तो वह जिला अस्पताल की तरफ रूख करते हैं, लेकिन मई के अंतिम सप्ताह से ब्लड बैंक में खून के स्टॉक की स्थिति खराब हो गई है।
इंडियन रेडक्रास, फाउंडेशन समेत कुछ संगठनों की तरफ से साल में एक या दो बार रक्तदान का शिविर का आयोजन होता है। इसके अलावा स्वैच्छिक रक्तदान शिविर न होने से ब्लड बैंक में खून की कमी हो गई है। जिससे जरूरतमंद को निजी ब्लड बैंक का रूख करना पड़ता है। जहां मनमुताबिक चार्ज लिया जाता है।


ब्लड बैंक में बाहर से आने वाले मरीजों को 1050 फीस और रक्तदान करने के बाद संबधित ग्रुप का खून दिया जाता है जबकि अस्पताल में भर्ती मरीज को निशुल्क मिलता है। वर्तमान में ब्लड बैंक में बी निगेटिव ग्रुप का खून शून्य है। यही हाल ओ, एबी, ए निगेटिव का है। जरूरत पर इन ग्रुप के मरीजो को जिला अस्पताल से लौटना पड़ता है। ए और एबी पॉजिटव ग्रुप का खून भी एक और दो यूनिट ही है।
ब्लड बैंक में खून की उपलब्धता

ओ पॉजिटिव - 05 यूनिट
ए पॉजिटिव – 1 यूनिट

एबी पॉजिटिव - 2 यूनिट
बी पॉजिटिव - 17 यूनिट
ए निगेटिव – शून्य
बी निगेटिव – शून्य

एबी निगेटिव - शून्य

ओ निगेटिव - शून्य
दो चिकित्सक सहित कुल 14 कर्मचारियों की तैनाती
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में दो डॉक्टर सहित कुल 14 स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती है। एलटी, स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वाॅय, कंप्यूटर ऑपरेटर को मिलाकर कुल 14 कर्मचारी है। जो नियमित अपनी डयूटी करते हैं। रेडक्रांस, स्वयं सेवी संस्था के माध्यम से समय समय पर रक्तदान शिविर आयोजित किया जाता है।

इन मरीजों में खून की कमी
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉक्टर प्रदीप यादव ने बताया कि थैलेसीमिया, किडनी, सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्त, गर्भवती महिला को खून की जरूरत पड़ती है। जिले में थैलेसीमिया के जो मरीज हैं, वह बाहर ही उपचार करवाते हैं। विभाग के पास पुख्ता डाॅटा नहीं है। हर महीने औसतन 700 से 800 प्रसव होते हैं। इसमें से 50 प्रसव पीड़िता को ब्लड की जरूरत पड़ती है।
ब्लड बैंक से हर जरूरतमंद व्यक्ति को खून मिलता है। स्वयं सेवी संस्थाएं समय समय पर रक्तदान शिविर लगाती रहती हैं। लोगों को रक्तदान करना चाहिए। यहां लोग केवल रिप्लेसमेंट के आधार पर ही रक्तदान कर रहे हैं, इससे इमरजेंसी के लिए रिजर्व स्टॉक खत्म होता जा रहा है। उन्होंने लोगों से रक्तदान करने की अपील की है। - डॉ. एसके चक, सीएमओ भदोही
भदोही में आरक्षी भर्ती परीक्षा: जिलाधिकारी और एसपी ने परीक्षा केंद्रों का किया निरीक्षण


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही में सोमवार को जिलाधिकारी शैलेश कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने आरक्षी भर्ती परीक्षा के विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण परीक्षा को सकुशल, निष्पक्ष और शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से किया गया।
अधिकारियों ने इंद्र बहादुर सिंह नेशनल इंटर कॉलेज भदोही, एम.ए. समद इंटर कॉलेज भदोही और गुलाबरधर मिश्र इंटरमीडिएट कॉलेज गोपीगंज का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी मॉनिटरिंग, अभ्यर्थियों की चेकिंग प्रणाली और यातायात/पार्किंग व्यवस्था का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान, परीक्षा केंद्रों पर तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्कता के साथ ड्यूटी करने तथा किसी भी अवांछनीय गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। जनपद पुलिस और प्रशासन ने परीक्षा को शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित किए हैं।
हाईस्कूल-इंटरमीडिएट इंप्रूवमेंट, कंपार्टमेंट परीक्षा आवेदन शुरू:6 से 27 जून तक करें आवेदन, डीआईओएस ने दी जानकारी*
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं के लिए इंप्रूवमेंट और कंपार्टमेंट परीक्षा के आवेदन 6 जून से शुरू हो गए हैं। यह जानकारी जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने दी। उन्होंने बताया कि इच्छुक विद्यार्थी 6 जून से 27 जून की मध्यरात्रि तक आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इसके लिए संबंधित पोर्टल पर फाॅर्म उपलब्ध है। आवेदन के लिए छात्रों को कोषागार में निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। हाईस्कूल के लिए 256.50 रुपए और इंटरमीडिएट के लिए 306 रुपए शुल्क तय किया गया है।डीआईओएस ने स्पष्ट किया कि हाईस्कूल के छात्र इंप्रूवमेंट और कंपार्टमेंट दोनों परीक्षाओं में शामिल हो सकते हैं, जबकि इंटरमीडिएट के छात्र केवल एक विषय में कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए ही आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि सभी विद्यालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इच्छुक छात्र अपने संबंधित विद्यालय से संपर्क कर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। परीक्षा से संबंधित डिग्रीयां माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा निर्धारित तिथि पर जारी की जाएगी।
पुलिस भर्ती परीक्षा के लिए 6 केंद्र: सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट नामित, 8 से 10 जून तक होगी परीक्षा*

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा की तैयारियां तेज हो गई हैं। यह परीक्षा 8, 9 और 10 जून को आयोजित की जाएगी, जिसके लिए छह केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर कुल 17,856 अभ्यर्थी छह पालियों में शामिल होंगे। प्रत्येक केंद्र पर एक स्टेटिक और एक सेक्टर मजिस्ट्रेट नामित किया गया है।
परीक्षा दो पालियों में संपन्न होगी। इसके लिए काशी नरेश राजकीय विश्वविद्यालय ज्ञानपुर, विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज, जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज, श्री इंद्र बहादुर सिंह नेशनल इंटर कॉलेज भदोही, एमए समद इंटर कॉलेज भदोही और गुलाबधर मिश्र इंटर कॉलेज गोपीगंज को केंद्र बनाया गया है।
प्रत्येक केंद्र पर एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट और एक सेक्टर मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की गई है। स्टेटिक मजिस्ट्रेट के रूप में नायब तहसीलदार अखिलेश यादव, खाद्य विपणन अधिकारी शिशिर कुमार, भूमि संरक्षण अधिकारी हरिओम मिश्रा, नायब तहसीलदार शशांक राय, बीईओ ज्ञानपुर मनोज और जिला पूर्ति अधिकारी सुनील कुमार शामिल हैं। सेक्टर मजिस्ट्रेट में डीसी एनआरएलएम अनुराग राय, एसडीएम न्यायिक शिव प्रकाश यादव और उप कार्यपालक अधिकारी बीडा अनीता देवी आदि को नामित किया गया है।
परीक्षा की पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक आयोजित होगी। अभ्यर्थियों को फोटो पहचान पत्र सहित अन्य जांच प्रक्रियाओं के लिए परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य होगा।
परीक्षा केंद्रों की निगरानी कंट्रोल रूम से की जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि परीक्षा को पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए सभी केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।
परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ डिवाइस या अन्य किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।
अपर पुलिस अधीक्षक ने मेधावी छात्रों को किया सम्मानित: वामसार्थी कार्यक्रम में प्रशस्ति पत्र और मेडल दिए गए*
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा संचालित "वामसार्थी कार्यक्रम" के तहत भदोही में मेधावी सम्मान समारोह आयोजित किया गया। शनिवार को रिजर्व पुलिस लाइन ज्ञानपुर में हुए इस आयोजन में पुलिस परिवार के उन बच्चों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए। अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने इन मेधावी छात्र-छात्राओं को मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा जीवन में सफलता का सबसे सशक्त माध्यम है। अग्रवाल ने यह भी कहा कि विद्यार्थियों की यह उपलब्धि पूरे पुलिस परिवार के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने सभी छात्रों को भविष्य में भी लगन, अनुशासन और परिश्रम के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। सम्मानित होने वाले छात्र-छात्राओं में कृतिका यादव (पुत्री देवमणि यादव, हेड ऑपरेटर, रेडियो शाखा) ने 95.40 अंक प्राप्त किए। अर्चिता यादव (पुत्री धर्मेन्द्र यादव, उपनिरीक्षक, यातायात शाखा) ने 92.60 और शुभम यादव (पुत्र शराजकुमार यादव, मुख्य आरक्षी, पुलिस लाइन) ने 92.80 अंक हासिल किए। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने मेधावी बच्चों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। भदोही पुलिस परिवार ने इन प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं पर गर्व व्यक्त करते हुए उनके निरंतर प्रगति और सफलता के पथ पर अग्रसर रहने का आशीर्वाद दिया।
आकस्मिक निरीक्षण में चिकित्साधिकारी अनुपस्थित, कारण बताओ नोटिस जारी: CDO ने राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल सराय राजपूतानी का किया निरीक्षण*


नितेश श्रीवास्तव


भदोही। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) बाल गोविंद शुक्ला ने राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय, सराय राजपूतानी का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान चिकित्सालय में तैनात चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण कुमार सिंह अनुपस्थित पाए गए, जिसके बाद उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। यह निरीक्षण जिलाधिकारी शैलेष कुमार के निर्देश पर किया गया।

CDO ने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने कर्मचारियों को नियमित सफाई और स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को स्वच्छ और बेहतर वातावरण मिल सके।

ओपीडी रजिस्टर के सत्यापन में पाया गया कि 04 जून 2026 को कुल 84 मरीजों का उपचार किया गया था, जिनमें 35 नए और 49 पुराने मरीज शामिल थे। मुख्य विकास अधिकारी ने अभिलेखों का गहन परीक्षण करते हुए मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट संतोष कुमार पटेल को भी कार्य के प्रति अधिक जिम्मेदारी और तत्परता बरतने की कड़ी हिदायत दी गई। CDO ने चेतावनी दी कि कार्यशैली में सुधार न होने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समयबद्धता के साथ करने के निर्देश दिए, ताकि आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
निजी अस्पतालों में बोर्ड लगाकर गायब रहने वाले चिकित्सकों पर होगी कार्रवाई*

*140 निजी अस्पतालों में तैनात डाॅक्टरों का सत्यापन करेगी तीन सदस्यीय टीम*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले के 140 निजी अस्पतालों में नेम प्लेट बोर्ड लगाकर गायब रहने वाले चिकित्सकों पर स्वास्थ्य विभाग शिकंजा कसेगा। सीएमओ डॉ. एसके चक के निर्देश पर जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है। जिले के ज्यादातर निजी अस्पताल संचालक किसी विशेषज्ञ डॉक्टर का नेम प्लेट बोर्ड लगाकर मरीजों का उपचार करते हैं। जब मरीज अस्पताल के किसी कर्मचारियों से पूछते हैं जिनका नेम प्लेट बोर्ड लगा है वह डॉक्टर नहीं है क्या, जवाब मिलता है कि आज किसी कारणवश वह नहीं आ सके हैं।

मरीज सोचता है कि दूर से आए हैं, ऐसे में दूसरे ही डॉक्टर को दिखाकर दवा लेने को मजबूर हो जाते हैं। ऐसे अस्पताल गोपीगंज, भदोही, औराई, सुरियावां में भरे पड़े हैं। जिले में 140 निजी अस्पताल पंजीकृत हैं, कुछ अस्पताल को छोड़ दिया जाए, जहां नेम प्लेट बोर्ड लगा है, वहां नियमित या सप्ताह में डॉक्टर नहीं बैठते हैं। नियम है कि जिन डॉक्टर का बोर्ड लगा है वह बैठे, डॉक्टर ऑनकाल होते हैं, तो उसकी जानकारी स्पष्ट अक्षरों में लिखाना चाहिए। ऑपरेशन कौन करते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है।


ज्ञानपुर निवासी आशुतोष पाल ने बताया कि कान में दिक्कत थी, गोपीगंज एक अस्पताल में दिखाया, मौके पर ईएनटी के डाॅक्टर नहीं मिलीं, फिजिशयन ने दवा दिया। नेवादा के विनय सरोज ने बताया कि आर्थों की दिक्कतें थी, सुरियावां के एक निजी अस्पताल में दिखाया, विशेषज्ञ नहीं मिले, एमबीबीएस डॉक्टर ने दवा दी उससे राहत मिली।


निजी अस्पताल का जांच करने के लिए तीन सदस्यी टीम गठित है। इसमें डिप्टी सीएमओ, लिपिक और सीएचसी अधीक्षक है। जो जांच करके अपनी रिपोर्ट प्रेषित करेंगे। खामियां मिलने पर कार्रवाई होगी। - डॉ. एसके चक, सीएमओ भदोही
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अवैध खनन करने पर होगी कार्रवाई*

*जिलाधिकारी के सख्ती के बाद विभागीय जांच हो गई है तेज*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही । अवैध खनन और मनमानी परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में जिला प्रशासन की सख्ती बढ़ती जा रही है। डीएम शैलेश कुमार के निर्देशन में खनन, आरटीओ विभाग द्वारा जांच बढ़ा दी गई है। नियमों का उलंघन करते जो भी पकड़े जाएंगे उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई होना तय है।

डीएम ने बताया कि सामान्य मिट्टी का खनन केवल वैध अनुज्ञा पत्र एवं निर्धारित शर्तों के अनुरूप ही किया जा सकता है। बिना अनुमति खनन करने वालों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। समस्त उपजिलाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों एवं खनन विभाग के अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर शासनादेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। कहा कि खनन कार्य केवल स्वीकृत क्षेत्र में ही किया जाएगा तथा अनुज्ञा पत्र में निर्धारित गहराई एवं स्वीकृत मात्रा से अधिक खनन किसी भी दशा में स्वीकार्य नहीं होगा। प्रत्येक खनन स्थल पर 3×4 फीट का सूचना पट्ट अथवा बैनर प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। जिसमें खनन स्थल का विवरण, स्वीकृत मात्रा, अनुज्ञा पत्र एवं परिवहन परमिट से संबंधित जानकारी स्पष्ट रूप से अंकित रहेगी। इसका उद्देश्य खनन कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना तथा अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। स्पष्ट किया कि खनन कार्य केवल सुबह छह से शाम छह बजे तक ही होगा। रात्रिकाल में किसी भी प्रकार का खनन पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। यदि कहीं अवैध खनन अथवा अवैध परिवहन की गतिविधि पाई जाती है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिस थाना क्षेत्र अथवा लेखपाल क्षेत्र में ऐसी गतिविधियां संचालित होती पाई जाएंगी, तो संबंधित क्षेत्र के अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वृक्षों की बेतहाशा कटाई पृथ्वी के तापमान वृद्धि का कारण:विश्व पर्यावरण दिवस पर बीएसए ने जताई चिंता*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही ‌ विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शिवम पांडेय ने शुक्रवार को कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण किया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित खंड शिक्षा अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि पर्यावरण प्रदूषण वर्तमान समय की सबसे बड़ी वैश्विक समस्या है।
पांडेय ने जोर दिया कि जलवायु परिवर्तन, प्लास्टिक प्रदूषण, जैव विविधता का क्षरण, जल संकट, वायु प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन पृथ्वी के अस्तित्व के लिए गंभीर चुनौतियां पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मानवीय गतिविधियों के कारण प्रकृति में बढ़ते हस्तक्षेप से कई प्राकृतिक संसाधनों का विनाश हुआ है।
इस अवसर पर बीएसए ने राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक अशोक कुमार गुप्ता के प्रयासों की सराहना की। गुप्ता पिछले नौ वर्षों से अपने निजी खर्च पर लगातार वृक्षारोपण कर पृथ्वी को ग्लोबल वार्मिंग की समस्या से बचाने का प्रयास कर रहे हैं। पांडेय ने सभी को उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
अशोक कुमार गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि जीव सृष्टि के लिए पेड़ ही एकमात्र आधार हैं; पेड़ों के बिना पृथ्वी पर जीवन समाप्त हो जाएगा। उन्होंने प्रकृति के सरल नियम का उल्लेख किया: "आप हमें बचाओ, हम आपको बचाएंगे।" गुप्ता ने बताया कि स्वार्थी नीतियों और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन तथा जंगल की कटाई ने पूरे पर्यावरण में जहर घोल दिया है।
गुप्ता ने आगे कहा कि इन कारणों से पृथ्वी का तापमान बढ़ा है, जिसके परिणामस्वरूप प्राकृतिक आपदाओं और बीमारियों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है। प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है, सड़कें आग की भट्टी जैसी महसूस हो रही हैं और भूजल स्तर तेजी से गिर रहा है।
इस वृक्षारोपण अभियान में खंड शिक्षा अधिकारी ज्ञानपुर मनोज कुमार सिंह, प्रदीप कुमार मिश्रा, उर्मिला देवी, आलोक कुमार गुप्ता, अशोक कुमार मिश्रा, अखिलेश कुमार पांडेय और आशुतोष पटवा सहित अन्य लोगों ने सहयोग प्रदान किया।
गर्मी से त्वचा रोगियों की संख्या में वृद्धि:जिला अस्पताल की ओपीडी में दोगुने हुए मरीज, फंगल इंफेक्शन के मामले बढ़े*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भीषण गर्मी के कारण त्वचा संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। जिला अस्पताल की ओपीडी में पहले जहां प्रतिदिन 25 मरीज आते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर लगभग 50 हो गई है। बृहस्पतिवार को 49 मरीज त्वचा संबंधी समस्याओं के साथ अस्पताल पहुंचे।चिकित्सकों के अनुसार, लगातार पसीना आने और तेज धूप के संपर्क में रहने से त्वचा संक्रमण तेजी से फैल रहा है। कुल मरीजों में से लगभग 60 प्रतिशत घमौरी, फंगल इंफेक्शन और दाद जैसी समस्याओं से ग्रस्त पाए गए हैं। जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय मौर्य ने बताया कि ओपीडी में त्वचा संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने पुष्टि की कि अधिकांश मरीज फंगल इंफेक्शन, दाद, खाज और घमौरी जैसी समस्याओं के साथ आ रहे हैं।
डॉ. मौर्य ने बताया कि गर्मी में अत्यधिक पसीना आने, सिंथेटिक कपड़े पहनने और नियमित रूप से स्नान न करने से त्वचा पर बैक्टीरिया पनपते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। बच्चे, बुजुर्गों के साथ-साथ खेतों और मजदूरी में काम करने वाले लोग भी इन बीमारियों से प्रभावित हो रहे हैं। इन दिनों तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है।उन्होंने सलाह दी कि गर्मी के मौसम में टाइट जींस और नायलॉन के कपड़े पहनने से बचें और धूप में ज्यादा देर तक खड़े न रहें। शरीर पर किसी भी तरह का दाना या एलर्जी होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।