बाढ़ से बचाव की तैयारी शुरू,200 गांव संवेदनशील ,22 चौकियां बनेंगी

*जिले में गंगा का तटीय इलाका करीब 35 किलोमीटर,कोनिया के 12 गांव है अति संवेदनशील*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में मानसून से पहले प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तैयारी शुरू कर दी है। बाढ़ के मद्देनजर 12 अति संवेदनशील और 200 संवेदनशील गांवों को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है। गंगा, वरुणा और मोरवा नदी के किनारे 22 बाढ़ चौकियां स्थापित की जाएंगी। 15 जून के बाद सभी चौकियां सक्रिय कर दी जाएंगी। - बाढ़ को लेकर कोनिया के 12 गांव अति संवेदनशील हैं।

माैसम विभाग के अनुसार, जिले में मानसून 15 से 25 जून के बीच आता है। जिले में गंगा तटीय इलाका करीब 35 किलोमीटर है। इसमें से कई गांव ऐसे हैं, जहां बाढ़ की स्थिति ज्यादा गंभीर होती है। डीघ ब्लॉक के कोनिया क्षेत्र के छेछुआ, भुर्रा, इटहरा और मवैया थानसिंह, हरिरामपुर बाढ़ के दृष्टिकोण से अति संवेदनशील की श्रेणी में हैं। यहां पर कटान की समस्या हर साल होती है। कोनिया क्षेत्र में गंगा का घुमाव होने के कारण जब-जब तेज हवाएं चलती हैं तो गंगा की लहरें तटों से टकराने पर कटान की स्थिति बनती है। -कलेक्ट्रेट में सुविधा के लिए राहत कंट्रोल रूम बनाया गया है।

यहां स्थापित होंगी बाढ़ चौकियां

औराई ब्लॉक में डेरवां, खमरिया, द्वारिकापुर, सहसेपुर तथा विकास खंड डीघ में धनतुलसी, लखनपुर, भदरांव, कटरा, इटहरा, कलिजरा, इनारगांव, बिहरोजपुर में बाढ़ चौकियां बनेंगी। सुरियावां में करियांव, अबरना, सांडा, रामनगर और भदोही में सर्रोई, मुंसीलाटपुर, तुलसीचक, मईहरदोपट्टी तथा ज्ञानपुर ब्लॉक में रमईपुर, मतेथु, कसियापुर, श्रीकांतपुर और भगवानपुर आदि गांवों में बाढ़ चौकियां स्थापित की गई जाएंगी।

प्रशासन की ये है तैयारी
बनने वाली बाढ़ चौकियां- 22
बाढ़ राहत शिविर की संख्या - 22
अति संवेदनशील गांव- 12
संवेदनशील गांव- 200
छोटी नावें- 40
बड़ी नावें- 15
मझली नावें- 10
मोटर बोट : तीन
गोताखोर- 13

कारगर नहीं हुई कटान रोधी व्यवस्था

छेछुआ और भुर्रा में गंगा कटान रोकने के लिए साल 2021-22 में पूर्व तीन करोड़ रुपये खर्च कर जिओ टेक्सटाइल ट्यूब कटर लगवाया गया था लेकिन यह व्यवस्था सफल नहीं हुई। किसानों का कहना है कटान रोकने के लिए जहां पर टेक्सटाइल ट्यूब स्थापित किए गए थे उससे अब लगभग 20 मीटर तक गंगा पश्चिम में बहने लगी है, यह व्यवस्था जरा भी कारगर साबित नहीं हुई।


कटान से विस्थापित हो चुके है कई परिवार

गंगा से सटे 46 गांवों में प्रशासन की नजर रहती है, हालांकि सबसे अधिक छेछुआ, भुर्रा, मवैयाथान सिंह, नारेपार, इटहरा जैसे गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। छेछुआ, भुर्रा में कई परिवार तो दो दशक में विस्थापित हो चुके हैं। 50 बिंद और 20 एससीएसटी परिवार भूमिहीन हो गया। छेछुआ गांव के बिनोद सिंह, रामू सिंह, जितेंद्र सिंह, श्यामू सिंह, धर्मेंद्र सिंह, यज्ञ वासिनी सिंह आदि की जमीन गंगा में समा चुकी है। हर साल आने वाली बाढ़ में दो बीघा उपजाऊ जमीन गंगा में समा जाती है।
- शुभांगी शुक्ला, एडीएम, वित्त एवं राजस्व ने कहा कि बाढ़ को लेकर कुछ माह पूर्व स्टेयरिंग कमेटी की बैठक हुई थी। जून में ही दूसरी बार बैठक कर सारी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जाएगी। 15 जून से पहले बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी जाएंगी। बाढ़ जैसी संभावनाएं बनने पर हर तरह से तैयारियां पुख्ता हैं।
887 परिषदीय स्कूलों के विकास के लिए मिले 2.02 करोड़ रुपये

*कंपोजिट ग्रांट की पहली किस्त जारी, बीएसए ने खर्च का पूरा हिसाब देने के दिए निर्देश*



नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले के 887 परिषदीय विद्यालयों के कायाकल्प की दिशा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के कंपोजिट ग्रांट की पहली किस्त जारी की गई। शासन से प्राप्त करीब 2.02 करोड़ रुपये की धनराशि से विद्यालयों में मरम्मत, रंगाई-पुताई, पेयजल, शिक्षण सामग्री, खेलकूद संसाधन सहित विभिन्न विकास कार्य कराए जाएंगे। खर्च की गई प्रत्येक राशि का उपभोग प्रमाणपत्र और विस्तृत ब्योरा प्रधानाध्यापकों को देना होगा जबकि अफसर इसकी नियमित समीक्षा करेंगे।

बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शिवम पांडेय ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को निर्देशित किया है कि विद्यालयों में ग्रांट की धनराशि निर्धारित मानकों के अनुसार खर्च कराई जाए तथा प्रत्येक विद्यालय से उसका शत-प्रतिशत विवरण प्राप्त किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों की गुणवत्ता और धनराशि के उपयोग में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पूर्व में विद्यालयों को रंगाई-पुताई के लिए सात से दस हजार रुपये तक की धनराशि मिलती थी, जिससे आवश्यक कार्य पूरे नहीं हो पाते थे। वर्ष 2019-20 से शासन ने छात्र संख्या के आधार पर कंपोजिट ग्रांट देने की व्यवस्था लागू की, जिससे विद्यालय अपनी जरूरतों के अनुसार विकास कार्य करा सकें। विद्यालय प्रबंधन समिति इस धनराशि का उपयोग रंगाई-पुताई, मरम्मत, चहारदीवारी, शिक्षण सामग्री, खेलकूद उपकरण, संगीत वाद्ययंत्र तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की खरीद में कर सकती है। अब प्रत्येक व्यय का उपभोग प्रमाणपत्र देना अनिवार्य है। साथ ही विद्यालयों में कराए गए कार्यों का निरीक्षण कर उनकी जांच भी होगी।


ग्रांट से पूरे किए जाएंगेे विद्यालयों के जरूरी कार्य
ज्ञानपुर। कंपोजिट ग्रांट की धनराशि से विद्यालयों में मरम्मत, रंगाई-पुताई, पेयजल व्यवस्था, शिक्षण सहायक सामग्री, कक्षों में टाइल्स, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, विद्युत उपकरण, कंप्यूटर कक्ष के अनुरक्षण तथा अन्य आवश्यक कार्य कराए जा सकेंगे। इसके अलावा टाट-पट्टी, चटाई, दरी, स्टेशनरी, बागवानी किट की खरीद भी की जा सकेगी।

छात्र संख्या के आधार पर किया जाता है आवंटन
ज्ञानपुर। ग्रांट का आवंटन छात्र संख्या के आधार पर किया जाता है। एक से 30 विद्यार्थियों वाले विद्यालयों को 10 हजार रुपये, 31 से 100 विद्यार्थियों तक 25 हजार रुपये, 101 से 250 विद्यार्थियों तक 50 हजार रुपये, 251 से 1000 विद्यार्थियों तक 75 हजार रुपये तथा 1000 से अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों को एक लाख रुपये की धनराशि प्रदान की जाती है।

कंपोजिट ग्रांट के खर्च पर रहेगी पैनी नजर
ज्ञानपुर। बीएसए शिवम पांडेय ने बताया कि कंपोजिट ग्रांट के उपयोग की लगातार समीक्षा की जाएगी। यदि किसी विद्यालय में मानकों की अनदेखी, गुणवत्ता में कमी या धनराशि के दुरुपयोग की शिकायत मिलती है तो जांच कर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। नामित अधिकारी समय-समय पर व्यय की समीक्षा करते रहेंगे।
बीना सिंह को शोध कार्यभार संभालने का आदेश

*अकबरपुर में तैनात ईओ को गोपीगंज में दी गई नियुक्ति*



नितेश श्रीवास्तव

भदोही। नगर निकाय निदेशालय, उत्तर प्रदेश लखनऊ से जारी आदेश के अनुसार उत्तर प्रदेश पालिका (केंद्रीकृत) प्रशासी सेवा की अधिशासी अधिकारी बीना सिंह को तत्काल प्रभाव से नगर पालिका परिषद अकबरपुर (अम्बेडकरनगर) से स्थानांतरित कर नगर पालिका परिषद गोपीगंज में तैनात किया गया है। 31 मई को जारी कार्यालय ज्ञाप के अनुसार यह स्थानांतरण जनहित एवं शासकीय कार्यहित में किया गया है। आदेश में बीना सिंह को नवीन तैनाती स्थल पर शीघ्र कार्यभार ग्रहण करने तथा इसकी सूचना शासन एवं नगर निकाय निदेशालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि आदेश की अवहेलना को अनुशासनहीनता माना जाएगा। जिसके लिए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। नगर पालिका परिषद गोपीगंज में नए अधिशासी अधिकारी की तैनाती से नगर विकास एवं जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
गोपीगंज के बड़ी चौराहे के पास खड़ी रोडवेज बस

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। गोपीगंज नगर में बड़ा चौराहे पर खड़ा होने वाली बसे अब चिह्नित बस स्टैंड पर खड़ी कराई जाएंगी। एनएचएआई की ओर से हाईवे के सर्विसलेन पर फ्लाईओवर के दोनों छोर के किनारे बस स्टैंड के लिए चिह्नित जमीन पर ही बसें खड़ी होंगी। वहीं से यात्री बसे पकड़ सकेंगे और उतर सकेंगे। इससे चौराहे पर लगने वाले जाम से निजात मिल सकेगी। वहीं चौराहे पर आवागमन सुगम हो सकेगा वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर गोपीगंज जिले का सबसे बड़ा बाजार है। नगर के बड़ा चौराहे पर हर दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। जिसका सबसे बड़ा कारण चौराहे के पास बेतरतीब तरीके से खड़े होने वाले वाहन हैं। हाईवे पर वाराणसी और प्रयागराज की ओर से आने वाली बसें उत्तरी व दक्षिणी लेन पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने खड़ी होती हैं। अब बसों का वहां स्टाॅपेज हो जाने के कारण ई-रिक्शा व ऑटो चालक भी सवारी के लिए वहीं खड़े हो जाते हैं। जिससे चौराहे के पास जाम लग जाता है। अभिनव त्यागी, पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बीते दिनों बैठक में एनएचएआई की ओर से बताया गया है कि हाईवे के दोनों छोर पर बसों के खड़ा करने के लिए स्टैंड चिह्नित हैं, लेकिन बसें वहां खड़ी नहीं होती हैं। अब बसों को वहां ही खड़ा कराया जाएगा। जिससे ऑटो व ई-रिक्शा की भीड़ भी उधर शिफ्ट हो सकेगी। जिससे चौराहे पर लगने वाली जाम की समस्या का समाधान हो सकेगा।
18 नर्सरी में 16 लाख पौधे तैयार,5 जून से लगेंगे:इस साल मानसून सीजन में जिले में 13 .88 लाख पौधे रोपे जाएंगे

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। इस साल मानसून सीजन में जिले में 13.88 लाख पौधे रोपे जाएंगे। वन विभाग की 18 नर्सरी में 16 लाख पौधे तैयार हैं। गड्ढा खोदाई का काम शुरू हो गया है। प्रशासन की तरफ से विभागवार पौधरोपण का लक्ष्य भी तय कर दिया गया है। पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधरोपण की शुरुआत कर दी जाएगी। जिले में हर साल 12 लाख पौधे रोपे जाते हैं। इसका परिणाम है कि जिले में साल 2019 के बाद से नियमित वनावरण क्षेत्र के दायरे में वृद्धि देखी जा रही है। नदी, तालाब, खेत के मेड़ पर हरियाली नजर आने लगी है। साल 2023 में 3.71 से बढ़कर 5.22 स्क्वायर किलोमीटर वनावरण क्षेत्र हो गया । बारिश के सीजन में जुलाई और अगस्त माह में पौधरोपण अभियान के तहत पौधे रोपे जाते हैं। उस समय पौधों की उपलब्धता के लिए करीब नौ महीने पूर्व से ही तैयारी शुरू हो जाती है। अक्तूबर में नर्सरी तैयार होने लगती है। मई-जून तक वह तैयार हो जाती है। डीएफओ विवेक यादव ने बताया कि 18 नर्सरी में करीब 16 लाख पौधे तैयार हो गए हैं। आम, महुआ, आंवला, शीशम, बरगद, पाकड़, पीपल, नीम, अमरूद, सहजन सहित कुल 20 प्रकार के पौधों का रोपण होगा। 13 लाख 88 हजार पौधरोपण का लक्ष्य तय किया गया है। वहीं दूसरी ओर डीएम शैलेष कुमार ने बताया कि पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधरोपण अभियान का शुभारंभ होगा। मिशन छाया के तहत जिले की प्रमुख सड़कों, संपर्क मार्गों और सार्वजनिक स्थलों के दोनों ओर पौधे लगाए जाएंगे।


*विभागवार पौधरोपण का लक्ष्य तय*

वन विभाग को 3,36,000, ग्राम्य विकास विभाग को 5,85,000, कृषि विभाग को 1,68,700 पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है। इसके अतिरिक्त उद्यान विभाग को 80 हजार, पर्यावरण विभाग एवं राजस्व विभाग को 45-45 हजार, शिक्षा विभाग को 26,700 और जल शक्ति विभाग को 22,000 पौधों का लक्ष्य आवंटित किया गया है। नगर विकास विभाग को 19,900, रेशम विभाग को 19,000, लोक निर्माण विभाग को 7,600, स्वास्थ्य विभाग एवं गृह विभाग को पांच-पांच हजार, आवास विकास विभाग को 4,800, पशुपालन विभाग को 4,200, उद्योग विभाग को 4,000, सहकारिता विभाग को 3,000, श्रम विभाग को 2,800, ऊर्जा विभाग को 2,500 तथा परिवहन विभाग को 2,100 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
दुर्गागंज पुलिस ने ठगी के ₹52,316 वापस कराए: साइबर हेल्पडेस्क की त्वरित कार्रवाई से पीड़ित के खाते में लौटी रकम


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में, थाना दुर्गागंज की साइबर हेल्पडेस्क टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक साइबर ठगी के शिकार व्यक्ति के खाते में ₹52,316/- की पूरी धनराशि वापस कराई।
यह मामला करनपुर, थाना दुर्गागंज, जनपद भदोही निवासी श्रेयांश पाण्डेय से जुड़ा है। अज्ञात साइबर ठगों ने फोनपे के माध्यम से उनके साथ ₹52,316/- की ऑनलाइन धोखाधड़ी की थी।
ठगी का शिकार होने के तुरंत बाद, पीड़ित श्रेयांश पाण्डेय ने साइबर हेल्पलाइन 1930 और एनसीआरपी पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही, थाना दुर्गागंज की साइबर हेल्पडेस्क टीम ने तत्परता दिखाते हुए संबंधित बैंक और पोर्टल के साथ आवश्यक समन्वय स्थापित किया।
इन तकनीकी और समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप, ठगी गई पूरी धनराशि ₹52,316/- सफलतापूर्वक पीड़ित के बैंक खाते में वापस आ गई। धनराशि वापस मिलने पर पीड़ित और उनके परिजनों ने भदोही पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक और साइबर हेल्पडेस्क टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
भदोही पुलिस ने नागरिकों से साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने सलाह दी है कि साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करें या नजदीकी साइबर हेल्पडेस्क से संपर्क करें। किसी अज्ञात लिंक या एपीके फाइल पर क्लिक न करें, न ही अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई ऐप डाउनलोड करें। ऑनलाइन निवेश, ट्रेडिंग या वर्क फ्रॉम होम योजनाओं में निवेश से पहले पूरी जानकारी प्राप्त करें और किसी को भी धनराशि भेजने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य कर लें। अज्ञात नंबरों या सोशल मीडिया से प्राप्त संदिग्ध लिंक से सावधान रहें।
अस्पतालों में बढ़े आंखों के संक्रमण के मरीज
*आंखों में एलर्जी,जलन, सूखापन, लालिमा और संक्रमण के बढ़े रहे मामले*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। आंखों में संबंधित समस्याओं का खतरा तेजी से बढ़ गया है। जिला अस्पतालों में आंखों की समस्या से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बीते एक सप्ताह में ऐसे मरीजों की संख्या में करीब 20 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्तमान में प्रतिदिन 70 से अधिक मरीजों आंखों को बीमारियों के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय, ज्ञानपुर में प्रतिदिन लगभग 800 मरीजों की ओपीडी होती है। इनमें 70 से 80 मरीज आंखों से जुड़ी समस्याओं जैसे एलर्जी,जलन, सूखापन लालिमा और संक्रमण ( आई फ्लू) से पीड़ित होते हैं। एक सप्ताह पहले यह संख्या करीब 50 थी,जो अब बढ़कर 70 से अधिक हो गई है। चिकित्सक जांच के बाद मरीजों को आवश्यक दवाइयां उपलब्ध करा रहे हैं। अस्पताल में नेत्र विभाग के दो चिकित्सकों की तैनाती है। एक डाक्टर ओपीडी भवन के भूतल और दूसरे प्रथम तल पर मरीजों का उपचार करते हैं।जिला चिकित्सालय के नेत्र सर्जन डॉ प्रदीप सिंह ने बताया कि इन दिनों आंखों में एलर्जी,जलन, लालिमा और संक्रमण के मरीज अधिक आ रहे हैं। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि तेज धूप में अनावश्यक यात्रा से बचें। जरुरी कार्य होने पर बाहर निकलते समय सिर को गमछे या कपड़े से ढंके और आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मे का प्रयोग करें।
काशी नरेश विश्वविद्यालय कुलपति ने की विभागों की समीक्षा:शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध और नवाचार पर दिया जोर

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। काशी नरेश विश्वविद्यालय, भदोही की कुलपति प्रोफेसर उमा श्रीवास्तव ने मंगलवार को राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान, हिंदी एवं चित्रकला विभाग के विभागाध्यक्षों और प्राध्यापकों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने विभागीय कार्यप्रणाली, शैक्षणिक गतिविधियों तथा शोध कार्यों की समीक्षा की। कुलपति ने शिक्षकों से उनके शोध विषयों, विशेषज्ञता के क्षेत्रों एवं वर्तमान शोध कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण एवं समाजोपयोगी शोध को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया।
राजनीति विज्ञान विभाग के साथ चर्चा में समसामयिक राजनीतिक एवं सामाजिक विषयों पर शोध को प्रोत्साहित करने की बात कही गई। मनोविज्ञान विभाग के साथ संवाद के दौरान मनोविज्ञान के विभिन्न आयामों, समकालीन शोध प्रवृत्तियों तथा विद्यार्थियों को शोध एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण से जोड़ने पर विचार-विमर्श हुआ।
हिंदी विभाग की समीक्षा करते हुए कुलपति ने हिंदी परिषद के माध्यम से साहित्यिक एवं पाठ्य-सहगामी गतिविधियों के आयोजन, भाषा प्रयोगशाला की स्थापना तथा विभागीय पुस्तकालय के विकास पर जोर दिया।
अर्थशास्त्र विभाग के शिक्षकों से उनके विशेषज्ञता क्षेत्रों एवं शोध कार्यों की जानकारी प्राप्त की गई। कुलपति ने पाठ्यक्रम को अधिक समकालीन एवं रोजगारोन्मुख बनाने हेतु इकोनोमेट्रिक्स एवं सांख्यिकी संबंधी पाठ्यक्रमों को सुदृढ़ करने का सुझाव दिया।
चित्रकला विभाग की समीक्षा के दौरान विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित "विश्वविद्यालय लोगो प्रतियोगिता" पर भी चर्चा हुई। कुलपति ने विद्यार्थियों एवं कलाकारों से विश्वविद्यालय की पहचान को दर्शाने वाले सृजनात्मक एवं मौलिक लोगो के निर्माण में सहभागिता का आह्वान किया।
बैठक के अंत में प्रोफेसर उमा श्रीवास्तव ने सभी विभागों से अकादमिक उत्कृष्टता, शोध संस्कृति के विकास तथा विद्यार्थियों के समग्र शैक्षिक उन्नयन के लिए समन्वित प्रयास करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, शोध एवं नवाचार के माध्यम से विश्वविद्यालय को उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा।
21.66 करोड़ से पहाड़पुर गांव से सेमराधनाथ धाम तक होगा निर्माण
*सीतामढ़ी को जाने वाला मार्ग 7 मीटर चौड़ा होगा*




रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही । जिले के एक मात्र पर्यटक स्थल सीता समाहित स्थल सीतामढ़ी को अच्छी सड़क से जोड़ने की कवायद की जा रही है। बेरवां पहाड़पुर गांव होते सेमराधनाथ धाम को जोड़ने वाले मार्ग को चौड़ा किया जाएगा। इससे आवागमन में काफी सहूलियतें मिलेंगी। मार्ग निर्माण पर 21.66 करोड़ खर्च किया जाएगा। बता दें कि सूबे के सबसे छाटे जनपद भदेही भदोही में 546 ग्राम पंचायतों और सात नगर निकायों में करीब 25 सौ किमी सड़कों का जाल फैला है। लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, जिला पंचायत, नगर पंचायत और मंडी समिति आदि एजेंसियां सड़कों की देखरेख करती हैं। इनमें सभी निर्माण कार्यों का नोडल लोक निर्माण विभाग होता है। जरूरत के अनुसार सड़कों के मरम्मत, निर्माण से लेकर चौड़ीकरण का कार्य किया जाता है। धार्मिक स्थल सीतामढ़ी से कलिंजरा, बेरवां पहाड़पुर होते सेमराध नाथ धाम जाने वाले मार्ग पर लगातार बने रहने वाले आवागमन एवं महत्ता को देखते हुए सड़क के चौड़ीकरण की स्वीकृति मिली है। 21.66 करोड़ की लागत से बनने वाली सड़क अब करीब सात मीटर तक चौड़ी होगी। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा। मार्ग निर्माण से सीता समाहित स्थल सीतामढ़ी सेमराधनाथ धाम तक आने जाने वाले लोगों को अभी जंगीगंज से सीतामढ़ी मार्ग से होकर आवागमन करना पड़ता है। इससे लोगों को करीब 20 किलोमीटर की दूरी तय करना पड़ती थी। सीतामढ़ी से कलिंजरा, बेरवा पहाड़पुर होते सेमराध जाने वाली सड़क के चौड़ी होने से लोग 12 किलोमीटर की दूरी तय कर एक से दूसरे स्थान पर पहुंच जाएंगे। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता संदीप सरोज ने बताया कि सीतामढ़ी से सेमराध मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के कार्य के लिए स्वीकृति मिल गई है। निर्माण कार्य के लिए निविदा प्रक्रिया भी पूरी कराई जा चुकी है। जल्द ही निर्माण का काम शुरू कराया जाएगा।जिले के सीता समाहित स्थल सीतामढ़ी में प्रतिदिन बड़ी तादाद में लोग दर्शन-पूजन को आते हैं। जिसमें दिल्ली, बिहार, तमिलनाडु, पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़ आदि प्रांतों के लोगों की संख्या ज्यादा होती है। मंदिर से जुड़ाव को अच्छी सड़क बनने से उनको आवागमन में काफी सहूलियतें मिलेंगी। साथ ही दूरी भी कम होने से समय बचेगा। वहीं, मंदिर में जिले के साथ ही पूर्वांचल भर के जनपदों से भी पूजन को आने वालों की तादाद ठीक ठाक होती है। आषाण माह में लवकुश जयंती पर मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी तादाद में लोग जुटते हैं।
भदोही में बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय का नवीनीकरण: विधायक, डीएम और एसपी ने किया लोकार्पण, ₹9.90 लाख हुए खर्च

नितेश श्रीवास्तव



भदोही। भदोही जनपद में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के नवीनीकरण कार्य का मंगलवार को लोकार्पण किया गया। ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे, जिलाधिकारी शैलेष कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने फीता काटकर इसका शुभारंभ किया। इस कार्य पर लगभग ₹9.90 लाख की लागत आई है, जिससे कार्यालय परिसर को अधिक सुव्यवस्थित, स्वच्छ और सुविधायुक्त बनाया गया है। इस अवसर पर जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने कार्यालय परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए कार्य की गुणवत्ता की सराहना की। नवीनीकरण के तहत कार्यालय कक्षों के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ परिसर की समुचित व्यवस्था, स्वच्छता और कर्मचारियों तथा आगंतुकों की सुविधा पर विशेष ध्यान दिया गया है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने निर्देश दिए कि कार्यालय परिसर में शेष आवश्यक कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने जोर दिया कि एक स्वच्छ और व्यवस्थित कार्यालय न केवल कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाता है, बल्कि आमजन को भी बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायक होता है।
विधायक विपुल दुबे ने कहा कि शैक्षणिक और प्रशासनिक संस्थानों में आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण समय की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे प्रयासों से कार्य संस्कृति में सकारात्मक परिवर्तन आता है और आमजन को बेहतर वातावरण में सेवाएं मिलती हैं। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने भी नवीनीकरण कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित कार्यालय परिसर प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता को और बेहतर बनाते हैं। इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय, जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान, शिक्षा विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।