मारपीट-फायरिंग मामले में 6 आरोपी गिरफ्तार: एक तमंचा, कारतूस और 9 देसी बम बरामद



नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने मारपीट और फायरिंग के मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से एक अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और नौ देसी बम बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में दुर्गागंज पुलिस टीम द्वारा की गई। पुलिस के अनुसार, वादी ने सूचना दी थी कि कुछ अभियुक्तों ने पुरानी रंजिश के चलते मारपीट की। जब बीच-बचाव किया गया, तो आरोपियों ने जान से मारने की धमकी देते हुए अवैध असलहे लहराए और फायरिंग भी की।
इस सूचना पर दुर्गागंज थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तत्काल पुलिस टीमें गठित की गईं, जिन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन छह अभियुक्तों को पकड़ा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सर्वेन्द्र गिरी (23), धीरज कुमार (19), लकी गिरी (21), दीप यादव (22), राजकुमार गिरी उर्फ बमबम गिरी (20) और विकास सरोज (28) शामिल हैं। ये सभी हरदुआ और गोसाई का पूरा, थाना दुर्गागंज, जनपद भदोही के निवासी हैं।
पुलिस ने इनके कब्जे से कुल नौ देसी बम, एक 315 बोर का तमंचा और एक 315 बोर का जिंदा कारतूस बरामद किया है।
भारत टेक्स-2026 : अभी तक भदोही के दो निर्यातकों ने कराया पंजीकरण

*इस साल अब तक केवल 17 निर्यातकों ने कराया है पंजीकरण*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। 14 से 17 जुलाई तक नई दिल्ली में होने वाले भारत टेक्स-2026 के तीसरे संस्करण के प्रति कालीन निर्यातकों की दिलचस्पी कम दिखाई पड़ रहा है। भारत टेक्स की वेबसाइट पर फ्री फेयर डायरेक्ट्री के अनुसार के अनुसार भारत टेक्स में हिस्सा लेने के लिए अब तक देशभर से केवल 17 लोगों ने पंजीकरण कराया है। जिसमें यूपी के पांच निर्यातक है। भदोही से दो और बनारस, कानपुर व लखनऊ से एक-एक निर्यातक हिस्सा ले रहे हैं। 15 दिसंबर से पंजीकरण चल रहा है। फिलहाल पंजीकरण बंद है। अमेरिकी टैरिफ से थोड़ी राहत मिलने के बाद लोगों मे भारत टेक्स-2026 के प्रति रुझान जरूर बढ़ा था, लेकिन युद्ध के हालात और आसन्न आर्थिक मंदी को देखते हुए अब भारत टेक्स को लेकर भी निर्यातकों में संशय हो गया है। भारत सरकार वस्त्र मंत्रालय ने भारत टेक्स की शुरुआत वर्ष 2024 में की थी। तब से अब तक दो संस्करण नई दिल्ली में हो चुके हैं। गौरतलब है कि पहले भारत टेक्स में लगभग 60 कालीन निर्यातकों ने स्टाॅल लगाया था। वर्ष 2025 के दूसरे संस्करण में 78 निर्यातक ने भाग लिया था। इसमें करीब 40 निर्यातक केवल भदोही परिक्षेत्र के ही थे, लेकिन इस साल अब तक इसमें निर्यातकों का रुझान नहीं दिख रहा है।
209 करोड़ की लागत से बनेगी जेल

*सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया धन स्वीकृति*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही । कालीन नगरी के विकास को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक और सौगात दी है। शहर से सटे मूंसीलाटपुर गांव में 60 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित नए जिला कारागार के निर्माण के लिए प्रदेश सरकार ने 20918.64 लाख रुपये स्वीकृत कर दिए हैं।

कारागार अधीक्षक अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि नई जेल जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर जिला स्टेडियम के पास मूंसीलाटपुर गांव में बनाई जाएगी। ज्ञानपुर स्थित पुराने कारागार में 114 बंदियों को रखने की क्षमता है, जबकि वहां क्षमता से अधिक बंदियों के होने पर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इसी को देखते हुए पूर्व वर्षों में मूंसीलाटपुर गांव में जिला कारागार निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया था।

उन्होंने बताया कि सरकारी भूमि के साथ ही आसपास के किसानों की जमीन का अधिग्रहण गत वर्ष पूरा कर लिया गया था। भूमि की पैमाइश कर उसे चिह्नित भी किया जा चुका है। प्रदेश सरकार ने नवीन कारागार के निर्माण के लिए 20918.64 लाख रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। कारागार अधीक्षक ने बताया कि 574 बंदी क्षमता वाले नए कारागार का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा। इसके लिए 60 एकड़ भूमि भी क्रय की जा चुकी है।

नई जेल में बंदियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं : कारागार अधीक्षक अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि नई जेल में हाई सिक्योरिटी बैरक के साथ सुरक्षा के आधुनिक उपाय किए जाएंगे। जेल में जिम, डिजिटल लाइब्रेरी व कौशल विकास के लिए मल्टीपर्पज हाल का निर्माण भी कराया जाएगा। बताया कि नए और आधुनिक सुविधाओं से युक्त कारागार में 574 बंदियों को रखा जाएगा। वर्तमान जिला कारागार की क्षमता 163 बंदियों की है, जबकि इस समय 390 कैदी जेल में निरुद्ध हैं।
बर्न यूनिट नर्स और कैंसर सेंटर फिजिशियन के हवाले


*सौ शय्या अस्पताल के कैंसर सेंटर में जनरल फिजिशियन करेंगे मरीजों का इलाज, विशेषज्ञ का इंतजार*

नितेश श्रीवास्तव


भदोही।सौ शय्या अस्पताल प्रशासन का दावा है कि अस्पताल में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और है। अस्पताल के बर्न यूनिट, कैंसर सेंटर का लाभ मरीजों को नहीं मिल रहा है। बर्न केस जिला अस्पताल से वाराणसी रेफर किए जाते हैं। कैंसर के मरीज सीधे वाराणसी या महानगरों का रुख करते हैं। बर्न यूनिट नर्स और कैंसर सेंटर फिजिशियन के भरोसे संचालित है।

सौ शय्या अस्पताल का संचालन भले ही पूरी क्षमता के साथ नहीं हो रहा है, लेकिन यहां धीरे-धीरे संसाधनों का विस्तार होने लगा है। यहां रोजाना 500 लोगों की ओपीडी होती है। परिसर में सबसे पहले साल 2022 में डायलिसिस यूनिट का संचालन हुआ था। इसके बाद साल 2024 में टीबी अस्पताल का संचालन शुरू किया गया। इसके बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देशन पर बर्न यूनिट का संचालन शुरू किया गया। 2025 में सीटी स्कैन और करीब चार महीने पहले 2026 में डे कैैंसर केयर सेंटर (डीसीसीसी) का संचालन शुरू हुआ। इसमें से बर्न यूनिट, डीसीसीसी की व्यवस्था राम भरोसे है। बर्न यूनिट में जिसकी ड्यूटी लगती है, वह सिस्टर सप्ताह में कभी कभी ही ड्यूटी करती है। यहां डॉक्टर की ड्यूटी ऑनकाल है। ईएमओ की ड्यूटी रोस्टर वाइज लगाई गई है। जो आते तो हैं, लेकिन मरीज ही नहीं मिलते हैं। यहां बर्न के केस नाम मात्र के आते हैं। यही हाल कैंसर सेंटर का है। जहां दो महीने में एक भी मरीज नहीं आए है। सौ शय्या अस्पताल के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र विक्रम सिंह का तबादला वाराणसी हो गया है। अब डे कैैंसर केयर सेंटर पर आने वाले मरीजों को विशेषज्ञ का सलाह नहीं मिलेगा। उन्हें जनरल फिजिशियन से उपचार लेना पड़ेगा। वह सिर्फ बीमारी के बारे में बताएंगे। फस्ट उपचार के तहत मरीज को दर्द निवारण दवा दे सकते हैं। बाकि मरीज को वाराणसी या अन्य शहर का रुख करना होगा। रामबली पांडेय (70) डंगहर ने कहा कि 100 बेड अस्पताल में बर्न यूनिट है अच्छी बात है। यहां स्टाफ रहते नहीं है, इसलिए लोग यहां आना पसंद नहीं करते हैं। वह सीधे जिला अस्पताल निकलत जाते हैं। छह महीने पहले एक परिचित बर्न का केस लेकर यहां गए थे, मौके पर कोई नहीं मिला। डॉ. एसके पासवान, 100 बेड सरपतहां, सीएमएस ने कहा कि डायलिसिस, सीटी, बर्न, डेसीसीसी का लाभ मरीजों को मिल रहा है। डायलिसिस, सीटी पर मरीजों की भीड़ रहती है। बर्न, कैंसर के केस कम आते हैं। यहां आने वाले मरीज का उपचार किया जाता है। कैंसर रोग विशेषज्ञ का तबादला हुआ है। कोई नए नहीं आए है। कैंसर सेंटर में अस्पताल के जनरल फिजिशियन की ड्यूटी लगाई गई है।



डायलिसिस,सीटी,बर्न,डेसीसीसी का लाभ मरीजों को मिल रहा है। डायलिसिस, सीटी पर मरीजों की भीड़ रहती है। बर्न, कैंसर के केस कम आते हैं। यहां आने वाले मरीज का उपचार किया जाता है। कैंसर रोग विशेषज्ञ का तबादला हुआ है। कोई न‌ए नहीं आए हैं। कैंसर सेंटर में अस्पताल के जनरल फिजिशियन की ड्यूटी लगाई गई है।

डॉ एसके पासवान सीएम‌एस 100 बेड
नगर की सफाई व्यवस्था करने के लिए खरीदे जाएंगे 400 कूड़ेदान*
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। नगर के वार्डों में नगर पंचायत की ओर से लोहे व प्लास्टिक के कूड़ेदान लगाए जाएंगे। नगर पंचायत प्रशासन ने इसके लिए सात लाख रुपये की कार्ययोजना बनाई है। इससे 400 कूड़ेदान क्रय किए जाएंगे। नगर पंचायत ने प्रस्ताव को जिला प्रशासन को स्वीकृति के लिए भेजा है। जहां से संस्तुति मिलने के बाद नगर पंचायत डस्टबिन क्रय करेगी।
नगर को साफ-सुथरा रखने के लिए नगर पंचायत हर माह लाखों रुपये खर्च करती है। हालांकि इसके बाद भी नगर की सफाई व्यवस्था में कुछ खास सुधार नहीं देखने को मिल रहा। खासकर वार्डों में लोग सड़कों व पटरियों पर ही कचरा फेंक दे रहे हैं। 100 लाेहे और 300 प्लास्टिक के कूड़ेदान होंगे। गीला व सूखा कचरा अलग-अलग करने के लिए हर वार्ड में कूड़ेदान लगाए जाएंगे। 15वें वित्त की राशि से कूड़ेदान की खरीद होगी।चेयरमैन घनश्याम दास गुप्ता ने बताया कि प्रस्ताव तैयार कर जिला प्रशासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद कूड़ेदान का क्रय किया जाएगा। बताया कि दुर्गागंज त्रिमुहानी, शीतलपाल तिराहा, पुरानी बाजार, नथईपुर मार्ग आदि स्थानों पर कूड़ेदान लगाए जाएंगे।
भदोही प्रशासन पर पैसे लेकर खनन कराने का आरोप:औराई विधायक बोले- किसानों पर होती कार्रवाई, माफिया 10 फीट तक करते हैं खनन
रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही जिले में खनन को लेकर प्रशासन की सख्ती के बावजूद औराई से भाजपा विधायक दीनानाथ भास्कर ने पुलिस प्रशासन और खनन विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि औराई विधानसभा क्षेत्र में पैसे लेकर अवैध खनन किया जा रहा है। विधायक औराई दीनानाथ भास्कर के अनुसार,औराई विधानसभा में नियमों के विरुद्ध खनन जारी है। जब इस संबंध में अधिकारियों और पुलिस प्रशासन से शिकायत की जाती है,तो उनसे खनन स्थल का लोकेशन मांगा जाता है। विधायक ने स्पष्ट किया कि उनका काम जानकारी देना है,न कि लोकेशन उपलब्ध कराना उन्होंने आरोप लगाया कि यदि को किसान अपने खेत की और पुलिस उनके ट्रैक्टर व जेसीबी को दो- तीन दिनों तक थाने में खड़ा कर देते हैं। जिससे किसानों को भारी नुकसान होता है। वहीं, खनन माफिया 8 से 10 फीट गहरा खनन कर रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, जबकि इसकी जानकारी उनके द्वारा प्रशासन को दी जा चुकी है। विधायक औराई दीनानाथ भास्कर ने कहा कि वह इस पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से करेंगे। सत्ताधारी पार्टी के विधायक द्वारा अपने ही प्रशासन पर पैसे लेकर खनन का आरोप लगाने से जिले में यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है। प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं ‌ इस संबंध में खनन अधिकारी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर एक टीम गठित की गई है। उन्होंने कहा कि जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। खनन अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि ईंट भट्टो को अनुमति दी गई है, और इसके अलावा कोई भी अवैध खनन करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बाढ़ से बचाव की तैयारी शुरू,200 गांव संवेदनशील ,22 चौकियां बनेंगी

*जिले में गंगा का तटीय इलाका करीब 35 किलोमीटर,कोनिया के 12 गांव है अति संवेदनशील*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में मानसून से पहले प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तैयारी शुरू कर दी है। बाढ़ के मद्देनजर 12 अति संवेदनशील और 200 संवेदनशील गांवों को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है। गंगा, वरुणा और मोरवा नदी के किनारे 22 बाढ़ चौकियां स्थापित की जाएंगी। 15 जून के बाद सभी चौकियां सक्रिय कर दी जाएंगी। - बाढ़ को लेकर कोनिया के 12 गांव अति संवेदनशील हैं।

माैसम विभाग के अनुसार, जिले में मानसून 15 से 25 जून के बीच आता है। जिले में गंगा तटीय इलाका करीब 35 किलोमीटर है। इसमें से कई गांव ऐसे हैं, जहां बाढ़ की स्थिति ज्यादा गंभीर होती है। डीघ ब्लॉक के कोनिया क्षेत्र के छेछुआ, भुर्रा, इटहरा और मवैया थानसिंह, हरिरामपुर बाढ़ के दृष्टिकोण से अति संवेदनशील की श्रेणी में हैं। यहां पर कटान की समस्या हर साल होती है। कोनिया क्षेत्र में गंगा का घुमाव होने के कारण जब-जब तेज हवाएं चलती हैं तो गंगा की लहरें तटों से टकराने पर कटान की स्थिति बनती है। -कलेक्ट्रेट में सुविधा के लिए राहत कंट्रोल रूम बनाया गया है।

यहां स्थापित होंगी बाढ़ चौकियां

औराई ब्लॉक में डेरवां, खमरिया, द्वारिकापुर, सहसेपुर तथा विकास खंड डीघ में धनतुलसी, लखनपुर, भदरांव, कटरा, इटहरा, कलिजरा, इनारगांव, बिहरोजपुर में बाढ़ चौकियां बनेंगी। सुरियावां में करियांव, अबरना, सांडा, रामनगर और भदोही में सर्रोई, मुंसीलाटपुर, तुलसीचक, मईहरदोपट्टी तथा ज्ञानपुर ब्लॉक में रमईपुर, मतेथु, कसियापुर, श्रीकांतपुर और भगवानपुर आदि गांवों में बाढ़ चौकियां स्थापित की गई जाएंगी।

प्रशासन की ये है तैयारी
बनने वाली बाढ़ चौकियां- 22
बाढ़ राहत शिविर की संख्या - 22
अति संवेदनशील गांव- 12
संवेदनशील गांव- 200
छोटी नावें- 40
बड़ी नावें- 15
मझली नावें- 10
मोटर बोट : तीन
गोताखोर- 13

कारगर नहीं हुई कटान रोधी व्यवस्था

छेछुआ और भुर्रा में गंगा कटान रोकने के लिए साल 2021-22 में पूर्व तीन करोड़ रुपये खर्च कर जिओ टेक्सटाइल ट्यूब कटर लगवाया गया था लेकिन यह व्यवस्था सफल नहीं हुई। किसानों का कहना है कटान रोकने के लिए जहां पर टेक्सटाइल ट्यूब स्थापित किए गए थे उससे अब लगभग 20 मीटर तक गंगा पश्चिम में बहने लगी है, यह व्यवस्था जरा भी कारगर साबित नहीं हुई।


कटान से विस्थापित हो चुके है कई परिवार

गंगा से सटे 46 गांवों में प्रशासन की नजर रहती है, हालांकि सबसे अधिक छेछुआ, भुर्रा, मवैयाथान सिंह, नारेपार, इटहरा जैसे गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। छेछुआ, भुर्रा में कई परिवार तो दो दशक में विस्थापित हो चुके हैं। 50 बिंद और 20 एससीएसटी परिवार भूमिहीन हो गया। छेछुआ गांव के बिनोद सिंह, रामू सिंह, जितेंद्र सिंह, श्यामू सिंह, धर्मेंद्र सिंह, यज्ञ वासिनी सिंह आदि की जमीन गंगा में समा चुकी है। हर साल आने वाली बाढ़ में दो बीघा उपजाऊ जमीन गंगा में समा जाती है।
- शुभांगी शुक्ला, एडीएम, वित्त एवं राजस्व ने कहा कि बाढ़ को लेकर कुछ माह पूर्व स्टेयरिंग कमेटी की बैठक हुई थी। जून में ही दूसरी बार बैठक कर सारी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जाएगी। 15 जून से पहले बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी जाएंगी। बाढ़ जैसी संभावनाएं बनने पर हर तरह से तैयारियां पुख्ता हैं।
887 परिषदीय स्कूलों के विकास के लिए मिले 2.02 करोड़ रुपये

*कंपोजिट ग्रांट की पहली किस्त जारी, बीएसए ने खर्च का पूरा हिसाब देने के दिए निर्देश*



नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले के 887 परिषदीय विद्यालयों के कायाकल्प की दिशा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के कंपोजिट ग्रांट की पहली किस्त जारी की गई। शासन से प्राप्त करीब 2.02 करोड़ रुपये की धनराशि से विद्यालयों में मरम्मत, रंगाई-पुताई, पेयजल, शिक्षण सामग्री, खेलकूद संसाधन सहित विभिन्न विकास कार्य कराए जाएंगे। खर्च की गई प्रत्येक राशि का उपभोग प्रमाणपत्र और विस्तृत ब्योरा प्रधानाध्यापकों को देना होगा जबकि अफसर इसकी नियमित समीक्षा करेंगे।

बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शिवम पांडेय ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को निर्देशित किया है कि विद्यालयों में ग्रांट की धनराशि निर्धारित मानकों के अनुसार खर्च कराई जाए तथा प्रत्येक विद्यालय से उसका शत-प्रतिशत विवरण प्राप्त किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों की गुणवत्ता और धनराशि के उपयोग में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पूर्व में विद्यालयों को रंगाई-पुताई के लिए सात से दस हजार रुपये तक की धनराशि मिलती थी, जिससे आवश्यक कार्य पूरे नहीं हो पाते थे। वर्ष 2019-20 से शासन ने छात्र संख्या के आधार पर कंपोजिट ग्रांट देने की व्यवस्था लागू की, जिससे विद्यालय अपनी जरूरतों के अनुसार विकास कार्य करा सकें। विद्यालय प्रबंधन समिति इस धनराशि का उपयोग रंगाई-पुताई, मरम्मत, चहारदीवारी, शिक्षण सामग्री, खेलकूद उपकरण, संगीत वाद्ययंत्र तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की खरीद में कर सकती है। अब प्रत्येक व्यय का उपभोग प्रमाणपत्र देना अनिवार्य है। साथ ही विद्यालयों में कराए गए कार्यों का निरीक्षण कर उनकी जांच भी होगी।


ग्रांट से पूरे किए जाएंगेे विद्यालयों के जरूरी कार्य
ज्ञानपुर। कंपोजिट ग्रांट की धनराशि से विद्यालयों में मरम्मत, रंगाई-पुताई, पेयजल व्यवस्था, शिक्षण सहायक सामग्री, कक्षों में टाइल्स, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, विद्युत उपकरण, कंप्यूटर कक्ष के अनुरक्षण तथा अन्य आवश्यक कार्य कराए जा सकेंगे। इसके अलावा टाट-पट्टी, चटाई, दरी, स्टेशनरी, बागवानी किट की खरीद भी की जा सकेगी।

छात्र संख्या के आधार पर किया जाता है आवंटन
ज्ञानपुर। ग्रांट का आवंटन छात्र संख्या के आधार पर किया जाता है। एक से 30 विद्यार्थियों वाले विद्यालयों को 10 हजार रुपये, 31 से 100 विद्यार्थियों तक 25 हजार रुपये, 101 से 250 विद्यार्थियों तक 50 हजार रुपये, 251 से 1000 विद्यार्थियों तक 75 हजार रुपये तथा 1000 से अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों को एक लाख रुपये की धनराशि प्रदान की जाती है।

कंपोजिट ग्रांट के खर्च पर रहेगी पैनी नजर
ज्ञानपुर। बीएसए शिवम पांडेय ने बताया कि कंपोजिट ग्रांट के उपयोग की लगातार समीक्षा की जाएगी। यदि किसी विद्यालय में मानकों की अनदेखी, गुणवत्ता में कमी या धनराशि के दुरुपयोग की शिकायत मिलती है तो जांच कर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। नामित अधिकारी समय-समय पर व्यय की समीक्षा करते रहेंगे।
बीना सिंह को शोध कार्यभार संभालने का आदेश

*अकबरपुर में तैनात ईओ को गोपीगंज में दी गई नियुक्ति*



नितेश श्रीवास्तव

भदोही। नगर निकाय निदेशालय, उत्तर प्रदेश लखनऊ से जारी आदेश के अनुसार उत्तर प्रदेश पालिका (केंद्रीकृत) प्रशासी सेवा की अधिशासी अधिकारी बीना सिंह को तत्काल प्रभाव से नगर पालिका परिषद अकबरपुर (अम्बेडकरनगर) से स्थानांतरित कर नगर पालिका परिषद गोपीगंज में तैनात किया गया है। 31 मई को जारी कार्यालय ज्ञाप के अनुसार यह स्थानांतरण जनहित एवं शासकीय कार्यहित में किया गया है। आदेश में बीना सिंह को नवीन तैनाती स्थल पर शीघ्र कार्यभार ग्रहण करने तथा इसकी सूचना शासन एवं नगर निकाय निदेशालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि आदेश की अवहेलना को अनुशासनहीनता माना जाएगा। जिसके लिए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। नगर पालिका परिषद गोपीगंज में नए अधिशासी अधिकारी की तैनाती से नगर विकास एवं जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
गोपीगंज के बड़ी चौराहे के पास खड़ी रोडवेज बस

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। गोपीगंज नगर में बड़ा चौराहे पर खड़ा होने वाली बसे अब चिह्नित बस स्टैंड पर खड़ी कराई जाएंगी। एनएचएआई की ओर से हाईवे के सर्विसलेन पर फ्लाईओवर के दोनों छोर के किनारे बस स्टैंड के लिए चिह्नित जमीन पर ही बसें खड़ी होंगी। वहीं से यात्री बसे पकड़ सकेंगे और उतर सकेंगे। इससे चौराहे पर लगने वाले जाम से निजात मिल सकेगी। वहीं चौराहे पर आवागमन सुगम हो सकेगा वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर गोपीगंज जिले का सबसे बड़ा बाजार है। नगर के बड़ा चौराहे पर हर दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। जिसका सबसे बड़ा कारण चौराहे के पास बेतरतीब तरीके से खड़े होने वाले वाहन हैं। हाईवे पर वाराणसी और प्रयागराज की ओर से आने वाली बसें उत्तरी व दक्षिणी लेन पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने खड़ी होती हैं। अब बसों का वहां स्टाॅपेज हो जाने के कारण ई-रिक्शा व ऑटो चालक भी सवारी के लिए वहीं खड़े हो जाते हैं। जिससे चौराहे के पास जाम लग जाता है। अभिनव त्यागी, पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बीते दिनों बैठक में एनएचएआई की ओर से बताया गया है कि हाईवे के दोनों छोर पर बसों के खड़ा करने के लिए स्टैंड चिह्नित हैं, लेकिन बसें वहां खड़ी नहीं होती हैं। अब बसों को वहां ही खड़ा कराया जाएगा। जिससे ऑटो व ई-रिक्शा की भीड़ भी उधर शिफ्ट हो सकेगी। जिससे चौराहे पर लगने वाली जाम की समस्या का समाधान हो सकेगा।