‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत यूपी में विश्व पर्यावरण दिवस पर लगेंगे 5 करोड़ पौधे


कुकरैल वन क्षेत्र से मुख्यमंत्री योगी करेंगे महाअभियान का शुभारंभ, जनसहभागिता से पर्यावरण दिवस बनेगा उत्सव


लखनऊ। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत एक ही दिन में 5 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चलाए जा रहे इस महाअभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ के कुकरैल वन क्षेत्र से करेंगे। इसके साथ ही प्रदेशभर में व्यापक जनभागीदारी के साथ पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वन विभाग द्वारा इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। सरकार ने सभी 18 मंडलों और विभिन्न विभागों के लिए पौधरोपण लक्ष्य निर्धारित कर दिए हैं, ताकि अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सके।

कुकरैल वन क्षेत्र में मुख्यमंत्री स्वयं पौधरोपण कर अभियान का शुभारंभ करेंगे। यहां 200 से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। कार्यक्रम में वन मंत्री अरुण सक्सेना, प्रभारी मंत्री, प्रमुख सचिव, विभागाध्यक्ष तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

इसके बाद प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों, 825 विकास खंडों, 762 नगर निकायों और ग्राम पंचायतों में दिनभर पौधरोपण कार्यक्रम चलेंगे। वन विभाग के समन्वय में ग्राम्य विकास, पंचायती राज, कृषि, उद्यान और नगर विकास विभाग संयुक्त रूप से अभियान को सफल बनाएंगे। अमृत सरोवरों, तालाबों, नदियों, नहरों, एक्सप्रेसवे और सड़कों के किनारे बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जाएगा। विद्यालयों, महाविद्यालयों, स्वयं सहायता समूहों और सामाजिक संगठनों की भी इसमें सक्रिय भागीदारी रहेगी।

प्रदेश में सर्वाधिक 62.77 लाख पौधे लखनऊ मंडल में लगाए जाएंगे। इसके अलावा बरेली मंडल में 32.21 लाख, प्रयागराज में 32.17 लाख, कानपुर में 31.83 लाख, झांसी में 31.67 लाख, चित्रकूट में 31.29 लाख तथा अयोध्या मंडल में 30.41 लाख पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

विभागवार लक्ष्य की बात करें तो ग्राम्य विकास विभाग को 3 करोड़ पौधे लगाने की जिम्मेदारी दी गई है। कृषि विभाग 75 लाख, वन विभाग 50 लाख, उद्यान विभाग 50 लाख, पंचायती राज विभाग 20 लाख तथा नगर विकास विभाग 5 लाख पौधे लगाएगा। इस प्रकार विभिन्न विभागों के सहयोग से कुल 5 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य पूरा किया जाएगा।

 मंडलवार- लक्ष्य :-

मेरठ- 19,06,000

सहारनपुर- 14,86,000

आगरा- 24,67,000

अलीगढ़- 18,97,000

मुरादाबाद- 27,60,000

बरेली- 32,21,000

प्रयागराज- 32,17,000

वाराणसी- 24,83,000

मीरजापुर- 28,63,000

गोरखपुर- 24,75,000

बस्ती- 16,01,000

आजमगढ़- 18,93,000

लखनऊ- 62,77,000

अयोध्या- 30,41,000

देवीपाटन- 29,34,000

कानपुर- 31,83,000

झांसी- 31,67,000

चित्रकूट- 31,29,000

विशेष परिस्थितियों में ही होंगे अंतर्जनपदीय तबादले, नई नीति जारी
* जनगणना और शिक्षा व्यवस्था में संतुलन बनाते हुए लिया गया निर्णय : संदीप सिंह

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन कार्यरत शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के लिए शैक्षिक सत्र 2026-27 की नई नीति जारी कर दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस वर्ष जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यों और विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए केवल विशेष एवं मानवीय परिस्थितियों में ही स्थानांतरण की अनुमति दी जाएगी।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ विद्यार्थियों की शिक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार प्रदेश में जनगणना 2026-27 का कार्य संचालित किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं महत्वपूर्ण दायित्व निभा रहे हैं।
नई स्थानांतरण नीति के अनुसार शिक्षक अथवा शिक्षिका स्वयं, उनके पति या पत्नी अथवा अविवाहित पुत्र-पुत्री के दिव्यांग होने की स्थिति में अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा शिक्षक या उनके अविवाहित पुत्र-पुत्री के कैंसर से पीड़ित होने अथवा डायलिसिस पर होने की स्थिति में भी आवेदन पर विचार किया जाएगा।
सरकार ने शिक्षक दम्पतियों को भी राहत दी है। यदि पति-पत्नी दोनों बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत हैं, तो छात्र-शिक्षक अनुपात एवं विद्यालयों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए उनके स्थानांतरण पर विचार किया जाएगा। इससे पारिवारिक जीवन और शैक्षिक जरूरतों के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करने में सहायता मिलेगी।
नीति में यह भी प्रावधान किया गया है कि किसी अत्यंत विषम और मानवीय परिस्थिति में मुख्यमंत्री के अनुमोदन के उपरांत स्थानांतरण पर विचार किया जा सकेगा।राज्यमंत्री संदीप सिंह ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता शिक्षकों के हितों की रक्षा करते हुए शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता बनाए रखना है, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई किसी भी स्तर पर प्रभावित न हो।
मोदी सरकार के 12 वर्ष विकास, सुशासन और जनकल्याण के स्वर्णिम अध्याय : भूपेन्द्र चौधरी
* 5 से 21 जून तक चलेगा ‘सेवा, सुशासन, संस्कार एवं सम्मान’ अभियान, विकास योजनाओं को घर-घर पहुंचाने पर जोर

आगरा/लखनऊ। प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री तथा आगरा के प्रभारी मंत्री भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष सेवा, सुशासन और जनकल्याण के स्वर्णिम अध्याय के रूप में इतिहास में दर्ज हुए हैं। इन वर्षों में गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग के जीवन स्तर को बेहतर बनाने वाली अनेक ऐतिहासिक योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया गया है।
आगरा के नवीन सर्किट हाउस सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक एवं मीडिया संवाद कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 5 जून से 21 जून तक पूरे प्रदेश में “सेवा, सुशासन, संस्कार एवं सम्मान” अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि संगठन और प्रशासन के समन्वित प्रयासों से यह सुनिश्चित किया जाए कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। जनप्रतिनिधि, अधिकारी और कार्यकर्ता जनसंपर्क के माध्यम से लोगों को योजनाओं से जोड़ने और उनकी समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाएं।
प्रभारी मंत्री ने बताया कि 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके साथ ही स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
8 से 14 जून तक जनसंपर्क एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। इसी दौरान “सरकार आपके द्वार” अभियान के तहत जनसमस्या समाधान शिविर लगाए जाएंगे। 11 से 14 जून तक मीडिया संवाद कार्यक्रमों के जरिए सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाया जाएगा।
14 से 16 जून तक जनकल्याण शिविर और स्वास्थ्य मेलों का आयोजन किया जाएगा, जहां आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, पीएम स्वनिधि और अटल पेंशन योजना सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र लोगों को उपलब्ध कराया जाएगा। 16 और 17 जून को विकसित भारत संकल्प सम्मेलन आयोजित कर शिक्षाविदों, चिकित्सकों, उद्यमियों और समाज के प्रबुद्ध वर्ग के साथ संवाद स्थापित किया जाएगा।
17 से 20 जून तक विकास प्रदर्शनियों के माध्यम से प्रदेश में आधारभूत संरचना, औद्योगिक निवेश, सांस्कृतिक विरासत, कानून-व्यवस्था और जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। वहीं 18 और 19 जून को प्राकृतिक खेती एवं कृषि नवाचारों पर विशेष कार्यशालाएं आयोजित कर किसानों को आधुनिक और टिकाऊ खेती के प्रति जागरूक किया जाएगा।
भूपेन्द्र चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वृक्षारोपण लक्ष्य से अधिक पौधरोपण, मलिन बस्तियों में विशेष स्वच्छता अभियान, जनचौपालों का आयोजन तथा योजनाओं की शत-प्रतिशत संतृप्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि यह अभियान जनभागीदारी को सशक्त बनाने और विकास की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेगा। बैठक में केंद्रीय मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, सांसद राजकुमार चाहर, विधायकगण, जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
पर्यटन को सांस्कृतिक पुनर्जागरण और रोजगार से जोड़ें : मुख्यमंत्री योगी
* नैमिषारण्य, विंध्याचल, शिवाजी संग्रहालय और नौसेना शौर्य परियोजनाओं की समीक्षा, पर्यटन को नई पहचान देने पर जोर

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक परंपरा और ज्ञान विरासत का प्रतिनिधि प्रदेश है। पर्यटन विकास को केवल आधारभूत ढांचे तक सीमित न रखकर उसे सांस्कृतिक पुनर्जागरण, स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और वैश्विक पहचान से जोड़ा जाना चाहिए।
गुरुवार को पर्यटन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को गति देने में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है। पर्यटन के विस्तार से स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, पारंपरिक कला, खानपान और सेवा क्षेत्र को भी नए अवसर प्राप्त होंगे।

बैठक में भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण से जुड़े “ज्ञान भारतम् मिशन” की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने प्राचीन पांडुलिपियों को देश की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने कहा कि इनका संरक्षण और डिजिटलीकरण आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। अधिकारियों ने बताया कि अब तक 13.70 लाख से अधिक पांडुलिपियों का सर्वेक्षण, डिजिटलीकरण और संरक्षण किया जा चुका है।
पर्यटन नीति-2022 में प्रस्तावित संशोधनों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने निवेश, नवाचार और अनुभव आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने पर बल दिया। बैठक में नीम करोली बाबा सर्किट, बुंदेलखंड फोर्ट सर्किट, ‘परंपरा’ विरासत अनुभव केंद्र, कृषि पर्यटन और वाइनयार्ड पर्यटन जैसी नई अवधारणाओं पर भी विचार किया गया।
मुख्यमंत्री ने लखनऊ में नव विकसित ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ और निर्माणाधीन आईएनएस गोमती शौर्य संग्रहालय की समीक्षा करते हुए कहा कि यह परियोजना राष्ट्रभक्ति, सैन्य गौरव और भारत की समुद्री विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेगी। संग्रहालय में भारतीय नौसेना के इतिहास, नौसैनिक अभियानों और समुद्री शक्ति को आधुनिक तकनीक एवं इंटरैक्टिव प्रदर्शनों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।
आगरा में निर्माणाधीन छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रनायकों की प्रेरक गाथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना राष्ट्रीय दायित्व है। संग्रहालय में शिवाजी महाराज के जीवन, स्वराज्य स्थापना, आगरा प्रवास, सैन्य नेतृत्व और सुशासन के आदर्शों को आधुनिक तकनीक के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने मराठा साम्राज्य और उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक संबंधों, अहिल्याबाई होल्कर के योगदान तथा स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को भी प्रमुखता देने के निर्देश दिए।

नैमिषारण्य के समग्र विकास की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने इसे वैदिक ज्ञान परंपरा और आध्यात्मिक साधना का जीवंत केंद्र बताते हुए विकास कार्यों में आस्था, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं के संतुलन पर जोर दिया। मास्टर प्लान के तहत वेद विज्ञान केंद्र, वैदिक थीम पार्क, राजघाट रिवरफ्रंट, नैमिष हाट, तीर्थयात्री आवास और इंटरप्रिटेशन सेंटर सहित अनेक परियोजनाएं विकसित की जाएंगी।
मिर्जापुर-विंध्याचल क्षेत्र के लिए तैयार किए जा रहे इंटीग्रेटेड मास्टर प्लान की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मां विंध्यवासिनी धाम देश के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है और इसकी विकास योजना भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए। उन्होंने श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के अनुरूप सुविधाओं के विस्तार तथा शक्तिपीठों से जुड़ी पौराणिक कथाओं के आकर्षक प्रस्तुतीकरण के निर्देश दिए।
बैठक में चित्रकूट स्थित प्राचीन सोमनाथ मंदिर के संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण हमारी साझा जिम्मेदारी है। संरक्षण कार्यों में मूल स्वरूप और ऐतिहासिक प्रामाणिकता को अक्षुण्ण रखते हुए आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सभी परियोजनाओं को मिशन मोड में आगे बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में ठोस और दीर्घकालिक प्रयास किए जाएं।
राष्ट्रीय लाल साहित्य साधना मंच कार्यकारिणी का किया गया गठन
लखनऊ । साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था राष्ट्रीय लाल साहित्य साधना मंच ग्वालियर मध्य प्रदेश के तत्वावधान में उत्तर प्रदेश इकाई की मिटिंग रखी गई जिसमें उत्तर प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया गया। संस्था के राष्ट्रीय मिडिया सचिव विनय शर्मा दीप मुंबई ने बताया कि संस्थापक अध्यक्ष डॉ प्रमोद पल्लवित ने आनलाइन मिटिंग आयोजित किया जिसमें उत्तर प्रदेश इकाई का गठन करके संस्था का विस्तार किया जिससे साहित्य की दशा दिशा और मुखरित होगी।संस्थापक अध्यक्ष डॉ प्रमोद पल्लवित ने विस्तार करते हुए धुरेन्द्र स्वरूप बिसारिया लखनऊ को संरक्षक मनोनीत किया उसी कड़ी में मार्गदर्शक मधु प्रधान कानपुर,‌ प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. विभा प्रकाश लखनऊ,प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. प्रमिला पांडे कानपुर,प्रदेश महासचिव आरती तिवारी लखनऊ, कोषाध्यक्ष श्याम प्रकाश श्रीवास्तव लखनऊ, संगठन सचिव प्रज्ञा श्रीवास्तव वाराणसी, प्रचार सचिव डॉ रेणु श्रीवास्तव बरेली, सांस्कृतिक सचिव आभा श्रीवास्तव लखीमपुर खीरी के साथ सदस्य के रुप में विभा चेतना गोरखपुर उत्तर प्रदेश,डाॅ.क्षमा श्रीवास्तव लखनऊ उत्तर प्रदेश को नियुक्त करके औपचारिक जिम्मेदारी सौंपी।उत्तर प्रदेश इकाई अध्यक्ष डॉ विभा प्रकाश ने संस्थापक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मैं अपनी जिम्मेदारी का वहन बड़ी ईमानदारी से करुंगा।
केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर 5 से 21 जून तक होंगे जनकल्याणकारी कार्यक्रम

*  'एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान, प्रभारी मंत्री ने की तैयारियों की समीक्षा

सीतापुर/लखनऊ। केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 5 जून से 21 जून 2026 तक आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर जनपद सीतापुर के प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश के खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रमों का आयोजन जनपद से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक प्रभावी ढंग से किया जाए तथा अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए।
बैठक में प्रभारी मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पिछले 12 वर्षों में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के क्षेत्र में अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। इन उपलब्धियों और जनहितकारी योजनाओं की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए 5 जून से 21 जून तक विशेष कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। जनप्रतिनिधि और अधिकारी सरकार की योजनाओं एवं विकास कार्यों को लेकर जनता के बीच जाएंगे तथा लाभार्थियों से संवाद स्थापित करेंगे।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रमों के अंतर्गत लाभार्थी सम्मेलन, विकास प्रदर्शनी, संगोष्ठियां, जनजागरूकता अभियान, स्वच्छता कार्यक्रम, स्वास्थ्य शिविर, योग कार्यक्रम तथा महिला एवं युवा समूहों की सहभागिता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों को मंच प्रदान कर उनके अनुभव साझा कराए जाएंगे।
प्रभारी मंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को विशेष रूप से सफल बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों से अपनी माता के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने निर्देश दिए कि विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) पर विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं और 21 जून तक चलने वाले अभियान के दौरान व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएं।
बैठक में जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुरूप विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली गई है तथा सभी विभागों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर लगातार समीक्षा की जा रही है।
बैठक में कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही, सांसद मिश्रिख अशोक रावत, विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ला, विधायक शशांक त्रिवेदी, रामकृष्ण भार्गव, निर्मल वर्मा, ज्ञान तिवारी, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीक्षा जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
उत्तर प्रदेश सूचना विभाग की कार्यप्रणाली का अध्ययन करने लखनऊ पहुंची बिहार सूचना विभाग की टीम
* निदेशक सूचना से की मुलाकात, प्रचार-प्रसार की व्यवस्थाओं से प्रभावित होकर बिहार में लागू करने की जताई रुचि

* विभिन्न प्रभागों का किया भ्रमण, सूचना प्रसार, मीडिया प्रबंधन एवं जनसंपर्क गतिविधियों की ली विस्तृत जानकारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं नीतियों एवं शासन की प्राथमिकताओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार हेतु विकसित की गई सुदृढ़ सूचना एवं जनसंपर्क व्यवस्था से प्रभावित होकर बिहार सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय टीम ने लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग निदेशालय का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान बिहार सरकार की टीम ने निदेशक सूचना विशाल सिंह से शिष्टाचार भेंट कर विभाग की कार्यप्रणाली नवाचारों तथा जनसंचार की व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की।
बिहार से आए अधिकारियों की टीम ने उत्तर प्रदेश में संचालित प्रचार-प्रसार की प्रभावी व्यवस्था, मीडिया प्रबंधन एवं जनसंपर्क अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि उ0प्र0 में प्रचार प्रसार के क्षेत्र में बेहतर कार्य हुआ है जो कि बेहतर अनुभव हुआ है। टीम ने कहा कि यहां विकसित की गई कई व्यवस्थाएं बिहार में भी उपयोगी सिद्ध हो सकती हैं। टीम ने इन व्यवस्थाओं का अध्ययन कर उन्हें अपने राज्य में लागू करने की संभावनाओं पर विशेष रुचि व्यक्त की।
भ्रमण के दौरान टीम ने निदेशालय के सभी प्रमुख सेक्शनों एवं प्रभागों का विस्तृत दौरा किया तथा उनकी कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने समाचार एवं मीडिया कवरेज प्रभाग, पत्रकार कल्याण एवं नीतिगत प्रभाग, क्षेत्रीय एवं ग्रामीण पहुंच प्रभाग, रचनात्मक एवं प्रदर्शनी प्रभाग, आउटडोर एवं सांस्कृतिक प्रचार प्रभाग तथा स्थापना, वित्त प्रभाग के कार्यों का अवलोकन किया। संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रत्येक प्रभाग की भूमिकाए दायित्वों तथा कार्य निष्पादन की प्रक्रिया से टीम को अवगत कराया गया।
अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास परियोजनाओं एवं महत्वपूर्ण निर्णयों को आमजन तक पहुंचाने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल एवं सोशल मीडिया सहित विभिन्न संचार माध्यमों का प्रभावी उपयोग कर रहा है। बिहार की टीम ने समाचार संकलन, प्रेस विज्ञप्तियों के निर्गमन, मीडिया समन्वय, जनसंपर्क अभियानों के संचालन तथा सूचना के त्वरित एवं तथ्यपरक प्रसारण की व्यवस्थाओं का विशेष रूप से अध्ययन किया।
टीम ने पत्रकार कल्याण से संबंधित योजनाओंए मान्यता व्यवस्था, पत्रकार हितों के संरक्षण हेतु संचालित व्यवस्थाओं तथा मीडिया प्रतिनिधियों के साथ विभाग के समन्वय तंत्र की भी जानकारी प्राप्त की। इसके अतिरिक्त क्षेत्रीय एवं ग्रामीण प्रचार गतिविधियों के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने की रणनीति का भी अवलोकन किया गया।
रचनात्मक एवं प्रदर्शनी समूह द्वारा तैयार की जाने वाली प्रचार सामग्री, विभागीय प्रकाशनों, प्रदर्शनी आयोजन, दृश्य-श्रव्य माध्यमों के उपयोग तथा जनजागरूकता अभियानों की कार्यप्रणाली ने बिहार के अधिकारियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। साथ ही आउटडोर एवं सांस्कृतिक प्रचार समूह द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों, लोककलाओं एवं जनसंचार के पारंपरिक माध्यमों के जरिए संचालित जनजागरूकता अभियानों की जानकारी भी साझा की गई।
भ्रमण के दौरान बिहार सूचना विभाग की टीम ने उत्तर प्रदेश में सूचना एवं जनसंपर्क गतिविधियों के संचालन में अपनाई जा रही तकनीक आधारित व्यवस्थाओं, बेहतर समन्वय तंत्र, त्वरित सूचना संप्रेषण प्रणाली तथा जनहितकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। अधिकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने सूचना प्रबंधन और जनसंपर्क के क्षेत्र में कई ऐसी प्रभावी व्यवस्थाएं विकसित की हैं, जिनका अध्ययन अन्य राज्यों के लिए भी उपयोगी एवं प्रेरणादायी सिद्ध हो सकता है।
इस अवसर पर दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच सूचना प्रसार, मीडिया प्रबंधन, डिजिटल संचार, जनसंपर्क अभियानों तथा सुशासन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श भी हुआ। अध्ययन भ्रमण के माध्यम से प्राप्त अनुभवों को साझा करते हुए बिहार की टीम ने उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की कार्यशैली को व्यवस्थित, नवाचारपूर्ण एवं परिणामोन्मुख बताते हुए विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। अंत में टीम ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए विकसित मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय है।
संघर्ष ही सफलता की कुंजी, ‘हर घर झंडा’ अभियान से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करें कार्यकर्ता : अनुप्रिया पटेल
लखनऊ। अपना दल (एस) की महत्वपूर्ण संगठन समीक्षा बैठक मंगलवार को गांधी भवन प्रेक्षागृह, कैसरबाग में राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुई। बैठक में आगामी चुनावों की तैयारियों, संगठन विस्तार तथा बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत बनाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों की उपस्थिति ने संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं के उत्साह को दर्शाया। खचाखच भरे प्रेक्षागृह को संबोधित करते हुए अनुप्रिया पटेल ने कहा कि संगठन ही पार्टी की सबसे बड़ी शक्ति है और कार्यकर्ताओं के समर्पण एवं संघर्ष के बल पर ही अपना दल (एस) प्रदेश की प्रमुख राजनीतिक शक्तियों में अपना स्थान बनाने में सफल हुआ है।

उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों को देखते हुए प्रत्येक कार्यकर्ता को पूरी निष्ठा और ऊर्जा के साथ मैदान में उतरना होगा। उन्होंने पार्टी के महत्वाकांक्षी ‘हर घर झंडा’ अभियान को और अधिक गति देने का आह्वान करते हुए कहा कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

अनुप्रिया पटेल ने कहा, “हम सभी का अस्तित्व और सम्मान पार्टी की बदौलत है। संगठन हमारी वास्तविक ताकत है। आगामी चुनावों के लिए समय सीमित है, इसलिए संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।”

बूथ स्तर की सक्रियता ही जीत का आधार : आशीष पटेल

बैठक को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा की और जिला, प्रदेश तथा राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों को बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता को अपने क्षेत्र के प्रत्येक बूथ तक पहुंच बनाकर संगठन को मजबूत करना होगा। कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी ही आगामी चुनावों में सफलता की कुंजी सिद्ध होगी। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष आर. पी. गौतम ने की।

वरिष्ठ नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति

बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष माता बदल तिवारी , राष्ट्रीय महासचिव आर. बी. सिंह, राष्ट्रीय महा सचिव के. के. पटेल , राष्ट्रीय सचिव  विनोद गंगवार, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष ओ. पी. कटियार, राज्य मंत्री रेखा पटेल, पूर्व मंत्री राम लखन पटेल, आयोग सदस्य राजेंद्र पाल, सलाहकार जवाहर पटेल, पूर्व सांसद नागेंद्र प्रताप सिंह, प्रमोद पटेल राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विधि मंच , पूर्व विधायक जमुना प्रसाद सरोज, विधायक सरोज कुरिल, विधायक जय कुमार सिंह ‘जैकी’, जीतलाल पटेल, विधायक वाचस्पति, विधायक आर. के. पटेल, विधायक स्वार शफ़ीक़ अहमद अंसारी, प्रदेश अध्यक्ष  शिक्षक मंच प्रो. रामचंद्र पटेल, राष्ट्रीय अध्यक्ष महिला मंच दीपमाला कुशवाहा, अल्पसंख्यक मंच प्रदेश अध्यक्ष अहमद खाँ मंसूरी , राष्ट्रीय सचिव राजेश पटेल ‘बुलबुल’, राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुसूचित मंच सत्यप्रकाश कुरिल, राष्ट्रीय सचिव मुख्यालय मुन्नर प्रजापति एवं पुष्कर चौधरी सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ पदाधिकारी और हजारों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।बैठक का समापन आगामी चुनावों में पार्टी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने, संगठन को और अधिक सशक्त बनाने तथा जन-जन तक पार्टी की नीतियों और विचारों को पहुंचाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने वरिष्ठ पत्रकार सुनील चंद्र त्रिपाठी को किया सम्मानित
हरिद्वार। उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक द्वारा हरिद्वार में आयोजित एक विशेष समारोह में वरिष्ठ पत्रकार सुनील चंद्र त्रिपाठी को सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके पत्रकारिता क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान एवं सामाजिक सरोकारों के प्रति समर्पित कार्यों के लिए प्रदान किया गया।
सम्मान प्राप्त होने पर श्री त्रिपाठी ने इसे अपने पत्रकारिता जीवन का प्रेरणादायक क्षण बताते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें निष्पक्ष, जनहितकारी एवं सकारात्मक पत्रकारिता के प्रति और अधिक प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की प्रेरणा देगा।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य अतिथियों ने समाजहित एवं रचनात्मक कार्यों की सराहना करते हुए सभी को निरंतर उत्कृष्ट योगदान देने का संदेश दिया।
05 जून से 21 जून तक श्रमिकों के कल्याण के लिए व्यापक अभियान चलाएगा श्रम विभाग
* मंत्री अनिल राजभर ने विभागीय अधिकारियों को जनकल्याण अभियान के सफल आयोजन के दिए निर्देश

लखनऊ। प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने मंगलवार को "12 साल विश्वास के, विकास के" जनकल्याण अभियान के अंतर्गत 05 जून से 21 जून 2026 तक आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी गतिविधियों का प्रभावी एवं जनसहभागिता आधारित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री राजभर ने कहा कि अभियान के माध्यम से श्रमिकों, असंगठित कर्मकारों एवं युवाओं तक सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता और योग को बढ़ावा दिया जाए।

मंत्री राजभर ने निर्देश दिए कि विश्व पर्यावरण दिवस 05 जून को विभाग के सभी कार्यालयों, अटल आवासीय विद्यालयों, विहान विद्यालयों तथा ईएसआई अस्पतालों एवं डिस्पेंसरियों में "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण किया जाए तथा परिसरों को स्वच्छ, हरित एवं प्लास्टिक मुक्त बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि 08 से 14 जून तक विशेष जनसंपर्क अभियान के तहत श्रम संहिताओं, श्रमिक कल्याण योजनाओं तथा कर्मचारी राज्य बीमा योजना की सुविधाओं के संबंध में संवाद, संगोष्ठियों एवं जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। पात्र व्यक्तियों को अधिक से अधिक संख्या में ईएसआई योजना से जोड़ने तथा लाभार्थियों और नियोजकों के बीच विभागीय उपलब्धियों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में 08 से 14 जून तक जनकल्याण मेला एवं शिविर आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए। इन कार्यक्रमों में केंद्र एवं राज्य सरकार की श्रमिक कल्याण योजनाओं की जानकारी सोशल मीडिया, पोस्टर, बैनर, पंपलेट एवं अन्य संचार माध्यमों से उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही बाल एवं बंधुआ श्रम उन्मूलन, बाल श्रम मुक्त मिशन-2027, रोजगार संगम पोर्टल, सेवामित्र योजना, विदेशों में रोजगार के अवसर तथा श्रमिकों के लिए विशेष स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
मंत्री राजभर ने निर्देश दिए कि 17 से 20 जून तक जिला प्रशासन द्वारा आयोजित प्रदर्शनियों में श्रम विभाग की योजनाओं एवं उपलब्धियों का आकर्षक प्रदर्शन किया जाए ताकि आमजन को विभागीय कार्यों और योजनाओं की जानकारी प्राप्त हो सके।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून के अवसर पर विभाग के सभी कार्यालयों, ईएसआई अस्पतालों, अटल आवासीय विद्यालयों, विहान विद्यालयों तथा औद्योगिक इकाइयों में कार्य प्रारंभ होने से पूर्व 45 मिनट से एक घंटे तक योग कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। मंत्री ने कहा कि योग को जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाते हुए अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
बैठक के अंत में मंत्री राजभर ने सभी अधिकारियों को निर्धारित कार्यक्रमों का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए तथा अभियान को जनहित में सफल बनाने का आह्वान किया।
बैठक में प्रमुख सचिव एवं विशेष सचिव, श्रम एवं सेवायोजन विभाग, अपर श्रमायुक्त उत्तर प्रदेश, निदेशक सेवायोजन, निदेशक कर्मचारी राज्य बीमा योजना, सचिव उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड तथा उप श्रमायुक्त उत्तर प्रदेश असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।